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17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा राज्यव्यापी अभियान, 4.19 करोड़ परिवार और 15.74 करोड़ लाभार्थी जुड़ेंगे

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में सेवा, सुशासन, जनकल्याण और विकास की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलेगा। एक माह के अभियान के जरिए योगी सरकार की योजनाओं से लाभान्वित नागरिकों की सफलता की कहानियां सामने लाने के साथ प्रदेशवासियों को ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ा जाएगा। अभियान के प्रभारी एवं उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के मार्गदर्शन में शासन से जनपद स्तर तक त्रिस्तरीय समन्वय व्यवस्था बनाई गई है। अभियान में केंद्र सरकार के 12 वर्षों और राज्य सरकार के 10 वर्षों के विकास कार्यों से आए बदलावों को प्रस्तुत करने पर जोर रहेगा। केंद्र एवं राज्य की योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों का त्रिस्तरीय डेटा बैंक तैयार होगा। कुल 4.19 करोड़ परिवारों और 15.74 करोड़ लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य है। इसमें ग्रामीण क्षेत्र के 3.51 करोड़ परिवार व 13.01 करोड़ लाभार्थी तथा शहरी क्षेत्र के 0.68 करोड़ परिवार व 2.73 करोड़ लाभार्थी शामिल हैं। 12 कार्यक्रमों से पहुंचेगा सेवा का संदेश अभियान में ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘मेरे सपनों का भारत: चित्र सेवा’, ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’, ‘आंगन मिलन सेवा’, ‘सेवा की कहानी’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’, ‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ और ‘सुशासन सेवा संवाद’ आयोजित होंगे। 17 सितंबर को ‘सेवा दिवस-आशीर्वाद का दीया’ से शुरुआत होगी। शाम सात बजे घरों और प्रतिष्ठानों पर दीप प्रज्वलन कर सेवा एवं विकसित भारत के संकल्प से जुड़ने का आह्वान किया जाएगा। अस्पतालों में फल वितरण, रक्तदान शिविर, विश्वकर्मा जयंती पर टूल किट वितरण तथा चयनित विकास एवं अवस्थापना परियोजना स्थलों पर दीप प्रज्वलन होगा। ‘मेरे सपनों का भारत: चित्र सेवा’ के तहत 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक विद्यालयों में कक्षा 5 से 8 के लिए चित्रकला तथा कक्षा 9 से 12 के लिए चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। उच्च शिक्षण संस्थानों में चित्रकला, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जिला स्तरीय प्रदर्शनी के बाद 7 अक्टूबर को राज्य स्तरीय प्रदर्शनी होगी। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री के डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार दिए जाएंगे। नुक्कड़ नाटक और डिजिटल कहानियों से जनजागरण ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ के तहत प्रत्येक जनपद में 18 से 20 कलाकारों की सांस्कृतिक टोलियां गठित होंगी। प्रत्येक विधानसभा में सात कार्यक्रम होंगे। ग्राम पंचायतों, सामुदायिक केंद्रों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर 25 से 30 मिनट की प्रस्तुति के जरिए जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास की कहानी पहुंचाई जाएगी। ‘सेवा की कहानी’ डिजिटल एवं रील अभियान में 25 लाख लाभार्थियों के जीवन में आए बदलाव पर 60 सेकंड की रील्स तैयार होंगी। आवास, विद्यालय, पंचायत भवन, पुस्तकालय, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, इनलैंड पोर्ट, मेट्रो, आरआरटीएस और विश्वविद्यालयों से जुड़ी विकास कहानियां प्रदर्शित की जाएंगी। 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन मिलन सेवा’ में प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर तीन दिवसीय उत्सव एवं संवाद होगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा दीदियों और उत्कृष्ट लाभार्थी माताओं का सम्मान किया जाएगा। पोषण, स्वास्थ्य एवं महिला योजनाओं की जानकारी के साथ हेल्दी बेबी शो, बच्चों को कॉमिक बुक्स, खिलौने, फल-मिठाई, अतिरिक्त पोषाहार एवं सामग्री वितरण होगा। सेवा ज्योति कलश यात्रा से विकसित भारत का संकल्प 7 अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा-विकसित भारत का संकल्प’ आयोजित होगी। प्रमुख चौराहों पर सेवा कलश स्थापित किए जाएंगे। पैदल, साइकिल और बाइक रैलियों से नागरिक मुख्य आयोजन स्थल पहुंचेंगे। ‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’ में 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश की 10 नदियों का जल लेकर 10 टोलियां काशी से वडनगर, गुजरात जाएंगी। मार्ग के जनपदों में चौपाल, जनसंवाद और विकास यात्रा पर आधारित फिल्म प्रदर्शन होंगे। ‘सेवा मेरा योगदान’ में नागरिक 25 सेवा गतिविधियों में से किसी एक से जुड़ेंगे। रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जांच, गांव गोद लेना, योग-ध्यान, महिला स्वास्थ्य, शिक्षा सहयोग, करियर काउंसलिंग, वरिष्ठ नागरिकों की डिजिटल साक्षरता, अंगदान, पोषण, सड़क सुरक्षा, जल संरक्षण, साइबर सुरक्षा, फिट इंडिया, दिव्यांगजन सहयोग, मतदाता जागरूकता, वोकल फॉर लोकल और सरकारी योजनाओं की जागरूकता इसमें शामिल हैं। प्रत्येक विधानसभा में न्यूनतम दो स्थलों के कायाकल्प का लक्ष्य है। सेवा सेतु शिविरों में मौके पर मिलेंगी योजनाओं की सुविधाएं ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत विकासखंड एवं नगरीय निकाय स्तर पर पांच से सात दिवसीय बहुउद्देशीय शिविर होंगे। एक ही स्थान पर योजनाओं की जानकारी, पात्र नागरिकों के आवेदन, पात्रता सत्यापन और स्वीकृति की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। स्वास्थ्य मेले, प्रत्येक विधानसभा में दिव्यांग कल्याण शिविर और मतदाता पंजीकरण पर भी जोर रहेगा। ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ में युवाओं की राष्ट्रीय स्तर के इनोवेशन चैलेंज में भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक में ओरिएंटेशन एवं मोटिवेशन कार्यक्रम होंगे। 1.25 लाख जनप्रतिनिधि लेंगे विकसित भारत का संकल्प 17 अक्टूबर को ‘सुशासन सेवा संवाद’ के साथ अभियान का समापन होगा। ग्राम प्रधान, सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधि सेवा एवं सुशासन के 25 वर्षों के अवसर पर प्रधानमंत्री का सम्मान करेंगे तथा विकसित भारत-2047 का संकल्प लेंगे। लगभग 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों द्वारा संकल्प एवं वंदे मातरम् गायन की योजना है। ऐतिहासिक स्मारकों और पर्यटन स्थलों पर विकास यात्रा दर्शाने वाले लेजर शो होंगे। प्रमुख तीर्थस्थलों एवं शक्तिपीठों में महायज्ञ एवं विशेष अनुष्ठान प्रस्तावित हैं। 17 अक्टूबर को ‘सुशासन सेवा संवाद’ के साथ अभियान का समापन होगा। ग्राम प्रधान, सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधि सेवा एवं सुशासन के 25 वर्षों के अवसर पर प्रधानमंत्री का सम्मान करेंगे तथा विकसित भारत-2047 का संकल्प लेंगे। लगभग 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों द्वारा संकल्प एवं वंदे मातरम् गायन की योजना है। ऐतिहासिक स्मारकों और पर्यटन स्थलों पर विकास यात्रा दर्शाने वाले लेजर शो होंगे। प्रमुख तीर्थस्थलों एवं शक्तिपीठों में महायज्ञ एवं विशेष अनुष्ठान प्रस्तावित हैं।

राजस्थान की 305 निकायों में मेयर-अध्यक्ष पद के लिए नामांकन का आखिरी दिन, 21 सितंबर मतदान

जयपुर राजस्थान के शहरों की सरकार का चेहरा तय करने की कवायद तेज हो गई है। प्रदेश की 305 निकायों में मेयर, सभापति और अध्यक्ष पद के लिए नामांकन का आज दूसरा और आखिरी दिन है। ऐसे में सुबह से ही बीजेपी और कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशीयों की ओर से नामांकन दाखिल करने का सिलसिला जारी है। बुधवार दोपहर 3 बजे तक प्रत्याशी अपना पर्चा दाखिल कर सकेंगे। बता दें कि पहले दिन 19 निकायों में 29 नामांकन भरे गए। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 17 सितंबर को सुबह 11 बजे होगी। वहीं, 18 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक उम्मीदवारी वापस ली जा सकेगी। इसके बाद मेयर चुनाव की तस्वीर और स्पष्ट होगी। अध्यक्ष के लिए मतदान 21 सितंबर और उपाध्यक्ष के चुनाव 22 सितंबर को होगा। बीकानेर में मेयर पद को लेकर कांग्रेस में बगावत बीकानेर नगर निगम में मेयर पद को लेकर कांग्रेस के भीतर सियासी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस की ओर से अनिल कल्ला को मेयर पद का प्रत्याशी बनाए जाने के बाद अब पार्टी के ही विजयी पार्षद नवरतन डागा ने नामांकन दाखिल कर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। अनिल कल्ला के नामांकन से पहले नवरतन डागा नामांकन दाखिल करने पहुंचे। इस दौरान डागा ने साफ कहा कि वह कांग्रेस की तरफ से ही मेयर पद का चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने इसे परिवारवाद के खिलाफ जंग बताते हुए पार्टी नेतृत्व पर सवाल भी उठाए। डागा ने कहा कि “यह जंग परिवारवाद के खिलाफ है। आखिर कब तक कांग्रेस का कार्यकर्ता इसे सहन करेगा?” उनके इस बयान के बाद बीकानेर कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस ने मेयर पद के लिए अनिल कल्ला को अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। वहीं, अब नवरतन डागा के नामांकन दाखिल करने से चुनाव में कांग्रेस के दो चेहरे आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं। चूरू नगर परिषद: भाजपा के विनय कुमार गोयनका ने भरा पर्चा चूरू नगर परिषद सभापति पद के लिए भाजपा के विनय कुमार गोयनका ने नामांकन दाखिल किया है। इस दौरान विधायक हरलाल सहारण, वार्ड 19 के पार्षद नरेंद्र सैनी सहित कई पार्षद मौजूद रहे। फतेहपुर नगरपालिका: घनश्याम तिवाड़ी की बहन अंजू भिंडा ने भरा पर्चा सीकर जिले की फतेहपुर नगरपालिका से राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी की बहन अंजू भिंडा ने अध्यक्ष पद के लिए नामां​कन दाखिल किया। बता दें कि अंजू भिंडा निर्दलीय चुनाव जीता था। अब उन्होंने भाजपा की ओर से नामांकन दाखिल किया है। पोकरण नगरपालिका: कांग्रेस की कल्पना रंगा व भाजपा की शोभा व्यास ने भरा नामांकन पोकरण नगरपालिका अध्यक्ष के लिए नामांकन का आज अंतिम दिन, कांग्रेस से कल्पना रंगा व भाजपा से शोभा व्यास ने नामांकन करवाया जमा जैसलमेर: भाजपा के विजय डांगरा ने भरा नामांकन जैसलमेर में सभापति की कुर्सी पर भाजपा का दावा मजबूत माना जा रहा है, पार्षदों के साथ विजय डांगरा ने भरा नामांकन, नवनिर्वाचित पार्षदों के साथ पहुंचे डांगरा, वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में दाखिल किया नामांकन भीलवाड़ा: महापौर और पालिकाध्यक्षों के नामों पर लगी मुहर, अब जीत का इंतजार भीलवाड़ा नगर निगम के साथ ही दस नगर पालिकाओं में महापौर व अध्यक्षों के नाम के पत्ते खुल गए है। भाजपा व कांग्रेस ने जयपुर में आलाकमान से मिली हरी झंडी के बाद प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। सभी प्रत्याशी दोपहर एक बजे तक नामांकन पत्र पेश कर देंगे। भीलवाड़ा नगर निगम में भाजपा ने महिला वर्ग में बड़ी जीत के साथ आई जसवंत कंवर को प्रत्याशी बनाया है। भरतपुर से निर्दलीय विचित्रा सिंह ने मेयर पद के लिए किया नामांकन भरतपुर नगर निगम में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मेयर पद के लिए विचित्रा सिंह ने नामांकन भरा। इस दौरान उनके साथ पति पूर्व सभापति एवं मेयर शिव सिंह भोट, शहर कांग्रेस शहर अध्यक्ष दयाचंद पचौरी, योगेंद्र सिंह ठाकुर, संजय शुक्ला सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं, भारतीय जनता पार्टी की ओर से अनुराधा सिंह एवं प्रेमपाल ने नामांकन भरा। भाजपा की ओर से अनुराधा सिंह मेयर की रेस में सबसे आगे बताई जा रही है। अजमेर: भाजपा से अनामिका शर्मा मेयर प्रत्याशी अजमेर मेयर पद को लेकर भाजपा तैयारी में जुट गई है। वार्ड 3 की प्रत्याशी अनामिका शर्मा प्रत्याशी घोषित किया हैं। इसको लेकर लगभग सहमति बन चुकी है। जिलाध्यक्ष रमेश सोनी के साथ नामांकन के लिए पहुंची। पाली: कांग्रेस की दो पार्षदों ने महापौर के लिए भरा पर्चा पाली निगम में कांग्रेस से विजेता राजबाला हिंगड़ महापौर पद का नामांकन भरने के लिए पहुंची। वहीं, कांग्रेस की ही प्रत्याशी सुमित्रा जैन भी कांग्रेस से जीते पार्षद भंवर राव और निर्दलीय जीते नजमा शहजाद शेख के साथ नामांकन भरने के लिए पहुंची। खास बात ये रही कि कांग्रेस की दोनों ही पार्षदों ने महापौर के लिए पर्चा दाखिल किया है।

दिल्ली में ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण को बड़ा कदम, NGO और संस्थानों को मिलेगा अनुदान

नई दिल्ली दिल्ली के स्मारकों के संरक्षण के लिए दिल्ली सरकार ने वित्तीय सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुरातत्व विभाग ने गैर सरकारी संगठनों, न्यास, फाउंडेशन और शैक्षणिक संस्थानों से आवेदन मांगे हैं। दिल्ली मुख्यमंत्री विरासत नवोत्थान योजना के तहत परियोजनाओं के लिए अधिकतम दो करोड़ रुपये तक सहायता दी जाएगी। स्मारकों के संरक्षण के लिए अनुदान देने संबंधी आदेश दिल्ली सरकार ने जारी कर दिया है। पुरातत्व विभाग ने पात्र संस्थाओं से वित्तीय सहायता के लिए आवेदन मांगे हैं। यह सहायता दिल्ली मुख्यमंत्री विरासत नवोत्थान योजना के तहत दी जाएगी। सामान्य प्रोजेक्ट में 75% खर्च सरकार का अनुदान योजना के तहत किसी परियोजना के लिए अधिकतम दो करोड़ रुपये प्रति वित्तीय वर्ष तक सहायता दी जा सकेगी। सामान्य परियोजनाओं में विभाग और संबंधित संस्था के बीच खर्च का अनुपात 75:25 रहेगा। महत्वपूर्ण स्मारकों से जुड़े संरक्षण कार्यों में सरकार 90 प्रतिशत और संबंधित संस्था 10 प्रतिशत खर्च वहन करेगी। वहीं सरकारी संस्थानों की परियोजनाओं का 100 प्रतिशत खर्च सरकार उठाएगी। जरूरत पर दो करोड़ की सीमा बढ़ेगी योजना में संरक्षण कार्य की आवश्यकता को देखते हुए दो करोड़ रुपये की अधिकतम सीमा बढ़ाने का भी प्रविधान है। इसके लिए सिफारिश समिति की अनुशंसा जरूरी होगी। सरकार ने कुछ दिन पहले ही स्मारकों के संरक्षण के लिए सहायता अनुदान योजना की अधिसूचना जारी की थी। दर्पण पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी किया वित्तीय सहायता के लिए पात्र संस्थाओं को दिल्ली सरकार के पुरातत्व विभाग के निदेशक के नाम से जारी पोर्टल के माध्यम से आनलाइन आवेदन करना होगा। विश्वविद्यालय और सरकारी अथवा स्वायत्त संस्थाएं रजिस्ट्रार या विभागाध्यक्ष के माध्यम से आवेदन कर सकेंगी। गैर सरकारी संगठनों, न्यास और फाउंडेशन आदि के लिए भारत सरकार के दर्पण पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।

गोरखपुर को मिल रही हेल्थ हब की पहचान, IMA चैरिटेबल ब्लड सेंटर का लोकार्पण

हेल्थ हब के रूप में विकसित हो रहा गोरखपुर: डॉ. आरपी शुक्ला   आईएमए चैरिटेबल ब्लड सेंटर के लोकार्पण समारोह में वक्ताओं ने गिनाए स्वास्थ्य सेवाओं में आए बदलाव   एम्स आने के बाद पूर्वांचल के साथ बिहार और नेपाल से भी इलाज के लिए पहुंच रहे लोग   गोरखपुर  आईएमए गोरखपुर के अध्यक्ष डॉ. आरपी शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य सेवाओं को जिस ऊंचाई पर पहुंचाया है, वह अभूतपूर्व है। गोरखपुर में जापानी इंसेफेलाइटिस सहित विभिन्न बीमारियों का इलाज अब आसानी से मिल रहा है। एम्स आने के बाद गोरखपुर हेल्थ हब के रूप में विकसित हो रहा है।   आईएमए चैरिटेबल ब्लड सेंटर के लोकार्पण समारोह में डॉ. शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने ब्लड बैंक के निदेशक डॉ. अवधेश अग्रवाल और अन्य चिकित्सकों का भी स्वागत करते हुए कहा कि आईएमए के माध्यम से रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी।   डॉ. शुक्ला ने कहा कि मेडिकल छात्रों को दोगुना स्टाइपेंड मिल रहा है। मानसिक दिव्यांगों के लिए संस्थान संचालित हो रहा है। प्रदेश टीबी और कैंसर के इलाज में लगातार प्रगति कर रहा है। सरकारी चिकित्सालयों में रोबोटिक सर्जरी, आधुनिक जांच और अंग प्रत्यारोपण जैसी सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।   पहले डॉक्टरों का होता था अपहरण: विपिन सिंह विधायक विपिन सिंह ने कहा कि पहले गोरखपुर में आए दिन डॉक्टरों के अपहरण की घटनाएं होती थीं। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुरक्षा के लिए खड़े हैं। पूर्वांचल के साथ नेपाल और बिहार से भी लोग इलाज के लिए गोरखपुर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने गोरखपुर को सजाया और संवारा है। उनके नेतृत्व में हुए विकास के कारण शहर में जमीन की कीमत भी बढ़ी है।   बहुत दिनों की प्रतीक्षा को लगा विराम: महापौर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अभिनंदन करते हुए कहा कि आईएमए के ब्लड सेंटर के शुरू होने से बहुत दिनों की प्रतीक्षा को विराम लगा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को सभी का अभिभावक बताते हुए आभार जताया। कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य की स्थिति से निकलकर आगे बढ़ा है।

बिहार के BJP विधायक सुजीत पासवान को रूस से खास बुलावा, स्टेट डूमा चुनाव पर रखेंगे नज

पटना  बिहार के एक विधायक की चर्चा अब पटना से लेकर मॉस्को तक हो रही है. मधुबनी के राजनगर से बीजेपी विधायक सुजीत पासवान को रूस से खास बुलावा आया है. वह रूस के संसदीय चुनाव में सिर्फ मेहमान बनकर नहीं जाएंगे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षक की भूमिका में नजर आएंगे. 18 से 20 सितंबर तक मॉस्को में रहकर वह रूस की संसद यानी स्टेट डूमा के चुनाव की प्रक्रिया को करीब से देखेंगे. सुजीत पासवान को रूस की Civic Chamber of the Russian Federation की ओर से आमंत्रित किया गया है. उनके साथ दूसरे देशों से पहुंचे पर्यवेक्षक और सिविल सोसाइटी से जुड़े प्रतिनिधि भी चुनावी प्रक्रिया का अवलोकन करेंगे. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सुजीत पासवान कौन हैं? उनका राजनीतिक सफर कैसा रहा है और रूस में उन्हें क्या जिम्मेदारी दी गई है? राजनगर से विधानसभा तक पहुंचने का सफर सुजीत पासवान मधुबनी जिले की राजनगर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक हैं. 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें इस सीट से उम्मीदवार बनाया था. चुनाव में जीत के बाद वह पहली बार विधानसभा पहुंचे. राजनगर मिथिलांचल की महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों में शामिल है. विधायक बनने के बाद सुजीत पासवान की राजनीतिक पहचान सिर्फ क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं रही. वह बिहार बीजेपी के अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश  अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं. यानी एक तरफ वह विधानसभा में राजनगर का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. दूसरी तरफ पार्टी संगठन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. छात्र राजनीति से शुरू हुआ राजनीतिक सफर सुजीत पासवान का राजनीतिक सफर सीधे विधानसभा से शुरू नहीं हुआ. उनकी सक्रियता छात्र राजनीति से जुड़ी रही है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वह 2010 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े थे. संगठन में रहते हुए उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं. छात्र राजनीति के दौरान संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी सक्रियता बढ़ती गई. इसके बाद उनका जुड़ाव बीजेपी से मजबूत हुआ. 2020 में बीजेपी के सक्रिय सदस्य बनने के बाद उन्होंने पार्टी के युवा संगठन में भी जिम्मेदारी संभाली. आगे चलकर उन्हें बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली. इस तरह छात्र संगठन से शुरू हुआ सफर धीरे-धीरे पार्टी संगठन तक पहुंचा और फिर 2025 में वह विधानसभा के सदस्य बने. बीजेपी अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी सुजीत पासवान की मौजूदा राजनीतिक भूमिका दो स्तरों पर है. वह राजनगर से बीजेपी विधायक हैं. साथ ही बिहार बीजेपी के अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं. इस जिम्मेदारी के तहत पार्टी के अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े संगठनात्मक कामों में भी उनकी भूमिका रहती है. इसके अलावा वह ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के सिंडिकेट सदस्य भी हैं. यानी उनकी सक्रियता राजनीति, संगठन और विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़े दायित्वों तक फैली हुई है. रूस में क्या करेंगे सुजीत पासवान? अब सबसे अहम सवाल यही है कि रूस में सुजीत पासवान की भूमिका क्या होगी? दरअसल, वह रूस में किसी चुनाव में उम्मीदवार बनकर नहीं जा रहे हैं. न ही वह किसी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि के तौर पर वहां पहुंचेंगे. उन्हें अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक चुनाव पर्यवेक्षक के तौर पर आमंत्रित किया गया है. रूस में स्टेट डूमा के चुनाव 18 से 20 सितंबर 2026 के बीच होने हैं. इस दौरान सुजीत पासवान मॉस्को स्थित सिचुएशनल सेंटर में विदेशी सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों और दूसरे अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के साथ चुनावी प्रक्रिया को देखेंगे. उनकी भूमिका चुनावी प्रक्रिया का अवलोकन और मॉनिटरिंग करने की होगी. यानी मतदान किस तरह हो रहा है, चुनावी प्रक्रिया किस तरह संचालित की जा रही है और उससे जुड़े इंतजाम कैसे हैं, इन चीजों को वह दूसरे पर्यवेक्षकों के साथ करीब से देखेंगे. रूस से क्यों आया खास निमंत्रण? रूसी संघ की Civic Chamber अलग-अलग देशों के निर्वाचित प्रतिनिधियों, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और सिविल सोसाइटी से जुड़े प्रतिनिधियों को चुनावी प्रक्रिया के सार्वजनिक पर्यवेक्षण के लिए आमंत्रित कर रही है. इसी क्रम में बिहार के राजनगर विधायक सुजीत पासवान को भी मॉस्को आने का निमंत्रण मिला है. इस भूमिका का मतलब किसी उम्मीदवार या पार्टी के पक्ष में प्रचार करना नहीं है. पर्यवेक्षक के तौर पर उनकी जिम्मेदारी चुनावी प्रक्रिया को करीब से देखने की है. यही वजह है कि राजनगर के एक मौजूदा विधायक का नाम अब रूस के संसदीय चुनाव से भी जुड़ गया है. 

बिहार में बाढ़ से 50 लाख लोग प्रभावित, शिवराज ने हाजीपुर में नाव से लिया हालात का जायजा

पटना बिहार में बाढ़ से लगभग 50 लाख की आबादी प्रभावित है। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को बाढ़ पीड़ितों को सात-सात हजार रुपये की राहत राशि उनके खाते में भेजी थी। आज बिहार में बाढ़ से हुई क्षति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में एक टीम बिहार पहुंची। पटना पहुंचने के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह हाजीपुर पहुंचे। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित हाजीपुर के तेरसिया और सरायपुर गांव में बाढ़ का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ पीड़ित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे। शिवराज सिंह चौहान औऱ मुख्यमंत्री सम्राट चौधऱी ने हाजीपुर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया। शिवराज सिंह ने बाढ़ प्रभावित हाजीपुर के तेरसिया और सरायपुर गांव का बोट से भी जायजा लिया। दोनों नेताओं ने राघोपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और बाढ़ और फसल क्षति का आकलन किया। इस दौरान किसानों और बाढ़ पीड़ितों से भी बातचीत करेंगे। बाढ़ से नुकसान का जायजा लेने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य सराकर सहायता के काम में जुटी हुई। भोजन वितरण की भी व्यवस्था है। राज्य सरकार जो संभव हो सकता है वो कर रही है। केंद्र सरकार भी राज्य के लोगों को संकट से बाहर निकालने के लिए काम करेगी। सड़कों और मकानों का जो भी नुकसान हुआ है उसका आकलन कर लोगों की मदद की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार बिहार सरकार के साथ मिलकर बिहार के लोगों को हर संभव मदद देगी। सम्राट चौधरी ने कहा कि लोगों के साथ मिलकर जो सहायता हो सकती है उसपर लगातार हम चर्चा कर रहे हैं। जो स्थिति इन्होंने यहां देखा हम मुंगेर औऱ भागलपुर जाएंगे। समीक्षआ बैठक भी केरंगे। मैं पीएम को धन्यवाद देता हूं कि केंद्रीय टीम यहां आई। बाढ़ से नुकसान का जायजा लेकर लोगों को राहत प्रदान की जाएगी।

‘हक मांगने पर गोलियां चलवाईं, अब हितैषी बनने का ढोंग’- सपा पर संजय निषाद का वार

सपा पर हमलावर हुए संजय निषाद, बोले- कांग्रेस की बैसाखी भी नहीं जुटा पा रही पार्टी, निषाद समाज भूला नहीं कसरवल कांड 'हक मांगने पर गोलियां चलवाईं, अब हितैषी बनने का ढोंग'- सपा पर संजय निषाद का वार 'सपा के अपने लोग टूटने की कगार पर', संजय निषाद का बड़ा राजनीतिक दावा लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में उन्होंने सपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग दूसरों पर टिप्पणी कर रहे हैं, उन्हें पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। संजय निषाद ने कहा कि जिनके घर शीशे के बने होते हैं वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंकते। उन्होंने सपा नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि निषाद पार्टी के भविष्य पर अनर्गल टिप्पणी और अफवाह फैलाने के बजाय सपा को अपनी स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी को मिलने वाली सीटों की चिंता करने के बजाय सपा पहले कांग्रेस के साथ अपने सीट बंटवारे का फैसला कर ले। कांग्रेस की बैसाखी का जुगाड़ नहीं कर पाई सपा कैबिनेट मंत्री ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के अपने लोग टूटने की कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी को सपा की किसी बैसाखी की जरूरत नहीं है, जबकि सपा अब तक कांग्रेस की बैसाखी का भी जुगाड़ नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि एनडीए में निषाद पार्टी का गठबंधन बराबरी और हिस्सेदारी का गठबंधन है। कसरवल कांड पर सपा को घेरा संजय निषाद ने कसरवल कांड का जिक्र करते हुए सपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कसरवल कांड में निषाद समाज के निर्दोष लोगों पर गोलियां चलवाई गई थीं। उन्होंने कहा कि निषाद समाज अपने शहीदों का बलिदान और उन पर हुए अत्याचार को कभी नहीं भूला है। उन्होंने आरोप लगाया कि हक मांगने पर गोलियां चलवाने वाले लोग आज समाज के हितैषी बनने का ढोंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मछुआरा समाज के खून में राजनीति और स्वाभिमान है। यह समाज केवल बराबरी की भागीदारी में विश्वास रखता है। संजय निषाद ने कहा कि मुगलों और अंग्रेजों से लोहा लेने वाले इस वीर समाज ने कभी किसी के लिए केवल दरी बिछाने की राजनीति नहीं की। राजनीतिक भविष्य के सवालों का दिया जवाब संजय निषाद ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी या उनके राजनीतिक भविष्य की चिंता करने के बजाय समाजवादी पार्टी को अपना वजूद बचाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि मुद्दा यह नहीं है कि संजय निषाद कहां जाएंगे, बल्कि यह है कि खुद शिवपाल यादव और रामगोपाल यादव कहां जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी लगातार सिकुड़ रही है, जबकि निषाद पार्टी का जनाधार लगातार बढ़ रहा है। अपने पोस्ट के अंत में उन्होंने “जय निषाद राज” का नारा भी दिया।

बीते 15 सालों से शहडोल की बास्केटबॉल टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

शहडोल है खेल की दुनिया उभरता सितारा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बीते 15 सालों से शहडोल की बास्केटबॉल टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 70वीं शालेय राज्यस्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता के शुभारंभ को वीसी से संबोधित कर खिलाड़ियों की दीं शुभकामनाएं शहडोल में हो रही है बास्केटबॉल प्रतियोगिता, 10 टीमों के 240 खिलाड़ी ले रहे हैं हिस्सा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे प्रदेश के जनजातीय अंचल यह साबित कर रहे हैं कि प्रतिभा शहरों की ही मोहताज नहीं होती। शहडोल, जिसकी पहचान मिनी ब्राजील के रूप में है, आज उसी शहडोल में बास्टकेटबॉल का कुंभ सजा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहडोल खेल की दुनिया का उभरता हुआ सितारा है। यहां का विचारपुर गांव आज फुटबॉल की नर्सरी और 'मिनी ब्राजील' के रूप में देश-दुनिया में अपनी पहचान बना चुका है। फुटबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स, कबड्डी और वॉलीबॉल के साथ बास्केटबॉल भी जिले के युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विचारपुर जैसे आदिवासी अंचल से खिलाड़ियों का प्रशिक्षण लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना यह साबित करता है कि प्रतिभा गांवों और छोटे क्षेत्र में भी मौजूद है। शहडोल ने खेलो एमपी और यूथ गेम्स जैसी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज कराई है। शहडोल ने प्रदेश को अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और भावी खिलाड़ियों को प्रेरणा देने का काम किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से शहडोल जिले में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा कराई जा रही 70वीं शालेय राज्यस्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता के शुभारंभ समारोह को वीसी से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहडोल संभाग का बास्केटबॉल से पुराना और गौरवशाली रिश्ता रहा है, यहां के अनेक खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रौशन किया है। खिलाड़ियों के पास संसाधन भले सीमित थे, लेकिन उनका बास्केटबॉल के प्रति उत्साह कम नहीं था। इसी जुनून का परिणाम है कि आज शहडोल में तीन बास्केटबॉल कोर्ट उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में शहडोल की बास्केटबॉल टीम ने राज्य स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय स्कूली बास्केटबॉल प्रतियोगिताओं में भी शहडोल के खिलाड़ियों ने पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि शालेय खेल प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में बाल्यकाल से ही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और टीम भावना विकसित करने का एक सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि खेल शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन मात्र न होकर बच्चों के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को निखारने का महत्वपूर्ण साधन भी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब कोई युवा खिलाड़ी मैदान में पसीना बहाता है, तो वह आगे चलकर सिर्फ़ अपना नहीं, पूरे देश-प्रदेश-जिले का नाम रौशन करता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी संभागों से प्रतियोगिता में भाग लेने पहुंचे शालेय बास्केटबॉल खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। उल्लेखनीय है कि इस प्रतियोगिता में प्रदेश के 10 संभागों के 17 वर्ष तक की आयु के कुल 240 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2023-24 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद वर्ष 2024-25 में शहडोल को राष्ट्रीय स्तर की बास्केटबॉल प्रतियोगिता की मेजबानी मिली थी। यह पूरे जिले के लिए अत्यंत गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने युवा खिलाड़ियों से कहा कि मैदान में उतरना ही जीत की पहली सीढ़ी है। इसलिए हारने-जीतने की भावना से कम खेलने और सीखने की भावना से ज्यादा खेले। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में देश में खेलों को लेकर एक नया उत्साह आया है। आज भारत खेलों में जीतने के लिए मैदान में उतरने वाला देश बन चुका है। ओलंपिक, एशियन गेम्स और विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर हमारे खिलाड़ी लगातार देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। खेलो इंडिया और फिट इंडिया अभियानों से गांव और छोटे शहरों की प्रतिभाएं भी आगे आ रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दिशा में भी प्रयासरत है। मध्यप्रदेश के खिलाड़ी भी भारत का प्रतिनिधित्व करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार 'खेलो एम.पी. यूथ गेम्स' का सफल आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले वर्ष 2027 को मध्यप्रदेश में 'युवा वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें शिक्षा, कौशल, रोजगार, स्टार्टअप, खेल और नेतृत्व विकास पर विशेष ध्यान रहेगा। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से आहवान किया कि मिल-जुलकर खेलिए और एक-दूसरे का हौसला बढ़ाइए। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भी वीसी के जरिए खिलाड़ियों को संबोधित कर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपत्तिया उइके, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। शहडोल में हो रही स्पर्धा के मुख्य कार्यक्रम स्थल में विधायक जैतपुर जयसिंह मरावी, जिला पंचायत अध्यक्ष सुप्रभा मिश्रा, जनपद अध्यक्ष सोहागपुर सुहीरावती कोल, नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल, सुअमिता छपरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेलप्रेमी उपस्थित थे।  

‘डॉक्टर बनना मंजिल नहीं, समाज की सेवा करना असली लक्ष्य’: डिप्टी सीएम विजय शर्मा

डॉक्टर बनना मंजिल नहीं, समाज की सेवा करना असली लक्ष्य – उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा मेडिकल कॉलेज कवर्धा में नए शैक्षणिक सत्र का हुआ शुभारंभ उप मुख्यमंत्री और सांसद ने विद्यार्थियों का किया स्वागत, विद्यार्थियों से जानी तैयारी और सफलता की कहानी पहले दिन गले में स्टेथोस्कोप, कंधे पर एप्रॉन… आंखों में डॉक्टर बनने का सपना, प्रथम बैच की शुरू हुई पढ़ाई रायपुर,    उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक जीवन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपने बड़ा लक्ष्य रखा और डॉक्टर बनने का सपना देखा, लेकिन डॉक्टर बनना ही अंतिम लक्ष्य नहीं होना चाहिए। लक्ष्य केवल एक पड़ाव नहीं, बल्कि निरंतर आगे बढ़ने की यात्रा है। हमारा उद्देश्य केवल डॉक्टर बनना नहीं, बल्कि डॉक्टर बनकर समाज के लिए अच्छा कार्य करना होना चाहिए।          कबीरधाम जिले की चिकित्सा शिक्षा के इतिहास में आज का दिन ऐतिहासिक बन गया। शासकीय मेडिकल कॉलेज कवर्धा में प्रथम शैक्षणिक सत्र और प्रथम बैच की पढ़ाई का शुभारंभ हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा और सांसद संतोष पाण्डेय ने नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का एप्रॉन, स्टेथोस्कोप, पेन और गुलाब का फुल देकर स्वागत किया। विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ अपने नए शैक्षणिक जीवन की शुरुआत की। मेडिकल कॉलेज के इतिहास के इस पहले दिन विद्यार्थियों ने अतिथियों के साथ अपने संघर्ष, तैयारी और सपनों को साझा किया।         उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि जिस परिवार और समाज ने विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर दिया है, उसके प्रति सेवा का भाव हमेशा बनाए रखना चाहिए। उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें और अपने लक्ष्य की तैयारी निरंतर जारी रखें। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के दौरान अनावश्यक तनाव नहीं होना चाहिए। सफलता किसी एक व्यक्ति का परिणाम नहीं होती, बल्कि परिवार और सभी के संयुक्त प्रयासों से प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अच्छे डॉक्टर बनने और समाज की सेवा करने के लिए प्रेरित किया।                 सांसद संतोष पाण्डेय ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी के संयुक्त प्रयासों से कवर्धा में मेडिकल कॉलेज के प्रथम बैच का शुभारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि देश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुविधाओं के विस्तार पर कार्य किया जा रहा है।         कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने कहा कि विद्यार्थियों ने कठिन मेहनत के बाद यहां तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की है, लेकिन यह अंत नहीं, बल्कि शुभारंभ है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति डॉक्टर के पास आता है, तो उसके मन में स्वस्थ होने की उम्मीद होती है। इसलिए चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा भाव और संवेदनशीलता सबसे महत्वपूर्ण होना चाहिए।  उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से किया संवाद, जानी तैयारी और सफलता की कहानी         प्रथम बैच के विद्यार्थियों के शुभारंभ अवसर पर उप मुख्यमंत्री शर्मा ने उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, पढ़ाई की दिनचर्या, कोचिंग के अनुभव और प्रवेश परीक्षा के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने भी खुलकर अपनी तैयारी और सफलता की कहानी साझा की। किसी ने ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से तैयारी की, तो किसी ने लाइब्रेरी में स्व-अध्ययन को आधार बनाया। पिता ने कभी निराश नहीं होने दिया         संवाद के दौरान राजनांदगांव निवासी अतिथि देवांगन दूसरे प्रयास में सफल हुईं। उन्होंने बताया कि पिता ने कभी निराश नहीं होने दिया, बल्कि गलतियों को पहचानकर सुधार करने और लगातार प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया। वहीं भूपेंद्र सिंह ने ऑनलाइन कोचिंग से तैयारी की, जबकि कवर्धा के धरमपुरा निवासी आकाश धुर्वे ने लाइब्रेरी में स्व-अध्ययन कर सफलता हासिल की। भिलाई निवासी हर्षिता तीसरे प्रयास में सफल हुईं। भिलाई निवासी अंशिता सिंह के पिता ने बताया कि बेटी की तैयारी में उन्होंने मार्गदर्शन के साथ मॉक टेस्ट में सहयोग किया। उन्होंने कहा कि भिलाई का पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल भी तैयारी में सहायक रहा।          उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से यह भी जाना कि वे प्रतिदिन कितने घंटे पढ़ाई करते थे और किताबों तथा डिजिटल स्क्रीन का कितना उपयोग करते थे। विद्यार्थियों ने बताया कि वे करीब 8 घंटे पुस्तकों से और 3 से 4 घंटे डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से पढ़ाई करते थे। एक विद्यार्थी ने किताब और स्क्रीन के उपयोग का अनुपात 50-50 प्रतिशत बताया। ऑनलाइन कक्षाओं के कारण कुछ विद्यार्थियों को रोज 7 से 8 घंटे तक स्क्रीन पर पढ़ाई करनी पड़ती थी। संवाद के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्रवेश परीक्षा के अनुभव भी पूछे। विद्यार्थियों ने परीक्षा के स्तर, तैयारी के दौरान आई चुनौतियों और सफलता तक पहुंचने के अपने अनुभव साझा किए।         इस अवसर पर राजेन्द्र चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, अधिष्ठाता डॉ प्रतिभा जैन शाह, सीएमएचओ डॉ देवेन्द्र तूरे सहित जनप्रतिनिधि और डॉक्टर उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश के 5 जिलों में फर्जी पासपोर्ट का खेल, 70 बांग्लादेशी नागरिकों के दस्तावेज जांच के घेरे में

ग्वालियर/ भोपाल धर्म की आड़ में फर्जी पासपोर्ट (MP fake passport racket) बनवाने का खेल ठेके पर चल रहा था। एसटीएफ की गिरफ्त में आए रियाल चौधरी सहित चार आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि पांच जिलों ग्वालियर, भोपाल, पांढुर्ना, छिंदवाड़ा और बैतूल- से 70 बांग्लादेशियों के फर्जी पासपोर्ट बनवाने करीब 17.50 लाख रुपए दलालों और सरकारी अमले को घूस दी गई। चोरी-छिपे बॉर्डर पार कराने से लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और सरकारी मुहर लगवाने हर कदम पर रुपए दिए गए। 25-30 हजार में बन रहे थे फर्जी पासपोर्ट जांच में पता चला है कि अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, शैक्षणिक अंकसूचियां और मूल निवास प्रमाण-पत्र जैसे दस्तावेज तैयार करने के बदले दलालों ने प्रति व्यक्ति 15 हजार रुपए वसूले। इसके अलावा इन जाली दस्तावेजों के पुलिस सत्यापन और सरकारी कार्यालयों से मुहर लगवाने के नाम पर 5-5 हजार रुपए अलग से खर्च किए गए। शेष पांच से दस हजार रुपए रकम दलालों और सिंडिकेट में शामिल अन्य लोगों के कमीशन के रूप में बंटी। कुल मिलाकर प्रत्येक घुसपैठिए ने 25-30 हजार रुपए खर्च कर भारतीय पासपोर्ट हासिल किए। अकेले डबरा क्षेत्र में एक ही पते पर 17 बांग्लादेशियों के पासपोर्ट बनने की बात सामने आई है। हर सरकारी मुहर के लिए 3-3 हजार रुपए की घूस दी गई। अब तक मिल चुके हैं 70 फर्जी पासपोर्ट बता दें कि अभी तक भोपाल के अन्नानगर बौद्ध मठ से बने 40 सहित पांच जिलों से बने 70 फर्जी पासपोर्ट मिल चुके हैं। इनकी संख्या 200 तक हो सकती है। अन्नानगर मठ के आसपास रहने वाले लोगों ने एसटीएफ को बताया है कि रियाल चौधरी लगभग डेढ़ वर्ष से यहां रह रहा था। ऐसे रची गई थी साजिश इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड रियाल चौधरी (Riyal Chaudhary) खुद एक अवैध बांग्लादेशी नागरिक है। उसने वर्षों पहले चोरी-छिपे भारतीय सीमा में प्रवेश किया था। लंबे समय तक असम में छिपा रहा। इसके बाद बौद्ध धर्म के अनुयायियों के संपर्क में आकर मध्यप्रदेश में अपना जाल फैलाया। खुद का फर्जी पासपोर्ट बनवाया। इसी ट्रैक का इस्तेमाल कर अन्य घुसपैठियों को भी बॉर्डर पार कराई। फर्जी दस्तावेजों से भारतीय पासपोर्ट दिलवाए। सरकारी तंत्र और स्थानीय मददगारों पर शिकंजा इस देशविरोधी साजिश में लिप्त स्थानीय मददगारों, नगर निगम, नगर पालिका, राजस्व विभाग, सरपंच, पार्षदों के साथ ही कई पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को भी चिह्नित किया गया है। एसटीएफ इन संदेहियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। नोटिस जारी किए जा रहे हैं। भोपाल एसटीएफ एसपी राजेश सिंह भदौरिया के अनुसार फर्जीवाड़े में संलिप्त हर एक चेहरा बेनकाब कर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। बच्चों को लाने की थी तैयारी रियाल की साजिश बांग्लादेश से बच्चों को भोपाल लाकर पढ़ाने, जाली दस्तावेज तैयार कर थाईलैंड, म्यांमार, जापान और कंबोडिया भेजने की थी। मठ के पीछे 40 बच्चों की क्षमता वाला हॉस्टल भी तैयार कराया जा रहा था। वह बच्चों की मदद और विभिन्न कामों के नाम पर स्थानीय लोगों से 5 हजार से लेकर 1 लाख रुपए तक डोनेशन वसूलता था। विदेशी फंडिंग की भी जांच की जा रही है। उसने पासपोर्ट गुम होने का बहाना बनाकर अलग-अलग समय में चार बार पासपोर्ट बनवाए थे। जानिए…. किस स्तर पर कितने रुपए दिए गए एसटीएफ की जांच में यह भी पता चला है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए दस्तावेज बनवाने के बदले 10 से 15 हजार रुपए प्रति व्यक्ति वसूले गए। पुलिस सत्यापन और सरकारी मुहर लगवाने के नाम पर पांच हजार रुपए अलग से खर्च किए गए। दलालों और सिंडिकेट के कमीशन को मिलाकर हर घुसपैठिए ने 25 हजार से 30 हजार रुपए खर्च कर भारतीय पासपोर्ट हासिल किए। अकेले डबरा (ग्वालियर) क्षेत्र में एक ही पते पर 17 बांग्लादेशियों के पासपोर्ट बनने की बात सामने आ चुकी है। हर सरकारी मुहर के लिए रिश्वत दी गई। इनसे भी पूछताछ एसटीएफ ने भोपाल में रियाल के साथ रहने वाले सेवक सुभाष और दस्तावेज तैयार करने वाले कैफे संचालक विजय को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मठ की छानबीन के दौरान राजस्थान के दो भंते भी मिले। उनसे भी पूछताछ की है। सरकारी तंत्र और मददगारों पर कसा शिकंजा इस देशविरोधी साजिश में लिप्त स्थानीय मददगारों, नगर निगम, राजस्व विभाग, सरपंच, पार्षदों के साथ ही पुलिस सत्यापन से जुड़े 2021 और वर्ष 2022-23 में पदस्थ रहे 15 अधिकारियों की भूमिका संदेह के दायरे में है। एसटीएफ इस पूरे नेटवर्क की गहराई से छानबीन कर रही है। 100 से ज्यादा संदिग्ध पासपोर्ट्स की जांच जारी है।