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मनेन्द्रगढ़ में 23 मार्च को आयोजित होगा रोजगार मेला, युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी का बड़ा मौका

एमसीबी जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र मनेन्द्रगढ़ के तत्वावधान में 23 मार्च 2026 को रोजगार मेला एवं प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाएगा। यह प्लेसमेंट कैंप जिला रोजगार कार्यालय मनेन्द्रगढ़ में सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित होगा, जहां निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस रोजगार मेले में परिशराम ह्यूमन रिसोर्सेस प्राइवेट लिमिटेड, गुरुग्राम (हरियाणा) द्वारा आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए मीटर इंस्टॉलेशन के 50 पदों पर भर्ती की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को 15 हजार से 20 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन प्रदान किया जाएगा तथा उनका कार्यक्षेत्र छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में रहेगा। इस पहल से जिले के आईटीआई योग्य युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार प्राप्त करने का एक बेहतर और सशक्त अवसर मिलेगा। जिला रोजगार कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह रोजगार मेला पूरी तरह निःशुल्क है। इसमें भाग लेने के इच्छुक आवेदकों के लिए ई-रोजगार पोर्टल https://erojgar.cg.gov.in/ अथवा गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध  ÞCG Rojgar पंजीयन ऐप” के माध्यम से पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। केवल पंजीकृत आवेदकों को ही प्लेसमेंट कैंप में शामिल होने की पात्रता प्रदान की जाएगी। जिला प्रशासन ने जिले के योग्य और इच्छुक युवाओं से अपील की है कि वे इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाते हुए रोजगार मेले में सहभागिता करें और निजी क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार संभावनाओं का लाभ प्राप्त कर अपने भविष्य को सशक्त बनाएं।

फास्टैग वार्षिक पास की कीमत एक अप्रैल से बढ़ेगी, छत्तीसगढ़ के हाईवे यात्रियों को होगा नुकसान

रायपुर  राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले वाहन चालकों को एक अप्रैल से फास्टैग वार्षिक पास के लिए अधिक भुगतान करना होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए फास्टैग वार्षिक पास शुल्क 3,000 रुपये से बढ़ाकर 3,075 रुपये कर दिया है। यह नई दर एक अप्रैल से लागू होगी। इसका असर छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर नियमित सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों पर भी पड़ेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुसार शुल्क में यह बढ़ोतरी राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क निर्धारण एवं संग्रहण नियम 2008 के प्रविधानों के तहत की गई है। लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर यात्रा की सुविधा फास्टैग वार्षिक पास गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए उपलब्ध है और इसके जरिये राष्ट्रीय राजमार्गों तथा एक्सप्रेसवे के लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर यात्रा की सुविधा मिलती है। छत्तीसगढ़ में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़ और धमतरी से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर कई टोल प्लाजा संचालित हैं। इन मार्गों पर नियमित आवाजाही करने वाले निजी वाहन चालक इस वार्षिक पास का उपयोग कर रहे हैं। पास लेने के बाद बार-बार टोल भुगतान की जरूरत नहीं होती, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होती है। 31 मार्च तक पुराने दाम पर मौका जो वाहन चालक नियमित रूप से हाईवे पर सफर करते हैं, वे 31 मार्च तक 3,000 रुपये में वार्षिक पास खरीद या रिचार्ज करा सकते हैं। एक अप्रैल से नई दर 3,075 रुपये लागू हो जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के मुताबिक यह वार्षिक पास एक वर्ष की वैधता या 200 टोल क्रॉसिंग तक मान्य रहता है। पास खरीदने के बाद यह दो घंटे के भीतर वाहन के मौजूदा फास्टैग से लिंक होकर सक्रिय हो जाता है। इसके लिए एकमुश्त शुल्क का भुगतान मोबाइल एप या वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है। किन वाहनों को मिलेगी सुविधा फास्टैग वार्षिक पास केवल गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए मान्य है। निजी कार और अन्य निजी उपयोग के वाहन इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। फास्टैग वार्षिक पास योजना की शुरुआत 15 अगस्त 2025 को की गई थी। देशभर में इसे अच्छा प्रतिसाद मिला है और अब तक 56 लाख से अधिक निजी वाहन मालिक इस सुविधा से जुड़ चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था राष्ट्रीय राजमार्गों पर कैशलेस और सुगम यात्रा को बढ़ावा देने में मदद कर रही है। ऐसे होगा पास सक्रिय एकमुश्त शुल्क का भुगतान करने के बाद वार्षिक पास दो घंटे के भीतर वाहन के मौजूदा फास्टैग से लिंक होकर सक्रिय हो जाता है। इसके लिए राजमार्ग यात्रा मोबाइल एप या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भुगतान किया जा सकता है। 

श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम निलंबित

निर्माण श्रमिक पंजीयन में अनियमितता के आरोप में निलंबित रायपुर,  मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना से जुड़े प्रकरण में प्रथम दृष्टया अनियमितता पाए जाने पर जिला जांजगीर-चांपा के श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला पंचायत उपाध्यक्ष, जिला जांजगीर-चांपा द्वारा 02 मार्च 2026 को कलेक्टर को शिकायत भेजी गई थी। इस संबंध में विधानसभा सदस्य बालेश्वर साहू द्वारा विधानसभा में ध्यानाकर्षण के जरिए मुद्दा उठाया गया। इसके बाद कलेक्टर जांजगीर-चांपा द्वारा कराई गई प्राथमिक जांच में निर्माण श्रमिक के पंजीयन में प्रथम दृष्टया अनियमितता परिलक्षित हुई। जांच में पंजीयन आवेदन स्वीकृत करने वाले क्षेत्रीय श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम, कार्यालय श्रम पदाधिकारी जिला जांजगीर- चांपा की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय जांच संस्थित की गई है।        निलंबित श्रम निरीक्षक   मरकाम के निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय कार्यालय सहायक श्रमायुक्त, जिला बिलासपुर निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। यह आदेश श्रमायुक्त के अनुमोदन से अपर श्रमायुक्त (स्थापना), कार्यालय श्रमायुक्त, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर, अटल नगर द्वारा आज सोमवार को जारी किया गया है।  

छात्रावास की छात्राओं के संबंध में प्रसारित खबर भ्रामक एवं तथ्यहीन

जांच में स्पष्ट हुए तथ्य, विधानसभा में स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिया स्पष्टीकरण रायपुर  पोर्टा केबिन हाई स्कूल छात्रावास की तीन छात्राएँ गर्भवती हैं। इस संबंध में शिक्षा विभाग द्वारा मामले की तथ्यात्मक जांच कराई गई, जिसमें उक्त खबर भ्रामक एवं निराधार पाई गई है। उक्त मामले में आज विधानसभा के सदन में सरकार की ओर से स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भी स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि मामले में प्रस्तुत तथ्यों की विस्तृत जांच की गई है। मंत्री ने कहा कि जिन तीन छात्राओं का उल्लेख किया जा रहा है, उनमें से दो छात्राएँ पोर्टा केबिन हाई स्कूल छात्रावास की निवासी नहीं हैं। वे स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम विद्यालय, गंगालूर में अध्ययनरत हैं और अपने घर से ही विद्यालय आना-जाना करती हैं। मंत्री ने आगे बताया कि समाचार में उल्लेखित तीसरी छात्रा पूर्व में पोर्टा केबिन हाई स्कूल छात्रावास में अध्ययनरत थी, लेकिन 18 अक्टूबर 2025 को दीपावली अवकाश में घर जाने के बाद से वह छात्रावास वापस नहीं आई। इसके बाद 6 नवंबर 2025 को छात्रा ने छात्रावास में उपस्थित होकर स्वेच्छा से घर से आना-जाना करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। तब से वह छात्रावास में निवास नहीं कर रही है। मंत्री के अनुसार छात्रा को छात्रावास से निष्कासित नहीं किया गया है, बल्कि उसने स्वयं छात्रावास छोड़कर अन्यत्र रहकर पढ़ाई जारी रखने का निर्णय लिया है। सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि संबंधित छात्राओं एवं उनके अभिभावकों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।  

स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा, छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति के लिए 5 करोड़ का प्रावधान

  नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा का विस्तार, जगरगुंडा और ओरछा में नए आईटीआई 145 शासकीय आईटीआई में आधुनिक मशीन और उपकरणों के लिए 25 करोड़ रुपये 35 आईटीआई में भवन निर्माण और मरम्मत कार्यों के लिए 25 करोड़ का प्रावधान लाईवलीहुड कॉलेज योजना के लिए 33 करोड़, युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण नवा रायपुर में बनेगा अंतर्राष्ट्रीय स्तर का लाईवलीहुड सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी, छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण को 38 करोड़ का बजट रायपुर,   छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र फरवरी-मार्च 2026 में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने विभागीय बजट प्रस्तुत किया। मंत्री ने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास के लिए कृषि, उद्योग, शिक्षा, सेवाएं और प्रौद्योगिकी प्रमुख क्षेत्र हैं। इन क्षेत्रों के विकास के लिए कुशल इंजीनियरों और तकनीकी कौशल से युक्त मानव संसाधन का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। राज्य सरकार तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के समुचित विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। तकनीकी शिक्षा के विस्तार और अधोसंरचना विकास पर जोर   मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि प्रदेश के 33 जिलों में वर्तमान में 4 छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, 2 शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, 1 सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी रायपुर, 1 विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग (छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई) तथा 20 निजी इंजीनियरिंग महाविद्यालय संचालित हैं। वहीं पॉलीटेक्निक क्षेत्र में 3 सीजीआईटी (पॉलीटेक्निक), 35 शासकीय पॉलीटेक्निक, 1 विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग तथा 14 निजी पॉलीटेक्निक संस्थान संचालित हैं। इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में 11 हजार 528 तथा पॉलीटेक्निक संस्थानों में 8,408 सीटें उपलब्ध हैं। तकनीकी शिक्षा विभाग का बजट वर्ष 2018 में 265.49 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर वर्ष 2026-27 में 372.35 करोड़ रुपये हो गया है।          मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि राज्य में विश्वस्तरीय तकनीकी मानव संसाधन तैयार करने के उद्देश्य से रायगढ़, जगदलपुर, कबीरधाम, जशपुर, रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की स्थापना के लिए 12.02 करोड़ रुपये तथा मशीन और उपकरणों की खरीद के लिए 98 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि सीजीआईटी रायगढ़ में अतिरिक्त कक्ष निर्माण और ऑडिटोरियम जीर्णाेद्धार के लिए 2.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।           नया रायपुर स्थित अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के लिए स्थापना अनुदान के रूप में 15 करोड़ रुपये तथा 18 नए पदों के सृजन के लिए 50 लाख  रुपये का प्रावधान किया गया है। गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई के अधोसंरचना विकास हेतु 41.90 करोड़ रुपये की परियोजना में से वर्ष 2026-27 में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त मशीन एवं उपकरण क्रय के लिए 10 करोड़ रुपये तथा स्थापना अनुदान के लिए 20 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। शासकीय पॉलीटेक्निक संस्थान रायपुर (कन्या), दुर्ग, रायगढ़ और धमतरी में मशीन एवं उपकरणों की खरीद के लिए 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। शासकीय कन्या पॉलीटेक्निक रायपुर में 150 सीटर छात्रावास और वाहन स्टैंड निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। विद्यार्थियों के लिए योजनाएं और नवाचार          मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को 4 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण पर ब्याज में राहत प्रदान की जाएगी। इसके लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। छात्र स्टार्टअप और नवाचार नीति के क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिससे छात्रों को स्टार्टअप और नवाचार गतिविधियों में सहायता मिलेगी। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल रायपुर के स्थापना अनुदान एवं परीक्षा प्रतिपूर्ति के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आईटीआई प्रशिक्षण और रोजगार अवसरों का विस्तार          राज्य में वर्तमान में 201 शासकीय तथा 113 निजी आईटीआई संचालित हैं, जिनमें लगभग 61 हजार प्रशिक्षण सीटें उपलब्ध हैं। वर्ष 2025-26 में आईटीआई में प्रवेश के लिए लगभग 76 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिससे युवाओं में व्यावसायिक प्रशिक्षण के प्रति बढ़ती रुचि स्पष्ट होती है। नक्सल प्रभावित ओरछा विकासखंड में नवीन आईटीआई की स्थापना की गई है, जिससे अब राज्य के सभी विकासखंडों में आईटीआई संचालित हो रहे हैं। आईटीआई में मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर टेक्नीशियन तथा ड्रोन टेक्नीशियन जैसे आधुनिक और रोजगारोन्मुख कोर्स शुरू किए जा रहे हैं।              जगरगुंडा (सुकमा) और ओरछा (नारायणपुर) में एजुकेशन सिटी के अंतर्गत नवीन आईटीआई स्थापना, पद सृजन, छात्रावास एवं भवन निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 145 शासकीय आईटीआई में मशीन, औजार और उपकरणों की व्यवस्था के लिए 25 करोड़ रुपये तथा 35 आईटीआई में भवन निर्माण एवं विशेष मरम्मत कार्यों के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।             मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि प्रदेश के 33 जिलों में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र संचालित हैं। वर्ष 2025-26 में 372 प्लेसमेंट कैम्प आयोजित कर 9 हजार 756 युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। वर्ष 2026-27 में रोजगार मेलों के आयोजन के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कौशल विकास को मिलेगा नया प्रोत्साहन           छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के लिए वर्ष 2026-27 में 38 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत अब तक 4 लाख 91 हजार 543 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 2 लाख 72 हजार 754 युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। वर्तमान में 366 संस्थाएं कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रही हैं, जिनमें 212 लघु अवधि के कोर्स संचालित हैं। युवाओं को आधुनिक क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण देने के लिए महिंद्रा एंड महिंद्रा, साइरोनिक्स टेक्नोलॉजी, नांदी फाउंडेशन, द लॉन्ड्री बैग तथा सत्य साई हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ अनुबंध किए गए हैं।          राज्य परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज सोसायटी के लिए वर्ष 2026-27 में 33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत अब तक 67 हजार 118 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। नवा रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कौशल प्रशिक्षण संस्थान के रूप में लाईवलीहुड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी, जिसके लिए भूमि लीज अनुबंध हेतु 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।          मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास … Read more

समानता के मार्ग पर सरकार, “मनखे-मनखे एक समान” हमारा मूल मंत्र : मंत्री गुरु खुशवंत साहेब

अनुसूचित जाति विकास विभाग के लिए 573 करोड़ रूपए की अनुदान मांग पारित अनुसूचित जाति उपयोजना में 12 हजार 970 करोड़ का प्रावधान, छात्रों और आजीविका पर जोर सीजी एसीई, यूपीएससी, सीजीपीएससी सहित बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उड़ान, शिखर और मंजिल’ से मिलेगा युवाओं को विशेष अवसर छात्रावास नहीं मिलने वाले विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना: ढाई करोड़ रूपए का प्रावधान विभिन्न जिलों में छात्रावास भवनों के लिए 25 करोड़ का प्रावधान सतनाम पंथ के तीर्थ स्थलों का होगा विकास, गिरौदपुरी-भण्डारपुरी क्षेत्र में नई सुविधाएं रायपुर अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के विभाग के लिए 12 हजार 970 करोड़ रूपए की अनुदान मांगें विधानसभा में आज पारित कर दी गई है।            मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए अनुसूचित जाति विकास विभाग के अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में कहा कि हमारी सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े अनुसूचित जाति वर्गों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार प्रातः स्मरणीय, विश्ववंदनीय परम् पूज्य बाबा गुरु घासीदास बाबा जी के मनखे-मनखे एक समान के संदेश पर चल रही है। इसी कड़ी में सरकार अनुसूचित जातियों की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए उनके समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है।            मंत्री साहेब  ने बताया कि अनुसूचित जाति कल्याण हेतु 7 करोड़ 15 लाख 39 हजार रुपये तथा अनुसूचित जाति उपयोजना हेतु 565 करोड़ 89 लाख 8 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार कुल बजट 573 करोड़ 4 लाख 47 हजार रुपये बजट का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष के मुख्य बजट 531 करोड़ 17 लाख 64 हजार रुपये की तुलना में 7.88 प्रतिशत अधिक है। अनुसूचित जाति उपयोजना में बड़ा प्रावधान            मंत्री गुरू खुशवंत साहेब ने बताया कि राज्य के मुख्य बजट में अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों के माध्यम से 12,970 करोड़ 2 लाख 45 हजार रुपए का समेकित बजट प्रावधान किया गया है।  यह राशि विकास और अधोसंरचना से जुड़ी योजनाओं पर खर्च की जाएगी। नई योजनाओं पर विशेष ध्यान देते हुए          गुरु खुशवंत साहेब ने सदन में बताया कि बजट में कई नई योजनाओं के लिए प्रावधान किया गया है। इनमें अनुसूचित जाति विकास संचालनालय की स्थापना के लिए 30 नए पदों के सृजन हेतु 2 करोड़ 26 लाख 4 हजार रुपये का प्रावधान शामिल है। परंपरागत चर्म शिल्प व्यवसाय से जुड़े लोगों की आजीविका सुधारने के लिए प्रशिक्षण और सामग्री उपलब्ध कराने हेतु 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। छात्रावास और शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार         मंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 342 प्री-मैट्रिक छात्रावास, 92 पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास और 51 आश्रम संचालित हैं, जिनमें कुल 25 हजार 927 सीटें स्वीकृत हैं। उन्होंने बताया कि भवन विहीन संस्थाओं के लिए नए भवनों के निर्माण हेतु 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर, जशपुर और बेमेतरा जिलों में छात्रावास, क्रीड़ा परिसर और आवासीय विद्यालय बनाए जाएंगे। प्रदेश के बड़े शहरों छात्रावासों में प्रवेश नहीं मिल पाने पर विद्यार्थियों को सहायता देने के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना के अंतर्गत 2 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही विद्यार्थियों के शैक्षणिक अध्ययन भ्रमण के लिए एक करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नई योजना के तहत            अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को उच्च प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने हेतु सीजी-अस्सिटेंस फॉर कम्पेटीटिव एक्जामिनेशन योजना शुरू किया जाएगा। इसके तीन घटक क्रमशः ‘उड़ान’, ‘शिखर’ और ‘मंजिल’ के लिए कुल 7 करोड़ 47 लाख 70 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के माध्यम से इंजीनियरिंग, मेडिकल, यूपीएससी, सीजीपीएससी, एसएससी, रेलवे और बैंकिंग परीक्षाओं की तैयारी हमारे युवा प्रतिभागी कर सकेंगे। धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों का विकास          मंत्री साहेब ने बताया कि सतनाम पंथ के प्रवर्तक गुरु  घासीदास से जुड़े तीर्थ स्थलों के विकास के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। गिरौदपुरी-भण्डारपुरी क्षेत्र में सोलर स्ट्रीट लाइट, सतनाम मार्ग के विकास और सामुदायिक भवन निर्माण के लिए राशि का प्रावधान की गई है। इसके लिए कुल 2.50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण को बढ़ी राशि सरकार ने अनुसूचित जाति बाहुल्य जिलों के विकास के लिए गठित प्राधिकरण के बजट में 25 करोड़ रुपये की वृद्धि करते हुए इसे 75 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है।  मंत्री साहेब  ने कहा कि सामाजिक समरसता के संदेश “मनखे-मनखे एक समान” को आधार बनाकर सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान और विकास के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।    

छत्तीसगढ़ का सामूहिक विवाह बना विश्व रिकॉर्ड, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

6,412 जोड़ों के साथ सामाजिक समरसता के साथ ऐतिहासिक मिसाल रायपुर, छत्तीसगढ़ ने सामाजिक समरसता, जनभागीदारी और संवेदनशील शासन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह समारोह को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। एक ही दिन में हजारों जोड़ों का विवाह संपन्न कराकर छत्तीसगढ़ ने सामाजिक एकता और अंत्योदय की भावना का ऐसा प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसकी देशभर में सराहना हो रही है। 10 फरवरी को राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में पूरे प्रदेश से कुल 6,412 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। इनमें से 1,316 जोड़ों का विवाह रायपुर में प्रत्यक्ष रूप से संपन्न हुआ, जबकि शेष जोड़े प्रदेश के विभिन्न जिलों से वर्चुअल माध्यम से इस ऐतिहासिक आयोजन से जुड़े। सभी विवाह धार्मिक परंपराओं और सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुरूप संपन्न कराए गए, जिससे यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर सामाजिक समरसता और सामूहिक खुशियों का विराट उत्सव बन गया। इस ऐतिहासिक आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया जाना छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और गौरव का विषय है। इस समारोह की विशेषता यह भी रही कि इसमें हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़ों ने अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न किए। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, आपसी सद्भाव और सर्वधर्म समभाव की भावना का जीवंत प्रतीक बन गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सम्मान, विश्वास और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन गई है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों का विवाह बड़ी चिंता का विषय होता था, लेकिन इस योजना ने उस चिंता को दूर कर हजारों परिवारों के जीवन में नई खुशियां और विश्वास का संचार किया है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में की गई थी और वर्तमान सरकार इसे और अधिक व्यापक स्वरूप देते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और सामाजिक समरसता को और मजबूत बनाया जाए। यह ऐतिहासिक आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब शासन की योजनाएं संवेदनशीलता, जनभागीदारी और सामाजिक सहयोग के साथ लागू होती हैं, तब वे केवल सरकारी योजनाएं नहीं रह जातीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा बन जाती हैं। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान करती है।

ओडिशा के कटक में मेडिकल कॉलेज हादसा, मुख्यमंत्री साय ने व्यक्त की संवेदना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा केयर आईसीयू में आग लगने की दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक बताया है। मुख्यमंत्री साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता उनके साथ खड़ी है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। मुख्यमंत्री साय ने महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय को सहने की शक्ति प्रदान करें।

सीएम विष्णु देव साय ने जगन्नाथ मंदिर में टेका माथा, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  आज राजधानी रायपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुँचकर भगवान जगन्नाथ महाप्रभु की भव्य महाआरती में शामिल हुए और विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

4 अप्रैल को दिल्ली में TET अनिवार्यता के खिलाफ होगा बड़ा प्रदर्शन, छत्तीसगढ़ से 25 हजार शिक्षक हिस्सा लेंगे

रायपुर  टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में देशभर के शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन का निर्णय लिया है। इस क्रम में चार अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ से 25 हजार से अधिक शिक्षक भाग लेंगे। आंदोलन की तैयारियों के लिए रायपुर में शिक्षक संगठनों की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शिक्षक नेता केदार जैन, मनीष मिश्रा, रविंद्र राठौर और जाकेश साहू सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले हुई बैठक टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के बैनर तले सभी संगठनों ने टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। बैठक में बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के अनुसार सभी शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है। यदि कोई शिक्षक दो वर्ष के भीतर टीईटी उत्तीर्ण नहीं करता है, तो उसकी नौकरी पर संकट आ सकता है। इस निर्णय को लेकर देशभर के शिक्षकों में असंतोष है। करीब 82हजार शिक्षक टीईटी पास नहीं बैठक में आंदोलन की तैयारियों को मजबूत करने के लिए 21 मार्च को राज्य के सभी जिलों में और 24 मार्च को सभी 146 विकासखंडों में समन्वय बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ में करीब 82 हजार शिक्षक ऐसे हैं जो टीईटी क्वालिफाइड नहीं हैं, जिनमें से अधिकांश की नियुक्ति उस समय हुई थी जब टीईटी अनिवार्य नहीं था। नियम वर्ष 2011 के बाद नियुक्त शिक्षकों पर लागू होगा सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि यह नियम वर्ष 2011 के बाद नियुक्त शिक्षकों पर लागू होगा। ऐसे शिक्षक जिनकी नियुक्ति 2010 के बाद हुई है, उन्हें नियुक्ति के दो सालों के भीतर टीईटी पास करना होगा। कोर्ट ने साफ किया है कि संपूर्ण देश के सभी राज्यों को इस आदेश का पालन करना अनिवार्य है। एक याचिका छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट, बिलासपुर में भी लंबित उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के समान ही एक याचिका छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट, बिलासपुर में भी लंबित है। इसमें शिक्षकों ने टीईटी को पदोन्नति में अनिवार्य रूप से लागू करने की मांग की है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है।