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2700 घरों के सर्वे में 1200 से अधिक लोग बीमार, इंदौर में पानी संकट पर प्रशासन सख्त

इंदौर   मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के अंतर्गत आने वाले भागीरथपुरा में दूषित पानी से अबतक 8 लोगों की मौत की जानकारी सामने आ चुकी है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने अबतक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। लेकिन, इतना बड़ा कांड होने के बाद विभाग एक्शन में आया है। भागीरथपुरा के 2700 घरों में सर्वे किया गया है, जिसमें बीमारों की जो संख्या सामने आई वो बेहद चौंकाने वाली है। संबंधित घरों में 1200 से ज्यादा लोग बीमार मिले हैं। यानी यहां हर घर में बीमार हैं। लोगों में डर का ऐसा माहौल है, वो पानी पीने तक से डर रहे हैं।  भागीरथपुरा में नगर निगम द्वारा पीने के पानी की सप्लाई टैंकरों से की गई। फिर भी स्थानीय लोगों में निगम पर भरौसा नहीं रहा है। रहवासियों ने टैंकर से आए पानी का उपयोग पीने के लिए नहीं किया। यहां अधिकतर लोग आरओ का पानी बुलवाकर पीने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। बीमारी और मौतों से पसरा सन्नाटा रहवासियों का कहना है कि, हमने सोचा भी नहीं था कि पानी के कारण हमारे इलाके में मौत का तांडव देखने को मिलेगा। जानकारी देने के बावजूद भी जिम्मेदारों ने इसपर ध्यान नहीं दिया। भागीरथपुरा की गलियों में फैली इस महामारी के कारण बीमारी और मौतों से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। 14 गलियों में पहुंची डॉक्टरों की टीम स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, भागीरथपुरा इलाके की 14 गलियों के हर घर में चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा जांच कराई गई, जिन्हें जरूरी लगा उपचार भी किया गया। गंभीर मरीजों को एम्बुलेंस की मदद से अस्पतालों में रैफर भी किया गया। आशा कार्यकर्ता द्वारा घर-घर जाकर क्लोरिन, जिंक की दवाई और ओआरएस के पैकेट भी बांटे जा रहे है। आशा मेगा माइकिंग द्वारा लक्षण होने पर तुरंत उपचार के लिए स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचने, उबला पानी पीने एवं बाहर का भोजन व बाहर के कटे फल न खाने की समझाइश भी दे रही है। 111 मरीज अस्पताल में भर्ती 35 गंभीर शहर के शासकीय के साथ-साथ निजी अस्पतालों में अबतक 111 मरीजों के भर्ती होने की जानकारी सामने आई है। चौकाने वाली बात ये है कि, इनमें करीब 35 मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। भागीरथपुरा में अभी 4 एंबुलेंस प्रभावित क्षेत्र में तैनात रखी गई हैं। साथ ही, स्वास्थ्य संस्थाओं में कार्यरत 14 डॉक्टर और पेरामेडिकल स्टाफ भी हर गली में मौजूद हैं। इसमें एमवाय अस्पताल के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के डॉक्टर भी मदद कर रहे हैं। 1146 मरीजों को प्राथमिक उपचार जांच टीम के अधिकारियों की माने तो इलाके के कुल 2703 घरों का सर्वे किया गया, जिसमें रहने वाले करीब 12000 लोगों की जांच की गई। इनमें से 1146 मरीजों को वहीं पर प्राथमिक उपचार दिया गया। 18 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट आए हैं। अस्पताल में बेड पर बाल्टी, उल्टी से परेशान मरीज अस्पतालों में भर्ती मरीजों के हालत को लेकर अपडेट ये है कि, उन्हें बेड पर ही एक बाल्टी रखना पड़ रही है। मरीजों को इतनी उल्टी हो रही है कि, बार बार उठ पाना ही संभव नहीं है। वर्मा अस्पताल में कुल 22 बेड की क्षमता है, लेकिन यहां करीब 35 मरीजों का उपचार चलने की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि, यहां से कई मरीज स्वस्थ होकर घर भी लौट चुके हैं।

पाकिस्तान लिंक वाले ड्रग्स गिरोह पर अमृतसर पुलिस ने की कार्रवाई, सात आरोपी पकड़े गए

अमृतसर में पाकिस्तान से जुड़े ड्रग गिरोह का पर्दाफाश, सात गिरफ्तार पाकिस्तान लिंक वाले ड्रग्स गिरोह पर अमृतसर पुलिस ने की कार्रवाई, सात आरोपी पकड़े गए अमृतसर: ड्रग्स गिरोह का भंडाफोड़, पाकिस्तान से संबंध होने पर सात आरोपी गिरफ्तार अमृतसर   पंजाब की अमृतसर पुलिस ने एक बड़े ड्रग्स रैकेट का भांडाफोड किया है, जिसका सीधा कनेक्शन पाकिस्तान में बैठे लोगों से था। इस ऑपरेशन में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 4.75 किलो हेरोइन, 1 किलो मेथाम्फेटामाइन और एक 9एमएम ग्लॉक पिस्टल भी बरामद की है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये ड्रग्स पाकिस्तान से भारत में लाई जा रही थी और पंजाब में छोटे-छोटे ग्रुप्स के जरिए डिस्ट्रीब्यूट की जा रही थी। इन ग्रुप्स का संचालन सोशल मीडिया के जरिए होता था। इनके द्वारा सोशल मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ चैटिंग या मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि ड्रग्स का कारोबार करने के लिए भी किया जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में लगी है कि यह गिरोह और कहां-कहां तक फैला हुआ है और इससे कौन-कौन से लोग जुड़े हुए हैं ताकि पूरे नेटवर्क को खत्म किया जा सके। पंजाब पुलिस का कहना है कि वह ड्रग्स तस्करी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। राज्य को ड्रग्स से मुक्त करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं और पुलिस हर स्तर पर सतर्क है। आम लोगों से भी अपील है कि अगर किसी को किसी तरह की ड्रग्स या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करें। इससे पहले 28 दिसंबर को फाजिल्का में भी पंजाब पुलिस ने नशे की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। पुलिस ने पांच किलो से ज्यादा हेरोइन के साथ एक ड्रग तस्कर को पकड़ लिया था। यह ऑपरेशन फाजिल्का राज्य विशेष अभियान प्रकोष्ठ (एसएसओसी) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ मिलकर किया गया। जांच में पता चला कि हेरोइन पाकिस्तान स्थित तस्करों ने ड्रोन के जरिए भेजी थी और इसे आगे पूरे राज्य में फैलाया जाना था। पुलिस की समय पर कार्रवाई की वजह से यह खेप पकड़ी गई और तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया।

प्रदेश का नया हिल स्टेशन: खजुराहो में पारा 1.5°C, रीवा में घना कोहरा, ट्रेनें हुई लेट

भोपाल  मध्य प्रदेश में ठंड का टॉर्चर और कोहरे का कहर जारी है. प्रदेश के अधिकांश जिलों में घना कोहरा छा रहा है और कड़ाके की सर्दी पड़ रही है. प्रदेश के रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर संभाग में सर्दी का सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है. बुधवार को शहडोल जिले के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है. कल्याणपुर में बीते कई दिनों से तापमान गिर रहा है. ऐसे में लोग इसे प्रदेश का नया हिल सटेशन कह रहे हैं, जहां सर्दी का असर सबसे अधिक होता है.   पांच जिलों में पांच डिग्री से कम पारा  कल्याणपुर के अलावा प्रदेश के पांच अन्य जिलों में भी कड़ाके की सर्दी है. जहां, का न्यूनतम तापमान पांच डिग्री से कम है. इनमें छतरपुर 3, उमरिया 3.1, खजुराहो 4.4, राजगढ़ 4.6 और पचमढ़ी में 4.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है. इसके अलावा राजधानी भोपाल में 5.6 डिग्री, इंदौर-ग्वालियर में 6.6 डिग्री और जबलपुर में 7 डिग्री पारा रहा. प्रदेश में पड़ रही सर्दी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश के करीब 30 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम है.  कोहरे और ठंड का असर रीवा के एमपी-यूपी बॉर्डर स्थित सोहागी घाटी में विजिबिलिटी मात्र 20 मीटर रही। दतिया और ग्वालियर में विजिबिलिटी 50 मीटर तक सीमित रही। भोपाल, इंदौर, रतलाम, उज्जैन और खजुराहो में विजिबिलिटी 1 किमी से अधिक। गुना, खरगोन, राजगढ़ और दमोह में विजिबिलिटी 2-4 किमी। कोहरे के कारण सड़क और रेलवे यातायात प्रभावित हुआ। यात्रियों को ट्रेन देरी के कारण स्टेशन पर लंबा इंतजार करना पड़ा। प्रदेश के शहरों का तापमान शहर अधिकतम (°C) न्यूनतम (°C) कैसा रहा मौसम भोपाल 27.0 9.0 दिन धूप, सुबह कोहरा इंदौर 27.2 7.2 ठंडी सुबह, विजिबिलिटी कम ग्वालियर 22.3 8.4 कोहरे का असर खजुराहो 25.0 4.2 सबसे ठंडी जगह मंडला 29.3 6.3 दिन का तापमान सामान्य से अधिक रीवा 24.2 5.4 सोहागी घाटी में विजिबिलिटी 20 मीटर सतना 25.9 7.6 कोहरे के साथ सर्दी नौगांव 23.5 4.4 रात का तापमान कम जबलपुर 27.5 8.2 दिन का तापमान अधिक, रात ठंडी नरसिंहपुर 23.0 9.0 दिन का तापमान सामान्य से नीचे उज्जैन 27.0 9.8 दिन और रात का अंतर कम नोट: पूरे प्रदेश में करीब 30 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के नीचे रहा। ट्रेन और यातायात पर असर भोपाल आने वाली मालवा एक्सप्रेस सुबह 7.25 बजे से करीब 4.5 घंटे लेट। शताब्दी, सचखंड और कर्नाटक एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनें भी प्रभावित। रीवा-सोहागी घाटी में विजिबिलिटी कम होने से यात्री व वाहन धीमे चल रहे। सड़क और रेलवे दोनों ही प्रभावित, यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करने की सलाह। प्रदेश में क्यों पड़ रही कड़ाके की ठंड मौसम विज्ञान के अनुसार, मंगलवार को जेट स्ट्रीम की गति 259 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिसके कारण रात का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया। दिसंबर और जनवरी के महीनों में उत्तर भारत से चलने वाली ठंडी हवाओं की वजह से प्रदेश में कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। इसके अलावा वेस्टर्न डिस्टरबेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से दिन और रात दोनों समय तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इस बार नवंबर और दिसंबर में शीतलहर के रिकॉर्ड टूट चुके हैं। भोपाल में नवंबर में लगातार 15 दिन शीतलहर का असर रहा, जो पिछले दशकों में सबसे लंबी अवधि मानी जा रही है। रीवा, दतिया और ग्वालियर में आज सुबह घना कोहरा रहा। दतिया और ग्वालियर में विजिबिलिटी 50 मीटर, तो वहीं रीवा के एमपी-यूपी बॉर्डर पर मौजूद सोहागी घाटी में सुबह 9 बजे विजिबिलिटी 20 मीटर रही। नौगांव, सतना, सीधी, भोपाल, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, गुना, खरगोन, राजगढ़ और दमोह में भी कोहरा रहा। मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार को एमपी में जेट स्ट्रीम (ठंडी-गर्म हवा का नदी जैसा बहना) की रफ्तार 259 kmph पहुंची है। इस वजह से रात के तापमान में गिरावट आई है। बुधवार को भी जेट स्ट्रीम तेजी से बहेगी। जिसका असर प्रदेश में देखने को मिलेगा। नए साल की शुरुआत कड़ाके की सर्दी के के साथ   मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी भारत से आ रही सर्द हवा के कारण रात के तापमान में लगातार गिरावट हो रही है. अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत की उम्मीद नहीं है. यानी नई साल 2026 की सुबह भी कुछ ऐसा ही मौसम रहेगा. प्रदेश में सबसे ठंडा खजुराहो खजुराहो सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 4.2 डिग्री दर्ज किया गया। नौगांव में 4.4 डिग्री, उमरिया में 5.2 डिग्री, रीवा में 5.4 डिग्री, पचमढ़ी में 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा। पारा 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 9 डिग्री, उज्जैन में 9.8 डिग्री और जबलपुर में 8.2 डिग्री रहा। करीब 25 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। इससे पहले शहडोल के कल्याणपुर में पारा रिकॉर्ड 1.7 डिग्री रह चुका है। कोहरे की वजह से मालवा, शताब्दी जैसी ट्रेनें भी लेट कोहरे की वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर की तरफ आने वाली मालवा, शताब्दी, सचखंड, कर्नाटका एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें भी हर रोज लेट हो रही है। आज भी ये ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से है। छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, भोपाल, उज्जैन, इंदौर समेत कई शहरों में आज सुबह भी कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। रीवा में 20 मीटर रही विजिबिलिटी रीवा के एमपी-यूपी बॉर्डर पर मौजूद सोहागी घाटी में धुंध की वजह से आवागमन मुश्किल हो गया है। सुबह साढ़े 9 बजे विजिबिलिटी 20 मीटर भी नहीं है। नए साल में सैकड़ों लोग खतरनाक और हादसों की घाटी माने जानी वाली सोहागी घाटी होकर प्रयाग स्नान के लिए और अयोध्या दर्शन के लिए जा रहे हैं। लेकिन कोहरे ने उनकी राह मुश्किल कर दी है। आज का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

नया साल 2026: बरेली पुलिस ने की चेतावनी, गड़बड़ी करने वालों को थाने में मनाना पड़ेगा स्वागत

    बरेली  बरेली एसएसपी अनुराग आर्य ने 31 दिसंबर 2025 की रात के लिए नई एडवाइजरी जारी की है. पुलिस प्रशासन ने नए साल 2026 के आगमन पर शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु हुड़दंगियों, स्टंटबाजों और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का खाका तैयार किया है. शहर के होटलों और रेस्टोरेंट संचालकों को भी जरूरी दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं. नियम तोड़ने वालों के वाहन सीज करने और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी है. सड़क पर केक काटने या यातायात बाधित करने वालों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी. सड़क पर केक काटा या स्टंट किया तो खैर नहीं नए साल के जश्न के दौरान अक्सर कुछ लोग सड़कों पर गाड़ियां रोककर नाच-गाना और तेज आवाज में म्यूजिक बजाते हैं. एसएसपी ने साफ किया है कि बीच सड़क पर केक काटना, बाइक या कार से स्टंट करना और तेज रफ्तार से वाहन चलाना अपराध माना जाएगा. ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस अलर्ट मोड पर है. यदि जश्न के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई, तो पुलिस न सिर्फ वाहन जब्त करेगी, बल्कि आरोपियों को जेल भेजने की कार्रवाई भी सुनिश्चित करेगी. होटलों और आयोजकों के लिए कड़े निर्देश पुलिस ने शहर के तमाम होटल और रेस्टोरेंट मालिकों को भी हिदायत दी है. एसएसपी ने बाइट के माध्यम से बताया कि आयोजकों को साफ निर्देश हैं कि वे नियमों के दायरे में रहकर ही सेलिब्रेशन कराएं. किसी भी तरह की अनुशासनहीनता या अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यदि किसी कार्यक्रम में हुड़दंग की स्थिति बनती है, तो आयोजकों की जिम्मेदारी होगी कि वे तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें. थाना अध्यक्षों के माध्यम से सभी प्रोग्राम ऑर्गेनाइजर्स को पहले ही सूचित करा दिया गया है. शांति और सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता बरेली पुलिस का उद्देश्य किसी की खुशियों में खलल डालना नहीं, बल्कि शहर में सुरक्षा और शांति बनाए रखना है. एसएसपी अनुराग आर्य के अनुसार, लोग दूसरों को परेशान किए बिना या यातायात को बाधित किए बिना जश्न मनाएं. किसी भी व्यक्ति को कानून से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जोश में आकर की गई एक छोटी सी गलती भारी पड़ सकती है और नए साल की पहली सुबह हवालात में देखनी पड़ सकती है.

रायपुर: निजी डबरी से संवरी त्रिपतीनाथ केवट की ज़िंदगी, मनरेगा से मिली स्थायी आजीविका

रायपुर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत स्वीकृत हितग्राही मूलक निजी डबरी निर्माण कार्य ने जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम पंचायत बनाहिल, जनपद पंचायत अकलतरा निवासी त्रिपतीनाथ केवट के जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन ला दिया है। सीमित संसाधनों और जलाभाव से जूझ रहे इस परिवार के लिए आजीविका हमेशा अस्थिर बनी रहती थी, किंतु निजी डबरी के निर्माण ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। वर्ष 2024 में स्वीकृत इस कार्य के माध्यम से जहां एक ओर 842 मानव दिवस का सृजन हुआ, वहीं 58 श्रमिक परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हुआ। इस निर्माण कार्य ने ग्राम में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ जल संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पूर्व में अनुपयोगी एवं सूखी पड़ी भूमि आज जल से परिपूर्ण डबरी के रूप में आजीविका का स्थायी साधन बन चुकी है। डबरी के निर्माण के पश्चात त्रिपतीनाथ केवट द्वारा मछली पालन प्रारंभ किया गया, जिससे उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है। इसके अतिरिक्त डबरी में संचित जल से बाड़ी एवं आसपास की कृषि भूमि की सिंचाई संभव हो सकी है, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ भू-जल स्तर में भी सुधार दर्ज किया गया है। हितग्राही केवट बताते हैं कि पहले जीवन रोज़ी-रोटी की चिंता में बीतता था, जबकि आज मेहनत का प्रतिफल सुनिश्चित आय के रूप में मिल रहा है और बच्चों के भविष्य को लेकर विश्वास बढ़ा है। डबरी के आसपास पपीता के पौधे लगाए गए हैं, जिनसे नियमित खेती की जा रही है, वहीं मेड़ पर अरहर की फसल लेकर अतिरिक्त आमदनी भी प्राप्त की जा रही है। ग्राम पंचायत के सरपंच एवं रोजगार सहायक के अनुसार यह कार्य केवल एक संरचना निर्माण नहीं, बल्कि एक परिवार को आत्मनिर्भर बनाने की मजबूत नींव है। यह उदाहरण दर्शाता है कि मनरेगा केवल मजदूरी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि जल संरक्षण, कृषि विस्तार और स्थायी आजीविका के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक जीवन प्रदान कर रही है। आज निजी डबरी त्रिपतीनाथ केवट के लिए मात्र एक जलस्रोत नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, स्वाभिमान और बेहतर भविष्य का सशक्त प्रतीक बन चुकी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय झारखंड के मांझाटोली में अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम -कार्तिक जतरा में हुए शामिल

रायपुर : राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने ‘जशक्राफ्ट’ एवं जशपुर की जनजातीय मातृशक्ति के कौशल की सराहना की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय झारखंड के मांझाटोली में अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम -कार्तिक जतरा में हुए शामिल  जनजातीय गौरव और विकास की राह पर आगे बढ़ता छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रायपुर भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने  गुमला (झारखंड) में आयोजित अंतर्राज्यीय जन-सांस्कृतिक समागम ‘कार्तिक जतरा’ कार्यक्रम में जशपुर जिले की स्व-सहायता समूहों से जुड़ी जनजातीय महिलाओं के कार्यों, कौशल और आत्मनिर्भरता की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से ‘जशक्राफ्ट’ से जुड़ी बहनों के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा तैयार किए जा रहे आभूषण एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद महिला सशक्तिकरण के सशक्त उदाहरण हैं। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने जशपुर वनमंडल अंतर्गत वन प्रबंधन समिति शब्दमुंडा, ग्राम कोटानपानी के स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को जनजातीय सृजनशीलता, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रेरक प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास न केवल आजीविका के साधन बढ़ाते हैं, बल्कि परंपरागत कला और हस्तशिल्प को नई पहचान भी दिलाते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  कहा कि जशपुर की जनजातीय मातृशक्ति, विशेषकर ‘जशक्राफ्ट’ से जुड़ी बहनों के कौशल और स्वावलंबन की प्रशंसा पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम कोटानपानी की स्व-सहायता समूह की बहनों द्वारा तैयार आभूषण एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और महिलाओं की मेहनत व सृजनात्मकता के जीवंत प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति का यह स्नेहपूर्ण आशीर्वाद और प्रोत्साहन जनजातीय मातृशक्ति के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प तथा “वोकल फॉर लोकल” की भावना को और अधिक सशक्त करेगा। उन्होंने जशपुर की समस्त जनजातीय बहनों की ओर से राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान जनजातीय हस्तशिल्प, पारंपरिक लोककला तथा स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि दल ने जशपुर जिले की विशिष्ट शिल्प परंपरा और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन कर जनजातीय सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को जनजातीय समुदायों की परंपराओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। अपनी जनजातीय विरासत और पहचान को सुरक्षित रखते हुए हमारे युवाओं को आधुनिक विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनजातीय समुदाय के सभी सदस्य अपनी धरोहर को संजोए रखते हुए प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह अत्यंत सौभाग्य की बात है कि  मांझाटोली (झारखंड) में अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम – कार्तिक यात्रा  का आयोजन हुआ है। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है, बल्कि जनजातीय समाज को जोड़ने वाला सेतु भी है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए गर्व और आस्था दोनों का विषय है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण देश भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाता है।भगवान बिरसा मुंडा केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि जंगल, जल और जमीन की रक्षा के प्रतीक हैं। उनकी प्रेरणा ने आदिवासी समाज में आत्मगौरव की भावना को सशक्त किया है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंकजराज साहेब कार्तिक उरांव जैसे जननायकों ने भी शिक्षा, सामाजिक एकता और जनजातीय पहचान के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय था जब बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद ने विकास के रास्ते रोक रखे थे। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं वहां तक नहीं पहुंच पाती थीं लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति के कारण अब स्थितियाँ बदल रही हैं। बस्तर में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और शासन व्यवस्था गांव-गांव तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। 400 से अधिक गांव नक्सली प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं और लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगी है। आज उन इलाकों में सड़क, बिजली, पानी, राशन, चिकित्सा सुविधाएं और शिक्षा के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। बस्तर के लोग लंबे समय से शांति और विकास चाहते थे, और अब उनका यह सपना धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह भी हर्ष का विषय है कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में ही झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का गठन संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि आज इन राज्यों की जनता अपने अलग पहचान और तेज़ी से प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि तीनों राज्यों का यह सांस्कृतिक संगम आगे भी शांति, प्रगति और समृद्धि का संदेश देता रहेगा तथा नक्सलवाद पर निर्णायक विजय का अध्याय आने वाले समय में पूरा होगा।

नववर्ष पर नवाचार, ईमानदारी और जनसेवा के संकल्प से कार्य करें—डीजीपी कैलाश मकवाणा

नववर्ष में नवाचार, ईमानदारी और जनसेवा के संकल्प के साथ करें काम-डीजीपी कैलाश मकवाणा मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम: विदेश यात्रा से लौटे अधिकारियों का डी-ब्रीफिंग सत्र संपन्न भोपाल  मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत विदेश यात्रा में गये राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों का डी ब्रीफिंग सेशन आज पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। एमसीटीपी-5 बैच के 30 अधिकारियों का कार्यक्रम देश और विदेश में 27 नवंबर से प्रारम्भ हुआ था, जिसका आज समापन हुआ।  पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि हमें यह सुनिश्चित करना है कि पुलिस थानों को किस प्रकार अधिक उत्तरदायी बनाया जाए ताकि हमारे पुलिस कर्मी आम जन के प्रति अधिक संवेदनशील होकर सर्विस डिलीवरी को और प्रभावी बना सकें साथ ही विभाग की छवि में और बेहतरी ला सकें। उन्होंने बस्‍तर और मंदसौर जैसे जिलों में रहते हुए अपने अनेक अनुभव साझा किए। उन्‍होंने कहा कि ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्ठा वे तत्व हैं जो जनता के मन में विश्वास उत्पन्न करते हैं और पुलिस को मजबूत बनाते हैं। जनसुनवाई के प्रकरणों को गंभीरता से लेकर उसका त्‍वरित निराकरण करायें। पुलिस महानिदेशक ने वर्ष 2025 को मध्यप्रदेश पुलिस के लिए उपलब्धियों से भरा वर्ष बताते हुए कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद का खात्मा किया गया है, जो ऐतिहासिक उपलब्धि है। साइबर अपराधों की रोकथाम एवं नागरिकों में साइबर जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रभावी अभियान चलाए गए, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पुलिसिंग में जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू किया गया, जिससे अपराध नियंत्रण में मजबूती आई है। डीजीपी ने बताया कि पुलिस भर्ती प्रक्रिया को तेज किया गया है। अनुकंपा नियुक्तियों, त्वरित क्रम पूर्व पदोन्नति एवं बेहतर स्थानांतरण नीति के माध्यम से पुलिस कर्मियों के मनोबल को सुदृढ़ किया गया है। उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्यों पर पुरस्कार देने की परंपरा को बढ़ावा दिया गया है। इसके अंतर्गत नागदा, उज्‍जैन में आत्महत्या कर रहे युवक की जान बचाने पर संबंधित पुलिस अधिकारी को त्‍वरित ₹10,000 का पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्होंने नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, CCTNS डैशबोर्ड के सफल संचालन तथा नशा मुक्ति अभियान ‘’नशे से दूरी है जरूरी’’ को पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। मध्यप्रदेश पुलिस को Cyber Capacity Building में DSCI अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, तकनीकी एवं शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से MANIT भोपाल के साथ महत्वपूर्ण MoU किया गया, जो भविष्य की आधुनिक एवं प्रभावी पुलिसिंग की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 की ओर बढ़ते हुए मध्यप्रदेश पुलिस का प्रमुख फोकस सड़क सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने पर रहेगा, ताकि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और नागरिकों का जीवन सुरक्षित हो। मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के निदेशक अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शाहिद अबसार ने पूरे प्रशिक्षण की रूपरेखा बताई। पुलिस महानिदेशक के प्रति उनके मार्गदर्शन हेतु आभार व्यक्त किया तथा सभी प्रतिभागियों के द्वारा गुणवत्तापूर्ण तरीके से प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए बधाई दी। समीक्षा में पांच पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण के दौरान आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली, केम्ब्रिज विश्वविद्यालय एवं लंदन स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्स में प्राप्त किए गये अनुभव साझा किए गए। आठ समूहों में बंटे अधिकारियो द्वारा भीड़ प्रबंधन एवं वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल (सिचुएशनल प्रिवेंशन तकनीक के साथ), संगठित अपराध पर नियंत्रण (तकनीक और मानवीय आसूचना का समन्वय), इंदौर और भोपाल शहर के लिए 'क्राइम हार्म इंडेक्स' (केम्ब्रिज मॉडल आधारित), रीवा जोन में नशीले पदार्थों (Drug Menace) की समस्या का सिस्टमैटिक विश्लेषण (मैरीलैंड स्केल), पश्चिमी मध्य प्रदेश में सांप्रदायिक संवेदनशील क्षेत्रों (Communal Hotspots) का विश्लेषण, महिला अपराधों की रोकथाम और डायल-112 की भूमिका (ट्रिपल टी हॉटस्पॉट मेथडोलॉजी), उज्जैन महाकाल और आगामी सिंहस्थ में भीड़ प्रबंधन (प्रेडिक्टिव क्राउड मैनेजमेंट) तथा बार-बार अपराध करने वाले किशोरों के लिए 'ऑफेंडर मैनेजमेंट सिस्टम' का प्रभावी उपयोग के बारे में प्रेजेन्‍टेशन दिया गया।   इस कार्यक्रम में विशेष पुलिस महानिदेशक पवन श्रीवास्‍तव, आदर्श कटियार, संजीव शमी, अनिल कुमार, अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक ए.साईं मनोहर, जयदीप प्रसाद, आशुतोष रॉय, पीएसओ टू डीजीपी विनीत कपूर, स्टॉफ ऑफिसर मलय जैन सहित अन्‍य अधिकारी उपस्थित थे।  

रायपुर: डिजिटल व्यवस्था और धान के बेहतर मूल्य से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत

रायपुर : डिजिटल व्यवस्था और धान के सर्वाधिक मूल्य से किसान हो रहे समृद्ध किसान तुहंर टोकन ऐप से 24×7 टोकन काटने की सुविधा खेत में बोर कराकर सिंचाई का मिला साधन, अन्य फसलों की खेती से बढ़ी आमदनी रायपुर प्रदेश में धान खरीदी तिहार किसानों के लिए खुशहाली लेकर आया है। राज्य सरकार द्वारा धान का सर्वाधिक समर्थन मूल्य तथा पारदर्शी और तकनीक आधारित खरीदी व्यवस्था से किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। धान उपार्जन केन्द्रों में लागू डिजिटल टोकन प्रणाली एवं सरल प्रक्रियाओं ने धान विक्रय को सुगम, सरल और आसान बना दिया है। सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड अंतर्गत मेंड्राकला धान उपार्जन केन्द्र में धान विक्रय के लिए पहुंचे ग्राम पंचायत भिट्ठी कला के रहने वाले लघु किसान श्री श्याम लाल ने बताया कि उनके पास कुल 111.80 क्विंटल धान का रकबा है। उन्होंने बताया कि पहले उन्होंने धान उपार्जन समिति के माध्यम से टोकन कटवाया था, जहां किसानों की अधिक भीड़ के कारण समय अधिक लगा। इसके बाद उन्होंने किसान तुहंर टोकन ऐप का उपयोग कर घर बैठे ही 22.80 क्विंटल का अपना टोकन काटा लिया। किसान श्री श्याम लाल ने बताया कि डिजिटल टोकन सुविधा से टोकन काटना बेहद आसान हो गया है। अब समिति केन्द्र के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ते, जिससे समय, श्रम और खर्च की बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था किसानों को सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि धान उपार्जन केन्द्र पहुंचते ही नमी परीक्षण सहित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं त्वरित रूप से पूर्ण की गईं तथा समय पर बारदाना उपलब्ध कराया गया। तौल की प्रक्रिया भी पूरी तरह सुव्यवस्थित रही और धान विक्रय में किसी प्रकार की समस्या नहीं आई। कृषक श्री श्याम लाल ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का सर्वाधिक मूल्य दिया जा रहा है, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष धान विक्रय से प्राप्त आय से उन्होंने खेत में बोर कराया, जिससे सिंचाई की साधन उपलब्ध हुआ। वर्तमान में वे खेती का विस्तार करते हुए गेहूं, दलहन, तिलहन एवं सब्जी की खेती भी कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है। कृषक श्री श्याम लाल ने धान खरीदी की पारदर्शी और किसान हितैषी व्यवस्था की सराहना करते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि डिजिटल व्यवस्था ने किसानों के लिए धान विक्रय करना आसान बनाया है।

श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की पहल से रायपुर में 33 सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति

रायपुर : श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से 33 सड़कों को मिली प्रशासनिक स्वीकृति 150.56 करोड़ की लागत से होंगे निर्माण कार्य, ग्रामीण कनेक्टिविटी होगी और अधिक सशक्त रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य में आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण की दिशा में सरकार निरंतर ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री एवं भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के सतत प्रयासों से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 150.56 करोड़ रुपये की लागत से 33 सड़क निर्माण एवं उन्नयन कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वपूर्ण निर्णय से भैयाथान एवं ओड़गी विकासखंड के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा में उल्लेखनीय सुधार होगा। निर्माण एवं उन्नयन विभाग द्वारा जारी स्वीकृति के अनुसार, जिन सड़कों को मंजूरी दी गई है, वे लंबे समय से क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग में शामिल थीं। इन मार्गों के निर्माण से सुदूर एवं पिछड़े ग्रामों की मुख्य सड़कों से सीधी और सुगम कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार तथा अन्य सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा। स्वीकृत कार्यों में 28.99 करोड़ रुपये की लागत से ओड़गी नवाटोला रोड (8.20 किमी से धुईडीह पंडोपारा) का निर्माण प्रमुख है। इसके अतिरिक्त भवरखोह से जमड़ी मार्ग (9.50 करोड़ रुपये), खोंड नवापारा से केसर मार्ग (8.73 करोड़ रुपये), माड़र से भाड़ी नवापारा मार्ग (8.38 करोड़ रुपये) तथा भैयाथान विकासखंड अंतर्गत भौराही देवालय से शिवपुर मार्ग सहित अन्य महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन किया जाएगा। इन सड़कों के निर्माण से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा, बल्कि किसानों को कृषि उपज के परिवहन में सुविधा मिलेगी, विद्यार्थियों को शिक्षा संस्थानों तक पहुंच आसान होगी तथा आम नागरिकों को दैनिक जीवन में राहत प्राप्त होगी। साथ ही, सड़क नेटवर्क के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। सड़क निर्माण कार्यों की स्वीकृति पर महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि 150.56 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत ये सड़कें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएंगी और क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि सभी निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तथा निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएंगे। इन स्वीकृतियों से क्षेत्रवासियों में उत्साह और सकारात्मक वातावरण बना है तथा यह विश्वास व्यक्त किया जा रहा है कि मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ होकर क्षेत्र के विकास को नई गति और दिशा प्रदान करेंगे।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बैंक एकाउंट एवं क्यूआर कोड का किया विमोचन

रायपुर : पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर उन्नयन महा अभियान का शुभारंभ पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर उन्नयन महा अभियान का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बैंक एकाउंट एवं क्यूआर कोड का किया विमोचन पहले ही दिन दान दाताओं से एकत्र हुई 75 लाख रूपए से अधिक की राशि रायपुर पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर के समग्र उन्नयन, सौंदर्यीकरण एवं भव्य मंदिर निर्माण के उद्देश्य से प्रारंभ किए गए पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर उन्नयन महा अभियान का आज उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मंदिर उन्नयन अभियान के लिए खोले गए बैंक एकाउंट एवं क्यूआर कोड का भी विमोचन किया। इस डिजिटल सुविधा के माध्यम से अब जिलेवासी, श्रद्धालु एवं दानदाता कहीं से भी सहज रूप से ऑनलाइन दान कर मंदिर के विकास एवं उन्नयन कार्यों में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे। इस अवसर पर सांसद संतोष पाण्डेय, पूर्व संसदीय सचिव डाॅ. सियाराम साहू, पूर्व विधायक योगेश्वर राज सिंह, अशोक साहू, जिला पंचायत सभापति डाॅ. बीरेन्द्र साहू, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष पवन जायसवाल, जनपद उपाध्यक्ष गणेश तिवारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विदेशी राम धुर्वे, श्रीमती विजयलक्ष्मी तिवारी, श्रीमती सतविंदर पाहुजा सहित समस्त पार्षद, जनप्रतिनिधि, पंचमुखी बूढ़ा महादेव सेवा समिति के सदस्य उपस्थित थे।  उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह महाअभियान जनसहभागिता, आस्था एवं श्रद्धा का प्रतीक है, जिसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। उन्होने कहा कि क्यूआर कोड से जिले के नागरिक अधिक से अधिक सहयोग कर इस पुण्य कार्य से जुड़ सकेंगे। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे इस महाअभियान में सहभागी बनकर भगवान पंचमुखी बूढ़ा महादेव के भव्य मंदिर निर्माण के संकल्प को साकार करें। आज ही इस महाअभियान के शुभारंभ अवसर पर कवर्धा शहर के नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक बढ़-चढ़कर दान कर अपनी श्रद्धा और सहभागिता का परिचय दिया। सभी नागरिकों ने पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर के उन्नयन एवं भव्य निर्माण के लिए हर संभव सहयोग देने का संकल्प लिया। नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर उन्नयन महाअभियान कवर्धा नगर के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। क्यूआर कोड एवं बैंक एकाउंट के माध्यम से आम नागरिक भी अब सरलता से इस पुण्य कार्य में सहभागी बन सकेंगे। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि इस महाअभियान में समाज के हर वर्ग को सहभागी बनना चाहिए, ताकि भगवान बूढ़ा महादेव की कृपा से यह कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हो सके। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पंचमुखी बूढ़ा महादेव सेवा समिति के पदाधिकारियों को 5 लाख रूपए का सहयोग किया तथा इसके अतिरिक्त आगे 5 लाख रुपये और देने की घोषणा भी की।       कार्यक्रम में पूर्व विधायक योगेश्वर राज सिंह ने मंच पर ही 1 लाख 11 हजार 1100 रुपये पंचमुखी बूढ़ा महादेव सेवा समिति को भेंट किए। वहीं सांसद संतोष पाण्डेय एवं पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू ने 1 लाख 11 हजार 1100 रूपए, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने 1 लाख रूपए तथा जनपद पंचायत उपाध्यक्ष गणेश तिवारी ने 2 लाख 21 हजार रूपए प्रदान करने की घोषणा की। इसके साथ ही कवर्धा शहर के नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर दान देकर इस महाअभियान को स्वरूप प्रदान किया।  कार्यक्रम के दौरान कवर्धा नगर पालिका के 21 पार्षदों ने अपना एक-एक माह का वेतन तथा पार्षद निधि से एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की। पहले ही दिन शहर के दान दाताओं से 75 लाख रूपये से अधिक राशि संग्रहित हुई। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सभी जनप्रतिनिधियों, दानदाताओं, सेवा समिति एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसहयोग से ही धार्मिक स्थलों का भव्य स्वरूप साकार होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर उन्नयन महा अभियान के माध्यम से यह पावन स्थल देश-प्रदेश में एक नई पहचान स्थापित करेगा।