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होमगार्ड सुनील कुमार पर कार्रवाई, वीडियो सामने आने के बाद जांच तेज

 गोरखपुर यूपी के गोरखपुर के एक थाने में बैठकर खुलेआम घूस लेते होमगार्ड का वीडियो वायरल होने पर पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया है। पता चला है कि पासपोर्ट सत्यापन के नाम पर यह पैसा लिया जा रहा था। वीडियो पीपीगंज थाने के अंदर की थी। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। वीडियो सामने आने के बाद एसपी नार्थ ने जांच शुरू करा दी है। सीओ कैम्पियरगंज की रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने पासपोर्ट सत्यापन का काम देखने वाले मुंशी को सस्पेंड कर दिया। दरअसल, घूसखोरी के मामले में पब्लिक जागरूक हो गई है। घूसखोरों को पैसा देने के साथ उनका वीडियो भी बना रही है। पुलिसवालों को भी यह पता है इस वजह से पैसे की वसूली के लिए होमगार्ड या अन्य को वह जिम्मेदारी सौंप रखी है। रविवार को पीपीगंज थाने में तैनात होमगार्ड सुनील कुमार का वीडियो सामने आया। कुर्सी पर बैठा होमगार्ड पैसा लेकर जेब में रख रहा है। पता चला कि पासपोर्ट सत्यापन का काम देखने वाले मुंशी सूर्यकांत भारती ने उसे यह जिम्मेदारी दी थी। वीडियो सामने आने बाद सीओ कैम्पियरगंज अनुराग सिंह ने थाने पर पहुंच कर जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को दे दी है। जिसके बाद एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने होमगार्ड को थाने से हटाने के साथ ही उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए कमांडेंट को पत्र लिखा है, वहीं पासपोर्ट का काम देखने वाले मुंशी सूर्यकांत भारती को सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही थाने में हो रही इस वसूली में और किन-किन लोगों की भूमिका है इसकी भी जांच भी शुरू करा दी है। वीडियो पर हो चुकी है कार्रवाई नौसढ़ इलाके में एक ट्रैफिक सिपाही का भी वीडियो सामने आया था जिसमें डीसीएम चालक उसके सामने गिड़गिड़ा रहा था। एसएसपी ने ट्रैफिक सिपाही को निलम्बित कर दिया था। पहले भी हुई है कार्रवाई पूर्व एसएसपी गौरव ग्रोवर के थाने में निरीक्षण के दौरान भी पासपोर्ट के मामले में पैसा लेने की शिकायत मिली थी। तत्कालीन एसएसपी ने पासपोर्ट रजिस्ट्रर पर दर्ज एक नम्बर पर फोन कर पूछा आप का पासपोर्ट मिल गया है कोई खर्च तो नहीं लगा है। पीड़ित ने बताया था कि पांच सौ रुपये मुंशी जी को दिया था। गौरव ग्रोवर ने उस समय भी पासपोर्ट मुंशी को निलंबित किया था।

ग्रामीण सड़क निर्माण में बिहार अव्वल, राष्ट्रीय स्तर पर मिला सर्वोच्च सम्मान

पटना ग्रामीण बसावटों को पक्की सड़क से जोड़ने में बिहार को देश में अव्वल स्थान मिला है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 10 मई को मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के भेरूंदा में आयोजित राष्ट्रीय समारोह का आयोजन किया गया। इसमें बिहार के ग्रामीण कार्य विभाग को इसके लिए राष्ट्रीय स्तर का सर्वोच्च सम्मान मिला है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सर्वाधिक गांव और टोलों को पक्की सड़कों से जोड़ने के मामले में बिहार ने यह कीर्तिमान स्थापित किया है। बिहार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अब तक 31,287 ग्रामीण बसावटों को बारहमासी पक्की सड़कों से जोड़कर देश भर में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। इस राष्ट्रीय रैंकिंग में मध्य प्रदेश 17,493 बसावटों के साथ दूसरे तथा ओडिशा 16,990 बसावटों के साथ तीसरे स्थान पर रहा है। इसके साथ बिहार ने केवल ग्रामीण सड़कों के निर्माण में ही नहीं, बल्कि उनके गुणवत्तापूर्ण अनुरक्षण में भी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण सड़कों के अनुरक्षण एवं रखरखाव की श्रेणी में भी बिहार ने बड़े राज्यों के बीच पूरे देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। रखरखाव के मामले में बिहार दूसरे नंबर पर बिहार के ग्रामीण कार्य विभाग ने 553 करोड़ रुपये खर्च कर ग्रामीण सड़कों का रखरखाव सुनिश्चित किया है। इस श्रेणी में उत्तर प्रदेश 654 करोड़ रुपये के व्यय के साथ प्रथम, बिहार दूसरे तथा पश्चिम बंगाल 497.62 करोड़ रुपये के साथ तीसरे स्थान पर रहा है। विभागीय पदाधिकारी बताते हैं कि ग्रामीण कार्य विभाग के सतत प्रयास से राज्य के हर गांव तक सुरक्षित, सुगम और बारहमासी सड़क संपर्कता सुनिश्चित हो रही है।  

योगी सरकार 13 से 19 मई तक परिषदीय और कस्तूरबा विद्यालयों में आयोजित करेगी ‘भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर-2026’

अब स्कूलों में बच्चों को पढ़ाई के साथ मिलेगी भारतीय भाषाओं और सांकेतिक संवाद की सीख  योगी सरकार 13 से 19 मई तक परिषदीय और कस्तूरबा विद्यालयों में आयोजित करेगी 'भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर-2026'  नई शिक्षा नीति-2020 को जमीन पर उतारते हुए बहुभाषावाद और समावेशी शिक्षा पर जोर – पहली बार इंडियन साइन लैंग्वेज को भी शिविर से जोड़कर बच्चों को दिया जाएगा व्यावहारिक प्रशिक्षण – भविष्य में बच्चों में संवाद क्षमता, भाषाई समझ और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने वाला बड़ा अभियान बनेगा 'भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर-2026' लखनऊ  योगी सरकार अब शिक्षा को भारतीय संस्कृति, संवाद कौशल और सामाजिक समावेश से जोड़ते हुए नई पीढ़ी को भारतीय भाषाई विरासत से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। इसी क्रम में प्रदेश के परिषदीय और कस्तूरबा विद्यालयों में 13 से 19 मई तक 'भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर-2026' आयोजित किए जाएंगे, जहां बच्चों को पढ़ाई के साथ भारतीय भाषाओं और सांकेतिक संवाद की भी सीख दी जाएगी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), बीएसए, खंड शिक्षा अधिकारियों और अन्य अधिकारियों को मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नई शिक्षा नीति-2020 के विजन को जमीनी स्तर पर लागू करते हुए बहुभाषावाद और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा दे रही है। शिविर के दौरान बच्चे अपनी मातृभाषा के साथ दूसरी भारतीय भाषाओं से परिचित होंगे। संवाद कौशल विकसित करेंगे और पहली बार इंडियन साइन लैंग्वेज (आईएसएल) की बुनियादी जानकारी भी प्राप्त करेंगे। योगी सरकार शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर बच्चों को भारतीय संस्कृति, विविधता और सामाजिक संवेदनशीलता से जोड़ने का माध्यम भी बना रही है। यह शिविर भाषा सीखने के कार्यक्रम के साथ-साथ नई पीढ़ी को भारतीयता, सांस्कृतिक समरसता और राष्ट्रीय एकता से जोड़ने वाले अभियान के रूप में भी स्थापित हो रहा है। योगी सरकार अब प्रदेश में शिक्षा को भारतीयता, सांस्कृतिक जुड़ाव और सामाजिक समावेश से जोड़कर नई दिशा देने की ओर अग्रसर हो चुकी है। 'भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर-2026' आने वाले समय में बच्चों में संवाद क्षमता, भाषाई समझ और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने वाला बड़ा अभियान बन सकता है। बहुभाषावाद और भारतीय संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा शिविर का उद्देश्य बच्चों में भारतीय भाषाओं के प्रति सम्मान और बहुभाषावाद की समझ विकसित करना है। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं को अपनी मातृभाषा के अलावा दूसरी भारतीय भाषाओं में भी बुनियादी संवाद कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय एकता की सबसे मजबूत कड़ी है। इसी सोच के अंतर्गत योगी सरकार द्वारा स्कूलों में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। समावेशी शिक्षा को मजबूत करेगी सांकेतिक भाषा की पहल शिविर में इंडियन साइन लैंग्वेज को शामिल किया जाना योगी सरकार की समावेशी शिक्षा नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और आरपीडब्ल्यूडी  एक्ट-2016 के अनुरूप बच्चों को सांकेतिक भाषा के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि समाज में संवेदनशीलता और समावेश की भावना को बढ़ावा मिल सके। एससीईआरटी द्वारा पीएम ई-विद्या चैनल के माध्यम से इंडियन साइन लैंग्वेज से जुड़ी शैक्षिक सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे शिक्षक और छात्र दोनों इसका प्रभावी उपयोग कर सकें।

उद्योगों को बढ़ावा देने MPIDC की नई पहल, जमीन आवंटन में भारी छूट और ऑनलाइन सिस्टम लागू

 ग्वालियर प्रदेश सरकार और मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआइडीसी) ने औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश की प्रक्रिया को न केवल पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है, बल्कि इसे बिचौलिया मुक्त भी कर दिया है। अब ग्वालियर-चंबल अंचल सहित पूरे प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन आवंटन के लिए किसी दलाल के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। एमपीआइडीसी ने अपनी आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन हुई जमीन बुकिंग विभाग के नए नियमों के मुताबिक, अब देश भर के उद्योगपति सीधे एमपीआइडीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उपलब्ध प्लाट देख सकते हैं। अपनी पसंद और जरूरत के हिसाब से प्लाट को ऑनलाइन ही बुक किया जा सकता है। बुकिंग के बाद उद्योगपतियों को सीधे कार्यालय से संपर्क करना होगा, जिससे भ्रष्टाचार और समय की बर्बादी की गुंजाइश खत्म हो गई है। विभाग के अफसरों का स्पष्ट कहना है कि अब किसी मिडिल मैन की जरूरत नहीं है, तकनीक ने उद्यमियों और सरकार के बीच की दूरी को खत्म कर दिया है। छोटे और बड़े उद्योगों के लिए बंपर रियायतें निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार जमीन की कीमतों में भारी छूट भी दे रही है। यह छूट उद्योगों के आकार और जमीन के क्षेत्र के आधार पर तय की गई है। यदि कोई उद्यमी अपनी यूनिट लगाने के लिए एक हेक्टेयर तक की जमीन लेता है, तो उसे सरकारी दर पर 75 प्रतिशत की भारी छूट दी जाएगी। यह कदम छोटे स्टार्टअप और स्थानीय युवाओं को उद्योग से जोड़ने के लिए उठाया गया है। मध्यम और बड़े उद्योगों के लिए भी राहत के द्वार खोले गए हैं। यदि कोई निवेशक 20 हेक्टेयर तक की जमीन लेता है तो उसे 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। निवेश के लिए इसलिए चुनें ग्वालियर अंचल एमपीआइडीसी अंचल के औद्योगिक क्षेत्रों, जैसे कि सीतापुर, मालनपुर, पिपरसेवा, जडेरुआ, बनमोर सहित नए विकसित किए जा रहे क्षेत्र मोहना, गुरावल, परीक्षा अहीर, चैनपुरा, पिपरौदा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। विभाग के मुताबिक, वैश्विक स्तर की सुविधाओं और जमीन की इन सस्ती दरों के कारण न केवल प्रदेश के, बल्कि देश भर के बड़े औद्योगिक घराने ग्वालियर की ओर रुख कर रहे हैं। अभी तक औद्योगिक क्षेत्रों में इंडस्ट्रीज के लिए जमीन लेने के लिए उद्योगपतियों को सीए सहित अन्य लोगों के माध्यम से आवेदन करना पड़ता था, लेकिन अब इस सिस्टम को बदला गया है। अब जिसे भी प्लाट लेना है तो वह सीधे एमपीआइडीसी के पोर्टल पर प्लाट, उसकी जगह देख सकता है और बुक करा सकता है। इसके बाद सीधे कार्यालय में संपर्क करता है तो उसे जमीन आवंटित हो जाएगी और उन्हें नियमानुसार छूट भी मिलेगी। अनीषा श्रीवास्तव, डायरेक्टर, एमपीआइडीसी  

रैयती जमीन निबंधन प्रक्रिया होगी पारदर्शी, सीओ देंगे 10 दिनों में पूरी रिपोर्ट

पटना रैयती जमीन के निबंधन से पहले खरीदारों को उस जमीन के बारे में पूरी जानकारी जल्द मिलने लगेगी। बिहार में सम्राट चौधरी सरकार के दो महकमों राजस्व एवं भूमि सुधार और मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने इसकी तैयारी कर ली है। सभी सीओ को भी प्रशिक्षित किया जा चुका है। जमीन निबंधन के लिए मोबाइल यूनिट भी तैयार की गई है। इसी माह बिहार में इसकी शुरुआत होने की संभावना है। जमीन रजिस्ट्री कराते समय आवेदकों को निबंधन पोर्टल पर 13 तरह की जानकारी देनी होगी। सात निश्चय-3 के तहत सबका सम्मान, जीवन आसान के तहत दस्तावेज निबंधन की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए यह व्यवस्था लागू की जा रही है। 16 फरवरी को ही राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने संयुक्त रूप से सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजा था। इसमें कहा गया था कि पूर्ण जानकारी के अभाव में जमीन रजिस्ट्री होने से अनावश्यक विवाद उत्पन्न हो रहे हैं। इसके बाद निर्णय लिया गया कि पक्षकार चाहें तो उनको संबंधित भूमि के बारे में आधिकारिक जानकारी दी जाएगी। जिस जमीन की रजिस्ट्री होनी है, आवेदकों को उसके लिए पोर्टल पर निबंधन कार्यालय का नाम, अंचल, मौजा, थाना संख्या, खाता संख्या, खेसरा, भूमि का रकबा, चौहद्दी, जमाबंदी, जमाबंदी धारक का नाम, क्रेता, विक्रेता का नाम आदि बताना होगा। अंचलाधिकारी जांच-पड़ताल कर 10 दिनों में आवेदक को पूरी जानकारी एसएमएस से मुहैया कराएंगे। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सचिव अजय यादव ने कहा कि जमीन निबंधन के पहले खरीदारों को इससे संबंधित पूरी जानकारी जल्द ही मिलने लगेगी। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। मोबाइल यूनिट भी तैयार कर ली गई है। सहयोग पोर्टल का आज शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्री इधर बिहार में आम लोगों की शिकायतों के तुरंत निष्पादन से संबंधित सहयोग पोर्टल का सीएम सम्राट चौधरी सोमवार को शुभारंभ करेंगे। पोर्टल बिहार सरकार का रीयल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम है। यह जनता की शिकायतों के समय पर, पारदर्शी और जवाबदेहीपूर्ण निवारण को सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। यह नागरिकों को एक एकीकृत ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से शिकायतें दर्ज करने, स्थिति की जानकारी प्राप्त करने, रिमाइंडर भेजने और प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाएगा। यह प्रणाली बिहार सरकार के सभी विभागों में कुशल सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है। आम लोगों से सुविधापूर्वक शिकायतें प्राप्त करने के लिए पंचायत में 19 मई से शिविर भी लगने हैं। 19 मई से प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को पंचायत स्तर पर "सहयोग शिविर" आयोजित किया जाएगा।

‘कृष्णावतारम्’ की स्पेशल स्क्रीनिंग में भक्तिमय हुआ लोकभवन, CM योगी ने की बड़ी घोषणा

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिल्म कृष्णावतारम् को उत्तर प्रदेश में टैक्स फ्री कर दिया है। रविवार को मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद राज्यपाल आनंदीबेन व सीएम योगी ने दोनों उप मुख्यमंत्री, मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने एक साथ यह फिल्म देखी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इसे टैक्स फ्री करने को घोषणा की। राजधानी स्थित लोकभवन सभागार उस समय पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूब गया, जब फिल्म ‘कृष्णावतारम्’ की विशेष स्क्रीनिंग के दौरान कृष्णा कृष्णा, राधे राधे के जयघोष से पूरा सभागार गूंज उठा। इस दौरान सभागार खचाखच भरा रहा और फिल्म को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच पर कलाकारों का सम्मान भी किया। फिल्म में द्वापर युग और सनातन संस्कृति की झलक फिल्म ‘कृष्णावतारम्’ में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन को मानवीय दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है। फिल्म में द्वापर युग, भारतीय पुरातन संस्कृति और सनातन परंपरा के विभिन्न आयामों को भव्यता के साथ दर्शाया गया है। फिल्म की सबसे खास बात यह रही कि इसमें भगवान कृष्ण के साथ राधा, रुक्मिणी और सत्यभामा की प्रेम कथाओं को अलग-अलग स्वरूपों में प्रस्तुत किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वृंदावन बिहारी लाल की जय और भारत माता के जयकारे लगाए। ढाई घंटे तक एक साथ बैठा रहा मंत्रिमंडल उन्होंने कहा कि यह अद्भुत संयोग है कि आज मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद शपथ ग्रहण करने वाले सभी मंत्री पूरे मंत्रिमंडल के साथ इस अद्भुत कार्यक्रम में सहभागी बने। करीब ढाई घंटे तक सभी एक साथ यहां बैठे रहे और हर एक चेहरे पर नई रौनक दिखाई दे रही थी। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा और संस्कृति से जुड़ी भगवान श्री कृष्ण पर आधारित इस फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के साथ हम सभी यहां जुड़े हैं। फिल्म के कलाकार भी यहां उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म में मुख्य अभिनेत्री के रूप में सत्यभामा का किरदार निभाने वाली कलाकार का नाम भी संस्कृति है, जिन्होंने इस भूमिका को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। मुख्य अभिनेत्री संस्कृति ने लिया सीएम योगी से आशीर्वाद मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद हम सभी ने एक साथ इस फिल्म को देखा। यह भारत की संस्कृति और परंपराओं से जुड़े इतिहास को समेटते हुए तथा पुरातन विरासत को मुख्य धारा में प्रस्तुत करने वाली फिल्म है। इस दौरान फिल्म की मुख्य अभिनेत्री संस्कृति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री योगी ने निर्माता-निर्देशक और फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों को धन्यवाद भी दिया। जो नए मंत्री बने हैं, उनके स्वागत के लिए यादगार क्षण मुख्यमंत्री ने फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के लिए पूरी टीम को हृदय से धन्यवाद दिया। इसी के साथ उन्होंने उत्तर प्रदेश में इस फिल्म को टैक्स फ्री करने की घोषणा भी की। उन्होंने सूचना विभाग को प्रत्येक जनपद में इस फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित कराने में सहयोग करने का निर्देश दिया, जिससे बच्चे और युवा इसे देखकर अपनी संस्कृति, परंपरा और सनातन विरासत के बारे में समझ सकें। उन्होंने कहा कि जब हम बरसाना, मथुरा और वृंदावन में जाते हैं तो वहां संबोधन राधे-राधे का ही होता है। उन्होंने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृष्णावतारम् की मुख्य पात्र संस्कृति राज्यपाल की नातिन हैं और किसी भी नानी के लिए इससे अद्भुत क्षण और कोई नहीं होगा कि पालन-पोषण कर जिस बच्ची को आगे बढ़ाया है, आज उसे इतना बेहतर काम करते हुए वे देख रहीं हैं। उन्होंने कहा कि कलाकार को सम्मान मिलना चाहिए। हमें अपनी संस्कृति और परंपरा को लेकर ऐसी फिल्में बनानी चाहिए : राज्यपाल राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी संस्कृति और परंपरा को लेकर ऐसी फिल्में बनानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने नए मंत्रियों को शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। हिंदी, तमिल और तेलुगु में की गई रिलीज यह फिल्म हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज की गई है। फिल्म के निर्देशक हार्दिक गज्जर हैं। फिल्म में सिद्धार्थ गुप्ता, संस्कृति, सुष्मिता भट्ट और निवासिनी कृष्णन मुख्य भूमिकाओं में हैं। वहीं, जैकी श्रॉफ और आशुतोष राणा समेत कई बड़े कलाकार अपने किरदारों के जरिये छाप छोड़ने में सफल रहे।

काशी में यज्ञ-हवन के बीच 11 लोगों ने किया धर्म परिवर्तन, बोले- ‘अब नटराज शिव की शरण में’

वाराणसी धर्मनगरी वाराणसी के सेवापुरी विकास खंड अंतर्गत बाराडीह भूसौला गांव में आस्था और भक्ति का एक अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां तीन मुस्लिम परिवारों के 11 सदस्यों ने पूरी श्रद्धा और वैदिक रीति-रिवाज के साथ 'घर वापसी' करते हुए सनातन धर्म को स्वीकार किया। धर्म जागरण मंच काशी जिला द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में यज्ञ, हवन और मंत्रोच्चार के बीच इन लोगों ने हिंदू धर्म में लौटने की घोषणा की। सनातन धर्म अपनाने वाले सभी लोग 'नट' बिरादरी से ताल्लुक रखते हैं। भुसवला पेट्रोल पंप के पीछे आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में सफी नट, मुख्तार और वकील के परिवारों ने भाग लिया। उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि उनके पूर्वजों ने करीब चार पीढ़ी पहले डर और प्रलोभन के वश में आकर सनातन धर्म को छोड़ दिया था और इस्लाम स्वीकार कर लिया था। लेकिन उनके मन में हमेशा से अपने मूल जड़ों के प्रति सम्मान बना रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्लाम धर्म की मान्यताओं के बीच उन्हें एक 'घुटन' महसूस होती थी और वे लंबे समय से अपने आराध्य की शरण में लौटना चाहते थे। नटराज भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था कार्यक्रम के दौरान इन परिवारों ने बताया कि नट बिरादरी सदियों से 'नटराज' भगवान शिव की उपासक रही है। उन्होंने कहा, "हम लोग जन्मजात नटराज शिव के भक्त हैं। चार पीढ़ियों का अंतराल भले ही रहा हो, लेकिन हमारी सांस्कृतिक विरासत और भक्ति भगवान शिव से ही जुड़ी है। अब हम भगवान नटराज शिव की शरण में वापस आ गए हैं और आजीवन उन्हीं की आराधना करेंगे।" वैदिक अनुष्ठान और नए नामकरण शुद्धि कार्यक्रम के दौरान पंडितों और धर्म जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य यज्ञ संपन्न कराया। 11 सदस्यों ने हवन कुंड में आहुति डाली, जिसके बाद उन्हें गंगाजल से पवित्र किया गया। कार्यक्रम के समापन पर सभी को माथे पर तिलक-चंदन लगाया गया और कलाई पर रक्षा सूत्र (कलावा) बांधकर सनातन धर्म में उनका स्वागत किया गया। घर वापसी करने वाले सदस्यों ने अपने पुराने नामों को त्यागकर सनातन धर्म के अनुरूप नए नाम भी स्वीकार किए। सामाजिक संगठनों की मौजूदगी इस धार्मिक अनुष्ठान के अवसर पर धर्म जागरण मंच के जिला संयोजक प्रदीप, रामाश्रय और आनंद समेत दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि इन परिवारों ने बिना किसी दबाव के अपनी स्वेच्छा से घर वापसी की है। बाराडीह भूसौला गांव और आसपास के क्षेत्रों में इस घटना की खासी चर्चा है। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय स्तर पर सतर्कता भी बरती गई।

मुख्यमंत्री साय की पहल: मेधावी विद्यार्थियों ने आईपीएल मैच का आनंद लिया

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से मेधावी विद्यार्थियों ने लिया आईपीएल मैच का रोमांच प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले विद्यार्थियों को मिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में लाइव मैच देखने का अवसर रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और उनके सपनों को नई ऊर्जा देने की दिशा में लगातार नवाचारपूर्ण पहल कर रही है। इसी क्रम में आज राजधानी रायपुर में आयोजित इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैच का रोमांच प्रदेश के उन मेधावी विद्यार्थियों ने भी महसूस किया, जिन्होंने दसवीं और बारहवीं की प्रावीण्य सूची में स्थान बनाकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है।  राज्य शासन की विशेष पहल पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित 18 प्रतिभावान विद्यार्थी नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पहुंचे, जहां उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस के बीच खेले जा रहे हाई-वोल्टेज मुकाबले का आनंद लिया।मेधावी विद्यार्थियों के लिए यह अवसर केवल एक क्रिकेट मैच देखने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन का सम्मान और उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान देने का प्रेरक प्रयास भी था।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ऐसे अवसर प्रदान किए जाने चाहिए, जिससे वे अपने सपनों को और बड़े स्तर पर देखने के लिए प्रेरित हों। राज्य सरकार शिक्षा, खेल और युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए लगातार संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। नवा रायपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की भव्यता और आईपीएल मैच के रोमांचक माहौल ने विद्यार्थियों को बेहद उत्साहित कर दिया। अधिकांश विद्यार्थियों के लिए यह पहला अवसर था, जब वे किसी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में लाइव मैच देखने पहुंचे थे। स्टेडियम की आकर्षक रोशनी, हजारों दर्शकों का उत्साह, खिलाड़ियों की ऊर्जा और पूरे आयोजन का जीवंत वातावरण बच्चों के लिए किसी सपने से कम नहीं था। कई विद्यार्थी पहली बार इतने बड़े खेल आयोजन का हिस्सा बनकर अभिभूत नजर आए। हायर सेकेंडरी परीक्षा की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सरस्वती शिशु मंदिर, पलारी के छात्र जिज्ञासु वर्मा ने कहा कि उन्हें बचपन से क्रिकेट का विशेष शौक रहा है। अब तक वे टीवी पर ही आईपीएल मैच देखा करते थे, लेकिन आज पहली बार इतने विशाल स्टेडियम में लाइव मैच देखने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे रोमांचक और अविस्मरणीय क्षण है। जिज्ञासु ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल ने उनके उत्साह और आत्मविश्वास को नई ऊर्जा दी है। इसी प्रकार कांकेर जिले के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, नरहरपुर के छात्र एवं बारहवीं की प्रावीण्य सूची में दसवां स्थान प्राप्त करने वाले यश ख्रोबागढ़े ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सामने खेलते देखने की उनकी लंबे समय से इच्छा थी, जो आज पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि स्टेडियम का माहौल, दर्शकों का जोश और खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहद अद्भुत अनुभव रहा। यश ने कहा कि मुख्यमंत्री साय की यह पहल विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाने वाली और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाली है। विद्यार्थियों ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस तरह का सम्मान और प्रोत्साहन मिलने से उनमें आगे और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि उनके सपनों को पहचान देने और उन्हें नई दिशा देने का प्रयास है। कई विद्यार्थियों ने इसे अपने जीवन का ऐसा अनुभव बताया, जिसे वे हमेशा याद रखेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का स्पष्ट मानना है कि प्रतिभा को अवसर और सम्मान मिलना आवश्यक है। उन्होंने कई अवसरों पर कहा है कि प्रदेश के युवा ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के सबसे मजबूत आधार हैं। राज्य सरकार शिक्षा, खेल, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेश के बच्चे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। राज्य सरकार द्वारा खेल और शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सकारात्मक पहल की जा रही है।  डिजिटल शिक्षा, खेल अधोसंरचना विकास और प्रतिभावान विद्यार्थियों के प्रोत्साहन जैसे अनेक कदमों के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आईपीएल मैच का यह अनुभव भी उसी दिशा में एक प्रेरक पहल के रूप में देखा जा रहा है।आईपीएल मैच देखने पहुंचे विद्यार्थियों के चेहरे पर उत्साह, खुशी और गर्व साफ दिखाई दे रहा था। क्रिकेट के प्रति उनके जुनून और पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन को एक साथ सम्मानित करने की यह पहल निश्चित रूप से उन्हें भविष्य में और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगी।  विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अनुभव उनके जीवन की सबसे खूबसूरत यादों में शामिल रहेगा।

प्री-मानसून बारिश से बिहार में रिकॉर्ड 193% अधिक वर्षा, कई जिलों में तेज हवाएं

 पटना पुरवा के प्रभाव के बीच पूरे बिहार में नमी का प्रसार लगातार जारी है। इस कारण उत्तर बिहार के 19 जिलों में आंधी-पानी का अलर्ट जारी किया गया है। इन स्थानों पर 50-60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने के आसार हैं। वहीं, पटना में बादल छाये रहेंगे। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार अगले पांच-छह दिनों तक हवा के रुख में बदलाव के कुछ खास आसार नहीं हैं। पटना सहित दक्षिण बिहार में आंशिक बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। रविवार को पटना सहित 11 जिलों के तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। मौसम विभाग की ओर से रविवार को जारी बारिश आंकड़ों के अनुसार पूर्णिया के जलालगढ़ में सर्वाधिक वर्षा 35 मिमी दर्ज की गई। राज्य भर में प्री-मानसून के दौरान प्रदेश में अब तक सामान्य से 193 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई। सामान्य वर्षा का मानक 37.8 मिलीमीटर जबकि सूबे में इस दौरान 111 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है। पटना का अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री सेल्सियस एवं 38.4 डिग्री सेल्सियस के साथ भभुआ में सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया। कहां कितनी बारिश लखीसराय के चानन में 32.2 मिमी, भभुआ के मोहनियां में 25.6 मिमी, नालंदा के सरमेरा में 25.2 मिमी, जमुई के लक्ष्मीपुर में 22.6 मिमी, मुंगेर के संग्रामपुर में 22.4 मिमी, नालंदा के बिंद में 20, गयाजी में 18.8, कटिहार के मनिहारी में 18.2, नालंदा के सिलाव में 17.4, दरभंगा के जाले में 17.2, सीतामढ़ी के डुमरा में 16.8, भभुआ के अधवारा में 14.8, नवादा के रजौली में 14.8, औरंगाबाद में 14.6 मिमी, शेखपुरा में 14.2 मिमी, बेगूसराय के मटियानी में 12.6 मिमी, नालंदा के अस्थावां में 12.4 मिमी एवं पूर्णिया के श्रीनगर में 12.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। गयाजी जिले में कैसा मौसम मौसम विशेषज्ञ एस के पटेल ने बताया कि 10 मई को हिमालय के क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ बना है। इसका असर 12 मई से हो सकता है। गयाजी जिले में अगले दो दिनों में पुरवैया चलेगी। अभी नमी वाला हवा चल रही है। इसलिए लू से राहत रहेगी। उन्होंने बताया कि अभी सुबह से धूप निकलने और दोपहर बाद ही मौसम बिगड़ने का अनुमान है। दोपहर बाद तेज हवा व गरज के साथ बारिश के आसार बने हैं।

सुशासन तिहार 2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुंगेली के चौक-चौराहों में प्रतिमाओं का अनावरण किया

सुशासन तिहार 2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया मुंगेली नगर के चौक-चौराहों में स्थापित प्रतिमाओं का अनावरण डॉ. भीमराव अंबेडकर, बाबा गुरु घासीदास, महाराणा प्रताप और भक्त माता कर्मा की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर किया नमन रायपुर   शासकीय योजनाओं का लाभ लोगो को प्राप्त हो, यह सुनिश्चित करने के साथ ही सुशासन को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से सुशासन तिहर अंतर्गत समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज मुंगेली जिले के प्रवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मुंगेली नगर के चौक-चौराहों में महापुरुषों एवं संतों की प्रतिमाओं का अनावरण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। प्रतिमाओं के अनावरण कार्यक्रम के दौरान नगर में उत्साह, श्रद्धा और गौरव का वातावरण रहा। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक पुन्नू लाल मोहले, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।             मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टोरेट कार्यालय के पास भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण कर संविधान निर्माता को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने भारतीय संविधान के माध्यम से देश को समानता, न्याय और अधिकारों की मजबूत आधारशिला प्रदान की। उनका जीवन शिक्षा, संघर्ष और सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणादायी मिसाल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।       इसके पश्चात मुख्यमंत्री साय ने दाऊपारा स्थित गुरु घासीदास बाबा की प्रतिमा का विधिवत अनावरण करते हुए कहा कि बाबा गुरुघासीदास ने सत्य, अहिंसा और समानता का संदेश देकर समाज को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी समाज को एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संतों और महापुरुषों की विरासत को संरक्षित करने तथा नई पीढ़ी तक उनके आदर्शों को पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।            इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने पड़ाव चौक में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने महाराणा प्रताप को भारतीय इतिहास का महान योद्धा बताते हुए कहा कि उनका जीवन साहस, त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमर गाथा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र हित में सक्रिय भूमिका निभाने कहा। मुख्यमंत्री साय ने रायपुर रोड तिराहा में भक्त माता कर्मा की प्रतिमा का भी अनावरण किया। उन्होंने कहा कि भक्त माता कर्मा सेवा, श्रद्धा और समर्पण की प्रतीक हैं। उनका जीवन समाज को मानव सेवा, भक्ति, परोपकार और संस्कारों की प्रेरणा देता है।   मुख्यमंत्री साय ने प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। स्थानीय नागरिकों एवं समाज प्रमुखों ने प्रतिमा स्थापना को जिले के लिए गौरवपूर्ण पहल बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।