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छांगुर पर विदेशी फंडिंग से धर्मांतरण का आरोप, ATS ने खोले बड़े राज

लखनऊ  एटीएस ने अवैध धर्मांतरण के मामले में जलालुद्दीन उर्फ छांगुर, उसकी करीबी नीतू समेत छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। इसमें लिखा है कि छांगुर लखनऊ से मुम्बई तक अवैध धर्मांतरण करा रहा था। विदेशी फंडिंग के जरिए नीतू उर्फ परवीन और उसके पति नवीन रोहरा के खातों में करोड़ों रुपये जमा हुए। चार्जशीट में बलरामपुर की कोर्ट में कार्यरत राजेश उपाध्याय का नाम भी शामिल है। एसटीएफ ने पिछले साल छांगुर की करतूतों की जांच कर साक्ष्य जुटाए थे। इसके बाद छांगुर, बेटे महबूब, नवीन रोहरा, नवीन की पत्नी नीतू उर्फ परवीन, सबरोज, सहाबुद्दीन समेत कई को नामजद कराया था। यह एफआईआर एटीएस ने की थी। छांगुर की गिरफ्तारी के बाद एक-एक कर कई बड़े खुलासे हुए थे। ईडी ने भी छांगुर, नीतू और नवीन की कई सम्पत्तियां चिन्हित कर जब्त कर ली थी। एटीएस ने विवेचना में कई साक्ष्य जुटाए। इसके बाद छांगुर, नवीन, नीतू, सबरोज, महबूब, सहाबुद्दीन और राजेश उपाध्याय के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। कई अन्य के खिलाफ भी जल्दी चार्जशीट दाखिल होगी। तीन और आरोपियों की तलाश जारी है। धर्मांतरण के धंधेबाज छांगुर का साम्राज्य कितना बड़ा? धर्मांतरण के खुलासे के बाद देश भर में चर्चा का विषय बने जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के गिरोह ने 300 करोड़ रुपये से अधिक की सम्पत्ति बनाई। धर्मांतरण के धंधेबाज छांगुर बाबा का साम्राज्य कितना बड़ा है? यह पता लगाने में जुटी पुलिस और प्रशासन को बाकायदा दस्तावेज मिले हैं। छांगुर गिरोह के साथ तीन हजार से अधिक लोग जुड़े होने के साक्ष्य मिले है पर इसमें करीब 400 लोग ऐसे है जो मुख्य रूप से इस गिरोह के लिए ही पिछले कई सालों से काम करते रहे। पाकिस्तान, दुबई, कनाडा, नेपाल और सऊदी अरब से छांगुर को फंडिंग की जाती रही। पांच जुलाई से 31 जुलाई के बीच एटीएस, ईडी और बलरामपुर पुलिस की जांच रिपोर्ट में ऐसे ही कई तथ्य साक्ष्यों के साथ सामने आए है। छांगुर के धर्मांतरण गिरोह को लेकर शासन बेहद गम्भीर रहा। वह रोजाना जांच एजेन्सियों से प्रगति रिपोर्ट लेता रहा। शासन ने बलरामपुर पुलिस व प्रशासन के साथ ही एटीएस व एसटीएफ को भी जांच रिपोर्ट तैयार करने को कहा था।

हाईकोर्ट ने जयपुर रियासत के ‘महाराज’ और ‘राजकुमारी’ उपाधियों पर लगाई रोक

जयपुर राजस्थान हाईकोर्ट ने पूर्व जयपुर राजपरिवार के वंशजों को गृह कर लगाने के मामले में अपनी याचिकाओं से महाराज और राजकुमारी उपसर्ग हटाने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि 13 अक्तूबर तक सुधार नहीं किया गया तो 24 साल पुराने मामले को बिना सुनवाई के खारिज कर दिया जाएगा। जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल ने पिछले सप्ताह गृह कर लगाने से संबंधित 24 वर्ष पुराने मामले में यह आदेश जारी किया। याचिका जयपुर राजघराने के दिवंगत जगत सिंह और पृथ्वीराज सिंह के कानूनी उत्तराधिकारियों की ओर से दायर की गई है। कोर्ट ने वाद शीर्षक में शाही सम्मानसूचक शब्दों के प्रयोग पर आपत्ति जताई तथा याचिकाकर्ताओं को संशोधित दस्तावेज दाखिल करने का निर्देश दिया। इसमें कहा गया है कि यदि अगली सुनवाई से पहले आदेश का पालन नहीं किया गया तो मामला सुनवाई किए बिना खारिज कर दिया जाएगा।

प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं: ‘चुनाव नतीजे आने पर ही होगा असली फैसला’

पटना  शिवसेना यूबीटी की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने बिहार चुनाव से पहले IANS-Matrize के ओपिनियन पोल पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. इस ओपिनियन पोल में एनडीए को बढ़त मिलती दिख रही है. बिहार में विधानसभा की 243 सीटे हैं. सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 142 है. सर्वे के मुताबिक, बिहार में एनडीए की सरकार बन सकती है. लोकसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी से जब इस ओपिनियन पोल पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा, "हर सर्वे प्रचंड बहुमत ही दिखाता है. जब इलेक्शन होता है और चुनाव नतीजे आते हैं तो उसमें बहुत अंतर होता है. जनता के मन में डाला जाता है कि जीत इन्हीं (एनडीए) की होनी है. लेकिन मैं जनता से यही कहूंगी कि ध्यान रखकर वोट करिएगा." प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा, "20-25 साल से किसकी सरकार रही है? पिछले 11 सालों से डबल इंजन की सरकार केंद्र में भी और राज्य में भी. सवा लाख करोड़ का आपने सिर्फ पैकेज देने का वादा किया और ठगा. इन सब बातों का ध्यान रखकर लोगों को वोट करना चाहिए."         बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बन सकती है.     विपक्ष गठबंधन को झटका लगता हुआ सर्वे के नतीजों में दिखाई दे रहा है.     एनडीए को 150-160 सीटें मिल सकती है.     महागठबंधन को 70 से 85 सीटें मिलने का अनुमान है.     एनडीए को 49 फीसदी और महागठबंधन को 36 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है.     बीजेपी को 21 फीसदी, जेडीयू को 18 फीसदी, हम को 2 फीसदी, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 6 फीसदी, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम को 2 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है.     आरजेडी को 21 फीसदी वोट, कांग्रेस को 8 फीसदी, सीपीएम (एमएल) को 4 फीसदी, सीपीआई को एक फीसदी, सीपीएम (मार्क्सवादी) को एक फीसदी और मुकेश सहनी को वीआईपी को एक फीसदी वोट मिलने का अनुमान है.     प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज को 7 फीसदी, अन्य को 7 फीसदी और एआईएमआईएम को एक फीसदी वोट मिलने का अनुमान है.  

यात्रियों के लिए खुशखबरी! बिलासपुर-पटना सुपरफास्ट अब जाएगी बिहार के इस नए शहर तक

बिलासपुर बिलासपुर-पटना सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22843/22844) का विस्तार कर दिया गया है। अब यह ट्रेन बक्सर स्टेशन तक जाएगी। 10 अक्टूबर से बिलासपुर से रवाना होने वाली 22843 बिलासपुर-पटना सुपरफास्ट एक्सप्रेस बक्सर तक जाएगी। वहीं, 11 अक्टूबर से पटना से रवाना होने वाली 22844 पटना-बिलासपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस बक्सर रेलवे स्टेशन से चलेगी। इन स्टेशनों पर होगा स्टॉपेज पटना-बक्सर के बीच छह स्टेशनों के यात्रियों को भी इस ट्रेन का लाभ मिलेगा। रेलवे ने दानापुर, बिहटा, आरा, बिहिया, रघुनाथपुर और डुमरांव स्टेशनों पर ट्रेन को वाणिज्यक ठहराव देने का निर्णय लिया है। रेलवे ने इन स्टेशनों पर ट्रेन के आगमन और प्रस्थान का समय भी जारी कर दिया है। इसके तहत बिलासपुर से यह ट्रेन 20:30 बजे छूटेगी। पटना 13:48 बजे, दानापुर 14:11 बजे, बिहटा 14:29 बजे, आरा 14:50 बजे, बिहिया 15:09 बजे, रघुनाथपुर 15:23 बजे, डुमरांव 15:38 बजे पहुंचेगी। इसके बाद बक्सर स्टेशन पर यह ट्रेन 16:10 बजे पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन बक्सर से 21:35 बजे रवाना होगी और पटना रात 12:03 बजे पहुंचेगी।  

मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट, अगले दो दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश के आसार

रायपुर प्रदेश में पिछले 24 घंटों में दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर और बस्तर संभाग के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं सरगुजा संभाग में कुछ स्थानों पर रिमझिम बरसात का दौर जारी रहा। मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को राजधानी रायपुर में 8.4 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री और न्यूनतम 22.5 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से क्रमशः 1.6 डिग्री और 1.4 डिग्री कम रहा। अगले 48 घंटों तक प्रदेश में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। इसका सबसे अधिक असर सरगुजा संभाग के जिलों पर पड़ेगा। रायपुर शहर के लिए विभाग ने बताया है कि मंगलवार को आकाश सामान्यतः मेघमय रहेगा, साथ ही बिजली कड़कने के साथ बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान लगभग 31डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री रहने का अनुमान है। प्रदेश के अधिकांश इलाकों में अगले एक दो दिनों तक ऐसी ही स्थिति बने रह सकता है। 7 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश के साथ गर्जन की संभावना है। आठ अक्टूबर को बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। नौ अक्टूबर से बादल तो रहेंगे पर बारिश नहीं होगी। मौसम शांत रहेगा, हवा हल्की चलेगी। दिन और रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जाएगी। प्रमुख बारिश आंकड़े (मिमी में) नारायणपुर – 60, फरसगांव – 60, हरदी बाजार – 50, मुंगेली – 40, विनोरा – 40, माना रायपुर – 40, देवभोग – 40, सकोला – 40, कुकरेल – 40, मंपदर हसौद – 30, अंमतरढ़ चौकी – 30, खरोरा – 30, रायपुर शहर – 30, महासमुंद – 30, चारामा – 30, मरवाही – 30 मिमी। तापमान की स्थिति प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 31.8 डिग्री दुर्ग में और सबसे कम 21.0 डिग्री राजनांदगांव में दर्ज किया गया। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 28.8 डिग्री और पेण्ड्रारोड में 30.6 डिग्री रहा। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए चेतावनी जारी की है। प्रदेश के कुछ इलाकों में मेघ गर्जन के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है। बंगाल की खाड़ी में निम्नदाब के कारण बदली परिस्थितियां मौसम विशेषज्ञ अब्दुल सिराज खान का कहना है कि अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में मानसूनी गतिविधियां इस साल कम होने के संकेत मिले थे, लेकिन बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दाब का क्षेत्र बनने से परिस्थितियां बदल गई। यही कारण है कि इन दिनों मध्य छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय है।

EOW का बड़ा खुलासा — पूर्व IAS अनिल टूटेजा पर कस्टम मिलिंग घोटाले की साजिश का आरोप, 1500 पेज की चार्जशीट दाखिल

रायपुर कस्टम मिलिंग घोटाला मामले में ईओडब्ल्यू ने सोमवार को विशेष कोर्ट में सेवानिवृत्त आइएएस अनिल टुटेजा और होटल कारोबारी अनवर ढेबर के खिलाफ करीब 1500 पन्नों का पूरक चालान पेश किया। दोनाें आरोपित फिलहाल रायपुर केंद्रीय जेल में बंद हैं। इससे पहले जांच एजेंसी ने फरवरी 2025 में राइस मिल एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रहे रोशन चंद्राकर और मार्कफेड के पूर्व एमडी मनोज सोनी के खिलाफ प्रथम चालान प्रस्तुत किया था। ईओडब्ल्यू ने पूरक चालान में अनिल टुटेजा पर प्रदेश राइस मिलर एसोसिएशन के पदाधिकारियाें के साथ मिलकर प्रारंभ से आपराधिक षडयंत्रपूर्वक कस्टम मिलिंग घोटाले को अंजाम देने का आरोप लगाया है। ईओडब्ल्यू की ओर से पेश किए गए चालान में कहा गया कि राइस मिलराें से अवैध वसूली कर 20 करोड़ रूपये प्राप्त किया गया है। राइस मिलरों से अवैध वसूली करने मार्कफेड के जिला विपणन अधिकारियाें पर दबाव बनाकर राइस मिलरों का बिल लंबित रखा जाता था। दबाव में आकर मिलर 20 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अवैध रकम देते थे। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में प्रभावशाली रहे अनवर ढेबर ने वर्ष 2022-23 में जमकर मनमाने काम किए। आयकर विभाग के छापे के दौरान प्राप्त डिजिटल सबूतों से इस बात के प्रमाण मिले हैं कि वह न केवल शराब घोटाले बल्कि पीडब्ल्यूडी, वन विभाग पर भी गहरा व प्रत्यक्ष प्रभाव डालते थे। अनवर ढेबर के द्वारा कस्टम मिलिंग घोटाले में अनिल टुटेजा के लिए राइस मिलराें से की गई अवैध वसूली का संग्रहण, खर्च और निवेश का उपभोग किया था। घोटाले में शामिल कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल एवं अन्य आरोपितों के विरूद्ध विवेचना जारी है। जनवरी 2024 को ईओडब्ल्यू ने दर्ज की थी FIR ईडी के बाद ईओडब्ल्यू ने कस्टम मिलिंग घोटाले में 29 जनवरी 2024 को पहली एफआइआर दर्ज की। इसमें रोशन चंद्राकर, मनोज सोनी, सेवानिवृत्त आइएएस अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, सिद्धार्थ सिंघानिया, कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल आदि के नाम शामिल हैं। ईओडब्ल्यू की जांच में साफ हुआ कि कस्टम मिलिंग की राशि मिलर्स को देने के नाम पर यह वसूली की गई है। वर्ष 2020-21 से पहले कस्टम मिलिंग के बदले मिलर्स को प्रति क्विंटल 40 रुपये भुगतान किया जाता था। मिलर्स की मांग पर कांग्रेस सरकार ने इस राशि को तीन गुना बढ़ाया। आरोप है कि राइस मिलरों से 140 करोड़ रुपए से ज्यादा की अवैध वसूली की गई। इस खेल में अफसरों से लेकर मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी तक शामिल थे। राइस मिल एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रहे रोशन चंद्राकर लेवी वसूलकर अफसरों को जानकारी देते थे। जिनसे मिलरों से रुपये नहीं मिलते उनका भुगतान रोक दिया जाता था।

जर्मनी में विश्व की सबसे बड़ी खाद्य प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते नजर आए मंत्री लखन लाल देवांगन

रायपुर विश्व के सबसे बड़े खाद्य प्रदर्शनी आयोजन “अनुगा, जर्मनी” में मंत्री स्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन ने किया। आयोजन स्थल पर आयोजकों द्वारा मंत्री  देवांगन का स्वागत किया गया। इस अवसर पर Koelnmesse GmBH के COO  ओलिवर फ्रेस्से से मंत्री  देवांगन की भेंट हुई। मंत्री  देवांगन ने रायपुर में अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी के आयोजन के संबंध में सार्थक संवाद किया। इसके साथ ही,  मिलिंद दीक्षित – प्रबंध निदेशक, Koelnmesse GmBH, भारत एवं सार्क देशों तथा  समीर मितिया – समूह निदेशक, Koelnmesse GmBH के साथ भी बैठक हुई। बैठक में मा मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में बनी  छत्तीसगढ़ राज्य के नवीन औद्योगिक विकास नीति और औद्योगिक परिदृश्य की जानकारी उद्योग मंत्री ने दी तथा राज्य द्वारा औद्योगिक पार्कों, विशेष रूप से खाद्य पार्कों में निवेश हेतु दी जा रही प्रोत्साहन योजनाओं और सुविधाओं की उपलब्धियों को रेखांकित किया। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। राज्य गैर-बासमती चावल, इमली एवं मूल्य संवर्धित वन उत्पादों को बढ़ावा देने हेतु निवेश आकर्षित करने हेतु संवाद किया। इस अवसर पर उद्योग विभाग के डायरेक्टर  प्रभात मालिक भी उपस्थित रहे।

जशपुर में विकास को मिली रफ्तार: सीएसआर फंड से 61 करोड़ की सौगात, दो साल में बदली तस्वीर

रायपुर : सीएसआर फंड से जशपुर को 61 करोड़ रूपए मिला पहली बार : अस्पताल और तीरंदाजी केंद्र और स्कूल भवनों का होगा निर्माण 6 करोड़ 19 लाख से होगा आठ स्कूलों भवनों का निर्माण दो साल में विकास की नई उंचाई छू रहा है जिला जशपुर  रायपुर पहली बार सीएसआर फंड से 61 करोड़ की राशि विकास कार्याे के लिए जशपुर जिले को आबंटित की गई है। इस राशि से जिले में स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा और खेल के बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए उपयोग किया जा रहा है। लगभग दो साल पहले जब जशपुर के बगिया के लाल विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पदभार सम्हाला था तो जिलेवासियों को पिछड़ेपन से मुक्ति की नई उम्मीद जागी थी। मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले जिला प्रवास के दौरान सीएम विष्णुदेव साय ने जिलेवासियों को वायदा भी किया था कि जिले के विकास की ऐतिहासिक रोडमैप तैयार की जाएगी। अपने इस वायदे को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने तेजी से कदम बढ़ा रहे है। लगभग दो साल पहले जब जशपुर के बगिया के लाल विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पदभार सम्हाला था तो जिलेवासियों को पिछड़ेपन से मुक्ति की नई उम्मीद जागी थी। मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले जिला प्रवास के दौरान सीएम विष्णुदेव साय ने जिलेवासियों को वायदा भी किया था कि जिले के विकास की ऐतिहासिक रोडमैप तैयार की जाएगी। अपने इस वायदे को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने तेजी से कदम बढ़ा रहे है। 35 करोड़ से बन रहा है आधुनिक अस्पताल           35 करोड़ की लागत से जिला मुख्यालय जशपुर में सौ बिस्तर की क्षमता वाली अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। निर्माणाधीन स्व. जगदेव राम उरांव स्मृति चिकित्सालय को संचालित करने की जिम्मेदारी वनवासी कल्याण आश्रम को दी गई है।  इस अस्पताल भवन के निर्माण का कार्य रायगढ़ रोड में कल्याण आश्रम अस्पताल के प्रांगण में तेजी से चल रहा है। स्वीकृत राशि मेें से 17 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अगले साल 2026 तक इस भवन का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी प्रकार 18 करोड़ की राशि इस आधुनिक अस्पताल में आवश्यक चिकित्सकीय उपकरणों और भौतिक संसाधन जुटाने के लिए किया जाएगा। इस अस्पाताल में मरीजों के लिए सीटीस्कैन, एमआरआई, आईसीयू, आईसीसीयू, डायलिसिस, आपातकालीन चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अस्पताल के लिए चिकित्सक, नर्सिंग और प्रशासनिक स्टाफ के लिए भर्ती प्रक्रिया भी चल रही है। अस्पताल के चालू हो जाने से जिलेवासियों को उपचार के लिए अंबिकापुर, रांची, झारसुगड़ा, रायपुर जैसे दूरस्थ शहर की दौड़ लगाने से मुक्ति मिल सकेगी।  20 करोड़ से तैयार होगा तीरंदाजी केंद्र           जिले में तीरंदाजी केंद्र के निर्माण के लिए सीएसआर फंड से 20.53 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। एनटीपीसी के सीएसआर फंड से इस तीरंदाजी केंद्र के निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने सन्ना में जमीन तय कर ली है। इस आवासीय तीरंदाजी केंद्र में खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधनों के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षक उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का लक्ष्य दिवंगत कुमार दिलीप सिंह जूदेव के सपने का मूर्त रूप देते हुए पहाड़ी कोरवाओं के धर्नुविद्या को निखार कर राष्ट्रीय ओैर अंतर्राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं येाग्य बनाना है। वर्तमान में खनिज न्यास निधि के सहयोग से एकलव्य अकादमी का संचालन किया जा रहा है। इस अकादमी में तीरंदाजी के साथ ताईक्वांडो और तैराकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सन्ना में तीरंदाजी केंद्र के शुरू हो जाने से जिले के खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधनों से लैस बड़ी सुविधा मिल सकेगी, जिससे खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा की चमक बिखेरने का अवसर मिल  सकेगा।  आठ स्कूल भवन का होगा निर्माण            सीएसपीटीसीएल के सीएसआर फंड से जिले में 8 स्कूल भवनों के निर्माण के लिए 6 करोड़ 19 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें फरसाबहार ब्लाक में पंडरीपानी, गारीघाट, कंदईबहार, कांसाबेल ब्लाक में बांसबहार, कुनकुरी ब्लाक में गिनाबहार, लोधमा, बगीचा ब्लाक में टटकेला और दुलदुला में नया स्कूल भवन का निर्माण किया जाएगा। इन स्कूल भवनों के निर्माण से जिले के छात्रों को बेहतर सुविधा के साथ गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिल सकेगी।

राज्य सरकार राष्ट्रीय सम्मेलन में मिले सुझावों को करेगी लागू: मंत्री नेताम

रायपुर : राष्ट्रीय सम्मेलन के सुझाव पर क्रियान्वयन करेगी राज्य सरकार: कृषि मंत्री  नेताम इंडियन वेटनरी और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का कृषि मंत्री ने किया शुभारंभ दुर्ग में कृषि महाविद्यालय की घोषणा रायपुर कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री  रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में इंडियन वेटनरी और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में वन हेल्थ सिनर्जी (एक स्वास्थ्य तालमेल) को मज़बूत करना- ’अंतर-क्षेत्रीय नवाचार और एकीकरण के माध्यम से एएमआर (एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध) का मुकाबला’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आज शुभारंभ हुआ। दुर्ग के पृथ्वी पैलेस पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय में आयोजित है। कृषि मंत्री  नेताम व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर सांसद  विजय बघेल, विधायक  डोमनलाल कोर्सेवाड़ा एवं  ललित चंद्राकर और जिला पंचायत की अध्यक्ष मती सरस्वती बंजारे उपस्थित थे।  समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री  नेताम ने कहा कि यह दो दिवसीय सम्मेलन पशु एवं मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण और वन्य जीवों के बीच बहुक्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की हमारी साझा प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। जिसका उद्देश्य वन हेल्थ फ्रेमवर्क के अंतर्गत एन्टीमाइक्रोबियल रेसिसटेंस (एएमआर) की बढ़ती चुनौती से प्रभावी ढंग से निराकरण करना है। उन्होंने आयोजकों से कहा कि इस सम्मेलन में दिए गए सुझाव को केन्द्र व राज्य सरकार को अवगत कराएं। ताकि इसका क्रियान्यन सरकार द्वारा और बेहतर ढ़ंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि समय के साथ दवाईयों पर अनुसंधान भी बढ़े है। इनके उपयोग पर मानव आज उलझ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोग हेतु बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना आज भी एक चुनौती है।  कृषि मंत्री  नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों से पशु पालन को बढ़ावा दिया जा सकता है। साथ ही कृषि के मामले में जैविक खेती पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती की दिशा में आगे आना चाहिए। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे जैविक खेती को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और वैज्ञानिक तकनीको को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने का प्रयास करें। कृषि मंत्री  नेताम ने कहा कि विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ निर्माण के लिए कृषि एवं पशुपालन विभाग के माध्यम से किसानों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने दुर्ग ग्रामीण विधायक  चंद्राकर की मांग पर कामधेनु विश्वविद्यालय अंतर्गत दुर्ग में कृषि महाविद्यालय की घोषणा की। समारोह के दौरान मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों ने विश्वविद्यालय की स्मारिका, सोवेनियर बकरी प्रशिक्षण कैलेण्डर 2026 का विमोचन किया। सांसद  विजय बघेल ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में दुर्ग में राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि सम्मेलन के दौरान विषय विशेषज्ञों के सुझावों से प्रदेश में पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का सुझाव शासन को प्रेषित किया जाए, जिससे राज्य के नीति निर्धारण में इन सुझावों को समावेशित किया जा सके।  दुर्ग ग्रामीण विधायक  ललित चंद्राकर और विधायक  डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। कामधेनु विश्वविद्यालय के प्रभारी डीन डॉ. संजय शाक्य अपने स्वागत उद्बोधन में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।  इस अवसर पर भारत सरकार के पशुपालन आयुक्त डॉ. प्रवीण मलिक, कार्यपालन निर्देशक एवं एम्स रायपुर के सीईओ लेफ्टीनेंट जनरल अशोक जिंदल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, कुलपति लुआस, हिसार (हरियाणा) डॉ. विनोद कुमार वर्मा, निर्देशक एनआईओएच नागपुर डॉ. प्रज्ञा यादव, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड डॉ. जी. मणि, अध्यक्ष इंडियन वेटनरी एसोसिएशन डॉ. सुधिर कुमार सहित विभिन्न महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं निर्देशक शिक्षक उपस्थित थे।

वाराणसी में आयोजित डायरेक्ट सीडेड राइस कॉन्क्लेव में बोले मुख्यमंत्री

यूपी को वैश्विक फूड बास्केट बनाना हमारा संकल्प : योगी आदित्यनाथ  वाराणसी में आयोजित डायरेक्ट सीडेड राइस कॉन्क्लेव में बोले मुख्यमंत्री  योगी बोले- यूपी आज से तीन गुना अधिक उत्पादन करने में सक्षम  2029-30 तक वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का लक्ष्य, कृषि सेक्टर की अहम भूमिका  – ई-सीडर और प्रिसिजन हिल सीडर उपकरण का सीएम ने किया लोकार्पण – यूपी अकेले करता है भारत का 21% खाद्यान उत्पादन : सीएम योगी – 8 हजार साल पुराना है यूपी में धान की खेती का इतिहास : मुख्यमंत्री  – यूपी के पास 80% भूमि सिंचित : सीएम योगी – लखनऊ में बनेगा 250 एकड़ में सीड पार्क : मुख्यमंत्री – काला नमक चावल को भगवान बुद्ध के प्रसाद के रूप में विश्व स्तर पर बढ़ावा : योगी आदित्यनाथ  वाराणसी अंतराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र में आयोजित डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश को भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक फूड बास्केट के रूप में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर तकनीक और बीज उपलब्ध कराए जाएं तो प्रदेश आज से तीन गुना अधिक उत्पादन करने में सक्षम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी ने लक्ष्य तय किया है कि 2029-30 तक प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाया जाएगा, जिसमें कृषि क्षेत्र सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरी (IRRI) और सीआईपी (CIP) जैसे संस्थानों के सहयोग से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। शिव और नंदी करते हैं उन्नत खेती के लिए प्रेरित योगी आदित्यनाथ ने काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान विश्वनाथ की नगरी और उनके सहयोगी वृषभ हमें उन्नत खेती की ओर प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि "अन्नं बहु कुर्वीत तद् व्रतम्" की परंपरा को आगे बढ़ाना ही हमारा संकल्प है। उर्वरता, सिंचाई और धूप हैं भारतीय कृषि की ताकत मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी कृषि के लिए उर्वरता, सिंचाई और पर्याप्त धूप सबसे आवश्यक हैं और इन तीनों दृष्टियों से भारत अत्यंत संपन्न है। देश के पास 17 करोड़ हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है, जिसमें से 60 फीसदी भूमि सिंचित है। यूपी तो अकेले देश का 21 फीसदी खाद्यान उत्पादन करता है। कृषि में हुए हैं क्रांतिकारी बदलाव योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीते 11 सालों में कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड, कृषि बीमा, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, लागत से डेढ़ गुना एमएसपी और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से जोड़ा गया है। धान, गेहूं, गन्ना, आलू, दलहन और तिलहन की खेती में यूपी अग्रणी मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के पास 11 फीसदी भूभाग और 17 फीसदी जनसंख्या है, लेकिन यह अकेला राज्य 21 फीसदी खाद्यान उत्पादन करता है। धान, गेहूं, गन्ना, आलू, दलहन और तिलहन की खेती में यूपी अग्रणी है। कृषि विश्वविद्यालय और अनुसंधान यूपी के पास राज्य सरकार के चार, केंद्र सरकार के दो और एक निजी कृषि विश्वविद्यालय हैं। इसके अलावा 89 कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को तकनीकी सहायता दे रहे हैं। 2018 में वाराणसी में ईरी का दक्षिण एशिया केंद्र खुलने के बाद धान की विभिन्न वैरायटी पर रिसर्च जारी है। काला नमक चावल और ऐतिहासिक खेती मुख्यमंत्री ने कहा कि काला नमक चावल भगवान बुद्ध द्वारा तीन हजार साल पहले दिया गया था। इसे हम भगवान बुद्ध के प्रसाद के रूप में पूरी दुनिया में बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूपी में धान की खेती का 8 हजार साल पुराना इतिहास है। तंजावुर और रामनाथपुरम के शिलालेखों में प्राचीन भारत की उन्नत खेती के प्रमाण मिलते हैं। खाद्यान उत्पादन में हुई है पांच गुना वृद्धि आजादी के बाद यूपी में 11.77 मिलियन टन खाद्यान का उत्पादन होता था, जो अब बढ़कर 60 ट्रिलियन टन हो गया है। रकबा भी 170 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 240 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। यह पांच गुना की वृद्धि को दर्शाता है।  सीड पार्क और नई पहल की दी जानकारी मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नाम पर 250 एकड़ में सीड पार्क स्थापित किया जाएगा। यहां से जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए बेहतर बीज किसानों को  उपलब्ध कराए जाएंगे। डीजी ईरी यवोन पिंटो और डीजी सीआईपी डॉ साइमन हेक की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि आगरा में जल्द ही इंटरनेशनल पोटेटो सेंटर स्थापित होगा। ई-सीडर और प्रिसिजन हिल सीडर का सीएम ने किया लोकार्पण कॉनक्लेव में आईआरआरआई और जेएनवीवी द्वारा विकसित बैट्री संचालित ई-सीडर और प्रिसिजन हिल सीडर का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही धान की सीधी बुवाई, जीरो टिलेज गेहूं और समृद्धि धान नेटवर्क पर आधारित प्रकाशन सामग्री का विमोचन भी किया गया। लैब टू लैंड मॉडल मुख्यमंत्री ने उम्मीद जाहिर की कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर वैज्ञानिक अब केवल लैब तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि जमीन पर उतरकर रिसर्च का डेमॉन्स्ट्रेशन करेंगे ताकि किसानों तक नई तकनीक सीधे पहुंचे। उन्होंने कहा कि यूपी में 70 लाख हेक्टेयर में धान, 100 लाख हेक्टेयर में गेहूं और 29 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती की जाती है। दलहन और तिलहन के लिए भी यहां व्यापक भूमि है। इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्य मंत्री रविन्द्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र दयालु, बलदेव सिंह औलख, प्रमुख सचिव कृषि रविन्द्र कुमार, डीजी ईरी यवोन पिंटो और डीजी सीआईपी डॉ साइमन हेक, श्रीलंका के कृषि सचिव डीबी विक्रमसिंघे, डायरेक्टर आईएसएआरसी डॉ सुधांशु सिंह सहित बड़ी संख्या में कृषि वैज्ञानिक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।