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मनु भाकर और तूर को मिली बड़ी जिम्मेदारी, नागोया एशियन गेम्स में करेंगे भारत की अगुवाई

नई दिल्ली भारत के अभियान प्रमुख (Chef de Mission) सहदेव यादव ने शुक्रवार को मनु के ध्वजवाहक बनने की पुष्टि की. उन्होंने कहा, ‘मनु भाकर एक ध्वजवाहक होंगी.’ इसके बाद भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने तूर के दूसरे ध्वजवाहक होने की पुष्टि की. मनु भाकर के लिए यह जिम्मेदारी खास है. पेरिस ओलंपिक 2024 में उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे. वह स्वतंत्र भारत की पहली खिलाड़ी बनी थीं, जिन्होंने एक ही ओलंपिक में दो पदक जीते. वहीं तूर पिछले दो एशियाई खेलों में शॉटपुट का स्वर्ण पदक जीत चुके हैं. अब नागोया में दोनों भारत की अगुवाई करते हुए तिरंगा थामेंगे. उद्घाटन से पहले ही समारोह में रुकावट शनिवार को होने वाले आधिकारिक उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को नागोया में पारंपरिक फ्लैग होस्टिंग समारोह आयोजित किया जाना था. इसमें भारत समेत पांच दलों को हिस्सा लेना था. लेकिन समारोह शुरू होने से पहले ही इसमें देरी हो गई और बाद में इसे अचानक रोक दिया गया. यमन, उत्तर कोरिया, फिलिस्तीन, भारत और तिमोर-लेस्ते के प्रतिनिधिमंडल गार्डन पियर पर मौजूद थे. भारत की ओर से चार डिप्टी शेफ डी मिशन अचंता शरत कमल, लिजो डेविड थोट्टन, अलकनंदा अशोक और अंजलि भागवत भी वहां मौजूद थे. स्थानीय आयोजकों ने देरी के लिए किसी एक टीम से जुड़ी ‘कुछ परेशानी’ का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि स्थिति को करीब 15 मिनट में सामान्य करने की कोशिश की जाएगी. करीब 20 मिनट की देरी के बाद समारोह शुरू भी हुआ, लेकिन कुछ ही देर में इसे फिर रोकना पड़ा. शरत कमल और अंजलि भागवत मंच की ओर बढ़ चुके थे, लेकिन कार्यवाही रुकने के बाद उन्हें वापस प्रतीक्षा क्षेत्र में लौटना पड़ा. आयोजकों ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि आखिर किस टीम से जुड़ी क्या परेशानी थी. नागोया में पहले भी उठ चुके हैं सवाल फ्लैग होस्टिंग समारोह में हुई यह रुकावट ऐसे समय आई है, जब नागोया एशियाई खेलों की आयोजन व्यवस्था पहले से ही चर्चा में है. खिलाड़ियों और अधिकारियों की ओर से आवास और परिवहन को लेकर शिकायतें सामने आ चुकी हैं. इस बार पारंपरिक गेम्स विलेज की जगह खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए कंटेनर शैली के आवास, होटल और कोस्टा सेरेना क्रूज शिप समेत अलग-अलग जगहों पर ठहरने की व्यवस्था की गई है. कमरों के आवंटन में देरी और ट्रेनिंग वेन्यू तक पहुंचने में परेशानी की बातें भी सामने आई हैं. भारतीय MMA खिलाड़ी वरुण सान्याल ने आवास व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी. भारत के शेफ डी मिशन सहदेव यादव ने भी व्यवस्थाओं में कुछ मिसमैनेजमेंट की बात स्वीकार की थी. बैडमिंटन स्टार सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने बताया था कि भारतीय दल के कुछ सदस्यों को एक मौके पर बस के लिए कई घंटे इंतजार करना पड़ा. अब शुक्रवार की फ्लैग होस्टिंग में हुई रुकावट ने आयोजन व्यवस्था को लेकर चर्चा को और बढ़ा दिया है. हालांकि इसकी वजह के बारे में आयोजकों की ओर से विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है. शनिवार को तिरंगे के साथ भारत की एंट्री एशियाई खेलों का आधिकारिक उद्घाटन शनिवार, 19 सितंबर को होना है. कई खेलों की प्रतियोगिताएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं, लेकिन उद्घाटन समारोह के साथ खेलों का औपचारिक आगाज होगा.

संजू की वापसी से वैभव सूर्यवंशी को करना पड़ा इंतजार, गंभीर ने बताया टीम का प्लान

नई दिल्ली अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 में अभिषेक शर्मा ने 30 गेंदों में शतक ठोककर खूब सुर्खियां बटोरीं, लेकिन इसी सीरीज में संजू सैमसन ने भी चुपचाप अपना जवाब दे दिया. इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर लगातार नाकामी के बाद टीम से बाहर हुए संजू ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों में 117 रन बनाए, जिसमें दो अर्धशतक शामिल रहे. उनका स्ट्राइक रेट 180 रहा. गंभीर ने कहा कि इंग्लैंड में संजू को बाहर रखना उनके कोचिंग कार्यकाल का सबसे मुश्किल फैसला था. उन्होंने माना कि वर्ल्ड कप जीतने से पहले संजू के प्रदर्शन को देखते हुए यह फैसला आसान नहीं था. हालांकि, गंभीर ने यह भी कहा कि कई बार टीम मैनेजमेंट को खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म के आधार पर फैसला लेना पड़ता है. गंभीर के मुताबिक टी20 क्रिकेट में सिर्फ रन या विकेट नहीं देखे जाते, बल्कि खिलाड़ी और टीम कितना इम्पैक्ट डाल रहे हैं, यह ज्यादा अहम है. इसी वजह से उन्होंने अभिषेक के 100 रन से ज्यादा टीम के पावरप्ले में 100 रन पूरे करने को बड़ी उपलब्धि बताया. उनके कोचिंग कार्यकाल में भारत ने पहली बार पावरप्ले में 100 रन बनाए. गंभीर ने कहा कि टीम को इसी आक्रामक सोच के साथ आगे बढ़ना है और अब अगला लक्ष्य 300 रन का स्कोर है. वर्ल्ड कप वाली टीम पर भरोसा क्यों? संजू के मामले में गंभीर ने एक और बात साफ की. उनका कहना था कि टीम मैनेजमेंट शुरू से ही वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के कॉम्बिनेशन पर वापस जाने को लेकर स्पष्ट था. गंभीर ने कहा कि कोई खिलाड़ी दो-तीन मैच या एक-दो सीरीज में नाकाम होने से खराब खिलाड़ी नहीं बन जाता. भारत एक वर्ल्ड कप से दूसरे वर्ल्ड कप तक अजेय रहा और वर्ल्ड कप जीता. ऐसे में सिर्फ दो-तीन नाकामियों के बाद उस टीम या उसके खिलाड़ियों पर भरोसा खत्म नहीं किया जा सकता. संजू आए तो वैभव को करना पड़ा इंतजार अफगानिस्तान सीरीज में संजू की वापसी का सीधा असर 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर पड़ा. वैभव को प्लेइंग इलेवन से बाहर होना पड़ा. गंभीर ने इसे वैभव के लिए झटका नहीं, बल्कि इंतजार का हिस्सा बताया. उन्होंने कहा कि टीम मैनेजमेंट को वैभव की प्रतिभा और वह क्या कर सकता है, इसकी पूरी जानकारी है. लेकिन जो खिलाड़ी करीब दो साल से लगातार अच्छा कर रहा है, वह उस खिलाड़ी से आगे रहेगा जो अभी टीम में आया है. उनका संदेश साफ था- चाहे खिलाड़ी 15 साल का हो या 30 साल का, अगर मौका मिलने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है तो इंतजार करना होगा. भारतीय क्रिकेट में यही प्रतियोगिता है और टीम के ड्रेसिंग रूम में इस तरह की प्रतिभाओं की मौजूदगी ही टीम को मजबूत बनाती है.

अभिषेक शर्मा का तूफान, 11 छक्कों के साथ वैभव सूर्यवंशी से निकले आगे; 2026 में जड़े 96 सिक्स

नई दिल्ली साल 2026 में भारतीय बल्लेबाजों अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी के बीच एक खास रेस देखने को मिली है. वो रेस टी20 क्रिकेट में छक्के लगाने की है. हालांकि गुरुवार (17 सितंबर) को अफगानिस्तान के खिलाफ अभिषेक की तूफानी पारी ने समीकरण थोड़े बदल दिए हैं. अभिषेक इस साल टी20 क्रिकेट में कुल 96 छक्के लगा चुके हैं, जबकि 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के नाम पर 86 छक्के हैं. इस तरह अभिषेक ने वैभव पर 10 छक्कों की बढ़त बना ली है. अभिषेक शर्मा ने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में सीरीज के तीसरे और आखिरी टी20I मुकाबले में अफगानी गेंदबाजों की जमकर खबर ली. उन्होंने सिर्फ 34 गेंदों में 108 रन बनाए, जिसमें 11 छक्के के अलावा 9 चौके शामिल थे. इस पारी के दौरान उन्होंने 16 गेंदों में पचास रनों का आंकड़ा टच किया. फिर अभिषेक ने देखते ही देखते सिर्फ 30 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया. भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल में किसी बैटर का ये का सबसे तेज शतक रहा. साथ ही यह किसी फुल मेम्बर टीम के बल्लेबाज का दूसरी फुल मेम्बर टीम के खिलाफ सबसे तेज टी20I शतक भी रहा. बता दें कि अभिषेक शर्मा एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा टी20 सिक्स लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज हैं. अभिषेक ने 2025 में टी20 क्रिकेट में कुल 108 छक्के लगाए थे. इस साल अभिषेक 96 छक्के लगा चुके हैं और अपना ही रिकॉर्ड बेहतर करने की स्थिति में पहुंच गए हैं. 2024 में उनके बल्ले से 87 छक्के निकले थे. जबकि वैभव सूर्यवंशी 86 छक्कों के साथ चौथे स्थान पर हैं. दिलचस्प बात यह है कि कुल छक्कों की संख्या में अभिषेक शर्मा भले ही वैभव सूर्यवंशी से आगे निकल गए हों, लेकिन छक्का लगाने की आवृत्ति में युवा बल्लेबाज का आंकड़ा बेहतर है. 2026 में वैभव ने औसतन हर 4.99 गेंद पर एक छक्का लगाया है, जबकि अभिषेक के लिए यह आंकड़ा 6.64 है. एक कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले भारतीय (टी20 क्रिकेट) 108- अभिषेक शर्मा, 2025 96- अभिषेक शर्मा, 2026 87- अभिषेक शर्मा, 2024 86- वैभव सूर्यवंशी, 2026 85- सूर्यकुमार यादव, 2022 अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20I में 11 छक्के लगाने के साथ ही अभिषेक शर्मा ने एक और उपलब्धि हासिल की. अभिषेक बतौर भारतीय बल्लेबाज एक टी20 इंटरनेशनल पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं. इस सूची में सबसे ऊपर भी उनका ही नाम है. अभिषेक ने 2025 में मुंबई में इंग्लैंड के खिलाफ एक पारी में 13 छक्के लगाए थे. टी20I पारी में भारत के लिए सबसे अधिक छक्के 13- अभिषेक शर्मा बनाम इंग्लैंड, वानखेड़े, 2025 11- अभिषेक शर्मा बनाम अफगानिस्तान, दिल्ली, 2026 10- रोहित शर्मा बनाम श्रीलंका, इंदौर, 2017 10- संजू सैमसन बनाम साउथ अफ्रीका, डरबन, 2024 10- तिलक वर्मा बनाम साउथ अफ्रीका, जोहानिसबर्ग, 2024 10- ईशान किशन बनाम न्यूजीलैंड, तिरुवनंतपुरम, 2026

शेफाली वर्मा ने 15 गेंदों में ठोके 40 रन, भारत ने जापान को हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह

नई दिल्ली एशियन गेम्स 2026 के वुमेंस क्रिकेट कंप्टीशन का आखिरी क्वार्टर फाइनल मैच आज इंडिया और जापान के बीच खेला गया। इस मैच में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बड़ी जीत जापान के खिलाफ दर्ज की और सेमीफाइनल में शान से एंट्री कर ली। सिर्फ 57 रन पर जापान की टीम ढेर हो गई थी। भारत ने 5 ओवर में 58 रनों के लक्ष्य को 8 विकेट शेष रहते हासिल कर लिया। शेफाली वर्मा ने 15 गेंदों में 40 रन बनाकर मैच को पावरप्ले में ही खत्म कर दिया। हालांकि, प्लेयर ऑफ द मैच श्री चरणी को मिला, जिन्होंने 4 विकेट निकाले। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने इस मैच में टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी थी। जापान की महिला क्रिकेट टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए धीमी शुरुआत की। पावरप्ले में मेजबान टीम ने सिर्फ 24 रन बना सकी, लेकिन कोई विकेट उन्होंने नहीं गंवाया था। हालांकि, पूरी टीम बाद में 57 रन पर ढेर हो गई। भारत ने जल्दी इस मैच को खत्म किया और सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया। बांग्लादेश से अब भारत को 20 सितंबर को भिड़ना है, जबकि 22 को फिर मेडल मैच खेले जाएंगे। ये टीमें पहुंची हैं सेमीफाइनल में बांग्लादेश और चीन के बीच पहला क्वार्टर फाइनल शेड्यूल था, जो बारिश और गीले मैदान के कारण आयोजित नहीं हुआ। ऐसे में सीडिंग के आधार पर बांग्लादेश ने सेमीफाइनल में एंट्री कर ली, जबकि पाकिस्तान ने करीबी मैच में थाइलैंड को हराकर टॉप 4 का टिकट कटा लिया है। वहीं, आज सुबह श्रीलंका ने मलेशिया को हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। अब भारत ने जापान को रौंदकर सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया है। पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान की टक्कर श्रीलंका से होगी और दूसरे सेमीफाइनल में भारत के सामने बांग्लादेश की टीम होगी। भारत पहुंचा सेमीफाइनल में टीम इंडिया ने एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में एंट्री कर ली है। क्वार्टर फाइनल मैच में भारत ने जापान को 8 विकेट से हराया। भारत के सामने 58 रनों का लक्ष्य था, जिसे शेफाली वर्मा की तूफानी 40 रनों की पारी के दम पर भारत ने 5 ओवर में हासिल कर लिया। जापान की महिला क्रिकेट टीम भारत के खिलाफ इस क्वार्टर फाइनल मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी थी। पावरप्ले में 24 रन बनाए थे और कोई विकेट नहीं गंवाया था। हालांकि, 20वें ओवर तक टीम 57 रन ही बना सकी और सभी विकेट खो दिए। भारत के लिए 4 विकेट श्री चरणी ने लिए और 2 विकेट श्रेयंका पाटिल ने अपने नाम किए। सबसे ज्यादा स्कोर जापान के लिए ओपनर आयका काटो स्टैफर्ड ने बनाया। वे 25 रन बनाकर आउट हुईं। टीम इंडिया की प्लेइंग XI: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जी कमलिनी, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेट कीपर), दीप्ति शर्मा, श्री चरणी, श्रेयंका पाटिल, क्रांति गौड़ और नंदनी शर्मा जापान की महिला टीम की प्लेइंग XI: हारुना इवासाकी, अकारी निशिमुरा कानो (विकेट कीपर), माई यानागिडा (कप्तान), एरिका ओडा, अहिल्या चंदेल, शिमाको काटो, अयाका काटो-स्टैफ़ोर्ड, आयुमी फ़ुजिकावा, हिनासे गोटो, एरिका तोगुची क्विन और नोनोहा यासुमोटो

डीप नेक ब्लाउज में हार्दिक पंड्या की EX गर्लफ्रेंड ने किया डांस, वीडियो ने मचाई धूम

मुंबई  वेस्टइंडीज सीरीज के लिए टीम इंड‍िया का ऐलान बुधवार (16 स‍ितंबर) को हुआ, जहां भारतीय टीम से हार्द‍िक पंड्या का नाम नहीं था. पंड्या ने IPL 2026 के बाद से कोई प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेला है, इसकी वजह लगातार लगी चोटें हैं,  जून में उनको अफगान‍िस्तान के ख‍िलाफ वनडे सीरीज के लिए चुना गया था, लेकिन सीरीज शुरू होने से पहले ही उन्हें पैर में चोट लग गई थी।  इससे पहले वह मुंबई इंडियंस के लिए पीठ में खिंचाव की वजह से चार मैच नहीं खेल पाए थे,  इसके बाद वह BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) CoE में फ‍िटनेस और कंडीशनिंग पर काम कर रहे थे, तभी उन्हें एक और चोट लग गई. बहरहाल, हार्द‍िक पंड्या टीम में सेलेक्ट ना होने की वजह से चर्चा में हैं।  वहीं अब उनकी एक्स गर्लफ्रेंड रहीं जैस्मिन वाल‍िया अपने एक वीड‍ियो की वजह से छाई हुई हैं. जैस्मिन वालिया भारतीय मूल की ब्रिट‍िश स‍िंगर और टीवी प्रेजेंटर हैं.  उन्होंने अंग्रेज़ी, पंजाबी और हिन्दी में गाने गाये हैं, साल 2017 में जैक नाइट के साथ गाया उनका गाना 'बॉम डिग्गी' बीबीसी एशियन नेटवर्क के चार्ट में पहले स्थान पर रहा था, इसे अब तक 42 करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है।  36 साल की जैस्म‍िन ने अब एक ताजा वीड‍ियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. जहां सफेद रंग के स्लीवलेस, डीप नेक क्रॉप ब्लॉउज और सफेद साड़ी में गोल्ड ज्वेलरी पहनी नजर आ रही हैं. वीड‍ियो में वो 1975 में आई मूवी शोले के फेमस ट्रैक महबूबा, महबूबा पर डांस कर रही हैं।  वीड‍ियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा है, जब आप इंड‍िया में हों. इससे यह माना जा रहा है कि वो इस समय भारत में हैं. उनके इस वीड‍ियो को यूजर्स भी खूब पसंद कर रहे हैं और खूब कमेंट भी कर रहे हैं. कुल मिलाकर उनका लुक बहुत स्टाइलिश और बोल्ड है।  पोस्ट पर फैन्स का रिएक्शन जबरदस्त है, कोई लिख रहा है 'Jas!!!!', कोई उन्हें ड्रीमगर्ल कह रहा है,  एक कमेंट में तो हार्दिक पांड्या का नाम तक ले लिया गया, जैस्मीन वालिया लंबे समय से बॉलीवुड और सोशल मीडिया में अपनी बोल्ड अदाओं के लिए चर्चा में रहती हैं, सफेद आउटफिट में उनका ये लुक काफी वायरल हो रहा है,  जब हार्द‍िक का नाम जैस्म‍िन वाल‍िया से जुड़ा था  पंड्या ने मॉडल नताशा स्टेनकोविक संग 31 मई  2020 को शादी की और उसी साल 30 जुलाई को बेटे अगस्त्य का दुन‍िया में स्वागत किया.   लेक‍िन महज 4 साल बाद ही नताशा और पंड्या ने जुलाई 2024 में अपने तलाक की घोषणा की थी।  इसके बाद हार्द‍िक का नाम अगसत 2024 में ब्रिट‍िश स‍िंगर जैस्म‍िन वाल‍िया से जुडा. दोनों ही लोग कथ‍ित तौर पर ग्रीस में छुट्ट‍ियां मनाते देखे गए, जहां से उनके फोटो वायरल हुए, दोनों ही लोगों ने एक ही लोकेशन से अपने फोटो शेयर किए थे।  जैस्म‍िन आईपीएल 2025 में हार्द‍िक के मैच देखने गई थीं. वहीं वो चैम्प‍ियंस ट्रॉफी 2025 में भी हार्द‍िक के मैच देखने पहुंची थी, हालांकि उसके बाद उसी साल दोनों में अलगाव की खबरें आईं. बाद में हार्द‍िक का नाम मॉडल माह‍िका शर्मा के साथ जुड़ गया। 

स्पेन ने लुइस डे ला फुएंते पर जताया भरोसा, 2032 तक बढ़ेगा कोच का कॉन्ट्रैक्ट

मैड्रिड   स्पेन को 2026 फीफा विश्व कप में चैंपियन बनाने वाले कोच लुइस डे ला फुएंते 2032 तक अपने पद पर बने रहने के लिए अनुबंध बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं। स्पैनिश फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष राउल लूजन ने यह जानकारी दी। लुइस डे ला फुएंते का अनुबंध बढ़ाए जाने के मतबल यह हुआ कि स्पेन उन्हीं के नेतृत्व में फीफा विश्व कप 2026 में उतरेगी। वर्ल्ड फुटबॉल समिट में लूजन ने कहा कि डे ला फुएंते के रहने का फैसला, जो उनकी मौजूदा डील यूरो 2028 के बाद तक चलेगी, उनके नतीजों, काम और बड़े पैमाने पर सार्वजनिक समर्थन पर आधारित था। उन्होंने कहा, "उनके नतीजे खुद बोलते हैं, और उनका काम करने का तरीका खुद बोलता है। जनता उन्हें प्यार करती है और उनकी तारीफ करती है।" डे ला फुएंते, स्पेन के पूर्व अंडर-21 कोच, जिन्होंने 2022 वर्ल्ड कप के बाद लुइस एनरिक की जगह ली, ने स्पेन को 2023 यूईएफए नेशंस लीग, यूरो 2024 और फीफा विश्व कप 2026 का खिताब दिलाया है। फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने लियोनेल मेसी की कप्तानी वाली मजबूत अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर खिताब जीता था। यह स्पेन का दूसरा विश्व कप खिताब था। ठीक 2 साल पहले स्पेन ने यूरोपियन शोपीस में इंग्लैंड को 2-1 से हराया था। लूजान ने कहा, "मैंने उनका अनुबंध बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है क्योंकि वह आर्थिक हालात में टॉप-10 कोच में नहीं थे, और अब वह होंगे। हम अनुबंध को फाइनल कर रहे हैं ताकि वह और सालों तक हमारे साथ रहें। वह 14 साल से हमारे साथ हैं और मैं चाहता हूं कि वह अपना करियर यहीं खत्म करें।" डे ला फुएंते, जिन्होंने स्पेन की निचली लीग से अपना कोचिंग करियर शुरू किया था, एनरिक की जगह लेने से पहले स्पेन के यूथ सेट-अप में नौ साल बिताए, 2015 में यूरोपियन अंडर-19 चैंपियनशिप, 2019 में यूरोपियन अंडर-21 चैंपियनशिप और टोक्यो में 2021 ओलंपिक्स में रजत पदक जीता।  

पृथ्वी शॉ और आकृति अग्रवाल का रिश्ता खत्म! मंगेतर ने हटाई सगाई की तस्वीरें

मुंबई  क्रिकेटर पृथ्वी शॉ एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वह ऑफ फील्ड अपनी निजी जिंदगी में बड़े बदलाव से गुजर रहे हैं। पृथ्वी शॉ और उनकी मंगेतर अभिनेत्री आकृति अग्रवाल ने गुरुवार को आपसी सहमति से सगाई तोड़ने का फैसला किया है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आकृति ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी पुष्टि की। उन्होंने अपने इस फैसले के बारे में बताया और कहा कि उनके मुताबिक इस संबंध का आगे कोई भविष्य नहीं बचा था। दोनों की अपेक्षाएं और जिम्मेदारियां अलग-अलग थीं और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने साथ छोड़ने का फैसला लिया। आकृति अग्रवाल ने शेयर किया इमोशनल मैसेज भारतीय क्रिकेटर पृथ्वी शॉ और आकृति अग्रवाल ने मार्च 2026 में सार्वजनिक रूप से सगाई की थी। हालांकि 6 महीने के अंदर ही उन्होंने अलग होने का फैसला कर लिया है। उन्होंने आपसी सहमति से सगाई तोड़ने का फैसला किया है। आकृति ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, ''भारी दिल से बताना चाहती हूं कि मैं और मेरे मंगेतर अब अलग हो रहे हैं। आगे की जिंदगी को लेकर हमारे सोच और हालात अलग हैं, इसलिए हमने ये फैसला लिया है।'' उन्होंने आगे लिखा, 'चाहे हम एक-दूसरे से कितना भी प्यार और परवाह क्यों न करते हों, लेकिन अब ये मान लिया है कि हमारी राहें एक नहीं हैं। जिम्मेदारियों और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए हम दोनों ने मिलकर अलग होने का फैसला लिया है।'' आकृति अग्रवाल और पृथ्वी शॉ ने अलग होने की वजह बने हालातों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। लेकिन उनकी उन्होंने पृथ्वी को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी है। उन्होंने लिखा, “आगे बढ़ते हुए मैं सच में हम दोनों के लिए बेहतरीन भविष्य, शांति और खुशी की कामना करती हूं।” आकृति ने कहा, “इस मुश्किल समय में सभी से विनती है कि हमारी प्राइवेसी का सम्मान करें और हमारे इस फैसले के पीछे की वजहों को लेकर किसी तरह का अनुमान या अटकलें लगाने से बचें। समझने और हमारे हालात का सम्मान करने के लिए धन्यवाद।'' पृथ्वी शॉ का क्रिकेट करियर युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ को एक समय भारतीय टीम का उभरता हुआ सितारा माना गया था और उनकी तुलना कई बड़े दिग्गजों से होती थी लेकिन खराब फॉर्म और गलत वजहों के कारण वह भारतीय टीम से बाहर हो गए और फिर वापस लौटने में वह अभी तक सफल नहीं हुए हैं। उन्होंने 2018 में टेस्ट डेब्यू पर भारत के लिए शतक लगाया था और सुर्खियां बटोरी थी। हाल के सालों में फिटनेस और फॉर्म के कारण टीमों ने उनसे दूरी बना ली। आईपीएल 2025 में वह अनसोल्ड रहे थे और फिर उससे पहले मुंबई ने अपनी टीम से बाहर कर दिया था। हालांकि उन्हें आईपीएल 2026 के लिए दिल्ली कैपिटल्स ने अपनी टीम में शामिल किया था। उन्होंने भारत के लिए टेस्ट में 5 मैच खेलते हुए 339 रन बनाए। वनडे में उन्होंने 6 मैचों में 189 रन बनाए। टी20 इंटरनेशनल में उन्हें सिर्फ एक मैच खेलने का मौका मिला। 

रोहित की लॉर्ड्स में 138 रन की पारी का असर, वेस्टइंडीज सीरीज में फिर मौका

नई दिल्ली वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की ODI सीरीज के लिए जब टीम इंडिया का ऐलान हुआ, तो रोहित शर्मा का नाम फिर स्क्वॉड में था. उनके साथ यशस्वी जायसवाल और ऋतुराज गायकवाड़ जैसे विकल्प भी मौजूद हैं. यानी यह चयन किसी एक खिलाड़ी के लिए रास्ता रोकने का फैसला नहीं, बल्कि 2027 की टीम को आकार देने की प्रक्रिया का हिस्सा है. लेकिन इस कहानी का असली ट्विस्ट स्क्वॉड में रोहित का नाम नहीं है. असली कहानी है कि दो महीने में रोहित शर्मा को लेकर सवाल से जवाब तक का सफर कैसे बदल गया. कप्तानी गई, तो हर रन का हिसाब शुरू हुआ शुभमन गिल को वनडे कप्तानी सौंपे जाने के बाद रोहित की भूमिका पूरी तरह बदल गई. अब टीम उनके इर्द-गिर्द नहीं बन रही थी. वह सिर्फ एक बल्लेबाज थे और बाकी खिलाड़ियों की तरह उनकी जगह भी प्रदर्शन से तय होनी थी. यह बदलाव इसलिए भी बड़ा था क्योंकि रोहित अब भारत के लिए सिर्फ ODI क्रिकेट खेल रहे हैं. टेस्ट और T20 इंटरनेशनल से उनके संन्यास के बाद उनके पास फॉर्म साबित करने के मौके भी सीमित हैं. ऐसे में एक खराब सीरीज सिर्फ खराब सीरीज नहीं रहती, वह चयन की बहस का हिस्सा बन जाती है. ऑस्ट्रेलिया में रोहित ने पहले 73 और फिर नाबाद 121 रन बनाकर दिखाया कि कहानी अभी खत्म नहीं हुई है. लेकिन इसके बाद की 11 पारियों में उनके बल्ले से 57, 14, 75, 26, 24, 11, 16, 48, 79, 11 और 26 रन निकले. इनमें 75 और 79 जैसी पारियां थीं, लेकिन वह एक बड़ी, निर्णायक पारी गायब थी जो बाकी सारी चर्चाओं पर भारी पड़ सके. फिर इंग्लैंड सीरीज आई. बर्मिंघम में 11 रन और कार्डिफ में 47 गेंदों पर 26 रन. सवाल और तेज हो गए. क्या 2027 तक रोहित को लेकर सोचना भी चाहिए? क्या युवा ओपनरों को आगे बढ़ाने का वक्त आ गया है? 138 रन ने बदल दिया सवाल इंग्लैंड ने 387 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था. लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को ऐसी पारी की जरूरत थी जो मैच को वापस उसकी मुट्ठी में ला सके. रोहित ने वही किया… उन्होंने सिर्फ 110 गेंदों पर 138 रन ठोक दिए. 17 चौके और 5 छक्के. भारत मैच तो 27 रन से हार गया, लेकिन रोहित ने उस दिन एक अलग मैच जीत लिया- अपने भविष्य को लेकर चल रही बहस का. यह पारी इसलिए महत्वपूर्ण नहीं थी कि रोहित ने एक और शतक पूरा कर लिया. इसकी अहमियत इसलिए थी क्योंकि यह पारी उस वक्त आई जब उनके भविष्य पर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे थे. एक 39 साल के बल्लेबाज ने दिखाया कि उम्र और हालिया फॉर्म के आंकड़ों के बावजूद उनके बल्ले में अभी भी ऐसी ODI पारी निकालने की क्षमता है जो मैच की दिशा बदल सकती है. यही वह बिंदु था जहां सवाल बदल गया.पहले सवाल था- रोहित को और कितना खिलाया जाए? अब सवाल है- अगर रोहित इसी तरह की पारियां देते रहे तो उन्हें बाहर कैसे रखा जाए? 2027 की रेस अभी खुली है इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि रोहित का 2027 वर्ल्ड कप टिकट पक्का हो गया है. ऐसा मानना जल्दबाजी होगी. भारत के पास ओपनिंग के लिए कई विकल्प हैं. यशस्वी जायसवाल लंबे समय की योजना का हिस्सा हो सकते हैं. ऋतुराज गायकवाड़ भी ODI टीम में मौजूद हैं. शुभमन गिल पहले ही कप्तान और टीम के केंद्रीय बल्लेबाज बन चुके हैं. BCCI ने वेस्टइंडीज के खिलाफ ODI स्क्वॉड में इन विकल्पों को साथ रखा है. यानी रोहित को किसी विशेषाधिकार के आधार पर जगह नहीं मिलनी है. उन्हें रन बनाने होंगे, फिट रहना होगा और अपनी जगह को लगातार सही साबित करना होगा. लेकिन लॉर्ड्स की 138 ने इतना जरूर किया कि रोहित के लिए दरवाजा फिर से खुला हुआ दिखाई देने लगा. असली परीक्षा अब शुरू होगी वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज 27 सितंबर से शुरू होगी और तीनों मुकाबले भारत में खेले जाएंगे. इसके बाद नवंबर में न्यूजीलैंड, दिसंबर में श्रीलंका और जनवरी 2027 में जिम्बाब्वे के खिलाफ ODI सीरीज भी निर्धारित है. इसका मतलब है कि 2027 वर्ल्ड कप से पहले भारत के पास अपने ODI संयोजन को परखने के लिए कई मौके हैं. रोहित के लिए भी यही असली परीक्षा है. एक बड़ी पारी ने बहस बदली है, खत्म नहीं की. लॉर्ड्स की 138 ने उन्हें 2027 की टीम में जगह नहीं दिलाई, लेकिन उसने चयनकर्ताओं के लिए एक बात जरूर मुश्किल कर दी- रोहित शर्मा को अभी से भविष्य की तस्वीर से बाहर मान लेना. क्रिकेट में महान खिलाड़ियों की सबसे बड़ी ताकत कई बार सिर्फ उनके आंकड़े नहीं होते. वह क्षमता होती है कि जब दुनिया आपको कहानी का पुराना किरदार मानने लगे, तब आप एक ऐसी पारी खेल दें जिससे पूरी कहानी फिर लिखनी पड़े.  

BCCI को जल्द मिलेगा नया चीफ सेलेक्टर, अगरकर के बाद इन 2 नामों पर नजर

नई दिल्ली  बीसीसीआई ने मेंस की नेशनल सेलेक्शन कमिटी के नए अध्यक्ष की तलाश शुरू कर दी है. मौजूदा मुख्य चयनकर्ता और पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज अजीत आगरकर का अनुबंध 4 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है और. उनके कार्यकाल को बढ़ाने की संभावना बेहद कम है. अगरकर को जुलाई 2023 में इस पद पर नियुक्त किया गया था. माना जा रहा था कि उन्हें 2027 के वनडे विश्व कप तक पद पर बनाए रखा जा सकता है, लेकिन हालिया घटनाओं और बोर्ड के साथ मतभेदों के बाद इस निर्णय में बदलाव आया है।  मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस प्रशासनिक उथल-पुथल के बीच नए अध्यक्ष के रूप में दो प्रमुख नाम सामने आ रहे हैं. बीसीसीआई पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल (Parthiv Patel) और पूर्व स्पिनर प्रज्ञान ओझा (Pragyan Ojha) के नाम पर गंभीरता से विचार कर रहा है. प्रज्ञान ओझा फिलहाल मौजूदा चयन पैनल के सदस्य भी हैं।  रोहित शर्मा की कप्तानी और चयनकर्ताओं का फैसला विवाद का मुख्य कारण भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के भविष्य को लेकर बना गतिरोध है. रिपोर्टों के अनुसार, चयन समिति ने रोहित शर्मा से स्पष्ट कह दिया था कि वे भविष्य की योजनाओं में उन्हें शामिल नहीं देख रहे हैं. समिति का मुख्य लक्ष्य आगामी वनडे विश्व कप के लिए युवा खिलाड़ियों को लगातार अवसर देकर एक नई टीम तैयार करना है. हालांकि, चयनकर्ताओं ने टेस्ट और T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से पहले ही संन्यास ले चुके रोहित शर्मा पर छोड़ दिया था कि वे अपने वनडे करियर का अंतिम फैसला खुद लें।  बीसीसीआई और चयन समिति में तनातनी चयनकर्ताओं के इस रुख से क्रिकेट जगत में हड़कंप मच गया, जिसके बाद बीसीसीआई के सचिव देवाजीत सैकिया (Devajit Saikia) को सार्वजनिक रूप से सफाई देनी पड़ी. सैकिया ने स्पष्ट किया कि बोर्ड की रोहित शर्मा को संन्यास के लिए मजबूर करने की कोई योजना नहीं है और जब तक वे चयन मानदंडों में फिट बैठते हैं, उन्हें टीम में चुना जाएगा. बोर्ड सचिव के इस बयान ने चयनकर्ताओं को असहज स्थिति में डाल दिया. सूत्रों के मुताबिक, चयन समिति ने रोहित शर्मा से बात करने से पहले ही बोर्ड को अपने फैसले से अवगत करा दिया था. इस तरह बोर्ड के रुख में आए अचानक बदलाव और सार्वजनिक बयानबाजी से अजीत आगरकर नाराज बताए जा रहे हैं. इसी खींचतान के बीच, आगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू वनडे और T20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान भी किया।  जीत से भरा रहा अजीत अगरकर का कार्यकाल अजीत अगरकर का कार्यकाल परिणाम और सफलताओं के लिहाज से बेहद शानदार माना जाएगा. जुलाई 2023 में पद संभालने के बाद से उनके नेतृत्व में चयन समिति ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए, जिसका असर मैदान पर दिखा. अगरकर के दौर में भारतीय टीम ने लंबे समय से चले आ रहे आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को समाप्त किया. भारत ने वर्ष 2024 में शानदार प्रदर्शन करते हुए T20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया. इसके बाद 2025 में टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की. भारतीय क्रिकेट टीम का यह विजयी अभियान यहीं नहीं रुका. टीम ने 2026 के T20 विश्व कप में भी अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करते हुए एक बार फिर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया. लगातार तीन बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स में मिली यह जीत अगरकर के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी। 

खराब पिच पर लेस्टरशायर को मिली सजा, 27 अंक कटे और ₹6.43 लाख का जुर्माना

नई दिल्ली इंग्लैंड के काउंटी क्रिकेट क्लब लेस्टरशायर को खराब पिच के कारण भारी नुकसान झेलना पड़ा है। क्लब पर 5,000 पाउंड (₹6.43 लाख) का जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही 27 अंक भी काटे गए हैं। इस वजह से कल्ब डिवीजन वन से बाहर होने की कगार पर पहुंच गया है। इस क्लब के मैदान पर सौरव गांगुली की बायोपिक शूट हो रही है। क्लब ने खराब पिच के लिए फिल्म की शूटिंग को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, क्रिकेट डिसिप्लेन पैनल ने यह दलील स्वीकार नहीं की और कल्ब पर भारी जुर्माना लगा दिया। मैच रेफरी ने कहा था कि काउंटी चैम्पियनशिप मैच में लीसेस्टरशायर ने ग्लैमोरगन के खिलाप खराब पिच तैयार की। यह मैच 20 से 23 अगस्त तक के बीच हुआ था। क्रिकेट डिसिप्लेन पैनल ने भी क्लब को खराब पिच के लिए जिम्मेदार ठहराया और सजा सुनाई। नहीं मिले जीत के अंक लीसेस्टरशायर ने ग्लैमोरगन के खिलाफ मैच 42 रन से जीता, लेकिन पैनल ने जीत से मिले 19 पॉइंट काट लिए। इसके साथ ही 8 पॉइंट की पेनाल्टी लगाई। क्लब के पास अब फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए 10 दिन हैं। अगर लीसेस्टरशायर अपील नहीं करता है या उसकी अगली अपील भी खारिज कर दी जाती है तो कल्ब पर डिवीजन वन से रेलीगेशन का खतरा बना रहेगा। गांगुली की फिल्म शूटिंग से जुड़ा मामला लीसेस्टरशायर के हेड ग्राउंड्समैन कैलम लेविन ने इस मामले को सौरव गांगुली की बायोपिक की शूटिंग से जोड़ दिया। उन्होंने कहा, "इस बार यह एक इस्तेमाल की हुई पिच है। 10 हफ्ते पहले इस पर दो टी20 मैच हुए थे। गेम से पहले कई ऐसे हालात थे जो मेरे कंट्रोल से बाहर थे, जैसे मौसम 35 डिग्री था। चार दिन पहले एक अनशेड्यूल बॉलीवुड फिल्मिंग इवेंट भी था, और मुझे पिच पर काम करने की इजाजत नहीं थी। मुझे इसे कवर करने या कुछ भी करने की इजाजत नहीं थी।" आखिरी मैच में जीत जरूरी लीसेस्टरशायर के पास 12 मैचों में 89 पॉइंट्स हैं। काउंटी चैंपियनशिप के टॉप टियर में बने रहने के लिए उसे अपने डिवीजन वन मैच में हैम्पशायर को हराना होगा। क्लब की तरफ से कहा गया कि वह कानूनी तौर पर अपनी स्थिति का आंकलन कर रहे हैं। इसके बाद आगे फैसला लिया जाएगा। कल्ब प्वाइंट्स की पेनाल्टी और भारी जुर्माने के खिलाफ अपील कर सकता है।