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छात्रावासों में विकसित होंगे खेल मैदान, कलेक्टर ने दिए उच्च गुणवत्ता के मटेरियल के उपयोग के निर्देश

छात्रावास में खेल मैदान करें विकसित, उच्च गुणवत्ता के मटेरियल करें उपयोग :- कलेक्टर  कलेक्टर ने निर्माणाधीन पॉलिटेक्निक छात्रावास का किया निरीक्षण शहडोल  कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने आज जिला मुख्यालय में  निर्माणाधीन 100 सीटर पॉलिटेक्निक छात्रावास का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति एवं परिसर में उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं का जायजा लिया।    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रावास भवन के विभिन्न हिस्सों का अवलोकन करते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं प्रगति के संबंध में संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने छात्रावास परिसर में विद्यार्थियों की सुविधा एवं सुरक्षित वातावरण को ध्यान में रखते हुए बाउंड्रीवाल का निर्माण कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए की निर्माण अधिनियम छात्रावास में उपयोग होने वाले मटेरियल उच्च गुणवत्ता के हो यह सुनिश्चित करें।   साथ ही परिसर में पर्याप्त संख्या में वृक्षारोपण कराने, विद्यार्थियों के खेलकूद के लिए बैडमिंटन एवं वॉलीबॉल कोर्ट विकसित करने तथा समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने परिसर में बच्चों के बैठने के लिए उपयुक्त बैठक व्यवस्था विकसित करने के भी निर्देश दिए, ताकि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को अध्ययन एवं अन्य गतिविधियों के लिए बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों एवं गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। छात्रावास का निर्माण पीआईयू द्वारा लगभग 714 लाख रुपए की लागत से कराया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति अनुविभागीय, डिप्टी कलेक्टर श्री भागीरथी लहरें,  सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री आनंद राय सिंहा, कार्यपालन यंत्री पी आई यू श्री रमाकान्त पांडे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

जयपुर में सिग्नल हटाकर यू-टर्न से चलेगा ट्रैफिक, 3 चौराहों पर नई व्यवस्था की तैयारी

जयपुर जयपुर के जगतपुरा स्थित हरे कृष्णा मार्ग पर ट्रैफिक सिग्नल पर रुकने के बजाय यू-टर्न के जरिए यातायात को आगे बढ़ाने की नई व्यवस्था शुरू करने की तैयारी जेडीए ने कर ली है। जेडीए का लक्ष्य 21 सितंबर से महल रोड के तीन प्रमुख चौराहों को ट्रैफिक सिग्नल फ्री करना है। इसके लिए प्रस्तावित सात यू-टर्न स्ट्रक्चर में से तीन का निर्माण पूरा हो चुका है। इनके जरिए जीवन रेखा हॉस्पिटल चौराहा, मुंबई हॉस्पिटल चौराहा और अक्षय पात्र चौराहा सिग्नल फ्री किए जाएंगे। नई व्यवस्था लागू करने से पहले स्थानीय लोगों से संवाद की तैयारी की गई है। इसको लेकर जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने गुरुवार को अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए। सिग्नल हटेंगे, पर खतरे बढ़े तो? सिग्नल हटाकर ट्रैफिक चलाने की कोशिश यू-टर्न पर वाहनों की लंबी कतार में बदल सकती है, क्योंकि मुख्य कॉरिडोर को संकरा कर दिया गया है। मार्ग पर अस्पताल हैं। यू-टर्न पर जाम लगने या वाहन फंसने की स्थिति में एंबुलेंस के लिए सबसे जरूरी समय गंवाने का खतरा रहेगा। लंबा चक्कर बचाने की कोशिश में चालक गलत कट, गलत लेन या गलत दिशा अपना सकते हैं। यही लापरवाही हादसे की वजह बन सकती है। यू-टर्न पर कई दिशाओं से वाहनों का मूवमेंट होगा। सुरक्षित पैदल क्रॉसिंग की व्यवस्था नहीं हुई तो सड़क पार करना बड़ी चुनौती बन सकता है। बस या बड़े वाहन के यू-टर्न लेते ही पीछे वाहनों की लंबी कतार लग सकती है। डिजाइन में कमी पूरे ट्रैफिक फ्लो पर भारी पड़ सकती है। आज मौके पर होगा ट्रैफिक मूवमेंट का परीक्षण जेडीए और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी 18 सितंबर को महल रोड पर संयुक्त निरीक्षण करेंगे। यू-टर्न स्ट्रक्चर पर वाहनों के सुगम संचालन में कहां परेशानी आ सकती है, इसका मौके पर परीक्षण किया जाएगा। महाजन ने अधिकारियों को ट्रैफिक पुलिस के साथ लगातार समन्वय रखने और यू-टर्न स्ट्रक्चर पर यातायात संचालन को सुगम बनाने के निर्देश दिए हैं। जेडीए ने शुक्रवार को दोपहर 2:30 बजे मंथन सभागार में मार्ग से जुड़े स्थानीय लोगों और संस्थानों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई है।

दिल्ली की वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का मौका, बेघर और ट्रांसजेंडरों के लिए विशेष शिविर; जानें तारीख

 नई दिल्ली  दिल्ली में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बेघर लोगों, ट्रांसजेंडर और सेक्स वर्करों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। दिल्ली के 13 जिलों में ये शिविर 23 और 24 सितंबर को शाम पांच से रात नौ बजे तक डयूसिब के रैन बसेरों और दूसरे चिन्हित स्थानों पर लगाए जाएंगे। ट्रांसजेंडर और सेक्स वर्करों तक पहुंचने के लिए उनके साथ काम करने वाले एनजीओ की मदद ली जाएगी। शिखिर में बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) भी मौजूद रहेंगे। अधिकारियों के मुताबिक इन लोगों को पहचान, पते और जरूरी दस्तावेज देने में कई बार परेशानी होती है। बेघर लोगों के पास स्थायी पता, पारिवारिक रिकॉर्ड या दूसरे जरूरी दस्तावेज नहीं होने से उनकी जानकारी सत्यापित करने में भी दिक्कत आती है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने कहा है कि जो व्यक्ति किसी इलाके का सामान्य निवासी है, उसका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। अधिकारियों को चुनाव आयोग के मैनुअल ऑफ इलेक्ट्रोरल रोल्स-2023 के मुताबिक इन आवेदनों पर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। ऑनलाइन फार्म जमा करने को प्रोत्साहित करने के साथ आवेदकों से फिजिकल फार्म भी लेने को कहा गया है। गौरतलब है कि 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में दिल्ली में 97,53,577 मतदाता हैं। इनमें 49,88,993 पुरुष और 47,64,137 महिला वोटर हैं। वहीं, 2025 विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाता सूची में 1,55,24,858 वोटर थे। ड्राफ्ट सूची में थर्ड जेंडर वोटरों की संख्या भी 1,261 से घटकर 447 रह गई है। ड्राफ्ट सूची से छूटे पात्र मतदाता 30 सितंबर तक फार्म छह के जरिए अपना नाम जोड़ने के लिए दावा कर सकते हैं। दावे और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक दावे और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक चलेगी। अंतिम मतदाता सूची चार नवंबर को जारी होगी। इसके अलावा 20 और 27 सितंबर को दिल्ली के सभी मतदान केंद्रों पर सुबह 10 से शाम पांच बजे तक सामान्य विशेष शिविर लगाए जाएंगे। यहां मतदाता ड्राफ्ट सूची चेक करने, फार्म जमा करने और आवेदन भरने में मदद ले सकेंगे।  

मालवीय नगर से रामनगर तक छापेमारी, कार और मकान से 80 बोतल अवैध शराब बरामद

जयपुर जयपुर में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के तहत कई प्रमुख इलाकों में छापेमारी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। शहर के पॉश इलाके मालवीय नगर से लेकर रामनगर मेट्रो स्टेशन के आसपास के क्षेत्रों में की गई इस मल्टीपल रेड में पुलिस और आबकारी विभाग की प्रवर्तन टीम ने रिहायशी मकानों और कारों से विभिन्न ब्रांड्स की दर्जनों अवैध शराब की बोतलें जब्त की हैं। इस कार्रवाई के दौरान मौके से 4 लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के कड़े निर्देशों पर अंजाम दी गई इस अचानक कार्रवाई से शहर में अवैध तरीके से शराब की सप्लाई करने वाले नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। अलग-अलग लोकेशन, एक साथ छापेमारी जानकारी के अनुसार, राजधानी के वीआईपी और रिहायशी इलाकों में अवैध शराब के भंडारण और कारों के जरिए की जा रही सप्लाई की गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं। इस इनपुट के आधार पर टीम ने प्लान बनाकर मालवीय नगर और रामनगर क्षेत्रों में एक साथ रेड मारी रामनगर मेट्रो स्टेशन के पास कार से मिली शराब पहली बड़ी सफलता रामनगर मेट्रो स्टेशन के पास मिली, जहां एक संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली गई। कार के भीतर से विभिन्न नामी ब्रांड्स की 36 बोतल अवैध शराब बरामद की गई। मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया, जो कार के जरिए शहर में डिलीवरी देने की फिराक में थे। मालवीय नगर के प्रधान मार्ग पर कार से धरपकड़ दूसरी कार्रवाई मालवीय नगर के प्रधान मार्ग पर की गई। यहां एक कार को इंटरसेप्ट कर जांच की गई, जिसमें से कई ब्रांड्स की अवैध शराब बरामद हुई। इस मामले में कार सवार आरोपी को हिरासत में लिया गया। रिहायशी मकान में छिपाकर रखी थी 44 बोतलें तीसरी और सबसे चौंकाने वाली कार्रवाई मालवीय नगर के ही मदर टेरेसा नगर में हुई। यहां एक रिहायशी मकान के अंदर अवैध शराब का गोदाम सा बनाया गया था। जांच टीम ने जब मकान की तलाशी ली, तो वहां से 44 बोतल विभिन्न ब्रांड की अवैध शराब जब्त की गई। इस ठिकाने से आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। उच्च अधिकारियों के सुपरविजन में कार्रवाई यह पूरी कार्रवाई प्रशासनिक अधिकारियों आयुक्त नमित मेहता, जिला अधिकारी घनश्याम शर्मा और उपायुक्त जोन ज्ञान प्रकाश मीणा के स्पष्ट निर्देशों पर अंजाम दी गई। अधिकारी लखन मीणा के निकट सुपरविजन और पीओ नरेंद्र सिंह सांजू के नेतृत्व में पूरी टीम ने ग्राउंड पर एक्शन लिया। टीम में इनका रहा विशेष योगदान कार्रवाई को सफलता से अंजाम देने में जमादार धीरज सिंह के साथ सिपाही हर्ष वशिष्ठ, रामेश्वर लाल, राम और रिंकू चौधरी का विशेष योगदान रहा। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि वे यह अवैध शराब कहां से ला रहे थे और शहर में किन-किन जगहों पर इसकी सप्लाई की जानी थी।

कनाडा से 12 सितंबर को लौटा युवक गिरफ्तार, फरीदकोट में 2 ग्रेनेड मिलने से मचा हड़कंप

फरीदकोट फरीदकोट में बाबा फरीद आगमन पर्व से पहले काउंटर इंटेलिजेंस ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए दो ग्रेनेड समेत एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गुरु अर्जन देव नगर निवासी नवजोत सिंह उर्फ नव के रूप में हुई है। नवजोत कनाडा का पीआर है और एक सप्ताह पहले ही भारत आया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों से संपर्क होने का संदेह है और उसने ड्रोन के जरिए विस्फोटक सामग्री मंगवाई थी। काउंटर इंटेलिजेंस ने उसे फिरोजपुर से एक्टिवा पर फरीदकोट आते समय गिरफ्तार किया।  आरोपी के खिलाफ थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, फाजिल्का में एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट और यूएपीए के तहत केस दर्ज किया गया है। 19 सितंबर से शुरू होने वाले पांच दिवसीय बाबा फरीद आगमन पर्व से पहले हुई इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी के नेटवर्क और संभावित निशाने को लेकर पूछताछ करेगी।  इस मामले में युवक के पिता सूबा सिंह ने बताया कि कनाडा में पीआर उसका बेटा 12 सितंबर को ही भारत लौटा है। वीरवार शाम उसके बेटे ने बताया कि उसका कोई कोरियर आना है और जब वह बेटे के साथ कोरियर लेने सादिक चौक पहुंचे तो वहां पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। उन्होंने पूरे मामले में इंसाफ की गुहार लगाई है।  

पठानकोट से BJP की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का आगाज, 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेगी

पठानकोट पंजाब को नशामुक्त बनाने और राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बनाने के मकसद से भारतीय जनता पार्टी आज एक विशाल जन-अभियान की शुरुआत करने जा रही है। पार्टी की ओर से नशा मुक्त पंजाब यात्रा का शंखनाद आज पठानकोट के सीमावर्ती इलाके माधोपुर स्थित एकता स्थल से हो रहा है। इस राज्यव्यापी यात्रा को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। माधोपुर में आयोजित होने वाली विशाल रैली और यात्रा के औपचारिक शुभारंभ से ठीक पहले एक बेहद संवेदनशील कार्यक्रम रखा गया है। मुख्य पंडाल के पीछे बनाए गए विशेष ग्रीन रूम में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन नशे की गर्त में धकेले गए 50 पीड़ित परिवारों से सीधे मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह पीड़ितों का दर्द सुनेंगे और उन्हें नशे के खिलाफ इस जंग में हर संभव मदद का भरोसा दिलाएंगे। 13 दिन, 4000 किलोमीटर और 117 विधानसभा क्षेत्र यह पूरी यात्रा 18 सितंबर से 30 सितंबर तक कुल 13 दिनों तक निरंतर चलेगी। इस दौरान प्रदेश भर में चार अलग-अलग यात्राएं निकाली जाएंगी, जो राज्य के सभी 117 विधानसभा हलकों को कवर करेंगी। इस महा-अभियान के तहत करीब 4000 किलोमीटर का सफर तय किया जाएगा। पहली यात्रा के सुचारू संचालन और नेतृत्व के लिए 15 विशेष रथ तैयार किए गए हैं। माधोपुर के एकता स्थल पर आज 10 हजार से अधिक लोगों के जुटने का दावा किया गया है। चरणबद्ध तरीके से शुरू होंगी अन्य तीन यात्राएं पहली यात्रा आज पठानकोट से शुरू होने के बाद, बाकी की तीन यात्राएं 19, 20 और 21 सितंबर को क्रमशः फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का और तलवंडी साबो से रवाना होंगी। फाजिल्का से निकलने वाली तीसरी यात्रा को केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल हरी झंडी दिखाएंगे। इन सभी यात्राओं का भव्य समापन 30 सितंबर को जालंधर में होगा। पठानकोट में रहेगा पहला रात्रि विश्राम माधोपुर से रवाना होने के बाद यह यात्रा सुजानपुर हलके के पूर्व विधायक दिनेश सिंह बब्बू के निवास स्थान पर चायपान के लिए रुकेगी। इसके बाद शाम छह बजे यात्रा पठानकोट शहर में प्रवेश करेगी। खानपुर चौक, डाकखाना चौक, पटेल चौक और एशिया पैलेस से गुजरते हुए यात्रा शहीद भगत सिंह चौक पहुंचेगी, जहां एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा। यात्रा का पहला रात्रि विश्राम पठानकोट में ही निर्धारित किया गया है। राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा का यह कदम प्रदेश में कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और आम जनता के बीच अपनी पैठ गहरी करने की एक बेहद सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है।

कूनो नेशनल पार्क में चीतों का कुनबा बढ़ा, KGP12 ने 4 शावकों को दिया जन्म

श्योपुर प्रोजेक्ट चीता के 4 साल पूरे होने के एक दिन बाद 18 सितंबर को कूनो नेशनल पार्क में जन्मी मादा चीता KGP12 ने 4 शावकों को जन्म दिया। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी। भारत की धरती पर जन्मी मादा चीता KGP12 ने खुले जंगल में चार शावकों को जन्म दिया है। इस नए जन्म के साथ ही देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 56 हो गई है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि चीते अब भारतीय जलवायु और जंगलों में पूरी तरह से रच-बस गए हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने साझा की खुशखबरी शावकों के जन्म की आधिकारिक जानकारी केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की। उन्होंने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए लिखा, "4 साल, 4 नई जिंदगियां – प्रोजेक्ट चीता के लिए यह उम्मीद और सफलता का प्रतीक है।" भारत में दूसरी पीढ़ी की शुरुआत मादा चीता KGP12 का खुले जंगल में मां बनना इस प्रोजेक्ट की एक बहुत बड़ी कामयाबी है। KGP12 दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता 'गामिनी' की बेटी है। गामिनी भारत में शावकों को जन्म देने वाली पहली चीता थी। अब उसकी बेटी द्वारा शावकों को जन्म देना यह साबित करता है कि यह प्रोजेक्ट अब विदेशों से चीते 'लाने' के शुरुआती चरण से आगे बढ़कर भारत में उनके 'बसने और बढ़ने' के प्राकृतिक दौर में सफलतापूर्वक प्रवेश कर चुका है। कूनो में चीतों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद KGP12 का भारत में जन्म लेना और अब उसके शावकों को जन्म देना प्रोजेक्ट चीता के लिए खास महत्व रखता है। इससे भारत में जन्मे चीतों के प्राकृतिक प्रजनन की प्रक्रिया बढ़ने का संकेत मिला है। कूनो में चीतों की संख्या बढ़ाने और उनके लिए अनुकूल माहौल बनाने के प्रयासों के बीच चार नए शावकों का जन्म वन्यजीव प्रेमियों के लिए भी अच्छी खबर है। पर्यावरण मंत्री ने इस मौके पर कूनो और प्रोजेक्ट चीता से जुड़े पूरे परिवार को बधाई दी। चार नए शावकों के जन्म के बाद कूनो में चीता संरक्षण अभियान की उपलब्धियों में एक और खास अध्याय जुड़ गया है। सीसीएफ उत्तम कुमार शर्मा ने इसकी जानकारी दी है। कूनो में चीता प्रोजेक्ट के 4 साल चार साल पहले 17 सितंबर 2022 को मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीतों की वापसी हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को कूनो में छोड़ा था। अब इस परियोजना के चार साल पूरे होने पर 17 सितंबर को कूनो के टिकटोली गेट पर हजारों दीप जलाए । यह आयोजन सेवा संकल्प अभियान के तहत हुआ । चीतों की वापसी के चार साल बाद कूनो में उनकी संख्या बढ़ी है और यहां भारत में भी शावकों का जन्म हुआ है। परियोजना ने श्योपुर को देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाई है। 4 साल में क्या बदला? चीता परियोजना के चार वर्ष पूरे होने पर देश में 52 चीते हैं। इनमें 49 कूनो नेशनल पार्क और 3 मंदसौर के गांधी सागर अभयारण्य में हैं। कुल 52 चीतों में से 32 का जन्म भारत में हुआ है। कूनो का प्राकृतिक वातावरण चीतों के प्रजनन के लिए अनुकूल साबित हुआ है। भारत में जन्मे शावकों ने परियोजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 17 सितंबर को कूनो में क्या होगा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और चीता परियोजना के चार साल पूरे होने के मौके पर टिकटोली गेट पर हजारों दीप जलाए । दीपों के जरिए चीता संरक्षण और भारत में चीतों की वापसी के प्रति आभार व्यक्त किया ।    

चंडीगढ़ में आज शुरू होगी ‘भारत टैक्सी’ सेवा, ड्राइवरों से नहीं लिया जाएगा कमीशन; जानें फायदे

 चंडीगढ़  Bharat Taxi News: चंडीगढ़ में आज से भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत हो रही है। आज सेक्टर 9 में मौजूद नई यूटी सचिवालय इमारत में आयोजित कार्यक्रम में इसका शुभारंभ होगा। कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल तथा केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। डिजिटल शुभारंभ के बाद भारत टैक्सी (Bharat Taxi App Launched) वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। भारत टैक्सी से लोगों को क्या फायदा होगा, ड्राइवरों को यह कैसे फायदा पहुंचाएगी, ओला-उबर जैसी टैक्सी सेवाओं से यह सर्विस कैसे अलग है, क्या यह सरकार द्वारा जारी एक नई पहल है? आइए, इन सभी सवालों के जवाब यहां जानते हैं। लेकिन इससे पहले जानना जरूरी है कि हाल ही में चंडीगढ़ में कई नामी टैक्सी सेवाओं के लाइसेंस छह महीने के लिए रद किए गए हैं। इसके कुछ दिनों बाद ही प्रशासन केंद्रशासित प्रदेश में भारत टैक्सी की शुरुआत कर रहा है। ओला-उबर जैसी सेवाओं पर लगी रोक पिछले सप्ताह चंडीगढ़ प्रशासन ने एक अहम फैसला लिया। इसके अनुसार, केंद्रशासित प्रदेश में एप आधारित कैब-बाइक टैक्सी सेवाओं वाली कंपनियों पर छह महीने की रोक लगा दी गई। ओला, इन-ड्राइव, उबर, रैपिडो का एग्रीगेटर लाइसेंस छह महीने के लिए सस्पेंड किया गया है। क्यों लिया यह फैसला? कैब और टैक्सी ड्राइवरों के करीब 100 दिन से चल रहे धरने और 15 दिन की भूख हड़ताल के बीच स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) ने यह फैसला लिया है। अब जानिए क्या है भारत टैक्सी सेवा भारत टैक्सी सेवा सरकार की एक नई पहल है, जिसकी शुरुआत 2 दिसंबर, 2025 को नई दिल्ली से हुई थी । इसका उद्देश्य कॉ-ओपरेटिव टैक्सी प्लेटफॉर्म पर प्राइवेट कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाना है। सरकार इस एप के जरिए यात्रियों और ड्राइवर दोनों के हितों का ध्यान रख रही है। सरकार के इस एप के जरिए टैक्सी चालकों को केवल सेवा प्रदाता के रूप में नहीं, बल्कि सहकारी व्यवस्था के हिस्सेदार के रूप में जोड़ा जाएगा। ड्राइवरों को क्या होगा फायदा? भारत टैक्सी सेवा का उद्देश्य तकनीक आधारित परिवहन सेवा में सहकारिता की भावना को लागू करना और ड्राइवरों की भागीदारी बढ़ाना है। प्रशासन के अनुसार, इस पहल से सहकारी मॉडल का विस्तार परिवहन क्षेत्र में होगा, जिससे चालकों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें उनकी भागीदारी और हिस्सेदारी सुनिश्चित हो सकेगी। यानी ड्राइवर खुद इस प्लेटफॉर्म के हिस्सेदार होंगे। खास बात है कि इसमें ड्राइवरों को कोई कमीशन नहीं देना होगा। इसके साथ ही राइडर को एक्सीडेंट और इंश्योरेंस कवरेज जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं। भारत टैक्सी एप से ड्राइवर को फायदे     किराया ड्राइवर के बैक अकाउंट में जाएगा।     एप में कंपनी का कोई वॉलेट नहीं है।     ड्राइवर कर्मचारी नहीं , बल्कि हिस्सेदार होंगे।     एप में कोई सर्ज प्राइसिंग नहीं है।     किराए में कोई फेरबदल नहीं होता। यात्रियों को क्या होगा फायदा? भारत टैक्सी एप का किराया अन्य टैक्सी सेवाओं की तुलना में 30 फीसदी (Bharat Taxi fare) तक कम है। वहीं, इस एप के जरिए यात्रियों की सुरक्षा, विशेषतौर पर महिलाओं की सुरक्षा पर फोकस किया गया है। गलत व्यवहार पर यात्री भारत टैक्सी एप के हेल्प-सपोर्ट सेक्शन में जाकर राइड से संबंधित कोई भी शिकायत दर्ज करवा सकता है। खास बात है कि 150 से ज्‍यादा महिला ड्राइवर ‘बाइक दीदी’ योजना के तहत प्लेटफॉर्म से जुड़ी हैं, इससे महिलाएं महिला कैप्टन या ड्राइवर का भी चुनाव कर सकती हैं।     कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं।     महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस।     अन्य टैक्सी सेवाओं से 30 फीसदी तक सस्ता।     राइड बुक करना काफी आसान।     कोई सर्ज प्राइसिंग नहीं।     वाहन को ट्रैक करना काफी आसान। किन शहरों में जारी है भारत टैक्सी एप की सेवाएं? भारत टैक्सी एप की शुरुआत दिल्ली में  हुई। आज इसे चंडीगढ़ में लॉन्च किया जा रहा है। इसके साथ ही जयपुर और राजकोट जैसे शहरों में भी इसका संचालन किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, इस सहकारी मॉडल को उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में भी चलाए जाने की प्रक्रिया जारी है। कैसे करें डाउनलोड? भारत टैक्सी एप (Bharat Taxi booking) को गुगल प्ले स्टोर या आईओएस से आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है। जिसके बाद यूजर अपनी ई-मेल आईडी या फिर मोबाइल नंबर से लॉग-इन कर सकता है। वहीं, राइडर्स भारत टैक्सी ड्राइवर एप डाउनलोड कर अपना आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस व वाहन से जुड़े अन्य डॉक्यूमेंट अपलोड कर वेरिफाई के बाद सर्विस शुरू कर सकते हैं।

मेस के खाने को लेकर भड़के 200 छात्र, देर रात सड़क पर उतरे; अधिकारियों ने पहुंचकर संभाला मामला

पलामू लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के बसौरा स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में गुरुवार की देर रात खराब खाना मिलने की शिकायत को लेकर छात्रों ने हंगामा किया। छात्र कॉलेज के सामने डालटनगंज-पांकी रोड के समीप जुट गए और मेस संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। छात्रों का आरोप था कि मेस में गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं दिया जा रहा है। मामले की जानकारी मिलने पर सदर एसडीएम संजय पांडेय, लेस्लीगंज के अंचल अधिकारी जागो महतो और फूड सेफ्टी टीम मौके पर पहुंची। एसडीएम ने छात्रों से बातचीत कर उनकी शिकायत सुनी। इसके बाद फूड सेफ्टी टीम ने मेस में तैयार भोजन समेत खाद्य सामग्री के कई सैंपल जब्त किए। कार्रवाई के आश्वासन पर शांत हुए छात्र सदर एसडीएम संजय पांडेय ने बताया कि छात्रों की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। फूड सेफ्टी टीम ने भोजन के सैंपल जब्त किए हैं और पूरे मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। सैंपल जब्त किए जाने और कार्रवाई के आश्वासन के बाद छात्रों ने हंगामा समाप्त किया और वापस हॉस्टल लौट गए। छात्रों ने मेस संचालक पर गुणवत्ताहीन भोजन उपलब्ध कराने और खाने में मिलावट किए जाने समेत कई आरोप लगाए हैं। जिस मेस को लेकर छात्रों ने शिकायत की है, वहां करीब 200 छात्रों के लिए भोजन तैयार किया जाता है।  

गर्मी में बिजली कटौती से मचा था हंगामा, अब लखनऊ में 232 करोड़ से होंगे 1000 से ज्यादा काम

लखनऊ  इस गर्मी जिन बिजली उपकेंद्रों में उपभोक्ताओं ने बिजली संकट को लेकर नाराजगी जताई, घेराव किया और सड़क जाम की। वहां बिजली विभाग ने हकीकत जानने का प्रयास कि आखिर बिजली ने परेशान क्यों किया? इसकी रिपोर्ट तैयार की गई, जिसमें स्थानीय अवर अभियंता व सहायक अभियंता ने स्थलीय रिपोर्ट तैयार की और ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि, नई 33 केवी लाइन, एक बिजली उपकेंद्र से दूसरी बिजली उपकेंद्र को इंटरलिंकिंग, पावर ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि, 11 केवी लाइन निर्माण, रिले, कंट्रोल पैनल, आइसोलेटर सहित तीन नए बिजली उपकेंद्रों को शामिल करते हुए दर्जनों कामों के सुधार की सिफारिश की गई। मुख्यालय स्तर पर चर्चा हुई और लेसा के सभी चारों जोन से कुल 232 करोड़ का प्रस्ताव तैयार करके 26 सितंबर 2026 को प्रस्तावित बोर्ड आफ डायरेक्टर की बैठक में रखा जाएगा। इस एडिशन बिजनेस प्लान को स्वीकृति भी मिलने की सौ प्रतिशत संभावनाएं अफसरों ने जताई है। क्योंकि अगर यह व्यवस्था अभी से आगामी गर्मी के लिए नहीं की गई तो वर्ष 2027 में बिजली का सबसे ज्यादा बुरा हाल होगा और उपभोक्ता सड़कों पर उतरने को विवश होंगे। बनाए जाएंगे तीन उपकेंद्र अमौसी जोन के उतरेटिया, निलमथा, कल्ली पश्चिम, एकता नगर, पारा के लोगों ने बिजली संकट को लेकर गर्मी में खूब नाराजगी जताई। इसलिए यहां कल्ली पश्चिम, पारा और गोसाईगंज, मोहनलालगंज व पूरनपुर के बीच पड़ने वाले बेलीराम में बिजली संकट से उबरने के लिए तीन नए उपकेंद्र बनाए जाएंगे। इससे आगामी कई सालों तक बिजली संकट खत्म जाएगा। उतरेठिया में दस एमवी का पावर ट्रांसफार्मर रखे जाने से यहां भी संकट पूरी तरह से खत्म होगा। इसके लिए 90 कराेड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया गया है। इसमें 63 से 250 केवीए तक 233 ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे, इनमें कइयों की क्षमतावृ़द्धि की जाएगी। लखनऊ मध्य जोन में 46 करोड़ का काम होगा। ऐशबाग बिजली उपकेंद्र में इस साल उपभोक्ताओं ने घेराव, तोड़फोड़ की थी, बिजली संकट से निजात दिलाने के लिए यहां दस एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। इसके अलावा पुराने लखनऊ सहित कई बिजली उपकेंद्रों में छोटे व बड़े मिलाकर 564 काम कराए जाएंगे। यहां भी सौ से अधिक ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि का काम किया जाएगा। जानकीपुरम जोन में प्रियदर्शनी, इंटिग्रल, सृष्टि सहित पांच बिजली उपकेंद्रों में पावर ट्रांसफार्मर पांच व दस एमवीए के लगाए जाएंगे। इसके अलावा 63 से 250 केवीए के 150 ट्रांसफार्मर अतिरिक्त लगेंगे और उनकी क्षमता बढ़ाई जाएगी। ऐसे तीन सौ से अधिक काम होंगे और उस पर 40 करोड़ खर्च होंगे। गोमती नगर जोन में चिनहट के शिवपुरी बिजली उपकेंद्र के लिए नई 33 केवी लाइन बनाने के साथ ही पावर ट्रासंफार्मर यहां लगाया जाएगा। इसके अलावा इंदिरा नगर, गोमती नगर, चिनहट सहित आसपास क्षेत्र में 74 नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। इन कामों के लिए 56 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया है।