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ईरान जंग में US के लिए मुश्किलें बढ़ीं, 2 फाइटर जेट और 2 चॉपर क्रैश, पायलट लापता

वाशिंगटन पिछले पांच हफ्तों से जारी ईरान-अमेरिका युद्ध अब अपने सबसे खतरनाक और अनिश्चित दौर में पहुंच गया है. पिछले 24 घंटों के भीतर ईरान ने दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराया है, जबकि बचाव अभियान में लगे दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर भी ईरानी हमले की चपेट में आ गए हैं।  ईरानी मीडिया की तरफ से कुछ तस्वीरें जारी की गई हैं और दावा किया गया है कि कुवैत स्थित 'कैंप बुहरिंग' पर हुए ईरानी हमलों में अमेरिकी सेना का एक 'बोइंग CH-47 चिनूक' भारी-भरकम हेलीकॉप्टर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।  28 फरवरी से शुरू हुई जंग के बाद  यह पहली बार है जब अमेरिकी विमानों को इस तरह नुकसान पहुंचा है. जिसने वाशिंगटन के ‘एयर सुपीरियरिटी’ के दावों को कड़ी चुनौती दी है.  जानकारी के मुताबिक, एक अमेरिकी F-15E लड़ाकू विमान ईरान के भीतर सैन्य अभियान के दौरान क्रैश हो गया. इस विमान में दो क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें से एक को बचा लिया गया, जबकि दूसरा अब भी लापता है और उसके ईरान में कहीं छिपे होने की आशंका है।  कुवैत में भी प्लेन क्रैश एक अन्य घटना में, कुवैत के ऊपर उड़ान भर रहे अमेरिकी A-10 वारथॉग अटैक एयरक्राफ्ट को निशाना बनाया गया, जो दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हालांकि, इसका पायलट सुरक्षित रूप से बाहर निकलने में सफल रहा।  लापता पायलट को खोजने के लिए भेजे गए दो ब्लैक हॉक (Black Hawk) हेलीकॉप्टरों पर भी ईरान ने भारी गोलीबारी की जिसके बाद वे किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे. लगातार दो विमानों के नुकसान को इस युद्ध में अमेरिकी सेना के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।  अमेरिकी सेना के लिए मुश्किल भरे रहे पिछले 24 घंटे      F-15E स्ट्राइक ईगल: ईरान की सीमा के भीतर एक F-15E स्ट्राइक ईगल को मार गिराया गया है. विमान में सवार दो क्रू मेंबर्स में से एक को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन दूसरा अभी भी लापता है. लापता क्रू मेंबर की तलाश में हाई-स्टेक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।      A-10 वारथॉग: दो A-10 वारथॉग विमानों को निशाना बनाया गया. इनमें से एक फारस की खाड़ी में क्रैश हो गया (पायलट सुरक्षित), जबकि दूसरे ने एक इंजन खराब होने के बावजूद इमरजेंसी लैंडिंग की।      रेस्क्यू  हेलीकॉप्टरों पर अटैक: लापता पायलट को खोजने निकले दो HH-60W जॉली ग्रीन II रेस्क्यू हेलीकॉप्टर भी ईरानी गोलाबारी की चपेट में आ गए. हालांकि क्रू सुरक्षित है, लेकिन कुछ जवान घायल हुए हैं।      इमरजेंसी लैंडिंग: एक F-16 फाइटर जेट और दो KC-135 टैंकर विमानों को भी तकनीकी खराबी या हमले के बाद इमरजेंसी घोषित कर सुरक्षित लैंडिंग करनी पड़ी।  ईरान का 'पायलट हंट'  ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दक्षिण-पश्चिम इलाके में लापता अमेरिकी पायलट की तलाश के लिए बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया है. ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गलिबाफ ने इसे जंग का टर्निंग पॉइंट बताते हुए कहा कि अब लड़ाई 'सत्ता परिवर्तन' से हटकर 'अमेरिकी पायलटों की तलाश' पर केंद्रित हो गई है।  ईरानी अधिकारियों ने अपने नागरिकों से पायलट की सूचना देने या उसे पकड़ने का आग्रह किया है और एक क्षेत्रीय अधिकारी ने 'शत्रु की सेनाओं' को पकड़ने या मारने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए बड़ा इनाम देने की भी घोषणा की है।  ट्रंप बोले- यह जंग है, होता रहता है राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन घटनाओं को बहुत अधिक महत्व न देते हुए कहा, 'यह जंग है और ऐसा होता रहता है.' उन्होंने संकेत दिया कि इन नुकसानों से ईरान के साथ चल रही बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा. हालांकि, सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम ट्रंप के उन दावों के विपरीत है जिनमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने ईरान के हवाई क्षेत्र पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया है।  सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर एयर डिफेंस सिस्टम भी मोबाइल मिसाइल और ग्राउंड फायर के जरिए खतरा पैदा कर सकते हैं. हाल ही में ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिकी विमान तेहरान के ऊपर उड़ान भर रहे हैं और ईरान कुछ नहीं कर पा रहा, लेकिन दो विमानों के गिरने की घटना ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।  फिलहाल जंग थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं और इसका असर पूरे मध्य-पूर्व पर पड़ रहा है. ईरान ने इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत फिर से शुरू करने के प्रयासों को खारिज कर दिया है, जिससे पाकिस्तान के नेतृत्व में चल रहे सीजफायर की कोशिशों को झटका लगा है. वहीं कुवैत के ऊर्जा ठिकानों पर हमले और तेल की कीमतों में उछाल ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की चिंता बढ़ा दी है। 

नासिक में भीषण दुर्घटना, कुएं में गिरने से एक ही परिवार के 9 सदस्यों की जान गई

नासिक  महाराष्ट्र के नासिक जिले के दिंडोरी तालुका में देर रात एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। एक मारुति XL6 कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित पानी से भरे कुएं में जा गिरी, जिसमें सवार नौ लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के नौ सदस्य शामिल थे। हादसा शुक्रवार रात करीब 10 बजे डिंडोरी शहर के शिवाजी नगर इलाके में हुआ। पुलिस के अनुसार, पीड़ित लोग डिंडोरी तालुका के इंदौर गांव के दरगुडे परिवार के सदस्य थे। मृतकों की पहचान सुनील दत्तु दरगुडे (32), उनकी पत्नी रेशमा, आशा अनिल दरगुडे (32) और परिवार के छह बच्चों के रूप में हुई है; इन बच्चों में सात से 14 साल की उम्र की पांच लड़कियां और 11 साल का एक लड़का शामिल है। कार्यक्रम से लौटते समय हुआ हादसा परिवार वाले एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौट रहे थे। जो रात के अंधेरे में अचानक चालक का वाहन पर से नियंत्रण छूट गया और कार सीधे सड़क किनारे बने गहरे कुएं में गिर पड़ी। पानी भरा होने के कारण बचाव कार्य और भी चुनौतीपूर्ण हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। देर रात तक चले बचाव अभियान में कड़ी मशक्कत के बाद कार और शवों को कुएं से बाहर निकाला गया। मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। कब हुआ हादसा? दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, यह परिवार एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौट रहा था। इसी दौरान अचानक कार का नियंत्रण बिगड़ गया और वह सड़क किनारे बने गहरे कुएं में गिर गई। कुएं में पानी भरा होने की वजह से राहत और बचाव कार्य और भी मुश्किल हो गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस को भी सूचना दी गई, लेकिन जब तक कार और लोगों को बाहर निकाला गया, तब तक सभी की मौत हो चुकी थी। परिवार के सभी सदस्यों की हुई मौत सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं। राहत-बचाव अभियान के तहत दो क्रेन और तैराकों की मदद से आधी रात के आसपास कार और उसमें सवार सभी लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक सभी की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने बताया कि सभी मृतक डिंडोरी तालुका के इंदोरे गांव निवासी दरगुड़े परिवार के सदस्य थे। मृतकों की पहचान सुनील दत्तू दरगुड़े (32), उनकी पत्नी रेशमा, आशा अनिल दरगुड़े (32) और परिवार के छह बच्चों के रूप में हुई है। बच्चों में पांच लड़कियां (उम्र 7 से 14 वर्ष) और एक 11 वर्षीय लड़का शामिल है। सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए डिंडोरी के सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।  पुलिस को क्या पता? फिलहाल, सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसे की असली वजह क्या थी। साथ ही सड़क की स्थिति, वाहन की रफ्तार और अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है। यह पहली बार नहीं है जब इस इलाके में ऐसा हादसा हुआ हो। इससे पहले भी यहां इस तरह की दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। जांच में जुटी पुलिस  दिंडोरी पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में वाहन से नियंत्रण खोना मुख्य कारण बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस रोड कंडीशन, वाहन की स्पीड और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद हादसे के सही कारण सामने आएंगे।  

भा.ज.पा. महिला आरक्षण बिल और परिसीमन के जरिए मिशन 2029 की ओर बढ़ी, बड़ा दांव खेला

नई दिल्ली  संसद का वर्तमान बजट सत्र बढ़ा दिया गया है। इसके बाद अब 16 से 18 अप्रैल के बीच लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की 3 दिवसीय बैठक होगी। इस विस्तारित सत्र को लेकर केंद्र सरकार की बड़ी तैयारियां हैं। सरकार इस तीन दिनों की कार्यवाही के दौरान महिला आरक्षण से संबंधित नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन से जुड़ा विधेयक ला सकती है। इसके अलावा केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी परिसीमन की प्रक्रिया भी जल्द ही शुरू कर सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन कदमों के साथ ही बीजेपी ने अभी से ही मिशन 2029 की तैयारी शुरू कर दी है। जहां 2014 से पहले बीजेपी का फोकस राम मंदिर, अनुच्छेद 370 और यूनिफॉर्म सिविल कोड जैसे मुद्दों पर था, वहीं अब पार्टी नए एजेंडे के साथ आगे बढ़ रही है। महिला आरक्षण के साथ साथ ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का मुद्दा भी तेजी पकड़ रहा है। बीजेपी इसे अपने बड़े सुधार के रूप में पेश करेगी और चुनाव में इसे वोट में बदलना चाहेगी। महिलाओं को मिलेगा 33 फीसदी आरक्षण इससे पहले केंद्र सरकार परिसीमन (डिलिमिटेशन) प्रक्रिया शुरू करने और लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसे एक रणनीतिक फैसला माना जा रहा है। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ यानी महिला आरक्षण कानून को संसद के विस्तारित सत्र में पास कराया जा सकता है। गौरतलब है कि यह कानून सितंबर 2023 में पास हुआ था, लेकिन इसमें लागू करने की कोई तय समय सीमा नहीं थी। अब 2029 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए बीजेपी इसे लागू करने के लिए तैयार है। 2027 तक पूरा होगा परिसीमन वहीं परिसीमन की प्रक्रिया भी 2027 तक पूरा होने की संभावना है। प्रस्ताव है कि लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या करीब 50 प्रतिशत बढ़ाई जाए। इससे लोकसभा की कुल सीटें बढ़कर 816 हो सकती हैं, जिनमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इससे पुरुष और महिला दोनों वर्गों को संतुलित प्रतिनिधित्व मिलेगा। परिसीमन को लेकर दक्षिण भारत में जो चिंता थी, उसे दूर करने के लिए सरकार राज्यों के बीच सीटों का अनुपात बरकरार रखने पर भी विचार कर रही है। अगर यह योजनाएं 2029 तक लागू हो जाती है, तो भारतीय राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। बीजेपी इस बदलाव का श्रेय लेकर महिला वोटरों को और मजबूत तरीके से जोड़ सकती है।

रूस के तेल पर भारत का बड़ा खेल, जंग के दौरान चीन को मिला तगड़ा झटका

नई दिल्‍ली ईरान और अमेरिका के बीच जंग से होर्मुज स्‍ट्रेट से तेल-गैस की सप्‍लाई बाधित हुई तो भारत ने रूसी तेल के आयात में जबरदस्‍त इजाफा किया है. भारत ने मार्च में रूस से कच्चे तेल की खरीद में भारी बढ़ोतरी दर्ज की. टाइम्‍स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने फरवरी की तुलना में मार्च में 90 फीसदी ज्‍यादा तेल का आयात किया है।  वहीं वेस्‍ट एशिया में चल रहे वॉर के कारण देश के कुल कच्चे तेल की खपत में लगभग 15% की गिरावट आई. ब्‍लूबर्ग की रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि जंग के कारण होमुर्ज बंद होने से भारत पर तेल-गैस की सप्‍लाई प्रभावित हुई है, जिस कारण पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) के आयात में 40% की गिरावट आई. साथ ही नेचुरल गैस की सप्‍लाई भी बाधित हुई है।  इस कारण भारत को दूसरे विकल्‍प की तलाश करनी पड़ी और यही कारण रहा कि भारत ने रूसी तेल की जबरदस्‍त खरीद की. रिपोर्ट यह भी कहती है कि यह उछाल अमेरिका के 30 दिनों की छूट के बाद आई है. हालांकि रूस के अलावा भारत ने कुछ और देशों से तेल का आयात बढ़ाया है।  रूस के साथ इन देशों से भी तेल का आयात  इसमें अंगोला, गैबॉन, घाना और कांगो जैसे अफ्रीकी देश शामिल हैं, जहां से भातर की ओर कच्‍चे तेल की खेप भरकर आ रही है, लेकिन यह रूसी तेल की तुलना में कम है. केप्‍लर के अनुसार, मिडिल ईस्‍ट सप्‍लायर द्वारा होर्मुज को बाईपास करने वाली पाइपलाइनों के माध्यम से आपूर्ति को फिर से शुरू करने से कुछ राहत मिली, जिसमें सऊदी और यूएई की पाइपलाइन शामिल हैं.  इन वैकल्पिक मार्गों ने समुद्री बाधाओं के बावजूद आंशिक आपूर्ति बनाए रखने में मदद की।  ईरान और वेनेजुएला से भी तेल सप्‍लाई  छूट के कारण अप्रैल तक भारत रूसी तेल की खरीद तो कर सकता है, जिससे भारत के पास पर्याप्‍त स्‍टॉक हो सकता है. हालांकि इसके साथ ही भारत के पास वेनेजुएला और ईरान के तेल का ऑप्‍शन भी खुला हुआ है. ईरान से भारत ने कुछ तेल का आयात किया है, जो आगे भी जारी रह सकता है।  कहां से पूरी हो रही गैस की सप्‍लाई  रूस के साथ ही भारत की गैस सप्‍लाई अमेरिका, ओमान, अंगोला और नाइजीरिया से हो रही है, क्‍योंकि कतर से एलएनज आयात में 92 फीसदी की गिरावट आई है. भारत कतर से सबसे ज्‍यादा गैस का आयात करता था, लेकिन अब सप्‍लाई बाधित होने से भारत ने अपने पोर्टफोलियो को बढ़ाया है।  चीन को झटका इधर, भारत द्वारा रूसी तेल के आयात में इजाफा किए जाने के कारण चीन को झटका लगा है. कुछ रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन द्वारा रूसी तेल आयात में कमी देखी गई है, लेकिन यह बहुत बड़ी गिरावट नहीं है. जनवरी फरवरी में चीन ने रूस से ज्‍यादा तेल आयात किया था, लेकिन मार्च में इसमें 5 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट आई है। 

ईरान के संकट के बीच भारत ने ब्रह्मोस का दम दिखाया, समंदर में अब आ रहा नया सिकंदर

विशाखापट्टनम ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच भारत के लिए आज बड़ा दिन है. भारत  पूरी दुनिया को समंदर के नए सिकंदर से परिचय कराएगा. जी हां, भारत के इस नए सिकंदर का नाम है. ‘तारागिरी’. यह भारतीय नौसेना को मिलने जा रहा है. ‘तारागिरी’ एक लेटेस्ट स्टील्थ युद्धपोत है. इस खतरनाक युद्धपोत को आज यानी शुक्रवार 3 अप्रैल को विशाखापत्तनम के समंदर में कमीशन किया जाएगा. भारत का यह लेटेस्ट वॉरशिप समंदर में दुश्मनों का काल है. यह ब्रह्मोस मिसाइल से लैस है. वही ब्रह्मोस मिसाइल, जिससे पाकिस्तान आज तक खौफजदा है।  दरअसल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशाखापत्तनम में युद्धपोत, ‘तारागिरी’ को नौसेना में शामिल करेंगे. यह युद्धपोत सुपरसोनिक मिसाइलों से लैस है. यानी इसमें ब्रह्मोस की ताकत दिखेगी. ये मिसाइल सतह से सतह पर मार कर सकती हैं. इसमें मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और एक विशेष पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली भी है।  ‘तारागिरी’ मतलब दुश्मन का काल अत्याधुनिक युद्ध प्रबंधन प्रणाली के चलते युद्धपोत का चालक दल पलक झपकते ही खतरों का जवाब दे सकता है. इन युद्धक क्षमताओं के साथ साथ तारागिरी मानवीय संकटों के समय आपदा राहत में भी बड़ी मदद कर सकता है. इसकी अनुकूल मिशन प्रोफाइल इसे उच्च-तीव्रता वाले युद्ध से लेकर मानवीय सहायता और आपदा राहत तक हर चीज के लिए आदर्श बनाती है. कितना शक्तिशाली है यह आईएनएस तारागिरी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह युद्धपोत एक बेहद शक्तिशाली प्लेटफॉर्म है. तारागिरी युद्धपोत 6,670 टन का है और इसमें स्वदेशी शिपयार्डों की परिष्कृत इंजीनियरिंग क्षमताओं का प्रतीक है. मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) द्वारा निर्मित यह युद्धपोत अपने पूर्ववर्ती डिजाइनों की तुलना में एक पीढ़ीगत विकास का प्रतिनिधित्व करता है। इसके निर्माण में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है. गौरतलब है कि सोमवार 30 मार्च को ही भारतीय नौसेना में युद्धपोत दूनागिरी शामिल किया गया है।  चलिए जानते हैं तारागिरी की खासयितें     प्रोजेक्ट 17ए के तहत बनाए जा रहे सात नीलगिरी क्लास के युद्धपोतों में से पहला एडवांस स्टेल्थ फ्रिगेट आईएनएस नीलगिरी को जनवरी 2025 में नौसेना में शामिल किया गया था. इसके बाद इसी वर्ष हिमगिरी और उदयगिरी को भी शामिल कर लिया गया. अब तारागिरी की बारी है।      गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ फ्रिगेट ‘तारागिरी’ ब्रह्मोस मिसाइल से लैस है. यह एंटी-सर्फेस और एंटी-शिप युद्ध में अत्यंत सक्षम है. एंटी-एयर वॉरफेयर के लिए इसमें लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल ‘बराक-8’, एयर डिफेंस गन, तथा एंटी-सबमरीन वॉरफेयर के लिए स्वदेशी टॉरपीडो ‘वरुणास्त्र’ और रॉकेट लॉन्चर लगाए गए हैं।      तारागिरी लंबी दूरी से आने वाले हमलों का पता लगाने, ट्रैक करने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए आधुनिक सोनार, कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम और मल्टी-फंक्शन डिजिटल रडार से लैस है. इस फ्रिगेट में हेलिकॉप्टर हैंगर भी है, जिसमें दो हेलिकॉप्टर आसानी से लैंड कर सकते हैं।      प्रोजेक्ट 17ए के तहत बनाए जा रहे सभी सात फ्रिगेट में लगभग 75 प्रतिशत उपकरण स्वदेशी कंपनियों से लिए गए हैं. इसका डिजाइन और स्टील भी स्वदेशी है. इसका डिजाइन नौसेना के वॉरशिप डिज़ाइन ब्यूरो ने तैयार किया है। 6700 टन वजनी यह फ्रिगेट 30 नॉटिकल मील प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है।      प्रोजेक्ट 17ए के तहत सात नीलगिरी क्लास गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ फ्रिगेट भारतीय नौसेना के लिए बनाए जा रहे हैं. इनमें से चार फ्रिगेट मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) और तीन गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) द्वारा बनाए गए हैं. वर्ष 2019 से 2022 के बीच इन सभी को लॉन्च किया जा चुका है।      तारागिरी नीलगिरी क्लास का चौथा फ्रिगेट है, जो अब नौसेना में शामिल होने जा रहा है, जबकि बाकी तीन के समुद्री परीक्षण जारी हैं. इन सभी स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट के शामिल होने के बाद समुद्र में भारत की ताकत में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।      नीलगिरी क्लास के सभी युद्धपोतों का डिज़ाइन नेवल डिज़ाइन ब्यूरो द्वारा किया गया है. प्रोजेक्ट 17 और 17ए के सभी फ्रिगेट के नाम भारत की पर्वत शृंखलाओं पर रखे गए हैं, जैसे- शिवालिक, सह्याद्रि, सतपुड़ा, नीलगिरी, हिमगिरी, तारागिरी, उदयगिरी, दूनागिरी, महेंद्रगिरि और विंध्यगिरि।   

चक्का जाम और DL रिन्यू में देरी पर अब नहीं होगी सजा! समझें जन विश्वास बिल के अहम पहलू

 नई दिल्ली देश की संसद से जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) बिल पारित हो गया है. गजट नोटिफिकेशन जारी होते ही यह बिल कानून की शक्ल ले लेगा. इस बिल के कानून बन जाने के बाद मौजूदा कानून के कई अपराध, अपराध के दायरे से ही बाहर हो जाएंगे. वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का दावा है कि इससे जनता की ईज ऑफ लिविंग बेहतर होगी, जीवनस्तर में बदलाव आएगा।  उन्होंने इसे 'राम राज्य' की अवधारणा से जोड़ते हुए उसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है. जन विश्वास बिल के जरिये 80 केंद्रीय कानून संशोधित किए गए हैं. इस संशोधन के जरिये करीब एक हजार अपराध, अपराध के दायरे से बाहर कर दिए गए हैं. कुछ अपराध में सजा का प्रावधान हटाकर जुर्माना जोड़ा गया है।  वहीं, कुछ अपराध ऐसे भी हैं जिनमें अब केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया जाएगा. बात करते हैं ऐसी कुछ 'छोटी गलतियों', जो इस बिल के कानून बन जाने के बाद अपराध के दायरे से ही बाहर हो जाएंगी।  ड्राइविंग लाइसेंस ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता अवधि समाप्त होने के बाद इसके रिन्यू कराने में मामूली देरी अपराध के दायरे से बाहर होगी. अब ड्राइविंग लाइसेंस वैधता समाप्त होने के बाद 30 दिन तक वैलिड माना जाएगा. डीएल रिन्यू कराने पर उसकी वैधता अवधि की गणना रिन्यू कराने की तारीख से की जाएगी, वैधता समाप्त होने की तारीख से नहीं।  राजमार्ग जाम राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत राजमार्ग जाम करने या ऐसी स्थिति उत्पन्न करने, जिससे आवागमन असुरक्षित हो, पर पांच साल तक की जेल या जुर्माना या फिर दोनों सजा का प्रावधान है. जन विश्वास बिल में इसके लिए जेल का प्रावधान समाप्त कर दिया गया है. राजमार्ग जाम करने के लिए नागरिक दंड, यानी जुर्माने का प्रावधान होगा।  आग का झूठा अलार्म आग का झूठा अलार्म देना अब अपराध नहीं होगा. जन विश्वास बिल में इसे अपराध के दायरे से बाहर कर दिया गया है. मौजूदा कानून के तहत यह अपराध की श्रेणी में आता है और इसके लिए सजा का प्रावधान है।  जन्म-मृत्यु की सूचना न देना जन्म-मृत्यु की सूचना न देना भी मौजूदा समय में कानून अपराध है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की ही बात करें तो दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 के तहत जन्म और मृत्यु की सूचना न देना अपराध है  और इसके लिए सजा का भी प्रावधान है. जन विश्वास बिल के जरिये इसे भी अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है. कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के तहत रजिस्टर में गलत प्रविष्टि भी अब अपराध के दायरे में नहीं आएगी।  आवारा मवेशियों से फसल को नुकसान आवारा मवेशियों से फसल को नुकसान पहुंचना दंडात्मक अपराध है. जन विश्वास बिल में कैटल ट्रेसपास एक्ट, 1971 को अपडेट कर सजा के प्रावधान को नागरिक दंड यानी जुर्माने में बदलने की बात है. इस कानून के जरिये पशुओं को छोड़ने या आवारा छोड़ने पर भी केवल जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान किया गया है।  बिजली से जुड़े अपराध में जुर्माना बिजली अधिनियम, 2003 के मुताबिक विभाग के आदेश-निर्देश का पालन नहीं करने पर तीन महीने की जेल या जुर्माने का प्रावधान है. जन विश्वास बिल के कानून बन जाने के बाद इस अधिनियम से जुड़े अपराध पर जेल का प्रावधान खत्म हो जाएगा. ऐसे मामलों में केवल जुर्माने का प्रावधान रह जाएगा।  कॉस्मेटिक्स का निर्माण-बिक्री ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत नियमों के खिलाफ कॉस्मेटिक्स का निर्माण करना, बिक्री करना दंडात्मक अपराध है. इसके लिए एक साल जेल, 20 हजार रुपये जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है. जन विश्वास बिल में जेल की सजा का प्रावधान खत्म कर केवल जुर्माने का प्रावधान किया गया है।  पहली बार अपराध पर सुधार का मौका जन विश्वास बिल में कुछ कानूनों के उल्लंघन पर सुधार का मौका देने की बात है. अप्रेंटिस अधिनियम के तहत जानकारी देने से इनकार करना या प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे व्यक्ति से ओवरटाइम काम कराना मौजूदा कानून के तहत दंडनीय अपराध है. ऐसे अपराध में पहली बार उल्लंघन पर सलाह, दूसरी बार उल्लंघन पर चेतावनी और उसके बाद भी यही अपराध किए जाने की स्थिति में जुर्माने का प्रावधान जन विश्वास बिल में किया गया है।  अपराध की गंभीरता के अनुपात में जुर्माना जन विश्वास बिल में यह प्रावधान किया गया है कि जुर्माने की राशि अपराध की गंभीरता के अनुपात में तय की जाएगी. इसमें यह प्रावधान भी किया गया है कि विधेयक में निर्धारित जुर्माने और दंड हर तीन साल में न्यूनतम राशि के 10 प्रतिशत के हिसाब से बढ़ेंगे। 

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच दावा, ईरान ने गिराया अमेरिकी फाइटर जेट—पायलट का अब तक सुराग नहीं

विदेश  ईरान ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने अमेरिका के दो फाइटर जेट मार गिराए हैं। एक एफ-35 और एफ-15 को मार गिराने का दावा किया गया। इस बीच, अमेरिका ने भी स्वीकार किया है कि उसका फाइटर जेट ईरान द्वारा मार गिराया गया है, जिससे पायलट लापता हो गया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने न्यूज एजेंसी 'रॉयटर्'स को बताया कि ईरान के ऊपर एक अमेरिकी फाइटर जेट को गिराया गया और किसी भी जीवित बचे व्यक्ति की तलाश और बचाव अभियान जारी है। वॉल स्ट्रीट जर्नल और एक्सियोस ने बताया कि अमेरिकी सेना द्वारा एक खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्ध का आदेश देने के बाद, ईरान के भीतर किसी विमान के नष्ट होने की यह पहली ज्ञात घटना है। वहीं, ईरान ने भी अमेरिकी पायलट को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। ईरान ने इसके लिए अपने सैनिकों को तैनात किया है और इनाम की भी घोषणा की है। ईरान व अमेरिका के बीच यह युद्ध एक महीने से भी ज्यादा समय से जारी है। 28 फरवरी को इजरायल व अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमला किया था, जिसमें सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके जवाब में हुई जवाबी कार्रवाई ने इस संघर्ष को पूरे मध्य पूर्व में फैला दिया, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था हिल गई और दुनिया भर में लाखों लोग प्रभावित हुए। 'पायलट को जिंदा पकड़ते हैं तो मिलेगा इनाम' ईरान की फार्स समाचार एजेंसी ने कहा, "सैन्य बलों ने उस अमेरिकी लड़ाकू पायलट को खोजने के लिए एक तलाशी अभियान शुरू किया है, जिसे आज पहले निशाना बनाया गया था।" एक ईरानी टेलीविजन रिपोर्टर ने आधिकारिक स्थानीय चैनल पर कहा, “कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत के प्यारे और सम्मानित लोगों, यदि आप दुश्मन पायलट या पायलटों को जिंदा पकड़कर पुलिस और सैन्य बलों के हवाले करते हैं, तो आपको एक कीमती इनाम और बोनस दिया जाएगा।” पूरे युद्ध के दौरान, ईरान ने दुश्मन विमानों को मार गिराने के बारे में कई दावे किए, जो बाद में सच साबित नहीं हुए। शुक्रवार को पहली बार ऐसा हुआ जब ईरान ने टेलीविज़न पर आकर जनता से एक संदिग्ध पायलट को खोजने की अपील की। इस बीच, ईरान ने शुक्रवार को समूचे पश्चिम एशिया में कई ठिकानों पर हमले किए, जिससे कुवैत में समुद्री पानी को पेयजल में बदलने वाला एक विलवणीकरण संयंत्र क्षतिग्रस्त हो गया और एक रिफाइनरी में आग लग गई। वहीं, अमेरिका और इजरायल ने हवाई हमले कर तेहरान को निशाना बनाया। इस युद्ध को शुरू हुए लगभग पांच सप्ताह हो गए हैं।

हिमाचल में बिजली सब्सिडी का नया नियम, 250 यूनिट तक फ्री बिजली और 300 यूनिट तक मिलेगी राहत

शिमला   हिमाचल प्रदेश सरकार ने बिजली ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए सब्सिडी का नया और स्पष्ट पैमाना तय किया है. अब राज्य में घरेलू उपभोक्ताओं को दो मीटरों पर कुल 250 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी, जबकि एक लाख गरीब परिवारों को 300 यूनिट तक निशुल्क बिजली देने का फैसला लागू कर दिया गया है. ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव शुभकर्ण सिंह ने इस संबंध में बिजली बोर्ड को निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे मुख्यमंत्री की बजट घोषणा को अमलीजामा पहनाया गया है।  कैसे मिलेगा 250 यूनिट फ्री बिजली का लाभ? एक उपभोक्ता को दो बिजली मीटरों पर कुल 250 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी।  यानी एक मीटर पर 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली।  यह लाभ एक राशन कार्ड पर अधिकतम दो मीटरों तक ही सीमित रहेगा।  जिनके पास दो से अधिक मीटर हैं, उनके लिए दो मीटर का चयन सिस्टम के जरिए होगा।      गरीब परिवारों को 300 यूनिट फ्री दी जाएगी. इससे राज्य के एक लाख निर्धन परिवारों को बड़ा फायदा होगा. इन परिवारों को एक मीटर पर 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाएगी. यानि पूरी तरह जीरो बिल मिलेगा. इसमें SET, ED और मीटर टैक्स भी नहीं लगेगा. पात्र परिवारों की सूची संबंधित विभाग बिजली बोर्ड को देगा।  स्लैब के हिसाब से समझें सब्सिडी का गणित     0 से 125 यूनिट: पूरी तरह मुफ्त (जीरो बिल)      126 यूनिट से ऊपर: कोई सब्सिडी नहीं.     यानी 126–300 और 301+ यूनिट पर पूरी दर से बिल देना होगा.     जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक कंज्यूमर आईडी को राशन कार्ड से लिंक नहीं किया, उन्हें सब्सिडी पाने के लिए यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी.     0 से 125 यूनिट: पूरी तरह मुफ्त (जीरो बिल).     126 यूनिट से ऊपर: कोई सब्सिडी नहीं.     यानी 126–300 और 301+ यूनिट पर पूरी दर से बिल देना होगा.     जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक कंज्यूमर आईडी को राशन कार्ड से लिंक नहीं किया, उन्हें सब्सिडी पाने के लिए यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी.     हिमाचल प्रदेश : NDPS Act में चार्ज फ्रेम होते ही पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे     हिमाचल प्रदेश : NDPS Act में चार्ज फ्रेम होते ही पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे     शिमला में प्रतिबंधित सड़कों पर गाड़ी चलाकर दिखाओ, लगेगा खासा मोटा जुर्माना     शिमला में प्रतिबंधित सड़कों पर गाड़ी चलाकर दिखाओ, लगेगा खासा मोटा जुर्माना     खंडवा: 2.60 लाख बिजली उपभोक्ताओं देना होगा बढ़ा बिल, हर महीने 1 करोड़ का भार     खंडवा: 2.60 लाख बिजली उपभोक्ताओं देना होगा बढ़ा बिल, हर महीने 1 करोड़ का भार     हिमाचल में बदला मौसम, दिन में धूप से गर्मी, शाम को बारिश-तूफान का अलर्ट     हिमाचल में बदला मौसम, दिन में धूप से गर्मी, शाम को बारिश-तूफान का अलर्ट ज्यादा मीटर वालों के लिए क्‍या बनाए गए नियम दो से ज्यादा मीटर होने पर केवल दो मीटर पर ही सब्सिडी दी जाएगी. बाकी मीटरों पर सामान्य दर से बिल आएगा. 125 यूनिट तक भी ऐसे मामलों में प्रति यूनिट तय दर से भुगतान करना होगा. कृषि उपभोक्ताओं को भी राहत सरकार ने किसानों के लिए भी सब्सिडी जारी रखी है. 0 से 20 KVA कनेक्शन पर बिजली दर 5.03 रुपये प्रति यूनिट इसमें 4.73 रुपये सब्सिडी यानी प्रभावी दर सिर्फ 30 पैसे प्रति यूनिट फिक्स्ड चार्ज: 105 रुपये प्रति माह  

असम चुनाव से पहले योगी की हुंकार, लव जिहाद और लैंड जिहाद पर कड़ा रुख

बारपेटा  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को असम के चुनावी रण में उतरे। एनडीए उम्मीदवार दीपक कुमार दास के पक्ष में बारपेटा में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कांग्रेस और यूडीएफ पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस चुनाव के पहले ही मैदान छोड़कर भाग गई, जबकि यूडीएफ को भी बंगाल की खाड़ी में फेंकने का समय आ गया है। उन्होंने असमवासियों से एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने का आह्वान किया और कहा कि घुसपैठियों को बाहर करना है और असम की डेमोग्राफी को बदलने नहीं देना है। एनडीए का संकल्प है कि असम को लव जिहाद-लैंड जिहाद की धरती नहीं बनने देंगे। यहां घुसपैठ नहीं होने देंगे। कांग्रेस व यूडीएफ की घुसपैठियों के जरिये डेमोग्राफी बदलने की साजिश सफल नहीं होने देंगे। एक-एक घुसपैठी को चिह्नित कर यहां से बाहर करने की भी व्यवस्था हो रही है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने तय किया है कि असम को घुसपैठ का अड्डा नहीं बनने देंगे और दंगाइयों को निकाल बाहर करेंगे। कांग्रेस और यूडीएफ को जब भी अवसर मिला, इन्होंने भारत व भारतीयता को अपमानित किया। यूडीएफ असम में घुसपैठ की जननी है। घुसपैठियों के बल पर असम की सत्ता पर कब्जा करना चाहती है। कांग्रेस उनकी सहयोगी बनकर असम की संस्कृति से खिलवाड़ कर रही है। वहीं एनडीए सरकार असम की सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण करते हुए हर घुसपैठिए को बाहर कर डेमोग्राफी को चेंज करने की साजिश को विफल कर रही है। सीएम ने असमवासियों को रंगोली बिहू उत्सव की शुभकामना दी। उन्होंने असम को भारत के गौरव की धरा बताया और कहा कि हर भारतवासी मां कामाख्या के दर्शन करने आता है। यहां की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक व समृद्ध परंपरा ने ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में महती भूमिका का निर्वहन किया है। वैष्णव परंपरा में श्रीमंत शंकर देव व माधव देव की पावन धरा ने नई ऊंचाई के साथ इसे एकता, भक्ति व मानवता के संदेश की भूमि के रूप में परिवर्तित किया है। असम का काजीरंगा नेशनल पार्क राइनो के साथ जैव विविधता के लिए जग विख्यात है। अहोम राजवंश ने इसी पावन धरा में विदेशी आक्रांताओं के छक्के छुड़ाकर अहोम की समृद्ध संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक ले जाकर भारत की रक्षा में योगदान दिया था। अहोम राजवंश के महान नायक लचित बोरफुकन का अदम्य साहस, शौर्य व पराक्रम भारतीय युवाओं के लिए प्रेरणा रहा है। असम ने मेहनत, परिश्रम व पुरुषार्थ से चाय की चुस्की को दुनिया तक पहुंचाया। असम अब चाय के साथ चिप के उत्पादन की केंद्रभूमि भी बन रही है। सीएम योगी ने तंज कसा कि कांग्रेस सरकार में भारत रत्न केवल एक खानदान के लोगों को प्राप्त होता था। असम के संगीत व संस्कृति की पहचान भूपेन हजारिका को कांग्रेस ने भारत रत्न नहीं दिया। उन्हें 2019 में मोदी सरकार ने और गोपीनाथ बोरदोलोई को 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने भारत रत्न दिया। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व की एनडीए सरकार ने संस्कृति, परंपरा व विरासत को आगे बढ़ाया। एनडीए सरकार सुरक्षा, सुशासन व सेवा के माध्यम से बिना भेदभाव शासन की योजनाओं का लाभ गांव, गरीब, किसान, महिला व नौजवान तक पहुंचा रही है। दूसरी ओर कांग्रेस नेतृत्व की सरकारों ने 60 वर्षों तक असम में अराजकता, दंगा, कर्फ्यू, घुसपैठ को बढ़ावा देकर सुरक्षा में सेंध लगाई और विरासत को अपमानित किया। कांग्रेस को मां कामाख्या कॉरिडोर, काजीरंगा नेशनल पार्क में राइनो संरक्षण, असम व पूर्वोत्तर की कनेक्टिविटी याद नहीं आई। आज पूर्वोत्तर राज्यों में सड़क, रेल, एयरपोर्ट व इनलैंड वाटरवे की बेहतरीन कनेक्टिविटी है और यहां इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, एम्स, आईआईटी, आईआईएम का निर्माण हो रहा है। मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से संवाद करते हुए कहा कि देश में जहां-जहां एनडीए सरकार है, पीएम मोदी के नेतृत्व में वहां-वहां विकास और विरासत का सम्मान है। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रामजन्मभूमि के लिए आंदोलन चला। असम से भी रामभक्त जाते थे, नारा लगाते थे कि रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। लेकिन, कांग्रेस ने कहा कि राम तो हुए ही नहीं। उसके सहयोगी दलों ने भी राम के अस्तित्व को नकारा, लेकिन जब यूपी में डबल इंजन सरकार बनी तो 500 वर्ष की तमन्ना पूरी हुई और अयोध्या में भव्य राममंदिर बन गया। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज दंगा, कर्फ्यू और माफिया मुक्त है। नो कर्फ्यू, नो दंगा, वहां सब है चंगा। यूपी की सड़कों पर कोई नमाज नहीं पढ़ सकता। वहां धर्मस्थलों से चिल्लाने की आवाज नहीं आती है। यदि किसी ने दंगा करने का दुस्साहस किया तो उसकी प्रॉपर्टी जब्त कर दलितों, गरीबों, जनजाति समुदाय में बांट दी जाती है। घुसपैठियों या दंगाइयों का कोई अधिकार नहीं होता। कांग्रेस व यूडीएफ ने असम की संस्कृति के साथ खिलवाड़ किया। घुसपैठियों को बसाकर डेमोग्राफी बदलने और असमवासियों के हक, राशन, मकान व जमीन पर जबरन कब्जे का काम किया। अब एक-एक घुसपैठिए को चिह्नत कर बाहर करने की व्यवस्था हो रही है। इसके साथ ही एनडीए की डबल इंजन सरकार पीएम मोदी के नेतृत्व में विरासत के रूप में मां कामाख्या कॉरिडोर के निर्माण को आगे बढ़ा रही है तो दूसरी ओर सीएम सरमा के नेतृत्व में असम सरकार विकास कार्य कर रही है।

पाकिस्तान में पेट्रोल 458 रुपए और डीजल 520 के पार, तेल की बढ़ी कीमतों से आम जनता परेशान

लाहौर   पाकिस्तान ने  डीजल और पेट्रोल की कीमतें 50% से ज्यादा बढ़ा दीं। एक महीने से भी कम समय में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। यह बढ़ोतरी मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक तेल कीमतों में हो रही तेज वृद्धि के चलते की गई है। डीजल की कीमत 55% से ज्यादा बढ़ाकर 520.35 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि पेट्रोल की कीमत लगभग 55% बढ़ाकर 458.40 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। अमेरिकी तेल कीमतों में 11% से ज्यादा की उछाल आई, जबकि ब्रेंट क्रूड की कीमतें 7% से ज्यादा बढ़ गईं। यह बढ़ोतरी तब हुई जब एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि सैन्य अभियान और तेज किए जाएंगे। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार पेट्रोलियम मंत्री मलिक ने कहा कि नई कीमतें शुक्रवार से प्रभावी होंगी. दरअसल ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध के बाद से पाकिस्तान ईंधन संकट में डूबा हुआ है और ऐसा पहली बार नहीं है जब 28 फरवरी को शुरू जंग के बाद पाकिस्तान में तेल के दाम बढ़ाए गए हैं।  अपनी ही बात से पलटे शहबाज डॉन की रिपोर्ट के अनुसार एक सप्ताह पहले ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि उन्होंने युद्ध शुरू होने के बाद से पेट्रोल की कीमत में 95 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 203 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की तीसरी सिफारिश को खारिज कर दिया है. इससे पहले, पीएम ने कहा था कि उन्होंने डीजल की कीमत में 177 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमत में 76 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी को खारिज कर दिया है. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि 13 मार्च को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद उन्होंने पहले भी इसी तरह की सिफारिश को खारिज कर दिया था. लेकिन अब पहले से ही आर्थिक संकट से जूझती पाक सरकार बेबस दिख रही है।  युद्ध शुरू होने के बाद, पाकिस्तान सरकार ने शुरुआत में 6 मार्च को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. अब एक बार फिर यह बढ़ोतरी की गई है।   आखिर क्यों लगी पाकिस्तान में 'महंगाई की आग'? पाकिस्तान इस वक्त चौतरफा संकट से घिरा है। इसके पीछे तीन मुख्य कारण हैं:     वैश्विक तनाव : ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों को आग लगा दी है। दुबई क्रूड $128.52 प्रति बैरल तक पहुंच गया है।     रुपए की बदहाली : डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया लगातार गिर रहा है, जिससे तेल का आयात करना बेहद महंगा हो गया है।     IMF की शर्तें : कर्ज के बोझ तले दबे पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कड़ी शर्तों को मानना पड़ रहा है, जिसके कारण सरकार चाहकर भी सब्सिडी नहीं दे पा रही। आम आदमी पर क्या होगा असर? यह सिर्फ पेट्रोल की कीमत नहीं है, यह एक 'महंगाई का चक्रवात' है जो हर चीज को निगल जाएगा:     किराया आसमान पर : बस, रिक्शा और ट्रक का भाड़ा बढ़ने से दफ्तर जाने वाले और छात्रों की जेब खाली हो जाएगी।     थाली से गायब होगी रोटी : जब ट्रांसपोर्टेशन महंगा होगा, तो आटा, दाल, दूध और सब्जियों की कीमतें भी दोगुनी हो जाएंगी।     धंधा चौपट : डिलीवरी बॉय, टैक्सी ड्राइवर और छोटे व्यापारियों के लिए अब अपना काम जारी रखना नामुमकिन सा हो गया है। भारत vs पाकिस्तान : एक बड़ी तुलना जहां भारत में आज पेट्रोल औसतन ₹100-₹110 के बीच स्थिर है, वहीं पाकिस्तान में यह 4 गुना ज्यादा महंगा हो चुका है। भारत ने रूस से सस्ता तेल खरीदने की रणनीति और मजबूत पेट्रोलियम रिजर्व के दम पर अपनी जनता को इस वैश्विक संकट से बचा लिया। दूसरी ओर, पाकिस्तान की राजनीतिक अस्थिरता और कर्ज पर निर्भरता ने उसे इस मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है। आगे क्या? विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल-ईस्ट में युद्ध के हालात नहीं सुधरे, तो अगली समीक्षा में पेट्रोल ₹500 का आंकड़ा भी पार कर सकता है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का कहना है कि लागत तो ₹544 होनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने 'थोड़ी राहत' दी है। मगर जनता पूछ रही है कि ऐसी राहत का क्या करें जिससे चूल्हा जलाना ही मुश्किल हो जाए?