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अमित शाह का तोहफा: MP में 550 करोड़ की मदद, बिजली बिल में आएगी राहत

भोपाल भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल (IISER) में जल्द ही ऐसा रिसर्च पार्क तैयार किया जाएगा जहां भविष्य की बिजली तैयार करने के फॉर्मूले खोजे जाएंगे। 550 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस सोलर रिसर्च पार्क एवं सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी सेंटर के लिए सरकार ने 52 एकड़ जमीन दी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह सिर्फ सोलर प्लांट नहीं, बल्कि क्लीन एनर्जी की नई तकनीकों की प्रयोगशाला होगा जहां सूरज, हवा, पानी और और हाइड्रोजन से सस्ती और ज्यादा बिजली बनाने पर काम होगा। यह रिसर्च सेंटर आइसर के केमिस्ट्री, फिजिक्स, अर्थ एंड एनवायरनमेंटल केमिस्ट्री, इलेक्ट्रिकल और केमिकल इंजीनियरिंग, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभागों द्वारा मिलकर स्थापित किया जा रहा है।   क्या होगा यहां खास यहां वैज्ञानिक सिर्फ सोलर पैनल नहीं लगाएंगे, बल्कि यह समझेंगे कि पैनल ज्यादा बिजली कैसे बनाएं, बादलों और रात में ऊर्जा कैसे स्टोर हो और बिजली बिना नुकसान घरों तक कैसे पहुंचे। सेंटर में एआइ आधारित ऊर्जा प्रबंधन, क्वांटम सेमीकंडक्टर, स्मार्ट ग्रिड और ग्रीन हाइड्रोजन जैसी भविष्य की तकनीकों पर भी काम होगा।   छात्रों के लिए नई राह आइसर और अन्य तकनीकी संस्थानों के छात्रों को यहां किताबों से हटकर जानकारी मिलेगी। वे लाइव प्रोजेक्ट्स, इंडस्ट्री एक्सपेरिमेंट और हाईटेक लैब में रिसर्च कर सकेंगे। इससे स्टार्टअप, पेटेंट और इंटरनेशनल कोलेबोरेशन बढ़ेंगे। ऊर्जा क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए यह बड़ा प्लेटफॉर्म साबित होगा। इसके साथ ही आइसर में एमटेक रिन्यूएबल एनर्जी कोर्स भी शुरू किया जाएगा।   सोलर रिसर्च पार्क का भूमिपूजन गृह मंत्री 13 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। कार्यक्रम में ऊर्जा कंपनियों के प्रतिनिधि, वैज्ञानिक और नीति निर्माता शामिल होंगे। भूमिपूजन के साथ ही परियोजना का निर्माण औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा। शहर को क्या मिलेगा     ग्रीन एनर्जी उपयोग बढ़ेगा     प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी     लोकल जॉब्स बढ़ेंगी     नई इंडस्ट्री निवेश आएगा     स्मार्ट बिजली सप्लाई मॉडल विकसित होंगे। इन 5 कामों पर फोकस     ज्यादा बिजली बनाने वाले सोलर सेल     सस्ता ग्रीन हाइड्रोजन     बिजली सप्लाई में कम नुकसान     कार्बन उत्सर्जन में कमी     विंड एनर्जी को सस्ता बनाना 52 करोड़ की भूमि होगी चिन्हित- आइसर निदेशक हमें ऊर्जा अनुसंधान के लिए 52 एकड़ भूमि मिली है, जहां रिन्यूएबल एनर्जी, सोलर पैनल्स और ग्रीन हाइड्रोजन पर शोध होगा। हमारा लक्ष्य है सौर पैनलों से अधिकतम ऊर्जा कैप्चर और हाइड्रोजन परिवहन को अधिक कुशल बनाना।- प्रो. गोवर्धन वास, निदेशक, आइसर

कानपुर अस्पताल में हादसा: नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही से नवजात की मौत, डॉक्टरों का भागना

 कानपुर कानपुर के बिठूर इलाके में स्थित राजा नर्सिंग होम में शाम अरुण निषाद की नवजात बच्ची की वार्मर मशीन में जलने से मौत हो गई. शालू नाम की महिला ने शाम करीब 4-5 बजे एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया था. अस्पताल की नर्सों ने बच्ची को ठंड से बचाने के लिए उसे आईसीयू की वार्मर मशीन पर रखा था. नर्सिंग स्टाफ मशीन चलाकर उसकी निगरानी करना भूल गया, जिससे मशीन का तापमान अत्यधिक बढ़ गया. इस तकनीकी और मानवीय लापरवाही के कारण मासूम का शरीर काला पड़ गया और उसकी तड़प-तड़प कर मौत हो गई. परिजनों का हंगामा, डॉक्टर फरार  बच्ची के जन्म के बाद परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन लापरवाही ने इसे मातम में बदल दिया. जब परिजनों ने बच्ची को देखने की जिद की, तो नर्सों ने उन्हें टाल दिया. शक होने पर परिजन जबरन आईसीयू में घुसे तो देखा कि मासूम का सिर और हाथ बुरी तरह जल चुके थे. इस घटना के बाद अस्पताल में भारी हंगामा मच गया. स्थिति बिगड़ती देख डॉक्टर विवेक मिश्रा और पूरा स्टाफ अस्पताल छोड़कर मौके से फरार हो गया. पुलिस की कार्रवाई   सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला. डीसीपी एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और अस्पताल के आईसीयू को सील कर दिया गया है.स्वास्थ्य विभाग को भी इस संबंध में सूचित किया गया है. पुलिस का कहना है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उधर, अस्पताल संचालक ने इसे महज एक 'हादसा' करार दिया है. पीड़ित परिवार का बुरा हाल यह अरुण की पहली संतान थी, जिसकी मौत ने परिवार को तोड़कर रख दिया है. बच्ची की दादी प्रेमा और अन्य रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है. सबसे दुखद पहलू यह है कि अभी तक बच्ची की मां शालू को उसकी मौत की खबर नहीं दी गई है. परिजनों की मांग है कि इस आपराधिक लापरवाही के जिम्मेदार लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और अस्पताल का लाइसेंस रद्द हो.

दिल्ली के 9 स्कूलों को बम धमकी, जांच में जुटी बम स्क्वाड और पुलिस

 नई दिल्ली दिल्ली के कई इलाकों में सोमवार सुबह अफरा-तफरी मच गई, जब सुबह करीब 8.30 से 9 बजे के बीच शहर के 9 बड़े स्कूलों को बम की धमकी वाली कॉल मिली. स्कूलों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. इसके बाद दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड और बम स्क्वॉड मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की. सुरक्षा के लिए बच्चों और स्टाफ को बाहर निकालकर स्कूल की पूरी तलाशी ली गई. बताया जा रहा है कि सभी कॉल लगभग एक ही समय पर आईं, इसलिए एजेंसियां सतर्क हैं. फिलहाल पुलिस कॉल करने वाले की पहचान करने की कोशिश कर रही है. जिन 9 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, उनमें दिल्ली कैंट का लॉरेटो कॉन्वेंट स्कूल, श्रीनिवासपुरी का केम्ब्रिज स्कूल, रोहिणी का वेंकटेश्वर स्कूल, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी का केम्ब्रिज स्कूल, सादिक नगर का इंडियन स्कूल, रोहिणी का CM श्री स्कूल, आईएनए का DTA स्कूल, रोहिणी का बाल भारती स्कूल और न्यू राजेंद्र नगर का वनस्थली स्कूल शामिल हैं. इन सभी स्कूलों में सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है और एहतियाती कदम उठाए गए हैं. ईमेल में क्या लिखा है? धमकी भरे ईमेल में उकसावे और भड़काऊ संदेश लिखे गए हैं, जिसमें "दिल्ली बनेगा खालिस्तान", "अफजल गुरु की याद में" जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया. मेल में यह भी दावा किया गया कि 13 फरवरी को दोपहर 1:11 बजे स्कूल में धमाका होगा और अंत में खुद को "खालिस्तान नेशनल आर्मी" के नाम से जोड़ा गया. हालांकि इस तरह के संदेशों को सुरक्षा एजेंसियां बेहद गंभीरता से लेते हुए जांच करती हैं और आमतौर पर लोगों से अपील की जाती है कि ऐसे दावों पर घबराने के बजाय आधिकारिक जानकारी का इंतजार करें. जनवरी से फरवरी 2026 के बीच दिल्ली-एनसीआर में स्कूलों को बम की धमकियों का सिलसिला लगातार देखा गया है. 7 फरवरी को बड़े पैमाने पर भेजे गए एक ईमेल के बाद 50 से अधिक स्कूलों को खाली कराया गया था, जिसे बाद में गृह मंत्रालय ने फर्जी बताया. इससे पहले 28-29 जनवरी को सरदार पटेल विद्यालय, लॉरेटो कॉन्वेंट और डॉन बॉस्को समेत पांच स्कूलों को धमकियां मिली थीं, लेकिन जांच में कुछ संदिग्ध नहीं मिला और कुछ ही घंटों में परिसर सुरक्षित घोषित कर दिए गए.

रांची समेत पूरे झारखंड में बढ़ी ठिठुरन, कड़ाके की ठंड और कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें

रांची झारखंड में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है। बीते कुछ दिनों से तापमान में आई बढ़ोतरी के बाद अब राज्य में कड़ाके की ठंड ने जोर पकड़ लिया है। राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान गिरकर 6.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे लोगों को ठिठुरन भरी ठंड का सामना करना पड़ रहा है। राज्य के अन्य जिलों में भी तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया है। शीतलहर अगले एक सप्ताह तक बनी रह सकती है मौसम विभाग के अनुसार, हिमालयी क्षेत्रों में हो रही भारी बफर्बारी और वहां से आने वाली ठंडी हवाओं का सीधा असर झारखंड के मौसम पर पड़ रहा है। विभाग का कहना है कि यह शीतलहर अगले एक सप्ताह तक बनी रह सकती है। पिछले 24 घंटों में कई जिलों में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। डाल्टनगंज में तापमान 8.02 डिग्री, खूंटी में 8.6 डिग्री, जबकि लातेहार और लोहरदगा में यह 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। राज्य के कम से कम 13 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। इनमें रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, हजारीबाग, रामगढ़ और पलामू प्रमुख हैं। ठंड के साथ-साथ सुबह के समय घना कोहरा भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। "सूर्योदय के बाद ही घर से निकलें" मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि खूंटी, लोहरदगा, लातेहार, पलामू और रांची में सुबह के समय द्दश्यता घटकर मात्र 50 मीटर तक रह सकती है। ऐसे में वाहन चालकों और यात्रियों को विशेष सतकर्ता बरतने तथा सूर्योदय के बाद ही घर से निकलने की सलाह दी गई है। हालांकि, दिन के अधिकतम तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है। अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि जमशेदपुर में यह 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।  

6 दिवसीय रोजगार मेले में मिलेगा करियर बनाने का मौका, बड़ी कंपनियाँ करेंगी सीधी भर्ती

रायपुर प्रदेश के युवाओं को निजी क्षेत्र में अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा संभाग स्तरीय रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है। यह रोजगार मेले 12 से 17 फरवरी 2026 तक छत्तीसगढ़ के विभिन्न संभागों में आयोजित होंगे। जारी कार्यक्रम के अनुसार 12 एवं 13 फरवरी को बिलासपुर संभाग में रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 14 और 15 फरवरी को दुर्ग संभाग में रोजगार मेले का आयोजन होगा। वहीं 16 एवं 17 फरवरी को सरगुजा और बस्तर संभाग में रोजगार मेले लगाए जाएंगे। इन रोजगार मेलों में निजी क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित कंपनियां हिस्सा लेंगी। कंपनियों के प्रतिनिधि मौके पर ही अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लेकर योग्य उम्मीदवारों का चयन करेंगे, जिससे युवाओं को सीधे रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। रोजगार मेले में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थी ई-रोजगार पोर्टल अथवा छत्तीसगढ़ रोजगार मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन और आवेदन कर सकते हैं। पंजीकृत उम्मीदवारों को रोजगार मेले के दौरान साक्षात्कार एवं चयन प्रक्रिया में शामिल होने की सुविधा प्रदान की जाएगी।

धरतीफोड़ महादेव का चमत्कार: छत्तीसगढ़ में साल में तीन बार रूप बदलने वाला शिवलिंग बना आस्था का केंद्र

खरोरा   बेलदार राजा की राजधानी बेलदार सिवनी में एक अद्भुत प्राचीन शिवलिंग है जो साल में तीन बार अपना स्वरूप बदलता है, इस प्रतिमा को लोग धरती फोड़ महादेव के नाम से भी जानते हैं।  खरोरा से 5 किलोमीटर की दूरी पर उत्तर पूर्व दिशा में स्थित इस गांव की आबादी करीब 5000 है यहां का प्राचीन शिव मंदिर कितना पुराना है इस बारे में तीन पीढ़ी के सियान भी कुछ नहीं बता पाते हैं ।   इस प्राचीन शिवलिंग को स्थानीय लोग 'धरतीफोड़ महादेव' के नाम से जानते हैं। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह साल में तीन बार अपना स्वरूप बदलता है:गर्मी में: प्रतिमा बीच से दो भागों में बंट जाती है, जिससे इसमें अर्धनारीश्वर (आधा शिव, आधा शक्ति) का रूप स्पष्ट दिखाई देता है। इस दौरान यह खुरदुरा भी हो जाता है।सावन (बरसात) में: यह वापस अपनी पूर्ण आकृति में आ जाता है, जिसे लोग 'जड़-महादेव' कहते हैं। ठंड में: शिवलिंग का रंग गहरा काला हो जाता है और इसकी सतह चिकनी व तैलीय दिखाई देने लगती है। प्राचीनता: यह मंदिर कितना पुराना है, इसके बारे में गांव के 80 साल के बुजुर्ग भी नहीं बता पाए। यह क्षेत्र कभी बेल्दार राजा की राजधानी हुआ करता था। पवित्र कुंड: मंदिर के चारों ओर लगभग 1000 वर्ग फीट में फैला एक कुंड है। कहा जाता है कि सावन के महीने में इस कुंड की गंदगी और दुर्गंध अपने आप गायब हो जाती है। नशामुक्त गांव: बेल्दारसिवनी अपनी पूर्ण शराबबंदी के लिए भी प्रसिद्ध है। सालों पहले गांव वालों ने कड़ा फैसला लेकर शराब बेचने और पीने वालों पर पाबंदी लगा दी थी जिसकी परंपरा आज भी जारी है।इस कुंड को अब शिव कुंड का नाम दिया गया है और इस कुंड के बीच में लक्ष्मी नारायण भगवान की प्रतिमा स्थापित है चारों ओर द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन देखने को मिलते हैं। बेलदार सिवनी के इस धरतीफोड़ महादेव जिसे अर्धनारीश्वर भी कहा जाता है इस प्रतिमा के बारे में ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार गर्मी के दिनों में ढाई फीट ऊंची और 8 इंच विकास की प्रतिमा बीचो-बीच दो भागों में विभक्त हो जाती है तब इस प्रतिभा में अर्धनारीश्वर महादेव की झलक स्पष्ट दिखाई देती है। सावन के महीने में यह प्रतिमा अपनी पूर्ण आकृति को प्राप्त करती है तब इसे जड़ महादेव के नाम से लोग जानते हैं। ठंड के दिनों में प्रतिमा चिकनी और तेली काले रंग की हो जाती है गर्मी में प्रतिमा खुरदुरा होकर अपना चोला छोड़ती है। इसके बावजूद इस मंदिर की सुरक्षा पर शासन या पुरातत्व विभाग का ध्यान अब तक नहीं गया है ग्रामीण खुद समय-समय पर इसका जीर्णोद्धार करते हैं। इसी तारतम्य में गांव के पूर्व सरपंच व वर्तमान जनपद सदस्य मुकेश वर्मा ने मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए संकल्प लिया एवं  बाबा अर्द्धनारीश्वर मंदिर जीर्णोद्धार निर्माण समिति बेलदार सिवनी के अध्यक्ष थनवार वर्मा सहित सदस्यों में उद्योराम वर्मा, मुकेश वर्मा, पन्नालाल वर्मा, कैलाश वर्मा, नारद वर्मा ,बलराम वर्मा,अरुण वर्मा, ईश्वरी वर्मा, दिनेश वर्मा, भूपेंद्र वर्मा, मनहरन वर्मा, छेदु वर्मा, सुनील वर्मा, रामकुमार रातड़े, उमेंद क्षत्रिय, अजय वर्मा, यशवंत क्षत्रिय, मनीराम वर्मा, लोकेश शर्मा, गजानंद वर्मा शामिल हैं।विगत 2 से 3 वर्ष में स्थानीय व क्षेत्रीय दानदाताओं के सहयोग से मंदिर का भव्य स्वरूप का निर्माण कराया |  मंदिर के जीर्णोद्धार से एक मनोहारी मंदिर का निर्माण हो गया है परिसर से लगे कुंड में ही 12 ज्योर्तिलिंग व शिव मंदिर में अन्य देवी देवताओं के प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन किया गया जिसमें 5 फरवरी को कलश यात्रा निकाली गई, जिसके बाद 6 फरवरी को द्वितीय दिवस के रूप में वेदी पूजन और आधिवास यज्ञ संपन्न हुआ। 7 फरवरी को प्रातः 10 बजे से भगवान की प्राण-प्रतिष्ठा, हवन-पूजन, पूर्णाहुति एवं विशाल भोग-भंडारे का आयोजन किया गया । दर्शनार्थियों ने मंदिर परिसर पर बने कुंड में म्यूजिकल फाउंटेन की मांग शासन से की है जिससे मंदिर की भव्यता और बढ़ जाए|मान्यता के अनुसार लोगों मांग भगवान भोलेनाथ जरूर सुनते है और उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है.. यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज में संस्कार, एकता एवं सकारात्मक ऊर्जा के संचार का माध्यम भी है। समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए , जिसमें स्थानीय और दूर-दराज के  श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आगामी 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर विशाल मेले का आयोजन किया जायेगा जिसमें 14 व 15 फरवरी रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा | आयोजक समिति के संरक्षक एवं जनपद सदस्य शिवशंकर वर्मा ने बतलाया कि तीन दिन तक चले इस प्राण प्रतिष्ठा समारोह में विधायक अनुज शर्मा, पूर्व विधायक श्रीमती अनीता योगेंद्र शर्मा, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, तिल्दा जनपद अध्यक्ष टिकेश्वर मनहरे, तिल्दा जनपद उपाध्यक्ष दुलारी सुरेंद्र वर्मा, संतोष शाह, रविंदर बबलू भाटिया, खूबी डहरिया, प्रवीण अग्रवाल, शेखर अग्रवाल, अनिल कुर्मी, प्रवीन लाटा सहित हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ प्राप्त  कर क्षेत्र में खुशहाली व सम्पन्नता के लिए भोलेनाथ से आशीर्वाद प्राप्त किया।  

सरकारी गड़बड़ी की हद! 96 वर्षीय बुजुर्ग महिला को थमा दिया मौत का नोटिस

राजनांदगांव जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण  सर्वे के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक सत्यापन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वार्ड नंबर 10 की रहने वाली 96 वर्षीय बुजुर्ग महिला नूरजहां को कागजों में 'मृतक' घोषित कर दिया गया है। अब इस बीमार बुजुर्ग महिला को खुद के जीवित होने का सुबूत देने के लिए सरकारी दफ्तर की पेशी पर जाना होगा। 96 वर्षीय नूरजहां (पति स्व. रफीक अहमद) का कहना है कि देश की आजादी के समय वह करीब 17 वर्ष की थीं। उन्होंने आजादी के बाद से अब तक हुए लगभग सभी चुनावों में मतदान किया है। नौ फरवरी को एसडीएम कार्यालय में होना होगा उपस्थित उनकी सामाजिक जड़ें और परिवार की कई पीढ़ियां इसी शहर से जुड़ी हैं। इसके बावजूद, किसी अज्ञात द्वेष या लापरवाही के चलते उन्हें मृत बताकर मतदाता सूची से नाम काटने की आपत्ति दर्ज कराई गई है। खराब स्वास्थ्य के बावजूद नूरजहां को नौ फरवरी को एसडीएम कार्यालय में उपस्थित होकर यह साबित करना होगा कि वह जीवित हैं।   बिना ठोस सुबूत के नाम काटने का अभियान जिले में मतदाता सूची से नाम काटने को लेकर गंभीर आरोप लग रहे हैं। आरोप है कि फॉर्म-सात के जरिए एक वर्ग विशेष और समाज के मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है। आश्चर्यजनक यह है कि जमुना चौक और टिकरी पारा के कुछ सामान्य नागरिकों द्वारा बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों के खिलाफ सुनियोजित तरीके से आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। इनमें वे लोग भी शामिल हैं जिनके पूर्वज वर्षों से यहीं के निवासी रहे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि 2003 की मतदाता सूची जैसे पुख्ता दस्तावेज देने के बाद भी उन्हें बार-बार पेशी पर बुलाकर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। कल होगी मामले की पहली सुनवाई प्रशासन ने इस पूरे विवादित मामले में सोमवार (नौ फरवरी) को एसडीएम कार्यालय में पहली सुनवाई निर्धारित की है। नोटिस के अनुसार, शिकायतकर्ता और पीड़ित पक्ष दोनों को अपने दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहना होगा। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि शहीद नगरी के नाम से मशहूर इस क्षेत्र में मतदाता सूची के नाम पर भेदभाव का वातावरण तैयार किया जा रहा है। पुनरीक्षण प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल शिकायतकर्ता किसी बड़े पद पर नहीं हैं, फिर भी उनकी थोक में दी गई शिकायतों पर जिस तरह से कार्रवाई हो रही है, उसने पूरी पुनरीक्षण प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों का दावा है कि यह केवल एक वार्ड का मामला नहीं है, बल्कि पूरे जिले में मतदाता सूची को प्रभावित करने के लिए इसी तरह का खेल चल रहा है। एक ही व्यक्ति द्वारा सैकड़ों लोगों के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराना और प्रशासन द्वारा बिना स्थलीय सत्यापन के जीवित लोगों को नोटिस जारी करना गहरी लापरवाही को दर्शाता है।

ज्योतिर्लिंग भक्तों के लिए खुशखबरी: एमपी में नि:शुल्क वीआईपी दर्शन की सुविधा शुरू

खंडवा 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक में अब श्रद्धालु नि:शुल्क वीआइपी दर्शन का लाभ उठा सकेंगे। मध्यप्रदेश में मौजूद ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में प्रशासन ने एक अहम पहल शुरू की है। रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए इस पहल को शुरू किया गया है। बता दें कि, ओंकारेश्वर में आने वाले श्रद्धालुओं को रक्तदान करने पर नि:शुल्क वीआइपी दर्शन कराए जाएंगे। इसके लिए यहां एक स्थाई ब्लड डोनेशन यूनिट भी मंदिर परिसर में स्थापित की जाएगी। कलेक्टर ने दिए निर्देश खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने इसके लिए श्रीजी मंदिर ट्रस्ट प्रबंधन को इसके लिए एक माह में स्थाई ब्लड डोनेशन यूनिट तैयार करने के निर्देश जारी किए है।   लंबे समय से की जा रही थी मांग लंबे समय से जय महाराणा रक्तदान समूह भारत खंडवा द्वारा भी इसकी मांग की जा रही थी। भारत में तिरूपति आंध्रप्रदेश, शिर्डी महाराष्ट्र के मंदिरों में वीआइपी दर्शन के लिए रक्तदान की पात्रता है। इसी आधार पर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में भी रक्तदाताओं को वीआइपी दर्शन की मांग की जा रही थी। इन्हें मिलेगी मदद कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने यह व्यवस्था आरंभ करने को कहा है। रक्तमित्र शैलू मंडलोई ने बताया कि रक्तदान में मिले रक्त से गरीब और असहाय मरीजों की मदद की जा सकती है। थैलेसिमिया जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित बच्चों का जीवन बचया जा सकता है।

महाकाल जाने वालों को झटका: उज्जैन स्टेशन पर 31 ट्रेनों का प्लेटफार्म परिवर्तन

उज्जैन रेलवे प्रशासन ने उज्जैन रेलवे स्टेशन पर आने वाली 31 ट्रेनों के प्लेटफार्म में बदलाव किया है। 10 फरवरी से ट्रेनें बदले हुए प्लेटफार्म पर ठहरेगी। इसके तहत सात ट्रेनें अब आठ नंबर प्लेटफार्म से संचालित होंगी। जबकि चार ट्रेनें सात नंबर प्लेटफार्म पर आएंगी। इस बदलाव से श्री महाकालेश्वर मंदिर दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को खासी परेशानी होगी। उन्हें अब सात व आठ नंबर से एक नंबर की ओर पैदल आना पड़ेगा। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि यात्रियों की सुविधा, सुगम आवागमन तथा सभी प्लेटफार्मों के समान उपयोग को करने के उद्देश्य से रतलाम मंडल द्वारा उज्जैन रेलवे स्टेशन पर एक महत्वपूर्ण सुधार किया गया है। इसके तहत स्टेशन पर 31 ट्रेनों के आगमन एवं प्रस्थान के प्लेटफार्म में परिवर्तन किया जा रहा है। यह बदलाव 10 फरवरी प्रभावी होगा।   इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य प्लेटफार्म क्रमांक एक पर बढ़ते यात्री दबाव को कम करना, भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाना तथा स्टेशन संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाना है। प्लेटफार्म परिवर्तन के बाद यात्रियों को प्लेटफार्म तक पहुंचने में अधिक सुविधा होगी। इस बदलाव से विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों तथा दिव्यांग यात्रियों को लाभ होगा, क्योंकि अब उन्हें स्टेशन के अंतिम छोर तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यात्री होंगे परेशान उज्जैन स्टेशन पर रोजाना 76 यात्री ट्रेनों को आवागमन होता है। इनमें अधिकांश यात्री उज्जैन में श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने के लिए आते है। रेलवे ने 31 ट्रेनों के प्लेटफार्म बदले हैं। यात्रियों को महाकाल जाने के लिए इंदौरगेट व मुख्य स्टेशन की ओर आना होगा। जिससे प्लेटफार्म नंबर सात व आठ से एक नंबर तक अपना सामान उठाकर पैदल आना होगा। नागदा एंड की ओर लिफ्ट व एस्केलेटर की सुविधा नहीं होने से उन्हें परेशानी होगी। इन ट्रेनों के प्लेटफार्म में किया बदलाव इंदौर शहीद कैप्टन तुषार महाजन सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर छह के बजाए पांच पर, कामाख्या-डा अंबेडकर नंबर एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर छह के बजाए पांच पर, नागपुर-इंदौर सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर पांच के बजाए छह पर, प्रयागराज-डा अंबेडकर नंबर एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर पांच के बजाए छह पर, गांधीधाम-इंदौर सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर एक के बजाए पांच पर, इंदौर-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर एक के बजाए आठ पर, इंदौर-दौंड एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर चार के बजाए आठ पर, इंदौर-आसरवा एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर एक के बजाए आठ पर आएगी। मन्नारगुड-जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर पांच के बजाए छह पर, वाराणसी-इंदौर एक्सप्रेस छह के बजाए चार पर, यशवंतपु-डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस छह के बजाए पांच पर, बरेली-इंदौर एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर चार से अब आठ पर, इंदौर-ऊना हिमाचल एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर छह से अब आठ पर, मदुरै-बीकानेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस छह के बजाए पांच पर, ग्वालियर-दौंड सुपरफास्ट एक्सप्रेस छह के बजाए पांच पर, तिरुवंतपुरम-इंदौर एक्सप्रेस छह के बजाए पांच पर, वाराणसी-इंदौर एक्सप्रेस छह के बजाए चार पर आएगी एवं जाएगी। इनमें भी बदलाव इसके अलावा रेलवे ने 12 पैसेंजर ट्रेनों के प्लेटफार्म भी बदले हैं। इनमें नागदा-उज्जैन पैसेंजर को प्लेटफार्म नंबर दो के बजाए छह पर, उज्जैन-रतलाम मेमू प्लेटफार्म नंबर पांच के बजाए दो पर, उज्जैन-इंदौर मेमू प्लेटफार्म नंबर पांच के बजाए आठ पर, उज्जैन-नागदा पैसेंजर पांच के बजाए छह पर, उज्जैन-इंदौर पैसेंजर आठ के बजाए सात पर, भोपाल-उज्जैन पैसेंजर पलेटफार्म नंबर दो के बजाए सात पर। इंदौर-उज्जैन मेमू प्लेटफार्म नंबर पांच से अब आठ पर, उज्जैन-भोपाल पैसेंजर प्लेटफार्म नंबर आठ से सात पर, नागदा-उज्जैन पैसेंजर पांच से अब सात पर, रतलाम-उज्जैन मेमू प्लेटफार्म पांच से दो तथा चित्तौड़गढ- उज्जैन मेमू प्लेटफार्म नंबर दो से आठ पर भेजा गया है।

मध्यप्रदेश में ठंड और कोहरे का कहर, मौसम विभाग ने 2 दिन में बारिश की चेतावनी जारी की

भोपाल   मध्य प्रदेश में जैसे-जैसे कोहरा छट रहा है ठंड के तीखे तेवर नजर आने लगे हैं। यानी आसमान साफ होते ही उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने एक बार फिर न्यूनतम तापमान तेजी से नीचे गिराया है। आलम ये है कि, प्रदेश के कुछ हिस्सों में तो कोहरा है, लेकिन जहां कोहरा नहीं, वो इलाका ठंड की चपेट में है। सबसे सर्द रात उमरिया और रीवा जिले में दर्ज हुई। यहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं, मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों तक मौसम शुष्क रहने और उसके बाद मावठी बारिश के आसार जताए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के उमरिया, रीवा सबसे ठंडे रहे। यहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज हुआ। इसके बाद खजुराहो में भी खासा ठंड रही। यहां न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में पारा 11 डिग्री के आसपास रहा, जबकि जबलपुर में ये 10.8 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के पहाड़ी पर्यटन स्थल पचमढ़ी में भी पारा 9.4 डिग्री तक गिर गया है। इन जिलों में 10 डिग्री से कम तापमान, उज्जैन सबसे ज्यादा प्रदेश के कई जिलों में पारा 10 डिग्री के नीचे दर्ज हुआ। इनमें खजुराहो 7.4 डिग्री, मंडला 7.9 डिग्री, नौगांव 8.8 डिग्री और सतना 8.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं राजगढ़, शिवपुरी, पचमढ़ी, दमोह और मलाजखंड में भी तापमान 9 से 10 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। उज्जैन में रात का पारा सबसे अधिक 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।   कई जिलों में कोहरे का असर रविवार सुबह प्रदेश के करीब 10 जिलों में मध्यम कोहरा छाया रहा। इनमें भोपाल, उज्जैन, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, मंडला और सतना में कोहरे की वजह से दृश्यता कम रही। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों में कोहरा छंटने की संभावना है, लेकिन सुबह और रात के समय सिहरन बनी रहेगी।   10 फरवरी से फिर 'मावठा' गिरने के आसार मौसम विभाग की मानें तो हिमालयी क्षेत्र में 8 फरवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इस सिस्टम का असर 10 फरवरी तक एमपी में दिखाई देने लगेगा। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में मावठा वाली बारिश हो सकती है। हालांकि, आज और कल बारिश या ओलावृष्टि की संभावना कम है, लेकिन 10 फरवरी के बाद मौसम बदल सकता है।