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ग्रामीण स्वच्छता कर्मियों को हरियाणा सरकार का तोहफा, ज्यादा मानदेय के साथ मिलेंगी कई सुविधाएं

चंडीगढ़   हरियाणा सरकार की ओर से ग्रामीण सफाई कर्मियों के लिए कई वित्तीय और लाभकारी घोषणा की गई है। इनमें उनका मानदेय बढ़ाना, यूनिफॉर्म और धुलाई के लिए ज्यादा भत्ता देना, गांव से बाहर ड्यूटी करने पर मुआवजा देना और ड्यूटी के दौरान मौत होने पर परिवार के किसी सदस्य को नौकरी देना शामिल है। हरियाणा के विकास और पंचायत विभाग के निदेशक की ओर से 10 सितंबर को एक आधिकारिक मेमोरेंडम जारी करके इन फायदों की जानकारी दी गई। यह मेमोरेंडम राज्य भर के डिप्टी कमिश्नरों, जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और जिला व ब्लॉक स्तर के विकास और पंचायत अधिकारियों को भेजा गया था। इस फैसले के तहत, ग्रामीण सफाई कर्मियों को जनवरी 2026 से उनके मासिक मानदेय में 2,100 रुपये की बढ़ोतरी से मिलने वाला बकाया पैसा (एरियर) मिलेगा। मानदेय 16,000 रुपये से बढ़ाकर 18,100 रुपये कर दिया गया है, और 30 जून 2026 तक की अवधि के लिए बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा। सरकार ने अक्टूबर 2023 के लिए बकाया मानदेय जारी करने की भी मंजूरी दे दी है। यह उन सफाई कर्मियों के लिए है, जिन्हें हड़ताल के दौरान उस महीने का भुगतान नहीं मिला था। आदेश में ढांड में 48, फारुखनगर में 54, सिहमा में 25 और निजामपुर में 15 कर्मियों के नाम शामिल हैं, जिससे कुल संख्या 139 है। जो सफाई कर्मी अपने गांव से बाहर ड्यूटी करेंगे, उन्हें 200 रुपये प्रतिदिन का भत्ता मिलेगा। यह राशि संबंधित ब्लॉक विकास और पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) कार्यालय की ओर से ऐसी तैनाती के लिए छोटे-मोटे खर्चों से दी जाएगी। सरकार ने सालाना यूनिफॉर्म भत्ता भी 2,000 रुपये बढ़ा दिया है, जिससे यह 4,000 रुपये से बढ़कर 6,000 रुपये हो गया है। सालाना धुलाई भत्ता 500 रुपये बढ़ाकर 1,000 रुपये से 1,500 रुपये कर दिया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर ड्यूटी के दौरान किसी ग्रामीण सफाई कर्मी की मौत हो जाती है, तो परिवार के एक सदस्य को मानवीय आधार पर नौकरी दी जाएगी। निजी एजेंसियों की ओर से परिवारों के शोषण को रोकने के लिए, बीडीपीओ कार्यालयों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे मृत सफाई कर्मियों के परिवारों को ईपीएफ और ईएसआई डेथ-क्लेम से जुड़े कागजी काम पूरा करें। सरकार की ओर से यह भी निर्देश दिया गया है कि ग्रामीण सफाई कर्मियों का मासिक मानदेय हर महीने की सात तारीख तक दे दिया जाना चाहिए। देरी होने पर 2,500 रुपये का जुर्माना देना होगा।

चंडीगढ़ में आधी रात कार लूट की वारदात, पिस्टल के बल पर प्रॉपर्टी डीलर को बनाया निशाना

चंडीगढ़  मनीमाजरा के राजीव विहार में बुधवार देर रात पिस्टल की नोक पर प्राॅपर्टी डीलर से होंडा सिटी कार लूटने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान पंचकूला राजीव कॉलोनी निवासी 19 वर्षीय कृष्ण, रैला गांव निवासी 21 वर्षीय सोनू, चंडीगढ़ के सेक्टर-16 निवासी 24 वर्षीय संजू उर्फ कांचा के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई होंडा सिटी कार भी बरामद कर ली है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। राजीव विहार निवासी 24 वर्षीय पुलकित शर्मा बुधवार रात करीब 12 बजे अपने घर के बाहर कार में बैठकर ऑनलाइन खाना आने का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान तीन बाइक और एक्टिवा पर सवार छह बदमाश वहां पहुंचे। दो बदमाशों ने अपने वाहन कार के आगे लगा दिए, जबकि अन्य ड्राइवर सीट की तरफ पहुंच गए। आरोपितों ने पुलकित से 10 हजार रुपये मांगे और कहा कि उन्हें नशा करना है। नकदी नहीं होने पर पुलकित ने गूगल-पे से भुगतान करने की बात कही, लेकिन आरोपित नहीं माने। इसके बाद उन्होंने उसके साथ हाथापाई की, कार की चाबी निकाल ली और हाथ में पहनी घड़ी उतरवा ली। उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया। पिस्टल तानकर कार लेकर फरार कुछ देर बहस के बाद आरोपितों ने पुलकित को कार से बाहर निकाल दिया। जाते समय उसका मोबाइल वापस कर दिया, लेकिन पिस्टल की नोक पर धमकाते हुए उसकी होंडा सिटी कार लूट ली। तीन बदमाश कार में सवार होकर फरार हुए, जबकि तीन अन्य बाइक और एक्टिवा से उनके पीछे निकल गए। पुलकित ने घर पहुंचकर अपने पिता संजीव को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। संजीव चंडीगढ़ से सटे कैंबवाला क्षेत्र में प्राॅपर्टी कारोबार करते हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद पुलकित भी पिता के साथ प्राॅपर्टी के काम में हाथ बंटा रहा है। पेट्रोल पंप पर 3,200 रुपये का तेल डलवाया कार लूटने के बाद आरोपित डप्पर स्थित अंबाला-चंडीगढ़ टोल प्लाजा के पास एक पेट्रोल पंप पर पहुंचे। वहां उन्होंने करीब 3,200 रुपये का तेल डलवाया, लेकिन बिना भुगतान किए कार लेकर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने कार का नंबर फ्लैश कर हरियाणा पुलिस को सूचना दी। कार के अंबाला में देखे जाने की जानकारी भी पुलिस को मिली। ढकोली से दबोचे गए तीन आरोपित चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों में टीमें सक्रिय कर दी थीं। मनीमाजरा थाना पुलिस और डीसीसी की टीम ने कार्रवाई करते हुए ढकोली से कृष्ण, सोनू और संजू उर्फ कांचा को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से लूटी गई होंडा सिटी बरामद कर ली गई। पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और वारदात में इस्तेमाल वाहनों के बारे में जानकारी जुटा रही है।  

दिल्ली में ट्रैफिक पाबंदियों के बीच राहत, छात्रों के लिए 1 घंटे पहले शुरू होगी मेट्रो

नई दिल्ली  राष्ट्रीय राजधानी में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर जबरदस्त तैयारी की गई है। ऐसे में दिल्ली के कई रूट पर ट्रैफिक पाबंदियों के बीच छात्रों और आम लोगों की असुविधा न हो, इसके दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने बड़ा फैसला लिया है। डीएमआरसी ने कहा कि मेट्रो सेवाएं रविवार 13 सितंबर को सुबह 6 बजे से शुरू हो जाएंगी। डीएमआरसी ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए बताया कि परीक्षा देने जा रहे छात्रों और आम जनता की सुचारू और समय पर आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कारण ट्रैफिक पाबंदियों के बीच, रविवार 13 सितंबर को सभी लाइनों पर मेट्रो ट्रेन सेवाएं सुबह 06:00 बजे से शुरू होंगी। डीएमआरसी ने क्यों लिया ये फैसला डीएमआरसी ने इस फैसले को लेकर कहा कि छात्रों और यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा की योजना उसी के अनुसार बनाएं। आम तौर पर दिल्ली के कई रूट जिनमें पिंक, मजेंटा और ग्रे लाइन पर रविवार को मेट्रो सेवाएं सुबह सात बजे शुरू होती हैं। हालांकि, इस रविवार मेट्रो सेवाएं सुबह 6 बजे से शुरू होंगी। 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन इस बार नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। इसे लेकर दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कई प्रमुख स्थान अगले तीन दिन तक बंद रहेंगे, जिनमें राष्ट्रपति भवन म्यूजियम और अमृत उद्यान भी शामिल हैं। राष्ट्रपति भवन म्यूजियम और अमृत उद्यान रहेंगे बंद अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति भवन म्यूजियम और अमृत उद्यान को शुक्रवार से रविवार तक विजिटर्स के लिए बंद रखा गया है। एक अधिकारी ने बयान में कहा कि शनिवार को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में 'चेंज ऑफ गार्ड' सेरेमनी भी नहीं होगी। यह कदम ब्रिक्स प्रतिनिधियों को होने वाली परेशानी को कम करने और शिखर सम्मेलन स्थल के आसपास आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगाकर सड़कों पर भीड़ कम करने की कोशिश का हिस्सा है। स्कूल, ऑफिस रहेंगे बंद, जानें ट्रैफिक एडवाइजरी दिल्ली सरकार ने पहले ही 11 सितंबर को अपने कार्यालयों में छुट्टी की घोषणा कर दी है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने भी उस दिन केंद्र सरकार के कार्यालयों में छुट्टी की घोषणा करते हुए एक आधिकारिक सर्कुलर जारी किया है। शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की। इसमें बताया गया कि शिखर सम्मेलन के चलते दिल्ली के मुख्य रास्तों पर दोपहर 2 बजे से रात 8.30 बजे तक ट्रैफिक को डायवर्ट किया जाएगा और आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा। ब्रिक्स समिट, मेट्रो के इस्तेमाल की सलाह पुलिस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें, यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, खासकर मेट्रो का इस्तेमाल करें। तय डायवर्जन रूट और ट्रैफिक कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। पुलिस ने कहा कि इमरजेंसी और जरूरी सेवाओं वाली गाड़ियों को निकलने में प्राथमिकता दी जाएगी। राजधानी में होने वाले ब्रिक्स समिट को लेकर फैली अटकलों के बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी जारी की है। डीएमआरसी ने साफ किया है कि मेट्रो सेवा सामान्य रूप से जारी रहेगी। डीएमआरसी ने की है खास तैयारी डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि सेवा से जुड़ी जानकारी यात्रियों को सूचित की जाती है कि अगले आदेश तक सभी मेट्रो स्टेशन खुले रहेंगे। जब तक कोई विशेष घोषणा न की जाए, तब तक कामकाज सामान्य रूप से चलता रहेगा। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे आगे की जानकारी के लिए डीएमआरसी की वेबसाइट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या 'दिल्ली मेट्रो सारथी' ऐप देखते रहें। यह जानकारी इस मामले पर कई सवाल मिलने के बाद जारी की जा रही है। क्या बंद रहेंगे मेट्रो स्टेशन? जानिए अपडेट दरअसल, ब्रिक्स समिट के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक पाबंदियों को लेकर लोगों में भ्रम था कि क्या मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे? इसे लेकर डीएमआरसी को यह स्पष्टीकरण देना पड़ा। इससे पहले डीएमआरसी ने एक अन्य एडवाइजरी में बताया था कि सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर स्थित दिल्ली मेट्रो म्यूजियम ब्रिक्स समिट के दौरान बंद रहेगा। डीएमआरसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर स्थित दिल्ली मेट्रो म्यूजियम 11 से 13 सितंबर, 2026 (शुक्रवार से रविवार) तक बंद रहेगा। हम 15 सितंबर, 2026 (मंगलवार) को आप सभी का स्वागत करने के लिए वापस आएंगे, क्योंकि 14 सितंबर (सोमवार) को म्यूजियम की साप्ताहिक छुट्टी होती है। ब्रिक्स समिट को लेकर लिए गए कई अहम फैसले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी ब्रिक्स समिट को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने जनता को अदालतों में कामकाज और मामलों की तारीखों में बदलाव के बारे में जानकारी दी है, खासकर भारत मंडपम में ब्रिक्स समिट स्थल के पास स्थित अदालतों के लिए। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर को होने वाली नेशनल लोक अदालत अब 10 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। निचली अदालतों में 11 और 12 सितंबर को छुट्टी रहेगी, इसलिए इन दो तारीखों पर सूचीबद्ध मामले अब 14 सितंबर को सुने जाएंगे।

गंगा के उफान के बीच ट्रैक्टर पर सवार हुईं CO हर्षा कोमल, बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचाया राहत का सामान

पटना बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. जिले की 86 से अधिक पंचायतें प्रभावित हैं. बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन की टीमें जुटी हैं. इसी बीच शाहकुंड प्रखंड की सर्किल ऑफिसर (CO) हर्षा कोमल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह ट्रैक्टर पर सवार होकर बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत सामग्री पहुंचाने जाती दिखाई दे रही हैं. शाहकुंड प्रखंड के कई इलाकों में बाढ़ का पानी भरा होने के कारण सामान्य वाहनों का आवागमन प्रभावित है. ऐसे में CO हर्षा कोमल अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ट्रैक्टर के जरिए प्रभावित गांवों तक पहुंचीं. ट्रैक्टर पर राहत सामग्री लेकर प्रशासन की टीम बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंची और जरूरतमंद लोगों को राहत सामग्री बांटी. शाहकुंड प्रखंड के खुलनी, पैरडो मोमिन्या माल, बेलथू, खैरा, मकंदपुर और दरियापुर पंचायत बाढ़ से अधिक प्रभावित हैं. इन इलाकों में गंगा नदी के पानी का असर देखने को मिल रहा है. कई जगहों पर जलभराव के कारण आवागमन ठप हो गया है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भी मुश्किलें आ रही हैं. इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए शाहकुंड की CO हर्षा कोमल ट्रैक्टर के जरिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं. वायरल वीडियो में वह ट्रैक्टर पर बैठकर राहत सामग्री के साथ गांवों की ओर जाती दिखाई देती हैं. उनके साथ प्रशासन के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी हैं. प्रशासन के सामने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाना बड़ी चुनौती है. जिन गांवों तक कार नहीं पहुंच पा रही है, वहां ट्रैक्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है. CO हर्षा कोमल खुद प्रभावित गांवों का दौरा कर राहत वितरण की व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं. भागलपुर में गंगा नदी के उफान के कारण कई इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है. बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित जगहों तक पहुंचाने के साथ-साथ उनके लिए भोजन और अन्य चीजों की व्यवस्था की जा रही है. प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

Chandigarh Property Rules: किराये की प्रॉपर्टी को लेकर बदले नियम, 2 महीने में एग्रीमेंट की डिटेल देना जरूरी

चंडीगढ़. चंडीगढ़ में मकान मालिक और किरायेदारों के बीच होने वाले विवादों के निपटारे को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की तैयारी पूरी हो गई है। चंडीगढ़ प्रशासन के संपदा विभाग ने यूटी चंडीगढ़ टेनेंसी रूल्स, 2026 अधिसूचित कर दिए हैं। नए नियम 10 सितंबर से पूरे चंडीगढ़ में प्रभावी हो गए हैं। नए नियमों में किरायेदारी एग्रीमेंट की ऑनलाइन जानकारी देना जरूरी किया गया है। एग्रीमेंट होने के दो महीने के भीतर रेंट अथॉरिटी को जानकारी देनी होगी। नई व्यवस्था में किरायेदारी समझौते से लेकर किराये में बदलाव, सुरक्षा राशि, परिसर खाली कराने और विवादों के निपटारे तक की प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है। इसके लिए किराया प्राधिकरण, किराया न्यायालय और किराया अधिकरण की त्रिस्तरीय व्यवस्था बनाई गई है। उपायुक्त-सह-संपदा अधिकारी निशांत कुमार यादव, आईएएस ने कहा कि नए नियम मकान मालिकों और किरायेदारों के संबंधों में सुगमता, पारदर्शिता और निश्चितता लाएंगे तथा विवादों के समाधान के लिए सुव्यवस्थित तंत्र सुनिश्चित करेंगे। एग्रीमेंट के 2 महीने में देनी होगी जानकारी: नए नियमों के अनुसार मकान मालिक और किरायेदार को किरायेदारी समझौता होने के दो माह के भीतर संयुक्त रूप से या अलग-अलग ऑनलाइन माध्यम से किराया प्राधिकरण को इसकी सूचना देनी होगी। सूचना मिलने के सात दिन के भीतर प्राधिकरण पक्षकारों को ई-रसीद के रूप में विशिष्ट पहचान संख्या जारी करेगा। यह पंजीकृत मोबाइल नंबर या ई-मेल पर भेजी जाएगी। मकान मालिक किराये से मना करे तो भी रास्ता : यदि मकान मालिक किराया या अन्य देय राशि लेने से इनकार करता है अथवा रसीद जारी नहीं करता, तो किरायेदार लगातार दो माह तक आरटीजीएस, एनईएफटी, चेक या डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से भुगतान का प्रयास कर सकेगा। इसके बाद भी भुगतान स्वीकार नहीं होने पर किरायेदार राशि किराया प्राधिकरण के पास जमा करा सकेगा। किराया, बिजली-पानी और मेंटेनेंस विवाद भी अथॉरिटी में: किराया, बिजली, पानी या मेंटेनेंस चार्ज के विवाद पर रेंट अथॉरिटी में आवेदन कर सकेंगे। फैसला लेते समय आसपास के क्षेत्र में चल रहे प्रचलित किराये को भी ध्यान में रखा जाएगा।  तीन महीने में बनेगा डिजिटल प्लेटफॉर्म: किराया प्राधिकरण के गठन के तीन माह के भीतर स्थानीय भाषा और प्रशासन द्वारा निर्धारित अन्य भाषाओं में डिजिटल मंच तैयार किया जाएगा। इस पर किरायेदारी से जुड़े दस्तावेज ऑनलाइन जमा किए जा सकेंगे। दस्तावेजों की सुरक्षा के लिए ओटीपी आधारित सत्यापन होगा। किरायेदारी संबंधी रिकॉर्ड गोपनीय रखे जाएंगे और इन्हें केवल संबंधित पक्षकारों तथा अधिकृत अधिकारियों को ही उपलब्ध कराया जाएगा। अपील पर 60 दिन में फैसला : पक्षकार किराया, बिजली, पानी, रखरखाव और सुरक्षा शुल्क के निर्धारण या संशोधन के लिए किराया प्राधिकरण में आवेदन कर सकेंगे। निर्णय से असंतुष्ट होने पर मान्यता प्राप्त मूल्यांकनकर्ता से परिसर का मूल्यांकन कराया जा सकता है, जिसका खर्च आवेदक को उठाना होगा। दूसरे पक्ष को किराया प्राधिकरण में आवेदन पर 15 दिन में जवाब देना होगा, जिसे कारण दर्ज कर अधिकतम 30 दिन तक बढ़ाया जा सकता है। किराया अधिकरण को नोटिस की तामील के 60 दिन के भीतर अपील का फैसला करना होगा और सामान्यतः केवल एक स्थगन की अनुमति होगी। किराया न्यायालय के आदेश का निष्पादन नोटिस की तामील के 30 दिन में पूरा करना होगा।

Bank Strike: कर्मचारियों ने शुरू की हड़ताल, 5 दिन बैंकिंग वर्किंग वीक की मांग तेज

रायपुर. देशभर में बैंक के अधिकारी-कर्मचारी आज एक दिवसीय हड़ताल पर हैं। इसका असर बैंकिंग सेवाओं पर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। कर्मचारियों की प्रमुख मांग 5-डे बैंकिंग लागू करने और PLI यानी परफॉरमेंस लिंक्ड इंसेंटिव में समानता को लेकर है। रायपुर में PNB परिसर मोती बाग चौक में बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। जगदलपुर में भी बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि 5-डे बैंकिंग की मांग लंबे समय से लंबित है। उनका दावा है कि अन्य वित्तीय संस्थानों की तरह बैंकिंग सेक्टर में भी पांच दिन काम और दो दिन अवकाश की व्यवस्था लागू होनी चाहिए। इससे उनकी वर्क लाइफ और निजी जीवन के बीच बेहतर संतुलन बन सकेगा। अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी हड़ताल में सरकारी और निजी क्षेत्र के करीब 28 बैंकों के कर्मचारी और अधिकारियों के शामिल होने का दावा किया गया है। बैंक कर्मचारियों ने ग्राहकों से भी अपील की है कि हड़ताल के दौरान एटीएम, यूपीआई और नेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करें। कर्मचारियों ने साफ किया है कि आज की हड़ताल के बाद भी अगर उनकी मांगों पर सरकार की ओर से कोई ठोस फैसला नहीं लिया जाता है तो 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिन की हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं तो अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया गया है।

BMC के 62 हजार से ज्यादा आवासीय-व्यावसायिक उपयोग दावों पर उठे सवाल, केवल 7,951 मामलों में नोटिस

 भोपाल  आवासीय क्षेत्रों में कारोबार के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई के बीच अब उसके ही आंकड़े सवाल खड़े कर रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय में पांच अगस्त को हुई सुनवाई के बाद निगम के अधिकारियों ने दावा किया था कि शहर में 62 हजार से अधिक ऐसी संपत्तियां चिह्नित की गई हैं, जहां आवासीय उपयोग के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। यह आंकड़ा लगातार निगम की कार्रवाई के दायरे के रूप में बताया गया, जिससे शहर के व्यापारी में इतने बड़े स्तर पर कार्रवाई को लेकर डर का माहौल बन गया था। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट में 15 सितंबर को होने वाली सुनवाई से पहले तैयार किए गए शपथपत्र में निगम ने 7,951 मामलों की पहचान कर नियम-11 के नोटिस जारी करने की जानकारी दी है। यानी जिस सर्वे को निगम ने शहर में 62 हजार से अधिक संपत्तियों तक पहुंचने वाला बताया था, अदालत के सामने पेश रिकार्ड में उसका एक बड़ा हिस्सा दिखाई ही नहीं देता। नोटिस के बाद कार्रवाई का हिसाब भी अलग शपथपत्र में निगम ने 190 परिसरों को अनधिकृत उपयोग के कारण बंद और सील करने की जानकारी दी है। जबकि हकीकत यह है कि निगम ने शहर में सिर्फ सात प्रतिष्ठान सील किए थे और 183 प्रतिष्ठनों को स्वेच्छा से बंद करने के पंचनामे बनाए थे। शपथपत्र के एक हिस्से में 170 परिसरों के बंद किए जाने तथा उनमें से 165 को स्वीकृत अधिभोग के अनुरूप पाए जाने पर बहाल करने और पांच को सील रखने की जानकारी दी गई है। 296 अवैध निर्माण भी रडार पर निगम ने आवासीय उपयोग के उल्लंघन के अलावा बिना भवन अनुमति या स्वीकृत अनुमति के विपरीत निर्माण के 296 मामले भी चिह्नित किए हैं। इनमें 302(1) के तहत 160 और 307(2) के तहत 163 नोटिस जारी किए गए। 124 मामलों में सुनवाई के बाद आदेश हुए और 75 मामलों में अवैध निर्माण या अतिक्रमण हटाया गया। लोटस पर तीन साल बाद भी नहीं हुई कार्रवाई अरेरा कालोनी स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठान लोटस इलेक्ट्रानिक्स को नगर निगम ने 2019 में नोटिस जारी किया था। इसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा, जहां कोर्ट ने कार्रवाई से पहले 15 दिन का समय दिया था। खास बात यह है कि यह 15 दिन की अवधि करीब तीन साल पहले ही पूरी हो चुकी है, फिर भी इस मामले में नगर निगम ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। जोनवार नोटिस का आंकड़ा     एक – 280     दो – 197     तीन – 242     चार – 234     पांच – 620     छह – 184     सात – 348     आठ – 603     नौ – 264     10 – 456     11 – 336     12 – 520     13 – 619     14 – 209     15 – 569     16 – 415     17 – 440     18 – 464     19 – 362     20 – 377     21 – 212     जोड़ 7617     शपथपत्र में कुल 7951 दिल्ली हादसे के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मांगी जर्जर मकानों पर कार्रवाई की जानकारी     इधर, दिल्ली के सत्य निकेतन में भवन गिरने से सात लोगों की मौत और 12 के घायल होने की घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भवनों की सुरक्षा और पूर्व में दिए निर्देशों के पालन को लेकर सख्ती दिखाई है।     न्यायालय ने संबंधित सभी पक्षों से पूर्व के आदेशों के पालन पर शपथपत्र और रिपोर्ट मांगी है। ऐसे में अब नगर निगम को जर्जर मकानों की स्थिति और कार्रवाई को लेकर जानकारी देनी होगी। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को दोपहर दो बजे होगी।  

अतिक्रमण पर MP सरकार का बड़ा एक्शन, प्रशासन ने 4.79 हेक्टेयर भूमि कराई अतिक्रमण मुक्त

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई जारी प्रशासन ने अतिक्रमण मुक्त कराई 4.79 हेक्टेयर भूमि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत हाईवे किनारे से हटाया जा रहा अतिक्रमण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सागर जिले में कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में शाहगढ़ के ग्राम सिमरिया उवरी में प्रशासन और राजस्व टीम ने कार्रवाई करते हुए बंडा अवैध शराब मामले के आरोपी चंद्रभान राजपूत द्वारा कब्जा की गई 4.79 हेक्टेयर शासकीय भूमि को मुक्त करा लिया है। ग्राम चौकीदार की सेवा भूमि पर बोई फसल को किया नष्ट जांच के दौरान यह बात उजागर हुई थी कि बंडा प्रकरण में संलिप्त आरोपी चंद्रभान राजपूत ने ग्राम सिमरिया उवरी में ग्राम चौकीदार की शासकीय सेवा भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा था। आरोपी द्वारा 4.56 हेक्टेयर और 0.23 हेक्टेयर (कुल 4.79 हेक्टेयर) भूमि पर अवैध रूप से खेती की जा रही थी। राजस्व और पुलिस विभाग की टीम ने जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया और उस पर अवैध रूप से लगाई गई फसल को नष्ट कर शासकीय आधिपत्य में लिया। NH-44 के किनारे सौरभ ढाबा पर चला बुलडोजर सागर जिले में शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के क्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) के किनारे शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा जमाए सौरभ होटल/सौरभ ढाबा पर प्रशासन का बुलडोजर चला और करोड़ों की शासकीय भूमि को बेदखल कर मुक्त कराया गया। संयुक्त टीम का बड़ा एक्शन राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर ढाबा संचालक ने अपनी निजी भूमि की आड़ में हाईवे से लगी बेशकीमती सरकारी जमीन पर कब्जा कर ढाबे का अवैध विस्तार कर लिया था, जिसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। बांदरी से मालथौन टोल तक चला अतिक्रमण हटाने का अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत हाईवे किनारे सरकारी जमीनों पर काबिज सभी अवैध ढाबों, टपरों और पक्के निर्माणों को चिह्नित कर हटाया जा रहा है। आज बांदरी से लेकर मालथौन टोल तक विशेष अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया गया। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जे का यह प्रयास किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपराधियों की संपत्तियों पर कड़ी नजर शासकीय या सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बंडा मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की संपत्तियों और गतिविधियों की भी गहनता से जांच की जा रही है। संलिप्तता पाए जाने पर उनके खिलाफ भी इसी तरह की कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भंडारा सड़क दुर्घटना पर जताया गहरा शोक

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भंडारा सड़क दुर्घटना पर  जताया गहरा शोक मुख्यमंत्री के निर्देश पर घायलों और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए अधिकारियों की टीम रवाना रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महाराष्ट्र के भंडारा जिले में नागपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई भीषण सड़क दुर्घटना में छत्तीसगढ़ के नागरिकों के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री साय ने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार एवं स्थानीय प्रशासन से निरंतर समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घायलों के समुचित उपचार और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ से अधिकारियों की एक टीम घटनास्थल के लिए भेज दी गई है। छत्तीसगढ़ सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।

उद्यानिकी खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करें : कलेक्टर

उद्यानिकी खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करें : कलेक्टर कलेक्टर ने ग्राम खरला का निरीक्षण कर किसान प्रदीप सिंह से की चर्चा शहडोल   जिले के जनपद पंचायत बुढार के ग्राम खरला के निरीक्षण के दौरान विधायक श्री जयसिंह मरावी एवं कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने उद्यानिकी खेती कर रहे किसान प्रदीप सिंह से चर्चा की। किसान प्रदीप सिंह ने बताया कि वे 4 से 5 एकड़ में जैविक खाद का उपयोग कर खेती करते हैं। वर्तमान में खीरा, टमाटर एवं बैंगन की खेती कर रहे हैं तथा शहडोल और बुढार में इनकी मार्केटिंग कर अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। कलेक्टर ने उद्यानिकी विभाग के मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं से किसानों को लाभान्वित करते हुए उन्हें उद्यानिकी खेती के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने किसान प्रदीप सिंह द्वारा की जा रही जैविक खेती का सर्टिफिकेशन कराने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री दीपक मांडवी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।