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मौसम ने बदला मिजाज: फरवरी में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, दिन के साथ रातें भी तपने लगीं

रांची झारखंड में मौसम अब धीरे-धीरे बदलने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान बढ़ रहा है, वहीं कुछ जिलों में हल्की बारिश की भी संभावना जताई गई है। दिन में तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है, जबकि रात का तापमान भी पहले के मुकाबले बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार आज रांची, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि बीते दिन भी बारिश की संभावना जताई गई थी, लेकिन रांची में बारिश नहीं हुई और तेज धूप देखने को मिली। अगर आज बारिश होती है तो दोपहर और शाम के समय ठंडी हवा चल सकती है, जिससे लोगों को राहत मिलेगी। पिछले 48 घंटे में झारखंड के न्यूनतम तापमान में करीब 2 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जहां पहले तापमान 14 डिग्री तक था, अब ज्यादातर जिलों में यह 15 से 16 डिग्री तक पहुंच गया है। कुछ जिलों में तो न्यूनतम तापमान 18 डिग्री तक रहने की संभावना है। पाकुड़, गोड्डा, कोडरमा, बोकारो, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जैसे जिलों में आज न्यूनतम तापमान 17 से 18 डिग्री के बीच रह सकता है। ऐसे में रात में ठंड पहले जैसी महसूस नहीं होगी। दिन में तेज धूप से बढ़ी परेशानी सिर्फ रात का ही नहीं, दिन का तापमान भी तेजी से बढ़ रहा है। दक्षिणी जिलों जैसे जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री तक पहुंच गया है। अभी मार्च चल रहा है और अप्रैल-मई की गर्मी बाकी है, ऐसे में आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। राज्य के अन्य जिलों में भी अधिकतम तापमान 30 से 33 डिग्री के बीच बना हुआ है। दोपहर में तेज धूप और गर्मी के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इस बार पहले कड़ाके की ठंड ने लोगों को परेशान किया और अब गर्मी भी अपना असर दिखाने लगी है।  

गरीबों को राहत: ‘मेरी रसोई योजना’ का विस्तार, पांच जरूरी राशन एक साथ देने की तैयारी

पठानकोट पंजाब सरकार ने राज्य के जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने ‘मेरी रसोई योजना’ के तहत मिलने वाले राशन में महत्वपूर्ण विस्तार किया है। अब लाभार्थियों को गेहूं (कनक) के साथ-साथ पांच अन्य आवश्यक खाद्य वस्तुएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी, जिससे महंगाई के दौर में घरेलू रसोई का खर्च कम होगा और पोषण स्तर भी सुधरेगा। 'महंगाई से मिलेगी राहत' पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चन्द कटारूचक्क ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहल ‘मेरी रसोई योजना’ के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री भागवंत सिंह मान का तहेदिल से धन्यवाद करते हुए इस फैसले की सराहना की है। मंत्री ने कहा कि यह कदम आम लोगों विशेषकर जरूरतमंद परिवारों की रसोई को मजबूत करने और महंगाई से राहत देने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय है। इस योजना से राज्य के करीब 40 लाख परिवारों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने का अनुमान है। सरकार का उद्देश्य है कि गरीब एवं जरूरतमंद वर्गों को केवल अनाज ही नहीं, बल्कि दैनिक उपयोग की आवश्यक खाद्य सामग्री भी सुनिश्चित की जाए। मेरी रसोई योजना के तहत अब लाभार्थियों को कनक (गेहूं) पूर्व की तरह के साथ 2 किलोग्राम चीनी, 2 किलोग्राम चने की दाल, 1 किलोग्राम नमक, 200 ग्राम हल्दी एवं 1 लीटर सरसों का तेल मिलेगा। डिपो स्तर पर होगा राशन का वितरण इन वस्तुओं को शामिल करने का उद्देश्य रसोई की बुनियादी जरूरतों को एक ही योजना में पूरा करना है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने वर्षभर वितरण को व्यवस्थित रखने के लिए इसे चार सर्कलों में बांटा है जिसमें पहला सर्कल 1 अप्रैल से शुरू, दूसरा सर्कल जुलाई से शुरू, तीसरा अक्टूबर से और चौथा सर्कल जनवरी से शुरू होगा। इस चरणबद्ध प्रणाली से वितरण में पारदर्शिता और नियमितता सुनिश्चित की जाएगी। योजना के तहत आवश्यक खाद्य सामग्री की खरीद की जिम्मेदारी मार्कफेड को सौंपी गई है। यह एजेंसी राज्य स्तर पर गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समयबद्ध सप्लाई उपलब्ध करवाएगी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा डिपो स्तर पर राशन का वितरण किया जाएगा, ताकि लाभ सीधे पात्र परिवारों तक पहुंचे और किसी प्रकार की अनियमितता न हो। 'आम लोगों की रसोई होगी मजबूत' सरकार ने फेयर प्राइस शॉप (डिपो) संचालकों को राहत देते हुए उनका मार्जिन 45 पैसे प्रति किलोग्राम कर दिया है। इससे डिपो होल्डरों की आय में वृद्धि होगी और वितरण प्रणाली को मजबूती मिलेगी। मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का किया धन्यवादखाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने इस जनहितकारी फैसले के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का तहेदिल से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह योजना आम लोगों की रसोई को मजबूत करने वाली ऐतिहासिक पहल है। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी परिवार महंगाई के कारण आवश्यक खाद्य सामग्री से वंचित न रहे, और यह निर्णय उसी दिशा में एक ठोस कदम है। सरकार का मानना है कि इस विस्तारित योजना से न केवल खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि गरीब परिवारों के मासिक खर्च में कमी आएगी और पोषण संतुलन भी बेहतर होगा।  

रायपुर में पार्किंग की समस्या होगी खत्म: पहली मैकेनाइज्ड मल्टीलेवल पार्किंग बनकर तैयार, जल्द शुरू होगी सेवा

रायपुर राजधानी रायपुर में बढ़ती वाहनों की संख्या और पार्किंग की समस्या को देखते हुए नगर निगम ने महानगरों की तर्ज पर पहला मैकेनाइज्ड मल्टीलेवल पार्किंग तैयार कर लिया है। यह पार्किंग निगम मुख्यालय परिसर में बनाई गई है। इस अत्याधुनिक पार्किंग सिस्टम को एक सप्ताह के भीतर शुरू भी कर दिया जाएगा। फिलहाल इसमें नगर निगम की गाड़ियां ही खड़ी की जाएंगी। बता दें कि निगम मुख्यालय परिसर में बनाई गई यह पार्किंग करीब 20 लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार हुई है, जहां एक समय में 12 कारों को पार्क करने की सुविधा होगी। पूरी तरह से तैयार हो चुके इस पार्किंग सिस्टम में हाइड्रोलिक सिस्टम लगाया गया है, जिससे कम जगह में अधिक वाहनों को सुरक्षित तरीके से खड़ा किया जा सकेगा। नगर निगम के अधीक्षक अभियंता इमरान खान ने बताया कि मैकेनाइज्ड पार्किंग पूरी तरह बनकर तैयार है और एक सप्ताह के भीतर इसे निगम को हैंडओवर कर दिया जाएगा। प्रारंभिक चरण में यहां केवल निगम की गाड़ियां ही पार्क की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से परिसर में जगह की बचत होगी और वाहन सुरक्षित भी रहेंगे। पंडरी स्थित महालक्ष्मी मार्केट के पास बन रही दूसरी पार्किंग गौरतलब है कि निगम मुख्यालय परिसर के अलावा पंडरी स्थित महालक्ष्मी मार्केट के पास भी मैकेनाइज्ड मल्टीलेवल पार्किंग तैयार की जा रही है, जिसकी क्षमता 16 कारों की होगी। शहर में स्मार्ट और व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नगर निगम का मानना है कि भविष्य में ऐसे और भी मैकेनाइज्ड पार्किंग सिस्टम विकसित किए जा सकते हैं, जिससे शहर में पार्किंग की समस्या को प्रभावी ढंग से कम किया जा सके।

कंबल देने से इनकार का मामला गरमाया: हरियाणा-राजस्थान में चर्चा में आए भाजपा के अरबपति नेता

जयपुर एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'सबका साथ, सबका विकास' को अपनी सरकार का मूल मंत्र बताते हैं तो दूसरी तरफ उन्हीं की पार्टी के एक बड़े नेता ने कथित तौर पर धार्मिक आधार पर ऐसा भेदभाव किया जिसकी खूब आलोचना हो रही है। आरोप है कि उन्होंने एक मुस्लिम महिला को कंबल देने से इनकार कर दिया और विडंबना यह है कि ऐसा करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का भी नाम लिया। जिसे सोशल मीडिया पर 'छोटी हरकत' बताकर वायरल किया जा रहा है उसे करने वाले की शख्सियत बहुत बड़ी है। वह ना सिर्फ पूर्व सांसद हैं, बल्कि राजस्थान से हरियाणा तक की राजनीति में पैठ रखते हैं। नाम है- सुखबीर सिंह जौनापुरिया। दरअसल, जौनापुरिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें वह कुछ मुस्लिम महिलाओं को कंबल बांटने से इनकार करते दिख रहे हैं। पूर्व सांसद ने फेसबुक पर जो जानकारी दी है उसके मुताबिक यह वीडियो राजस्थान के निवाई विधानसभा के करेड़ा बुजुर्ग गांव का है। यहां उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और महिलाओं-बुजुर्गों को कंबल वितरित किए। वह 28 फरवरी को अजमेर में पीएम मोदी की होने जा रही सभा के लिए लोगों को आमंत्रित करने गए थे। नाम पूछा, कंबल देने से इनकार और अलग कर दिया वीडियो में दिख रहा है कि जौनापुरिया कतार में बैठी महिलाओं को कंबल बांट रहे हैं। आरोप है कि महिला के मुस्लिम होने की वजह से उन्होंने उसे कंबल देने से इनकार कर दिया। वह भीड़ में बैठी मुस्लिम महिलाओं को अलग हट जाने को कहते हैं। पूर्व सांसद कहते हैं, 'क्या नाम है तेरा, अलग हट, एकदन हट। मत दे इन्हें। नहीं है, बुरा मानो चाहो भला। बात सुनो, जो आप लोग बैठे हो ना मोदी को गाली देने वाला उन्हें लेने का हक ही नहीं हैं। किसी को बुरा लगे तो लगे, सीधी बात है।' इसके बाद जौनपुरिया मुस्लिम महिलाओं को लाभार्थी महिलाओं की भीड़ से अलग कर देते हैं। कार्यक्रम खत्म होने के बाद कुछ लोगों ने पूर्व सांसद को टोका और कहा कि यह अच्छा नहीं है। सरकार किसी से भेदभाव नहीं करती है तो उन्हें भी नहीं करना चाहिए। जौनापुरिया यह कहते हुए गाड़ी में बैठकर चले गए कि 'बहस की जरूरत नहीं है।' लाइव हिन्दुस्तान ने पूर्व सांसद को कई बार फोन किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। बड़े कारोबारी, हरियाणा से राजस्थान तक पकड़ सुखबीर सिंह जौनापुरिया हरियाणा और राजस्थान में एक बड़ी शख्सियत हैं। ना सिर्फ राजनीति बल्कि कारोबार जगत में उनका बड़ा नाम है। रियल स्टेट कारोबार से जुड़े जौनापुरिया ने 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान अपनी संपत्ति 142 करोड़ रुपये घोषित की थी। वह 2014 से 2024 तक टोंक-सवाई माधोपुर सीट से सांसद रहे हैं। 2014 में उन्होंने मशहूर क्रिकेटर रहे मोहम्मद अजरुद्दीन को हराया था। सांसद चुने जाने से पहले सुखबीर सिंह जौनापुरिया 2004 से 2009 तक हरियाणा की सोहना सीट से विधायक रहे हैं। 2024 में जौनापुरिया लोकसभा चुनाव हार गए थे। फेसबुक पर बुलंद करते हैं 'सबका विकास' वाला नारा मु्स्लिम महिला को कंबल देने से इनकार करने वाले जौनापुरिया सोशल मीडिया पर 'सबका साथ सबका विकास' वाला नारा बुलंद करते दिखते हैं। उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट के कवर पेज पर पीएम मोदी के साथ अपनी तस्वीर लगाते हुए यही नारा लिखा है। इसके अलावा उन्होंने पीएम मोदी के साथ मुलाकात करते हुए 2023 की एक तस्वीर को पिन किया है, जिसमें वह उन्हें एक किताब भेंट करते हुए दिख रहे हैं। विडंबना है कि इस पोस्ट में पीएम मोदी की बातचीत का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा है कि किस तरह जब उन्होंने पीएम मोदी को मुस्लिम महिलाओं से राखी बंधवाते हुए तस्वीर दिखाई तो वह बेहद खुश हुए।

राजस्थान में SIR में 31 लाख 36 हजार मतदाताओं के कटे नाम

जयपुर. नई दिल्ली। राजस्थान में निर्वाचन विभाग ने 200 में से 199 विधानसभा सीटों की एसआईआर(विशेष गहन पुनरीक्षण) के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। एक विधानसभा सीट पर पिछले साल,नवंबर में उप चुनाव होने के कारण एसआईआर का कार्य नहीं हो सका था। 199 सीटों पर जारी एसआईआर की अंतिम सूची में राज्य में 31 लाख 36 हजार 286 मतदाताओं के नाम कटे हैं। पिछले साल,16 दिसंबर को जारी ड्राफ्ट सूची के बाद 10 लाख 48 हजार नाम बढ़े हैं। अब प्रदेश में पांच करोड़ 15 लाख 19 हजार 923 मतदाता हैं,जबकि 27 अक्टूबर,2025 को एसआईआर शुरू होने से पहले पांच करोड़ 46 लाख 56 हजार 215 मतदाता हैं। कहां से हैं सबसे अधिक नाम एसआईआर के तहत अंतिम मतदाता सूची में सबसे अधिक नाम पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्वाचन क्षेत्र सरदारपुरा से 51 हजार 71 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। सबसे कम ओंसिया विधानसभा क्षेत्र में सात हजार 512 मतदाताओं के नाम कटे हैं। अंतिम मतदाता सूची में 18 से 19 वर्ष के मतदाताओं की संख्या में चार लाख 35 हजार 61 की बढ़ोतरी हुई है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि मतदाता सूची में नाम हटाने एवं जोड़ने का काम जारी रहेगा। कैसे जुड़वाएं नाम बूथ स्तर के अधिकारी के समक्ष फॉर्म भरकर मतदाता सूची में नाम जुड़वाया जा सकता है। एसआईआर के तहत नाम काटने और कटवाने को लेकर एक लाख छह जार आपत्तियां मिली थी।वहीं नए नाम जुड़वाने को लेकर दस लाख 25 हजार से अधिक आवेदन मिले थे।

मुख्यमंत्री ने रखा नए उत्तर प्रदेश का विजन, प्रस्तुत की विरासत और विकास के संगम की पूरी तस्वीर

  नौ वर्षों में तीन गुना हुई अर्थव्यवस्था, कानून-व्यवस्था और औद्योगिक विस्तार हुआ मजबूत मुख्यमंत्री ने प्रवासी भारतीयों को दिया निवेश, पर्यटन और साझेदारी का खुला निमंत्रण सिंगापुर, सिंगापुर में बसे भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए भारत और नए उत्तर प्रदेश की स्पष्ट और आत्मविश्वास से भरी तस्वीर प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि जो उत्तर प्रदेश कभी दंगों और कर्फ्यू के लिए जाना जाता था, वही आज विकास, निवेश, आस्था, औद्योगिक प्रगति और वैश्विक विश्वास का केंद्र बन चुका है। अब वह दंगों वाला यूपी नहीं है। अब उत्तर प्रदेश में न कर्फ्यू है, न दंगा, अब उत्तर प्रदेश में सब चंगा है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में नए उत्तर प्रदेश की बदली तस्वीर, विरासत और विकास के संगम तथा कानून-व्यवस्था में आए व्यापक परिवर्तन को विस्तार से रखा। इस दौरान सीएम योगी ने उपस्थित सभी लोगों को आगामी होली पर्व की शुभकामनाएं भी दीं। विरासत और विकास का अद्भुत संगम बना उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का सर्वाधिक आबादी वाला राज्य उत्तर प्रदेश आज जिस परिवर्तन का साक्षी है, वह बीते नौ वर्षों की प्रतिबद्धता, सुशासन और दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने स्मरण कराया कि कभी दंगे, असुरक्षा और अराजकता जिसकी पहचान बन गए थे, वही प्रदेश आज कानून-व्यवस्था, निवेश और विकास का मॉडल बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को जमीनी धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करते हुए उत्तर प्रदेश ने ‘विरासत और विकास’ का संतुलित और प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक मर्यादा और आत्मगौरव का प्रतीक है। काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्विकास हमारी शाश्वत परंपरा को आधुनिक स्वरूप में स्थापित करता है, जबकि मथुरा-वृंदावन की पावन भूमि भारत की भक्ति और अध्यात्म की जीवंत अभिव्यक्ति है। समरसता का साक्षात दृश्य महाकुंभ में देखने को मिलता है, जहां करोड़ों श्रद्धालु संगम में एक साथ आस्था की डुबकी लगाते हैं, न कोई बड़ा, न छोटा। सब एक स्वर में ‘हर-हर गंगे’ का उद्घोष करते हैं। यही भारत की आत्मा है और यही उसकी शक्ति। 9 वर्ष में तीन गुना हुई यूपी की अर्थव्यवस्था मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी सोच और रणनीतिक क्रियान्वयन का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था बीते नौ वर्षों में तीन गुना हुई है तथा प्रति व्यक्ति आय में भी लगभग तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है। प्रदेश में 34 से अधिक सेक्टोरल नीतियां लागू हैं। 75,000 एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है। क्लस्टर आधारित औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए हैं। निर्बाध विद्युत आपूर्ति और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था निवेश के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर रही हैं। आज भारत में बनने वाले मोबाइल फोन का लगभग 55 प्रतिशत तथा इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का करीब 60 प्रतिशत उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। अब प्रदेश का प्रत्येक नागरिक शांतिपूर्वक विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने निवेश, पर्यटन और औद्योगिक साझेदारी के लिए सभी को उत्तर प्रदेश आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि आने वाला समय प्रदेश के लिए और अधिक संभावनाओं से भरा है। भारतीय अपनी पहचान और मूल्यों से जुड़े रहते हैं मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व के किसी भी कोने में रह रहा भारतीय समुदाय अपनी मातृभूमि के प्रति जो अटूट लगाव और आत्मीयता रखता है, वह हम सभी को भारत के विकास में योगदान देने के लिए नई प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों के उत्साह और समर्पण के लिए अभिनंदन करते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक जड़ें इतनी गहरी हैं कि हजारों किलोमीटर दूर रहकर भी भारतीय अपनी पहचान और मूल्यों से जुड़े रहते हैं। वर्षों पूर्व एक ऋषि ने कहा था, “दुर्लभं भारते जन्म, मानुषं तत्र दुर्लभम्” अर्थात भारत की पवित्र भूमि पर जन्म लेना ही दुर्लभ है और उसमें भी मनुष्य के रूप में जन्म लेना अत्यंत सौभाग्य की बात है। यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय होना चाहिए कि उसके पूर्वजों की जड़ें भारत से जुड़ी हैं और वही जड़ें आज भी उसे मातृभूमि के प्रति आकर्षित करती हैं। ग्लोबल विलेज की अवधारणा भारत ने सदियों पहले “वसुधैव कुटुम्बकम्” के रूप में दी मुख्यमंत्री ने कहा कि माता और मातृभूमि का ऋण जीवनभर बना रहता है। भारतीय संस्कृति हमें यह सिखाती है कि जिस धरती पर हम रहें, उसके प्रति पूर्ण कृतज्ञता और दायित्वबोध के साथ कार्य करें। यही भारतीय संस्कार हैं। उन्होंने सनातन परंपरा के सार्वभौमिक दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने सदियों पहले “वसुधैव कुटुम्बकम्” का संदेश दिया। यह धरती एक परिवार है। आज ‘ग्लोबल विलेज’ की जो अवधारणा दुनिया में प्रचलित है, उसका मूल भाव भारत ने हजारों वर्ष पहले स्थापित कर दिया था। एक परिवार की तरह विविधता में एकता, भिन्नताओं के बावजूद समान सम्मान और सामूहिक प्रगति, यही भारत की पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का मंत्र “सबका साथ, सबका विकास” इसी भारतीय चिंतन की आधुनिक अभिव्यक्ति है। विकास तभी संभव है जब सामूहिकता और कृतज्ञता का भाव साथ हो। प्रत्येक नागरिक का योगदान महत्वपूर्ण है और उसी सहभागिता से नया भारत आगे बढ़ रहा है। जल्द ही भारत बनेगा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था उन्होंने कहा कि आज का भारत आत्मविश्वास के साथ विश्व मंच पर अपनी शक्ति और क्षमता का परिचय दे रहा है। शीघ्र ही भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित होगा। यह केवल लक्ष्य नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प है। डिजिटल क्रांति, स्टार्टअप संस्कृति और नवाचार के क्षेत्र में भारत ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वे अभूतपूर्व हैं। मुख्यमंत्री ने हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ का उल्लेख करते हुए कहा कि 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों और 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लेकर भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को स्वीकार किया। विश्व के विकसित देशों ने भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत द्वारा 140 करोड़ देशवासियों और वैश्विक समुदाय के हित में उठाए जा रहे कदमों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त और एसीएस फाइनेंस दीपक कुमार, … Read more

निवेश के मोर्चे पर यूपी को बढ़त: योगी सरकार ने सिंगापुर में किए 6,650 करोड़ के समझौते, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे का आगाज प्रदेश के लिए बड़ी निवेश उपलब्धि के साथ हुआ। दौरे के पहले ही दिन यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप के साथ कुल 6,650 करोड़ रुपए के तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इन निवेश प्रस्तावों के तहत ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसी रणनीतिक परियोजनाएं विकसित की जाएंगी, जिनसे 20 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने का अनुमान है। सीएम योगी ने निवेशकों के साथ बैठक में उत्तर प्रदेश की नीतिगत स्थिरता, बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत औद्योगिक ढांचे और तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी साझा की। उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग और त्वरित स्वीकृति देने का आश्वासन दिया। साथ ही डेटा सेंटर परियोजना के लिए समूह को लखनऊ आने का आमंत्रण भी दिया गया। अंतरराष्ट्रीय थीम आधारित ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट पहले एमओयू के तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास 100 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय थीम आधारित टाउनशिप विकसित की जाएगी। इस परियोजना में 3,500 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। परियोजना के 2027 तक शुरू होने की योजना है और इससे करीब 12,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह प्रोजेक्ट जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र को वैश्विक स्तर की पहचान दिलाने में सहायक साबित होगा। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर लॉजिस्टिक्स पार्क दूसरी परियोजना के अंतर्गत कानपुर-लखनऊ हाईवे पर 50 एकड़ भूमि में लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किया जाएगा। इस परियोजना में 650 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा, जिससे लगभग 7,500 रोजगार सृजित होंगे। वर्ष 2027 में शुरू होने वाली यह परियोजना प्रदेश की औद्योगिक गतिविधियों और निर्यात क्षमता को नई गति देगी। नोएडा/ग्रेटर नोएडा में हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क तीसरे एमओयू के तहत नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 10 एकड़ भूमि पर 40 मेगावाट आईटी पावर क्षमता वाला हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना में 2,500 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है और करीब 1,500 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसे वर्ष 2028 तक शुरू करने की योजना है। यह कदम उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती सिंगापुर दौरे के पहले दिन हुए ये समझौते उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देने, शहरी विकास को बढ़ावा देने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन सुनिश्चित करने की दिशा में अहम उपलब्धि माने जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से प्रदेश में निवेश का वातावरण और मजबूत होगा तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।  

सीएम योगी के सिंगापुर दौरे के पहले दिन यूपी को मिली बड़ी निवेश सफलता, लगभग 20 हजार करोड़ रुपये के एमओयू हस्ताक्षरित

निवेश के साथ कौशल विकास को भी मिला वैश्विक सहयोग, डेटा सेंटर और ग्रीन एनर्जी पर विशेष फोकस यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप, गोल्डन स्टेट कैपिटल, पीआईडीजी और एवीपीएन ने जताई निवेश के लिए प्रतिबद्धता आईटीईईएस के साथ तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा सहयोग को लेकर हुआ समझौता सिंगापुर/लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सिंगापुर दौरे के पहले दिन उत्तर प्रदेश को निवेश और कौशल विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त हुईं। आधिकारिक बैठकों और निवेशकों के साथ संवाद के बीच कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और कंपनियों ने राज्य सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। पहले दिन कुल 19,877 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन के लिए अहम माने जा रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी निवेशकों के समक्ष स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों को पारदर्शी नीतिगत ढांचा, त्वरित स्वीकृतियां और बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। हस्ताक्षरित किए गए समझौता ज्ञापनों में एक बड़ा प्रस्ताव यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप की ओर से आया, जिसने ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक पार्क और डेटा सेंटर परियोजनाओं में 6,650 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है। इन परियोजनाओं से शहरी विकास, औद्योगिक गतिविधियों और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई गति मिलने की उम्मीद है। इसी क्रम में गोल्डन स्टेट कैपिटल (जीएससी) ने उत्तर प्रदेश में 100 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर की स्थापना के लिए 8,000 करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की। यह परियोजना राज्य को देश के अग्रणी डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसी तरह, प्राइवेट इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट ग्रुप (पीआईडीजी) ने नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और कृषि सह सोलर (एग्री-पीवी) परियोजनाओं में 2,500 करोड़ रुपये निवेश का समझौता ज्ञापन किया। इसके अतिरिक्त एवीपीएन लिमिटेड ने भी नवीकरणीय ऊर्जा और एग्री-पीवी क्षेत्र में 2,727 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई। इन पहलों से उत्तर प्रदेश के हरित ऊर्जा लक्ष्यों को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री की सिंगापुर विजिट के पहले दिन निवेश के साथ-साथ कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया। तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (टीवीईटी) को सुदृढ़ करने के लिए आईटीई एजुकेशन सर्विसेज (आईटीईईएस) के साथ सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी के तहत आईटीईईएस शैक्षणिक विकास, बुनियादी ढांचे के उन्नयन, नेतृत्व और क्षमता निर्माण, आईएसक्यू प्रमाणन तथा क्वालिटी एश्योरेंस जैसे क्षेत्रों में परामर्श और तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश की कौशल व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करना है।

बारात आने से पहले जहर खाने से हुई थी दोनों सगी बहनों की मौत

पोकरण. राजस्थान में बारात आने से कुछ घंटे पहले मृत पाई गईं सगी बहनों की मौत जहर खाने से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत का कारण जहर बताया गया है। दोनों की शादी शनिवार को होनी थी। शुक्रवार रात को जब यह घटना घटी, उस समय शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं। पुलिस ने सोमवार को बताया कि शुक्रवार सुबह मनई गांव में मृत पाई गई दो बहनों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण जहर बताया गया है। मृतक बहनों की पहचान शोभा (25) और विमला (23) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों बहनें एक निजी स्कूल में काम करती थीं। माना जा रहा है कि वे अपने रिश्तों से खुश नहीं थीं। बारात आने के कुछ घंटे पहले ही उनके शव मिले। सूर सागर थाना के एसएचओ हरिश्चंद्र सोलंकी ने बताया कि मेडिकल बोर्ड ने जहर के कारण मौत की पुष्टि की है। घटनास्थल से कोई जहरीला पदार्थ बरामद नहीं हुआ है। सोलंकी ने कहा कि शरीर के आंतरिक अंगों के नमूने सुरक्षित रख लिए गए हैं और सेवन किए गए पदार्थ की सटीक पहचान के लिए उन्हें फोरेंसिक प्रयोगशाला भेजा गया है। पुलिस ने दोनों बहनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं ताकि चैट, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधि की जांच की जा सके। पुलिस ने उनके पिता दीप सिंह से भी पूछताछ की ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये मौतें आत्महत्या का मामला हैं या पारिवारिक विवाद या बाहरी दबाव जैसे अन्य कारणों से हुई हैं। दोनों बहनों की सगाई पहले उनके मामा के माध्यम से भीनमाल के एक परिवार के सदस्य से हुई थी। आरोप है कि मामा के दबाव में आकर पिता ने वह रिश्ता तोड़ दिया। इसके बाद पोकरण के पास जैमला गांव में दो चचेरे भाइयों से उनका नया रिश्ता तय किया गया। मामा का दावा है कि बहनें इस रिश्ते से नाखुश थीं और शायद इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया। इस घटना के बाद शादी की सभी तैयारियां पूरी कर चुके दूल्हों के परिवारों ने तुरंत नए रिश्ते तलाशने शुरू कर दिए। जैमला गांव के सरपंच अमन सिंह के अनुसार, शनिवार को दोनों दूल्हों की शादी जोधपुर के बालेसर और बीकानेर के कोलायत में दूसरी दुल्हनों से हो गई।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भीषण दुर्घटना: लखनऊ में बस पलटने से मचा हड़कंप, कई घायल

लखनऊ पंजाब के लुधियाना से बिहार के दरभंगा जा डबल डेकर बस सोमवार को दिन में करीब 3.30 बजे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर पलट गई। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई और 16 लोग घायल हैं। गोसाईगंज के खेमा खेड़ा गांव के पास बस अनियंत्रित होकर पलटने का कारण तेज रफ्तार बताया जा रहा है। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने बताया कि ड्राइवर को नींद आ जाने से हादसा हुआ है। राहगीरों ने सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची गोसाईगंज पुलिस ने एम्बुलेंस की मदद से घायलों को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा है। टीम राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। तीन बच्चों सहित पांच की मौत मौके पर पहुंचे पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) दक्षिण निपुण अग्रवाल ने बताया कि हादसे में कुल पांच लोगों की मौत हुई हैं। मृतकों में एक महिला एक पुरुष व तीन बच्चे शामिल हैं। घायलों को इलाज के लिए पीजीआइ और केजीएमयू भेजा गया है। हादसे में मृतकों के साथ ही घायलों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। घटना की सूचना पर जिलाधिकारी विशाख जी, पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सेंगर गोसाईगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे हैं। दोनों अफसर पुलिस और प्रशासनिक टीम के साथ घायलों के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं।