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नदियों की धारा, एक्सप्रेसवे की गति और हवाई उड़ानों के विस्तार से उत्तर प्रदेश बना मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी का नया मॉडल

यूपी दिवस विशेष जल-थल-गगन, उत्तर प्रदेश लिख रहा विकास की नई गाथा नदियों की धारा, एक्सप्रेसवे की गति और हवाई उड़ानों के विस्तार से उत्तर प्रदेश बना मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी का नया मॉडल पिछड़ेपन और सीमित संसाधनों वाले राज्य से उबरकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी बना देश के लिए मॉडल स्टेट विगत वर्षों में सड़क, रेल, जल और नभ, चारों साधन मिलकर बने यूपी की आर्थिक प्रगति की धुरी लखनऊ उत्तर प्रदेश का नाम आते ही कभी विशाल जनसंख्या, पिछड़ेपन और सीमित संसाधनों की चर्चा होती थी। लेकिन, आज वही उत्तर प्रदेश विश्व-स्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर, तेज कनेक्टिविटी और मजबूत लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम के दम पर भारत के विकास मानचित्र पर एक नई, सशक्त पहचान बना चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पौने नौ वर्षों में केवल योजनाएं नहीं बनाईं, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारकर विकास का नया मॉडल प्रस्तुत किया, जहां सड़क, रेल, जल और नभ, चारों साधन मिलकर आर्थिक प्रगति की धुरी बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश अब केवल जनसंख्या में बड़ा राज्य नहीं, बल्कि विकास, निवेश और कनेक्टिविटी में भी अग्रणी राज्य बन चुका है। विश्व-स्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर के सहारे उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभा रहा है, जहां सड़कें गति देती हैं,  नदियां दिशा दिखाती हैं और हवाई मार्ग प्रदेश को विश्व से जोड़ते हैं। गंगा की धारा पर विकास की नई परिभाषा भारत में जलमार्ग परिवहन को नई दिशा देते हुए उत्तर प्रदेश ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। गंगा-भागीरथी-हुगली नदी प्रणाली पर विकसित राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) देश की पहली अंतर्देशीय जलमार्ग परियोजना के रूप में सामने आया है। प्रयागराज से हल्दिया तक फैला यह जलमार्ग लगभग 1,620 किलोमीटर लंबा है, जिसमें से करीब 1,100 किलोमीटर का खंड उत्तर प्रदेश में पहले से ही क्रियाशील है। यह केवल एक परिवहन मार्ग नहीं, बल्कि उत्तर भारत के लिए जीवन-रेखा समान लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर बन चुका है। NW-1 के माध्यम से वाराणसी और प्रयागराज जैसे पारंपरिक व्यापारिक व निर्यात केंद्र अब सीधे कोलकाता और हल्दिया बंदरगाह से जुड़ गए हैं। इससे न केवल परिवहन लागत में कमी आई है, बल्कि समयबद्ध और पर्यावरण-अनुकूल लॉजिस्टिक्स को भी बढ़ावा मिला है। वाराणसी के अस्सी घाट व राजघाट जैसे टर्मिनल तथा प्रयागराज व गाजीपुर के फ्लोटिंग टर्मिनल यह दर्शाते हैं कि उत्तर प्रदेश अब जलमार्ग आधारित अर्थव्यवस्था में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स से उद्योगों को मिला बल उत्तर प्रदेश की औद्योगिक रणनीति का केंद्रबिंदु अब मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी बन चुका है। दादरी में विकसित किया जा रहा मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स हब और बोड़ाकी में प्रस्तावित मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब प्रदेश के औद्योगिक भविष्य की मजबूत नींव रख रहे हैं। इन हब्स के माध्यम से सड़क, रेल और जलमार्ग के बीच निर्बाध परिवहन संभव होगा, जिससे उद्योगों को कच्चे माल की आसान उपलब्धता और तैयार उत्पादों के त्वरित निर्यात की सुविधा मिलेगी। यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश को मैन्युफैक्चरिंग और वेयरहाउसिंग का प्रमुख केंद्र बनाने में निर्णायक साबित हो रही है। एक्सप्रेसवे बने विकास की धमनियां उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे केवल सड़कें नहीं, बल्कि विकास की धमनियां बन चुके हैं। यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक, नोएडा-ग्रेटर नोएडा और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे ने प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को राजधानी और औद्योगिक केंद्रों से जोड़ दिया है। देश का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेसवे भी जल्द शुरू होने वाला है। आज देश के 55 फीसदी एक्सप्रेसवे यूपी में हैं। इन एक्सप्रेसवेज के कारण जहां यात्रा समय में ऐतिहासिक कमी आई है, वहीं इनके किनारे नए औद्योगिक क्लस्टर, लॉजिस्टिक्स पार्क, मेडिकल हब और एजुकेशनल कॉरिडोर भी विकसित हो रहे हैं। वर्तमान में सात प्रमुख एक्सप्रेसवे संचालित हैं और पांच नए एक्सप्रेसवे निर्माणाधीन हैं, जबकि 10 एक्सप्रेसवे पर सर्वे जारी है। इनके पूर्ण होने के बाद उत्तर प्रदेश सर्वाधिक 22 एक्सप्रेसवे वाला देश का अग्रणी राज्य बन जाएगा, जो निवेशकों के लिए एक मजबूत संकेत है। हवाई कनेक्टिविटी: प्रदेश से विश्व तक उत्तर प्रदेश सरकार ने हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार को विकास का महत्वपूर्ण आधार बनाया है। आज प्रदेश में 16 घरेलू हवाई अड्डे संचालित हैं, जो छोटे और मध्यम शहरों को भी राष्ट्रीय हवाई नेटवर्क से जोड़ रहे हैं। लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, कुशीनगर जैसे शहरों में संचालित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्रों को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित कर रहे हैं। गौतम बुद्ध नगर स्थित जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जो अपने निर्माण के अंतिम चरण में है, भविष्य में न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत का प्रमुख एविएशन हब बनने जा रहा है। लगभग 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित यह एयरपोर्ट प्रदेश की आर्थिक क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।   रेल, रैपिड और मेट्रो में नेतृत्व कर रहा प्रदेश लगभग 16 हजार किलोमीटर के विशाल रेल नेटवर्क के साथ उत्तर प्रदेश आज देश का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क वाला राज्य बन चुका है, जो यात्रियों और माल परिवहन, दोनों के लिए मजबूत रीढ़ का काम कर रहा है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में भी प्रदेश ने उल्लेखनीय बढ़त हासिल की है। देश में सर्वाधिक शहरों में मेट्रो संचालन का गौरव आज उत्तर प्रदेश के पास है। लखनऊ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, कानपुर व आगरा, पांच शहरों में मेट्रो सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही दिल्ली–मेरठ कॉरिडोर पर देश की पहली रैपिड रेल का संचालन शुरू हो चुका है और शीघ्र ही मेरठ में मेट्रो सेवा भी प्रारंभ होने जा रही है। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी और बरेली जैसे शहरों में मेट्रो परियोजनाओं का ग्राउंड-वर्क जारी है, जिन्हें चरणबद्ध रूप से शुरू करने की योजना है। इसके अतिरिक्त वाराणसी में देश की पहली शहरी रोप-वे सेवा का कार्य भी प्रगति पर है।  औद्योगिक ढांचे में नई ऊर्जा 2017 से पहले यूपी निवेश के नक्शे से बाहर था। लॉजिस्टिक्स हब और वेयरहाउसिंग की कोई स्पष्ट नीति नहीं थी। आज नोएडा एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, डिफेंस कॉरिडोर, मेडिकल डिवाइस पार्क और डेटा सेंटर पार्क जैसे प्रोजेक्ट्स से यूपी निवेश और रोजगार का हब बनता जा रहा है। इसके अतिरिक्त लखनऊ में पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क, बरेली में मेगा फूड पार्क, उन्नाव में ट्रांस गंगा सिटी, गोरखपुर में प्लास्टिक पार्क, वाराणसी में पहला फ्रेट विलेज समेत कई परियोजनाएं यूपी के विकास को … Read more

उदयपुर में सवारियों से भरी जीप पलटने से 3 लोगों की मौत

उदयपुर. उदयपुर जिले के कोटड़ा थाना क्षेत्र के जोगीवड़ गांव में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां तेज रफ्तार जीप अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 जने गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। सूचना पर कोटड़ा पुलिस व 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को कोटड़ा अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार, जीप बिलवन से सवारियां लेकर कोटड़ा आ रही थी। इसी दौरान जीप जोगीवड़ गांव से गुजर रही थी कि चालक का संतुलन बिगड़ गया और जीप पलट गई। हादसे की सूचना पर कोटड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस की मदद से कोटड़ा अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि 17 घायलों का उपचार जारी है। हादसे में घायल हुए लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। मृतकों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने जीप को जब्त कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

कुरुक्षेत्र पहुँचे राहुल गांधी पढ़ाएंगे कांग्रेस जिलाध्यक्षों को सियासी पाठ

कुरुक्षेत्र. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज हरियाणा के कुरुक्षेत्र पहुँचे। धर्मनगरी आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। राहुल गांधी विशेष विमान से अंबाला एयरपोर्ट पर उतरे, जहाँ से वे भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सड़क मार्ग के जरिए कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हुए। उनके काफिले के साथ सुरक्षा बलों की गाड़ियां और स्थानीय नेताओं का हुजूम भी मौजूद रहा। कुरुक्षेत्र पहुँचने पर राहुल गांधी सीधे पंजाबी धर्मशाला पहुँचे। यहाँ सुबह से ही भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक उनके दीदार के लिए एकत्रित थे। जैसे ही राहुल गांधी कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे, कार्यकर्ताओं ने "कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद" और "राहुल गांधी संघर्ष करो" के नारों के साथ आसमान गूँज उठा। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी यहाँ पार्टी के संगठन को मजबूत करने और आगामी रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए हरियाणा और उत्तराखंड के जिला अध्यक्षों के साथ बैठक करेंगे। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी में है। राहुल गांधी के आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। कार्यक्रम स्थल के आसपास चारों ओर बेरिकेडिंग की गई है तो पुलिस जवान भी तैनात कर दिए गए हैं। राहुल गांधी के साथ हरियाणा प्रदेशाध्यक्षा राव नरेंद्र सिंह, प्रदेश प्रभारी बी के हरिप्रसाद, उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा, रणदीप सुरजेवाला ही रहेंगे जबकि कुरुक्षेत्र जिला के विधायक अशोक अरोड़ा, रामकरण काला व मनदीप चट्ठा को भी कार्यक्रम स्थल पर एंट्री मिलने की उम्मीद है।

हेलमेट बिना घर से बाहर निकले तो भुगतना पड़ेगा चालान, नया नियम लागू

भोपाल   दोपहिया वाहन लेकर घर से निकल रहे हैं तो हेलमेट जरूर पहन लें। कार साथ है तो दस्तावेज व सीट बेल्ट लगाना न भूलें। आपको मुख्यमार्ग पर ट्रैफिक जवान मिल सकते हैं। चालान भी काटा जा सकता है। तेज रफ्तार वाहन से बढ़ती सड़क दुर्घटना रोकने ट्रैफिक पुलिस ने चालान की राह पकड़ी है। 460 ट्रैफिक जवानों को सड़क पर उतारा बता दें कि प्रशासन ने 460 ट्रैफिक जवानों को उतारा गया। 16 पॉइंट पर तेज रफ्तार वाहनों की धरपकड़ की गई। बीते मंगलवार को तेज रफ्तार, बिना हेलमेट वाहन चलाने, रेड लाइन क्रॉस करने वाले वाह चालको पर एक लाख 35 हजार रुपए के चालान बनाए गए हैं।  समीक्षा के बाद सख्ती एक महीने में शहर में हुए सड़क हादसों और व्यस्त चौराहों पर जाम की स्थिति को देखते हुए यह विशेष अभियान चलाया गया। दिनभर चली कार्रवाई में दो हजार से अधिक वाहनों के चालान काटे गए, जिनसे 60 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। नए के साथ पुराने शहर में कई पॉइंट पर चेकिंग ट्रैफिक पुलिस ने एमपी नगर, बोर्ड ऑफिस चौराहे, चेतक ब्रिज, रोशनपुरा, न्यू मार्केट, लालघाटी, कोलार, करोंद, मिसरोद और अयोध्या बायपास जैसे प्रमुख मार्गों पर चेकिंग की। इस दौरान बिना हेलमेट दोपहिया चलाने वालों पर विशेष नजर रखी गई। पुलिस टीम ने उल्टी दिशा में वाहन चलाने, सीट बेल्ट नहीं लगाने, ब्लैक फिल्म और तेज रफ्तार के मामलों में भी चालान किए। शहर में सड़क हादसों की संख्या कम करना प्राथमिकता शहर में सड़क हादसों की संख्या को कम करना हमारी प्राथमिकता है। हेलमेट और सीट बेल्ट आपकी सुरक्षा के लिए हैं। यह अभियान जारी रहेगा। लोगों से अपील है कि घर से निकलते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करें और हेलमेट जरूर पहनें। आने वाले दिनों में नियम तोडऩे वालों पर और सख्ती की जाएगी। -बसंत कौल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात

चन्नी ने भाजपा का ऑफर ठुकराकर कांग्रेस पर जताई अटूट निष्ठा

बरनाला. भाजपा नेता केवल सिंह ढिल्लों द्वारा बीजेपी ज्वाइन करने के ऑफर पर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस के सच्चे सिपाही हैं। वह कांग्रेस छोड़कर कहीं नहीं जा रहे हैं। चन्नी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, "मैं आपको एक बात बताता हूं, अगर मैं कभी पार्टी बदलता हूं, तो कोई भी मुझे को वोट न दे।" बरनाला में अमर शहीद सेवा सिंह ठीकरीवाला की बरसी पर पहुंचे चरणजीत सिंह चन्नी ने मीडिया से बात की और कांग्रेस में ऊंची जाति के लोगों के बड़े पदों पर होने वाले अपने बयान पर अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, "जब मैं मुख्यमंत्री था, तो जनरल कैटेगरी के लोग आए और कहा कि हमारा फोरम बनना चाहिए। मैंने उसी समय जनरल कैटेगरी कमीशन बनाया था। मैंने सभी वर्गों के लिए काम किया। मैंने सभी के लिए बिजली बिल माफ किया। स्कूलों में सभी के लिए स्कॉलरशिप स्कीम चलाई थी। चन्नी ने आगे कहा कि यह विरोधियों की उन्हें बदनाम करने की चाल है। उन्होंने कहा कि वह सबका सम्मान करते आए हैं और करते रहेंगे। पंजाब अलग-अलग जातियों और धर्मों का गुलदस्ता है। वह सभी को साथ लेकर चलना चाहते हैं। मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल में महल कलां विधानसभा क्षेत्र के लिए किए गए कामों का ब्यौरा देते हुए चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि उन्होंने महल कलां को सब डिवीजन बनाया, अब यहां एसडीएम बैठते हैं, लेकिन मौजूदा सरकार के इतने साल बीत जाने के बावजूद यहां कोई कार्यालय नहीं बना। महल कलां की पंचायतों को विकास कार्यों के लिए तीन महीने में 25 करोड़ रुपये के सीधे चेक दिए गए, लेकिन अब एक पैसा भी नहीं दिया जा रहा। महल कलां विधानसभा क्षेत्र में करीब 25 गांवों से जुड़ी 70 किलोमीटर सड़कें पक्की की जा चुकी हैं। चन्नी ने कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी दोबारा सत्ता में आई तो विधानसभा क्षेत्र महल कलां की सड़कों को पक्का करने का सारा काम किया जाएगा। सेवा सिंह को श्रद्धांजलि देने पहली बार ठीकरीवाला आए पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि उन्हें हैरानी है कि इतने साल बीत जाने के बावजूद ठीकरीवाला में अमर शहीद सेवा सिंह की कोई शानदार यादगार नहीं बन पाई। उन्होंने वादा किया कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो यहां अमर शहीद सेवा सिंह की शानदार यादगार बनाई जाएगी। इस मौके पर बरनाला से विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों समेत जिला कांग्रेस कमेटी की टीम मौजूद थी।

गणतंत्र दिवस पर सीएम साय जिले में करेंगे ध्वजारोहण

बिलासपुर. कलेक्टर संजय अग्रवाल ने समय-सीमा की बैठक लेकर जिले में संचालित शासन की फ्लैगशीप योजनाओं, आगामी गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों एवं जनदर्शन के लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने बताया कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिले में पहली बार मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय द्वारा ध्वजारोहण किया जाना संभावित है। कलेक्टर ने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह को गरिमामय, सुव्यवस्थित एवं भव्य स्वरूप में मनाया जाएगा। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की। बैठक में एसएसपी  रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त  प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ  संदीप अग्रवाल, वनमण्डलाधिकारी श्री नीरज सिंह, सहायक कलेक्टर अरविंथ कुमारन, एडीएम कलेक्टर  शिवकुमार बनर्जी, मौजूद थे। बैठक में कलेक्टर ने गणतंत्र दिवस पर जिले के विकास कार्यों एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे आम नागरिकों को जिले की उपलब्धियों की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा कार्यक्रमों की पूर्व तैयारी समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाए। कलेक्टर ने बताया कि वंदे मातरम अभियान का द्वितीय चरण प्रारंभ है, जिसके अंतर्गत जिले में विभिन्न राष्ट्रभक्ति गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुलिस परेड ग्राउंड में सामूहिक वंदे मातरम गायन किया जाएगा। बैठक में कलेक्टर ने चावल उत्सव का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को समय पर लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने जनदर्शन एवं समय-सीमा के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रकरणों का जल्द निराकरण करें।

‘समृद्धि यात्रा’ में बालू से बनी अपनी तस्वीर देख मुस्कुराए CM नीतीश कुमार

छपरा. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  समृद्धि यात्रा के दौरान बुधवार को छपरा पहुंचे। जहां सदर प्रखंड परिसर में विकास की एक जीवंत झलक देखने को मिली। हेलीकॉप्टर से सुबह 10:56 बजे छपरा हवाई अड्डा पर उतरने के बाद मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से सदर प्रखंड पहुंचे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद थे। पूरे कार्यक्रम के दौरान विकास, रोजगार और महिला सशक्तिकरण की झलक हर कदम पर दिखाई दी। सदर प्रखंड परिसर में पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकासात्मक स्टॉलों का निरीक्षण किया। जीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, ग्रामीण सड़क, सामाजिक सुरक्षा, जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र, सामाजिक सुरक्षा कोषांग सहित कई विभागों ने अपने-अपने कार्यों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया था। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने आम लोगों की ओर हाथ जोड़कर अभिवादन किया, जिससे वातावरण आत्मीय हो उठा। दीदी का सिलाई घर का उद्घाटन, मुंह से निकला-वाह, बहुत सुंदर निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने राधे कृष्ण जीविका महिला संकुल संघ द्वारा संचालित दीदी का सिलाई घर प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र का फीता काटकर उद्घाटन किया। जैसे ही वे प्रशिक्षण केंद्र के भीतर पहुंचे, सुव्यवस्थित व्यवस्था और महिलाओं के कामकाज को देखकर उनके मुंह से सहज ही निकल पड़ा-वाह, बहुत सुंदर! मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया वहां मौजूद जीविका दीदियों के लिए उत्साह और गर्व का क्षण बन गई। भोजपुरी संवाद और महिलाओं का आत्मविश्वास उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रशिक्षण केंद्र में लगे बैनर को पढ़कर मुख्यमंत्री को योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जीविका दीदी पम्मी देवी से कहा, अच्छी तरह से काम कीजिए। वहीं चंपा देवी ने भोजपुरी में मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए कहा, बहुत अच्छा लगता बा, हमनी के रोजगार मिलल बा। यह संवाद केवल शब्द नहीं था, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास और बदली जिंदगी की कहानी कह रहा था। 57 मशीनें, रोजगार की मजबूत नींव इस सिलाई घर सह उत्पादन केंद्र में कुल 57 मशीनें लगाई गई हैं, जिन पर महिलाएं नियमित रूप से काम कर रही हैं। खास बात यह है कि यहां काम करने वाली सभी महिलाओं को हाल ही में मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि भी मिली है। जीविका के संचार प्रबंधक दीपक कुमार ने बताया कि 57 मशीनों में दो स्टिच मशीन और दो बटन लगाने की विशेष मशीनें शामिल हैं। आंगनबाड़ी बच्चों के लिए लाखों पोशाकें तैयार होंगी दीपक कुमार ने जानकारी दी कि जीविका और आईसीडीएस के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। इसके तहत सारण जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए मार्च तक 1 लाख 95 हजार पोशाकें सिलकर तैयार की जाएंगी। कपड़ा मफतलाल कंपनी द्वारा उपलब्ध कराया है और उसी कंपनी के अनुभवी कारीगर जीविका दीदियों को कपड़ा काटने व सिलाई की प्रशिक्षण देंगे। महिलाओं के बच्चों और भोजन की भी व्यवस्था छपरा सदर सिलाई घर की कोऑर्डिनेटर सोनिया ने बताया कि यहां काम करने आने वाली महिलाओं के छोटे बच्चों की देखभाल के लिए पालना घर की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही महिलाओं के भोजन के लिए जीविका दीदी की रसोई भी संचालित की जा रही है, ताकि कार्य के दौरान उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। हर प्रखंड में खुलेंगे दो-दो सिलाई घर जिला कोऑर्डिनेटर अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि जिले के हर प्रखंड में दो-दो सिलाई घर खोले जाएंगे। साथ ही सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए पोशाक सिलाई को लेकर भी एमओयू पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया की जाएगी। बालू से बनी मुख्यमंत्री की आकृति बनी आकर्षण का केंद्र परिसर में सैंड आर्टिस्ट अशोक कुमार द्वारा बालू से बनाई गई मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आकृति भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। मुख्यमंत्री ने आकृति को देखकर सराहना की और स्वयं कलाकार से मुलाकात की। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी मुख्यमंत्री का ध्यान आकृति की ओर आकृष्ट किया, जिसे देखकर मुख्यमंत्री मुस्कुरा उठे। करोड़ों की योजनाओं की सौगात इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले के लिए 450.30 करोड़ रुपये की 45 योजनाओं का शिलान्यास और 86.50 करोड़ रुपये की 24 योजनाओं का उद्घाटन किया। प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने मुख्यमंत्री को प्रगति से समृद्धि तक और सात निश्चय से संबंधित लगाए गए पोस्टरों की जानकारी भी दी। आयुक्त, डीएम व एसएसपी थे मौजूद इस दौरान कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार सहित जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नीतीश के बेटे पर ललन सिंह बोले- ‘राजनीति में आने का फैसला वही करेंगे’

पटना. बिहार की सियासत में इन दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। क्या राजनीति में वे कदम रखेंगे या नहीं, इस सवाल पर अब केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह का स्पष्ट बयान सामने आया है। उन्होंने इन अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए इसे मीडिया द्वारा गढ़ी गई नकारात्मक चर्चा बताया है। ललन सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि निशांत कुमार के राजनीति में आने या न आने का फैसला कोई और नहीं, बल्कि खुद नीतीश कुमार ही करेंगे। उनके अनुसार, नीतीश कुमार पार्टी के सबसे वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता हैं और ऐसे किसी भी विषय पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार उन्हीं के पास है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस मुद्दे पर बेवजह बातें फैलाकर राजनीतिक माहौल को गरमाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से हालिया मुलाकात को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। ललन सिंह ने बताया कि वे पिछले कुछ दिनों से अपने संसदीय क्षेत्र में व्यस्त थे और दिल्ली जाने से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री को फोन कर इसकी सूचना दी थी। इसके बाद नीतीश कुमार स्वयं उनके आवास पर मिलने पहुंच गए। ललन सिंह ने इसे नीतीश कुमार के व्यक्तित्व का उदाहरण बताते हुए कहा कि यही उनकी कार्यशैली और विनम्र स्वभाव है, जो उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाता है। राजनीतिक चर्चा के दौरान ललन सिंह ने भाजपा नेता नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नितिन नवीन को बधाई देते हुए कहा कि वे एक संतुलित सोच रखने वाले और संगठनात्मक अनुभव से भरपूर नेता हैं। उनके नेतृत्व में पार्टी को मजबूती मिलने की बात भी उन्होंने कही और उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद 'आप हमारे बॉस हैं' कहे जाने पर भी ललन सिंह ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी की राजनीतिक परिपक्वता और लोकतांत्रिक सोच को दर्शाता है। उनके अनुसार, किसी भी दल में राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वोच्च होता है और पद चाहे जो भी हो, पार्टी के भीतर सभी कार्यकर्ता ही होते हैं। ललन सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बिहार की राजनीति में नेतृत्व, उत्तराधिकार और भविष्य की रणनीति को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। उनके बयान से यह साफ संकेत मिलता है कि जेडीयू फिलहाल किसी भी तरह की अटकलों को तवज्जो नहीं देना चाहती और सभी फैसलों को शीर्ष नेतृत्व पर छोड़ने की नीति पर कायम है।

भजनलाल कैबिनेट का फैसला- राजस्थान में बनेंगे हवाई जहाज और चिप डिजाइन

जयपुर. राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र से पहले भजनलाल सरकार की हुई कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले लिए गए. कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर और मंत्री जोगाराम पटेल ने मीडिया को संबोधित किया. उन्होंने बताया कि राजस्थान एयरोस्पेस डिफेंस पॉलिसी लागू की जाएगी. हाई स्किल जॉब सृजित होंगे. हवाई जहाज राजस्थान में बनाने की योजना. इंजीनियरिंग के छात्रों को सीधा जॉब मिल सकेगा. डिफेंस के स्टार्टअप शुरू होंगे. लार्ज प्रोजेक्ट, मेगा प्रोजेक्ट, अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट शुरू होंगे. सेमी कंडक्टर पॉलिसी राजस्थान में लागू होगी. चिप डिजाइन यहां होंगे. ‘विशेष समुदाय की जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून’ वहीं मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा- ‘समुदाय विशेष की बढ़ती जनसंख्या का प्रभाव है. कई जगहों से अशांति की खबरें आती है. डेमोग्राफी में बदलाव आ रहा है. सरकार ने इस सबंध में कानून को मजूंरी दी है. इस बिल में सरकार को अधिकार होगा, जनसंख्या असंतुलन की स्थिति में एरिया को अशांत घोषित किया जा सकेगा. अशांत एरिया में संपत्ति ट्रांसफर के अलग कानून होंगे. प्रावधानों के उल्लघंन करने पर सजा का प्रावधान. उन्होंने कहा कि विधानसभा में इस बिल को रखा जाएगा. कई पदों के नाम भी बदले जा रहे हैं. ‘सौर ऊर्जा से बिजली की समस्या हो रही कम’ वहीं मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि प्रदेश में बिजली की समस्या दूर हुई. किसानों को पर्याप्त मात्रा में बिजली मिल रही है. सौर उर्जा के कारण बिजली की अधिकता. कृषि योजनाओं को बढ़ावा. किसानों के लिए सरकार के 12 विभाग शिविर में उपस्थित रहेंगे. बताया जा रहा है कि सीएम भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार आज शाम चार बजे जयपुर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है. बैठक में आगामी विधानसभा बजट सत्र की रूपरेखा तय करने के साथ-साथ सरकार के विधायी एजेंडे पर भी चर्चा होने की बात कही जा रही है. कैबिनेट बैठक के कुछ देर बाद ही मंत्री परिषद की अलग बैठक रखी गई है. बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल सदन में पढ़े जाने वाले अभिभाषण के मसौदे को कैबिनेट की मंजूरी दी जाएगी. इसके साथ ही 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल की ओर से जारी किए जाने वाले विशेष संदेश के ड्राफ्ट पर भी विस्तार से विचार-विमर्श होगा. संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि संभावित बजट 11 फरवरी को आने की संभावना है. भाजपा मुख्यालय में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि 50 से अधिक परिवेदनाओं का निस्तारण किया गया. कार्यकर्ताओं की परिवेदना सुनी जाएगी. ऐसी व्यवस्था किसी दूसरी पार्टी में नहीं है. राजस्थान विकास की और बढ़ रह है. 28 जनवरी से बजट सत्र शुरू होना है. मौजूदा सरकार के पहले के दो बजट आए हैं. आने वाल बजट भी माइल स्टोन होगा. उन्होंने कहा कि विपक्ष भी आए और विकास के मुद्दों पर राय दें. हमारे दो साल की आलोचना और समालोचना करे. उन्होंने सही भाषा का इस्तेमाल नहीं किया तो हम जवाब देने में पीछे नहीं हटेंगे. राजस्थान विधानसभा का उपयोग जनता के हित में करें. अपेक्षा करता हूं कि हमारे इतिहास की गौरवपूर्ण परंपरा का सम्मान करेंगे. हमारा बजट सत्र ऐतिहासिक होगा. विपक्ष से अनुरोध करता हूं कि विधानसभा का उपयोग आम अवाम के हित में करें. संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में सदन में आने वाले विधायी कार्य, गणतंत्र दिवस समेत अन्य कामों पर चर्चा होगी.

छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने दी नई आबकारी नीति को हरी झंडी, नवा रायपुर में NMIMS और स्टार्ट-अप हब की शुरुआत

 रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में आज कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में राज्य की आबकारी नीति, शिक्षा, आईटी स्टार्ट-अप, उद्यमिता और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मंत्रिपरिषद ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ आबकारी नीति के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए इससे संबंधित समस्त अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए विभाग को अधिकृत किया। शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में स्थित लगभग 40 एकड़ भूमि को श्री विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को 90 वर्षों की लीज पर आवंटित करने की स्वीकृति दी। यहां नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना की जाएगी। यह संस्था वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत है और देशभर में 30 शैक्षणिक संस्थान संचालित कर रही है। नवा रायपुर में इस राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना से राज्य में उच्च गुणवत्ता वाली आधुनिक शिक्षा को मजबूती मिलेगी। आईटी और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में चार नवीन उद्यमिता केंद्रों की स्थापना हेतु सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू करने का निर्णय लिया। इसके तहत एआई, मेडटेक, स्मार्ट सिटी और स्मार्ट एग्री जैसे डोमेन में अगले तीन से पांच वर्षों में 133 स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही ईएसडीएम उत्पादों के प्रोटोटाइप विकास के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मंत्रिपरिषद ने राज्य के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की लैब व्यवस्था को मजबूत करने संबंधी आवश्यक निर्णय भी लिए।