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शाहपुरा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया पौधारोपण, बाइकर्स ने भी लिया हिस्सा

सेवा एवं समर्पण अभियान के तहत शाहपुरा में हुआ वृक्षारोपण                  भाजपा कार्यकर्ताओं ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प, प्रदेश से आए बाइकर्स ने भी लिया हिस्सा शाहपुरा  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे सेवा एवं समर्पण अभियान के अंतर्गत शाहपुरा में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, युवा कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि एक पौधा केवल वर्तमान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और सुरक्षित पर्यावरण की नींव है। इस अवसर पर “हर पौधा—भविष्य की हरियाली और आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी जिम्मेदारी” का संदेश देते हुए आमजन से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय सहभागिता की अपील की गई। साथ ही पौधारोपण के बाद उनकी देखभाल को भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया। कार्यक्रम में प्रदेश से आए बाइकर्स के साथ भाजपा जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम, जिला उपाध्यक्ष ज्ञानदीप त्रिपाठी, जिला उपाध्यक्ष संतोष साहू, जनपद अध्यक्ष प्रियंका आर्मो, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष घनश्याम कछवाहा, चिकित्सा प्रकोष्ठ जिला संयोजक श्वेता जैन, भाजपा मंडल अध्यक्ष भजन चक्रवर्ती, मंडल अध्यक्ष हिरेंद्र मरावी, नगर परिषद अध्यक्ष शालिनी अग्रवाल, उपाध्यक्ष मुकेश साहू, सत्यम मानिकपुरी, हरिहरन रजक, नंद कुमार ठाकुर सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं नागरिक उपस्थित रहे। जिला मीडिया प्रभारी राज साहू ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि सेवा एवं समर्पण अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों को आगे भी जारी रखा जाएगा।

विद्यार्थियों से प्रेरणा संवाद, संभागीय उपायुक्त जेपी यादव ने बताए सफलता के मंत्र

समय के सदुपयोग एवं आत्म अनुशासन से आसान होती है जीवन की राह संभागीय उपायुक्त जेपी यादव ने विद्यार्थियों से किया प्रेरणा संवाद शहडोल  एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शहडोल में आयोजित प्रेरणा संवाद कार्यक्रम में जनजातीय कार्य विभाग के संभागीय उपायुक्त जेपी यादव ने विद्यार्थियों को समय के सदुपयोग, निरंतर प्रयास, कड़ी मेहनत, आत्म अनुशासन, एकाग्रता एवं सकारात्मक सोच का महत्व बताते हुए जीवन में लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रेरित किया। यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है, जिसे कभी न कभी समस्याओं का सामना न करना पड़ा हो। समस्या आने पर उसके आकार को समझते हुए उससे कई गुना बड़े प्रयास के साथ समाधान के लिए तब तक प्रयास करते रहना चाहिए, जब तक समस्या का निराकरण न हो जाए। जो व्यक्ति समस्याओं के सामने डटे रहते हैं, वे सफल होते हैं, जबकि समस्या का आकार देखकर पीछे हटने वाले व्यक्ति अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं। उन्होंने कहा कि समय की चाल को कोई रोक नहीं पाया है, इसलिए समय की कद्र करना सीखना चाहिए। सही समय पर प्रयास नहीं करने से जीवन में कठिनाइयां बढ़ती हैं और बाद में पछताने से कोई लाभ नहीं होता। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कितनी भी बार असफलता मिले, हार नहीं माननी चाहिए। सफलता एक दिन में नहीं मिलती, लेकिन निरंतर प्रयास से एक दिन सफलता अवश्य प्राप्त होती है। उन्होंने “लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती” कविता विद्यार्थियों के साथ गाकर उन्हें प्रेरित किया। संभागीय उपायुक्त ने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन का महत्व बताते हुए कहा कि आज का काम कल पर टालने से कार्यों का बोझ बढ़ता जाता है। इसलिए प्रतिदिन का कार्य प्रतिदिन पूरा करने की आदत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में आत्म अनुशासन का बहुत महत्व है। आत्म अनुशासन के बिना जीवन बिना मांझी की पतवार के समान है। विद्यार्थियों को दूसरों से तुलना करने के बजाय स्वयं से प्रतियोगिता कर निरंतर अपने को बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए। यादव ने कहा कि माता-पिता लगभग सभी के अच्छे होते हैं, लेकिन बच्चों का अच्छा बनना भी उतना ही आवश्यक है। माता-पिता के त्याग का प्रतिफल बच्चों की सफलता पर निर्भर करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता को खुश होने का अवसर देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं कि सभी को नौकरी मिले, लेकिन सकारात्मक प्रयास और मेहनत जारी रखने पर जीवन में कोई न कोई कार्य अवश्य मिलेगा। जीवन में निराश होने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि हौसला बनाए रखने की जरूरत है। उन्होंने प्रेरणा संवाद के दौरान उपस्थित शिक्षकों से कहा कि वे बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखें। कमजोर विद्यार्थियों के प्रति सद्भाव रखते हुए उनका हौसला बढ़ाएं और उन्हें निरंतर प्रेरित करते रहें। उन्होंने कहा कि कभी-कभी बहुत पीछे रहने वाला बच्चा भी जीवन में बहुत बड़ी मंजिल हासिल कर लेता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। प्रेरणा संवाद से उत्साहित विद्यार्थियों ने इसे हौसला बढ़ाने वाला कार्यक्रम बताते हुए कहा कि वे आगे बढ़कर अपने जीवन को सफल बनाने का निरंतर प्रयास करेंगे।

Swachh Survey 2025-26: MP के 15 शहर रैंकिंग की दौड़ में, कचरे के ढेर बढ़ा सकते हैं चिंता

 भोपाल  स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के परिणामों का इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। पिछले वर्ष इन पुरस्कारों की घोषणा जुलाई में हो गई थी लेकिन इस बार अक्टूबर माह में होगी। मध्यप्रदेश के लगभग 15 शहर स्वच्छता सर्वे की रैंकिंग की दौड़ में शामिल हैं। कचरा प्रबंधन की नियमानुसार व्यवस्था नहीं कर पाने से प्रदेश के कई शहरों की रैंकिंग बिगड़ सकती है। वहीं नागरिकों का फीडबैक भी निर्णायक रहेगा। दरअसल प्रदेश में प्रतिदिन निकलने वाला घरेलू कचरे की मात्रा बढ़ती जा रही है लेकिन प्रोसेसिंग की व्यवस्था नहीं है। मैदानी निरीक्षण पर तय किए जाएंगे नंबर प्रदेश में एक साल में प्रतिदिन निकलने वाले घरेलू कचरे की मात्रा में 1730 टन बढ़ चुकी है। इसके साथ इस कचरे की प्रोसेसिंग में भी गैप बढ़ा है। एक साल पहले 18.05 टीपीडी कचरे की प्रोसेसिंग नहीं हो पा रही थी जो अब बढ़कर 55.39 टन प्रतिदिन हो गई है। अभी भी 34 डंपिंग साइट्स पर लगभग 13 लाख मीट्रिक टन लीगेसी वेस्ट जमा है, जो शहरों की सूरत पर धब्बा बना हुआ है। स्वच्छ अवार्ड की रैंकिंग 12500 नंबरों पर होगी। इसमें से 1-1 हजार नंबर ओडीएफ और वाटर प्लस के साथ ही गार्बेज फ्री सिटी के लिए होंगे। बचे 10500 नंबर टीम के मैदानी निरीक्षण पर तय किए जाएंगे। राजधानी भोपाल के साथ ही इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, सतना जैसे बड़े शहरों में भी कचरे के ऐसे पहाड़ दिखाई देते हैं।  धार्मिक स्थलों के साथ स्कूलों में भी सर्वे स्वच्छ सर्वे की टीमों ने फरवरी-मार्च में प्रदेश के नगरीय निकायों में जाकर सर्वेक्षण का काम पूरा किया। इस बार टूरिस्ट, हेरिटेज, धार्मिक स्थलों के साथ अन्य ऐसे स्थानों की स्वच्छता का भी निरीक्षण किया गया जहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इसके साथ स्कूली बच्चों के व्यवहार में स्वच्छता शामिल हुई या नहीं, इसका भी स्कूलों में जाकर जायजा लिया गया। नई टूलकिट में खुले में शौच और यूरिनेशन रोकने का एक नया इंडिकेटर शामिल थे। टीमों ने निकायों में खुले में यूरिनेशन रोकने के लिए जरूरत के अनुसार व्यवस्था भी देखी। स्वच्छ शहर जोड़ी में मिल सकता है लाभ इस बार स्वच्छ शहर जोड़ी नाम से से एक नई अवार्ड कैटेगरी शुरू की गई है। इससे स्वच्छ शहर अपने समीपस्थ शहर को स्वच्छता सिखाकर जोड़ी में अवॉर्ड ले सकेंगे। प्रदेश के स्वच्छता में अव्वल शहरों को इसका लाभ मिल सकता है। क्योंकि पिछले वर्ष प्रदेश के आठ शहरों को अवॉर्ड मिला था। इनमें इंदौ, उज्जैन, बुदनी, भोपाल, देवास, शाहगंज, जबलपुर और ग्वालियर शामिल थे। इन शहरों के आसपास वाले नगरों के साथ जोड़ी में पुरस्कार आ सकता है। स्वच्छता मानक के नंबर निर्धारित 1500- दिखाई देने वाली स्वच्छता 1000- कचरे का सेग्रीगेशन, संग्रहण और परिवहन 1500- सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग 1000- एक्सेस टू सेनिटेशन 1000- उपयोग किए गए पानी का प्रबंधन 500- डीस्लजिंग सर्विसेज का मशीनीकरण 1500- स्वच्छता की एडवोकेसी 1000- इकोसिस्टम सशक्तिकरण 500- स्वच्छता कर्मियों का कल्याण 1000- सिटीजन फीडबैक और शिकायत निवारण 10500- कुल नंबर

GAMADA ऑफिस में AAP कार्यकर्ताओं का हंगामा, 48 घंटे से ED की कार्रवाई जारी

मोहाली. ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) मुख्यालय पर 48 घंटे से चल रही ईडी की रेड के खिलाफ आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने वीरवार को मोर्चा खोल दिया है। आम आदमी पार्टी के समर्थकों और प्रतिनिधियों ने गमाडा मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए कार्यालय का घेराव किया। कार्यालय के बाहर खड़ी ईडी की टीम की गाड़ियों के शीशे तोड़े। प्रदर्शनकारियों की पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय का गेट तोड़ा और बड़ी संख्या में अंदर दाखिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गमाडा कार्यालय में चल रही ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी वरुण शर्मा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। ईडी की कार्रवाई चल रही होने के कारण कार्यालय परिसर में सुरक्षा को लेकर पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। आप समर्थकों ने कहा कि गमाडा कार्यालय में लगातार तीसरे दिन ईडी की कार्रवाई चल रही है। इसे लेकर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। प्रदर्शन के कारण गमाडा कार्यालय के बाहर काफी देर तक माहौल गरमाया रहा। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने और व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया। पुलिस ने गमाडा ऑफिस के बाहर बैरिकेडिंग बढ़ा दी है। बता दें कि मंगलवार सुबह से ईडी की टीम ने गमाडा मुख्यालय और दो आईएएस अधिकारियों के घरों सहित दिल्ली, मोहाली और लुधियाना में कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू की थी। ईडी की टीम ने गमाडा की तीन मंजिलों को सील कर रखा है। कैबिनेट मंत्री के घर पर भी रेड इसी बीच बुधवार को ईडी ने कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के रिश्तेदार गुरप्रीत सिंह सैनी के लुधियाना स्थित घर पर भी रेड की थी। आप कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर पंजाब में डर का माहौल बना रही है। 

फर्जी पासपोर्ट केस में STF की बड़ी कार्रवाई, गया प्रसाद गिरफ्तार; एक पते पर बनवाए पासपोर्ट

ग्वालियर स्पेशल टास्क फोर्स (STF) मध्य प्रदेश ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 70 फर्जी पासपोर्ट बनवाने के बड़े रैकेट में एक और बड़ी सफलता हासिल की है।एसटीएफ भोपाल की टीम ने इस मामले में 6वें आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान गया प्रसाद गौतम पिता कच्ची राम निवासी बनवार चीनौर भितरवार ग्वालियर के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पूर्व में जान-पहचान न होने के बावजूद पासपोर्ट बनवाने वालों के निवास पते की फर्जी तस्दीक (वेरिफिकेशन) करता था और गवाह के रूप में अपनी भूमिका निभाता था। ग्वालियर के डबरा से बने सभी 17 पासपोर्ट में यह इकलौता गवाह है। भंते के रूप में रहता था, वहीं से शुरू हुआ नेटवर्क एसटीएफ के अनुसार, आरोपी गया प्रसाद ने वर्ष 2019 में बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी। इसके बाद वर्ष 2021-22 में वह अम्बेडकर पार्क, सिमरिया टेकड़ी (डबरा, ग्वालियर) में भंते के रूप में रहने लगा। स्थानीय निवासी होने के कारण उसने इसी दौरान वर्ष 2022 में बौद्ध भिक्षु संबंधी कार्यक्रम आयोजित कराया था। इसी कार्यक्रम के दौरान उसकी पहचान मैत्तानंद भिक्षु उर्फ रेयाल चौधरी भिक्षु से हुई। इसके बाद आरोपी ने मैत्तानंद भिक्षु के कहने पर 17 बांग्लादेशियों के फर्जी निवास प्रमाण की पुष्टि की और खुद गवाह बना। एक ही पते पर दर्ज कराए गए फर्जी पासपोर्ट जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने जिन भी लोगों के पासपोर्ट बनवाने में आपराधिक सहयोग किया, उन सभी में निवास स्थान के रूप में एक ही पता"सिमरिया टेकड़ी, डबरा, जिला ग्वालियर" दर्ज कराया गया था। बिना किसी पूर्व परिचय के भी आरोपी झूठा गवाह बनकर फर्जी पासपोर्ट जारी करवा रहा था। इन गंभीर धाराओं में मामला दर्ज एसटीएफ भोपाल के अपराध क्रमांक 09/2026 के तहत दर्ज इस प्रकरण में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420, 465, 467, 468, 471 एवं 120-बी के अलावा धारा 12 (पासपोर्ट अधिनियम), धारा 14 (विदेशी विषयक अधिनियम) तथा धारा 17 (भारतीय नागरिकता अधिनियम) के तहत कार्रवाई की जा रही है।  

छत्तीसगढ़ रोजगार मेले में हजारों युवाओं की भीड़, 230 पदों पर भर्ती

महासमुंद. जिले के युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के अनुसार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र द्वारा 24 सितंबर 2026 को जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। रोजगार मेला ग्राम बरोडाबाजार स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर के लाइवलीहुड कॉलेज के द्वितीय तल पर आयोजित होगा। रोजगार मेले का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित किया गया है। योग्य उम्मीदवार निर्धारित समय पर पहुंचकर साक्षात्कार प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। प्रशासन ने युवाओं से समय का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। 230 पदों पर होगी भर्ती उपसंचालक रोजगार डॉ. शशिकला अतुलकर के अनुसार मेले में निजी क्षेत्र की कई कंपनियां शामिल होंगी। स्वतंत्रा माइक्रोफिन प्राइवेट लिमिटेड, पुष्कल एग्रोटेक लिमिटेड, अलर्ट एसजीएस प्राइवेट लिमिटेड, रजत इक्विपमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड और श्रमिन टैलेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कुल 230 विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। 10वीं से स्नातक तक के युवा ले सकेंगे हिस्सा रोजगार मेले में 10वीं, 12वीं, बीएससी एग्रीकल्चर, स्नातक डिग्री और आईटीआई उत्तीर्ण युवा योग्यता के अनुसार आवेदन कर सकेंगे। अलग-अलग पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है। ऑनलाइन आवेदन जरूरी मेले में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को पहले छत्तीसगढ़ रोजगार एप या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। इसके बाद ही साक्षात्कार प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। उम्मीदवारों को मेले में शैक्षणिक योग्यता के मूल दस्तावेज, रोजगार पंजीयन कार्ड, आधार कार्ड, बायोडाटा की छायाप्रति और पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो साथ लाने होंगे। रिक्त पदों और वेतनमान से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

CM योगी का जनता दर्शन, बोले- कब्जामुक्त कराएं जमीन, दबंगों पर होगी कानूनी कार्रवाई

कब्जामुक्त कराएं जमीन, दबंगों को सिखाएं कानूनी सबक: मुख्यमंत्री बारिश के बावजूद सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया जनता दर्शन गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों से मुलाकात कर सुनीं समस्याएं जनता से बोले सीएम – घबराइए मत, सबकी समस्या का होगा समाधान गोरखपुर  जनता की सेवा को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार सुबह बारिश होने के बावजूद ‘जनता दर्शन’ किया। दूरदराज से आए लोगों से उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। समस्या लेकर आए लोगों को मुख्यमंत्री ने समाधान का भरोसा दिया। इस अवसर पर अवैध कब्जे की शिकायतों पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जमीन कब्जामुक्त कराने के साथ जबरन कब्जा करने वालों को कड़ा कानूनी सबक सिखाया जाए।  बारिश की वजह से मुख्यमंत्री के निर्देश पर लोगों की सुविधा के लिए जनता दर्शन का आयोजन गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में किया गया। इस दौरान सीएम योगी ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने का निर्देश दिया। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक पहुंचकर मुख्यमंत्री ने उनकी पीड़ा जानी और आश्वस्त किया कि सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और तत्परता से उसका समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण कराएं।  इस दौरान कुछ महिलाओं ने उनकी जमीन जबरन कब्जा कर लिए जाने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी दबंग ने किसी गरीब की जमीन हड़पी है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। जमीन अवैध या जबरन कब्जे से मुक्त होनी चाहिए।  हर बार की तरह जनता दर्शन में कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। ऐसे मामलों में सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के एस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी।

अमेरिका में बैठकर संगम पर पिंडदान, 28 सितंबर को ऑनलाइन होगी पूजा

 प्रयागराज पितृ पक्ष के दिन पास आने के साथ ही संगम नगरी प्रयागराज में पितरों के तर्पण और पिंडदान को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना के लिए देश ही नहीं, विदेशों से भी बड़ी संख्या में लोग प्रयागराज पहुंचते हैं. इस बार भी पितृ पक्ष के दौरान संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है. खास बात यह है कि जो लोग किसी कारणवश प्रयागराज नहीं पहुंच पा रहे हैं, उनके लिए ऑनलाइन पिंडदान की तैयारी भी शुरू हो चुकी है।  इस बार पितृ पक्ष 26 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर तक रहेगा. इस दौरान अपने पितरों के निमित्त लोग प्रयागराज पहुंचकर भी तर्पण और पिंडदान करते हैं. श्रद्धालुओं के लिए यह समय अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और धार्मिक आस्था व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है. तीर्थ पुरोहितों के अनुसार पितृ पक्ष के दौरान देश-विदेश से लोग अपने पितरों को मोक्ष दिलाने और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रयागराज पहुंचते हैं. संगम पर पिंडदान और तर्पण करने के बाद श्रद्धालु आगे की धार्मिक यात्रा भी पूरी करते हैं।  प्रदीप पांडे तीर्थ पुरोहित, प्रयागराज बताते हैं कि धार्मिक मान्यता के अनुसार पिंडदान की परंपरा में प्रयागराज, काशी और गया का विशेष महत्व बताया जाता है. लोग प्रयागराज से इसकी शुरुआत करते हैं, इसके बाद काशी होते हुए गया पहुंचकर पिंडदान की प्रक्रिया को पूरा करते हैं. इसी वजह से पितृ पक्ष के दौरान प्रयागराज में देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है. संगम क्षेत्र में पितृ पक्ष के दौरान सुबह से ही श्रद्धालु अपने पितरों के निमित्त धार्मिक अनुष्ठान करते नजर आते हैं. जैसे-जैसे पितृ पक्ष आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे संगम क्षेत्र में लोगों की संख्या भी बढ़ने लगेगी।  अमेरिका से 28 सितंबर को होगा पिंडदान प्रदीप पांडे बताते हैं कि इस बार पितृ पक्ष के दौरान विदेश में बैठे लोग भी प्रयागराज की धार्मिक परंपरा से जुड़ रहे हैं. जानकारी के मुताबिक अमेरिका से एक श्रद्धालु 28 सितंबर को प्रयागराज में पिंडदान करेगा. इसके लिए ऑनलाइन व्यवस्था का सहारा लिया जाएगा. पिछले दो-तीन वर्षों से ऑनलाइन पिंडदान की व्यवस्था भी शुरू हुई है. इसका लाभ ऐसे लोग उठा रहे हैं जो किसी कारणवश प्रयागराज नहीं आ पाते. किसी को यात्रा में परेशानी है तो किसी के पास समय या दूसरी तरह की समस्या है. ऐसे में वे ऑनलाइन माध्यम से अपने पितरों के लिए पिंडदान की प्रक्रिया पूरी करा रहे हैं. इस व्यवस्था के जरिए विदेशों में रहने वाले लोगों को भी अपने पितरों के प्रति धार्मिक जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिल रहा है. अमेरिका से 28 सितंबर को होने वाला पिंडदान इसी व्यवस्था का एक उदाहरण है. प्रदीप पांडेय बताते हैं कि ऑनलाइन पिंडदान की सुविधा का इस्तेमाल केवल विदेश में रहने वाले लोग ही नहीं कर रहे हैं. गांव और देहात में रहने वाले ऐसे लोग भी इस व्यवस्था का लाभ उठा रहे हैं, जो किसी कारण से प्रयागराज आने में असमर्थ हैं. कई परिवारों के सामने यात्रा से जुड़ी परेशानी होती है. कुछ लोगों के लिए लंबी दूरी तय करना मुश्किल होता है. ऐसे में ऑनलाइन व्यवस्था उनके लिए अपने पितरों के निमित्त पिंडदान कराने का माध्यम बन रही है।  तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि लोगों की आस्था और अपने पितरों के प्रति श्रद्धा आज भी उतनी ही मजबूत है. परिस्थितियां भले बदल गई हों, लेकिन लोग किसी न किसी तरीके से अपने पितरों के लिए धार्मिक कर्मकांड पूरा करना चाहते हैं।  युवा पीढ़ी भी निभा रही परंपरा प्रदीप पांडे तीर्थ पुरोहित, प्रयागराज बताते हैं कि पितृ पक्ष के दौरान एक और खास बात देखने को मिल रही है. आज की युवा पीढ़ी भी सनातन धर्म की परंपराओं और पितरों से जुड़े कर्मकांडों को लेकर रुचि दिखा रही है. लोग अपने पितरों को मोक्ष दिलाने के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं का सहारा ले रहे हैं. जो संगम तक पहुंच सकते हैं, वे स्वयं आकर पिंडदान और तर्पण करते हैं और जो नहीं आ सकते, वे ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए इससे जुड़ रहे हैं. तीर्थ पुरोहितों के मुताबिक यह बात महत्वपूर्ण है कि आधुनिक दौर में भी युवा अपने परिवार और पूर्वजों से जुड़ी परंपराओं को निभाने के लिए आगे आ रहे हैं।  पीले वस्त्रों में नजर आएंगे श्रद्धालु प्रदीप पांडे के मुताबिक पितृ पक्ष के दौरान संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की वेशभूषा भी अलग दिखाई देती है. पितरों के निमित्त पिंडदान और तर्पण करने के लिए आने वाले कई श्रद्धालु पीले वस्त्र पहनकर आते हैं. जिस तरह भगवा रंग की अपनी अलग धार्मिक पहचान है, उसी तरह पितृ पक्ष के दौरान पीले वस्त्र पहनकर आने की परंपरा भी श्रद्धालुओं के बीच देखने को मिलती है. संगम क्षेत्र में पितृ पक्ष के दौरान बड़ी संख्या में लोग पीले वस्त्रों में दिखाई देंगे. तीर्थ पुरोहितों के अनुसार जो श्रद्धालु इस परंपरा का पालन करते हैं, वे पिंडदान के दौरान निर्धारित वेशभूषा का भी ध्यान रखते हैं. यही वजह है कि पितृ पक्ष में संगम क्षेत्र का दृश्य सामान्य दिनों से काफी अलग नजर आता है।  26 सितंबर के बाद बढ़ेगी श्रद्धालुओं की संख्या पितृ पक्ष की शुरुआत के साथ ही प्रयागराज में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला तेज हो रहा है. अभी से लोग धीरे-धीरे पहुंचने लगे हैं. माना जा रहा है कि 26 सितंबर के बाद संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाएगी. पितरों के प्रति श्रद्धा रखने वाले परिवार देश के अलग-अलग हिस्सों से प्रयागराज पहुंचेंगे. कोई अपने माता-पिता के लिए पिंडदान करेगा तो कोई अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण करेगा. संगम की धरती पर पितरों के निमित्त होने वाले इन धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहित भी श्रद्धालुओं को विधि-विधान से कर्मकांड कराने में जुटेंगे। 

दिव्यांगता प्रमाण पत्र में दर्ज प्रतिशत रहेगा मान्य, इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला

लखनऊ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने दिव्यांग अभ्यर्थियों के एमबीबीएस प्रवेश से संबंधित एक मामले में दिशा स्पष्ट की है। कहा कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध दिव्यांगता प्रमाण पत्र में दर्ज दिव्यांगता के प्रतिशत को एनएमसी (नेशनल मेडिकल कमीशन) के मेडिकल असेसमेंट बोर्ड द्वारा दोबारा निर्धारित नहीं किया जा सकता। बोर्ड को सिर्फ इतना जांचने का अधिकार है कि अभ्यर्थी उचित सुविधा और सहायक तकनीक के साथ एमबीबीएस पाठ्यक्रम पूरा करने में सक्षम है अथवा नहीं। न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने शुभम मिश्रा, सौरभ राणा और गुलफाम अहमद की ओर से दाखिल तीन अलग-अलग याचिकाओं पर एक साथ सुनवायी करते हुए, यह निर्णय दिया है। न्यायालय ने मेडिकल असेसमेंट बोर्ड और अपीलीय मेडिकल असेसमेंट बोर्ड द्वारा जारी उन निष्कर्षों को रद्द कर दिया, जिनमें अभ्यर्थियों को पीडब्ल्यूबीडी (पर्सन विद बेंचमार्क डिसबिल्टीज) आरक्षण के लिए अयोग्य बताया गया था। न्यायालय ने याचियों को नीट-यूजी 2026 की शेष काउंसलिंग में पीडब्ल्यूबीडी आरक्षित श्रेणी के योग्य अभ्यर्थी के रूप में शामिल करने का निर्देश दिया है। याची शुभम मिश्रा को मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सुलतानपुर ने 45 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता का प्रमाण पत्र जारी किया था। हालांकि, मेडिकल असेसमेंट बोर्ड ने 11 अगस्त 2026 के प्रमाण पत्र में उनकी दिव्यांगता को 45 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया और उन्हें पीडब्ल्यूबीडी आरक्षण के लिए अयोग्य बताया। अपीलीय मेडिकल बोर्ड ने भी असेसमेंट बोर्ड के फैसले को बरकरार रखा। दर्ज दिव्यांगता प्रतिशत सभी के लिए बाध्यकारी इसी प्रकार अन्य याचियों सौरभ राणा व गुलफाम अहमद के दिव्यांगता प्रतिशत को घटा दिया गया। अपने निर्णय में कोर्ट कहा कि आरपीडब्ल्यूडी एक्ट की धारा 57 के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी और वैध दिव्यांगता प्रमाण पत्र, जब तक सक्षम न्यायिक या वैधानिक मंच द्वारा निरस्त नहीं किया जाता, उसमें दर्ज दिव्यांगता प्रतिशत सभी के लिए बाध्यकारी है। कहा कि मेडिकल बोर्ड को यह देखना है कि अभ्यर्थी अपनी प्रमाणित दिव्यांगता के बावजूद उचित सुविधा और सहायक तकनीक के साथ एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने में सक्षम है या नहीं लेकिन यह प्रक्रिया दिव्यांगता के प्रतिशत को दोबारा तय करने के लिए नहीं है।

समस्तीपुर में सड़क पर युवकों ने लड़की को घेरा, अभद्रता का वीडियो वायरल

सम्सतीपुर जमुई के बाद अब बिहार के सम्सतीपुर में लड़की के साथ दिनदहाड़े बेशर्मी और हैवानियत की सारी सीमाएं लांघ दी गई हैं। इस शर्मनाक कांड का वीडियो भी काफी सन्न कर देने वाला है। जमुई कांड को लेकर पहले से ही पूरा देश उबल रहा था और अब समस्तीपुर से सामने आए वीडियो ने महिलाओं की सुरक्षा पर प्रश्न चिन्ह लगा दिए हैं। इस वीडियो में हैवान एक तरफ लड़की पर जुल्म की इंतहा पार कर रहे हैं तो वहीं वो राक्षसी हंसी हंसकर महिला सुरक्षा के दावों की खिल्ली भी उड़ा रहे हैं। लेकिन यह लड़की इस वीडियो में हैवानों का सामना करती भी नजर आ रही है। गुस्से में लड़की इन हैवानों से बचने के लिए यहां तक कहती है कि 'भाई को बुलाती हूं..' हालांकि, लड़की की इस बात का इन हवसियों पर कोई असर नहीं होता है और वो लड़की से कहते हैं कि वो अपने भाई को बुलाए। दरिंदगी के इस वायरल वीडियो में नजर आ रहा है कि यह लड़की अकेले ही हवसी भीड़ से भिड़ गई है। जमुई जैसे कांड की तरह ही यह हवसी यहां लड़की को गलत तरीके से छू रहे हैं और बदसलूकी कर रहे हैं लेकिन लड़की भी लगातार उनका विरोध कर रही है। लड़के इस लड़की के पीछे-पीछे चल रहे हैं और लड़की लगातार उनका विरोध कर रही है। वीडियो में नजर आ रहा है कि भीड़ में कई सारे लोग हैं। कुछ मोबाइल तो कुछ हंस रहे हैं। अकेली लड़की इन सब से के बीच घिरी हुई है। वायरल वीडियो से मचा हड़कंप बता दें कि समस्तीपुर में कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव स्थित बांध बाईपास रोड पर बुधवार को बेखौफ शोहदों ने जमुई जैसी घटना को अंजाम दिया। सड़क पर फोटो लेने के लिए रुकी लड़की को तीन युवकों ने घेरकर अभद्रता की। उसके साथ गाली-गलौज की। बीच सड़क पर खींचते हुए उसके साथ बैड टच किया। इस दौरान शोहदे उसका नाम-पता पूछते रहे। देर शाम घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसपी ने मामले की तत्काल जांच और कार्रवाई का आदेश दिया। पुलिस ने वीडियो के आधार पर दो युवकों की पहचान की है। घटना में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। हालांकि, लाइव हिन्दुस्तान वायरल वीडियो की पु्ष्टि नहीं करता है। बताया जाता है कि लड़की एक लड़के के साथ बांध बाईपास रोड से गुजर रही थी। दोनों सड़क किनारे रुककर फोटो ले रहे थे। इसी दौरान तीन युवकों ने लड़की को घेर लिया। आरोप है कि युवकों ने उसके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। वीडियो में दिख रहा है कि लड़के लड़की को बीच सड़क पर खींच रहे हैं। उसका नाम-पता पूछ रहे हैं और बैड टच कर रहे हैं। इसी दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने घटना का वीडियो बना लिया। बाद में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।