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योगी सरकार की पहल: आंबेडकर जयंती बनेगी सामाजिक न्याय और जनसशक्तीकरण का महापर्व

योगी सरकार की पहल, आंबेडकर जयंती बनेगी सामाजिक न्याय और जनसशक्तीकरण का महापर्व लखनऊ में सीएम योगी करेंगे बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित, महासभा परिसर में भव्य आयोजन लखनऊ  उत्तर प्रदेश में इस वर्ष आंबेडकर जयंती को अभूतपूर्व स्तर पर मनाने की तैयारी की गई है। योगी सरकार ने इसे केवल एक स्मृति दिवस न रखकर सामाजिक न्याय, जागरूकता और जनसंपर्क के व्यापक अभियान के रूप में परिवर्तित कर दिया है। प्रदेश के सभी जनपदों और विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें जनप्रतिनिधि सीधे जनता के बीच पहुंचकर उनके अधिकारों, संविधान और समानता के मूल्यों की जानकारी देंगे।  हजरतगंज स्थित आंबेडकर महासभा परिसर में होने वाला मुख्य कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। महासभा ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत बौद्ध भिक्षुओं द्वारा बाबा साहब के अस्थिकलश पर पुष्पांजलि और बुद्ध वंदना के साथ होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।  लोकतंत्र की जड़ों को मिलेगी मजबूती  योगी सरकार की मंशा है कि बाबा साहब के विचार- समानता, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जाए। इसी दिशा में यूपी के प्रत्येक जिले में भारतीय जनता पार्टी के सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि जनता के बीच जाकर उन्हें उनके संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करेंगे। इससे समाज में जागरूकता बढ़ेगी और लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूती मिलेगी। बाबा साहब की प्रतिमाओं पर लगाए जाएंगे छत्र योगी सरकार ने आंबेडकर जयंती से पहले एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश भर में स्थापित बाबा साहब की प्रतिमाओं पर छत्र लगाए जाएंगे, साथ ही बाउंड्री वॉल और सौंदर्यीकरण का कार्य भी कराया जाएगा। इस निर्णय को ऐतिहासिक कदम बताते हुए डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि इससे दलित समाज और आंबेडकर अनुयायियों में खासा उत्साह है। 14 अप्रैल को प्रदेश नजर आयेगा आंबेडकरमय उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, विद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं में भी विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें विचार गोष्ठियां, भाषण, निबंध प्रतियोगिताएं और वाद-विवाद शामिल हैं, जिनके माध्यम से नई पीढ़ी को बाबा साहब के योगदान और उनके संघर्षों से परिचित कराया जाएगा। योगी सरकार की यह पहल स्पष्ट करती है कि वह सामाजिक समरसता और जनभागीदारी को प्राथमिकता दे रही है। 14 अप्रैल को पूरा प्रदेश ‘आंबेडकरमय’ नजर आएगा। बाबा साहब के योगदान पर होगी विशेष चर्चा  वहीं समाज कल्याण विभाग के सभी कार्यालयों, विद्यालयों, छात्रावासों और संस्थाओं में भी आयोजन होंगे। विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में भी विशेष कार्यक्रम होंगे। इनमें बाबा साहब डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा एवं चित्र पर माल्यार्पण, विचार गोष्ठियां, निबंध, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। उनके जीवन, शिक्षाओं और संविधान निर्माण में योगदान पर विशेष चर्चा होगी। मूर्ति विकास योजना को मिल चुकी है मंजूरी सीएम योगी की अध्यक्षता में कैबिनेट डॉ. बीआर आंबेडकर मूर्ति विकास योजना को मंजूरी दे चुकी है, जिसके तहत प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सामाजिक न्याय के महानायकों के 10-10 स्मारकों और प्रतिमाओं का विकास एवं सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। इस पर कुल 403 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास, कबीर, महात्मा ज्योतिबा फुले, महर्षि वाल्मीकि सहित अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं और स्मारकों का संरक्षण, सौंदर्यीकरण और आधारभूत विकास होगा।

जब प्रदेश विकास व शांति की ओर बढ़ रहा है, कुछ लोग षड्यंत्र कर अशांति फैलाने का प्रयास कर रहे हैं: मुख्यमंत्री

औद्योगिक अशांति फैलाने वालों से सावधान रहें श्रमिक: सीएम योगी जब प्रदेश विकास व शांति की ओर बढ़ रहा है, कुछ लोग षड्यंत्र कर अशांति फैलाने का प्रयास कर रहे हैं: मुख्यमंत्री हमारी सरकार श्रमिकों के साथ, उद्यमियों को सुरक्षा देंगे और हर श्रमिक को संरक्षण भी: सीएम योगी विकास व विरासत की यात्रा को डबल इंजन सरकार दे रही गति, किसानों, युवाओं व महिलाओं के सशक्तीकरण पर विशेष जोर आधुनिक तकनीक व रोजगार सृजन से बदलेगी प्रदेश की तस्वीर, सुरक्षा, सुशासन व पारदर्शिता से मजबूत हुआ नया उत्तर प्रदेश मुजफ्फरनगर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रगति के पद पर आगे बढ़ रहा है, लेकिन कुछ लोग इसके खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेश के श्रमिकों से अपील की कि वे औद्योगिक अशांति फैलाने वालों से सावधान रहें और उनके प्रयासों को किसी भी कीमत पर सफल न होने दें। डबल इंजन सरकार विकास व विरासत की यात्रा को मजबूती से आगे बढ़ा रही है, जिसमें श्रमिकों, किसानों, युवाओं और महिलाओं को केंद्र में रखा गया है। सरकार एक ओर जहां आधुनिक तकनीक, रोजगार और निवेश को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी ओर कानून व्यवस्था और श्रमिक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सीएम ने भरोसा दिलाया कि औद्योगिक विकास के साथ सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित रहेगी, ताकि प्रदेश में शांति, स्थिरता और समृद्धि का वातावरण बना रहे। श्रमिकों और कार्मिकों के साथ हो सीधा संवाद मुजफ्फरनगर में सोमवार को ₹951 करोड़ की 423 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में सुरक्षा, सुशासन और सेवा का एक मजबूत मॉडल प्रस्तुत कर रही है। लेकिन जब प्रदेश विकास और शांति की ओर अग्रसर है,  कुछ लोग षड्यंत्र के तहत अशांति फैलाने की चेष्टा कर रहे हैं। सीएम ने सभी औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कार्मिकों व श्रमिकों से अपील करते हुए कहा कि वे याद करें, कोरोना काल में सरकार किस तरह उनके साथ खड़ी रही। उस कठिन समय में सरकार ने श्रमिकों के लिए परिवहन, क्वारंटीन और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की, उन्हें सुरक्षित घर तक पहुंचाया। औद्योगिक अशांति पैदा करने वाले लोगों से सावधान रहें। न्यूनतम मानदेय की गारंटी मिलेगी मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सभी उद्योगों से भी इस संबंध में अपील करता हूं कि वे श्रमिकों और कार्मिकों के साथ सीधा संवाद स्थापित करें। हमारी सरकार श्रमिकों के साथ है। सरकार उद्यमियों को सुरक्षा देगी और हर श्रमिक को संरक्षण भी प्रदान करेगी, साथ ही उनका उचित मानदेय सुनिश्चित करेगी। हमने गत वर्ष ही एक कॉरपोरेशन का गठन कर दिया है और इसी महीने उसकी सिफारिशें लागू होने वाली हैं। इसके तहत चाहे सफाई कर्मचारी हो या आउटसोर्सिंग पर कार्य करने वाला कोई भी युवा, उसे न्यूनतम मानदेय की गारंटी मिलेगी। सरकार द्वारा निर्धारित राशि सीधे उसके खाते में जाएगी, कोई भी बिचौलिया उसके हक पर डकैती नहीं डाल सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था केवल सरकारी विभागों तक सीमित नहीं रहेगी,  बल्कि अगले चरण में इसे औद्योगिक संस्थानों में भी लागू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, ताकि हर श्रमिक को सामाजिक सुरक्षा मिल सके। हमने शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों, आंगनबाड़ी और आशा वर्करों को भी 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की है। आगे बीमा कंपनियों के साथ मिलकर यह प्रयास किया जा रहा है कि प्रत्येक श्रमिक को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सके।  लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने दिखाया न्याय और सुशासन का आदर्श मॉडल मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे शुकदेव की इस पावन धरा पर, भारत रत्न चौधरी चरण सिंह जी व चौधरी अजीत सिंह जी की कर्मभूमि पर आज यहां लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की दिव्य प्रतिमा के अनावरण का अवसर प्राप्त हुआ है। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 350वीं जयंती गत वर्ष प्रधानमंत्री मोदी जी की प्रेरणा से पूरे देश में धूमधाम के साथ मनाई गई थी। उसी समय केंद्र और राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया था कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए श्रमजीवी महिला छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश में 14 श्रमजीवी महिला छात्रावास निर्माणाधीन हैं, जो लोकमाता की स्मृतियों की ओर हम सबका ध्यान आकर्षित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जगन्नाथ पुरी से लेकर सोमनाथ तक, काशी विश्वनाथ से लेकर रामेश्वरम तक भारत की गुलामी के उस कालखंड में, जब मुगल आक्रांताओं के कारण व्यवस्था जकड़ी हुई थी, तब भी लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर भारत की विरासत के संरक्षण के लिए पूरी तन्मयता से कार्य कर रही थीं। न्याय और सुशासन का आदर्श मॉडल कैसा होता है, यह लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने भारत को दिखाया। वह मालवा की शासक थीं, लेकिन पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए समर्पित रहीं। आज का काशी विश्वनाथ मंदिर उसी का उदाहरण है, जिसका पुनर्निर्माण लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने कराया था, जब औरंगजेब ने उसे ध्वस्त कर दिया था। लोकमाता अहिल्याबाई को हर सच्चा भारतीय नमन करता है। राष्ट्रनायक की कोई जाति नहीं होती मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता का जो योगदान है, चौधरी साहब का जो योगदान है, वह जाति के लिए नहीं है, व्यक्ति के लिए नहीं है, बल्कि देश के लिए है। उनके योगदान के कारण ही हम सब आज यहां हैं। महापुरुषों को सम्मान मिलना चाहिए। महापुरुषों को जाति के संकीर्ण दायरे में मत बांधिए। यह देश तब गुलाम हुआ था, जब हमने महापुरुषों को जातीय सीमाओं में बांधने का पाप किया था। आप मुझे बताइए कि धन सिंह कोतवाल ने प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में जो शंखनाद किया, क्या वह किसी जाति के लिए था? जो लोग मुजफ्फरनगर में शहीद हुए, क्या उन्होंने अपने परिवार के लिए बलिदान दिया था? महारानी लक्ष्मीबाई, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह जी महाराज, क्या इन्होंने किसी जाति के लिए संघर्ष किया था? नहीं, उन्होंने देश और धर्म के लिए संघर्ष किया, और स्वदेश तथा धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। सीएम ने कहा कि चौधरी साहब ने भी सबके कल्याण की बात की। उन्होंने किसान, गांव, श्रमिक, युवाओं, खेत और खलिहान की बात की। उन्होंने कभी जाति की बात नहीं … Read more

सोलर दीदी योजना से महिला सशक्तीकरण को मिल रही नई दिशा

सोलर दीदी योजना से महिला सशक्तीकरण को मिल रही नई दिशा सौर तकनीक की ट्रेनिंग लेकर आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं गांवों में सौर बिजली संबंधी समस्याओं का मिल रहा जल्द समाधान रोजगार और आय के नए अवसरों से मजबूत हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में “सोलर दीदी” योजना ग्रामीण विकास और महिला सशक्तीकरण का मजबूत आधार बनकर उभर रही है। इस पहल के माध्यम से गांवों की महिलाओं को सौर ऊर्जा से जुड़ी तकनीकी ट्रेनिंग देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। अब महिलाएं सिर्फ घरेलू कार्यों तक सीमित नहीं रहकर ऊर्जा क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रहीं हैं और गांवों में बदलाव की नई कहानी लिख रही हैं। योजना के तहत महिलाओं को सोलर लैंप, सोलर पैनल, चार्जिंग यूनिट और अन्य सौर उपकरणों की स्थापना, संचालन और रखरखाव का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके साथ ही उन्हें तकनीकी खराबियों को ठीक करने और उपकरणों की बिक्री से जुड़ी जानकारी भी दी जाती है। परिणामस्वरूप, जहां पहले ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की कमी एक बड़ी चुनौती थी, वहीं अब “सोलर दीदी” गांव-गांव में ऊर्जा का भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरीं हैं। इस पहल का सबसे बड़ा प्रभाव महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के रूप में देखने को मिल रहा है। सोलर उत्पादों की बिक्री और सेवाओं के माध्यम से महिलाएं नियमित आय अर्जित कर रहीं हैं। कई महिलाएं अपने परिवार की आय में महत्वपूर्ण योगदान दे रहीं हैं और आत्मविश्वास के साथ समाज में अपनी अलग पहचान बना रहीं हैं। सोलर दीदियां न केवल तकनीकी कार्य कर रहीं हैं, बल्कि वे जागरूकता अभियान का भी अहम हिस्सा हैं। वे ग्रामीणों को सौर ऊर्जा के फायदे समझाकर पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने के लिए प्रेरित कर रही हैं। इससे ऊर्जा की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। सरकार और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से यह योजना लगातार विस्तार पा रही है। आने वाले समय में अधिक से अधिक महिलाओं को इससे जोड़ने की योजना है, ताकि हर गांव ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके। “सोलर दीदी” पहल न केवल गांवों में रोशनी फैला रही है, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाकर सामाजिक और आर्थिक बदलाव की नई दिशा भी दे रही है।

यमुना हादसे में दो और शव मिले, सर्च ऑपरेशन जारी

 मथुरा उत्तर प्रदेश के मथुरा के वृंदावन में यमुना नदी में 10 अप्रैल को हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। सोमवार को एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान दो और शव बरामद किया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। पंजाब के यश भल्ला के रूप में हुई पहचान बरामद किए गए शव की पहचान पंजाब निवासी यश भल्ला उर्फ युवराज और महिला मोनिका के रूप में हुई है। वह उन 16 लोगों में शामिल थे, जो नाव पलटने के बाद यमुना के तेज बहाव में लापता हो गए थे।प्रशासन के अनुसार, यश भल्ला का शव केशीघाट के पास देवराह बाबा घाट के किनारे झाड़ियों में फंसा हुआ मिला। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हालत में था। अब तक 15 शव बरामद, एक की तलाश जारी सोमवार को चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान अब तक दो शव बरामद किए गए हैं, जिनमें एक महिला मोनिका और दूसरा यश भल्ला का शव शामिल है। इस हादसे में कुल 16 लोग लापता हुए थे, जिनमें से अब तक 15 के शव मिल चुके हैं। हालांकि, एक व्यक्ति अभी भी लापता है और उसकी तलाश जारी है। NDRF और जल पुलिस का संयुक्त अभियान एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें लगातार नावों और आधुनिक ड्रोन कैमरों की मदद से यमुना नदी के हर हिस्से को खंगाल रही हैं। सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है ताकि अंतिम लापता व्यक्ति का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक आखिरी व्यक्ति का पता नहीं चल जाता, तब तक यह अभियान जारी रहेगा। इलाके में शोक, परिजनों का बुरा हाल इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके में शोक की लहर पैदा कर दी है। खासकर पंजाब से आए मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन ने जारी किए सख्त निर्देश घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। साथ ही नावों के संचालन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।  

विद्युत कर्मियों का प्रदेशव्यापी आंदोलन, 15 अप्रैल से जन-जागरण अभियान शुरू

 लखनऊ उत्पीड़न की कार्यवाहियां वापस न होने पर गर्मियों में बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की जिम्मेदारी शीर्ष प्रबंधन की होगी। यह चेतावनी विद्युत कर्मियों ने रविवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक में दी है। समिति ने 15 अप्रैल से 21 मई तक प्रदेशव्यापी जन-जागरण अभियान चलाने का ऐलान किया है। सभी डिस्कॉम मुख्यालय पर प्रदर्शन होंगे। उत्पीड़न होने पर सीधी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। लखनऊ में हुई बैठक में प्रदेशभर से लगभग 1000 से अधिक बिजली कर्मचारी एवं अभियंता पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि आंदोलन के फलस्वरूप बिजली कर्मियों पर की गई सभी उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां तत्काल वापस नहीं ली गईं तो आने वाली भीषण गर्मियों में बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की पूरी जिम्मेदारी पावर कॉरपोरेशन के शीर्ष प्रबंधन की होगी। चेतावनी दी गई है कि यदि प्रबंधन अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए किसी भी कर्मचारी या अभियंता पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई करता है, तो बिजली कर्मी कार्यस्थल पर काम छोड़कर बाहर आने को बाध्य होंगे। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। इन तिथियों में होगा डिस्कॉम मुख्यालयों पर प्रदर्शन जनजागरण अभियान के तहत 24 अप्रैल को मेरठ डिस्कॉम, 2 मई को केस्को, 6 मई को आगरा, 14 मई को लखनऊ और 21 मई को वाराणसी डिस्कॉम पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। अभियान के तहत केंद्रीय पदाधिकारी पूरे प्रदेश का दौरा करेंगे और प्रत्येक जनपद में बिजली उपभोक्ताओं एवं किसानों के साथ संयुक्त सभाएं आयोजित की जाएंगी। बैठक में पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन की नीतियों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा गया कि एक ओर बिजली कर्मियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर संविदा कर्मियों की छंटनी की जा रही है। जिससे तकनीकी कार्यों में बाधा आ रही है। यदि यही स्थिति रही तो मेंटेनेंस के अभाव में ट्रांसफार्मर जलने और लाइनों में फॉल्ट की समस्याएं बढ़ेंगी, जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ेगा। प्रबंधन की इसी 'हठधर्मी' नीति के विरोध में अब कर्मचारी सड़क पर उतरने को तैयार हैं। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह केवल कर्मचारियों की मांगों की लड़ाई नहीं है, बल्कि विभाग को बचाने की मुहिम है। बैठक में संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे, राहुल बाबू कटियार, जितेन्द्र सिंह गुर्जर, महेंद्र राय, पीके दीक्षित, सुहेल आबिद, अंकुर पांडेय, चन्द्र भूषण उपाध्याय, मोहम्मद वसीम, बिमल चन्द्र पाण्डेय, मोहम्मद इलियास, प्रेम नाथ राय, श्रीचंद, सरजू त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।

एससी-एसटी छात्रों की स्कॉलरशिप में देरी, केंद्रांश अगले महीने खाते में आने की संभावना

लखनऊ  प्रदेश में छात्रवृत्ति एवं शुल्क भरपाई योजना के तहत अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों को केंद्रांश की राशि अगले माह मिलने की संभावना है। पांच लाख से ज्यादा छात्रों के खातों में अब तक केंद्रांश नहीं पहुंचा है। इससे छात्रों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है प्रदेश में ढाई लाख रुपये तक सालाना आमदनी वाले एससी-एसटी परिवारों के विद्यार्थियों को शुल्क की भरपाई के साथ छात्रवृत्ति का भुगतान किया जाता है। इस वर्ग के विद्यार्थियों को होने वाले भुगतान का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और शेष 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार देती है। राज्य सरकार ने विद्यार्थियों के खातों में 40 फीसदी हिस्सा भेज दिया है, लेकिन अभी काफी विद्यार्थी बचे हैं, जिनके खातों में केंद्रांश नहीं पहुंचा है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में जिन विद्यार्थियों के खातों में अभी तक केंद्रांश नहीं पहुंचा है, वो 15 मई तक पहुंचने की उम्मीद है। जब राज्य सरकार भुगतान करती है, तो वही डाटा ऑटो फेच होकर केंद्र के पोर्टल पर चला जाता है। इस प्रक्रिया के पूरा होने में थोड़ा वक्त लगता है। इसलिए विद्यार्थी परेशान न हों, शीघ्र ही उनके खातों में शेष राशि भी पहुंच जाएगी।  

अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा कोडीन सिरप रैकेट, सोनभद्र एसआईटी की कार्रवाई

 प्रयागराज कफ सिरप तस्करी करने वाले प्रयागराज के अतरसुइया थाना क्षेत्र के उदितगंज की मंडी, बलुआ घाट निवासी विनोद कुमार वर्मा और उसके पुत्र संस्कार वर्मा को सोनभद्र एसआईटी ने रविवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया। आरोपी प्रयागराज में ओम साईं फार्मास्यूटिकल के नाम से फर्म खोलकर कफ सिरप की तस्करी करते थे। एएसपी मुख्यालय अनिल कुमार ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में गाजियाबाद के मेरठ रोड पर बनाए गए डिपो के जरिये बड़े पैमाने पर कफ सिरप बांग्लादेश बॉर्डर (अगरतला, त्रिपुरा) भेजे जाने की जानकारी मिली है।   सोनभद्र में 18 अक्तूबर 2025 की रात कफ सिरप लदे जिन दो ट्रकों को पकड़ा गया था उसमें एक पर लदा माल प्रयागराज की दवा फर्म ओम साईं फार्मास्यूटिकल का था। गाजियाबाद में कार्रवाई के दौरान भी इस फर्म की कई पर्चियां बरामद की गई थीं। आरोपियों को दोपहर बाद न्यायालय में पेश किया गया जहां से दोनों को जिला कारागार गुरमा भेज दिया गया। पकड़े गए दोनों तस्कर सरगना शुभम के करीबी बताए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय कफ सिरप तस्करी ग्रुप से जुड़े थे दोनों एएसपी मुख्यालय अनिल ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि संस्कार वर्मा और उसका पिता विनोद दिल्ली स्थित वान्या इंटरप्राइजेज से कोडीनयुक्त एस्कफ कफ सिरप की बड़ी खेप हासिल करते थे और उसे अवैध रूप से अन्य राज्यों में डायवर्ट करते थे। तस्करी का किसी को पता न चलने पाए इसके लिए सिरप को नमकीन/चिप्स की पर्ची के आधार पर कंटेनरों में छिपाकर बांग्लादेश सीमा (अगरतल्ला, त्रिपुरा) की ओर भेजा जाता था। एएसपी का दावा है कि पिता-पुत्रों से जुड़ा कफ सिरप तस्करी का यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय होकर नशे के रूप में प्रयोग के लिए कोडीनयुक्त कफ सिरप की आपूर्ति कर रहा था। सोनभद्र में पकड़ी गई थी 59,675 शीशियां एएसपी ने बताया कि 18 अक्तूबर 2025 को थाना रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र में दो कंटेनर ट्रकों में लदी सिरप की 1,19,675 शीशियां बरामद की गई थी। इसमें एक कंटेनर पर लदी सिरप की 59,675 शीशियों की तस्करी संस्कार और उसके पिता विनोद के जरिये की जा रही थी। एसआईटी प्रभारी सदानंद राय की अगुवाई वाली टीम रविवार की तड़के प्रयागराज पहुंची। वहां अतरसुइया पुलिस से सहयोग लेते हुए दोनों को को गिरफ्तार किया गया। दोपहर में उन्हें सोनभद्र लाया गया। पूछताछ के बाद चालान कर दिया गया। अब तक ईडी नहीं कर सका कार्रवाई करीब 2000 करोड़ रुपये की कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी करने वाले आरोपियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कर सका है। प्रदेश पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल समेत अन्य की करीब 500 करोड़ रुपये कीमत की संपत्तियों को जब्त किया गया, जबकि ईडी जांच के बाद भी आगे की कार्रवाई नहीं कर पाई। सूत्रों की मानें तो तस्करी में लिप्त आरोपियों की संपत्तियों का ब्योरा जुटाने के बाद भी ईडी ने उनके खिलाफ एक्शन नहीं लिया। वहीं दवा कंपनियों से जवाब-तलब करने के बाद भी कार्रवाई नहीं की। वहीं दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में कोडीनयुक्त कफ सिरप बनाने वाली एक दवा कंपनी के खिलाफ ईडी की जम्मू यूनिट ने संपत्तियों को जब्त किया, लेकिन यूपी में मामला ठंडा बस्ते में चला गया। ईडी के अधिकारियों ने बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह की आलीशान कोठी को जब्त करने के दावे भी किए थे, लेकिन आलोक की पत्नी से पूछताछ के बाद भी मामला आगे नहीं बढ़ा जांच अधिकारी का तबादला इस प्रकरण की जांच करने वाले ईडी के डिप्टी डायरेक्टर का बीते दिनों हैदराबाद तबादला हो गया। अभी तक किसी अन्य डिप्टी डायरेक्टर को जांच का जिम्मा नहीं सौंपा गया है। माना जा रहा है कि लखनऊ जोनल कार्यालय के नए ज्वाइंट डायरेक्टर राकेश कुमार सुमन के पदभार ग्रहण करने के बाद ही किसी अन्य अधिकारी को इस प्रकरण की जांच सौंपी जाएगी। इस प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं होने से विभाग में तमाम चर्चाएं हो रही हैं।  

मुरादाबाद और संभल के दूल्हों में टकराव, दुल्हन की पसंद से सुलझा मामला

  मुरादाबाद अमरोहा कोतवाली क्षेत्र के कैलसा बाईपास स्थित एक बैंक्वेट हॉल में रविवार को एक दुल्हन की दो बारातें पहुंचने से अफरा-तफरी मच गई. मुरादाबाद निवासी पहले दूल्हे से मंगनी टूटने के बाद दुल्हन पक्ष ने संभल के दूसरे दूल्हे से उसी तारीख का रिश्ता तय कर लिया था. कार्ड बंटने और तैयारियां पूरी होने के कारण मुरादाबाद वाला दूल्हा भी बारात लेकर पहुंच गया, जिससे मौके पर तनाव और कहासुनी शुरू हो गई. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने तीनों पक्षों की बात सुनी और दुल्हन की रजामंदी के आधार पर संभल वाले दूल्हे के साथ निकाह की रस्म पूरी कराई. मंगनी टूटी पर दूल्हा लेकर आया बारात पूरा मामला मुरादाबाद और संभल के दो दूल्हों के बीच फंसा था. जानकारी के मुताबिक, दुल्हन की मंगनी पहले मुरादाबाद के एक रिश्तेदार से हुई थी, लेकिन बाद में दोनों परिवारों के बीच अनबन हो गई. दुल्हन पक्ष ने इस रिश्ते को खत्म कर संभल के युवक से शादी तय कर ली. चूंकि, पुरानी तारीख के कार्ड बंट चुके थे और तैयारी पूरी थी, इसलिए मुरादाबाद का दूल्हा भी अपना हक जताते हुए बारात लेकर बैंक्वेट हॉल पहुंच गया. पुलिस की मौजूदगी में हुआ निकाह एक ही समय पर दो बारातियों और दो दूल्हों को देखकर माहौल गर्मा गया. दुल्हन पक्ष ने तुरंत पुलिस को फोन कर दिया. मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की और तीनों पक्षों को शांत कराया. आखिरकार दुल्हन की पसंद और रजामंदी को प्राथमिकता दी गई. संभल से आए दूल्हे के साथ निकाह की रस्में सादगी से अदा की गईं और शाम को दुल्हन की रुखसती हुई. मुरादाबाद वाले दूल्हे को अपनी बारात लेकर बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा. बिना कानूनी कार्रवाई के सुलझा विवाद इतना बड़ा ड्रामा होने के बावजूद मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई. तीनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया और पुलिस की मौजूदगी में विवाद निपट गया. फिलहाल, पूरे अमरोहा नगर में इस अनोखी शादी और दो दूल्हों की चर्चा जोरों पर है। लोग इसे फिल्मी सीन की तरह देख रहे हैं, जहां अंत में पुलिस ने दखल देकर मामला शांत कराया और दुल्हन अपने तय दूल्हे के साथ विदा हुई.

कर्मचारियों के हक में नए नियम लागू, बोनस और वेतन सीधे खाते में

गौतम बुद्ध नगर योगी सरकार ने प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए कई अहम फैसले लिए हैं. इन फैसलों के तहत गौतम बुद्ध नगर में काम करने वाले श्रमिकों के लिए दोगुना ओवरटाइम भुगतान, समय पर सैलरी और बोनस सीधे बैंक खाते में जमा करना जरूरी कर दिया गया है. यह फैसला  नोएडा में  लगातार कंपनी मालिकों की मनमानी और सैलरी में देरी व अनियमितताओं के विरोध में तीन दिनों से काम बंद कर सड़कों पर उतरे कर्मचारियों के प्रदर्शन को देखते हुए लिया गया है. इसके बाद भी वहीं सोमवार की सुबह भी कर्मचारियों ने नोएडा के फेज 2 इलाके में प्रदर्शन किया. पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर बितर किया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद गौतम बुद्ध नगर प्रशासन ने औद्योगिक इकाइयों के लिए नए दिशानिर्देश लागू किए हैं. प्रशासन का कहना है कि इन नियमों के जरिए श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और जिले को श्रम सुधारों के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है. जिलाधिकारी मेहा रूपम ने औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इन नियमों की जानकारी दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रमिकों से ओवरटाइम काम लेने पर उन्हें नियमित मजदूरी की तुलना में दोगुना भुगतान करना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही ओवरटाइम भुगतान में किसी भी तरह की कटौती की अनुमति नहीं होगी. प्रशासन ने साप्ताहिक अवकाश को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं. सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को अपने कर्मचारियों के लिए सप्ताह में एक दिन की छुट्टी सुनिश्चित करनी होगी. यदि किसी कर्मचारी से रविवार को काम लिया जाता है, तो उसे दोगुनी दर से मजदूरी दी जाएगी. 10 तारीख तक एक ही किस्त में देनी होगी सैलरी न्यूज एजेंसी के मुताबिक वेतन भुगतान की प्रक्रिया को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं. सभी उद्योगों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारियों को हर महीने की 10 तारीख तक एक ही किस्त में वेतन दिया जाए. इसके साथ ही कर्मचारियों को वेतन पर्ची देना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि भुगतान में पारदर्शिता बनी रहे. बोनस भुगतान को लेकर भी समयसीमा तय की गई है. निर्देशों के अनुसार, 30 नवंबर तक सभी कर्मचारियों के बैंक खातों में बोनस की राशि सीधे जमा कराई जाएगी. प्रशासन का मानना है कि इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी. महिलाओं की सुरक्षा का देना होगा ध्यान कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी कई निर्देश जारी किए गए हैं. सभी औद्योगिक इकाइयों को यौन उत्पीड़न के मामलों के निपटारे के लिए आंतरिक शिकायत समिति गठित करनी होगी, जिसकी अध्यक्षता महिला सदस्य करेंगी. इसके अलावा, कार्यस्थल पर शिकायत पेटियां लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं. श्रमिकों की शिकायतों के समाधान के लिए प्रशासन ने एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है. अधिकारीयों के अनुसार, श्रमिक निर्धारित हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं और उनका त्वरित निपटारा किया जाएगा. प्रशासन का कहना है कि इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए नियमित निगरानी की जाएगी. नियमों का उल्लंघन करने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है. वहीं दूसरी ओर रविवार को भी गौतम बुद्ध नगर के फेस-दो औद्योगिक क्षेत्र में कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन भी जारी रहा. कर्मचारियों ने सैलरी विसंगतियों और कंपनी मालिकों की मनमानी के वृद्धि की मांग को लेकर लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी अपने रुख पर कायम रहे और मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की. जिला प्रशासन के फैसले के बाद भी साेमवार की सुबह फिर से कर्मचारी सड़कों पर एकजुट हुए और विरोध-प्रदर्शन तेज किया. पुलिस ने पहले इन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन जब वे नहीं माने तो हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर कर दिया.

नोएडा में कर्मचारियों का हंगामा बढ़ा, पुलिस वाहनों समेत कई वाहनों में तोड़फोड़

नोएडा नोएडा में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर मजदूरों का प्रदर्शन तेज हो गया है. सैकड़ों मजदूर सड़कों पर उतर आए हैं और गाडि़यों में तोड़फोड़ शुरू कर दी है. बड़ी संख्या में आज सुबह से एक बार फिर मजदूर प्रदर्शन कर रहे हैं. पुलिस मजदूरों को शांत करवाने में जुटी हुई है, लेकिन मजदूर उग्र होते नजर आ रहे हैं. नोएडा के फेज-2 इलाके में प्रदर्शनकारी मजदूर ज्‍यादा ही उग्र हो गए और उन्‍होंने एक पुलिस जीप में तोड़फोड़ की है. ऐसे में पुलिस ने हल्‍का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारी मजदूरों को तितर-बितर किया।  नोएडा में मजदूरों के उग्र प्रदर्शन के कई वीडियो सामने आ रहे हैं. नोएडा फेस-2 के एक वीडियो में उग्र मजदूर पुलिस वेन में तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं. मजदूरों ने पुलिस पुलिस वेन को पलट दिया और उसमें आग लगा दी. मजदूर जमकर पथराव करते हुए भी नजर आ रहे हैं. बता दें कि वेतन बढ़ाए जाने की मांग को लेकर नोएडा में मजदूर पिछले कुछ दिनों से उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसे लेकर योगी प्रशासन भी अब अलर्ट हो गया है  वाहनों में तोड़फोड़-आगजनी प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया। भीड़ हिंसक हो उठी। कंपनी के आसपास कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। तोड़फोड़ की गई। यहां तक कि पुलिस पर भी पथराव होने लगा। पुलिस की गाड़ियों को में तोड़फोड़ की गई। एक जिप्सी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त करके पलट दिया गया। हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज करके भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। कहां और कैसे भड़का प्रदर्शन यह पूरा मामला नोएडा के फेज-2 इलाके का है, जहां मदरसन समेत करीब छह कंपनियों के कर्मचारी पिछले तीन दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में मजदूर सड़कों पर उतर आए। शुरू में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन मांगों पर सुनवाई न होने से भीड़ उग्र हो गई और स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी। आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ जैसे-जैसे प्रदर्शन उग्र होता गया, वैसे-वैसे हालात बेकाबू होने लगे और हिंसक घटनाएं तेजी से सामने आने लगीं। गुस्साए कर्मचारियों ने सड़कों पर खड़ी गाड़ियों और बसों को निशाना बनाते हुए उनमें आग लगा दी, वहीं कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए गए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुलिस की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई और एक वाहन को पलट दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल पर जमकर पथराव भी किया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया। दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर भीषण जाम फेज-2 के अलावा सेक्टर 15 और 62 में भी श्रमिकों ने हंगामा किया। जिसकी वजह से दिल्ली मेरठ-एक्सप्रेसवे समेत नोएडा में कई जगह भीषण जाम लग गया और लोगों को आवाजाही में काफी समस्या हुई। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर तो घंटों लोग फंसे रहे। गाजियाबाद पुलिस ने भीषण जाम को देखते हुए एडवाइजरी जारी की। इसमें कहा गया कि सेक्टर 62 नोएडा NH 9 पर दिल्ली जाने वाली साइड रोड पर इंडस्ट्रियल कर्मचारियों के द्वारा प्रदर्शन कर जाम किया गया है, यातायात का दबाव उत्पन्न हो गया है। पुलिस बल मौके पर मौजूद है। यातायात पुलिस गाजियाबाद द्वारा ABES तथा विजयनगर बाईपास से आवश्यक डायवर्जन किया जा रहा है। असुविधा से बचने के लिए कृपया वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें। एक दिन पहले ही डीएम ने जारी की थी अपील एक दिन पहले ही डीएम मेधा रूपम ने एक संदेश जारी करते हुए श्रमिकों से अपील करते हुए कहा था कि जिले में सौहार्द व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में करें सहयोग। अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा था कि श्रमिकों के हितों की सुरक्षा, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान,बोनस,साप्ताहिक अवकाश एवं कार्यस्थल सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा रहा है और इसके लिए निर्देश जारी किए गए हैं।