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संवैधानिक अनादर पर मोदी की टिप्पणी, TMC पर कड़ा आरोप

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी ने बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम के बहिष्कार को लेकर टीएमसी सरकार पर तीखा हमला बोला और इसे संविधान व लोकतंत्र का अपमान बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सम्मान के साथ समझौता किया गया और यह न केवल राष्ट्रपति बल्कि देश के संविधान का भी अपमान है। यह लोकतंत्र की महान परंपरा का भी अपमान है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संथाल समुदाय के एक बड़े सांस्कृतिक उत्सव में शामिल होने के लिए पश्चिम बंगाल गई थीं। लेकिन इस महत्वपूर्ण और पवित्र कार्यक्रम में उन्हें उचित सम्मान देने के बजाय टीएमसी ने उसका बहिष्कार किया। पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति स्वयं आदिवासी समाज से आती हैं और वह हमेशा आदिवासी समुदाय के विकास और कल्याण को लेकर चिंतित रही हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार की ओर से कार्यक्रम के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई गई। टीएमसी सरकार पर सत्ता के अहंकार प्रधानमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार ने इस आयोजन को पूरी तरह अव्यवस्था के हवाले कर दिया। उनका कहना था कि यह घटना केवल राष्ट्रपति का अपमान नहीं है, बल्कि यह भारत के संविधान और उसकी मूल भावना का भी अनादर है। उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र की महान परंपरा में राष्ट्रपति का पद सर्वोच्च सम्मान का प्रतीक होता है। ऐसे में किसी भी राजनीतिक मतभेद से ऊपर उठकर इस पद की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। पीएम मोदी ने टीएमसी सरकार पर सत्ता के अहंकार में डूबे होने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती हैं। राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल उल्लंघन पर केंद्र सख्त इससे पहले केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से इस संबंध में विस्तृत जवाब मांगा है। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल, कार्यक्रम स्थल और मार्ग व्यवस्था से जुड़े नियमों के कथित उल्लंघन पर पश्चिम बंगाल सरकार से रविवार शाम 5 बजे तक जवाब तलब किया गया है। केंद्र सरकार ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक जैसे वरिष्ठ अधिकारियों का स्वागत के लिए उपस्थित न होना "ब्लू बुक" के नियमों का उल्लंघन बताया है।

ट्रंप के मंत्री ने बदला सुर, भारत पर हाई टैरिफ को पहले सही बताया, अब किया कुछ और खुलासा

नई दिल्ली मिडिल ईस्ट में भीषण जंग (Middle East Conflict) छिड़ी है. अमेरिका और इजरायल लगातार ईरान पर घातक हमले (US-Israel Iran War) कर रहे हैं, तो दूसरी ओर Iran भी जमकर मिसाइल अटैक करता नजर आ रहा है. युद्ध से बढ़ी ग्लोबल टेंशन के बीच भले भी डोनाल्ड ट्रंप के सख्त तेवर दिख रहे हैं, लेकिन उनके मंत्रियों के अब सुर बदले-बदले नजर आ रहे है. जी हां, दो महीने पहले तक अमेरिकी वित्त मंत्री भारत पर निशाना साधते हुए रूसी तेल की खरीद को लेकर लगाए गए 50% US Tariff को सही ठहरा रहे थे, तो वहीं अब कुछ अलग ही बात कहते हुए नजर आ रहे हैं। मिडिल ईस्ट जंग के बीच बड़ा बयान अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bassent ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर एक पोस्ट के जरिए जो नया बयान दिया है, वो उनकी दो महीने पहले के तेवरों से बिल्कुल अलग है. जी हां, बेसेंट, जो दो महीने पहले भारत पर निशाना साध रहे थे और ज्यादा टैरिफ को सही करार दे रहे थे, अब ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा बड़े कंज्यूमर देशों को दूसरे सोर्स खोजने के लिए बढ़ावा देने को सही ठहराते हुए नजर रहे हैं. उन्होंने कहा है कि अमेरिका दुनिया के एनर्जी मार्केट में स्थिरता के लिए मिलकर काम कर रहा है।  'हम सबसे बड़े उत्पादकों के साथ…' वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'US दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे ताकतवर इकोनॉमी है और अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े प्रोड्यूसर, कंज्यूमर और रिफाइनर के साथ मिलकर एनर्जी मार्केट में स्थिरता बनाए रखने के लिए काम कर रहा है, जबकि हम अपनी सेफ्टी और सिक्योरिटी के लिए खतरों को खत्म कर रहे हैं.' उन्होंने आगे कहा कि यह एक साझा मकसद है, जिसके लिए हम सब काम कर रहे हैं और हम इसी लक्ष्य को शेयर करने वाले अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को धन्यवाद देते हैं। ऐसे भारत पर साधते रहे थे निशाना गौरतलब है कि अब ट्रंप टैरिफ को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट गैरकानूनी करार दे चुका है, लेकिन बीते साल भारत पर लगाए गए 50 फीसदी के हाई टैरिफ को लेकर अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट लगातार निशाना साधते हुए नजर आ रहे थे और टैरिफ को सही ठहरा रहे थे. उन्होंने भी ट्रंप के सुर में सुर मिलाकर कहा था कि रूस से तेल खरीद कर भारत यूक्रेन युद्ध में रूसी को आर्थिक मदद पहुंचा रहा है। यही नहीं दावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF Davos 2026) में भी उन्होंने रूसी तेल खरीदने वाले देशों के बारे में खुलकर बात की थी. एक इंटरव्यू के दौरान बेसेंट ने बड़ी धमकी देते हुए कहा था कि सीनेटर लिंडसे ग्राहम द्वारा सीनेट के समक्ष रखे गए उस प्रस्ताव में रूसी तेल खरीदना जारी रखने वालों को 500% टैरिफ लगाकर दंडित (500% Tariff For Buying Russian Oil) करने का प्रावधान है. हालांकि, टैरिफ पर ट्रंप को SC ने बड़ा झटका दे दिया और अब उनके मंत्री के भी सुर बदल गए हैं।

ममता का चुनावी दांव, बंगाल में बेरोजगार युवाओं को हर महीने 1500 रुपये की सहायता

कलकत्ता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों (Bengal Elections) की आहट के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने युवाओं को साधने के लिए एक बड़ी घोषणा की है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री ने राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए 1,500 रुपये प्रति माह के भत्ते का ऐलान किया। ममता बनर्जी ने साफ किया कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं को भविष्य में आत्मनिर्भर बनाने में मदद करना है। ममता बनर्जी ने यह घोषणा मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के खिलाफ आयोजित एक धरने के दौरान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहले इस योजना को अप्रैल से लागू करने का निर्णय लिया था, लेकिन अब इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "चूंकि कल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है, इसलिए उपहार के रूप में हमने भुगतान की तारीख 1 अप्रैल से बदलकर आज (7 मार्च) कर दी है। युवाओं को अब अप्रैल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।" कौन होगा इस योजना का पात्र? योजना की पात्रता को लेकर मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए हैं। पात्र युवाओं के लिए माध्यमिक परीक्षा (कक्षा 10वीं) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। 21 से 40 वर्ष के बीच के युवक और युवतियां इसके पात्र होंगे। जो छात्र अभी पढ़ाई कर रहे हैं और छात्रवृत्ति के अलावा किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं, उन्हें भी इस राशि का लाभ मिलेगा। बंगाल में 40% घटा बेरोजगारी का स्तर विपक्ष के हमलों के बीच ममता बनर्जी ने अपने शासनकाल के दौरान रोजगार के आंकड़े भी पेश किए। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में बेरोजगारी की दर में 40 प्रतिशत की कमी आई है। मुख्यमंत्री ने रोजगार सृजन के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में कम से कम 40 लाख लोगों को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से लगभग 10 लाख लोगों को रोजगार मिल चुका है। उन्होंने कहा कि 'उत्कर्ष बांग्ला' के माध्यम से प्रशिक्षित युवाओं के डेटा को सीधे उद्योगपतियों की वेबसाइटों से जोड़ा गया है, जिससे प्लेसमेंट में आसानी हुई है। हाल ही में लगभग 10,000 लोगों को जूट उद्योग में प्रशिक्षित किया गया है, जिन्हें जल्द ही काम पर रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) में देश में नंबर एक है और लगभग 1.5 करोड़ लोग इस क्षेत्र में कार्यरत हैं। किसानों और प्रवासियों के लिए भी राहत युवाओं के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने भूमिहीन किसानों के लिए भी 4,000 रुपये की सहायता राशि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पहले केवल एक कट्ठा जमीन वाले किसानों को ही लाभ मिलता था, लेकिन अब इसका दायरा बढ़ाया गया है। साथ ही, प्रवासी श्रमिकों को भी राज्य के भीतर ही काम के अवसर प्रदान करने का आश्वासन दिया गया है।

केंद्र ने राष्ट्रपति मुर्मू के प्रोटोकॉल उल्लंघन पर ममता सरकार से मांगी रिपोर्ट, होम मिनिस्ट्री ने लिया एक्शन

 नई दिल्ली पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल उल्लंघन और कार्यक्रम स्थल में अचानक बदलाव को लेकर विवाद गहरा गया है।सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस पूरे मामले का बड़े स्तर पर संज्ञान लिया है. केंद्रीय गृह सचिव ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर शाम पांच बजे तक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसमें प्रोटोकॉल न दिए जाने, रास्ते की सही जानकारी न प्रदान करने और अन्य व्यवस्थाओं में चूक के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया है। दरअसल, ये विवाद राष्ट्रपति मुर्मू के उत्तर बंगाल दौरे के दौरान सामने आया, जहां वह दार्जिलिंग जिले में 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं थीं. मूल रूप से कार्यक्रम बिधाननगर (फांसीदेवा ब्लॉक) में प्रस्तावित था, जहां बड़ी संख्या में संथाल आदिवासी समुदाय के लोग पहुंच सकते थे. लेकिन राज्य प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़भाड़ और अन्य कारणों का हवाला देकर इसे बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोशाईपुर (या गोसाईंपुर) में स्थानांतरित कर दिया. राष्ट्रपति ने खुद इस बदलाव पर नाराजगी जताई और कहा कि नया स्थान छोटा था, जिससे कई लोग पहुंच नहीं पाए। उन्होंने ममता बनर्जी को छोटी बहन बताते हुए पूछा कि क्या वो उनसे नाराज हैं, क्योंकि न तो मुख्यमंत्री और न ही कोई मंत्री उन्हें रिसीव करने पहुंचीं, जबकि पद की गरिमा के लिए प्रोटोकॉल का पालन जरूरी है। इन प्रोटोकॉल्स का हुआ उल्लंघन सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल में कई पैमानों पर सुरक्षा संबंधित ब्लू बुक के नियमों का उल्लंघन हुआ है. जिसमें- प्रेसिडेंट को रिसीव करने और सी-ऑफ करने के लिए CM, CS और DGP क्यों नहीं थे?. सिर्फ सिलीगुड़ी के मेयर ही उन्हें रिसीव करने के लिए वहां थे. प्रेसिडेंट के लिए बने वॉशरूम में भी पानी नहीं था. एडमिनिस्ट्रेशन जिस रास्ते से गुज़रा, वह कचरे से भरा हुआ था. सूत्रों का ये भी कहना है कि इस परिस्थितियों के लिए दार्जिलिंग के डीएम, सिलीगुड़ी के CP और ADM जिम्मेदार हैं। अमित शाह ने ममता को घेरा इस मामले में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने एक्स पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की TMC सरकार ने अराजक व्यवहार करते हुए भारत के राष्ट्रपति का अपमान कर एक नया निचला स्तर छू लिया है. उन्होंने इसे भारत के संवैधानिक लोकतंत्र के मूल्यों पर आघात बताया और कहा कि आज लोकतंत्र में विश्वास रखने वाला हर नागरिक आहत और दुखी महसूस कर रहा है.कार्यक्रम में प्रोटोकॉल की खुली अनदेखी कर राष्ट्रपति पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई गई है। शाह ने आरोप लगाया कि ये घटना टीएमसी सरकार में व्याप्त अव्यवस्था और गिरावट को दिखाती है. सरकार न सिर्फ नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करती है, बल्कि राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च संवैधानिक पद का भी सम्मान नहीं करती. खास तौर पर आदिवासी भाई-बहनों के कार्यक्रम में हुआ ये व्यवहार पूरे देश के लिए अपमानजनक है। केंद्रीय गृह ने इस घटना को भारत के संवैधानिक लोकतंत्र के मूल्यों पर आघात करार दिया है. आज लोकतंत्र में विश्वास रखने वाला हर नागरिक आहत और दुखी महसूस कर रहा है। ममता ने आरोपों को किया खारिज दूसरी ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोपों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रपति का सम्मान करती हैं, लेकिन अगर कोई 50 बार भी आए तो हर कार्यक्रम में शामिल होना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि वह इस वक्त धरने पर बैठी हैं और जिस कार्यक्रम का जिक्र किया जा रहा है, उसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने इस कार्यक्रम के राज्य को जानकारी न होने की बात करते हुए कहा, 'उस कार्यक्रम के आयोजकों, फंडिंग या आयोजन को लेकर राज्य सरकार को कोई जानकारी नहीं दी गई थी. जब भी राष्ट्रपति राज्य में आती हैं या जाती हैं तो इसकी सूचना मिलती है, लेकिन संबंधित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और न ही राज्य सरकार उस कार्यक्रम का हिस्सा थी।

मेट्रो विस्तार की बड़ी ख़बर: PM मोदी ने दिल्ली में ₹33,500 करोड़ की परियोजना का किया उद्घाटन

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आठ मार्च को मेट्रो के दो कॉरिडोर चालू हो जाएंगे। इसमें से एक कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली को देश की पहली रिंग मेट्रो मिलेगी। वहीं, तीन अन्य कॉरिडोर की नींव भी रखी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन प्रोजेक्टों का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। वहीं, प्रधानमंत्री दिल्ली को 33,500 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात देंगे।   नई कनेक्टिविटी से दिल्ली के कई इलाकों को फायदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली मेट्रो के 2 नए कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इनमें लगभग 12.3 किमी का मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर (पिंक लाइन) कॉरिडोर और लगभग 9.9 किमी का दीपाली चौक-मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) कॉरिडोर शामिल हैं। नई कनेक्टिविटी से दिल्ली के कई इलाकों को फायदा होगा, जिनमें बुराड़ी, जगतपुर-वजीराबाद, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार, मधुबन चौक, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा और मजलिस पार्क आदि शामिल हैं। पीएम मोदी की दिल्ली को ₹33,500 करोड़ की सौगात अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आज दिल्ली मेट्रो के दो कॉरिडोर चालू हो गए। इसमें से एक कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली को देश की पहली रिंग मेट्रो मिली। वहीं, तीन अन्य काॅरिडोर की नींव भी रखी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन प्रोजेक्टों का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली को 33,500 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। इसमें जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (जीपीआरए) पुनर्विकास योजना के अंतर्गत तैयार की गई परियोजनाएं भी शामिल हैं। यह दिल्ली के लोगों के जीवन को आसान बनाएंगे: सीएम रेखा गुप्ता दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'आज प्रधानमंत्री मोदी जिन 2 महत्वपूर्ण कॉरिडोर का उद्घाटन करने वाले हैं (मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर और दीपाली चौक-मजलिस पार्क) यह दिल्ली के लोगों के जीवन को आसान बनाएंगे। जिन 3 कॉरिडोर का यहां शिलान्यास होने वाला है, वे भी दिल्ली को गति देने वाले हैं।'   दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। इनमें लगभग 12.3 किमी का मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर (पिंक लाइन) कॉरिडोर और लगभग 9.9 किमी का दीपाली चौक-मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) कॉरिडोर शामिल हैं।   महत्वपूर्ण रहा यह प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह कॉरिडोर इंजीनियरिंग की दृष्टि से भी अहम है। दीपाली चौक-मजलिस पार्क कॉरिडोर का एक हिस्सा लगभग 28.36 मीटर की ऊंचाई तक जाता है। यह दिल्ली मेट्रो के एलिवेटेड सेक्शनों में सबसे ऊंचे हिस्सों में से एक है। वहीं, मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर कॉरिडोर के निर्माण में यमुना नदी पर एक नए पुल का निर्माण करना पड़ा और डबल-डेकर वायडक्ट तैयार किया गया। यह दिल्ली मेट्रो का यमुना नदी पर पांचवां पुल है।

पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का असर: नोएडा में लोग कर रहे टंकी फुल कराने की दौड़

नई दिल्ली  ईरान व अमेरिका-इस्राइल के बीच युद्ध के कारण भारत में भी पेट्रोल व डीजल महंगा होने वाला है। इसकी आशंका पर शनिवार को ग्रेटर नोएडा के काफी पेट्रोल पंपों पर भीड़ देखने को मिली। वहां लंबी लाइन लगी थी। ज्यादातर लोग कार व बाइक के टैंक को पूरा भरवा रहे थे। वहीं प्रशासन भी लगातार पेट्रोलियम कंपनियों के संपर्क में हैं। अफसरों का कहना है कि युद्ध का असर हर जगह है। पेट्रोलियम कंपनियां यहां भी कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।   ईंधन की आपूर्ति पर पड़ा असर खाड़ी देशों में युद्ध का असर अन्य देशों पर भी पड़ रहा है। ईरान पर हमले के कारण ईंधन की आपूर्ति पर असर पड़ा है। वहां से दुनिया भर में 20 प्रतिशत तेल जाता है। आपूर्ति बंद होने पर वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल को पार कर चुकी है। इस कारण अन्य देशों में तेल की कीमतें बढ़ने लगी हैं। अगर युद्ध जारी रहा तो भारत में भी तेल की कीमतें जल्द बढ़ जाएंगी। पेट्रोल पंपों पर लगी गाड़ियों की कतारें शनिवार को शहर में तेल की कीमतें बढ़ने की आशंका रही। इस कारण कुछ पेट्रोल पंपों पर शाम को काफी भीड़ रही। ग्रेनो वेस्ट की समृद्धि ग्रैंड एवेन्यू निवासी संजीव ने बताया कि एक मूर्ति गोल चक्कर के पास स्थित पेट्रोल पंप पर शनिवार शाम को काफी भीड़ रही। बाइक और कारों की लंबी लाइन लगी थीं। ज्यादातर लोग बाइक व कार का टैंक फुल करवा रहे थे। ताकि पेट्रोल की बढ़ी कीमतों के कारण उनकी जेब ढीली होने से बच सके। अफसर बोले- अभी आशंका है हालांकि जिला आपूर्ति विभाग के अफसरों का कहना है कि आशंका है, लेकिन इस संबंध में कंपनियों की तरफ से कोई जानकारी नहीं मिली है। साथ ही कंपनियों के साथ लगातार बातचीत की जा रही है। फिलहाल तेल की कीमतें बढ़ने संबंधी कोई आदेश नहीं है। पाकिस्तान में 55 रुपये प्रति लीटर का उछाल खाड़ी देशों में युद्ध के कारण पाकिस्तान में तेल की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। इस कारण वहां पर पेट्रोल की कीमतें 335 रुपये प्रति लीटर पहुंच चुकी है। वहीं अमेरिका और यूरोप में भी तेल की कीमतों में इजाफा हुआ है। जबकि इस्राइल में भी कीमतें बढ़ी हैं।  

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ दार्जिलिंग में विवादित व्यवहार, झारखंड राजनैतिक हलकों में आक्रोश

 दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आयोजित नौवें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर सियासत तेज हो गई है। झारखंड के कई नेताओं ने इस घटना की कड़ी आलोचना करते हुए इसे राष्ट्रपति पद और आदिवासी समाज का अपमान बताया है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य सरकार के व्यवहार को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग में आयोजित नौवें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ किया गया व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। अर्जुन मुंडा ने भी इस घटना को संविधान का अपमान बताया मरांडी ने अपने प्रेस बयान में कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के प्रति इस तरह का रवैया प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। इससे आदिवासी समाज की भावनाएं भी आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के शब्दों में जो पीड़ा और असहजता दिखाई दी, उसे पूरे देश ने महसूस किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के अहंकार में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है और संथाल आदिवासी समाज का भी अपमान किया है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने भी इस घटना को संविधान का अपमान बताया है। मुर्मु के साथ ऐसा व्यवहार करना बेहद शर्मनाक आजसू पार्टी के अध्यक्ष सुदेश महतो ने भी इस मामले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति हैं और उनके साथ ऐसा व्यवहार करना बेहद शर्मनाक है। सुदेश महतो ने आरोप लगाया कि जब राष्ट्रपति नौवें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में शामिल होने दार्जिलिंग पहुंचीं, तब उनका स्वागत करने के लिए न तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौजूद थीं और न ही कोई वरिष्ठ अधिकारी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को प्रोटोकॉल के अनुसार सम्मान नहीं दिया गया, जो बेहद आपत्तिजनक है। आजसू पार्टी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे राष्ट्रपति पद का अपमान बताया है।  

उड़ान के दौरान राज्यपाल गुरमीत सिंह के हेलीकॉप्टर में गड़बड़ी, श्रीनगर में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग

श्रीनगर गढ़वाल टिहरी से लौट रहे राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) के हेलीकॉप्टर में अचानक तकनीकी खराबी आने से हड़कंप मच गया। स्थिति को देखते हुए पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को इमरजेंसी के तौर पर श्रीनगर स्थित जीवीके हेलीपैड पर उतार दिया। जिससे किसी तरह की अनहोनी टल गई। फिलहाल राज्यपाल के आगे के कार्यक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही अगली उड़ान को लेकर निर्णय लिया जाएगा। कोतवाली निरीक्षक कुलदीप सिंह ने कहा कि राज्यपाल पुलिस गेस्ट हाउस में हैं। तकनीकी खराबी ठीक होते ही वह यहां से रवाना होंगे।

बालेंद्र शाह ने ओली को हराया, नेपाल चुनाव में RSP अगली सरकार बनाने की ओर

काठमांडू  आरएसपी के बालेंद्र शाह ने शनिवार को चार बार के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली को भारी अंतर से हराकर नेपाल में अगली सरकार बनाने की राह पर कदम रखा. पिछले साल पीढ़ीगत बदलाव और भ्रष्टाचार मुक्त शासन की मांग को लेकर हुए हिंसक ‘जेन जेड’ प्रदर्शनों के बाद हुए पहले आम चुनाव में उन्होंने पारंपरिक राजनीतिक दलों को करारा झटका दिया. रैपर से राजनीतिक नेता बने बालेंद्र शाह ‘बालेन’, जो राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं, ने झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) – सीपीएन-यूएमएल – के अध्यक्ष ओली को लगभग 50,000 मतों के भारी अंतर से हराया। निर्वाचन आयोग ने बताया कि 35 वर्षीय बालेन ने 74 वर्षीय ओली के 18,734 वोट के मुकाबले 68,348 वोट हासिल किए. रात साढ़े आठ बजे तक घोषित परिणामों के अनुसार, रवि लामिछाने द्वारा 2022 में गठित आरएसपी ने अब तक घोषित 87 सीटों के परिणाम में 70 सीट पर जीत दर्ज की है. चुनाव निकाय के आंकड़ों में कहा गया कि आरएसपी ने काठमांडू जिले की सभी 10 सीट जीतकर सूपड़ा-साफ कर दिया तथा देश भर में 52 सीट पर आगे है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, नेपाली कांग्रेस (एनसी) ने दस सीट जीतीं और नौ सीटों पर आगे है. सीपीएन (यूएमएल) ने सिर्फ तीन सीट जीतीं और आठ सीट पर आगे है. इसके आलावा नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) ने दो सीट जीतीं और पांच सीटों पर आगे है. वहीं, श्रम शक्ति पार्टी (एसएसपी) तीन सीट पर आगे है और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) ने एक सीट जीती है. जीतने वालों में एक निर्दलीय उम्मीदवार भी शामिल है। नेपाल में 5 मार्च को हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में लगभग 60 प्रतिशत मतदान हुआ था. मतों की गिनती बृहस्पतिवार देर रात शुरू हुई और शनिवार शाम 5 बजे तक 162 निर्वाचन क्षेत्रों में गिनती जारी थी. भारत इस चुनाव पर बारीकी से नजर रख रहा था, जो राजनीतिक रूप से अस्थिर हिमालयी देश में एक स्थिर सरकार की उम्मीद कर रहा है ताकि दोनों पक्षों के बीच विकासात्मक साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सके। इस बीच, ओली ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “बालेन बाबू, जीत के लिए बधाई.” नेपाल पिछले 18 साल में 14 सरकार देख चुका है. ओली ने बालेन को बधाई देते हुए कहा, “मैं कामना करता हूं कि आपका पांच साल का कार्यकाल निर्बाध, सफल हो और हार्दिक बधाई हो। ओली ने 2022 की एक तस्वीर संलग्न की जिसमें वह रैपर से राजनीतिक नेता बने बालेन को तबला भेंट करते हुए दिख रहे हैं, जब बालेन ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में काठमांडू के मेयर का चुनाव जीता था. आरएसपी ने बालेंद्र शाह ‘बालेन’ को प्रधानमंत्री पद का अपना उम्मीदवार घोषित किया था और मधेस के जनकपुर से अपने पहले चुनाव अभियान की शुरुआत की थी. पार्टी इस प्रांत में दूसरे दलों का सूपड़ा साफ करती दिख रही है।

सूरत के मंदिर में मिलीं दो छात्राएं: बेहोशी के इंजेक्शन और सुसाइड के बारे में पूछा ChatGPT से

सूरत  गुजरात के सूरत शहर में स्वामीनारायण मंदिर के बाथरूम के अंदर कॉलेज में पढ़ने वाली दो छात्राओं की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। दोनों लड़कियों की उम्र 18 से 20 के बीच है। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने  बताया कि उन्हें घटनास्थल से बेहोशी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एनेस्थीसिया के इंजेक्शन मिले हैं। दोनों लड़कियों ने मौत से पहले ChatGPT पर "सुसाइड कैसे करें" इसके बारे में सर्च किया था। असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर (एसीपी) एन.पी. गोहिल ने बताया कि कॉलेज में पढ़ने वाली दोनों छात्राएं शुक्रवार दोपहर से लापता थीं और बाद में उसी रात सानिया गांव के स्वामीनारायण मंदिर के बाथरूम के अंदर मरी हुई मिलीं। फोन कॉल नहीं उठा रही थीं उन्होंने बताया कि छात्राओं के परिजनों ने उनके लापता होने के बाद दिंडोली पुलिस थाने को सूचना दी थी। उनके फोन एक्टिव थे, लेकिन वो दोनों ही कॉल नहीं उठा रही थीं। फोन की लोकेशन ट्रेस होने के बाद, पुलिस की एक टीम सानिया गांव गई और उनकी तलाश शुरू की। हमें मंदिर के पास उनकी स्कूटी मिली। बाथरूम का दरवाजा तोड़कर निकाली गईं लाशें पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दोनों लड़कियों को मंदिर के बाथरूम की तरफ जाते हुए देखा गया। इसके बाद जब बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर दोनों बेहोश पड़ी मिलीं। उनमें से एक लड़की को सिविल अस्पताल और दूसरी को एसएमआईएमईआर अस्पताल ले जाया गया। दोनों अस्पतालों के डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पास में पड़े थे बेहोशी के इंजेक्शन अधिकारी ने बताया कि बाथरूम की तलाशी में बेहोशी के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ एनेस्थीसिया इंजेक्शन मिले, जबकि उनमें से एक के फोन की गैलरी में सुसाइड से जुड़ी कुछ तस्वीरें मिलीं। पुलिस ने बताया कि दोनों यहां अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ती थीं और स्कूल टाइम से ही अच्छी दोस्त थीं। पुलिस ने बताया कि दोनों ने यह कदम क्यों उठाया, इसका पता लगाने के लिए जांच चल रही है।