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योगी सरकार का बड़ा कदम, आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालयों के बेहतर समन्वय के लिए को-लोकेशन अभियान तेज

आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालयों का होगा बेहतर समन्वय, योगी सरकार ने को-लोकेशन और मैपिंग अभियान को दी नई गति – भारत सरकार के शिक्षा एवं महिला-बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेशभर में शुरू है अभियान – महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी तथा निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार हर्षिता माथुर ने जारी किए संयुक्त निर्देश – 30 जून तक मिशन मोड में पूरी होगी मैपिंग, यू-डायस अपडेट और हॉट कुक्ड मील पोर्टल पर डेटा अपलोड की प्रक्रिया – स्कूल रेडीनेस, शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के एकीकरण को मिलेगा बल – जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी संयुक्त रूप से करेंगे सत्यापन लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का प्राथमिक विद्यालयों के साथ को-लोकेशन और वैज्ञानिक मैपिंग अभियान मिशन मोड में शुरू कर दिया गया है।  भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त दिशा-निर्देशों के अन्तर्गत चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य विद्यालय पूर्व तैयारी (स्कूल रेडीनेस) को सुदृढ़ बनाना, शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी एकीकरण सुनिश्चित करना तथा आंगनबाड़ी से विद्यालय तक बच्चों के सहज संक्रमण को मजबूत करना है।  इस संबंध में महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी तथा निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार हर्षिता माथुर ने संयुक्त निर्देश जारी किए हैं। अभियान के प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों में मैपिंग, यू-डायस अपडेट और पोर्टल पर डेटा अपलोड की प्रक्रिया का संयुक्त सत्यापन जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा कराया जाएगा। बुनियादी शिक्षा को मिलेगा नया आधार प्रदेश में बालवाटिका, निपुण भारत मिशन और बुनियादी शिक्षा को सशक्त बनाने के प्रयासों के बीच यह पहल महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी। आंगनबाड़ी और विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय से बच्चों को विद्यालयी शिक्षा के लिए अधिक व्यवस्थित रूप से तैयार किया जा सकेगा। साथ ही शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं का एकीकृत लाभ सुनिश्चित होने से बुनियदी शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के सीखने के परिणामों को भी नई मजबूती मिलेगी। 30 जून तक मैपिंग पूर्ण करने के निर्देश 30 जून तक सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और कक्षा-1 संचालित परिषदीय विद्यालयों की मैपिंग मिशन मोड में पूरी की जाएगी। संबंधित विद्यालयों का यू-डायस कोड अंकित करते हुए यू-डायस तथा हॉट कुक्ड मील पोर्टल पर आवश्यक विवरण भी अद्यतन किए जाएंगे, जिससे दोनों विभागों के आंकड़ों में एकरूपता और योजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वय सुनिश्चित हो सके। मानकों के अनुरूप होगी मैपिंग विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को को-लोकेटेड आंगनबाड़ी सेंटर के रूप में दर्ज किया जाएगा। जो केंद्र विद्यालय परिसर से बाहर हैं, उन्हें दूरी के आधार पर संबंधित प्राथमिक विद्यालय से जोड़ा जाएगा। 200 मीटर के भीतर स्थित केंद्रों की मैपिंग उसी विद्यालय से होगी, ताकि वहां तैयार होने वाला हॉट कुक्ड मील बच्चों तक समय पर पहुंच सके। जहां विद्यालय परिसर में पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है, वहां निकटतम विद्यालय से मैपिंग की जाएगी। शहरी क्षेत्रों में 500 मीटर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 01 किलोमीटर की सीमा के भीतर स्थित विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी। संयुक्त सत्यापन से बढ़ेगी पारदर्शिता सभी जिलों में मैपिंग, यू-डायस अपडेट और पोर्टल पर डेटा अपलोड की प्रक्रिया का संयुक्त सत्यापन जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी करेंगे। इससे आंकड़ों की शुद्धता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।

सीएम योगी ने रुद्रपुर व बरहज की 456 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 106 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

उत्सव में उपद्रव करने वाला सात पीढ़ियों तक भुगतेगा: सीएम योगी सीएम योगी ने रुद्रपुर व बरहज की 456 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 106 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास  मुहर्रम पर शांति, कोई भी व्यक्ति खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन या सड़कों पर गुंडागर्दी नहीं कर सकता: सीएम योगी बरहज को मिलेगा इनलैंड वाटरवे का लाभ, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाएंगे स्थानीय उत्पाद: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का उदाहरण देकर कहा- हमने डकैती रोकी, इसीलिए छटपटाहट रही सपा सीएम योगी ने 10 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र व सहायता राशि के चेक देकर सम्मानित किया देवरिया,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में उत्सव के माहौल में कोई उपद्रव नहीं कर सकता। अगर कोई ऐसा करेगा तो सात पीढ़ियों तक भुगतेगा। आज मुहर्रम पर शांति है। कोई खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन या सड़क पर गुंडागर्दी नहीं कर सकता। 2017 में सरकार बनने के साथ ही अपराध, माफिया व अराजक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई। जो भी अपराध करेगा, माफिया गतिविधियों में शामिल होगा या जन आस्था के साथ खिलवाड़ करेगा,  जीरो टॉलरेंस के तहत ही कार्रवाई की जाएगी। कानून व्यवस्था मजबूत होने से प्रदेश में निवेश का वातावरण बना है और तेजी से उद्योग स्थापित हो रहे हैं। सपा व कांग्रेस के शासनकाल में उत्तर प्रदेश माफियाओं व दंगों के लिए बदनाम था। याद करें 2016 में यहीं मदनपुर थाने को लूट लिया गया था, आग लगा दी गई थी। मुख्यमंत्री शुक्रवार को देवरिया के रुद्रपुर व बरहज विधानसभा क्षेत्र की 456 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 106 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के 10 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र व सहायता राशि के चेक भी वितरित किए। सीएम ने देवरिया की धरती को नमन करते हुए कहा कि उन्हें रुद्रपुर व बरहज विधानसभा के मध्य स्थित उस पवित्र भूमि पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है, जिसे बाबा दुखहरणनाथ, बाबा महेंद्रनाथ, महर्षि देवरहा बाबा और बाबा राघवदास जैसी महान विभूतियों का आशीर्वाद प्राप्त है। यह भूमि आध्यात्मिक व  सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए है।  डबल इंजन सरकार ने बदली देवरिया की तस्वीर सीएम योगी ने कहा कि एक समय ऐसा था जब देवरिया के लोग एक पुल और एक सड़क के लिए वर्षों तक इंतजार करते थे, लेकिन आज प्रदेश में विकास की गति पूरी तरह बदल चुकी है। पडरौना, कसया, पथरदेवा, देवरिया, सोनूघाट, बरहज, दोहरीघाट को वाराणसी व गोरखपुर मार्ग से जोड़ने वाली सड़कें पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी को मजबूत कर रही हैं। वहीं हाटा, गौरीबाजार व कौड़ीराम तक फोरलेन सड़कें उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी को नई दिशा देगी। बेहतर सड़कें व इन्फ्रास्ट्रक्चर और मजबूत कनेक्टिविटी किसी भी क्षेत्र के विकास की सबसे बड़ी आधारशिला होती हैं। युवा शक्ति उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा शक्ति है और सरकार इसी शक्ति को कौशल, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का काम कर रही है। अब तक 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है, जबकि परंपरागत उद्योगों और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 3 करोड़ लोगों को रोजगार और आजीविका के साधन उपलब्ध कराए गए हैं। प्रदेश का युवा प्रतिभाशाली है। वह बड़ी से बड़ी चुनौती को अवसर में बदल सकता है। सुरक्षा के माहौल से बढ़ा निवेश और रोजगार मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था और सुरक्षा के कारण देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर सहित पूरे पूर्वांचल में निवेश बढ़ रहा है। नए उद्योग लग रहे हैं और स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है। जो नौजवान पहले नौकरी के लिए मुंबई, सूरत और कोलकाता पलायन करते थे, आज वे अपने ही प्रदेश में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। सरकार ने निवेश आधारित योजनाओं के माध्यम से 65 लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ा है। किसानों के हित में सरकार लगातार काम कर रही है। आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई सुविधाओं और कृषि शिक्षा के विस्तार से प्रदेश में कृषि उत्पादन तेजी से बढ़ा है। कई खाद्यान्नों के उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर पहुंच चुका है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आड़े हाथ लिया सपा को मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके शासनकाल में नौकरियों के नाम पर भ्रष्टाचार होता था। चाचा-भतीजा की जोड़ी और पूरा परिवार वसूली में लगा रहता था। आज सभी सरकारी भर्तियां पूरी पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर की जा रही हैं। देवरिया सहित प्रदेश के हजारों युवाओं को बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के सरकारी नौकरी मिली है। सपा ने 2016 में बिना जमीन उपलब्ध कराए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का 15,800 करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया था। भाजपा सरकार बनने के बाद पहले जमीन का अधिग्रहण कराया गया और फिर नई प्रक्रिया के तहत टेंडर कराया गया। तकनीकी व वित्तीय प्रक्रिया को सरल बनाकर यही एक्सप्रेसवे लगभग 11,200 करोड़ रुपये में बनवाया गया, जिससे लगभग 4 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई। यह बचत सपा की डकैती रोकने का परिणाम है। इसीलिए सपा को बुरा लग रहा है, वह छटपटा रही है। भ्रष्टाचार व अव्यवस्था दी आम आदमी पार्टी ने सीएम योगी ने कहा कि दिल्ली के एक सज्जन आज अयोध्या पहुंचे हैं। दिल्ली की जनता ने उन्हें कई वर्षों तक अवसर दिया, लेकिन उसे भ्रष्टाचार व अव्यवस्था के अलावा कुछ नहीं मिला। अयोध्या में डबल इंजन सरकार ने महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, निषादराज यात्री विश्रामालय, माता शबरी रसोई, फोरलेन सड़कें और विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की हैं। यदि आम आदमी पार्टी यही न्याय दिल्ली के साथ करती तो राजधानी की तस्वीर भी बदल जाती। बरहज को मिलेगा इनलैंड वाटरवे का लाभ मुख्यमंत्री ने कहा कि बरहज कभी इस क्षेत्र का प्रमुख व्यापारिक केंद्र था और भविष्य में इनलैंड वाटरवे परियोजना का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। यहां से किसानों की सब्जियां, फल, मिलेट्स, फूल और अन्य कृषि उत्पाद जलमार्ग के माध्यम से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाए जाएंगे। राप्ती व घाघरा नदी की बाढ़ से राहत दिलाने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। गांवों की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 6.18 लाख गरीब परिवारों को नए आवास स्वीकृत किए गए हैं। सरकार हर गरीब को पक्का घर, शौचालय, … Read more

मुख्यमंत्री अम्बर एवं ऐसेन्ट के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का करेंगे शिलान्यास

मुख्यमंत्री योगी शनिवार को करेंगे गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद का दौरा: विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात मुख्यमंत्री अम्बर एवं ऐसेन्ट के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का करेंगे शिलान्यास मेरठ मंडल में किए गए पीडब्ल्यूडी के पुराने और नए विकास कार्यों की करेंगे समीक्षा नोएडा के नए कार्यालय भवन का योगी करेंगे लोकार्पण, एमएसएमई दिवस कार्यक्रम में होंगे शामिल लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकास की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री 27 जून (शनिवार) को गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) और गाजियाबाद के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। साथ ही विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे और एक मांगलिक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर करीब 12.35 बजे जेवर एयरपोर्ट, गौतमबुद्धनगर पहुंचेंगे, जहां सेक्टर-10 यीडा में अम्बर एवं ऐसेन्ट के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद सेल प्लांट परिसर सेक्टर-8 यीडा, गौतमबुद्ध नगर में सेल के सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के शिलान्यास कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।  इसके अलावा मुख्यमंत्री सेक्टर-96, नोएडा पहुंचेंगे, जहां वे नोएडा के नवीन कार्यालय भवन का लोकार्पण करेंगे और 'एमएसएमई दिवस' के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। मुख्यमंत्री मेरठ मण्डल के लोक निर्माण विभाग के पुराने कार्यों की समीक्षा करेंगे और नए कार्यों की कार्ययोजना को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री इंदिरापुरम, गाजियाबाद पहुंचेंगे, जहां वे मंत्री सुनील शर्मा के सुपुत्र के मांगलिक कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

सोलर रूफटॉप स्थापना में यूपी देश में अव्वल, 6.2 लाख घरों से अधिक तक पहुंची योजना

सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पीएम सूर्य घर योजना में बनाया नया कीर्तिमान  सोलर रूफटॉप स्थापना में यूपी देश में अव्वल, 6.2 लाख घरों से अधिक तक पहुंची योजना  लगातार तीन माह में 50 हजार से अधिक इंस्टॉलेशन करने वाला पहला राज्य बना उत्तर प्रदेश 22 दिनों में पूरे किए अंतिम 50 हजार इंस्टॉलेशन, देश में सबसे तेज रफ्तार दर्ज  लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना (पीएमएसजीवाई) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ने सोलर रूफटॉप स्थापना में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए देश में अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पहचान मजबूत की है। जून 2026 में आयोजित प्रगति समीक्षा बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 6.2 लाख से अधिक घरों में सौर ऊर्जा का लाभ दिया जा चुका है, जो राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।     उत्तर प्रदेश ने इस योजना के तहत निर्धारित 11.27 लाख परिवारों के लक्ष्य में से 50 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि हासिल कर ली है। देश में कुल सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 17 प्रतिशत है और यह देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है। इस दौरान यूपी नेडा डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश ने मार्च, अप्रैल और मई 2026 में लगातार तीन महीनों तक 50 हजार से अधिक घरों में सौर ऊर्जा आधारित संयंत्र स्थापित कर देश में नया रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को क्यूम्यूलेटिव हाउसहोल्ड सोलराइजेशन में भी देश में प्रथम स्थान दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।      उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवेदन को इंस्टॉलेशन में परिवर्तित करने का लक्ष्य रखा जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि ऋण आवेदनों का समयबद्ध अनुमोदन हो, ऋण स्वीकृति के बाद लंबित भुगतान (डिस्बर्सल) तत्काल हो तथा अनावश्यक कारणों से किसी भी आवेदन को अस्वीकृत न किया जाए। निष्क्रिय वेण्डर्स को सक्रिय करने एवं आवश्यकता के अनुसार नए वेण्डर्स को जोड़ने की कार्यवाही की जाए। उन्होंने लाभार्थियों को मिलने वाले बिजली बिल में बचत के आंकड़े संकलित कर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि अधिकाधिक नागरिक योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित हों। प्रदेश में सोलर संयंत्र स्थापना की रफ्तार में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। जून 2025 में जहां प्रतिदिन लगभग 500 इंस्टॉलेशन हो रहे थे, वहीं मई 2026 तक यह संख्या बढ़कर करीब 2100 प्रतिदिन पहुंच गई। पिछले 50 हजार इंस्टॉलेशन केवल 22 दिनों में पूरे किए गए, जिसे देश की सबसे तेज स्थापना दर बताया गया है।     समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में 2000 मेगावाट से अधिक क्षमता जोड़ी जा चुकी है। इसके साथ ही रूफटॉप सोलर उद्योग में प्रतिदिन 40 से 50 करोड़ रुपये तक का कारोबार हो रहा है तथा 80 हजार से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदेश में बढ़ती जनभागीदारी, प्रभावी क्रियान्वयन और सरकारी प्रोत्साहन के कारण उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। योजना का उद्देश्य आम परिवारों को सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराते हुए बिजली खर्च में कमी लाना है।

जनता दर्शन में 200 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने

जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान कराएं अधिकारी: मुख्यमंत्री जनता दर्शन में 200 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने  मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा- चिंता मत करिए, सबकी समस्या पर सुनिश्चित होगी प्रभावी कार्रवाई गोरखपुर गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की हर समस्या का शीघ्र समाधान कराएं। लोगों की शिकायतों को संवेदनशीलता से लेकर संतुष्टिप्रद निस्तारण सुनिश्चित कराने में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जनता दर्शन में पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री ने आश्वस्त करते हुए कहा, चिंता मत करिए। सरकार सबकी समस्या पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कराएगी। जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर लगी कुर्सियों पर बैठे लोगों तक सीएम स्वयं चलकर पहुंचे और सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सबके प्रार्थना पत्रों को पास में खड़े अधिकारियों को हस्तगत कर समस्या समाधान हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, सबकी समस्या का समाधान कराया जाएगा।  जनता दर्शन में हर बार की तरह कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। हृदय रोग से पीड़ित एक महिला से उन्होंने कहा कि इलाज के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से पर्याप्त आर्थिक सहायता दी जाएगी। सीएम योगी ने जमीन कब्जे से जुड़ी शिकायतों पर अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में त्वरित व कड़े कदम उठाए जाएं। जमीन कब्जा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

Amarnath Yatra: बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए बनारसी स्वाद, चंदनवाड़ी में 70 सेवादार करेंगे सेवा

वाराणसी  बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को इस बार अमरनाथ यात्रा में काशी का विशेष स्वाद चखने का अवसर मिलेगा। श्री बाबा काशी विश्वनाथ सेवा समिति वाराणसी के 70 सेवादार चंदनवाड़ी में विशाल सेवा शिविर और भंडारे का संचालन करेंगे। यह समिति पिछले 25 वर्षों से यात्रा में सेवा प्रदान कर रही है। इसका भंडारा 3 जुलाई से रक्षाबंधन तक चलेगा। समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंह बंटी ने बताया कि श्रद्धालुओं को बनारस की प्रसिद्ध पूड़ी-कचौड़ी, गरम जलेबी, ठंडाई और बनारसी पान निःशुल्क परोसा जाएगा। असली स्वाद के लिए बनारस से अनुभवी हलवाई भी ले जाए जा रहे हैं। बनारसी व्यंजनों के साथ-साथ दक्षिण भारतीय, गुजराती और पंजाबी भोजन भी श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराया जाएगा। रोजाना 1000-1500 श्रद्धालुओं के भोजन की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही 300 यात्रियों के ठहरने, गर्म कपड़े, शॉल और मोजे की सुविधा भी शिविर में उपलब्ध रहेगी। सेवा कार्य के लिए सेवादारों का पहला जत्था 20 जून को रवाना हो चुका है। शेष 70 सेवादार 28 जून को वाराणसी से ट्रेन द्वारा चंदनवाड़ी पहुंचेंगे। इनमें रसोइये, पदाधिकारी और स्वयंसेवक शामिल हैं। काशी की आतिथ्य परंपरा और बनारसी व्यंजनों की खुशबू इस बार बाबा बर्फानी के दरबार तक पहुंचेगी। श्रद्धालुओं के लिए यह पहल स्वाद के साथ-साथ काशी की सेवा संस्कृति की मिसाल बनेगी। अमरनाथ यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं को काशी के विशेष व्यंजनों का अनुभव करने का मौका मिलेगा। वाराणसी की श्री बाबा काशी विश्वनाथ सेवा समिति ने इस बार चंदनवाड़ी में भंडारे का आयोजन किया है, जिसमें 70 सेवादार श्रद्धालुओं की सेवा में जुटेंगे। समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंह बंटी ने बताया कि यह भंडारा 3 जुलाई से रक्षाबंधन तक चलेगा। पिछले 25 वर्षों से यह समिति अमरनाथ यात्रा में सेवा कर रही है। इस बार श्रद्धालुओं को बनारस की प्रसिद्ध पूड़ी-कचौड़ी, गरम जलेबी, ठंडाई और बनारसी पान का स्वाद निःशुल्क मिलेगा। इस भंडारे में बनारसी व्यंजनों के साथ-साथ अन्य राज्यों के व्यंजन भी उपलब्ध होंगे। श्रद्धालुओं के लिए रोजाना 1000-1500 लोगों के भोजन की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, 300 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था, गर्म कपड़े, शॉल और मोजे की सुविधा भी शिविर में उपलब्ध रहेगी। सेवा कार्य के लिए सेवादारों का पहला जत्था 20 जून को रवाना हो चुका है। शेष 70 सेवादार 28 जून को वाराणसी से ट्रेन द्वारा चंदनवाड़ी पहुंचेंगे। इनमें रसोइये, पदाधिकारी और स्वयंसेवक शामिल हैं। इस बार काशी की आतिथ्य परंपरा और बनारसी व्यंजनों की खुशबू बाबा बर्फानी के दरबार तक पहुंचेगी। यह पहल श्रद्धालुओं के लिए न केवल स्वाद का अनुभव कराएगी, बल्कि काशी की सेवा संस्कृति की एक नई मिसाल भी पेश करेगी।  

अयोध्या राम मंदिर विवाद पर देवरिया से योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान

देवरिया  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को निशाना बनाया है। अयोध्या के दौर पर आए अरविंद केजरीवल ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच करने वाली एसआईटी पर सवाल उठाए हैं। सीएम योगी ने कहा है कि, जब इन्हें कुछ नहीं मिला तो रामभक्तों पर आक्षेप कर रहे हैं,अयोध्या धाम को बदनाम कर रहे हैं। सीएम योगी ने देवरिया में एक जनसभा में यह बात कही। दिल्ली को बर्बादी के अलावा कुछ नहीं दिया सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, 'एक दिल्ली से सज्जन वहां आए हैं, अयोध्या। दिल्ली की जनता ने उन्हें 15 वर्ष अवसर दिया,लेकिन दिल्ली को उन्होंने बर्बादी,भ्रष्टाचार के सिवा कुछ नहीं दिया, मैं उनसे पूछना चाहूंगा, डबल इंजन की सरकार ने 9 वर्ष में अयोध्या को जो सवांरा है, देखें इस मॉडल को। फिर अपने कारनामों पर पश्चाताप करो। यह न्याय अयोध्या के साथ जो डबल इंजन की सरकार ने किया, अगर यही न्याय आम आदमी पार्टी दिल्ली के साथ करती तो दिल्ली भी चमकती, जैसे आज अयोध्या चमक रही है।' जन आस्था के साथ खिलवाड़ न हो सीएम योगी ने कहा कि, मैंने 19 जून को अयोध्या के दौरे पर कहा था, जन आस्था के साथ खिलवाड़ न हो। अयोध्या हम सबकी आस्था की प्रतीक है। अयोध्या पर आक्षेप मत करो, श्रीराम की मर्यादा का पालन करना सीखो। मैंने कहा था कि एसआईटी की रिपोर्ट आने पर कार्रवाई होगी। एसआइटी रिपोर्ट आई, कार्रवाई प्रारंभ हो गई है। उन्होंने कहा कि, जन आस्था के साथ जो खिलवाड़ करेगा, उसके साथ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत काम करेंगे। आज मोहर्रम है, कहीं किसी का अता पता नहीं है, कोई शस्त्र नहीं निकल रहा, उत्सव के माहौल में कोई उपद्रव नहीं कर सकता, अगर करेगा तो सात पीढ़ियों तक भुगतेगा। आक्षेप लगाने वालों की मंशा अच्छी नहीं योगी ने कहा कि, जो लोग आज आक्षेप कर रहे हैं, इनकी मंशा अच्छी नहीं है। ये वे लोग हैं जो लोग भगवान राम को नकार चुके थे, कहते थे कि राम हुए ही नहीं। ये लोग अयोध्या को नकारते रहे। दूसरा पक्ष वह है जो जय श्रीराम पर लाठी गोली चलाते थे, तुम बताओगे हमें आस्था। रामनवमी पर दंगा करवाते थे, कावड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाते थे। कांग्रेस ने देश को लूटा ही नहीं था, बल्कि नोचा था। सरकार ने पहले दिन कहा था कि दूध का दूध पानी का पानी होगा। मैं फिर कहता हूं कि रामभक्तों की अग्निपरीक्षा मत लो, उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ मत करो, प्रमाण है तो एसआईटी को सबूत पेश करो।  

Exclusive: राम मंदिर को दान की गई चांदी की ईंटें कहां हैं? SIT जांच में हुआ बड़ा खुलासा

राम मंदिर को दान की गई चांदी की ईंटों पर खुलासा अयोध्या के राम मंदिर में दान की गई चांदी की ईंटों को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे थे. कुछ लोगों ने आरोप लगाया था कि मंदिर को दान में मिली चांदी की ईंटों का कोई हिसाब नहीं है और उनका पता नहीं चल रहा. लेकिन अब इस पूरे मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है।  मिली जानकारी के मुताबिक, राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले की जांच के दौरान एसआईटी ने चांदी की ईंटों से जुड़े सभी रिकॉर्ड की भी जांच की. जांच में पाया गया कि सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे कई दावे और आरोप रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते. खासतौर पर अनुराग रस्तोगी द्वारा दान की गई चांदी की ईंटों को लेकर किए गए दावों को जांच में सही नहीं पाया गया।  एसआईटी के मुताबिक, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अभिलेखों में चांदी के दान का पूरा विवरण दर्ज है. रिकॉर्ड के मुताबिक, पहली बार 21 जुलाई 2020 और 28 जुलाई 2020 के दौरान कुल 38 किलोग्राम चांदी दान में हासिल हुई थी. इसके बाद 29 जुलाई 2020 को 25.576 किलोग्राम चांदी की ईंटें ट्रस्ट को दान में मिलने का भी पूरा रिकॉर्ड मौजूद है।  चांदी की ईंटें बैंक लॉकर में सुरक्षित जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि दान में मिली इन चांदी की ईंटों को कहीं गायब नहीं किया गया. एसआईटी के मुताबिक, ट्रस्ट की तय प्रक्रिया के तहत इन चांदी की ईंटों को गलाकर सुरक्षित रूप में बैंक के लॉकर में रखवा दिया गया है. यानी सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोप कि चांदी की ईंटें लापता हैं, जांच में फर्जी साबित हुए।  हालांकि, चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला अभी भी जांच के दायरे में है. इस मामले में एसआईटी की सिफारिश पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और आठ आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है. इन पर दान राशि की चोरी, आपराधिक साजिश, अमानत में खयानत और भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं. पुलिस और एसआईटी दोनों मामले की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही हैं।  चढ़ावे में कैसे हुए घपलेबाजी? सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में कर्मचारियों की निगरानी, कैश काउंटिंग, सीसीटीवी व्यवस्था और दान राशि को मंदिर से बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया में कई खामियां भी सामने आई हैं. इन्हीं कमियों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है. इस बीच राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और इसके सदस्य अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है।  यानी, जहां चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की जांच अभी जारी है, वहीं दान में मिली चांदी की ईंटों को लेकर फैले कई दावों को एसआईटी ने रिकॉर्ड के आधार पर खारिज कर दिया है. जांच एजेंसियों का कहना है कि इस फर्जी दावे मामले में आगे भी सभी सच्चाई की पड़ताल की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।   

SIT रिपोर्ट के बाद एक्शन: राम मंदिर मामले में 8 गिरफ्तार, सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना

लखनऊ अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में एआईआर के बाद एक फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंच से चेतावानी दी है। आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने पहले दिन कहा कि दूध का दूध और पानी का पानी सभी के सामने आएगा। लेकिन मैं फिर से अपील करूंगा कि राम भक्तों की अग्नि परीक्षा मत लो, उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ करना बंद कीजिए। अगर तथ्य या प्रमाण नहीं है तो आरोप-प्रत्यारोप बंद करो और प्रमाण हैं तो SIT के सामने पेश करो। यूपी के देवरिया पहुंचे योगी आदित्यनाथ ने संबोधन करते हुए अयोध्या राम मंदिर मामले पर अपनी बातें रखीं। सीएम योगी ने कहा कि एसआईटी की पहली रिपोर्ट आते ही कार्रवाई शुरू हो गई है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी कर के रहेंगे। सनातन आस्था के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा वह भुगतेगा किसी को बख्शा नहीं जाएगा। जो लोग गोली चलाते थे आज वे कहते हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ योगी ने इस दौरान जमकर हमला भी बोला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक पक्ष कहता था कि राम हैं ही नहीं यानी अयोध्या को भी ये लोग नकारना चाहते थे। लगातार न्यायालय में मुकदमा लड़ते रहे, वकीलों की फौज राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के खिलाफ खड़ी करते रहे और दूसरा पक्ष वो है जो जय श्रीराम बोलने पर लाठी और गोली चलाते थे। भगवान राम का नाम लेने पर जो लोग गोली चलाते थे आज वे कहते हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ। अरे तुम हमें आस्था बताओगे? राम नवमी पर दंगा करवाते थे, श्री कृष्ण जन्मोत्सव को प्रतिबंधित करते थे, कांवड़ यात्रा को नहीं निकलने देते थे, दुर्गा पूजा में दंगा करवाते थे… याद कीजिए कांग्रेस ने देश को लूटा ही नहीं था, नोंचा था। बेइमानी और भ्रष्टाचार के जो कीर्तिमान स्थापित किए थे और वे लोग आज अयोध्या पर आक्षेप लगा रहे हैं? ये स्वीकार्य नहीं। एफआईआर के बाद 8 आरोपियों की हो चुकी हैं गिरफ्तारी आपको बता दें कि एसआईटी की ओर से 23 जून को सरकार को सौंपी गई प्रारंभिक रिपोर्ट में कठोर कार्रवाई की सिफारिश की गई है, जिसके आधार पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद सभी नामजद आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में बृहस्पतिवार को रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव तथा मनीष कुमार यादव नामक व्यक्तियों और कुछ अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी है।

पुलिस महकमे में प्रमोशन की लहर: 1997–2000 बैच के PPS अफसरों को IPS बनने की हरी झंडी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के दो दर्जन से अधिक पुलिस अधिकारियों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश के दो दर्जन से अधिक पीपीएस अधिकारी के प्रमोशन को मंजूरी मिल गई है। ये सभी पुलिस अफसर जल्द ही आईपीएस बनेंगे। नई दिल्ली में संघ लोक सेवा आयोग में गुरुवार को पीपीएस अधिकारियों के प्रमोशन के लिए डीपीसी की बैठक हुई। बैठक में वर्ष 1997,1998,1999 और 2000 बैच के अफसरों की पदोन्नति को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के बाद यूपी पुलिस के इन पीपीएस अफसरों में खुशी की लहर में है। आपको बता दें कि नई दिल्ली स्थित यूपीएससी ऑफिस में गुरुवार को पुलिस की हाई लेवल मीटिंग हुई। विभागीय डीपीसी की एक बैठक हुई। बताया जा रहा है कि इसमें डीजीपी राजीव कृष्ण भी पर मौजूद थे। बैठक में कुल 30 पीपीएस अधिकारियों को आईपीएस कैडर में प्रमोट करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। अब इसके बाद राज्य सरकार के नोटिफिकेशन का इंतजार है। इसके बाद ये सभी अधिकारी आईपीएस हो जाएंगे। इस सूची में इन अफसरों के नाम इस लिस्ट में यूपी पुलिस के कई दिग्गज और तेजतर्रार अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इनमें सुरेश चंद्र रावत, शोएब इकबाल, राहुल मिठास, आलोक कुमार शर्मा, राजकुमार-प्रथम, महेश सिंह अत्री, विनीत भटनागर, जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, शशि शेखर सिंह, कुलदीप सिंह-प्रथम, ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद, हरेंद्र प्रताप यादव, वंश राज सिंह यादव, डॉ. कृष्णा गोपाल, मधुबन कुमार सिंह कपिल देव सिंह, बलवंत कुमार चौधरी, राहुल श्रीवास्तव, राजेश कुमार पांडे-प्रथम, प्रीति बाला गुप्ता, विकास चंद्र त्रिपाठी, पूर्णेन्दु सिंह, हरेंद्र कुमार, मार्तंड प्रकाश सिंह, अभय नाथ त्रिपाठी, पवित्र मोहन त्रिपाठी, देवेश कुमार शर्मा, प्रशांत कुमार प्रसाद, डा. अरविंद कुमार व सिद्धार्थ वर्मा प्रमुख हैं। 53 पीसीएस अधिकारियों का बढ़ा ग्रेड पे उधर, उत्तर प्रदेश के 53 पीसीएस अफसराें के लिए भी अच्छी खबर है। योगी सरकार ने इन अफसरों को बड़ी खुशखबरी दी है। प्रदेश के 53 पीसीएस अधिकारियों को 5 साल की सेवा पूरी होने के बाद 5400 ग्रेड पे से 6600 ग्रेड पे दिया गया है। इन अधिकारियों को 1 जून बढ़े हुए ग्रेड पे का लाभ मिलेगा। ये अधिकारी मौजूदा समय में एसडीएम के पद पर तैनात है।