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गोमती नदी पर बने दो नए पुल, 212 मीटर लंबे सेतु से गांवों को मिलेगा फायदा

 लखनऊ  आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पीएम टेक्सटाइल तक जाने वाले मार्ग, सेतु से जुड़े सभी काम को कराने के निर्देश शासन ने कार्यदायी संस्था को दिए थे। इसमें सेतु निगम ने तो गोमती नदी के ऊपर सेतु बनाने का काम समय से पूरा कर लिया। वहीं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) आउटर रिंग रोड के नीचे से दो लेन के अंडरपास को चार लेन करने का काम भी कर रहा है। इस काम को पंद्रह जुलाई 2026 तक खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। दस करोड़ की लागत से बनाए जा रहे अंडरपास को, जो 18 मीटर है, उसे बढ़ाकर 36 मीटर किया जा रहा है। फोर लेन से भी अधिक यह चौड़ा होगा। भविष्य की योजनाओं को देखते हुए प्राधिकरण इसे बनवा रहा है। खासबात है कि दिसंबर 2026 तक प्रोजेक्ट पूरा करवाने के लिए शासन लगा हुआ है, इस अंडरपास से जुड़े काम को जल्द करवाने के लिए एनएचएआइ को भी दस करोड़ की धनराशि प्रदेश सरकार द्वारा दी गई है। आईआईएम रोड से पीएम टेक्सटाइल तक करीब 14.28 किमी. सड़क बनाई जानी है। इसमें छह किमी. की सड़क का चौड़ीकरण लोक निर्माण विभाग करवा चुका है। बाकी आठ किमी. की सड़क का काम अभी तक नहीं शुरू हो पाया है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जमीन अधिगृहण का काम चल रहा है। खातेदार ज्यादा होने के कारण शासन यहां भी मुआवजे की प्रकिया पूरी नहीं करवा पाया है। वहीं दिसंबर तक फोर लेन सड़क लोक निर्माण विभाग को बनाकर देना है। क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले पीएम टेक्सटाइल पार्क का उद्घाटन करने की तैयारी है। सेतु निगम ने 212 मीटर के दो पुलों को निर्धारित समय से पहले बनाकर किया तैयार उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने पीएम टेक्सटाइल पार्क को कनेक्ट करने वाले पुल से जुड़ा काम निर्धारित अवधि से तीन से चार माह पहले ही खत्म कर लिया था। गोमती नदी के ऊपर से यह सेतु पीएम टेक्सटाइल पार्क को जोड़ने के लिए बनाया गया है। इस सेतु के बनने से सबसे अधिक लाभ एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को होगा। खास बात है कि एक सेतु से लोग चढ़ सकेंगे और दूसरे सेतु से उतर सकेंगे। अगल-बगल बने प्रत्येक सेतु की लंबाई 212 मीटर रखी गई है। इन सेतु के बन जाने से मलिहाबाद के अटारी गांव में बन रहे प्रधानमंत्री टेक्सटाइल पार्क तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। वर्तमान में लोगों को अटारी तक पहुंचने के लिए जेहटा गांव का रास्ता अपनाना पड़ता है। पुल से नौ किमी. दूरी पर है पीएम टेक्सटाइल पार्क रैथा सेतु से पीएम टेक्सटाइल पार्क मात्र नौ किमी. की दूरी पर है। उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम इस प्रोजेक्ट पर करीब 44.11 करोड़ खर्च करके इसे बनाया है। सेतु निगम के अभियंता बताते हैं कि पीएम टेक्स्टाइल पार्क बनने की घोषणा हाेने के चंद सप्ताह में ही इस सेतु का खाका तैयार कर लिया गया था। यह सेतु रैथा गांव से उठेगा और कोलवा गांव में उतरेगा।  

हिंदूवादी नेताओं की हत्या और घरों पर ग्रेनेड हमले की साजिश रचने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ पाकिस्तानी अपराधी शहजाद भट्टी और आईएसआई के संपर्क में रहने वाले संदिग्ध आतंकी भारत में बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले थे। इन्होंने पांच हिंदूवादी नेताओं की गला रेतकर हत्या करने की साजिश रची थी। इन नेताओं के घरों पर ग्रेनेड से हमला करने की भी तैयारी में थे। एटीएस की जांच में इसका खुलासा हुआ है। अब एटीएस शुक्रवार से आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर और गहनता से पूछताछ करेगी। एटीएस ने 23 अप्रैल को नोएडा से बागपत के तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह अली खान व एटा के समीर को गिरफ्तार किया था। वर्तमान में तुषार मेरठ और समीर दिल्ली में रह रहा था। ये दोनों पाकिस्तानी अपराधी शजहाद भट्टी और आईएसआई एजेंट मेजर हमीद, मेजर इकबाल, मेजर अनवर, मोहम्मद हमाद बरकाती व आबिद जट के संपर्क में थे। उनके इशारे पर भारत में आतंकी वारदातों को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे। एटीएस की जांच में सामने आया कि आरोपियों को शहजाद भट्टी ने हिंदूवादी नेता दक्ष चौधरी, अभिषेक ठाकुर, पिंकी चौधरी, युद्धि राणा और गौरव राजपूत की हत्या करने का टास्क दिया था। ये टास्क शहजाद ने आबिद जट के माध्यम से दिया था। ये भी कहा गया था कि इन सभी के घरों पर ग्रेनेड भी फेंकने हैं जिससे दहशत फैल सके। तीन लाख में करनी थीं पांच हत्याएं पाकिस्तानी हैंडलर्स ने तुषार और समीर को इन सभी की हत्या करने के लिए तीन लाख रुपये देने का वादा किया था। साथ ही उन्होंने दोनों को आश्वासन दिया था कि पासपोर्ट बनवाकर दुबई भेजा जाएगा। वहीं पर सेटल कर दिया जाएगा जिससे भारत की जांच एजेंसी उन तक नहीं पहुंच पाएंगी। एक्स मुस्लिमों को कॉन्फ्रेंस कॉल पर दी थी धमकी एटीएस की जांच में पता चला कि तुषार और समीर ने एक्स मुस्लिम इमरोज आलम, अंजली आर्या, समीर व सलीम वास्तिक को व्हाट्सएप व अन्य सोशल मीडिया के जरिये कॉल की थी। कॉल में कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये शहजाद भट्टी भी जुड़ा था। उसने इन सभी को धमकी दी थी। इससे संबंधित कॉल रिकॉर्डिंग भी मिली हैं। छह दिन की मिली कस्टडी रिमांड आतंकी साजिश की तह तक पहुंचने के लिए एटीएस ने आरोपियों की रिमांड मांगी थी। एनआईए की विशेष अदालत में अर्जी दी थी। बृहस्पतिवार को अर्जी पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश नीतू पाठक ने आरोपियों की छह दिन की कस्टडी रिमांड मंजूर की।  

यूपी सरकार की पहल: श्रमिक कल्याण योजनाओं का लोकार्पण और मुफ्त राशन उपलब्ध

लखनऊ राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को श्रमवीर गौरव समारोह 2026 का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक कल्याण की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। इस मौके पर सीएम ने श्रमिकों को प्रमाणपत्र और टूल किट देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित हुआ। इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि अटल आवासीय छात्रों को मेरिट सूची में स्थान हासिल करने पर बधाई। प्रधानाचार्यों को भी शुभकामनाएं। हमारा श्रमिक किसी भी मौसम में काम करता है। वह न रुकता है, न थकता है, न डिगता है। आपके पसीने की बूंद से धरती माता सोना उगलता है। जो श्रमिक दूसरे के घरों में इज्जत घर बनाते थे, उनकी इज्जत सड़कों पर दिखती थी। जो दूसरे के लिए अन्न उपजाते थे, उनके बच्चे खाने को परेशान थे। जो बड़े बड़े अस्पताल बनाते थे, उन्हें ही इलाज नहीं मिलता था। आज ऐसा नहीं है। श्रमिक भी सरकारी एजेंडे का हिस्सा बन सकता है, ये तभी संभव है जब संवेदनशील सरकार बनती है। आज भी फ्री में राशन उपलब्ध कराया जा रहा सीएम ने आगे कहा कि कोरोना कालखंड में सारे विपक्षी रातनेता रजाई तानकर घरों में छिप गए थे। उस समय केवल और केवल डबल इंजन सरकार थी। हम लोगों ने एक साथ 14 हजार बसें भेजीं। हमने कहा यहां पर कहीं का भी श्रमिक आए सबको फ्री में रहना और खाना देंगे। आज कोरोना के बाद भी सबको फ्री में राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। पीएम मोदी ने श्रमिकों के लिए सामाजिक गारंटी की व्यवस्था की। उन्होंने कहा कि यूपी में श्रम एवं सेवायोजन मंत्रालय द्वारा बेहतर काम किया गया। आज गोरखपुर में 200 श्रमिकों के बेटियों की शादी खुद मंत्री उपस्थित रहकर उनकी आवभगत करेंगे। विधायक के घर की शादी में जाएं या न जाएं, लेकिन श्रमिकों की बेटियों की शादी में मंत्री खुद जा रहे हैं। आज यूपी के लोगों को यूपी के अंदर ही काम मिल रहा है। 9 वर्षों में 18 हजार से अधिक नए उद्योग लगे। 65 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। आज यूपी भारत का ग्रोथ इंजन बनकर खड़ा है। काम के बदले दाम देना पड़ेगा सीएम ने कहा कि पहले लोग काम करा लेते थे, पैसे देने के समय टरका देते थे। लेकिन, हमने कहा कि काम कराओगे तो काम के बदले दाम देना पड़ेगा। यदि कोई दाम देने में हीलाहवाली करेगा तो उसका इलाज सरकार करेगी। 80 लाख के आसपास लोगों को पांच लाख तक के निशुल्क इलाज की व्यवस्था की है। हमने अभी उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों का कुछ मानदेय बढ़ाया है। दुर्घटना में मृतक श्रमिकों के लिए पांच लाख का बीमा कवर देने जा रहे हैं। सबकी इज्जत की पूरी ठेकेदारी सरकार की- ब्रजेश पाठक डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज प्रदेश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने देशी अंदाज में लोगों से संवाद किया। कहा कि आज पहिले से अच्छी व्यवस्था है कि नहीं। काम करै के बाद जौन गारी गुप्ता करत रहे, आज उईं डेरात हैं कि नहीं? तुम्हार इज्जत की पूरी ठेकेदारी सरकार की है। कौनो दिक्कत होए तो हमका लिख भेजेएव। पीएम मोदी ने श्रमिकों के पैर धोकर सम्मानित किया डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पहली बार 2019 के अर्द्ध कुंभ में पीएम मोदी ने खुद जमीन पर बैठकर श्रमिकों को कुर्सी पर बैठाकर उनके पैर धोकर सम्मानित किया। यह दृश्य हृदय को द्रवित करने वाला था। इसी तरह काशी विश्वनाथ धाम के शुभारंभ में पीएम मोदी ने गंगा स्नान करके सबसे पहले श्रमिकों का सम्मान किया। आप सबका बेहतर करना ही डबल इंजन की सरकार का प्रयास है। इस मौके पर मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि भाजपा सरकार ने श्रमिकों की जीवन बदला है। ये बात दुनिया में चर्चा का विषय है। सरकार का सपना है कि आज मजदूर का बेटा मजदूर ही नहीं बनेगा। मजदूर का बेटा डॉक्टर बनेगा, इंजीनियर बनेगा, अधिकारी बनेगा। अटल आवासीय विद्यालय में बच्चे बेहतर शिक्षा ले रहे हैं। प्रदेश के श्रमिकों को बाहर न जाना पड़े, यहीं पर उन्हें काम मिले ये प्रयास जारी है।  

गीडा के उद्यमियों ने उठाए बिजली, मेंटेनेंस शुल्क और सीईटीपी मुद्दे; तत्काल निस्तारण का आदेश

 गोरखपुर मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक में गीडा औद्योगिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में गड़बड़ी का मामला छाया रहा।उद्यमियों के द्वारा ट्रिपिंग, कटौती और बिजली संबंधी समस्याओं के दूर करने में विभाग की लापरवाही संबंधी मामला उठाने पर कमिश्नर ने सख्त रूख अपनाया। उन्होंने मुख्य अभियंता को तत्काल प्रभाव से एक्सईएन से नोडल की जिम्मेदारी हटाने और एसडीओ की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्योगों की स्थापना एवं संचालन में आने वाली बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए तथा निवेशकों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए। गुरुवार को कमिश्नर अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में हुई मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक आयोजित हुई। बैठक में चैंबर आफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आरएन सिंह ने कहा कि गीडा के उद्यमी लंबे समय से बिजली संकट झेल रहे हैं। इस दौरान अन्य उद्यमियों ने बताया कि गीडा में तैनात एक्सईएन के पास नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी भी है, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा। एक्सईएन से संपर्क करने पर अक्सर वह शहर से बाहर या बैठक में होने की बात कहते हैं, जिससे समस्याओं का समाधान लंबित रहता है। इस पर डीएम दीपक मीणा ने भी एक्सईएन से नोडल प्रभार हटाने की जरूरत बताई, जिसे स्वीकार करते हुए विभाग ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस पर कमिश्नर के तत्काल प्रभाव से एक्सईएन से नोडल की जिम्मेदारी हटाने और एसडीओ की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्य अभियंता ने मौके पर ही इस आदेश का पालन करने का भरोसा दिया। एलपीजी टैंकर का मामला सुलझा, मेंटेनेंस शुल्क व सीईटीपी अटका बैठक में उद्यमियों ने गीडा क्षेत्र में सड़कों पर अवैध रूप से खड़े एलपीजी टैंकरों का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। इसे गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर ने एसपी ट्रैफिक और आरटीओ को संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण करने और नियमों के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उद्योगों की स्थापना और संचालन में आ रही बाधाओं को लेकर भी चर्चा हुई। कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निवेशकों को अनुकूल माहौल देने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। हालांकि, गीडा क्षेत्र में उद्यमियों की समस्याएं लगातार उठने के बावजूद समाधान नहीं निकल पा रहा है। मेंटेनेंस शुल्क का मुद्दा लगातार तीन बैठकों से लंबित है। उद्यमियों का कहना है कि गीडा एक्ट के अनुसार लैंड कास्ट का एक प्रतिशत से अधिक शुल्क नहीं लिया जा सकता, जबकि प्रशासन हर वर्ष करीब 13 प्रतिशत वसूल रहा है। इसके बावजूद इस बार भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। वहीं, कामन इफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) का मामला करीब 12 बैठकों से एजेंडे में होने के बावजूद अधर में है। इसके संचालन को लेकर स्पष्ट नीति नहीं बन सकी है। निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश बैठक में निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित स्वीकृतियों, अनापत्तियों और अनुमोदनों की समीक्षा भी की गई। कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का शत-प्रतिशत निस्तारण तय समय सीमा के भीतर प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इस दौरान सांख्यिकी विभाग से जुड़े मामलों में भी बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा, सीईओ गीडा अनुज मलिक, उद्यमी प्रवीण मोदी, भोला जायसवाल, अशोक साव, उमेश छापड़िया समेत कई अधिकारी और उद्यमी मौजूद रहे। कमिश्नर सभागार में हो गई उद्योग बंधु की बैठक बुधवार को विकास भवन स्थित सभागार में शाम पांच बजे से जिला उद्योग बंधु की बैठक आयोजित होनी थी। जबकि चार बजे से मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक। मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक में सभी अधिकारी व उद्यमी भी मौजूद रहे। इस दौरान डीएम ने मौके पर उद्यमियों से उनकी परेशानियों और मुद्दों पर चर्चा की। वहां भी बिजली के अलावा कुछ मामले उठाए गए। डीएम ने सभी मामलों पर बातचीत कर उनके तत्काल निस्तारण का भरोसा दिया।  

डॉ. बी.आर. आंबेडकर मूर्ति विकास योजना: पार्कों में नई छत्र, बाउंड्री और रोशनी का प्रावधान

फिरोजाबाद  यूपी के फिरोजाबाद सुहागनगरी में कहीं पर बगैर छतरी के आंबेडकर की प्रतिमा है तो कहीं पर पार्क की बाउंड्रीवॉल टूटी पड़ी है, लेकिन अब इनकी दशा बदलेगी। फिरोजाबाद के करीब 50 पार्कों के दिन बदलने वाले हैं। यूपी सरकार का ध्यान अब आंबेडकर पार्क की तरफ गया है तथा डॉ.बीआर आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के तहत इन पार्कों के सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए हैं। यूपी सरकार के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह ने सभी मंडलायुक्त को पत्र भेजा है जो जिला स्तर पर भी पहुंच गया है। पत्र में कहा है कि समाज सुधारकों एवं सांस्कृतिक विभूतियों की मूर्तियां राष्ट्री की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक विरासत है। वर्तमान में कई प्रतिमाएं स्थापित हैं, लेकिन कहीं पर छत्र नहीं है तो कहीं पर बाउंड्री। मौसम की मार के साथ अतिक्रमण भी होता है। प्रतिमाओं की गरिमा भी प्रभावित होती है। इसे देखते हुए डॉ.बीआर आंबेडकर मूर्ति विकास योजना को लागू किया है। इसके तहत इनका सौंदर्यीकरण किया जाएगा। जिले स्तर पर भी इसके तहत कार्य किया जाएगा। इसके साथ में लोगों में जनजागरूकता फैलाई जाएगी, ताकि लोगों में सामाजिक न्याय के ध्वज वाहक डॉ.आंबेडकर एवं महान विभूतियों के प्रति सम्मान की भावना विकसित हो सके। कहीं मूर्ति हुई जीर्ण-शीर्ण तो लगाएंगे नई मूर्ति योजना के तहत निर्देश दिए हैं कि अगर कहीं पर पुरानी लगी हुई मूर्ति जीर्ण शीर्ण हो गईहै तो उसके स्थान पर नई मूर्ति भी लगाई जा सकती है। हर विधानसभा में दस-दस पार्क, मिलेंगे एक करोड़ योजना के तहत हर विधानसभा में दस-दस आंबेडकर पार्क का चयन किया जाएगा। एक पार्क के सौंदर्यीकरण पर करीब दस लाख रुपये खर्च आने का अनुमान है। हालांकि जिले को अभी तक बजट करीब एक करोड़ रुपये की ही स्वीकृति हुई है। बीते दिनों विभागीय बैठक में मंत्री ने इस संबंध में निर्देश दिए। इस स्थिति में जिला प्रशासन अपने स्तर से परीक्षण करेगा कि किस पार्क में कितनी धनराशि खर्च हो। स्थल निरीक्षण के बाद होगा चयन इसके लिए पहले आवेदन मांगे जाएंगे। इसके बाद में अधिकारी पार्क में पहुंच कर स्थिति का जायजा लेंगे। स्थलीय निरीक्षण के बाद आने वाले आवेदनों में विकास संबंधी आगणन डीएम द्वारा चिन्हित कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किया जाएगा। जिसकी मांग शासन को भेजी जाएगी। यह होंगे कार्य ● टिकाऊ एवं मौसम प्रतिरोधी छत्र का निर्माण। ● अनाधिकृत प्रवेश रोकने के लिए पांच फीट ऊंची बॉउंड्रीवाल, रेलिंग या फेसिंग। ● हरित क्षेत्र का निर्माण। ● मूर्ति के प्लेटफॉर्म का निर्माण। ● बेंच एवं पाथ वे की व्यवस्था। ● रात्रि में प्रकाश की व्यवस्था। ● मूर्ति के नाम एवं इतिहास को संक्षिप्त रूप से प्रदर्शिता करता हुआ बोर्ड। लेखक के बारे में

शोरूम में पुलिसवाले की हरकत: महिलाओं के अंडरगारमेंट्स को छूने का मामला सामने आया

लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से एक वायरल वीडियो ने पुलिस विभाग को कठघरे में खड़ा कर दिया है. सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इस वीडियो में पढ़ुआ थाने में तैनात एक हेड कांस्टेबल शॉपिंग मॉल के अंदर महिलाओं के अंडरगारमेंट्स सेक्शन में आपत्तिजनक हरकत करते नजर आ रहा है. वीडियो सामने आते ही लोगों में नाराजगी फैल गई और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे।  बताया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहा पुलिसकर्मी हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार वर्मा है, जो मॉल में टंगे महिलाओं के अंडरगार्मेंट्स को छूते हुए मुस्कुराता नजर आ रहा है. शुरुआती तौर पर पुलिस विभाग ने सफाई दी कि संबंधित कर्मचारी अपने परिवार के साथ खरीदारी के लिए मॉल गया था, लेकिन जैसे-जैसे वीडियो वायरल हुआ, मामला गंभीर होता चला गया।  जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया. पुलिस को पता चला कि 27 अप्रैल 2026 को होमगार्ड भर्ती परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात पढ़ुआ थाने के पांच पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी छोड़कर मॉल में घूमने चले गए थे. इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता माना गया।  इस मामले में जिले की पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग ने कड़ा रुख अपनाते हुए पांचों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया. निलंबित किए गए कर्मियों में हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार वर्मा, हेड कांस्टेबल राशीद चौधरी, कांस्टेबल विक्रांत चौधरी, कांस्टेबल रचित राजपूत और कांस्टेबल लोकेश पांडे शामिल हैं. पुलिस मीडिया सेल द्वारा इस कार्रवाई की जानकारी आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से साझा की गई।  हालांकि, इस पूरे मामले पर पुलिस अधिकारियों ने मीडिया के सामने कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है. सिर्फ निलंबन की सूचना जारी कर विभाग ने अपनी कार्रवाई का संकेत दिया है. इस घटना ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी और आचरण को लेकर बहस छेड़ दी है। 

चिलुआताल में हंगामा, अपहरण केस के बाद फिर प्रेमी से मिलने पर अड़ी किशोरी

गोरखपुर गोरखपुर के चिलुआताल थाना क्षेत्र के एक गांव में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक किशोरी प्रेमी के घर जाने की जिद में हाईटेंशन पोल पर चढ़ गई। घटना की सूचना फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिसवालों ने किसी तरह से समझा-बुझाकर ढाई घंटे बाद उसे नीचे उतारवाया। इससे पहले किशोरी की मां ने युवक पर अपहरण का केस दर्ज कराया था, जिसमें पुलिस ने बेटी को बरामद कर आरोपी युवक को जेल भेज दिया था। अब किशोरी फिर उसी के साथ जाना चाहती है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार को किशोरी चिलुआताल इलाके में स्थित हाईटेंशन बिजली पोल पर चढ़ गई। देखते ही देखते आसपास के ग्रामीणों की भीड़ लग गई। पुलिस ने किशोरी को समझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन वह जिद पर अड़ी रही। इससे पहले इलाके के एक गांव की रहने वाली महिला ने 26 मार्च 2026 को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि बालापार निवासी शिवम उर्फ गणेश उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए किशोरी को बरामद कर परिजनों को सौंप दिया था, जबकि आरोपी को जेल भेज दिया गया था। गुरुवार को किशोरी दोबारा प्रेमी के पास जाने की जिद पर अड़ गई और हाईटेंशन पोल पर चढ़ गई। पुलिस ने काफी देर तक उसे फोन के माध्यम से समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे आश्वासन दिया, जिसके बाद वह नीचे उतरने को तैयार हुई। पुलिस किशोरी को थाने ले गई, जहां समझाने-बुझाने के बाद उसे उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया। दुष्कर्म के आरोपी प्रेमी को जेल, 24 घंटे में चार्जशीट पीपीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में 15 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी प्रेमी विपिन विश्वकर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को पुलिस ने गुरुवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया। उधर, पुलिस ने पीड़िता का कोर्ट में बयान दर्ज कराने के साथ ही मेडिकल परीक्षण भी करा दिया है। इस प्रकरण में 24 घंटे में ही पुलिस ने चार्जशीट भी लगा दी। घटना 28 अप्रैल की है। किशोरी के परिजन एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। घर पर केवल महिलाएं थीं, जो विवाह समारोह में व्यस्त थीं। इसी दौरान कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम गजरहिया निवासी विपिन विश्वकर्मा ने किशोरी को बहला फुसलाकर गांव में स्थित अपने मामा के घर ले जाकर कमरे में बंद कर दुष्कर्म किया। किशोरी इसके बाद घर चली गई और बुधवार को इसकी भनक भाई को लग गई। वह किशोरी को लेकर थाने पहुंच गया और सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया। लेकिन बाद में किशोरी की मां थाने पहुंच गई और प्रेमी विपिन विश्वकर्मा पर आरोप लगाते हुए तहरीर दी। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया था। एसओ अरुण कुमार सिंह के मुताबिक, आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया गया। किशोरी का मेडिकल परीक्षण व मजिस्ट्रेट बयान दर्ज कराकर चार्जशीट लगा दिया गया। एसपी नार्थ, ज्ञानेंद्र ने कहा कि पुलिस महिला अपराध के प्रति संवेदनशील है। किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को जेल भिजवाने के साथ ही 24 घंटे में चार्जशीट लगा दी गई। पुलिस सजा दिलाने के लिए कोर्ट में भी मजबूत पैरवी करेगी।

रामनगरी में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा, वाल्मीकि आश्रम सहित प्रमुख स्थलों का विकास

अयोध्या  रामनगरी अयोध्या और आसपास के जिलों में धार्मिक पर्यटन को एक नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। रामायणकालीन विरासत को संरक्षित करते हुए सरकार अब ऐसे व्यापक धार्मिक पर्यटन सर्किट पर काम कर रही है, जिसमें 41 पौराणिक तीर्थ स्थलों को एक साथ जोड़ा जाएगा। इस योजना का उद्देश्य न केवल श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को अधिक सुविधाजनक और अनुभवात्मक बनाना है, बल्कि लंबे समय से उपेक्षित प्राचीन स्थलों को पुनर्जीवित कर उन्हें पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाना भी है। यह सर्किट अयोध्या के साथ गोंडा, बस्ती और अंबेडकरनगर के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को आपस में जोड़ते हुए एक संगठित आध्यात्मिक मार्ग तैयार करेगा। रामायणकालीन विरासत को मिलेगा नया स्वरूप 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित इन 41 पौराणिक स्थलों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण की दिशा में काम शुरू हो गया है। सरकार की मंशा है कि श्रद्धालु केवल राम मंदिर तक सीमित न रहकर पूरे रामायणकालीन भूगोल का अनुभव करें और उन स्थलों से भी जुड़ें जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित विकास से वंचित रहे हैं। 41 तीर्थ स्थलों का होगा व्यापक विकास और सौंदर्यीकरण परियोजना के तहत इन सभी स्थलों पर आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कुंडों और पवित्र स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा, साथ ही श्रद्धालुओं के लिए शेड, पेयजल व्यवस्था, चेंजिंग रूम, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और सड़क संपर्क जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य तीर्थ यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुव्यवस्थित बनाना है। रामायण से जुड़े प्रमुख स्थलों को किया गया शामिल इस धार्मिक पर्यटन सर्किट में वाल्मीकि आश्रम, अंगी ऋषि आश्रम, विभीषण कुंड, सुग्रीव कुंड, राम कुंड, सीता कुंड, भरत कुंड, नंदीग्राम, तमसा नदी, श्रवण क्षेत्र और पाराशर आश्रम जैसे प्रमुख स्थल शामिल किए गए हैं। ये सभी स्थान रामायण काल की कथाओं और परंपराओं से गहराई से जुड़े हुए हैं और इनका ऐतिहासिक महत्व अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आधार यह परियोजना केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, छोटे व्यापारों को प्रोत्साहन मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। होटल, परिवहन और स्थानीय हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। श्रद्धालुओं के लिए समग्र आध्यात्मिक अनुभव की तैयारी सरकार का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को एक ही यात्रा में संपूर्ण रामायणकालीन विरासत का अनुभव मिल सके। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं को वैश्विक स्तर पर भी नई पहचान मिलेगी।  

मध्यम और निम्न आय वर्ग को राहत, 8 लाख रुपये से शुरू होंगे फ्लैट

लखनऊ  राजधानी लखनऊ में किफायती आवास की बढ़ती मांग को देखते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण ने मध्यम और अल्प आय वर्ग के लिए बड़ी योजना तैयार की है। इसके तहत शहर के पांच प्रमुख स्थानों पर एलआईजी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 3000 से अधिक फ्लैट बनाए जाएंगे। अधिकारियों ने इन सभी स्थानों का निरीक्षण कर जमीन को अंतिम रूप दे दिया है। अब परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इन मकानों की शुरुआती कीमत 8 लाख रुपये होगी। 30 लाख रुपये की कीमत तक के फ्लैट बनाए जाएंगे। इससे मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। आवासीय संकट से मिलेगी राहत: शहर में लगातार बढ़ती आबादी और महंगे रियल एस्टेट के कारण मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए घर खरीदना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में एलडीए की यह आवासीय योजना लोगों की पहुंच में होगी। खास बात यह है कि परियोजना को ऐसी लोकेशन पर विकसित किया जा रहा है जहां बुनियादी सुविधाएं पहले से मौजूद हैं या आसानी से विकसित की जा सकती हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण की इस योजना का उद्देश्य ऐसे लोगों को राहत देना है जो सीमित आय के चलते महंगे फ्लैट खरीदने में सक्षम नहीं हैं। इन पांच स्थानों पर बनेंगे आवास 1-अनंत नगर योजना, मोहन रोड में मध्यम वर्ग के लिए आवासीय फ्लैट बनाए जाएंगे। स्थल चयन पूरा हो चुका है और निर्माण के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। 2-सीतापुर रोड शिया डिग्री कॉलेज के सामने खाली पड़ी जमीन पर भी मध्यम वर्ग के लिए फ्लैट बनाने की मंजूरी मिली। 3-वसंत कुंज योजना, सेक्टर-एच यहां भी मध्यम आय वर्ग के लिए बहुमंजिला फ्लैट बनेंगे। 4-शारदा नगर विस्तार में एलआईजी और ईडब्ल्यूएस दोनों श्रेणियों के लिए मकान बनाए जाएंगे, जिससे कमजोर वर्ग के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। 5-ऐशबाग में मदरसे के पीछे की जमीन पर भी मध्यम वर्ग के लिए एलआईजी फ्लैट बनेंगे। एलडीए इसे पहली ही मंजूरी दे चुका है। तीन योजनाओं में उपकेंद्र शहर के विस्तार के साथ एलडीए ने बिजली ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण अपनी तीन प्रमुख योजनाओं आईटी सिटी, वरुण विहार और नैमिष नगर में बड़े बिजली उपकेंद्र (सब स्टेशन) बनाने जा रहा है। इनमें सबसे बड़ा उपकेंद्र आईटी सिटी में स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए 53 एकड़ जमीन चिन्हित की जा चुकी है। ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ने जमीन को दी मंजूरी: एलडीए के प्रस्ताव पर उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड की मंडलीय भूमि चयन समिति ने 3 अप्रैल 2026 को आईटी सिटी क्षेत्र का निरीक्षण किया। जांच के बाद जमीन को उपयुक्त माना। अब एलडीए जल्द ही यह भूमि कॉरपोरेशन को हस्तांतरित करेगा, ताकि निर्माण शुरू हो सके। नैमिष नगर व वरुण विहार भी योजना में: नैमिष नगर में भी 9 अप्रैल 2026 को स्थलीय निरीक्षण किया गया, जहां चयन समिति ने जमीन को उपयुक्त पाया। यहां भी जल्द जमीन ट्रांसफर की जाएगी। तीसरा उपकेंद्र आगरा रोड स्थित वरुण विहार योजना में प्रस्तावित है, जो बिजली आपूर्ति को मजबूत करेगा। बिजली व्यवस्था में आएगा बड़ा सुधार एलडीए के अनुसार, इन मेगा उपकेंद्रों के बनने से क्षेत्र में बिजली की उपलब्धता व गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा। बढ़ती आबादी और औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इन्हें अगले 50 वर्ष के लोड को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, जिससे शहर और ग्रामीण क्षेत्र दोनों को समान रूप से लाभ मिल सके। पहली बार इन योजना के प्रभावित गांवों को भी फायदा इस बार की योजना में खास बदलाव है। पहले एलडीए की कॉलोनियों में 24 घंटे बिजली मिलती थी, जबकि आसपास के गांवों को अलग लाइन से सीमित सप्लाई मिलती थी। पर अब बनने वाले उपकेंद्रों से न सिर्फ प्राधिकरण की कॉलोनियों बल्कि उन गांवों को भी सीधे बिजली मिलेगी, जिनकी जमीन अधिग्रहित कर योजनाएं विकसित की जा रही हैं। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण किया गया है। कुछ जगहों पर जमीन को अंतिम रूप दे दिया गया है। अब डीपीआर तैयार होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जल्द ही निर्माण शुरू होगा। एलडीए हजारों परिवारों का सस्ते व अपने घर का सपना साकार करेगा।

अब 18 से 40 वर्ष तक के युवाओं को मिलेगा लाभ, 10 लाख रुपये तक लोन की तैयारी

लखनऊ  यूपी की योगी सरकार जल्द ही युवाओं को बड़ी सौगात देने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना की सफलता को देखते हुए जल्द इसका विस्तार होगा। युवा उद्यमियों के लिए अच्छी खबर यह है कि आवेदन पात्रता की आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दिए जाने की तैयारी है। इसका प्रस्ताव तैयार हो गया है। अब तक 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के 1.68 लाख युवा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक बिना बैंक गारंटी के ब्याज मुक्त लोन हासिल कर चुके हैं। अब न्यूनतम आयु सीमा को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष किया जाएगा जबकि अधिकतम आयु सीमा 40 ही रहेगी। इसके साथ ही पांच लाख को डबल कर 10 लाख करने की भी तैयारी है। सीमा युवा उद्यमी योजना के तहत युवा सर्विस व मैनुफैक्चरिंग सेक्टर से लेकर इनोवेटिव बिजनेस में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। योजना के तहत पांच लाख रुपये तक लिए गए लोन को चार वर्ष में चुकाने के बाद दूसरे चरण में साढ़े सात लाख रुपये तक ब्याज मुक्त लोन प्रदान किए जाने की व्यवस्था है। ताकि भविष्य में पहले चरण को पूरा करने के उपरांत युवा उद्यमी अपने कारोबार को और आगे बढ़ाने के लिए बड़ी राशि हासिल कर सकें। इसके चलते राशि को दोगुना किए जाने का भी प्रस्ताव है यानी पांच लाख के स्थान पर युवा 10 लाख रुपये तक और साढ़े सात लाख रुपये के स्थान पर 15 लाख रुपये तक लोन हासिल कर सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर युवा उद्यमी योजना की शुरुआत 24 जनवरी 2024 को यूपी दिवस के अवसर पर हुई थी। शुरुआत में इस योजना के तहत डेढ़ लाख युवाओं को विभिन्न बैंकों के माध्यम से बिना गारंटी के ब्याज मुक्त लोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। आंकड़ों की नजर में योजना कुल आवेदन – 530487 – परियोजना लागत – 24964.7 करोड़ रुपये बैंक से स्वीकृत आवेदन – 180756 – परियोजना लागत – 6142.97 करोड़ रुपये बैंक द्वारा वितरित – 168516 – परियोजना लागत – 5913.15 करोड़ रुपये महिलाओं की 28 प्रतिशत भागीदारी योजना के तहत अब तक कुल लोन हासिल करने वालों में 28 प्रतिशत महिलाएं और 72 प्रतिशत पुरुष हैं। ओबीसी युवाओं की भागीदारी 50 फीसदी लोन हासिल करने वालों में सर्वाधिक 49.9 लाभार्थी ओबीसी वर्ग के हैं। इनके अलावा 34.3 प्रतिशत सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति के 15.5 और अनुसूचित जनजाति के 0.3 प्रतिशत युवाओं ने लोन लिया है। किस क्षेत्र में कितना लोन सर्विस सेक्टर – 62 प्रतिशत मैनुफैक्चरिंग सेक्टर 38 प्रतिशत