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क्वार्टर दिलाकर बढ़ाई नजदीकी, गेस्ट रूम में महिला से दुष्कर्म का आरोप

लुधियाना  लुधियाना के जगराओं ब्रिज के पास स्थित सीजी आर्मी कैंप में तैनात एक जवान पर अपने साथी फौजी की पत्नी से दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। महिला की शिकायत के मुताबिक, आरोपित ने पहले उसके परिवार को सरकारी क्वार्टर दिलाने में मदद की और इसके बाद घर आना-जाना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। महिला का आरोप है कि बाद में आरोपित ने उस पर दबाव बनाकर जबरदस्ती संबंध बनाए। पीड़िता का पति इंडियन आर्मी में तैनात है। उसे सीजी आर्मी कैंप में सरकारी क्वार्टर अलॉट हुआ था, जहां महिला अपनी बेटी के साथ रहती थी। कैंप की देखरेख और चार्ज 152 सी रेजिमेंट में तैनात करीब 25 वर्षीय जवान के पास था। दोनों के बीच नजदीकी बढ़ने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर महिला पर दबाव बनाकर जबरदस्ती फिजिकल रिलेशन बनाए। 28 सितंबर को उसने महिला को अपने गेस्ट रूम में बुलाया, जहां उसके साथ जबरदस्ती करने लगा। महिला ने जब इसका विरोध किया तो उसने पति के साथ तलाक करवाने की धमकी देकर जबरदस्ती की। इसके बाद महिला ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। डिवीजन नंबर-5 पुलिस ने 1 अक्टूबर को आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 64 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के अनुसार, आरोपित ने परिवार को क्वार्टर दिलाने में मदद की थी। इसके बाद वह मदद और अन्य जरूरतों के बहाने महिला के घर आने-जाने लगा। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और नजदीकियां हो गईं। महिला के मुताबिक, बाद में आरोपित उस पर जबरदस्ती संबंध बनाने का दबाव डालने लगा। विरोध करने पर आरोपित ने धमकी दी कि यदि उसने अपने पति को कुछ बताया तो वह उसका तलाक करवा देगा। महिला ने आरोपित के दबाव की बात भी पुलिस को दी शिकायत में बताई है। शिकायत के मुताबिक, 28 सितंबर को आरोपित ने महिला को फोन कर अपने गेस्ट रूम में बुलाया। महिला के वहां पहुंचने के बाद आरोपित ने उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। घटना के बाद महिला ने पुलिस को शिकायत दी। सरकारी क्वार्टर दिलाने में की मदद की पीड़िता का पति इंडियन आर्मी में तैनात है। उसे CG आर्मी कैंप में सरकारी क्वार्टर अलॉट हुआ था, जहां महिला अपनी बेटी के साथ रहती थी। कैंप की देखरेख और चार्ज 152 C रेजीमेंट में तैनात 25 वर्षीय जवान के पास था। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने परिवार को क्वार्टर दिलाने में मदद की थी। मदद के बहाने घर आने-जाने लगा क्वार्टर मिलने के बाद आरोपी का परिवार के घर आना-जाना बढ़ गया। महिला के मुताबिक, मदद और जरूरत के बहाने उसकी आरोपी से बातचीत होने लगी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी और उनके बीच संबंध बन गए। विरोध करने पर पति से तलाक करवाने की धमकी महिला की शिकायत के अनुसार, बाद में आरोपी उस पर जबरदस्ती संबंध बनाने का दबाव डालने लगा। महिला ने विरोध किया तो आरोपी ने धमकी दी कि अगर उसने पति को कुछ बताया तो वह उनका तलाक करवा देगा। इसके बाद भी आरोपी के दबाव की बात शिकायत में कही गई है। 28 सितंबर को गेस्ट रूम बुलाया शिकायत के मुताबिक, 28 सितंबर को आरोपी ने महिला को फोन कर अपने गेस्ट रूम में बुलाया। महिला के वहां पहुंचने के बाद आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। घटना के बाद महिला ने पुलिस से शिकायत की। 1 अक्टूबर को FIR, जांच ASI को मामले में ASI परमजीत सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर 1 अक्टूबर को आरोपी जवान के खिलाफ BNS की धारा 64 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। पुलिस ने कार्रवाई की शुरू महिला की शिकायत पर डिवीजन नंबर-5 पुलिस ने 1 अक्टूबर को आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच एएसआइ को सौंपी गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।  

महानदी हमें बांटने वाली नहीं, दोनों राज्यों को जोड़ने वाली जीवनधारा : समाधान ऐसा हो जिसमें दोनों राज्यों की जीत हो – मुख्यमंत्री साय

महानदी विवाद के समाधान की दिशा में बड़ी पहल केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा की उच्चस्तरीय बैठक महानदी हमें बांटने वाली नहीं, दोनों राज्यों को जोड़ने वाली जीवनधारा : समाधान ऐसा हो जिसमें दोनों राज्यों की जीत हो – मुख्यमंत्री साय संवाद, वैज्ञानिक आकलन और आपसी सहमति से न्यायपूर्ण एवं स्थायी समाधान के लिए छत्तीसगढ़ पूरी तरह प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय दोनों राज्यों के किसानों, आम नागरिकों और आने वाली पीढ़ियों के हितों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ने पर जोर रायपुर   छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद के सौहार्दपूर्ण और स्थायी समाधान की दिशा में आज नई दिल्ली में महत्वपूर्ण पहल हुई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में कर्तव्य भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने महानदी से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की और अपने-अपने राज्यों का पक्ष रखा। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, केंद्रीय जल आयोग के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्य सचिव सहित केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय, केंद्रीय जल आयोग तथा दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में छत्तीसगढ़ का पक्ष रखते हुए कहा कि महानदी केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि दोनों राज्यों की सभ्यता, संस्कृति, कृषि और जनजीवन से जुड़ी जीवनधारा है। महानदी छत्तीसगढ़ और ओडिशा को बांटने वाली नहीं, बल्कि दोनों राज्यों को जोड़ने वाली नदी है। इसलिए इसका समाधान भी प्रतिस्पर्धा या टकराव के बजाय सहयोग, विश्वास और सहमति की भावना से निकलना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा प्रयास ऐसा समाधान निकालने का होना चाहिए जिसमें दोनों राज्यों और वहां के नागरिकों के हित सुरक्षित हों। छत्तीसगढ़ न्यायपूर्ण, निष्पक्ष, वैज्ञानिक, पारदर्शी और दीर्घकालिक समाधान का पक्षधर है। ऐसा समाधान दोनों राज्यों के किसानों, आम नागरिकों और आने वाली पीढ़ियों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार होना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महानदी का उद्गम छत्तीसगढ़ में होता है और इसके जलग्रहण क्षेत्र का बड़ा हिस्सा प्रदेश में स्थित है। राज्य में कृषि, सिंचाई, पेयजल और विशेष रूप से आदिवासी एवं ग्रामीण अंचलों की विकास आवश्यकताएं महानदी से जुड़ी हुई हैं। इसलिए किसी भी स्थायी समाधान में छत्तीसगढ़ की इन वास्तविक आवश्यकताओं का समुचित ध्यान रखा जाना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ अपने हितों की बात करते हुए ओडिशा की आवश्यकताओं और हितों का भी पूरा सम्मान करता है। हीराकुंड ओडिशा की जीवनरेखा है और छत्तीसगढ़ उसके महत्व को भलीभांति समझता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ हीराकुंड जलाशय के हितों और उसके सुचारु संचालन के लिए आवश्यक सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ने को तैयार है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जल जैसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन को  साझी समृद्धि का माध्यम बनाना चाहिए। दोनों राज्यों के बीच ऐसा तंत्र विकसित हो, जिसमें जल उपलब्धता, आवश्यकता और उपयोग से संबंधित तथ्य पारदर्शी ढंग से साझा हों और वैज्ञानिक आधार पर निर्णय लिए जाएं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पहल से समाधान की उम्मीद मुख्यमंत्री साय ने महानदी जल विवाद के समाधान के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा की गई पहल का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की मध्यस्थता में दोनों राज्यों के बीच सकारात्मक संवाद से आपसी सहमति का रास्ता निकलने की उम्मीद मजबूत हुई है। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्रीय एकीकरण में योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद सरदार पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। आज राज्यों के बीच वर्षों से लंबित विषयों को संवाद और सहमति के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयास भी सहकारी संघवाद और राष्ट्रीय एकता की इसी भावना को मजबूत करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यों के बीच जल संबंधी प्रश्नों का सौहार्दपूर्ण समाधान राज्यों के बीच विश्वास, सहयोग और भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारी संघवाद की भावना के अनुरूप राज्यों और केंद्र के बीच समन्वय से जटिल विषयों पर समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का वातावरण बना है। संवाद और वैज्ञानिक तथ्यों से निकलेगा टिकाऊ समाधान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महानदी से संबंधित विषय में भावनाओं के साथ वैज्ञानिक तथ्यों का भी उतना ही महत्व है। छत्तीसगढ़ को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की मध्यस्थता तथा केंद्रीय जल आयोग के निष्पक्ष, वैज्ञानिक और पारदर्शी तकनीकी आकलन पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि जल उपलब्धता, वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं, सिंचाई, पेयजल, पर्यावरणीय जरूरतों और दोनों राज्यों की विकास संबंधी आवश्यकताओं का समग्र अध्ययन करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। तकनीकी स्तर पर तथ्य स्पष्ट होंगे और राजनीतिक स्तर पर संवाद एवं विश्वास कायम रहेगा तो निश्चित रूप से ऐसा समाधान निकल सकता है, जो दोनों राज्यों को स्वीकार्य हो और आने वाली पीढ़ियों के हित में भी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों के परामर्श और केंद्र सरकार की मध्यस्थता से जो न्यायसंगत एवं व्यावहारिक समाधान सामने आएगा, छत्तीसगढ़ उसे सकारात्मक भावना से आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग करेगा। बस्तर की तरह दृढ़ इच्छाशक्ति और समन्वय से समाधान की दिशा में बढ़ने का विश्वास मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने केंद्र और राज्य के बीच मजबूत समन्वय के सकारात्मक परिणामों को बस्तर में करीब से देखा है। नक्सलवाद जैसी दशकों पुरानी चुनौती से निपटने के लिए सुरक्षा, विकास और जनविश्वास को साथ लेकर जिस समन्वित दृष्टिकोण से काम किया गया, उससे बस्तर में व्यापक बदलाव आया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जटिल और लंबे समय से लंबित विषयों में भी जब स्पष्ट इच्छाशक्ति, निरंतर संवाद और सभी पक्षों के बीच विश्वास हो, तो समाधान की दिशा में निर्णायक प्रगति संभव है। महानदी के विषय पर भी इसी सकारात्मक भावना से दोनों राज्य आगे बढ़ सकते हैं। महानदी विवाद नहीं, सहयोग की धारा बने : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच गहरे सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों पड़ोसी राज्यों के लोगों के बीच आत्मीय संबंध सदियों पुराने हैं। दोनों प्रदेशों की जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली … Read more

वित्त मंत्री एवं जांजगीर जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी बाइक रैली में हुए शामिल, युवाओं का बढ़ाया उत्साह

सेवा संकल्प अभियान: वडनगर से वाराणसी की सेवा यात्रा पहुंची जांजगीर वित्त मंत्री एवं जांजगीर जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी बाइक रैली में हुए शामिल, युवाओं का बढ़ाया उत्साह युवा संवाद में सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का किया आह्वान रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की जनसेवा को समर्पित ‘सेवा संकल्प यात्रा’ वडनगर (गुजरात) से वाराणसी (उत्तर प्रदेश) तक जनसेवा से राष्ट्रसेवा का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत निकली इस यात्रा के जांजगीर पहुंचने पर जिले के प्रभारी मंत्री एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित जनप्रतिनिधियों, युवाओं और नागरिकों ने बाइक यात्रियों का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री चौधरी स्वयं बाइक रैली में शामिल हुए और युवाओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने युवा संवाद कार्यक्रम में युवाओं से सीधा संवाद करते हुए उन्हें सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में वडनगर से वाराणसी तक सेवा यात्रा कर रहे युवाओं को शाल एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक जीवन यात्रा जनसेवा और राष्ट्रसेवा को समर्पित : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी युवा संवाद को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष केवल वर्षों का आंकड़ा नहीं, बल्कि जनसेवा, राष्ट्रसेवा और भारत के विकास के संकल्प की यात्रा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत से ही राष्ट्रहित और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक उनकी सार्वजनिक जीवन की यात्रा सेवा और समर्पण की भावना से जुड़ी रही है। मंत्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक जीवन में प्रतिभाशाली और समाज के लिए योगदान देने की क्षमता रखने वाले लोगों को आगे आने के अवसर प्रदान किए हैं। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। छत्तीसगढ़ को भी विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार और सकारात्मक सोच इस विकास यात्रा को नई गति दे सकती है। विकास के साथ संस्कृति और विरासत को आगे बढ़ाना भी हमारी जिम्मेदारी : मंत्री चौधरी वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि विकास के साथ-साथ अपनी संस्कृति और विरासत को सहेजते हुए आगे बढ़ाना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे सेवा और समर्पण की भावना के साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं तथा विकसित भारत के संकल्प से जुड़कर देश और प्रदेश के विकास में योगदान दें। सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने कहा कि 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से सेवा, समर्पण और जनभागीदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने वडनगर से वाराणसी तक यात्रा कर रहे युवाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश समाज के विभिन्न वर्गों तक प्रभावी रूप से पहुंचता है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने सेवा संकल्प यात्रा में शामिल युवाओं का स्वागत करते हुए कहा कि अभियान के माध्यम से सेवा की भावना को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से नागरिकों तक जनसेवा, विकास और सुशासन से जुड़े कार्यों की जानकारी भी पहुंच रही है। उन्होंने यात्रा में शामिल युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

वागड़ में नकली करेंसी का जाल! 4.95 लाख के जाली नोट से लेकर करोड़ों की बरामदगी तक, सामने आई पूरी कहानी

बांसवाड़ा  गुजरात और मध्यप्रदेश से सीधी कनेक्टिविटी दक्षिणी राजस्थान के बांसवाड़ा-डूंगरपुर के कारोबार को बढ़ाने में मददगार साबित होने के साथ ही अपराध की डगर को भी आसान बना रही है। शराब और पशुओं के अवैध परिवहन के बाद अब वागड़ के इन दोनों जिलों के तार नकली करेंसी से भी सीधे जुड़ रहे हैं। गत वर्षों में सामने आए जाली नोटों के मामलों को जोड़कर देखें तो बांसवाड़ा-डूंगरपुर में नकली करेंसी का खेल यहां रच-बस गया है। हर साल वागड़ के किसी न किसी कस्बे में युवा नकली करेंसी को खपाने की जुगत में पुलिस के हत्थे चढ़ रहे हैं। हालांकि, पुलिस के हत्थे अब तक मास्टरमाइंड नहीं आ पाए हैं। पेट्रोल पंप : आसान निशाना नकली नोट खपाने के लिए पेट्रोल-डीजल पंप बदमाशों के लिए आसान जरिया बन रहे हैं। भीड़भाड़ और लगातार होने वाले नकदी लेनदेन के बीच हर नोट की बारीकी से जांच नहीं हो पाती। यही नकली नोट आगे बाजार और बैंक के कैश काउंटर तक पहुंच जाते हैं। 2026 : डूंगरपुर में 4.95 लाख के नकली नोट सितंबर 2026 में रामसागड़ा थाना क्षेत्र में दो आरोपियों से 4 लाख 95 हजार 500 रुपए के 991 नकली नोट बरामद हुए। पुलिस ने प्रिंटर, कागज, लेमिनेशन मशीन, नोट गिनने की मशीन, मोबाइल, कार और स्कूटी भी जब्त की। आरोपियों ने सोशल मीडिया के जरिए नोट बनाना सीखने की बात सामने आई। 2025 : आनंदपुरी में अंतरराज्यीय गिरोह आनंदपुरी पुलिस ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात तक जुड़े जाली नोट गिरोह का पर्दाफाश कर मुख्य आरोपी सहित 17 से अधिक आरोपियों को पकड़ा। 500, 200 और 100 रुपए के नोट बनाने के उपकरण मिले। दाहोद से लाकर बाजार में खपाने की बात सामने आई। 2024 : कुशलगढ़ में दो करोड़ के बदले नकली नोट मार्च 2024 में लोगों को पैसा दोगुना करने का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपियों से करीब 2 करोड़ 90 लाख रुपए के नकली नोट बरामद किए। 2023 : सागवाड़ा के युवकों का अजमेर कनेक्शन अक्टूबर 2023 में दिल्ली क्राइम ब्रांच ने अजमेर में चल रहे नकली नोट गिरोह का पर्दाफाश किया। इसमें सागवाड़ा के दो युवकों का कनेक्शन सामने आया। दोनों करीब छह लाख रुपए की नकली करेंसी लेकर दिल्ली पहुंचे थे। 2022 : सरकारी क्वार्टर में छप रहे थे नोट अगस्त 2022 में बांसवाड़ा शहर की विद्युत निगम कॉलोनी में पुलिस ने कार्रवाई कर सरकारी विभाग के लेखाकार सहित तीन लोगों को पकड़ा। मौके से 79 हजार रुपए के नकली नोट बरामद हुए। दो राज्यों से सीधा जुड़ाव, निगरानी बड़ी चुनौती गुजरात बॉर्डर : डूंगरपुर से महज 35 और बांसवाड़ा से 142 किमी एमपी बॉर्डर : बांसवाड़ा से 128 और डूंगरपुर से 228 किमी ये 3 प्रमुख कारण 1. गुजरात-एमपी का जुड़ाव : राष्ट्रीय राजमार्ग और लगातार परिवहन की सुविधा के चलते बाहरी क्षेत्रों से यहां पहुंचना आसान है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोग नोट की कागज की मोटाई, छपाई और सुरक्षा चिह्नों पर ध्यान नहीं देते। इसका फायदा उठाकर नकली नोट आसानी से चल जाते हैं। गिरोह युवाओं को लालच देकर पेडलर के रूप में इस्तेमाल करते हैं। ये युवक सार्वजनिक परिवहन के जरिए बड़े शहरों से नकली नोट लाकर स्थानीय बाजार में खपा देते हैं। पुलिस लेती है एक्शन वागड़ गुजरात और एमपी बॉर्डर के नजदीक है। ऐसे में पुलिस को विशेष ध्यान देना पड़ता है और पुलिस आरोपियों की समय-समय पर धरपकड़ भी कर रही है। पुलिस ने अंदरूनी रास्तों पर भी सघन निरीक्षण दल बनाए हैं। वहीं, इन राज्यों की पुलिस से मिलने वाले इनपुट पर भी एक्शन लेते हैं। -सुधीर जोशी, जिला पुलिस अधीक्षक, बांसवाड़ा

नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ राज्यपाल डेका ने की पदयात्रा, गांधी-शास्त्री को किया नमन

नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ राज्यपाल डेका ने की पदयात्रा महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित कर डॉ. अंबेडकर को किया नमन रायपुर, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर आज राजधानी रायपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ पदयात्रा आयोजित की गई। राज्यपाल रमेन डेका पदयात्रा में शामिल हुए और नागरिकों को नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया।         राज्यपाल डेका ने टाउन हॉल परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इसके बाद उन्होंने टाउन हॉल से शुरू हुई पदयात्रा में सहभागिता की। पदयात्रा के दौरान भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।        टाउन हॉल रायपुर से प्रारंभ होकर पदयात्रा अंबेडकर चौक पहुंची, जहां राज्यपाल डेका ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए सामूहिक सहभागिता और जनजागरूकता को महत्वपूर्ण बताया।          पदयात्रा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी सहित बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं, विद्यार्थी और शहर के नागरिक शामिल हुए। पदयात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।

गंगा-कोसी के बाद गंडक ने बढ़ाई मुसीबत, बिहार के 6 जिलों में बाढ़ से हाहाकार; NDRF-SDRF की 41 टीमें उतरीं

पटना गंगा और कोसी की बाढ़ से अभी बिहार उबरा भी नहीं था कि गंडक नदी का कहर बरपा है। गंडक की बाढ़ से पूर्वी व पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण और वैशाली जिले के बड़ी संख्या में गांव घिर गए हैं। चार दिनों के भीतर 14 जगहों पर गंडक के तटबंध या बांध टूटने से हालात भयावह है। पटना जिले के दियारा इलाके में भी परेशानी बढ़ गई है। भयावह होती बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बाढ़ प्रभावित इलाकों में आपदा राहत बल की 41 टीमें तैनात की गई हैं। राहत व बचाव के लिए एनडीआरएफ की 14 और एसडीआरएफ की 27 टीमें की प्रतिनियुक्ति की गई है। सीएम सम्राट चौधरी के निर्देश पर गुरुवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने आपदा प्रबंधन विभाग में वीडियो कांफ्रेंसिंग से बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील जिलों में संचालित राहत और बचाव कार्य की समीक्षा की। बैठक में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, वैशाली एवं मुजफ्फरपुर के जिला पदाधिकारी, एसएसपी एवं एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल भी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव ने संबंधित डीएम को बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को पूरी तत्परता के साथ संचालित करने का निर्देश दिया। गंडक का पानी इस बार तेज गति से और भारी मात्रा में प्रवाहित हो रहा है। गंडक, कोसी, बागमती, गंगा की बाढ़ से करीब 1200 गांव प्रभावित हैं। इन गांवों के हजारों लोग घर छोड़़ ऊंचे स्थानों पर शरण लिये हुए हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत भोजन, दवाइयां और पशुओं के लिए चारे का है। सारण और गोपालगंज की स्थिति यह है कि प्रभावित परिवार जरूरी सामान लेकर बांध पर पहुंचे हैं। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ उन्हें खुले आसमान या प्लास्टिक के टेंट में समय गुजारना पड़ रहा है। घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान और जरूरी वस्तुओं को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी बढ़ने के बाद घरों में रहना मुश्किल हो गया। राहत सामग्री के वितरण में कोई कोताही न बरतें :सम्राट मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में सूखा राशन पैकेजिंग सेंटर का निरीक्षण किया। पैकेजिंग किये जा रहे खाद्य पदार्थों एवं उसकी गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत सामग्रियों के वितरण में कोताही न बरती जाए। बाढ़ पीड़ितों को समय पर खाद्य पदार्थों के साथ ही सभी जरूरत के सामान मुहैया कराए जाएं। पैकेट में चूड़ा, चना, सत्तू, चीनी, मसाला, ओआरएस, माचिस, मोमबत्ती सहित जरूरत की अन्य सामग्रियों को रखा गया है। एयरफोर्स के दो हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री को लोगों के बीच वितरित किया जाएगा। बाढ़ की स्थिति गंभीर, तटबंधों पर भी दबाव : विजय चौधरी उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गंडक सहित अन्य नदियों के तटबंधों पर दवाब की स्थिति है। चार-पांच जगह बगहा, लालगंज में नया उच्चतर बाढ़ स्तर बना हुआ है। अब तक के इतिहास में यह सबसे अधिक ऊंचा पानी पहुंचा है। इस कारण तटबंधों पर दबाव है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थिति के साथ बाढ़ की प्रचंडता बढ़ गई है। तीन-चार दिनों में यूपी और उत्तराखंड में बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। पटना के गांधी घाट में पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।

₹50 हजार रिश्वत लेने के मामले में SHO सुनीता बावा पर कार्रवाई, पंजाब पुलिस से हुई बर्खास्त

मोगा  रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार मोगा के थाना कोट ईसे खां की तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर सुनीता बावा नंबर 33/एफआर को पंजाब पुलिस सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फरीदकोट रेंज की आईजी नीलांबरी जगदाले की ओर से बर्खास्तगी के आदेश जारी किए गए हैं। इंस्पेक्टर सुनीता बावा को 26 सितंबर को विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। जानकारी के अनुसार, विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए तत्कालीन थाना कोट ईसे खां प्रभारी इंस्पेक्टर सुनीता बावा को कथित तौर पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए काबू किया था। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी धाराओं के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी। विजिलेंस की कार्रवाई के बाद मामला पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया। मामले की गंभीरता और विभागीय स्तर पर सामने आए तथ्यों को देखते हुए फरीदकोट रेंज की आईजी नीलांबरी जगदाले ने इंस्पेक्टर सुनीता बावा के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की। आदेश के अनुसार उन्हें पंजाब पुलिस सेवा से तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया गया है। 50 हजार रुपये की रिश्वत का है मामला बताया जा रहा है कि विजिलेंस ब्यूरो के पास रिश्वत मांगने संबंधी शिकायत पहुंची थी। शिकायत की जांच के बाद विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए सुनीता बावा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस की ओर से मामले में आगे की जांच की जा रही है। पुलिस विभाग में तैनात अधिकारी के खिलाफ रिश्वत के मामले में हुई इस कार्रवाई को विभागीय स्तर पर गंभीरता से लिया गया है। बर्खास्तगी के आदेश जारी होने के बाद अब मामले की कानूनी और विभागीय प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी।  

आधुनिक तकनीक और प्रो-एक्टिव पुलिसिंग से मजबूत हुई MP पुलिस की कानून-व्यवस्था

आधुनिक तकनीक, संवेदनशीलता और प्रो-एक्टिव पुलिसिंग: मध्यप्रदेश पुलिस के नवाचार एवं कानून-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण के प्रयास भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस राज्य में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए "देश भक्ति – जन सेवा" के मूलमंत्र के साथ कार्य कर रही है। विगत समय में प्रदेश के विभिन्न जिलों में उत्पन्न हुई अत्यधिक संवेदनशील और जटिल परिस्थितियों में मध्य प्रदेश पुलिस ने बिना किसी अनावश्यक बल प्रयोग या लाठीचार्ज के, केवल "पहले संवाद, फिर सुरक्षा" की सूझबूझ भरी रणनीति और अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था के बल पर शांति स्थापित कर मिसाल कायम की है। ​जिलावार कानून-व्यवस्था के उत्कृष्ट उदाहरण ​1. धार: संवेदनशीलता, संवाद और त्रिस्तरीय सुरक्षा का प्रभावी मॉडल ​साम्प्रदायिक दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील धार जिले में पुलिस एवं प्रशासन ने कानूनी आदेशों के पालन और सौहार्द बनाए रखने में अभूतपूर्व तालमेल का प्रदर्शन किया। जिले मेंपूजन व नमाज शांतिपूर्वक संपन्न कराई गई। 23 जनवरी को  हजारों लोगों की वाग्देवी शोभायात्रा तथा दिनभर में श्रद्धालुओं द्वारा किए गए दर्शन-हवन के दौरान 6 सेक्टरों और 7 जोन में पुलिस बल तथा  आरएएफ (RAF) प्लाटून की तैनाती कर चाक-चौबंद सुरक्षा सुनिश्चित की गई। ​प्रतिबंधात्मक आदेश, सतत शांति समिति बैठकें, ड्रोन व सीसीटीवी निगरानी और आरएएफ/एसटीएफ/क्यूआरएफ के फ्लैग मार्च से माहौल पूरी तरह नियंत्रित रहा। ​कानून-व्यवस्था के दृष्टिगत अनुमति निरस्त होने के बावजूद रैली निकालने की जिद पर अड़े असामाजिक तत्वों के विरुद्ध पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया। मजबूत बैरिकेडिंग और ड्रोन निगरानी के साथ उल्लंघन पर व्यक्तियों की वैधानिक गिरफ्तारी कर शहर में शांति बनाए रखी। ​​2. भोपाल पुलिस कमिश्नरेट: टकराव टालकर किसान आंदोलन में संवाद से समाधान ​मूंग खरीदी और खाद वितरण को लेकर नर्मदापुरम व आसपास के हजारों किसानों द्वारा बैरिकेड्स तोड़ने और राजमार्ग पर 6 घंटे तक चक्काजाम करने की गंभीर स्थिति में भोपाल पुलिस ने लाठीचार्ज या बल प्रयोग से परहेज किया। पुलिस कमिश्नर व प्रशासनिक अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को रोके रखा, जिससे आधी रात को मांगें पूरी होने के साथ चक्काजाम बिना किसी हिंसा के शांतिपूर्वक समाप्त हुआ। गोविंदपुरा क्षेत्र में मारपीट की घटना के बाद शहर के कुछ संवेदनशील इलाकों में विरोध प्रदर्शन और तनाव फैल गया, जहां कुछ जगहों पर पथराव की घटनाएं भी हुईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस नेत्वरित कार्रवाई की, आरोपियों को गिरफ्तार कियाऔर संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस सुरक्षा बल तैनात कर शांति व्यवस्था बहाल की। 3. खंडवा एवं खरगोन जिले: अग्रिम समन्वय से रूट विवादों का खात्मा ​त्योहारों के दौरान जुलूसों के मार्गों और समय को लेकर उत्पन्न होने वाले तनाव को पुलिस ने त्‍योहारों के पूर्व "शांति समिति की बैठकें" आयोजित कर हल किया। दोनों पक्षों के धर्मगुरुओं की आपसी सहमति से रूट व समय निर्धारण करवाकर संभावित झड़पों को शून्य किया गया। ​4. राजगढ़ जिला (ब्यावरा एवं बोड़ा): मध्यस्थता से लिखित समझौता ​ग्रामीण इलाकों में धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर और रात्रिकालीन आयोजनों को लेकर उभरे विवाद में पुलिस ने थाना परिसरों में आपातकालीन बैठकें आयोजित कीं। कानून और भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए पुलिस की मध्यस्थता में दोनों पक्षों से समय-सीमा और ध्वनि नियंत्रण का लिखित समझौता कराया गया। इसी प्रकार मध्यप्रदेश पुलिस ने "देशभक्ति-जनसेवा" के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, अपराध नियंत्रण और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य किए हैं। पारंपरिक पुलिसिंग से आगे बढ़कर अब म.प्र. पुलिस स्मार्ट, तकनीकी रूप से सक्षम और जन-संवेदनशील पुलिसिंग को प्राथमिकता दे रही है।   1. डिजिटल नवाचार एवं पारदर्शी नागरिक सेवाएं नागरिकों को बिना किसी झंझट के पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल माध्यमों को सशक्त बनाया गया है: ई-जीरो एफआईआर (E-Zero FIR) के दायरे का विस्तार: नागरिकों की सुविधा के लिए चोरी या संपत्ति संबंधी नुकसान की ऑनलाइन रिपोर्टिंग सीमा, जो पहले ₹1,00,000 थी, उसे घटाकर अब ₹25,000 कर दिया गया है। इससे छोटे अपराधों और संपत्ति चोरी की स्थिति में आम नागरिकों को त्वरित राहत और ऑनलाइन एफआईआर की सुविधा मिल रही है। ई-रक्षक ऐप (e-Rakshak Mobile App):राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (SCRB, भोपाल) द्वारा विकसित यह स्मार्ट-पुलिसिंग ऐप सुरक्षा व्यवस्था संभालने और नागरिकों तक आपातकालीन सेवाएं पहुँचाने में तकनीक का बेहतरीन उदाहरण है। सिटीजन पोर्टल (Citizen Portal):चरित्र सत्यापन (Character Verification), किरायेदार/कर्मचारी सत्यापन और ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने जैसी बहुमूल्य सेवाएं घर बैठे उपलब्ध हो रही हैं। क्यूआर कोड आधारित शिकायत व्यवस्था: भीड़भाड़ वाले बाजारों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक स्थलों पर क्यूआर कोड स्थापित किए गए हैं, जिन्हें स्कैन कर नागरिक बिना थाने जाए गोपनीय व सीधी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। डायल-112 व फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल (FRV): किसी भी आपात स्थिति में सूचना मिलते ही न्यूनतम रिस्पांस टाइम में सहायता उपलब्ध कराने के लिए डायल-112 को आधुनिक जीपीएस व एफआरवी नेटवर्क से लैस किया गया है। अपराधियों का डिजिटल रिकॉर्ड: एक क्लिक पर संदिग्धों का क्रिमिनल बैकग्राउंड, हिस्ट्री शीट और पूर्व रिकॉर्ड की जांच। ​फेशियल रिकग्निशन व वाहन ट्रैकिंग: चेहरे की पहचान कर संदिग्धों को चिह्नित करना तथा चोरी/लावारिस वाहनों और संपत्तियों को तुरंत ट्रैक करना। ​डिजिटल सम्मन/वारंट: समन व वारंट की तामीली को पारदर्शी और त्वरित बनाना। 2. महिला एवं बाल सुरक्षा: संवेदनशीलता और सख्त निगरानी महिला, बालिकाओं एवं कमजोर वर्गों की सुरक्षा मध्यप्रदेश पुलिस की सर्वोच्च ​“शी-शक्ति” (She-Shakti) अभियान: भोपाल पुलिस कमिश्नरेट द्वारा महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत महिला पुलिसकर्मियों द्वारा शहर भर में वाहन रैलियां निकालकर जागरूकता फैलाई जा रही है। ​हॉटस्पॉट व संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष पेट्रोलिंग: प्रमुख बाजारों, पूजा स्थलों, मेलों, गरबा/डांडिया पंडालों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में प्रत्येक थाने से हॉटस्पॉट चिह्नित कर आरक्षक से निरीक्षक स्तर तक की महिला पुलिस पेट्रोलिंग पार्टियां तैनात की गई हैं। ​त्वरित कार्रवाई व उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग: छेड़छाड़, फब्तियां कसने और पीछा करने जैसी घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिएअतिरिक्त/सहायक पुलिस आयुक्त (महिला सुरक्षा) स्तर के अधिकारी इसकी निगरानी कर रहे हैं। ​ऊर्जा डेस्क (Urja Desk):प्रदेश के सभी प्रमुख थानों में महिला केंद्रित शिकायतों की सुनवाई और त्वरित निस्तारण के लिए समर्पित महिला डेस्क सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। हेल्पलाइन नेटवर्क: महिला हेल्पलाइन (1090 / 181): संकटग्रस्त महिलाओं को विधिक, चिकित्सीय एवं पुलिस सहायता। चाईल्ड हेल्पलाइन (1098): बाल अपराधों की रोकथाम और गुमशुदा/मुसीबत में फंसे बच्चों के त्वरित … Read more

जुमे की नमाज को लेकर उज्जैन में सुरक्षा कड़ी, RAF-STF-CRPF की 3 कंपनियां तैनात

उज्जैन  उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को तोड़ने के दौरान सोमवार को हुए उपद्रव के पांचवें दिन भी उज्जैन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। गुरुवार को मीनार का हिस्सा गिरने के बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरा बनाया।  शाही मस्जिद से करीब 500 मीटर से भी आगे तक पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी है। इस क्षेत्र के आगे लोगों की आवाजाही रोक दी गई है। गुदरी चौराहा, कंठाल से आगे भी आवाजाही रोकी शाही मस्जिद की ओर जाने वाले रास्तों पर गुदरी चौराहा, कंठाल, खारा कुआं थाना और गेबी हनुमान मंदिर क्षेत्र के आगे भी लोगों को रोका जा रहा है। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया है। चेकिंग पॉइंट बनाकर आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है। 1 से 3 बजे तक इन इलाकों में नमाज शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे के बीच जुमे की नमाज के लिए मुस्लिम समाज के लोगों के अलग-अलग मस्जिदों में पहुंचने की संभावना है। प्रशासन ने जामा मस्जिद सब्जी मंडी, केसवानी मोहल्ला, कबाड़ा बाजार, केडी मदीना मस्जिद, लोहे का पुल, कोट मोहल्ला चौराहा, महाकाल मंदिर चौराहा और लखेरवाड़ी क्षेत्र में भी सुरक्षा बढ़ाई है। इन इलाकों में नमाज के दौरान भीड़ जमा होने को देखते हुए पुलिस बल को अलग-अलग पॉइंट पर तैनात किया गया है। RAF-STF-CRPF की 3 कंपनियां तैनात एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था में RAF, STF और CRPF की कुल 3 कंपनियां तैनात हैं। भीड़ प्रबंधन, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल को अलग-अलग स्थानों पर लगाया गया है। 8 ड्रोन और करीब 100 CCTV कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। नमाज और भीड़ प्रबंधन पर फोकस प्रशासन ने शुक्रवार को नमाज के दौरान भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता दी है। संवेदनशील इलाकों में तैनात पुलिसकर्मियों के अलावा अतिरिक्त बल को रिजर्व रखा गया है। बैरिकेडिंग और चेकिंग पॉइंट के जरिए शाही मस्जिद की ओर जाने वाले रास्तों पर निगरानी रखी जा रही है। आठ एफआईआर, 34 आरोपित; 24 गिरफ्त में उपद्रव को लेकर पुलिस ने अब तक आठ एफआइआर दर्ज की हैं। इनमें 34 लोगों को आरोपित बनाया गया है। इनमें से 24 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं। आरोपितों की संख्या बढ़ सकती है। एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज, इंटरनेट मीडिया और तकनीकी जांच के आधार पर अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। शाही मस्जिद की मीनार का हिस्सा टूटकर छत पर गिरा वहीं, शाही मस्जिद के 10 फीट हिस्से को मस्जिद कमेटी द्वारा हटवाने का कार्य जारी है। इस दौरान गुरुवार को मीनार का हिस्सा टूटकर मुख्य छत पर गिर गया। इससे छत को नुकसान पहुंचा और मलबा अंदर बिखर गया। शहर काजी खलीकुर्रहमान ने स्पष्ट किया कि मीनार का हिस्सा तकनीकी दुर्घटना के कारण टूटकर गिरा। इसको लेकर कोई भ्रामक बातें न फैलाए। मीनार को जल्द ही दोबारा बनाया जाएगा। वहीं, उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि दुर्घटनावश टूटकर गिरे हिस्से से किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, न ही किसी को चोट आई है। उधर, महाकाल मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर महाकाल घाटी चौराहा तक मार्ग को 24 मीटर करने के लिए गुरुवार को नगर निगम ने 39 होटल, मकान और दुकानों के बाधक हिस्सों पर बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया।  

स्मार्ट मीटर और सूर्यघर योजना से बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता, उपभोक्ताओं को दोहरा लाभ

स्मार्ट मीटर से पारदर्शी बिजली व्यवस्था, सूर्यघर योजना से उपभोक्ताओं को दोहरा लाभ – मासिक खपत के आंकड़ों में नहीं हुई वृद्धि, 43 लाख परिसरों में लग चुके स्मार्ट मीटर – 1.10 लाख से अधिक सोलर प्लांट स्थापित, प्रतिदिन 500 से अधिक नए प्लांट लग रहे – स्मार्ट मीटर और पीएम सूर्यघर योजना से उपभोक्ता सेवा में पारदर्शिता और ऊर्जा बचत को बढ़ावा रायपुर   छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के माध्यम से आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए ऊर्जा क्षेत्र में सुधार की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। स्मार्ट मीटर से बिजली खपत की पारदर्शी निगरानी संभव हो रही है, वहीं पीएम सूर्यघर योजना के माध्यम से घरेलू उपभोक्ता सौर ऊर्जा का लाभ लेकर बिजली बिल में कमी के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की सब्सिडी का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में कुल 52 लाख 28 हजार घरेलू उपभोक्ता हैं, जिनमें से 47 लाख से अधिक उपभोक्ता मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना का लाभ ले रहे हैं। वर्ष 2025-26 में 200 यूनिट से कम मासिक खपत वाले उपभोक्ताओं की संख्या 41.40 लाख, 200 से 400 यूनिट वाले उपभोक्ताओं की संख्या 6.85 लाख तथा 400 यूनिट से अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं की संख्या 2.71 लाख थी। वर्ष 2026-27 में क्रमशः इनकी संख्या 42.40 लाख, 7.34 लाख और 2.56 लाख है। इस प्रकार विगत वर्ष की तुलना में मासिक खपत में अप्रत्याशित वृद्धि नहीं हुई है, यह सामान्य वार्षिक ग्रोथ के अनुसार ही है। खपत की वृद्धि स्मार्ट मीटर और गैर स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं में एक ही अनुपात में है।  स्मार्ट मीटर से खपत में कोई अवांछित वृद्धि नहीं: मई 2025 से जुलाई 2026 तक के विभिन्न महीनों के आंकड़ों एवं विश्लेषण से यह निष्कर्ष सामने आया है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के कारण उपभोक्ताओं की बिजली खपत में किसी भी प्रकार की अवांछित वृद्धि नहीं हुई है। यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर लगाने के बाद अधिक विद्युत बिल आने की शिकायत है, तो उसके परिसर में चेक मीटर लगाने का भी प्रावधान है। स्मार्ट मीटर लगाने का प्रावधान:- स्मार्ट मीटर लगाने हेतु छत्तीसगढ़ में 13 जुलाई 2022 को डी.पी.आर. स्वीकृत किया गया, इसका टेंडर 11 अप्रैल 2023 को प्रकाशित किया गया। मई 2023 में कंपनियों को प्रदेश में 55 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का एल.ओ.ए. जारी किया गया। वर्तमान में लगभग 43 लाख उपभोक्ता परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से 7,780 उपभोक्ता परिसरों में स्मार्ट मीटर के साथ चेक मीटर भी लगाया गया है। इन सभी परिसरों में चेक मीटर और स्मार्ट मीटर में दर्ज खपत का अंतर निर्धारित मानक सीमा के भीतर ही पाया गया है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण विनियम 2026 के अनुसार सभी उपभोक्ता परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य किया गया है। उपभोक्ताओं को मिल रही ऊर्जा राहत: घरेलू क्षेत्र में जिन उपभोक्ताओं की मासिक खपत 400 यूनिट तक है, उन्हें मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना के तहत 200 यूनिट की खपत पर 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। प्रदेश में लगभग 15 लाख बीपीएल (एलपीएस) श्रेणी के उपभोक्ता हैं, जिन्हें 30 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। 31 से 100 यूनिट तक बिजली का उपयोग करने वाले बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं को मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना के तहत अतिरिक्त छूट/सहायता भी दी जा रही है। सूर्यघर योजना से बिजली बिल में कमी: पीएम सूर्यघर योजना के तहत सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं को दोहरा लाभ मिल रहा है। ऐसे उपभोक्ताओं का बिजली बिल लगभग शून्य अथवा अपेक्षाकृत काफी कम हुआ है। योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा 3 किलोवाट क्षमता के प्लांट पर अधिकतम 78 हजार रुपये तथा राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है। सोलर प्लांट की लागत राशि की व्यवस्था के लिए राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा 6 प्रतिशत से भी कम ब्याज दर पर 2 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक पीएम सूर्यघर योजना के तहत प्रदेश के लाभार्थी उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार द्वारा 661 करोड़ रुपये तथा राज्य सरकार द्वारा 225 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। प्रदेश में अब तक 1 लाख 11 हजार 713 सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें से 35 हजार से अधिक सोलर उपभोक्ताओं के बिल जीरो आ रहें हैं। पिछले वर्ष की तुलना में 60 हजार से अधिक लाभार्थी उपभोक्ता मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना का लाभ ले रहे हैं। पीएम सूर्यघर योजना के प्रति बढ़ते रुझान के चलते प्रदेश में अब प्रतिदिन 500 से अधिक सोलर प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। ऐसे उपभोक्ता जो 400 यूनिट से अधिक मासिक खपत के कारण मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे, वे भी तेजी से सूर्यघर योजना के तहत सोलर प्लांट लगाकर योजना की सब्सिडी के साथ मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना का दोहरा लाभ प्राप्त कर रहे हैं। अनेक उपभोक्ताओं के सोलर प्लांट लगने से उनके बिजली बिल में कमी आई है और वे निचले वाले स्लैब में शिफ्ट हुए हैं। इससे 200 यूनिट और 400 यूनिट खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में वृद्धि हुई है। इस प्रकार राज्य सरकार विद्युत उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण और ऊर्जा सुधार के लिए लगातार कार्य कर रही है। उपभोक्ता सेवा में पारदर्शिता बढ़ाने तथा सेवाओं को अधिक सुविधायुक्त बनाने की दिशा में भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में मासिक खपतवार घरेलू उपभोक्ता विवरण निम्नानुसार हैः- मासिक खपत यूनिट 200 से कम 200 – 400 400 से अधिक उपभोक्ता संख्या (लाख में) वर्ष जुलाई 2025 – 26 41.4 6.85 2.71 उपभोक्ता संख्या (लाख में) वर्ष जुलाई 2026 – 27 42.4 7.34 2.56 निष्कर्षः- 400 यूनिट से अधिक मासिक खपत करने वाले उपभोक्ता पी.एम. सूर्य घर योजना के तहत सोलर प्लांट लगा कर 400 यूनिट से कम खपत के दायरे में शामिल हुए हैं एवं 200 से 400 यूनिट वाले स्लैब के उपभोक्ता 200 से कम यूनिट वाले स्लैब में आ गए हैं।