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मार्केट में जोरदार उछाल, JBM और Lupin के शेयरों ने दिखाई दमदार रफ्तार

नई दिल्ली शेयर बाजार आज भी तेजी पर खुला, लेकिन इसमें बड़ी उछाल नहीं देखी जा रही है. 9.23 बजे सुबह सेंसेक्‍स 155.26 अंक चढ़कर 81,703.99 पर कारोबार कर रहा था. वहीं निफ्टी 51.80 अंक चढ़कर 25,057.30 पर कारोबार कर रहा था. निफ्टी बैंक में तेज गिरावट आई है, ये अभी 54.95 अंक गिरकर 54,614.65 पर कारोबार कर रहा है.  बीएसई टॉप 30 शेयरों की बात करें तो 9 शेयरों में गिरावट आई है, जबकि 21 शेयर तेजी दिखा रहे हैं. इंफोसिस के शेयर में 2 फीसदी और मारुति, टाटा मोटर्स जैसे शेयर्स में 1 फीसदी की तेजी आई है. हिंदुस्‍तान लीवर और HDFC Bank के शेयर में आज 1 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है.  FMCG, मीडिया और पीएसयू बैंक सेक्‍टर में गिरावट है. ऑटो, आईटी, मेटल और फार्मा के शेयर में अच्‍छी तेजी है.  क्‍यों नहीं चल रहा शेयर बाजार?  शेयर बाजार में तेजी तो आ रही है, लेकिन निवेशकों के उम्‍मीद के मुताबिक उतनी उछाल नहीं देखी जा रही है. एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि टैरिफ पर अन‍िश्चितता बने रहने के कारण भारतीय मार्केट को मोमेंटम नहीं मिल पा रहा है. टैरिफ के कारण ग्‍लोबल स्‍तर पर मार्केट भी प्रभावित हुआ है. रुपये में भी गिरावट देखी जा रही है. वहीं अमेरिका और भारत के रिश्‍तों में अभी सुधार नहीं आई है. इसके अलावा, विदेशी निवेशक भी भारतीय बाजार से लगातार बिकवाली कर रहे हैं.  94 शेयरों में अपर सर्किट  बीएसई के 3,187 शेयरों में से सिर्फ 1,947 शेयरों में तेजी आई है. 1055 शेयरों में गिरावट आई है और 185 शेयर अनचेंज हैं. 43 शेयरों ने आज लोअर सर्किट लगाया है, जबकि 94 शेयरों ने अपर सर्किट लगाया है. 20 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर और 56 शेयर 52 सप्‍ताह के उच्‍चतम स्‍तर पर है.  इन शेयरों में अच्‍छी तेजी JBM Auto के शेयर में आज 8 फीसदी की तेजी है. शक्ति पम्‍प के शेयर में 7.30 फीसदी की उछाल है. धानी सर्विस के शेयर में 6 फीसदी, लक्ष्‍मी ऑर्गेनिक के शेयर में 4%, एमसीएक्‍स और बीएसई के शेयर में 2 फीसदी से ज्‍यादा की उछाल आई है. Infosys और Lupin के शेयरों में भी 2 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी आई है. 

1.10 लाख पार पहुंचा सोना, रतलाम सहित प्रदेश भर में सराफा कारोबार मंदा

रतलाम   सोने के दाम सातवें आसमान पर हैं, जिसका सीधा असर जेवरों की डिमांड पर पड़ रहा है. सोने में तूफानी तेजी के साथ सराफा बाजार में ज्वेलरी की खरीदी बुरी तरह से गिरी है. बारिश के सीजन में डिमांड पहले से ही कमजोर थी, जिसके बाद अब सोने की ऊंची कीमतों की वजह से 22 कैरेट सोने की ज्वेलरी के ऑर्डर्स में बड़ी गिरावट आई है. जिससे ज्वेलरी निर्माण से जुड़े कारीगरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है. रतलाम सराफा बाजार पड़ा ठंडा शुद्ध सोने और कारीगरी के लिए प्रसिद्ध रतलाम के सराफा बाजार से ग्राहकों की रौनक गायब है. ऐसे में ज्वेलरी निर्माण से जुड़े सुनार समाज और बंगाली कारीगरों को नए ऑर्डर नहीं मिल रहे हैं. जिससे इन कारीगरों का काम करीब 3 महीनो से बंद पड़ा हुआ है. रतलाम सराफा में ज्वेलरी निर्माण से जुड़े व्यावसायी  ने बताया, '' सोने की कारीगरी से जुड़े लोगों की स्थिति बहुत खराब है. रतलाम ही नहीं पूरे भारत में स्वर्णकारो की यही हालत है.'' कोरोना काल से ज्यादा बुरा हाल थेवा कला आर्टिस्ट और स्वर्णकार ने बताया, '' सोने के दाम में तेजी और अनिश्चितता की वजह से पूरे सराफा का कामकाज ठप्प हो गया है. यह स्थिति कोरोना काल और लॉकडाउन से भी अधिक गंभीर है क्योंकि सोने के दाम को लेकर अस्थिरता बनी हुई है. ऐसे में ग्राहक भी हल्के कैरेट ज्वेलरी या अन्य विकल्पों पर जा रहे हैं. ग्राहकी मंदी होने से नए ऑर्डर मिलना बिल्कुल बंद हो गए हैं.'' गौरतलब है कि रतलाम में 500 के करीब बंगाली कारीगर स्वर्णकारी का कार्य करते हैं. बताया कि 3 महीने से कोई काम ही नहीं मिला है. कुछ कारीगर तो वापस अपने गांव चले गए हैं. क्यों नहीं मिल रहा काम? दरअसल, वर्तमान में 24 कैरेट सोने के दाम 1 लाख 10 हजार प्रति 10 ग्राम के करीब हैं, जिससे ग्राहकी कमजोर हुई है. बाजार की अस्थिरता की वजह से सोने के दामों में वृद्धि या कमी होने का डर बना हुआ है जिसकी वजह से 22 कैरेट ज्वैलरी की मांग तेजी से घटी है. यही वजह है कि वर्तमान में ज्वेलरी निर्माण से जुड़े लोगों को कम नहीं मिल पा रहा है. 3 महीने से काम नहीं मिलने की वजह से खाली हाथ बैठे ज्वेलरी निर्माताओं और कारीगरों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है. इसके बाद इन कारीगरों ने सरकार से राहत देने और कोई ठोस कदम उठाने की गुहार लगाई है.

GST में छूट का दिखा असर: वाहन बाजार में बुकिंग का उछाल, लेकिन सप्लाई चेन बना रोड़ा

ग्वालियर जीएसटी काउंसिल ने फेस्टिवल सीजन को देखते हुए आम लोगों की जेब पर बड़ा फायदा देने का ऐलान किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, इंश्योरेंस और अन्य रोजमर्रा की चीजों पर जीएसटी दरों में कटौती की गई है, लेकिन इसका एक साइड इफेक्ट ये हुआ है कि बाजार फिलहाल थम सा गया है। ज्यादातर लोग नई दरों का इंतजार कर रहे हैं, जिससे खरीदारी 70-80 फीसदी तक गिर गई है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में बुकिंग जारी, डिलीवरी रुकी ग्वालियर ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरिकांत समाधिया ने बताया कि सरकार की ओर से जीएसटी की दरें कम करने के बाद कंपनियां दिमाग लगा रही हैं। कंपनियां सेस का कंपन्सेशन एडजस्ट नहीं करना चाहती, ऐसे में वे स्कीम्स को बंद करने का मन बना रही हैं। जहां तक कारों की खरीदारी की बात है तो फिलहाल सिर्फ वाहनों की बुकिंग हो रही है, खरीदारी 22 सितंबर के बाद होगी। एक छोटी गाड़ी पर 50 हजार तक की बचत होगी। सरकार को 22 सितंबर को ही घोषणा करनी थी इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी केदारनाथ गुप्ता ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में जीएसटी की दरें 28 से कम होकर 18 फीसदी होने वाली हैं। पर सरकार को इसकी घोषणा 22 सितंबर को ही करनी थी, फिलहाल बाजार एकदम से थम सा गया है। यानी खरीदारी 80 फीसदी तक कम हो गई है। लोग अब 22 सितंबर का ही इंतजार कर रहे हैं। एक लाख रुपए के 75 इंच के एलइडी पर 10 हजार और 55 इंच के एलइडी पर करीब 3906 रुपए की बचत होगी। नहीं करा रहे इंश्योरेंस, रिन्युअल प्रीमियम भी नहीं भर रहे स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर जीएसटी पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। इंश्योरेंस कंसल्टेंट प्रणव कुमार दास ने बताया कि 22 सितंबर तक कोई भी व्यक्ति इंश्योरेंस कराने को तैयार नहीं है। यहां तक कि लोग अपनी रिन्युअल प्रीमियम भी नहीं जमा कर रहे। हम उन्हें समझा रहे हैं कि आपकी पॉलिसी लेप्स हो जाएगी और उसमें रिस्क कवर भी नहीं है। फिर भी लोग मानने को तैयार नहीं हैं और कह रहे हैं कि 16-17 दिनों में कुछ नहीं होगा। इसके साथ ही जिन बीमा कंपनियों ने अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए प्रतियोगिताएं निकाली थीं, उन्हें या तो बंद कर दिया गया है या फिर उनकी तारीख बढ़ा दी है। सिर्फ तीन दिन में होगा जीएसटी रजिस्ट्रेशन जीएसटी कॉउंसिल की ओर से किए गए रिफॉर्म्स में जीएसटी करदाताओं के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को भी अब बेहद सरल बना दिया गया है। कॉउंसिल ने महज 3 दिन में ही जीएसटी रजिस्ट्रेशन देने की बात कही है। इससे व्यापार करने में सुगमता आएगी और विभाग के चक्कर लगाने की कोई जरूरत नहीं होगी। इसमें खास बात यह है कि ये रजिस्ट्रेशन अब बिना वेरिफिकेशन के ही प्रदान कर दिए जाएंगे। इस नई स्कीम से करीब 96 फीसदी करदाताओं को लाभ मिलेगा, जो नया पंजीयन लेते हैं। ये स्कीम एक नवंबर 2025 से चालू होगी। इसके साथ ही जीएसटी के 90 फीसदी रिफंड का रुपया प्रोविजनल आधार पर ही मिल सकेगा। सीए पंकज शर्मा ने बताया कि व्यापार की सुगमता के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान बनाना अच्छा कदम है। इससे लंबा समय लेने वाली प्रक्रिया से बचाव होगा।

81 साल के अरबपति ने छीना एलन मस्क का ताज, जानें कितनी है उनकी नेटवर्थ

वाशिंगटन निया के टॉप अरबपतियों की लिस्ट में बड़ा फेरबदल हुआ है और लंबे समय से दुनिया के नंबर-1 अमीर की कुर्सी पर बैठे एलन मस्क से ये ताज छिन गया है. 81 साल के टेक टॉयकून और ओरेकल के को-फाउंडर लैरी एलिसन उन्हें पीछे छोड़ते हुए दुनिया के सबसे अमीर इंसान बन गए हैं. ये कमाल उनकी संपत्ति में अचानक एक ही दिन में आए 100 अरब डॉलर से ज्यादा के उछाल के चलते हुआ है. आइए जानते हैं इनकी नेटवर्थ के बारे में… झटके में 8.90 लाख करोड़ रुपये बढ़ी संपत्ति टेक दिग्गज कंपनी ओरेकल कॉर्पोरेशन ने अपने शानदार तिमाही नतीजों का ऐलान क्या किया और इसके बाद अचानक दुनिया के टॉप अरबपतियों की लिस्ट में खलबली सी मच गई. दरअसल, नतीजों के बाद इसके को-फाउंडर लैरी एलिसन की नेटवर्थ में 101 अरब  डॉलर (करीब 8.90 लाख करोड़ रुपये) बढ़ गई और कंपनी के शेयरों में रिकॉर्ड उछाल देखने को मिला.  इतनी नेटवर्थ के साथ बने नंबर-1 अमीर ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के अनुसार, अचानक आए इस उछाल के चलते न्यूयॉर्क में सुबह 10:10 बजे तक एलिसन की संपत्ति 393 अरब डॉलर पर पहुंच गई और इसके साथ ही उन्होंने एलन मस्क को पीछे छोड़ नंबर-1 अमीर की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया. इस समय पर लंबे समय से दुनिया के सबसे अमीर इंसान रहे एनल मस्क की नेटवर्थ 385 अरब डॉलर दर्ज की गई. किसी भी अरबपति की संपत्ति में एक ही दिन में आया ये अब तक का सबसे बड़ा उछाल है. लैरी एलिसन को मिली इस उपलब्धि के साथ ही टेस्ला और स्पेसएक्स जैसी कंपनियों के मालिक एलन मस्क का विश्व के सबसे धनी व्यक्ति के रूप में लंबा कार्यकाल समाप्त हो गया. गौरतलब है कि 81 साल के एलिसन इस उम्र में भी ओरेकल के चेयरमैन और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर के पद की जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं. उनकी नेटवर्थ में अधिकांश हिस्सा उनकी कंपनी से होने वाली कमाई पर ही केंद्रित है.  बुधवार को 41% उछला ओरेकल का शेयर ओरेकल के शेयर ने इस साल जोरदार तेजी दर्ज की है और इसके चलते तेजी से को-फाउंडर लैरी एलिसन अमीरों की लिस्ट में आगे बढ़ते गए और अब सबसे रईस बन गए हैं. 2025 में अब तक ओरेकल स्टॉक में 45% से ज्यादा की तेजी आ चुकी है. बुधवार को इस शेयर में 41% का उछाल आया और इसका भाव 328.33 डॉलर पर पहुंच गया. इससे पिछले कारोबारी दिन एलिसन का शेयर 241.63 डॉलर पर क्लोज हुआ था, लेकिन बुधवार को तूफानी तेजी के साथ ये 319.19 डॉलर पर खुला और फिर तेज रफ्तार पकड़ते हुए 345.72 डॉलर तक पहुंच गया था.   टेस्ला के शेयर टूटने से मस्क को नुकसान टेस्ला और स्पेसएक्स सीईओ एनल मस्क ने पहली बार 2021 में दुनिया के सबसे अमीर इंसान का ताज अपने नाम किया था. हालांकि, इसके बाद कुछ समय के लिए ये अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस और एलवीएमएच के चेयरमैन बर्नार्ड अरनॉल्ट के पास रहा, लेकिन बीते साल फिर संपत्ति में तेज उछाल के चलते मस्क ने नंबर-1 पायदान पर कब्जा जमा लिया था. लेकिन टेस्ला के शेयरों में इस साल अब तक आई तगड़ी गिरावट का असर सीधे उनकी नेटवर्थ पर दिखा. टेस्ला शेयर 13% तक फिसला है.

ईंधन पर GST लाना अभी संभव नहीं, सरकार ने साफ किए संकेत

नई दिल्ली पेट्रोल और डीजल को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने पर केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के चेयरमैन संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि फिलहाल इन्हें जीएसटी के अंतर्गत लाना संभव नहीं है। मिडिया की ओर से सवाल पूछे जाने पर कि क्या पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाना चाहिए, अग्रवाल ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर फिलहाल केंद्रीय उत्पाद शुल्क और मूल्य वर्धित कर (वैट) लगता है और इन दोनों पेट्रोलियम पदार्थों से राज्यों को वैट के रूप में और केंद्र सरकार को केंद्रीय उत्पाद शुल्क के रूप में अच्छा-खासा राजस्व प्राप्त होता है। उन्होंने आगे कहा, "राजस्व संबंधी प्रभावों को देखते हुए, इन वस्तुओं को फिलहाल जीएसटी के दायरे में लाना संभव नहीं है।" सीबीआईसी चेयरमैन ने यह बयान ऐसे समय पर दिया है जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले हफ्ते कहा था कि केंद्र सरकार ने जानबूझकर पेट्रोल और डीजल को जीएसटी परिषद के प्रस्ताव में शामिल नहीं किया है। उस दौरान वित्त मंत्री ने कहा था कि कानूनी तौर पर हम तैयार हैं, लेकिन यह फैसला राज्यों को लेना होगा। वित्त मंत्री ने अपने बयान में कहा था कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी लागू होने के समय ही शामिल किया जाना तय था, "मुझे याद है कि मेरे दिवंगत पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस बारे में बात की थी।" वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, "राज्यों की सहमति के बाद, उन्हें परिषद में कराधान की दर तय करनी होगी। एक बार यह फैसला हो जाने के बाद, इसे कानून में शामिल कर लिया जाएगा।" जुलाई 2017 में लागू हुए जीएसटी में पेट्रोल, डीजल और मादक पेय पदार्थों जैसे उत्पादों को तब से इसके दायरे से बाहर रखा गया था। ये वस्तुएं केंद्र और राज्य सरकारों, दोनों के लिए उत्पाद शुल्क और वैट के माध्यम से राजस्व का प्रमुख स्रोत हैं। कई राज्यों के लिए, ये उनके कर राजस्व में 25-30 प्रतिशत से अधिक का योगदान करते हैं।

PM मोदी पर ट्रंप का बयान… शेयर बाजार चढ़ा, इन 10 स्टॉक्स में सबसे ज्यादा उछाल

मुंबई  भारत-US के बीच अटली ट्रेड डील पर बात बनती नजर आ रही है. ये हम नहीं कह रहे, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से इसे लेकर पॉजिटिव संकेत दिए हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत अच्छा दोस्त बताते हुए ट्रेड डील के सफल होने की बात कही है, तो उनकी सोशल मीडिया पोस्ट के बाद पीएम मोदी ने भी इंडिया-यूएस डील पर जल्द बात पूरी होने की उम्मीद जताई है. तमाम मुद्दों को लेकर फंसी इस डील के पूरा होने की उम्मीद का सीधा असर बुधवार को शेयर बाजार पर देखने को मिला है और सेंसेक्स-निफ्टी खुलने के साथ ही रॉकेट की तरह उड़ान भरते नजर आए हैं.  सेंसेक्स 400 अंक चढ़ा, निफ्टी 25000 के पार बीएसई के सेंसेक्स इंडेक्स ने शेयर मार्केट ओपन होने के साथ ही अपने पिछले बंद 81,101.32 की तुलना में करीब 400 अंकों की छलांग लगाते हुए 81,504.36 के स्तर पर ओपनिंग की और 81,587.91 पर कारोबार करता हुआ दिखाई दिया. वहीं दूसरी ओर एनएसई निफ्टी ने भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए अपने पिछले बंद 24,868.60 के मुकाबले उछाल भरते हुए 25,017 पर कारोबार की शुरुआत की.  शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में मौजूद करीब 1728 कंपनियों के शेयरों ने अपने पिछले बंद के मुकाबले जोरदार तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत ग्रीन जोन में की थी, तो वहीं  595 कंपनियों के शेयर लाल निशान पर कारोबार करते दिखे. इसके अलावा 168 शेयरों की फ्लैट ओपनिंग हुई यानी इनकी स्थिति में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला. बाजार खुलने पर कोटक महिंद्रा बैंक, जियो फाइनेंशियल, एलटी, डॉ रेड्डीज लैब और टीसीएस के शेयर सबसे तेज भागे.  विदेशों से मिल रहे थे तेजी के संकेत शेयर बाजार में तेजी के संकेत इसके ओपन होने से पहले ही विदेशों से मिलने लगे थे. दरअसल, अमेरिका से जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारत-यूएस ट्रेड डील को लेकर बयान आया था, तो वहीं दूसरी ओर एशियाई बाजार में तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई थी. शुरुआती कारोबारी में गिफ्ट निफ्टी 107.50 अंक चढ़कर 25,027.50 पर कारोबार कर रहा था, तो जापान का निक्केई 174 अंक, हांगकांग के हैंगसेंग 198.86 अक और साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 46.13 अकं की बढ़त लिए हुए था.  ट्रंप ने PM मोदी को लेकर ऐसा क्या कहा? राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल अकाउंट से शेयर की गई अपनी एक पोस्ट में लिखा कि मैं अपने बहुत अच्छे दोस्त प्रधानमंत्री मोदी से आने वाले हफ्तों में बातचीत करने के लिए उत्सुक हूं. भारत और अमेरिका के बीच व्यापार बाधाओं को दूर करने के लिए बातचीत चल रही है. मुझे पूरा यकीन है कि दोनों महान देशों के लिए इस वार्ता का सफल निष्कर्ष निकलेगा. वहीं ट्रंप की इस पोस्ट को लेकर पीएम मोदी ने भारत-अमेरिका को अच्छा दोस्त बताते हुए कहा है कि समृद्ध भविष्य के लिए दोनों साथ काम करेंगे. खुलते ही रॉकेट बने ये 10 शेयर  शेयर मार्केट में तूफानी तेजी के बीच तमाम शेयरों में उछाल देखने को मिला और इनमें 10 सबसे तेज भागने वाले स्टॉक्स की बात करें, तो लार्जकैप कैटेगरी में शामिल एचसीएल टेक (2.28%), टेक महिंद्रा (2.10%), टीसीएस (1.95%) की तेजी लेकर भागा. तो वहीं मिडकैप में शामिल भारत फोर्ज (4.13%), एम्फेसिस (3.79%), थर्मेक्स (3.71%), टाटा एलेक्सी (3.30%) और कोफोर्ज शेयर (3.20%) की तेजी लेकर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा स्मॉलकैप कैटेगरी में सस्ता सुदंर शेयर 20 फीसदी, वेलस्पन शेयर 10.50% और आईसीआईएल शेयर 8.20% चढ़ गया. 

बिना टैरिफ के व्यापार, 2025 में भारत का 24 देशों के साथ आर्थिक दांव

नई दिल्‍ली.  अमेरिका की ओर से भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाए जाने से हुए नुकसान की भरपाई एक झटके में करने की तैयारी है. भारत के हाथ ऐसा दांव लगने वाला है, जिससे टैरिफ से हुए नुकसान की सारी भरपाई हो जाएगी. यह काम पूरा होने पर भारत को 135 अरब डॉलर का व्‍यापार बिना किसी टैक्‍स के करने का मौका मिलेगा. इस पर बातचीत भी काफी तेजी से आगे बढ़ रही है और माना जा रहा है कि इसी साल करीब 2 दर्जन देशों के साथ बिना टैक्‍स के व्‍यापार का रास्‍ता खुल जाएगा. मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि भारत और यूरोपीय संघ अपने महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को जल्द अंतिम रूप देने के लिए अगले एक महीने में दो दौर की महत्वपूर्ण वार्ता करेंगे. इस दौरान उत्पत्ति के नियमों, बाजार पहुंच और वाइन तथा डेयरी उत्पादों पर शुल्क के क्षेत्रों में मतभेदों को दूर करने की कोशिश की जाएगी. इन पर सहमति बनती है तो इसी साल यह डील पूरी होने की संभावना है. दिसंबर हो जाएगी एफटीए डील यूरोपीय आयोग के कृषि आयुक्त क्रिस्टोफ हैनसेन और व्यापार प्रमुख मारोस सेफ्कोविक इस सप्ताह अपने भारतीय वार्ताकारों के साथ बातचीत करने के लिए भारत का दौरा कर रहे हैं. दोनों पक्ष इस साल के अंत तक एफटीए पर हस्ताक्षर करना चाहते हैं. यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जिसका वित्तवर्ष 2023-24 में द्विपक्षीय वस्तु व्यापार 135 अरब डॉलर था. यह आंकड़ा चीन और अमेरिका से भी ज्‍यादा है. जाहिर है कि एफटीए डील पक्‍की होने पर भारत को इसका बड़ा लाभ मिलेगा. 17 सितंबर को बड़ा दिन व्यापार समझौते के अलावा, भारत और यूरोपीय संघ कई परिवर्तनकारी पहलों को भी आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में हैं, जिनमें एक नया राजनीतिक-रणनीतिक नजरिया और रक्षा संबंधों का विस्तार शामिल हैं. ये कदम बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता के मद्देनजर उठाए गए हैं. गौरतलब है कि यूरोपीय संघ 17 सितंबर को भारत के साथ संबंधों के लिए अपने नए रणनीतिक नजरिये को जारी करेगा. नए उपायों को भारत-यूरोपीय संघ वार्षिक शिखर सम्मेलन में जारी करने की उम्मीद है. 27 देशों से एकसाथ बातचीत भारत और ईयू दोनों पक्ष अगले तीन महीनों में कई उच्च-स्तरीय बैठकें और वार्ताएं भी करेंगे, जिनमें यूरोपीय संघ की राजनीतिक और सुरक्षा समिति का भारत दौरा भी शामिल है. इसमें यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के दूत शामिल होंगे. इसका मतलब है कि भारत एकसाथ 27 देशों से एफटीए पर बातचीत करेगा और यह पूरा होता है तो भारत को 27 देशों के साथ मुक्‍त व्‍यापार समझौता कराने का अवसर मिलेगा.

टाटा पंच की कीमत में बड़ी कटौती, देश की नंबर-1 SUV अब और भी किफायती

 नई दिल्ली भारत में GST 2.0 लागू होने के बाद से गाड़ियों के दाम लगातार नीचे आ रहे हैं। इसी कड़ी में टाटा मोटर्स (Tata Motors) ने अपनी पॉपुलर माइक्रो-SUV टाटा पंच (Tata Punch) की कीमतें भी घटा दी हैं। अब 22 सितंबर 2025 से लागू होने वाली नई GST दरों का सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा। नई GST दरों के मुताबिक टाटा पंच के लगभग सभी वैरिएंट्स पर 8.5% तक का प्राइस कट देखने को मिल रहा है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं। सबसे बड़ा फायदा क्रिएटिव प्लस S Camo (Creative Plus S Camo) पेट्रोल-ऑटोमैटिक वैरिएंट पर मिल रहा है, जिसकी कीमत में लगभग 88,000 तक की कमी आई है। बेस वैरिएंट से लेकर टॉप वैरिएंट तक सभी ग्राहकों को यह लाभ मिलेगा। हालांकि, कटौती की रकम वैरिएंट के हिसाब से अलग-अलग होगी। GST कटौती के बाद टाटा पंच की संभावित कीमतें पुरानी और नई कीमत की तुलना 1.2L पेट्रोल-मैनुअल वैरिएंट मौजूदा कीमत अंतर नई कीमत % में अंतर Pure Rs. 6,19,990 -Rs. 71,190 Rs. 5,48,800 -11.48% Pure (O) Rs. 6,81,990 -Rs. 58,090 Rs. 6,23,900 -8.52% Adventure Rs. 7,16,990 -Rs. 61,090 Rs. 6,55,900 -8.52% Adventure Rhythm Rs. 7,51,990 -Rs. 64,090 Rs. 6,87,900 -8.52% Adventure S Rs. 7,71,990 -Rs. 65,790 Rs. 7,06,200 -8.52% Adventure Plus S Rs. 8,21,990 -Rs. 70,090 Rs. 7,51,900 -8.53% Accomplished Plus Rs. 8,41,990 -Rs. 71,790 Rs. 7,70,200 -8.53% Accomplished Plus Camo Rs. 8,56,990 -Rs. 72,990 Rs. 7,84,000 -8.52% Accomplished Plus S Rs. 8,89,990 -Rs. 75,890 Rs. 8,14,100 -8.53% Accomplished Plus S Camo Rs. 9,06,990 -Rs. 77,290 Rs. 8,29,700 -8.52% Creative Plus Rs. 9,11,990 -Rs. 77,690 Rs. 8,34,300 -8.52% Creative Plus Camo Rs. 9,26,990 -Rs. 78,990 Rs. 8,48,000 -8.52% Creative Plus S Rs. 9,56,990 -Rs. 81,590 Rs. 8,75,400 -8.53% Creative Plus S Camo Rs. 9,71,990 -Rs. 82,790 Rs. 8,89,200 -8.52% Sportz (O) Rs. 8,29,100 -Rs. 70,700 Rs. 7,58,400 -8.53% Asta Rs. 8,62,300 -Rs. 70,600 Rs. 7,91,700 -8.19% 1.2L पेट्रोल-ऑटो (AMT) वैरिएंट मौजूदा कीमत अंतर नई कीमत % में अंतर Adventure Rs. 7,76,990 -Rs. 66,190 Rs. 7,10,800 -8.52% Adventure Rhythm Rs. 8,11,990 -Rs. 69,190 Rs. 7,42,800 -8.52% Adventure S Rs. 8,31,990 -Rs. 70,890 Rs. 7,61,100 -8.52% Adventure Plus S Rs. 8,81,990 -Rs. 75,190 Rs. 8,06,800 -8.53% Accomplished Plus Rs. 9,01,990 -Rs. 76,890 Rs. 8,25,100 -8.52% Accomplished Plus Camo Rs. 9,16,990 -Rs. 78,190 Rs. 8,38,800 -8.53% Accomplished Plus S Rs. 9,49,990 -Rs. 80,990 Rs. 8,69,000 -8.53% Accomplished Plus S Camo Rs. 9,66,990 -Rs. 82,390 Rs. 8,84,600 -8.52% Creative Plus Rs. 9,71,990 -Rs. 82,790 Rs. 8,89,200 -8.52% Creative Plus Camo Rs. 9,86,990 -Rs. 84,090 Rs. 9,02,900 -8.52% Creative Plus S Rs. 10,16,990 -Rs. 86,690 Rs. 9,30,300 -8.52% Creative Plus S Camo Rs. 10,31,990 -Rs. 87,990 Rs. 9,44,000 -8.53% 1.2L CNG-मैनुअल वैरिएंट मौजूदा कीमत अंतर नई कीमत % में अंतर Pure Rs. 7,29,990 -Rs. 62,190 Rs. 6,67,800 -8.52% Adventure Rs. 8,11,990 -Rs. 69,190 Rs. 7,42,800 -8.52% Adventure Rhythm Rs. 8,46,990 -Rs. 72,190 Rs. 7,74,800 -8.52% Adventure S Rs. 8,66,990 -Rs. 73,890 Rs. 7,93,100 -8.52% Adventure Plus S Rs. 9,16,990 -Rs. 78,190 Rs. 8,38,800 -8.53% Accomplished Plus Rs. 9,51,990 -Rs. 81,090 Rs. 8,70,900 -8.52% Accomplished Plus Camo Rs. 9,66,990 -Rs. 82,390 Rs. 8,84,600 -8.52% Accomplished Plus S Rs. 9,99,990 -Rs. 85,190 Rs. 9,14,800 -8.52% Accomplished Plus S Camo Rs. 10,16,990 -Rs. 86,690 Rs. 9,30,300 -8.52% GST 2.0 में सरकार ने छोटी गाड़ियों (1,200cc तक इंजन और 4 मीटर से कम लंबाई) पर टैक्स स्लैब को घटाकर 28% से 18% कर दिया है। यही वजह है कि टाटा पंच जैसी कॉम्पैक्ट और माइक्रो SUVs की कीमतों में यह बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। ग्राहकों के लिए क्या मतलब? अब टाटा पंच (Tata Punch) खरीदना पहले से कहीं ज्यादा किफायती हो गया है। जो लोग फेस्टिव सीजन में नई SUV लेने का सोच रहे थे, उनके लिए यह बेस्ट टाइमिंग है। कंपनी उम्मीद कर रही है कि इन प्राइस कट्स से बुकिंग्स और सेल्स में बड़ा उछाल आएगा। ये दमदार SUV स्टाइलिश डिजाइन के साथ आती है। इसे सेफ्टी में Bharat NCAP से 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग हासिल है। सेफ होने के साथ ही ये एसयूवी CNG और पेट्रोल दोनों ऑप्शन के साथ मौजूद है। इसमें बेहतरीन ग्राउंड क्लियरेंस और सिटी+हाईवे फ्रेंडली परफॉर्मेंस देखने को मिलता है। कुल मिलाकर नई GST दरों के साथ टाटा पंच (Tata Punch) अब और भी वैल्यू फॉर मनी SUV बन चुकी है।

इतिहास रचा सोने ने: भारत में 10 ग्राम का भाव 1,10,047 रुपये, लगातार बढ़ रही कीमतें

मुंबई  वैश्विक बाजारों में तेजी और अमेरिकी डॉलर में कमजोरी के बीच मंगलवार को घरेलू वायदा बाजार में सोने की कीमतें ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच गईं. एमसीएक्स पर सोना वायदा दिसंबर डिलीवरी के लिए 458 रुपये की बढ़त के साथ 1,10,047 रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर ट्रेड कर रहा था. इसी तरह, अक्टूबर डिलीवरी के लिए सोना वायदा 482 रुपये या 0.44 प्रतिशत बढ़कर 1,09,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया. विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में कटौती की बढ़ती उम्मीदें और अमेरिका में हाल ही में जारी हुए कमजोर श्रम बाजार आंकड़े सोने की मांग को बढ़ावा देने वाले प्रमुख कारण बने हैं. रिलायंस सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक जिगर त्रिवेदी ने कहा कि अमेरिकी नौकरियों की रिपोर्ट में निराशाजनक परिणाम आने के बाद निवेशक उम्मीद कर रहे हैं कि फेडरल रिजर्व जल्द ही ब्याज दरों में और कटौती करेगा. इस कदम से डॉलर कमजोर हुआ और निवेशकों ने सुरक्षित संपत्ति के रूप में सोने की ओर रुख किया. विदेशी बाजारों में भी सोने की कीमतें नई ऊंचाइयों को छू रही हैं. कॉमेक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना वायदा बढ़कर 3,694.75 डॉलर प्रति औंस के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया. अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों में गिरावट और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं ने सोने को निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बना दिया है. विश्लेषकों का मानना है कि अगर अमेरिका में रोजगार आंकड़ों में सुधार नहीं आता और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति ढीली रहती है, तो सोने की कीमतों में और तेजी आ सकती है. वहीं, भारत में भी निवेशक सोने में निवेश के लिए उत्सुक दिखाई दे रहे हैं. आर्थिक अनिश्चितताओं और वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच सोना सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में प्रमुख बना हुआ है. इस हफ्ते सोने के बढ़ते रुझान ने निवेशकों और व्यापारियों की नजरें इस कीमती धातु पर और मजबूत कर दी हैं. घरेलू बाजार में भी मांग बढ़ने के कारण वायदा बाजार में कीमतों में तेजी जारी रहने की संभावना जताई जा रही है. सोने की कीमतों में यह रिकॉर्ड वृद्धि न केवल निवेशकों के लिए बल्कि ज्वेलरी और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत है. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक डेटा और फेडरल रिजर्व की नीतियों की दिशा इस कीमती धातु की कीमतों को प्रभावित करती रहेंगी.

60 Cr फ्रॉड केस: राज कुंद्रा पर शिकंजा, EOW ने तलब किया

 मुंबई    शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा को 60.48 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. पिछले हफ्ते ही मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने दोनों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया था. अब इस मामले में मुंबई पुलिस ने एक्शन लेते हुए शिल्पा शेट्टी के पति और बिजनेसमैन राज कुंद्रा को समन जारी किया है. जानकारी के मुताबिक, यह मामला 13 अगस्त को दर्ज हुआ था. राज कुंद्रा अब 15 सितंबर (सोमवार) को EOW दफ्तर पहुंचकर बयान दर्ज कराएंगे. EOW के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, ‘बुधवार (10 सितंबर) को राज कुंद्रा को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने अपने प्रतिनिधि के जरिए निवेदन किया कि वे सोमवार (15 सितंबर) को शामिल होंगे.’ क्यों जारी हुआ था लुक आउट सर्कुलर पिछले हफ्ते, EOW ने शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया था, क्योंकि यह कपल अक्सर विदेश यात्रा करता है. यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया कि जांच के दौरान दोनों मुंबई में उपलब्ध रहें. दीपक कोठारी की शिकायत यह धोखाधड़ी का मामला मुंबई के बिजनेसमैन और लोटस कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज के निदेशक दीपक कोठारी की शिकायत पर आधारित है. बिजनेसमैन दीपक कोठारी ने आरोप लगाया है कि 2015 से 2023 के बीच शिल्पा और राज ने उनके साथ 60 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की. दीपक का दावा है कि यह राशि कंपनी के विस्तार के लिए ली गई थी, लेकिन इसका इस्तेमाल निजी खर्चों के लिए किया गया. कोठारी का आरोप है कि शिल्पा और राज ने शुरू में 75 करोड़ रुपये का ऋण 12% वार्षिक ब्याज पर मांगा था, लेकिन बाद में टैक्स बचाने के लिए इसे निवेश के रूप में दिखाने की सलाह दी. कोठारी ने अप्रैल 2015 में 31.95 करोड़ रुपये और सितंबर 2015 में 28.53 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए, जो बेस्ट डील टीवी के बैंक खातों में जमा हुए. लिखित गारंटी और कंपनी से इस्तीफा दीपक कोठारी का कहना है कि अप्रैल 2016 में शिल्पा शेट्टी ने लिखित रूप से व्यक्तिगत गारंटी दी थी कि राशि एक निश्चित समय में 12% ब्याज के साथ लौटाई जाएगी. लेकिन कुछ ही महीनों बाद, सितंबर 2016 में शिल्पा ने कंपनी के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया. उन्हें बाद में पता चला कि 2017 में कंपनी के खिलाफ 1.28 करोड़ रुपये का एक दिवालियापन मामला भी चल रहा था, जिसके बारे में उन्हें पहले नहीं बताया गया. ईओडब्ल्यू की जांच मामला 10 करोड़ रुपये से अधिक का होने के कारण जुहू पुलिस स्टेशन से ईओडब्ल्यू को ट्रांसफर कर दिया गया. पुलिस ने शिल्पा, राज और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आईपीसी की धारा 403 (बेईमानी से संपत्ति का दुरुपयोग), 406 (आपराधिक विश्वासघात) और 34 (साझा इरादा) के तहत मामला दर्ज किया है.