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नटराजन मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, कांग्रेस विधायक आज राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात

भोपाल  सुप्रीम कोर्ट कल कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें उन्होंने अपने राज्यसभा नामांकन पत्रों को खारिज किए जाने को चुनौती दी है। वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने न्यायमूर्ति पीके मिश्रा और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर की पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए इसे अत्यंत तत्काल सुनवाई योग्य मामला बताया और शीघ्र सुनवाई या अंतरिम आदेश की मांग की। अदालत ने उनकी दलीलों पर संज्ञान लेते हुए मामले को कल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया। सिंघवी ने दलील दी कि रिटर्निंग ऑफिसर ने यह कहते हुए नामांकन खारिज किया कि नटराजन ने लंबित आपराधिक मामले की जानकारी नहीं दी, जबकि वास्तव में केवल समन जारी हुआ था और मामले में अभी तक संज्ञान भी नहीं लिया गया था। उन्होंने कहा कि यहां तक कि संज्ञान भी नहीं लिया गया था, फिर भी नामांकन खारिज कर दिया गया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि रिटर्निंग ऑफिसर का निर्णय अवैध, मनमाना और पक्षपातपूर्ण है। साथ ही नामांकन खारिज करने के आदेश को तत्काल रद्द करने की मांग की गई है। याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने मीनाक्षी नटराजन की ओर से पेश होते हुए आरोप लगाया कि उनका नामांकन गलत कानूनी आधार पर संक्षेप में खारिज किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई, लेकिन साथ ही कहा कि वास्तविक कानूनी उपाय चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव याचिका (इलेक्शन पिटीशन) दायर करना है।  मीनाक्षी नटराजन को चुनाव आयोग पर भरोसा पूरे मामले पर मीनाक्षी नटराजन का भी बयान सामने आया था। चुनाव आयोग के दफ्तर से बाहर आकर मीडिया से उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने हमारी बात सुनी है और सिंघवी जी ने पूरे मामले को विस्तार से उनके समक्ष रखा है। हमें संवैधानिक संस्थाओं पर पूरा भरोसा है। हम अपनी लड़ाई आगे भी जारी रखेंगे। चुनाव आयोग के फैसले का इंतजार जो जानकारी सामने आ रही है, इसके मुताबिक कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को करीब 35 मिनट तक चुनाव आयुक्त से  बातचीत की थी। इस प्रतिनिधिमंडल में केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, मीनाक्षी नटराजन, भूपेश बघेल, अभिषेक मनु सिंघवी और विवेक तन्खा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। बाहर आकर प्रेस को ब्रीफ किया था। उसमें सिंघवी ने बताया था कि चुनाव आयोग तक हमने हमारी बात पहुंचा दी है। उन्होंने हमारी बात पर विचार कर फैसला लेने का कहा है। हालांकि ये फैसला कब आएगा, इसका कहीं जिक्र नहीं है। बुधवार रात तक कोई फैसला नहीं आया। अब संभावना जताई जा रही है कि कुछ देर में चुनाव आयोग मामले में अपना फैसला सुना सकता है।  न्याय में इतनी देरी क्यों : सिंघार नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस को आज सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। उनका कहना था कि चुनाव आयोग चाहता तो इस मामले में बुधवार को ही फैसला दे सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में भाजपा उम्मीदवार के मामले में चुनाव आयोग ने निर्णय लिया था, लेकिन इस प्रकरण में आयोग ने कोई विचार नहीं किया। सिंघार ने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर ने नियमों की अनदेखी की है। उन्होंने कहा, "हमने सुप्रीम कोर्ट से तत्काल सुनवाई और निर्णय की मांग की थी। अदालत ने कल का समय दिया है, लेकिन न्याय में इतनी देरी क्यों हो रही है? कई मामलों में रातभर सुनवाई होती रही है।" उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा की कठपुतली की तरह काम कर रहा है और संवैधानिक संस्थाओं का उपयोग रबर स्टांप की तरह किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने विश्वास जताया कि सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को न्यायपूर्ण फैसला देगा। तीनों राज्यसभा सीटें जीत सकती है भाजपा दरअसल, मामले पर चुनाव आयोग की चुप्पी ने कांग्रेस की धड़कनें बढ़ा दी हैं। सूत्रों के अनुसार, आयोग इस मामले में कानूनी राय लेने के बाद फैसला करेगा। यदि तब तक आयोग कांग्रेस के पक्ष में कोई फैसला नहीं करता या खामोश ही रहता है तो भाजपा उम्मीदवार महेश केवट का निर्वाचन तय हो जाएगा। बाकी दो सीटों पर भाजपा उम्मीदवार तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल का निर्वाचन निर्विरोध तय है। ऐसे में प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटें भाजपा बिना लड़े जीत जाएगी। सिंघार बोले- न्याय में देरी क्यों? सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टलने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- कांग्रेस को आज सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा। चुनाव आयुक्त चाहते तो कल इस बारे में निर्णय दे सकते थे। खारिज करना या स्वीकार करना, यह विशेष अधिकार चुनाव आयोग को है। हरियाणा में चुनाव आयोग ने हस्तक्षेप किया था, गुजरात में हस्तक्षेप किया था तो एमपी में क्यों नहीं किया? सिंघार ने भोपाल में मीडिया से कहा- झारखंड में बीजेपी कैंडिडेट को आप (चुनाव आयोग) वैलिड कर सकते हैं तो मीनाक्षी नटराजन के मामले में फैसला क्यों नहीं लिया? इससे स्पष्ट है कि चुनाव आयोग भाजपा के रबर स्टैंप के रूप में काम कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन पर चुनाव आयोग ने कोई विचार नहीं किया। उनके रिटर्निंग ऑफिसर ने स्पष्ट रूप से नियमों की धज्जियां उड़ाईं। सुप्रीम कोर्ट ने कल का समय दिया है। मैं समझता हूं कि इसमें न्याय होगा लेकिन न्याय में इतनी देरी क्यों हो रही है? सुप्रीम कोर्ट इस पर निर्णय आज करता तो बेहतर होता क्योंकि आज नामांकन वापसी की लास्ट डेट है। अदालत के निर्णय के बाद ही करें कार्यवाही वहीं, पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा विधानसभा पहुंचे और अपने समर्थकों के साथ विधानसभा गेट पर नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा की निर्वाचन शाखा भाजपा के इशारे पर काम कर रही है। शर्मा ने कहा कि ऐसी जानकारी मिल रही है कि दोपहर एक से तीन बजे के बीच भाजपा के तीनों राज्यसभा उम्मीदवारों को विजयी घोषित कर प्रमाणपत्र दिए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, "हमने इस पर आपत्ति दर्ज कराई है। मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए विधानसभा की निर्वाचन शाखा को अदालत के निर्णय के बाद ही आगे की कार्रवाई करनी चाहिए।"  कांग्रेस की बैठक में होगी चर्चा गुरुवार को दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक भी आयोजित की गई है। पार्टी ने अपने सभी महासचिवों, प्रदेश प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों को दिल्ली तलब किया है। … Read more

मध्यप्रदेश में BJP की बड़ी जीत! तीनों सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, मीनाक्षी नटराजन केस पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवारों को आज ही जीत का प्रमाण पत्र दे दिया गया। दरअसल, नाम वापसी की समय-सीमा खत्म होने के बाद और केवल तीन पदों के लिए तीन ही नामांकन शेष रहने के चलते सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। ऐसे में रिटर्निंग अधिकारी ने उन्हें प्रमाण पत्र सौंपा है। बता दें कि राज्यसभा चुनाव के लिए आज 11 जून को दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी की अंतिम समय-सीमा तय है। लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद स्थिति यह बन गई कि तीन सीटों के मुकाबले केवल तीन ही उम्मीदवार मैदान में रह गए, जिससे चुनाव निर्विरोध हो गया। जिसके बाद बीजेपी के तीनों राज्यसभा सांसदों का स्वागत पार्टी कार्यालय में करने की भी तैयारी की जा रही है। विधायक दल के बाद ये सभी नव-निर्वाचित सांसद बीजेपी प्रदेश कार्यालय पहुंचेंगे, जहां प्रदेश अध्यक्ष उनका स्वागत करेंगे। इन सीटों से बीजेपी के तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट का राज्यसभा जाना तय हो गया है। हालांकि मीनाक्षी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि अदालत चुनाव होने दे और रिजल्ट घोषित करने पर अपने आदेश का कैप लगा दे. लेकिन अदालत ने दलील दरकिनार कर दी।  गुजरात राज्यसभा चुनाव गुजरात में राज्यसभा की चार सीटों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी के सभी चार उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं. राजू शुक्ल, मानसिंह परमार, मुकेश राठवा और जितेंद्र कंजारिया ने जीत दर्ज की है।  इसके साथ अब राज्यसभा में गुजरात से 11 सांसद है, सभी सांसद बीजेपी के हैं. साल 2029 मे अब अगले राज्यसभा चुनाव होंगे तब तक गुजरात से कांग्रेस का कोई भी सांसद नहीं होगा।  बता दें, राजस्थान में भी तीनों राज्यसभा उम्मीदवार निर्विरोध चुनाव जीते हैं.  दो सीटों पर बीजेपी के सतीश पुनिया और अल्का गुर्जर और एक सीट पर कांग्रेस के नीरज डांगी चुनाव जीत गए हैं।  क्यों आई ऐसी स्थिति? यह पूरा विवाद कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन खारिज होने के बाद शुरू हुआ। बीजेपी ने उन पर आपराधिक मामले की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया था। स्क्रूटनी के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर ने आपत्ति सही मानते हुए उनका नामांकन रद्द कर दिया। इसके बाद कांग्रेस ने इस फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज कराया और सड़क पर प्रदर्शन भी किया। मामला चुनाव आयोग तक पहुंचा, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली। आयोग ने भी आपराधिक मामले की जानकारी छिपाने को आधार मानते हुए नामांकन खारिज रखने का निर्णय बरकरार रखा। फिलहाल कांग्रेस की ओर से मीनाक्षी नटराजन ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। मीनाक्षी के नामांकन रद्द मामले में अब कल होगी सुनवाई 48 घंटे के भीतर कांग्रेस चुनाव आयोग से लेकर इस मामले में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई. कांग्रेस ने डिजिटल याचिका दायर की, लेकिन अब भी मीनाक्षी नटराजन के निलंबन के मामले में कोई राहत की तस्वीर कांग्रेस के लिए दिखाई नहीं दे रही है. चुनाव आयोग की ओर से फिलहाल इस मामले में कानूनी राय ली जा रही है. उधर नामांकन वापसी की तारीख नजदीक आते देख कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट भी पहुंची और याचिका लगाई, लेकिन फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी गई है।  क्या था वो मामला? राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र पर भाजपा ने आपत्ति दर्ज कराई है। भाजपा का आरोप है कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने शपथ पत्र में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित प्रकरण की जानकारी नहीं दी है। इसी आधार पर भाजपा ने उनका नामांकन निरस्त करने की मांग की है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। पार्टी के अनुसार उन्हें केवल अदालत की ओर से नोटिस प्राप्त हुआ था, इसलिए शपथ पत्र में इसका उल्लेख करने का कोई दायित्व नहीं था।

मध्यप्रदेश में बदलेगा मौसम! 34 जिलों में तेज बारिश-आंधी के आसार, 6 जिलों में ओले गिरने का अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। प्रदेश में सक्रिय दो मौसमीय प्रणालियों के कारण प्री-मानसून गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं। बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिला, जबकि गुरुवार को भी ग्वालियर, जबलपुर समेत 34 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 1 जून से लगातार कहीं न कहीं बारिश दर्ज की जा रही है। अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रहने के आसार हैं और मानसून के सक्रिय होने तक प्री-मानसून सिस्टम प्रभावी रहेंगे। ग्वालियर में 43.1 डिग्री, जबलपुर में 40.5 डिग्री, भोपाल में 40.4 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री और इंदौर में 38.9 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय प्री-मानसून सिस्टम, ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। 13 जून को ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड के कुछ जिलों में तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है।  कई जिलों में बदला मौसम बुधवार को छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, कटनी, सतना, मैहर, पन्ना, उमरिया, बैतूल, मंडला, अनूपपुर, शहडोल, जबलपुर, छतरपुर, दमोह, उज्जैन, रतलाम, नरसिंहपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली समेत कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिला। बारिश के बीच गर्मी भी बरकरार एक ओर प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में गर्मी का असर कम नहीं हुआ है। खजुराहो लगातार दूसरे दिन प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों में ग्वालियर का तापमान 43.1 डिग्री, जबलपुर 40.5 डिग्री, भोपाल 40.4 डिग्री, उज्जैन 39.5 डिग्री और इंदौर 38.9 डिग्री सेल्सियस रहा। नौगांव, दतिया, सतना, दमोह और रीवा सहित कई जिलों में भी पारा 42 डिग्री के आसपास या उससे ऊपर दर्ज किया गया। गुरुवार को इन जिलों में बारिश और तेज हवा मौसम विभाग ने ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 60 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है। वहीं भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, उज्जैन, देवास, मंदसौर, रतलाम और आसपास के इलाकों में गर्मी का असर बना रह सकता है। छह जिलों में ओले गिरने की आशंका मौसम विभाग ने मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई है। इन जिलों में तेज हवाओं के साथ मौसम अचानक बदल सकता है। 13 जून को ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र के कुछ जिलों के लिए तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम में बदलाव की यह है वजह मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के पूर्वी हिस्से से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसके अलावा ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण और एक अन्य ट्रफ सक्रिय है। इन सिस्टमों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में आंधी, बारिश और बादलों की गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं। 

मध्यप्रदेश की बेटी का कमाल! प्रिया मालवीय ने इंडियन एयरफोर्स में पाई फ्लाइंग ऑफिसर की रैंक

छिंदवाड़ा   मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की बेटी प्रिया मालवीय ने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है. एएफसीएटी 2025 परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने ऑल इंडिया 113वीं रैंक हासिल की और चयन की अंतिम सूची में जगह बनाई. अब प्रिया भारतीय वायुसेना में अधिकारी के रूप में सेवा देंगी और हैदराबाद में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी. एक साधारण परिवार से निकलकर देश सेवा के अपने सपने को साकार करने वाली प्रिया की यह उपलब्धि प्रेरणादायक कहानी बन गई है. खास बात यह है कि वह छिंदवाड़ा जिले की पहली बेटी हैं, जिन्हें फ्लाइंग ऑफिसर बनने का गौरव मिला है।  पुलिस परिवार से उड़ान तक का सफर प्रिया मालवीय छिंदवाड़ा की निवासी हैं और उनके पिता रवि मालवीय कोतवाली में एएसआई पद पर पदस्थ हैं. बचपन से पिता को वर्दी में देखकर प्रिया के मन में भी देश सेवा का जज्बा पैदा हुआ. उन्होंने अपने इसी सपने को लक्ष्य बनाकर मेहनत शुरू की और आखिरकार उसे हासिल कर लिया।  एएफसीएटी 2025 में शानदार प्रदर्शन प्रिया ने एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) 2025 में ऑल इंडिया 113वीं रैंक हासिल की. इस परीक्षा के बाद उन्होंने एसएसबी इंटरव्यू और मेडिकल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया. इसके बाद अंतिम मेरिट सूची में उनका चयन फ्लाइंग ऑफिसर के पद के लिए हुआ।  प्रिया ने अपनी सफलता पर क्या कहा? आपके लिए और.. ऑनलाइन तैयारी से हासिल की सफलता प्रिया ने बताया कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग का सहारा लिया. उनके अनुसार, सही रणनीति और नियमित अध्ययन की मदद से उन्होंने इस लक्ष्य को हासिल किया. उन्होंने कहा कि हर छात्र को अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्टता और मेहनत के साथ आगे बढ़ना चाहिए।  प्रिया ने गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में बीई की डिग्री प्राप्त की. इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने एयरफोर्स में जाने का लक्ष्य तय किया और एएफसीएटी परीक्षा दी।  प्रिया ने अपनी सफलता को लेकर कहा कि यह उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों का विषय है. उन्होंने अन्य बेटियों को संदेश देते हुए कहा कि उन्हें अपने सपनों को चुनने और पूरा करने का पूरा अधिकार है. उन्होंने कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं, बस उन्हें अवसर और आत्मविश्वास की जरूरत होती है।  पिता बोले- “बेटी ने जीवन सार्थक कर दिया” प्रिया के पिता रवि मालवीय ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है. उन्होंने कहा कि प्रिया हमेशा पढ़ाई के प्रति गंभीर रही और अपनी मेहनत से इस मुकाम तक पहुंची है. उनके शब्दों में, “बेटी ने मेरा जीवन सार्थक कर दिया।  जिले की पहली फ्लाइंग ऑफिसर बनीं प्रिया मालवीय को छिंदवाड़ा जिले की पहली फ्लाइंग ऑफिसर बनने का गौरव हासिल हुआ है. उनकी इस उपलब्धि से जिले में खुशी का माहौल है और युवा उन्हें प्रेरणा के रूप में देख रहे हैं।  अब हैदराबाद में ट्रेनिंग चयन के बाद अब प्रिया मालवीय भारतीय वायुसेना की ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद जाएंगी. यह प्रशिक्षण उनके करियर का अगला महत्वपूर्ण चरण होगा, जहां उन्हें वायुसेना की जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया जाएगा।  प्रेरणा बनी प्रिया की कहानी प्रिया की सफलता यह साबित करती है कि मेहनत और लगन के बल पर छोटे शहरों से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं. उनकी उपलब्धि न केवल छिंदवाड़ा, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है। 

‘किसानों की जिंदगी बदल रही है’— शिवराज सिंह ने बताए 6 बड़े लाभ, सोशल मीडिया पर साझा की जानकारी

भोपाल   केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्यप्रदेश के विदिशा से सांसद शिवराज सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र में विकास और परिवर्तन को लेकर बड़ा दावा किया है। शिवराज ने कहा कि एमपी समेत पूरे देश में किसानों को 6 बड़े फायदे मिल रहे है। जिससे उनका जीवन खुशहाल हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ये जानकारी दी है। बताया कि आज का किसान परंपरागत खेती की सीमाओं से बाहर निकलकर आधुनिक और विकसित खेती पद्दति से आत्मनिर्भर बना है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा – "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में कृषि क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हुए हैं। किसान कल्याण को केंद्र में रखकर बनाई गई नीतियों ने खेती को परंपरागत सीमाओं से निकालकर आधुनिक, विकसित और आत्मनिर्भर बनाया है। इन 12 वर्षों में कृषि की तस्वीर भी बदली है और तकदीर भी। व्यवस्था भी बदली है और विश्वास भी। खेती भी आगे बढ़ी है और किसान भी। – PM-KISAN के माध्यम से ₹4.3 लाख करोड़ से अधिक की राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंची। – MSP पर ₹26 लाख करोड़ से अधिक की खरीद हुई। – 8 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड बने। – 26 करोड़ सॉयल हेल्थ कार्ड दिए गए। – PM फसल बीमा योजना के माध्यम से किसानों को सुरक्षा कवच मिला। – e-NAM ने किसान को खेत से बाजार तक नई ताकत दी। अन्न को वैश्विक पहचान मिली, जलवायु अनुकूल फसल किस्में विकसित हुईं और AI आधारित कृषि सेवाएँ गाँव तक पहुंचीं। इन सब प्रयासों के परिणामस्वरूप खाद्यान्न उत्पादन में 71% की वृद्धि हुई। यह केवल योजनाओं की सफलता नहीं है, यह करोड़ों किसानों के जीवन में आए बदलाव की कहानी है। आज किसान के चेहरे पर मुस्कान है, क्योंकि उसकी मेहनत को सम्मान मिला है। आज किसान के मन में विश्वास है, क्योंकि उसका हक सीधे उसके पास पहुंचा है। आज किसान के खेत में उम्मीद लहलहा रही है, क्योंकि बीज से बाज़ार तक उसके साथ मोदी सरकार खड़ी है।"

प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष पूर्ण होने पर खेड़ापति हनुमान मंदिर में भव्य महाआरती

मंत्री सारंग ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम से छोला मंदिर में हनुमान जी को गदा की अर्पित प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष पूर्ण होने पर खेड़ापति हनुमान मंदिर में भव्य महाआरती भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र सेवा, सुशासन एवं जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने पर सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को भोपाल के सबसे प्राचीन मंदिर छोला स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर में कार्यकर्ताओं के साथ भव्य महाआरती एवं सामूहिक संगीतमय हनुमान चालीसा पाठ किया। मंत्री सारंग ने खेड़ापति हनुमान जी के चरणों में प्रधानमंत्री मोदी के नाम की गदा अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, सुदृढ़ नेतृत्व तथा राष्ट्रसेवा के सफल एवं यशस्वी भविष्य के लिए मंगलकामनाएं कीं। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले 12 वर्षों में विकास, सुशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा, आधारभूत संरचना, आत्मनिर्भरता, डिजिटल नवाचार, गरीब कल्याण एवं वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां प्राप्त की हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने विश्व पटल पर अपनी एक सशक्त, आत्मविश्वासी एवं निर्णायक राष्ट्र के रूप में विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सेवा, समर्पण और सुशासन को राजनीति का आधार बनाकर करोड़ों देशवासियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है। उनके नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने का कार्य किया है। आज भारत आत्मनिर्भरता, नवाचार, आर्थिक प्रगति तथा सांस्कृतिक गौरव के नए युग में प्रवेश कर चुका है। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक निरंतर निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने का गौरवपूर्ण कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं। यह उपलब्धि केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि देश की जनता के अटूट विश्वास, उनके नेतृत्व की स्वीकार्यता तथा राष्ट्रहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। उनका दूरदर्शी नेतृत्व, कार्य संस्कृति एवं राष्ट्र प्रथम का भाव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। नरेला के सभी मंदिरों में आयोजित हुए कार्यक्रम मंत्री सारंग ने बताया कि नरेला विधानसभा के समस्त प्रमुख मंदिरों पर धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन किये गये। इस अवसर पर मंदिरों में पूजन, आरती एवं राष्ट्र की समृद्धि और प्रधानमंत्री मोदी के दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना के लिए विशेष प्रार्थनाएं की गई। उन्होंने बताया कि यह अवसर प्रत्येक भारतीय और कार्यकर्ताओं के लिए गौरव, प्रेरणा और उत्सव का विषय है।  

6 महीने में 6.5 लाख गर्भवतियों की हुई जांच, 1.75 लाख महिलाओं में हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान

भोपाल   मध्यप्रदेश में हाई-रिस्क वाली गर्भवती महिलाओं की संख्या बढ़ रही है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत बीते छह माह में 6.5 लाख गर्भवतियों की जांच में 1.75 लाख को हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी श्रेणी में चिह्नित किया गया। भोपाल में 31.1 फीसदी गर्भवती हाई-रिस्क श्रेणी में पाई गईं। प्रदेश में गर्भवतियों में हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की दर 26.9 प्रतिशत पाई गई। यानी हर 100 गर्भवती महिलाओं में लगभग 27 महिलाएं हाई-रिस्क श्रेणी में पाई गईं। वायु प्रदूषण से भी खतरा भोपाल एम्स के हालिया अध्ययन के अनुसार वायु प्रदूषण के सूक्ष्म कण (पीएम 2.5 और पीएम 10) सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर रहे हैं और ये कण प्लेसेंटा (अपरा) तक पहुंच सकते हैं। प्लेसेंटा में सूजन, ऑक्सीडेंटिव स्ट्रेस बढ़ता है। शिशु तक ऑक्सीजन, पोषक तत्वों की आपूर्ति प्रभावित होती है। गर्भवतियों को खतरे में डाल रहे ये रोग हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी श्रेणी वाली गर्भवतियों में एनीमिया, हाई ब्लड प्रेशर और गर्भकालीन मधुमेह पाया गया। विशेषज्ञों के अनुसार 35 वर्ष से अधिक आयु में गर्भधारण, मोटापा, जुड़वा या बहुभ्रूण गर्भावस्था और पूर्व में गर्भावस्था संबंधी जटिलताओं के कारण भी महिलाओं की स्थिति खतरनाक हो जा रही है। वायु प्रदूषण से प्लेसेंटा को क्या-क्या नुकसान     जहरीले कण प्लेसेंटा के ऊतकों (tissues) को बुरी तरह नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे बच्चे तक पहुंचने वाले रक्त, ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति बाधित होती है।     एम्स के इस शोध में पाया गया कि प्रदूषण के कारण IGFBP3 नामक एक आवश्यक जीन दब जाता है। यह जीन भ्रूण के स्वस्थ विकास के लिए बड़ी भूमिका निभाता है।     सांसों के माध्यम से जहरीले तत्वों में लेड, कैडमियम और एंटीमनी जैसी भारी और जहरीली धातुएं प्लेसेंटा में जमा होने लगती हैं, जो शिशु के मानसिक और शारीरिक विकास को क्षति पहुंचाती हैं। हाई-रिस्क प्रेगनेंसी में खतरे एम्स और अन्य चिकित्सा अध्ययनों में हाईरिस्क प्रेग्नेंसी यानी गर्भावस्था में जटिलताओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है-     प्रीक्लेम्पसिया और हाइपरटेंशन का बड़ा खतरा, इसमें गर्भवती का बीपी असामान्य तरीके से बढ़ जाता है।     प्री-टर्म डिलीवरी के मामले बढ़ना। इसमें 37 सप्ताह से पहले ही गर्भवती को प्रसव पीड़ा शुरू हो जाती है।     इसका सीधा असर गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र पर पड़ता है। इसका असर यह होता है कि जन्म लेने वाले शिशुओं में न्यूरोलॉजिकल और व्यवहार संबंधी बदलाव का जोखिम बढ़ता है।     स्टिलबर्थ होना। यह एक अत्यंत गंभीर मामला है। इसमें गर्भ में ही बच्चे की मृत्यु का खतरा होता है। जानें क्या सावधानियां जरूरी     औद्योगिक इलाकों के साथ ही भारी ट्रैफिक और ज्यादा वायुप्रदूषण वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। अगर जाना पड़ रहा है तो मास्क लगाकर जाएं। मास्क का यूज तब-तब करें जब घर से बाहर निकलना हो। ध्यान दें कि मास्क अच्छी गुणवत्ता वाला जैसे N95 या उससे बेहतर हो।     घर के अंदर भी वायुप्रदूषण का रिस्क बढ़ा है। ऐसे में एयर प्यूरीफायर का यूज करें। घर की खिड़कियां, दरवाजे बंद रखें।     इस दौरान नियमित रूप से जांच करवाने को लेकर अवेयर रहें। समय पर जांच कराएं, पौष्टिक आहार लें। 20 प्रतिशत गर्भवती हाई-रिस्क श्रेणी में 20 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं हाई-रिस्क श्रेणी में आ रही हैं। खून की कमी बीपी, थायराइड और अन्य बीमारियों के साथ ही 35 वर्ष अधिक आयु में शादी करने और प्रदूषण के कारण भी गर्भवतियों में हाई-रिस्क की स्थिति पैदा हो रही है। समय पर जांच कराने से मां और शिशु, दोनों की जान बच सकती हैं। -डॉ. नसीमा, स्त्री रोग विशेषज्ञ, एम्स भोपाल

वन्यजीव संरक्षण में चरवाहों की बढ़ेगी भूमिका, टाइगर फाउंडेशन ने 22.79 करोड़ रुपये की योजनाओं को दी हरी झंडी

भोपाल  मध्य प्रदेश के जंगलों में इंसानों और वन्यजीवों के बीच बढ़ते टकराव (मानव-वन्यजीव संघर्ष) को रोकने के लिए वन विभाग अब एक बेहद जमीनी स्तर का प्लान तैयार कर रहा है। इसके तहत प्रदेश में पहली बार क्षेत्रीय स्तर पर 'चरवाहा सम्मेलन' आयोजित किए जाएंगे। इन सम्मेलनों के जरिए उन ग्रामीणों और चरवाहों को सीधे जागरूक किया जाएगा, जो मवेशी चराने के लिए अक्सर जंगलों के भीतर या संरक्षित क्षेत्रों के आसपास जाते हैं। उन्हें वन्यजीवों के संरक्षण, संवर्धन और खुद की सुरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे। यह महत्वपूर्ण फैसला वन विभाग के प्रमुख सचिव संदीप यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित 'मध्य प्रदेश टाइगर फाउंडेशन समिति' की 22वीं बैठक में लिया गया। प्रमुख सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि फील्ड में पारदर्शिता और काम की रफ्तार बढ़ाने के लिए अब हर तीन महीने में यह बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए। 22.79 करोड़ से सुधरेंगे जंगल के हालात बैठक में वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके रहन-सहन (आवास विकास) को बेहतर बनाने के लिए 22.79 करोड़ रुपये के बड़े बजट को मंजूरी दी गई। इस राशि का उपयोग इन मुख्य कामों में होगा: मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करना: इंसानों और जंगली जानवरों के बीच टकराव रोकने के लिए आधुनिक तकनीक और स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान। ब्लैक बक कैप्चर ऑपरेशन: काले हिरणों के संरक्षण और उनके सुरक्षित रेस्क्यू/स्थानांतरण के लिए विशेष अभियान चलाना। रिसर्च और क्षमता संवर्धन: वन्यजीवों के व्यवहार पर अध्ययन करना और वन अमले को आधुनिक तकनीकों से लैस करना। वार्षिक कार्ययोजना मंजूर: इसके साथ ही समिति ने वर्ष 2026-27 के लिए अपनी एनुअल प्लानिंग को भी हरी झंडी दे दी है। बैठक के दौरान प्रदेश के तमाम टाइगर रिजर्वों (जैसे कान्हा, बांधवगढ़, पेंच आदि) के संचालकों ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया और अपने-अपने क्षेत्रों की जमीनी रिपोर्ट पेश की। बैठक में वन बल प्रमुख सुभरंजन सेन, मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक डॉ. समीता राजौरा, टाइगर सेल के अध्यक्ष एवं अपर पुलिस महानिदेशक सहित राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के सदस्य सचिव भी शामिल हुए। प्रदेश के विभिन्न टाइगर रिजर्वों के संचालकों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भागीदारी की।  

स्ट्रीट वेंडर्स के लिए बड़ी राहत, मुख्यधारा से जोड़ने की मुहिम तेज, 30 जून तक विशेष अभियान

भोपाल  सड़कों और फुटपाथों पर दुकान चलाकर अपनी आजीविका चलाने वाले छोटे कारोबारियों (पथ विक्रेताओं) को डिजीटल, वित्तीय और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। 'प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि' (पीएम स्वनिधि) योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरे प्रदेश में 1 जून से 30 जून तक एक विशेष महा-अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जहां एक ओर जिला मुख्यालयों पर उत्सव का माहौल रहेगा, वहीं दूसरी ओर नगरीय निकायों में 'सेवाएं आपके द्वार' की तर्ज पर काम होगा। बताई जाएंगी प्रेरक कहानियां ना के सफल लाभार्थियों और उनके परिवारों की प्रेरक सफलता की कहानियों को साझा किया जाएगा। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले पथ विक्रेताओं को सम्मानित कर अन्य हितग्राहियों को आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य योजना के प्रति व्यापक जागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक पात्र लोगों को लाभ पहुंचाना है। प्रदेश में राज्य शासन, नगरीय निकायों और ऋणदाता संस्थाओं के सहयोग से अब तक 10 लाख से अधिक पथ विक्रेताओं को योजना का लाभ मिल चुका है। लोक कल्याण मेलों में मिलेगी वित्तीय और डिजिटल सहायता नगरीय निकाय स्तर पर आयोजित लोक कल्याण मेलों के माध्यम से पथ विक्रेताओं को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें- – बिना गारंटी के 15 हजार रुपये तक का ऋण – न्यूनतम ब्याज दर पर वित्तीय सहायता – क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी – डिजिटल लेन-देन के लिए मार्गदर्शन – बैंकिंग सेवाओं तक आसान पहुंच जैसी सुविधाएं शामिल हैं। बैंकर्स-वेंडर्स बैठकें और शिकायतों का समाधान अभियान के दौरान बैंकर्स और पथ विक्रेताओं की विशेष बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिससे बैंकिंग सेवाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हो सके। वहीं नगरीय निकाय सहायता केंद्रों के माध्यम से वेंडर्स की समस्याओं और शिकायतों का त्वरित निराकरण भी किया जाएगा। दूरस्थ क्षेत्रों में लगेंगे स्वनिधि कैंप सेंसस टाउन स्तर पर “स्वनिधि कैंप” आयोजित कर दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पथ विक्रेताओं को योजना से जोड़ा जाएगा। विशेष शिविरों में नए और छूटे हुए पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उनका पंजीयन कराया जाएगा तथा ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र वेंडर योजना के लाभ से वंचित न रहे।  

पारंपरिक खेती से आगे बढ़ रहे किसान, मालवा-निमाड़ में उद्यानिकी और नवाचार आधारित फसलों पर बढ़ा फोकस

मालवा-निमाड़ लंबे समय तक सोयाबीन और पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहे मालवा-निमाड़ में अब खेती का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। किसान आय बढ़ाने और जोखिम कम करने के लिए फल, सब्जी, औषधीय और उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। इंदौर संभाग की रबी 2025-26 समीक्षा और खरीफ 2026 की तैयारियों को लेकर आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में सामने आए जिला-वार प्रस्तुतिकरणों से स्पष्ट हुआ कि क्षेत्र में फसल विविधीकरण अब नीति और व्यवहार दोनों स्तरों पर गति पकड़ रहा है। कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक बर्णवाल ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को कम मूल्य वाली फसलों के बजाय अधिक मूल्य वाली फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और इसका रकबा बढ़ाने की दिशा में योजनाबद्ध प्रयास किए जाने चाहिए। साथ ही वैज्ञानिक खेती, नई तकनीकों और कृषि नवाचारों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। पारंपरिक फसलों से आगे बढ़ रहे किसान आलीराजपुर : फलों और सब्जियों के नए क्लस्टर आलीराजपुर में आम, सीताफल और पपीता जैसी फल फसलों का रकबा लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ ही भिंडी और टमाटर जैसी सब्जियों के उत्पादन को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। जिले में नए बागवानी क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे अधिक किसानों को उन्नत खेती और बेहतर बाजार से जोड़ा जा सके। झाबुआ : तरबूज से बनी नई पहचान झाबुआ ने तरबूज उत्पादन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान स्थापित की है। बढ़ते उत्पादन और बेहतर विपणन व्यवस्था के कारण किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। तरबूज अब जिले की प्रमुख नकदी फसलों में शामिल हो चुका है। बड़वानी : केले से बढ़ रही समृद्धि बड़वानी में केले की खेती किसानों के लिए लाभकारी व्यवसाय बन गई है। यहां उत्पादित केले की मांग देश के साथ-साथ विदेशों तक पहुंच रही है। इसके अलावा किसानों को मिलेट्स उत्पादन के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। खरगोन : सफेद मूसली बना आय का नया आधार खरगोन में सफेद मूसली जैसी औषधीय फसल किसानों की आय का नया स्रोत बनकर उभरी है। वहीं हाईब्रिड मक्का उत्पादन को आधुनिक कृषि नवाचार के रूप में अपनाया जा रहा है, जिससे उत्पादकता और आमदनी दोनों में वृद्धि हो रही है। खंडवा : चिया और कुसुम की बढ़ती खेती खंडवा में चिया, कोदो और कुटकी जैसी फसलों का रकबा बढ़ रहा है। बाजार में अच्छे दाम मिलने से किसानों का इन फसलों की ओर रुझान बढ़ा है। साथ ही कुसुम की खेती को बढ़ावा देकर फसल विविधीकरण को नई दिशा दी जा रही है। धार : ब्लूबेरी के साथ नए प्रयोग धार जिले में ब्लूबेरी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। यह फसल क्षेत्र में उच्च मूल्य वाली बागवानी के नए प्रयोग के रूप में उभर रही है और किसानों के लिए नई संभावनाएं पैदा कर रही है। बुरहानपुर : ड्रिप सिंचाई से बढ़ा मुनाफा बुरहानपुर में ड्रिप सिंचाई तकनीक के माध्यम से केले की खेती को नई दिशा मिली है। पानी की बचत, बेहतर उत्पादन और कम लागत के कारण किसानों की शुद्ध आय में वृद्धि दर्ज की जा रही है। सोयाबीन के विकल्पों पर बढ़ा जोर बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त ने सोयाबीन के विकल्प के रूप में अरहर पूसा-16 के उत्पादन को बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने खेतों में केवल बीटी कपास पर निर्भर रहने के बजाय कपास की अन्य प्रजातियों को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए, ताकि कीट प्रकोप की समस्या को कम किया जा सके। उन्होंने किसानों को जैविक खाद के उपयोग, मिट्टी परीक्षण और वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता बताई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसानों को समय पर बीज और उर्वरक उपलब्ध कराए जाएं तथा कृषि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए। मालवा-निमाड़ में उभरता यह कृषि परिवर्तन संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में क्षेत्र की पहचान केवल सोयाबीन उत्पादक क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि विविध और उच्च मूल्य वाली फसलों के केंद्र के रूप में भी स्थापित हो सकती है।