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तीन दिनों तक प्रदेश के 75 जिलों में होगी आरक्षी भर्ती परीक्षा, 1183 केंद्रों पर कड़ी निगरानी

लखनऊ उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी (सिपाही) नागरिक पुलिस सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा सोमवार से प्रारंभ हो रही है। यह परीक्षा 8, 9 एवं 10 जून 2026 को प्रदेश के सभी 75 जिलों में आयोजित की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 32,679 पदों के लिए 28,86,797 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। परीक्षा के सफल एवं निष्पक्ष संचालन के लिए प्रदेशभर में 1,183 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित होगी। प्रथम पाली सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक संचालित की जाएगी। अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए निर्धारित समय के अतिरिक्त 5 मिनट अतिरिक्त भी दिए जाएंगे। तीन दिनों में कुल छह पालियों में परीक्षा संपन्न होगी। हर पाली में 4.81 लाख से अधिक परीक्षार्थी डीजी भर्ती बोर्ड एसबी शिरडकर ने बताया कि भर्ती परीक्षा में कुल अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए प्रत्येक पाली में लगभग 4,81,416 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन, पुलिस विभाग तथा जिला प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है तथा अभ्यर्थियों की पहचान और प्रवेश प्रक्रिया के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। पारदर्शिता और सुरक्षा पर विशेष जोर परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, पर्यवेक्षक तथा पुलिस बल की तैनाती की गई है। संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। परीक्षा केंद्रों के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।

सिपाही भर्ती परीक्षा 2026: 1183 केंद्रों पर दो-दो पालियों में होगी परीक्षा

लखनऊ यूपी पुलिस में 32,679 हजार पदों पर सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा आठ, नौ व 10 जून को दो-दो पालियों में होगी। प्रदेश में 1183 परीक्षा केंद्रों पर 28.86 लाख महिला व पुरुष अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा केंद्रों पर तीन स्तरीय जांच होगी। अभ्यर्थियों को गेट पर प्रारंभिक, बायोमेट्रिक जांच व ई-केवाईसी के बाद अंदर जाने दिया जाएगा। नकलविहीन व शांतिपूर्ण परीक्षा कराने के लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त कराए जा रहे हैं। सभी जिलों में परीक्षा के दौरान यातायात प्रबंधन को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। सभी केंद्रों की गतिविधियों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों की लाइव की जाएगी। इसे जिला व पुलिस भर्ती प्रोन्नति बोर्ड के कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। परीक्षा केंद्रों पर तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी भर्ती परीक्षा के दौरान कहीं कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए खासकर एसटीएफ को सक्रिय किया गया। एसटीएफ साल्वर गिरोह पर कड़ी नजर रखने के साथ ही भर्ती परीक्षा के दौरान पहले गड़बड़ी कर चुके दागियों पर भी नजर रखेगी। भर्ती बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार अब तक 12 लाख से अधिक अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर चुके हैं। 10 जून को होने वाली परीक्षा के प्रवेश पत्र भर्ती बोर्ड की वेबसाइट पर सात जून को अपलोड किए जाएंगे। डीजीपी मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेल को भी सक्रिय किया गया है। किसी भी भ्रामक सूचना का तत्काल खंडन करने के साथ ही गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध तत्काल विधिक कार्रवाई होगी। परीक्षा केंद्र पर हर अभ्यर्थी के आधार सत्यापन व ई-केवाईसी और आइरिस आधारित बायोमेट्रिक जांच के लिए अत्याधुनिक उपकरणों का प्रयोग होगा। हर परीक्षा केंद्र पर एक पुलिस उपाधीक्षक बतौर पर्यवेक्षक मुस्तैद रहेगा। हर जिले के कंट्रोल रूम पर पुलिस उपाधीक्षक को प्रभारी बनाया गया है, जो परीक्षा केंद्र की लाइव फीड की निगरानी अपने देख-रेख में कराएंगे। भर्ती बोर्ड ने पहली बार सभी जिला कंट्रोल रूम प्रभारियों की बैठक कर उन्हें विस्तृत निर्देश दिए हैं। पहले हुई भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की उपस्थिति को देखते हुए इस बार भी लगभग 25 प्रतिशत अभ्यर्थियों के परीक्षा छोड़ने की आशंका है। खास-खास बातें – आरक्षी नागरिक पुलिस व समकक्ष 32,679 हजार पदों पर होगी भर्ती – सभी जिलों में कुल 1183 परीक्षा केंद्र बनाए गए – आठ, नौ व 10 जून को दो-दो पालियों में होगी परीक्षा – लगभग 28.86 लाख अभ्यर्थी लेंगे भाग – महिलाओं के लिए आरक्षित हैं 20 प्रतिशत पद यह भी निर्देश – महिला अभ्यर्थियों की जांच एनक्लोजर में केवल महिला पुलिसकर्मी ही करेंगी। – किसी भी अभ्यर्थी के धार्मिक चिह्न जैसे कलावा, धागा, मंगलसूत्र आदि को हटाना आवश्यकता नहीं। – अभ्यर्थी प्रवेश पत्र, आधार कार्ड, नीले या काले पेन के अलावा कोई सामग्री साथ नहीं ले जा सकेंगे।

काशी में बदलाव की तैयारी: मीट-मांस बाजार अब शहर की सीमा से बाहर ले जाने की योजना

 वाराणसी यूपी की धार्मिक नगर वाराणसी में अब शहर के भीतर हर गली-मोहल्ले में मीट-मांस और मछली की बिक्री जल्द ही पुरानी बात हो जाएगी। दरअसल, वाराणसी नगर निगम ने शहर को व्यवस्थित और स्वच्छ रखने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। जिसके तहत अब मीट-मांस व मछली की सभी दुकानें शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित की जाएंगी। महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में शनिवार को मैदागिन स्थित टाउन हॉल भवन में आयोजित सदन की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए रूपरेखा स्पष्ट कर दी गई। बैठक में शहर के चतुर्दिक विकास, अतिक्रमण और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। जिसमें मीट-मछली के बाजारों को शहर के बाहरी छोर पर व्यवस्थित करने का निर्णय सबसे प्रमुख रहा। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सदन को बताया कि इस योजना के प्रथम चरण में पांच स्थानों का चयन किया जा चुका है। ये सभी स्थान शहर की बाहरी सीमाओं के करीब स्थित हैं, जिससे आम जनता को कोई असुविधा न हो। नगर आयुक्त के मुताबिक आगामी दिनों में शहर के भीतर संचालित मीट-मछली की दुकानों को रामनगर, सूजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जाएगा। सदन में पार्षद गुलशन अली ने यह मामला उठाते हुए कहा कि करीब एक वर्ष पूर्व मीट-मांस और मछली की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन उस पर अब तक प्रभावी अमल नहीं हो सका है। उन्होंने व्यवसायियों की पीड़ा को साझा करते हुए कहा कि सावन महीने में शहर की सभी दुकानें बंद करने के आदेश से मीट व्यवसायियों का रोजगार बुरी तरह प्रभावित होता है। इस पर नगर आयुक्त ने आश्वस्त किया कि शहर की बाहरी सीमा में जगह चिह्नित कर ली गई है और जल्द ही इस प्रस्ताव को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

कब्रिस्तान भूमि पर कब्जे का मामला, प्रशासन ने ध्वस्त की मस्जिद

लखनऊ उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने शनिवार को कब्रिस्तान के लिए आरक्षित सरकारी भूमि पर बने कथित अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कसेरुआ गांव स्थित मुस्तफा कादरी मस्जिद को ध्वस्त करना शुरू कर दिया. प्रशासन की मौजूदगी में दो बुलडोजर और एक क्रेन की मदद से कई घंटे तक कार्रवाई चली. संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया और चार थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई. कार्रवाई के दौरान मस्जिद परिसर से "आई लव मोहम्मद" लिखे पोस्टर और हरे रंग का एक झंडा मिलने का दावा भी सामने आया है. पुलिस ने इन सामग्रियों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि बरामद पोस्टरों और झंडे के संबंध में जांच की जा रही है तथा यह पता लगाया जाएगा कि इन्हें वहां किसने रखा था और उनका उद्देश्य क्या था. उन्होंने कहा कि सभी तथ्यों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन के अनुसार, गाटा संख्या 409 की भूमि कब्रिस्तान के लिए आरक्षित थी. जनवरी 2026 में राजस्व विभाग की पैमाइश के दौरान यहां मस्जिद निर्माण और कब्जे का मामला सामने आया था. इसके बाद तहसीलदार न्यायालय में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत वाद दायर किया गया. सुनवाई के दौरान मस्जिद समिति को अपने दावे के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया, लेकिन प्रशासन का कहना है कि पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके. संभल के जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि तहसीलदार न्यायालय द्वारा अवैध कब्जा हटाने का आदेश जारी किया गया था. इस आदेश को चुनौती देते हुए जिलाधिकारी न्यायालय में अपील दायर की गई, लेकिन अपील खारिज होने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई. तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा कब्रिस्तान के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग के बाद अभिलेखों की जांच की गई थी, जिसमें आरक्षित भूमि पर निर्माण का मामला सामने आया. प्रशासन का कहना है कि कब्जामुक्त कराई गई भूमि को ग्राम सभा के माध्यम से कब्रिस्तान के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. फिलहाल इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है. प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों से बचने की अपील की है.

आधार सेवाओं का विस्तार, 22 नए जिलों में यूआईडीएआई केंद्रों का संचालन शुरू

लखनऊ  प्रदेश के 22 और जिलों में आधार सेवा केंद्रों का संचालन शुरू हो गया है। अब इनकी संख्या कुल 32 हो गई है। ये सेवा केंद्र सीधे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की तरफ से संचालित किए जाते हैं। यहां की क्षमता अधिक होती है, जिससे एक दिन में अधिक से अधिक लोगों को आधार सेवा संबंधी सेवा उपलब्ध कराई जाती है। पहले 12 जिलों में ही इस तरह के आधार सेवा केंद्र संचालित हो रहे थे। इसमें लखनऊ, आगरा, गौतमबुद्धनगर, सहारनपुर, कानपुर, गोंडा, मेरठ, मुरादाबाद, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और गाजियाबाद शामिल थे। अब इसमें 22 और जिले जुड़ गए हैं। इसमें अलीगढ़, अयोध्या, हापुड़, मुजफ्फरनगर, रायबरेली, उन्नाव, हाथरस, सीतापुर, बलरामपुर, मथुरा, इटावा, मैनपुरी, गाजीपुर, मऊ, मिर्जापुर, अमेठी, बस्ती और चंदौली है। सुविधा के शुरू होने से इन जिलों व आसपास जिलों के रहने वालों को आधार सुविधाएं बेहतर तरीके से मिल रही हैं। कम समय में काम हो रहा है और एक दिन में अधिक लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि कुल 32 जिलों में ये सुविधा शुरू हो चुकी है। 39 जिलों में इस तरह के सेवा केंद्र शुरू करने की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए दफ्तर के लिए स्थान चिन्हित कर लिए गए हैं। मैनपॉवर व मशीनें आदि उपलब्ध कराई जा रही हैं। एक दो महीने में इन जिलों में भी आधार सेवा केंद्र शुरू कर दिए जाएंगे। इसलिए इन केंद्रों पर है सहूलियत जिन जिलों में यूआईडीएआई द्वारा संचालित केंद्र नहीं हैं वहा बैंकों व पोस्ट ऑफिसर में आधार संबंधी कार्य होते हैं। वहां की क्षमता कम है लिहाजा कम आवेदन ही स्वीकार किए जाते हैं। यूआईडीएआई से सीधे संचालित केंद्रों पर सभी सुविधाएं हैं। इसलिए इसका लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिलता है।  

पेपर लीक का झांसा देकर छात्रों से ठगी, लखनऊ से आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक कराने का दावा कर छात्रों से पैसे वसूलने वाले एक फर्जी रैकेट का खुलासा हुआ है. यूपी STF ने लखनऊ से ओम कुमार नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि वह टेलीग्राम पर 'पेपर लीक' जैसे चैनल बनाकर परीक्षा से एक दिन पहले प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिका देने का झांसा देता था. इसके बदले हर परीक्षार्थी से करीब 2 हजार रुपये लिए जाते थे. सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले लाखों छात्र हर साल प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठते हैं. इसी भरोसे का फायदा उठाकर कुछ लोग उन्हें आसान रास्ता दिखाने का लालच देते हैं. ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश में सामने आया है, जहां टेलीग्राम के जरिए कथित ‘पेपर लीक’ का खेल चलाया जा रहा था. यूपी STF के मुताबिक, आरोपी ओम कुमार को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया. वह मूल रूप से बिहार के पटना जिले का रहने वाला बताया गया है. जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर फर्जी दावा करता था कि उसके पास परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले से मौजूद है. न्यूज एजेंसी के अनुसार, आरोपी ने टेलीग्राम पर कई चैनल बना रखे थे. इनमें 'पेपर लीक' जैसे नाम इस्तेमाल किए जाते थे ताकि छात्रों को भरोसा हो जाए. UP CNET परीक्षा को लेकर भी कुछ ऐसे चैनल चलाए जा रहे थे. दावा किया जाता था कि परीक्षा से एक दिन पहले असली प्रश्नपत्र और उसके जवाब दिए जाएंगे. इस काम के लिए आरोपी छात्रों से 2 हजार रुपये लेता था. टेलीग्राम चैनल पर QR कोड भेजे जाते थे, जिन पर पैसे ट्रांसफर कराए जाते थे. STF का कहना है कि कम रकम होने की वजह से कई छात्र जल्दी भरोसा कर लेते थे और शिकायत भी कम करते थे. जांच में सामने आया कि परीक्षा वाले दिन चैनल बंद कर दिए जाते थे. इसके बाद दूसरी परीक्षा के नाम पर नया चैनल बना लिया जाता था. पूछताछ में आरोपी ने माना कि वह साल 2022 से अपने कुछ साथियों के साथ ऐसा कर रहा था. इस मामले की जानकारी मिलने के बाद STF ने जांच शुरू की थी. अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ की ओर से शिकायत भी दर्ज कराई गई थी. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और मोबाइल से मिले सबूतों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. साथ ही ऐसे दूसरे गैंगों की भी तलाश की जा रही है, जो सोशल मीडिया पर पेपर लीक की अफवाह फैलाकर छात्रों से पैसे ऐंठते हैं.  

जीआरपी समीक्षा में सीएम योगी ने महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण पर दिया जोर

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार रात राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने खासकर भर्ती परीक्षाओं व बड़े आयोजनों के दौरान यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखे जाने का कड़ा निर्देश दिया। प्रदेश में आठ, नौ व 10 जून को सिपाही भर्ती की बड़ी परीक्षा होनी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, तकनीक-सक्षम तथा परिणामोन्मुख बनाया जाए। यूपी देश का सबसे बड़ा रेल यातायात वाला राज्य है, जहां प्रतिदिन लाखों यात्री रेल सेवाओं का उपयोग करते हैं। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा, महिला सम्मान, अपराध नियंत्रण और त्वरित पुलिस सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। समीक्षा बैठक मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे नेटवर्क में अपराध और असामाजिक गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए तथा जीरो टालरेंस की नीति को पूरी दृढ़ता के साथ लागू किया जाए। रेलवे परिसरों, प्लेटफार्मों और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 1867 में स्थापित जीआरपी उत्तर प्रदेश वर्तमान में छह अनुभागों, 65 थानों तथा 89 अस्थायी चौकियों के माध्यम से कार्य कर रही है। प्रतिदिन 3031 से अधिक ट्रेनों, लगभग 1550 रेलवे स्टेशनों तथा 30 लाख से अधिक रेल यात्रियों की सुरक्षा का दायित्व जीआरपी निभा रही है। उन्होंने हरिद्वार में अर्द्धकुंभ 2027 को लेकर अभी से तैयारियां शुरू किए जाने और विस्तृत कार्ययोजना बनाए जाने का भी निर्देश दिया। रेलवे ट्रैक की हो नियमित निगरानी मुख्यमंत्री ने रेलवे ट्रैक और ट्रेन सुरक्षा की समीक्षा के दौरान रेलवे प्रशासन, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय और बेहतर करने का निर्देश दिया। बताया गया कि रेलवे ट्रैक सुरक्षा के लिए संयुक्त गश्त, ड्रोन एवं सीसीटीवी आधारित निगरानी, डिजिटल सत्यापन, निरीक्षण एप के माध्यम से संदिग्ध व्यक्तियों की जांच, मुखबिर तंत्र को सुदृढ़ बनाने तथा कबाड़ बाजारों एवं संवेदनशील स्थलों की निगरानी जैसे उपाय किए जा रहे हैं। पत्थरबाजी की घटनाएं पूरी तरह रुके मुख्यमंत्री ने रेलवे परिसरों और ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं को पूरी तरह समाप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि जनजागरूकता, सुरक्षा चौपाल, अभिभावकों और युवाओं की काउंसिलिंग, रेल मित्र नेटवर्क, त्वरित अभियोजन तथा प्रभावी निगरानी के परिणामस्वरूप विभिन्न रेल मंडलों में पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे स्टेशन के प्रवेश व निकास नियंत्रण, कतार प्रबंधन, सार्वजनिक घोषणाओं, 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी तथा रेलवे प्रशासन के साथ समन्वय के माध्यम से भीड़ नियंत्रण को प्रभावी बनाया जाए। महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। रेलवे नेटवर्क में महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। मानव तस्करी और गुमशुदा बच्चों की बरामदगी से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इन अभियानों को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों ने बताया कि आपरेशन मुस्कान के तहत एक जनवरी से 26 मई 2026 तक 860 बच्चों को बरामद किया गया। विभिन्न अभियानों के माध्यम से अब तक 2325 व्यक्तियों को उनके परिवारों से मिलाने में सफलता प्राप्त हुई है। बैठक में यह भी बताया गया कि हरदोई जीआरपी थाना उत्तर भारत का पहला आईएसओ 9001 प्रमाणित जीआरपी थाना बन चुका है।

हेल्पलाइन बनी बड़ा सहारा, एक फोन कॉल पर दूर हो रहीं दिव्यांगजनों की समस्याएं

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के दिव्यांगजन भी योगी सरकार की प्राथमिकताओं में प्रमुख रूप से शामिल हैं। उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1995 प्रभावी माध्यम के रूप में उभरी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में विभाग ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के दौरान कुल 7,707 शिकायतें प्राप्त हुईं थी, जिनमें से 7,428 शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया है। इस प्रकार कुल 96.38 प्रतिशत शिकायतों का समाधान किया गया है। शिकायत निस्तारण का यह उच्च प्रतिशत राज्य सरकार की संवेदनशीलता, जवाबदेही और दिव्यांगजनों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 96.38 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण हुआ हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों में विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं से संबंधित मामले शामिल हैं। इनमें दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान (पेंशन) योजना से संबंधित 7,281 शिकायतें, स्वावलंबन कार्ड से संबंधित 52 शिकायतें और दुकान निर्माण एवं संचालन योजना से संबंधित 67 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इसके अतिरिक्त शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना से संबंधित 23 शिकायतें, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना से संबंधित 69 शिकायतें और अन्य विषयों से जुड़ी 215 शिकायतें दर्ज की गईं थी। कृत्रिम अंग, स्वावलंबन कार्ड समेत अन्य शिकायतों का शत प्रतिशत निस्तारण इसमें स्वावलंबन कार्ड, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना और अन्य कई महत्वपूर्ण योजनाओं से संबंधित शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया गया है। यह उपलब्धि सरकार की दिव्यांगजन हितैषी नीतियों और प्रभावी प्रशासनिक तंत्र का प्रमाण है। प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाएं शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक दिव्यांगजनों की पहुंच को मजबूत कर रही हैं। साथ ही शिकायत निवारण तंत्र को सुदृढ़ बनाकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी दिव्यांगजन को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।  एक फोन कॉल पर दिव्यांगजनों की समस्या हो रही दूर हेल्पलाइन व्यवस्था ने दिव्यांगजनों और शासन-प्रशासन के बीच एक प्रभावी संवाद स्थापित किया है, जिसके माध्यम से लाभार्थी अपनी समस्याएं सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचा सकते हैं। दिव्यांगजन अपनी समस्याओं, शिकायतों और योजनाओं से संबंधित जानकारी के लिए विभाग की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-180-1995 पर संपर्क कर सकते हैं। विभाग की ओर से शिकायतों के समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण के लिए निरंतर निगरानी की जा रही है। दिव्यांगजनों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण कर रहा विभाग इस संबंध में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उप निदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने बताया कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण एवं सशक्तीकरण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त कुल शिकायतों में से 96.38 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण किया गया है। विभाग का सतत प्रयास है कि प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर, पारदर्शी और सरल तरीके से उपलब्ध हो तथा उनकी समस्याओं का भी समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके, ताकि किसी भी दिव्यांगजन को अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े।

सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने आयोजित किया कार्यक्रम

लखनऊ केंद्रीय योजनाओं को योगी सरकार उत्तर प्रदेश में बेहतर तरीके से कार्यान्वित कर रही है। इसी क्रम में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और सोलर दीदियों के सशक्तीकरण के लिए योगी सरकार ने कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें शनिवार को प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत संचालित एमएनआरई सिटी एक्सीलेटर प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षित सोलर दीदियों को ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा द्वारा नियुक्ति पत्र एवं प्रशिक्षण प्रमाणपत्र वितरित किए गए।  इस कार्यक्रम के दौरान सोलर दीदियों को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाणपत्र प्रदान किए गए तथा उन्हें सौर ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार के अवसरों से जोड़ा गया। इस अवसर पर हनुमंत रिन्युवल कंपनी के प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि कंपनी चयनित सोलर दीदियों को ₹14,156 प्रतिमाह मानदेय प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त प्रत्येक चयनित सोलर दीदी को कंपनी द्वारा निःशुल्क 2 किलोवाट रूफटॉप सोलर संयंत्र तथा इंडक्शन स्टोव भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे स्वच्छ ऊर्जा को अपने जीवन में अपनाने के साथ-साथ समाज में इसके प्रचार-प्रसार की प्रभावी भूमिका निभा सकें।  इस कार्यक्रम में उपस्थित एमएनआरई कैप कंसल्टेंट उपकारी नाथ ने बताया कि यह पहल माननीय प्रधानमंत्री के ”सौर ऊर्जा युक्त भारत एवं महिला सशक्तीकरण” के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सोलर दीदियां प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को आवेदन प्रक्रिया, सब्सिडी, रूफटॉप सोलर स्थापना तथा अन्य सौर ऊर्जा संबंधी जानकारी एवं सहायता प्रदान करेंगी। इनके माध्यम से शहरी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ेगी तथा अधिकाधिक परिवार स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा से जुड़ सकेंगे।    उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार द्वारा सिटी एक्सीलेटर प्रोग्राम के अंतर्गत सोलर दीदियों के लिए विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है, जिसका संचालन संबंधित नगर निगमों के माध्यम से किया जाएगा। यह कार्यक्रम महिलाओं को हरित ऊर्जा क्षेत्र में कौशल विकास एवं रोजगार उपलब्ध कराने का एक अभिनव प्रयास है। यह पहल प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ महिला सशक्तीकरण, हरित रोजगार सृजन और स्वच्छ ऊर्जा के प्रसार को नई गति प्रदान करेगी। सोलर दीदियां घर-घर जाकर नागरिकों को रूफटॉप सोलर अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी तथा ऊर्जा सुरक्षा, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।    इस कार्यक्रम में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शम्भु कुमार, यूपीनेडा के निदेशक रविन्दर सिंह, वाराणसी नगर निगम के नगर आयुक्त  हिमांशु नागपाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम था सुबह 10 बजे से लेकिन सात बजे से ही चकरौत पहुंचने लगे लोग

गोंडा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार सुबह बलरामपुर में मां पाटेश्वरी का पूजन कर सभास्थल चकरौत पहुंचे। कटरा व करनैलगंज विधानसभा के बॉर्डर पर आयोजित इस जनसभा में दोनों ही विधानसभाओं के लोग पहुंचे। सुबह दस बजे मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम में सुबह सात बजे से ही लोग पहुंचने लगे। सुबह दस बजे से पहले ही पंडाल लोगों से खचाखच भरा नजर आया और हर ओर भगवा लहराता दिखा।  मुख्यमंत्री योगी के मंच पर पहुंचते ही जनप्रतिनिधियों ने भाषण दिया। जिले के जनप्रतिनिधियों व वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री को भगवान राम की प्रतिमा और गदा भेंट कर उनका स्वागत किया। साथ ही जिला प्रशासन की ओर से उन्हें मां शक्ति की प्रतिमा शक्ति और सेवा के प्रतीक के रूप में भेंट की गई। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनता, कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। मंच पर स्वागत उद्बोधन में कैसरगंज लोकसभा सांसद करन भूषण सिंह ने अपने भाषण में सीएम को बुलडोजर बाबा कहकर संबोधित किया। उनके इतना कहते ही पंडाल में जय  राम व बुलडोजर बाबा की जय के उद्घोष हुआ। वहीं, मुख्यमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि गोंडा ऊर्जावान जनपद है। यहां के युवा ऊर्जावान, अन्नदाता किसान परिश्रमी और बहनें व बेटियां प्रतिभाशाली हैं। इस पर पंडाल में भाजपा के झंडे लहराते रहे। लोग कुर्सियों पर खड़े होकर सीएम का भाषण सुनते नजर आए।  युवाओं ने सराहा सीएम के विकास मॉडल को कटरा निवासी आशीष मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री का भाषण सुनने के लिए सुबह सात बजे से ही आ गया था। जिससे आगे पहुंचकर उन्हें देख भी सके और ठीक से सुन भी सके। उनके साथ आए मनीष, शिवम व अन्य लोगों ने भी मुख्यमंत्री के विकास मॉडल को सराहा। कहा कि बुलडोजर बाबा के राज में जितनी तेजी से बुलडोजर चलता है, उससे ज्यादा तेज गति से विकास का पहिया भी चलता है। इसीलिए सीएम योगी को सुनने आए हैं। इसी तरह करनैलगंज से पहुंचे आलोक मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री का यह कहना कि अच्छे जनप्रतिनिधि चुनें, एकदम सही है। सही जनप्रतिनिधियों को चुनने से ही सही ढंग से विकास होता है।