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खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग, बना देश के लिए आदर्श मॉडल

रायपुर खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ राज्य ने हाल के वर्षों में खनन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी नवाचार को केंद्र में रखकर राज्य ने खनिज प्रशासन में अनेक संरचनात्मक सुधार किए हैं, जिनके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी खनन राज्यों में सम्मिलित हो गया है। राज्य में विश्वस्तरीय लौह अयस्क, कोयला, चूना पत्थर, बाक्साइट, टिन अयस्क सहित नवीन अन्वेषणों से क्रिटिकल, स्ट्रैटेजिक तथा रेयर अर्थ मिनरल्स की उपलब्धता प्रमाणित हुई है, जिससे राज्य की वैश्विक पहचान सुदृढ़ हुई है। छत्तीसगढ़ का खनन क्षेत्र राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 10 प्रतिशत का योगदान दे रहा है, जबकि देश के कुल खनिज उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी लगभग 17 प्रतिशत है। राज्य के खनिज राजस्व में 25 सालों में 34 गुना की बढ़ोत्तरी हुई है। राज्य गठन के समय जहाँ खनिज राजस्व मात्र 429 करोड़ रुपये था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 14,592 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। यह उपलब्धि राज्य की सुदृढ़ खनिज नीति और सतत प्रशासनिक सुधारों का परिणाम है। वर्ष 2015 में संशोधित खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के अंतर्गत गठित खनिज नीलामी नियम 2015 के तहत अब तक राज्य में 60 खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी की जा चुकी है। इनमें 15 लौह अयस्क, 14 बाक्साइट, 18 चूना पत्थर तथा 13 क्रिटिकल व स्ट्रैटेजिक खनिज ब्लॉक सम्मिलित हैं। साथ ही, 05 नए ब्लॉकों (02 चूना पत्थर, 01 लौह अयस्क, 01 स्वर्ण और 01 बेस मेटल ब्लॉक) की नीलामी प्रक्रिया भी प्रारंभ की जा चुकी है। संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म, छत्तीसगढ़ ने खनन अनुसंधान एवं अन्वेषण के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग के लिए आईआईटी मुंबई, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद तथा कोल इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू संपादित किए हैं। इस साझेदारी के माध्यम से क्रिटिकल एवं स्ट्रैटेजिक मिनरल्स की खोज को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गति प्राप्त हुई है। प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के गाइडलाइन-2024 के अनुरूप राज्य में जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2025 अधिसूचित किए गए हैं। राज्य में अब तक 16,119 करोड़ रूपए का अंशदान प्राप्त हुआ है, जिसके अंतर्गत 1,05,653 कार्यों को स्वीकृति दी गई, जिनमें से 74,454 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। वित्तीय स्वीकृति, निगरानी और प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु डीएमएफ पोर्टल 2.0 को क्रियान्वित किया गया है। खनिज विभाग द्वारा विकसित खनिज ऑनलाइन 2.0 पोर्टल ने राज्य के खनिज प्रशासन को पूर्णतः डिजिटल स्वरूप प्रदान किया है। यह प्रणाली सुरक्षित, बहुआयामी और उपयोगकर्ता-मित्र है, जो पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देती है। यह पहल छत्तीसगढ़ को खनन प्रबंधन में एक राष्ट्रीय मॉडल राज्य के रूप में स्थापित कर रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के सिद्धांतों के अनुरूप राज्य में रेत खदानों का आबंटन अब पूर्णतः ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है। इस हेतु एमएसटीसी के साथ एमओयू किया गया है। नई व्यवस्था में मानव हस्तक्षेप समाप्त कर संपूर्ण प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष एवं सुरक्षित बनाई गई है। गौण खनिज नियम, 2015 के अंतर्गत लागू की गई स्टार रेटिंग प्रणाली के तहत खनन, पर्यावरण प्रबंधन, सुरक्षा उपाय और सतत विकास के मानकों पर खदानों का मूल्यांकन किया जा रहा है। इस व्यवस्था के अंतर्गत 03 खदानों को 5-स्टार तथा 32 खदानों को 4-स्टार रेटिंग से सम्मानित किया गया है, जो वैज्ञानिक एवं जिम्मेदार खनन की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।   मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का कहना है कि खनिज संपदा केवल आर्थिक स्रोत नहीं, बल्कि राज्य के सर्वांगीण विकास का आधार है। छत्तीसगढ़ ने खनन क्षेत्र में नीतिगत सुधार, डिजिटल पारदर्शिता और सतत विकास के समन्वित प्रयासों से एक आदर्श प्रशासनिक मॉडल प्रस्तुत किया है। राज्य की यह प्रगति न केवल आर्थिक सुदृढ़ता का संकेत है, बल्कि यह जनहित आधारित विकास की दिशा में एक स्थायी कदम भी है।      नसीम अहमद खान, उप संचालक 

पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़, सहारनपुर में इनामी इमरान ढेर

 सहारनपुर  उत्तर प्रदेश में अपराधियों पर पुलिस की सख्ती लगातार जारी है। रविवार देर रात सहारनपुर जिले के गागलहेड़ी थाना क्षेत्र में पुलिस और एक लाख के इनामी बदमाश इमरान के बीच हुई मुठभेड़ में पुलिस ने इमरान को मार गिराया। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब इमरान एक बाइक लूटकर फरार हो रहा था। पुलिस टीम ने जब उसे रोकने की कोशिश की तो उसने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोलियां लगने से इमरान गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान गागलहेड़ी के इंस्पेक्टर परवेश शर्मा और थानाध्यक्ष सरसावा विनोद कुमार भी घायल हुए। एसएसपी आशीष तिवारी के अनुसार, इंस्पेक्टर के हाथ में गोली लगी, जबकि थानाध्यक्ष की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली फंसी, जिससे उनकी जान बच गई। दोनों अधिकारियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और हालत खतरे से बाहर बताई गई है। इमरान पर थे कई संगीन मामले मारा गया बदमाश इमरान पश्चिमी यूपी के कुख्यात अपराधियों में से एक था। सहारनपुर, मेरठ, शामली और मुजफ्फरनगर जिलों में उसके खिलाफ लूट, डकैती, अवैध हथियारबंदी और हमले के कई गंभीर मामले दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। इमरान पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। एनकाउंटर स्थल से पुलिस ने दो 32 बोर की पिस्टल, 18 खोखे, 10 जिंदा कारतूस और लूटी गई बाइक बरामद की है। यूपी पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति जारी इमरान का एनकाउंटर शनिवार रात फिरोजाबाद में मारे गए बदमाश नरेश पंडित उर्फ पंकज के मारे जाने के महज छह घंटे बाद हुआ। नरेश पर भी कई गंभीर अपराधों के केस दर्ज थे। लगातार हो रही मुठभेड़ों से साफ है कि यूपी पुलिस अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर अमल कर रही है। इमरान का साथी मेहताब पहले ही ढेर हो चुका था बताया जा रहा है कि इमरान का साथी मेहताब पहले ही तीन अक्टूबर को मुजफ्फरनगर में पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका था। उस समय मेहताब पर भी एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने उसे सरेंडर करने के लिए कहा था, लेकिन उसने फायरिंग शुरू कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोलियां लगने से उसकी मौत हो गई थी, जबकि उसी दौरान इमरान मौके से फरार हो गया था।  

दिवाली तोहफा: यूपी के छात्र-छात्राओं की स्कॉलरशिप जल्द ही बैंक अकाउंट में, पढ़ें पूरी डिटेल

लखनऊ समाज कल्याण विभाग ने वर्ष 2024-25 की दशमोत्तर छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना की नई समय-सारिणी जारी की है। जिन छात्रों को पिछली बार छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई थी, उन्हें अब 27 से 31 अक्टूबर तक दोबारा आवेदन का मौका मिलेगा। पात्र छात्रों के बैंक खातों में 28 नवंबर को छात्रवृत्ति की राशि भेजी जाएगी। समय सारिणी के अनुसार शैक्षणिक संस्थानों को 10 से 14 अक्टूबर तक मास्टर डाटा लाक करना होगा। इसके बाद 15 से 18 अक्टूबर के बीच विश्वविद्यालय या संबंध संस्था द्वारा मास्टर डाटा का सत्यापन किया जाएगा। 26 अक्टूबर तक जिला समाज कल्याण अधिकारी सीटों और शुल्क की जांच कर लाकिंग प्रक्रिया पूरी करेंगे। छात्र 27 से 31 अक्टूबर तक आनलाइन आवेदन और रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। आवेदन पत्र का प्रिंट निकालकर संस्थान में एक नवंबर तक जमा करना अनिवार्य होगा। संस्थान द्वारा आनलाइन सत्यापन दो नवंबर तक किया जाएगा, जबकि विश्वविद्यालय या एजेंसी तीन से छह नवंबर तक डाटा की जांच करेगी। जिन छात्रों के आवेदन में कोई गलती रह जाएगी, उन्हें आठ से 11 नवंबर तक संशोधन का अवसर मिलेगा। संशोधित आवेदन 12 नवंबर तक संस्थान द्वारा अग्रसारित किए जाएंगे। इसके बाद 25 नवंबर तक जिला स्तर पर डेटा सत्यापन और विभागीय अधिकारियों द्वारा डिजिटल सिग्नेचर लाकिंग की जाएगी। विभाग ने सभी शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों और छात्रों से निर्धारित तिथियों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है ताकि कोई भी पात्र छात्र छात्रवृत्ति से वंचित न रह जाए।

कल पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आएगी बरसात और ओलावृष्टि, इन राज्यों की भी तयारी करें

लखनऊ  दिवाली का त्योहार करीब आ रहा है और मॉनसून की भी वापसी हो चुकी है। इसके बाद भी राज्यों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने बताया है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से यूपी समेत कई राज्यों में आने वाले दिनों में भारी बारिश देखने को मिलेगी। छह अक्टूबर यानी कि कल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में भारी बारिश व ओले गिरने वाले हैं। इसके अलावा, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मेघालय में आज पांच अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। एक तीव्र वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण उत्तर पश्चिम भारत में पांच और छह अक्टूबर को बहुत भारी बारिश व ओले गिरने वाले हैं। पूर्वी भारत की बात करें तो उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में पांच अक्टूबर को एकल स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। बिहार में पांच अक्टूबर को एकल स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में पांच अक्टूबर को भारी बारिश, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में छह अक्टूबर को भारी बारिश होगी। अगले तीन से चार दिनों के दौरान पूर्वी भारत में अधिकांश जगहों पर मध्यम बारिश और कई जगहों पर भारी बारिश होने वाली है। इसके अलावा, उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो पांच से सात अक्टूबर के दौरान उत्तर पश्चिम भारत में काफी व्यापाक बारिश, तूफान, बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पश्चिमी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब में पांच और छह अक्टूकर को, उत्तराखंड में छह और सात अक्टूबर, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान में छह अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है। जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में छह अक्टूबर को बहुत भारी बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर में पांच अक्टूबर, पंजाब में पांच व छह अक्टूबर, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान में छह अक्टूबर को ओलावृष्टि होगी। आठ अक्टूबर से अगले दो दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है। उत्तर पूर्वी भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश में पांच, छह और 10 अक्टूबर को, असम, मेघालय में पांच से 10 अक्टूबर तक, नगालैंड में छह से 11 अक्टूबर तक, मणिपुर में आठ और 9 अक्टूबर को, मिजोरम में आठ अक्टूबर को कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में पांच अक्टूबर को बहुत भारी बारिश होगी, मेघालय में पांच अक्टूबर को अत्यंत भारी बारिश होने वाली है।  

कैसा हो ‘विकसित यूपी’..? पहली बार खुलकर अपने सुझाव दे रहे यूपी के ग्रामीण युवा

– शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर युवाओं का फोकस, ग्रामीण क्षेत्रों से मिले करीब 21 लाख सुझाव – तकनीकी खेती, कोल्ड स्टोरेज, समर्थन मूल्य और डिजिटल किसान मंडियों के मिल रहे सुझाव – सुझाव देने के मामले में शहरियों के मुकाबले बहुत आगे हैं यूपी के ग्रामीण युवा  – शहरी क्षेत्रों से अबतक 6 लाख, ग्रामीण क्षेत्रों से मिले करीब 21 लाख सुझाव लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को 'विकसित यूपी' बनाने का जो अभियान शुरू किया है, वह अब एक जन आंदोलन बनता जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इस अभियान में ग्रामीण युवाओं ने अभूतपूर्व उत्साह दिखाया है। पहली बार गांवों से इतनी बड़ी संख्या में युवा प्रदेश के विकास के हर पहलू पर अपनी राय दे रहे हैं। सरकार के पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक करीब 27 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 21 लाख सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और करीब 6 लाख शहरी क्षेत्रों से आए हैं। यानी, शहरों से कहीं अधिक सक्रिय हैं यूपी के गांवों के युवा, जो अपने सुझावों से ‘विकसित यूपी’ के ब्लूप्रिंट को आकार दे रहे हैं। गांवों से उठी विकास की नई आवाज़ गांवों के युवाओं का मानना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में विकास की गति तेज हुई है और वे इस परिवर्तन का हिस्सा बनना चाहते हैं। हरदोई के सौरभ सिंह कहते हैं कि अब गांवों में भी खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। हर पंचायत में खेल मैदान और डिजिटल लाइब्रेरी जरूरी हैं। सीतापुर के योगेश कुमार का कहना है कि हर गांव तक इंटरनेट और अच्छी शिक्षा पहुंचे। तभी गांवों का युवा शहरों से मुकाबला कर सकेगा। जौनपुर की पूजा त्रिपाठी का कहना है कि गांवों में लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा और सुरक्षा के इंतजाम बेहतर हों। योगी सरकार ने जो शुरुआत की है, उसे आगे बढ़ाना चाहिए। महराजगंज के किसान युवक अमन चौधरी कहते हैं कि खेती में तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है। हर ब्लॉक में कोल्ड स्टोरेज और डिजिटल मंडी बने ताकि फसल का सही दाम मिले। वाराणसी के प्रवीण सिंह का सुझाव है कि युवाओं को स्टार्टअप्स के लिए आसान लोन और तकनीकी मार्गदर्शन मिले। अब गांवों में भी इनोवेशन की लहर है। शिक्षा और कृषि सबसे आगे, ग्रामीण युवाओं की प्राथमिकता साफ अभियान के तहत अब तक मिले 7.8 लाख सुझाव शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं। ग्रामीण युवाओं ने स्कूलों में गुणवत्ता, डिजिटल सुविधाओं और शिक्षकों की जिम्मेदारी को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। आगरा के राकेश कुमार सोनी ने कहा है कि अगर अधिकारी और जनप्रतिनिधि अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाएं तो व्यवस्था खुद सुधर जाएगी। सरकारी स्कूलों को सबके लिए अनिवार्य किया जाए। कृषि क्षेत्र से 6 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिनमें तकनीकी खेती, AI आधारित फसल प्रबंधन, ड्रिप इरिगेशन, कोल्ड स्टोरेज और किसान ड्रोन जैसे विषय प्रमुख हैं। अयोध्या के युवा किसान मनोज तिवारी का कहना है कि कृषि को स्मार्ट बनाना ही विकसित यूपी की असली पहचान होगी। खेल, स्वास्थ्य और इंटरनेट पर भी जोर कन्नौज के विवेक मिश्रा ने कहा है कि हर गांव में जिम और खेल प्रशिक्षण केंद्र बनें। ग्रामीण प्रतिभाओं को जिला स्तर तक प्लेटफॉर्म मिले। बस्ती के आकाश यादव ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सुझाव दिया कि हर गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को डिजिटल हेल्थ नेटवर्क से जोड़ा जाए। गोंडा की ममता वर्मा ने कहा है कि  महिलाओं के लिए रोजगार और शिक्षा के अवसर बढ़ें, तभी गांवों में आत्मनिर्भरता आएगी। युवाओं को योगी आदित्यनाथ में दिख रही नई आशा ग्रामीण युवाओं का विश्वास साफ झलकता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में जो पारदर्शिता, सुशासन और विकास की गति दी है, वह उन्हें अपनी बात खुलकर रखने की हिम्मत देती है। लंदन में हाल ही में 'विकसित यूपी 2047' का लोगो लॉन्च हुआ, जहां एनआरआई समुदाय ने भी योगी के विज़न की सराहना की। यूके, दुबई और अमेरिका के प्रवासी भारतीयों ने भी इस अभियान में सुझाव भेजे हैं, जिससे ये पहल अब वैश्विक स्वरूप ले चुकी है। युवाओं के सुझाव, सरकार के लिए दिशा सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रदेश के युवाओं से मिले इन सुझावों का अध्ययन कर सरकार उन्हें भविष्य की विकास नीतियों में शामिल करेगी। यह पहली बार है जब उत्तर प्रदेश का ग्रामीण युवा सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि 'नीति निर्माता' की भूमिका में नजर आ रहा है। नीति विशेषज्ञों का मानना है कि यह जनभागीदारी आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश को ‘विकसित भारत’ के मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करेगी। आज का ग्रामीण युवा सिर्फ रोज़गार नहीं, 'सार्थक विकास' चाहता है। उसे योगी आदित्यनाथ में वह नेतृत्व दिख रहा है जो उसकी आकांक्षाओं को दिशा दे सके। गांव से निकली यह आवाज़ अब केवल सुझाव नहीं, बल्कि नए उत्तर प्रदेश की नींव का पत्थर बन चुकी है।

एमपी में कफ सिरप से बच्चों की मौत का खतरा, यूपी सरकार ने जारी किया अलर्ट

लखनऊ  मध्य प्रदेश समेत देश के कुछ राज्यों में कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत की खबरों के बाद उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। सहायक आयुक्त औषधि दिनेश कुमार तिवारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी जिलों को चेतावनी जारी की है। जारी आदेश में सभी औषधि निरीक्षकों को सम्बंधित बैच की बिक्री रोकने के साथ ही उनके नमूने राज्य औषधि प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए हैं। दूसरी तरफ योगी सरकार ने भी सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और रिपोर्ट आने तक उक्त कफ सिरप का प्रयोग पूर्णतः बंद रखा जाए। रविवार को सहायक औषधि आयुक्त के स्तर से जारी आदेश में कहा गया है कि मेसर्स स्रेशन फार्मक्यूटिकल द्वारा खास बैच के कोल्ड आरआईएफ़ सिरप में डाईएथिलीन ग्लाइकाल और एथेलिन ग्लाइकाल जैसे विषैले रसायनों की मौजूदगी की आशंका है। ये दोनों रसायन शरीर के लिए बेहद खतरनाक हैं और इनका सेवन जानलेवा साबित हो सकता है। तिवारी ने अपने आदेश में सभी औषधि विक्रेताओं, सरकारी और गैर-सरकारी अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि उक्त बैच के कफ सिरप की बिक्री, वितरण और उपयोग तत्काल रोका जाए। साथ ही दुकानों व अस्पतालों में उपलब्ध स्टॉक का नमूना जांच हेतु लखनऊ स्थित राज्य औषधि प्रयोगशाला में तत्काल भेजा जाए। उन्होंने औषधि निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि सभी स्थानों पर औषधि की उपलब्धता की जांच करें और नमूने एकत्र कर ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करें। निर्माण प्रयोगशालाओं को भी कफ सिरप में प्रयुक्त प्रोपलीन ग्लाइकाल के नमूनों की जांच करने को कहा गया है। अपने आदेश में तिवारी ने कहा कि लखनऊ प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद दोषी उत्पादकों और वितरकों पर आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।  

महर्षि वाल्मीकि जयंती : सीएम योगी का कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी व जनसहभागिता पर जोर

महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली लालापुर, चित्रकूट में होगा वृहद आयोजन इस वर्ष भी स्थानीय कलाकारों को आध्यात्मिक मंच देगी योगी सरकार जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति ने किया कलाकारों का चयन सभी देव मंदिरों व महर्षि वाल्मीकि से संबंधित स्थलों पर होंगे महर्षि वाल्मीकि कृत रामायण पाठ, सांस्कृतिक आयोजन, भजन-कीर्तन, दीप प्रज्ज्वलन/दीपदान आदि कार्यक्रम लखनऊ,  योगी सरकार 7 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में धूमधाम से वाल्मीकि जयंती मनाएगी। इस दौरान अनेक भव्य कार्यक्रम होंगे। सभी देव मंदिरों, महर्षि वाल्मीकि से संबंधित स्थलों में महर्षि वाल्मीकि कृत रामायण पाठ, सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन, कीर्तन, दीप प्रज्ज्वलन आदि कराए जाएंगे। महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली चित्रकूट में वृहद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। योगी सरकार प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी स्थानीय कलाकारों को आध्यात्मिक मंच देगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संस्कृति विभाग को निर्देश दिया है कि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति के साथ जनसहभागिता पर विशेष जोर रहे।   यूपी के सभी जनपदों में होंगे आयोजन योगी सरकार के निर्देशानुसार 7 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में वाल्मीकि जयंती मनाई जाएगी। सभी देव मंदिरों, महर्षि वाल्मीकि से संबंधित स्थलों आदि पर दीप प्रज्ज्वलन, दीपदान के साथ-साथ रामायण पाठ कराए जाएंगे। यह कार्यक्रम जनपद, तहसील व विकास खंड स्तर पर होंगे। सीएम योगी ने हर आयोजन स्थल पर साफ-सफाई, पेयजल, ध्वनि, प्रकाश व सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था का निर्देश दिया है। महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली लालापुर चित्रकूट में होगा वृहद आयोजन योगी सरकार महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली लालापुर चित्रकूट में वृहद आयोजन कराएगी। उप निदेशक (पर्यटन) आरके रावत को कार्यक्रम का नोडल बनाया गया है। उन्होंने बताया कि लालापुर में महर्षि वाल्मीकि की मूर्ति पर माल्यार्पण के साथ सुबह 11 बजे कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। दीप प्रज्ज्वलन के उपरांत विराट महाराज व संस्कृत के अध्ययनरत बच्चों द्वारा रामायण पाठ होगा। दयाराम रैकवाड़ व टीम की तरफ से आध्यात्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। पूजन-हवन, भजन, वाल्मीकि रामायण पाठ, लवकुश प्रसंग समेत अन्य कार्यक्रम भी होंगे। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी और जनसहभागिता भी रहेगी। इसके अलावा तुलसीदास आश्रम राजापुर चित्रकूट, वाल्मीकि आश्रम बिठूर कानपुर, वालमीकि आश्रम श्रावस्ती, अयोध्या, प्रयागराज समेत पूरे प्रदेश में आयोजन होगा। स्थानीय कलाकारों को आध्यात्मिक मंच देगी योगी सरकार देव मंदिरों में होने वाले रामायण पाठ समेत अन्य कार्यक्रमों में योगी सरकार स्थानीय कलाकारों को आध्यात्मिक मंच उपलब्ध कराएगी। जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा जनपद में चयनित मंदिरों व स्थलों पर कार्यक्रम के लिए कलाकारों का चयन किया गया है। इसका समन्वय संस्कृति विभाग, सूचना-जनसंपर्क विभाग, जिला पर्यटन व संस्कृति परिषद द्वारा किया जाएगा। हर जनपद में आयोजन के लिए नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। योगी सरकार का कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ जनसहभागिता पर जोर है।

बोले मुख्यमंत्री, फील्ड में वही अधिकारी तैनात हों जिनकी छवि साफ और लक्ष्य प्राप्ति के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट हो

जीएसटी के ‘नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म’ से बाजार में तेजी, आने वाले महीनों में दिखेगा सकारात्मक असर: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश, धनतेरस व दीपावली पर अनावश्यक छापेमारी या जांच से बचें सितम्बर तक राज्य कर विभाग को ₹55,000 करोड़ की प्राप्ति बोगस फर्मों व फर्जी आईटीसी पर कार्रवाई जारी, अब तक ₹873.48 करोड़ के फर्जी दावे पकड़े गए लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य कर विभाग में तैनाती का आधार केवल ‘परफॉर्मेंस’ होगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि फील्ड में वही अधिकारी तैनात किए जाएं जो लक्ष्य प्राप्ति के प्रति प्रतिबद्ध हों और जिनकी छवि पूरी तरह साफ हो। मुख्यमंत्री रविवार को राज्य कर विभाग की राजस्व प्राप्तियों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोनल अधिकारियों से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी के ‘नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म’ के बाद बाजार में तेजी देखी जा रही है और आने वाले महीनों में इसके सकारात्मक परिणाम निश्चित रूप से दिखाई देंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि धनतेरस और दीपावली के अवसरों पर अनावश्यक जांच अथवा छापेमारी की कार्रवाई से बचा जाए। व्यापारियों और उद्यमियों के उत्पीड़न की शिकायत कहीं से भी नहीं आनी चाहिए। बैठक के दौरान जोनवार समीक्षा में अवगत कराया गया कि बरेली (64.2%), सहारनपुर (63.7%), मेरठ (63.0%), गोरखपुर (62.5%) और झांसी (62.1%) जैसे जोनों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा है। वहीं कुछ जोनों में लक्ष्य पूर्ति 55 से 58 प्रतिशत के बीच रही, जहां सुधार की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने वाराणसी प्रथम व द्वितीय, गोरखपुर, प्रयागराज, अयोध्या, लखनऊ प्रथम व द्वितीय, कानपुर प्रथम व द्वितीय, इटावा, झांसी, आगरा, अलीगढ़, मुरादाबाद, मेरठ, गाजियाबाद प्रथम व द्वितीय, गौतमबुद्ध नगर और सहारनपुर सहित सभी जोनों की संभागवार और खंडवार समीक्षा की। उन्होंने सभी जोनल अधिकारियों से कहा कि 50 प्रतिशत से कम राजस्व संग्रह वाले खंडों की स्थिति का कारण स्पष्ट करें और सुधार की कार्ययोजना तत्काल तैयार करें। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि बरेली, झांसी और कानपुर प्रथम जोन में कोई भी खंड 50 प्रतिशत से कम संग्रह वाला नहीं है, जो संतोषजनक है। वहीं, असंतोषजनक प्रदर्शन करने वालों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व वृद्धि राज्य की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति का संकल्प लेकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मार्केट मैपिंग करें, सामान्य रूप से बाजार में जाएं, व्यापारियों से मिलें और उनकी अपेक्षाओं को समझें। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि मंडी शुल्क में कमी से किसानों को राहत और राजस्व में वृद्धि दोनों हुई हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि पारदर्शी और सरल कर प्रणाली हमेशा लाभकारी होती है। उन्होंने व्यापारियों से संवाद बनाए रखने पर बल देते हुए कहा कि जीएसटी पंजीकरण बढ़ाने और समय से रिटर्न फाइल कराने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में सितम्बर माह तक राज्य कर विभाग को कुल ₹55,000 करोड़ की प्राप्ति हुई है। इसमें ₹40,000 करोड़ जीएसटी तथा ₹15,000 करोड़ वैट/नॉन-जीएसटी से प्राप्त हुए हैं। गत वित्तीय वर्ष की समान अवधि में ₹55,136.29 करोड़ की प्राप्ति हुई थी। चालू वित्तीय वर्ष के लिए राज्य कर विभाग को ₹1.75 लाख करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष के ₹1,56,982 करोड़ की तुलना में लगभग ₹18,700 करोड़ अधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय जीएसटी संग्रह में अग्रणी योगदान देना चाहिए और इसके लिए नियोजित प्रयास किए जाएं। बैठक में बोगस फर्मों और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के मामलों पर विशेष चर्चा हुई। विभाग द्वारा अब तक 104 फर्मों में ₹873.48 करोड़ के फर्जी आईटीसी की पहचान की गई है, जिन पर जांच एवं कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संग्रह में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और ईमानदारी सर्वोपरि है। जहां कमी दिखाई दे, वहां कारणों की समीक्षा कर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। उन्होंने बकाया वसूली, फर्जी आईटीसी की रोकथाम और लंबित जीएसटी/वैट मामलों के त्वरित निस्तारण पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि करदाताओं की सुविधा और विश्वास अर्जन ही स्थायी राजस्व वृद्धि का आधार है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि करदाता-मित्रवत वातावरण तैयार करते हुए ई-गवर्नेंस प्रणाली को और सुदृढ़ किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि “राजस्व वृद्धि राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने का आधार है। विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में राज्य कर विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। हर अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि कर संग्रह का प्रत्येक रुपया प्रदेश के विकास में योगदान दे।” उन्होंने विभागीय अधिकारियों को राजस्व सृजन की गति और पारदर्शिता, दोनों पर समान ध्यान देने तथा करदाता जनसहजता बढ़ाने के निर्देश दिए।

मिशन कर्मयोगी से दक्ष हो रहे समाज कल्याण विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी

सीएम योगी के नेतृत्व में जारी मिशन कर्मयोगी अभियान में अब तक 3,900 कर्मचारी पंजीकृत, 21,150 कोर्स पूरे डिजिटल प्रशिक्षण से कार्यकौशल को निखारते हुए जनता को पारदर्शी, तेज और प्रभावी सेवाएं प्रदान कर रहे अधिकारी और कर्मचारी लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक दक्षता और सुशासन के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। इसके तहत समाज कल्याण विभाग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी पहल ‘मिशन कर्मयोगी अभियान’ को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रहा है। इस अभियान के तहत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी डिजिटल प्रशिक्षण के माध्यम से अपने कार्यकौशल को निखारते हुए जनता को पारदर्शी, तेज और प्रभावी सेवाएं प्रदान करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति कर रहे हैं। दक्षता और पारदर्शिता की नई मिसाल समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि सितंबर 2025 तक विभाग के 3,900 अधिकारी, नियमित/संविदा कर्मचारी एवं शिक्षक iGOT Karmayogi पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं। इन सभी ने अब तक 21,150 कोर्स पूरे किए हैं, जिनमें कुल 15,893 घंटे का प्रशिक्षण शामिल है। आंकड़ों के अनुसार 2,759 कर्मचारियों ने कम से कम एक कोर्स पूरा किया है। 2,289 कर्मचारियों ने तीन या उससे अधिक कोर्स पूरे किए हैं। वहीं 1,611 कर्मचारी तीन से कम कोर्स तक सीमित रहे हैं और 1,141 अभी प्रशिक्षण पूरा करने की प्रक्रिया में हैं। दक्षता से ही बढ़ेगी सेवा की गुणवत्ता मंत्री असीम अरुण ने कहा कि “मिशन कर्मयोगी का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक सरकारी अधिकारी और कर्मचारी को दक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। इस प्रशिक्षण से सरकारी कर्मचारियों में नई कार्यशैली, नीति निर्माण की समझ और प्रबंधन कौशल विकसित हो रहे हैं, जिससे जनता को अधिक गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी सेवाएं मिलेंगी। नई तकनीक, पारदर्शिता और तनावमुक्त कार्यसंस्कृति की ओर कदम iGOT Karmayogi प्रशिक्षण कार्यक्रम में ऐसे विषय शामिल हैं जो कर्मचारियों को न केवल तकनीकी रूप से दक्ष बनाते हैं, बल्कि उन्हें कार्यस्थल पर सकारात्मक और संतुलित दृष्टिकोण अपनाने के लिए भी प्रेरित करते हैं।0मुख्य कोर्स में शामिल Yoga Break at Workplace तनावमुक्त और उत्पादक कार्यसंस्कृति के लिए है। वहीं, POSH Act 2013 कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा की जागरूक करता है। Procurement Process on GeM पारदर्शी क्रय प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने के लिए लागू है। National Education Policy 2020, Basics of AI, और Right to Information (RTI) Act नीति, तकनीक और पारदर्शिता के आयामों को समझने हेतु है। योगी सरकार की डिजिटल सुशासन नीति को मिल रही गति राज्य सरकार की डिजिटल गवर्नेंस नीति के अंतर्गत मिशन कर्मयोगी जैसे अभियानों से न केवल सरकारी कामकाज की गति बढ़ रही है, बल्कि जवाबदेही और नागरिक संतुष्टि में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी विभागों को iGOT Karmayogi पोर्टल से जोड़ने की प्रक्रिया तेजी से जारी है, ताकि “प्रशासन जनता के लिए अधिक सुलभ और जवाबदेह बने।

अनुराग शर्मा करेंगे 68वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व

झांसी झांसी-ललितपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद एवं राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) के अंतरराष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अनुराग शर्मा कैरिबियन द्वीप राष्ट्र बारबाडोस की राजधानी ब्रिजटाउन में होने वाले 68वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन (सीपीसी) में भाग लेंगे। यह सम्मेलन5 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2025 तक होगा। कैरिबियन द्वीप राष्ट्र बारबाडोस की राजधानी ब्रिजटाउन में होने वाले 68वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में 5 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2025 तक होगा। इस सम्मेलन में राष्ट्रमंडल देशों के 56 सदस्य राष्ट्रों के प्रतिनिधि एकजुट होंगे। इस सम्मेलन में संसदीय लोकतंत्र को सुदृढ़ करने, सुशासन, समावेशी विकास और 21वीं सदी की उभरती वैश्विक चुनौतियों के समाधान के मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा है। इस वर्ष के सम्मेलन का मुख्य विषय 'द कॉमन वेल्थ व ग्लोबल पार्टनर है। सांसद अनुराग शर्मा का यह प्रतिनिधित्व ऐसे महत्वपूर्ण समय में हो रहा है जब वह सीपीए के कोषाध्यक्ष के रूप में अपने तीन वर्षों के ऐतिहासिक और अत्यंत सफल कार्यकाल का समापन करने जा रहे हैं। उनका यह कार्यकाल संगठन के लिए एक नए युग का सूत्रपात करने वाला रहा है और इसे सीपीए के इतिहास में सर्वाधिक परिवर्तनकारी दौरों में से एक माना जा रहा है। विगत तीन वर्षों में, सीपीए के कोषाध्यक्ष के रूप में उनके नेतृत्व में संगठन में अभूतपूर्व संरचनात्मक और प्रशासनिक क्रांतियाँ आई हैं। सांसद शर्मा के अथक प्रयासों का परिणाम है कि सीपीए को ब्रिटेन में केवल एक ब्रिटिश चैरिटी के रूप में काम करने की पुरानी, सीमित व्यवस्था से बाहर निकालकर, एक विशाल, स्थायी और अंतरराष्ट्रीय संगठन (इंटरनल बॉडी) के रूप में कानूनी मान्यता दिलाई गई है।