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राजस्व वादों के मामलों के तेजी से निस्तारण के सीएम योगी के निर्देशों का दिख रहा असर

कुल राजस्व मामले के निस्तारण में प्रयागराज दूसरे, गोरखपुर तीसरे और जाैनपुर चौथे स्थान पर     जनपद स्तरीय न्यायालयाें में राजस्व मामलों के निस्तारण में जौनपुर पहले, लखीमपुर खीरी दूसरे और आजमगढ़ तीसरे स्थान पर      पिछले दस माह से जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व वादों के निस्तारण में जौनपुर टॉप फाइव में     लखनऊ प्रदेश में राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त मॉनीटरिंग का असर साफ नजर आ रहा है। सीएम योगी खुद हर माह जिलावार मामलों की समीक्षा भी करते रहते हैं। योगी सरकार की विशेष पहल के तहत तेजी से मामलों के निपटारे की रणनीति को अपनाया गया, जिससे राजस्व विवादों के मामलों में बड़ा सुधार देखने को मिला है। इसी का नतीजा है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश भर में राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी देखी गयी है। राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) द्वारा अगस्त माह की जारी रिपोर्ट में पूरे प्रदेश में सबसे अधिक राजधानी में मामलों को निस्तारित किया गया है जबकि जनपद स्तरीय न्यायालय में राजस्व के मामले निपटाने में एक बार फिर जौनपुर ने बाजी मारी है। बता दें कि जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व वादों के निस्तारण में पिछले दस माह से जौनपुर टॉप फाइल जिलों में बना हुआ है।    राजधानी में सबसे अधिक कुल 19,178 मामले निस्तारित किये गये  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि राजस्व विवादों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए। उनकी इस पहल का उद्देश्य न केवल जनता को त्वरित न्याय दिलाना है, बल्कि प्रशासन में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को भी बढ़ावा देना है। इसी के तहत प्रदेश के जिलाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी पूरी तत्परता से मामलों का निस्तारण कर रहे हैं। राजस्व परिषद की आरसीसीएमएस की अगस्त माह की रिपोर्ट के अनुसार अगस्त में पूरे प्रदेश में कुल 3,69,293 राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया। लखनऊ जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने बताया कि सबसे अधिक राजधानी लखनऊ में 19,178 मामले निस्तारित किये गये, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक हैं। इसके बाद प्रयागराज में कुल 10,693 मामलों को निस्तारित कर पूरे प्रदेश में दूसरे, गोरखपुर 9,560 मामलों को निस्तारित कर तीसरे स्थान पर है। इसी तरह जाैनपुर ने 8,779 मामले निस्तारित कर चौथा और बाराबंकी ने 8,615 मामलों का निस्तारण कर पांचवां स्थान प्राप्त किया है।     जनपद स्तरीय न्यायालयाें में जौनपुर ने मारी बाजी, सबसे अधिक 612 मामले किये निस्तारित  जौनपुर डीएम डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार राजस्व मामलों को निस्तारित किया जा रहा है। बोर्ड ऑफ रेवन्यू की अगस्त माह की राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की रिपोर्ट के अनुसार जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के निर्धारित मानक निस्तारण से अधिक मामलों का निस्तारण किया है। जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के प्रति माह निस्तारण के मानक 250 के सापेक्ष 612 मामलों का निस्तारण किया है। इसका रेश्यो 244.80 प्रतिशत है। इसी के साथ जनपदीय न्यायायल में राजस्व मामलों के निस्तारण में प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है जबकि मानक 300 के सापेक्ष 379 मामलों का निस्तारण कर दूसरे स्थान पर लखीमपुर खीरी और मानक 350 के सापेक्ष 400 मामले निस्तारित कर तीसरे स्थान पर आजमगढ़ है। इसी तरह अगस्त में मऊ के जिलाधिकारी न्यायालय ने निर्धारित 30 मामलों के मानक के मुकाबले 91 मामलों का निस्तारण कर 303.33 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की, जो की प्रदेश भर में सबसे अधिक है और मऊ प्रदेश भर में पहले स्थान पर है। वहीं बुलंदशहर के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 79 मामले निस्तारित किये गये। वहीं जाैनपुर के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 68 मामले निस्तारित किये गये। इसी तरह जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा निस्तारित किये गये मामलों में बुलंदशहर दूसरे और जौनपुर तीसरे स्थान पर है।     भू राजस्व संबंधित मामलों के निस्तारण में भी जौनपुर अव्वल  इसी प्रकार अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व जौनपुर निर्धारित मानक 50 के सापेक्ष कुल 208 वादों का निस्तारण कर प्रदेश में प्रथम स्थान पर हैं। वहीं अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व गाजीपुर कुल 30 वादों का निस्तारण कर दूसरे स्थान पर हैं तथा अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व मीरजापुर कुल 24 वादों का निस्तारण कर तीसरे स्थान पर हैं। इसके साथ ही अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने 50 के मानक के मुकाबले 211 मामलों का निस्तारण कर 422 प्रतिशत हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि 105 मामले निस्तारित कर आजमगढ़ दूसरे और 80 मामले निस्तारित कर झांसी तीसरे स्थान पर है।  

6th नेशनल थाई बॉक्सिंग चैंपियन शीप 2025 में छत्तीसगढ़ ने दूसरा स्थान हासिल किया

रायपुर  थाई बॉक्सिंग इंडिया 6th नेशनल थाई बॉक्सिंग चैंपियन शीप 2025 का आयोजन थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन उत्तरप्रदेश द्वारा 29 अगस्त से 31अगस्त को बनारस में किया गया। इसमें पूरे देश भर से 22 राज्यों ने प्रतिनिधित्व कर  बनारस में अपना तीनों कैटेगरी सब जूनियर, जूनियर और सीनियर कैटेगरी खेल में अपना जौहर सभी राज्यों द्वारा किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य से भी सभी जिलों से अपने स्कूलों से बच्चों को प्रतिनिधित्व के लिए उत्तर प्रदेश भेजा गया था। जिसमें मुख्य रूप से दंतेवाड़ा जिला, रायपुर जिला, कोरबा जिला एवं बिलासपुर जिले से लगभग 91 बच्चे खेल में भाग लिए। थाई बॉक्सिंग में बच्चे अपनी प्रतिभा दिखाते हुए छत्तीसगढ़ को दूसरा स्थान दिलाकर राज्य का गौरव बढ़ाया। जीत से लबरेज बच्चों का रायपुर आगमन पर रायपुर नगर निगम के महापौर मीनल चौबे ने बच्चों से मिलकर उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की एवं साथ में उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की एवं बच्चों को बधाई दी।

राहत कैंपों की व्यवस्थाओं को पुनर्वास के संबंध में प्रभावितों से लिया फीडबैक

दंतेवाड़ा : ग्राम बालपेट और भैरमबंद के अतिवर्षा प्रभावितों के राहत कैंपों का कलेक्टर ने फिर किया मुआयना राहत कैंपों की व्यवस्थाओं को पुनर्वास के संबंध में प्रभावितों से लिया फीडबैक जब तक हालात सामान्य नहीं होंगे राहत  शिविरों  का संचालन जारी रहेगा- कलेक्टर कलेक्टर ने प्रभावितों को हर संभव मदद् का संकल्प दोहराया दंतेवाड़ा कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने विगत दिवस जिला मुख्यालय से लगे अति वर्षा प्रभावित ग्राम बालपेट और भैरमबंद के राहत शिविरों का निरीक्षण करते हुए प्रभावितों को हर संभव मदद की प्रतिबद्धता को दोहराया। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में भैरमबंद राहत शिविर में कुल 54 परिवारों के 204 लोग निवासरत हैं, इसी प्रकार बालपेट के राहत शिविर में 89 लोग रह रहे है। जिन्हें जिला प्रशासन द्वारा निरंतर सहयोग और सहायता प्रदान की जा रही है। इस दौरान उन्होंने राहत शिविरों में ठहरे ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते, तब तक राहत शिविरों का संचालन जारी रहेगा और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रभावित परिवारों को दी जाने वाली राहत सहायता राशि में भी वृद्धि की गई है। साथ ही, जिन ग्रामीणों के अन्य व्यक्तिगत क्षतियों का अब तक सर्वे में समावेश नहीं हो पाया है, उनका पुनः सर्वे कर उन्हें भी क्षतिपूर्ति दी जायेगी। इसके साथ ही कलेक्टर श्री दुदावत ने राहत शिविरों में व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश देते हुए शिविरों में ठहरे लोगों के लिए पंखे, कूलर, मच्छरदानी और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। गौरतलब है कि जिन घरों के ढंाचों में वर्षा से क्षति पहुँची है, उनके मरम्मत कार्य हेतु बाँस और बल्ली की व्यवस्था भी जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है। इसके अतिरिक्त, प्रभावित परिवारों के भोजनादि हेतु जलाऊ लकड़ी एवं पेयजल हेतु टैंकर से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उनके दैनिक जीवन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। इसके अलावा इन परिवारों के स्कूली बच्चों हेतु नये पाठय पुस्तकों एवं यूनिफॉर्म आदि के भी प्रशासन द्वारा व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही कलेक्टर ने राहत शिविर का पुनः नियमित निरीक्षण करने की बात कहते हुए आवश्यकतानुसार सुविधाओं में और सुधार लाये जाने हेतु प्रभावितों को आश्वस्त किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय, जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उदित पुष्कर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

जीआरडी गोरखपुर में गोरखा युद्ध स्मारक के सौंदर्यीकरण के साथ संग्रहालय बनवाएगा संस्कृति विभाग

4 सितंबर को सीएम योगी और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ करेंगे म्यूज़ियम का शिलान्यास गोरखपुर मां भारती की आन, बान व शान में सर्वस्व न्योछावर करने का जज्बा रखने वाले गोरखा सैनिकों की वीरगाथा को संजोने के लिए योगी सरकार ने बड़ी पहल की है। इसके तहत प्रदेश का संस्कृति विभाग गोरखा रेजिमेंट के गोरखा भर्ती डिपो (जीआरडी) गोरखपुर में स्थित गोरखा युद्ध स्मारक का सौंदर्यीकरण कराने के साथ यहां एक भव्य संग्रहालय (म्यूजियम) बनवाने जा रहा है। इसका शिलान्यास 4 सितंबर (गुरुवार) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान के हाथों होने जा रहा है।  जनता पहली बार देख और जान सकेगी गोरखा रणबाकुरों की कहानी उल्लेखनीय है कि आम जनता के अवलोकनार्थ बनने वाला यह गोरखा रेजिमेंट का पहला संग्रहालय होगा। इस तरह देश विदेश में अपने शौर्य से खास पहचान बनाने वाले गोरखा रणबाकुरों की कहानी से आम लोग पहली बार रूबरू हो सकेंगे। उस तरह का यह देश का पहला संग्रहालय होगा। गोरखा युद्ध स्मारक के सौंदर्यीकरण और संग्रहालय निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था के रूप में उत्तर प्रदेश जलनिगम नगरीय की सीएंडडीएस यूनिट 42 का चयन किया गया है। स्मारक के सौंदर्यीकरण और संग्रहालय के निर्माण पर 44 करोड़ 73 लाख 37 हजार रुपये की लागत आएगी। इसके तहत संग्रहालय, टॉयलेट ब्लॉक, टिकट काउंटर, वर्तमान भवन का जीर्णोद्धार, वाटर बॉडी, चहारदीवारी, लिफ्ट आदि का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा लाइट एंड साउंड शो, सेवन डी थिएटर, म्यूरल पेंटिंग आदि की व्यवस्थाएं भी रहेंगी।  गोरखा सैनिक भारतीय सेना में अपने विशेष युद्ध कौशल के लिए विख्यात हैं। ब्रिटिश काल से लेकर अब तक भारतीय सेना में गोरखा जवानों ने 2700 से अधिक वीरता पुरस्कार प्राप्त किए हैं। गोरखा जवानों ने प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। देश के आजाद होने के बाद गोरखा सैनिकों ने युद्ध के साथ ही शांति अभियानों में अतुलनीय भूमिका का निर्वहन किया है। वर्तमान समय में करीब 40000 गोरखा सैनिक भारतीय सेना के माध्यम से राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं।  सौ साल पुराना है गोरखा युद्ध स्मारक 1866 में स्थापित गोरखा भर्ती डिपो गोरखपुर, सबसे पुराना भर्ती डिपो है। यहां अभी जो युद्ध स्मारक है उसकी स्थापना प्रथम विश्वयुद्ध में गोरखा जवानों के योगदान की स्मृति में 1925 में हुई थी। इस स्मारक में अब तक आठ ऐसे रणबांकुरों की कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई है जिन्होंने युद्धकाल में अपूर्व शौर्य का परिचय दिया और उल्लेखनीय पुरस्कार प्राप्त किए। इनमें पहले फील्ड मार्शल मानेकशॉ, परमवीर चक्र विजेता कैप्टन जीएस सलारिया, लेफ्टिनेंट कर्नल धन सिंह थापा, कैप्टन4 मनोज पांडेय, अशोक चक्र विजेता लेफ्टिनेंट कर्नल जेआर चिटनिस, लेफ्टिनेंट पुनीत नाथ दत्त, मेजर मान बहादुर राय और नायक नर बहादुर की प्रतिमा स्थापित है।

स्कूल छुट्टियों का अपडेट: पंजाब में छुट्टियों का दौर जारी

पंजाब  पंजाब में लगातार हो रही तेज बारिश और बाढ़ जैसे हालात ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बाढ़ के कारम फाजिल्का, फिरोजपुर, कपूरथला, पठानकोट, तरनतारन, होशियारपुर, मोगा, गुरदासपुर और बरनाला गंभीर रूप से प्रभावित हैं। हालातों को देखते हुए पंजाब सरकार ने पहले ही 3 सितंबर तक स्कूलों और कॉलेजों की छुट्टियां घोषित की थी। वहीं अब मौसम विभाग की ताजा चेतावनी को देखते हुए छुट्टियों को और आगे बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है। विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए भारी बारिश की भविष्यवाणी करते हुए अलर्ट जारी किया है। वहीं राज्य में 5 सितंबर को ईद-ए-मिलाद की सरकारी छुट्टी, 6 सितंबर को अनंत चतुर्दशी और 7 सितंबर को रविवार होने के कारण पहले से ही अवकाश रहेगा। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा हैं कि छुट्टियां अगले हफ्ते तक खिंच सकती हैं। हालांकि इस बारे में शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। 

भय के साये में पढ़ने को मजबूर हैं ये ​विद्यार्थी, हाथों में किताब, नजरें पानी से निकलने वाले सांपों पर

चरखी दादरी लगातार हो रही बारिश के बाद से बने हालातों की झलक चरखी दादरी के राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल में देखने को मिल रही है। स्कूल परिसर से लेकर कमरों व लैब तक पानी से लबालब हैं। हालात ऐसे बने हैं कि विद्यार्थियों के हाथों में किताब होती है तो उनकी नजरें पानी से निकलने वाले सांपों व अन्य कीड़ों पर लगी रहती है।  भय के साये में पढ़ रहे विद्यार्थियों को अपनी जान की परवाह है बावजूद इसके स्कूल से पानी निकासी के पुख्ता प्रबंध नहीं हुए। पानी से लबालब स्कूल होने के चलते स्कूल को दो शिफ्टों में शुरू करना पड़ा है। हालांकि स्कूल भवन के लिए करीब 6 करोड़ की राशि मंजूर की गई है लेकिन कार्य शुरू नहीं होने व बारिश ज्यादा होने से हालात बुरे हो सकते हैं। बता दें कि मानसून सीजन के दौरान लगातार कई वर्षों से जिला मुख्यालय पर राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल परिसर में जलभराव की स्थिति बनी रहती है। इस बार से हालात ऐसे बन गए कि पूरा स्कूल पानी से लबालब हो गया। यहां तक कि कमरों से लेकर लैब व शौचालय भी पानी में डूबे हुए हैं। ऐसे में स्कूल प्रबंधन द्वारा दो शिफ्टो में क्लासें शुरू की हैं।  वहीं विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल के हालातों के चलते उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल में कभी सांप तो कभी बिच्छू निकलते हैं। वे भय के साये में पढ़ाई करने पर मजबूर हैं। स्कूल प्राचार्य सुरेश यादव ने बताया कि सरकार द्वारा करीब 6 करोड़ का बजट नये भवन के लिए मंजूर किया है,  जिसका टेंडर भी हो चुका है। कार्य शुरू नहीं होने से स्कूल में पानी ज्यादा भर गया है। हालांकि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को पत्र भी लिखे हैं। अब प्रशासन द्वारा स्कूल से पानी की निकासी करवाने का आश्वासन मिला है। जल्द ही पानी निकलवाया जाएगा और अध्यापकों को क्लासों के दौरान सजग रहने के निर्देश दिए हैं।  

गौरेला-पेंड्रा- मरवाही : स्वामित्व योजना के तहत 24 गांवों में ड्रोन सर्वे जारी

ड्रोन टेक्नोलॉजी से बदलेंगे गांवों के नक्शे, गौरेला-पेंड्रा- मरवाही में 24 गांवों का सर्वे संबंधित ग्रामों में चूना मार्किंग करते हुए ड्रोन फ्लाई सर्वे के लिए टीम गठित गौरेला पेंड्रा मरवाही स्वामित्व योजना के तहत पेण्ड्रारोड (गौरेला) तहसील के 22 और पेण्ड्रा तहसील के 2 गांवों में ड्रोन सर्वे का कार्य 1 सितम्बर से प्रारंभ हो गया है। यह कार्य 8 सितम्बर तक चलेगा। संबंधित ग्रामों में चूना मार्किंग करते हुए ड्रोन फ्लाई से सर्वे कार्य पूर्ण कराने के लिए राजस्व निरीक्षक, संबंधित हल्का पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक एवं ग्राम कोटवार को शामिल करते हुए ड्रोन सर्वे टीम गठित किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 सितम्बर को पेण्ड्रा तहसील के ग्राम जमड़ीखुर्द एवं लाटा और पेण्ड्रारोड तहसील के ग्राम मेढ़ुका का सर्वे किया गया। 2 सितम्बर को साल्हेघोरी, खम्लीकला, पंडरीपानी, लालपुर एवं मदनपुर का सर्वे किया गया। इसी कड़ी में 3 सितम्बर को बिजरवार, दौंजरा, धनौली, चुकतीपानी एवं बढ़ावनडांड़ में, 6 सितम्बर को आन्दु, डुमरिया, भदौरा, धनगंवा एवं ललाती में और 8 सितम्बर को बेलपत, करगीखुर्द, टीकरखुर्द एवं आमगांव में ड्रोन सर्वे निर्धारित है।

जनसमस्याओं एवं जनशिकायतों के लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से करें निराकरण

गौरेला पेंड्रा मरवाही : फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश जनसमस्याओं एवं जनशिकायतों के लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से करें निराकरण दो पहिया वाहन का उपयोग करने वाले शासकीय सेवकों को अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाने के निर्देश कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक गौरेला पेंड्रा मरवाही साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने फ्लैगशिप योजनाओं के साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश जिला अधिकारियों को दिए। उन्होंने जनसमस्याओं एवं जनशिकायतों के निराकरण की विभागवार समीक्षा की तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण करने कहा। उन्होंने पीएम जनमन योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना, उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम सहित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने, आकांक्षी ब्लॉक गौरेला में नीति आयोग के दिशा निर्देशों के तहत सभी 40 इंडिकेटर में हितग्राहियों को संतृप्त करने, स्कूली बच्चों का आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनाने, न्यायालयीन प्रकरणों में समय-सीमा में जवाब-दावा प्रस्तुत करने, वन अधिकार पट्टा, कार्यालयों में स्मार्ट विद्युत मीटर लगाने, सभी विभागों को अनिवार्य रूप से ई-ऑफिस का क्रियान्वयन करने, जिला रेडक्रॉस सोसायटी में सदस्यों की संख्या बढ़ाने के साथ ही आगामी जनगणना 2027 के लिए प्रारंभिक तैयारी आदि के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।           कलेक्टर ने सभी जिला अधिकारियों को मैदानी भ्रमण के दौरान विभागीय कार्यों के साथ-साथ आवास, पेंशन, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य, मूलभूत सुविधाओं सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति का अवलोकन करने और निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा। उन्होंने समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए छूटे हुए सभी किसानों से अनिवार्य रूप से एग्रीस्टेक पंजीयन कराने, स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन फ्लाई सर्वे का कार्य पूर्ण कराने, जिले में चिन्हित 169 ग्रामों में आदि सेवा केंद्र की स्थापना के लिए 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक सेवा पर्व का आयोजन एवं आदि कर्मयोगी सेवा अभियान और रजत जयंती वर्ष के तहत विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।       कलेक्टर ने सड़क दुर्घटनाओं में ज्यादातर मौत सिर में चोट लगने से होने के कारण जानमाल की सुरक्षा एवं यातायात नियमों का पालन के लिए दो पहिया वाहन का उपयोग करने वाले सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाने के संबंध में जारी निर्देश का पालन सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने कहा कि हेलमेट का उपयोग अनिवार्य रूप से करने के लिए जनजागरूकता के तहत पेट्रोल-डीजल पंप संचालकों की बैठक लेकर ‘‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’’ के संबंध में निर्देशित किया गया है। उन्होंने ‘‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’’ का कड़ाई से पालन कराने खाद्य निरीक्षकों से पेट्रोल पंपों का निरीक्षण कराने जिला खाद्य अधिकारी को निर्देश दिए। बैठक में वनमण्डलाधिकारी ग्रीष्मी चांद, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, प्रभारी अपर कलेक्टर अमित बेक, संयुक्त कलेक्टर दिलेराम डाहिरे, एसडीएम पेण्ड्रारोड विक्रांत अंचल, एसडीएम मरवाही निकिता मरकाम, डिप्टी कलेक्टर देवेन्द्र सिरमौर, डिप्टी कलेक्टर आकांक्षा तिवारी सहित जिला, अनुविभाग एवं खण्डस्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

गौरेला-पेंड्रा- मरवाही : अवैध रेत खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 11 वाहन जप्त

गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि पिछले माह 20 से 31 अगस्त तक खनिज रेत के 10 वाहन एवं खनिज रेत के अवैध उत्खनन करते पाए जाने पर 1 जेसीबी वाहन पर खनिज अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई है। इन वाहनों को ग्राम सिलपहरी के सोन नदी क्षेत्र से, पतरकोनी सोन नदी क्षेत्र, मरवाही सोन नदी क्षेत्र, पीपरडोल सोन नदी क्षेत्र, अण्डी सोन नदी क्षेत्र, देवरीडांड सोन नदी क्षेत्र एवं जेसीबी वाहन को कोटखर्रा के सोनालि नाला से अवैध रेत उत्खनन करते पाए जाने पर जप्त किया गया है। जप्त वाहनों को पुलिस थाना गौरेला, पुलिस थाना मरवाही एवं रक्षित केंद्र अमरपुर के सुरक्षार्थ में रखा गया है। जप्त वाहनों में वाहन क्रमांक सोनालिका सोल्ड ट्रेक्टर वाहन मालिक प्रताप सिंह पोर्ते निवासी ग्राम सिलपहरी तहसील पेण्डा, वाहन क्रमांक सोल्ड महेन्द्रा ट्रेक्टर वाहन मालिक राजेश यादव निवासी ग्राम कुम्हारी तहसील मरवाही, वाहन क्रमांक  CG29A2536  वाहन मालिक भंवर सिंह निवासी ग्राम सिलपहरी तहसील पेण्ड्रा, वाहन क्रमांक CG3188226 वाहन का प्रकार ट्रेक्टर वाहन मालिक वीरेन्द्र सिंह मसराम निवासी पतरकोनी तहसील पेण्ड्रारोड, वाहन क्रमांक सोल्ड महेन्द्रा ट्रेक्टर वाहन का प्रकार ट्रेक्टर वाहन मालिक चेतराम कुरशाल निवासी ग्राम साल्हेकोटा थाना मरवाही तहसील मरवाही, वाहन क्रमांक CG10AV3892 वाहन का प्रकार ट्रेक्टर वाहन मालिक सगीर अंसारी निवासी ग्राम सेवरा थाना पेण्ड्रा तहसील पेण्ड्रा, वाहन क्रमांक CG23M1272 वाहन का प्रकार ट्रेक्टर वाहन मालिक बृजलाल पोर्ते निवासी ग्राम धनपुर तहसील मरवाही, वाहन क्रमांक सोल्ड पावर ट्रेक वाहन का प्रकार ट्रेक्टर वाहन मालिक कमलेश्वर पेन्द्रो निवासी ग्राम पीपलामार तहसील पेण्ड्रा, वाहन क्रमांक सोल्ड सोनालिका वाहन का प्रकार ट्रेक्टर वाहन मालिक भुवनेश्वर पोर्ते निवासी ग्राम पीपलामार तहसील पेण्ड्रा, वाहन क्रमांक CG31A0588 वाहन का प्रकार ट्रेक्टर वाहन मालिक शुभांशु दुबे निवासी ग्राम बन्धी तहसील पेण्ड्रा एवं वाहन क्रमाक सोल्ड जेसीबी वाहन मालिक अमृत लाल गुर्जर निवासी ग्राम कोटखरां तहसील पेण्ड्रारोड शामिल है।

संवेदनशीलता की मिसाल! महासमुंद प्रशासन ने रिटायर शिक्षकों को तुरंत दिया पेंशन आदेश

महासमुंद राज्य शासन की मंशा अनुरूप जिला प्रशासन महासमुंद ने सोमवार को एक संवेदनशील एवं सराहनीय पहल करते हुए शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त शिक्षकों को सेवानिवृत्ति के अगले ही दिन पेंशन अदायगी आदेश (पीपीओ) प्रदान किया। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन तथा जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे, सहायक संचालक सतीश नायर एवं जिला कोषालय अधिकारी महासमुंद संजय कुमार चौधरी के निर्देशन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत महासमुंद हेमंत रमेश नंदनवार (आईएएस) द्वारा सेवानिवृत्त शिक्षकों को पीपीओ प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुरलीधर भोई, प्रधान पाठक प्राथमिक शाला खैरमाल, जो 31 अगस्त 2025 को सेवानिवृत्त हुए, को विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रकाश चंद्र मांझी की पहल पर 1 सितंबर 2025 को ही अवकाश नगदीकरण की राशि, जीपीएफ फाइनल पेमेंट, जीआईएस, एफबीएफ राशि तथा उपादान राशि के साथ पीपीओ प्रदान किया गया। इसी प्रकार चंद्रहास पात्र, प्रधान पाठक (मिडिल स्कूल) को भी पीपीओ आदेश सौंपा गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत हेमंत रमेश नंदनवार ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को शुभकामनाएँ एवं बधाई देते हुए कहा कि “शिक्षक समाज की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन नई पीढ़ी को गढ़ने में समर्पित किया। प्रशासन की ओर से यह हमारा दायित्व है कि उन्हें सेवा निवृत्ति के पश्चात त्वरित सुविधा और सम्मान मिले।” इस अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षकों को प्रशासन की ओर से शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित भी किया गया। उप कोषालय अधिकारी सरायपाली अनिमेष सिंह द्वारा रिटायरमेंट के अगले ही दिन भुगतान सुनिश्चित किया गया। इस त्वरित कार्यवाही में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के शाखा प्रभारी रुपेश महापात्र का विशेष योगदान रहा।