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निवेशकों को बड़ा झटका: बाजार धड़ाम, सेंसेक्स-निफ्टी में रिकॉर्ड गिरावट

मुंबई ईरान की ओर से कतर के बड़े एलएनजी प्लांट पर हमले और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी ने ग्लोबल टेंशन को बढ़ा दिया है। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा है। हालात इतने बिगड़े कि गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 2,496.89 अंक का गोता लगाकर 74,207.24, एनएसई निफ्टी 775.65 अंक की गिरावट के साथ 23,002.15 अंक पर बंद हुआ। दिग्गज स्टॉक्स भी धराशायी भारतीय शेयर में आए भूचाल के बीच गुरुवार को कई प्रमुख और मिडकैप शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। बड़े-बड़े दिग्गज स्टॉक्स भी धराशायी हो गए। सेंसेक्स पर इटरनल 5.46, बजाज फाइनेंस 5.34, महिंद्रा एंड महिंद्रा 4.86, एलएंडटी 4.57, एचडीएफसी बैंक 4.35, इंडिगो 4.21, बजाज फिनसर्व 4.08 प्रतिशत लुढ़क गए। केमिकल सेक्टर की कंपनी Camlin Fine Sciences में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज हुई, जिसका शेयर करीब 6.87% टूटकर ₹120.60 पर आ गया। वहीं राम-कृष्ण Forgings में 3.92% और सोलर इंडस्ट्री में 3.65% की गिरावट देखी गई। इस गिरावट का असर बड़े और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर भी पड़ा है। हनीवेल करीब 2.05% टूटा, जबकि फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी सिप्ला में भी 2% से अधिक गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट की आंधी में शुगर सेक्टर के कुछ शेयर डटे रहे। अवध शुगर एंड एनर्जी (2.52% ऊपर) और बलरामपुर चीनी मिल्स (1.90% ऊपर) हैं। शेयर मार्केट में चौतरफा गिरावट है। बीएसई का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 2164 अंको का गोता लगाकर 74,539 पर आ गया है। निफ्टी 672 अंकों के नुकसान के साथ 23,105 पर पहुंच गया है। निफ्टी मिड कैप, स्मॉल कैप इंडेक्स में 2 फीसद से अधिक की गिरावट है। निफ्टी के 50 शेयरों में से केवल एक ओएनजीसी ही हरे निशान पर है। सेंसेक्स के सभी 30 शेयर लाल निशान पर हैं।  शेयर मार्केट में आए भूचाल से सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश हो गए हैं। बाजार में चौतरफा गिरावट है। निफ्टी मिड कैप, स्मॉल कैप इंडेक्स में 2 फीसद से अधिक की गिरावट है। निफ्टी के 50 शेयरों में से केवल एक ओएनजीसी ही हरे निशान पर है। इसमें 1.15 प्रतिशत की तेजी है। सेंसेक्स के सभी 30 शेयर लाल निशान पर हैं। निफ्टी में श्रीराम फाइनेंस 6.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ टॉप लूजर है। इटरनल में 5.22, बजाज फिनसर्व में 4.71, एलएंडटी में 4.27 और टाटा मोटर्स में 4.20 प्रतिशत की गिरावट है। शेयर मार्केट की गाड़ी गिरावट की पटरी से उतरने का नाम ही नहीं ले रही। सेंसेक्स अभी 1808 अंकों की गिरावट के साथ 74895 पर है। जबकि, निफ्टी 587 अंकों का गोता लगाकर 23190 पर ट्रेड कर रहा है। सेंसेक्स में अभी भी सभी स्टॉक्स लाल निशान पर हैं और अब इटरनल 5.15 पर्सेंट की गिरावट के साथ टॉप लूजर। बजाज फाइनेंस में 4.55 पर्सेंट और एलएंडटी में 4.16 प्रतिशत का नुकसान है। एचडीएफसी बैंक में गिरावट अब 3.71 प्रतिशत की रह गई है। जबकि, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फिनसर्व भी करीब 4 फीसद लुढ़क गए हैं। शेयर मार्केट में अभी भी गिरावट बड़ी है। सेंसेक्स अभी 1664 अंकों की गिरावट के साथ 75039 पर है। जबकि, निफ्टी 530 अंकों का गोता लगाकर 23247 पर ट्रेड कर रहा है। सेंसेक्स में अभी भी सभी स्टॉक्स लाल निशान पर हैं और अब इटरनल 5.26 पर्सेंट की गिरावट के साथ टॉप लूजर। शेयर मार्केट में हाहाकार के बीच बैंक निफ्टी में 2.70 प्रतिशत की गिरावट है। फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में भी 2.86% का नुकसान है। निफ्टी ऑटो इंडेक्स 2.65 प्रतिशत नीचे है। आईटी में 2.38 और एफएमसीजी में 1.80% की गिरावट है। मीडिया में 0.94, मेटल में 1.61 प्रतिशत का नुकसान है। पीएसयू बैंक 2.09, प्राइवेट बैंक 2.77, फार्मा 1.48, हेल्थ केयर 1.61, कंज्यूमर ड्यूराबेल्स 2.86 प्रतिशत लुढ़का है। सेंसेक्स अभी 1741 अंकों की गिरावट के साथ 74963 पर है। जबकि, निफ्टी 534 अंकों का गोता लगाकर 23241 पर ट्रेड कर रहा है। शेयर मार्केट में हाहाकार के बीच सेंसेक्स अभी 1716 अंकों की गिरावट के साथ 74988 पर है। जबकि, निफ्टी 516 अंकों का गोता लगाकर 23261 पर ट्रेड कर रहा है। एनएसई पर केवल 400 स्टॉक्स ही ग्रीन जोन में हैं। 2303 शेयरों में गिरावट है। जबकि, सेंसेक्स ब्लड बाथ कर रहा है। सभी शेयर लाल हैं और एचडीएफसी बैंक टॉप लूजर। शेयर मार्केट में आज भूचाल है। सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश हो गए हैं। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1953 अंकों की गिरावट के साथ 74751 पर खुला। जबकि, निफ्टी 589 अंकों का गोता लगाकर 23198 पर खुला।

चांदी में आई बड़ी गिरावट, सोने में भी मंदी, क्या आर्थिक संकट का संकेत है?

 नई दिल्ली शेयर बाजार में भारी गिरावट के बीच गुरुवार को सोने-चांदी की कीमतें भी धाराशायी हो गईं हैं. MCX पर चांदी की कीमतों में 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी जा रही है. सोना भी करीब 2.50 फीसदी तक फिसल गया है। गुरुवार दोपहर साढ़े 12 बजे अचानक चांदी की कीमतें टूटने लगीं, और देखते ही देखते 12000 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई. जबकि सोने के भाव में करीब 4500 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई है। दरअसल, मिडिल ईस्ट का संकट गहाराता जा रहा है, पहले ईरान के तेल इंफ्रा पर अमेरिका ने हमला किया, अब बदले में ईरान ने भी कतर से बड़े ऑयल रिफाइनरी प्लांट पर हमला कर दिया है. जिससे भारी नुकसान का अनुमान  लगाया जा रहा है. इस बीच कच्चे तेल क्रूड ऑयल की कीमत बढ़कर 113 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। चांदी में बड़ी गिरावट के पीछे ये कारण सोने-चांदी में गिरावट के कई कारण हैं. लेकिन मुख्यतौर पर अमेरिका का एक फैसला है. बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला लिया, फेडरल रिजर्व ने संकेत दिए कि इस साल अब ब्याज दरों में कटौती की संभावना सीमित है. फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने कहा कि ग्लोबल तनाव के चलते आर्थिक स्थिति काफी खराब है, इस फैसले के बाद ग्लोबल मार्केट में सोने-चांदी की जमकर पिटाई हुई। बता दें, पिछले करीब दो साल से सोने-चांदी में एकतरफा रैली देखी गई थी. 29 जनवरी 2026 को चांदी (Silver) की कीमत रिकॉर्ड 4.20 लाख रुपये प्रति किलो पहुंच गई थी. लेकिन उसके बाद लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. 2 फरवरी 2026 चांदी की कीमत गिरकर 2.25 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी. इसके पीछे मुनाफावसूली कारण थे। युद्ध के बीच सोने-चांदी में भी बिकवाली हावी  लेकिन अब एक बार फिर चांदी इसी कीमत के आसपास पहुंच गई है. चांदी अब 29 जनवरी की हाई से करीब 1.90 लाख रुपये प्रति किलो सस्ती हो चुकी है. फिलहाल चांदी की कीमत MCX पर 2.35 लाख प्रति किलो के आसपास बनी हुई है. जबकि सोना गुरुवार को ट्रेड के दौरान 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे से फिसल गया है। बता दें, अक्सर ये देखा गया है कि ग्लोबल संकट के दौरान खासकर जब युद्ध चल रहा हो तो निवशक ऐसे माहौल में सोने-चांदी को सुरक्षित निवेश मानते हैं, लेकिन इस बार थोड़ी उल्टी तस्वीर देखने को मिल रही है।

तेल की जंग ने मचाया Stock Market Crash, सेंसेक्स में 1900 अंक की बड़ी गिरावट, जापान से कोरिया तक असर

मुंबई  शेयर बाजार में बीते तीन दिन से जारी तेजी पर ब्रेक (Stock Market Crash) लग गया है. मिडिल-ईस्ट में जारी जंग अब एक बड़े तेल युद्ध (Oil War) का रूप लेती जा रही है. खाड़ी देशों में मौजूद तेल-गैस फील्ड्स पर दनादन मिसाइल अटैक होने से इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल के दाम में आग लग गई है और अचानक Brent Crude Price 113 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. इसके चलते एशियाई शेयर बाजारों में कोहराम मचा नजर आया, तो भारतीय शेयर बाजार खुलने के साथ ही क्रैश हो गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स (BSE Sensex) गुरुवार को ओपनिंग के साथ ही 1900 अंक का गोता लगा गया. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी 550 अंक से ज्यादा टूटकर ओपन हुआ। खुलते ही क्रैश हुए सेंसेक्स-निफ्टी  सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,704 की तुलना में फिसलकर 74,750 पर ओपन हुआ और फिर शुरुआती कुछ मिनटों में ही ये गिरकर 74,685 तक टूट गया. सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते एनएसई निफ्टी का भी ऐसा ही बुरा हाल नजर आया और ये अपने पिछले बंद 23,777 की तुलना में बड़ी गिरावट लेकर 23,197 पर खुला। विदेशी बाजारों में भी मचा कोहराम भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के संकेत पहले से ही विदेशों से मिल रहे थे. दरअसल, ईरान के कतर में स्थित सबसे बड़े एलएनजी प्लांट पर हमले और खाड़ी देशों के काउंटर अटैक के चलते अचानक क्रूड की कीमत तेज रफ्तार से भागते हुए 113 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई. इससे बाजारों की चिंता बढ़ी और एशियाई बाजारों में कोहराम मच गया। जापान का निक्केई इंडेक्स 1500 अंक से ज्यादा टूटकर कारोबार कर रहा था, तो हांगकांग का हैंगसेंग 500 अंक से ज्यादा की गिरावट लिए नजर आया. साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी 1.50 फीसदी से ज्यादा फिसला. इसके अलावा अन्य विदेशी बाजार भी लाल रंग में रंगे हुए नजर आए। सबसे ज्यादा बिखरे ये 10 शेयर लंबी गिरावट के बाद शेयर बाजार में बीते तीन दिनों से रौनक देखने को मिल रही थी, लेकिन मिडिल ईस्ट युद्ध में वो भी साफ हो गई और फिर से निवेशकों में भगदड़ नजर आई. गुरुवार को शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों को देखें, तो बीएसई लार्जकैप में शामिल HDFC Bank Share (4.50%), LT Share (3.50%), Eternal Share (3%), Bajaj Finance Share (2.80%), Axis Bank Share (2.75%), Asian Paints Share (2.60%), Kotak Bank Share (2.56%), M&M Share (2.40%), Adani Ports Share (2.35%) और IndiGo Share (2.30%) टूटकर कारोबार कर रहे थे। उछल पड़ा बाजार के डर का पैमाना शेयर बाजार में गुरुवार को आई इस बड़ी गिरावट के बीच सबसे ज्यादा बैंकिंग और ऑटो शेयर बिखरे हुए नजर आए हैं. Nifty Bank अपनी ओपनिंग के साथ ही करीब 3 फीसदी के आसपास टूट गया, तो वहीं निफ्टी ऑटो में भी लगभग इतनी ही गिरावट देखने को मिली है। खात बात ये है कि मिडिल-ईस्ट में Oil War तेज होने के चलते शेयर बाजार के डर के पैमाने यानी India VIX में अचानक उछाल आया है, जो बीते तीन दिनों से लगातार गिर रहा था. इसमें एकदम से 15% के आसपास का उछाल आ गया, जो बाजार में आने वाले दिनों में तगड़े उतार-चढ़ाव को दर्शाता है।

गोल्‍ड-सिल्‍वर ETF में 40% का नुकसान, निवेशकों को हो सकता है बड़ा झटका, अब क्या कदम उठाएं?

मुंबई  कुछ महीने पहले गोल्‍ड-सिल्‍वर की खूब चर्चा हो रही थी. हर छोटा, बड़ा निवेशक सोना-चांदी खरीदने की बातें कर रहा था. उसमें भी ज्‍यादातर लोग सोना और चांदी को डिजिटल खरीदने की सलाह दे रहे थे, चाहे वह कमोडिटी एक्‍सपर्ट्स हो या ना… जिसका नतीजा ये रहा कि बहुत से निवेशकों ने अपने शेयरों में लगाया पैसा या फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट में लगाया पैसा निकालकर Gold-Silver ईटीएफ खरीदे। अगर जनवरी में खरीदे गए अभी भी इनके पास गोल्‍ड और सिल्‍वर के ईटीएफ हैं, तो अब ये फंस चुके हैं. क्‍योंकि जनवरी से लेकर अभी तक इन ETFs में भारी गिरावट देखने को मिली है. ये ईटीएफ अभी तक 40 फीसदी तक टूट चुके हैं. जबकि निवेशकों को उम्‍मीद थी कि ईरान-अमेरिका के बीच जंग शुरू होने के बाद इनमें तेजी आएगी, लेकिन ठीक इसके उल्‍टा हुआ है और इन मेटल्‍स के ईटीएफ में तेज गिरावट आई है। गोल्‍ड-सिल्‍वर ETFs में इतनी गिरावट क्‍यों आई?  ऐसा माना जाता है कि कोई भी जंग निवेशकों को सेफ असेट की ओर आकर्षित करती है, लेकिन ईरान-अमेरिका के बीच जंग ने सेफ असेट यानी सोना-चांदी के भाव को गिराया है. इसी कारण गोल्‍ड-सिल्‍वर ETFs में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है. एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि सोना और चांदी में गिरावट डॉलर में मजबूती के कारण हुआ है     होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण तेल की कीमतों में इजाफा देखने को मिला है. ब्रेंट क्रूड ऑयल अभी 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है. इस कारण ग्‍लोबल महंगाई का खतरा पैदा हुआ है. ऐसे में निवेशक सुरक्षित मुद्रा 'डॉलर' को मान रहे हैं, जिस कारण डॉलर में तेजी है.      मजबूत डॉलर और महंगाई, जंग के बीच भी सोने-चांदी में तेजी को रोक रहे हैं. वहीं फेडरल रिजर्व बैंक की ओर से भी रेट कटौती की उम्‍मीद नहीं दिखाई दे रही है, जो सोने-चांदी की कीमतों पर विपरीत असर डालते हैं. ऐसे में सोने-चांदी की चमक फीकी दिख रही है.      तीसरा बड़ा कारण, सोने-चांदी के ईटीएफ में तेजी रुक जाने से और बिकवाली के कारण निवेशक इन असेट को बेचकर बाहर निकल रहे हैं. ऐसे में Gold-Silver ETFs में डिस्‍काउंट्स है.  अब आगे क्‍या अनुमान है?  एक्‍सपर्ट्स की बातों को समराइज करें तो ये पता चलता है कि अगर अमेरिकी इकोनॉमी में मंदी का खतरा पैदा होता है तो सोने-चांदी के दाम में अच्‍छी तेजी आज सकती है, जिससे Gold-Silver ETFs के दाम में भी तेजी आ सकती है, लेकिन अगर अमेरिकी इकोनॉमी मजबूत होती है तो सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट आने से ये ईटीएफ के भाव भी गिरेंगे.  कमोडिटी एक्‍सपर्ट्स का यह भी मानना है कि ईरान-इजरायल जंग रुकने के बाद सोने और चांदी के भाव नीचे आ सकते हैं, जो एक बड़ा करेक्‍शन हो सकता है. वहीं कुछ एक्‍सपर्ट्स यह भी कह रहे हैं कि इस साल सोना-चांदी 15 से 20 फीसदी का रिटर्न दे सकते हैं.  रिकॉर्ड हाई से कितना टूटे गोल्‍ड-सिल्‍वर ईटीएफ?  Nippon India Silver ETF 29 जनवरी को 360 रुपये पर था, जहां से यह करीब 40 फीसदी गिरकर 235 रुपये पर कारोबार कर रहा है. Nippon India Gold ETF 29 जनवरी को अपने रिकॉर्ड हाई 148 रुपये से 15 फीसदी नीचे है और 127 रुपये पर कारोबार कर रहा है. इसी तरह, Tata Silver ETF 32%, ICICI सिल्‍वर ईटीएफ करीब 35 फीसदी, टाटा गोल्‍ड ईटीएफ और ICICI गोल्‍ड ईटीएफ 15% तक गिरे हैं.  रिकॉर्ड हाई से कितने सस्‍ते हुए सोना-चांदी?  MCX पर चांदी का रिकॉर्ड हाई लेवल 4.20 लाख रुपये प्रति किलो है और सोने का भाव 1.93 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम है. 18 मार्च को चांदी की कीमत 2.52 लाख रुपये है और सोना 1.55 लाख रुपये है. ऐसे में चांदी 1.68 लाख रुपये और सोना 38 हजार रुपये सस्‍ता है. 

PF खाताधारकों के लिए अहम खबर: EPFO के नियमों में बदलाव पर सरकार का बड़ा अपडेट

नई दिल्ली लोकसभा में सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत चल रहे EPFO 3.0 रिफॉर्म्स पर विस्तृत जानकारी दी है। श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि इस पहल का मकसद सिस्टम को ज्यादा तेज, पारदर्शी और यूजर-फ्रेंडली बनाना है। खासतौर पर क्लेम सेटलमेंट को फास्ट करना, प्रोसेस को आसान बनाना और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सभी सेवाएं एक जगह उपलब्ध कराना इसमें शामिल है। क्या होगा बदलाव सबसे बड़ा बदलाव सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS) को लेकर आया है। मंत्री ने बताया कि 1 जनवरी 2025 से EPFO के सभी फील्ड ऑफिस इस सिस्टम को पूरी तरह अपना चुके हैं। इस नए सिस्टम की मदद से हर महीने 70 लाख से ज्यादा पेंशनर्स को समय पर और बिना गलती के पेंशन मिल रही है। यानी अब पेंशन के भुगतान में देरी या गड़बड़ी की शिकायतें काफी हद तक कम हो गई हैं। क्लेम सेटलमेंट के मामले में भी बड़ा सुधार देखने को मिला है। सरकार के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में 25 फरवरी 2026 तक ₹5 लाख तक के कुल 3.52 करोड़ से ज्यादा क्लेम ऑटो मोड में सेटल किए गए हैं। यही नहीं, कुल एडवांस क्लेम्स में से करीब 71.37% ऑटोमैटिक तरीके से निपटाए गए, जिनके जरिए लगभग ₹51,620 करोड़ की राशि जारी की गई। इससे साफ है कि अब लोगों को अपने पैसे के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा। EPF अकाउंट ट्रांसफर अब काफी आसान नौकरी बदलने पर EPF अकाउंट ट्रांसफर भी अब काफी आसान हो गया है। पहले जहां इस प्रक्रिया में नियोक्ता की मंजूरी और कई स्टेप्स लगते थे, अब KYC अपडेट होने पर यह काम खुद-ब-खुद हो रहा है। 25 फरवरी 2026 तक करीब 70.5 लाख ऑटो ट्रांसफर क्लेम्स बिना किसी दखल के प्रोसेस हो चुके हैं। वहीं 21 लाख से ज्यादा ट्रांसफर क्लेम ऐसे हैं, जो कर्मचारियों ने खुद बिना नियोक्ता की मदद के जमा किए। एक बड़ा डिजिटल अपग्रेड अगर EPFO 3.0 को आसान भाषा में समझें, तो यह एक बड़ा डिजिटल अपग्रेड है, जिसमें कागजी काम कम करके पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और ऑटोमेटेड बनाया गया है। पहले जहां क्लेम सेटलमेंट में 20 दिन तक लग जाते थे, अब वही काम 3 दिन से भी कम समय में हो रहा है। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स दोनों को काफी राहत मिल रही है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल (EPS-95 के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाने) पर फिलहाल कोई ठोस ऐलान नहीं हुआ है। सरकार ने इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इस पर विचार चल रहा है, लेकिन अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। ऐसे में लाखों पेंशनर्स की नजर अब आने वाले फैसलों पर टिकी हुई है।

शेयर बाजार में बड़ी उछाल, गिरावट के बाद एक घंटे में सेंसेक्स पहुंचा 76,000 पर

मुंबई शेयर बाजार की चाल दो कारोबारी दिनों से लगातार बदली-बदली नजर आ रही है. सोमवार को जहां सेंसेक्स-निफ्टी ने आखिरी कारोबारी घंटे में बाजी पलट दी थी और शुरुआती गिरावट के बाद अचानक तूफानी तेजी लेकर बंद हुए थे. वहीं मंगलवार को भी दोनों इंडेक्स की चाल शुरुआती कारोबार में ही बदलती रही।  जी हां, बढ़त के साथ खुलने के बाद कुछ ही मिनटों में दोनों इंडेक्स रेड जोन में ट्रेड करते दिखे, तो घंटेभर के कारोबार के बाद अचानक सुस्ती से उबरते हुए पलटी मार दी. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 495 अंक की छलांग लगाकर 76,000 पर कारोबार कर रहा था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स 150 अंक से ज्यादा उछल गया था. इस बीच Zomato की पैरेंट कंपनी Eternal, M&M, Tata Steel, से लेकर Maruti, IndiGo तक के शेयर तेज रफ्तार पकड़े नजर आए।  सेंसेक्स-निफ्टी की बदली-बदली चाल  शेयर मार्केट में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत सुस्ती के साथ हुई. BSE Sensex अपने पिछले कारोबारी बंद 75,502.85 की तुलना में तेजी के साथ 75,826 पर ओपन हुआ और फिर कुछ मिनट में ही ये फिसलकर 75,234 के स्तर पर आ गया. करीब घंटेभर के कारोबार के बाद स्थिति फिर से बदली हुई दिखी और सेंसेक्स इंडेक्स 495 अंक की उछाल के साथ 76,000 के लेवल पर पहुंच गया।  NSE Nifty की बात करें, तो इसकी चाल भी सेंसेक्स के साथ-साथ बदलती रही. 50 शेयरों वाले इस इंडेक्स ने अपने पिछले बंद 23,408 की तुलना में बढ़त लेकर 23,493 पर कारोबार शुरू किया था और फिर ये 23,346 तक फिसला था. लेकिन अचानक इसमें भी तूफानी तेजी आ गई और खबर लिखे जाने तक निफ्टी 155 अंक की तेजी लेकर 23,577 पर कारोबार करता नजर आया. हालांकि, इस स्तर पर पहुंचने के बाद फिर दोनों इंडेक्स की रफ्तार कम होती दिखी ये 10 शेयर बने बाजार के 'हीरो' Stock Market में अचानक आई इस तेजी के बीच कई दिग्गज शेयरों का सपोर्ट शामिल है, जो तेज रफ्तार से भागते हुए नजर आए. इनमें बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Eternal Share (3.70%), M&M Share (2.94%), Tata Steel Share (2.86%), Maruti Share (2.10%), Indigo Share (1.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे।  वहीं मिडकैप में शामिल Tornt Power Share (2.20%) और Ashok Leyland Share (1.85%) की बढ़त में था. स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों में APARINDS Share (4%), ASTERDM Share (3.20%) और MCX Share (3%) उछलकर कारोबार कर रहा था।   अचानक तेजी के ये बड़े कारण बात करें, शेयर बाजार में अचानक आई तेजी के पीछे के कारणों के बारे में, तो एशियाई बाजारों में तेजी से मिले ग्लोबल पॉजिटिव सिग्नल का असर देखने को मिला है. Japan Nikkei, Hongkong HangSeng से लेकर साफत कोरिया का KOSPI तक ग्रीन जोन में ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा लगातार दूसरे दिन मेटल, ऑटो जैसे शेयरों में वैल्यू बाइंग देखने को मिली है. बाजार के डर का पैमाना India VIX फिर 6 फीसदी टूटा।     

फरवरी में भारत का व्यापारिक घाटा कम होकर 27.1 अरब डॉलर हुआ

नई दिल्ली  भारत का वस्तु व्यापारिक घाटा फरवरी में कम होकर 27.1 अरब डॉलर हो गया है, जो कि पिछले महीने 34.68 अरब डॉलर था। यह जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से  दी गई। बीते महीने देश का वस्तु निर्यात बढ़कर 36.61 अरब डॉलर हो गया है, जो कि जनवरी में 36.56 अरब डॉलर था। वहीं, आयात कम होकर 63.71 अरब डॉलर हो गया है, जो कि पहले 71.24 अरब डॉलर था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश का वस्तु निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-फरवरी अवधि में 402.93 अरब डॉलर रहा है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 395.66 अरब डॉलर था। यह समीक्षा अवधि में सालाना आधार पर 1.84 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है। यह आंकड़े ऐसे समय पर सामने आए हैं, जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध चल रहा है, जो 28 फरवरी को शुरू हुआ था और जिसके चलते मध्य पूर्व में होर्मुज जलडमरूमध्य बाधित हो गया है। इसी जलडमरूमध्य से होकर दुनिया के 20 प्रतिशत तेल और गैस का निर्यात होता है।  जलडमरूमध्य के बंद होने से मध्य पूर्व के देशों को चावल जैसी वस्तुओं के भारत के निर्यात पर भी असर पड़ा है। पहले, भारत के ऊर्जा आयात का लगभग 50 प्रतिशत होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता था, लेकिन अब इसमें विविधता आ गई है और इसका एक बड़ा हिस्सा रूस से आ रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारत के रणनीतिक तेल भंडार और 40 आपूर्तिकर्ता देशों से ऊर्जा आयात में विविधता लाने से वैश्विक ऊर्जा संकटों का सामना करने की देश की क्षमता में काफी सुधार हुआ है। इस लचीलेपन के कारण ईरान युद्ध से उत्पन्न व्यवधान के बावजूद भारत में कोई ऊर्जा संकट नहीं आया है, क्योंकि सरकार आपूर्ति-पक्ष प्रबंधन के माध्यम से स्थिति को संभाल रही है। जहाज और बंदरगाह मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, भारत ईरान के साथ भी सीधे संपर्क में है ताकि उसके व्यापारिक जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति मिल सके। भारतीय ध्वज वाला जहाज जग लाडकी रविवार को संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा बंदरगाह से लगभग 80,800 मीट्रिक टन मुरबान कच्चे तेल के साथ सुरक्षित रूप भारत के लिए रवाना हुआ। जहाज और उस पर सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। बयान में आगे कहा गया कि इलाके में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, और पिछले 24 घंटों में भारतीय नाविकों से जुड़ी कोई भी दुर्घटना की सूचना नहीं मिली है। भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी वाहक जहाज, शिवालिक और नंदा देवी, जिनमें लगभग 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी भरी हुई है, शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और वर्तमान में भारत की ओर रवाना हैं। इनके सोमवार को मुंद्रा बंदरगाह और मंगलवार को कांडला बंदरगाह पहुंचने वाले हैं।

आखिरी घंटे में पलटी बाजी, शेयर बाजार ने दिखाई ताकत, सेंसेक्स 900 अंक बढ़ा

मुंबई शेयर बाजार की चाल ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन निवेशकों को जमकर हैरान किया. कभी रेड, तो कभी ग्रीन जोन में सेंसेक्स-निफ्टी कारोबार करते नजर आए, लेकिन दोपहर दो बजे के आसपास अचानक बाजी पलट गई और दोनों इंडेक्स रॉकेट की रफ्तार से भागने लगे. बाजार बंद होने पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 938 अंक की तेजी लेकर बंद हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 257 अंक उछलकर क्लोज हुआ. इस तेजी के बीच HDFC Bank, M&M, Trent जैसे शेयर जोरदार उछाल के साथ बंद हुए।  सुस्त शुरुआत के बाद रॉकेट बना सेंसेक्स शेयर बाजार में धीमी शुरुआत के बीच BSE Sensex सोमवार को अपने पिछले शुक्रवार के बंद 74,563 की तुलना में गिरकर 74,415 के लेवल पर ओपन हुआ था और शुरुआती कारोबार के दौरान 73,949 तक फिसला था. हालांकि, आखिरी कारोबारी घंटे में 2.20 बजे के आसपास अचानक 30 शेयरों वाला ये इंडेक्स गदर मचाने लगा और अंत में 938 अंक या 1.26 फीसदी की उछाल के साथ 75,502.85 पर क्लोज हुआ।   Nifty ने भी मचाया गदर  सेंसेक्स ही नहीं, NSE Nifty की भी चाल बदली-बदली नजर आई. एनएसई का ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,151 की तुलना में गिरकर 23,116 पर खुला था. खराब शुरुआत के बाद ये तेजी से फिसलता चला गया और 22,955.25 के लेवल आ गया था, लेकिन सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए इस इंडेक्स ने भी रफ्तार पकड़ी और बाजार बंद होने पर ये 257.70 अंक चढ़कर 23,408.80 पर क्लोज हुआ।  इन 10 शेयरों ने दिखाया दम  शेयर बाजार में अचानक लौटी तेजी के बीच जिन टॉप-10 शेयरों ने दम दिखाया, उनमें लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Trent Share (3.01%), HDFC Bank Share (2.88%), M&M Share (2.86%), Eternal Share (2.80%), Bajaj Finance Share (2.79%), ITC Share (2.22%) और Tata Steel Share (2.04%) की तेजी के साथ बंद हुआ. मिडकैप में शामिल Paytm Share (3.86%) चढ़कर क्लोज हुआ, तो वहीं स्मॉलकैप में शामिल शेयरों में Poonawalla Share (4.40%) और Apollo Tyre Share (3.38%) उछलकर बंद हुआ।  बाजार में तेजी के ये बड़े कारण  सोमवार को बाजार में अचानक लौटी तेजी के पीछे के कारणों की बात करें, तो निचले स्तरों से वैल्यू बाइंग देखने को मिली. मेटल, ऑटो, बैंक और FMCG शेयरों ने मार्केट को सपोर्ट किया. इसके अलावा शेयर बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाला India VIX करीब 5% फिसल गया। 

सोना-चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट, चमक पड़ी फीकी, जानें आज के रेट

इंदौर मिडिल ईस्ट जंग के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की जा रही है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार,  बीते कारोबारी दिन (शुक्रवार), 13 मार्च 2026 को शाम के समय 22 कैरेट सोने का भाव ₹145093 प्रति 10 ग्राम था, जो आज 16 मार्च 2026 को ₹143295 प्रति 10 ग्राम पहुंच आ गया है. वहीं, चांदी (999, प्रति 1 किलो) की कीमत में भी आज गिरावट दर्ज की गई है।  बता दें कि इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए दाम पूरे देश में मान्य होते हैं. केंद्रीय सरकार द्वारा घोषित छुट्टियों के अलावा शनिवार और रविवार को रेट जारी नहीं किए जाते हैं।  Gold-Silver Price Today 16 March 2026: सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट शुद्धता शुक्रवार शाम का रेट सोमवार सुबह का रेट जानें कितना सस्ता? सोना (प्रति 10 ग्राम) 999 (24 कैरेट) 158399 156436 1963 रुपये सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 995 (23 कैरेट) 157765 155810 1955 रुपये सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 916 (22 कैरेट) 145093 143295 1798 रुपये सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 750 (18 कैरेट) 118799 117327 1472 रुपये सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 585 (14 कैरेट) 92663 91515 1148  रुपये सस्ता चांदी (प्रति 1 किलो) 999 260488 252793 7695 रुपये सस्ती बता दें कि बीते कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को सोना सुबह की तुलना में शाम के समय सस्ता हुआ था जबकि, चांदी के रेट में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई थी. शुक्रवार को 24 कैरेट सोने का भाव (999 शुद्धता) सुबह का रेट: ₹158555 प्रति 10 ग्राम शाम का रेट: ₹158399 प्रति 10 ग्राम शुक्रवार को चांदी का भाव (999 शुद्धता) सुबह का रेट: ₹259951 प्रति किलो शाम का रेट: ₹260488 प्रति किलो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए दामों में जीएसटी शामिल नहीं होता है. गहने खरीदते समय पर मेकिंग चार्ज भी अलग से देने होते हैं. 

एयर इंडिया का ऐतिहासिक कदम: अबू धाबी और दुबई की 5 फ्लाइट्स रद्द

 नई दिल्ली मध्य पूर्व (Middle East) में गहराते युद्ध के बादलों ने अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. कई देशों द्वारा अपने एयरस्पेस (वायु क्षेत्र) को बंद करने या पाबंदियां लगाने के कारण वैश्विक उड़ानों का पूरा शेड्यूल बिगड़ गया है. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एअरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा जारी नए निर्देशों के बाद एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों पर भी बड़ा असर पड़ा है। 15 मार्च 2026 के लिए निर्धारित कई 'एड-हॉक' (ad-hoc) उड़ानों को रद्द करना पड़ा है, जिससे भारत और यूएई के बीच यात्रा करने वाले सैकड़ों यात्री फंसे हुए हैं। एअर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि दुबई एअरपोर्ट अथॉरिटी के निर्देशों के कारण उसे अपनी उड़ानें कम करने पर मजबूर होना पड़ा है. एअर इंडिया की दिल्ली-दुबई मार्ग पर केवल एक रिटर्न फ्लाइट संचालित होगी, जबकि पांच में से चार निर्धारित उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। एअर इंडिया एक्सप्रेस की दुबई के लिए छह में से पांच उड़ानें रद्द हैं, केवल एक दिल्ली-दुबई रिटर्न फ्लाइट चलेगी. अबू धाबी के लिए एअर इंडिया एक्सप्रेस की सभी पांचों उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। शारजाह: एयर इंडिया एक्सप्रेस दिल्ली, कन्नूर, कोच्चि, कोझिकोड, मुंबई और तिरुवनंतपुरम के लिए उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है. रास अल खैमाह: कोझिकोड और कोच्चि के लिए उड़ानें चलेंगी। कंपनी ने साफ किया है कि ये उड़ानें भी स्लॉट की उपलब्धता और परिचालन के समय की स्थितियों पर निर्भर करेंगी. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें।