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जासूसी का सनसनीखेज मामला: मेरठ से गिरफ्तार सबा फरहत, पिता ISI एजेंट होने की जांच

 मेरठ   मेरठ के थाना दिल्ली गेट पुलिस ने जली कोठी निवासी पाकिस्तानी नागरिक सबा फरहत उर्फ नाजिया को गिरफ्तार कर लिया. सबा वर्ष 1988 में फरहत मसूद से निकाह के बाद लॉन्ग टर्म वीजा पर भारत आई थी और पिछले तीन दशकों से बिना भारतीय नागरिकता के यहां रह रही थी.  आरोप है कि उसने अपनी पाकिस्तान में जन्मी बेटी एनम के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों से भारतीय पासपोर्ट बनवाया और कई देशों की यात्राएं की. स्थानीय महिला रुखसाना की शिकायत पर हुई जांच में वोटर आईडी कार्ड और अन्य दस्तावेज फर्जी पाए जाने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है. फर्जी दस्तावेजों का खेल और विदेश यात्रा शिकायत के अनुसार, सबा ने 1993 में पाकिस्तान में बेटी एनम को जन्म दिया था और उसे पाकिस्तानी पासपोर्ट पर भारत लाई थी. एनम को भारतीय नागरिकता नहीं दिलाई गई, फिर भी फर्जी कागजात के आधार पर उसका भारतीय पासपोर्ट बनवाया गया.  सबा ने खुद भी वोटर लिस्ट में सबा मसूद और नाजिया मसूद के नाम से दो अलग-अलग वोट बनवा रखे थे. इन फर्जी दस्तावेजों के सहारे मां-बेटी ने पाकिस्तान सहित कई अन्य देशों की यात्राएं भी कीं, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है. जासूसी और स्लीपर सेल बनाने का आरोप दर्ज मामले में आरोप लगाया गया है कि सबा के पिता हनीफ पाकिस्तान में आईएसआई एजेंट हैं. सबा और उसकी अधिवक्ता बेटी एनम पर आरोप है कि वे सैन्य इलाकों और दिल्ली स्थित विभिन्न मंत्रालयों में घूमकर गोपनीय सूचनाएं जुटाती थीं. शिकायतकर्ता ने उन पर आईएसआई के लिए जासूसी करने और भारत में स्लीपर सेल तैयार करने का भी गंभीर आरोप लगाया है. पुलिस अब इन सभी इनपुट्स की गहराई से पड़ताल कर रही है ताकि साजिश की पूरी कड़ियां जोड़ी जा सकें. पुलिस की कार्रवाई और आगामी जांच मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम ने पुष्टि की है कि दिल्ली गेट थाने में मामला पंजीकृत होने के बाद जांच की गई. जांच में महिला द्वारा बिना अनुमति यात्रा करने और फर्जी तरीके से वोटर आईडी बनवाने के आरोप सही पाए गए हैं. इसी आधार पर सबा फरहत को गिरफ्तार किया गया है और उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा. पुलिस अब इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर रही है ताकि उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके.

न दंगा, न कर्फ्यू—बदल चुका है यूपी: सीएम योगी ने गिनाई सरकार की उपलब्धियां

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि प्रदेश 'फियर जोन' से 'फेथ जोन' में परिवर्तित हो चुका है। उन्होंने कहा, “न कर्फ्यू है, न दंगा है, बल्कि यूपी में सब चंगा है।” सीएम योगी ने सदन में राज्यपाल के प्रति कथित अभद्र व्यवहार को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध बताते हुए कहा कि संवैधानिक प्रमुख का सम्मान करना हम सबका दायित्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का आचरण उसकी नकारात्मक सोच को दर्शाता है।  उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश ने अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन, कर्फ्यू से कानून के राज, उपद्रव से उत्सव और अविश्वास से आत्मविश्वास तक की यात्रा तय की है। डबल इंजन सरकार की स्पष्ट नीति, साफ नीयत और निर्णायक नेतृत्व ने शासन-प्रशासन की दिशा बदली है। उन्होंने दावा किया कि 2017 के बाद प्रदेश में कोई साम्प्रदायिक दंगा नहीं हुआ। पहले 'वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया' जैसी स्थिति थी, गुंडा टैक्स और अवैध वसूली आम बात थी, जबकि अब जीरो टॉलरेंस नीति लागू है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज 'टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन' के मॉडल के रूप में उभर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि देश इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और एआई के क्षेत्र में नई दिशा तय कर रहा है और उत्तर प्रदेश भी उसी सोच के अनुरूप आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब रेवेन्यू सरप्लस राज्य बनने की ओर अग्रसर है और निवेश, नवाचार व पारदर्शिता का केंद्र बन रहा है। सीएम योगी ने कहा, “विरासत से युक्त विकास ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने राजनीतिक स्वार्थ में राष्ट्र प्रतीकों और आस्था स्थलों का अपमान किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, काशी में काशी विश्वनाथ धाम का विकास और प्रदेश के प्रमुख तीर्थस्थलों का कायाकल्प नई पहचान का प्रतीक है। धर्मस्थल केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्रचेतना के केंद्र भी हैं। मुख्यमंत्री ने महाराजा सुहेलदेव के स्मारक और विश्वविद्यालय, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा स्थापना सहित सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने प्रयागराज में महाकुंभ और माघ मेले का जिक्र करते हुए कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भागीदारी सुशासन और सुरक्षा पर बढ़े विश्वास का प्रमाण है। जो प्रदेश पहले दंगों के लिए जाना जाता था, वह आज दीपोत्सव, देव दीपावली और रंगोत्सव के लिए पहचाना जा रहा है। सीएम ने बताया कि पिछले वर्षों में 2.19 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई, जिनमें 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए। महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 10 हजार से बढ़कर 44 हजार से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि सात पुलिस कमिश्नरेट, साइबर थाने, फॉरेंसिक लैब और आधुनिक पुलिसिंग मॉडल से कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है। प्रदेश में 12 अत्याधुनिक फॉरेंसिक लैब संचालित हैं और सभी 75 जिलों में फॉरेंसिक वैन की व्यवस्था की गई है। पीएसी की 34 कंपनियों को पुनर्जीवित करने और तीन महिला बटालियन- वीरांगना झलकारी बाई, अवंती बाई और ऊदा देवी- के गठन का भी उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब भय, अराजकता और अविश्वास की पहचान से निकलकर विकास, निवेश, आस्था और आत्मविश्वास के नए युग में प्रवेश कर चुका है।

रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बन गया है उत्तर प्रदेश: योगी

राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सीएम योगी ने प्रस्तुत की प्रदेश की तेज आर्थिक प्रगति की तस्वीर सीएम योगी बोले, जनता जनार्द़न पर कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं, चोरी को रोका गया लखनऊ विधान परिषद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान प्रदेश की तेज आर्थिक प्रगति की तस्वीर प्रस्तुत की। उन्होंने राजस्व अनुशासन, किसानों की आय वृद्धि और कृषि क्षेत्र में तकनीकी बदलावों को सरकार की प्रमुख उपलब्धि बताया। कहा कि बिना अतिरिक्त कर लगाए टैक्स चोरी पर अंकुश और विकास के संतुलित मॉडल से प्रदेश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में उत्तर प्रदेश की जीएसडीपी मात्र 13 लाख करोड़ रुपये थी। 1947 से लेकर 2017 तक इस यात्रा को तय करने में 70 वर्ष लगे। 2017 के बाद मात्र आठ से साढ़े आठ वर्ष के बीच में डबल इंजन सरकार ने इसमें 23 लाख करोड़ अतिरिक्त जोड़े हैं। सीएम योगी ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था 36 लाख करोड़ की हो चुकी है। जब देश आजाद हुआ था, यूपी का शेयर 14 प्रतिशत था। लगातार घटते-घटते 2016-17 में यह आठ प्रतिशत रह गया। अब लगातार आगे बढ़ते हुए 9.5 प्रतिशत तक पहुंचने में सफलता प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर कैपिटा इनकम को तीन गुना करने में सफलता मिली है। इसके लिए जनता जनार्दन पर कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं लगाया। हमने टैक्स चोरी को जरूर रोका है। रेवेन्यू लीकेज पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया। आज प्रदेश पिछले पांच वर्षों में लगातार रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में अपने आप को स्थापित कर चुका है। जोरदार वित्तीय अनुशासन और विकास दोनों का संतुलन आज उत्तर प्रदेश के अंदर देखने को मिल रहा है। सीएम ने कहाकि बैंकों में पहले उत्तर प्रदेश के अंदर 100 रुपए जमा होते थे जो मात्र 43 रुपये जनता के उपयोग में खर्च होते थे। हमने इसे बढ़ाकर 61-62 रुपये तक पहुंचा दिया है। उत्तर प्रदेश के नौजवानों और व्यापारियों तक इसके उपयोग को पहुंचाने में सफलता प्राप्त की है। यानी सीडी रेशियो 43 से बढ़कर 62 प्रतिशत पहुंचाने में हमने सफलता प्राप्त की है। मुझे इस बात का गर्व है कि उत्तर प्रदेश आज सही दिशा में बेहतरीन ढंग से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश करता है सबसे ज्यादा खाद्यान्न उत्पादन सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष के लोग भी गाहे-बगाहे अन्नदाता की चर्चा करते हैं, लेकिन नीयत उनकी साफ नहीं है। उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य भी है। सबसे ज्यादा खाद्यान्न उत्पादन भी करता है लेकिन अन्नदाता किसानों की स्थिति उनके समय में क्या थी। इन्होंने कहां पहुंचा दिया था? भारत आज से 2000 वर्ष पहले दुनिया की अर्थव्यवस्था का सिरमौर था। 44 प्रतिशत वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारत का अधिकार था। वह भारत का स्वर्ण युग था। आज से 400 वर्ष पहले भी भारत की स्थिति यही थी और ग्लोबल इकॉनामी में भारत का शेयर 24-25 प्रतिशत था। किसानों के साथ पिछली सरकारों में औपनिवेशिक मानसिकता का व्यवहार हुआ सीएम योगी ने कहा कि औपनिवेशिक काल में यहां शोषण हुआ, लूट हुई, परंपरागत उद्यम समाप्त किए गए। अन्नदाता किसानों को, जो पहले उत्पादक था, उसे उपभोक्ता बनाकर रख दिया गया। कच्चा माल यहां से बाहर जाता था, फिर पक्का माल बनकर आता था और उस पर भारी टैक्स लगाकर महंगा बेचा जाता था। आज हम कह सकते हैं कि पिछली सरकारों में भी औपनिवेशिक मानसिकता के साथ अन्नदाता किसानों, एमएसएमई सेक्टर और परंपरागत उद्यम से जुड़े कारीगरों के साथ यही व्यवहार हुआ। किसानों के श्रम और कारीगरों की सृजनशीलता से यह देश खड़ा हुआ आज पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान, कारीगर सभी को मजबूती के साथ आगे बढ़ाया गया है। हम मानते हैं कि किसानों के श्रम और कारीगरों की सृजनशीलता से यह देश खड़ा हुआ है। हर गांव हमारे यहां एक आधारभूत इकाई हुआ करता था। ग्राम स्वराज इसकी आधारशिला थी। चाहे पशुपालन हो, कृषि हो, हस्तशिल्प हो हर क्षेत्र में किसान उत्पादक था, कारीगर स्वयं में उद्यमी था और व्यापारी राष्ट्र को जोड़ने का सेतु हुआ करता था। डबल इंजन की डबल स्पीड लागत कम, उत्पादन ज्यादा 2017 के पहले कृषि के बारे में कोई स्पष्ट नीति नहीं थी। अन्नदाता केवल वोट बैंक बन गया था। लागत अधिक, उत्पादन कम था और बिचौलियों का वर्चस्व था। 2017 के बाद डबल इंजन की डबल स्पीड से लागत कम, उत्पादन ज्यादा अन्नदाता को विकास में भागीदार बनाया गया। अन्नदाता से उद्यमी बनने की कहानी आज उत्तर प्रदेश में देखी जा सकती है। भूभाग का 11 प्रतिशत यूपी के पास लेकिन 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन हमारा संकल्प कृषि को इनकम-बेस्ड और वैल्यू एडिशन मॉडल के साथ किसानों की आय बढ़ाना है। आज उत्तर प्रदेश में कृषि विकास दर 8.5 से बढ़कर साढ़े 18 प्रतिशत तक पहुंची है। एमएसपी पर पारदर्शी खरीद हो रही है और डीबीटी का पैसा सीधे अन्नदाता किसानों के खाते में जा रहा है। इसी का परिणाम है कि देश के कुल कृषि भूभाग का 11 प्रतिशत यूपी के पास है, लेकिन 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन कर रहा है। अन्नदाता को खेत से बाजार तक ग्लोबल मार्केट उपलब्ध है। किसानों को खेती संबंधी तकनीकी जानकारी सरल भाषा में सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में भी उत्तर प्रदेश के किसानों को 95 हजार करोड़ रुपये की धनराशि उनके खाते में हस्तांतरित हुई है। आज अन्नदाता किसानों को उन्नत बीज, प्राकृतिक खेती, ड्रोन और जलवायु संबंधी तकनीकी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाई जा रही है। कृषि वैज्ञानिकों, स्टार्टअप और प्रगतिशील किसानों के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। कृषि आधारित उद्योगों की गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान ड्रोन दीदी, एफपीओ, एग्री स्टार्टअप और फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से फसलों का मूल्यवर्धन हो रहा है। यूपी एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड एंटरप्राइज इकोसिस्टम” परियोजना के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर उपयोग और कृषि आधारित उद्योगों की गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पहले धड़ल्ले से चलते थे स्लॉटर हाउस 2017 के पहले प्रदेश में स्लॉटर हाउस धड़ल्ले से चलते थे। व्यापक तस्करी होती थी और आस्था के साथ खिलवाड़ … Read more

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधान परिषद में कांग्रेस व समाजवादी पार्टी के नेताओं को धोया

  बोले- समाज को लड़ाने के साथ ही संवैधानिक मूल्य पर भी प्रहार करने से नहीं चूक रहे सपाई, एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े लोगों के साथ मारपीट कर रहे सपा कार्यकर्ता लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधान परिषद में कांग्रेस व समाजवादी पार्टी के नेताओं को खूब धोया। सीएम ने विधान परिषद की मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी के सदस्यों से कहा कि कांग्रेस से सबक ले लीजिए। कांग्रेस विधान परिषद विहीन हो गई है। यदि सपा को भी विधानसभा व परिषद विहीन होना है तो अनर्गल प्रलाप और महापुरुषों का अपमान करे। अन्यथा ऐसा आचरण न करें, जो समाज में विद्वेष की स्थिति पैदा करता है। सीएम ने विपक्षी दलों के सदस्यों से अनुरोध किया कि यूपी की नई पहचान को संकट में मत डालिए। प्रदेश के विकास की यात्रा के साथ बढ़ने के लिए जिम्मेदार विपक्ष के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन करेंगे तो प्रदेश की जनता आपको सम्मानित करेगी। रामराज्य की आधारभूमि के रूप में नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश को सभी सेक्टर में अच्छी सफलता प्राप्त हुई है। प्रदेश और देश में जब टीमवर्क से काम होता है, तब परिणाम आता है। आज हर तबके (गांव, गरीब, युवा, महिला, किसान, हस्तशिल्पी) के मन में विश्वास है और यह विश्वास हर सेक्टर में दिख रहा है। आज यूपी में कानून का राज, अपराधी भयभीत, गरीब को सम्मान, किसान खुशहाल, महिलाओं को सुरक्षा की गारंटी, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर, हर गांव में बिजली और हर हृदय में गर्व है। यूपी फिर से रामराज्य की आधारभूमि के रूप में नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। सपा ने न कुछ अच्छा किया और न ही अच्छा बोल पाएगी मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने जनकल्याण, रोजगार सृजन, निवेश विस्तार के साथ ही सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से सशक्त, सुरक्षित व समृद्ध प्रदेश के रूप में अपनी नई पहचान को बनाया है। हमारा लक्ष्य प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप 2029-30 में यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी के रूप में स्थापित करना है। हमने बजट भी उस दिशा में ही प्रस्तुत किया है। सीएम योगी ने कहा कि बजट के बारे में समाजवादी पार्टी अच्छा नहीं बोल पाई, क्योंकि अच्छा करने के लिए उनके पास समय नहीं है। उन्होंने न अच्छा किया और न ही अच्छा बोलेंगे। हमारी सरकार ने डबल इंजन सरकार का लाभ लेते हुए पूरी मजबूती के साथ प्रदेश में प्रधानमंत्री के विजन को बढ़ाया है। सीएम ने कहाकि बहुत सारे सेक्टर हैं, जिसमें यह लोग गुमराह कर रहे हैं। समाज को लड़ाने के साथ ही संवैधानिक मूल्य पर भी प्रहार करने से नहीं चूक रहे सपाई सीएम ने संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विपक्षी दलों के भाव की निंदा की। बोले कि समाजवादी पार्टी के नेता बयानों से जातीय संघर्षों को बढ़ावा देते हैं। समाज को आपस में लड़ाने, आस्था का अपमान, गुंडागर्दी व अराजकता को बढ़ाने के साथ संवैधानिक मूल्य पर भी प्रहार करने में नहीं चूक रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदेश में एसआईआर की कार्यवाही चल रही है। इसमें सरकारों की कोई भूमिका नहीं होती है। आयोग की गाइडलाइन पर तंत्र उसका अनुपालन करता है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर की कार्यवाही का जिक्र करते हुए सदन में मुख्यमंत्री ने बताया कि 2.88 करोड़ से अधिक लोग अनुपस्थित/मृत या शिफ्टिंग हैं। समाजवादी पार्टी इन्हें जबर्दस्ती वोट बनाकर फर्जी पोलिंग करती थी। सपा चिल्ला रही है कि फॉर्म-7 के नाम पर फर्जी काम हो रहा है। सीएम ने आयोग द्वारा बनाई गई फॉर्म-6, फॉर्म-7 व फॉर्म-8 की व्यवस्था की उपयोगिता बताई। एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े लोगों के साथ मारपीट कर रहे सपा कार्यकर्ता सीएम ने कहा कि सपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता एसआईआर की प्रक्रिया से जुड़े बीएलओ और अन्य लोगों के साथ दुर्व्यवहार व मारपीट कर रहे हैं, यह शोभा नहीं देता। यह संवैधानिक संस्थाओं की अवहेलना, मजाक, अपमान है। अगर हम संविधान की शपथ लेते हैं तो संवैधानिक संस्थाओं को सम्मान दें। संवैधानिक संस्थाओं की परिभाषा अपने अनुरूप तय करें, य़ह अस्वीकार्य है। यूपी में शिक्षा व स्कूलों की स्थिति हुई बेहतर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के अंदर अब शिक्षा व स्कूलों की स्थिति बेहतर हुई है। बेसिक शिक्षा में ऑपरेशन कायाकल्प, श्रमिकों व निराश्रित बच्चों के लिए विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ अटल आवासीय विद्यालय समेत यूपी ने बहुत सारे मॉडल प्रस्तुत किए हैं। हर जनपद में दो-दो सीएम कंपोजिट विद्यालय स्वीकृत किए गए हैं। हमारा प्रयास है कि इसकी नेटवर्किंग को न्याय पंचायत स्तर तक फैलाकर प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक के बच्चों को एक कैंपस में बेहतरीन इंफ्रास्ट्राक्चर के साथ पढ़ने की सुविधा उपलब्ध हो। एडेड-गवर्नमेंट कॉलेज और प्रोजेक्ट अलंकार के तहत माध्यमिक शिक्षा को पर्याप्त मात्रा में धनराशि उपलब्ध कराई है। टाटा टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर 150 आईटीआई और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (एआई, ड्रोन, रोबोटिक) समेत इन सभी में प्रदेश ने कार्य प्रारंभ किया है। राजकीय व निजी क्षेत्र में भी लगभग 75 विश्वविद्यालय कार्य कर रहे हैं, जो यह उच्च शिक्षा के बेहतरीन केंद्र बनकर उभरे हैं।

प्रदेश में कार्यरत 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स 3 करोड़ से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान कर रही हैं : मुख्यमंत्री

लखनऊ, राज्यपाल के अभिभाषण पर विधान परिषद में धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में एमएसएमई, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण थी, जहां एमएसएमई क्षेत्र मृतप्राय सा हो चुका था और निराशा का माहौल था। लेकिन हमारी सरकार ने ओडीओपी और ओडीओसी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के परंपरागत उत्पादों को नई पहचान दी है। वर्तमान में एमएसएमई सेक्टर में प्रदेश के 3 करोड़ से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। स्वास्थ्य और फार्मा क्षेत्र में भी प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। आज उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भरता और विकास के नए अध्याय लिख रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ओडीओपी योजना के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक जनपद के विशिष्ट उत्पादों की ब्रांडिंग, डिजाइन, टेक्नोलॉजी और मार्केटिंग में सुधार किया गया है। प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का सकारात्मक परिणाम यह है कि प्रदेश का निर्यात, जो वर्ष 2017 में मात्र 84 हजार करोड़ रुपये के आसपास था, लगभग दोगुना बढ़कर आज 1.86 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जिसमें ओडीओपी योजना के हस्तशिल्प और परंपरागत उत्पादों का हिस्सा करीब 50 प्रतिशत है। योजना से 3.16 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। वर्तमान में प्रदेश के 77 से अधिक उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है, जो वैश्विक बाजार में उनकी गुणवत्ता की गारंटी देते हैं। प्रदेश में करीब 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स कार्यरत हैं, जो 3 करोड़ से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान कर रही हैं। पीएम विश्वकर्मा योजना और अन्य कार्यक्रमों से हस्तशिल्पियों और कारीगरों को सम्मान और सहायता मिल रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हाल ही में उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर हमारी सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन कार्यक्रम शुरू किया है, जिससे प्रत्येक जनपद के एक विशेष व्यंजन को ब्रांड के रूप में स्थापित किया जाएगा। यह प्रधानमंत्री के लोकल टू ग्लोबल मॉडल का जीवंत उदाहरण है, जो यूपी को नई पहचान देगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले जहां प्रदेश के युवा हताश थे, आज वे आत्मनिर्भरता और प्रगति की कहानी लिख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आया है। वर्ष 2017 से पहले कई जनपदों में स्वास्थ्य की बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं और एक जिला एक माफिया जैसी स्थिति थी। अब यूपी में वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज की दिशा में तेज प्रगति हुई है। रायबरेली और गोरखपुर में एम्स संचालित हो रहे हैं। हर जनपद में अब आईसीयू, डिजिटल एक्स-रे, ब्लड बैंक, डायलिसिस, ऑक्सीजन प्लांट और वेंटिलेटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। 2017 से पहले 40 से अधिक जनपदों में आईसीयू नहीं था। 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं के रिस्पांस टाइम में सुधार किया गया है। टेलीमेडिसिन से दूरदराज के गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जीनोमिक्स, टेलीमेडिसिन और मेडटेक को बढ़ावा देकर भविष्योन्मुखी स्वास्थ्य इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है। इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी, जो 2017 से पहले हर साल 1200-1500 बच्चों की मौत का कारण बनती थी, अब लगभग समाप्त हो चुकी है। 2024 में शून्य मौतें दर्ज हुईं और मामले बहुत कम हो गए। डबल इंजन सरकार ने माफिया के साथ-साथ इन बीमारियों और उनके कारकों को भी नियंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में भी यूपी में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। ललितपुर में फार्मा पार्क का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिसमें बल्क ड्रग यूनिट्स शामिल हैं। वहीं ग्रेटर नोएडा में 350 एकड़ का मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है। लखनऊ में हाल ही में फार्मा कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया, जहां देश के दिग्गज फार्मा निवेशकों ने यूपी की बदलती तस्वीर की सराहना की। उन्होंने कॉन्क्लेव में एक बड़े फार्मा उद्यमी के अनुभव के बारे में कहा कि कैसे उन्हें अपने भतीजे के अपहरण के कारण रातों-रात अपनी जन्मभूमि मेरठ छोड़कर जाना पड़ा था। लेकिन 2017 के बाद प्रदेश में जिस तरह से निवेश का माहौल बदला है, देश के बड़े निवेशक यूपी में निवेश करने को उत्सुक हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में केवल शहरों और उद्योगों का ही विकास नहीं हुआ है, बल्कि प्रदेश की घुमंतू जातियों और जनजातीय समुदायों जैसे वनटांगिया, मुसहर, थारू, कोल, बुक्सा आदि को जमीन के पट्टे, आवास और बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, कौशल, स्वरोजगार, स्वास्थ्य और नेतृत्व में भागीदारी बढ़ी है। प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा से समृद्धि और सशक्तिकरण से उत्कृष्टता तक की यात्रा जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने 2017 के बाद से सुरक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता के नए अध्याय लिखे हैं। जहां पहले अंधकार था, आज प्रगति और उम्मीद की रोशनी है। यह बदलाव लोकल उत्पादों की वैश्विक बाजार तक पहुंच से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं और रोजगार सृजन तक हर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है।

वर्ष 2017 के बाद यूपी ने पॉलिसी पैरालिसिस से पॉलिसी स्टेबिलिटी की ओर ऐतिहासिक यात्रा तय की है : मुख्यमंत्री

ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी के ट्रिपल-टी मॉडल से यूपी आज देश का प्रमुख निवेश गंतव्य बन चुका है : मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में हिस्सा लेते हुए उत्तर प्रदेश के निवेश और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में पिछले साढ़े आठ वर्षों में हुए बदलावों को ऐतिहासिक करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश जो वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया के लिए जाना जाता था, आज उसकी पहचान वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के रूप में होती है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में न स्पष्ट औद्योगिक नीति थी और न सही नियत थी। प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल माहौल न होने के कारण अपार संभावनाओं के बावजूद निवेशक उत्तर प्रदेश आने से हिचकते थे। वही उत्तर प्रदेश आज अपने ट्रिपल-टी यानी ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्म और टाइमली डिलीवरी के मॉडल को अपनाते हुए देश का प्रमुख निवेश गंतव्य बन चुका है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की यात्रा के बारे में कहा कि औद्योगिक निवेश की पहली शर्त होती है सुरक्षा, दूसरी सुविधा और तीसरी स्पष्ट नीति। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में इन तीनों का अभाव था, जिसके चलते उद्योगों का विकास अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया। अब प्रदेश ने फियरलेस बिजनेस, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ट्रस्ट इन डूइंग बिजनेस को अपनी नई पहचान बनाया है। प्रदेश सरकार इसे ट्रिपल-एस मॉडल यानी सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड के रूप में प्रस्तुत कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार होने के कारण प्रदेश के विकास कार्यों में गति स्वाभाविक रूप से बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पॉलिसी पैरालिसिस से पॉलिसी स्टेबिलिटी की ओर ऐतिहासिक यात्रा तय की है। उत्तर प्रदेश में 34 से अधिक सेक्टोरल नीतियां लागू की गई हैं, जिनके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। “निवेश मित्र”, “निवेश सारथी” और “उद्यमी मित्र” जैसी डिजिटल एवं संस्थागत व्यवस्थाओं ने उद्योगों के लिए पारदर्शी और सुगम वातावरण तैयार किया है। उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तर प्रदेश, 2017 के पहले 14वें स्थान पर था, जबकि अब टॉप अचीवर स्टेट के रूप में स्थापित है। सरकार का दावा है कि व्यापक सुधारों के सभी मानकों को पूर्ण रूप से क्रियान्वित करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बना है। डीरेगुलेशन रैंकिंग में यूपी पहले स्थान पर है तो डीक्रिमिनलाइजेशन की दिशा में भी बड़े कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने 13 राज्य अधिनियमों के 99 प्रतिशत आपराधिक प्रावधानों को समाप्त कर उद्योगों के लिए भयमुक्त वातावरण बनाया है। इससे प्रदेश में कारोबारी प्रक्रियाएं सरल हुई हैं और अनावश्यक कानूनी बाधाएं समाप्त हुई हैं। औद्योगिक वृद्धि के आंकड़े इस परिवर्तन की कहानी कहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी से लेकर वर्ष 2017 तक 70 वर्षों में उत्तर प्रदेश में लगभग 14,000 कारखाने ही स्थापित हुए थे। वहीं 2017 के बाद से अब तक इनकी संख्या 31,000 से अधिक हो चुकी है। यह वृद्धि प्रदेश में उद्योगों के प्रति बढ़ते विश्वास का संकेत है। उन्होंने कहा कि पिछले आठ से साढ़े आठ वर्षों में प्रदेश ने 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू प्रस्ताव किए हैं। इनमें से 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू जमीन पर उतारे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि यूपी में अब एमओयू और निवेश कागजों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि ग्राउंडब्रेकिंग, उत्पादन और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के रूप में परिणाम दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश आज मेक इन इंडिया अभियान को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी का बड़ा हब बनकर उभरा है। देश में होने वाले मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का लगभग 55 प्रतिशत उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। वहीं इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्माण में भी प्रदेश की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से अधिक है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश को नए भारत के नए उत्तर प्रदेश के रूप में स्थापित कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ-साथ रक्षा उत्पादन और खेल उद्योग में भी यूपी में तेजी से निवेश बढ़ा है। रक्षा कॉरिडोर और खेल उपकरण निर्माण जैसे क्षेत्रों में नए अवसर सृजित हुए हैं, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडस्ट्री फर्स्ट, इन्वेस्टर फर्स्ट के दृष्टिकोण के कारण उत्तर प्रदेश आज वैश्विक निवेशकों के लिए सुरक्षित, स्थिर और विश्वसनीय गंतव्य बन चुका है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार, आधारभूत संरचना का विस्तार, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के विकास ने औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ किया है। इन पहलों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश आज निवेश, रोजगार और औद्योगिक उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान बना चुका है। सिक्योरिटी, स्टेबिलिटी और स्पीड के ट्रिपल-एस मॉडल के आधार पर उत्तर प्रदेश की गणना आज देश की सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्थाओं में हो रही है।

न कर्फ्यू है, न दंगा है बल्कि यूपी में सब चंगा हैः मुख्यमंत्री योगी

  – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर सोमवार को विधान परिषद में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान रखे विचार   राज्यपाल के प्रति अभद्र व्यवहार को लेकर विपक्ष पर किया करारा प्रहार सीएम बोले, आज प्रदेश कर्फ्यू कल्चर से कानून के राज और अविश्वास से आत्मविश्वास तक पहुंचा डबल इंजन सरकार की नीति से यूपी बना निवेश, नवाचार और पारदर्शिता का मॉडल – प्रयागराज में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भागीदारी सुरक्षा और सुशासन पर बढ़े विश्वास का प्रमाण लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर सोमवार को विधान परिषद में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए सदन में राज्यपाल के प्रति अभद्र और अशिष्ट व्यवहार करने पर विपक्ष को जमकर लताड़ लगाई। साथ ही प्रभावी कानून व्यवस्था को लेकर कहा कि न कर्फ्यू है, न दंगा है, बल्कि यूपी में सब चंगा है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल प्रदेश का संवैधानिक प्रमुख होता है। इसके बावजूद राज्यपाल पर प्रतिपक्ष द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। यह न केवल लोकतंत्र को कमज़ोर करता है बल्कि संवैधानिक व्यवस्था से जुड़े सभी प्रमुख हस्तियों की अवमानना के भी दायरे में आता है। यह हम सबका दायित्व बनता है कि हम अपने राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करें। साथ ही संविधान की व्यवस्था के तहत संवैधानिक प्रमुखों के प्रति सम्मान और आदर का भाव रखें। उनके प्रति कोई ऐसा आचरण न करें, जो आचरण देश की भावी पीढ़ी को गलत दिशा की ओर अग्रसर करे, लेकिन प्रतिपक्ष से इसकी अपेक्षा करना व्यर्थ है। प्रदेश की जनता को पहले ही मिलना चाहिये था कानून का राज मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि राज्यपाल एक अनुभवी राजनेता होने के साथ आज प्रदेश सरकार की संवैधानिक प्रमुख के रूप में अपना मार्गदर्शन और नेतृत्व सभी को प्रदान कर रही हैं। उनके प्रति अभद्र व्यवहार समाजवादी पार्टी की वास्तविक सोच और प्रतिपक्ष की नकारात्मक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है। पिछले नौ वर्ष में प्रदेश ने एक अपनी यात्रा तय की है। यह यात्रा अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन, कर्फ्यू से कानून के राज, उपद्रव से उत्सव की यात्रा, समस्या से समाधान और अविश्वास से आत्मविश्वास की यात्रा है। इस यात्रा को देश और दुनिया स्वीकार करती है। वे कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में बदलाव आया है। यह अधिकार प्रदेश की 25 करोड़ जनता को पहले ही मिलना चाहिये था लेकिन अपने संकुचित एजेंडे को लेकर चलने वाली सरकारों ने प्रदेश के भविष्य और जनता जनार्दन के साथ खिलवाड़ किया। उनके सामने पहचान का संकट खड़ा किया। प्रदेश को अराजकता, अव्यवस्था, अपराध का एक गढ़ बना दिया। इस दौरान कर्फ्यू यहां की पहचान बन गई थी। उत्तर प्रदेश को भारत के शाश्वत मूल्यों की आधारभूमि माना जाता है, उसमें किस प्रकार की अव्यवस्था थी, यह हम सबने देखा है। वहीं डबल इंजन सरकार की स्पष्ट नीति, साफ़ नीयत, सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता से आज उत्तर प्रदेश ने बॉटलनेक से देश की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथॉट बनाने में सफलता प्राप्त की है। दुनिया के सामने टेक्नोलॉजी, भरोसे और परिवर्तन के समन्वित मॉडल के रूप में उभरा मुख्यमंत्री ने कहा कि अब यूपी रेवन्यू सरप्लस और उत्सव प्रदेश के रूप में अपनी यात्रा को लेकर मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में दुनिया के सबसे बड़े एआई इंपेक्ट समिट का उद्घाटन किया है। यह पांच दिनों तक देश और दुनिया के 18 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों की उपस्थिति में चलेगा। इस समय जब दुनिया तेजी से इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ रही है, तब भारत भी इस दिशा में मजबूत और दूरदर्शी रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। देश न केवल वर्तमान बल्कि भावी पीढ़ी के सुरक्षित और समृद्ध भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक बेहतरीन योजना के साथ कार्य कर रहा है। इसी राष्ट्रीय सोच के अनुरूप उत्तर प्रदेश ने भी पिछले साढ़े आठ से पौने नौ वर्षों में खुद को परिवर्तन की आधारभूमि के रूप में स्थापित किया है। प्रदेश में आए इस व्यापक बदलाव को “टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन” की त्रिवेणी के रूप में देखा जा रहा है। आज उत्तर प्रदेश देश और दुनिया के सामने टेक्नोलॉजी, भरोसे और परिवर्तन के समन्वित मॉडल के रूप में उभर कर सामने आया है। यह त्रिवेणी केवल एक नारा नहीं, बल्कि शासन की कार्यशैली और विकास की दिशा का प्रतीक बन चुकी है। उत्तर प्रदेश की ही धरती पर प्रयागराज स्थित है जिसकी पहचान मां गंगा, यमुना और  सरस्वती की पावन त्रिवेणी से है। उसी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रतीक को आधुनिक संदर्भ में नया रूप देते हुए उत्तर प्रदेश ने “टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन” की नई त्रिवेणी को विकास के केंद्र में स्थापित किया है। यह नई त्रिवेणी प्रदेश की प्रगति, पारदर्शिता और जनविश्वास की आधारशिला बन चुकी है। नीतिगत उदासीनता और विकास विरोधी सोच के माहौल को हमने बदला मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में नीतिगत उदासीनता, प्रशासनिक शिथिलता और विकास विरोधी सोच का जो माहौल था, उसे बीते वर्षों में पूरी तरह बदलने का प्रयास किया गया। अनुशासन, निर्णायक नेतृत्व, स्पष्ट नीति और शुद्ध नीयत के माध्यम से शासन-प्रशासन को एक नई दिशा देने का कार्य किया गया है। इसी का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। डबल इंजन सरकार के कार्यों का प्रभाव भी प्रदेश में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से लेकर रोजगार सृजन के व्यापक अभियानों तक, हर क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से कार्य हुआ है। उत्तर प्रदेश को एक बेहतरीन इंवेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए गए हैं, जिससे प्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश का वातावरण सुदृढ़ हुआ है। साथ ही सामाजिक सुरक्षा के विभिन्न माध्यमों से प्रदेश को सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रही है। पहले “वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया” जैसी स्थिति ने प्रदेश को झकझोर रखा था मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में सत्ता के संरक्षण में पल रहे गुंडे और माफिया समानांतर सरकार चलाते थे। गुंडा टैक्स और अवैध वसूली प्रदेश की नियति बन चुकी थी। “वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया” जैसी स्थिति ने उत्तर प्रदेश को … Read more

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधान परिषद में गिनाईं उपलब्धियां

सीएम योगी के निशाने पर रही कांग्रेस व समाजवादी पार्टी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर सोमवार को विधान परिषद में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस व सपा को निशाने पर रखा। उन्होंने पुलिस व कानून व्यवस्था पर भी अपनी बातें रखीं। सीएम योगी ने कहा कि देश व प्रदेश विरासत पर गौरव की अनुभूति करता है। विरासत से युक्त विकास ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला होती है। जिन्होंने भारत की आत्मा पर प्रहार किया और आस्था को रौंदा, उन आक्रांताओं का महिमामंडन कोई राजनीतिक स्वार्थ के लिए करे, नए भारत का नया उत्तर प्रदेश यह स्वीकार नहीं करेगा। देशद्रोही तत्वों के समर्थन में बयानबाजी या राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना राष्ट्रद्रोह से कम नहीं है। सीएम योगी ने कहा कि वंदे मातरम का 150वां वर्ष चल रहा है। पीएम मोदी ने राष्ट्रगीत को देश में अनिवार्य रूप से लागू करने के लिए नोटिफिकेशन जारी कराया। राष्ट्रगीत भारत की आन, बान व शान का प्रतीक है। इन प्रतीकों व राष्ट्रनायकों का सम्मान भारतीयों का दायित्व बनता है। आक्रांताओं का महिमा मंडन और राष्ट्र प्रतीकों (तिरंगा, राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत व महापुरुषों) का अपमान करने वाले संविधान की अवहेलना कर रहे हैं। जनता की आंखों में धूल झोक रही कांग्रेस व सपा सीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस व सपा एक तरफ संविधान के नाम पर जनता की आंखों में धूल झोक रही है तो दूसरी तरफ राष्ट्रगीत वंदे मातरम का विरोध कराया जा रहा है। इनके सदस्य कह रहे हैं कि हम वंदे मातरम नहीं गाएंगे। हिंदुस्तान में रहकर राष्ट्रगीत न गाना नहीं चलेगा। यह संविधान निर्माताओं और बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर का अपमान है। वंदे मातरम को 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रगीत के रूप में मान्यता मिली थी। हर भारतीय का दायित्व है कि इन प्रतीकों को सम्मान दे। सीएम ने कहा कि गाजी भारत की परंपरा और संस्कृति को रौंदने आया था, सपा के लोग इस गाजी के मेले का समर्थन करते हैं। श्रावस्ती के तत्कालीन नरेश महाराज सुहेलदेव के नेतृत्व में हिंदु राजाओं ने उसे रौंद डाला। डबल इंजन सरकार ने महाराज सुहेलदेव को सम्मान दिया। बहराइच के चित्तौड़ा में उनका भव्य स्मारक और उनके नाम पर विश्वविद्यालय भी बनाया। धर्मस्थल केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्रचेतना के भी केंद्र सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर को सम्मान दिया। पीएम मोदी ने लोकमाता की भव्य प्रतिमा काशी विश्वनाथ धाम में स्थापित कराई। समाजवादी पार्टी लोकमाता के नाम पर गुमराह कर रही है। यह लोग राम मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर का विरोध और ऐसे तत्वों को प्रश्रय देते हैं। उनकी यह प्रवृत्ति दिखाती है कि आस्था के प्रति इनके मन में सम्मान नहीं है। सपा सरकार ने कांवड़ यात्रा, जन्माष्टमी, अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा को रोक दिया था। प्रतिपक्ष के दलों ने अपने समय में दीपोत्सव, रंगोत्सव कार्यक्रम को रोका था। कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय में कहा था कि श्रीराम-श्रीकृष्ण मिथक थे। सपा ने रामभक्तों पर गोलियां चलाई थीं। मंदिर निर्माण के मार्ग में बाधा पैदा करने के लिए अधिवक्ता तैयार किए थे, लेकिन हम लोग कहते हैं कि हिंदुस्तान में भारत की आस्था को कोई कैद नहीं कर सकता है। आज अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बन गया है। देश-प्रदेश से हर दिन लाखों श्रद्धालु आ रहे हैं। धर्मस्थल केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्रचेतना के भी केंद्र हैं। सशक्त भारत की अटल आधारशिला बनाने के लिए हमारी सरकार ने आस्था को बढ़ाया सीएम योगी ने कहा कि भारत की आत्मा के प्रति सम्मान का भाव रखना और कार्य करना गौरव की बात है। डबल इंजन सरकार ने विरासत पर गौरव की अनुभूति के साथ ही प्रेरणा, सम्मान व बेहतर भविष्य की ठोस कार्ययोजना के साथ कार्य किया है। प्रधानमंत्री ने आजादी के अमृत महोत्सव के समय विकसित भारत के लिए पंच प्रण की बात की थी, उसी से प्रेरणा लेकर हम लोगों ने सशक्त भारत की अटल आधारशिला बनाने के लिए आस्था को बढ़ाया है। प्रयागराज, अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, विंध्याचल, चित्रकूट, शुकतीर्थ, संभल, बरेली, नैमिषारण्य समेत बौद्ध, जैन, सिख व पौराणिक-ऐतिहासिक महत्व से जुड़े तीर्थस्थलों का समग्र विकास किया है। यूपी की पहचान अब दीपोत्सव, देव दीपावली व रंगोत्सव से सीएम योगी ने कहा कि यूपी की पहचान अब दीपोत्सव, देव दीपावली, रंगोत्सव से होती है। यह केवल आयोजन नहीं, बल्कि इसने भारत के आध्यात्मिक गौरव के वैश्विक उत्सव के रूप में पहचान बनाई है। आज हर भारतीय अयोध्या के दीपोत्सव, काशी के देव दीपावली और मथुरा-वृंदावन के रंगोत्सव से आत्मिक भाव से जुड़ा है। कर्फ्यू न दंगा, यूपी में सब चंगा मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से उत्तर प्रदेश में कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। यूपी में न कर्फ्यू है, न दंगा है, यहां सब चंगा है। महिलाओं को सुरक्षा व व्यापारियों को भयमुक्त वातावरण दिया गया। 8-9 वर्ष में 2.19 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती हुई, इसमें 20 फीसदी महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया गया। जब हम लोग आए थे, तब यूपी पुलिस में 10 हजार महिला कार्मिक थीं, आज यह संख्या 44 हजार से अधिक हो गई है। पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। 2017 में हमें पुलिस भर्ती करनी थी, लेकिन राज्य के पास ट्रेनिंग क्षमता नहीं थी। मिलिट्री, पैरा मिलिट्री व अन्य राज्यों के ट्रेनिंग सेंटर हायर किए थे। इस बार 60,200 पुलिस कार्मिकों की भर्ती हुई और इनका प्रशिक्षण यूपी के ट्रेनिंग सेंटर में ही हो रहा है। पुलिस की अवस्थापना सुविधा में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है। खपरैल के बैरक की जगह पुलिस कार्मिकों के लिए हाईराइज बिल्डिंग में बनाई गईँ हैं। सीएम ने गिनाई स्मार्ट पुलिसिंग की विशेषताएं सीएम योगी ने कहा कि 7 पुलिस कमिश्नरेट मॉडर्न पुलिसिंग का नया मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। साइबर थाना व साइबर सेल इनकी पहचान को और तेजी से बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक साइंस ईकोसिस्टम आधुनिक पुलिसिंग औऱ वैज्ञानिकों साक्ष्यों के लिए अनिवार्य है। तीन नए कानून लागू होने के बाद पूरे देश के अंदर सात वर्ष से अधिक की सजा के लिए फॉरेंसिक एविडेंस अनिवार्य किया गया है। प्रदेश में पहले केवल दो फॉरेंसिक लैब थीं। आज ए ग्रेड के 12 लैब प्रारंभ हो चुके हैं, जबकि … Read more

योगी सरकार की ‘उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026’

25 वर्ष से ज्यादा पुराने प्रोजेक्ट्स को मिलेगी नई जिंदगी स्ट्रक्चरल ऑडिट अनिवार्य, सोसायटी अथवा अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के दो-तिहाई सदस्यों की सहमति के बाद ही लागू होगी पुनर्विकास प्रक्रिया पीपीपी मॉडल के तहत निजी डेवलपर की भागीदारी, त्रिपक्षीय समझौते से तय होंगी जिम्मेदारियां डीपीआर, ट्रांजिट आवास और 3 वर्ष की समयसीमा, योगी सरकार का टाइम-बाउंड रीडेवलपमेंट ब्लूप्रिंट नियोजन मानकों में व्यावहारिक लचीलापन, बोर्ड अनुमोदन से तेज होगा अमल लखनऊ, तेजी से बढ़ते शहरीकरण और पुराने हो चुके ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की जर्जर स्थिति को देखते हुए योगी सरकार ने ‘उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026’ लागू कर दी है। इस नीति का मकसद 25 वर्ष या उससे अधिक पुराने भवनों को सुरक्षित, आधुनिक और सुविधायुक्त रूप में पुनर्विकसित करना है, ताकि लोगों को बेहतर और सुरक्षित आवास मिल सके। कैबिनेट की मंजूरी के बाद शहरी एवं नियोजन विभाग द्वारा अब इस संबंध में शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। योगी सरकार की यह नीति न सिर्फ पुराने और असुरक्षित भवनों को नया जीवन देगी, बल्कि निर्माण, रियल एस्टेट और संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। बेहतर नियोजन और आधुनिक डिजाइन के जरिए यह पहल उत्तर प्रदेश के शहरों को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और भविष्य के अनुरूप बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। एकल आवास नीति में शामिल नहीं प्रदेश के कई शहरों में पुराने अपार्टमेंट और ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं अब संरचनात्मक रूप से कमजोर हो चुकी हैं। ऐसे भवनों में रहना जोखिम भरा हो गया है और महंगी शहरी जमीन का पूरा उपयोग भी नहीं हो पा रहा। नई नीति के जरिए सरकार इन पुराने और कम उपयोग किए जा रहे परिसरों को नए सिरे से विकसित कर शहरों के स्वरूप को बेहतर बनाना चाहती है। नीति के तहत वे सभी सार्वजनिक और निजी प्रोजेक्ट्स पुनर्विकास के लिए पात्र होंगे, जो कम से कम 25 वर्ष पुराने हैं या जिन्हें स्ट्रक्चरल ऑडिट में असुरक्षित पाया गया हो। हाउसिंग सोसायटी या अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के मामलों में प्रक्रिया शुरू करने के लिए दो-तिहाई सदस्यों की सहमति जरूरी होगी। 1500 वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल की भूमि और एकल मकान इस नीति में शामिल नहीं किए गए हैं। इसके अलावा नजूल की भूमि, लीज पर आवंटित भूमि तथा इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की भूमि भी इस पुनर्विकास नीति में शामिल नहीं होगी। तीन मॉडल्स से तय होगा पुनर्विकास सरकार ने पुनर्विकास के लिए तीन मॉडल तय किए हैं। पहला, शासकीय एजेंसी द्वारा सीधे काम कराना, दूसरा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत निजी डेवलपर की भागीदारी और तीसरा सोसायटी या एसोसिएशन द्वारा स्वयं पुनर्विकास। पीपीपी मॉडल में शासकीय अभिकरण, डेवलपर और सोसायटी के बीच त्रिपक्षीय समझौता होगा, जिसमें सभी की जिम्मेदारियां स्पष्ट होंगी। हर परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करना अनिवार्य होगा। इसमें नए फ्लैट्स का कारपेट एरिया, पार्किंग, कॉमन एरिया, ट्रांजिट आवास या किराये की व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन और तय समयसीमा जैसी सभी जानकारियां शामिल होंगी। पुनर्विकास के दौरान जिन निवासियों को अस्थायी रूप से स्थानांतरित करना होगा, उन्हें वैकल्पिक आवास या किराया दिया जाएगा। तीन वर्ष में पूरी होगी परियोजना परियोजना को सामान्यतः तीन वर्ष में पूरा करना होगा, जबकि विशेष परिस्थितियों में अधिकतम दो वर्ष का अतिरिक्त समय दिया जा सकता है। नियोजन मानकों में भी व्यावहारिक लचीलापन रखा गया है। बोर्ड की मंजूरी से केस-टू-केस आधार पर कुछ शर्तों में ढील दी जा सकेगी, ताकि परियोजनाएं समय पर पूरी हों। साथ ही, आपस में जुड़े एक से अधिक भूखंडों को मिलाकर पुनर्विकास की अनुमति दी गई है, जिससे बेहतर और समेकित विकास संभव होगा।

विधान परिषद में CM Yogi Adityanath का दावा, बोले – यूपी में शांति और विकास साथ-साथ

 लखनऊ उत्तर प्रदेश विधान परिषद में सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर अपने विचार व्यक्त किए. इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने प्रदेश को अराजकता अव्यवस्था का गढ़ बना दिया था. आज डबल इंजन सरकार की स्पष्ट नीति, साफ नीति और सशासन की प्रतिबद्धता के कारण बीमारू से ब्रेकथ्रू स्टेट बना है. सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले गुंडे और माफिया इस प्रदेश में समानांतर सरकार चला रहे थे. वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया का राज था. प्रदेश की छवि अराजकता और अस्थिरता का पर्याय बन गया था. लेकिन आज 'उपद्रव प्रदेश' 'उत्सव प्रदेश' बन गया है. रूल ऑफ लॉ स्थापित किया. यूपी में न दंगा न कर्फ्यू, अब सब चंगा. बकौल सीएम- 'यूपी फियर जोन से फेथ जोन में बदला है. अब कर्फ्यू कल्चर नही जीरो टॉलरेंस का कल्चर है. अब फेस्टिव एंड टेम्पल इकोनॉमी ग्रो कर रही है. अब फेस्टिव एंड टेम्पल इकोनॉमी ग्रो कर रही है. कोई सोच सकता था माघ मेला में जहां केवल कल्पवासी आते थे. कुछ लाख श्रद्धालु आते थे. आज 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए… क्योंकि उसको व्यवस्था सुरक्षा पर विश्वास है.' नौकरी के मुद्दे पर सीएम योगी ने कहा कि पुलिस में 2 लाख 19 हजार भर्तियां निकाली गईं, इनमें 20 फीसदी बेटियां हैं. 2017 में यूपी पुलिस में कुल दस हजार महिला कार्मिक थी आज 44000 से अधिक हैं. 2017 से पहले यूपी पुलिस के पास ट्रेनिंग की व्यवस्था नहीं थी.. आज 60000 कार्मिक एक साथ ट्रेनिंग ले रहे हैं. पहले फॉरेंसिक लैब मात्र 2 थीं, आज हमलोग 12 लैब बना चुके हैं 6 अन्य निर्माणाधीन हैं. सभी 75 जिलों में दो दो फॉरेंसिक वन हैं. PAC को पिछली सरकार ने बंदी की कगार पर पहुंचा दिया था. आज 34 वाहिनियां है जिसमे 3 नईं महिला बटालियन हैं- उदा देवी, झलकारी बाई और अवंती बाई.  सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि हम आभारी है प्रधानमंत्री मोदी जी के क्योंकि उन्होंने वंदे भारत राष्ट्र गीत को अनिवार्य किया है. वंदे मातरम भारत के आन बान शान का प्रतीक है. राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान राष्ट्रनायकों, तिरंगे का अपमान संविधान की अवहेलना है. सपा के सदस्य वंदे मातरम का अपमान कर रहे, संविधान का अपमान है, बाबा साहब अम्बेडकर का अपमान है. सपाई राममंदिर, काशी विश्वनाथ का विरोध करते हैं.  उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा गाजी के मेले का समर्थन करती है. गाजी  की भारत के हिंदू राजाओं ने रौंद डाला था. हमारी सरकार ने बहराइच में महराज सुहेलदेव के नाम पर स्मारक बनवाया.