samacharsecretary.com

हिंदू धर्म गुरुओं की हत्या की साजिश का खुलासा , ATS ने 3 संदिग्धों को किया गिरफ्तार

लखनऊ यूपी एटीएस (अतिरिक्त पुलिस सेवा) ने मुजाहिदीन आर्मी नाम के सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। हिंदू धर्म गुरुओं की हत्या की साजिश रचने वाले इस गिरोह का मास्टरमाइंड मोहम्मद रजा और उसके साथियों की खोजबीन जारी है। सोमवार को एटीएस की टीम ने छापेमारी कर मोहम्मद रजा से जुड़े तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। सभी से पूछताछ जारी है। मास्टरमाइंड ने भेजे थे 300 से ज्यादा भड़काऊ वीडियो एटीएस की जांच में पता चला है कि मोहम्मद रजा ने व्हाट्सएप के कई ग्रुप में 300 से अधिक भड़काऊ वीडियो भेजे थे। इन वीडियोज में लोगों को दूसरे धर्म के खिलाफ उकसाने का काम किया जा रहा था। साथ ही यह दिखाया जा रहा था कि कैसे एक संप्रदाय के लोग उनके खिलाफ काम कर रहे हैं। वीडियो के अलावा मोहम्मद रजा ने कई बार वीडियो कॉल के जरिए भी ग्रुप के सदस्यों को संबोधित किया था और उन्हें भड़काया था। साजिश का मकसद था हिंसक जिहाद से देश में शरिया सरकार बनाना एटीएस ने अब तक इस मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों का मकसद हिंसक जिहाद कर देश में शरिया सरकार बनाना था। मोहम्मद रजा और उसके साथी युवकों को उकसाकर अलग-अलग जगह हिंसा भड़काना चाहते थे। 3 युवकों को हिरासत में लिया गया, पूछताछ जारी सोमवार को एटीएस ने मुजाहिदीन आर्मी से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। इसमें तीन और युवकों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी से एटीएस मुख्यालय पर पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान पता चला है कि ये युवकों ने कई बार मोहम्मद रजा से संपर्क किया था और उसके आदेश मानते थे। एटीएस ने कॉल डिटेल और सर्विलांस के जरिए दर्जनों नंबरों पर नजर रखी हुई है। इसके जरिए केरल और यूपी के अन्य शहरों में मोहम्मद रजा के संपर्क में रहने वालों की जानकारी जुटाई गई है। केरल में भी एटीएस की टीम ने संदिग्धों से पूछताछ की है। वहीं, फतेहपुर में भी एटीएस की टीम ने हाल ही में छापेमारी की है। मोहम्मद रजा को जल्द लिया जा सकता है कस्टडी रिमांड पर मोहम्मद रजा को जल्द ही कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए एटीएस सोमवार को अदालत में अर्जी दे सकती है ताकि उससे लंबी पूछताछ की जा सके और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।  

स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

स्वच्छताकर्मियों का कोई शोषण नहीं कर पाएगा, जल्द ही उनके अकाउंट में आएंगे 16 से 20 हजार रुपयेः मुख्यमंत्री  स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री  सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत उत्कृष्ट योगदान करने वाले स्वच्छाग्रहियों का किया सम्मान, स्वच्छता किट भी वितरित की  सफाई मित्रों पर की पुष्पवर्षा, स्कूली बच्ची संग खिंचवाई फोटो भाजपा का काम जोड़ना, सपा-कांग्रेस का काम है तोड़नाः योगी  भगवान वाल्मीकि भारत की ऋषि परंपरा, सनातन धर्म के भाग्य विधाताः मुख्यमंत्री  सीएम ने किया कटाक्ष- बहुत लोग चुनाव के समय दिखाई देते हैं तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में जनता कहती है-आ गइलः बोले- जो जनप्रतिनिधि जनता के बीच रहेगा, जनता उसे आशीर्वाद देती रहेगी सीएम का आह्वान- इस दीपावली हर गरीब के घर पहुंचाएं मिठाई  वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 7 अक्टूबर को भगवान वाल्मीकि जयंती पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा। भगवान वाल्मीकि भारत की ऋषि परंपरा, सनातन धर्म के भाग्य विधाता हैं। वे हम सभी के रोम-रोम और श्वांस-श्वांस में भगवान राम का वास कराने वाले त्रिकालदर्शी ऋषि भी हैं। महर्षि वाल्मीकि दुनिया के पहले सर्वश्रेष्ठ महाकाव्य को रचने वाले आदिकवि भी हैं। सीएम ने कहा कि ऑर्डर जारी होने वाला है, कुछ ही दिनों के अंदर स्वच्छताकर्मियों के अकाउंट में सीधे 16 से 20 हजार रुपये जाएंगे। कोई उनका शोषण नहीं कर पाएगा। सारी तैयारियां चल रही हैं, पोर्टल तैयार हो रहे हैं। स्वच्छता कर्मियों व स्वच्छता मित्रों को पांच लाख रुपये के आयुष्मान भारत के कार्ड की स्वास्थ्य सुविधा भी उपलब्ध कराने जा रहे हैं। जो सबके स्वास्थ्य की रक्षा करता है, हमारी कोशिश है कि उसके लिए भी सरकार के स्तर पर प्रयास हो।  सीएम योगी सोमवार को सरोजा पैलेस, पिपलानी कटरा में स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत उत्कृष्ट योगदान करने वाले स्वच्छता मित्रों का सम्मान और स्वच्छता किट का वितरण किया। सीएम ने सफाईमित्रों पर पुष्पवर्षा भी की। एक बच्ची ने सीएम के साथ फोटो भी खिंचवाई।  मौके पर जनता की सुनवाई करते हैं जनप्रतिनिधि तो समस्या वहीं समाधान का रास्ता निकाल लेती है  सीएम योगी ने कहा कि 17 सितंबर से दो अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा चला। 17 को आधुनिक भारत के शिल्पी, प्रधानमंत्री और काशी के लोकप्रिय सांसद नरेंद्र मोदी,  25 को अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय और दो अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का पावन जन्मदिन रहा। इस दौरान भाजपा ने अखिल भारतीय स्तर पर अनेक कार्यक्रम किए। इस श्रृंखला में तीन महीने पहले से 75 दिन के इस अभियान को लेकर डॉ. नीलकंठ तिवारी ने इसे प्रारंभ किया और एक-एक मोहल्ले में जाकर स्वच्छता के बड़े कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। हर जनप्रतिनिधि (पार्षद, प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, जिला पंचायत अध्यक्ष, चेयरमैन, महापौर, विधायक या सांसद) इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करे। सीएम ने कहा कि जनता-जनार्दन से अक्सर यह शिकायत सुनने को मिलती है कि चुनाव आ गया तो दिखाई दे रहे हैं। बहुत लोग चुनाव के समय दिखाई देते हैं तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में जनता कहती है-आ गइलः, लेकिन जहां जनप्रतिनिधि थोड़े भी जागरूक हैं। मौके पर जाकर जनता की सुनवाई करते हैं तो समस्या वहीं समाधान का रास्ता निकाल लेती है।  समाधान की चर्चा करते हैं तो रास्ता निकलता है  मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सबके सामने कठिनाई आती है,  लेकिन जब हम समाधान की चर्चा करते हैं तो इसका रास्ता निकलता है। समस्या को समस्या की दृष्टि से देखते हैं तो वह समाधान की तरफ नहीं बढ़ पाती। आप समाधान की तरफ सोचेंगे तो समस्या को सदैव के लिए समाप्त कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए समय निकालकर मौके पर जाना पड़ेगा। 75 दिन की यात्रा के दौरान एक-एक मोहल्ले में जाना, सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ अभियान का हिस्सा बनना, चौपाल लगाना, स्वच्छता के कार्यक्रम को बढ़ाना अद्भुत कार्य है।  स्वच्छ भारत अभियान ने नारी के साथ भारत के गरिमा की भी रक्षा की  सीएम ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री ने देश में स्वच्छ भारत अभियान का आगाज किया था। उनका उद्देश्य स्वच्छता के प्रति प्रत्येक नागरिक को जागरूक करना था। प्रधानमंत्री ने स्वयं अपने हाथ में झाड़ू लिया था। हम देश और मातृभूमि को गंदा नहीं होने देंगे। सबसे पहले स्वच्छता अभियान चला। 12 करोड़ घरों में एक-एक शौचालय बनाने से 60 करोड़ लोगों को लाभ मिला। यह बहुत बड़ा कार्य है। यह क्रम लगातार बढ़ता रहा। शौचालय बनाने का मतलब स्वच्छता के प्रति हर नागरिकों को आग्रही बनाना और नारी गरिमा की रक्षा करना भी था। इस सीजन में गांवों में पैदल नहीं जाया जा सकता था। रास्तों में बदबू आती थी, लेकिन 2014 के बाद परिवर्तन आया तो आज गांव और वार्ड भी साफ-सुथरे हैं। इसने नारी के साथ भारत के गरिमा की भी रक्षा की। भारत के बारे में लोगों की सोच में परिवर्तन लाया गया। आज दुनिया भारत के बारे में अच्छा सोचती है।  स्वच्छ भारत अभियान स्वस्थ भारत के साथ-साथ सशक्त व समर्थ भारत की भी आधारशिला  सीएम योगी ने कहा कि गंदगी से होने वाली अनेक बीमारियों से लोगों को राहत मिली। प्रधानमंत्री ने उपचार के लिए आयुष्मान भारत की सुविधा दी। तमाम बीमारियां गंदगी के कारण पैदा होती थीं, लेकिन स्वच्छता से जुड़ने का परिणाम रहा कि उन बीमारियों से राहत मिली तो घर में बचत भी हुई। स्वच्छ भारत अभियान स्वस्थ भारत के साथ-साथ सशक्त व समर्थ भारत की भी आधारशिला है। पीएम ने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में देशवासियों से कहा कि हमें भारत को विकसित बनाना है। इसके लिए शताब्दी संकल्प अभियान के साथ जोड़ा गया। देश जब आजादी के 100 वर्ष मनाएगा, उस समय हमें विकसित,  समर्थ, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत चाहिए। दुनिया का कोई देश भारत की तरफ आंख टेढ़ी करके नहीं देख सकता। यह केवल पीएम का नहीं, सभी भारतवासियों का संकल्प है। इसमें सबसे बड़ी जिम्मेदारी काशीवासियों की ही है, क्योंकि संसद में मोदी जी काशी का ही प्रतिनिधित्व करते हैं।  स्वच्छता के आधार और मित्र हैं स्वच्छता कर्मी मुख्यमंत्री ने कहा कि वाराणसी दक्षिण के कार्यकर्ताओं व स्वच्छता मित्रों का अभिनंदन किया और 75 दिन तक चले इस कार्यक्रम को अद्भुत बताया। बोले- यह कार्य नई प्रेरणा व नया प्रयोग भी है। … Read more

मुख्यमंत्री ने अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम में लैपटॉप व सिलाई मशीन का किया वितरण

शांति व सौहार्द का मार्ग प्रशस्त करना है तो सबको सनातन धर्म की ही शरण में आना पड़ेगाः योगी मुख्यमंत्री ने  अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम में लैपटॉप व सिलाई मशीन का किया वितरण सीएम ने किया पौधरोपण व गोशाला में गायों को चारा, गुड़ व फल भी खिलाया  सनातन धर्म को बचाना है तो संस्कृत को माध्यम बनाना पड़ेगाः मुख्यमंत्री बोले- आने वाले समय में संस्कृत के लिए अनेक कार्य करने जा रही प्रदेश सरकार सीएम ने अन्नपूर्णा मठ के कार्यों की सराहना की, बोले-समाज निर्माण को मजबूती और बालिकाओं को स्वावलंबन के पथ पर अग्रसर कर रहा मठ वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शांति व सौहार्द का मार्ग प्रशस्त करना है तो सबको सनातन धर्म की ही शरण में आना पड़ेगा। सनातन धर्म ही लोकमंगल,  लोककल्याण के साथ सभी की सुरक्षा व कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगा। सनातन धर्म को बचाना है तो संस्कृत को माध्यम बनाना पड़ेगा।  मुख्यमंत्री ने सोमवार को  अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम में लैपटॉप व सिलाई मशीन का वितरण किया। उन्होंने कुछ बच्चों को अपने हाथों से भी सम्मानित किया। सीएम योगी ने यहां पौधरोपण किया और गोशाला में गायों को चारा,  गुड़ व फल खिलाया। सीएम ने बच्चों को शुभकामना देते हुए कहा कि दीपावली के पूर्व मिला यह उपहार मां अन्नपूर्णा की कृपा है। उन्होंने बच्चों को हिदायत भी दी कि कंप्यूटर सुविधा का माध्यम है तो भटकाव भी है। हमें सकारात्मक रूप से ज्ञान को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, जो जीवन को उज्ज्वल बनाने में योगदान दे सके।  आने वाले समय में संस्कृत ही दुनिया की जोड़ने वाली भाषा रहेगी मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र संस्कृत का अध्ययन करते हुए अनवरत भारतीय संस्कृति व परंपरा के लिए समर्पित भाव के साथ कार्य कर रहे हैं। कंप्यूटर का भी आधुनिक ज्ञान ले रहे हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि विज्ञान, गणित व अंग्रेजी की भी जानकारी ले लें,  सेना, अर्धसेना व पुलिस बल में धर्मगुरुओं की बड़ी संख्या निकलती है। आने वाले समय में संस्कृत ही दुनिया की जोड़ने वाली भाषा रहेगी। संस्कृत के बिना किसी का काम नहीं चलेगा।  आने वाले समय में संस्कृत के लिए अनेक कार्य करने जा रही सरकार सीएम ने कहा कि संस्कृत के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति नहीं थी। यूपी में हमने प्रयास किया और संस्कृत पढ़ने वाले हर छात्र के लिए छात्रवृत्ति जारी की। आने वाले समय में व्यवस्था करने जा रहे हैं कि संस्कृत पढ़ने वाले छात्रों के लिए रहने और खाने की व्यवस्था में सरकार अनुदान देगी। संस्कृत में विशिष्ट शोध और उच्च अध्ययन करने वाले छात्रों के लिए भी विशिष्ट छात्रवृत्ति जारी करने वाले हैं। हमारा उद्देश्य है कि संस्कृत में पढ़ने-पढ़ाने और शोध को बढ़ाने वाले छात्रों के साथ अच्छे विद्वान भी बढ़ा सकें। संस्कृत में वेद और व्याकरण भारत की विशिष्ट देन है। दुनिया का पहला विश्वविद्यालय तक्षशिला भारत में स्थापित हुआ था। पाणिनी वहीं की देन हैं। पाणिनी के व्याकरण में उस समय के इतिहास, परंपरा व भारत के बारे में विस्तृत अध्ययन प्राप्त होता है।  भारतीय संस्कृति ने नारी की गरिमा, सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन को दिया सर्वोच्च स्थान  मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम के बारे में कहा कि जब मां अन्नपूर्णा, बाबा विश्वनाथ व मां गंगा की कृपा बरसती है तो ऐसे ही शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त प्राप्त हो जाते हैं। इस संस्थान की स्थापना के 108 वर्ष होने के साथ आज शरद पूर्णिमा से जुड़ रहे हैं। यह आयोजन यूपी सरकार के मिशन शक्ति (महिला सुरक्षा, सम्मान व नारी स्वावलंबन) को भी जोड़ रहा है। भारतीय संस्कृति ने नारी की गरिमा, सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन को सर्वोच्च स्थान दिया है। सनातन धर्म की परंपरा सदैव से मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा व सम्मान का भाव व्यक्त करती रही है। भारत में हमने धऱती को भी मां के रूप में पूजा है। मां गंगा को सबसे पवित्र नदी मानकर आराधना की है। मां अन्नपूर्णा की कृपा से ही मानव व जीव-जंतु को खाने को मिलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी गरिमा को दिया महत्व  सीएम योगी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने भी नारी गरिमा को महत्व दिया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ,  12 करोड़ घर में शौचालय, देश में चार करोड़ व यूपी में 60 लाख लोगों को छत दी गई। जब बरसात,  सर्दी में लोगों के सिर पर छत नहीं होती थी, तब घर की महिला परिवार की लाज बचाती थी। एलपीजी के 10 करोड़ से अधिक कनेक्शन फ्री में उपलब्ध हुए। अब तो काशी में पाइपलाइन से गैस की सप्लाई शुरू हो गई है। यह काशी की प्रगति दिखती है। गांव में पहले यदि गरीब का घर टूट जाता था तो दोबारा मकान बनाने के लिए पापड़ बेलने पड़ते थे। दबंग मकान नहीं बनने देता था। सीएम ने घरौनी की चर्चा की और कहा कि तीन करोड़ परिवारों को जहां पर उसका आवास है, वहीं उसका मालिकाना अधिकार दे दिया गया। यह अधिकार घर की महिला सदस्य को दिया गया।  हर क्षेत्र में महिला को आगे बढ़ाने का हो रहा कार्यक्रम  मुख्यमंत्री ने कहाकि शिक्षा, स्वास्थ्य,  स्किल मिशन, रोजगार समेत जीवन के हर क्षेत्र में महिला को आगे बढ़ाने का कार्यक्रम चल रहा है। यह कार्यक्रम नारी रक्षा के साथ स्वावलंबन का अभियान है। काफी पहले से अन्नपूर्णा मंदिर ट्र्स्ट की ओर से 250 बालिकाओं को प्रतिवर्ष प्रशिक्षण देकर सिलाई मशीन उपलब्ध कराई जाती है। एक परिवार के भरण-पोषण में सिलाई मशीन बड़ी मदद कर सकती है। नारी को स्वावलंबन पथ पर अग्रसर करने में यह बड़ी भूमिका का निर्वहन भी कर सकती है।   आने वाला समय नए रोजगार के सृजन का   सीएम योगी ने कहा कि दुनिया में कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार की संभावना वस्त्र उद्योग में है। रेडिमेड गारमेंट्स की दुनिया में काफी मांग है। यूपी ने 2018 में एक जनपद,  एक उत्पाद योजना लागू की। सीएम ने वाराणसी, भदोही, मीरजापुर व लखनऊ का जिक्र किया। बोले कि सभी को अच्छी डिजाइन, पैकेजिंग, तकनीक से जोड़ा जाता है। अब इतना ऑर्डर मिलता है कि वे आपूर्ति नहीं कर पाते। यूपी सरकार ने भारत सरकार के साथ मिलकर अनेक कार्यक्रम प्रारंभ किए हैं। सीएम ने कहा कि हम लोगों ने फ्लैटेड फैक्ट्री का नया कॉन्सेप्ट दिया है। … Read more

जनता दर्शन : सोमवार को प्रदेश से आये लोगों की समस्या से स्वयं रूबरू हुए मुख्यमंत्री

हर चेहरे पर खुशी और संतुष्टि ही सरकार की प्राथमिकता: सीएम योगी जनता दर्शन : सोमवार को प्रदेश से आये लोगों की समस्या से स्वयं रूबरू हुए मुख्यमंत्री  पुलिस, राजस्व, आर्थिक सहायता समेत अन्य प्रकरण लेकर पहुंचे फरियादी हर पीड़ित के पास पहुंचे सीएम योगी, समस्या सुन निश्चित समयावधि में निस्तारण के लिए अफसरों को दिया निर्देश  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'जनता दर्शन' किया। प्रदेश भर से आये फरियादियों के पास मुख्यमंत्री स्वयं पहुंचे, उनकी समस्या पूछी, प्रार्थना पत्र लिया और अफसरों को निर्देश दिया कि निश्चित समयावधि में सभी की समस्याओं का उचित निस्तारण कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर चेहरे पर खुशी और संतुष्टि ही सरकार की प्राथमिकता है।  पुलिस, राजस्व, आर्थिक सहायता से जुड़े प्रकरण लेकर पहुंचे फरियादी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह 'जनता दर्शन' किया। इस दौरान प्रदेश के 50 से अधिक पीड़ित पहुंचे। मुख्यमंत्री एक-एक करके सभी के पास पहुंचे, उनका प्रार्थना पत्र लिया और अफसरों को तत्काल उचित निराकरण का निर्देश दिया। 'जनता दर्शन' में लोग पुलिस, बिजली, राजस्व से जुड़े प्रकरण, नौकरी, आर्थिक सहायता आदि की मांग को लेकर पहुंचे।  किसी के चेहरे पर खुशी लाना ही ईश्वर की सेवा सीएम योगी ने कहा कि किसी के चेहरे पर खुशी लाना ही ईश्वर की सेवा है। प्रदेश सरकार हर पीड़ित को खुशहाल करने  की भावना से कार्य कर रही है। सरकार की योजनाओं का बिना भेदभाव सभी को लाभ मिल रहा है। 'जनता दर्शन' के माध्यम से भी समस्याओं का निराकरण कराया जा रहा है।  मुख्यमंत्री ने नन्हे-मुन्नों को दी चॉकलेट  मुख्यमंत्री ने 'जनता दर्शन' में फरियादियों के साथ आए बच्चों का हालचाल जाना। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर दुलार किया और अपनत्व का अहसास कराया। सीएम योगी ने सभी बच्चों को चॉकलेट-टॉफी दी और खूब पढ़ने-खेलने की  भी सलाह दी।

स्कूल से लेकर सुदूर गांव तक सुरक्षा का संदेश पहुंचा रही योगी सरकार

मिशन शक्ति- 5.0: छात्राओं को आत्मरक्षा से मिल रही आत्मविश्वास की सीख  स्कूल से लेकर सुदूर गांव तक सुरक्षा का संदेश पहुंचा रही योगी सरकार संकट की घड़ी में सरकारी और सामाजिक सहायता का सही इस्तेमाल सिखा रही योगी सरकार  – मिशन शक्ति से मजबूत हो रही महिलाओं की आवाज, सुरक्षा और स्वाभिमान बना जनआंदोलन – विभिन्न अभियानों के माध्यम से अबतक 13.58 लाख से अधिक लोगों तक पहुंची योगी सरकार लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन शक्ति 5.0 अभियान नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा दे रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह के अवसर पर प्रदेश के सभी जिलों में "सेल्फ डिफेंस वर्कशॉप" का भव्य आयोजन कर रही है। इसके माध्यम से छात्राओं और महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखा कर न सिर्फ उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया जा रहा है बल्कि उनको संबंधित कानून की भी जानकारी देकर सशक्त भी किया जा रहा है। मिशन शक्ति 5.0 के तहत योगी सरकार विभिन्न अभियानों के माध्यम से अबतक 13.58 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच बनाकर उन्हें जागरूक कर चुकी है। प्रदेश के सभी जिला, ब्लॉक और गांव स्तर पर आयोजित कार्यशालाओं और समूह सत्रों में बालिकाओं और महिलाओं को उनकी सुरक्षा से जुड़े अधिकारों और तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। स्कूलों में आयोजित विशेष सत्रों में विशेषज्ञों ने छात्राओं को सिखाया कि विभिन्न सामाजिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करें, खुद को कमजोर न समझें, बल्कि अपनी क्षमताओं का उपयोग कर संकट का सामना करें, सरकार हर कदम पर महिलाओं के साथ है । इसके माध्यम से योगी सरकार का उद्देश्य बालिकाओं और महिलाओं को उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा, अधिकारों और कानूनी प्रावधानों से जोड़ना है, ताकि वे आत्मनिर्भर और सुरक्षित जीवन जी सकें। योगी सरकार की इस पहल ने नारी सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। हेल्पलाइन नंबर व साइबर सुरक्षा की भी दी गई जानकारी इन सत्रों में आत्मरक्षा के व्यावहारिक प्रशिक्षण, संकट की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के तरीके, हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आयोजित इन कार्यक्रमों में बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी जिज्ञासाएं साझा की। अपने अधिकारों और आत्मरक्षा की जानकारी पाकर उत्साहित छात्राओं ने कहा कि यह प्रशिक्षण उन्हें आत्मविश्वास दिया है और परिवार व समाज में सुरक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित किया है।  योगी सरकार इन कार्यक्रमों का संचालन विषय विशेषज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रशिक्षकों की मौजूदगी में कर रही है, जिसमें जानकारी दी गई कि कोई भी बालिका या महिला किसी प्रतिकूल स्थिति का सामना करे, तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए और सरकारी व सामाजिक सहायता तंत्र का उपयोग करना चाहिए।  महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने कहा कि  अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह के तहत यह अभियान बालिकाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। सेल्फ डिफेंस वर्कशॉप से जुड़ी जानकारी हर लड़की के लिए उतनी ही जरूरी है, जितनी शिक्षा। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल बालिकाओं की व्यक्तिगत सुरक्षा को बढ़ाएगी, बल्कि पूरे प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित और समावेशी माहौल के निर्माण को गति देगी।

‘जनता दर्शन’ में जनता की समस्याओं को समझे सीएम योगी, राहत दिलाने के दिए आदेश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जनपदों से आए लोगों से व्यक्तिगत मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं. उन्होंने लोगों की समस्याओं को निश्चित समयावधि में निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए. जनता दर्शन में कैसे जाएं? बता दें कि जनता दर्शन में जाने के लिए किसी विशेष प्रकार के रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं होती है। जनता दरबार में कोई भी नागरिक सीधे पहुंच सकता है और अपनी शिकायत या समस्या मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारियों बता सकता है। हालांकि, यह सलाह दी जाती है कि लोग अपनी समस्याओं को जनसुनवाई पोर्टल (https://jansunwai.up.nic.in) पर पहले से ही ऑनलाइन दर्ज करें. इससे उनकी शिकायत को पहले से रिकॉर्ड में लाया जा सकता है और जनता दरबार  में चर्चा के दौरान उसे प्राथमिकता से देखा जा सकता है. जनता दरबार के समय या स्थान में परिवर्तन हो सकता है, इसलिए किसी भी आधिकारिक सूचना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की वेबसाइट या जनसुनवाई पोर्टल देखा जा सकता है.

मौसम का मिज़ाज बदला: प्रदेश के 11 जिलों में ओले गिरने की संभावना, 15 क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मानसून के विदा होने से पहले पूरब और पश्चिम दोनों संभागों में जोरदार बारिश देखने को मिली है। अब पश्चिमी विक्षोभ के असर से सोमवार को पश्चिमी यूपी में ओले भी गिरने वाले हैं। माैसम विभाग ने सोमवार के लिए पश्चिमी तराई के सहारनपुर, शामली, बिजनाैर समेत 15 जिलों में गरज चमक के साथ ओले गिरने की आशंका जताई है। वहीं पश्चिम के 13 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दाैरान 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की भी चेतावनी है। लगभग 38 जिलों में मेघ गर्जन के साथ वज्रपात की भी आशंका है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से सोमवार को पश्चिमी यूपी के कई जिलों में भारी बारिश और गरज चमक के साथ ओले गिरने की चेतावनी है। बुधवार से पूर्वी और पश्चिमी यूपी में माैसम के शुष्क रहने के संकेत हैं। आज फिर बदल सकता है मौसम का मिजाज राजधानी में रविवार को दिन चढ़ने के साथ धूप खिली। पारा चढ़ने के साथ गर्मी भी बढ़ी। हवा में नमी ज्यादा होने के कारण दोपहर में तीखी धूप के साथ उमस बेकाबू होती गई। हालांकि सुबह और शाम के वक्त नमी से भरी ठंडी हवाओं के चलते ही गर्मी से थोड़ी राहत रही। रविवार को धूप की तेजी के चलते अधिकतम तापमान में करीब तीन डिग्री का उछाल दर्ज किया गया। माैसम विभाग का कहना है कि सोमवार को एक बार फिर राजधानी क्षेत्र में बादलों की सक्रियता बढ़ने के आसार हैं। इससे छिटपुट बूंदाबांदी की संभावना भी है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से सोमवार को लखनऊ में बादलों की आवाजाही के साथ बूंदाबांदी की परिस्थितियां बन सकती हैं। इससे गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। विक्षोभी की तीव्रता ज्यादा रही तो मंगलवार को भी बादल और बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 2.9 डिग्री की उछाल के साथ 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान बिना किसी बदलाव के साथ 24.2 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड हुआ।  

सड़कों पर कुत्तों का कहर: गाजियाबाद में रेबीज इंजेक्शन की मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी

गाजियाबाद लावारिस कुत्तों के चलते लोगों में दहशत है। गलियों और पार्कों में ये लोगों को काट रहे हैं। जनपद के 80 इलाकों में सबसे अधिक लावारिस कुत्ते हैं। सरकारी अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने इन इलाकों के लोग सबसे ज्यादा पहुंच रहे हैं। जिले में कॉलोनी और सोसाइटी में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ी हैं। घरों से बाहर निकलते ही कुत्ते लोगों को काट रहे हैं। शहरी क्षेत्र के लोग इससे निजात दिलाने की निगम अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में रोजाना 400 मरीज कुत्ते काटने के बाद एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार जनपद में 80 इलाके ऐसे हैं जहां सबसे ज्यादा कुत्ते काटने के मामले हो रहे हैं। शहरी क्षेत्र के कैला भट्टा, नंदग्राम, लाल कुआं, बम्हेटा, अकबरपुर-बहरामपुर, गोविन्दपुरम, लोहियानगर, पंचवटी, भाटिया मोड़, जटवाड़ा, साहिबाबाद, अर्थला, शालीमार गार्डन, पसौंड़ा आदि क्षेत्र हैं। इसके अलावा मोदीनगर, लोनी, मुरादनगर, डासना आदि जगह पर भी कुत्ते काटने के मामले बढ़ रहे हैं। रोजाना 400 मरीज एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे : स्वास्थ्य केंद्रों में 90 प्रतिशत मरीज कुत्ते काटने के बाद एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए आते हैं। इस वजह से एआरवी की सबसे ज्यादा खपत कुत्ते काटने के मामलों में ही हो रही है। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर रोजाना 350 से 400 मरीज पहुंचते हैं। इनमें से बहुत कम मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें कुत्ते के काटने से जख्म हो जाता है। यानि कुत्ते काटने से मांस फट जाता है और उससे खून निकलने लगता है। ऐसे मरीज को एंटी रेबीज वैक्सीन के साथ सीरम लगाया जाता है। यह सुविधा अभी केवल एमएमजी अस्पताल में है। अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन के नोडल अधिकारी डॉ. नितिन प्रियादर्शी के मुताबिक रोजाना तीन से चार मरीजों को सीरम लगाया जा रहा। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो मई महीने में 11008, जून में 11213 और जुलाई में 11213 मरीजों को एआरवी लगाई गई। इस साल जुलाई तक 66923 मरीजों को रेबीज का कवच दिया गया। केवल शहरी क्षेत्र में टीकाकरण और नसबंदी हो रही नगर निगम के दो एनीमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर हैं। इसमें एक दिन में लगभग 30 कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण हो रहा है। नसबंदी के बाद कुत्तों को तीन दिन सेंटर में रखना होता है। इसके बाद कुत्तों को उसी स्थान पर छोड़ने का नियम है, जहां से उन्हें पकड़ा जाता है। नगर पालिका और नगर पंचायत में लावारिस कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण नहीं हो रहा।

बेटे की लाश लाने तक के पैसे नहीं थे, झांसी में दिल तोड़ देने वाली घटना

झांसी उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में एक दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. यहां मुंबई से गांव लौट रहे सिद्धार्थनगर जिले के रामोपुर पाठक गांव के रहने वाले अनिल अहिरवार की ट्रेन से गिरकर मौत हो गई. हादसा झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास कानपुर-झांसी रेलवे लाइन पर हुआ. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया, लेकिन शिनाख्त न होने के कारण चार दिनों तक शव वहीं पड़ा रहा. जब मृतक की पहचान हुई तो परिवार के सामने और भी बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई. मृतक के पिता अनिल के पास झांसी तक आने के पैसे तक नहीं थे. गांव में बेटे की मौत की खबर सुनते ही पूरा परिवार बेसुध हो गया. मुंबई में काम करता था युवक पिता ने बताया कि उनका बेटा परिवार का इकलौता सहारा था. उसके छोटे-छोटे तीन बच्चे 15 साल की मुस्कान, 9 साल का सनी और 5 साल का छोटू है. इसके अलावा बूढ़े मां-बाप और पत्नी की जिम्मेदारी भी सुनील पर ही थी. तीन महीने पहले वह रोजगार के लिए मुंबई गया था और वहीं एक कंपनी में काम करता था लेकिन तबीयत खराब होने पर वह गांव लौट रहा था. इसी दौरान झांसी में यह दर्दनाक हादसा हो गया. पिता के पास नहीं थे शव लाने के पैसे मृतक के पड़ोसी आनंद कुमार दुबे ने बताया कि परिवार की स्थिति बेहद खराब है. पिता अनिल गांव में रोते हुए घूम रहे थे और कह रहे थे कि बेटे का शव लाने के लिए पैसे भी नहीं हैं. ऐसे में गांव के लोगों ने चंदा कर 23 हजार रुपये एकत्र किए. इन्हीं पैसों से पिता अनिल और परिजन झांसी पहुंचे और बेटे का शव लेकर गांव लौट सके. पूंछ थाना प्रभारी जेपी पाल ने बताया कि शव की शिनाख्त के बाद पोस्टमार्टम करा दिया गया है. इसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया. इस घटना ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे गांव को गहरे शोक में डाल दिया है. गरीबी और लाचारी की इस हकीकत ने सबको भावुक कर दिया.

सीएम योगी का आदेश: पूरे यूपी में 7 अक्टूबर को भव्य रूप से मनेगी वाल्मीकि जयंती

लखनऊ  यूपी के सभी 75 जिले 7 अक्टूबर को एक साथ एक अद्भुत आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य भर में वाल्मीकि जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी. इस दिन पूरे प्रदेश में रामायण पाठ, भजन, कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और दीप प्रज्ज्वलन जैसे आयोजन एक साथ होंगे. योगी सरकार ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कार्यक्रमों में न केवल सरकारी स्तर पर भागीदारी हो, बल्कि आम लोगों की सक्रिय उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यह आयोजन समाज में समानता, सेवा और सद्भाव का संदेश लेकर आएगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हर कार्यक्रम स्थल पर स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश और सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था हो. पूरे प्रदेश में एक साथ आयोजन की तैयारी सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी निर्देश के अनुसार 7 अक्टूबर को राज्य के सभी जिलों, तहसीलों और विकास खंडों में वाल्मीकि जयंती का आयोजन होगा. संस्कृति विभाग के सहयोग से देव मंदिरों और महर्षि वाल्मीकि से जुड़े स्थलों पर रामायण पाठ, भक्ति संगीत, भजन, कीर्तन, दीपदान और प्रवचन कराए जाएंगे. हर जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है, जो स्थानीय कलाकारों, समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर कार्यक्रमों का संचालन करेगी. लालापुर (चित्रकूट) बनेगा आयोजन का केंद्रबिंदु महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली लालापुर (चित्रकूट) में इस दिन सबसे बड़ा और भव्य आयोजन होगा. संस्कृति विभाग ने इसे राज्य स्तरीय मुख्य समारोह का दर्जा दिया है. उप निदेशक (पर्यटन) आर.के. रावत को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है. उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 11 बजे महर्षि वाल्मीकि की मूर्ति पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन से होगा. इसके बाद विराट महाराज और संस्कृत के छात्र-छात्राएं रामायण पाठ प्रस्तुत करेंगे. स्थानीय कलाकार दयाराम रैकवाड़ व उनकी टीम द्वारा भक्ति संगीत और वाल्मीकि रामायण पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी. पूजन, हवन, लव-कुश प्रसंग और प्रवचन जैसे कार्यक्रम पूरे दिन चलेंगे. कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, संस्कृति विभाग के अधिकारियों, और जनसामान्य की सक्रिय भागीदारी रहेगी. आयोजन के दौरान पूरे परिसर में स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं. अन्य जिलों में भी रहेगी रौनक लालापुर के अलावा अयोध्या, श्रावस्ती, प्रयागराज, कानपुर (बिठूर), राजापुर, झांसी, वाराणसी, लखनऊ और गोरखपुर समेत सभी जिलों में आयोजन होंगे. हर जगह महर्षि वाल्मीकि के जीवन दर्शन पर आधारित प्रवचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी. अयोध्या में वाल्मीकि आश्रम पर विशेष पूजन के साथ दीपदान होगा, जबकि बिठूर के वाल्मीकि आश्रम में दो दिवसीय कार्यक्रम की तैयारी चल रही है. प्रयागराज और वाराणसी में विश्वविद्यालयों के साहित्य विभागों द्वारा ‘वाल्मीकि और रामायण का सांस्कृतिक प्रभाव’ विषय पर परिचर्चा आयोजित की जाएगी. इन कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि युवाओं को भारतीय संस्कृति और महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाओं से जोड़ना है. जनसहभागिता पर विशेष जोर अधिकारियों का कहना है कि योगी सरकार ने इस आयोजन को पूरी तरह जनसहभागिता केंद्रित कार्यक्रम बनाया है. संस्कृति विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से इसका संचालन करेंगे. हर जिले में स्थानीय कलाकारों, भजन मंडलियों, कथा वाचकों और विद्यालयों को मंच प्रदान किया जा रहा है ताकि वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें. सीएम योगी ने कहा है कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में जनता की भागीदारी ही उनकी आत्मा है. महर्षि वाल्मीकि की जयंती को हम केवल एक तिथि नहीं, बल्कि लोकमंगल के पर्व के रूप में मना रहे हैं. साफ-सफाई और सुरक्षा पर सीएम की सख्त निगरानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी आयोजन स्थलों पर स्वच्छता, पेयजल, ध्वनि, प्रकाश और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो. संस्कृति विभाग को निर्देशित किया गया है कि आयोजन के दौरान सकारात्मक सामाजिक संदेश प्रसारित किए जाएं और वाल्मीकि जी के उपदेशों को आमजन तक पहुंचाया जाए. प्रत्येक स्थल पर पुलिस बल और स्थानीय स्वयंसेवकों की मौजूदगी रहेगी. लखनऊ से लेकर सोनभद्र तक प्रशासन ने रविवार रात से ही सभी प्रमुख स्थलों पर तैयारियां शुरू कर दी हैं. स्थानीय कलाकारों को मिलेगा आध्यात्मिक मंच योगी सरकार की एक बड़ी पहल यह भी है कि हर जिले में स्थानीय कलाकारों और भजन मंडलियों को मंच प्रदान किया जाएगा. संस्कृति परिषद और जिला प्रशासन की ओर से कलाकारों का चयन किया जा चुका है. इस कदम का उद्देश्य ग्रामीण व कस्बाई प्रतिभाओं को पहचान दिलाना और धार्मिक आयोजनों में उनकी भागीदारी बढ़ाना है. लखनऊ में संस्कृति विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि  पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि छोटे जिलों में बहुत प्रतिभाशाली कलाकार हैं, जिन्हें मंच नहीं मिल पाता. इस आयोजन से वे अपनी कला के माध्यम से समाज को जोड़ने का अवसर पाएंगे. हर जिले में नोडल अधिकारी की तैनाती संस्कृति विभाग ने सभी 75 जिलों में नोडल अधिकारियों की तैनाती कर दी है. ये अधिकारी जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के साथ मिलकर कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करेंगे. जहां बड़े आयोजन होंगे, वहां विभागीय मंत्री और सांसद/विधायक भी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. संस्कृति विभाग ने बताया कि इस आयोजन में किसी प्रकार की औपचारिकता नहीं रखी जाएगी बल्कि सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी.