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अब मौके पर पकड़ी जाएगी दूध में मिलावट

करनाल. दूध में फॉर्मेलिन जैसे हानिकारक रसायनों की मिलावट की जांच अब आसान बनाने की दिशा में आईसीएआर-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) ने अहम कदम उठाया है। एनडीआरआई ने दूध में फॉर्मेलिन का पता लगाने वाली पेपर आधारित स्ट्रिप तकनीक के व्यावसायिक उपयोग के लिए अहमदाबाद की एवरेस्ट इंस्ट्रूमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है। संस्थान के अनुसार वर्ष 2025 से अब तक कंपनी को हस्तांतरित की जाने वाली यह उसकी 10वीं तकनीक है। यह समझौता सतत एवं जलवायु-अनुकूल डेयरी व खाद्य मूल्य श्रृंखला पर आयोजित 13वें राष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन सत्र में हुआ। उद्घाटन सत्र में एनडीआरआई निदेशक डॉ. धीर सिंह ने पूर्व छात्रों की सक्रिय भागीदारी के लिए तीन सूत्रीय एजेंडा रखा। कार्यक्रम में एनडीआरआई और एनजीएए के बीच अगले पांच वर्षों के लिए संयुक्त शैक्षणिक एवं विकासात्मक गतिविधियों को जारी रखने के एमओयू का नवीनीकरण भी किया गया। वहीं एनजीएए ने नवनिर्मित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन डेयरी औपचारिक रूप से संस्थान को सौंप दिया। सेमिनार में डायमंड और गोल्डन जुबली बैच के पूर्व छात्रों को परिजनों की मौजूदगी में सम्मानित किया गया।

तरंगशक्ति-2026 के बीच पाक ड्रोन की घुसपैठ, सीमा पर ड्रग्स तस्करी बनी चुनौती

जयपुर  राजस्थान की पाकिस्तान से लगी सीमा पर एक तरफ आसमान में भारतीय सेनाओं के साथ मित्र राष्ट्रों की सेनाएं संयुक्त युद्धाभ्यास की तैयारियों में जुटी हैं। दूसरी तरफ इसी सीमा से लगे दूरस्थ इलाकों में पाकिस्तान से हो रही ड्रग व हथियारों की तस्करी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई है। वायुसेना व सेना की युद्ध तैयारियों के बीच जोधपुर की हवाई सीमा पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है, लेकिन श्रीगंगानगर से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते पाकिस्तानी ड्रोन से नशे और हथियार पहुंचने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बीते कुछ वर्षों में अकेले श्रीगंगानगर जिले में करीब 500 करोड़ रुपए की ड्रग्स और बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए जा चुके हैं। शुक्रवार को पुलिस को भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे सुजावलपुर क्षेत्र के एक खेत में पुलिस को दो लावारिस पैकेट में 1 किलो 600 ग्राम हेरोइन मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब आठ करोड़ रुपए है। आशंका है कि यह खेप पाकिस्तानी ड्रोन से गिराई गई, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही इसकी पुष्टि होगी। इससे चार दिन पहले रोही 8 सी बड़ी हिन्दुमलकोट में पुलिस ने एक पॉलीथीन से 206 ग्राम मेथएम्फेटामाइन यानी आइस ड्रग और उपकरण बरामद किए थे। एसपी हरीशंकर के मुताबिक, पुलिस दोनों मामलों में खेप के स्रोत और संभावित रिसीवर तक पहुंचने में जुटी है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में श्रीगंगानगर में करीब 350 करोड़ रुपए की ड्रग्स और बड़ी मात्रा में हथियार पकड़े जा चुके हैं। वहीं, चार दिन पहले आइस ड्रग बरामद हुई थी। यानी सीमा पर दुश्मन की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ड्रोन से होने वाली तस्करी रोकना भी बड़ी चुनौती है। बड़ा सवाल… ड्रोन कैसे दे रहे धोखा पश्चिमी राजस्थान का बड़ा हिस्सा थार के रेगिस्तानी भूभाग में है, जिससे सीमा निगरानी की अपनी भौगोलिक चुनौतियां हैं। हालांकि सरकार जहां बॉर्डर पर सुरक्षा संबंधी गतिविधियों से घुसपैट रोकने दावे करती है। मई 2026 में केंद्रीय गृह मंत्री ने बीकानेर में भारत-पाक सीमा की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। इन दिनों सैन्य अभ्यास के चलते सीमा पर सुरक्षा का स्तर बढ़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद सीमा के दूसरे हिस्सों में तस्कर ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थ और हथियार गिरा सुरक्षा को भेद रहे हैं। गौरतलब है कि प्रदेश की पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा 1,070 किमी लंबी है। श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर – चार जिले सीधे इस सीमा से जुड़े हैं। एयरफोर्स ने जारी किया 17 दिन का नोटम भारतीय वायुसेना ने मेगा मल्टीलेटरल युद्धाभ्यास तरंगशक्ति के संस्करण ‘तरंगशक्ति-2026’ को लेकर पश्चिमी सीमा पर 17 दिन का नोटम (नोटिस टू एयर मिशन) जारी किया है। वायुसेना ने 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक 17 दिनों के व्यापक सैन्य एवं हवाई अभ्यास के लिए नोटम जारी कर जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी और जोधपुर सेक्टर के विशाल हवाई क्षेत्र को सैन्य गतिविधियों के लिए आरक्षित किया है। नोटम की ऊंचाई 40 हजार फीट तक है। बीकानेर के नाल क्षेत्र में इसका एक हिस्सा अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 20 किलोमीटर ही दूर है। नोटम लगातार नहीं होकर कुछ फेज में सुबह 9 बजे से रात 12 बजे तक रहेगा। जानकारी के अनुसार 28 से 30 सितम्बर, एक अक्टूबर से पांच अक्टूबर और सात अक्टूबर को नोटम प्रभावी रहेगा। आसमान में आज से दिखेगी आठ देशों की ताकत भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास ‘तरंगशक्ति 2026’ शनिवार से जोधपुर एयरबेस पर शुरू होगा। 12 अक्टूबर तक चलने वाले अभ्यास में अमरीका, जर्मनी, फ्रांस, यूएई, श्रीलंका, बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया समेत आठ देश अपने विमान व सैन्य संसाधनों के साथ हिस्सा लेंगे, जबकि 32 देश पर्यवेक्षक के तौर पर जुड़ेंगे। 100 से अधिक लड़ाकू विमान और करीब 3000 जवान अभ्यास का हिस्सा होंगे। चार से पांच एयरबेस का इस्तेमाल किया जाएगा। शुक्रवार से ही विदेशी परिवहन विमान जोधपुर पहुंचने लगे। इनमें ऑस्ट्रेलिया का सी-130 जे, अमरीका का सी-17, बांग्लादेश का सी-130 जे और फ्रांस का ए330 एमआरटीटी शामिल हैं। हाल ही जापान के साथ ‘वीर गार्जियन’ अभ्यास हुआ था। अब आठ देशों के इस अभ्यास में राजस्थान की गर्मी भी चुनौती होगी। जोधपुर में दिन का तापमान 42 डिग्री के आसपास पहुंच रहा है।

रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर, 10 ट्रेनें रद्द

अमृतसर. मानांवाला रेलवे स्टेशन पर चल रहे काम का असर अमृतसर से आने-जाने वाली ट्रेनों पर लगातार पड़ रहा है। कई ट्रेनें रद के अलावा कुछ ट्रेनों को उनके निर्धारित गंतव्य से पहले ही रोक दिया गया। मानांवाला रेलवे स्टेशन पर चल रहे काम के चलते शुक्रवार को भी अमृतसर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस, अमृतसर-चंडीगढ़ इंटरसिटी एक्सप्रेस, नंगल डैम एक्सप्रेस, अमृतसर-कटिहार त्योहार विशेष और अमृतसर-अटारी डीईएमयू सहित कई ट्रेनें रद रहीं। इसके अलावा कुछ ट्रेनों को उनके निर्धारित गंतव्य से पहले ही रोक दिया गया। अब शनिवार और रविवार को यात्रियों की परेशानी और बढ़ने वाली है। दोनों दिनों में अमृतसर से जुड़ी कुल 10 ट्रेनें रद रहेंगी, जबकि छह ट्रेनें बदले हुए मार्ग से चलाई जाएंगी। कई ट्रेनें रद के चलते यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बदलनी पड़ सकती है। कई यात्री पहले से कराई गई बुकिंग रद कराने को मजबूर हैं। वहीं, दूसरी ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ने से प्रतीक्षा सूची भी लंबी होने लगी है।

ITI भवन हैंडओवर नहीं, NCVT मान्यता पर संकट

गरियाबंद. देवभोग में मुड़ागांव में 2013 से संचालित हो रहे आईटीआई के लिए सरकार ने 2018 में लगभग 3 करोड़ का भवन बनवा दिया। निर्माण की जिम्मेदारी लोकनिर्माण विभाग की थी। भवन में निर्धारित शौचालय और अन्य कक्ष का निर्माण नहीं होने के कारण तात्कालीन आईटीआई प्रभारी ने निर्माण एजेंसी विभाग पीडब्ल्यूडी से टेक ओवर नहीं लिया था। अधूरे काम को पूर्ण कराने संस्थान ने कई पत्राचार किया पर स्वीकृत डिजाइन के आधार पर भवन पूर्ण नहीं हो सका। आज भी हेंड ओवर की प्रकिया नहीं हुई है। कूल 28 कमरे के भवन में वर्तमान में केवल 6 कमरों का इस्तेमाल होता है। फर्स्ट फ्लोर के कमरों का कोई उपयोग नहीं। नीचे सीपेज के चलते वाशरूम इलाके के छत की पपड़िया टूट रही है। भवन में कई जगह दरार शुरू से आ गई जिसकी अनदेखी विभाग ने कर दिया। एनसीवीटी मोड की मान्यता लटकी 13 साल पुराना यह संस्थान आज संपूर्ण तरह से उपेक्षा का शिकार हो गया है। राज्य सरकार से अध्ययन्ता मिलने वाली एससीवीटी मोड पर अब भी संचालित है,जबकि एनसीवीटी मोड पर मान्यता मिलने से ही प्रशिक्षित छात्रों की प्रमाण पत्र बड़े उद्योग संस्थान में काम आ सकेगा। इसकी मान्यता के लिए संस्थान ने पत्राचार किया पर जरूरी दस्तावेजों में भवन संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो रहे, इसके अलावा ईक्यूपमेंट की प्रयाप्त उपलब्धता नहीं होना भी एक बड़ा कारण बताया गया है। यही वजह है कि अबतक 400 से ज्यादा छात्र प्रशिक्षित होकर निकले पर उन्हें बड़े अथवा सरकारी संस्थानों में कोई रोजगार उपलब्ध नहीं हो सका। स्टाफ और एक्यूपमेंट की कमी,अनदेखी वर्तमान में यहां कोपा इलेक्ट्रीशियन और फिटर ट्रेड में 88 छात्र प्रशिक्षन ले रहे हैं।एक परीक्षण अधिकारी और 4 संविदा प्रवक्ता के भरोसे संस्थान कई साल से संचालित है।15 से ज्यादा पद और नियमित प्राचार्य पद आज तक पूर्ति नहीं हुई।संस्था के बेहतर संचालन की मांग होती रही पर क्षेत्र के जरूरत मंदो को अधूरी और कम मान्यता वाले प्रमाण पत्र देकर केवल खानापूर्ति किया जा रहा है। लोकल मांग के आधार पर ट्रेड संचालन की मांग संचालित तीनों ट्रेड बड़े उद्योग और फर्मों के लिए जरूरत पूरी करता है।लेकिन प्रशिक्षण मोड एनसीवीटी नहीं होने के कारण प्रशिक्षित छात्र रोजगार से वंचित हो जाते हैं।इसे में स्थानीय जरूरत और रोजगार में सहायक साबित होने वाले ट्रेड वेल्डर,प्लंबर,राजमिस्त्री,टेलरिंग, साेलर मैकेनिक की मांग हो रही है।ताकि प्रशिक्षित युवा स्थानीय स्तर पर रोजगार ले सके। संतोष ध्रुव, प्रभारी प्राचार्य शाहिद भोजराज आईटीआई मुड़ागांव एन सी वीटी मान्यता दिल्ली से होता है, जिसके लिए हमे भवन के दस्तावेज चाहिए पर भवन अधूरे बने होने के कारण अब तक टेक ओवर के दस्तावेज नहीं है। स्थानीय आवश्यकता के आधार पर ट्रेड की मांग के लिए संचनालय से पत्राचार किया गया है।

जबलपुर-रीवा समेत 18 जिलों में बारिश, सतना-मैहर में स्कूल बंद

भोपाल  मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के जिलों में अगले 48 घंटे तेज बारिश का दौर बना रहेगा। IMD (मौसम केंद्र) के अनुसार, शनिवार को जबलपुर-रीवा समेत 18 जिलों में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट है। निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और सतना में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मूसलधार बारिश की चेतावनी को देखते हुए शनिवार को सतना में नर्सरी से कक्षा 8वीं तक और मैहर में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक की सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। इसके अलावा भिंड, दतिया, पन्ना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, दमोह, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, मंडला और डिंडौरी में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश हो सकती है। वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर में बूंदाबांदी हो सकती है। इसी तरह शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, पांढुर्णा, अनूपपुर, सागर और पन्ना में भी बूंदाबांदी का अनुमान है। पूर्वी MP में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि सितंबर के अंतिम सप्ताह में मध्य प्रदेश का मौसम एक बार फिर एक्टिव है। गहरे अवदाब की तीव्रता भले ही लगातार कम हो रही हो, लेकिन इसकी उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में गति और इससे जुड़ी नमी पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा को बनाए रखने के लिए पर्याप्त है। इसलिए अगले 48 घंटे विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। प्रशासन, किसान और आम नागरिक स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखें। साथ ही नदी-नालों, पुल-पुलियों और निचले इलाकों में अनावश्यक आवागमन से बचें। मानसून की विदाई को 5 दिन बचे एमपी में दक्षिण-पश्चिम मानसून का पीरियड 1 जून से 30 सितंबर तक है। यानी, मानसून की विदाई को पांच दिन बचे हैं। आने वाले दिनों में मानूसन की विदाई होने लगेगी। राजस्थान के कई जिलों से मानसून लौट चुका है। सामान्य बारिश से 2.2 इंच नीचे चल रहा प्रदेश IMD की मानें तो प्रदेश में अब तक 880.5 मिमी यानी, 34.7 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 36.9 इंच (937.9 मिमी) की तुलना में 2.2 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 6 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में बराबर और पश्चिमी हिस्से में औसत से 11% बारिश कम हुई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा बराबर है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी में 4% से 21% तक कम बारिश हुई है। पिछले एक सप्ताह में यह आंकड़ा काफी सुधरा है। शुक्रवार को भी आंकड़ा बराबर पर आ गया। वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 8% से 50% कम पानी गिरा है। इन 23 जिलों में ज्यादा बारिश IMD की माने तो अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

मेहरम कोटे के लिये महिला हज आवेदिकाओ से आवेदन आमंत्रित – मिर्ज़ा एजाज बेग

 मेहरम कोटे के लिये महिला हज आवेदिकाओ से आवेदन आमंत्रित – मिर्ज़ा एजाज बेग    रायपुर   हज 2027 हेतु मेहरम कोटे से महिला हज आवेदकों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। एैसी महिला हज आवेदिकाएं जिनके मेहरम का चयन हो चुका है और वे किन्ही कारणो से समय पर आवेदन नही कर सकी हैं तो 07 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकतीं हैं। हज कमेटी ऑफ़ इंडिया से प्राप्त सूचना के अनुसार  मेहरम कोटे के अंतर्गत दिनांक 07 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन हज आवेदन आमंत्रित किये गये है। छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमेन (राज्यमंत्री दर्जा) मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने आज जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि, हज कमेटी ऑफ़ इंडिया मुंबई के सर्कुलर 14 से प्राप्त सूचना अनुसार हज 2027 हेतु एैसी महिला हज आवेदिकाए जिनके मेहरम का चयन हो चुका है और वे किन्ही कारणो से आवेदन नहीं कर सकी हैं तो ऐसी हज आवेदिकाओं से हज कमेटी ऑफ़ इंडिया द्वारा मेहरम कोटे के अंतर्गत ऑनलाइन हज आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। ऐसी हज आवेदिकाएं जिन्होंने  पूर्व में हज ना किया हो वे ही  आवेदन कर सकती हैं । इसके साथ ही  दिनांक 31.12.2027 तक की वैधता युक्त पासर्पोट धारण करना भी अनिवार्य है। मेहरम कोटे के अंतर्गत आवेदन करने की नियमावली का सम्पूर्ण विवरण, हज कमेटी की वेबसाइट में सर्कुलर 14 पर उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी मुखर्जी बाड़ा बैरन बाजार रायपुर के दूरभाष क्रमांक 0771-4266646 पर संपर्क किया जा सकता है।*

स्कूल-कॉलेज के 100 मीटर दायरे में तंबाकू बिक्री पर रोक, फिर बच्चों तक कैसे पहुंच रहा?

रांची  जगन्नाथपुर के सरकारी स्कूल में किशोर विद्यार्थियों के तंबाकू सेवन का मामला सामने आने के बाद अब सवाल सिर्फ बच्चों की आदत तक सीमित नहीं है। बड़ा सवाल यह है कि जिन उत्पादों की बिक्री पर शिक्षण संस्थानों के आसपास स्पष्ट कानूनी रोक है, वे बच्चों और किशोरों तक आसानी से कैसे पहुंच रहे हैं। शहर के जेवियर कॉलेज, मरवाड़ी कॉलेज समेत कई प्रमुख शिक्षण संस्थानों के आसपास ऐसी दुकानों में तंबाकू उत्पादों की बिक्री होने की बात सामने आ रही है। ऐसे में स्कूल-कॉलेजों के आसपास तंबाकू की उपलब्धता और कानून के पालन की निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मालूम हो कि झारखंड में कोटपा संशोधन के बाद शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में सिगरेट या अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है। साथ ही 21 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति को तंबाकू उत्पाद बेचना भी दंडनीय है। उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान भी बढ़ाया गया है। कानून में रोक, फिर भी दुकानों तक पहुंच : केंद्र के कोटपा कानून में शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू बिक्री पर रोक का प्रावधान है। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के दिशा-निर्देश भी स्कूल और शैक्षणिक संस्थानों के अंदर तथा निर्धारित दायरे में तंबाकू बिक्री रोकने और संस्थान के बाहर स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाने की बात कहते हैं। झारखंड के संशोधन में इस दूरी को 100 मीटर किया गया है और प्रतिबंध का दायरा शिक्षण संस्थानों के अलावा अस्पताल, स्वास्थ्य संस्थान, सार्वजनिक कार्यालय और न्यायालयों तक बढ़ाया गया है। बच्चों तक पहुंच का रास्ता रोकना सबसे जरूरी : जगन्नाथपुर के स्कूल में हुई मुख जांच में करीब 200 बच्चों में 10 से अधिक विद्यार्थियों के गाल और मसूड़ों के अंदर सफेद धब्बे मिले थे। कुछ बच्चों से तंबाकू सेवन की जानकारी भी सामने आई। चिकित्सकों ने इसे गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच और तंबाकू से दूरी बनाने की सलाह दी है। सफेद धब्बा अपने आप में कैंसर की पुष्टि नहीं है, लेकिन कुछ मामलों में यह कैंसर-पूर्व बदलाव का संकेत हो सकता है। इस मामले ने यह सवाल और गंभीर कर दिया है कि यदि किशोर उम्र में बच्चे तंबाकू का सेवन कर रहे हैं तो उन्हें उत्पाद उपलब्ध कराने वाले स्रोतों की भी पहचान क्यों नहीं की जाए। 21 साल से कम को बिक्री पर रोक : झारखंड संशोधन के अनुसार 21 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति को तंबाकू उत्पाद बेचना प्रतिबंधित किया गया है। 2021 के संशोधन में शिक्षण संस्थानों समेत निर्धारित स्थानों के 100 मीटर के दायरे में बिक्री पर भी रोक लगाई गई है। उल्लंघन की स्थिति में एक हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान बताया गया है। इसके बावजूद यदि स्कूल-कालेज के आसपास दुकानें तंबाकू उत्पाद बेच रही हैं तो केवल जागरूकता कार्यक्रम पर्याप्त नहीं होंगे। नियमित जांच, दुकानों का सत्यापन और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई भी जरूरी होगी। अब स्कूल से बाहर भी हो निगरानी : बच्चों को तंबाकू से दूर रखने की जिम्मेदारी केवल स्कूल और अभिभावकों की नहीं हो सकती। स्कूल के आसपास प्रतिबंधित क्षेत्र में बिक्री रोकना, नाबालिगों को बिक्री की जांच करना, दुकानदारों को नियमों की जानकारी देना और उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई करना भी तंबाकू नियंत्रण व्यवस्था का हिस्सा है।  

आंगनबाड़ी केंद्र बने उत्सव स्थल, पहले दिन 97 हजार से ज्यादा लोगों की भागीदारी

आंगन मिलन सेवा से उत्सव स्थल बने आंगनबाड़ी केंद्र, पहले दिन 97 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता प्रदेश में 2,262 स्थानों पर हुए 12,698 आयोजन; मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुंगेली के मदकू में कार्यक्रम में हुए शामिल सुपोषित थाली के प्रदर्शन के साथ माताओं और बच्चों के पोषण पर हुआ संवाद रायपुर  सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश में शुक्रवार से शुरू हुई ‘आंगन मिलन सेवा’ के पहले दिन आंगनबाड़ी केंद्रों में उत्सव जैसा माहौल रहा। राज्यभर में 2,262 स्थानों पर 12,698 गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें 97,471 लोगों ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी मुंगेली जिले के मदकू में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में शामिल हुए और माताओं एवं बच्चों के पोषण का संदेश दिया। आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती माताओं का स्वागत किया गया। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों, दालों और हरी सब्जियों का प्रदर्शन कर परिवारों को संतुलित भोजन के बारे में बताया गया। सुपोषित थाली के माध्यम से महिलाओं ने जाना कि रोजमर्रा के भोजन में विविध खाद्य पदार्थ शामिल कर माताओं और बच्चों का पोषण कैसे बेहतर बनाया जा सकता है। कार्यक्रमों में बच्चों के अभिभावकों ने भी भाग लिया और पोषण तथा मातृ स्वास्थ्य से जुड़े अनुभव साझा किए। महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की लाभार्थियों ने बताया कि योजनाओं से मिली सहायता से वे अपनी और अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर पा रही हैं। आंगन मिलन सेवा के माध्यम से परिवारों और समुदाय को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ते हुए बच्चों के पोषण को साझा जिम्मेदारी बनाने पर जोर दिया गया।

बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल, ADG-DIG स्तर के 36 अफसर बने जिला प्रभारी

पटना बिहार पुलिस मुख्यालय ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एडीजी से लेकर डीआईजी स्तर के 36 पुलिस पदाधिकारियों को 40 पुलिस जिलों का प्रभारी व नोडल पदाधिकारी नामित किया है। नयी व्यवस्था में एडीजी (विधि व्यवस्था) केएस अनुपम को पटना, जबकि एडीजी (बी-सैप) नैय्यर हसनैन खान को मुजफ्फरपुर का नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। इनके अलावा एडीजी आर मलार विझि को नालंदा, एडीजी ईओयू डॉ. अमित कुमार जैन को वैशाली, एडीजी एसवीयू सुधांशु कुमार को दरभंगा की कमान मिली है। चार अफसरों को दो-दो जिलों की जिम्मेदारी दी गयी है। मुख्यालय ने सभी पुलिस पदाधिकारियों को जिला का आवंटन करते हुए 27 सितंबर तक अपने आवंटित जिले का निरीक्षण पूरा करते हुए डीजीपी प्रीता वर्मा को रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। किस जिले के प्रभारी कौन? मुख्यालय के मुताबिक, एडीजी रेल डॉ. कमल किशोर सिंह को समस्तीपुर, एडीजी सीआईडी पारसनाथ को मुंगेर, एडीजी आधुनिकीकरण अजिताभ कुमार को गोपालगंज, एडीजी तकनीकी सेवाएं अमित लोढ़ा को लखीसराय व शेखपुरा, एडीजी एटीएस अमृत राज को भोजपुर, आईजी (एससीआरबी) राजेश कुमार को पूर्णिया, आईजी (प्रोविजन) पी कन्नन को सारण, आईजी प्रशिक्षण अनुसूया रणसिंह साहू को औरंगाबाद, आईजी रेल पंकज कुमार राज को भागलपुर और नवगछिया, आईजी मद्य निषेध प्रेमलथा को जहानाबाद, आईजी सीआईडी और सीसीएसयू रंजीत कुमार मिश्रा को मधुबनी, आईजी मुख्यालय मनोज कुमार को गया जी, आईजी विशेष शाखा संजय कुमार को बेतिया और बगहा, डीआईजी सीआईडी जयंत कांत को कटिहार, डीआईजी ईओयू मानवजीत सिंह ढिल्लन को रोहतास, डीआईजी विशेष शाखा हरप्रीत कौर को कैमूर, डीआईजी बी-सैप मीनू कुमारी को बेगूसराय, डीआईजी एससीआरबी सुधीर पोरिका को खगड़िया, डीआईजी आधुनिकीकरण तौहिद परवेज को किशनगंज, डीआईजी (विधि एवं मानवाधिकार) सुशील कुमार को शिवहर, डीआईजी मद्य निषेध अनिल कुमार को सहरसा, डीआईजी कार्मिक राजेंद्र कुमार भील को मधेपुरा, डीआईजी (विधि व्यवस्था) आनंद कुमार को मोतिहारी का प्रभारी पुलिस बनाया गया है। डीआईजी साइबर अवकाश कुमार को सीतामढ़ी, डीआईजी सीआईडी दीपक रंजन को बक्सर, डीआईजी इनामुल हक मेंगनू को जमुई, डीआईजी एसयूवी आमिर जावेद को सीवान, डीआईजी प्रशिक्षण राजीव रंजन एक को बांका, डीआईजी ईआरएसएस अजय कुमार पांडेय को अरवल एवं नवादा, डीआईजी एसटीएफ नीरज कुमार सिंह को अररिया और डीआईजी एटीएस सुशांत कुमार सरोज को सुपौल जिले को प्रभारी पुलिस पदाधिकारी बनाया गया है। डीजीपी को देंगे रिपोर्ट मुख्यालय ने जिन अफसरों को जिलों की जिम्मेदारी सौंपी है, उनको अपने-अपने आवंटित जिले में जाकर कानून व्यवस्था की समीक्षा करनी होगी। वे निश्चित अंतराल पर संबंधित जिले में बैठक कर उस जिले के कानून व्यवस्था की स्थिति, केसों के अनुसंधान, उसके निष्पादन की स्थिति, ट्रायल, पुलिस स्टेशन की कार्यप्रणाली, गश्ती, महिला संबंधित अपराध व पॉक्सो सहित विभिन्न अधिनियमों के क्रियान्वयन और उसकी स्थिति आदि की समीक्षा कर डीजीपी को रिपोर्ट करेंगे। 25 से 28 तक संबंधित जिलों में रात्रि विश्राम करेंगे इसके साथ ही, बिहार पुलिस मुख्यालय के विधि व्यवस्था प्रभाग ने सभी क्षेत्रीय आईजी और डीआईजी से अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत जिलों में विधि व्यवस्था से संबंधित मामलों की समीक्षा कर रिपोर्ट मांगी है। इसके लिए क्षेत्रीय आईजी व डीआईजी 25 से 28 तक संबंधित जिलों में रात्रि विश्राम करते हुए जिले के लंबित कांडों, वारंट, इश्तिहार, कुर्की व गश्ती आदि की समीक्षा कर 29 सितंबर तक पुलिस मुख्यालय को अपनी रिपोर्ट देंगे।

गड्ढामुक्त सड़कों पर CM योगी का फोकस, 27 सितंबर को PWD की बड़ी समीक्षा

लखनऊ सीएम योगी आदित्यनाथ 27 सितंबर को लोक निर्माण विभाग (PWD) की समीक्षा बैठक बुलाई है। इसमें पीडब्ल्यूडी के कामों का हिसाब-किताब होगा। इसके मद्देनजर प्रमुख सचिव अजय चौहान ने सभी चीफ इंजीनियरों को तैयारी के साथ बैठक में शामिल होने के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ बारिश के कारण टूटी सड़कों की मरम्मत, उन्हें गड्ढामुक्त किए जाने, वित्तीय वर्ष (financial year) 2023-24 से पहले स्वीकृत 50 करोड़ से अधिक के अधूरे कामों को पूरा करने के लिए रिवाइज्ड ऐक्शन प्लान (पुनरीक्षित कार्ययोजना), वित्तीय वर्ष 2027-28 के नए कामों का ऐक्शन प्लान (कार्ययोजना) और 2026-27 के तहत अलॉट किए रुपयों और खर्च की समीक्षा करेंगे। इस दौरान जीएसटी और अतिरिक्त बिटुमिन्स की मांग की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाएगी। पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव के मुताबिक प्रदेश के सभी क्षेत्रीय मुख्य अभियंता इन सूचनाओं के साथ दोपहर 12 बजे से आयोजित बैठक में हिस्सा लेंगे। छुट्टी में खुले रहेंगे पीडब्ल्यूडी के सभी कार्यालय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 27 सितंबर को समीक्षा बैठक को देखते हुए शनिवार और रविवार को भी लोक निर्माण विभाग प्रमुख अभियंता कार्यालय तथा सभी क्षेत्रीय, वृत्तीय तथा खंडीय कार्यालय खुले रहेंगे। पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता विभागाध्यक्ष एके द्विवेदी के मुताबिक मुख्य अभियंता मुख्याल-1 सेतु और भवन में भी सामान्य दिनों की तरह कार्य होगा। कानपुर में महापौर ने जर्जर सड़कों का ठीकरा अब पीडब्ल्यूडी पर फोड़ा उधर, कानपुर से आई एक खबर के अनुसर वहां की खराब सड़कों को लेकर जनप्रतिनिधियों को निशाने में लेने के बाद महापौर प्रमिला पांडेय ने अब इसका ठीकरा पीडल्यूडी के सिर फोड़ा है। शुक्रवार को हुई बैठक में उन्होंने कहा कि जिन सड़कों पर खतरनाक गड्ढे हैं, उनमें अधिकतर सड़कें पीडब्ल्यूडी की हैं। बैठक में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय समेत जलकल, पीडब्ल्यूडी, केस्को, मेट्रो के अफसर मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने सभी अफसरों से कहा कि हर एक विभाग आपस में समन्वय बनाकर 10 अक्तूबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करा दें। सड़क स्थिति की समीक्षा मोतीझील स्थित नगर निगम मुख्यालय में हुई बैठक में महापौर ने प्रमुख सड़कों की स्थिति, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और अलग-अलग विभागों की ओर से सड़क खोदने के बाद उसे दोबारा ठीक कराने की स्थिति की समीक्षा की गई। महापौर ने कहा कि शहर में कहीं सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं तो कहीं पाइपलाइन, बिजली लाइन या दूसरे विकास कार्यों की वजह से सड़क खोदने के बाद उनकी मरम्मत नहीं कराई गई है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर में बड़ी संख्या में खराब सड़कें पीडब्ल्यूडी की हैं, पर उनकी खराब स्थिति का दोष नगर निगम पर आता है। पीडब्ल्यूडी अफसरों को अल्टीमेटम महापौर ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से ऐसी सड़कों की जल्द मरम्मत कराने को कहा। निर्देश दिए कि जहां तत्काल मरम्मत की जरूरत है, वहां काम में देरी न की जाए। त्योहार सिर पर है। अब लापरवाही सहन नहीं होगी। उन्होंने सड़क मरम्मत में आ रही दिक्कतों और काम पूरा करने की समय-सीमा की भी जानकारी ली। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी विभाग की ओर से सड़क बनाने के बाद दूसरे विभाग की खोदाई के कारण वह दोबारा खराब नहीं होनी चाहिए। पैचवर्क तय लक्ष्य में पूरा हो नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने बताया कि सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर सड़कों पर चल रहे और प्रस्तावित कामों की समीक्षा की गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य 10 अक्तूबर तय हुआ है। जिन स्थानों पर पैचवर्क प्रभावित हो रहा है, वहां मौसम साफ होते ही तेजी से काम कराया जाएगा। जिन जगहों पर नई सड़क का निर्माण होना है, वहां संबंधित विभाग अपनी कार्ययोजना के अनुसार काम करेंगे।