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सरपंच और सचिव कर रहे अपने मन की राज ग्रामीणों ने लगाया आरोप

राजेंद्रग्राम/छबिलाल  जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत परसेल कला के वार्ड क्रमांक 6 में इन दिनों काफी अत्याचार करने का आरोप सामने आ रहा है जहां सीसी रोड का काम चल रहा है जहां गुणवत्ता विहीन बताया जा रहा है एवं मजदूरों से काम को ना करा कर मशीन का उपयोग किया जा रहा है जिसमें गरीब मजदूरों को होने वाले नुकसान का भरपाई कौन करेगा सरकार का कहना है की मजदूर मजदूरी करने बाहर न जाकर अपने गांव में खुले कामों में काम कर के जीवन यापन करने का आश्वासन दिया जा रहा है जहां सरपंच और सचिव की मनमानी के कारण मजदूरों को काम से वंचित किया जा रहा है। जहां सरपंच धर्मी भाई मरावी के द्वारा मजदूरों को मजदूरी करने विदेशों में जाने के लिए मजबूर किया जाता है । ग्रामीणों का कहना है की सरपंच धर्मी बाई  मरावी व सचिव नेम कुमार सोनवानी के द्वारा किसी भी काम को पूरा नहीं किया जाता है अगर सीसी रोड बनाया जा रहा है तो आधा अधूरा छोड़ दिया जा रहा है उसे पूरा नहीं किया जाता है ऐसे कई मामले जहां इन दिनो ग्राम पंचायत परसेल कला मे बताया जा रहा है ग्रामीणों का यह भी आरोप है की सीसी रोड में जहां उच्च क्वालिटी की सीमेंट लगानी चाहिए वहां हल्की से हल्की सीमेंट से सीसी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है।उस सीमेंट नाम खजुराहो बताया जा रहा है जहां उच्च क्वालिटी का सीमेंट से सीसी रोड बनाना था वहां तो खजुराहो जैसे सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे गरीब से गरीब भी इस सीमेंट का इस्तेमाल काम करते हैं। ऐसे में क्या सीसी सड़क अपनी उम्र तक टिक पाएगी ग्रामीणों का कहना है की सरकार को पैसा का दुरुपयोग ना किया जाए उपयोग में लाया जाए और अधूरी कामों को पूरी किया जाए। और ग्रामीणों के द्वारा यह भी बताया गया की ग्राम सभा अध्यक्ष अनूप सिंह मरावी को गाली गलौज कर सरपंच धर्मी बाई के द्वारा अभद्रता व्यवहार किया गया है। रोजगार सहायक सचिव करते हैं ठेकेदारी सरकारी मटेरियल को लगाते हैं अपने निजी कार्य में।   रोजगार सहायक सचिव संतोष सिंह कुशराम के द्वारा ग्राम पंचायत पर सेल कला में स्वयं की ठेकेदारी चलाते हुए कार्यो को किया जा रहा है जहां पंचायत के पैसों से मटेरियल मंगाया तो जाता है लेकिन उसे अपने निजी घर में गिरवा कर अपने स्वयं के कार्य में भी लगाया जाता है लेकिन इनको देखने वाले कोई अधिकारी कर्मचारी नहीं है बल्कि ग्रामीण अगर बोलते हैं तो उनको अनदेखा करते हुए अपना काम निकाल लेते हैं इस तरह का आरोप लगाया जा रहा है। रोजगार सहायक सचिव संतोष सिंह कुशराम के ऊपर लगाया जा रहा है जहां ग्रामीणों ने सरकार के पैसों का उचित कार्य में लगाने की मांग करते हुए निष्पक्ष जांच करने की मांग की गई है।

निगरानी विभाग का शिकंजा: सिकंदरा में कार्यपालक पदाधिकारी समेत दो गिरफ्तार

जमुई जमुई जिले में मंगलवार को निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। सिकंदरा नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी संतोष कुमार को 50 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान उनके साथ स्वच्छता प्रहरी सोनू चौधरी को भी टीम ने दबोच लिया। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। शिकायतों के बाद बिछाया गया जाल जानकारी के अनुसार, निगरानी विभाग को लंबे समय से दोनों के खिलाफ अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों की सत्यता जांचने के लिए विभाग ने गुप्त रूप से जाल बिछाया। छापेमारी में रंगे हाथ पकड़े गए आरोपी योजना के तहत मंगलवार करीब 3 बजे टीम ने छापेमारी की। इसी दौरान दोनों आरोपी कथित रूप से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए। लेन-देन की पुष्टि होते ही टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया और मौके से नकद राशि भी बरामद की। पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई सिकंदरा थानाध्यक्ष विकास कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया निगरानी विभाग द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में चर्चा का माहौल है और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं, निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त कदम के रूप में देखा जा रहा है।  

साइबर ठगी पर बड़ा वार: बिहार पुलिस ने चिन्हित किए हजारों म्यूल अकाउंट्स

पटना बिहार पुलिस की साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट ने बढ़ते साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए फिर से बड़ा अभियान छेड़ दिया है। ‘साइबर प्रहार 3.0’ के तहत राज्यभर में व्यापक कार्रवाई करते हुए 5036 म्यूल अकाउंट्स की पहचान की गई है। इस कार्रवाई के दायरे में 22 बैंक शाखाओं के अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है, जिसकी गहन जांच की जा रही है। साइबर अपराध इकाई द्वारा कई संदिग्ध बैंक खातों को चिन्हित कर लिया गया है, जिनका उपयोग ठगी के पैसों के लेन-देन में किया जा रहा था। लालच देकर बैंक खाते का इस्तेमाल करते थे साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट की जांच में पता चला कि साइबर फ्रॉड लोगों को पैसों की लालच देकर उनके बैंक खाते का इस्तेमाल करते थे। पासबुक, सिम कार्ड और एटीएम अपने पास रख लेते थे। इन खातों में ठगी की रकम मंगाई जाती थी। बिहार पुलिस का कहना है कि इन खातों के जरिए बड़े स्तर पर साइबर ठगी के नेटवर्क को संचालित किया जा रहा था। कई संदिग्धों को नोटिस जारी किए गए अभियान के तहत अब तक 72 करोड़ रुपये से जुड़े साइबर फ्रॉड के मामलों में कानूनी शिकंजा कसा गया है। कई संदिग्धों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि कुछ की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगी और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। जांच के दौरान बैंकिंग सिस्टम में संभावित मिलीभगत की भी आशंका जताई जा रही है। इसी को देखते हुए संबंधित बैंक अधिकारियों की भूमिका की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। क्या होते हैं म्यूल अकाउंट्स? बोलचाल की भाषा में म्यूल का मतलब 'खच्चर' होता है, जिसका इस्तेमाल सामान ढोने के लिए किया जाता है। कुछ इसी तरह का काम म्यूल अकाउंट्स का भी होता है। म्यूल अकाउंट्स दरअसल ऐसे बैंक खाते होते हैं जिनका इस्तेमाल फाइनेंशियल फ्राड में किया जाता है। यह अकाउंट्स या तो फर्जी नाम-पते पर रजिस्टर्ड होते हैं या इन्हें कोई और यूज कर रहा होता है। इस तरह के अकाउंट्स का इस्तेमाल फाइनेंशियल फ्रॉड में पैसे ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। चूकिं म्यूल अकाउंट में दी गई जानकारी सही नहीं होती, इन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है।  

EO Murder Case: सम्राट चौधरी ने घोषित की 25 लाख की मदद, राजकीय सम्मान से होगी अंत्येष्टि

पटना. सुल्तानगंज नगर परिषद में दिनदहाड़े कार्यपालक पदाधिकारी कृष्‍ण भूषण कुमार की हत्‍या पर मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरी संवेदना व्‍यक्‍त की है। उन्‍होंने कहा कि कृष्‍ण भूषण कुमार ने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। शोक संतप्त परिजनों के प्रति इस अपूरणीय क्षति पर गहरी संवेदनाएं प्रकट करते हैं। उनके परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। दिवंगत अधिकारी अंत्‍येष्‍ट‍ि राजकीय सम्मान के साथ सम्पन्न कराई जाएगी।  बता दें कि मंगलवार को भागलपुर जिले के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में अपराधियों ने कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण की गोली मारकर हत्या कर दी। वे बिहार लोक सेवा आयोग के 59वें बैच के अधिकारी थे। सभापति की हालत गंभीर हमले में नगर परिषद सभापति राजकुमार गुड्डू भी घायल हो गए। उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। मेडिकल डायरेक्टर डॉ. रविशंकर के अनुसार, उन्हें पेट और सिर में गोली लगी है और वे न्यूरो ICU में इलाजरत हैं। इधर घटना के बाद पुलिस एक्‍शन में आई। हत्‍या मामले में पुलिस ने आरोपित का एनकाउंटर कर दिया है।   अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी  इधर घटना के बाद बिहार नगर सेवा संघ ने इस घटना के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी थी।48 घंटे की मोहलत दी थी। संघ के महासचिव अरविंद कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, गृह विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव, बिहार पुलिस प्रमुख (DGP), मानवाधिकार आयोग और लोकायुक्त को पत्र लिखकर अपनी मांगें रखी । कर्तव्यनिष्ठा का परिचय – अत्यंत ही दुःखद घटना में सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी श्री कृष्ण भूषण कुमार जी का असामयिक निधन हो गया। उन्होंने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। शोक संतप्त परिजनों के प्रति इस अपूरणीय क्षति पर गहरी संवेदनाएँ प्रकट… — Samrat Choudhary (@samrat4bjp) April 29, 2026 

Corridor Compensation Scam: अभियोजन मंजूरी न मिलने से जांच ठप, कार्रवाई पर ब्रेक

चंडीगढ़. अमृतसर-कोलकाता कारिडोर के लिए अधिग्रहित 1104 एकड़ जमीन के मुआवजे में कथित अनियमितताओं से जुड़े बहुचर्चित केस में पूर्व कांग्रेस विधायक मदन लाल जलालपुर के खिलाफ कार्रवाई फिलहाल ठहर गई है। इस की वजह अभियोजन स्वीकृति का ना मिलना है। विजिलेंस ब्यूरो (वीबी) ने केस में चार्जशीट और सबूत अदालत में पेश करने की तैयारी कर ली थी, लेकिन राज्य सरकार से जरूरी मंजूरी न मिलने के कारण ट्रायल शुरू नहीं हो पा रहा है। वीबी के मुताबिक, केस की एफआईआर 26 मई 2022 को दर्ज हुई थी और 28 फरवरी 2023 को जलालपुर को नामजद किया गया। जांच में भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420, 409, 465, 467, 468, 471, 120-बी के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(ए) व 13(2) के तहत आरोप जोड़े गए। शुरुआती एफआईआर में थे 27 आरोपित शुरुआती एफआईआर में 27 आरोपित थे, जो जांच बढ़ने के साथ 34 तक पहुंच गए। इनमें सरकारी विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और कुछ निजी फर्में भी शामिल हैं। कम से कम 10 फर्मों के खिलाफ भी कार्रवाई दर्ज की गई। जांच एजेंसी के अनुसार, पटियाला के शंभू ब्लॉक के अक्खरी, सेहरा, सेहरी, तख्तुमाजरा और पाबरा गांवों की जमीन कारिडोर के लिए अधिग्रहित की गई थी। इस जमीन के बदले करीब 205 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि पंचायत की लीज होल्ड जमीन के लिए अलग से 97.8 करोड़ रुपये दिए गए। वीबी का आरोप है कि मुआवजे और विकास कार्यों के नाम पर बड़ी रकम की गई। कई परियोजनाएं कागजों में पूरी दिखाईं गईं, जबकि जमीनी स्तर पर काम तय तकनीकी मानकों पर खरा नहीं उतरा। जांच में यह भी सामने आया कि निर्धारित नियमों के तहत कुल फंड का करीब 30 फीसदी ब्लाक डेवलपमेंट एंड पंचायत आफिसर (बीडीपीओ) कार्यालय के सचिव के वेतन खाते में जमा होना था, लेकिन इसमें भी अनियमितताओं के संकेत मिले। रिपोर्ट के अनुसार, शेष राशि का केवल 10% ही वास्तविक विकास पर खर्च हुआ, जबकि करीब 65 करोड़ रुपये कागजी खर्च के तौर पर दिखाए गए। अदालत में 2024 में हुई थी चुनौती पेश अदालत में 2024 के दौरान चुनौती पेश की गई थी, लेकिन अभियोजन स्वीकृति न होने से सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। सूत्रों के अनुसार, पंजाब विधानसभा अध्यक्ष के स्तर से मंजूरी की प्रक्रिया जुड़ी होने के कारण फाइल लंबित है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि जैसे ही मंजूरी मिलेगी, केस को दोबारा गति दी जाएगी। इधर, राज्य में विजिलेंस की कार्रवाई के दायरे में कई बड़े राजनीतिक चेहरे भी हैं। ओम प्रकाश सोनी, कुशलदीप सिंह ढिल्लों, साधु सिंह धर्मसोत, बिक्रम सिंह मजीठिया, सत्कार कौर गेहरी, अमित रतन कोटफट्टा और रमन अरोड़ा जैसे नाम अलग-अलग मामलों में जांच या ट्रायल का सामना कर रहे हैं। ऐसे में जलालपुर केस में देरी ने यह बहस तेज कर दी है कि क्या बड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया ‘मंजूरी’ की शर्त पर ही अटकती रहेगी।

पंजाब में मौसम का अचानक बदलाव, लुधियाना-पठानकोट में बारिश, तापमान में 6 डिग्री की गिरावट

लुधियाना पंजाब-चंडीगढ़ में अचानक तड़के मौसम बदल गया। लुधियाना और पठानकोट में हल्की बारिश के कारण पिछले 10 दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली। बारिश के साथ आंधी चलने से अधिकतम तापमान में एक ही दिन में 6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के मुताबिक, तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री नीचे गिर गया है। सबसे अधिक तापमान 37.6 डिग्री फाजिल्का में दर्ज किया गया। वहीं, आज कुछ जगहों पर बिजली गरजने के साथ बारिश और आंधी का ऑरेंज अलर्ट है। एक मई को छोड़कर तीन मई तक ऐसा ही मौसम रहेगा। इस दौरान लोगों को हीट वेव से राहत मिलेगी। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक आज सभी जिलों में बारिश व 14 जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है। इनमें गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मोहाली, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर शामिल हैं। कई जगह 9 डिग्री गिरा पारा मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक सभी जिलों का तापमान छह डिग्री से लेकर नौ डिग्री तक गिरा है। चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री रहा, जो सामान्य से 3.1 डिग्री कम रहा है। इसमें एक दिन पहले के मुकाबले 6.4 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। अमृतसर में 34.1 डिग्री के साथ 5.9 डिग्री की गिरावट आई। लुधियाना में 34 डिग्री दर्ज किया गया। इसमें 7 डिग्री की गिरावट आई। पटियाला में 36.5 डिग्री तापमान रहा। इसमें 5.6 डिग्री की कमी आई है। फरीदकोट में 37.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया और यहां 3.8 डिग्री की गिरावट आई। गुरदासपुर में 31.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, इसमें 9 डिग्री की गिरावट आई। फाजिल्का में 37.6 डिग्री, फिरोजपुर में 35.5 डिग्री और होशियारपुर में 32.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मोहाली में 33 डिग्री के साथ 6.1 डिग्री, पठानकोट में 32.9 डिग्री के साथ 6.2 डिग्री और रोपड़ में 32.2 डिग्री के साथ 6.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। वहीं श्री आनंदपुर साहिब में अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, मौसम बदला मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। यह उत्तर भारत के ऊपरी हिस्से में बना हुआ है और इसके असर से पंजाब समेत आसपास के इलाकों में मौसम बदल रहा है। इसके कारण बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इन जिलों में विशेष चेतावनी राज्य के कई जिलों में तेज़ हवाओं और बारिश को लेकर चेतावनी दी गई है। इनमें गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मोहाली, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर शामिल हैं। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। तापमान में आई भारी गिरावट मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, कई जिलों में तापमान 6 से 9 डिग्री तक नीचे आया है। चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम है। अमृतसर, लुधियाना और पटियाला में भी तापमान में 5 से 7 डिग्री तक की गिरावट देखी गई। फरीदकोट, मोहाली और रूपनगर जैसे इलाकों में भी पारा नीचे गिरा है।  

मोहाली के रिलायंस गोदाम में आग से ग्रॉसरी और राशन जल गए, खड़े वाहन भी चपेट में; दमकल की गाड़ियां मौके पर

मोहाली बनूड़ के नजदीक स्थित खेड़ी गांव में रिलायंस के एक गोदाम में अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते गोदाम में रखा ग्रॉसरी का सामान, राशन और अन्य जरूरी वस्तुएं जलकर पूरी तरह खाक हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगने के बाद गोदाम से ऊंची-ऊंची लपटें उठती दिखीं, जिससे आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। आग ने पास में खड़े एक वाहन को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वह भी बुरी तरह जल गया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कर दी गईं। प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आंकलन किया जा रहा है और आग पूरी तरह बुझने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। आग पर काबू पाने के लिए प्रयास जारी घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कर दी गईं। प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आंकलन किया जा रहा है और आग पूरी तरह बुझने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

Weather Update: बंगाल की खाड़ी की नमी से बदलेगा मौसम, बादल गरजने और बूंदाबांदी की संभावना

रायपुर. छत्तीसगढ़ के कुछ डिग्री तापमान गिरने के बावजूद लोग गर्मी से परेशान हैं. बंगाल की खाड़ी से निम्न स्तर पर नमी आ रही है. इसके प्रभाव से कुछ स्थानों में हल्की बारिश हुई. अब चिपचिपी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है. नमी के कारण फिलहाल गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. अंधड़ और संभावना भी मौसम विभाग ने जताई है. मंगलवार को प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हुई. सर्वाधिक अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दुर्ग और  सबसे कम न्यूनतम तापमान  अंबिकापुर में 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इस दौरान अधिकतम तापमान में 2 डिग्री की गिरावट हुई है. संभावना जताई गई है कि आने वाले तीन दिनों में 2 से 3 डिग्री की गिरावट होगी. मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ द्रोणिका के रूप में उत्तर में स्थित है. एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास बना हुआ है. एक पूर्व पश्चिम द्रोणिका हरियाणा से मणिपुर तक फैला है. दूसरा द्रोणिका उत्तर तेलंगाना से कोमोरिन क्षेत्र तक मौजूद है. वहीं एक प्रति चक्रवात अंदरूनी महाराष्ट्र और उससे लगे कर्नाटक के ऊपर विस्तारित है. उन्होंने बताया कि प्रदेश के दक्षिणी भाग में बंगाल की खाड़ी से, वातावरण के निम्न स्तर पर नमी आ रही है, जिसके कारण प्रदेश के एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा या गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ अंधड़ और वज्रपात के आसार हैं. अधिकतम तापमान में गिरावट का दौर प्रारंभ होने की संभावना है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? मौसम विभाग ने रायपुर में आज सुबह मौसम साफ रहने की संभावना जताई है, जिसके बाद दोपहर के बाद बादल छाए रह सकते हैं. वहीं अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की आशंका है.

4 लाख 88 हजार किसानों से 19 लाख 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं का हुआ उपार्जन

4 लाख 88 हजार किसानों से 19 लाख 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं का हुआ उपार्जन बड़े एवं मध्यम श्रेणी के 1.60 लाख किसानों ने स्लॉट कराये बुक भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि प्रदेश में 4 लाख 88 हजार 270 किसानों से 19 लाख 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय करने वाले किसानों को 2548 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान किए गए हैं। उपार्जन केन्द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके, इसके लिये उपार्जन केन्द्रो पर प्रतिदिन, प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूं विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन, प्रति उपार्जन केन्द्र किया गया। तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है। सभी जिलों में लघु सीमांत के साथ ही मध्यम एवं बड़े किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बड़े एवं मध्यम वर्ग के एक लाख 60 हजार किसानों ने स्लॉट बुक कराया है। पूरे प्रदेश में स्लॉ्ट बुकिंग की तारीख 30 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 9 मई तक की गई है। किसानों की सुविधा के लिए खरीदी के लिये प्रत्येक शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन का कार्य जारी रहेगा। अभी तक प्रदेश मे समर्थन मूल्य् पर गेहूं उपार्जन के लिये 9.60 लाख किसानों द्वारा 57.75 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी न हो एवं उपज विक्रय के लिए इंतजार न करना पड़े इसके लिये किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाएं आदि की व्यवस्थाएं की गई हैं। किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिये बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है।  

डॉक्टर दंपती केस में टिप्पणी: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भरण-पोषण अपील खारिज की

प्रायगराज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में स्पष्ट किया कि यदि पत्नी उच्च शिक्षित है, अपनी विशेषज्ञता के माध्यम से पर्याप्त आय अर्जित करने में सक्षम है तो वह भरण-पोषण की हकदार नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने डॉ. गरिमा दुबे की ओर से दायर एक अपील को खारिज करते हुए दिया। प्रयागराज की डॉ. गरिमा दुबे स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं और उनके पति न्यूरोसर्जन हैं। उन्होंने ट्रायल कोर्ट में बच्चों और स्वयं के लिए भरण-पोषण की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। ट्रायल कोर्ट ने उनके स्वयं के भरण-पोषण आवेदन को खारिज कर दिया गया था। हालांकि, उनके तीन बच्चों के लिए 60 हजार रुपये प्रति माह का भरण-पोषण स्वीकार किया था। स्वयं के भरण-पोषण की मांग करते हुए डॉक्टर ने हाईकोर्ट में अपील दायर की। याची अधिवक्ता ने दलील दी कि उनके मुवक्किल को अस्पताल से निकाल दिया गया है। वह वर्तमान में कार्यरत नहीं हैं। वह उसी जीवन स्तर की हकदार हैं जो अलगाव से पहले था। वहीं, पति के वकील ने दलील दी कि वह एक विशेषज्ञ चिकित्सक हैं जो उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में पति से भी अधिक कमाने की क्षमता रखती हैं। ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार, वह सालाना 31 लाख रुपये से अधिक की कमाई कर रही थीं।