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समानता के मार्ग पर सरकार, “मनखे-मनखे एक समान” हमारा मूल मंत्र : मंत्री गुरु खुशवंत साहेब

अनुसूचित जाति विकास विभाग के लिए 573 करोड़ रूपए की अनुदान मांग पारित अनुसूचित जाति उपयोजना में 12 हजार 970 करोड़ का प्रावधान, छात्रों और आजीविका पर जोर सीजी एसीई, यूपीएससी, सीजीपीएससी सहित बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उड़ान, शिखर और मंजिल’ से मिलेगा युवाओं को विशेष अवसर छात्रावास नहीं मिलने वाले विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना: ढाई करोड़ रूपए का प्रावधान विभिन्न जिलों में छात्रावास भवनों के लिए 25 करोड़ का प्रावधान सतनाम पंथ के तीर्थ स्थलों का होगा विकास, गिरौदपुरी-भण्डारपुरी क्षेत्र में नई सुविधाएं रायपुर अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के विभाग के लिए 12 हजार 970 करोड़ रूपए की अनुदान मांगें विधानसभा में आज पारित कर दी गई है।            मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए अनुसूचित जाति विकास विभाग के अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में कहा कि हमारी सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े अनुसूचित जाति वर्गों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार प्रातः स्मरणीय, विश्ववंदनीय परम् पूज्य बाबा गुरु घासीदास बाबा जी के मनखे-मनखे एक समान के संदेश पर चल रही है। इसी कड़ी में सरकार अनुसूचित जातियों की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए उनके समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है।            मंत्री साहेब  ने बताया कि अनुसूचित जाति कल्याण हेतु 7 करोड़ 15 लाख 39 हजार रुपये तथा अनुसूचित जाति उपयोजना हेतु 565 करोड़ 89 लाख 8 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार कुल बजट 573 करोड़ 4 लाख 47 हजार रुपये बजट का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष के मुख्य बजट 531 करोड़ 17 लाख 64 हजार रुपये की तुलना में 7.88 प्रतिशत अधिक है। अनुसूचित जाति उपयोजना में बड़ा प्रावधान            मंत्री गुरू खुशवंत साहेब ने बताया कि राज्य के मुख्य बजट में अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों के माध्यम से 12,970 करोड़ 2 लाख 45 हजार रुपए का समेकित बजट प्रावधान किया गया है।  यह राशि विकास और अधोसंरचना से जुड़ी योजनाओं पर खर्च की जाएगी। नई योजनाओं पर विशेष ध्यान देते हुए          गुरु खुशवंत साहेब ने सदन में बताया कि बजट में कई नई योजनाओं के लिए प्रावधान किया गया है। इनमें अनुसूचित जाति विकास संचालनालय की स्थापना के लिए 30 नए पदों के सृजन हेतु 2 करोड़ 26 लाख 4 हजार रुपये का प्रावधान शामिल है। परंपरागत चर्म शिल्प व्यवसाय से जुड़े लोगों की आजीविका सुधारने के लिए प्रशिक्षण और सामग्री उपलब्ध कराने हेतु 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। छात्रावास और शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार         मंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 342 प्री-मैट्रिक छात्रावास, 92 पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास और 51 आश्रम संचालित हैं, जिनमें कुल 25 हजार 927 सीटें स्वीकृत हैं। उन्होंने बताया कि भवन विहीन संस्थाओं के लिए नए भवनों के निर्माण हेतु 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर, जशपुर और बेमेतरा जिलों में छात्रावास, क्रीड़ा परिसर और आवासीय विद्यालय बनाए जाएंगे। प्रदेश के बड़े शहरों छात्रावासों में प्रवेश नहीं मिल पाने पर विद्यार्थियों को सहायता देने के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना के अंतर्गत 2 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही विद्यार्थियों के शैक्षणिक अध्ययन भ्रमण के लिए एक करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नई योजना के तहत            अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को उच्च प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने हेतु सीजी-अस्सिटेंस फॉर कम्पेटीटिव एक्जामिनेशन योजना शुरू किया जाएगा। इसके तीन घटक क्रमशः ‘उड़ान’, ‘शिखर’ और ‘मंजिल’ के लिए कुल 7 करोड़ 47 लाख 70 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के माध्यम से इंजीनियरिंग, मेडिकल, यूपीएससी, सीजीपीएससी, एसएससी, रेलवे और बैंकिंग परीक्षाओं की तैयारी हमारे युवा प्रतिभागी कर सकेंगे। धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों का विकास          मंत्री साहेब ने बताया कि सतनाम पंथ के प्रवर्तक गुरु  घासीदास से जुड़े तीर्थ स्थलों के विकास के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। गिरौदपुरी-भण्डारपुरी क्षेत्र में सोलर स्ट्रीट लाइट, सतनाम मार्ग के विकास और सामुदायिक भवन निर्माण के लिए राशि का प्रावधान की गई है। इसके लिए कुल 2.50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण को बढ़ी राशि सरकार ने अनुसूचित जाति बाहुल्य जिलों के विकास के लिए गठित प्राधिकरण के बजट में 25 करोड़ रुपये की वृद्धि करते हुए इसे 75 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है।  मंत्री साहेब  ने कहा कि सामाजिक समरसता के संदेश “मनखे-मनखे एक समान” को आधार बनाकर सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान और विकास के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।    

छत्तीसगढ़ का सामूहिक विवाह बना विश्व रिकॉर्ड, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

6,412 जोड़ों के साथ सामाजिक समरसता के साथ ऐतिहासिक मिसाल रायपुर, छत्तीसगढ़ ने सामाजिक समरसता, जनभागीदारी और संवेदनशील शासन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह समारोह को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। एक ही दिन में हजारों जोड़ों का विवाह संपन्न कराकर छत्तीसगढ़ ने सामाजिक एकता और अंत्योदय की भावना का ऐसा प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसकी देशभर में सराहना हो रही है। 10 फरवरी को राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में पूरे प्रदेश से कुल 6,412 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। इनमें से 1,316 जोड़ों का विवाह रायपुर में प्रत्यक्ष रूप से संपन्न हुआ, जबकि शेष जोड़े प्रदेश के विभिन्न जिलों से वर्चुअल माध्यम से इस ऐतिहासिक आयोजन से जुड़े। सभी विवाह धार्मिक परंपराओं और सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुरूप संपन्न कराए गए, जिससे यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर सामाजिक समरसता और सामूहिक खुशियों का विराट उत्सव बन गया। इस ऐतिहासिक आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया जाना छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और गौरव का विषय है। इस समारोह की विशेषता यह भी रही कि इसमें हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़ों ने अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न किए। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, आपसी सद्भाव और सर्वधर्म समभाव की भावना का जीवंत प्रतीक बन गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सम्मान, विश्वास और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन गई है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों का विवाह बड़ी चिंता का विषय होता था, लेकिन इस योजना ने उस चिंता को दूर कर हजारों परिवारों के जीवन में नई खुशियां और विश्वास का संचार किया है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में की गई थी और वर्तमान सरकार इसे और अधिक व्यापक स्वरूप देते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और सामाजिक समरसता को और मजबूत बनाया जाए। यह ऐतिहासिक आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब शासन की योजनाएं संवेदनशीलता, जनभागीदारी और सामाजिक सहयोग के साथ लागू होती हैं, तब वे केवल सरकारी योजनाएं नहीं रह जातीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा बन जाती हैं। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान करती है।

ओडिशा के कटक में मेडिकल कॉलेज हादसा, मुख्यमंत्री साय ने व्यक्त की संवेदना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा केयर आईसीयू में आग लगने की दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक बताया है। मुख्यमंत्री साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता उनके साथ खड़ी है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। मुख्यमंत्री साय ने महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय को सहने की शक्ति प्रदान करें।

सीएम विष्णु देव साय ने जगन्नाथ मंदिर में टेका माथा, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  आज राजधानी रायपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुँचकर भगवान जगन्नाथ महाप्रभु की भव्य महाआरती में शामिल हुए और विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

4 अप्रैल को दिल्ली में TET अनिवार्यता के खिलाफ होगा बड़ा प्रदर्शन, छत्तीसगढ़ से 25 हजार शिक्षक हिस्सा लेंगे

रायपुर  टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में देशभर के शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन का निर्णय लिया है। इस क्रम में चार अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ से 25 हजार से अधिक शिक्षक भाग लेंगे। आंदोलन की तैयारियों के लिए रायपुर में शिक्षक संगठनों की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शिक्षक नेता केदार जैन, मनीष मिश्रा, रविंद्र राठौर और जाकेश साहू सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले हुई बैठक टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के बैनर तले सभी संगठनों ने टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। बैठक में बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के अनुसार सभी शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है। यदि कोई शिक्षक दो वर्ष के भीतर टीईटी उत्तीर्ण नहीं करता है, तो उसकी नौकरी पर संकट आ सकता है। इस निर्णय को लेकर देशभर के शिक्षकों में असंतोष है। करीब 82हजार शिक्षक टीईटी पास नहीं बैठक में आंदोलन की तैयारियों को मजबूत करने के लिए 21 मार्च को राज्य के सभी जिलों में और 24 मार्च को सभी 146 विकासखंडों में समन्वय बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ में करीब 82 हजार शिक्षक ऐसे हैं जो टीईटी क्वालिफाइड नहीं हैं, जिनमें से अधिकांश की नियुक्ति उस समय हुई थी जब टीईटी अनिवार्य नहीं था। नियम वर्ष 2011 के बाद नियुक्त शिक्षकों पर लागू होगा सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि यह नियम वर्ष 2011 के बाद नियुक्त शिक्षकों पर लागू होगा। ऐसे शिक्षक जिनकी नियुक्ति 2010 के बाद हुई है, उन्हें नियुक्ति के दो सालों के भीतर टीईटी पास करना होगा। कोर्ट ने साफ किया है कि संपूर्ण देश के सभी राज्यों को इस आदेश का पालन करना अनिवार्य है। एक याचिका छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट, बिलासपुर में भी लंबित उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के समान ही एक याचिका छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट, बिलासपुर में भी लंबित है। इसमें शिक्षकों ने टीईटी को पदोन्नति में अनिवार्य रूप से लागू करने की मांग की है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है।

हर क्षेत्र तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

छत्तीसगढ़ को मिली डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट, लोगों को मिलेगा बेहतर इलाज का लाभ चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने मुख्यमंत्री का सम्मान कर जताया आभार रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से  राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने सौजन्य मुलाकात की और प्रदेश को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट मिलने पर उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारी सरकार लगातार प्राथमिकता के साथ बेहतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेशवासियों को सहज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, जिसमें लगभग 100 से 150 सीटें थीं। आज प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 14 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जिनमें लगभग 1400 सीटें उपलब्ध हैं। इसके साथ ही फिजियोथेरेपी, नर्सिंग सहित अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थान भी स्थापित हुए हैं, जिनका लाभ प्रदेश के विद्यार्थियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में मेडिको सिटी की स्थापना की जा रही है, जहां बड़े-बड़े सुपरस्पेशलिटी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के लोगों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट प्रदान किए जाने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रति भी आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर तुलसी कौशिक, डॉ. देवेंद्र कश्यप सहित जूडो और मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

रायपुर: ‘मरीजों की सेहत से नहीं होगा कोई समझौता’ – स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

रायपुर : मरीजों की सेहत से समझौता नहीं – स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वास्थ्य मंत्री का मनेन्द्रगढ़ सिविल अस्पताल में औचक निरीक्षण रायपुर  प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने  शासकीय सिविल अस्पताल मनेन्द्रगढ़ का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में उपचार व्यवस्था, दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई तथा अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने डॉक्टरों एवं अस्पताल प्रबंधन से आवश्यक जानकारी लेते हुए मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि मरीजों को समय पर इलाज और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल का औपचारिक निरीक्षण किया। रविवार होने के कारण ओपीडी बंद थी, इसके बावजूद उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और साफ-सफाई को लेकर संतोष व्यक्त किया। सीएचएमओ डॉ. खरे ने बताया कि अस्पताल परिसर में अनावश्यक रूप से आने वाले अवांछनीय तत्वों की रोकथाम के लिए सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। ऐसे लोगों पर निगरानी रखने के लिए अस्पताल में सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की गई है, जो दो शिफ्टों में तैनात रहते हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य में जब मेडिकल कॉलेज प्रारंभ होगा, तब सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा। इस दौरान सीएचएमओ डॉ. अविनाश खरे, स्वप्निल तिवारी, मंडल अध्यक्ष रवि वर्मा सहित अस्पताल के चिकित्सक, अधिकारी एवं स्टाफ उपस्थित रहे।

रायपुर में मुस्लिम वकील की टिप्पणी पर विवाद, हिंदू इबादत क्या जानें, ये लोग काफिर लिखा, हिंदू संगठनों ने किया थाने का घेराव, FIR

रायपुर   छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के राजातालाब इलाके में मुस्लिम एडवोकेट ने सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं और हिंदुत्व को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। स्टेटस सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। विवादित पोस्ट के बाद तनाव का माहौल है। इसके विरोध में हिंदू संगठन के लोगों ने थाने का घेराव कर दिया। कार्यकर्ताओं की शिकायत पर पुलिस ने मुस्लिम एडवोकेट के खिलाफ धार्मिक भावना भड़काने के आरोप में FIR दर्ज कर ली है। यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, अंजुम खान राजातालाब का रहने वाला है और पेशे से एडवोकेट है। उसने अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर रमजान की शुभकामनाओं के साथ हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी की थी। एडवोकेट ने लिखा ये लोग इबादत क्या जानें और हिंदुओं को काफिर बोला। कार्यकर्ताओं की शिकायत पर पुलिस ने मुस्लिम एडवोकेट के खिलाफ धार्मिक भावना भड़काने के आरोप में FIR दर्ज कर ली है। यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, अंजुम खान राजातालाब का रहने वाला है और पेशे से एडवोकेट है। उसने अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर रमजान की शुभकामनाओं के साथ हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी की थी। एडवोकेट ने लिखा ये लोग इबादत क्या जाने और हिंदुओं को काफिर बोला। हिंदू संगठनों ने थाने का किया घेराव राजातालाब निवासी तुलेश यादव ने 14 मार्च को यह पोस्ट देखने के बाद इसका विरोध किया। अगले दिन वे हिंदू संगठन के अन्य कार्यकर्ताओं के साथ सिविल लाइन थाना पहुंचे और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान थाने के बाहर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप हिंदू संगठनों का आरोप है कि आरोपी ने जानबूझकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के उद्देश्य से यह टिप्पणी की है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी समाज में तनाव पैदा करती है और इस पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है। पुलिस ने दर्ज की FIR, बढ़ाई गश्त मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर पुलिस भी अलर्ट हो गई है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी अंजुम खान के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में FIR दर्ज कर ली है। वहीं इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और आरोपी की तलाश की जा रही है। थाने के बाहर युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग हिंदू संगठन के तुलेश यादव ने 14 मार्च को सोशल मीडिया पर अंजुम खान का आपत्तिजनक पोस्ट देखा। तुलेश ने हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी को लेकर आप​त्ति जताई। दूसरे दिन संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ सिविल लाइन थाने पहुंचे। संगठन कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर युवक के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग की। हिंदू संगठनों का आरोप है कि आरोपी ने जानबूझकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से यह टिप्पणी की है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि ‘हिंदुओं के देश में हमारी आस्था का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।’ पुलिस अधिकारियों ने अलर्ट रहने के दिए निर्देश हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के थाना पहुंचने की सूचना पर रायपुर पुलिस भी अलर्ट हो गई। सिविल लाइन थाना क्षेत्र और राजातालाब इलाके में पुलिस की गश्ती बढ़ा दी गई। हिंदू संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में युवक के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। वहीं युवक की तलाश तेज कर दी है।

विशेष लेख : जागरूक उपभोक्ता ही सशक्त समाज की पहचान होते हैं

एमसीबी 15 मार्च को विश्वभर में विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया जाता है। यह दिवस उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने और उपभोक्ताओं को शोषण से बचाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। आज के दौर में जब बाजार का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, वैश्वीकरण और डिजिटल तकनीक के कारण खरीद-बिक्री के तरीके नए रूप ले रहे हैं, ऐसे समय में उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक हो गया है। उपभोक्ता अधिकार दिवस की पृष्ठभूमि विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाने की प्रेरणा 15 मार्च 1962 को अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति श्रवीद  F& Kennedy द्वारा अमेरिकी संसद में दिए गए ऐतिहासिक भाषण से मिली। इस भाषण में उन्होंने पहली बार उपभोक्ताओं के चार मूलभूत अधिकारों सुरक्षा का अधिकार, जानकारी पाने का अधिकार, विकल्प का अधिकार और सुने जाने का अधिकार का उल्लेख किया था। बाद में इन सिद्धांतों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किया गया और वर्ष 1983 से 15 मार्च को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। भारत में उपभोक्ता संरक्षण की व्यवस्था भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण बाजार वाले देश में उपभोक्ता अधिकारों का महत्व और भी अधिक है। यहां करोड़ों लोग प्रतिदिन विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं का उपयोग करते हैं, इसलिए उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी कानून और संस्थागत व्यवस्था आवश्यक है  उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए भारत सरकार ने  Consumer Protection Act, 2019 लागू किया, जिसने पुराने  Consumer Protection Act, 1986 का स्थान लिया। यह कानून उपभोक्ताओं को भ्रामक विज्ञापनों, घटिया या दोषपूर्ण उत्पादों, सेवा में लापरवाही, अधिक मूल्य वसूली और अनुचित व्यापारिक प्रथाओं से सुरक्षा प्रदान करता है। इस कानून के तहत जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उपभोक्ता आयोगों की स्थापना की गई है, जहां उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज कर न्याय प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा उपभोक्ता मामलों के लिए केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) जैसी संस्थाएं भी कार्यरत हैं, जो बाजार में अनुचित व्यापारिक गतिविधियों पर निगरानी रखती हैं। उपभोक्ताओं के प्रमुख अधिकार उपभोक्ताओं को कई महत्वपूर्ण अधिकार प्राप्त हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें सुरक्षित और न्यायपूर्ण बाजार व्यवस्था प्रदान करना है। प्रमुख अधिकारों में शामिल हैं- सुरक्षा का अधिकार – जीवन और संपत्ति के लिए हानिकारक वस्तुओं से सुरक्षा पाने का अधिकार। जानकारी पाने का अधिकार – वस्तु या सेवा की गुणवत्ता, मात्रा, मूल्य और उपयोग से जुड़ी सही जानकारी प्राप्त करने का अधिकार। विकल्प का अधिकार – प्रतिस्पर्धी मूल्य पर विभिन्न विकल्पों में से वस्तु या सेवा चुनने का अधिकार। सुने जाने का अधिकार – अपनी शिकायत या सुझाव को उचित मंच पर प्रस्तुत करने का अधिकार। क्षतिपूर्ति का अधिकार – किसी भी प्रकार के नुकसान या शोषण की स्थिति में मुआवजा पाने का अधिकार। उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार – अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अधिकार। स्वस्थ पर्यावरण का अधिकार – स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में जीवन जीने का अधिकार। डिजिटल युग में नई चुनौतियां आज के डिजिटल युग में ई-कॉमर्स, ऑनलाइन खरीदारी और डिजिटल भुगतान का उपयोग तेजी से बढ़ा है। इससे उपभोक्ताओं को सुविधा तो मिली है, लेकिन साथ ही कुछ नई चुनौतियां भी सामने आई हैं। फर्जी वेबसाइट, नकली उत्पाद, साइबर ठगी और डेटा चोरी जैसे मामले उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए सरकार ने कई डिजिटल पहल शुरू की हैं। उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए  National Consumer Helpline  proतथा  E&Daakhil Portal जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं। इनके माध्यम से उपभोक्ता घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं और उसकी स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। जागरूकता ही सबसे बड़ी शक्ति भारत में उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने के लिए “जागो ग्राहक जागो” जैसे व्यापक अभियान चलाए गए हैं। इन अभियानों का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि बाजार में सुरक्षित और समझदारी से व्यवहार करना उनकी जिम्मेदारी भी है। किसी भी वस्तु या सेवा को खरीदते समय बिल अवश्य लेना, एमआरपी देखना, गुणवत्ता की जांच करना और नियम-शर्तों को ध्यान से पढ़ना जैसे छोटे-छोटे कदम उपभोक्ताओं को बड़े नुकसान से बचा सकते हैं। विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस हमें यह संदेश देता है कि जागरूक उपभोक्ता ही सशक्त समाज और मजबूत अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। जब उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति सजग होंगे और किसी भी प्रकार की अनियमितता के खिलाफ आवाज उठाएंगे, तभी बाजार व्यवस्था पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता हितैषी बन सकेगी। उपभोक्ता जागरूकता केवल व्यक्तिगत हितों की रक्षा नहीं करती, बल्कि यह समाज में नैतिक व्यापार, पारदर्शिता और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत बनाती है। यही कारण है कि आज के समय में जागरूक उपभोक्ता को सशक्त राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है।

कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज में हुई दुर्घटना पर CM साय ने शोक व्यक्त किया

ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज में हुई दुर्घटना पर CM  साय ने जताया गहरा शोक रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा केयर आईसीयू में आग लगने की दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक बताया है। मुख्यमंत्री  साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता उनके साथ खड़ी है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। मुख्यमंत्री  साय ने महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय को सहने की शक्ति प्रदान करें।