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देशभर में ताज़ा फल पहुंचाने को रेल मंत्रालय का बड़ा कदम, फेडरेशन ने जताया आभार

सोपोर  ट्रेडर्स फेडरेशन सोपोर के अध्यक्ष ने कश्मीर से दिल्ली तक ताजा फलों की ढुलाई के लिए दो विशेष रेलगाड़ियाँ शुरू करने के सरकारी फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे एक सही समय पर लिया गया फैसला बताया, जो फल उगाने वाले किसानों और व्यापारियों के लिए राहत की बात है। उन्होंने कहा कि इससे कश्मीर की अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिलेगा, जो मुख्य रूप से बागवानी (फल उत्पादन) और पर्यटन पर निर्भर है। मीडिया से बात करते हुए अध्यक्ष ने कहा, "हमारी पूरी अर्थव्यवस्था दो चीज़ों पर टिकी है – पर्यटन और फल उद्योग। हाल ही में कुछ इलाकों में बाढ़ आई और सड़कों का संपर्क टूट गया, जिससे श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर गाड़ियां फंस गईं। ऐसे में फल देर से मंडी तक पहुंचते हैं, जिससे किसानों को बहुत नुकसान होता है। ऐसे समय पर यह रेल सेवा एक बड़ी राहत है।" उन्होंने माननीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव का धन्यवाद करते हुए कहा क "कश्मीर से दिल्ली तक ताज़ा फलों की ढुलाई के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय सराहनीय है। इससे फल समय पर मंडी तक पहुंचेंगे और किसानों को फायदा मिलेगा। यह कश्मीर की पूरी अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।" अध्यक्ष ने आगे कहा कि इस तरह के कदमों से व्यापारियों और किसानों का भरोसा बढ़ेगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह आगे भी व्यापारियों के हित में फैसले लेते रहे, ताकि किसानों की आमदनी सुरक्षित रहे और कश्मीर की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहे।

स्टारलिंक को लेबनान में लाइसेंस, अब देशभर में चलेगा हाई-स्पीड इंटरनेट

लेबनान  लेबनान ने संकटग्रस्त देश में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने के लिए एलन मस्क की स्टारलिंक को लाइसेंस जारी किया है। सूचना मंत्री पॉल मोरकोस ने बृहस्पतिवार रात मंत्रिमंडल बैठक के बाद यह घोषणा की। मोरकोस ने कहा कि स्टारलिंक मस्क की एक अन्य कंपनी स्पेसएक्स की ओर से संचालित उपग्रहों के माध्यम से पूरे लेबनान में इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराएगी। मस्क ने तीन महीने पहले लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन से फोन पर बात की थी और देश के दूरसंचार तथा इंटरनेट क्षेत्रों में काम करने की दिलचस्पी जताई थी। मंत्रिमंडल बैठक के दौरान सरकार ने देश के बिजली और दूरसंचार क्षेत्रों के लिए नियामक प्राधिकरणों की स्थापना की घोषणा की। लेबनान में भ्रष्टाचार से ग्रस्त ऊर्जा क्षेत्र के लिए नियामक प्राधिकरण की स्थापना करना अंतरराष्ट्रीय संगठनों की एक प्रमुख मांग रही है। बिजली क्षेत्र के लिए नियामक प्राधिकरण की नियुक्ति लगभग 20 वर्ष पहले हो जानी चाहिए थी, लेकिन देश की प्राधिकृत संस्थाओं द्वारा बार‑-बार विलंब किया जाता रहा। इस कदम को लेबनान के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखा जा रहा है, जो इस छोटे भूमध्यसागरीय देश में हर साल एक अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की बर्बादी करता है। सरकार द्वारा संचालित इलेक्ट्रिसिटी दु लिबान (ईडीएल) को लेबनान की सबसे अपव्ययी संस्थाओं में से एक माना जाता है, जो राजनीतिक हस्तक्षेप से भी बुरी तरह प्रभावित है। वर्ष 1975 से 1990 तक चले गृह युद्ध की समाप्ति के बाद से यह सरकारी खजाने को लगभग 40 अरब डॉलर का नुकसान पहुंचा चुकी है।  

डोनाल्ड ट्रंप की जानकारी में गिरफ्तारी: चार्ली किर्क को गोली मारने वाला आरोपी अब कानून के हाथों

वाशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को बताया है कि अमेरिका के दक्षिणपंथी कार्यकर्ता चार्ली किर्क का संदिग्ध हत्यारा पकड़ा गया है। ट्रंप ने कहा है कि बड़े पैमाने पर चलाए गए तलाशी अभियान के बाद हत्या के संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया है। फॉक्स न्यूज को दिए एक लाइव स्टूडियो इंटरव्यू में ट्रंप ने यह भी कहा है कि संदिग्ध के किसी करीबी ने ही उसे पकड़वाया है। ट्रंप ने बताया, "ट्रंप ने बताया, “मुझे पूरा यकीन है कि वह हमारी हिरासत में है। उसके किसी बेहद करीबी ने ही उसे पकड़वाया है।” गौरतलब है कि बीते बुधवार को ट्रंप के करीबी सहयोगी और रूढ़िवादी कार्यकर्ता चार्ली किर्क की अमेरिका के यूटा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। किर्क यूटा वैली विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। गोलीबारी से ठीक पहले चार्ली किर्क एक दर्शक द्वारा भीड़ पर गोलीबारी करने और हिंसा के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। तभी हमलावर ने परिसर की एक छत से गोली चला दी। फरार हो गया था हमलवार इससे पहले अधिकारियों ने बताया था कि गोली चलने से मची भगदड़ के बीच हमलवार फरार हो गया था। इसके बाद फेडरल, राज्य और स्थानीय अधिकारी हमलावर की तलाश में जुटे थे। जांच एजेंसी FBI ने बताया था कि जिस इलाके से किर्क पर हमले का संदिग्ध भागा था, वहां से एक अत्याधुनिक राइफल बरामद की गई है। अधिकारियों को अभी तक हत्या के मकसद का भी पता नहीं चल पाया है। हालांकि अब डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के बाद इससे पर्दा उठ सकता है। चार्ली किर्क की मौत पर क्या बोले अमेरिकी राष्ट्रपति? इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने 31 वर्षीय चार्ली किर्क की मौत पर दुख जताया था। उन्होंने किर्क की प्रशंसा करते हुए उन्हें महान व्यक्ति भी कहा था। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा था, ‘‘चार्ली से बेहतर अमेरिका के युवाओं को कोई नहीं समझता था और न ही उनसे दिल से जुड़ पाता था।’’ वहीं यूटा के गवर्नर स्पेंसर कॉक्स ने इस घटना को राजनीतिक हत्या करार दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे राज्य के लिए एक काला और देश के लिए एक दुखद दिन है। मैं इसे स्पष्ट रूप से एक राजनीतिक हत्या ही कहूंगा।’’  

स्पाइसजेट विमान का पहिया अचानक गिरा, मुंबई की उड़ान पर सवार 75 यात्री डरे

मुंबई गुजरात के कांडला से मुंबई जा रहे स्पाइसजेट के विमान के साथ शुक्रवार को हादसा हो गया। विमान के उड़ान भरते ही एक पहिया टूटकर नीचे जमीन पर गिर गया। फ्लाइट में 75 लोग सवार थे। हालांकि, गनीमत यह रही कि विमान मुंबई में सुरक्षित लैंड कर गया। पहिए के नीचे गिरने की जानकारी कांडला एटीसी ने दी, जिसके बाद मुंबई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी घोषित कर दी गई। शाम तकरीबन चार बजे विमान की मुंबई में सुरक्षित लैंडिंग हो गई। पहिए के जमीन पर गिरते ही पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को मुंबई के रनवे पर लैंड कराया। शाम पांच बजे तक मुंबई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी की घोषणा की गई, ताकि विमान को किसी भी तरह सुरक्षित नीचे उतारा जा सके। स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने बताया, ''12 सितंबर को, कांडला से मुंबई जा रहे स्पाइसजेट Q400 विमान का एक बाहरी पहिया उड़ान भरने के बाद रनवे पर पाया गया।'' उन्होंने आगे कहा, ''विमान ने मुंबई की अपनी यात्रा जारी रखी और सुरक्षित रूप से उतर गया। सुचारू लैंडिंग के बाद, विमान टर्मिनल तक पहुंचा और सभी यात्री सामान्य रूप से उतर गए।'' वहीं, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के एक अधिकारी ने कहा, "कांडला एटीसी ने कुछ गिरता हुआ देखा। उड़ान के बाद, उन्होंने पायलट को इसकी जानकारी दी और एटीसी जीप को गिरी हुई चीज लाने के लिए भेजा गया।'' जब एटीसी की टीम वहां पहुंची तो मेटल के छल्ले और एक पहिया जमीन पर पाया गया। जमीन पर गिरे पहिए और एक मेटल के धातू की तस्वीर भी सामने आई है। विमान का पहिया एयरपोर्ट में हरी घास पर पड़ा हुआ दिखाई दे रहा है, जबकि मेटल के धातू को संभवत: एटीसी से जुड़े किसी शख्स ने हाथों से पकड़ा हुआ है। पिछले दिनों, सिंगापुर जाने वाले एअर इंडिया के एक विमान में तकनीकी समस्या आ गई थी। विमान में सवार 200 से अधिक यात्रियों को दिल्ली हवाई अड्डे पर परेशानी का सामना करना पड़ा था, जब केबिन में तापमान की समस्या के कारण पहले उन्हें विमान से नीचे उतार दिया गया और फिर करीब छह घंटे की देरी के बाद उड़ान भरी गई। बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर विमान से संचालित उड़ान संख्या एआई2380 को बुधवार रात लगभग 11 बजे दिल्ली हवाई अड्डे से उड़ान भरनी थी। एअर इंडिया ने अपने बयान में कहा था कि दिल्ली से सिंगापुर जाने वाली उड़ान संख्या एआई2380 में प्रस्थान से पहले केबिन कूलिंग संबंधी समस्या के कारण देरी हुई।  

बाढ़ से पाकिस्तान में हाहाकार, राहत-बचाव के हालात भी बदतर

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है। देश के कई हिस्सों में बाढ़ का गंभीर संकट बना हुआ है। अब तक बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं में 900 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। लाखों लोग बेघर हो चुके हैं और राहत कार्य लगातार जारी है। पंजाब प्रांत से 20 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि सिंध प्रांत में 1.5 लाख से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया गया है। राहत एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ सकती है। नदियां उफान पर, गांवों में तबाही भारी बारिश के कारण सतलुज, चिनाब और रावी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इसके अलावा, सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों में भी जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में खेत और घर बर्बाद हो चुके हैं, जिससे लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पाकिस्तान की करीब 40% आबादी गरीबी रेखा से नीचे जीवन जीती है। ऐसे में बाढ़ की मार ने उनकी परेशानियां और बढ़ा दी हैं। कई लोग अपनी संपत्ति की सुरक्षा के लिए अब भी घरों में रुके हुए हैं और अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। रेस्क्यू के दौरान भी हादसे, 9 की मौत बचाव दल लगातार नावों के जरिए लोगों और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रहे हैं। लेकिन तेज बहाव के चलते कई बार ये नावें पलट भी जाती हैं। मंगलवार को सिंधु नदी में एक नाव पलटने से 9 लोगों की मौत हो गई। कुछ दिन पहले जलालपुर पीरवाला में भी ऐसा ही हादसा हुआ था, जिसमें 5 लोगों की जान चली गई थी। पाकिस्तान की नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) के मुताबिक, पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत के तौर पर कंबल, टेंट और वॉटर फिल्टर जैसी जरूरी चीजें पहुंचाई गई हैं। संयुक्त राष्ट्र ने दी ₹41.5 करोड़ की मदद पाकिस्तान की बिगड़ती हालत को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने इस हफ्ते 5 मिलियन डॉलर (करीब 41.5 करोड़ रुपये) की आपातकालीन सहायता दी है। पाकिस्तान का भौगोलिक ढांचा इसे बाढ़ के लिहाज से बेहद संवेदनशील बनाता है। पिघलते ग्लेशियरों से बनी नई झीलों के फटने का भी खतरा बना हुआ है।

मॉनसून फेरे का अलर्ट: 15 सितंबर के आसपास आएगी बारिश की विदाई, जानिए अगले कुछ दिन का हाल

नई दिल्ली  भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत से वापसी शुरू कर सकता है। मानसून आमतौर पर एक जून तक केरल में दस्तक देता है और आठ जुलाई तक पूरे देश में फैल जाता है। यह 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत से वापसी शुरू करता है और 15 अक्टूबर तक पूरी तरह से लौट जाता है। आईएमडी ने एक बयान में कहा, ‘‘15 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं।'' इस वर्ष, मानसून आठ जुलाई की सामान्य तिथि से 9 दिन पहले ही पूरे देश में पहुंच गया था। 2020 के बाद से यह सबसे जल्दी आया मानसून था, जिसने पूरे देश को कवर किया था। उस साल यह 26 जून तक पूरे देश में पहुंच चुका था। यह 24 मई को केरल पहुंचा था, जो 2009 के बाद से भारत में इसका सबसे जल्दी आगमन था। 2009 में मानसून ने 23 मई को केरल में दस्तक दी थी। देश में अब तक मानसून के मौसम में 778.6 मिमी की सामान्य वर्षा के मुकाबले 836.2 मिमी वर्षा हुई है, जो 7 प्रतिशत अधिक है। मई में, आईएमडी ने अनुमान लगाया था कि भारत में जून-सितंबर मानसून के मौसम के दौरान 87 सेंटीमीटर की दीर्घकालिक औसत वर्षा की 106 प्रतिशत वर्षा होने की संभावना है। इस 50-वर्षीय औसत के 96 और 104 प्रतिशत के बीच वर्षा को ‘सामान्य' माना जाता है। मानसून भारत में कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है, जो लगभग 42 प्रतिशत आबादी की आजीविका का समर्थन करता है और सकल घरेलू उत्पाद में 18.2 प्रतिशत का योगदान देता है। यह पेयजल और बिजली उत्पादन के लिए आवश्यक जलाशयों को पुनः भरने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।  

नेवल अकादमी में फिर गोलीबारी, 9/11 की याद में अफरातफरी का माहौल

वाशिंगटन  अमेरिका में एक बार फिर गोलीबारी की घटना ने हड़कंप मचा दिया है। इस बार निशाना मैरीलैंड स्थित अमेरिकी नौसेना अकादमी बनी जहां हुई फायरिंग में कई कैडेट और अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे कैंपस को सील कर दिया गया है और हमलावर की तलाश जारी है। क्या हुआ था? रिपोर्ट के अनुसार नौसेना अकादमी में तैनात एक मिडशिपमैन ने छात्रों को एक ईमेल भेजकर तुरंत अंदर जाने और दरवाजा बंद करने की चेतावनी दी। ईमेल में साफ लिखा था, "यह कोई ड्रिल नहीं है।" रिपोर्ट्स के मुताबिक गोलीबारी की आवाज बैनक्रॉफ्ट हॉल में सुनी गई जहां 1600 से ज्यादा मिडशिपमैन रहते हैं। हालाँकि अभी तक किसी के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे हैं जिनमें कैंपस में एक मेडिवैक हेलीकॉप्टर उतरता दिख रहा है लेकिन इसकी भी अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है।   सुरक्षा एजेंसियां मौके पर घटना के तुरंत बाद नेवल अकादमी और पास के नेवी बेस को सुरक्षा कारणों से लॉकडाउन कर दिया गया है। अकादमी के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट नवीद लेमर ने बताया कि जब तक आरोपी पकड़ा नहीं जाता किसी को भी अंदर-बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। मैरीलैंड के गवर्नर वेस मूर के ऑफिस ने बयान जारी कर कहा कि स्थिति पर काबू पा लिया गया है और फिलहाल नेवल अकादमी पर कोई बड़ा खतरा नहीं है। वहीं एनसीआईएस और मैरीलैंड स्टेट पुलिस भी एनापोलिस पुलिस के साथ मिलकर जांच में जुट गई हैं।  

भारतीय श्रद्धालु हादसा: नेपाल में बस पर टूटती भीड़, दर्शन के बाद लौट रहे यात्रियों की हालत गंभीर

काठमांडू  नेपाल में जारी हिंसा की चपेट में भारतीय पर्यटक भी आ गए हैं। काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ धाम के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं पर सरकारी विरोधी आंदोलनकारियों ने हमला बोल दिया। इस हमले में बस में बैठे कई लोग चपेट में आ गए। 9 सितंबर को यह घटना हुई थी, जिसके बारे में अब बस ड्राइवर ने जानकारी दी है। बस के ड्राइवर ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने उनकी बस को घेरा और उस पर पत्थरबाजी की, जिससे बस की खिड़कियां टूट गईं और कई यात्री घायल हो गए। यह घटना नेपाल के मौजूदा हालात को दर्शाती है, जहां जेन-जी कही जाने वाली युवा पीढ़ी का प्रदर्शन जारी है। बस ड्राइवर रामू निषाद ने सोनौली में मीडिया से बताया कि वे पशुपतिनाथ मंदिर से दर्शन करके लौट रहे थे, जब अचानक से भीड़ ने उनकी बस को घेर लिया। उन्होंने कहा, 'प्रदर्शनकारियों ने बिना किसी वजह के बस पर हमला कर दिया। बस में महिलाएं और बुजुर्ग यात्री भी थे, लेकिन हमलावरों ने किसी की परवाह नहीं की।' इस पथराव में बस की खिड़कियां टूट गईं और कई यात्रियों को चोटें आईं। घटना के बाद स्थानीय अधिकारियों ने घायल यात्रियों को तुरंत काठमांडू के एक अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद भारतीय दूतावास ने नेपाल सरकार से मदद मांगी। दोनों देशों के बीच समन्वय से बाकी यात्रियों को विशेष विमान से भारत वापस लाने का इंतजाम किया गया। बता दें कि नेपाल में सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं, जिसमें ज्यादातर कम आयु वर्ग के युवा ही शामिल हैं। इसी के चलते इन्हें जेनरेशन Z कहा जा रहा है। इन प्रदर्शनों में अब तक 34 लोगों की जान जा चुकी है। बीते गुरुवार को जेन-जी समूह ने कहा था कि संसद को भंग किया जाना चाहिए और संविधान में बदलाव होने चाहिए ताकि वह लोगों की इच्छाओं के हिसाब से हो। इस राजनीतिक संकट को सुलझाने के लिए जेन-जी के कुछ प्रतिनिधियों ने नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और आर्मी चीफ अशोक राज सिगडेल के साथ आर्मी हेडक्वार्टर में बातचीत भी की है। बता दें कि नेपाल में अब भी यह तय नहीं हो पाया है कि अंतरिम सरकार का नेतृत्व कौन करेगा। पीएम केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया है और उनके कैबिनेट के 5 सदस्य पद छोड़ चुके हैं। इसके बाद भी हालात सुधरे नहीं हैं। इसके अलावा 'जेन Z' के कई गुटों के बीच भी आपसी मतभेद पैदा होने की खबरें हैं।  

हाईकोर्ट में हड़कंप: बम की चेतावनी के बाद सभी लोग इवैक्यूएट, जांच टीम मौके पर सक्रिय

नई दिल्ली/मुंबई देश के दो उच्च न्यायालयों में शुक्रवार को बम की धमकी मिली। इसके चलते दिल्ली से मुंबई तक हड़कंप मच गया और उच्च न्यायालयों को खाली करा लिया गया है। दोनों जगहों पर एक ही दिन में हाई कोर्ट को बम की धमकी मिली। इस धमकी से कानून के जानकारों और आम लोगों में डर फैल गया। दिल्ली में मिली धमकी के कुछ ही घंटों बाद मुंबई हाई कोर्ट को भी ऐसी ही धमकी मिली, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। दोनों कोर्ट में कार्यवाही तुरंत रोक दी गई और सभी को बाहर निकाल लिया गया। दिल्ली हाई कोर्ट और बॉम्बे HC में अफरा-तफरी का माहौल दिल्ली हाई कोर्ट में सुबह एक ईमेल के जरिए बम की धमकी दी गई थी। इस ईमेल में दावा किया गया था कि कोर्ट परिसर में बम रखे गए हैं। यह खबर फैलते ही कोर्ट की सभी बेंचों में काम तुरंत बंद हो गया और वहां मौजूद वकीलों, स्टाफ और बाकी लोगों को परिसर से बाहर निकाला जाने लगा। अचानक हुए इस काम से कोर्ट में अफरातफरी का माहौल बन गया। लोग डर के मारे कोर्ट कॉम्प्लेक्स से बाहर भागते दिखाई दिए। सुरक्षा टीमों ने संभाला मोर्चा धमकी मिलते ही दिल्ली पुलिस और बम डिस्पोजल स्क्वाड सहित सुरक्षा बल तुरंत हरकत में आ गए। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके को घेर लिया गया और वहां फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और एंबुलेंस भी बुला ली गईं। इसके बाद खोजी कुत्तों के साथ टीमों ने पूरे कोर्ट परिसर की अच्छी तरह जांच की। दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट, सच्चिन पुरी ने बताया, ‘हम सुरक्षाकर्मियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं। एहतियात के तौर पर हमने सभी वकीलों को कोर्ट परिसर खाली करने के लिए कहा है। सभी बेंचों ने भी काम बंद कर दिया है।’ धमकी देने वाले का दावा और ईमेल की जानकारी इस मामले पर सीनियर एडवोकेट प्रमोद कुमार दुबे ने बताया, 'धमकी भरा एक ईमेल फैलाया गया है, जिसमें कहा गया है कि यह शख्स आईएसआईएस से है। ईमेल में क्या लिखा है, यह साफ नहीं है। पुलिस और बम स्क्वाड मौके पर पहुंच गए हैं।’ दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि ईमेल में पाकिस्तान और तमिलनाडु के मिलकर ‘होली फ्राइडे' को धमाके करने की बात कही गई है। ईमेल में लिखा है कि जज के कमरे और कोर्ट परिसर में तीन बम लगाए गए हैं और दोपहर 2 बजे तक कोर्ट खाली करने के लिए कहा गया है। ईमेल भेजने वाले की आईडी ‘kanimozhi.thevidiya@outlook.com' बताई गई है। ईमेल में यह भी लिखा है कि साल 2017 से पुलिस में हमारे लोग हैं, जो 'इस होली फ्राइडे' के लिए तैयार हैं। मुंबई हाई कोर्ट भी हुआ खाली दिल्ली हाई कोर्ट की तरह ही, मुंबई हाई कोर्ट में भी बम की धमकी मिली। इसके बाद यहां भी वकीलों और स्टाफ को तुरंत परिसर खाली करने के लिए कहा गया। अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। एडवोकेट मंगला वाघे ने बताया, 'आज मुंबई हाई कोर्ट में बम की धमकी मिली। इसलिए कोर्ट को खाली करा लिया गया है और पुलिस इसकी जांच कर रही है।' एक और वकील ने बताया कि पुलिस ने उन्हें बाहर जाने को कहा और बताया कि यह बम की धमकी की अफवाह है। उन्होंने यह भी बताया, 'पुलिस ने कहा कि यह चीफ जस्टिस का आदेश है।' अब तक किसी भी जगह पर कोई भी संदिग्ध चीज नहीं मिली है। अधिकारियों ने बताया कि जांच चल रही है और ईमेल भेजने वाले का पता लगाया जा रहा है।  

PM मोदी मणिपुर पहुंचने वाले हैं, हिंसा की यादों के बीच तैयारियाँ तेज़, जानिए क्या है प्लान

मणिपुर  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मणिपुर में घातक जातीय हिंसा के दो साल बाद शनिवार को पूर्वोत्तर राज्य का दौरा करेंगे। इस दौरान वह मणिपुर भी जाएंगे। राज्य के मुख्य सचिव ने इसकी पुष्टि की है। मुख्य सचिव ने कहा कि मिजोरम से लौटने के बाद प्रधानमंत्री दोपहर करीब 12:30 बजे चुराचांदपुर पहुंचेंगे। बता दें कि यह जिला बुरी तरह हिंसा से प्रभावित था। चुराचांदपुर से प्रधानमंत्री इंफाल जाएंगे और 1200 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। बता दें कि चुराचांदपुर कुकी बहुल है तो वहीं इंफाल में मैतेई समुदाय की संख्या ज्यादा है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों के बीच संतुलन बनाना चाहते हैं। जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी कुकी बहुल चुराचांदपुर के पीस ग्राउंड से 7,300 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और मेइती बहुल इंफाल में 1,200 करोड़ रुपये की लागत वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे। विपक्षी दल कुकी और मेइती समुदायों के बीच जातीय संघर्ष के बाद राज्य का दौरा न करने को लेकर बार-बार प्रधानमंत्री की आलोचना करते रहे हैं। इस संघर्ष में मई 2023 से अब तक 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। मणिपुर सरकार ने गुरुवार शाम एक बड़ा होर्डिंग लगाया, जिसमें शनिवार को चुराचांदपुर के पीस ग्राउंड और इंफाल के कांगला किले में प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों की घोषणा की गई।मोदी के दौरे से पहले राज्य की राजधानी इंफाल में ऐसे और भी होर्डिंग लगाए गए। मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद फरवरी से मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू है। राज्य सरकार ने गुरुवार को एक परामर्श भी जारी किया, जिसमें पीस ग्राउंड में आयोजित ‘‘वीवीआईपी कार्यक्रम’’ में शामिल होने वाले लोगों से कहा गया कि वे ‘‘चाबी, कलम, पानी की बोतल, बैग, रूमाल, छाता, लाइटर, माचिस, कपड़े का टुकड़ा, कोई भी नुकीली वस्तु या हथियार और गोला-बारूद’’ न लाएं। वहीं, एक अन्य अधिसूचना में लोगों से 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और बीमार व्यक्तियों को कार्यक्रम स्थल पर लाने से बचने को कहा गया। मणिपुर सरकार ने इससे पहले मोदी के दौरे के मद्देनजर चुराचांदपुर जिले में एयर गन पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि इंफाल और चुराचांदपुर जिला मुख्यालय शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इंफाल में लगभग 237 एकड़ में फैले कांगला किले और चुराचांदपुर के पीस ग्राउंड में तथा उसके आसपास बड़ी संख्या में राज्य और केंद्रीय बलों के जवान तैनात किए गए हैं, जहां इस कार्यक्रम के लिए एक भव्य मंच तैयार किया जा रहा है। मणिपुर के एकमात्र राज्यसभा सदस्य लीशेम्बा संजाओबा ने प्रधानमंत्री के दौरे को लोगों और राज्य के लिए ‘‘सौभाग्य का क्षण’’ बताया। भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘यह सौभाग्य की बात है कि मोदी लोगों की कठिनाइयों को सुनेंगे…मणिपुर में पहले भी हिंसक झड़पों का इतिहास रहा है। हालाँकि, किसी भी प्रधानमंत्री ने ऐसे समय में राज्य का दौरा नहीं किया और लोगों की बात नहीं सुनी।’’ प्रमुख कुकी-जो समूहों ने भी प्रधानमंत्री के मणिपुर दौरे का स्वागत किया है और इसे ‘‘ऐतिहासिक तथा दुर्लभ अवसर’’ बताया है। समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों में से एक कुकी-ज़ो काउंसिल ने दावा किया कि मोदी का यह दौरा किसी प्रधानमंत्री के इस क्षेत्र में आने के लगभग चार दशक बाद हो रहा है। काउंसिल ने मोदी के दौरे का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘हमारे घावों को भरने, हमारी गरिमा को बहाल करने तथा कुकी-जो लोगों के भविष्य की सुरक्षा के लिए हम आपके नेतृत्व पर भरोसा करते हैं।’’ कुकी-ज़ो समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले कई अन्य संगठनों ने भी प्रधानमंत्री के दौरे की सराहना की, लेकिन उनके स्वागत में नृत्य कार्यक्रम की योजना का विरोध किया। महिला संगठन ‘इमागी मीरा’ ने कहा कि मोदी को अधिकारियों को निर्देश देना चाहिए कि वे मेइती लोगों को राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवाजाही की अनुमति दें और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें।