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रांची में सड़क खराब छोड़ने पर होगी कार्रवाई, गड्ढे भरने को एजेंसियों और संवेदकों को आदेश

 रांची  सड़क पर किसी भी तरह का काम पूरा होने के बाद गड्ढे छोड़ना संबंधित एजेंसी और संवेदक को भारी पड़ेगा। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची मंजूनाथ भजंत्री ने गेल के अधिकारियों और संबंधित संवेदकों को निर्देश दिया कि कार्य पूरा होते ही सड़क को अनिवार्य रूप से पूर्व स्थिति में लाएं। खोदी गई सड़क और बनाए गए गड्ढों को तत्काल भरकर सुरक्षित एवं सुगम आवागमन के अनुरूप सड़क को बहाल करें। सड़क की स्थिति खराब रहने या गड्ढे खुले छोड़ने पर संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। समाहरणालय सभागार में विकास योजनाओं, अतिक्रमण मुक्त शहर, विधि-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक हुई। उपायुक्त ने लंबित योजनाओं में तेजी लाने और सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ समय पर आम लोगों तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा आने पर संबंधित विभाग आपसी समन्वय से उसका तत्काल समाधान करें। पदाधिकारी अपने-अपने विभागों के कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। दोबारा अतिक्रमण नहीं हो, नियमित निगरानी करें उपायुक्त ने शहरी क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने के बाद संबंधित स्थानों पर दोबारा अतिक्रमण नहीं होने देने का निर्देश दिया। इसके लिए नियमित निगरानी और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। अनधिकृत कट हटाने का निर्देश यातायात व्यवस्था की समीक्षा के दौरान प्रमुख चौक-चौराहों, व्यस्त मार्गों और जाम वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। प्रमुख मार्गों को चिन्हित कर यातायात में बाधा डालने वाले अनावश्यक और अनधिकृत कट हटाने की कार्रवाई का निर्देश दिया गया। शहर के सभी वार्डों में वेंडर मार्केट के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने को कहा गया। नगर निगम को संबंधित अंचल अधिकारियों के साथ समन्वय कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया, ताकि फुटपाथ और सड़क किनारे अनियमित रूप से दुकान लगाने की समस्या को नियंत्रित किया जा सके। अवैध पार्किंग और यातायात उल्लंघन पर कार्रवाई बैठक में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध स्वचालित चालान की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। प्रमुख चौक-चौराहों और व्यस्त मार्गों पर अवैध पार्किंग, सड़क किनारे अनधिकृत कब्जे तथा यातायात नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। बेतरतीब केबल पर भी सख्ती उपायुक्त ने शहर की सड़कों पर बेतरतीब तरीके से बिछाए गए केबल और विभिन्न एजेंसियों द्वारा काम के बाद सड़क की खराब स्थिति को गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को सड़कों पर चल रहे कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा काम पूरा होने के बाद सड़क की स्थिति का सत्यापन करने का निर्देश दिया। बैठक में रांची नगर निगम के आयुक्त सुशांत गौरव, पुलिस अधीक्षक यातायात राकेश सिंह, अपर नगर आयुक्त संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सदर कुमार रजत, प्रोबेशनर आइएएस आस्था शरण, अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था धनंजय, उप समाहर्ता भूमि सुधार मुकेश कुमार, जिला नजारत समाहर्ता सुदेश कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

मिशन-2027 के लिए BJP का सामाजिक समीकरण, जया पाल समेत कई नेताओं को संगठन में अहम पद

लखनऊ भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को मोर्चों की प्रदेश टीम का ऐलान कर दिया। इसमें महिला मोर्चा, किसान मोर्चा और अनुसूचित मोर्चा शामिल है। ओबीसी मोर्चा, महिला मोर्चा व अनुसूचित मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष भी घोषित कर दिए गए हैं। 24 फरवरी 2023 को जिस उमेश पाल की हत्या ने देशभर की सुर्खियां बटोरी थी, उनकी पत्नी जया पाल को भाजपा ने ओबीसी मोर्चा का प्रदेश मंत्री बनाया है। उनके अलावा पूजा बिंद को भी ओबीसी मोर्चा की प्रदेश मंत्री जबकि महिला आयोग की पूर्व सदस्य अनीता सिंह को महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री की कमान सौंपी गई है। उमेश पाल की पत्नी जया पाल पिछले कई महीनों से संगठन में सक्रिय भूमिका में हैं, जिसको देखते हुए और जातीय समीकरण को साधते हुए उन्हें ओबीसी मोर्चा की प्रदेश टीम में स्थान मिला। ओबीसी मोर्चा की प्रदेश टीम में जगह बनाने वालीं नैनी की पूजा बिंद इससे पहले प्रांतीय परिषद व संगठन के विभिन्न अभियानों में सक्रिय भागीदारी कर चुकी हैं। महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री अनीता सिंह पूर्व में महिला मोर्चा काशी क्षेत्र की अध्यक्ष रह चुकी हैं। तीनों नेत्रियों के मनोनयन पर भाजपा काशी क्षेत्र उपाध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता, महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, ओबीसी मोर्चा महानगर प्रभारी मनोज कुशवाहा, डॉ. शैलेश पांडेय, आनंद सोनकर, अनुज कुशवाहा, विजय श्रीवास्तव, पवन श्रीवास्तव आदि ने बधाई दी। भाजपा ने साधे सामाजिक समीकरण भाजपा ने मिशन-2027 के लिए विभिन्न मोर्चों के जरिए सामाजिक समीकरण साधने का प्रयास किया है। ओबीसी, किसान और महिला मोर्चा में अगड़ी-पिछड़ी के साथ ही दलितों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। कुर्मियों में पैठ बढ़ाने के लिए कई पदाधिकारी प्रदेश टीम में शामिल करने के साथ ही क्षेत्रीय अध्यक्ष का जिम्मा भी दिया गया है। इसके अलावा लोध, जाट, गुर्जर, मौर्य, शाक्य, सैनी, कुशवाह, बिंद, निषाद, पाल, साहू, विश्वकर्मा, राजभर सहित अन्य पिछड़ी जातियों के चेहरों को पदाधिकारी बनाया गया है। अनुसूचित मोर्चा में जाटव, पासी, कोरी सहित दलित वर्ग की विभिन्न जातियों को भागीदारी दी गई है। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाह द्वारा घोषित टीम में 12 प्रदेश उपाध्यक्ष, दो प्रदेश महामंत्री और 11 प्रदेश मंत्री बनाए गए हैं जबकि अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक रावत द्वारा घोषित टीम में 12 उपाध्यक्ष, चार प्रदेश महामंत्री और 11 प्रदेश मंत्री बनाए गए हैं। वहीं किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र सिंह चौधरी की टीम में 12 उपाध्यक्ष, चार महामंत्री और 11 मंत्री बनाए गए हैं। इसके अलावा कोषाध्यक्ष, सह कोषाध्यक्ष, प्रदेश मीडिया और सोशल मीडिया के संयोजक-सह संयोजक के अलावा शोध विभाग के प्रमुख और सह प्रमुख घोषित किए गए हैं।

पूर्व DIG भुल्लर की कस्टडी में CBI आरोपी ASI, कोर्ट ने SSP को सौंपी जांच

चंडीगढ़. पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े रिश्वत मामले में वीरवार को सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा में भुल्लर को बुड़ैल जेल से सीबीआई कोर्ट में पेश किया। हालांकि इस दौरान चंडीगढ़ पुलिस की एक बड़ी चूक सामने आई, जिस पर सीबीआई ने सवाल खड़ा कर दिया। असल में, भुल्लर को चंडीगढ़ पुलिस का जो एएसआइ जेल से कोर्ट लेकर आया था, वह खुद भ्रष्टाचार केस में सीबीआई का मुजरिम निकला। पिछले साल सीबीआइ ने सेक्टर-43 पुलिस चौकी में तैनात एएसआई शेर सिंह को डेढ़ लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उस पर सीबीआई कोर्ट में ही भ्रष्टाचार का केस चल रहा है। ऐसे में सीबीआई ने आपत्ति जताई कि जिस पुलिसकर्मी पर भ्रष्टाचार का केस चल रहा है, उसे ऐसे हाई प्रोफाइल मामले में आरोपित की सुरक्षा में क्यों लगाया गया है। सीबीआई की इस आपत्ति पर जज ने भी संज्ञान लिया और एसएसपी को मामले की जांच के लिए एसएसपी को निर्देश दिए हैं। 54,400 रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया था शेर सिंह एएसआई शेर सिंह सेक्टर-43 पुलिस चौकी में तैनात था। सीबीआई ने 11 मार्च 2025 को उसे और बिचौलिए रिंकू को 54,400 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। आरोप था कि बुड़ैल निवासी दविंद्र सिंह के खिलाफ चेक बाउंस मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। वह कोर्ट से भगोड़ा घोषित हो चुका था। इस केस में गिरफ्तारी से बचाने के लिए शेर सिंह ने उससे डेढ़ लाख रुपये की मांग की थी। इस बारे में दविंद्र ने सीबीआई को शिकायत दे दी थी। शिकायत मिलने पर सीबीआई ने जाल बिछाया और दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। शिकायतकर्ता की गवाही हुई पूरी उधर, भुल्लर के खिलाफ चल रहे रिश्वत केस में शिकायतकर्ता आकाश बत्ता की गवाही वीरवार को पूरी हो गई। पिछली तारीख पर उसने अदालत में निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और बिचौलिए कृष्णु शारदा की पहचान की थी। आकाश ने दोनों को रिश्वत मांगने वाला बताते हुए सीबीआई को दिए अपने पुराने बयानों को दोहराया था। वीरवार को उसकी शेष गवाही पूरी हुई। अब बचाव पक्ष की ओर से उसका क्राॅस एग्जामिनेशन मामले की सुनवाई में अहम रहेगा। गौरतलब है कि सीबीआई ने पिछले साल भुल्लर को रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा था। उसके सेक्टर-40 स्थित उनके आवास पर छापेमारी भी की गई थी, जहां से करीब साढ़े सात करोड़ रुपये नकद, ढाई किलो सोना और महंगी घड़ियां बरामद हुई थी। इसके अलावा भुल्लर पर आय से अधिक संपत्ति का भी मामला दर्ज किया गया था। भुल्लर के खिलाफ ईडी भी मनी लाॅन्ड्रिंग की जांच कर रही है।

छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई का काउंटडाउन, बढ़ने लगा दिन का पारा

रायपुर. छत्तीसगढ़ से मानसून की विदाई की बेला नजदीक आ गई है. अगले 48 घंटे में प्रदेश के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनने की संभावना जताई गई है. (CG Weather Forecast) गुरुवार को पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क कहा. किसी भी इलाके में उल्लेखनीय बारिश दर्ज नहीं हुई. बारिश का दौर थमने के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है. (Monsoon Withdrawal) दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने से लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा हैं. वहीं रात हो हल्की ठंड महसूस होने लगी है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम  राजधानी रायपुर में 2 अक्टूबर को मौसम मुख्यतः साफ रहने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है. बारिश की फिलहाल कोई संभावना नहीं है. प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान राजनांदगांव 34.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा. वहीं पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री दर्ज किया गया. यानी प्रदेश में दिन और रात के तापमान के बीच अच्छा खासा अंतर बना हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे भी प्रदेश में मौसम के शुष्क रहने की संभावना है. फिलहाल किसी जिले के लिए कोई चेतावनी नहीं की है.   कई प्रदेशों में मानसून की विदाई की परिस्थियां अनूकूल मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा फिलहाल गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया होते हुए आगे बढ़ रही है. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 48 घंटों में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों के साथ गुजरात, मध्यप्रदेश के अधिकांश हिस्सों तथा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से मानसून की और वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है. इसी क्रम में बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी मानसून की वापसी के संकेत मिल रहे हैं.

छत्तीसगढ़ के गांवों में आज से ‘रिफॉर्म उत्सव’, ग्रामीण तय करेंगे विकास का रोडमैप

रायपुर. महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर आगामी 2 अक्टूबर 2026 से छत्तीसगढ़ की सभी ग्राम पंचायतों में ‘रिफॉर्म उत्सव’ (Reform Utsav) का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन और विकेंद्रीकृत पंचायती राज व्यवस्था के विजन के अनुरूप, अब सरकारी दफ्तरों के बजाय सीधे ग्राम सभाओं (Gram Sabhas) में ग्रामीणों की सीधी सहभागिता से गांव के सर्वांगीण विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष जन-अभियान के तहत राज्य की समस्त ग्राम पंचायतों में ‘विकसित ग्राम पंचायत योजना’ (Viksit Gram Panchayat Plan) का निर्माण किया जाएगा। ‘रिफॉर्म उत्सव’ एवं ग्राम सभाओं की मुख्य रणनीतिक रूपरेखा – प्रमुख घटक    विवरण एवं क्रियान्वयन प्रारंभ तिथि    2 अक्टूबर 2026 (गांधी जयंती के पावन अवसर पर) आयोजन का दायरा    राज्य की समस्त ग्राम पंचायतें एवं नगरीय निकाय/वार्ड मूल तंत्र/योजना    विकसित ग्राम पंचायत योजना (Viksit Gram Panchayat Plan) डिजिटल मैपिंग    युुक्तधारा पोर्टल (Yuktdhara Portal) पर परिसंपत्तियों का सत्यापन व मैपिंग मुख्य उद्देश्य    जनभागीदारी से सड़क, पेयजल, शिक्षा व स्वरोजगार आवश्यकताओं का चिन्हांकन डिजिटल मैपिंग और ‘युक्तधारा पोर्टल’ से पारदर्शी नियोजन – ग्रामीण विकास की प्रक्रिया को वैज्ञानिक और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक का समावेश किया गया है: – भौतिक परिसंपत्ति सत्यापन (Physical Asset Verification): ग्राम पंचायतों में पहले से मौजूद विकास कार्यों और सरकारी संपत्तियों का ऑन-साइट भौतिक सत्यापन किया जाएगा। युक्तधारा पोर्टल पर प्रविष्टि: जो परिसंपत्तियां पूर्व में डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थीं, उन्हें जीआईएस आधारित ‘युक्तधारा पोर्टल’ (Yuktdhara Portal) पर मैप और अपलोड किया जाएगा। गैप एनालिसिस (Gap Analysis): गांवों में सड़क, नाली, बिजली, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और पेयजल संसाधनों की वास्तविक जरूरतों व कमियों को चिन्हित कर प्रस्तावित कार्यों को डिजिटल मानचित्र पर अंकित किया जाएगा। ‘रिफॉर्म उत्सव’: योजनाओं का रिपोर्ट कार्ड – केंद्र व राज्य सरकार के रिफॉर्म-ओरिएंटेड सुशासन (Reform-Oriented Governance) को रेखांकित करने के लिए ‘रिफॉर्म उत्सव’ के दौरान विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे: – हितग्राहियों का अनुभव साझाकरण: विभिन्न योजनाओं (जैसे महतारी वंदन, पीएम आवास, कृषि उन्नति और खाद्य सुरक्षा) के लाभार्थी मंच पर आकर अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को साझा करेंगे। ब्लॉक व जिला स्तर पर एकीकरण: ग्राम सभाओं द्वारा पारित एवं अनुमोदित विकास प्रस्तावों को जनपदों और जिला पंचायतों के एकीकृत विकास प्लान में शामिल किया जाएगा। ‘सेवा ही संगठन’ का क्रियान्वयन: अक्टूबर और नवंबर के दौरान लगातार वार्ड-स्तरीय और पंचायत-स्तरीय बैठकों के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे सुझाव एकत्र किए जाएंगे। “गांवों के विकास की डोर अब ग्रामीणों के हाथ”: साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों और जनप्रतिनिधियों से 2 अक्टूबर की ग्राम सभाओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी के ‘ग्राम स्वराज’ के सपने को साकार करने के लिए आवश्यक है कि विकास की नीतियां ऊपर से थोपने के बजाय धरातल से निर्मित हों। ग्राम सभाएं ही लोकतंत्र की सबसे मजबूत शक्ति हैं, जहां गांव का प्रत्येक नागरिक अपनी जरूरत और प्राथमिकता को निसंकोच रख सकता है। 2 अक्टूबर से शुरू हो रहा ‘रिफॉर्म उत्सव’ छत्तीसगढ़ के ग्रामीण सुशासन में एक नया मील का पत्थर साबित होगा। जनभागीदारी, डिजिटल पारदर्शिता और स्थानीय प्राथमिकताओं के समावेश से निर्मित होने वाला यह रोडमैप ‘सशक्त गांव, समृद्ध किसान’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

LPU हिंसा के आरोपियों पर पुलिस का शिकंजा, मंडी से नाबालिग गिरफ्तार; अब तक 12 काबू

जालंधर  लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक नाबालिग छात्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी एलपीयू का ही छात्र है और मंडी जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। उसके पिता मंडी के उपायुक्त कार्यालय में अधिकारी के तौर पर तैनात हैं।  पुलिस जांच में सामने आया है कि हिंसा के दौरान इस नाबालिग की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई थी। तस्वीर में वह विश्वविद्यालय परिसर में लगे लड़ाकू विमान पर खड़ा दिखाई दे रहा है, जबकि उसके पीछे आग की लपटें नजर आ रही हैं। सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को उसे ‘हीरो’ की तरह पेश करते हुए प्रसारित किया गया। हालांकि, तस्वीर के आधार पर उसकी भूमिका और उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।  आरोपी की गिरफ्तारी हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से हुई है। वह नाबालिग है, यूनिवर्सिटी का ही छात्र है और हिमाचल के मंडी जिले का रहने वाला है। उसके पिता मंडी के DC ऑफिस में बतौर अफसर तैनात हैं। यूनिवर्सिटी में हिंसा के दौरान उस नाबालिग लड़के को सोशल मीडिया पर हीरो की तरह दिखाया गया। उसका एक फोटो बहुत वायरल हुआ, जिसमें वह फाइटर जेट पर खड़ा है और बैकग्राउंड में आग लगी हुई है। इस घटना को लेकर यूनिवर्सिटी के चांसलर BJP राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने कहा कि यूनिवर्सिटी कैंपस के बाहर मिग-23 और 1971 की जंग में लड़ाई में इस्तेमाल टैंक लगे हुए हैं। ये फोर्स की हौसला अफजाई करते हैं और युवाओं को प्रेरणा देते हैं। उनके ऊपर चढ़कर सभी की बेइज्जती की गई है। चांसलर अशोक मित्तल ने बताया था सेना का अपमान हिंसा के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में लगे मिग-23 लड़ाकू विमान और 1971 के युद्ध में इस्तेमाल किए गए टैंक पर प्रदर्शनकारियों के चढ़ने का मामला भी सामने आया था। विश्वविद्यालय के चांसलर और भाजपा के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। मित्तल ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर के बाहर मिग-23 और 1971 के युद्ध में इस्तेमाल किया गया टैंक लगाया गया है। उनका कहना है कि ये सैन्य उपकरण देश की सेनाओं का सम्मान और युवाओं में प्रेरणा पैदा करने के उद्देश्य से रखे गए हैं। हिंसा के दौरान इन पर चढ़कर प्रदर्शन करना सैनिकों और देश की बेइज्जती है।  ज्यादातर आरोपी एलपीयू के ही छात्र मित्तल ने कहा कि एलपीयू हिंसा के मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और गिरफ्तार आरोपियों के नाम आधिकारिक रूप से आज सामने रखे जाएंगे। उनके अनुसार गिरफ्तार लोगों में 2-3 बाहरी व्यक्ति हैं, जबकि बाकी अधिकतर एलपीयू के छात्र हैं।  पुलिस की जांच में हिंसा से जुड़े लोगों की पहचान सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। इससे पहले पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था और जांच के दौरान करीब 40 लोगों की पहचान किए जाने की बात सामने आई थी।  मामले में अब तक 5 की गिरफ्तारी वहीं, पुलिस ने LPU हिंसा मामले में अब तक कुल 4 मामले दर्ज किए हैं। इनमें से 3 मामले हाईवे जाम करने, पुलिस की गाड़ी जलाने, यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ करने से जुड़े हैं। इनमें अब तक कुल 5 आरोपियों को पकड़ा जा चुका है, जिनमें 2 पिज्जा डिलीवरी बॉय और 2 यूनिवर्सिटी के ही छात्र हैं। पुलिस ने मिग-23 फाइटर जेट पर चढ़े नाबालिग के अलावा हरियाणा में सोनीपत शहर की शिव कॉलोनी में रहने वाले जेम्स दहिया, फगवाड़ा के निवासी गगनदीप उर्फ कोठा और फगवाड़ा में ही स्वामी परम नगर के रहने वाले जसमीत कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पांचवें आरोपी के रूप में साहिल नाम के युवक को पकड़ा है। वह जम्मू के डोडा जिले का रहने वाला है। यह भी यूनिवर्सिटी का ही छात्र है। पुलिस ने उसे उसके घर से ही गिरफ्तार किया। वहीं, कुछ अन्य लोगों को भी पुलिस ने हिरासत में ले रखा है, जिनसे पूछताछ जारी है। कैसे पकड़ा गया मिग-23 पर चढ़ा आरोपी     सोशल मीडिया पर बना गुमनाम स्टार: यूनिवर्सिटी में हिंसा के दौरान एंट्री पर लगे मिग फाइटर जेट पर लड़का चढ़ा था। उसकी फोटो आकर्षक लगने और वायरल होने से वह सोशल मीडिया पर रातोरात स्टार बनाया, लेकिन कोई भी उसे पहचान नहीं पा रहा था।     CCTV से हुई पहचान: वहीं, पुलिस की एक टीम सिर्फ CCTV कैमरे ढूंढने में लगी थी। एंट्री पर लगे कैमरे में उस लड़के की तस्वीर साफ नजर आने लगी। इसके बाद पुलिस ने कॉलेज के डेटा से मिलाया तो पता लगा कि वह यूनिवर्सिटी का छात्र है और बी.टेक इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग का छात्र है।     छापे के समय घर पर ही मिला छात्र: पुलिस ने पहचान के बाद आरोपी के घर पर छापा मारा तो छात्र घर में आराम से बैठा था। उसने अपनी वायरल तस्वीर को मोबाइल वॉलपेपर पर लगा रखा था। पुलिस ने उसे पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने के मामले में गिरफ्तार किया है। उससे मैकबुक M5 और एक iPhone-14प्रो बरामद किया है। लूट के लिए आए थे दोनों डिलीवरी बॉय पुलिस ने मामले में गुरुवार, 1 अक्टूबर को फगवाड़ा के रहने वाले गगनदीप और जसमीत को गिरफ्तार किया। पुलिस ने जांच के दौरान दोनों को ट्रेस किया था। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी डोमिनोज में पिज्जा डिलीवरी बॉय है। उन्हें सूचना मिली थी कि यूनिवर्सिटी में हिंसा हुई है, तभी ये दोनों लूट के इरादे से वहां पहुंचे थे। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के आधार पर पहचान कर इन्हें गिरफ्तार किया। आरोपी गगनदीप के मामा ने बताया कि गगन डोमिनोज में पिज्जा डिलीवरी का काम करता है और डेढ़ महीने पहले ही वह नौकरी पर लगा था। गगन की गिरफ्तारी को लेकर परिवार काफी चितिंत है। दहिया यूनिवर्सिटी में चला रहा था रेस्टोरेंट वहीं, हिंसा मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जेम्स दहिया को गिरफ्तार किया है। उस पर कैंपस में तोड़फोड़ और सोशल मीडिया पर छात्रों को भड़काने के आरोप लगे हैं। जानकारी के मुताबिक, आरोपी यूनिवर्सिटी में छात्र है। वह कैंपस में एक रेस्टोरेंट भी … Read more

हरियाणा में 20 साल से कार्यरत 12 हजार अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया होगी शुरू

 चंडीगढ़  हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 20 साल से कार्यरत 12 हजार अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया को निर्देश दिए हैं कि अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण के लिए जिलों से उनके केस मंगवाए जाएं। इसके लिए वही प्रक्रिया अपनाने को कहा गया है, जिस तरह कालेजों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को नियमित करने से पहले अपनाई गई थी। कालेजों में सेवाएं देने वाले अतिथि अध्यापकों को सरकार नियमित कर चुकी है, जबकि स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षक लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। अब हाई कोर्ट का फैसला भी इन स्कूल शिक्षकों के पक्ष में जा चुका है। राज्य के अतिथि अध्यापकों की सभी यूनियनों के संयुक्त संगठन ने हाल ही में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, उनके उप प्रधान सचिव यशपाल यादव, शिक्षा सचिव विजय दहिया और निदेशक से भी उनकी मुलाकात हो चुकी है। अतिथि अध्यापकों द्वारा सौंपे गए मांग पत्र पर शिक्षा मंत्री ने प्रधान सचिव के नाम लिखा कि महाविद्यालयों के अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण की तरह साल 2014 की पालिसी के अनुसार निरीक्षण कर स्कूलों में कार्यरत अतिथि अध्यापकों के केस सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन हेतु अविलंब प्रस्तुत किए जाएं। ज्ञापन में कहा गया कि 12 हजार अतिथि शिक्षक 20 वर्षों से शिक्षा व्यवस्था में सेवाएं दे रहे हैं। सरकार के स्तर पर लंबे समय से नियमितीकरण की मांग रखी जा रही है। हाई कोर्ट के निर्णय तथा संबंधित नीति के अनुरूप उनकी सेवाओं को नियमित किया जाना चाहिए। एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी डा. अजय लोहाना ने बताया कि मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के प्रति सकारात्मक हैं। 31 अगस्त को विधानसभा सचिवालय में मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में भी अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि हाल में शिक्षा विभाग के सेवा नियमों संबंधी जारी पत्र से उनमें निराशा पैदा हुई थी, क्योंकि उनकी मूल मांग नियमितीकरण की है। उनका कहना है कि करीब दो दशक से सेवा दे रहे शिक्षकों के भविष्य को स्थायी आधार देने की जरूरत है। इस संबंध में हाई कोर्ट का फैसला भी आ चुका है, जिसे लागू करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के निर्देशों के अनुरूप जिलों से सभी शिक्षकों के सेवा संबंधी रिकार्ड और केस मंगवाकर हाई कोर्ट के फैसले तथा सरकार की नीति के अनुरूप नियमितीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए शिक्षा विभाग को जल्दी ही पत्र जारी कर प्रक्रिया आरंभ करनी होगी।

दिल्ली में पानी का कनेक्शन लेना हुआ आसान, आधार या PAN से मिलेगा कनेक्शन

नई दिल्ली  वॉटर कनेक्शन लेने के लिए अब 40-50 दिनों तक जल बोर्ड के दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी, यह हाथों-हाथ मिलेगा। कनेक्शन की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए जल बोर्ड ने 14 साल पुराने दिल्ली वॉटर एंड सीवर रेगुलेशन -2012 को बदलकर नया रेगुलेशन तैयार किया है। इसे दिल्ली वॉटर एंड सीवर (टैरिफ एंड मीटरिंग) रेगुलेशन-2026 कहा गया है। नए रेगुलेशन में पानी की दरों, टैरिफ चार्ज या आवेदन चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। जल बोर्ड सूत्रों के अनुसार नया वॉटर कनेक्शन लेने की प्रक्रिया दिल्ली वॉटर एंड सीवर (टैरिफ एंड मीटरिंग) रेगुलेशन-2012 के तहत होती है। इसके तहत कनेक्शन लेने में कम से कम 40-50 दिनों का वक्त लगता है। नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने के बाद प्रक्रिया चार चरणों में पूरी होती है। पहली प्रक्रिया आवेदन करने और शुल्क जमा कराने की है। हाथों हाथ दिया जाएगा कनेक्शन आवेदन के 7-15 दिनों के भीतर जूनियर इंजिनियर साइट का निरीक्षण करते हैं। जगह सही पाए जाने पर 3-5 दिनों में भुगतान का डिमांड नोट जारी किया जाता है। डिमांड नोट का भुगतान करने के 15-30 दिनों के भीतर कनेक्शन चालू किया जाता है। लेकिन, नए रेगुलेशन के तहत हाथोंहाथ कनेक्शन देने की प्रक्रिया बनाई जा रही है। प्रावधान किया गया है कि कनेक्शन जारी करने के बाद साइट का निरीक्षण किया जाएगा। 6 से अधिक वॉटर कनेक्शन होंगे जारी साल 2012 के रेगुलेशन के अनुसार, किसी भी रिहायशी बिल्डिंग में वॉटर के अधिकतम 6 कनेक्शन ही जारी किए जा सकते है। पर नए रेगुलेशन में एक ही बिल्डिंग में अगर 20 या 30 फ्लैट्स है, तो सभी को कनेक्शन मिलेगा। हालांकि, शर्त यह होगी कि हर फ्लैट में किचन होना जरूरी होगा। 2-3 दस्तावेजों की होगी जरूरत अभी वॉटर कनेक्शन के लिए लोगों से आधार कार्ड, वोटर पहचान पत्र, पासपोर्ट, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक दस्तावेज देना होता है। प्रॉपर्टी ओनरशिप प्रूफ भी देना पड़ता है। इसमें रजिस्टर्ड सेल डीड/रजिस्ट्री, जीपीए या कन्वेंस डीड, डीडीए अलॉटमेंट लेटर और अगर आवेदक किराएदार है तो मकान मालिक का एनओसी और रेट एग्रीमेंट देना होता है। अन्य कागजातों में एमसीडी प्रॉपर्टी टैक्स रसीद, एड्रेस प्रूफ के तौर पर बिजली का बिल या बैक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो और डिवेलपमेंट चार्ज की रसीद देनी होती है। लेकिन, नए रेगुलेशन के अनुसार आधार या पैन कार्ड देने भर से कनेक्शन मिल जाएगा।

हिमांशु भाऊ गैंग पर STF का शिकंजा, हरियाणा में तीन बदमाश अरेस्ट

चरखी दादरी. एसटीएफ ने इमलोटा गांव के पास कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर हिमांशु उर्फ भाऊ के तीन गुर्गों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से तीन पिस्तौल और कुल 50 कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस द्वारा की गई शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपित इन हथियारों का इस्तेमाल झज्जर जिले के बेरी नगर पालिका चेयरमैन बिल्लू की हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए करने वाले थे। चरखी दादरी सदर थाना पुलिस ने तीनों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार एक अक्टूबर की रात एसटीएफ की टीम वांछित अपराधियों की तलाश में इमलोटा बस अड्डे पर मौजूद थी। इसी दौरान टीम को गुप्त सूचना मिली कि गैंगस्टर हिमांशु उर्फ भाऊ, जो विदेश में बैठकर अपनी गैंग के लिए हत्या व फिरौती जैसी वारदातें करवाता है। झज्जर का रहने वाला है नीरज उसने अपने साथियों को हथियार उपलब्ध करवाए हैं। सूचना के आधार पर टीम ने इमलोटा से मोरवाला जाने वाली सड़क पर रेड की। इस दौरान मौके पर तीन युवक एक प्लसर मोटरसाइकिल के साथ खड़े मिले। पुलिस ने उन्हें काबू कर पूछताछ की तो उनकी पहचान झज्जर जिले के दुबलधन निवासी रोहित उर्फ बासिया, नितिन और झज्जर जिले के ही कोट निवासी नीरज के रूप में हुई। पुलिस ने उक्त युवकों की तलाशी ली तो रोहित उर्फ बासिया के कब्जे से माल्होत्रा संस ईगल लिखा पिस्तौल बरामद हुआ। इसकी मैगजीन में 10 कारतूस और अलग से एक मैगजीन में 10 कारतूस मिले। नितिन से जिगाना पीएक्स-9 लिखा पिस्तौल बरामद हुआ। उसकी मैगजीन में 10 कारतूस और जेब से 12 कारतूस मिले। वहीं नीरज से क्यूगिर रोमानिया लिखा पिस्तौल बरामद हुआ, जिसकी मैगजीन में आठ कारतूस मिले। तीनों आरोपित हथियारों के संबंध में कोई लाइसेंस या परमिट पेश नहीं कर सके। पुलिस ने हथियारों सहित उन्हें काबू कर आगामी कार्रवाई शुरू की है। मोबाइल फोन भी कब्जे में लिया पुलिस ने रोहित के कब्जे से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया। इस मोबाइल में स्नैपचैट एप पर एक आइडी से बातचीत होना पाया गया। इस संबंध में भी जांच की जा रही है। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में तीनों आरोपितों ने कथित तौर पर हिमांशु उर्फ भाऊ के गैंग से जुड़े होने और उसके कहने पर हथियार अपने पास रखने की बात कही है। वहीं, ये भी सामने आया है कि हथियार बेरी में बिल्लू चेयरमैन की हत्या के लिए भेजे गए थे।

झारखंड का राजस्व संग्रह छह महीने में घटा, GST कलेक्शन 22.54 फीसदी गिरा, बढ़ी चिंता

रांची  वित्तीय वर्ष के छह माह बीतने के बाद वाणिज्य कर विभाग के माथे पर बल पड़ने लगा है। आंकड़ों को देखें तो राजस्व में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। वाणिज्य कर विभाग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के छह महीने बीतने के बाद सितंबर महीने तक कुल राजस्व संग्रह में पिछले वर्ष की तुलना में गिरावट दर्ज की गई है। सूचना के अनुसार यह गिरावट लगभग 14 प्रतिशत की है। दूसरी ओर, गैर-जीएसटी मदों में सुधार देखने को मिला है। आंकड़े बताते हैं कि चालू वित्तीय वर्ष में राजस्व संग्रह की गति काफी धीमी रही है। खासकर जीएसटी कलेक्शन में आई गिरावट चिंता का विषय है। पिछले वर्ष की तुलना में 1564 करोड़ कम राजस्व संग्रह वाणिज्य कर विभाग की रिपोर्ट देखें तो सितंबर 2026 तक कुल संग्रह (जीएसटी एवं गैर जीएसटी) 9,715.35 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि (11,279.18 करोड़ रुपये) की तुलना में 13.86% कम है। आंकड़ों के हिसाब से देखें तो राजस्व संग्रह में 1564 करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई है। राज्य में कुल जीएसटी संग्रह (सेटलमेंट को मिलाते हुए) में भारी गिरावट देखी गई है। सितंबर 2026 तक यह 5,736.25 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष के 7,405.22 करोड़ रुपये से 22.54% कम है। विशेष रूप से आइजीएसटी सेटलमेंट में 56.98% की भारी गिरावट आई है। गैर-जीएसटी में मामूली वृद्धि गैर-जीएसटी राजस्व में 2.71% की मामूली वृद्धि हुई है, जो पिछले वर्ष के 3,873.96 करोड़ से बढ़कर 3,979.10 करोड़ रुपये हो गई है। यह वृद्धि मुख्य रूप से वैट संग्रह (13.30% की वृद्धि) के कारण हुई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल वार्षिक लक्ष्य 24,000 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। छह महीने बीतने के बाद सितंबर तक कुल लक्ष्य का केवल 40.48% ही प्राप्त हो पाया है। जीएसटी लक्ष्य (14,563.74 करोड़) का 39.39% और गैर-जीएसटी लक्ष्य (9,436.26 करोड़) का 42.17% हासिल हुआ है।