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रांची में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के संकेत, पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया

रांची  रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले की साजिश और उसके क्रियान्वयन से जुड़े मामले में गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हमले के पीछे दुबई में बैठा एक नेटवर्क सक्रिय था, जिसने लोहरदगा निवासी अमन अंसारी को आरएसएस कार्यालय को निशाना बनाने का टास्क दिया था। पुलिस की कार्रवाई में पैर में गोली लगी इस मामले में गिरफ्तार अमन अंसारी, सैफ अंसारी और अयान खान से पूछताछ जारी है। इसी दौरान कोतवाली थाना से फरार हुए सैफ अंसारी को मांडर में पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार कर लिया। भागने के दौरान पुलिस की कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपितों को पूछताछ के लिए कोतवाली थाना में रखा गया था। इसी दौरान सैफ अंसारी ने शौचालय जाने की अनुमति मांगी। वह बाथरूम गया, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं निकला। संदेह होने पर पुलिसकर्मियों ने बाथरूम का दरवाजा तोड़ा तो पता चला कि वह वेंटिलेटर के रास्ते फरार हो चुका है। इसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और उसकी तलाश शुरू कर दी गई। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने सैफ की गतिविधियों पर नजर रखी। जांच के दौरान सूचना मिली कि वह बस से मांडर की ओर जा रहा है। इसके बाद पुलिस की एक टीम ने मांडर टोल प्लाजा के पास बस को रुकवाया और सैफ को हिरासत में ले लिया। दुबई में बैठकर भट्टी देता है टास्क,मंगवाता है वीडियो पूछताछ और तकनीकी जांच में पुलिस को इस मामले में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन के संकेत मिले हैं। जांच में सामने आया है कि दुबई में रहने वाला शाहबाज आलम उर्फ भट्टी आरएसएस कार्यालय पर हमले की साजिश का मुख्य सूत्रधार है। पुलिस के अनुसार, भट्टी और राना हुसैन दुबई में रहकर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई तथा टीटीएच नामक आतंकी संगठन के लिए काम करते हैं। इन्हीं लोगों ने अमन अंसारी को आरएसएस कार्यालय को निशाना बनाने का टास्क दिया था। पुलिस का कहना है कि इस काम के बदले अमन को मोटी रकम मिलने वाली थी। अमन ने पूछताछ में बताया कि घटना के दिन जब वह आरएसएस कार्यालय परिसर की ओर पेट्रोल बम फेंक रहा था, तब उसका साथी सैफ अंसारी पूरी घटना का वीडियो बना रहा था। हमले के बाद वीडियो रिकॉर्डिंग दुबई में बैठे शाहबाज आलम उर्फ भट्टी को भेजी गई थी। दुबई में एसी तकनीशयन का काम करता था अमन वहीं पर भट्टी से हुई थी मुलाकात जांच में यह भी जानकारी मिली है कि अमन अंसारी के बैंक खाते में कई बार विदेश से पैसे भेजे गए थे। पुलिस इन लेनदेन की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अमन की मुलाकात भट्टी से उस समय हुई थी जब वह दुबई में एसी तकनीशियन के रूप में काम करता था। जनवरी में उसका वीजा समाप्त हो गया था, जिसके बाद उसे भारत लौटना पड़ा। हालांकि भारत लौटने के बाद भी वह लगातार भट्टी के संपर्क में बना रहा। भट्टी के नेटवर्क को तलाश रही है पुलिस अब पुलिस का फोकस झारखंड में सक्रिय उन लोगों की पहचान करने पर है, जो कथित रूप से भट्टी के संपर्क में हैं या उसके लिए काम कर रहे हैं। इसके लिए विभिन्न जिलों में जांच का दायरा बढ़ाया गया है और केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी समन्वय किया जा रहा है। आरएसएस कार्यालय पर हमले की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। पुलिस ने संवेदनशील स्थलों पर निगरानी बढ़ाई है और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। घटना के बाद पुलिस ने शहर के विभिन्न हिस्सों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे। जांच के दौरान अमन और सैफ को रांची रेलवे स्टेशन की ओर जाते हुए देखा गया था। इसी आधार पर पुलिस उनकी तलाश में जुटी और दोनों को कोडरमा से गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में उन्हें सड़क मार्ग से रांची लाया गया फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

Working Women Hostel Project: मोहाली में 350 महिलाओं के रहने की सुविधा, आज होगा परियोजना का शुभारंभ

मोहाली  पंजाब सरकार की ओर से अब चंडीगढ़ की तर्ज पर मोहाली में भी वर्किंग वुमेन हॉस्टल बनाया जाएगा। यह अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। करीब 15 साल से इसकी मांग की जा रही थी। इसका नींव पत्थर सेक्टर-66 में आज कैबिनेट मंत्री बलजीत कौर रखेंगी।  अब तीन प्वाइंटों में जानिए हॉस्टल कितना जरूरी     मोहाली में कई कंपनियां व यूनिवर्सिटी: मोहाली में विकास काफी तेज गति से हुआ है। पढ़ाई और रोजगार के लिए पंजाब समेत अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में महिलाएं मोहाली आती हैं। इलाके में कई नामी कंपनियां चल रही है, जहां पर महिलाएं काम करती है। ऐसे में काफी समय से यह मांग चल रही थी कि यहां पर वर्किंग वुमन हास्टल बनाया जाए।     सुरक्षा को लेकर चिंता: शहर में नए एरिया भी बसे हैं। प्राइवेट पीजी और हॉस्टलों में रहने वाली महिलाओं के साथ लूटपाट, धोखाधड़ी और सुरक्षा संबंधी घटनाओं के मामले सामने आते रहे हैं। इतना ही नहीं पीजीआई में हत्या तक हुई। ऐसे में लोगों को सुरक्षा का हर समय डर रहता है।     महंगे किराए से राहत: प्राइवेट पीजी और कमरों का किराया अधिक होने के कारण कई कामकाजी और छात्राएं परेशानी झेलती हैं। सरकारी हॉस्टल उन्हें सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराएगा। प्राइवेट पीजी में किराया बहुत है। महिलाओं को उचित सुविधाएं भी नहीं मिल पाती है। इस प्रोजेक्ट को पहले मिली मंजूरी मोहाली के सबसे बड़े महिला हॉस्टल प्रोजेक्ट पर ₹73.85 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसमें 350 महिलाओं के रहने की व्यवस्था होगी। सेक्टर-79 हॉस्टल के प्रोजेक्ट पर ₹12.57 करोड़ खर्च होंगे। फंडिंग में 60% राशि केंद्र सरकार के निर्भया फंड से और 40% (करीब ₹5.03 करोड़) पंजाब सरकार देगी।

सिकल सेल स्क्रीनिंग में मध्यप्रदेश अव्वल, राष्ट्रपति ने प्रदर्शनी का किया अवलोकन; CM ने गिनाईं उपलब्धियां

ओंकारेश्वर ओंकारेश्वर में विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंची। सिकल सेल से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। 1.25 करोड़ लोगों के स्क्रीनिंग की लक्ष्य समय से पहले पूरा हुआ।  राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने कहा आज सिकल सेल दिवस पर लोगों के स्वास्थय के बारे में जागरुक करना है। सिकल सेल एनिमिया में मध्यप्रदेश सरकार ने बहुआयामी उपलब्धि हासिल किया है। इसके लिए मैं राज्य सरकार की सराहना करती हूं। ये संतोष की बात है कि 2023 में राष्ट्र मिशन में उन्होंने जो लक्ष्य देश के सामने रखे थे। उसमें स्क्रीनिंग का लक्ष्य समय से पहले पूरा हुआ है। जितना मुझे अवगत कराया गया है उसमें सवा करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग पूरी हो गई है। लोगों को कॉउंसलिंग कार्ड भी दिया गया इनमें ज्यादातर को लोगों को जेनेटिक कॉउंसलिंग कार्ड भी दिया गया है। सिकल सेल से जुड़े चुनौती को भारत सरकार ने बहुत ही गंभीरता से लिया है। पिछले कुछ वर्षों से समग्र रुप से जो प्रयास किए है, वो अत्यंत सराहनीय है। लगभग तीन वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्यप्रदेश के शहडोल से एनिमिया सिकल सेल मिशन को लॉंच किया था। इस पहल के पीछे न केवल सरकार का दृढ़ संकल्प था। बल्कि इस चुनौती से जुड़े हर आयाम का समुचित निष्कर्ष देने का दूरदर्शी सोच भी थी। मुझे बताया गया कि केंद्रीय स्वास्थय मंत्रालय और केंद्रीय जनजातीय मंत्रालय के संयुक्त मॉडल के रुप में देश में पहली बार ऐसा मिशन पूरा किया गया। केवल स्वास्थय से जुड़ी समस्याओं के रुप में नहीं देखा जाता है। इसे जनजातीय स्वास्थय का मुद्दा, अनुवांशिका से जुड़े जागरुकता और प्रीवेंटिव हेल्थ कैयर की चुनौती से सामाजिक आचरण में बदलाव के रुप में भी देखा गया है। मुझे बताया गया है कि इस मिशन की पृष्टभूमि में स्तरों पर किए गए वैज्ञानिक और सामाजिक अध्ययन रहे हैं। आईसीएमआर, ट्राइबल हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट, AIIMS, NAHM, WHO और विभिन्न राज्यों सरकारों ने इस विषय पर विभिन्न आयामों पर काम किया है। मैं यह जानकार खुश हूं, आज मैं कुछ स्टॉल को देख रही थी। केवल एलोपेथ नहीं, आयुर्वेद भी इसमें रिसर्च करके निकाले है। 2027 तक लक्षित लोगों की स्क्रीनिंग करना लक्ष्य आज विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर ओंकारेश्वर में माननीय राष्ट्रपति महोदया की उपस्थिति में जनजागरूकता का यह महत्वपूर्ण आयोजन हो रहा है। हमें प्रसन्नता है कि मध्य प्रदेश ने सिकल सेल स्क्रीनिंग के क्षेत्र में कम समय में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। हमारा लक्ष्य वर्ष 2027 से पहले सभी लक्षित लोगों की स्क्रीनिंग पूरी करना है, ताकि इसके बाद उपचार और प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा सके। सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित जनजातीय समाज सदैव इस अभियान को याद रखेगा। सरकार इस बीमारी के उन्मूलन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सीएम बोले- 2027 तक 1.60 करोड़ स्क्रीनिंग का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ओंकार महाराज और मां नर्मदा की पावन भूमि पर आज विश्व सिकल सेल दिवस कार्यक्रम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नेतृत्व में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और राज्यपाल मंगूभाई पटेल शासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे, तभी इस अभियान की नींव रखी गई थी। वर्ष 2023 में शहडोल से सिकल सेल उन्मूलन अभियान 2.0 की शुरुआत हुई। पिछले तीन वर्षों में मध्य प्रदेश में 1 करोड़ 32 लाख लोगों की सिकल सेल जांच (स्क्रीनिंग) की जा चुकी है। वर्ष 2027 से पहले 1 करोड़ 60 लाख स्क्रीनिंग का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल मंगूभाई पटेल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने इस अभियान की लगातार निगरानी की और हर दो महीने में समीक्षा बैठक लेकर इसे सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इलाज प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई कार्यक्रम में सिकल सेल मरीजों, नियमित रक्तदाताओं और समाज में जागरूकता फैलाने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. आनंद ओनकर ने बताया कि खालवा, छैगांव माखन, पुनासा और पंधाना विकासखंडों से ऐसे सरपंचों का चयन किया गया है, जिन्होंने अपने गांवों में सिकल सेल स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आयोजन स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी के माध्यम से सिकल सेल एनीमिया की पहचान, स्क्रीनिंग और इलाज प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें मरीजों को उपलब्ध सरकारी सुविधाओं और बीमारी से बचाव के तरीकों पर भी प्रकाश डाला जाएगा। विशेषज्ञ चिकित्सक स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श भी प्रदान की गई। डॉक्टर बोले-सिकल सेल एनीमिया आनुवंशिक बीमारी डॉक्टर ओनकर ने बताया कि सिकल सेल एनीमिया एक आनुवंशिक बीमारी है, जिसकी पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ोतरी को विवाह पूर्व जांच से रोका जा सकता है। विवाह से पहले युवक-युवती दोनों की जांच कर उन्हें संभावित जोखिमों की जानकारी दी जाती है। जांच रिपोर्ट और सिकल सेल कार्ड के आधार पर संतान में बीमारी की संभावना बताई जाती है, जिसके बाद नवयुगल स्वयं निर्णय लेते हैं। कलेक्टर ऋषभ गुप्ता के निर्देशन में खंडवा जिले में बड़े पैमाने पर सिकल सेल स्क्रीनिंग अभियान चलाया गया है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जनजागरूकता, समय पर जांच और उचित परामर्श से इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। विश्व सिकल सेल दिवस का यह आयोजन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के नेतृत्व में योग दिवस के उपलक्ष्य में अधिकारी हुए शामिल

 जयपुर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के उपलक्ष्य में राजस्थान विधानसभा परिसर स्थित कर्तव्य द्वार पर शुक्रवार प्रातः 6 बजे सामूहिक योग कार्यक्रम योगोत्‍सव का आयोजन किया गया। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विधायकगण, विधानसभा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।  इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। योग स्वस्थ शरीर, संतुलित मन एवं सकारात्मक जीवन दृष्टि प्रदान करता है। शारीरिक समन्वय, मानसिक एकाग्रता और आत्मविश्वास को बढ़ाता है। देवनानी ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग तनावमुक्त जीवन, रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि तथा स्वस्थ समाज के निर्माण का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया।   सामूहिक योगाभ्यास की शुरुआत देवनानी ने दीप प्रज्‍ज्‍वलन के साथ किया। कार्यक्रम में विधायक गोपाल शर्मा, गोपीचन्‍द मीणा, हरि सिंह रावत, शंकर सिंह रावत, ताराचन्‍द जैन, श्रीमती गीता बरवड और श्रीमती शोभा रानी कुशवाहा मौजूद थे। वैदिक मंगलाचरण एवं प्रार्थना के साथ सूक्ष्म व्यायाम जैसी शिथिलीकरण क्रियाएं कराई गई। योगाचार्य सत्‍यपाल सिंह और योगाचार्य मेघसिंह ने सामान्‍य योग प्रोटोकाल के अनुरूप योगासन, प्राणायम, ध्‍यान और शांतिपाठ कराया। ताड़ासन, वृक्षासन, अर्धचक्रासन, पादहस्तासन एवं त्रिकोणासन का अभ्यास खडे होकर कराया गया। भद्रासन, वज्रासन, उष्‍ट्रासन, शशकासन, उन्‍तानमंडूकासन, वक्रासन और अर्ध-उष्ट्रासन का अभ्यास बैठकर कराया गया। उदर के बल लेट कर मकरासन, भुजंगासन, शलभासन, वहीं पीठ के बल लेट कर किए जाने वाले आसनों में सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, अर्ध-हलासन, पवनमुक्तासन एवं शवासन का अभ्यास कराया गया। योगाभ्यास के दौरान प्रतिभागियों ने प्राणायाम एवं ध्यान की विभिन्न विधियों का भी अभ्यास किया, जिससे शारीरिक स्फूर्ति, मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन का अनुभव प्राप्त हुआ।  कार्यक्रम का समापन देवनानी ने सामूहिक संकल्प के साथ किया। देवनानी ने विश्व कल्याण, मानव एकता और स्वस्थ जीवन की कामना के साथ योग ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को सशक्त बनाते हुए सम्पूर्ण मानवता को स्वस्थ, सद्भाव और संतुलित जीवन को दिशा प्रदान करने का संकल्‍प कराया। योग कार्यक्रम में प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा, विशिष्‍ट सहायक के.के. शर्मा सहित विधानसभा सचिवालय के अधिकारीगण, कर्मचारीगण एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।  

राज्यपाल डेका से सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ की स्टैंडिंग काउंसिल सुजैन ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल डेका से सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ की स्टैंडिंग काउंसिल सुजैन ने की सौजन्य भेंट रायपुर  राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ शासन की स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में कार्यरत युवा अधिवक्ता सुसुगंधा जैन ने सौजन्य भेंट की।             सुसुगंधा जैन एनसीईआरटी अंतर्गत राष्ट्रीय शैक्षिक योजना और प्रशासन संस्थान में बाहरी पॉश प्रशिक्षक के रूप में भी कार्यरत है तथा वे वर्ष 2025 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में भारत की ओर से जज की भूमिका निभाने वाली पहली भारतीय बनी थी। राज्यपाल ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी। भेंट के दौरान उनकी माता श्रीमती इंदिरा जैन भी उपस्थित थी।

बिरसा मुंडा एयरपोर्ट होगा और सुरक्षित, आपात स्थितियों के लिए तैयार होगा अलग ऑपरेशन जोन

रांची  बिरसा मुंडा एयरपोर्ट को देश के अत्याधुनिक और सुरक्षित हवाई अड्डों की श्रेणी में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। एयरपोर्ट परिसर में विशेष आईसोलेशन वे के निर्माण की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है। रनवे-तीन क्षेत्र में इसके लिए जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। 20 एकड़ क्षेत्र इस परियोजना के लिए विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित आईसोलेशन वे की लंबाई करीब 350 मीटर और चौड़ाई 30 मीटर होगी। विमानों की आवाजाही के लिए 20 मीटर चौड़ा मार्ग बनाया जाएगा, जबकि दोनों ओर 3.5-3.5 मीटर चौड़ा शोल्डर होगा, जहां लाइटिंग और अन्य सुरक्षा उपकरण लगाए जाएंगे। रांची एयरपोर्ट में यह सुविधा शुरू होने के बाद झारखंड को भी देश के उन चुनिंदा एयरपोर्ट्स में स्थान मिलेगा, जहां किसी भी सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए अलग ऑपरेशन जोन उपलब्ध होगा। आपात स्थिति में होगा उपयोग हाल के दिनों में विमान में बम रखने, एयरपोर्ट को उड़ाने और हाईजैक जैसी धमकियों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए रांची एयरपोर्ट को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। ऐसे में करीब 15 से 20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह आइसोलेशन वे सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। आईसोलेशन वे ऐसी विशेष सुविधा है, जहां किसी संदिग्ध या आपात स्थिति वाले विमान को सामान्य परिचालन क्षेत्र से अलग ले जाकर खड़ा किया जाता है। विमान में बम की सूचना, हाईजैक की आशंका, संक्रमण फैलने का खतरा अथवा किसी संवेदनशील उड़ान की सुरक्षा जैसे मामलों में इसका उपयोग किया जाता है। इससे यात्रियों, अन्य विमानों और एयरपोर्ट संचालन पर खतरे का असर नहीं पड़ता। परियोजना का डिजाइन स्वीकृत हो चुका है और प्लानिंग अंतिम चरण में है। जमीन उपलब्ध होते ही निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। आपात स्थिति में विमान को सीधे आईसोलेशन वे में भेजकर सुरक्षा एजेंसियां विशेष अभियान चला सकेंगी, जिससे एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। विनोद कुमार, निदेशक एयरपोर्ट  

छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से की शिष्टाचार भेंट

मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री ने दी बधाई, योग के प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता के कार्यों के लिए शुभकामनाएं रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने संजय अग्रवाल को छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं गौरवशाली परंपरा का अभिन्न अंग है, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने प्रदेश में योग को जन-जन तक पहुंचाने तथा युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को योग से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। मुलाकात के दौरान योग के संवर्धन तथा प्रदेश में योग संबंधी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष अग्रवाल के नेतृत्व में प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार, जनजागरूकता तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।

रेलवे का बड़ा कदम: 30 करोड़ की लागत से टाटीसिलवे, सिल्ली समेत 7 स्टेशनों पर बनेगा आधुनिक फुट ओवरब्रिज

रांची  रांची मंडल द्वारा सात रेलवे स्टेशनों पर नए फुट ओवरब्रिज के निर्माण का कार्य शुरू किया जा रहा है। जिन स्टेशनों पर नए फुट ओवरब्रिज बनाए जाएंगे, उनमें टाटीसिलवे, तुलिन, टांगरबसली, सिल्ली, नामकुम, झालिदा और रामगढ़ कैंट स्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा ओरगा और गोविंदपुर रेलवे स्टेशनों पर पहले से मौजूद फुट ओवरब्रिज का विस्तार किया जाएगा ताकि यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने में अधिक सुविधा मिल सके। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और व्यवस्थित आवागमन उपलब्ध कराना है। वर्तमान में कई छोटे स्टेशनों पर यात्री प्लेटफार्म बदलने के लिए सीधे रेलवे ट्रैक पार करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। नए फुट ओवरब्रिज बनने के बाद यात्रियों को पटरियां पार करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। साथ ही, प्लेटफार्मों पर भीड़ प्रबंधन में भी सुधार आएगा। ट्रेन आने और जाने के दौरान यात्रियों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होगी तथा बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष राहत मिलेगी। रेलवे का मानना है कि इन सुविधाओं से दैनिक यात्रियों और लंबी दूरी के यात्रियों दोनों को सीधा लाभ मिलेगा। 30 करोड़ की लागत से होगा निर्माण रेलवे मंडल के अनुसार इस पूरी परियोजना पर लगभग 30 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सभी निर्माण एवं विस्तार कार्यों को वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्यों में आधुनिक डिजाइन, मजबूत संरचना और बेहतर यात्री सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा। रांची मंडल में रेलवे ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अन्य परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है। रांची से ओरगा के बीच रेलवे लाइन दोहरीकरण का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस रेलखंड के विभिन्न स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का और विस्तार किया जाएगा। इसमें बेहतर प्रतीक्षालय, प्रकाश व्यवस्था, प्लेटफॉर्म विकास, पेयजल और यात्री सूचना प्रणाली जैसी सुविधाएं भी शामिल होंगी।

योगी सरकार की सामूहिक विवाह योजना बनी OBC परिवारों का सहारा, हजारों घरों को मिली राहत

योगी सरकार में ओबीसी परिवारों के लिए संबल बनी सामूहिक विवाह योजना अन्य पिछड़ा वर्ग के 1.80 लाख से अधिक जोड़ों को मिला मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का सहारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में 26,286 ओबीसी जोड़े हुए लाभान्वित, समाज कल्याण विभाग निभा रहा अहम भूमिका लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ किसी भेदभाव के बिना समाज के सभी वर्गों तक पहुंच रहा है। योगी सरकार की प्राथमिकता है कि पात्रता के आधार पर प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। इसी सोच का परिणाम है कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के गरीब परिवारों के लिए सहारा बनी है। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के परिवारों की बात करें तो योगी सरकार के नौ वर्षों में 1,80,017 जोड़ों का विवाह इस योजना के माध्यम से संपन्न कराया गया है। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में 26,286 ओबीसी जोड़े योजना से लाभान्वित हुए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार की योजनाएं समाज के हर वर्ग तक समान रूप से पहुंच रही हैं और पात्र लोगों को उनका अधिकार मिल रहा है।  पात्रता के आधार पर मिल रहा योजनाओं का लाभ योगी सरकार ने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां किसी वर्ग विशेष के बजाय सभी पात्र परिवारों को लाभ दिया जा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के सम्मानजनक विवाह के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना लाखों परिवारों के जीवन में खुशियां लेकर आई है। समाज कल्याण विभाग निभा रहा सक्रिय भूमिका समाज कल्याण विभाग योजना के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विभाग की ओर से लाभार्थियों का सत्यापन कर सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जाते हैं। विवाह की संपूर्ण व्यवस्था प्रशासनिक स्तर पर सुनिश्चित की जाती है। समारोह में खान-पान, पंडाल, सजावट सहित अन्य व्यवस्थाएं की जाती हैं, ताकि लाभार्थी परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। आर्थिक सहायता से मिल रहा सामाजिक संबल मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत प्रत्येक जोड़े को एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। इसमें 60 हजार रुपये वधू के बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित किए जाते हैं, 25 हजार रुपये के उपहार एवं गृहस्थी के सामान दिए जाते हैं, जबकि 15 हजार रुपये विवाह आयोजन पर खर्च किए जाते हैं। इससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होता है और बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न हो पाता है। योगी सरकार में पात्र परिवारों को मिल रहा योजनाओं का लाभ समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में समाज के प्रत्येक पात्र परिवार तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बीते 9 वर्षों में अन्य पिछड़ा वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिली है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में 4,957 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ, जो 2018-19 में बढ़कर 13,866 और 2019-20 में 15,417 तक पहुंच गया। वर्ष 2020-21 में 6,901, 2021-22 में 15,256, 2022-23 में 31,903, 2023-24 में 33,913 तथा 2024-25 में 31,518 जोड़ों का विवाह कराया गया। वहीं, वर्ष 2025-26 में 26,286 जोड़े इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में आर्थिक संबल के साथ सामाजिक समरसता और सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा को मजबूत करते हुए कुल 5,54,202 जोड़ों की शादियां हुई हैं।

यात्रियों के लिए बड़ी सौगात: छपरा-दिल्ली और मऊ-दिल्ली एक्सप्रेस सेवा का शुभारंभ, मेमू ट्रेन का भी विस्तार

 छपरा  पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में 19 जून का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी छपरा जंक्शन पर आयोजित विशेष समारोह में नई रेल सेवाओं का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर छपरा-दिल्ली आनंद विहार टर्मिनस साप्ताहिक एक्सप्रेस, मऊ-दिल्ली आनंद विहार टर्मिनस एक्सप्रेस तथा दोहरीघाट-औंड़िहार मेमू ट्रेन सेवा के वाराणसी सिटी तक विस्तारित मार्ग का उद्घाटन किया जाएगा। समारोह में सारण के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी, महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, एमएलसी वीरेन्द्र नारायण यादव, आफाक अहमद, सच्चिदानंद राय तथा विधायक छोटी कुमारी उपस्थित रहेंगी। वहीं मऊ जंक्शन पर आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास, शहरी समग्र विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन, ऊर्जा मंत्री अरविन्द कुमार शर्मा तथा घोसी के सांसद राजीव राय शामिल होंगे। मऊ-दिल्ली एक्सप्रेस और मेमू सेवा विस्तार की भी सौगात रेलवे अधिकारियों के अनुसार 12527 छपरा-आनंद विहार टर्मिनस साप्ताहिक एक्सप्रेस प्रत्येक रविवार को रात 8:50 बजे छपरा से रवाना होकर अगले दिन दोपहर 2 बजे आनंद विहार पहुंचेगी। वापसी में 12528 आनंद विहार-छपरा एक्सप्रेस प्रत्येक सोमवार को शाम 4:25 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 9:40 बजे छपरा पहुंचेगी। यह ट्रेन बलिया, मऊ, आजमगढ़, शाहगंज, जौनपुर, सुल्तानपुर, लखनऊ, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद स्टेशनों पर ठहरेगी। इसी प्रकार 14055 मऊ-आनंद विहार टर्मिनस एक्सप्रेस प्रत्येक गुरुवार को मऊ से चलेगी, जबकि 14056 आनंद विहार-मऊ एक्सप्रेस प्रत्येक बुधवार को संचालित होगी। साथ ही दोहरीघाट-औंड़िहार मेमू सेवा का विस्तार वाराणसी सिटी तक कर दिया गया है। मढ़ौरा लोको प्लांट से गिनी के लिए रवाना होगा 51वां रेल इंजन  कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री और मुख्यमंत्री मढ़ौरा लोकोमोटिव प्लांट में आयोजित समारोह में गिनी गणराज्य को निर्यात किए जाने वाले 51वें डब्ल्यूडीजी4जी रेल इंजन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। छपरा में आयोजित कार्यक्रम में पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर, मंडल रेल प्रबंधक वाराणसी सहित कई वरिष्ठ रेल अधिकारी मौजूद रहेंगे, जबकि मऊ में अपर महाप्रबंधक विनोद कुमार शुक्ल कार्यक्रम की अगुवाई करेंगे। रेलवे का मानना है कि नई रेल सेवाओं के संचालन से छात्रों, किसानों, व्यापारियों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।