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बिहार में ठंड के बीच अवैध बालू कारोबार के खिलाफ धीमा हुआ छापामारी अभियान

पटना. बिहार की राजधानी पटना में 15 दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड के कारण बालू के अवैध कारोबारियों के खिलाफ चल रहे अभियान की रफ्तार सुस्त हुई है। इसके कारण जिले में अवैध बालू का कारोबार दोबारा रफ्तार पकड़ चुका है। गंगा-सोन नदी के बालू माफिया सक्रिय हो गए हैं। राजधानी की सड़कों पर बालू लादे ट्रैक्टर दोबारा फर्राटा भरते दिखने लगे हैं। हालांकि, कड़ाके की ठंड के कारण घरेलू निर्माण कार्य नहीं होने से बालू की मांग कम हुई है। व्यापारियों के अनुसार, प्रति ट्रैक्टर ट्राली हजार रुपये तक कीमत कम हुई है। इसे देखते हुए बहुत से लोग इसे अभी से खरीद कर भंडारित कर रहे हैं। अवैध बालू माफिया द्वारा कुचलने से एक सैप जवान की मृत्यु के बाद डीएम के निर्देश पर दिसंबर माह में इनके खिलाफ सघन अभियान शुरू हुआ था। सघन कार्रवाई के बावजूद भी अवैध खनन, परिवहन व भंडारण का खेल जारी था। चारो दिन छापेमारी दल ने मनेर से तीन नाव सफेद बालू जब्त कर सात लोगों को गिरफ्तार कर 34 लाख जुर्माना वसूला था। दीघा में 28 ट्रैक्टर ट्राली पकड़ कर 32 लाख जुर्माना, बेउर मोड़ से नौ ट्रैक्टर ट्राली जब्त कर 10.50 लाख आर्थिक दंड लगाया गया था। बिक्रम के रानी तालाब समेत कई अन्य जगह भी कार्रवाई हुई थी। डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने कहा था कि अवैध बालू खनन, परिवहन व भंडारण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बालू माफिया पर नकेल कसने के लिए ड्रोन, हाईटेक बोट व मजबूत सूचना तंत्र का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया था। साथ ही संगठित गिरोहों पर अपराध नियंत्रण अधिनियम (सीसीए) के तहत भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कड़ाके की ठंड का असर बालू की कीमतों पर भी देखा जा रहा है। एजेंसियों के बड़े निर्माण को छोड़ दें तो घर निर्माण आदि का कार्य बंद हो चुका है। निर्माण कंपनियां बड़ी एजेंसियों से खरीदारी करती हैं। ऐसे में अवैध कारोबारियों को ग्राहक कम मिल रहे हैं। इसे देखते हुए उन्होंने प्रति ट्रैक्टर ट्राली का मूल्य एक हजार तक कम कर दिया है। वहीं, कई दुकानदार भी बाद में मूल्य बढ़ने से फायदा देखते हुए बालू भंडारित कर रहे हैं। प्रशासन, इन व्यापारियों के भंडारण स्थलों की भी जानकारी जुटा रहा है। नियमित कार्रवाई की जा रही रोहतास जिले में बालू के अवैध खनन, परिवहन व भंडारण की रोकथाम के लिए नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है। जिले में कहीं भी संगठित रूप से बालू का अवैध खनन नहीं किया जा रहा है। चोरी-छिपे लोग बालू निकाल कर अवैध कारोबार करने वालों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। – कार्तिक कुमार, जिला खनन पदाधिकारी

केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर सक्रिय हुए तोखन साहू, वित्त मंत्री से मिलकर रखी छत्तीसगढ़ की बड़ी मांगें

रायपुर आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 की तैयारियों के बीच केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री एवं बिलासपुर लोकसभा सांसद तोखन साहू ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ के समग्र आर्थिक विकास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के प्रस्ताव सौंपे और इन्हें बजट में शामिल करने का आग्रह किया। मुलाकात के दौरान सांसद तोखन साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, ऊर्जा और औद्योगिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है, लेकिन इन संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए मजबूत परिवहन और बुनियादी ढांचे की जरूरत है। इसी क्रम में उन्होंने जिन तीन परियोजनाओं को “गेम-चेंजर” बताया, उन पर विस्तार से चर्चा की गई। कटघोरा–डोंगरगढ़ रेल लाइन को 100 प्रतिशत केंद्रीय सहायता की मांग तोखन साहू ने वित्त मंत्री से कटघोरा–डोंगरगढ़ रेल लाइन परियोजना को 100 प्रतिशत केंद्र पोषित किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह रेल लाइन ऊर्जा सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से कोरबा कोयला क्षेत्र से पश्चिमी भारत तक कोयला और अन्य खनिजों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश की औद्योगिक जरूरतों के लिए भी एक “लाइफलाइन” करार दिया। बिलासपुर में रेल वैगन निर्माण कारखाने का प्रस्ताव सांसद साहू ने बिलासपुर में रेल वैगन निर्माण कारखाने की स्थापना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) का मुख्यालय बिलासपुर में स्थित है और पास ही भिलाई इस्पात संयंत्र मौजूद है, जिससे कच्चे माल की उपलब्धता आसान होगी। इस परियोजना से रेलवे को लागत में लाभ मिलेगा और साथ ही छत्तीसगढ़ के हजारों युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। बिलासपुर हवाई अड्डे के विस्तार और आधुनिकीकरण की मांग मुलाकात में बिलासपुर हवाई अड्डे के विस्तार और आधुनिकीकरण का मुद्दा भी उठाया गया। तोखन साहू ने कहा कि बिलासपुर राज्य का प्रमुख औद्योगिक और प्रशासनिक केंद्र है, ऐसे में यहां बड़े विमानों के संचालन की आवश्यकता है। उन्होंने एयरबस A320 और बोइंग 737 जैसे विमानों के संचालन के लिए रनवे विस्तार और आधुनिक सुविधाओं के विकास हेतु विशेष बजटीय प्रावधान की मांग की। ‘गति शक्ति’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन से जोड़ा प्रस्ताव तोखन साहू ने कहा कि ये तीनों परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘गति शक्ति’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन के अनुरूप हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इन योजनाओं के लागू होने से छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और देश की जीडीपी में भी उल्लेखनीय योगदान होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सांसद द्वारा रखे गए प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख दिखाया और छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़ी योजनाओं पर हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों के संतुलित और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

बिहार के डिप्टी सीएम की चेतावनी- बीमारी के हिसाब से ‘डोज’ देकर बाद में चलेगा बुलडोजर

भागलपुर/पटना. शहर पहुंचे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने रविवार को स्थानीय होटल में नागरिक अभिनंदन समारोह के दौरान अतिक्रमणकारियों को सख्त संदेश दिया। उन्होंने साफ-साफ कहा कि पहले बीमारी के हिसाब से 'डोज' देंगे, बात नहीं बनी तो पहले डोजर फिर बुलडोजर चलाया जाएगा। जनता के साथ नियम विरुद्ध कार्य करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मैं गरीबों की झोपड़ी उजाड़ने का पक्षधर नहीं हूं, लेकिन सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को बख्सूंगा भी नहीं। फर्जी आवेदन व कागजात लगाकर जमीन को विवादित करने वालों पर केस दर्ज होगा। इसमें सात साल तक की सजा का भी प्रविधान है। मार्च तक दाखिल-खारिज, परिमार्जन और नापी व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी। उसके बाद भूमि विवाद फैलाने वाले चिह्नित किए जाएंगे। नागरिक अभिनंदन के दौरान उन्होंने सामने बैठकर शहर की समस्याओं को सुना। इस मौके पर मेयर डॉ. बसुंधरा लाल ने भागलपुर के दक्षिणी क्षेत्र के विकास, हथिया नाला से अतिक्रमण हटाने, नियमित सफाई और उसके व्यवस्थित करने की मांग रखी। नागरिक विकास समिति के अध्यक्ष रमन कर्ण ने भागलपुर सहित राज्य के सभी महापौरों को दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे महानगरों के मेयरों की तर्ज पर अधिक प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार देने की मांग की। अशोक जीवराजिका ने नगर निकायों में वर्षों से एक ही स्थान पर जमे स्थानीय कर्मचारियों के तबादले की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि इससे कार्यों में पारदर्शिता आएगी। इस मौके पर एमएलसी एनके यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष साह, भारत विकास परिषद के अध्यक्ष डॉ. रतन संथालिया, नर सेवा नारायण सेवा के अध्यक्ष दिनेश मंडल, दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष अभय घोष सोनू, विषहरी पूजा समिति के प्रतिनिध सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। न्यायालय का निर्णय होगा सर्वमान्य आईआरसीटीसी घोटाले पर सोमवार को आने वाले फैसले को लेकर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायालय जो भी निर्णय देगा, वह सर्वमान्य होगा और सभी को उसे स्वीकार करना चाहिए।

उज्जैन: महाकाल मंदिर के समीप अवैध होटल पर नगर निगम का कड़ा प्रहार, 3 मंजिला होटल को जमींदोज किया गया

उज्जैन  महाकाल मंदिर मार्ग पर सोमवार सुबह नगर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए तीन मंजिला अवैध होटल पर बुलडोजर चला दिया। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। नगर निगम की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में पोकलेन मशीन की मदद से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, यह अवैध निर्माण भवन क्रमांक 97/7 ए पर किया जा रहा था, जहां नूरजहां पति गुलाम मोहम्मद द्वारा बिना अनुमति के जी प्लस 3 मंजिला होटल का निर्माण कराया जा रहा था। यह क्षेत्र नगर निगम के जोन क्रमांक 3 के अंतर्गत आता है। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित पक्ष को पहले भी कई बार नोटिस जारी कर बिना अनुमति निर्माण कार्य न करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य लगातार जारी रखा गया। निगम अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माणकर्ता ने न्यायालय का रुख जरूर किया था, लेकिन उन्हें किसी प्रकार का निर्माण अनुमति प्राप्त नहीं हुई थी। नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध निर्माण जारी रहने पर नगर निगम ने नियमानुसार कठोर कदम उठाया। भवन अधिकारी दीपक शर्मा ने बताया, "इन्हें बार-बार सूचित किया गया था कि बिना अनुमति निर्माण न करें. ये जवाब देने के बजाय कोर्ट चले गए, लेकिन वहां से कोई स्टे नहीं मिला. नियमों की अवहेलना और अवैध निर्माण जारी रखने के कारण आज फाइनल नोटिस के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई." महाकाल मंदिर मार्ग संवेदनशील और महत्वपूर्ण धार्मिक क्षेत्र होने के कारण यहां अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन पहले से ही सख्त है। नगर निगम का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर बिना किसी दबाव के कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। नगर निगम की इस बड़ी कार्रवाई को शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ 

यासीन मछली का अस्पताल में भर्ती होने का मामला: जेल अधीक्षक बोले- गंभीर बीमारी नहीं, कोर्ट को किया गुमराह

​भोपाल भोपाल की नसों में ड्रग्स का जहर घोलने वाला कुख्यात तस्कर यासीन मछली इन दिनों सलाखों के पीछे रहने के बजाय अस्पताल के बेड पर है। यूरिन इन्फेक्शन की शिकायत लेकर हमीदिया अस्पताल पहुंचे यासीन को लेकर अब जेल प्रबंधन ने बड़ा खुलासा किया है। जेल अधीक्षक का कहना है कि आरोपी को कोई गंभीर बीमारी नहीं है और उसकी हालत पूरी तरह स्थिर है। मेडिकल रिपोर्ट आते ही उसे वापस जेल की काल कोठरी में शिफ्ट करने की अर्जी अदालत में लगाई जाएगी। हालांकि, जेल प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यासीन को कोई गंभीर बीमारी नहीं है। इस बात की लिखित जानकारी न्यायालय को दी जा चुकी है। मेडिकल बोर्ड से उसकी बीमारी की डिटेल रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन यह रिपोर्ट भी अब तक जेल प्रशासन को सौंपी नहीं गई है। जेल सुप्रीटेंडेंट राकेश भांगरे के मुताबिक यासीन को जेल में रहते यूरिन में साधारण इंफेक्शन की शिकायत थी। जिसका जेल में ही उपचार करा दिया गया और उसे आराम भी मिला। हालांकि उसके परिजनों की ओर से न्यायालय में आवेदन देकर इलाज बाहर किसी अस्पताल में कराने की मांग गई। तब कोर्ट उसे उसकी बीमारी संबंधी जानकारी पत्राचार के माध्यम से मांगी गई। कोर्ट को उसकी बीमारी से जुड़ी पूरी जानकारी दी। जिसमें साफ किया गया कि यासीन को कोई गंभीर बीमारी नहीं है। 24 दिसंबर को एक बार फिर कोर्ट से लेटर प्राप्त हुआ, जिसमें आदेश दिया गया कि तत्काल यासीन को हमीदिया अस्पताल चेकअप के लिए भेजा जाए। उसे हमीदिया भेजते ही वहां भर्ती कर लिया गया। हमारी ओर से मेडिकल बोर्ड से पत्राचार के माध्यम से जानकारी मांगी चाही गई कि यासीन की गंभीर बीमारी से मेडिकल रिपोर्ट सहित अवगत कराया लेकिन आज तक मेडिकल बोर्ड से इसका जवाब नहीं मिला है। रेव पार्टियां और ब्लैकमेलिंग का मास्टरमाइंड यासीन का नेटवर्क शहर के रसूखदार मछली कारोबारी शारिक मछली से जुड़ा है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ था कि यासीन केवल ड्रग्स नहीं बेचता था, बल्कि वह फार्महाउसों और क्लबों में हाई-प्रोफाइल पार्टियां आयोजित कर युवतियों को नशे का आदी बनाता था। उस पर नशा देकर दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के भी संगीन मामले दर्ज हैं। ​कोर्ट के आदेश पर मिला अस्पताल का सुख क्राइम ब्रांच द्वारा जुलाई में एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किए गए यासीन ने अपनी बीमारी को ढाल बनाकर अदालत में गुहार लगाई थी। जेल अस्पताल से बाहर निकलकर बेहतर इलाज के नाम पर वह पिछले सात दिनों से हमीदिया अस्पताल में भर्ती है। हालांकि, जेल अधीक्षक राकेश भांगरे ने स्पष्ट किया कि मेडिकल बोर्ड की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद कोर्ट को लिखित में स्थिति साफ कर दी जाएगी कि उसे अस्पताल में रखने की जरूरत नहीं है। ऐसे कुख्यात यासीन तक पहुंची थी क्राइम ब्रांच दरअसल, 18 जुलाई को भोपाल पुलिस ने सैफुद्दीन और शाहरुख नाम के दो ड्रग पैडलर को पकड़ा था। वे शहर के विभिन्न क्लबों और पार्टियों में एमडी (मेथामफेटामिन) पाउडर की सप्लाई करते थे। उनसे हुई पूछताछ के बाद पता चला था कि आरोपी पार्टी, क्लब और जिम के माध्यम से युवाओं को फिटनेस और पार्टी कल्चर के नाम पर ड्रग्स का आदी बनाते थे। लड़कियों को पहले मुफ्त में नशा करवा कर उनका शोषण किया जाता था ताकि वे क्लब पार्टियों का आकर्षण केंद्र बन सकें। इनसे 15 ग्राम एमडी पुलिस ने जब्त किया था। 18 जुलाई को गिरफ्तार इन आरोपियों ने पुलिस के सामने जब चाचा-भतीजे के कारनामों का खुलासा किया तो पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में प्लानिंग कर इन दोनों ड्रग पैडलर यासीन और शाहवर को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान यासीन ने भागने की कोशिश की और अपनी स्कॉर्पियो से दो कारों को टक्कर मारी। पुलिस ने इन्हें जेल में पेश कर 5 दिन के रिमांड पर लिया था। पुलिस को इनके पास जो गाड़ी मिली उस पर विधानसभा का पास और प्रेस भी लिखा हुआ था। जेल में यासीन बंदी नंबर 2318 भोपाल के हाई प्रोफाइल ड्रग तस्कर डीजे यासीन अहमद उर्फ मछली को जेल में विचाराधीन बंदी नंबर 2318 के रूप में जाना जाता है। वह अपने बैरक में कम ही बंदियों से बातचीत करता है और गुमसुम रहता है।

भोपाल मेट्रो में यात्रियों की कमी, शेड्यूल में बदलाव—अब ट्रेन चलेगी दोपहर से शाम तक

भोपाल  राजधानी भोपाल में जल्दबाजी में शुरू की गई मेट्रो सेवा अब सवालों के घेरे में है. एक ओर मेट्रो स्टेशनों और रूट को लेकर खामियां सामने आईं, तो दूसरी ओर आधे-अधूरे कॉरिडोर पर चलाई जा रही मेट्रो अब सवारी की कमी से जूझ रही है. हालत यह है कि संचालन के महज 15 दिन में ही भोपाल मेट्रो की रफ्तार थमने लगी है और संचालन समय व ट्रिप में कटौती करनी पड़ रही है. 21 दिसंबर से आम यात्रियों के लिए शुरु हुआ था संचालन भोपाल मेट्रो को 20 दिसंबर 2025 को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरी झंडी दिखाकर किया था. जबकि इसके अगले दिन 21 दिसंबर से आम जनता के लिए मेट्रो के गेट खोल दिए गए. शुरुआती एक-दो दिन लोगों में उत्सुकता दिखी और करीब 5 से 6 हजार यात्रियों ने मेट्रो में सफर किया. लेकिन यह उत्साह ज्यादा दिन टिक नहीं सका. दिन गुजरने के साथ यात्रियों की संख्या लगातार घटती चली गई. अब सुबह 9 बजे से नहीं होगा संचालन वर्तमान में स्थिति यह हो गई कि अब रोजाना केवल 500 से 800 यात्री ही मेट्रो का इस्तेमाल कर रहे हैं. कई बार पूरी की पूरी ट्रेन बिना यात्रियों के ही स्टेशन से गुजरती नजर आ रही है. यात्रियों की इस भारी कमी ने मेट्रो कॉर्पोरेशन की चिंता बढ़ा दी है. इसी के चलते भोपाल मेट्रो कॉर्पोरेशन ने संचालन शेड्यूल में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है. अब सुबह 9 बजे की जगह दोपहर 12 बजे से मेट्रो का संचालन होगा. अब दोपहर से शाम तक 13 ट्रिप चलेगी टाइम टेबल में बदलाव के साथ भोपाल मेट्रो में ट्रिप की संख्या भी 17 से घटाकर 13 कर दी गई है. नया शेड्यूल 5 जनवरी यानि आज से प्रभावी रहेगा. नए शेड्यूल के अनुसार, मेट्रो दोपहर 12 बजे से शाम साढ़े 7 बजे तक ही चलेगी. पहली ट्रेन दोपहर 12 बजे एम्स स्टेशन से रवाना होकर 12 बजकर 25 मिनट पर सुभाष नगर स्टेशन पहुंचेगी. इसके बाद 12 बजकर 40 मिनट पर सुभाष नगर से रवाना होकर 1 बजकर 5 मिनट पर एम्स पहुंचेगी. इस तरह मेट्रो लगभग 75 मिनट के अंतराल में अपनी राउंड ट्रिप पूरी करेगी. इस तरह घटता गया यात्रियों का ग्राफ यात्रियों के आंकड़े भी मेट्रो की गिरती साख को बयां कर रहे हैं. 21 दिसंबर से 2 जनवरी तक कुल 29 हजार यात्रियों ने भोपाल मेट्रो में सफर किया. पहले दिन 6 हजार 568 यात्रियों ने मेट्रो का इस्तेमाल किया. 22 दिसंबर को 2 हजार 896 यात्रियों. 23 को 2 हजार 163 यात्रियों, 24 को 1 हजार 787 यात्रियों, 25 को 4 हजार 264 यात्रियों, 26 को 1 हजार 473 यात्रियों, 27 को 1200 यात्रियों, 28 को 2 हजार 349 यात्रियों, 29 को 1100 यात्रियों, 30 को 967 यात्रियों, 31 को 1 हजार 113 यात्रियों, एक जनवरी को 2 हजार 23 और दो जनवरी को सिर्फ 1 हजार 65 यात्रियों ने ही सफर किया. सवारियों को आकर्षित करना बड़ी चुनौती आर्किटेक्ट और टाउन प्लानर सुयश कुलश्रेष्ठ का कहना है कि, ''भोपाल में मेट्रो जिस मार्ग पर चल रही है, वहां मेट्रो के अलावा बस व अन्य साधन भी मौजूद हैं. इसके साथ ही भोपाल मेट्रो में एम्स से सुभाष नगर तक करीब 7 किलोमीटर पहुंचने में 35 से 40 मिनट लग रहे हैं. जबकि इसी मार्ग पर महज 10 से 15 मिनट में किसी अन्य परिवहन से पहुंचा जा सकता है.'' कुलश्रेष्ठ ने कहा कि, ''इतने कम समय में शेड्यूल बदलने और ट्रिप घटाने को लेकर सोशल मीडिया पर भी मेट्रो को लेकर तंज कसे जा रहे हैं. फिलहाल भोपाल मेट्रो के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोगों को आकर्षित करना और नियमित सवारी बढ़ाना है.'' शाम को 30 मिनट बढ़ाया गया मेट्रो का समय भोपाल मेट्रो के समय में बदलाव क्यों किया गया है, इसको लेकर कोई भी अधिकारी बयान देने से बच रहे हैं. मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कार्पेारेशन के एमडी कृष्णा चैतन्य का कहना है कि, ''सुबह ठंड के कारण लोग कम निकलना पसंद कर रहे हैं. जिससे सुबह के समय लोगों की संख्या कम रहती है. लेकिन दोपहर के बाद सवारियों की भीड़ बढ़ती है. इसलिए पहले मेट्रो का संचालन शाम 7.25 बजे तक किया जा रहा था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 7.55 बजे तक किया गया है.''

बिहार के गणतंत्र दिवस समारोह में बालिकाएं बैंड बजाकर करेंगी कराटे का प्रदर्शन

पटना. शिक्षा विभाग ने गांधी मैदान, पटना में आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह (26 जनवरी) की तैयारी शुरू कर दी है। इस बार गणतंत्र दिवस समारोह का थीम ' उन्नत बिहार- उज्ज्वल भविष्य ' रखा गया है। इसी थीम पर झांकियां निकाली जाएंगी। शिक्षा विभाग ने गणतंत्र दिवस समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में चलाई जा रही योजनाओं को शामिल करेगा। स्कूलों में बालिकाओं की बैंड टीम तैयार की गई है। बालिकाओं की बैंड टीम गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होंगी, जो बैंड बजाते हुए शिक्षा विभाग की झांकी के साथ आगे बढ़ेंगी। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की लड़कियों को रानी लक्ष्मी बाई योजना के तहत कराटे में प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाया गया है। ये लड़कियां भी शिक्षा विभाग के झांकी के साथ कराटे का प्रदर्शन करेंगी। झांकी में दिखेगी शिक्षा विभाग की योजनाएं गणतंत्र दिवस समारोह में शिक्षा विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को पोस्टर और बैनर के माध्यम से प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। जिसमें प्रारंभिक स्कूलों में बच्चों को दी जा रही मध्याह्न भोजन योजना, साइकिल व पोशाक योजना, छात्रवृत्ति योजना, आइसीटी लैब, कंप्यूटर पर पढ़ते बच्चे, टैब के माध्यम से उपस्थित दर्ज करते शिक्षक, शिक्षक नियुक्ति, सुरक्षित शनिवार, कक्षा में पढ़ते बच्चे, प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षक, कक्षा नौ से 12 वीं के विद्यार्थियों को दी जा रही प्रतियोगी तैयारी व माक टेस्ट, पाठ्यपुस्तक आदि को शामिल किया गया है।

मुकुंदपुर टाइगर सफारी प्रबंधन पर उठे सवाल, मादा तेंदुआ की मौत से मचा हड़कंप

व्हाइट टाइगर सफारी में जश्न, जू सेंटर में सवाल: दो दिन बाद सामने आई तेंदुआ की मौत मुकुंदपुर टाइगर सफारी प्रबंधन पर उठे सवाल, मादा तेंदुआ की मौत से मचा हड़कंप  उम्र पूरी होने का दावा, लेकिन निगरानी पर सवाल: मुकुंदपुर जू सेंटर में तेंदुआ की मौत सतना  नए साल के आगमन पर जहां मार्तंड सिंह व्हाइट टाइगर सफारी एवं जू सेंटर में पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिली और करीब 18 हजार सैलानी विभिन्न प्रजातियों के वन्य जीवों का दीदार करने पहुंचे, वहीं दूसरी ओर जू सेंटर से जुड़ी एक गंभीर और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जू सेंटर में एक मादा तेंदुआ की मौत रहस्यमय परिस्थितियों में हो गई, जिसकी जानकारी प्रबंधन को दो दिन बाद लग पाई। इस घटना के सामने आने के बाद जू प्रबंधन की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जू प्रबंधन से जुड़े सूत्रों के अनुसार मादा तेंदुआ की मौत करीब दो दिन पहले ही हो चुकी थी, लेकिन इसकी भनक प्रबंधन को सोमवार को लगी। हैरानी की बात यह है कि जू सेंटर में प्रत्येक जीव और प्राणी की नियमित निगरानी का दावा करने वाला प्रबंधन दो दिनों तक इस घटना से अनजान रहा। यह लापरवाही अपने आप में कई सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब जू सेंटर में बड़ी संख्या में पर्यटक मौजूद थे और सुरक्षा एवं देखरेख के पुख्ता इंतजाम होने का दावा किया जाता रहा है। पहले इंकार अब कर रहे स्वीकार एसडीओ  इस पूरे मामले में उप वन मंडल अधिकारी रामेश्वर टेकाम को भी घटना की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी, जो व्यवस्थागत चूक की ओर इशारा करती है। जू सेंटर के अधिकारियों का कहना है कि मृत मादा तेंदुआ की उम्र करीब 20 वर्ष थी, जो तेंदुए की औसत आयु के आसपास मानी जाती है। जानकारी के अनुसार तेंदुआ ने 2 जनवरी की तड़के करीब 3 बजकर 48 मिनट में अंतिम सांस ली। मुकुंदपुर में तैनात पशु चिकित्सक डॉ नितिन गुप्ता का कहना है कि मादा तेंदुआ ने अपनी प्राकृतिक आयु लगभग पूरी कर ली थी और मौत सामान्य प्रतीत होती है। पन्ना से आई थी मादा पन्ना नाम से ही जानते थे सब बताया गया कि मादा तेंदुआ को वर्ष 2020 में पन्ना से मुकुंदपुर लाया गया था और तब से वह जू सेंटर का हिस्सा थी। हालांकि मौत को सामान्य बताया जा रहा है, लेकिन जिस तरह से प्रबंधन को दो दिन तक इसकी जानकारी नहीं लग सकी और अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, उसने जू सेंटर की निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। हालांकि मामला आने के बाद प्रबंधन ने आधिकारिक प्रेस नोट जारी कर दिया गया। दबाएं रहा मामला  बहुप्रतीक्षित और प्रतिष्ठित मुकुंदपुर टाइगर सफारी, जो प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में अपनी पहचान बना चुका है, वहां इस तरह की लापरवाही सामने आना चिंताजनक है। वन्य जीव संरक्षण और उनकी देखरेख के दावों के बीच यह घटना व्यवस्थाओं की पोल खोलती नजर आ रही है। इसी मामले जू प्रबंधन को मामला दबाकर रखना।

मनरेगा का नाम बदलने के खिलाफ पंजाब में AAP का जोरदार प्रदर्शन

अमृतसर. मनरेगा का नाम बदलने के खिलाफ और इसे कमजोर किए जाने का आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी ने शनिवार को पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के सरहिंद में केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. इस विरोध प्रदर्शन में हजारों मनरेगा मजदूरों ने हिस्सा लिया. प्रदर्शन का नेतृत्व फतेहगढ़ साहिब से आम आदमी पार्टी के विधायक लखबीर सिंह राय ने किया. प्रदर्शन में शामिल हुए मनरेगा मजदूर प्रदर्शन में दलित, गरीब और मजदूर वर्ग से जुड़े बड़ी संख्या में मनरेगा कामगार शामिल हुए. लखबीर सिंह राय और आम आदमी पार्टी पंजाब की एससी विंग के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह जीपी सहित पार्टी के कई कार्यकर्ता भी मौजूद रहे. सभी ने एक सुर में कहा कि जब तक मजदूर विरोधी वीबी जी राम जी कानून वापस नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. सभा को संबोधित करते हुए विधायक लखबीर सिंह राय ने कहा कि मोदी सरकार मनरेगा का नाम बदलकर वीबी जी राम जी करने के जरिए राजनीति कर रही है और इस योजना को कमजोर करने की कोशिश कर रही है. 'पूरे पंजाब में आंदोलन करेगी AAP' गुरप्रीत सिंह जीपी ने कहा कि पिछले 12 साल में मोदी सरकार ने पंजाब को कमजोर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने युवाओं, महिलाओं और उद्योगों से किए गए वादे पूरे नहीं किए और पंजाब के फंड रोककर विकास में बाधाएं पैदा कीं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मनरेगा मजदूरों का उत्पीड़न बंद नहीं किया गया, तो आम आदमी पार्टी पूरे पंजाब में बड़ा और तेज आंदोलन शुरू करेगी.

खेलते समय प्रेशर IED पर रखा पैर, ग्रामीण इलाके में मासूम गंभीर घायल

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर में एक ग्रामीण बालक नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए IED की चपेट में आ गया. हादसे में बालक गंभीर रूप से घायल हो गया. उसके पैरों में गंभीर चोट आई है. घटना के बाद उसे 222 बटालियन केरिपु कैंप कोरचोली में प्राथिमक उपचार दिया गया और फिर बेहतर इलाज के लिए बीजापुर अस्पताल रवाना किया गया है. जानकारी के मुताबिक, ग्राम कोरचोली नदीपारा निवासी- राम पोटाम, पिता स्व. लच्छु पोटाम, उम्र 15 वर्ष, सुबह-सुबह लेंड्रा–कोरचोली जंगल क्षेत्र की तरफ घूमने गया था. इसी दौरान माओवादियों द्वारा लगाए गए प्रेशर IED की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया. बता दें, सुरक्षा बलों के जवान लगातार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सघन सर्चिंग कर माओवादियों द्वारा प्लांट किए गए IED को ढूंढकर निष्क्रिय करने में लगे हुए हैं. ताकि किसी भी ग्रामीण या सुरक्षा बलों को नुकसान न पहुंचे. लेकिन नक्सलियों ने भारी संख्या में जगह-जगह पर IED प्लांट किए हुए हैं, जिसकी चपेट में आकर कई ग्रामीण और जवान घायल हो चुके हैं.