samacharsecretary.com

रायपुर : ढोलमहुआ एनीकट निर्माण कार्य के लिए 13.74 करोड़ रूपए स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा बिलासपुर जिले के विकासखण्ड-कोटा के अंतर्गत ढोलमहुआ एनीकट निर्माण कार्य हेतु 13 करोड़ 74 लाख 13 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना से निस्तारी, भू-जल संवर्धन एवं आवागमन सुविधा के साथ 180 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों द्वारा स्वयं के साधन से सिंचाई सुविधा होगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से योजना के कार्य पूर्ण कराने मुख्य अभियंता हसदेव कछार जल संसाधन विभाग बिलासपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

छत्तीसगढ़ में 24 नई बसों का आगाज, 180 गांवों को मिला सीधा परिवहन कनेक्शन

रायपुर  छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचलों में परिवहन सुविधा को मजबूत बनाने वाली मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ने आज एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास से योजना के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया और वर्चुअली बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 10 जिलों की 23 रूटों पर 24 नई बसें, 180 गांव सीधे जुड़े दूसरे चरण के तहत बस्तर और सरगुजा संभाग के 10 जिलों में 23 मार्गों पर 24 नई बसें संचालित होने लगीं। इससे 180 गांव पहली बार सीधे बस सेवा से जुड़ गए हैं, जो क्षेत्र के ग्रामीण परिवहन नेटवर्क के लिए बड़ा बदलाव माना जा रहा है। कार्यक्रम में कई ग्रामीण उसी बस में सवार होकर पहुंचे, जो योजना के प्रथम चरण में शुरू की गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि अब ब्लॉक मुख्यालयों तक पहुंचना पहले की तुलना में बहुत आसान हो गया है। पहले मुश्किल था सफर, अब सड़क से संभव सुकमा–दोरनापाल–कोंटा मार्ग से आए ग्रामीणों ने बताया कि वे 110 किलोमीटर की यात्रा बस से कर कार्यक्रम तक पहुंचे। पहले यह सफर बेहद कठिन, असुविधाजनक और समय लेने वाला था। कोई गांव विकास से अछूता न रहे- मुख्यमंत्री साय  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से अलग न रहे     योजना से परिवहन सुविधा में वृद्धि हो रही ह     गांवों को शहरों, सेवाओं और अवसरों से जोड़कर सामाजिक–आर्थिक समानता को मजबूत किया जा रहा है उन्होंने 180 गांवों के लोगों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि अब उनकी यात्रा सुरक्षित, समयबद्ध और सुविधाजनक होगी, जिससे विकास के नए रास्ते खुलेंगे। परिवहन मंत्री बोले- वनांचलों में बसें पहुंचाना ऐतिहासिक कदम परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जिन पहाड़ी, वनांचल और दूरस्थ गांवों तक कभी सार्वजनिक परिवहन नहीं पहुंचा था, वहाँ भी अब बस सेवाएँ चालू हो गई हैं। यह योजना विशेष रूप से जनजातीय बहुल क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो रही है। पहले चरण में 250 गांव जुड़े थे मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का प्रथम चरण 4 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुरू किया था। तब 250 गांव बस सेवा से जुड़े थे। अब दूसरे चरण में 180 और गांव जुड़ने से यह संख्या और बढ़ गई है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्रिमंडल के सदस्य, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, परिवहन सचिव एस. प्रकाश समेत वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज करेंगे बस्तर ओलंपिक 2025 का शुभारंभ, 4 लाख खिलाड़ी और आत्मसमर्पित नक्सली होंगे शामिल

बस्तर  छत्तीसगढ़ में आज से बस्तर ओलंपिक 2025 शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इसका शुभारंभ करेंगे। ये संभाग स्तरीय आयोजन जगदलपुर में 11 से 13 दिसंबर तक चलेगा। इसके समापन अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। आयोजन की खास बात यह है कि इसमें सरेंडर नक्सली भी खिलाड़ी के रूप में हिस्सा ले रहे हैं। कांकेर से 54 आत्मसमर्पित नक्सली “नुआ बाट” टीम के साथ कबड्डी, रस्साकशी में प्रतिस्पर्धा करेंगे। इसके अलावा भी बड़ी संख्या में अन्य खेलों में उनकी भागीदारी रहेगी। प्रशासन के अनुसार यह पहल पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण कदम है। ये दूसरा साल है जब आत्मसमर्पित नक्सली भी खिलाड़ियों की तरह इस ओलंपिक का हिस्सा बनेंगे। सीएम विष्णु देव साय करेंगे बस्तर ओलंपिक का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बस्तर ओलंपिक का शुभारंभ करेंगे। वहीं इसके समापन अवसर पर गृहमंत्री अमित शाह मुख्य उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन समारोह में देश की दिग्गज बॉक्सर और छह बार की विश्व चैंपियन मैरी कॉम भी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हो रही हैं। वे इस ओलंपिक की मशाल उठाएंगी। इस बार लगभग लगभग 4 लाख खिलाड़ी बस्तर ओलंपिक में भाग ले रहे हैं। डिवीजन स्तर पर कांकेर, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, बीजापुर और कोंडागांव इन सात जिलों से सैकड़ों खिलाड़ी बस्तर ओलंपिक में भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विविध खेल विधाओं में प्रतिभागियों की बढ़ती संख्या इस आयोजन की लोकप्रियता और क्षेत्र में स्थिर होते माहौल को दर्शाती है। आत्मसमर्पित नक्सली भी विभिन्न खेलों में हिस्सा लेंगे इस वर्ष की सबसे उल्लेखनीय पहल है ‘नुआ बात’ टीम, जिसमें सरेंडर कर चुके नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के सदस्य शामिल हैं। यह टीम सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा में लौटने की दिशा में बस्तर के बदलते परिवेश का प्रतीक मानी जा रही है। प्रशासन के अनुसार, ‘नुआ बाट’ टीम में खिलाड़ियों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में दोगुनी हो गई है। वर्ष 2024 में जहां 350 खिलाड़ी शामिल हुए थे, वहीं इस बार 761 से अधिक खिलाड़ी विभिन्न खेलों में उतर रहे हैं।

रायपुर: अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन से 850 श्रद्धालुओं को लेकर भारत गौरव ट्रेन काशी-अयोध्या धाम के लिए रवाना, विशेष सुविधाएं दी गईं

रायपुर : अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन से 850 श्रद्धालुओं को लेकर भारत गौरव ट्रेन काशी-अयोध्या धाम के लिए रवाना, तीर्थयात्रियों को मिली विशेष सुविधाएं रायपुर सरगुजा संभाग के 850 श्रद्धालुओं को लेकर भारत गौरव स्पेशल ट्रेन काशी और अयोध्या धाम के लिए अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन से रवाना हुई । इस पवित्र यात्रा का प्रारंभ महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, श्री भारत सिंह सिसोदिया और अन्य प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर किया। स्टेशन परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण से सराबोर था, जहाँ यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत-सत्कार किया गया।  जिला प्रशासन एवं आईआरटीसी ने तीर्थयात्रियों की आवागमन व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा एवं भोजन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की है। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के कर्मचारियों ने यात्रा के दौरान सभी श्रद्धालुओं को सहायता प्रदान की। समर्पित स्टाफ यात्रियों की हर समस्या का समाधान तत्परता से कर रहे थे, जिससे तीर्थयात्रियों को आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा का भरोसा मिला। प्रतिभा मिश्रा ने कहा कि साय सरकार द्वारा आम जनता के लिए योजना बनाकर तीर्थयात्रा का प्रबंध करना बेहद प्रशंसनीय है। हमें पूरा विश्वास है कि यह यात्रा हमारी आस्था को और प्रगाढ़ करेगी। दुर्गा प्रसाद यादव ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा, यह सुविधाजनक व्यवस्था और सम्मानजनक सेवा हम सभी तीर्थयात्रियों के लिए यादगार रहेगी। मुझे छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री श्री साय और पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल का विशेष धन्यवाद कहना है जिन्होंने इस योजना को जनहित में सफल बनाया। मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सभी तीर्थ यात्रियों को रामलला के दर्शन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि हमारा प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को उनकी आस्था के अनुरूप सुविधाजनक और सम्मानजनक सेवा मिले। भारत गौरव ट्रेन के माध्यम से इस प्रकार की यात्राओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को संजोया जा सके। यह यात्रा न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को मजबूत करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं  सांस्कृतिक विकास को भी बढ़ावा देगी। तीर्थयात्रियों को इस योजना के तहत यात्रा के दौरान भोजन, मेडिकल सहायता, वैकल्पिक आवास और सुरक्षा जैसी तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अम्बिकापुर से शुरू हुई भारत गौरव ट्रेन की यात्रा भक्तिमय वातावरण और प्रशासनिक तत्परता के बीच सफलतापूर्वक प्रारंभ हुई, जिससे सरगुजा संभाग के श्रद्धालुओं का मनोबल और विश्वास बढ़ा है। इस अवसर पर पूर्व सभापति श्री ललन सिंह, जिला प्रशासन के अधिकारी, आईआरसीटीसी के उपमहाप्रबंधक एवं छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

रायपुर: शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान, संघर्ष और स्वाभिमान का प्रतीक, मुख्यमंत्री साय का वक्तव्य

रायपुर : शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान, आत्मगौरव, संघर्ष और स्वाभिमान का प्रतीक – मुख्यमंत्री  साय नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन, सियान सदन और मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना अंतर्गत बस सेवा प्रारंभ करने की घोषणा 101 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन मुख्यमंत्री सोनाखान में आयोजित शहीद वीर नारायण सिंह की शहादत दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान छत्तीसगढ़ के आत्मगौरव, संघर्ष और स्वाभिमान का अमर प्रतीक है। वे आज सोनाखान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को नमन करने पहुंचे, जहां उन्होंने शहीद के वंशजों को सम्मानित किया और क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। मुख्यमंत्री ने सोनाखान में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना अंतर्गत बस सेवा प्रारंभ करने, नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण हेतु 75 लाख रुपये, सियान सदन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तथा मड़ई मेला स्थल में शौचालय निर्माण के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सोनाखान में इको-टूरिज्म विकास और सड़क निर्माण हेतु आवश्यक प्रावधान आगामी बजट में शामिल किए जाएंगे जिससे इस ऐतिहासिक स्थल को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार एवं सुविधाओं में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह अंग्रेजी शासन के अत्याचार के विरुद्ध गरीबों, किसानों और वंचित समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए खड़े हुए एक ऐसे वीर सपूत थे, जिन्होंने भीषण अकाल के समय गरीबों में अनाज बांटकर मानवता की ऐतिहासिक मिसाल पेश की। अंग्रेजी हुकूमत ने 10 दिसंबर 1857 को उन्हें फांसी दे दी, किंतु उनका बलिदान सदियों से संघर्ष, स्वाभिमान और अन्याय के प्रतिकार की प्रेरणा देता आया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की ‘गारंटी’ के तहत अधिकांश वादों को पूरा किया है और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर काम कर रही है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि आज ही के दिन अंग्रेजी हुकूमत ने रायपुर के जयस्तंभ चौक में वीर नारायण सिंह को फांसी दी थी। वे अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए शहीद हुए और उनका बलिदान पीढ़ियों तक लोगों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने राज्य सरकार की जनहितैषी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि विकास और कल्याण के लिए सरकार सतत् कार्यरत है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 101.44 करोड़ रुपये की लागत के 119 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के 10 हितग्राहियों को घरों की चाबियाँ सौंपी तथा ‘हम होंगे कामयाब’ कार्यक्रम के अंतर्गत 37 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। आदिवासी समाज के पाँच प्रतिभावान छात्रों को भी मंच पर सम्मानित किया गया। समारोह में वन मंत्री  केदार कश्यप, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े तथा शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज  राजेंद्र दीवान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय  द्वारा जिन कार्यों का लोकार्पण किया गया उनमें ग्राम ओड़ान, खरतोरा, सकरी (स) और दतान (ख) में 9.88 करोड़ रुपये की लागत से रेट्रोफिटिंग नल-जल प्रदाय योजनाएँ तथा गोरधा में एकल नल-जल प्रदाय योजना शामिल है। जिन कार्यों का भूमिपूजन किया गया उनमें अर्जुनी में 5.84 करोड़ रुपये की लागत से जोंक शीर्ष जीर्णोद्धार एवं तटबंध निर्माण, लवन शाखा नहर के तिल्दा, करदा लाटा एवं सिरियाडीह माइनर के 3.63 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण, मटिया नाला में 3.36 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉपडैम निर्माण, परसाडीह के खोरसीनाला में 2.99 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉपडैम निर्माण और लाहोद में 2.60 करोड़ रुपये की लागत से निरीक्षण कुटीर एवं आवासीय भवन निर्माण कार्य मुख्य रूप से शामिल हैं।

रायपुर: राष्ट्र और समाज के नव निर्माण में आदिवासी समाज के शहीदों का योगदान, बोले मुख्यमंत्री साय

रायपुर : राष्ट्र व समाज के नव निर्माण में आदिवासी समाज के अमर शहीदों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान: मुख्यमंत्री  साय राजाराव पठार ग्राम कर्रेझर में शहीद वीर नारायण सिंह के श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए मुख्यमंत्री  गौरवशाली है आदिवासी समाज की संस्कृति, इतिहास और विरासत  तालाब निर्माण हेतु 15 लाख सहित कई घोषणाएं 71.93 लाख रूपए के विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण                   रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि राष्ट्र व समाज के नव निर्माण में आदिवासी समाज के अमर शहीदों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान है। उन्होंने कहा कि जब-जब राष्ट्र व समाज पर विपत्ति आई है, आदिवासी समाज ने उनका डटकर मुकाबला कर विघटनकारी तत्वों को मुहतोड़ जवाब दिया है। मुख्यमंत्री  साय आज बालोद जिले के गुरूर विकासखंड के ग्राम कर्रेझर में आयोजित विराट वीर मेला महोत्सव को सम्बोबिधत कर रहे थे। मुख्यमंत्री  साय ने तीन दिवसीय विराट वीर मेला के अंतिम दिवस पर आयोजित शहीद वीर नारायण सिंह श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर अमर शहीद वीरनारायण सिंह को विनम्र श्रद्धांजलि दी।      मुख्यमंत्री  साय ने ग्राम कर्रेझर में मेला स्थल के समीप तालाब निर्माण हेतु 15 लाख, मेला आयोजन हेतु आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा प्रदान कि जाने वाली 10 लाख रूपये की सहयोग राशि को बढ़ाकर 20 लाख रूपये करने तथा राजाराव पठार स्थित देवस्थल में किचन शेड निर्माण करने की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने मेला स्थल पर कुल 71 लाख 93 हजार रूपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व केन्द्रीय मंत्री  अरविंद नेताम ने की। आदिम जाति कल्याण मंत्री  रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, कांकेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक  आशाराम नेताम विशेष रूप से उपस्थित थे।       मुख्यमंत्री  साय ने आदिवासियों के हितों के संरक्षण एवं देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान दिलाने हेतु पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी एवं प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के योगदानांे का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री  साय ने भगवान बिरसा मुण्डा, शहीद वीर नारायण सिंह एवं  गैंदसिंह नायक के अद्म्य वीरता, साहस एवं राष्ट्र भक्ति का उल्लेख करते हुए उसे अतुलनीय बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा मोदी की गारंटी के तहत किए गए सभी वायदों को पूरा किया गया है।      इस अवसर पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री  अरविंद नेताम ने राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधक बने नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। आदिम जाति कल्याण एवं कृषि मंत्री  राम विचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए संकल्पित होकर काम कर रही है। वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि जिन मुद्दों के लिए हमारे पूर्वजों ने संघर्ष किया, वे आज साकार हो रहे हैं। वन अधिकार की लंबी लड़ाई का परिणाम है कि आज उनके परिजनों को उनका अधिकार मिल रहा है। बस्तर वर्षों पुरानी नक्सली पीड़ा से मुक्त हो रहा है। यहां के लोगों के जीवन में खुशहाली आ रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्माण और विकास की मजबूत नींव बस्तर में रखी जा रही है।  इस अवसर पर आदिवासी समाज के लोक कलाकारों के द्वारा रेला, मांदरी, हुलकी आदि परंपरागत लोक विधाओं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जीवंत प्रस्तुति भी दी गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने आदिवासी समाज के रचनाकार मती हेमवती ठाकुर के द्वारा रचित पुस्तक ’आदिशक्ति माँ अंगारमोती’ एवं  मरई राधेश्याम बस्तरिया की पुस्तक ’घोटुल पुंदाना’ पुस्तक का भी विमोचन किया।

रायपुर: ‘क्षमता और संकल्प से सब कुछ संभव’ – अरुण साव का संदेश, डीपीएस के वार्षिक उत्सव में उप मुख्यमंत्री की उपस्थिति

रायपुर : क्षमता और संकल्प से सब कुछ संभव –  अरुण साव डीपीएस के वार्षिक उत्सव में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री   रायपुर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज दुर्ग में डेल्ही पब्लिक स्कूल के वार्षिक उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान स्कूल के मेधावी छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए पुरस्कार देकर सम्मानित किया। विधायक श्री रिकेश सेन भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने वार्षिकोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि आपके जीवन का हर एक मिनट बेहद कीमती है। यदि इसे समझ लिया जाए तो ऊँचाइयों को छूने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने छात्रों से माता-पिता के सपनों को साकार करने और परिवार का नाम रोशन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक-एक मिनट का सही उपयोग ही सफलता का आधार है। चेहरे पर उत्साह, प्रसन्नता और आत्मविश्वास होना चाहिए, क्योंकि यही व्यक्ति को ऊँचाई तक ले जाती है। निराशा और हताशा जीवन में सफलता की राह में बाधक होते हैं। श्री साव ने छात्रों से कहा कि बड़ी-बड़ी मंजिलें तय करने से पहले अपने लिए दिशा तय करना जरूरी है। दिशा स्पष्ट हो तो ऊर्जा और उत्साह के साथ आगे बढ़कर ऊँचाईयां हासिल की जा सकती हैं। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए कहा कि छोटी सी नौकरी से शुरुआत कर मिसाइलमैन और फिर देश का राष्ट्रपति बनना इस बात का प्रमाण है कि क्षमता और संकल्प से कुछ भी संभव है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि डिप्रेशन जैसे शब्द को अपनी डिक्शनरी से हटा दें। छोटी-मोटी असफलताओं से घबराना नहीं है, बल्कि उनसे सीखकर आगे बढ़ना है। डीपीएस, दुर्ग के प्रबंधन समिति के सदस्य श्री एच.एस. बत्रा, 'हरिभूमि' के प्रधान संपादक तथा प्रबंधन समिति के सदस्य डॉ. हिमांशु द्विवेदी, प्राचार्य  एवं निदेशक श्रीमती पुनीता नेहरू और इंडस ग्रुप ऑफ स्कूल के निदेशक श्री सुभाष श्योराण सहित बड़ी संख्या में अभिभावक और विद्यार्थी कार्यक्रम में मौजूद थे।

रायपुर: जैव चिकित्सा अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन – आवास मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी

रायपुर : जैव चिकित्सा अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन हमारी सामूहिक जिम्मेदारी: आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी राज्य स्तरीय कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न रायपुर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल द्वारा जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 (संशोधित 2021) के प्रभावी अनुपालन और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला का सफल आयोजन आज नवा रायपुर में हुआ। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित वित्त, वाणिज्य कर, आवास एवं पर्यावरण तथा योजना एवं सांख्यिकी मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि जैव चिकित्सा अपशिष्ट का उचित प्रबंधन केवल स्वास्थ्य संस्थानों की नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जैव चिकित्सा अपशिष्ट का वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निपटान सार्वजनिक स्वास्थ्य से सीधे जुड़ा विषय है, इसलिए नियमों का कड़ाई से पालन अत्यंत आवश्यक है।  चौधरी ने स्वास्थ्य संस्थानों से अपील की कि वे नियमों को स्पष्ट रूप से समझकर उनका शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला इसी उद्देश्य से आयोजित की गई है ताकि सभी संस्थान नियमों को बेहतर समझ सकें, अपनी समस्याएं निसंकोच साझा कर सकें और समाधान पर सामूहिक रूप से कार्य किया जा सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आपसी संवाद, सहभागिता और सहयोग से छत्तीसगढ़ राज्य जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन में एक आदर्श राज्य के रूप में उभरेगा। आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव एवं मण्डल के अध्यक्ष  अंकित आनंद ने कहा कि जैव चिकित्सा अपशिष्ट के कुशल प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य संस्थानों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब तक नियमों को सही रूप में नहीं समझा जाएगा, उनका प्रभावी कार्यान्वयन संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि मण्डल की यह कार्यशाला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जहां सभी संबंधित हितधारकों को विस्तृत जानकारी और प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। कार्यशाला के आरंभ में मण्डल के सदस्य सचिव  राजू अगसिमनि ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में जैव चिकित्सा अपशिष्ट के वैज्ञानिक निपटान, सुरक्षित परिवहन, पृथक्करण, भंडारण और उपचार की प्रक्रियाओं को मजबूत बनाना है। कार्यक्रम के दौरान केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के वरिष्ठ वैज्ञानिक  अनुप चतुर्वेदी तथा  यादवेन्द्र यादव, अधिवक्ता (सीपीसीबी, भोपाल) ने जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन के विभिन्न तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस राज्य स्तरीय कार्यशाला में मण्डल के वरिष्ठ अधिकारियों सहित प्रमुख अस्पतालों, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब, डायग्नोस्टिक सेंटर्स, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, नर्सिंग होम एसोसिएशन, चिकित्सा प्रकोष्ठ तथा विभिन्न स्थानीय निकायों के स्वास्थ्य अधिकारियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन पर आधारित एक मार्गदर्शिका पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।

रायपुर: 12 दिसम्बर को कवर्धा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन”

रायपुर : 12 दिसम्बर को कवर्धा में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय करेंगे मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन मेडिकल कॉलेज स्थापना से खुलेगा विकास का नया अध्याय – उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा कबीरधाम में स्वास्थ्य सुविधाओं के नए युग का होगा सूत्रपात रायपुर कबीरधाम जिले के स्वास्थ्य ढांचे को मज़बूती देने और युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में मेडिकल कॉलेज कबीरधाम की स्थापना होने जा रही है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय 12 दिसम्बर को अपने कवर्धा प्रवास के दौरान ग्राम घोटिया में मेडिकल कॉलेज की प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा पूजित शिला का शिलान्यास एवं भूमिपूजन करेंगे। कॉलेज के लिए 40 एकड़ भूमि आबंटित, 306 करोड़ से अधिक की राशि को मिली स्वीकृति उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के प्रयासों से  शासन द्वारा मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए ग्राम घोठिया में 40 एकड़ भूमि का आबंटन किया है। परियोजना के लिए 306 करोड़ रूपए से अधिक की मंजूरी प्रदान की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर कितनी गंभीर और प्रतिबद्ध है। यह कॉलेज अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस होगा और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का होगा विस्तार मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद कबीरधाम जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। लोगों को आधुनिक, उन्नत और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएँ स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी। गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए अब दूरस्थ शहरों की ओर निर्भरता कम होगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं तक आसानी से पहुंच सुनिश्चित होगी। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा की पहल पर यह महत्वपूर्ण परियोजना अल्प समय में स्वीकृत होकर अपने निर्माण चरण तक पहुँच गयी है। उन्होंने इस परियोजना को जल्द से जल्द पूर्ण करने अधिकारियों को निर्देश भी दिए हैं। जिले में उत्साह का माहौल इस संबंध में उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज स्थापना से विकास का नया अध्याय खुलेगा। युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा और रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। जिले के लोगों को निर्माण से लेकर संचालन तक रोजगार के अनेक नए अवसर प्राप्त होंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और जिले में कौशल विकास भी प्रोत्साहित होगा। मेडिकल कॉलेज के भूमिपूजन को लेकर जिले के लोगों में उत्साह का माहौल है। स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और युवाओं में आशा की नई किरण जागी है कि इस कॉलेज से कबीरधाम को स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।

प्यार के नाम पर करोड़ों की उगाही? DSP कल्पना पर गंभीर आरोप, कारोबारी ने दिए ढाई करोड़ के गिफ्ट

रायपुर रायपुर में पुलिस विभाग की साख पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक कारोबारी दीपक टंडन ने महिला DSP कल्पना वर्मा पर रिश्वत लेने, ब्लैकमेलिंग करने और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का दावा है कि डीएसपी ने प्यार और शादी का झांसा देकर उससे करोड़ों रुपये, महंगी गाड़ियां और कीमती गहने ऐंठ लिए।    कारोबार‌री का आरोप- ‘शादी का झांसा देकर करोड़ों ले गईं’ दीपक टंडन के मुताबिक उनकी मुलाकात साल 2021 में DSP से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नज़दीकियां बढ़ीं। आरोप हैं कि डीएसपी ने लगातार पैसों की मांग की, कारोबारी ने दो करोड़ रुपये से ज्यादा रकम दी, 12 लाख की हीरे की अंगूठी, 5 लाख की सोने की चेन व टॉप्स, 1 लाख का ब्रेसलेट भी गिफ्ट किया। एक इनोवा क्रिस्टा कार भी डीएसपी को दी। DSP ने अपने भाई के नाम पर कारोबारी के रायपुर VIP रोड स्थित होटल की रजिस्ट्री करवा ली और बाद में लगभग 30 लाख खर्च कर उसे अपने नाम करवा लिया। कारोबारी का कहना है कि जब उसने यह सब देने से इंकार किया, तो DSP ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।   पुलिस को दिए सबूत पीड़ित दीपक टंडन का दावा है कि उन्होंने खम्हारडीह थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए व्हाट्सऐप चैट, CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्य पुलिस को सौंपे हैं। वह कहते हैं कि जब उन्होंने शिकायत वापस नहीं ली, तो डीएसपी ने उन्हें फर्जी मामलों में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी।   DSP का जवाब- यह बदनाम करने की साज़िश मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए DSP कल्पना वर्मा ने सभी आरोपों को झूठा और निराधार बताया। उनका कहना है कि यह पूरी कहानी उन्हें बदनाम करने की साज़िश है, वह किसी भी तरह की जांच का सामना करने को तैयार हैं।   पुलिस जांच शुरू उच्च पुलिस अधिकारियों ने मामले का संज्ञान ले लिया है और जांच प्रारंभ कर दी है। मामले की सच्चाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।