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उत्तर प्रदेश में संपत्ति रजिस्ट्री प्रक्रिया बदली, रिश्तों के प्रमाण के लिए अब अलग दस्तावेज जरूरी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में जमीन की रजिस्ट्री वगैरह में आधार कार्ड को सिर्फ पहचान और पते का दस्तावेज माना जाएगा। उस पर दर्ज माता-पिता, पति-पत्नी या अन्य संबंधों की जानकारी को रिश्ते का प्रमाण नहीं माना जाएगा। यूपी में संपत्तियों की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब रजिस्ट्री कार्यालयों में आधार कार्ड को केवल पहचान और पते के प्रमाण के रूप में ही स्वीकार किया जाएगा। आधार कार्ड पर लिखी माता-पिता, पति-पत्नी या अन्य पारिवारिक संबंधों की जानकारी को कानूनी रूप से रिश्ते का प्रमाण नहीं माना जाएगा। इस संबंध में महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने सभी रजिस्ट्री कार्यालयों के लिए नया आदेश जारी कर दिया है। रिश्ते साबित करने के लिए दूसरे कागज देने होंगे। आदेश के अनुसार, जहां भी किसी आवेदन, योजना और विलेख में पारिवारिक संबंध का सत्यापन आवश्यक होगा, वहां आवेदकों को वैध सरकारी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। रिश्ते की पुष्टि के लिए जन्म प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, उत्तराधिकारी संबंधी अभिलेख या सरकार द्वारा मान्य अन्य दस्तावेज ही स्वीकार किए जाएंगे। अब तक कई मामलों में संपत्ति की रजिस्ट्री के दौरान लोग आधार कार्ड पर दर्ज पारिवारिक जानकारी के आधार पर रिश्तों का सत्यापन करवा लेते थे। खास तौर पर विरासत, उत्तराधिकार या पारिवारिक संपत्ति के हस्तांतरण के मामलों में आधार कार्ड का उपयोग किया जाता था। आगे से आधार कार्ड दिखाकर ऐसा करना बंद हो जाएगा। आधार कार्ड सिर्फ पहचान और पते का दस्तावेज महानिरीक्षक निबंधन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि आधार कार्ड केवल किसी व्यक्ति की पहचान और पते का प्रमाण है, न कि पारिवारिक संबंधों का। इसी स्पष्टीकरण के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। रजिस्ट्री से पहले तैयार कराने होंगे दस्तावेज नए नियम के लागू होने के बाद संपत्ति खरीदारों, विक्रेताओं और उत्तराधिकार से जुड़े मामलों में शामिल लोगों को रजिस्ट्री से पहले अपने संबंधों से जुड़े आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने होंगे। यदि किसी मामले में पारिवारिक संबंध साबित करना आवश्यक होगा, तो केवल आधार कार्ड पर्याप्त नहीं माना जाएगा। निबंधन विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से रजिस्ट्री प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और गलत दस्तावेजों या रिश्तों के आधार पर होने वाले विवादों पर भी अंकुश लगेगा। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि रजिस्ट्री कराने से पहले सभी आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता सुनिश्चित कर लें, ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए। अब फैमिली प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री में इन नियमों का पालन किया जाएगा।

UP Politics: ब्रजेश पाठक ने सपा-कांग्रेस से पूछा ‘बाबरी मस्जिद चंदे का हिसाब’, सियासत गरमाई

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि राम मंदिर चंदा मामले से जुड़ा विवाद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की एक साजिश का हिस्सा है. उन्होंने सवाल किया कि बाबरी मस्जिद के लिए इकट्ठा किए गए चंदे का क्या हुआ, इस पर किसी ने सवाल क्यों नहीं उठाया।  ब्रजेश पाठक ने कहा, 'बाबरी मस्जिद के लिए भी चंदा इकट्ठा किया गया था. कोई नहीं पूछ रहा है कि उस पैसे का क्या हुआ. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस सिर्फ तुष्टिकरण की राजनीति कर रही हैं और मुस्लिम वोटरों को लुभाने के लिए सनातन धर्म पर हमला कर रही हैं।  उनके ये बयान अयोध्या पुलिस द्वारा राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मामले में FIR दर्ज करने के एक दिन बाद आए हैं. यह FIR एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की सिफारिशों के आधार पर दर्ज की गई थी, जिसके बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।  विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि इस मामले में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों के नाम शामिल किए गए हैं, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों को बचाया जा रहा है।  विपक्ष के इस आरोप पर कि केवल जूनियर कर्मचारियों पर केस दर्ज किया गया है, पाठक ने कहा कि पुलिस निष्पक्ष जांच करेगी और BJP सरकार भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाती है।  न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, ब्रजेश पाठक ने कहा कि पत्रकारों को विपक्षी नेताओं से बाबरी मस्जिद के लिए इकट्ठा किए गए फंड के बारे में सवाल पूछना चाहिए और आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति कर रही हैं।  उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीमावर्ती जिलों में चल रहे अवैध मदरसों को टेरर फंडिंग मिल रही थी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ऐसे संस्थानों की जांच की, अवैध गतिविधियों को बंद कराया और जिम्मेदार लोगों को जेल भेजा। 

Ayodhya Ram Mandir Donation Row: ‘दूध का दूध, पानी का पानी होगा’, CM योगी ने SIT रिपोर्ट पर दिया बड़ा बयान

देवरिया पिछले कुछ दिनों से राम मंदिर चंदा चोरी का मामला सुर्खियों में है. कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और एसआईटी जांच जारी है. इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि रामभक्तों की अग्निपरीक्षा मत न ली जाए, अगर सबूत है, तो एसआईटो को सबूत दिया जाए. अयोध्या हमारी आस्था का प्रतीक है।  यूपी के देवरिया में जनता को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा, "एसआईटी की रिपोर्ट आते ही एक्शन लिया गया. दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा. आरोप लगाने वालों की मंशा ठीक नहीं है।  मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की कामयाबियों का जिक्र करते हुए कहा, "हमें इस बात को ध्यान रखना होगा, जितनी अच्छी कनेक्टिविटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर होगा, विकास उतनी ही तेज गति के साथ आगे बढ़ेगा. विकास के लिए चाहिए कि अच्छी रोड हो, रेल की बेहतरीन व्यवस्था हो, स्किल मेनपॉवर हो और जल संसाधन हो, तो दुनिया की ताकत बनने में देर नहीं लगेगी।  'जो खिलवाड़ करेगा…' सीएम योगी ने कहा, "जनआस्था के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं है. सनातन के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा उसका भुक्तभोगी होगा. किसी को छूट नहीं दी जा सकती. ये जो लोग आज आक्षेप कर रहे हैं, उठाने का कुंठित प्रयास कर रहे हैं, इनकी मंशा अच्छी नहीं है. ये वे लोग हैं, जो भगवान राम को नकार चुके थे. भगवान राम के अस्तित्व पर प्रश्न खड़ा कर चुके थे. एक पक्ष उसमें है, जो कहता था कि राम हुए ही नहीं, यानी अयोध्या को भी ये नकारना चाहते थे।  उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या के बारे में हमने कहा था SIT गठित की गई है. SIT की रिपोर्ट आने के साथ ही हमारी कारवाई भी शुरू हो जाएगी और आपने देखा होगा कि SIT की रिपोर्ट आयी, तुरंत कार्रवाई शुरू हो गई. जन आस्था के साथ जो खिलवाड़ करेगा, उसके साथ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई करेंगे।  'बड़ी-बड़ी चट्टानों को पलटने की ताकत… सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारे पास सब कुछ मौजूद है, दुनिया के अंदर सबसे युवा ताकत किसी के पास है, तो उत्तर प्रदेश के पास है. हमारी युवा शक्ति प्रतिभावान और ऊर्जावान है. हम बड़ी-बड़ी चट्टानों को पलटने की ताकत रखते हैं और यूपी के विकास के लिए कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का काम करते हैं।  उन्होंने आगे कहा कि हम युवाओं को रोजगार देने का काम कर रहे हैं, हमने 9 लाख नौजवानों को नौकरी दी है. सुरक्षा का बेहतरीन माहौल पैदा करते हुए, जीरो टॉलरेंस नीति लागू की गई है।  'सुरक्षा और विश्वास का वातावरण…' योगी आदित्यनाथ ने कहा, "प्रदेश को समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने माफियाग्रस्त बना दिया था. मुझे याद है 2016 में यहीं मदनपुर थाने में कैसे असलहे लूट ले गए थे और एक थाने को आग लगा दी गई थी. आज मुहर्रम है, कहीं किसी का पता नहीं है. कोई अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं कर सकता है. कोई सड़कों पर गुंडागर्दी नहीं कर सकता है. उत्सवपूर्ण माहौल में कोई उपद्रव नहीं कर सकता है, और अगर करेगा तो सात पीढ़ियों तक भुगतेगा. यह सुरक्षा और विश्वास का वातावरण बनाया है।  उन्होंने आगे कहा कि देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर में निवेश आ रहे हैं, उद्यम लग रहे हैं. हमारे नौजवानों को नौकरी मिल रही है, रोजगार मिल रहे हैं. युवा अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का लाभ अपने क्षेत्र को दे रहा है। 

विधानसभा चुनाव से पहले यूपी भाजपा में बड़ा फेरबदल, नई कार्यकारिणी में कई नए चेहरे शामिल

 लखनऊ  विधानसभा चुनाव से पहले कील कांटे दुरुस्त करने में जुटी भाजपा ने बड़े बदलावों के साथ प्रदेश इकाई घोषित कर दी है। चुनावी वर्ष को देखते हुए पिछली बार की तुलना में इस बार 64 सदस्यीय बड़ी टीम बनाई गई है। आठ महामंत्री, 19 उपाध्यक्ष, 19 मंत्री, छह क्षेत्रीय अध्यक्ष व छह मोर्चों के अध्यक्ष बनाए गए हैं। कई दिग्गजों सहित आधे पदाधिकारियों को संगठन से मुक्त कर नए चेहरों पर भरोसा किया गया है। जातीय समीकरणों का ध्यान देते हुए पिछड़े और अनुसूचित समाज को विशेष वरीयता दी गई है। छह में चार क्षेत्रीय अध्यक्ष ओबीसी समाज से हैं। महामंत्रियों की संख्या सात से बढ़ाकर आठ की गई है, वहीं 16 की जगह अब 19 उपाध्यक्ष होंगे। कई नए और चौंकाने वाले नाम शामिल किए गए हैं। पूर्व मंत्री सुरेश राणा और नवाब सिंह नागर को भी संगठन में बड़ा दायित्व दिया गया है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह की जगह नीरज सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाकर उन्हें राजनीतिक पारी शुरू करने का अवसर दिया गया। भाजपा ने इसमें क्षेत्रीय से ज्यादा जातीय संतुलन पर फोकस किया है। जातीय समीकरणों के पैमाने पर देखें तो 27 सामान्य चेहरों में 12 ब्राह्मण, सात क्षत्रिय, चार भूमिहार, दो वैश्य व एक-एक कायस्थ और त्यागी हैं। किस वर्ग को मिला कितना अवसर? समाज में सबसे बड़ा करीब 55 प्रतिशत समूह ओबीसी का माना जाता है, जिनको सबसे ज्यादा 29 पदों पर भागीदारी दी गई है। इसमें सर्वाधिक तीन जाट, दो-दो यादव, कुर्मी, पाल, गुर्जर व लोधी को स्थान दिया गया है। साथ ही एक-एक पद पर कुशवाहा, मौर्य, बिंद, शिवहरे, विश्वकर्मा, निषाद, गिरी, राजभर, सैंथवार, सैनी, चौरसिया, तेली, कलार व लोनिया चौहान को अवसर दिया गया है। अनुसूचित वर्ग में पासी को सबसे ज्यादा तीन पद दिए गए हैं, जबकि कोरी, वाल्मीकि, जाटव व एसटी के रूप में गोंड को भी अवसर दिया गया है। वहीं, 64 में 13 पदों पर महिलाओं को दायित्व दिया गया है, जो पार्टी के संकल्प 33 प्रतिशत की तुलना में कमतर प्रतिनिधित्व है। यूजीसी नियमों से उपजे आक्रोश से लेकर कई अन्य विषयों पर ब्राह्मणों में असंतोष उभरा था, जिसको साधने के लिए प्रदेश इकाई में उन्हें विशेष वरीयता दी गई है। अभिजात मिश्रा को जहां महामंत्री बनाया गया, वहीं बृज बहादुर, अर्चना मिश्रा, शंकर गिरी, अंकुर शर्मा, यतेंद्र शर्मा, रजनी पांडे के अलावा अवध के क्षेत्रीय अध्यक्ष के रूप में अवधेश द्विवेदी को अवसर दिया गया, वहीं कार्यालय मंत्री व सह मंत्री और अन्य भूमिकाओं में कई ब्राह्मणों को समायोजित किया गया। आठ से तीन महामंत्री अभिजात, उपेंद्र रावत व शंकर लोधी अवध क्षेत्र के हैं, जबकि पश्चिम क्षेत्र से कोई चेहरा महामंत्री नहीं बनाया गया। धार्मिक व राजनीतिक केंद्र के रूप में उभरे ब्रज क्षेत्र से रामप्रताप सिंह व राजेश चौधरी को महामंत्री बनाने के साथ ही सबसे ज्यादा नौ पदाधिकारियों को स्थान दिया गया है। पश्चिम क्षेत्र से दिग्गज क्षत्रिय चेहरा सुरेश राणा को हरियाणा व बंगाल चुनाव में बेहतर जिम्मेदारी निभाने का फायदा मिला और उनकी उपाध्यक्ष पद पर लंबे समय बाद वापसी हुई। दिल्ली आइआइटी से पढ़े लिखे और पश्चिम क्षेत्र के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल को युवा जाट नेता के रूप में दोबारा उपाध्यक्ष बनाया गया है। प्रदेश संगठन में लंबे समय तक पदाधिकारी व कई जिलों में चुनावी जमीन बनाने में भूमिका निभाने वाले मेरठ के जाट चेहरे देवेंद्र सिंह को किसान मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर बड़ा संदेश दिया गया है। सत्यपाल सैनी के रूप में पश्चिम में बड़े जातीय समूह में संदेश देने का प्रयास किया गया है। मथुरा में मांट के विधायक जाट चेहरा राजेश चौधरी को प्रदेश महामंत्री जैसा अहम पद दिया गया है। जाट समाज को गुर्जरों से ज्यादा प्रतिनिधित्व मिला। पिछली टीम में सुरेंद्र नागर के रूप में गुर्जर चेहरे को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया था, जिन्हें बाद में राष्ट्रीय मंत्री बना दिया गया। इस बार महामेधा नागर को मंत्री बनाया गया है। हालांकि, पश्चिम क्षेत्र की कमान नवाब सिंह नागर को देकर पार्टी ने बड़ा दांव चला है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र नीरज सिंह के मिलनसार व्यवहार व उनकी जमीनी पकड़ को देखते हुए पार्टी ने उन्हें उपाध्यक्ष बनाया है। पंकज चौधरी के अध्यक्ष बनने के छह माह बाद गठित हुई कार्यकारिणी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने दिसंबर में कार्यभार संभाला। तब से ही नई प्रदेश इकाई बनाने की चर्चा चल पड़ी, लेकिन संगठन छह माह बाद ही बन सका। प्रदेश इकाई में बड़े बदलाव किए गए हैं। प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल, सुभाष यदुवंश, अनूप गुप्ता, अमरपाल मौर्य, त्रियंबक त्रिपाठी, अंजुला महौर, विजय बहादुर पाठक, संतोष सिंह, कांता कर्दम, डा.चंद्रमोहन, सुनीता दयाल, सलिल विश्नोई, मीना चौबे समेत दर्जनभर नामों को स्थान नहीं मिला। रदेश उपाध्यक्ष के रूप में सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर, डा.धर्मेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, देवेश कोरी, प्रियंका रावत, दुर्विजय शाक्य, रमेश सिंह, नीरज सिंह, अर्चना मिश्रा, पूजा पाल, शंकर गिरी, कामेश्वर सिंह, डा.कृतिका अग्रवाल, सुरेश मौर्य, राजेश यादव, कृष्ण बिहारी राय और आलोक गुप्ता को अवसर दिया गया है। मंत्री पद के लिए विजय शिवहरे, बसंत त्यागी, शिवभूषण सिंह, सहजानंद राय, अंकुर शर्मा, अनिल यादव, अवधेश श्रीवास्तव, विजय राजभर, प्रमेन्द्र जांगड़ा, किरण लोधी निषाद, राकेश बिंद मंत्री, संचिता सिंह चौहान (लुनिया), रजनी पांडेय, राहुल वाल्मीकि, महामेधा नागर दीपमाला संतोषी, सुहासिनी जायसवाल, यतेंद्र शर्मा व आकांक्षा सोनकर के नाम पर मुहर लगी है। भारत दीक्षित कार्यालय मंत्री व अतुल अवस्थी व लक्ष्मण सिंह कार्यालय सह-मंत्री होंगे। दिनेश प्रताप सिंह मुख्य प्रवक्ता बनाए गए हैं, जबकि मनीष दीक्षित प्रदेश मीडिया संयोजक बने रहेंगे। हिमांशु राज पंडित को प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक बनाया गया है। सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्ष बदले कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल को पिछड़ा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। उनकी जगह क्षेत्रीय महामंत्री रहे रामकिशोर साहू को क्षेत्रीय अध्यक्ष की कमान दी गई। ब्रज के क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्गविजय शाक्य को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया, उनकी जगह बरेली के पूर्व जिलाध्यक्ष पूरण लाल लोधी क्षेत्रीय अध्यक्ष होंगे। पश्चिम के क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र शिशौदिया किसी इकाई में जगह नहीं बना सके। उनकी जगह गुर्जर चेहरा व दो बार प्रदेश सरकार में मंत्री रहे नवाब सिंह नागर क्षेत्रीय अध्यक्ष बने हैं। अवध के क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्र प्रदेश इकाई से लेकर … Read more

आउटसोर्स नौकरी का इंतजार बढ़ा, यूपी में अगस्त के बाद ही शुरू होंगी नई भर्तियां

लखनऊ  उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग कार्मिक के रूप में काम करने की राह देख रहे युवाओं को अगस्त के बाद ही कोई मौका मिलेगा आउटसोर्स सेवा निगम का पोर्टल तैयार करने के लिए उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम्स कारपोरेशन लि. (यूपीडेस्को) ने अगस्त तक का लिया है। पोर्टल तैयार हो जाने के बाद ही निगम आउटसोर्स के माध्यम से भर्तियां करेगा। पिछले वर्ष 20 सितंबर को आउटसोर्स सेवा निगम के गठन के लिए शासनादेश जारी किया गया था।जिसमें आउटसोर्सिंग की भर्तियों के लिए चार श्रेणिया बनाई गई हैं। श्रेणी एक के पदों के लिए 40 हजार रुपये, श्रेणी दो के पदों 25 हजार रुपये, श्रेणी तीन के पदों के लिए 22 हजार रुपये और श्रेणी चार के आउटसोर्स कार्मिकों के लिए 20 हजार रुपये मासिक मानदेय निर्धारित किया गया है। कंपनी अधिनियम के तहत आउटसोर्स सेवा निगम का गठन किया जा चुका है। बोर्ड आफ डायरेक्टर्स का चयन किया जा चुका है। इसके साथ ही निगम के प्रबंध निदेशक और कार्यकारी निदेशक की तैनाती भी की जा चुकी है। निगम के लिए पिकप भवन में कार्यालय बनाया जा रहा है। इतना सबकुछ हो जाने के बाद भी पोर्टल नहीं बन पाने की वजह से आउटसोर्स की भर्तियां निगम के माध्यम से नहीं हो पा रही हैं। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक निगम का पोर्टल तैयार करने के लिए यूपीडेस्को ने अगस्त तक का समय लिया है।पोर्टल बन जाने के बाद ही निगम भर्ती की दिशा में आगे बढ़ेगा। सितंंबर से निगम आउटसोर्स के माध्यम से भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने की स्थिति में आ जाएगा।  

मौसम का बड़ा अपडेट: 3–4 दिन में यूपी पहुंचेगा मॉनसून, IMD ने जारी किया बारिश का पूर्वानुमान

लखनऊ उत्तर भारत के कुछ राज्यों में अब भी गर्मी का दौर जारी है। लोग बेसब्री से मॉनसून का इंतजार कर रहे हैं। इस बार मॉनसून आने में काफी देरी हुई है। मौसम विभाग ने बताया है कि यूपी में अगले तीन से चार दिनों में मॉनसून की एंट्री हो जाएगी। इस हफ्ते पूर्वोत्तर भारत और उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश होी। साथ ही, 27 से 29 जून के दौरान उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में कहीं कहीं बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। अगले तीन दिनों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में हीटवेव चलेगी। वहीं, एक से दो जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में काफी ज्यादा व्यापक बारिश होगी। इसके अलावा, पश्चिमी यूपी में 29 जून से दो जुलाई के बीच बरसात का अलर्ट है। मॉनसून पर मौसम विभाग ने कहा, ''अगले तीन से चार दिनों में मॉनसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के बाकी हिस्सों, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं।'' वहीं, उत्तर भारत की बात करें तो यहां 26 से 30 जून के दौरान हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, लद्दाख, 26-29 जून के दौरान उत्तराखंड में कहीं-कहीं या कुछ जगहों पर बारिश होने वाली है। 26 जून से दो जुलाई के दौरान पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान, 29 जून से दो जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश, 26 से 30 जून दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं या कुछ जगहों पर तेज बारिश का अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, लद्दाख में भारी बारिश एक से दो जुलाई के दौरान हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर, लद्दाख, 30 जून से दो जुलाई के दौरान उत्तराखंड में काफी ज्यादा व्यापक बारिश होने वाली है। वहीं, 26 जून और एक से दो जुलाई के दौरान जम्मू कश्मीर, लद्दाख, 26-27 जून के दौरान उत्तराखंड में कहीं-कहीं आंधी तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की संभावना है। साथ ही, 28 से 29 जून के दौरान उत्तराखंड में तेज हवाओं के चलने की उम्मीद है। वहीं, 26-27 जून और एक से दो जुलाई के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, 30 जून से दो जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश, 26 जून से दो जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश, 26-27 जून के दौरान पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं आंधी तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की संभावना है। साथ ही, 28 जून से दो जुलाई के दौरान पश्चिमी राजस्थान में तेज हवाओं की संभावना है। 26 जून से दो जुलाई के दौरान पूर्वी राजस्थान में भी ऐसी ही स्थिति रहेगी। एमपी, विदर्भ, छत्तीसगढ़ के लिए क्या अलर्ट मध्य भारत की बात करें तो 26 जून से दो जुलाई के दौरान पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, 26-27 जून और 30 जून से एक जुलाई के दौरान विदर्भ, 26 जून को छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं जगहों पर बारिश की संभावना है। 26-30 जून के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं आंधी तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अनुमान है। 26-30 जून के दौरान छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं आंधी तूफान चलेगा और बिजली गिर सकती है। 28-29 जून के दौरान विदर्भ, 27-29 जून के दौरान छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश होगी। पूर्वोत्तर भारत में भी अगले एक हफ्ते तक बारिश का अलर्ट है। 26 जून से दो जुलाई के दौरान अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, 27 जून से दो जुलाई के दौरान असम, मेघालय में काफी भारी बारिश होने की संभावना है। 26 जून को असम, मेघालय में कहीं कहीं भारी बारिश होगी। 26-30 जून के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में आंधी तूफान और बिजली गिरने वाली है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक में जोरदार होगी बारिश इसके अलावा, दक्षिण भारत की बात करें तो 26 जून से दो जुलाई के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, 30 जून से एक जुलाई के दौरान उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, 26-27 जून के दौरान दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, 29 जून से दो जुलाई के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, 26 जून और 28 जून से दो जुलाई के दौरान रायलसीमा, एक और दो जुलाई के दौरान तेलंगाना में बारिश की संभावना है। 26 जून से दो जुलाई के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप, 26-29 जून और दो जुलाई को उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, 28 जून से दो जुलाई के दौरान दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, 26-28 जून के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, 27 जून को रायलसीमा, 26-30 जून के दौरान तेलंगाना में काफी भारी से बहुत भारी बारिश होगी।

Ayodhya News: चंदा चोरी विवाद के बीच चंपत राय और अनिल मिश्रा ने छोड़ा राम मंदिर ट्रस्ट

अयोध्या  राम मंदिर दान प्रकरण में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख का असर साफ देखने को मिला है. राम जन्मभूमि ट्रस्ट के दो सदस्य चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है. एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट में कठोर संस्तुति के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया. एसआईटी की सिफारिश पर मामले में पहली एफआईआर पहले ही दर्ज की जा चुकी है. इस्तीफों को जांच में हुई कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है ।  सूत्रों के अनुसार, यह घटनाक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख और एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के बाद सामने आया है. इससे पहले इसी मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर पहली एफआईआर दर्ज की गई. एफआईआर में आठ लोगों को नामजद किया गया है, जबकि कई अन्य अज्ञात लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।  एसआईटी फिलहाल कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है. जांच एजेंसी आरोपियों के बैंक खातों, संपत्तियों, मोबाइल रिकॉर्ड और कथित लेन-देन की पड़ताल में जुटी है. सूत्रों का कहना है कि एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में कुछ कड़ी सिफारिशें की गई थीं, जिसके बाद जांच की रफ्तार और तेज हुई।  इसी क्रम में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों को भी जांच से जोड़कर देखा जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही इस मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच के संकेत दे चुके हैं. सरकार का कहना है कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर अनियमितता या जिम्मेदारी तय होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।  फिलहाल इस पूरे मामले में कई सवालों के जवाब अभी आने बाकी हैं. क्या एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट में और बड़े खुलासे होंगे? क्या जांच का दायरा और बढ़ेगा? और क्या ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में कोई बदलाव देखने को मिलेगा? इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में जांच के साथ सामने आएंगे।  चढ़ावे से जुड़े मामले में 8 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ है केस राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित गड़बड़ी की जांच के बीच गुरुवार को बड़ा कदम उठाया गया. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी कृष्ण मोहन की शिकायत पर राम जन्मभूमि थाने में आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ. एफआईआर में राम शंकर यादव उर्फ टीनू, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडेय, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव को नामजद किया गया है।  इनके खिलाफ गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज है. सूत्रों के अनुसार, एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) को सौंपे जाने के बाद यह कार्रवाई हुई. पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश की जा रही है।  ट्रस्ट से जुड़े कृष्ण मोहन ने दर्ज कराई है मामले की शिकायत इस पूरे मामले की शिकायत कृष्ण मोहन ने दर्ज कराई, जो सितंबर 2025 में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया था. फरवरी 2025 में ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद उनकी जगह कृष्ण मोहन का चयन किया गया. हरदोई के रहने वाले कृष्ण मोहन ने 1970 के दशक में लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की पढ़ाई की थी. इसके बाद उन्होंने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में करीब छह वर्ष तक काम किया और फिर भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित होकर महाराष्ट्र कैडर में सेवाएं दीं. साल 2012 में रिटायर होने के बाद वह सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे। 

लखनऊ में कुर्सी रोड होगा छह लेन, पांच लाख लोगों की सफर की परेशानी होगी खत्म

पटना यूपी की राजधानी लखनऊ में लाखों लोगों के लिए राहत की खबर है। कुर्सी रोड पर बसे लोगों को आए दिन लगने वाले जाम से निजात मिलने वाली है। डंडहिया चौराहा से बेहटा तक 12.5 किमी लंबा यह मार्ग मौजूदा समय में चार लेन का है, जिसे शीघ्र ही छह लेन का किया जाएगा। सर्विस रोड पर हुए अवैध कब्जे भी हटाए जाएंगे। छह लेन की सड़क होने पर सरगम अपार्टमेंट से लेकर डंडहिया चौराहे तक अक्सर लगने वाले जाम से लोगों को निजात मिलेगी। उनकी आवाजाही आसान हो जाएगी। कुर्सी रोड(लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग) स्टेट हाईवे है। चार लेन के इस हाईवे के चौड़ीकरण की मांग क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की तरफ से सालों से उठाई जा रही है। इस बार पीडब्ल्यूडी ने अपनी कार्ययोजना में चौड़ीकरण का प्रस्ताव शामिल करते हुए शासन की स्वीकृति के लिए भेज दिया है। सहमति मिलते ही चौड़ीकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस मार्ग के दोनों तरफ पचासों की संख्या में कॉलोनियां सहित सहित एलडीए के और निजी अपार्टमेंट बन चुके हैं। नहरिया रोड से भी इस मार्ग पर काफी संख्या में लोगों का आनाजाना होता है। चार लेन वाली इस सड़क पर ट्रैफिक का बोझ बढ़ा है, जिससे आए दिन पीक ऑवर में जाम की स्थिति बनती है। चौड़ीकरण से इस समस्या से राहत मिलेगी। 60 करोड़ की लागत से होगा चौड़ीकरण कुर्सी रोड के चौड़ीकरण का काम लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाएगा। निर्माण कार्य का खाका पीडब्ल्यूडी ने तैयार कर लिया है। प्रस्ताव भी शासन को भेज दिया है। स्वीकृति का इंतजार है। दोनों तरफ 10.5-10.5 मीटर चौड़ी होगी सड़क कुर्सी रोड अभी फोर लेन है, जो कि 07-07 मीटर चौड़ी है। दोनों ही तरफ गुडंबा थाना तक सर्विस लेन भी है, जिस पर ठेलों और रेहड़ी वालों ने कब्जा कर रखा है। चौड़ीकरण के बाद यह सड़क दोनों तरफ 10.5-10.5 मीटर की हो जाएगी। इसके अतिरिक्त सर्विस लेन होगा। अधिकारियों के अनुसार मौजूदा समय में वहां सीवर और पेयजल पाइप लाइन डालने का काम चल रहा है। सड़क चौड़ीकरण के दौरान दोनों तरफ के अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। पांच लाख से अधिक होंगे लाभांवित छह लेन की सड़क बनने के बाद कुर्सी रोड के दोनों तरफ बसी 50 से अधिक कॉलोनियों में रहने वाले, अपार्टमेंट के निवासियों सहित नहरिया रोड के लोगों को मिलाकर लगभग पांच लाख से अधिक की शहरी आबादी लाभांवित होगी। इसके अतरिक्त बेहटा तक के लोगों की लखनऊ तक आवाजाही आसान हो जाएगी।

स्वस्थ बच्चे बनेंगे समृद्ध समाज का आधार : सीएम योगी आदित्यनाथ

स्वस्थ रहने के लिए स्वास्थ्यप्रद व स्वच्छ आहार-विहार आवश्यक : मुख्यमंत्री  स्वस्थ बच्चे बनेंगे समृद्ध समाज का आधार : सीएम योगी आदित्यनाथ सीएम योगी ने राज्य सरकार के सहयोग से बने अक्षयपात्र फाउंडेशन के केंद्रीयकृत रसोईघर का किया उद्घाटन नए सत्र में गोरखपुर के एक लाख स्कूली बच्चों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण गर्मागर्म भोजन : सीएम योगी गोरखपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए स्वास्थ्यप्रद एवं स्वच्छ आहार-विहार का होना आवश्यक है। कुपोषण से मुक्ति के लिए जरूरी है कि स्वच्छता का ध्यान रखते हुए बच्चों को पौष्टिक आहार मिले। समाजहित में यह कार्य अक्षयपात्र फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है। स्वच्छ और पौष्टिक आहार मिलने से स्वस्थ बच्चे समृद्ध समाज का आधार बनेंगे।   सीएम योगी गुरुवार शाम गोरखपुर में राज्य सरकार के सहयोग से बने, एक लाख बच्चों के लिए भोजन क्षमता वाले अक्षयपात्र फाउंडेशन के केंद्रीयकृत रसोईघर के उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों के मिड डे मील के लिए अक्षयपात्र फाउंडेशन की तरफ से भोजन निर्माण में स्वच्छता, पोषण और गुणवत्ता का जो ध्यान रखा जाता है, वह सबके लिए सीखने लायक है।  सीएम योगी ने कहा कि मथुरा, लखनऊ, वाराणसी, आगरा, कानपुर में अक्षयपात्र फाउंडेशन के रसोईघर पहले से संचालित हैं। अब सरकार के सहयोग से गोरखपुर में केंद्रीयकृत रसोईघर का निर्माण कर इसे आगे बढ़ाया जा रहा है। नए शैक्षिक सत्र में 50 हजार से अधिक स्कूली बच्चों को फिर कुछ समय में ही 1 लाख बच्चों को यहां से गर्मागर्म भोजन मेन्यू के हिसाब से प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि खाद्यान्न और कन्वर्जन कास्ट सरकार उपलब्ध कराती है। बेहतर ढंग से भोजन बनाने और वितरण का कार्य अक्षयपात्र की तरफ से किया जा रहा है।  भोजन की क्वालिटी देखनी हो तो शुरुआत स्वच्छता से करें मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए सबको सोचना चाहिए। हम स्वस्थ तभी रहेंगे जब हमारा आहार स्वच्छ होगा। आहार स्वच्छ होगा तो वह स्वास्थ्यप्रद भी होगा। पौष्टक आहार से शरीर स्वस्थ होगा और शरीर स्वस्थ रहने पर ही मस्तिष्क भी स्वस्थ होगा। उन्होंने कहा कि घर हो या बाजार, भोजन की क्वालिटी देखनी हो तो शुरुआत स्वच्छता से करें। स्वच्छता में असावधानी होने पर ही फ़ूड पॉयजनिंग जैसी घटनाएं होती हैं। उन्होंने भोजन तैयार और वितरण करने में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के लिए अक्षयपात्र फाउंडेशन की सराहना की।  विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में योगदान करेंगे स्वस्थ बच्चे मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्षयपात्र फाउंडेशन के सहयोग से गोरखपुर में 1 लाख बच्चे पौष्टिक भोजन प्राप्त कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुपोषण मिशन के लक्ष्य को प्राप्त कर विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि स्वस्थ बच्चे भी भविष्य में समृद्ध समाज और सशक्त राष्ट्र का आधार बनेंगे।  सशक्त समाज की मजबूत कड़ी है शिक्षा सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा, समृद्ध समाज की आधारशिला और सशक्त राष्ट्र की मजबूत कड़ी है। शिक्षा से ही समाज का वर्तमान और भविष्य तय होता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के बेसिक स्कूलों में मिशन कायाकल्प से और माध्यमिक स्कूलों में प्रोजेक्ट अलंकार से ढांचागत सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने आज से शुरू हुए बेसिक शिक्षा के सत्र को लेकर शिक्षकों का आह्वान किया कि वे प्रयास करें कि एक भी बच्चा स्कूल आने से वंचित न रहे। विद्यालय में प्रवेश दिलाने के साथ उसे यूनिफॉर्म, बैग, जूता, मोजा आदि सभी उपलब्ध कराया जाए।  यूपी की शिक्षा के कायाकल्प को नीति आयोग से मिली सराहना मुख्यमंत्री ने कहा 9 साल में यूपी की शिक्षा के कायाकल्प को नीति आयोग ने सक्सेस स्टोरी माना है। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को सुरक्षित वातावरण में अध्ययन के लिए पर्याप्त धनराशि दी गई। सीएम ने कहा कि पहले जहां बोर्ड परीक्षाओं और परिणाम में महीनों लग जाते थे, वहीं अब 15 दिन में नकलविहीन परीक्षा और 15 दिन में परिणाम आ जाते हैं। इससे 11 माह पढ़ाई के लिए उपलब्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र को मजबूत करने के लिए अटल टिकरिंग लैब, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी बन रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सभी जिलों में अभ्युदय कोचिंग की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बढ़ी सुविधाओं से प्रदेश में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा नया कीर्तिमान स्थापित करेगी।  अक्षयपात्र फाउंडेशन ने भूमि और आर्थिक सहायता के लिए सीएम योगी का जताया आभार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी सहित सभी आगतों का स्वागत करते हुए अक्षयपात्र फाउंडेशन के सह संस्थापक एवं उपाध्यक्ष चंचलापति दास ने रसोईघर के निर्माण के लिए करीब 2.5 एकड़ भूमि और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अक्षयपात्र फाउंडेशन का मिशन है कि कोई भी बच्चा भूख की वजह से शिक्षा से वंचित न रहने पाए। उन्होंने बताया कि अक्षयपात्र की यह रसोई पीएम पोषण योजना के तहत गोरखपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के बच्चों के लिए प्रतिदिन 1 लाख गर्म, पौष्टिक एवं संतुलित भोजन तैयार और वितरित करने की क्षमता रखती है। विशेषीकृत रसोई उपकरणों में दो रोटी मेकिंग मशीनें हैं, जिनकी संयुक्त क्षमता प्रति घंटे 40 हजार रोटियां तैयार करने की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के हाथों उद्घाटित केंद्रीयकृत रसोईघर की नई सुविधा अब 546 विद्यालयों के 55,000 बच्चों तक सेवाएं प्रदान करने में सक्षम होगी तथा चरणबद्ध तरीके से 1,570 विद्यालयों के 1 लाख बच्चों तक अपनी पहुंच का विस्तार करेगी। वर्तमान में यह सुविधा भोजन वितरण के लिए 23 इलेक्ट्रिक वाहनों के बेड़े का संचालन कर रही है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने और क्षेत्रीय स्कूल भोजन प्रणाली को सुदृढ़ करने में सहायता मिलती है।  कार्यक्रम की अध्यक्षता अक्षयपात्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं ट्रस्टी भरतर्षभ दास ने की। इस अवसर पर प्रमुख रूप से राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता सिंह चौहान, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष … Read more

यूपी में गर्मी का कहर जारी, 30 जून से बारिश और तेज हवाओं की संभावना

लखनऊ मॉनसून की कमजोर सक्रियता के बीच यूपी के अधिकांश हिस्से भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल राहत के आसार कम हैं। अगले 24 घंटों में पश्चिमी यूपी में मौसम शुष्क रहेगा। जबकि पूर्वी यूपी के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक हो सकती है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के लखनऊ द्वारा गुरुवार को जारी मौसम बुलेटिन के अनुसार पूर्वांचल के अनेक स्थानों पर लू तथा कुछ स्थानों पर भीषण लू चलने की संभावना है। राजधानी लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में आसमान मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है। यहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना व्यक्त की गई है। संगमनगरी का बढ़ा पारा प्रदेश में तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया। प्रयागराज 43.0 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश के सर्वाधिक गर्म शहरों में शामिल रहा, जबकि सुल्तानपुर में 42.9 डिग्री, लखीमपुर खीरी में 42.4 डिग्री, बलिया और फतेहपुर में 42.3 डिग्री तथा वाराणसी (बीएचयू) में 42.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। अधिकांश स्थानों पर तापमान सामान्य से चार से सात डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। लखनऊ में 40 तापमान राजधानी लखनऊ में गुरुवार को अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक है। शहर में दिनभर गर्म हवाओं और उमस का असर बना रहा तथा वर्षा नहीं हुई। मौसम के आंकड़ों के अनुसार सोमवार को सहारनपुर में अधिकतम तापमान 34.0 डिग्री सेल्सियस था, जो मंगलवार को बढ़कर 37.0 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। बुधवार को पारा 39.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि गुरुवार को यह 40.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। न्यूनतम तापमान भी 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा, जिससे उमस में काफी वृद्धि हुई। गुरुवार को सुबह से ही तेज धूप निकली और दोपहर के समय गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। छिटपुट बारिश की संंभावना मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि प्रदेश में मानसून की सक्रियता बढ़ने तक गर्मी और लू से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है। हालांकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में छिटपुट वर्षा और गरज-चमक की गतिविधियां स्थानीय स्तर पर तापमान में मामूली गिरावट ला सकती हैं। इस दिन में मेघगर्जन की संभावना मौसम विभाग की मानें तो 29 जून को पूर्वी, 30 और 1 जून को यूपी के अंधिकाश हिस्सों में बारिश की संभावना है। इसे लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। यानी मेघगर्जन-वर्जपात के साथ झोकेजार हवा (40 से 50 किमी/घंटा) चलने के आसार हैं।