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उपमुख्यमंत्री शर्मा डड़सेना कलार समाज द्वारा आयोजित भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन जन्मोत्सव कार्यक्रम में हुए शामिल

रायपुर : डड़सेना कलार समाज सशक्त रूप से संगठित होकर एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा- उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री  शर्मा डड़सेना कलार समाज द्वारा आयोजित भगवान  सहस्त्रबाहु अर्जुन जन्मोत्सव कार्यक्रम में हुए शामिल उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने भगवान सहस्त्रबाहु चौक में भव्य प्रतिमा स्थापना और सौर्दर्यीकरण की घोषणा की रायपुर  प्रदेश के उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने  कवर्धा शहर के भारत माता चौक में डड़सेना कलार समाज द्वारा आयोजित भगवान  सहस्त्रबाहु अर्जुन जन्मोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शमिल होकर समाज के साथ पारंपरिक और आध्यात्मिक उत्सव साझा किया। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने रायपुर रोड स्थित भगवान सहस्त्रबाहु चौक का सौंदर्यीकरण तथा भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन की भव्य प्रतिमा की स्थापना करने की घोषणा की। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि डड़सेना कलार समाज आज सशक्त रूप से संगठित होकर एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। समाज ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित की हैं, जिससे यह सिद्ध होता है कि नई पीढ़ी जागरूक और लक्ष्य के प्रति समर्पित है। उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि समाज के युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित होकर प्रशासनिक और अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, जो न केवल समाज बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि समाज के वरिष्ठजनों द्वारा दिखाई जा रही एकजुटता, अनुशासन और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की भावना प्रेरणादायक है। इसी संगठित प्रयास का परिणाम है कि समाज की नई पीढ़ी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही है तथा राज्य और राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दे रही है। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि समाज के सर्वांगीण उत्थान और विकास से जुड़े हर सार्थक प्रयास में छत्तीसगढ़ सरकार पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी। शिक्षा, कौशल विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे सभी क्षेत्रों में सरकार की योजनाओं और संसाधनों का लाभ समाज को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि समाज आगे बढ़ने का संकल्प ले तो सरकार सदैव उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष  पवन जायसवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मती देवकुमारी चंद्रवंशी, मती सतविंदर पाहुजा, पार्षद  दीपक सिन्हा, अध्यक्ष  रूपेन्द्र जयसवाल,  गजेंद्र जयसवाल,  खेलूराम जयसवाल,  आत्माराम जायसवाल,  श्याम लाल, बद्री जायसवाल,  रोहित,  उमराव सहित जनप्रतिनिधि, समाज के नागरिक उपस्थित थे।

जशपुर के युवाओं ने बढ़ाया प्रदेश का मान: हिमालय की 5350 मीटर ऊंचाई पर किया ट्रैकिंग और आइस क्लाइंबिंग

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने  जशपुर जिले के बगिया स्थित सीएम कैंप कार्यालय में ट्राइबल अल्पाइन एक्सपीडिशन हिमालय 2025 में सफलता प्राप्त करने वाले जशपुर जिले के पर्वतारोहियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री  साय ने युवाओं के साहस, अनुशासन और अदम्य इच्छाशक्ति की सराहना करते हुए कहा कि जशपुर के युवाओं ने यह साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, लगन और आत्मविश्वास से किसी भी महान लक्ष्य को प्राप्त करना असंभव नहीं है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इस उल्लेखनीय उपलब्धि से जशपुर और पूरे प्रदेश के आदिवासी युवाओं में एडवेंचर स्पोर्ट्स के प्रति नई जागरूकता और उत्साह पैदा होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियानों से युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामूहिक भावना का विकास होता है। उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले के युवाओं ने हिमाचल प्रदेश में आयोजित ट्राइबल अल्पाइन एक्सपीडिशन हिमालय 2025 में भाग लेकर दुहांगन वैली में 5350 मीटर ऊंचाई तक सफलतापूर्वक आरोहण किया और छत्तीसगढ़ राज्य का गौरव बढ़ाया। अभियान के दौरान दल के सदस्यों ने ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग और आइस क्लाइंबिंग जैसी कठिन व रोमांचक गतिविधियों में अपनी अद्वितीय दक्षता और साहस का परिचय दिया। यह दल जिला प्रशासन, जशपुर के सहयोग से सितंबर माह में रवाना हुआ था। युवाओं ने मुख्यमंत्री  साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन और प्रशासन के सहयोग एवं प्रोत्साहन से ही उन्हें हिमालय अभियान का हिस्सा बनने और यह उपलब्धि हासिल करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि इस अभियान से मिले अनुभव और आत्मविश्वास से जिले के अन्य युवा भी साहसिक खेलों में भागीदारी के लिए प्रेरित होंगे। युवाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शासन के सहयोग से आदिवासी वनांचल क्षेत्र जशपुर से हिमालय अभियान में भाग लेने का अवसर मिला। वहां विभिन्न प्रकार की एडवेंचर गतिविधियों — ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग और आइस क्लाइंबिंग — में हिस्सा लेकर उन्होंने कठिन परिस्थितियों में टीम भावना और धैर्य का अभ्यास किया। उल्लेखनीय है कि जनजातीय हिमालय पर्वतारोहण अभियान 2025 की शुरुआत एक स्थानीय प्रशिक्षण पहल के रूप में हुई थी, जो सामूहिक विश्वास, सहयोग और समर्पण से एक सशक्त अभियान में परिवर्तित हुई। इस पहल ने न केवल युवाओं में आत्मविश्वास और रोमांच की भावना जगाई, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त बनाया।

जशपुर को मिला नया खेल केंद्र: सन्ना पंडरापाठ में एनटीपीसी के सहयोग से बनेगी तीरंदाजी अकादमी

रायपुर : जशपुर जिले के सन्ना पंडरापाठ में तीरंदाजी अकादमी स्थापित करने हेतु एनटीपीसी के साथ हुआ एग्रीमेंट 20 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से बनेगा आधुनिक आर्चरी सेंटर छत्तीसगढ़ के युवाओं को तीरंदाजी के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मिलेगा अवसर – मुख्यमंत्री  साय रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज जशपुर जिले के बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में बगीचा विकासखंड अंतर्गत सन्ना पंडरापाठ में तीरंदाजी अकादमी स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन और एनटीपीसी के बीच एग्रीमेंट किया गया। एनटीपीसी द्वारा यह परियोजना कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत 20 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से संचालित की जाएगी। इस अवसर पर कलेक्टर  रोहित व्यास और एनटीपीसी के अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन)  बिलाश मोहंती उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि एनटीपीसी द्वारा सीएसआर के माध्यम से आर्चरी सेंटर की स्थापना के लिए 20 करोड़ 53 लाख रुपए की राशि प्रदान की जा रही है, यह अत्यंत हर्ष का विषय है। उन्होंने कहा कि जशपुर क्षेत्र के युवाओं में तीरंदाजी के प्रति अपार संभावनाएं हैं, और इस सेंटर के आरंभ होने से उन्हें प्रशिक्षण और संसाधनों की बड़ी सुविधा प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वर्ष 2036 में भारत ने ओलंपिक खेलों की मेज़बानी के लिए दावेदारी प्रस्तुत की है। हमारी कोशिश होगी कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में अधिकतम संख्या में शामिल हों और पदक जीतकर प्रदेश व देश का नाम रोशन करें। यह तभी संभव है जब हम आर्चरी सेंटर जैसे और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करें। ऐसे केंद्रों के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने घोषणा की है कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को 3 करोड़ रुपए, रजत पदक विजेताओं को 2 करोड़ रुपए और कांस्य पदक प्राप्त करने वालों को 1 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री  साय ने यह भी कहा कि राज्य खेल अलंकरण समारोह को पुनः आयोजित किए गए हैं और इसके माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में ‘खेलो इंडिया’ के नए प्रशिक्षण केंद्र आरंभ किए गए हैं और जनजातीय क्षेत्रों में खेल अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश प्राचीन काल से ही तीरंदाजी में अग्रणी रहा है। महाभारत और रामायण जैसे हमारे पवित्र ग्रंथों के नायक भी इस विधा में पारंगत रहे हैं। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हमें आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित मार्गदर्शन के माध्यम से नए आर्चर्स तैयार करने होंगे। उल्लेखनीय है कि सन्ना पंडरापाठ में 10.27 एकड़ भूमि में यह अकादमी स्थापित की जाएगी। यहां आउटडोर तीरंदाजी रेंज, खिलाड़ियों के लिए छात्रावास, स्टाफ क्वार्टर, खिलाड़ियों की सुविधा हेतु भवन, जैविक खेती के लिए छायादार नर्सरी, पुस्तकालय, चिकित्सा केंद्र, कौशल विकास केंद्र, हर्बल वृक्षारोपण तथा प्रशिक्षण मैदान जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालयों में आयोजित होंगे राज्योत्सव कार्यक्रम

रायपुर राज्य स्थापना दिवस 2025 के अवसर पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में भव्य राज्योत्सव कार्यक्रम का आयेाजन किया जाएगा। जिला मुख्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में राज्य के मंत्रीगण, सांसद तथा विधायक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राज्य शासन ने प्रत्येक जिले के लिए मुख्य अतिथि के नामों की घोषणा की है। राज्य शासन द्वारा जारी सूची के अनुसार राजनांदगांव जिला मुख्यालय में आयेाजित राज्योत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. रमन सिंह विधानसभा अध्यक्ष और सरगुजा में मुख्य अतिथि कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम होंगे। इसी प्रकार बिलासपुर जिला मुख्यालय में श्री तोखन साहू  केन्द्रीय राज्य मंत्री, बस्तर में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव तथा दुर्ग में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा जिला मुख्यालय में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे। इसी प्रकार गरियाबंद में मंत्री श्री दयालदास बघेल, दंतेवाड़ा में मंत्री श्री केदार कश्यप, कोरबा में मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, जशपुर में मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा रायगढ़ में मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सूरजपुर में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, जांजगीर-चांपा में मंत्री श्री टंकराम राम वर्मा, बालोद में मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, कोरिया में मंत्री श्री राजेश अग्रवाल और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब जिला मुख्यालय में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे। बलौदाबाजार-भाटापारा में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा में सांसद श्री विजय बघेल, कबीरधाम में सांसदश्री संतोष पाण्डेय, बलरामपुर-रामानुजगंज में सांसदश्री चिंतामणी महाराज, महासमुंद में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सांसद श्री राधेश्याम राठिया, सक्ति में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, बीजापुर में सांसद श्री महेश कश्यप, कांकेर में सांसद श्री भोजराज नाग तथा खैरागढ़-गंडई-छुईखदान में सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह जिला मुख्यालय में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे। वहीं मुंगेली जिले में विधायक श्री पुन्नू लाल मोहले, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में विधायक श्री धरमलाल कौशिक, धमतरी में विधायक श्री अजय चन्द्राकर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, कोण्डागांव में विधायक सुश्री लता उसेंडी, नारायणपुर में विधायक श्री विक्रम उसेंडी तथा सुकमा जिले में विधायक श्री किरण देव जिला मुख्यालय में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सभी जिलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य, हस्तशिल्प प्रदर्शनी, स्थानीय उत्पादों की झांकी एवं विकासपरक योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाए जाएंगे। राज्योत्सव कार्यक्रमों का आयोजन जनभागीदारी और पारंपरिक गौरव के साथ गरिमामय ढंग से किया जाएगा ताकि प्रदेश की संस्कृति, विकास और एकता का संदेश पूरे राज्य में प्रसारित हो सके।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के फरसाबहार में 40.89 करोड़ के 13 कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन

 4.16 करोड़ लागत के 4 कार्यों का लोकार्पण और 36.72 करोड़ लागत के 9 विकासकार्यों का हुआ भूमिपूजन रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र के व्यापक विकास को नए आयाम देते हुए  40 करोड़ 89 लाख 26 हजार रुपए की लागत के 13 विकासकार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 4 करोड़ 16 लाख 41 हजार रुपए लागत के 4 विकासकार्यों का लोकार्पण और 36 करोड़ 72 लाख 85 हजार रुपए लागत के 9 विकासकार्यों का भूमिपूजन शामिल हैं।       मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिन विकासकार्यों का लोकार्पण किया उनमें 01 करोड़ 81 लाख 32 हजार रुपए लागत के मस्कामारा से होते हुए लवाकेरा मेन रोड तक मार्ग लं. 1.70 कि.मी., 01 करोड़ 29 लाख 56 हजार रुपए लागत के जिला जशपुर के अम्बाकछार पहुंच मार्ग लं. 1.00 कि.मी., 10 लाख रुपए लागत के आर सी.सी. पुलिया निर्माण, सिंहटोला दीपक घर से मेन रोड़ पहुंच मार्ग पर, ग्राम लावाकेरा और 95 लाख 53 हजार रूपए लागत के  जशपुर के मुण्डाडीह पहुच मार्ग लं. 0.90 कि.मी. का  निर्माण कार्य शामिल है।         इसी तरह उन्होंने 36 करोड़ 72 लाख 85 हजार रुपए लागत के जिन 9 विकासकार्यों का भूमिपूजन किया उनमें 31 लाख 38 हजार रूपए लागत के फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट, 23 करोड़ 96 लाख 94 हजार रूपए लागत के पमशाला में सरईटोला पहुंच मार्ग लं. 11.50 कि.मी. का निर्माण कार्य, 01 करोड़ 72 लाख 55 हजार रुपए लागत के फरसाबहार में विश्रामगृह भवन का निर्माण कार्य, 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्रो.मै. आदिवासी बालक छात्रावास कोल्हेनझरिया का भवन निर्माण, 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्रो.मै. आदिवासी बालक छात्रावास फरसाबहार का भवन निर्माण, 01 करोड़ 52  लाख 97 हजार रुपए लागत के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास लवाकेरा का भवन निर्माण, 01 करोड़ 52 लाख 97  हजार रुपए लागत के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास पण्डरीपानी का भवन निर्माण, 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्रो.मै. आदिवासी बालक छात्रावास पंडरीपानी का भवन निर्माण कार्य और 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास तपकरा का भवन निर्माण कार्य शामिल है।       इस अवसर पर सांसद श्री राधेश्याम राठिया, विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव,पूर्व संसदीय सचिव श्री भरत साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, श्री विजय आदित्य सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र अब पूरी तरह ऑनलाइन

अक्टूबर 2023 के पूर्व जन्मे बच्चों के आधार कार्ड हेतु ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र की कोई बाध्यता नहीं रायपुर भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2023 में संशोधित ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया गया है, जिसके माध्यम से राज्य में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र ऑनलाइन बनाए जा रहे हैं। इस प्रकार, छत्तीसगढ़ राज्य में प्रत्येक जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र का ऑनलाइन बनाया जाना अनिवार्य किया गया है। उल्लेखनीय है कि जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में वर्ष 2023 में संशोधन किया गया है। संशोधन के अनुसार अक्टूबर 2023 के बाद जन्मे बच्चों की जन्म तिथि प्रमाणित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र ही एकमात्र वैध आधार होगा। अर्थात, इस तिथि के पूर्व जन्मे बच्चों के मामलों में अन्य वैकल्पिक दस्तावेज भी जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में मान्य रहेंगे। परंतु अक्टूबर 2023 के बाद जन्मे बच्चों के लिए केवल जन्म प्रमाण पत्र ही तिथि प्रमाण का एकमात्र स्रोत होगा। राज्य में अप्रैल 2023 के बाद से जन्मे प्रत्येक बच्चे के लिए ऑनलाइन जारी जन्म प्रमाण पत्र को ही मान्य किया गया है। इस प्रकार स्पष्ट है कि अक्टूबर 2023 के पूर्व जन्मे बच्चों के जन्म तिथि प्रमाणन के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य नहीं है। उनके लिए अन्य दस्तावेज भी मान्य हैं। लेकिन अक्टूबर 2023 के बाद जन्मे बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र ही जन्म प्रमाण का एकमात्र आधार होगा। पूर्व में जिन बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र मैन्युअल पद्धति से जारी किया गया था, उनके लिए भी अब पोर्टल में ऑनलाइन प्रमाण पत्र बनाने का प्रावधान उपलब्ध है। इससे पुराने प्रमाण पत्र भी डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित किए जा सकेंगे। यह संज्ञान में आया है कि कुछ जिलों में केवल उन्हीं जन्म प्रमाण पत्रों के आधार पर आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं जिनमें क्यूआर कोड (QR Code) है। यह विषय संज्ञान में आने पर इस विषय में राज्य सरकार द्वारा सहायक प्रबंधक, UIDAI हैदराबाद से अनुरोध किया गया है कि वे राज्य के सभी आधार केंद्रों को उचित दिशा-निर्देश जारी करें।  यह भी उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में संशोधित पोर्टल के लॉन्च के बाद प्रारंभिक चरण में कुछ तकनीकी कठिनाइयाँ आई थीं, जिन्हें भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा समाधान कर दिया गया। साथ ही राज्य के सभी रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) को नए पोर्टल के संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। आवश्यकता अनुसार जिला स्तर पर भी नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो रही है। राज्य में अप्रैल 2023 के बाद से सभी जन्म प्रमाण पत्र केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बनाए जा रहे हैं, और वर्तमान में पोर्टल पूरी तरह से तकनीकी रूप से सुचारू रूप से संचालित है।

आमातालाब के घाट पर उगते सूर्य को छठ व्रतियों ने दी उषा अर्घ्य देकर 4 दिवसीय पवित्र अनुष्ठान का समापन किया

रायपुर  आज मंगलवार की सुबह प्रातः 6 बजकर 30 मिनट पर व्रती महिलाएं ने आमा तालाब घाट के पवित्र जल में खड़े होकर सूर्य देव को पूर्ण विधि-विधान से अर्घ्य अर्पित किया. भगवान सूर्यदेव को प्रात:कालीन अर्घ्य के साथ आज महापर्व छठ का शुभ समापन हुआ। चार दिवसीय इस अनुष्ठान के दौरान छठ पूजा की भव्य परंपरा के अद्भुत दिव्य दर्शन भी हुए।   छठ पूजन समिति के अध्यक्ष श्री रमेश शर्मा ने बताया कि छठ महापर्व का मंगलवार को आखिरी दिन था। 4 दिन का ये महापर्व 25 अक्टूबर को नहाय खाय से शुरू हुआ था। आज उगते सूरज को 'ऊषा अर्घ्य' के साथ समापन हो गया। सुबह 3 बजे से व्रती महिलाओं ने पवित्र बेदी के समक्ष बास की टोकनी में जिसे कोसी कहा जाता है। कोसी में मौसमी फल,ठेकुआ,गुड,आदि लेकर पुरुष वर्ग अपने सर पर उठा कर अपने अपने घरों से पैदल बाजे गाजे के साथ छठ घाट में पहुंचे। घने बादलों में सूर्य देव के दर्शन के लिए सभी बहुत उत्साहित थे। छठ घाट पर आए कलाकारों के द्वारा धार्मिक गीतों की सुंदर प्रस्तुति से सब का मन झूम उठा।  धार्मिक गीतों से सूर्य देव के दर्शन मिलते ही श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिला भगवान सूर्यदेव एवं छठ मैय्या के जयकारों से पूरा घाट गुजायमान हो गया। तत्पश्चात सभी ने धार्मिक विधि विधान से छठ पूजन,छठ कथा,आरती कर भगवान सूर्य देव के दर्शन कर दूध जल से निर्मित अर्घ्य अर्पण किया। व्रती ने इस अवसर पर छठी मैया से अपने परिवार एवं समाज की सुख-समृद्धि, संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और जीवन में नई ऊर्जा की कामना की. इसी के साथ चार दिनों के कठिन तप और 36 घंटे का निर्जला उपवास का आज समापन हुआ. अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण कर बनाए गए प्रसाद के रूप में ठेकुआ, गुड़, केला, नारियल और मौसमी फल ग्रहण किया। इस अवसर पर उत्तर विधान सभा के विधायक श्री पुरंदर मिश्रा जी ने घाट पर नौका विहार कर सभी श्रद्धालुओं का अभिवादन कर सभी को छठ पर्व की शुभकामनाएं दी साथ ही जवाहर नगर मंडल अध्यक्ष श्री संदीप जंघेल जी,तात्यापारा वार्ड की पार्षद एवं जोन 7 अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा जी,इंदिरा गांधी वार्ड के पार्षद mic सदस्य श्री अवतार सिंह बागल जी,पूर्व पार्षद श्रीमती भारती बागल,कांग्रेस प्रवक्ता श्री सुबोध हरितवाल जी, सचिव अमित तिवारी,अमित शर्मा (लल्लू), युवा मोर्चा महामंत्री अर्पित सूर्यवंशी,मंत्री अश्विनी विश्वकर्मा,मीडिया प्रभारी प्रणीत जैन विशेष रूप से उपस्थित थे।

भव्य आयोजन के लिए तैयार राज्योत्सव, 1 लाख लोगों के जुटने का अनुमान, BJP नेता करेंगे भीड़ इकट्ठा

रायपुर  छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष में आयोजित होने जा रहे राज्योत्सव 2025 को इस बार बेहद भव्य बनाने की तैयारी चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 नवंबर को नवा रायपुर में आयोजित मुख्य समारोह में शामिल होंगे। कार्यक्रम स्थल पर इस बार अस्थायी पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) भी बनाया गया है, जहां से पीएम विजिट की मॉनिटरिंग की जाएगी। पीएम इसी अस्थाई कार्यालय में लंच भी लेंगे। बताया जा रहा है कार्यक्रम में करीब 1 लाख लोगों की भीड़ जुटेगी। इसकी जिम्मेदारी भाजपा नेताओं को दी गई है। PM साढ़े तीन लाख परिवारों को देंगे घर की चाबी इस बार राज्योत्सव में पीएम मोदी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत साढ़े तीन लाख परिवारों को घर की चाबी सौंपेंगे। साथ ही करीब 1250 करोड़ रुपए हितग्राहियों के खातों में अंतरित करेंगे। बस्तर, सरगुजा और अन्य जिलों के 5 से 10 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री मंच से खुद चाबी प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न स्थलों का किया निरीक्षण मुख्यमंत्री साय ने सबसे पहले नवा रायपुर स्थित श्री सत्य साईं हॉस्पिटल का निरीक्षण किया. उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा, सभागार व्यवस्था, मंच और आमंत्रित अतिथियों के बैठने की व्यवस्था का जायजा लिया. इसके पश्चात मुख्यमंत्री साय प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ध्यान केंद्र पहुंचे, जहांउन्होंने प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की बिंदुवार समीक्षा की. उन्होंने ध्यान केंद्र के सभागार, मेडिटेशन रूम एवं बाहरी परिसर का निरीक्षण करते हुए सभी व्यवस्थाओं को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए. ट्राइबल म्यूज़ियम बनेगा जनजातीय अस्मिता का अमर प्रतीक मुख्यमंत्री साय ने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय जनजातीय समाज की वीरता, बलिदान और अस्मिता का अमर प्रतीक बनेगा. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि संग्रहालय के प्रत्येक अनुभाग को इस प्रकार तैयार किया जाए कि वह आगंतुकों को छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली अध्याय से गहराई से परिचित करा सके. उन्होंने प्रदर्शनी दीर्घाओं, मल्टीमीडिया गैलरी, स्मृति कक्ष और बाहरी परिसर की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की. राज्य स्थापना दिवस समारोह को सफल और ऐतिहासिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। कार्यक्रम की निगरानी की जिम्मेदारी डिप्टी सीएम अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी और वन मंत्री केदार कश्यप को दी गई है। वहीं पार्टी संगठन की ओर से प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी और क्रेडा चेयरमैन भूपेंद्र सिंह सवन्नी को कार्यकर्ताओं की व्यापक उपस्थिति सुनिश्चित करने का दायित्व सौंपा गया है। अनुमान है कि इस आयोजन में करीब एक लाख लोग शामिल होंगे। राज्योत्सव स्थल बनेगा छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का दर्पण मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव स्थल का भी दौरा किया और तैयारियों की जानकारी ली. उन्होंने मुख्य मंच, पार्किंग क्षेत्र, विभागीय डोम, प्रदर्शनी दीर्घा, वीआईपी दीर्घा और आमजन के लिए बनाए गए मार्गों का निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, संस्कृति और आत्मविश्वास का उत्सव है, इसलिए यह आयोजन उत्कृष्टता की नई मिसाल बने. मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं और सुरक्षा, स्वच्छता तथा आमजन की सुविधा से जुड़े सभी बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए. इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, सचिव श्री राहुल भगत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे. सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सख्त प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। एडीजी दीपांशु काबरा को सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके साथ 5 से अधिक आईजी, 12 डीआईजी, और करीब 2000 पुलिस जवान तैनात रहेंगे। 29 अक्टूबर से फोर्स नवा रायपुर में तैनाती शुरू करेगी। 1 नवंबर से भारी वाहनों की नो एंट्री 1 नवंबर को भारी वाहनों और बसों की नो-एंट्री रहेगी। आम लोगों के मार्ग भी बदले जाएंगे। प्रधानमंत्री का रूट एयरपोर्ट से सेक्टर-24, फिर सत्य साईं अस्पताल, विधानसभा भवन और ट्राइबल म्यूजियम तक रहेगा। एयरपोर्ट का मुख्य द्वार बंद रहेगा और यात्रियों को पुराने टर्मिनल से आवाजाही करनी होगी। 16 पार्किंग स्थल बनाए गए भीड़ और जाम से बचने के लिए प्रशासन ने 16 पार्किंग स्थल बनाए हैं, जो मेला स्थल से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर होंगे। यहां 10 हजार बाइक, 5 हजार बसें और 3 हजार कारें पार्क की जा सकेंगी। पार्किंग से लोगों को लाने-ले जाने 100 ई-रिक्शे लगेंगे राज्योत्सव समारोह में आने वाले लोग कहीं भी ट्रैफिक जाम न फंसे और आने-जाने वालों को कोई दिक्कत न हो। इसलिए नवा रायपुर में 16 जगहों पर पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। ये सभी पार्किंग मेला स्थल से एक से सवा किमी दूरी पर हैं। पार्किंग से मेला स्थल पहुंचने के लिए लोगों को किसी भी तरह की तकलीफ न हो इसलिए वहां हर दिन 100 ई-रिक्शों के साथ ही बसें भी तैनात की जाएंगी। लोग इन पर निशुल्क यात्रा कर मेला स्थल में पहुंच सकेंगे। 30 स्टॉलों में सरकारी योजनाओं की झलक राज्योत्सव के दौरान छत्तीसगढ़ शासन की अलग-अलग योजनाओं और उपलब्धियों को दर्शाने के लिए 30 आकर्षक स्टॉलों की प्रदर्शनी लगाई जा रही है। शिल्पग्राम में झलकेगी लोकसंस्कृति की पहचान राज्योत्सव मेला ग्राउंड के दूसरे हिस्से में शिल्पग्राम और प्रदर्शनी क्षेत्र का निर्माण किया जा रहा है। यहां प्रदेश के कई जिलों से आए शिल्पकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे और हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री भी कर सकेंगे। शिल्पग्राम में प्रवेश से लेकर निकास तक आगंतुकों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपरा की झलक देखने मिलेगी। नवा रायपुर की दिशा से आने वाले दर्शक पहले गेट से सीधे शिल्पग्राम में प्रवेश कर पाएंगे। फन पार्क बनेगा आकर्षण का केंद्र राज्योत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ फन पार्क और मीनाबाजार दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण रहेंगे। फन पार्क में मनोरंजक गेम जोन बनाए गए हैं, जबकि मीनाबाजार में पारंपरिक झूले और खेलों का आनंद लिया जा सकेगा। दर्शकों की सुविधा के लिए इनके समीप फूड कोर्ट तैयार किया गया है, जहां लोग स्थानीय और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे। इनमें सभी प्रमुख विभागों की योजनाएं प्रदर्शित होंगी। कार्यक्रम स्थल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और संबंधित विभागीय मंत्रियों के बड़े कटआउट्स भी लगाए जाएंगे। सरकारी विभागों के … Read more

नियुक्तियों को लेकर Chhattisgarh HC ने GGU के शीर्ष अधिकारियों से मांगा जवाब

 बिलासपुर  गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में शिक्षा विभाग के अंतर्गत हो रही नियुक्तियों में निर्धारित मापदंडों को लेकर दायर याचिका पर जस्टिस एनके व्यास की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई। यूनिवर्सिटी के अधिवक्ता के जवाब के बाद कोर्ट ने यूनिवर्सिटी के कुलपति व रजिस्ट्रार को नोटिस जारी कर शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। बीते सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ कहा था कि यह विश्वविद्यालय का दायित्व बनता है कि वह यह स्पष्ट करे कि विज्ञापन किस विषय से संबंधित है और क्या वह एनसीटीई द्वारा निर्धारित शैक्षणिक योग्यताओं के अनुरूप है। अदालत ने इस संबंध में विश्वविद्यालय से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। आज इस मामले की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई। बता दें कि गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में शिक्षा विभाग के अंतर्गत हो रही नियुक्ति पर शिक्षा विभाग को मान्यता देने वाली संस्था नेशनल काउंसिल फार टीचर एजुकेशन के नियमों की अनदेखी संबंधी मामला याचिकाकर्ता नवीन चौबे की ओर से अधिवक्ता आशुतोष शुक्ल ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय के अधिवक्ता कोर्ट में संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। कोर्ट ने अपने पिछले आदेश नौ अक्टूबर का उचित परिपालन विश्वविद्यालय द्वारा नहीं किए जाने के पर जवाब मांगा है। विश्वविद्यालय से हाई कोर्ट ने मांगा स्पष्टीकरण हाई कोर्ट ने गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर से यह स्पष्ट करने को कहा है कि उनके द्वारा जारी की गई भर्ती विज्ञापन में किस विषय या विशेषज्ञता क्षेत्र के लिए पद निकाले गए हैं और क्या यह विज्ञापन राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद विनियम 2014 के अनुरूप है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बीते सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अशुतोष शुक्ला ने अदालत को बताया था कि विश्वविद्यालय द्वारा जारी विज्ञापन त्रुटिपूर्ण है, क्योंकि उसमें संबंधित विषय या विशेषज्ञता का उल्लेख नहीं है। अधिवक्ता ने पेश किया जवाब गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय की ओर से अधिवक्ता ने जवाब प्रस्तुत किया था। उन्होंने दलील दी थी कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा 1993 के अधिनियम की धारा 32(2) के अंतर्गत 2014 में जो विनियम बनाए गए हैं, उनके अनुसार पर्सपेक्टिव इन एजुकेशन या फांउडेशन कोर्स के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास समाजशास्त्र, मनोविज्ञान या अन्य सामाजिक विज्ञान विषय में स्नातकोत्तर डिग्री, न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ। एमए. या एमएड में भी कम से कम 55 प्रतिशत अंक। साथ ही बीएड या बीएएलएड में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक वाली योग्यताएं होनी चाहिए। याचिकाकर्ता के अनुसार, जब तक विश्वविद्यालय यह स्पष्ट नहीं करता कि यह विज्ञापन किस विषय या कोर्स के लिए है, तब तक यह अस्पष्ट और अपूर्ण माना जाएगा।

सुरक्षा के लिए बड़ा कदम: छत्तीसगढ़ में सभी स्लीपर और एसी बसों का निरीक्षण

रायपुर  राजस्थान और आंध्र प्रदेश में बसों में आग लगने की हाल में हुई घटना के बाद छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग भी सतर्क हो गया है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। अब प्रदेश में संचालित सभी स्लीपर और एसी बसों की सुरक्षा जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राज्य में प्रतिदिन हजारों बसें विभिन्न मार्गों पर संचालित होती हैं, जिनसे लाखों यात्री यात्रा करते हैं। हाल के हादसों को देखते हुए विभाग ने बस ऑपरेटरों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब हर बस में फायर सेफ्टी उपकरण, आपातकालीन निकास व्यवस्था और इलेक्ट्रिकल वायरिंग सिस्टम की नियमित जांच होगी। 600 से अधिक बसों को रोज संचालन राज्य से प्रतिदिन 600 से अधिक स्लीपर बसें पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश, ओड़िशा, झारखंड, बिहार, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश सहित अन्य राज्यों के लिए रोज संचालित हो रही हैं। 50 लाख से लेकर एक करोड़ रुपए तक की लागत वाली इन लक्जरी बसों में सेफ्टी डिवाइस लगे होने के दावे किए जाते हैं। रेल टिकट न मिलने के कारण यात्री 400 से 1200 किलोमीटर की यात्रा भी स्लीपर बसों से करने लगे हैं, लेकिन बढ़ते हादसों से लोगों में चिंता बढ़ गई है। तकनीकी खामियों को लेकर बस संचालकों को किया सर्तक परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रियर इंजन बसों में आग लगने का खतरा ज्यादा होता है, हालांकि ऐसी बसें राज्य में सीमित संख्या में हैं। ज्यादातर बसें फ्रंट इंजन वाली हैं। विभाग ने बस मालिकों व ड्राइवरों को स्पार्किंग जैसी तकनीकी खामियों को लेकर सतर्क रहने और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए हैं। जांच पूरी कर रिपोर्ट जल्द विभाग को सौंपी जाएगी। सख्त सुरक्षा जांच के निर्देश