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भोपाल में भारतीय हार्मोनिका महोत्सव-2026, अनुपम पॉल और सिद्धि सोनी की प्रस्तुति ने जीता दिल

 भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे का सभागार 2 अक्टूबर को माउथ ऑर्गन की सुरीली स्वर लहरियों से गूंज उठा। किसी ने वैष्णव जन तो…, कहता है दिल…, तो किसी ने बार-बार देखो गीत का संगीत बजाया। श्रोता बड़ी देर तक इन स्वर लहरियों में खोए रहे। कलाकार अनुपम पॉल और देश की सुप्रसिद्ध 17 साल की हार्मोनिका वादिका सिद्धि सोनी ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मौका था यहां आयोजित 'भारतीय हार्मोनिका महोत्सव-2026' का। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हार्मोनिका महोत्सव के 13वें संस्करण का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज के इस अवसर पर रोमांचित करने वाले संगीत के साधकों का मध्यप्रदेश सरकार की ओर से हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करता हूं। संगीत के प्रति आपका समर्पण अद्भुत है। संगीत भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा है। असल में कला जगत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 'एक भारत – श्रेष्ठ भारत' की परिकल्पना को साकार करता है। मोदी सरकार कला और संगीत के महान साधकों को पद्म पुरस्कार प्रदान कर उनकी साधना को सम्मानित कर रही है। भोपाल का कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह माउथ ऑर्गन की सुरीली स्वर लहरियों से गूंज उठा। किसी ने वैष्णव जन तो…, कहता है दिल…, तो किसी ने बार-बार देखो गीत का संगीत बजाया। श्रोता बड़ी देर तक इन स्वर लहरियों में खोए रहे। कलाकार अनुपम पॉल और देश की सुप्रसिद्ध 17 साल की हार्मोनिका वादिका सिद्धि सोनी ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मौका था यहां आयोजित 'भारतीय हार्मोनिका महोत्सव-2026' का। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हार्मोनिका महोत्सव के 13वें संस्करण का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। भारतीय माउथ आर्गन वादकों के सम्मेलन में सीएम मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि 16 प्रदेशों से 180 प्रतिभागी वादक भोपाल आए हैं। यह एमपी का 13वां संस्करण है। पाल साहब ने गंगा किनारे कोलकाता से यह सफर शुरू किया था। जहां आप कार्यक्रम कर रहे हैं, वो राज्य तानसेन, बैजूबावरा, कुमार गंधर्व से जुड़ा है। सांदीपनी की नगरी कालों में काल महाकाल मानव सृष्टि का यह अपने आप में उदाहरण है। मोहन यादव ने कहा कि हमारे महाकाल मंदिर प्रांगण में प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इस में बताया गया था कि हमें पहला वाद्य बनाने की जो प्रेरणा मिली, जब पानी की बूंद जब तालाब पर गिरती है तो ध्वनि निकलती है तो डमरू की कल्पना हुई। यह हमारा पहला वाद्य था जो महादेव का वाद्य है। मोहन यादव ने कहा कि जैसे ही महादेव को हमने स्मरण किया, भगवान कृष्ण की बांसुरी भी जो वाद्य है। बांस में सात स्वर बनते हैं। साधकों का स्वागत मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा है कि आज के इस अवसर पर रोमांचित करने वाले संगीत के साधकों का मध्यप्रदेश सरकार की ओर से हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करता हूँ। संगीत के प्रति आपका समर्पण अद्भुत है। संगीत भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा है। असल में कला जगत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “एक भारत – श्रेष्ठ भारत” की परिकल्पना को साकार करता है। मोदी सरकार कला और संगीत के महान साधकों को पद्म पुरस्कार प्रदान कर उनकी साधना को सम्मानित कर रही है। संगीत की विधा को ऊंचाइयों तक ले जाएगा ये कार्यक्रम कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि हारमोनिका एसोसिएशन द्वारा भोपाल में आयोजित देश के 13वें सम्मेलन में सहभागी देशभर से पधारे माउथ ऑर्गन कलाकारों का मध्यप्रदेश की पावन धरा पर हार्दिक स्वागत है। संगीत और कला भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत के अभिन्न अंग हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कला, संगीत एवं संस्कृति को प्रोत्साहित करने तथा कलाकारों को सम्मान और उचित मंच प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुझे विश्वास है कि यह सम्मेलन देशभर के कलाकारों को एक मंच पर लाने के साथ-साथ संगीत की इस मधुर विधा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अमित शाह के भोपाल दौरे से पहले CM मोहन यादव का बड़ा बयान, ‘नशामुक्त’ MP पर फोकस

 भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने एक बार फिर दोहराया है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में मध्यप्रदेश नक्सलमुक्त हुआ है। इसी के साथ ही हमारा राज्य अब शीघ्र नशामुक्ति की ओर अग्रसर है। अमित शाह शुक्रवार रात को भोपाल पहुंचने वाले हैं, शनिवार को भोपाल में कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। डा. मोहन यादव ने यह बात गांधी जयंती के मौके पर संबोधित करते हुए कही। मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल आ रहे हैं। इस दौरान राज्य में गोपालक सम्मेलन के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने तथा आइसर के माध्यम से हमारी युवा पीढ़ी के कौशल विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा का उद्घाटन समेत विभिन्न विकास कार्यों की सौगात प्रदेश को मिलेगी। राज्य स्तरीय गौपाल सम्मेलन भोपाल में राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन भोपाल में होगा। इसमें विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ और भूमिपूजन होगा। दुग्ध उत्पादकों को बोनस राशि का वितरण किया जाएगा। गौपालक दीदियों का सम्मान होगा। वहीं डा. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र का वितरण किया जाएगा। आजादी के बाद मिल रही है पहचान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री को नमन किया। इसके बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि हम सबका सौभाग्य है कि आजादी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का लोकतंत्र पूरी दुनिया में सर उठाकर अपनी पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री मोदी महात्मा गांधी की भावनाओं और स्वदेशी के विचार को आगे बढ़ाते हुए देश को आत्मनिर्भरता की दिशा में ले जा रहे हैं। कांग्रेस ने अंग्रेजों की सोच को आगे बढ़ाया उन्होंने कहा कि लंबे समय तक देश पर कांग्रेस ने शासन किया, लेकिन उस दौर में अंग्रेजों की सोच और उनकी व्यवस्थाओं की विरासत को ही आगे बढ़ाया गया। आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम "मेक इन इंडिया" और "मेड इन इंडिया" की भावना के साथ स्वदेशी को आगे बढ़ाते हुए आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार कर रहे हैं। यह भी हमारे लिए गर्व का विषय है कि आज हम देश की आजादी के दो नायकों की जयंती मना रहे हैं। कैप्टन मछार ने किया सीना गर्व से चौड़ा भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने इजरायल के यात्री विमान में अपनी जान की बाजी लगाकर यात्रियों की जान बचाने का अद्भुत साहस दिखाया। उनके इस गौरवपूर्ण कार्य से प्रत्येक भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। उन्होंने न केवल यात्रियों की जान बचाई, बल्कि आतंकवादियों के नापाक मंसूबों को भी तार-तार करने का काम किया। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मछार को बधाई दी है। हम सभी देश और प्रदेशवासी भी उनके इस अदम्य साहस, शौर्य और मानवता की भावना को नमन करते हैं तथा उन्हें हार्दिक बधाई देते हैं।

सेवा संकल्प अभियान: नगरीय निकायों में लगेंगे BLC कैंप, 30 हजार नए आवासों का लक्ष्य

सेवा संकल्प अभियान-प्रदेशभर के नगरीय निकायों में लगेंगे BLC कैंप 17 अक्टूबर तक 30 हजार नवीन आवासों की स्वीकृति का लक्ष्य भोपाल प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को पक्के आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 'सेवा संकल्प अभियान' चलाया जा रहा है। यह विशेष अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत आगामी 17 अक्टूबर तक प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में 30 हजार नवीन आवासों की स्वीकृति देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। BLC कैंपों के माध्यम से हितग्राहियों को दी जाएगी सुविधा निर्धारित लक्ष्य की समयसीमा में पूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर के नगरीय निकायों में विशेष BLC (Beneficiary Led Construction) कैंपों का आयोजन किया जा रहा है। इन कैंपों का मुख्य उद्देश्य पात्र हितग्राहियों तक योजना की संपूर्ण जानकारी पहुंचाना, पात्रता मानदंडों और आवश्यक दस्तावेजों से अवगत कराना तथा आवास स्वीकृति की पूरी प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाना है। नगरीय निकायों के लिए निर्धारित किए गए न्यूनतम लक्ष्य नगरीय विकास एवं आवास विभाग आयुक्त संकेत भोंडवे ने सभी नगरीय निकायों को समयसीमा में लक्ष्य हासिल करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत प्रशासनिक स्तर पर नगर परिषदों को न्यूनतम 50 नवीन आवास, नगर पालिकाओं को न्यूनतम 100 नवीन आवास तथा नगर पालिका निगमों को न्यूनतम 500 नवीन आवासों की स्वीकृति का लक्ष्य दिया गया है। किस्त वितरण में तेजी और निर्माण कार्यों को गति देने के निर्देश आयुक्त भोंडवे ने BLC कैंपों के जरिए अधिक से अधिक पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, उन्होंने पूर्व में स्वीकृत आवासों के पात्र हितग्राहियों को प्रथम एवं द्वितीय किस्त का शत-प्रतिशत और समय पर वितरण सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा सके और हितग्राहियों को आर्थिक सहायता सुलभ हो सके। प्रदेश सरकार का उद्देश्य सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से नगरीय क्षेत्रों में हर पात्र परिवार तक पक्के मकान का लाभ पहुंचाना और योजना के क्रियान्वयन को अधिक पारदर्शी एवं व्यापक बनाना है।  

“सेवा, जनसंवाद और जनभागीदारी का संदेश लेकर आगे बढ़ रही सेवा संकल्प यात्रा” — राज्य मंत्री जायसवाल

अनूपपुर   ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत वडनगर से वाराणसी तक निकाली जा रही सेवा संकल्प यात्रा के तहसील कोतमा क्षेत्र में प्रवेश करने पर ग्राम पंचायत छुल्हाटोला के ग्राम बिझहाटोला स्थित सेमरिया चौक पर कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने सेवा यात्रियों का आत्मीय स्वागत किया। इसके बाद यात्रा देवगांव, पिपरिया, बंजारी चौक, गोविंद मनिहारी रोड एवं बिरसा मुंडा चौक सहित विभिन्न स्थानों से होकर आगे बढ़ी, जहां नागरिकों ने पुष्पमाला एवं पुष्पवर्षा कर उत्साहपूर्वक अभिनंदन किया। बिरसा मुंडा चौक पर महापुरुष की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। यात्रा पथरौडी तिराहा, बैरियर एवं बेहाटोला होते हुए बेलियाछोट स्थित वेयरहाउस के पास पहुंची। यहां भी नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर सेवा यात्रियों का स्वागत किया।बेलियाछोट में आयोजित चौपाल में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। चौपाल को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि सेवा संकल्प यात्रा सेवा, जनसंवाद, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष देश और जनता की सेवा के लिए समर्पित किए हैं। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को सेवा एवं विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य मंत्री ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत रक्तदान, चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता, आंगन मिलन सहित विभिन्न जनसेवा एवं जनकल्याणकारी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने युवाओं एवं नागरिकों से इन गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री बलवीर रमन, नगर पालिका बिजुरी की अध्यक्ष सहबिन पनिका, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कोतमा टी.आर. नाग सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधिगण, सामाजिक कार्यकर्ता तथा आम नागरिक उपस्थित रहे।

झांसी की महिला को पन्ना की खदान में एक साथ मिले 4 हीरे, कुल वजन 5 कैरेट से ज्यादा

  मध्य प्रदेश के पन्ना की धरती एक बार फिर बेशकीमती हीरों को लेकर सुर्खियों में है। यहां उत्तर प्रदेश की रहने वाली एक महिला की किस्मत उस वक्त चमक उठी, जब उसे एक ही खदान से एक साथ चार हीरे मिले। चारों हीरों का कुल वजन पांच कैरेट से अधिक बताया जा रहा है। इन हीरों की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी जा रही है। महिला ने सभी हीरों को पन्ना के हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है। जानकारी के अनुसार, पन्ना के सरकोहा क्षेत्र में स्थित निजी खदान में उत्तर प्रदेश के झांसी की रहने वाली गुड्डी श्रीवास ने हीरा तलाशने के लिए खदान लगाई थी। लंबे समय से मेहनत कर रही गुड्डी श्रीवास को आखिरकार वह सफलता मिल गई, जिसका इंतजार हीरा खदान में काम करने वाले हर व्यक्ति को रहता है। खदान में काम के दौरान गुड्डी श्रीवास को एक साथ चार हीरे मिले। चारों हीरों का कुल वजन 5 कैरेट से अधिक बताया जा रहा है। जैसे ही हीरे मिलने की जानकारी सामने आई, महिला और उसके परिवार में खुशी का माहौल बन गया। गुड्डी श्रीवास ने हीरों को अपने पास रखने के बजाय नियमानुसार पन्ना के हीरा कार्यालय में जमा कराया है। अब इन हीरों को आगामी नीलामी में रखा जाएगा। नीलामी के बाद इनकी वास्तविक कीमत सामने आएगी। फिलहाल इन चारों हीरों की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है। झांसी से आकर पन्ना में लगाई खदान गुड्डी श्रीवास का कहना है कि वह झांसी की रहने वाली हैं और पन्ना में रहकर हीरा खदान में काम कर रही थीं। एक साथ चार हीरे मिलने से वह बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि हीरों की नीलामी से मिलने वाली राशि का उपयोग वह अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और घर-गृहस्थी की जरूरतों को पूरा करने में करेंगी। रातों-रात बनी लखपति पन्ना की धरती कब किसकी किस्मत बदल दे, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। सरकोहा की निजी खदान में गुड्डी श्रीवास को मिले चार हीरे भी इसी उम्मीद की कहानी बयां कर रहे हैं। अब सभी की नजर इन हीरों की नीलामी पर है, जहां इनकी वास्तविक कीमत तय होगी।  

गांधी जयंती पर खादी ग्रामोद्योग भवन पहुंचे CM यादव, चरखा चलाकर दिया स्वदेशी का संदेश

खादी अपनाएं, स्वदेशी अपनाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर खादी ग्रामोद्योग भवन पहुंचे मुख्यमंत्री राष्ट्रपिता को नमन किया, चरखा चलाया, खादी वस्त्रों की खरीदारी की और विजिटर बुक में लिखा संदेश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर जवाहर चौक स्थित खादी ग्रामोद्योग भवन पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर सूत की माला पहनाकर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां चरखा चलाया, खादी वस्त्रों की खरीदारी की और विजि़टर बुक में अपना अनुभव संदेश भी अंकित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां खादी वस्त्रों के निर्माण से लेकर उनकी मार्केटिंग और इन वस्त्रों के विक्रय की सम्पूर्ण प्रक्रिया की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खादी भंडार आए खरीदारों से चर्चा की और कहा कि खादी से प्रेम बनाए रखें, हमेशा खादी अपनाएं और स्वदेशी की ओर बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि हम सबको वोकल फॉर लोकल होने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खादी के वस्त्रों की खरीदारी की। गांधी जयंती के अवसर पर आज खादी वस्त्रों की खरीदी पर 20 प्रतिशत की छूट दी जाती है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने खरीदारी कर यूपीआई से ऑनलाइन पेमेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विजिटर्स बुक में अपना संदेश अंकित करते हुए लिखा कि – आजादी के पूर्व स्वालंबन एवं ग्राम स्वराज के साथ आजादी की ललक लिये, देशभर में महात्मा गांधी ने खादी तथा सूत कातते हुये जो देशभक्ति और जनभावनाओं की जो अलख जगाई, वह कालातीत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुन: इसी भाव को पुर्नस्थापित करते हुए खादी के प्रति पूरे देश का प्रेम एवं अपनत्व जोड़ा है। आइये हम सब खादी अपनायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता के साथ विकास के पथ पर अग्रसर है। महात्मा गांधी ने अपने जीवन में स्वदेशी को मूलमंत्र बनाया था। उन्होंने विदेशी वस्तुओं और कपड़ों का बहिष्कार कर कपास से निर्मित स्वदेशी खादी को प्रोत्साहित किया। ब्रिटिश सत्ता को उखाड़ फेकने और भारतीय स्वाधीनता आंदोलन से जन-जन को जोड़ने के लिए यही खादी गांधी जी का अमोघ अस्त्र सिद्ध हुई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में खादी ग्रामोद्योग के माध्यम से प्रदेश के कपास उत्पादक किसानों को भी अपनी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है। स्वदेशी खादी को प्रोत्साहन मिलने से हमारी भारतीय मुद्रा देश से बाहर नहीं जाती है और इसी से हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खादी वस्त्र निर्माण से जुड़े नागरिक स्वाभिमान के साथ जीवन जियें, इस भाव को बनाए रखने के लिए गांधी जयंती के अवसर पर हम सभी प्रदेशवासी खादी और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का संकल्प लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खादी भंडार में खरीदारी कर रहे लोगों से चर्चा की और खादी के प्रति लगाव की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खरीदारी कर रही सुविजयलक्ष्मी यादव से पूछा किस कक्षा में पढ़ती हो ? बालिका ने बताया सर, मेरा आज ही बीएससी बीएड का रिजल्ट आया है, जिसमें वह पास हो गई है। इसपर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्न होकर विजयलक्ष्मी को आशीर्वाद देकर उपहार स्वरूप अपना पेन दिया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक भगवानदास सबनानी, समाजसेवी रविन्द्र यति, राहुल कोठारी, अमन यादव, अन्य जनप्रतिनिधि एवं खादी भंडार के स्टाफर्स उपस्थित थे।  

भोपाल मंडल में रेलवे का बड़ा ब्लॉक, अक्टूबर में 22 ट्रेनें रद्द और 23 के बदले रूट

भोपाल भोपाल रेलवे के अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर और रीमॉडलिंग कार्यों के कारण अक्टूबर में भोपाल मंडल से गुजरने वाली ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। बीना-आगासौद यार्ड रीमॉडलिंग, कसारा में तीसरी रेल लाइन और कोटा जंक्शन पर चल रहे निर्माण कार्य के कारण 22 ट्रेनें पूरी तरह निरस्त रहेंगी। 23 ट्रेनों के रूट बदले गए हैं, जबकि 2 ट्रेनें आंशिक रूप से निरस्त रहेंगी। बीना स्टेशन पर प्री-एनआई/एनआई कार्य और आगासौद यार्ड के काम के कारण दो जोड़ी स्पेशल ट्रेनों के कुल 12 फेरे भी निरस्त रहेंगे। 22 ट्रेनें पूरी तरह निरस्त रेलवे के अनुसार ये 22 ट्रेनें निरस्त रहेंगी:     64618 ललितपुर-बीना मेमू: 15 अक्टूबर तक।     64617 बीना-ललितपुर मेमू: 15 अक्टूबर तक।     61619 बीना-कटनी मुड़वारा मेमू: 15 अक्टूबर तक।     61620 कटनी मुड़वारा-बीना मेमू: 15 अक्टूबर तक।     12192 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन श्रीधाम एक्सप्रेस: 14 अक्टूबर तक।     12191 हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस: 15 अक्टूबर तक।     61611 बीना-रूठियाई मेमू: 16 अक्टूबर तक।     61612 रूठियाई-बीना मेमू: 16 अक्टूबर तक।     61625 बीना-रूठियाई मेमू: 16 अक्टूबर तक।     61626 रूठियाई-बीना मेमू: 16 अक्टूबर तक।     12197 भोपाल-ग्वालियर इंटरसिटी: 15 अक्टूबर तक।     12198 ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी: 15 अक्टूबर तक।     11086 ग्वालियर-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस: 9 अक्टूबर को।     11085 एसएमवीटी बेंगलुरु-ग्वालियर एक्सप्रेस: 4 और 11 अक्टूबर को।     22161 भोपाल-दमोह राज्यरानी एक्सप्रेस: 9 से 15 अक्टूबर तक।     22162 दमोह-भोपाल राज्यरानी एक्सप्रेस: 10 से 16 अक्टूबर तक।     22163 भोपाल-खजुराहो महामना एक्सप्रेस: 15 अक्टूबर को।     22164 खजुराहो-भोपाल महामना एक्सप्रेस: 15 अक्टूबर को।     01925 कानपुर सेंट्रल-मदुरै स्पेशल: 7 और 14 अक्टूबर को।     01926 मदुरै-कानपुर सेंट्रल स्पेशल: 3, 10 और 17 अक्टूबर को।     04149 प्रयागराज-यशवंतपुर स्पेशल: 7 और 14 अक्टूबर को।     04150 यशवंतपुर-प्रयागराज स्पेशल: 3, 10 और 17 अक्टूबर को। 2 ट्रेनें आंशिक रूप से निरस्त 11271 इटारसी-भोपाल एक्सप्रेस: 9 से 15 अक्टूबर तक दमोह पर शॉर्ट टर्मिनेट होगी। दमोह-भोपाल के बीच संचालन निरस्त रहेगा। कुल 7 ट्रिप। 11272 भोपाल-इटारसी एक्सप्रेस: 9 से 15 अक्टूबर तक दमोह से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी। भोपाल-दमोह के बीच संचालन निरस्त रहेगा। कुल 7 ट्रिप। कसारा में तीसरी लाइन का काम, 23 ट्रेनों के रूट बदले कसारा में तीसरी रेल लाइन के काम के कारण इन ट्रेनों को बदले हुए रूट से चलाया जाएगा:     कल्याण-करजत-पुणे-मनमाड रूट:12598 सीएसएमटी-गोरखपुर (14 अक्टूबर), 11043 दादर-बलिया (14 अक्टूबर), 22121 एलटीटी-लखनऊ (17 अक्टूबर), 11071 एलटीटी-बलिया (17 अक्टूबर), 11047 दादर-गोरखपुर (17 अक्टूबर), 12107 एलटीटी-सीतापुर (17 अक्टूबर), 12546 एलटीटी-रक्सौल (17 अक्टूबर) और 20435 एलटीटी-प्रयागराज (17 अक्टूबर)।     जलगांव-नंदुरबार-बसई रोड-ठाणे/पनवेल रूट:12533 पुष्पक एक्सप्रेस (16 अक्टूबर), 15066 पनवेल-गोरखपुर (17 अक्टूबर), 15018 गोरखपुर-एलटीटी (16 अक्टूबर), 12172 हरिद्वार-एलटीटी (16 अक्टूबर), 22537 कुशीनगर एक्सप्रेस (16 अक्टूबर), 12617 एर्नाकुलम-एलटीटी (16 अक्टूबर), 13202 एलटीटी-राजगीर (17 अक्टूबर), 22221 सीएसएमटी-निजामुद्दीन राजधानी (17 अक्टूबर), 12137 पंजाब मेल (17 अक्टूबर), 20436 प्रयागराज-एलटीटी (16 अक्टूबर) और 02198 जबलपुर-कोयम्बटूर स्पेशल (16 अक्टूबर)।     मनमाड-पुणे-लोनावला-कल्याण रूट:15660 अगरतला-एलटीटी (15 अक्टूबर), 12166 गोरखपुर-एलटीटी (16 अक्टूबर), 11058 अमृतसर-सीएसएमटी (16 अक्टूबर) और 12335 भागलपुर-एलटीटी (16 अक्टूबर)। कोटा में भी ट्रेनों का संचालन बदला 18 अक्टूबर तक कोटा जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर पुनर्विकास कार्य चलेगा। इसके कारण:     61634/61633 बीना-कोटा-बीना पैसेंजर: सोगरिया स्टेशन पर ही शॉर्ट टर्मिनेट और वहीं से ओरिजिनेट होगी। कुल 20 फेरे।     14814/14813 भोपाल-जोधपुर-भोपाल और 12181/12182 जबलपुर-अजमेर-जबलपुर एक्सप्रेस: कोटा जंक्शन को बायपास कर गुरला-सोगरिया मार्ग से चलेंगी। हमसफर एक्सप्रेस के कैंसिलेशन की तारीख बदली पहले 22169 रानी कमलापति-संतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस को 14 अक्टूबर और 22170 संतरागाछी-रानी कमलापति हमसफर को 15 अक्टूबर को निरस्त बताया गया था। 28 सितंबर के संशोधित आदेश के बाद अब ये अक्टूबर वाली कैंसिलेशन लागू नहीं होगी। 22169 का 9 दिसंबर और 22170 का 10 दिसंबर 2026 का फेरा निरस्त रहेगा। अक्टूबर में दोनों ट्रेनों का संचालन सामान्य रहेगा। यात्रा से पहले ट्रेन का स्टेटस जांचें ट्रेनों के निरस्त होने और रूट बदलने से यात्रियों की यात्रा प्रभावित होगी। रेलवे ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले रेल मदद 139, NTES, Rail One ऐप या अधिकृत रेलवे सूचना माध्यमों से ट्रेन का स्टेटस, समय और रूट जांचने की अपील की है।

गांधी जयंती पर राज्यपाल पटेल बोले- उच्च आदर्शों को जीवन में उतारने का दिन

गांधी जयंती, उच्चादर्शों को जीवन में उतारने का प्रेरणा दिवस : राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल सर्वधर्म प्रार्थना सभा में हुए शामिल गांधी भवन न्यास की प्रतियोगिता विजेताओं को किया पुरस्कृत भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि गांधी जयंती केवल महात्मा गांधी को स्मरण करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके उच्चादर्शों को अपने आचरण में उतारने का प्रेरणा दिवस है। उन्होंने कहा कि सर्वधर्म प्रार्थना सभा में गाए जाने वाले भजनों के संदेश का प्रतिदिन चिंतन करें और उन्हें जीवन में उतारने का प्रयास करें। यही महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। राज्यपाल की प्रेरणा पर उपस्थित जनों ने क्रोध नहीं करने का संकल्प भी लिया। राज्यपाल पटेल शुक्रवार को गांधी भवन में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में शामिल हुए। उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर सूत की माला और गांधी स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने स्मार्ट टीवी का लोकार्पण किया। कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने ‘आओ जानें गांधी को’ प्रतियोगिता के पुरस्कृत छात्र-छात्राओं के साथ समूह चित्र में सहभागिता की। राज्यपाल पटेल ने कहा कि जीवन की सार्थकता अच्छा इंसान बनने और देश-समाज के लिए कार्य करने में है। जीवन में जो अच्छा है, उसे आचरण में उतारने का निरंतर प्रयास करना चाहिए और बुराई से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यसन और नशे से मुक्त जीवन आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने नशा-मुक्त समाज के निर्माण का आह्वान करते हुए माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने, उसकी देखभाल करने तथा जल और विद्युत संरक्षण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितम्बर के प्रसंग में 17 अक्टूबर तक संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत रक्तदान और समाजसेवा के कार्यों में सहभागिता के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि गांधी जयंती और विश्व अहिंसा दिवस पर आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा भारत की उस महान परंपरा की कड़ी है, जिसमें सभी धर्मों के प्रति सम्मान और सद्भाव का भाव है। भारत की शक्ति विविधता में एकता में निहित है। उन्होंने पुरस्कृत विद्यार्थियों से कहा कि राष्ट्रपिता गांधी को पढ़ने के साथ उनके विचारों और आदर्शों को जीवन में उतारने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता गांधी का प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये’ संत कवि नरसिंह मेहता की रचना है, जिसमें परोपकार, करुणा, सत्य, समानता, विनम्रता और निष्काम सेवा जैसे जीवन-मूल्य समाहित हैं। भजन मनुष्य को लोभ, मोह, काम, क्रोध और अहंकार से दूर रहकर सभी का सम्मान करने की प्रेरणा मिलती है। ‘आओ जानें गांधी को’ प्रतियोगिता के विजेताओं को किया पुरस्कृत राज्यपाल पटेल ने गांधी भवन न्यास, भोपाल द्वारा महात्मा गांधी के विचारों और आदर्शों के प्रसार के उद्देश्य से आयोजित अंतर-विद्यालयीन ‘आओ जानें गांधी को’ प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने सहयोगी विद्यालयों के शिक्षकों, निर्णायक मंडल, पर्यवेक्षकों और स्वयं सेवकों को स्मृति-चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में वाद-विवाद, कविता लेखन, पत्र लेखन, चित्रकला, महात्मा गांधी के प्रिय भजन, लघु नाटिका, मोबाइल रील और डॉक्यूमेंट्री सहित विभिन्न विधाओं में विद्यार्थियों ने सहभागिता की। प्रार्थना सभा के पहले महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लालबहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल को न्यास के पदाधिकारियों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता भ्रमर मेघवंशी, सुनलिनी नावरेकर, गांधी न्यास के अध्यक्ष महेश सक्सेना सहित विद्यार्थी, शिक्षक, युवा और नागरिकगण उपस्थित थे। प्रारंभ में गांधी भवन न्यास के पदाधिकारियों ने राज्यपाल पटेल का स्वागत किया। सचिव अंकित मिश्रा ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा कोषाध्यक्ष राजेश बादल ने आभार व्यक्त किया।     

स्वजातीय स्वर्णकार समाज की बैठक अनूपपुर में संपन्न अशोक सोनी बने अनूपपुर जिले के प्रभारी

स्वजातीय स्वर्णकार समाज की बैठक अनूपपुर में संपन्न अशोक सोनी बने अनूपपुर जिले के प्रभारी  अनूपपुर में देवदत्त सोनी का हुआ भव्य स्वागत  अनूपपुर को शहडोल संभाग के अनूपपुर में होटल मंदाकिनी में आयोजित हुई स्वजातीय स्वर्णकार समाज की बैठक सम्पन्न हुई जिसमें मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष देवदत्त सोनी के साथ प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी गण की उपस्थिति में देवदत्त सोनी ने अनूपपुर जिले के कर्मठ योग एवं जुझारू मिलनसार श्री अशोक सोनी एवं श्री राजकुमार सोनी को अनूपपुर जिले का प्रभारी नियुक्त किया गया इनकी घोषणा बैठक के दौरान की गई। आयोजित बैठक संपन्न हुई जिसमें स्वजातीय स्वर्णकार समाज को एकजुट करके उनके अधिकार के लिए संघर्ष और नेतृत्व करने की रणनीति बनी!आगामी बैठक मैहर में आयोजित होगी जिसमें प्रदेश भर के जिले के पदाधिकारी गण समाज के दिशा निर्देश देकर उनके अधिकार के लिए देवदत्त सोनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का दरवाजा खटखटाया जाएगा !यह रणनीति आगामी बैठक में तय होगी उनके अधिकार के लिए एक होकर अपनी ताकत का प्रदर्शन जल्दी किया जाएगा  इनका कहना है अशोक सोनी ने कहा कि मुझे इस दायित्व के लायक समझा गया मुझे जो पद दिया गया है उसका मैं पूर्ण रूप से निर्वहन करने में अपनी अहम भूमिका का दायित्व निर्वहन करुंगा जिसमें मुझे अनूपपुर जिले के प्रभारी बनाया गया है  उन्होंने कहा कि समाज के लिए हमेशा तत्पर रहकर कार्य करने की लगन रही है और पिछड़ा वर्ग काफी पिछड़ा है उसे मजबूत करने के लिए पूरे जिले में नेतृत्व और एकता का परिचय दिया जाएगा ताकि समाज पूरे प्रदेश में मजबूती से खड़े होकर अपना -अपने अधिकार की बात बिना दर एवं भाय के कर सके

स्व. दिव्यऋषि तिवारी के निधन पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिजन को दी सांत्वना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. दिव्यऋषि तिवारी के निवास पहुंचकर परिजन को दी सांत्वना भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को युवा अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता स्व. श्री दिव्यऋषि तिवारी के पत्रकार कॉलोनी स्थित निज निवास पहुंचकर शोकाकुल परिजन को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. दिव्यऋषि के पिता श्री आनंद तिवारी, माता श्रीमती रविकला तिवारी, भ्राता श्री दिव्यांकु तिवारी एवं श्री युगान्तर तिवारी से मिलकर आत्मीय संवेदनाएं व्यक्त कीं और सभी को ढांढ़स बंधाया। इस दौरान स्थानीय विधायक श्री भगवानदास सबनानी, समाजसेवी श्री राहुल कोठारी, श्री रविन्द्र यति, श्री अमन यादव, श्री अतुल यादव, जनप्रतिनिधियों सहित स्व. तिवारी के सभी परिवारजन उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि श्री दिव्यऋषि तिवारी का बीते रविवार (27 सितम्बर) को भोपाल में एक सार्वजनिक स्थल पर स्थापित विद्युत पोल से करंट लगने से आकस्मिक निधन हो गया था। वे 30 साल के थे और जिला न्यायालय एवं हाईकोर्ट में अधिवक्ता थे, साथ ही सामाजिक एवं समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय थे।