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योगी आदित्यनाथ सरकार की कनेक्टिविटी क्रांति से बदलेगा स्टार्टअप मूवमेंट

लखनऊ कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के निर्माण के बाद यह मार्ग स्टार्टअप विकास का प्रमुख इंजन बनने जा रहा है। एक्सप्रेस-वे के चालू होने के बाद लखनऊ नवाचार और उद्यमिता के एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित होगा। बेहतर कनेक्टिविटी और तेज आवागमन से यह पूरा क्षेत्र स्टार्टअप गतिविधियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ़ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (पीएफटीआई) के चेयरमैन, दीपक मैनी का कहना है कि उत्तर प्रदेश में जिस गति से इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हो रहा है, उससे स्टार्टअप और नवाचार को नयी दिशा मिलेगी।  कनेक्टिविटी में क्रांति से बदलेगा स्टार्टअप मूवमेंट… एक्सप्रेस-वे बनने के बाद कानपुर और लखनऊ के बीच यात्रा समय 2 घंटे से घटकर कुछ मिनटों तक सीमित हो जायेगा। इससे स्टार्टअप्स के लिए बिजनेस मीटिंग, सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स पहले से कहीं अधिक सुगम होंगे। यह मार्ग एक संभावित आर्थिक कॉरिडोर के रूप में उभरेगा जो उद्योग शिक्षा और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। आईआईटी कानपुर और लखनऊ के इन्क्यूबेशन इकोसिस्टम का होगा सीधा तालमेल… एक्सप्रेस-वे के चालू होने के बाद आईआईटी कानपुर और लखनऊ के प्रमुख शैक्षणिक और प्रबंधन संस्थानों के बीच सहयोग और मजबूत होने की संभावना है। डीप टेक आईओटी और उन्नत तकनीक आधारित स्टार्टअप्स के लिए संयुक्त कार्यक्रमों को गति मिलेगी। इससे नए उद्यमियों को मेंटरशिप निवेश और तकनीकी संसाधनों तक बेहतर पहुंच मिलेगी। एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर के आसपास विकसित होंगे स्टार्टअप हब… कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर के आसपास मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स आधारित क्लस्टर्स विकसित किए जाने की योजना है। भविष्य में इस क्षेत्र में आईटी पार्क, विशेष आर्थिक क्षेत्र और औद्योगिक नोड्स स्थापित होंगे। इससे टेक मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में स्टार्टअप्स को तेजी से विस्तार का अवसर मिलेगा। योगी आदित्यनाथ सरकार की इंफ्रास्ट्रक्चर नीति से बढ़ रहा है निवेशकों का भरोसा… योगी आदित्यनाथ सरकार की इंफ्रास्ट्रक्चर केंद्रित नीतियों के चलते एक्सप्रेस-वे के निर्माण के बाद निवेशकों का भरोसा और मजबूत होने की संभावना है। लखनऊ को उत्तर भारत के एक प्रमुख स्टार्टअप डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में स्टार्टअप्स और उच्च वेतन वाली नौकरियों के सृजन को गति मिलेगी।

सहालग शुरू होते ही प्रदेश भर में सामूहिक विवाह समारोह का हो रहा आयोजन

सीएम योगी के प्रयासों से गरीब व वंचित वर्गों के बेटियों की शादी हुई आसान योगी सरकार का विकास पर केंद्रित एजेंडा विपक्ष को दिखा रहा आईना प्रदेश के दलित वर्ग से 2.20 लाख से अधिक बेटियों को मिला योजना का लाभ पिछड़े वर्ग से 1.30 लाख से अधिक गरीब बेटियों की हो चुकी है शादी अल्पसंख्यक वर्ग की 40 हजार से अधिक से अधिक बेटियों की शादी करा चुकी है योगी सरकार लखनऊ सीएम योगी की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर तबके, खासकर पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। 2017 में शुरू हुई यह योजना आज न केवल इन वर्गों की बेटियों के लिए वरदान साबित हो रही है, बल्कि सामाजिक समरसता और समावेशिता को भी मजबूत कर रही है।   बीते आठ वर्षों में इस योजना के तहत 4 लाख से अधिक गरीब कन्याओं की शादी योगी सरकार द्वारा पूरे रीति-रिवाज और सम्मान के साथ कराई जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 57 हजार के लक्ष्य के सापेक्ष अबतक करीब 1.20 से अधिक आवेदन आ चुके हैं, जिसमें करीब 14 हजार से अधिक गरीब कन्याओं की शादी संपन्न कराई जा चुकी हैं। विभागीय अधिकारियों की माने तो आने वाले दिनों में इस संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। वंचित वर्गों को मिल रहा लाभ, विपक्ष की राजनीति को आईना दिखा रही योगी सरकार इस योजना ने उन राजनीतिक दलों को कठघरे में खड़ा कर दिया है, जो लंबे समय तक पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग की राजनीति के सहारे सत्ता का आनंद लेते रहे, लेकिन उनके लिए ठोस विकास कार्य करने में विफल रहे। विपक्ष की राजनीति को आइना दिखाते हुए, इस योजना ने यह साबित कर दिया है कि केवल वादों से नहीं, बल्कि ठोस कदमों से ही समाज का सशक्तीकरण संभव है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कदम न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास और समावेशिता को प्राथमिकता देकर यह साबित कर दिया है कि उनकी सरकार "सबका साथ, सबका विकास" के सिद्धांत पर अडिग है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए जीवन बदलने वाली है मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के आंकड़े यह स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के लिए यह योजना कितनी प्रभावशाली साबित हुई है। अब तक इस योजना का सबसे अधिक लाभ दलित वर्ग ने उठाया है, जिसमें 2.20 लाख से अधिक गरीब परिवारों की बेटियों की शादी कराई गई है। वहीं, पिछड़े वर्ग के 1.30 लाख परिवार और अल्पसंख्यक वर्ग के 40,000 से अधिक परिवार इस योजना के लाभार्थी बने हैं। वहीं सामान्य वर्ग के करीब 16,000 गरीब परिवारों ने अब तक सामूहिक विवाह योजना का लाभ लिया है। वर्ष 2025-26 में आए 1.20 लाख से अधिक आवेदन कुल आवेदन- 1.20 लाख से अधिक (अबतक) कुल अप्रूव आवेदन- 21 हजार से अधिक (अबतक) रिजेक्ट आवेदन- 18 हजार से अधिक (अबतक) कुल शादियां- 14 हजार से अधिक योजना के प्रभारी उपनिदेशक आर.पी. सिंह ने बताया कि यह न केवल एक सामाजिक सहायता है बल्कि सामूहिक सहयोग, सामुदायिक भावना और महिलाओं के सम्मान को बढ़ाने का प्रयास भी है। यह योजना न केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की बेटियों की शादी का सपना पूरा कर रही है, बल्कि यह उन्हें सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान कर रही है। विवाह समारोह में हर जोड़े को एक लाख रुपये की मदद दी जाती है, जिसमें विवाह से जुड़ी आवश्यक सामग्री, वधू के खाते में नकद धनराशि और आयोजन की व्यवस्था शामिल होती है। पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं सीएम योगी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने साढ़े आठ वर्षों के कार्यकाल में बार-बार यह दिखाया है कि उनकी प्राथमिकता वंचित वर्गों को सशक्त बनाना है। इस योजना के माध्यम से वे यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रदेश के सभी वर्ग, विशेषकर पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक, मुख्यधारा से जुड़े और उनके विकास के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। यही वजह है कि इस योजना के लिए योगी सरकार ने अब तक करीब 2,200 लाख रुपये से अधिक की धनराशि खर्च कर चुकी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस मद में 550 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अबतक दलित और पिछड़ा वर्ग को मिला सबसे अधिक लाभ सामान्य वर्ग- 494 (जोड़ा) अल्पसंख्यक वर्ग- 828 (जोड़ा) ओबीसी वर्ग- 5500 (जोड़ा) दलित वर्ग- 6556 (जोड़ा) मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह जाति और धर्म की सीमाओं को पार कर सभी को समान अवसर प्रदान करती है। विवाह समारोह में धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन किया जाता है, चाहे वह हिंदू, मुस्लिम, सिख या ईसाई समुदाय का हो। यह पहल सामाजिक समरसता और भाईचारे का भी संदेश देती है।

राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान झांसी में होगा जॉब फेयर का आयोजन

कई कंपनियां जॉब फेयर में लेंगी हिस्सा, छात्राओं को मिलेगा इंटरव्यू के बाद जॉब का ऑफर झांसी योगी आदित्यनाथ सरकार महिला अभ्यर्थियों और छात्राओं को रोजगार के लिए विशेष अवसर उपलब्ध कराने के मकसद से पिंक जॉब फेयर के आयोजन कराती है। इसी कड़ी में झांसी में 16 दिसंबर को पिंक जॉब फेयर का आयोजन होने जा रहा है। इस पिंक जॉब फेयर का आयोजन राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान झांसी के परिसर में किया जाएगा, जिसमें कई कंपनियां छात्राओं का साक्षात्कार कर उनका चयन करेंगी। झांसी में पिछले वर्ष भी पिंक जॉब फेयर का आयोजन किया गया था। इस बार यह पिंक जॉब फेयर का दूसरा आयोजन होने जा रहा है। इस पिंक जॉब फेयर का आयोजन क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय झांसी एवं राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान झांसी संयुक्त रूप से करने जा रहे हैं। रोजगार मेले में अमास स्किल वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड, पुखराज हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड, टीम प्लस एच आर सर्विस, भारतीय जीवन बीमा निगम झांसी सहित कई अन्य कंपनियां अभ्यर्थियों के चयन में हिस्सा लेंगी। रोजगार मेले में हिस्सा लेने के लिए छात्राओं को रोजगार संगम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। झांसी के सहायक सेवायोजन अधिकारी वसीम मोहम्मद ने बताया कि पिंक जॉब फेयर में हिस्सा लेने वाली छात्राओं की कैरियर काउंसलिंग भी की जाएगी। रोजगार मेला पूरी तरह निःशुल्क है और किसी अभ्यर्थी से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। छात्राएं बायोडाटा के साथ राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान झांसी में आयोजित होने वाले पिंक जॉब फेयर में हिस्सा ले सकती हैं।

दिल्ली में प्रदूषण चरम पर: AQI 497 के बीच एक्सपर्ट का वार— ग्रैप-4 नाकाफी, नीति पर उठे सवाल

नई दिल्ली दिल्ली में पलूशन लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार सुबह दिल्ली के बवाना में सबसे ज्यादा 497 AQI दर्ज किया गया। दिल्लीवासियों के साथ पर्यावरणप्रेमी भी चिंता में हैं। मशहूर पर्यावरणविद् भावरीन कंधारी ने दिल्ली-एनसीआर में लागू किए गए ग्रैप-4 की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे लंबे समाधान के बजाय एक रिएक्टिव कदम बताया। राजधानी में वायु गुणवत्ता बेहद खराब होने के बाद GRAP के स्टेज-4 को लागू किए जाने के संदर्भ में कंधारी ने कहा कि यह समस्या अचानक पैदा नहीं हुई, बल्कि वर्षों की नीतिगत विफलताओं का नतीजा है।   रविवार को एएनआई से बातचीत में भावरीन कंधारी ने कहा, “GRAP हम जानते हैं, यह एक प्रतिक्रियात्मक उपाय है। जब हालात बहुत खराब हो जाते हैं, तब GRAP-IV लागू किया जाता है। वर्षों से नीति निर्माताओं द्वारा लिए गए फैसलों का नतीजा आज हम देख रहे हैं। यह कोई रातों-रात पैदा हुई स्थिति नहीं है। कुछ दिनों बाद जब AQI के आंकड़े नीचे आएंगे, तो GRAP हटा लिया जाएगा। यह किसी भी तरह से समाधान नहीं है।” बता दें कि शनिवार को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘सीवियर प्लस’ यानी 450 के करीब पहुंचने के बाद GRAP के स्टेज-4 को लागू करने का फैसला लिया। आयोग के आदेश के मुताबिक, शनिवार शाम 4 बजे AQI 431 दर्ज किया गया था, जो बढ़कर शाम 6 बजे 446 तक पहुंच गया। पलूशन की ताजा वजह क्या बताई गई CAQM ने बताया कि हवा की रफ्तार कम होना, वातावरण का स्थिर रहना, प्रतिकूल मौसम और प्रदूषकों का फैलाव न हो पाना—इन सभी कारणों से वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है। इसे देखते हुए आयोग की उप-समिति ने पूरे दिल्ली-एनसीआर में तत्काल प्रभाव से GRAP स्टेज-4 लागू करने का निर्णय लिया। यह पहले से लागू स्टेज-1, 2 और 3 के अतिरिक्त है। आयोग ने NCR के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और संबंधित एजेंसियों को अतिरिक्त निवारक कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि वायु गुणवत्ता और अधिक खराब न हो। रविवार को भी पलूशन बहुत ज्यादा इस बीच, रविवार सुबह दिल्ली घने स्मॉग की चादर में लिपटी नजर आई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत AQI 461 दर्ज किया गया, जो ‘सीवियर’ श्रेणी में आता है। यह स्थिति तब है, जब GRAP-IV पहले से लागू है। शहर के कई इलाकों गाजीपुर, आईटीओ और आनंद विहार में घना धुंध छाया रहा, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। CPCB के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कई हिस्सों में वायु गुणवत्ता अब भी ‘सीवियर’ श्रेणी में बनी हुई है। आज 497 पहुंचा एक्यूआई सुबह 7 बजे बवाना में सबसे खराब AQI 497 दर्ज किया गया। वहीं नरेला में AQI 492 और ओखला फेज-2 में 474 रिकॉर्ड किया गया। इसके मुकाबले एनएसआईटी द्वारका में AQI 411 रहा, जो शहर में सबसे कम दर्ज किया गया। कुल मिलाकर, राजधानी में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति बनी हुई है और विशेषज्ञ लगातार अस्थायी उपायों के बजाय स्थायी और ठोस नीतिगत कदमों की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।  

भाजपा की कार्यप्रणाली देख दुनिया है हैरानः पीयूष गोयल

नामों की घोषणा वाली कॉपी  केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने की भारतीय जनता पार्टी उ.प्र के संगठन पर्व समारोह में प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय परिषद सदस्यों की आधिकारिक घोषणा लखनऊ विश्व की सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी के हम सदस्य हैं। दुनिया हैरान है कि जितने व्यवस्थित व लोकतांत्रिक तरीके से मेंबर बनाने व राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने का काम आपसी समन्वय से होता है जो कि अकल्पनीय है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने  यह बातें राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय, आशियाना में रविवार को भारतीय जनता पार्टी के संगठन पर्व समारोह में नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के आधिकारिक घोषणा कार्यक्रम में कहीं। पार्टी कार्यकर्ताओं को दिया श्रेय पीयूष गोयल ने कहा कि 1.62 लाख बूथों में चुनाव होता है और सर्वसम्मति से घोषणा होने जा रही है, इसका श्रेय पार्टी कार्यकर्यताओं को जाता है। उन्होंने कहा कि हमारे नेताओं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय तथा अटल बिहारी बाजपेयी ने जिस प्रकार से पार्टी को आगे बढ़ाया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के मार्गदर्शन में पार्टी का लगातार विस्तार हो रहा है, उसी के बलबूते हम आज इतनी बड़ी संख्या में यहां इकट्ठा हुए हैं।  नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा की उन्होंने कहा कि संगठन पर्व के इस अवसर पर मुझे बड़ी प्रसन्नता हो रही है कि यह घोषित करते हुए कि सर्व सम्मति से पंकज चौधरी भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुए हैं। इस अवसर पर राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि कुल 120 राष्ट्रीय परिषद सदस्यों का जिक्र करते हुए कुछ प्रमुख नाम गिनाए। उन्होंने नवनिर्वाचित पार्टी प्रदेश अध्यक्ष तथा राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों को शुभकामनाएं दीं।   प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी समेत यह है राष्ट्रीय परिषद में शामिल… – राष्ट्रीय परिषद में 120 सदस्य निर्वाचित हुए हैं। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी राष्ट्रीय परिषद के सदस्य के तौर पर सम्मिलित हैं। – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से सदस्य बने।  – इसके अतिरिक्त रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज तथा उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक उन्नाव से शामिल हुए हैं। – भूपेंद्र सिंह चौधरी संभल, स्मृति ईरानी सुल्तानपुर, डॉ महेंद्र नाथ पांडेय वाराणसी, सूर्य प्रताप शाही सलेमपुर, स्वतंत्र देव सिंह बांदा व डॉ. रमापति राम त्रिपाठी गोरखपुर से राष्ट्रीय परिषद के सदस्य बने।

आदिवासी छात्रावास प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री साय से की मुलाकात, शिक्षा व सुविधाओं पर हुई चर्चा

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को शहीद वीर नारायण सिंह जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया। शहीद वीर नारायण सिंह जयंती के अवसर पर यह भव्य समारोह 15 दिसंबर 2025 को रायपुर में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन आदिवासी छात्र-छात्राओं द्वारा शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास, पेंशन बाड़ा, रायपुर में शाम 7 बजे से किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आयोजन की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं और कार्यक्रम के सफल आयोजन की कामना की। इस अवसर पर छात्रावास अध्यक्ष श्री पुरुषोत्तम नेताम सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

मनरेगा के अंतर्गत 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का भी हुआ शुभारंभ

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत अपनी प्रथम मंत्रिपरिषद बैठक में 18 लाख आवास स्वीकृत किए जाने के निर्णय के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक आकर्षक कॉफी टेबल बुक का अनावरण किया। यह पुस्तक राज्य में ग्रामीण आवास योजना के तहत प्राप्त ऐतिहासिक प्रगति, नवाचारों और उपलब्धियों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करती है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत राज्य को प्राप्त 26.27 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जबकि 17.14 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि वर्तमान सरकार ने अपने मात्र दो वर्षों के अल्प कार्यकाल में ही लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर राज्य में ग्रामीण आवास निर्माण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का भी शुभारंभ किया। इन डबरियों को मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। मनरेगा के तहत पात्र हितग्राहियों, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थी भी शामिल हैं, की निजी भूमि पर इन डबरियों का निर्माण किया जाएगा। इससे न केवल ग्रामीण रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किसानों एवं ग्रामीण परिवारों की आजीविका और आय में भी स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी। कार्यक्रम के दौरान कवर्धा जिले के जनमन आवास योजना के हितग्राहियों तथा नारायणपुर जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल हिंसा से पीड़ित परिवारों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए, जो सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं महात्मा गांधी नरेगा के आयुक्त श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

पहचान छिपाकर की दोस्ती, दरगाह पहुंचते ही खुला सच, इंदौर रेप केस में नया मोड़

इंदौर  इंदौर में एक हिंदू युवती को प्रेमजाल में फंसाकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि शख्स ने पहले प्रेमजाल में फंसाया फिर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर कर दुष्कर्म, मारपीट और जान से मारने तक की धमकी दी। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर दुष्कर्म सहित गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। लसूड़िया पुलिस के अनुसार, थाना क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप पर काम करने वाली 22 वर्षीय हिंदू युवती की शिकायत पर अनस उर्फ अश्विन पिता नईम बैग, निवासी ताज नगर, झलारिया रोड, इंदौर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने पहले खुद को हिंदू बताकर युवती से दोस्ती की और बाद में धोखे से उसे धर्म परिवर्तन के लिए दबाव में लिया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह अपनी मां और भाई के साथ रहती है। करीब एक वर्ष पहले उसकी पहचान अश्विन नाम के युवक से हुई थी। दोनों के बीच फोन पर बातचीत होती थी, लेकिन वह कभी उसके साथ घूमने नहीं गई थी। 7 दिसंबर 2025 को आरोपी ने उसे स्टार चौराहे पर मिलने बुलाया और मामा-भांजे की दरगाह ले गया। वहीं आरोपी ने खुलासा किया कि वह हिंदू नहीं, बल्कि मुस्लिम है और उसका असली नाम अनस है। इसके बाद उसने निकाह करने की बात कही। धोखाधड़ी का एहसास होने पर युवती ने शादी से इनकार कर दिया और घर लौट आई। पीड़िता के अनुसार, 12 दिसंबर की रात करीब 10:30 बजे आरोपी ने दोबारा उसे स्टार चौराहे पर बुलाया। बातचीत के बहाने वह उसे स्कीम नंबर-78 स्थित एक कमरे में ले गया, जहां कोई मौजूद नहीं था। वहां आरोपी ने पहले भावनात्मक बातें कीं और फिर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाने लगा। विरोध करने और वहां से जाने की बात कहने पर आरोपी ने कथित तौर पर जबरन दुष्कर्म किया, मारपीट की और धमकी दी कि यदि किसी को बताया तो जान से खत्म कर देगा। किसी तरह वहां से निकलकर युवती घर पहुंची और पूरी घटना अपनी मां को बताई। इसके बाद मां के साथ वह हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं के साथ लसूड़िया थाने पहुंची, जहां शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपी अनस उर्फ अश्विन को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से अन्य युवतियों की आपत्तिजनक तस्वीरें और एक चाकू की फोटो भी मिली है। पुलिस सभी तथ्यों की गहनता से जांच कर रही है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक राजकुमार टेटवाल ने आरोप लगाया कि आरोपी अनस उर्फ अश्विन लंबे समय से हिंदू युवती को प्रताड़ित कर रहा था और धर्म परिवर्तन कराकर निकाह करने की तैयारी में था। युवती की जागरूकता के कारण उसका प्रयास विफल रहा। सूचना मिलने पर संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। इस दौरान जिला सह संयोजक पंकज खंडेलवाल सहित पीयूष गांधी, नीरज दुबे, अर्पित ठक्कर, शक्ति चौहान, कुशाल शिंदे, तरुण भांड, विशु वर्मा, मुकेश गुर्जर, सुमित जाटव, आकाश पाल, सोनू धाकड़ सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।  

छत्तीसगढ़ की ऊर्जा यात्रा को मिला नया आयाम, सीएम विष्णु देव साय ने ‘ऊर्जावान छत्तीसगढ़’ पुस्तक का अनावरण किया

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवीन विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में रजत महोत्सव विशेष छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल द्वारा प्रकाशित ‘ऊर्जावान छत्तीसगढ़’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। यह काफी टेबल बुक छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना तथा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल एवं उसकी उत्तरवर्ती पावर कंपनियों की 25 वर्षों की गौरवमयी यात्रा, उपलब्धियों और विकास गाथा पर आधारित है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह कॉफी टेबल बुक छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक परिवर्तनों, अधोसंरचना विकास, नवाचारों और जनसेवा आधारित कार्यों का सजीव दस्तावेज है। कॉफी टेबल बुक में छत्तीसगढ़ राज्य ने ऊर्जा क्षेत्र में सुदृढ़ नियोजन, आधुनिक तकनीक और उपभोक्ता-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ उल्लेखनीय उपलब्धियों को शामिल किया गया है और सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की स्थापना से लेकर 32 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता, कोयला खनन के सुदृढ़ संचालन और राज्यव्यापी पारेषण- वितरण ढांचे के विस्तार तक बिजली क्षेत्र में व्यापक सुधार को प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल की टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण, प्रतिबद्धता और योगदान की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एवं अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी श्री सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा सचिव एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन तथा डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी श्री रोहित यादव, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत पारेषण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर सहित वरिष्ठ अधिकारी श्री जे.एस. नेताम, श्री संजीव सिंह एवं श्री आशुतोष जायसवाल उपस्थित थे।

वंदे भारत ट्रेनों में परोसा जाएगा स्थानीय भोजन, रेलवे ने फर्जी टिकट बुकिंग रोकने के लिए सख्त नियम और ओटीपी प्रणाली लागू की

भोपाल   भारतीय रेलवे यात्रियों को बेहतर और यादगार सफर देने के लिए लगातार नई पहल कर रहा है. इसी कड़ी में अब वंदे भारत ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों को उस क्षेत्र का स्थानीय भोजन चखने का मौका मिलेगा. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल भवन में अधिकारियों के साथ हुई एक समीक्षा बैठक में इस योजना की जानकारी दी. उनका कहना है कि इससे यात्रियों को न केवल आरामदायक यात्रा मिलेगी, बल्कि वे उस इलाके की संस्कृति और खानपान से भी जुड़ सकेंगे. वंदे भारत ट्रेनों में मिलेगा लोकल फूड रेल मंत्री ने बताया कि वंदे भारत ट्रेनों में स्थानीय भोजन की सुविधा शुरू की जाएगी. उदाहरण के तौर पर, यदि ट्रेन दक्षिण भारत से गुजर रही है तो यात्रियों को वहां के पारंपरिक व्यंजन मिलेंगे, वहीं उत्तर भारत के रूट पर स्थानीय स्वाद परोसा जाएगा. यह योजना पहले वंदे भारत ट्रेनों में लागू होगी और इसके सफल रहने पर इसे चरणबद्ध तरीके से अन्य ट्रेनों में भी लागू किया जाएगा. फर्जी टिकट बुकिंग पर रेलवे की सख्ती रेलवे ने टिकट बुकिंग प्रणाली को पारदर्शी और आम यात्रियों के लिए आसान बनाने के लिए फर्जी टिकट बुकिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं. रेल मंत्री ने बताया कि फर्जी और संदिग्ध यूजर आईडी के कारण असली यात्रियों को तत्काल टिकट नहीं मिल पाता था. अब इस समस्या से निपटने के लिए कड़ा सिस्टम लागू किया गया है. 3.03 करोड़ फर्जी अकाउंट किए गए बंद रेलवे और आईआरसीटीसी ने अब तक 3.03 करोड़ फर्जी अकाउंट बंद कर दिए हैं. इसके अलावा 2.7 करोड़ यूजर आईडी को संदिग्ध गतिविधियों के चलते अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है. कड़े सत्यापन के बाद अब आईआरसीटीसी वेबसाइट पर प्रतिदिन करीब 5,000 नए यूजर अकाउंट ही बनाए जा रहे हैं, जबकि पहले यह संख्या एक लाख तक पहुंच जाती थी. आधार आधारित OTP सिस्टम लागू फर्जी बुकिंग रोकने के लिए रेलवे ने आधार-आधारित ओटीपी सिस्टम लागू किया है. यह व्यवस्था अभी 322 ट्रेनों में शुरू हो चुकी है, जिससे तत्काल टिकट कन्फर्म होने की संभावना करीब 65% तक बढ़ गई है. इसके साथ ही आरक्षण काउंटरों पर भी यह सिस्टम 211 ट्रेनों में लागू किया जा चुका है. एंटी-बॉट तकनीक से मिले बेहतर परिणाम रेल मंत्री ने बताया कि Akamai जैसी एंटी-बॉट तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे फर्जी यूजर्स की पहचान आसानी से हो रही है. इससे असली यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान, सुरक्षित और स्मूथ बन गई है. रेलवे के इन कदमों से यात्रियों को अब बेहतर सुविधा और न्यायसंगत टिकट प्रणाली का लाभ मिल रहा है.