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गांधी जी के जीवन आदर्श हमारे सच्चे पथ प्रदर्शक : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल, गांधी भवन में पुष्पांजलि एवं सर्वधर्म प्रार्थना सभा में हुए शामिल विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं का किया सम्मान भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि हम सभी के लिए गांधी जी का जीवन महान आदर्श है। उनके आदर्श हमारे सच्चे पथ प्रदर्शक हैं। विद्यार्थियों को उनके जीवन आदर्शों का अनुसरण करना चाहिए। हमारे गौरवशाली इतिहास के महानायकों और आदर्श चरित्रों के व्यक्तित्व और कृतित्व से सीखते हुए अपने जीवन पथ पर आगे बढ़ना चाहिए। राज्यपाल श्री पटेल, गांधी जयंती के अवसर पर गांधी भवन सभागृह में आयोजित पुष्पांजलि एवं सर्वधर्म प्रार्थना सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उपस्थितजन को महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री की जयंती एवं विजयादशमी पर्व की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जहाँ एक ओर गांधी जी ने सत्य, अहिंसा और नैतिकता के बल पर हमें आजादी दिलाई और पूरी दुनिया को शांति, सद्भाव और सह-अस्तित्व का मार्ग दिखाया। वहीं आज के ही दिन जन्मे श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी और "जय जवान, जय किसान" का मंत्र आज भी देश की प्रेरणा है। उनका जीवन सच्चे जनसेवक का आदर्श उदाहरण है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा की बच्चे देश का भविष्य है। विकसित भारत के कर्णधार है। उन्हें अपने आचार और व्यवहार को हमेशा उच्च स्तर का बनाएं रखना चाहिए। विजयादशमी पर्व के संदेश और भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लें। राज्यपाल श्री पटेल ने गांधी जी की आत्मनिर्भता और स्वदेशी विचारधारा को अपनाकर स्वदेशी अभियान को सफल बनाने का आहवान किया। राज्यपाल श्री पटेल ने गांधी जी की प्रतिमा पर सूत की माला पहनाई और चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। गांधी स्मृति स्थल पर आदरांजलि अर्पित की। गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित किए। उन्होंने गांधी सप्ताह अंतर्गत “आओ जानें गांधी” प्रतियोगिता के विभिन्न श्रेणियों के विजेता छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता श्री रघु ठाकुर और पद्मश्री श्री विजय दत्त श्रीधर ने गांधी दर्शन पर व्याख्यान दिया। स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रिय भजनों की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में धर्मगुरू, गांधीवादी चिंतक, स्कूली बच्चें और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। राज्यपाल श्री पटेल का गांधी न्यास भवन के पदाधिकारियों ने शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया।  

Bhopal में दशहरे पर अनहोनी! कार से आए युवक-युवतियों ने रावण पुतला दहन कर दिया और भाग निकले

भोपाल भोपाल के बाग मुगालिया इलाके में दशहरे से पहले एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सुबह करीब 6 बजे कुछ अज्ञात युवक-युवती कार से मैदान में पहुंचे और नशे की हालत में रावण के पुतले को आग के हवाले कर फरार हो गए। इस घटना से स्थानीय लोगों और आयोजनकर्ताओं में हड़कंप मच गया, क्योंकि रावण दहन का कार्यक्रम शाम को भारी भीड़ के बीच होना था। घटना की जानकारी मिलते ही समिति सदस्यों ने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक रावण का पुतला पूरी तरह जल चुका था। चश्मदीदों के अनुसार, युवकों की हरकतें संदिग्ध थीं और वे तुरंत मौके से भाग निकले। मिसरोद थाना प्रभारी संदीप पवार ने बताया कि आरोपित बिना नंबर की कार से आए थे, उनकी तलाश की जा रही है!  

राज्यपाल पटेल ने राजभवन के प्रवेश द्वार के सुदृढ़ीकरण कार्य का किया लोकार्पण

भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने गांधी जयंती के अवसर पर राजभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक-1 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण किया। उन्होंने फीता काटकर प्रवेश द्वार का लोकार्पण कर निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री अरविंद पुरोहित,लोक निर्माण विभागके मुख्य अभियंता श्री संजय मस्के,अधीक्षण यंत्रीश्री एच.एस. जैसवाल, कार्यकारी अभियंताश्री राकेश निगम, एस.डी.ओ. श्री एल.के. गुप्ता, नियंत्रक हाउस होल्ड राजभवन श्रीमती शिल्पी दिवाकर और राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

शराब घोटाले में छत्तीसगढ़ में बड़ा सुराग, ED सक्रिय, अधिकारियों से लगातार पूछताछ

रायपुर छत्तीसगढ़ के चर्चित 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने घोटाले में संलिप्त आबकारी अधिकारियों को समन भेजकर तलब किया है. ईडी के इस समन के बाद एक बार फिर किसी बड़े एक्शन की तैयारी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई है. पिछले तीन दिनों से आबकारी अधिकारी ईडी दफ्तर जाकर बयान दर्ज करा रहे हैं. इसमें वे सभी अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने शराब घोटाला का मुख्य चालान पेश करने के लिए ईडी और ईओडब्ल्यू/एसीबी को तीन महीने और दो महीने का समय दिया है. ईडी जिन आबकारी अधिकारियों को समन भेजकर पूछताछ कर रही है, उसमें करीब 30 अधिकारी शामिल हैं. एक अधिकारी आशीष श्रीवास्तव का नाम बाद में शामिल किए जाने की सूचना मिल रही है. आबकारी अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से मिली है जमानत बता दें कि शराब घोटाले में ईओडब्ल्यू/एसीबी ने कोर्ट में जब चालान पेश किया, उसके बाद राज्य सरकार ने 22 आबकारी अधिकारियों को निंलबित किया था. इसमें 7 अफसर सेवानिवृत्त हो गए हैं. वर्तमान में सभी 22 अधिकारी निलंबित है, इन 22 अफसरों पर कमीशन के रूप में 88 करोड़ रुपए से ज्यादा लेने का आरोप लगा है. सुप्रीम कोर्ट से इन आबकारी अफसरों को जमानत मिल गई है. इन आबकारी अफसरों को भेजा गया है समन आबकारी उपायुक्त अनिमेष नेताम, अरविंद कुमार पाटले, नीतू नोतानी, नोहर सिंह ठाकुर, विजय सेन शर्मा, सहायक आयुक्त प्रमोद कुमार नेताम, विकास कुमार गोस्वामी, नवीन प्रताप सिंह तोमर, राजेश जायसवाल, मंजूश्री कसेर, दिनकर वासनिक, आशीष वासनिक, सौरभ बख्शी, प्रकाश पाल, रामकृष्ण मिश्रा, अलेख राम सिदार और सोनल नेताम के अलावा जिला आबकारी अधिकारी मोहित कुमार जायसवाल, गरीबपाल सिंह दर्दी, इकबाल अहमद खान, जर्नादन सिंह कौरव और नितिन कुमार खंडूजा को समन जारी किया है. इसके अलावा सेवानिवृत्त आबकारी अधिकारी एके सिंह, जेआर मंडावी, जीएस नरूटी, देवलाल वैद्य, एके अनंत, वेदराम लहरे और एलएल ध्रुव काे भी समन जारी किया है.

901 कलशों का अनोखा उत्सव: देर रात रेल ट्रैक पर थमे ट्रेन के पहिए

डोंगरगढ़ शारदीय नवरात्र के समापन पर मां बम्लेश्वरी मंदिर से देर रात एक भव्य शोभायात्रा निकली। इस शोभायात्रा में महिलाएं सिर पर ज्योति कलश लिए मां की जयकारों के साथ आगे बढ़ी। कुल 901 प्रज्वलित कलशों का महावीर तालाब में विसर्जन किया गया। यह अनूठा दृश्य देखने के लिए हजारों श्रद्धालु डोंगरगढ़ पहुंचे और तालाब किनारे आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। डोंगरगढ़ की यह परंपरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ ऐतिहासिक धरोहर भी मानी जाती है। विसर्जन यात्रा मंदिर से शुरू होकर छिन्नमस्तिका मंदिर होते हुए रेलवे ट्रैक पार कर मां शीतला मंदिर पहुंची। यहां मां शीतला और मां बम्लेश्वरी के माई ज्योत का मिलन करवाया गया, जो इस पूरे अनुष्ठान की विशेषता है। सबसे खास और अनोखी परंपरा यह है कि इस विसर्जन यात्रा के मार्ग में मुंबई–हावड़ा मुख्य रेलवे लाइन आती है। विसर्जन के दौरान रेल यातायात पूरी तरह थम जाता है। भारतीय रेलवे दोनों ओर से आने वाली गाड़ियों को रोक दिया जाता है। लगभग तीन से चार घंटे तक इस व्यस्त रेलखंड पर मेगा ब्लॉक रहता है। आस्था और परंपरा के इस संगम के आगे आज भी रेलों के पहिए रुक जाते हैं। इस परंपरा की नींव रियासत काल में रखी गई थी। रियासत काल से चली आ रही परंपरा खैरागढ़ के तत्कालीन शासक राजा लाल उमराव सिंह ने 21 अगस्त 1883 को ब्रिटिश सरकार और बंगाल-नागपुर रेलवे के साथ एक समझौता किया था, जिसके तहत रेल लाइन निर्माण के लिए जमीन और न्यायिक अधिकार सौंपे गए। इस समझौते के दस्तावेज (deeds) में डोंगरगढ़ का स्पष्ट उल्लेख मिलता है। बताया जाता है कि राजा लाल उमराव सिंह ने जमीन देने के साथ ही डोंगरगढ़ स्टेशन में रेलों के ठहराव और नवरात्र के समय ज्योति विसर्जन यात्रा के लिए रेल पटरियों पर ब्लॉक देने की शर्त भी रखी थी। इसी परंपरा का असर आज भी जीवित है, जब रेलवे नवरात्र की इस परंपरा के सम्मान में ट्रेनों को रोक देता है। डोंगरगढ़ की नवरात्रि का यह विसर्जन सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि इतिहास, परंपरा और आस्था का ऐसा संगम है, जिसने देशभर के श्रद्धालुओं को दशकों से अपनी ओर आकर्षित किया है।

पंजाब के इस जिले में DC ने लगाई सख्त रोक, लोगों से की ये अपील

पंजाब  पंजाब के लोगों से खास अपील की जा रही है। दरअसल,  डिप्टी कमिश्नर पठानकोट आदित्य उप्पल ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों और दरियों के किनारे न जाएँ। दरअसल, आज रंजीत सागर डैम से करीब 37 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे निचले इलाकों में पानी का स्तर बढ़ सकता है। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। हालांकि, लोगों की सुरक्षा के लिए सतर्कता बरतना आवश्यक है। 

अंता विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या बढ़ी, अंतिम सूची में 2.27 लाख+ नाम

जयपुर/बारां आगामी उपचुनाव की तैयारी के तहत निर्वाचन विभाग राजस्थान, जयपुर के निर्देशानुसार बुधवार को अंता विधानसभा क्षेत्र (193) की मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया गया। इस अवसर पर जिला निर्वाचन अधिकारी रोहिताश्व सिंह तोमर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई, जिसमें राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और मीडिया कर्मी उपस्थित रहे।  राजनीतिक दलों को सौंपी गई सूची की प्रति बैठक में निर्वाचन अधिकारियों ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रक्रिया की जानकारी दी। अंतिम प्रकाशन के तहत राजनीतिक दलों को मतदाता सूची की प्रति हार्ड कॉपी में और सॉफ्ट कॉपी सीडी व पेनड्राइव में उपलब्ध करवाई गई। मीडिया की मौजूदगी में प्रतिनिधियों से प्राप्ति रसीद भी ली गई।   मतदाता संख्या में हुआ इजाफा जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रारूप प्रकाशन के समय अंता विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,26,227 मतदाता दर्ज थे। इनमें 1,15,982 पुरुष, 1,10,241 महिला और 4 अन्य मतदाता शामिल थे। दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया 3 से 17 सितंबर तक चली और 25 सितंबर तक सभी का निस्तारण कर दिया गया। इसके बाद 1 अक्टूबर को जारी अंतिम मतदाता सूची में कुल 2,27,563 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 1,16,405 पुरुष, 1,11,154 महिला और 4 अन्य मतदाता शामिल हैं।   निर्वाचन आयोग के निर्देशों से कराया अवगत बैठक में राजनीतिक दलों और मीडिया को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी नवीनतम दिशा-निर्देशों से भी अवगत कराया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि अंतिम प्रकाशन के साथ अब अंता क्षेत्र के मतदाता आगामी चुनावों में अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए तैयार हैं।

धार्मिक आयोजन में बदलाव: गुरु जी ने दी आज्ञा, बागेश्वर धाम में अब नहीं होंगी VIP मुलाकातें

छतरपुर बागेश्वर धाम गढ़ा में नवरात्र साधना के समापन पर बड़ा निर्णय लिया गया है। बागेश्वर महाराज के गुरु सन्यासी बाबा ने साधना के दौरान आदेश दिया कि अब बागेश्वर धाम पर आने वाले वीआईपी से मुलाकात नहीं की जाएगी। महाराज जी केवल उन श्रद्धालुओं से मिलेंगे जो सच्चे भक्त बनकर बिना किसी सिफारिश के धाम पर दर्शन और आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। नवरात्र की नौ दिवसीय साधना पूर्ण होने के बाद दशमी के दिन बागेश्वर महाराज ने बुंदेलखंड की गंगा कही जाने वाली केन नदी में पहुंचकर व्रत का समापन किया। इस अवसर पर बनारस से आए आचार्यों द्वारा वेद मंत्रों के साथ व्रत पूर्ण कराया गया।   गरीबों की पीड़ा अनसुनी रह जाती है इसके पश्चात धाम पर आयोजित दिव्य दरबार में महाराज ने भक्तों को साधना का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि साधना के दौरान 11 लाख बार पंचमुखी हनुमान नाम का जप और माता रानी की आराधना कर उसे अपने आराध्य बागेश्वर बालाजी के चरणों में समर्पित किया। महाराज ने भक्तों को बताया कि साधना के दौरान उनके गुरु सन्यासी बाबा ने डांटते हुए कहा कि वीआईपी और वीवीआईपी मुलाकातों के कारण गरीब, असहाय और दूर-दराज से किराया उठाकर धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की पीड़ा अनसुनी रह जाती है। यही भक्त निराश होकर लौटते हैं, गुरु ने आदेश दिया कि अब से बागेश्वर धाम पर प्रोटोकॉल और सिफारिश वाले वीआईपी और वीवीआईपी को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी। यदि वे आते हैं तो उन्हें अलग से समय दिया जाएगा, लेकिन पहले अवसर गरीब, असहाय, मरीज और सच्चे श्रद्धालुओं को ही मिलेगा। महाराज ने कहा कि कुटिया में साधना के दौरान हमने प्रण लिया कि गुरु जी की आज्ञा अब कभी नहीं टाली जाएगी। दिव्य दरबार में सुनेंगे अर्जियां बागेश्वर महाराज ने कहा की कि अब पहले की भांति दिव्य दरबार में बागेश्वर बालाजी की आज्ञा से भक्तों की अर्जियां सुनी जाएंगी और पर्चे बनाए जाएंगे। साथ पूर्व की ही भांति शाम को मरीजों के दर्शन के समय श्रद्धालुओं को सिद्ध अभिमंत्रित भभूति भी प्रदान की जाएगी। महाराज ने कहा कि यह क्रम आगे भी जारी रहेगा और प्रत्येक गुरुवार को नई नियमावली के तहत भक्तों से मुलाकात कर मंदिर प्रांगण से ही सिद्ध भभूति का वितरण किया जाएगा।

IMD का चेतावनी अलर्ट: तूफान तेज़ी से बढ़ रहा, जानें क्या है खतरा

नई दिल्ली  बंगाल की खाड़ी में बना मजबूत निम्न दबाव का क्षेत्र अब चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है और तेजी से उत्तर-उत्तर पश्चिम की तरफ तट की ओर बढ़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन में ये जानकारी दी है। IMD ने कहा है कि तूफान आज यानी गुरुवार (2 अक्टूबर) की रात तक ओडिशा और उससे सटे आंध्र प्रदेश के तटों को पार कर जाएगा। इस दौरान 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने ये भी कहा है कि ये तूफान अगले दिन यानी 3 अक्टूबर तक कमजोर पड़ जाएगा और हवा की स्पीड घटकर 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे रह जाएगी लेकिन तूफान का असर कुछ दिनों तक जारी रहेगा। IMD ने कहा है कि इस मौसमी घटना के कारण अगले 5 दिनों तक आधा दर्जन से ज्यादा राज्यों में तेज हवा के झोंकों संग बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, ओडिशा,पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अत्यधिक तेज़ गरज के साथ बारिश हो सकती है और हवाओं का जोर रह सकता है। ओडिशा में भारी बारिश इस बीच, ओडिशा में गुरुवार की सुबह भी बारिश दर्ज की गई। IMD के मुताबिक ओडिशा में भारी बारिश हुई है। राज्य सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए चिन्हित संवेदनशील जिलों में कर्मियों और मशीनरी को तैनात किया है। एक अधिकारी ने बताया कि राज्य के सभी हिस्सों में मुख्य रूप से तटीय और दक्षिणी क्षेत्रों में बुधवार से ही भारी बारिश हो रही है। IMD ने आज राज्य के सभी 30 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। आईएमडी ने बयान में कहा कि बुधवार को रात में बंगाल की खाड़ी में गहरे दबाव का क्षेत्र बना था जो 17 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ्तार से बढ़ रहा था लेकिन अब उसकी गति तेज हो गई है। बयान में कहा गया है कि निम्न दाब गुरुवार की सुबह 5 बज कर 30 मिनट पर गोपालपुर से लगभग 190 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व, कलिंगपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से 190 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व, पुरी (ओडिशा) से 230 किलोमीटर दक्षिण, विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) से 250 किलोमीटर पूर्व और पारादीप (ओडिशा) से 310 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपश्चिम में केंद्रित थी।" रात में ओडिशा को पार कर जाएगा तूफान आईएमडी ने बताया कि इस तूफान के दो अक्टूबर की रात तक ओडिशा को पार करके आंध्र प्रदेश से लगे हुए गोपालपुर और पारादीप तटों तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, गहरा दबाव एक ऐसी स्थिति है जो एक सुस्पष्ट निम्न दबाव के बाद और चक्रवाती तूफान से पहले आती है, जिसके बाद आमतौर पर भारी वर्षा और तेज हवाएं चलती हैं। IMD ने मछुआरों को तीन अक्टूबर तक ओडिशा तट के पास समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। 75 किलोमीटर प्रति घण्टे हो जाएगी स्पीड बुलेटिन में कहा गया है, "गहरे दबाव क्षेत्र के प्रभाव से मध्य बंगाल और उससे लगे उत्तरी बंगाल की खाड़ी में एक अक्टूबर से 40 से 50 किलोमीटर प्रति घण्टे से 60 किलोमीटर प्रति घण्टे की गति से तूफानी हवा चलने की संभावना है। दो अक्टूबर की दोपहर से तीन अक्टूबर की सुबह तक पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में यह रफ्तार धीरे-धीरे 55-65 किलोमीटर प्रति घण्टे की गति से बढ़कर 75 किलोमीटर प्रति घण्टे की गति तक पहुंच जाएगी।" आईएमडी ने राज्य के सभी बंदरगाहों पर 'स्थानीय चेतावनी संकेत संख्या-तीन' (एलसी-3) लगाने का भी सुझाव दिया है। एक अनोखी घटना के भी आसार IMD ने कहा है कि इसी अरब सागर में भी एक निम्न दाब का क्षेत्र बना है जो उत्तर-पूर्व की ओर द्वारका और गुजरात तट की तरफ बढ़ रहा है। इसके अलावा उत्तरी भारत के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसकी वजह से 4 से 8 अक्टूबर के दौरान उत्तर भारत में एक ऐतिहासिक मौसमी घटना होने की संभावना है। विभाग के मुताबिक, तीनों प्रणालियों के आपस में टकराने की संभावना है। यह एक बहुत ही अनोखी घटना होगी। इसकी वजह से पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और आसपास के राज्यों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हो सकती है।

हिमाचल रत्न पुरस्कार से सम्मानित हुए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के DIG

पंजाब  हिमाचल मंडी जन कल्याण सभा के 64वें वार्षिक सैर महोत्सव के अवसर पर आज नई दिल्ली में आज एक समारोह आयोजित किया गया। हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने हिमाचल मंडी जन कल्याण सभा के 64वें वार्षिक सैर महोत्सव के अवसर पर नई दिल्ली के शाह ऑडिटोरियम में आयोजित सम्मान समारोह में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के डीआईजी ऋषि राज सिंह को हिमाचल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया। ऋषि राज सिंह को यह पुरस्कार दिल्ली में हिमाचलियों के मार्गदर्शन और उनके उत्थान के लिए दिया गया।