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तेज रफ्तार पिकअप ने मॉर्निंग वॉक कर रहे 3 लाेगाें को रौंदा

जशपुर. सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर गम्हरिया में गुरुवार सुबह लगभग 6 बजे एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना ने क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। मॉर्निंग वॉक पर निकले स्थानीय नागरिकों को एक तेज रफ्तार पिकअप ने निर्ममता से कुचल दिया। इस भीषण हादसे में दो लाेगों की घटना स्थल पर ही माैत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया है। मृतकों की शिनाख्त गम्हरिया निवासी लकड़ा मिस्त्री एवं हिरा मिस्त्री के रूप में की गई है। दोनों पेशे से वाहन मिस्त्री बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पिकअप वाहन की रफ्तार बहुत तेज थी। चालक ने नियंत्रण खोते हुए पैदल चल रहे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद आरोपी चालक वाहन सहित घटना स्थल से फरार हो गया, जिससे क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। हादसे की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस दल मौके पर पहुंचा और पंचनामा कार्रवाई उपरांत शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने अज्ञात पिकअप चालक के विरुद्ध मामला पंजीबद्ध कर लिया है। आरोपी की धरपकड़ के लिए विशेष टीम गठित की गई है। साथ ही घटना की तह तक पहुंचने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शीघ्र ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

कांम्बिंग गश्त में 126 वारंटी और 11 फरार आरोपी पकड़े

बिलासपुर. जिले में अपराध नियंत्रण और फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए बिलासपुर पुलिस ने रात में व्यापक कांबिंग गश्त अभियान चलाया। पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिले के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ की गई इस कार्रवाई में लगभग 300 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। अभियान के दौरान पुलिस ने 126 वारंटियों को गिरफ्तार किया, जिनमें 50 स्थायी वारंटी और 76 गिरफ्तारी वारंट शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न गंभीर अपराधों में लंबे समय से फरार चल रहे 11 आरोपियों को भी दबोच लिया गया। सभी आरोपियों को न्यायालयीन प्रक्रिया के लिए अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस टीमों ने संभावित ठिकानों, संदिग्ध स्थानों, होटल-ढाबों और सार्वजनिक स्थलों पर सघन जांच की। निगरानी सूची में दर्ज 41 गुंडा/बदमाशों की विधिवत चेकिंग कर उनकी गतिविधियों का सत्यापन किया गया और आवश्यक वैधानिक चेतावनी दी गई। वहीं संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए गए 10 व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। एक मामले में आरोपी के कब्जे से धारदार हथियार बरामद होने पर आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत पिछले एक सप्ताह में 105 शराबी वाहन चालकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किए गए हैं। पूरे अभियान में थाना प्रभारियों, विवेचना अधिकारियों, पेट्रोलिंग स्टाफ और विशेष टीमों ने समन्वित एवं योजनाबद्ध ढंग से कार्रवाई की।

पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर भाजपा का श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित….

पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर भाजपा का श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित…. बिलासपुर  भाजपा मंडल बिलासपुर  में पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके तेलीय चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया। इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय एक प्रमुख राजनीतिक चिंतक, अर्थशास्त्री एवं भारतीय जनसंघ के शीर्ष नेताओं में से थे। वे अपने दार्शनिक सिद्धांत ‘एकात्म मानव दर्शन’ के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि उपाध्याय जी की विचारधारा का मूल आधार यह था कि विकास केवल भौतिक प्रगति तक सीमित न होकर भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित होना चाहिए। व्यक्ति, समाज और प्रकृति के बीच संतुलन और सामंजस्य को उन्होंने विकास का केंद्र बिंदु माना। उनके अनुसार आर्थिक नीतियों का उद्देश्य केवल उत्पादन और उपभोग बढ़ाना नहीं, बल्कि मानव के समग्र विकास को सुनिश्चित करना होना चाहिए। वे 1968 में अपने असामयिक निधन तक भारतीय जनसंघ का नेतृत्व करते रहे। भाजपा जिला मंत्री पंकज तिवारी ने पं. दीनदयाल उपाध्याय को अंत्योदय और एकात्म मानववाद का प्रणेता बताते हुए कहा कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का विकास ही राष्ट्र के विकास का वास्तविक मापदंड है। उन्होंने कहा कि उपाध्याय जी के विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। भाजपा मंडल बिलासपुर के महामंत्री ने भी उन्हें निस्वार्थ कर्मयोगी और महान विचारक बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि एकात्म मानव दर्शन के माध्यम से दिया गया अंत्योदय का मंत्र आज भी समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने और विकसित भारत के निर्माण की मजबूत बुनियाद है। राष्ट्र सेवा और समर्पण के उनके आदर्श सदैव मार्गदर्शन करते रहेंगे। कार्यक्रम में भाजपा जिला मंत्री पंकज तिवारी भाजपा मंडल बिलासपुर के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी मंडल महामंत्री विनायक तिवारी उपाध्यक्ष रवि शंकर सोनी,विजय सोनी,गोविंद सोनी,बच्चू सोनी,किश्शू महार एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

विद्यार्थियों की दिनचर्या में शामिल हुआ अखबार वाचन

शासकीय प्राथमिक शाला पीपरडांड की अभिनव पहल रायपुर,  छात्रों के लिए प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़ना एक लाभकारी आदत है। इससे उन्हें समसामयिक घटनाओं, महत्वपूर्ण मुद्दों और विविध विचारों से अवगत होने का अवसर मिलता है। यह आदत गुणवत्तापूर्ण भाषा और सुव्यवस्थित सामग्री के संपर्क में आने से उनकी पढ़ने और लिखने की क्षमताओं को बढ़ाती है। शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर उसे जीवन से जोड़ने की दिशा में सरगुजा जिला के विकासखंड प्रेमनगर के शासकीय प्राथमिक शाला पीपरडांड में एक सराहनीय एवं अभिनव पहल की गई है। विद्यालय में विद्यार्थियों की दैनिक दिनचर्या में अखबार वाचन को शामिल किया गया है। इस प्रयास से परीक्षा-केंद्रित शिक्षा को ज्ञान-केंद्रित शिक्षा में परिवर्तित करने की दिशा में सार्थक कदम उठाया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करना ही नहीं, बल्कि उन्हें सोचने, समझने, तर्क करने और प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित करना है। सहायक शिक्षक श्री राजेन्द्र जायसवाल ने बताया कि वर्तमान समय में बढ़ते मोबाइल स्क्रीन टाइम के कारण बच्चों में पठन संस्कृति कमजोर होती जा रही है। ऐसे में समाचार पत्र वाचन शिक्षा सुधार का एक प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। नई व्यवस्था के तहत विद्यालय की प्रार्थना सभा अब केवल अनुशासनात्मक गतिविधि तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जागरूकता की पाठशाला के रूप में विकसित होगी। छात्र-छात्राएं प्रतिदिन अखबार की प्रमुख सुर्खियां पढ़ेंगे और देश-दुनिया की समसामयिक घटनाओं से अवगत होंगे। इसके अलावा सप्ताह में एक दिन विद्यार्थियों को किसी संपादकीय विषय पर मौलिक लेखन एवं समूह चर्चा के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे बच्चों में विचार-विमर्श, संवाद कौशल, अभिव्यक्ति क्षमता तथा नैतिक मूल्यों का विकास होगा। विद्यालय की इस नवाचारपूर्ण पहल की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है। यह प्रयास निश्चित रूप से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

नियुक्ति निरस्त करने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट का स्टे, 66 उप अभियंता बहाल

रायपुर ग्रामीण अभियांत्रिक सेवा की वर्ष 2011 की भर्ती प्रक्रिया को लेकर छत्तीसगढ़ में बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। हाईकोर्ट द्वारा 66 उप अभियंताओं (सिविल) की नियुक्तियां नियमों के विरुद्ध बताते हुए रद्द किए जाने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी है। दरअसल, इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर याचिकाकर्ता रवि तिवारी ने अधिवक्ता शाल्विक तिवारी के माध्यम से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 3 फरवरी 2026 को मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने भर्ती को अवैध करार देते हुए 66 उप अभियंताओं की नियुक्तियां निरस्त कर दी थीं। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा था कि भर्ती विज्ञापन के अनुसार अभ्यर्थियों के पास कट-ऑफ तिथि तक निर्धारित शैक्षणिक योग्यता होना अनिवार्य था, जबकि कई चयनित अभ्यर्थियों ने आवश्यक डिग्री या डिप्लोमा बाद में प्राप्त किया। ऐसे में उनकी नियुक्तियां प्रारंभ से ही अवैध मानी गईं। कोर्ट ने यह भी पाया कि 275 पदों के लिए जारी विज्ञापन के बावजूद उससे अधिक पदों पर नियुक्तियां की गईं, जो सेवा कानून के सिद्धांतों के विपरीत है। सुनवाई के दौरान नियुक्त उप अभियंताओं की ओर से यह तर्क दिया गया कि वे करीब 14 वर्षों से सेवा दे रहे हैं, इसलिए उनके मामलों में सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाया जाए। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा था कि लंबी सेवा अवधि किसी अवैध नियुक्ति को वैध नहीं बना सकती। इसके बाद कोर्ट ने क्वो वारंटो का रिट जारी करते हुए नियुक्तियां रद्द कर दी थीं। हाईकोर्ट के फैसले को दी गई चुनौती, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक वहीं हाईकोर्ट के इस फैसले को चुनौती देते हुए प्रभावित कर्मचारियों ने सुप्रीम कोर्ट, नई दिल्ली का रुख किया। इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार, 11 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य को नोटिस जारी किया और हाईकोर्ट के आदेश के प्रभाव एवं क्रियान्वयन पर स्थगन आदेश पारित किया है। यह प्रकरण लगभग 60 शासकीय कर्मचारियों की सामूहिक सेवा-समाप्ति से संबंधित है, जिन्हें प्रारंभिक रूप से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन में उप अभियंता (सिविल) के पद पर नियुक्त किया गया था। उच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में यह कहते हुए उनकी सेवाएं समाप्त करने का निर्देश दिया था कि संबंधित अभ्यर्थियों के पास भर्ती विज्ञापन के अनुसार आवेदन की अंतिम तिथि तक निर्धारित शैक्षणिक अर्हता उपलब्ध नहीं थी। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित अंतरिम आदेश के अनुसार, संबंधित कर्मचारियों की सेवा की निरंतरता अब सर्वोच्च न्यायालय में लंबित विशेष अनुमति याचिका (SLP) के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। मामले में याचिकाकर्ताओं एवं निजी प्रत्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी, परमेश्वर के. तथा गौरव अग्रवाल ने पक्ष रखा। उनके साथ अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा, चंद्रशेखर ए. चकलाब्बी (AOR) और सुधांशु प्रकाश (AOR) भी उपस्थित रहे।

ड्यूटी के दौरान हादसा: बस से उतरते समय प्रधान आरक्षक की गिरकर मौत

दुर्ग जिले के महिला थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक की मौत की खबर सामने आई है. यह घटना दुर्ग बस स्टैंड में हुई. 15 दिन की छुट्टी से वापस लौटे प्रधान आरक्षक बस से उतरते समय फिसल कर नीचे गिर गए. जिससे उन्हें चोंट आई. उन्हें इलाज के लिए तत्काल अस्पताल ले गया, लेकिन उनकी मौत हो गई. मिली जानकारी के अनुसार, दुर्ग जिले के महिला थाना भिलाई में पदस्थ प्रधान आरक्षक त्रिलोक सिंह (आरक्षक क्रमांक 33) मूलतः मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के निवासी थे. वह 15 दिनों की छुट्टी लेकर अपने पैतृक गांव गए हुए थे. छुट्टी समाप्त होने के बाद वह अपनी बेटी के साथ बस से दुर्ग वापस लौटे. यहां दुर्ग लौटकर उन्हें ड्यूटी ज्वाइन करना था. दुर्ग बस स्टैंड में बस पहुंचने के बाद वह बस से उतर रहे थे. इस दौरान उनका पैर फिसल गया और अचानक वे असंतुलित होकर जमीन पर गिर पड़े. जमीन पर गिरने से उनकी आंख के नीचे गंभीर चोटें आई. साथ में मौजूद उनकी बेटी और अन्य लोगों ने उन्हें जिला अस्पताल दुर्ग पहुंचाया. जहां परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. गिरने से लगी गंभीर चोट के बाद मौत डॉक्टरों ने मौत की प्रारंभिक वजह बस से उतरने के दौरान गिरने से लगी चोट बताई है. हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा. पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है.

CM हिमंता भड़के: 12,000 बीघा जमीन कब्जा करने के आरोप पर भूपेश समेत कांग्रेसियों को चुनौती, सबूत पेश करें

रायपुर   असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के प्रमुख नेताओं पर 500 करोड़ रुपये मानहानि का मुकदमा दायर कर राजनीतिक हलचल मचा दी है. सीएम सरमा ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, एआईसीसी महासचिव जितेंद्र सिंह और असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई समेत अन्य नेताओं पर झूठे और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाने का आरोप लगाया है. यह मुकदमा गुवाहाटी की अदालत में दाखिल किया गया. इस बात से शुरू हुआ विवाद विवाद की जड़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस है. उसमें असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने दावा किया था कि पार्टी को पता चला कि राज्य भर में मुख्यमंत्री और उनके परिवार की ओर से लगभग 12,000 बीघा जमीन पर कब्जा किया गया है. इसके अलावा, AI जनित वीडियो को लेकर भी तनाव बढ़ा है, जिसमें कथित तौर पर सीएम सरमा के खिलाफ गलत सामग्री प्रसारित की गई. वहीं, कांग्रेस नेताओं ने पलटवार करते हुए सरमा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्हें भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति अर्जन के आरोप में घेरा गया. 9 फरवरी को शुरू हुई कानूनी कार्रवाई हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, 9 फरवरी 2026 को भूपेश बघेल सहित कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। उन्होंने कहा कि, राजनीतिक असहमति अलग बात है, लेकिन सार्वजनिक मंच से निराधार आरोप लगाना कानून के दायरे में आता है। सीएम सरमा का आरोप है कि, कांग्रेस नेताओं, खासकर भूपेश बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए उनके खिलाफ ऐसे बयान दिए जो पूरी तरह झूठे और तथ्यहीन हैं। इसी को लेकर उन्होंने सीधे कोर्ट का रुख किया। सरमा ने कांग्रेस नेताओं दावों को पूरी तरह से "झूठा, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक" करार दिया है। सीएम ने एक्स पर किया पोस्ट सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा, “आरोप लगाकर भागने वाली राजनीति का दौर खत्म हो चुका है. गांधी परिवार की इस साजिश को अदालत में देखूंगा.” उन्होंने 9 फरवरी को सिविल और क्रिमिनल मानहानि की कार्यवाही शुरू करने की घोषणा की थी, जो अब अमल में आ गई. भूपेश बघेल ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया और कहा कि वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. गांधी परिवार पर भी हमला मुकदमे के पहले सीएम कह चुके थे कि वह कांग्रेस नेताओं के आरोपों को लेकर लीगल एक्शन लेंगे. मुख्यमंत्री ने कांग्रेस लीडरशिप पर मिलकर बदनामी करने और पॉलिटिकल ड्रामा करने का भी आरोप लगाया था. उन्होंने कहा कि यह हमला गांधी परिवार के कहने पर किया गया था. उन्होंने कहा कि विपक्ष को पर्सनल बुराई के बजाय मुद्दों और गवर्नेंस पर फोकस करना चाहिए. प्रेस कॉन्फ्रेंस के बयान बने विवाद की वजह बता दें कि, मामला 4 फरवरी को गुवाहाटी में आयोजित एक संयुक्त प्रेस वार्ता से शुरू हुई। असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने दावा किया था कि पार्टी की आंतरिक जांच में यह सामने आया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने राज्य भर में लगभग 12,000 बीघा जमीन पर कब्जा कर रखा है। सरमा ने इन दावों को पूरी तरह से "झूठा, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक" करार दिया है। इससे पहले सरमा ने कहा था कि वे गांधी परिवार के गुलामों की ओर से किए जा रहे प्रचार, बदनाम करने की कोशिश या राजनीतिक नाटक से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हिट एंड रन राजनीति का दौर खत्म हो चुका है। अगर उनके पास जरा भी साहस या सबूत है तो अदालत में पेश करें। इसी बीच असम की राजनीति में हिमंता सरमा और गौरव गोगोई के बीच टकराव और तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में आरोप लगाया था कि गौरव गोगोई और उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख से गहरे संबंध हैं और इससे संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान तक पहुंचने की आशंका जताई थी। हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के पास अपने दावों के समर्थन में कोई दस्तावेजी सबूत नहीं है और उन्होंने मानसिक संतुलन खो दिया है।

होली में घर जाना होगा आसान: दुर्ग से मधुबनी के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन, समय-सारिणी जारी

रायपुर मार्च महीने में होली के महापर्व पर घर जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने एक बड़ी राहत दी है। रेलवे प्रशासन ने दुर्ग से बिहार के मधुबनी के बीच ‘होली स्पेशल ट्रेन’ चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन छत्तीसगढ़ के प्रमुख स्टेशनों जैसे रायपुर, बिलासपुर, चांपा और रायगढ़ से होते हुए झारखंड और बंगाल के रास्ते बिहार पहुंचेगी। होली के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए रेलवे विशेष पहल बता दें कि अक्सर होली के दौरान नियमित ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट लंबी हो जाती है, जिससे यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को सुलझाने और यात्रियों को सुगम सफर प्रदान करने के लिए रेलवे द्वारा गाड़ी संख्या 08753/08754 का परिचालन किया जा रहा है। ट्रेन की समय-सारणी और रूट 1. दुर्ग-मधुबनी होली स्पेशल (08753): यह ट्रेन 1 मार्च 2026 को दुर्ग से रवाना होगी।     प्रस्थान: दुर्ग से रात 00:30 बजे।     प्रमुख स्टॉपेज: रायपुर (01:20), बिलासपुर (03:30), रायगढ़ (05:28), झारसुगुड़ा (07:15), हटिया (12:10), रांची (12:30), धनबाद (17:00), जसीडीह (20:25), बरौनी (00:40) और दरभंगा (03:15)।     आगमन: मधुबनी स्टेशन पर 2 मार्च को सुबह 04:45 बजे। 2. मधुबनी-दुर्ग होली स्पेशल (08754): वापसी में यह ट्रेन 2 मार्च 2026 को मधुबनी से प्रस्थान करेगी।     प्रस्थान: मधुबनी से सुबह 06:15 बजे।     वापसी का मार्ग: समस्तीपुर (08:40), क्यूल (12:00), चितरंजन (16:05), बोकारो स्टील सिटी (21:35), राउरकेला (03:18) और बिलासपुर (09:50)।     आगमन: रायपुर (11:40) और दुर्ग दोपहर 12:45 बजे (3 मार्च)। कोच संरचना यात्रियों की सुविधा के लिए इस स्पेशल ट्रेन में कुल 18 कोच लगाए गए हैं, जिसका विवरण निम्नानुसार है:     एसी थ्री टायर: 02 कोच     स्लीपर क्लास: 09 कोच     जनरल (सामान्य): 05 कोच     एसटीआरडी (गार्ड एवं दिव्यांग): 02 कोच     यात्रियों के लिए सलाह: रेलवे ने अपील की है कि यात्री अपनी टिकट रेलवे काउंटर या आधिकारिक वेबसाइट www.indianrail.gov.in के माध्यम से समय रहते बुक करा लें ताकि अंतिम समय की अफरा-तफरी से बचा जा सके।

सड़क दुर्घटना का कहर: NH-30 पर अज्ञात वाहन ने ली DRG जवान की जान

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से सटे आसना क्षेत्र में मंगलवार की रात दर्दनाक सड़क हादसे ने सुरक्षा बल के एक जांबाज को छीन लिया. नेशनल हाइवे 30 पर अज्ञात वाहन ने जगदलपुर की ओर जा रहे डीआरजी जवान भरत भारती की बाइक को जोरदार टक्कर से मारी. हादसा इतना भीषण था कि जवान की मौके पर ही मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक, घटना कोतवाली थाना इलाके की है. लोगों की सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पंहुची और शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस हादसे के कारणों और चालक की तलाश में जुट गई है. अज्ञात वाहन की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. 2022 में बस्तर फाइटर में हुथा था चयन बताया गया कि वर्ष 2022 में भरत भारती का चयन बस्तर फाइटर में हुआ था, जिसके बाद उनकी पोस्टिंग डीआरजी दस्ते में की गई थी. हादसे के बाद पुलिस महकमे और जवान के साथियों में शोक की लहर है. पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की पड़ताल तेज कर दी है.

किसानों को होली से पहले राहत, साय कैबिनेट ने अंतर की राशि एक साथ देने का लिया निर्णय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय, महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में किसानों के हित समेत कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णय     मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के षष्ठम् विधान सभा के अष्टम् सत्र माह फरवरी-मार्च, 2026 के लिए राज्यपाल के अभिभाषण का अनुमोदन किया गया।     मंत्रिपरिषद द्वारा बजट अनुमान वर्ष 2026-27 का विधानसभा में उपस्थापन के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।     मंत्रिपरिषद ने राज्य में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एकमुश्त भुगतान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत धान के मूल्य के अंतर की राशि के रूप में लगभग 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होली त्यौहार से पहले एकमुश्त किया जाएगा। यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से की जा रही है, जो देश में सर्वाधिक है। बीते दो वर्षाें में कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों को धान के मूल्य के अंतर के रूप में 25 हजार करोड़ रूपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। इस साल होली से पूर्व किसानों को 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होने से यह राशि बढ़कर 35 हजार करोड़ रूपए हो जाएगी।