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मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को मिले दो सम्मान

रायपुर : वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार में दो सम्मान रायपुर छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को वर्ष 2025–26 के मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार में दो प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं। विभाग को यह सम्मान अपनी दो महत्वपूर्ण और नवाचार आधारित पहल FDS 2.0 (ई-कुबेर डिजिटल पेमेंट सिस्टम) तथा वन्यजीव (हाथी) ट्रैकिंग एवं अलर्ट प्रणाली के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए दिया गया है। FDS 2.0 (eKuber डिजिटल पेमेंट सिस्टम) भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता और तेजी FDS 2.0 एक आधुनिक डिजिटल भुगतान प्रणाली है, जिसके माध्यम से वन विभाग की सभी वित्तीय गतिविधियाँ ई-कुबेर प्लेटफ़ॉर्म से सीधे जुड़ी हैं। इस व्यवस्था से भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो गई है, पारदर्शिता बढ़ी है। मानवीय त्रुटियों की संभावना कम हुई है तथा कार्यों, योजनाओं और कर्मचारियों के भुगतान में गति आई है। इस नवाचार से विभाग के प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ी है और आम नागरिकों से जुड़े भुगतान संबंधी कार्य भी सरल और समयबद्ध हुए हैं। वन्यजीव (हाथी) ट्रैकिंग एवं अलर्ट प्रणाली मानव–हाथी संघर्ष में राहत वन विभाग द्वारा विकसित यह प्रणाली आधुनिक तकनीक पर आधारित है, जिसके माध्यम से हाथियों की गतिविधियों की वास्तविक समय में निगरानी की जाती है। इस पहल के माध्यम से वन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को समय पर अलर्ट भेजा जाता है, ग्रामीणों को संभावित खतरे से पहले ही सूचना मिल जाती है,मानव– हाथी संघर्ष कम हुआ है, वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीण सुरक्षा दोनों को मजबूत सहारा मिला है। यह प्रणाली विभाग के वन्यजीव प्रबंधन को अधिक वैज्ञानिक, सुरक्षित और जनहितकारी बनाती है। नेतृत्व और टीमवर्क का परिणाम इन दोनों उपलब्धियों के पीछे विभागीय नेतृत्व की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। वन मंत्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि के लिए सभी विभागीय अधिकारियों को बधाई दी है। गौरतलब है कि एसीएस श्रीमती ऋचा शर्मा,पीसीसीएफ एवं होएफएफ श्रीनिवास राव, पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ़) अरुण पांडे, तथा अधिकारीगण श्रीमती शालिनी, श्रीमती सतोविषा और वरुण का मार्गदर्शन, नवाचार को प्रोत्साहन और कार्य निष्पादन पर विशेष ध्यान प्रशंसनीय रहा। विभाग की पूरी टीम ने मिलकर इन पहलों को सफलतापूर्वक लागू किया, जिसके परिणामस्वरूप विभाग को दो महत्वपूर्ण सम्मान प्राप्त हुए हैं। सुशासन और नवाचार को नई दिशा मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के ये सम्मान दर्शाते हैं कि वन विभाग पारदर्शी शासन, तकनीक-आधारित समाधान, नागरिक–केंद्रित सेवा तथा प्रभावी वन्यजीव प्रबंधन की दिशा में निरंतर प्रगति कर रहा है। यह उपलब्धि विभाग की उस प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है, जिसके माध्यम से वह राज्य में सुशासन, नवाचार और सार्वजनिक हित को प्राथमिकता देता है।

अकाल तख्त साहिब में पेशी: 15 जनवरी को सीएम भगवंत मान करेंगे हाजिरी

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बयान दिया है कि वह 15 जनवरी को श्री अकाल तख्त साहिब के सामने हाजिर होंगे। श्री अकाल तख्त साहिब ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को औपचारिक समन जारी किया था, जिसमें उन्हें 15 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि वे 15 जनवरी को सुबह 10 बजे हाजिर होने के लिए तैयार हैं। जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब को संबोधित करते हुए भगवंत मान ने लिखा, "15 जनवरी को मेरा कोई और काम नहीं है। मैंने राष्ट्रपति के ऑफिस को भी बता दिया है। आपके आदेश के अनुसार, 15 जनवरी का दिन पूरी तरह से श्री अकाल तख्त साहिब को समर्पित है। समय बदलने के बारे में मेरी या ऑफिस की तरफ से कोई आधिकारिक पत्र या बयान जारी नहीं किया गया है। मैं 15 जनवरी को सुबह 10 बजे हाजिर होने के लिए तैयार हूं।" हालांकि, श्री अकाल तख्त साहिब ने भगवंत मान को 15 जनवरी को शाम 4.30 बजे पेश होने का समय दिया है। एक आधिकारिक पत्र में कहा गया, "5 जनवरी के एक पत्र के तहत आपको 15 जनवरी को सुबह 10 बजे श्री अकाल तख्त साहिब, श्री अमृतसर में अपनी सफाई देने के लिए बुलाया गया था, लेकिन इस बारे में आपके जारी किए गए बयान में आपकी व्यस्तता का जिक्र किया गया है। इसलिए, सिंह साहिब जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब के जारी आदेश के अनुसार, यह लिखा है कि अब आपको अपनी सफाई देने के लिए 15 जनवरी को शाम 04.30 बजे श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचना है।" वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक तथाकथित वीडियो की जांच की मांग कर रही है। भाजपा की पंजाब इकाई के प्रमुख सुनील जाखड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "पंजाब पुलिस, जिसने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी के वीडियो की फॉरेंसिक जांच एक दिन में पूरी कर ली थी, दिल्ली विधानसभा स्पीकर के 48 घंटे में जवाब मांगने के अनुरोध पर जवाब देने के लिए 10 दिन मांग रही है। दूसरी तरफ, हम लगातार मुख्यमंत्री के चेहरे से मिलते-जुलते वीडियो की जांच की मांग कर रहे हैं, उस पर पुलिस चुप क्यों है?" सुनील जाखड़ ने सोमवार को पंजाब के जीडीपी को भी एक पत्र लिखा था। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री का कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार और बेअदबी दिखाने वाला एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस मामले में डीजीपी को पत्र लिखकर तुरंत फॉरेंसिक जांच और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

मुख्यमंत्री ने मशाल प्रज्जवलन के साथ “खेलो एमपी यूथ गेम्स” की घोषणा की

प्रदेश के खिला‍ड़ियों को समग्र सुविधाएँ करायेंगे उपलब्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने मशाल प्रज्जवलन के साथ "खेलो एमपी यूथ गेम्स" की घोषणा की वॉटर प्रोजेक्शन और लेजर-शो के साथ बोट क्लब पर हुई रंगारंग शुरूआत देश में पहली बार खेल विभाग और खेल संघों के संयुक्त समन्वय से होंगे गेम्स शेफाली अल्वारेस एवं दिव्या कुमार की सुमधुर प्रस्तुति ने श्रोताओं का मन मोहा मुख्यमंत्री ने खेलो एमपी यूथ गेम्स के लोगो, जर्सी, थीम सांग और शुभंकर का किया अनावरण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेलो एमपी यूथ गेम्स की भव्य लांचिंग ओलम्पिक खेलों की तरह हुई है। आगाज़ ऐसा हुआ है तो अंजाम भी बहुत सुखद ही होगा। राज्य सरकार खेल, खिलाड़ी और खेल मैदानों के उन्नयन के लिये कार्य कर रही है। खिलाड़ियों को लाखों नहीं, करोड़ों तक की सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के बोट क्लब पर खेलो एमपी यूथ गेम्स का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यहां किसी वैश्विक आयोजन का नजारा दिख रहा है। उन्होंने आयोजक खेल एवं युवा कल्याण मंत्री और उनके विभाग को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल से किया गया कार्य इसी तरह छटा बिखेरता है। समारोह में वॉटर प्रोजेक्शन, लेजर-शो, भव्य आतिशबाजी, शेफाली अल्वारेस एवं दिव्या कुमार की प्रस्तुति के साथ खेलो एमपी यूथ गेम्स की शुरूआत हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह इसलिए भी प्रशंसनीय आयोजन है क्योंकि यहां व्यापक जन भागीदारी दिखाई दे रही है। इससे खिलाड़ी उत्साहित और प्रोत्साहित होंगे। खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने में राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खेलो एमपी यूथ गेम्स के स्लोगन "मध्यप्रदेश की जय-सबकी विजय'' की सराहना की। खेल संघों के संयुक्त समन्वय से आयोजित झीलों की नगरी भोपाल से एमपी के सबसे बड़े खेल महाकुंभ का भव्य शुभारंभ हुआ। शुभारंभ समारोह में भोपाल के तालाबों की भव्यता सजीव रूप में दिखाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सभी खेलों में देश आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश भी इसमें कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि खेलो एमपी यूथ गेम्स में पिट्टू जैसे खेलों को शामिल कर नवाचार किया गया है। साथ ही ग्रामीण अंचल की प्रतिभाओं को निखारने के लिये विकासखण्ड, जिला, संभाग और फिर राज्य स्तर पर प्रतियोगिताएँ आयोजित की गई हैं। इसमें डेढ़ लाख खिलाड़ियों के भाग लेने की उम्मीद है। मेरी सभी खिला‍ड़ियों से आशा है कि जो भी काम करो, दिल से करो, तो परिणाम सुखद ही प्राप्त होगा। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में खिलाड़ियों को बेहतर से बेहतर खेल सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। वहीं हमारे खेल प्रेमी मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में खेलों का लगातार उन्नयन हो रहा है। कार्यक्रम में "खेलो एम. पी यूथ गेम्स" के लोगो, थीम सांग, टीशर्ट और शुभंकर (मैस्कॉट) लाँच किया गया। प्रतियोगिता 31 जनवरी तक होगी। यूथ गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे राज्य टीम चयन में प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य स्तर पर विजेता खिलाड़ियों को लगभग 4 करोड़ रूपये की राशि पुरस्कार स्वरूप दी जाएगी। इसमें प्रथम पुरस्कार 31 हजार रूपये, द्वितीय 21 हजार एवं तृतीय पुरस्कार 11 हजार रूपये रहेगा। चयन प्रक्रिया ब्लॉक स्तर से प्रारंभ होगी। खेलो एमपी यूथ गेम्स-2025 में कुल 28 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी। खेल संघों के साथ बेहतर समन्वय के लिये खेल विभाग द्वारा समन्वय अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। उद्घाटन समारोह में खेल प्रेमियों को बड़ी संख्या में आमंत्रित किया गया। राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधि भी अतिथि के रूप में शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि जिन खेलों की परंपरा एवं लोकप्रियता जिस क्षेत्र में है, उन्हीं क्षेत्रों में संबंधित खेलों का आयोजन करने का निर्णय लिया गया है। महिला दृष्टिबाधित क्रिकेट टीम की सदस्यों दी प्रोत्साहन राशि समारोह के दौरान ब्लाइंड वुमन्स टी20 वर्ल्ड कप 2025 की विश्व विजेता भारतीय महिला दृष्टिबाधित क्रिकेट टीम की मध्यप्रदेश की खिलाड़ी सुनीता सराठे, दुर्गा येवले एवं सुषमा पटेल को प्रोत्साहन स्वरूप 25 लाख रूपए दिए गए। इसमें से 10 लाख रूपए नगद एवं 15 लाख रूपए फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में दिए गए। इसके साथ ही महिला खिलाड़ियों के कोचेस को एक-एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। समारोह के मुख्य आकर्षण में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के चित्रों को वॉटर प्रोजेक्शन के माध्यम से देखकर दर्शक अभिभूत हुए। बड़े तालाब पर कतारबद्ध रोशनी के साथ खड़े शिकारों ने दर्शकों का मन मोहा। लोक कलाकारों के सामूहिक नृत्य से समारोह की शुरूआत हुई। कार्यक्रम में मंत्री कुंवर विजय शाह, राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, डीजी कैलाश मकवाना, हितानंद शर्मा और खेल संचालक राकेश कुमार गुप्ता मौजूद थे। प्रदेश के 313 विकासखंडों की होगी सहभागिता राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर एवं नर्मदापुरम में प्रस्तावित है। ब्लॉक स्तर से चयन प्रक्रिया के अंतर्गत जिला स्तर पर प्रदेश के 313 विकासखंडों की सहभागिता होगी। राज्य स्तर पर प्रदेश के 10 संभाग- भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा, चंबल, नर्मदापुरम एवं शहडोल की टीमें भाग लेंगी। तीन चरणों में 11 खेलों की प्रतियोगिताएँ तीन चरणों (ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर) में 11 खेलों की प्रतियोगिताएँ होंगी। इसमें हॉकी, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, खो-खो, तैराकी, टेबल टेनिस, मल्लखम्ब, कुश्ती, जूडो, शतरंज, वेटलिफ्टिंग शामिल हैं। चार चरणों (ब्लॉक, जिला, संभाग एवं राज्य स्तर) में 10 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी। इसमें फुटबॉल, व्हालीबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन, पिट्टू, बास्केटबॉल, टेनिस, योगासन, रस्साकसी, कबड्डी शामिल हैं। आर्चरी, ताईक्वांडो, क्याकिंग- कैनोईंग, रोईंग, फैंसिंग, शूटिंग, थ्रो बॉल की प्रतियोगिताएँ सीधे राज्य स्तर पर आयोजित की जाएँगी।  

फ्लिपकार्ट हब में बड़ा फर्जीवाड़ा, ₹2.89 लाख की हेराफेरी, तीन कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

अलीगढ़  देश की नामी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के हब से इलेक्ट्रॉनिक सामान की डिलीवरी के नाम पर लाखों रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया है। कंपनी की शिकायत पर उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के थाना रोरावर पुलिस ने तीन कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कंपनी के ईओ राकेश कुमार शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, जुलाई और अगस्त माह के दौरान हब से डिलीवरी के लिए भेजे गए सैमसंग और शाओमी एलईडी टीवी, इन्वर्टर, एसी, इंडक्शन कुकर, प्रेशर कुकर और सूटकेस को कस्टमर उपलब्ध न होने का बहाना बनाकर रिटर्न दर्शाया गया। असली सामान की जगह नकली वस्तुएं रख दी गईं इसके बाद डिब्बों से असली सामान निकालकर उनकी जगह नकली सामान रखकर उन्हें वापस हब में जमा करा दिया गया। जांच में सामने आया है कि तमोली पाड़ा, अलीगढ़ निवासी ईशु और सराय हकीम पोल निवासी यश मोहन वार्ष्णेय ने सुनियोजित तरीके से इस हेराफेरी को अंजाम दिया। एक दिसंबर 2025 को मथुरा माट और हस्तपुर क्षेत्र में एलईडी टीवी की डिलीवरी के दौरान भी इसी तरह की गड़बड़ी की गई, जिसमें श्रीरामपुरम प्रिंस नगर कॉलोनी निवासी राहुल कुमार की भूमिका भी सामने आई है। अब तक कुल 21 शिपमेंट में की हेराफेरी उजागर कंपनी प्रबंधन के अनुसार, अब तक कुल 21 शिपमेंट में इस तरह की हेराफेरी उजागर हो चुकी है, जिससे फ्लिपकार्ट को 2 लाख 89 हजार 265 रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। सभी संदिग्ध शिपमेंट की ट्रैकिंग आईडी और संबंधित दस्तावेज पुलिस को सौंप दिए गए हैं। थाना रोरावर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  

सिवनी ने धान खरीदी में पारदर्शिता में सफलता हासिल की, भोपाल टीम ने किया सत्यापित

लखनादौन  खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के अंतर्गत सिवनी जिले में संचालित धान उपार्जन व्यवस्था अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। धान खरीदी की पारदर्शिता, गुणवत्ता नियंत्रण और सुचारु संचालन का आकलन करने भोपाल से आई विशेष जांच टीम ने जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण किया, जिसमें व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। भोपाल मुख्यालय से आर.बी. एसोसिएट्स ग्लोबल कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड की जांच एवं निरीक्षण टीम ने लखनादौन, धूमा, धनोरा और सिवनी सहित प्रमुख धान उपार्जन केंद्रों का भौतिक निरीक्षण किया। टीम ने समिति प्रबंधकों, वेयरहाउस प्रभारियों और स्व-सहायता समूह प्रतिनिधियों से प्रत्यक्ष संवाद कर जमीनी हकीकत की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि जिले में धान की खरीदी शासन द्वारा निर्धारित FAQ (फेयर एवरेज क्वालिटी) मानकों के अनुरूप की जा रही है। गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया प्रभावी ढंग से लागू है, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए केवल मानक गुणवत्ता का धान ही संग्रहित किया जा रहा है। जांच टीम ने यह भी पुष्टि की कि सर्वेयरों की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से, मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के दिशा-निर्देशों के अनुसार संपन्न की गई है। चयन में योग्यता और दक्षता को प्राथमिकता दी गई, जिससे किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप या सिफारिश की संभावना नहीं रही। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उपार्जन केंद्रों पर सुधारात्मक प्रबंध भी सुनिश्चित किए गए हैं। यदि धान गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता, तो किसानों को लौटना नहीं पड़ता। केंद्रों पर पंखे और छरने (सिव्स) उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि किसान मौके पर ही धान की सफाई कर सकें। इससे उपार्जन प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और विवाद-रहित बनी है। आर.बी. एसोसिएट्स ग्लोबल कनेक्ट प्रा. लि. के फील्ड ऑफिसर रजनीश कुमार कौरव ने कहा ‘धान उपार्जन में पारदर्शिता और गुणवत्ता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सिवनी जिले में व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गई हैं और सभी अधिकारी शासन निर्देशों के अनुरूप कार्य कर रहे हैं।’ 

हर्षा रिछारिया का बड़ा बयान: धर्म का रास्ता छोड़ा, कहा– ‘मैं हर बार अग्निपरीक्षा नहीं दूंगी’

भोपाल  महाकुंभ 2025 से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया ने धर्म के मार्ग से अलग होने का ऐलान कर दिया है। सोमवार को जारी एक भावुक वीडियो में हर्षा ने कहा कि बीते एक साल में उन्हें लगातार विरोध, चरित्र हनन और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उन्होंने अब अपने पुराने प्रोफेशन में लौटने का फैसला लिया है। हर्षा रिछारिया फिलहाल प्रयागराज माघ मेले में हैं और इस बार अपने भाई दीपक के साथ वहां पहुंची हैं। वीडियो में उन्होंने स्पष्ट किया कि मौनी अमावस्या के स्नान के बाद वह धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प समाप्त कर देंगी। हर्षा ने कहा कि उन्होंने न कोई गलत काम किया, न अनैतिक आचरण अपनाया, इसके बावजूद बार-बार उन्हें रोका गया और उनका मनोबल तोड़ा गया। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म को धंधा बनाकर करोड़ों कमाने के आरोप पूरी तरह गलत हैं, बल्कि आज वह खुद कर्ज में डूबी हुई हैं। उन्होंने बताया कि धर्म के रास्ते पर आने से पहले वह एंकरिंग और मॉडलिंग के क्षेत्र में सफल करियर कर रही थीं, देश-विदेश में काम कर रही थीं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर थीं। लेकिन पिछले एक साल में विरोध और विवादों के कारण उनके पास सिर्फ उधारी रह गई। हर्षा रिछारिया ने भावुक होते हुए कहा कि किसी महिला के चरित्र पर सवाल उठाना हमारे समाज में बेहद आसान है। उन्होंने साफ कहा, 'मैं सीता नहीं हूं कि अग्नि परीक्षा दूं।' उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई युवती या बहन उनसे धर्म के रास्ते पर चलने की सलाह मांगेगी, तो वह यही कहेंगी कि अपने परिवार के साथ रहें और घर के मंदिर में पूजा करें, किसी के पीछे अंधे होकर न चलें। गौरतलब है कि हर्षा रिछारिया प्रयागराज महाकुंभ में निरंजनी अखाड़े की पेशवाई के दौरान साध्वी के रूप में नजर आने के बाद सुर्खियों में आई थीं। उनके इस रूप को लेकर संत समाज के एक वर्ग ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया और उन्हें महाकुंभ बीच में ही छोड़ना पड़ा था।

यूपी में बड़े सियासी फेरबदल के संकेत, 70% मंत्रियों की खिसक सकती है कुर्सी, चर्चाओं में ये नाम

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट में बड़े स्तर पर फेरबदल के आसार हैं. माना जा रहा है कि पिछले साल गुजरात में जिस तरह से कैबिनेट में बदलाव हुए और लगभग सारे चेहरे बदल दिए गए. कुछ ऐसा ही यूपी में भी हो सकता है. सूत्रों का दावा है कि 70 फीसदी से अधिक मंत्री बदले जा सकते हैं.  इन बदलावों का असर उन पर हो सकता है जो वर्ष 2017 और फिर साल 2022 की सरकार में भी मंत्री रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक बीते 8-9 सालों से जो मंत्री हैं उनमें से कुछ ही चेहरों को छोड़कर बाकियों पर फेरबदल की गाज गिर सकती है. सूत्रों के मुताबिक भले ही भारतीय जनता पार्टी की यूपी इकाई के अध्यक्ष का जिम्मा कुर्मी समाज से आने वाले पंकज चौधरी को दी है, उसके बाद भी नए विस्तार में कुर्मियों का बोलबाला रह सकता है. कुर्मी समाज से 2-3 नेताओं की एंट्री कैबिनेट में हो सकती है. यूपी कैबिनेट में इन नेताओं की हो सकती है एंट्री सूत्रों के अनुसार रामपुर में भारतीय जनता पार्टी के नेता और विधायक आकाश सक्सेना, अलीगढ़ से कुंवर जयवीर सिंह को नए मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है. इसके साथ ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह, साध्वी निरंजन ज्योति, भूपेंद्र सिंह चौधरी, पूजा पाल, मनोज पांडेय, कृष्णा पासवान, राम रतन कुशवाहा, पद्मसेन चौधरी , अशोक कटारिया के नाम की भी चर्चा है. इसके अलावा दावा किया जा रहा है कि योगी सरकार में पहले मंत्री रह चुके महेंद्र सिंह की दोबारा काबीना में एंट्री हो सकती है. बीते वर्ष बीजेपी संगठन में बदलाव के बाद कैबिनेट में फेरबदल के आसार जताए जा रहे हैं. पंकज चौधरी के अध्यक्ष बनने के बाद कोरग्रुप की बैठक हुई थी. जिसमें संगठन से सरकार तक की किन को क्या जिम्मेदारी देनी है उनकी चर्चा हो चुकी है. इसी चर्चा के बाद पहले पंकज चौधरी दिल्ली आए और हाईकमान से मुलाकात की. इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इन्हीं मुद्दों पर बीजेपी नेतृत्व से चर्चा की. माना जा रहा है कि हाईकमान से चर्चा के बाद यूपी में किसको संगठन से सरकार में लाया जाए और किन्हें सरकार से वापस संगठन में अहम जिम्मेदारी दी जाए, इसका फैसला हो जाएगा. मकर संक्रांति के बाद किसी भी दिन कैबिनेट फेरबदल की संभावना है. योगी सरकार में कुल 54 मंत्री, अभी कौन कौन कैबिनेट में शामिल? कैबिनेट में सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, सुरेश कुमार खन्ना, सूर्य प्रताप शाही, स्वतंत्र देव सिंह, बेबी रानी मौर्य, लक्ष्मी नारायण चौधरी, जयवीर सिंह, धर्मपाल सिंह, नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, अनिल राजभर, राकेश सचान, अरविंद कुमार शर्मा, योगेंद्र उपाध्याय, आशीष पटेल, संजय निषाद, ओम प्रकाश राजभर, दारा सिंह चौहान, सुनील कुमार शर्मा, अनिल कुमार बतौर कैबिनेट मंत्री हैं. वहीं राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की सूची में नितिन अग्रवाल, कपिल देव अग्रवाल, रवीन्द्र जायसवाल, संदीप सिंह, गुलाब देवी, गिरीश चन्द्र यादव, धर्मवीर प्रजापति, आसिम अरुण, जयेंद्र प्रताप सिंह राठौर, दयाशंकर सिंह, नरेन्द्र कुमार कश्यप, दिनेश प्रताप सिंह, अरुण कुमार सक्सेना, डॉ. दयाशंकर मिश्रा “दयालु” शामिल हैं. इसके अलावा राज्य मंत्रियों की लिस्ट में  मयंकेश्वर शरण सिंह,  दिनेश खटीक,  संजीव गोंड,  बालदेव सिंह ओलख,  अजीत पॉल,  जसवंत सिंह सैनी,  रामकेश निषाद,  मनोहर लाल मनु कोरी,  संजय सिंह गंगवार,  ब्रजेश सिंह,  के. पी. मलिक,  सुरेश रही,  सोमेंद्र तोमर,  प्रतिभा शुक्ला,  राकेश राठौर गुरु, राजनी तिवारी,  सतीश चन्द्र शर्मा,  दानिश आज़ाद अंसारी, विजय लक्ष्मी गौतम शामिल हैं.  

शादी के बाद भी राहत: विवाहित बेटियों को ससुराल में मिलेगा फ्री राशन, राशन कार्ड से नाम नहीं कटेगा

लखनऊ  विवाहित बेटियों को अब शादी के बाद ससुराल में ही मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जाएगा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाला राशन अब उनके ससुराल की कोटा दुकान से मिलेगा। पूर्ति विभाग शादी के बाद बेटियों के हिस्से का राशन ससुराल के राशन कार्ड (Ration Card) में जोड़ देगा, जिससे मायके के राशन कार्ड से नाम कटवाने और ससुराल में जुड़वाने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। लंबी प्रक्रिया से मिलेगी राहत अब तक विवाह के बाद बेटियों का नाम मायके के राशन कार्ड से कटवाकर ससुराल के राशन कार्ड में जोड़ने में काफी समय लगता था। यह प्रक्रिया 45 से 90 दिन तक खिंच जाती थी और तकनीकी समस्याएं भी सामने आती थीं। कई मामलों में नाम डुप्लीकेसी में चले जाने से लाभार्थियों को राशन से वंचित रहना पड़ता था। तकनीकी दिक्कतें होंगी खत्म पहले राशन कार्ड से नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया के दौरान लाभार्थियों का डाटा नेशनल डाटा सेंटर और स्टेट डाटा सेंटर में भेजा जाता था। राउटर के माध्यम से तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने में लंबा समय लगता था। अब पूर्ति विभाग ने इसे सरल बनाते हुए दोनों राशन कार्ड प्रस्तुत करने पर तुरंत नाम स्थानांतरित करने की व्यवस्था लागू की है। गरीब परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ इस नई व्यवस्था से गरीब परिवारों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। विवाह के बाद बेटियों को राशन मिलने में अब कोई बाधा नहीं आएगी। पूर्ति विभाग यह सुविधा केवल विवाहिता महिलाओं को दे रहा है, ताकि उन्हें राशन पाने के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। ब्लॉकों में तेजी से हो रहा नामांतरण पूर्ति विभाग अब तक दो सौ नाम दूसरे ब्लॉक में स्थानांतरित कर चुका है, जबकि तीन सौ नाम निचलौल ब्लॉक में जोड़े जा चुके हैं। यह प्रक्रिया लगातार जारी है, जिससे अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को इसका फायदा मिल सके। जमीनी स्तर पर उदाहरण निचलौल ब्लॉक के लोड़िया की रहने वाली अन्नू का नाम सिसवा मीरगंज में जोड़ा गया है। वहीं हुस्नबानों का भारत खंड पकड़ी में, सोनम मौर्य का खेरहवा जंगल नौतनवा ब्लॉक से निचलौल के ग्राम टिकुलहिया में और गुलशन मोहनापुर का नाम जयश्री में जोड़ा गया है। इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि विवाहिता महिलाओं को राशन से वंचित न रहने देने के लिए विभाग सक्रिय है। पूर्ति निरीक्षक कार्यालय में होगी प्रक्रिया बेटियों की शादी के बाद मायके और ससुराल दोनों के राशन कार्ड पूर्ति निरीक्षक कार्यालय में प्रस्तुत करने होंगे। इसके बाद विवाहिता का नाम तुरंत ससुराल के राशन कार्ड में जोड़ दिया जाएगा, जिससे उन्हें बिना रुकावट राशन मिल सकेगा।     खाद्य एवं रसद विभाग ने विवाहिता का राशन कार्ड काटने तथा जोड़ने में आती समस्या को देखते हुए ऑनलाइन स्थानांतरण की सुविधा दी है। यह प्रक्रिया काफी आसान है। दोनों पक्ष के राशन कार्ड को लेकर पूर्ति निरीक्षक कार्यालय पर आने के बाद नाम को जोड़ दिया जाता है। इससे विवाहिता को राशन का लाभ तुरंत मिले।     -इंद्रभान सिंह, पूर्ति निरीक्षक अधिकारी निचलौल  

MP में कुत्तों और मवेशियों का ‘आतंक’ खत्म होगा, स्कूल और अस्पतालों के बाहर बनाई जाएगी ‘किलानुमा’ दीवार

भोपाल  मध्यप्रदेश की गलियों और मुख्य सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रहे आवारा कुत्तों और बेसहारा मवेशियों के खिलाफ मोहन सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा 'डेथ वारंट' जारी कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार और जनता के बढ़ते आक्रोश के बीच नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने एक ऐसी एसओपी (SOP) तैयार की है, जो शहरों की तस्वीर बदल देगी। अब आवारा जानवरों का खुलेआम घूमना बीते दिनों की बात होगी। खूनी आंकड़ों ने हिलाया प्रशासन: 6 महीने, 14 हजार शिकार प्रदेश के छह बड़े शहरों—भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और रतलाम को पूरी तरह 'रैबीज मुक्त' करने का महाभियान शुरू हो रहा है। यह फैसला बेवजह नहीं है; साल 2025 के शुरुआती छह महीनों में ही इन शहरों में 13,947 निर्दोष लोग खूंखार कुत्तों का शिकार बन चुके हैं। किलानुमा बाउंड्रीवाल से सुरक्षित होंगे सार्वजनिक स्थल नई एसओपी के तहत अब स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील इलाकों के चारों ओर ऊंची बाउंड्रीवाल खड़ी की जाएगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इन 'सेफ जोन' में एक भी कुत्ता या मवेशी नजर नहीं आना चाहिए। स्थानीय निकायों को आदेश दिए गए हैं कि वे उन 'हॉटस्पॉट्स' को तुरंत चिह्नित करें जहां कुत्तों का आतंक सबसे ज्यादा है। बनेगा आश्रय, मवेशियों पर भी होगा कड़ा पहरा सड़कों पर यमराज की तरह घूमने वाले बेसहारा मवेशियों को अब गौशालाओं और शेल्टर होम्स का रास्ता दिखाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य साफ है: आम आदमी की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा और बेसहारा जानवरों को भी व्यवस्थित ठिकाना मिलेगा।  

AIIMS रिसर्च: योग अपनाने से घटता है मानसिक तनाव, स्टडी में हुआ खुलासा

भोपाल  ब्रेस्ट कैंसर के ऑपरेशन के बाद महिला मरीजों में मानसिक तनाव, चिंता और दर्द सामान्य रूप से देखने को मिलता है। एम्स भोपाल के हालिया अध्ययन में सामने आया है कि नियमित योग अभ्यास से मरीजों का मानसिक संतुलन बेहतर होता है और दर्द के प्रति सहनशीलता बढ़ती है। इससे मरीजों की रिकवरी में तेजी आती है और उनकी जीवन गुणवत्ता बेहतर होती है। बढ़ता है आत्मविश्वास भोपाल और इसके आसपास के जिलों कई महिलाएं अपने पहले वाली जीवन में लौट गई है। अध्ययन में शामिल मरीजों ने ऑपरेशन के बाद तनाव और भय में स्पष्ट कमी देखी। विशेषज्ञों का कहना है कि योग मानसिक स्थिरता बढ़ाकर मरीजों को भावनात्मक रूप से मजबूत बनाता है। तनाव और चिंता में कमी से रोगियों का आत्मविश्वास भी बढ़ता है।  एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि दर्द निवारक दवा बुप्रेनॉर्फिन के साथ योग करने से मरीज लगभग दो गुना तेजी से ओपिओइड वापसी से उबरते हैं। योग तनाव को कम करता है, नींद सुधारता है और दर्द को घटाता है। योग करने से औसत रिकवरी समय पांच दिन था, जबकि सिर्फ दवा लेने वाले का नौ दिन था। भविष्य में संभावनाएं अध्ययन के परिणाम बताते हैं कि ब्रेस्ट कैंसर के मरीजों में योग को नियमित अभ्यास के रूप में शामिल किया जा सकता है। इससे मानसिक तनाव घटेगा, दर्द में कमी आएगी और दवाओं पर निर्भरता कम होगी। सुरक्षित और प्रभावी उपाय एम्स भोपाल की योग विशेषज्ञ डॉ. मुद्दा सोफिया बताते हैं कि योग एक सुरक्षित और किफायती उपाय है। यह मन और शरीर, दोनों को मजबूत बनाता है। एक हजार से अधिक महिलाओं पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि ब्रेस्ट सर्जरी के बाद जो महिलाएं मानसिक तनाव में थी वे नियमित योग करने बाद मानसिक तनाव से मुक्त हो गई।