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अनुपूरक बजट 2025-2026, पंचायत चुनावों के लिए 200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान

अनुपूरक बजट में पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने पर योगी सरकार का फोकस पंचायतों से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी सुदृढ़ करने का खाका तैयार अनुपूरक बजट के जरिए ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति लखनऊ, योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के अनुपूरक बजट में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के सफल और सुचारु आयोजन के लिए 200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि का प्रस्ताव किया है। पंचायती राज विभाग से जुड़े इस प्रस्ताव का उद्देश्य चुनावी तैयारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। योगी सरकार के इस कदम को ग्रामीण लोकतंत्र को सशक्त करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने न केवल चुनावी प्रक्रिया बल्कि पंचायतों से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करने का खाका तैयार किया है। इस तरह मजबूत बनाई जाएंगी पंचायतें सीएम योगी के निर्देश पर पंचायतों के सशक्तिकरण पर सरकार विशेष जोर दे रही है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के लिए अनुपूरक बजट 2025-2026 के अंतर्गत 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया जा रहा है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय भवन निर्माण के लिए 24.50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया गया है। हर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण हिस्से में पंचायत उत्सव भवन प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण हिस्से में पंचायत उत्सव भवन या बारात घर के निर्माण पर योगी सरकार का विशेष ध्यान है। इसके लिए प्रतीकात्मक राशि के तहत एक लाख रुपये का प्रावधान किया जा रहा है। आवश्यक धनराशि बचत मद से वहन की जाएगी। वहीं, जिला पंचायत शाहजहांपुर में भवन निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। योगी सरकार की कोशिश है कि इन प्रावधानों से पंचायत स्तर पर प्रशासनिक क्षमता बढ़ेगी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक गतिविधियों को स्थान मिलेगा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया अधिक सुदृढ़ होगी। अनुपूरक बजट से ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।

नवा रायपुर में रहस्यमय हत्या, ब्लू वाटर में मिली सिर कटी लाश, पुलिस जांच में जुटी

रायपुर राजधानी रायपुर के नवा रायपुर स्थित ब्लू वाटर खदान में एक अज्ञात व्यक्ति का शव तैरता हुआ मिला। शव की हालत बेहद भयावह है, मृतक का सिर शरीर से अलग था, जो मौके पर नहीं मिला है। वहीं उसके हाथ के पंजे भी गायब है। स्थानीय लोगों ने पानी में शव दिखाई देने के बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी। बता दें कि सूचना मिलते ही माना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया। प्रारंभिक जांच में शव की पहचान नहीं हो सकी है। शव की स्थिति और सिर के गायब होने को देखते हुए हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या कहीं और कर शव को खदान में फेंका गया है या घटना स्थल पर ही वारदात को अंजाम दिया गया। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मृतक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। आसपास के थानों में गुमशुदगी की रिपोर्ट खंगाली जा रही है। माना थाना पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और हर पहलू को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है।

30 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर- मंत्री सिंह30 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर- मंत्री सिंह

स्कूलों में नामांकन दर को बढ़ाने एवं ड्रॉपआउट दर को घटाने के लिये किये गये ठोस प्रयास 30 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर बच्चों को दी जाने वाली सुविधाएं शैक्षणिक सत्र समय पर कराई गई उपलब्ध विकास और सेवा के 2 वर्ष पर स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री सिंह ने पत्रकार वार्ता में दी जानकारी भोपाल  स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि इस वर्ष शैक्षणिक सत्र में बच्चों को राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाएं निर्धारित समय पर उपलब्ध कराई गई हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली बार 'प्रवेशोत्सव' का आयोजन अप्रैल के प्रथम सप्ताह में ही शुरू किया था। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सराहनीय रही है। स्कूलों में कक्षा एक, 6 और 9 में प्रवेश प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। कक्षा 6 में प्रवेश के लिये प्रधानाध्यापक और माध्यमिक शाला में कक्षा 9 में प्रवेश के लिये प्राचार्य को जिम्मेदारी दी गई। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह सोमवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में विकास और सेवा के 2 वर्ष पर केन्द्रित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल, परिवहन विभाग के सचिव श्री मनीष सिंह, परिवहन आयुक्त श्री विवेक शर्मा, संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह एवं विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे। कक्षा 5 एवं 8 की बोर्ड पैटर्न परीक्षा परिणाम मार्च में घोषित मंत्री श्री सिंह ने बताया कि कक्षा एक में कुल नामांकन वर्ष 2025-26 में पिछले वर्ष की तुलना में 19.6 प्रतिशत एवं शासकीय विद्यालयों में 32.4 प्रतिशत अधिक रहा है। प्रदेश में बच्चों की पढ़ाई शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही हो, इसके लिये कक्षा 5 एवं 8 की बोर्ड पैटर्न परीक्षा के परिणाम मार्च माह में ही घोषित कर दिये गये। उन्होंने बताया कि शासकीय योजनान्तर्गत निजी विद्यालयों में अध्ययनरत पात्र परिवारों के लगभग 8 लाख 50 हजार बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति पूर्णत: ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से की गई। पिछले 3 वर्षों में सभी कक्षाओं में ड्रॉपआउट दर में कमी आई है। वर्ष 2024-25 में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 6.8 प्रतिशत से घटकर शून्य हो गई है। समग्र आईडी के माध्यम से 90 प्रतिशत बच्चों की ट्रेकिंग पूर्ण की गई है। प्रोत्साहन एवं अन्य योजनाएं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने बताया कि बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें समय पर उपलब्ध कराई गईं और उनकी छपाई गुणवत्ता में सुधार किया गया। 94 हजार 300 प्रतिभाशाली बच्चों को लेपटॉप और 7 हजार 800 विद्यार्थियों को स्कूटी वितरित की गई। पहली बार साइकिल वितरण का कार्य अगस्त माह में ही कर लिया गया। आगामी शैक्षणिक सत्र से अप्रैल 2026 में ही साइकिल वितरण का कार्य किया जायेगा। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को छात्रवृत्ति, गणवेश, छात्रावास एवं छात्राओं के सेनिटेशन एवं हाइजीन के लिये डीबीटी के माध्यम से राशि अंतरित की गई। उन्होंने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान की तीसरी किश्त के लिये केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजने वाला देश का तीसरा एवं पहला बड़ा राज्य मध्यप्रदेश है। प्रदेश में पहली बार अतिथि शिक्षक की व्यवस्था 1 जुलाई को पूर्ण की गई। वर्तमान में 76 हजार 325 अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। सरकारी स्कूलों में 20 हजार से अधिक अतिशेष शिक्षकों का स्थानांतरण, शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों में किया गया। सरकारी स्कूलों में 20 हजार से अधिक अतिशेष शिक्षकों को शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में भेजा गया। उल्लेखनीय उपलब्धि              प्रदेश में 80 प्रतिशत नियमित शिक्षकों की एवं 96 प्रतिशत अतिथि शिक्षकों की 'हमारे शिक्षक' जियो टेग आधारित ऐप में दर्ज की जा रही है। इस ऐप में अवकाश प्रबंधन और शिकायत निवारण सुविधा भी 1 जनवरी 2026 से लागु कर दी जायेगी।              18 जिला एवं प्रशिक्षण संस्थानों का उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में विकास।              आगामी शैक्षणिक वर्ष से पूर्णत: ऑनलाइन छात्रावास प्रबंधन एवं प्रवेश के लिये सॉफ्टवेयर।              पहली बार जिलों को सरकारी स्कूल भवन मरम्मत, पेयजल एवं बिजली व्यवस्था के लिये निधि आवंटित।              अगले वर्ष तक सभी सरकारी हाई स्कूल, हायर सेकेण्डरी एवं मिडिल स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था।              प्रदेश के 275 सांदीपनि एवं 799 पीएमश्री विद्यालयों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप विकसित करने की योजना। प्रदेश के 275 सांदीपनि विद्यालयों में से 79 भवन पूर्ण और 126 सांदीपनि भवनों का कार्य मार्च 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य।              वर्तमान में 3367 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा। पिछले वर्षों में 690 विद्यालयों में कृषि संकाय प्रारंभ। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में नामांकित विद्यार्थियों की संख्या 6 लाख हुई।              वर्ष 2024-25 में कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा प्रतिशत 56 प्रतिशत से बढ़कर 76.22 प्रतिशत हुआ। इसमें लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तीर्ण प्रतिशत 63 प्रतिशत से बढ़कर 74.56 प्रतिशत हुआ। इसमें 12 प्रतिशत वृद्धि हुई। द्वितीय बोर्ड परीक्षा का संचालन माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड द्वारा किया गया। द्वितीय परीक्षा उपरांत अंतिम उत्तीर्ण प्रतिशत कक्षा 10 के लिये 87.52 प्रतिशत तथा कक्षा 12 के लिये 82.53 प्रतिशत रहा।              राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिये टास्क फोर्स की बैठक नियमित। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार 49 पाठ्य पुस्तकों का हिन्दी एवं स्थानीय भाषा में प्रकाशन। पुस्तकें 89 ट्राइबल विकासखंड शालाओं को भेजी गई।              निजी विद्यालयों की मान्यता निरीक्षण एवं अपील प्रक्रिया के लिये 'एण्ड टू एण्ड' ऑनलाइन पोर्टल को इस वर्ष शुरू किया जायेगा। स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े कार्यालयों को एक ही भवन और परिसर में लाने के लिये 20 मंजिल के कार्यालय भवन का निर्माण प्रस्तावित। परिवहन विभाग की उपलब्धियां परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने राज्य सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पत्रकार वार्ता में परिवहन विभाग की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग की प्रक्रिया को सरल बनाने तथा आम जनता को सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाहनों के परमिट तथा ड्राइविंग लाइसेंस आदि सेवाओं को पोर्टल … Read more

समाज की कुरीतियों को दूर करने के लिये बालिकाओं के साथ बालकों को भी जागरूक करें : मंत्री सुश्री भूरिया

महिलाओं का सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मंत्री सुश्री भूरिया समाज की कुरीतियों को दूर करने के लिये बालिकाओं के साथ बालकों को भी जागरूक करें : मंत्री सुश्री भूरिया मंत्री सुश्री भूरिया की अध्यक्षता में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रथम अनुश्रवण समिति की बैठक भोपाल महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया की अध्यक्षता में आज अनुश्रवण समिति की प्रथम बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। बैठक में महिलाओं के उत्थान और उनकी आजीविका को बेहतर बनाने के लिये 21 विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा कर आगामी कार्य-योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि बाल विवाह रोकने के सार्थक प्रयास में विद्यालयों और महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को भी इसकी समझाइश दी जाये उन्हें समाज की कुरीतियों को दूर करने और उनके रोकने के लिये जागरूक किया जाये । विमुक्त घुमंतू जातियों के उत्थान के लिये करें विशेष प्रयास उद्योग एवं आदिम जाति विभाग के संयुक्त प्रयास से वर्किंग वीमेन हॉस्टल की हर जिले में स्थापना की जाये ताकि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को और बेहतर किया जा सके । मंत्री सुश्री भूरिया ने बैठक में कहा कि महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए तथा जमीनी स्तर पर नियमित अनुश्रवण किया जाए। बैठक में पोषण अभियान, आंगनवाड़ी सेवाएं, किशोरी बालिका योजना, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं तथा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों की वर्तमान स्थिति पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। मंत्री ने योजनाओं में आ रही चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। सुश्री भूरिया ने कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से नवाचार आधारित प्रयासों को बढ़ावा देने और विभागीय समन्वय को मजबूत करने पर भी जोर दिया। बैठक में विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव आयुक्त, महिला एवं बाल विकास सुश्री निधि निवेदिता सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने, नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए आवंटित की बड़ी रकम

अनुपूरक बजट 2025-26 योगी सरकार ने चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण को दिये 423.80 करोड़  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने, नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए आवंटित की बड़ी रकम  अनुपूरक बजट से सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को मिलेगा विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ेगी गुणवत्ता लखनऊ  योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पेश अनुपूरक बजट में चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण को बड़ी प्राथमिकता दी है। प्रदेश में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने, नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से कुल 423.80 करोड़ रुपये की धनराशि का आवंटन किया गया है। यह बजट आवंटन प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। एसजीपीजीआई लखनऊ को दिये 120 करोड़ योगी सरकार ने अनुपूरक बजट में प्रदेश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों को वेतन अनुदान, गैर-वेतन अनुदान, व्यावसायिक एवं विशेष सेवाओं तथा विभिन्न मदों के लिए अतिरिक्त धनराशि दी गई है। सीतापुर स्थित नेहरू इंस्टिट्यूट ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी एंड रिसर्च को वेतन अनुदान के लिए 1.74 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट दिया है। वहीं कैंसर संस्थान लखनऊ को विभिन्न मदों के लिए 10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट दिया है। लखनऊ के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों पर भी सरकार का विशेष फोकस रहा है। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) लखनऊ को विभिन्न मदों के लिए अलग-अलग प्रस्तावों के तहत 120 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता को बजट में शामिल किया गया है। इसके अलावा, सेंटर ऑफ बायोमेडिकल रिसर्च, लखनऊ को वेतन अनुदान के लिए 1 करोड़ रुपये दिए गए हैं। डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, गोमतीनगर को भी वेतन अनुदान के लिए 20 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है। वहीं, किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU)को वेतन अनुदान के लिए 25 करोड़ रुपये दिए गए हैं। मेरठ, झांसी, गोरखपुर और प्रयागराज मेडिकल कॉलेज को भी आवंटित की धनराशि  योगी सरकार ने सरकार ने गंभीर और दीर्घकालिक रोगों के उपचार पर भी ध्यान दिया है। हीमोफीलिया रोग की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा के तहत औषधि और रसायनों की खरीद के लिए 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है, जिससे हजारों मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेजों को भी बड़ी धनराशि आवंटित की गई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज, आजमगढ़ को व्यावसायिक एवं विशेष सेवाओं के लिए 50 लाख रुपये, बांदा मेडिकल कॉलेज को 2.18 करोड़ रुपये, सैफई (इटावा) स्थित रूरल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज को गैर-वेतन अनुदान के लिए 73.09 लाख रुपये दिए गए हैं। मेडिकल कॉलेज आगरा को 9.5 करोड़, गणेश शंकर विद्यार्थी स्मारक मेडिकल कॉलेज, कानपुर को 8.75 करोड़ और मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज को 6 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता के तहत बजट मिला है। इसी क्रम में मेडिकल कॉलेज, मेरठ को 10.65 करोड़, झांसी को 3.85 करोड़, गोरखपुर को 5.07 करोड़ रुपये दिए गए हैं। कानपुर स्थित गणेश शंकर विद्यार्थी स्मारक मेडिकल कॉलेज में स्थापित कार्डियोलॉजिकल इंस्टिट्यूट को व्यावसायिक एवं विशेष सेवाओं के लिए 5 लाख रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए स्थापित नर्सिंग कॉलेजों को भी 8.97 लाख रुपये दिए गए हैं। अन्य मेडिकल कॉलेजों में एटा को वेतन अनुदान के लिए 2 करोड़, हरदोई को गैर-वेतन अनुदान के लिए 7.5 करोड़, प्रतापगढ़ को 15 करोड़, फतेहपुर को 5.5 करोड़, सिद्धार्थनगर को 15.5 करोड़, देवरिया को 6 करोड़, गाजीपुर को 15.5 करोड़ और मीरजापुर को गैर-वेतन अनुदान के लिए 5.5 करोड़ रुपये दिए गए हैं। जेके इंस्टिट्यूट ऑफ रेडियोलॉजी एंड कैंसर रिसर्च में विशेष सेवाओं पर फोकस योगी सरकार ने नोएडा में सुपर स्पेशियलिटी बाल चिकित्सालय एवं पोस्ट ग्रेजुएट शैक्षणिक संस्थान की स्थापना के लिए वेतन अनुदान के लिए 2 करोड़ रुपये तथा ग्रेटर नोएडा में चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 7 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बदायूं, फिरोजाबाद, बस्ती, अयोध्या, बहराइच और शाहजहांपुर के मेडिकल कॉलेजों को भी विभिन्न मदों के लिए करोड़ों रुपये की अतिरिक्त धनराशि दी गई है। फेज-थ्री के तहत स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों के संचालन के लिए 45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही जेके इंस्टिट्यूट ऑफ रेडियोलॉजी एंड कैंसर रिसर्च, कानपुर को भी विशेष सेवाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि दी गई है। प्रदेश के कई जिलों जैसे एटा, हरदोई, प्रतापगढ़, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, गाजीपुर, मीरजापुर सहित अन्य जिलों में नए स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए प्रतीक रूप में राज्यांश की व्यवस्था की गई है।

बड़वाह-धामनोद 4 लेन मार्ग मय पेव्हड शोल्डर के निर्माण कार्यों के लिए 2,508 करोड़ 21 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 अंतर्गत योजनाओं एवं कार्यक्रमों के लिए 5 वर्षों की निरंतरता की स्वीकृति मध्यप्रदेश धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जबलपुर के द्वितीय चरण के भवन निर्माण के लिए 197 करोड़ 13 लाख रूपये स्वीकृत तहसील स्तर पर स्वचालित मौसम केन्द्र एवं ग्राम पंचायत स्तर पर स्वचालित रेनगेज स्थापना के लिए 434 करोड़ 58 लाख रुपये स्वीकृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक सोमवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा बड़वाह-धामनोद 4-लेन मार्ग मय पेव्हड शोल्डर (लंबाई 62.795 किमी) के साथ हाइब्रिड एज्युटी मॉडल के अंतर्गत भू-अर्जन सहित उन्नयन एवं निर्माण के लिए 2,508 करोड़ 21 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। परियोजना अंतर्गत 10 बायपास, 5 वृहद पुल, 23 मध्यम पुल, 12 VUP/SVUP, 7 वृहद जंक्शन एवं 56 मध्यम जंक्शन का निर्माण किया जायेगा। निर्माण की लागत का 40 प्रतिशत हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (एचएएम) के अंतर्गत मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा राज्य राजमार्ग निधि से जीएसटी सहित वहन किया जाएगा। शेष 60 प्रतिशत राशि का प्रावधान संचालन अवधि में 15 वर्षों तक 6 माही एन्युटी के रूप में राज्य बजट के माध्यम से किया जाएगा। सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 अंतर्गत योजनाओं एवं कार्यक्रमो को आगामी 5 वर्षों की निरंतरता की स्वीकृति मंत्रि-परिषद् द्वारा सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 अंतर्गत योजनाओं एवं कार्यक्रमो को भारत सरकार द्वारा स्वीकृत मापदण्ड के अनुक्रम में 16वां वित्त आयोग निर्धारित अवधि वर्ष 2026-27 से 2030-31 में आगामी 05 वर्षों की निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस योजना में आंगनवाड़ी सेवा योजना (पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, शाला पूर्व शिक्षा, आंगनवाड़ी भवन निर्माण सक्षम आंगनवाड़ी सहित), पोषण अभियान, किशोरी बालिकाओं के लिए योजना, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण आदि सम्मिलित है। यह योजना प्रदेश के सभी 55 जिलों की 453 बाल विकास परियोजनाओं अंतर्गत 97 हजार 882 आंगनवाड़ी केंद्र के माध्यम से संचालित की जाती है। मध्यप्रदेश धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जबलपुर के द्वितीय चरण के भवन निर्माण के लिए 197 करोड़ 13 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद् द्वारा मध्यप्रदेश धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जबलपुर के द्वितीय चरण के भवन निर्माण के लिए 197 करोड़ 13 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। द्वतीय चरण के अंतर्गत एडमिनिस्ट्रेशन ब्लॉक, एकेडमिक ब्लॉक, कुलगुरु और कुल सचिव आवास तथा 12 मल्टीस्टोरी स्टाफ क्वार्टर्स, कैंपस बाउंड्रीवाल आदि का निर्माण किया जाएगा। इस विधि विश्वविद्यालय में BA LLB (Hons), LLB(Hons) एवं PhD पाठ्यक्रम में 1,272 सीट्स स्वीकृत हैं और वर्तमान में 720 विद्यार्थी अध्यनरत हैं। तहसील स्तर पर स्वचालित मौसम केन्द्र एवं ग्राम पंचायत स्तर पर स्वचालित रेनगेज स्थापित के लिए 434 करोड़ 58 लाख रुपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद् द्वारा प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के WINDS (वेदर इंर्फोमेशन नेटवर्क एंड डाटा सिस्टम) कार्यक्रम के क्रियान्वयन की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार प्रत्येक तहसील स्तर पर स्वचालित वेदर स्टेशन और ग्राम पंचायत स्तर पर स्वचालित रेनगेज स्थापित किए जायेंगे। मंत्रि-परिषद् ने इसके लिए 434 करोड़ 58 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। WINDS कार्यक्रम के संचालन से मौसम आधारित आंकडे उपलब्ध होंगे, जिससे प्रदेश के कृषकों के हित में फसल बीमा योजना का क्रियान्वयन तेज गति से किया जा सकेगा। मौसम के उच्च गुणवत्ता आंकड़े एकल डिजिटल प्लेटफार्म पर भारत सरकार को उपलब्ध कराए जाएँगे। पाँच वर्षों की योजना पर अनुमानित व्यय 434 करोड़ 58 लाख रुपये संभावित है।  

योगी सरकार का एमएसएमई सेक्टर पर बड़ा भरोसा, अनुपूरक बजट में ठोस आर्थिक समर्थन

एमएसएमई कार्यालयी तंत्र को मजबूत करने के लिए सीधे बजटीय प्रावधान निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीतियों के अंतर्गत की गई ठोस व्यवस्था वैश्विक कंपनियों से जुड़कर एमएसएमई को बाजार और निर्यात का नया अवसर लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एमएसएमई (माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज) सेक्टर को सशक्त बनाने को लेकर अनुपूरक बजट में स्पष्ट और ठोस प्रावधान किए हैं। प्रदेश सरकार का मानना है कि एमएसएमई अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसके मजबूत होने से रोजगार और निवेश का विस्तार संभव है। लघु उद्योग भारती, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष, रविन्द्र सिंह ने कहा कि “उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों और नये अनुपूरक बजट प्रावधानों से एमएसएमई को बढ़ावा और प्रोत्साहन मिलेगा। उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में यह प्रभावी कदम है। सबसे बड़ी बात यह है कि योगी सरकार ने उद्यमियों और उद्योगों को सुरक्षित वातावरण देने का काम किया है“    एमएसएमई से जुड़े कार्यालयी तंत्र को मजबूत करने के लिए जिला उद्योग केंद्र के अधिष्ठान व्यय हेतु 1.5 करोड़ रुपये तथा उद्योग निदेशालय के अधिष्ठान व्यय के लिए भी 1.5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे जिलों में उद्यमियों को समय पर मार्गदर्शन, स्वीकृति और योजनाओं का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि मजबूत ऑफिस सिस्टम से ही ईज ऑफ डूइंग बिजनेस जमीन पर दिखेगा। औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 के अंतर्गत 823.43 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि प्रस्तावित की गई है। इस राशि का बड़ा हिस्सा एमएसएमई इकाइयों को पूंजी निवेश, सब्सिडी, ब्याज अनुदान और रोजगार सृजन से जुड़े प्रोत्साहन के रूप में मिलेगा। इसके साथ ही औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2017 के लिए 300 करोड़ रुपये और अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास नीति 2012 के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। एमएसएमई सेक्टर को बड़े निवेश से जोड़ने के लिए फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट और फॉर्च्यून-500 कंपनियों की निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के अंतर्गत  371.69 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका अप्रत्यक्ष लेकिन महत्वपूर्ण लाभ एमएसएमई इकाइयों को सप्लाई चेन, वेंडर डेवलपमेंट और निर्यात के रूप में मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर को ठोस बजटीय समर्थन मिला है। यही कारण है कि प्रदेश तेजी से एमएसएमई हब के रूप में उभर रहा है और आने वाले समय में लाखों नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। इस समय  प्रदेश में लगभग 96 लाख एमएसएमई हैं।

एसपी के आदेश पर हरियाणा में तीन पुलिस कर्मचारियों को निलंबित, 6 लाख रुपये बरामद

सिरसा  एंटी करप्शन ब्यूरो राजस्थान की टीम द्वारा सिरसा की साइबर टीम से छह लाख रुपये बरामदगी मामले में पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने तीनों पुलिस कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, इस मामले में पूरी तरह से जांच में राजस्थान की एसीबी की टीम जुटी हुई है। बता दें कि रविवार देर रात को मामला पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में आया था। उसके बाद सुबह एसपी को मामले की विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त हुई है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने कार्रवाई करते हुए तीन पुलिस कर्मचारियों को निलंबित कर पुलिस लाइन भेज दिया है। निलंबित होने वाले कर्मचारियों में पीएसओ  सुरेंद्र, हेड कांस्टेबल वीरेंद्र व कांस्टेबल जगजीत सिंह शामिल हैं।  यह है मामला  राजस्थान में जांच के दोरान हरियाणा पुलिस की दो अलग-अलग टीमों पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप रविवार को सामने आए थे।  इस मामले में सिरसा साइबर क्राइम टीम की गाड़ी से छह लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं, जिसे साइबर क्राइम के नाम पर वसूली रिश्वत बताया जा रहा है।  जानकारी के मुताबिक राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो को  सूचना मिली थी कि कुछ पुलिस टीमें राजस्थान में साइबर फ्रॉड के मामलों में धमकाकर पैसे वसूल रही है। जब सिरसा थाने की पुलिस राजसमंद से लौट रही थी तभी कचामन सिटी थाना क्षेत्र में उन्हें रूकवाकर जांच की गई। जांच के दौरान गाड़ी से छह लाख रुपये की बरामदगी हुई। इस मामले में टीम द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसी आधार पर एसीबी की टीम मामले की जांच में जुट गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने, स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने के लिए आवंटित की बड़ी रकम

– एनआरएचएम को 2000 करोड़ और आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन के लिए 1200 करोड़ आवंटित   लखनऊ,  योगी सरकार ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती देने के उद्देश्य से अनुपूरक बजट में चिकित्सा क्षेत्र के लिए बड़ा वित्तीय प्रावधान किया है। अनुपूरक बजट में लगभग 3,500 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर योगी सरकार ने यह संकेत दिया है कि आमजन तक बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। अनुपूरक बजट में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, अस्पतालों के विस्तार, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार के लिए धनराशि दी गई है। अनुपूरक बजट में चिकित्सा क्षेत्र को आवंटित धनराशि न केवल स्वास्थ्य योजनाओं को गति देगी, बल्कि यह प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लंबे समय तक मजबूत करने की दिशा में अहम कदम भी है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों की सेवाएं होंगी और सशक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में आयुष्मान भारत और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों के लंबित और भविष्य में प्राप्त होने वाले चिकित्सा दावों के भुगतान के लिए 300 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता को अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है। इससे निजी व सरकारी दोनों प्रकार के सूचीबद्ध अस्पतालों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा और मरीजों को बिना किसी बाधा के उपचार मिल सकेगा। इसके अलावा, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं के बेहतर कार्यान्वयन के लिए 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। इस राशि से ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व जिला अस्पतालों की सेवाओं को और सशक्त किया जाएगा। साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण, संक्रामक रोग नियंत्रण और स्वास्थ्य कर्मियों की सुविधाओं को भी मजबूती मिलेगी। गरीब और जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क इलाज की सुविधा निरंतर मिलती रहेगी आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन के तहत सूचीबद्ध चिकित्सालयों के लंबित एवं प्राप्त होने वाले चिकित्सा दावों के भुगतान के लिए सबसे बड़ा प्रावधान किया गया है। इस मद में 1,200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता को अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है। यह कदम आयुष्मान भारत योजना को और प्रभावी बनाने के साथ-साथ गरीब व जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क इलाज की सुविधा निर्बाध रूप से उपलब्ध कराने में सहायक होगा।

कोहरे की चादर से ढके रहेंगे छत्तीसगढ़ के ये इलाके, उत्तर में पारे में तेजी के संकेत

रायपुर छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड के साथ कोहरे का असर देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा का अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ सकती है. उत्तरी छत्तीसगढ़ और सरगुजा संभाग में सुबह के समय दृश्यता कम रहने के आसार हैं. इसके अलावा तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है. लोगों ठंडी से हल्की राहत मिल सकती है. मौसम विभाग ने अगले 2 दिनों तक सरगुजा संभाग के जिलों में कुछ स्थानों और बिलासपुर संभाग के जिलों में एक-दो स्थानों पर घना कोहरा छाने की संभावना है. साथ ही अगले 3 दिनों में उत्तरी छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि मध्य और दक्षिणी इलाकों में अगले 3 दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास परिवर्तन नहीं होगा, इसके बाद आगामी 2 दिनों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी के आसार हैं. पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया. मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि अगले तीन दिनों तक प्रदेश में हल्की उतार चढाव के साथ न्युनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की सम्भावना नहीं है. कई इलाकों में छाए रहेगा घना कोहरा मौसम विभाग ने बताया कि 22 दिसंबर को प्रदेश के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर और बलरामपुर जिलों में एक दो पॉकेट में घना कोहरा छाये रहने की संभावना है. वहीं प्रदेश के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और मुंगेली जिलों में एक दो पॉकेट में मध्यम कोहरा छाये रहने की संभावना है. इसके अलावा 23 दिसंबर तक मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर और बलरामपुर जिलों में एक दो पॉकेट में घना कोहरा छाये रह सकता है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में 22 दिसंबर को कुहासा रहने की संभावना है. यहां अधिकतम तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.