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लखनऊ होकर उधना-सूरत-जयनगर रूट पर चलेंगी स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों को राहत

लखनऊ गर्मी की छुट्टी में यूपी बिहार से गुजरात आना जाना आसान करने के लिए रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन ने लखनऊ होकर उधना, सूरत और झंझारपुर के लिए समर स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेनें वापसी में गोरखपुर होते हुए बिहार के जयनगर और मधुबनी भी जाएंगी। इन ट्रेनों में स्लीपर और जनरल के कोच होंगे। इन ट्रेनों के चलने से यूपी के आगरा, कानपुर, गोंडा समेत कई जिलों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। बिहार के रक्सौल, सीतामढ़ी, नरकटिया गंज से गुजरात जाने और आने वालों की परेशानी दूर होगी। उधना-जयनगर-सूरत विशेष गाड़ी 16 से ट्रेन नंबर 09041 उधना-जयनगर ग्रीष्मकालीन अनारक्षित विशेष गाड़ी 16 मई शनिवार को उधना से 23.30 बजे चलेगी। दूसरे दिन सायण, वडोदरा, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, ईदगाह आगरा, कानपुर सेंट्रल, मानक नगर से 21.02 बजे, लखनऊ (उत्तर रेलवे) से 21.52 बजे होते हुए तीसरे दिन बस्ती, गोरखपुर,रक्सौल, सीतामढ़ी, सकरी, मधुबनी होते हुए जयनगर 13.30 बजे पहुंचेगी। वापसी में 09042 जयनगर से 11 एवं 18 मई, सोमवार को 15.00 बजे चलेगी। उक्त स्टेशनों से होते हुए दूसरे दिन लखनऊ (उत्तर रेलवे) से 08.04 बजे, मानक नगर से 08.49 बजे चलकर तीसरे दिन सूरत 07.24 बजे पहुंचेगी। उधना-मधुबनी-सूरत अनारक्षित गाड़ीआज से ट्रेन नंबर 09045 उधना-मधुबनी अनारक्षित विशेष गाड़ी 10 एवं 17 मई रविवार को उधना से 01.30 बजे चलेगी। सायण, भरुच, वडोदरा,रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, ईदगाह आगरा, टूण्डला, कानपुर सेंट्रल, मानक नगर से 23.02 बजे, लखनऊ (उत्तर रेलवे) से 23.52 बजे चलकर दूसरे दिन गोंडा, बस्ती, गोरखपुर रक्सौल, सीतामढ़ी, सकरी से होते हुए मधुबनी 16.00 बजे पहुंचेगी। वापसी में 09046 मधुबनी से 11 एवं 18 मई सोमवार को 18.00 बजे चलेगी। उक्त स्टेशनों से होते हुए दूसरे दिन लखनऊ (उत्तर रेलवे) से 11.49 बजे, मानक नगर से 12.34 बजे खुलते हुए तीसरे दिन सूरत 11.09 बजे पहुंचेगी। झंझारपुर-उधना-सूरत विशेष ट्रेन 11 से चलेगी ट्रेन नंबर 09048 झंझारपुर से 11 एवं 18 मई सोमवार को 21.00 बजे चलेगी। सकरी, शिशो, दूसरे दिन सीतामढ़ी, रक्सौल, नरकटियागंज, गोरखपुर, बस्ती, गोंडा होते हुए लखनऊ (उत्तर रेलवे) से 13.19 बजे, मानक नगर से 14.04 बजे चलकर कानपुर सेंट्रल, टूण्डला, ईदगाह आगरा, बयाना, तीसरे दिन गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर,कोटा, रतलाम, दाहोद, वडोदरा, भरुच, सायण होते हुए सूरत से 12.39 बजे पहुंचेगी। 09047 उधना-झंझारपुर 10 एवं 17 मई रविवार को उधना से 05.00 बजे चलेगी। उक्त स्टेशनों से होते हुए दूसरे मानक नगर से 02.32 बजे, लखनऊ (उत्तर रेलवे) से 03.22 बजे चलकर झंझारपुर 19.00 बजे पहुंचेगी।

गर्मियों से राहत की खबर: पंजाब में बारिश और तेज हवाओं के साथ तापमान में गिरावट

चंडीगढ़   पंजाब और चंडीगढ़ में रविवार से मौसम का मिजाज बदल गया है। सुबह से तेज हवाएं चलने के साथ कई इलाकों में बादल छाए रहे। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 11 मई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए धूल भरी आंधी, गरज-चमक, बिजली गिरने और बारिश की संभावना जताई है। विभाग के मुताबिक 14 मई तक राज्य के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा। इस बदलाव से लोगों को तेज गर्मी और लू से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि कुछ जिलों में तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। फरीदकोट बना सबसे गर्म जिला पंजाब में पिछले कई दिनों बाद तापमान फिर 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। फरीदकोट सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा बठिंडा में 40.9 डिग्री, फाजिल्का में 39 डिग्री और फिरोजपुर में 37.1 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और चंडीगढ़ समेत कई शहरों में तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, लेकिन दिन के समय गर्म हवाओं का असर महसूस किया गया। मौसम विभाग के अनुसार राज्य का औसत तापमान अभी भी सामान्य से करीब 2.8 डिग्री नीचे है। फरीदकोट में तापमान में सबसे ज्यादा 2.5 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं बठिंडा और एसबीएस नगर में भी तापमान बढ़ा है। दूसरी ओर रोपड़, पटियाला और चंडीगढ़ में हल्की गिरावट देखने को मिली। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा। माझा और दोआबा क्षेत्रों में तेज हवाओं का असर मौसम विभाग ने पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर, लुधियाना, रूपनगर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और मोहाली में तेज आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। चंडीगढ़ और मोहाली एयरपोर्ट क्षेत्र में भी मौसम तेजी से बदलने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में अचानक तेज धूल भरी हवाएं चल सकती हैं, जिससे विजिबिलिटी भी प्रभावित हो सकती है। मालवा बेल्ट में बारिश के आसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस से बदला मौसम तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला, मानसा और संगरूर समेत मालवा क्षेत्र के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश की गतिविधियों से खेतों और खुले इलाकों में धूल कम होगी और तापमान में राहत महसूस की जाएगी। हालांकि किसानों को तेज हवाओं और बिजली गिरने के दौरान सतर्क रहने को कहा गया है। कई जिलों में रविवार रात से ही बादल छाने शुरू हो गए थे। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसका असर पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। यह सिस्टम शनिवार रात पहाड़ी इलाकों तक पहुंचा, जिसके बाद पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में मौसम ने करवट ली। विशेषज्ञों के मुताबिक इसी सिस्टम के कारण 11 मई की रात और 12 मई की सुबह कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग का मानना है कि यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है, जिससे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अस्थायी राहत मिलेगी। 14 मई तक जारी रहेगा बदला हुआ मौसम मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल ने बताया कि 14 मई तक पंजाब के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसके बाद मौसम धीरे-धीरे शुष्क हो सकता है। अगले तीन से चार दिनों तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। 11 मई को कुछ इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 12 से 14 मई के बीच हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को मौसम अपडेट देखते रहने की सलाह दी गई है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस से बदलेगा मौसम विभाग की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 11 मई से मौसम करवट ले रहा है। इसके चलते कई जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है। जानें किस शहर में कैसा रहेगा मौसम- 11 मई- अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर, रूपनगर, एसएएस नगर, लुधियाना, संगरूर, पटियाला, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, मानसा और फिरोजपुर सहित कई जिलों में ओरेंज व यलो अलर्ट जारी किया गया है। 12 मई- अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा, मानसा, संगरूर, होशियारपुर और पठानकोट सहित कई जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है। 13 मई-  गुरदासपुर, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, नवांशहर, एसएएस नगर और पटियाला जिलों में यलो अलर्ट रहेगा। 14 मई– गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, कपूरथला और जालंधर जिलों में खराब मौसम की संभावना जताई गई है। अलर्ट के दौरान बरतें सावधानियां सुरक्षित स्थानों पर रहें: तेज आंधी और बारिश के दौरान घरों से बाहर न निकलें, जब तूफान की तीव्रता अधिक हो। बिजली के खंभों/पेड़ों से बचें: पेड़, बिजली के खंभे, कच्चे मकान या कमजोर ढांचों (होर्डिंग) के नीचे आश्रय न लें, क्योंकि तेज हवा में इनके गिरने का खतरा है। यात्रा में सावधानी: खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा टालें, खासकर पहाड़ी इलाकों में, जहां भूस्खलन का जोखिम हो सकता है। बिजली के उपकरण बंद करें: तूफान और बिजली कड़कने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग (बंद) कर दें ताकि उन्हें नुकसान न पहुंचे।

लू से जनजीवन प्रभावित, जैसलमेर में कर्फ्यू जैसे हालात, अगले दिनों में 48 डिग्री तक तापमान की आशंका

जैसलमेर देशभर में सबसे गर्म राजस्थान का रेगिस्तान बुरी तरह तप रहा है. जैसलमेर भी भीषण गर्मी की चपेट में है. सूरज की तेज तपिश और गर्म हवाओं ने जनजीवन को बेहाल कर दिया है. तापमान 46 डिग्री के पार होने के साथ ही मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है. गर्मी का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते है कि मोबाइल फोन भी गर्मी के चलते ओवरहीट होकर बंद हो रहे है. शहर के चौराहों पर जब हमारी टीम कवरेज कर रही थी तो मोबाइल तक बंद होते नजर आए. मुश्किल यही खत्म नहीं होगी, बल्कि अगले 4 दिनों के भीतर पारा 48 डिग्री तक पहुंच सकता है. लगातार बढ़ता तापमान लोगों को परेशान कर रहा है.   50 डिग्री जैसी गर्मी का अहसास…! भीषण गर्मी के बीच दोपहर में जैसलमेर में कर्फ्यू जैसे हालात नजर आते है. लोगों का कहना है कि तापमान 46 से 47 डिग्री तापमान पहुंच गया है, लेकिन एहसास 50 डिग्री जैसा हो रहा है. गर्मी से बचने के जतन विफल हो गए है. अगले 96 घंटे जैसलमेर में लू की चेतावनी के साथ ही स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं. बाजार-सड़कों पर पसरा सन्नाटा सुबह 10 बजे के बाद से गर्म हवाएं चलना शुरू हो जाती हैं, जिसका शाम 7-8 बजे तक रहता है. लगातार बढ़ती गर्मी और तीखी धूप से बाजारों व सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है. दोपहर के समय लोग घरों में रहने को मजबूर हैं. स्वास्थ्य विभाग की अपील जान लीजिए लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है. बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. पशुपालन विभाग ने भी पशुपालकों को अलर्ट जारी करते हुए पशुओं को छांव में रखने, पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने और दोपहर में चराई से बचाने की अपील की है.

मिट्टी डालकर एक्सप्रेसवे रोका गया, पटियाला में NHAI ने तुरंत खुलवाया दिल्ली-कटरा मार्ग

पटियाला  केंद्र सरकार द्वारा भारत माला परियोजना के तहत निर्मित दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे को नेश्नल हाईवे अथॉरटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) द्वारा जेसीबी की मदद से आज रविवार को खुलवा दिया गया। इससे पहले यहां गांव गुलजारपुरा ठरुआ से घग्गा तक शरारती तत्वों द्वारा टिप्परों से मिट्टी डालकर यह एक्सप्रेसवे बंद कर दिया गया था। रात में अचानक बंद होने के कारण एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। शनिवार रात को बंद किए गए एक्सप्रेसवे को एनएचएआई अधिकारियों ने जेसीबी की मदद से फिर से खोल दिया। जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे पर मिट्टी फेंककर अवरुद्ध की गई सड़क को खोलने के लिए पहुंचे एनएचएआई के एसडीओ सलमान हकीम और चंद्र कुमार ने बताया कि जांच के बाद एक्सप्रेसवे पूरी तरह सुरक्षित है और इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसे अवैध रूप से बंद करके यात्रियों के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एनएचएआई ने पंजाब के प्रशासनिक अधिकारियों को ऐसी घटना के कई बार पत्र लिखे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका विभाग केवल पत्र लिखकर ही उच्चाधिकारियों को सूचित कर सकता है, जबकि कार्रवाई पुलिस प्रशासन को करनी होती है। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी के हलका प्रभारी नारायण सिंह नरसोत और उनकी पूरी टीम ने कुछ शरारती तत्वों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यों को अंजाम देने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने इस मामले को भाजपा नेता और पूर्व विदेश राज्य मंत्री परनीत कौर के नोटिस में लाया है। सड़क संघर्ष समिति के अध्यक्ष जगजीत सिंह गलोली ने कहा कि सड़क बनकर तैयार है, लेकिन कुछ लोग निजी लाभ के लिए इसे बंद कर रहे हैं और आने-जाने वाले लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इलाके के लोगों ने खुद कई बार बंद एक्सप्रेसवे को खुलवाया है, लेकिन इसे बंद करने वाले लोग उनकी मदद के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। अंत में, उन्हें एनएचएआई से शिकायत करनी पड़ी। डीएसपी पातड़ां गुरदीप सिंह संधू ने बताया कि एक्सप्रेसवे बंद करने के मामले में एसडीएम पातड़ां काला राम कंसल से परामर्श करने के बाद एक्सप्रेसवे को खोलने के लिए तुरंत कर्मचारियों को भेजा गया। उन्होंने कहा कि अगर कोई फिर भी एक्सप्रेसवे को बंद करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर भाजपा मंडल अध्यक्ष निरंकार सिंह संधू, मंडल अध्यक्ष प्रेम चंद कंसल, जिला सचिव रमेश बत्रा, मन्ना राम, हरबंस लाल कलवाणु, केवल कृष्ण अतालां आदि मौजूद रहे।  

युवा शक्ति के लिए बड़ी योजना: उत्तर प्रदेश बनेगा देश का सबसे बड़ा ‘स्किल हब’

युवा शक्ति को मिलेगा हुनर का साथ, उत्तर प्रदेश बनेगा देश का सबसे बड़ा ‘स्किल हब’ योगी सरकार की नई पहल से 13 विभागों के युवाओं को मिलेगा उद्योग आधारित कौशल प्रशिक्षण प्रदेश भर में मिशन मोड पर शुरू हुई रोजगारपरक प्रशिक्षण योजना युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमशीलता से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है लक्ष्य लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगार सक्षम बनाने की दिशा में लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी क्रम में प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के निर्देशन में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) ने राज्य को देश का अग्रणी “स्किल हब” बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। प्रदेश के 13 प्रमुख विभागों को कौशल विकास प्रशिक्षण का प्रस्ताव भेजते हुए आगामी तीन महीनों में बड़े स्तर पर युवाओं को रोजगारपरक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार का लक्ष्य केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमशीलता से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। हर वर्ग तक पहुंचेगा कौशल विकास अभियान इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत शहरी गरीब परिवारों, ग्रामीण युवाओं, महिला स्वयं सहायता समूहों, अल्पसंख्यक समुदाय, निर्माण श्रमिक परिवारों, विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तथा कारागारों से जुड़े युवाओं को उनकी रुचि और उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। योगी सरकार की यह पहल सामाजिक समावेशन और आर्थिक सशक्तिकरण के मॉडल के रूप में देखी जा रही है। विशेष रूप से गरीब और वंचित वर्गों के युवाओं को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है। प्रदेश के हर जिले में तैयार होगी हुनरमंद युवा शक्ति राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कौशल विकास को युवाओं की आत्मनिर्भरता का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हुए आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक वर्ग तक कौशल प्रशिक्षण की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विभागीय समन्वय के साथ तेज गति से कार्य किया जा रहा है। मिशन निदेशक पुलकित खरे द्वारा संबंधित विभागों को पत्र जारी कर प्रशिक्षण लक्ष्य एवं कार्ययोजना साझा करने का अनुरोध किया गया है। जून माह के प्रथम सप्ताह में प्रशिक्षण लक्ष्यों का आवंटन किए जाने की संभावना है। साथ ही सभी विभागों से नोडल अधिकारी नामित करने को कहा गया है, ताकि प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन तेजी से किया जा सके। जेलों में भी शुरू होगा कौशल प्रशिक्षण अभियान योजना के अंतर्गत कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं विभाग के माध्यम से जेलों में निरुद्ध युवाओं को भी कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा। सरकार का उद्देश्य उन्हें प्रशिक्षण देकर पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है। इसके अलावा राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा), उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, महिला कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग और ग्राम्य विकास विभाग से जुड़े युवाओं को आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुसार प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा प्रशिक्षण पुलकित खरे ने बताया कि यूपीएसडीएम को राष्ट्रीय स्तर पर एनसीवीईटी द्वारा ‘अवार्डिंग बॉडी’ की मान्यता प्राप्त है, जिससे प्रशिक्षण और प्रमाणन की गुणवत्ता सुनिश्चित होती है। वर्तमान में मिशन से राजकीय संस्थानों के साथ प्रतिष्ठित निजी और औद्योगिक इकाइयां भी प्रशिक्षण पार्टनर के रूप में जुड़ी हुई हैं। सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत सरकार के ‘कॉस्ट कॉमन नॉर्म्स’ (सीसीएन) के अनुरूप संचालित किए जाएंगे, जिससे पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित होंगी। आठ लाख से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण मिशन निदेशक ने बताया कि यूपीएसडीएम का उद्देश्य 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को अल्पकालीन, रोजगारपरक एवं उद्योग आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। पिछले 9 वर्षों में मिशन द्वारा 8,09,494 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें से 3,04,810 युवाओं को रोजगार एवं सेवायोजन के अवसरों से जोड़ा गया है। यह उपलब्धि योगी सरकार की उस सोच को दर्शाती है जिसमें युवा शक्ति को प्रदेश की आर्थिक प्रगति का सबसे बड़ा आधार माना गया है। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को केवल जनसंख्या के आधार पर नहीं, बल्कि प्रशिक्षित मानव संसाधन और रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी देश का अग्रणी राज्य बनाना है। 13 विभागों के साथ मिलकर चलेगा अभियान उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा माध्यमिक शिक्षा विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा), संयुक्त आयुक्त उद्योग कार्यालय, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं विभाग, महिला कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, पर्यटन विभाग तथा हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग निदेशालय को प्रशिक्षण प्रस्ताव भेजा गया है। प्रदेश सरकार को उम्मीद है कि विभागीय समन्वय से संचालित यह अभियान लाखों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों के द्वार खोलेगा।

कड़ेल गांव में मुख्यमंत्री ने खाट पर बैठकर खाया खाना, सब्जियों की की तारीफ

 अजमेर जस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रविवार को अजमेर जिले के दौरे पर रहे. इस दौरान मुख्यमंत्री का यह दौरा उस समय खास बन गया, जब अजमेर के कड़ेल गांव के एक घर में सीएम भजनलाल ने भोजन किया. मुख्यमंत्री ने कड़ेल गांव निवासी 59 वर्षीय लादूराम मेघवाल के घर पहुंचकर बेहद आत्मीय माहौल में खाना खाया. लादूराम मेघवाल गांव में मजदूरी और मकान निर्माण का कार्य करते हैं. उनके परिवार में चार बेटे, बहुएं और पोते-पोतियां शामिल हैं. इस दौरान सीएम भजनलाल घर की खाट पर परिवार के बीच बैठे और ग्रामीण परिवेश का आनंद लेते हुए पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया. मुख्यमंत्री ने की सब्जी की तारीफ भोजन करने के दौरान मुख्यमंत्री ने खास तौर पर काचरी और ग्वार फली की सब्जी की जमकर तारीफ की. लादूराम मेघवाल के घर में बने भोजन के स्वाद से प्रभावित होकर उन्होंने मुस्कुराते हुए पूछा कि यह स्वादिष्ट सब्जी किसने बनाई है. इस पर लादूराम की पत्नी गीता ने बताया कि भोजन उन्होंने स्वयं तैयार किया है. तभी मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि उनकी पत्नी का नाम भी गीता है. मुख्यमंत्री की इस बात पर घर में मौजूद सभी लोग हंस पड़े और माहौल ठहाकों से गूंज उठा. ग्रामीण परिवार और मुख्यमंत्री के बीच बना यह आत्मीय संवाद पूरे कार्यक्रम का सबसे यादगार पल बन गया. 3 दिन से सीएम के स्वागत चल रही थी तैयारी लादूराम मेघवाल की पत्नी गीता ने बताया कि मुख्यमंत्री के स्वागत और भोजन की तैयारी पिछले तीन दिनों से लगातार की जा रही थी. परिवार ने पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ पारंपरिक राजस्थानी व्यंजन तैयार किए. भोजन में काचरी की सब्जी, पनीर की सब्जी, ग्वार फली की सब्जी, ताजा रोटियां और चावल मुख्यमंत्री को परोसे गए. मुख्यमंत्री ने भोजन की सादगी और स्वाद की सराहना करते हुए परिवार की मेहनत की तारीफ की. गांव के एक सामान्य मजदूर परिवार के घर मुख्यमंत्री का इस तरह बैठकर भोजन करना ग्रामीणों के लिए भी चर्चा का विषय बना रहा और पूरे गांव में उत्साह का माहौल देखने को मिला. राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद इससे पहले कड़ेल ग्राम पंचायत में आयोजित ‘ग्राम विकास चौपाल' के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल ने राजीविका से जुड़ी महिलाओं के साथ बातचीत की, जिसमें महिलाओं ने गृहणी से लखपति दीदी बनने के अपने सफर के अनुभव को साझा किया. महिलाओं से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना में महिलाओं को मिलने वाले ऋण की सीमा को 1 लाख से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये किया गया है. वहीं, ब्याज को 2.5 प्रतिशत से घटाकर 1.5 प्रतिशत किया है.

पतरातू में राज्य स्तरीय इंफ्लुएंसर सम्मेलन, पर्यटन ब्रांडिंग पर होगी चर्चा

 रांची  राज्य सरकार राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इंटरनेट मीडिया इंफ्लुएंसरों का भी सहयोग प्राप्त करेगी। इसे लेकर इंफ्लुएंसर इंगेजमेंट पॉलिसी लागू की जाएगी। पर्यटन, कला संस्कृति एवं खेलकूद विभाग ने सोमवार को राज्य स्तरीय इंफ्लुएंसर सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिसमें इस पॉलिसी का शुभारंभ होगा। यह सम्मेलन पतरातू स्थित होटल पर्यटन विहार में आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य राज्य के प्रमुख इंटरनेट मीडिया इंफ्लुएंसर्स को एक मंच पर लाना है, जहां झारखंड के ब्रांडिंग और प्रमोशन पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। पॉलिसी के लागू होने के बाद राज्य के इन्फ्लुएंसर्स को पर्यटन विभाग के साथ जुड़कर काम करने का मौका मिल सकेगा। इंफ्लुएंसर को भी होगा फायदा विभाग का मानना है कि यह पॉलिसी डिजिटल क्रिएटर्स और पर्यटन विभाग के बीच औपचारिक साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी। पॉलिसी में झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों के डिजिटल माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने वाले इंफ्लुएंसर्स को पारिश्रमिक भी प्रदान किया जाएगा। साथ ही विभाग डिजिटल कंटेट के निर्माण में आवश्यक सहयोग भी प्रदान करेगा।

राजीविका से जुड़ी महिलाओं ने साझा किए अनुभव, सरकार की योजनाओं से बदली आर्थिक स्थिति

पुष्कर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रविवार को पुष्कर के कड़ैल में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम को संबोधित किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया, जिसमें लखपति दीदियों ने अपने-अपने अनुभव साझा. सीएम भजनलाल ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि केन्द्र व राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से समक्ष बनाने के लिए काम कर रही है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण के विभिन्न कार्य हो रहे हैं. जिसमें घर-घर शौचालय का निर्माण, उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर वितरण, हर घर नल से जल और जन-धन खाते खुलवाकर योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना शामिल है. महिलाओं के लिए मां वाउचर योजना शुरू सीएम भजनलाल ने कहा कि हमारी सरकार ने महिलाओं के लिए मा वाउचर योजना शुरू की है. बालिकाओं को साइकिल व स्कूटी वितरण किया जा रहा है. प्रधानमंत्री ने लखपति दीदी योजना प्रारंभ की. जिसमें महिलाएं कृषि सखी, बैंक सखी, पशु सखी, ड्रोन दीदी जैसी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. राजीविका के माध्यम से प्रदेश में 17.5 लाख महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं. हमारी सरकार महिलाओं को टेबलेट वितरण भी कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिला नेतृत्व की दिशा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण की मजबूत पहल की. इससे पहले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ग्राम विकास रथ एवं कला जत्थों का अवलोकन किया. राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान डाटा सखी प्रियंका गोस्वामी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह से जुड़कर विभिन्न भूमिकाएं निभाई, जिससे मेरी आर्थिक स्थिति मजबूत बनी. राजीविका के तहत मुझे लोन मिला, जिससे मैंने पशुपालन करके अपनी आजीविका बढ़ाई. 2020 से मैं डाटा सखी का काम कर रही हूं. इससे भी मेरी आमदनी बढ़ी है. राज्य सरकार की ओर से डेढ़ लाख रुपये का लोन 1.5 प्रतिशत ब्याज पर हमे मिल रहा है. वहीं, पशु सखी लक्ष्मी कंवर ने बताया कि मैं पहले साधारण गृहणी थी, लेकिन राजीविका की वजह से आज लखपति दीदी हूं. परिवार की ओर से सहयोग मिला, जिससे मैं घर के बाहर जाकर काम कर पाई. पशु सखी के रूप में काम कर रही हूं. मुझे जो लोन मिला उससे मैंने पशुपालन करना शुरू किया. इससे आज मेरी आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है. महिलाओं को आगे बढ़ने के अच्छे अवसर मिल रहे हैं.

पंजाब में चुनावी माहौल, नगर निगम व काउंसिल चुनाव महीने के अंत तक हो सकते हैं

चंडीगढ़  पंजाब में नगर निगम और नगर काउंसिल चुनाव को लेकर आज आधिकारिक घोषणा की जाएगी। राज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है, जो दोपहर 3:30 बजे चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में आयोजित होगी। माना जा रहा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव कार्यक्रम, नामांकन प्रक्रिया और मतदान की संभावित तारीखों की जानकारी साझा की जाएगी। राज्य में लंबे समय से स्थानीय निकाय चुनावों का इंतजार किया जा रहा था और अब प्रशासनिक तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। राजनीतिक दलों ने भी चुनावी रणनीति पर काम तेज कर दिया है। पंजाब में इस बार नौ नगर निगमों और 102 नगर काउंसिलों में चुनाव कराए जाने हैं। राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से वार्डबंदी समेत जरूरी प्रक्रियाएं पहले ही पूरी की जा चुकी हैं। जिन शहरों में चुनाव होने हैं वहां राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला और मोहाली जैसे प्रमुख शहरी इलाकों में राजनीतिक दल लगातार बैठकें कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर संभावित उम्मीदवारों ने भी जनता के बीच सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टियों ने शुरू की चुनावी तैयारी नगर निकाय चुनाव को देखते हुए सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने-अपने ऑब्जर्वर तैनात कर दिए हैं। कई इलाकों में संभावित उम्मीदवारों ने पोस्टर और बैनर लगाने शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों के चयन पर मंथन कर रहे हैं। राजनीतिक दलों का फोकस खासतौर पर शहरी वोट बैंक पर बना हुआ है क्योंकि इन चुनावों का असर आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर भी पड़ सकता है। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अलग-अलग जिलों में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है और संवेदनशील इलाकों की पहचान की जा रही है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को चुनाव संबंधी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। चंडीगढ़ और मोहाली सहित कई शहरों में चुनावी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें भी बनाई गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार सभी तैयारियां पूरी की जाएंगी। स्थानीय निकाय मंत्री की गिरफ्तारी के बीच चुनाव यह चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री को हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद विभाग का अतिरिक्त प्रभार अब तक किसी अन्य मंत्री या अधिकारी को नहीं सौंपा गया है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि सरकार आगे इस विभाग की जिम्मेदारी किसे देगी। विपक्षी दल इस मुद्दे को चुनाव प्रचार में उठाने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि सरकार प्रशासनिक कामकाज प्रभावित न होने का दावा कर रही है। 2027 विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माने जा रहे चुनाव राजनीतिक जानकार इन नगर निकाय चुनावों को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा संकेत मान रहे हैं। चूंकि चुनाव शहरी क्षेत्रों में हो रहे हैं, इसलिए इन्हें सरकार के प्रदर्शन की परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान पिछले दो महीनों में उन अधिकांश शहरों का दौरा कर चुके हैं जहां चुनाव प्रस्तावित हैं। आम आदमी पार्टी इन चुनावों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है, जबकि विपक्ष इसे सरकार के खिलाफ माहौल बनाने का अवसर मान रहा है। पिछले चुनावों में सत्ताधारी दल को फायदा मिलता रहा है, लेकिन इस बार मुकाबला कड़ा होने की संभावना जताई जा रही है।

संवेदनशील कदम: चाइल्ड हेल्पलाइन के जरिए 5 महीने के मासूम को लौटा परिवार

योगी सरकार की संवेदनशील पहल: चाइल्ड हेल्पलाइन ने 5 महीने के मासूम को मां की गोद वापस दिलाई तत्काल कार्रवाई होने से फईमा खातून ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद व्यक्त किया पारिवारिक विवाद में पिता ने दुधमुंहे बच्चे को मां से किया था अलग चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 ने एएचटीयू और बाल कल्याण अधिकारी के साथ त्वरित हस्तक्षेप किया काउंसलिंग के बाद शहाबुद्दीन ने बच्चे को पत्नी को सौंपा मिशन वात्सल्य योजना के तहत बच्चों की सुरक्षा पर सरकार का विशेष फोकस लखनऊ   उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महिला एवं बाल कल्याण के क्षेत्र में लगातार संवेदनशील और प्रभावी कदम उठा रही है। खासतौर पर बच्चों की सुरक्षा, गुमशुदा बच्चों की तलाश और पारिवारिक विवाद के चलते मां से अलग हुए मासूमों की मदद को लेकर राज्य सरकार की पहल लगातार असर दिखा रही है। इसका ताजा उदाहरण बिजनौर जिले में सामने आया, जहां चाइल्ड हेल्पलाइन की सक्रियता से 5 माह के दुधमुंहे बच्चे को उसकी मां से मिलाया गया है।  बच्चे को अपने पास रख पत्नी को घर से दिया था निकाल दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित महिला कल्याण विभाग की मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत चल रही चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अब जरूरतमंद बच्चों और परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर उभर रही है। बीती 3 मई चाइल्ड हेल्पलाइन टीम को सूचना मिली थी कि बिजनौर जिले में पारिवारिक विवाद के चलते शहाबुद्दीन नाम के शख्स ने अपने पांच महीने के बच्चे को अपने पास रख उसकी मां को घर से निकाल दिया है। मामला बेहद संवेदनशील था, क्योंकि बच्चा बहुत कम उम्र का था और पूरी तरह अपनी मां की देखभाल और मातृ दुग्ध पर निर्भर था। सूचना मिलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने इसे गंभीरता से लिया और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। बताते चलें कि योगी सरकार के निर्देश पर प्रदेश में महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।  अधिकारियों ने माता-पिता से अलग-अलग बातचीत कर समझाया इसी क्रम में चाइल्डलाइन टीम ने बिना देरी किए संबंधित एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और स्थानीय थाना के बाल कल्याण अधिकारी से संपर्क किया। संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया और दोनों पक्षों से अलग-अलग एवं संयुक्त रूप से बातचीत की। पारिवारिक विवाद का सीधा असर पांच माह के मासूम पर पड़ रहा था। शिशु की उम्र बेहद कम होने के कारण उसे मां की गोद, मातृ दुग्ध और निरंतर देखभाल की जरूरत थी। अधिकारियों ने बच्चे के पिता शहाबुद्दीन को समझाया कि इतनी कम उम्र में बच्चे को मां से अलग रखना उसके शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए नुकसानदायक हो सकता है। काउंसलिंग के बाद पिता ने बच्चे को मां के सुपुर्द किया चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम और बाल कल्याण अधिकारियों ने कानूनी एवं सामाजिक पहलुओं से भी पिता को अवगत कराया। टीम ने काउंसलिंग करते हुए मां फईमा और पिता शहाबुद्दीन के बीच संवाद स्थापित कराया और विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास किया। इसका नतीजा यह रहा है कि शहाबुद्दीन बच्चे को अपनी पत्नी फईमा को सुपुर्द करने के लिए सहमत हो गया था। संयुक्त टीम की मौजूदगी में 5 महीने के मासूम को सुरक्षित रूप से उसकी मां की देखरेख में सौंप दिया गया। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि बच्चे को आवश्यक मातृ पोषण और उचित देखभाल मिलती रहे। फिलहाल मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत संचालित चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 लगातार ऐसे मामलों में अहम भूमिका निभा रही है।  फईमा ने बच्चे के पालन पोषण के लिए मुख्यमंत्री से लगाई गुहार गाजियाबाद के लोनी की रहने वाली फईमा खातून ने बताया कि परिवारिक विवाद के चलते पति शहाबुद्दीन ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया था और बच्चा भी छीन लिया था। जिसकी शिकायत उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर की थी। चाइल्ड हेल्पलाइन ने तत्काल मामले को संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की थी। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने मुझे मेरा बच्चा दिला दिया है। जिसके लिए मैं माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी और उनकी टीम का धन्यवाद व्यक्त करती हूं। हम सदैव उनके आभारी रहेंगे। फिलहाल पीड़ित फईमा बच्चे को लेकर अपने मायके चली गई है। उन्होंने बच्चे के पालन-पोषण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है।  भविष्य में भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगीः उप निदेशक महिला कल्याण निदेशालय के उप निदेशक पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। बिजनौर में 5 माह के शिशु को उसकी मां से मिलाने का मामला इसी संवेदनशील और प्रभावी कार्यप्रणाली का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि शिशु की कम आयु को देखते हुए उसकी सुरक्षा, पोषण और मातृ देखभाल सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक था। चाइल्ड हेल्पलाइन टीम, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और बाल कल्याण अधिकारियों के समन्वित प्रयास से मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकाला गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों के सर्वोत्तम हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।