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दिल्ली-एनसीआर में पाइप गैस का विस्तार, हजारों नए PNG कनेक्शन देने की तैयारी

नई दिल्ली   इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने दिल्ली-एनसीआर में पाइप के जरिये खाना पकाने की गैस (PNG) का कनेक्शन देने का काम तेज कर दिया है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी कमल किशोर चटिवाल का कहना है कि आईजीएल का उद्देश्य रसोई गैस पर दबाव कम करना और ज्यादा से ज्यादा कस्टमर को सुविधा उपलब्ध कराना है। मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच ऊर्जा की आपूर्ति बाधित होने के बाद सरकार पीएनजी को काफी बढ़ावा दे रही है और इसे एलपीजी के एक सुविधाजनक विकल्प के रूप में पेश कर रही है। चटिवाल ने बताया कि पहले आईजीएल रोजाना 600-700 पीएनजी कनेक्शन देती थी, जिसे अब बढ़कर 2,100-2,200 प्रतिदिन कर दिया गया है। कंपनी का लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 5,000 प्रतिदिन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि कंपनी अब केवल घरेलू रसोई तक सीमित नहीं है, बल्कि फास्ट-फूड श्रृंखला और पुलिस स्टेशनों को भी पीएनजी कनेक्शन देने पर ध्यान दे रही है। हाल ही में एलपीजी आपूर्ति में बाधा के कारण कई तत्काल खाने का सामान उपलब्ध कराने वाले फास्ट-फूड आउटलेट प्रभावित हुए हैं। कहां-कहां पहुंच गया कनेक्शन देश की सबसे बड़ी शहर गैस वितरक कंपनी आईजीएल अब तक दो प्रमुख फास्ट-फूड श्रृंखला की 100 से अधिक दुकानों को पीएनजी से जोड़ चुकी है और इतने ही कनेक्शन प्रक्रिया में हैं। कुल मिलाकर आईजीएल की योजना लगभग 400 आउटलेट को पीएनजी से जोड़ने की है। इसके साथ ही, दिल्ली के सभी पुलिस थानों को पीएनजी कनेक्शन देने की प्रक्रिया भी जारी है, जिससे कैंटीन में एलपीजी सिलेंडर के रिफिल की समस्या से राहत मिलेगी। कहां तक पहुंची पाइपलाइन नयी दिल्ली के कारोबारी केंद्र कनॉट प्लेस में भी अब पीएनजी नेटवर्क पर काम शुरू हो गया है। पहले अनुमति न मिलने के कारण इस क्षेत्र में पीएनजी की पहुंच नहीं थी। हालांकि, अब सरकार द्वारा नियमों में ढील दिए जाने के बाद इसपर काम शुरू हो गया है। अधिकारी ने बताया कि अब पाइपलाइन कनॉट प्लेस के आउटर सर्किल में पहुंच चुकी है। 90 दिनों में 4.85 लाख कनेक्शन चटिवाल ने बताया कि कंपनी अगले 90 दिन में अपने परिचालन वाले क्षेत्र में 4.85 लाख नए कनेक्शन देने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने कहा कि भारत के पास प्राकृतिक गैस की पर्याप्त उपलब्धता है, जिसे पाइप के जरिये घरों में रसोई में पहुंचाया जाता है। इसके अलावा इसकी आपूर्ति उद्योगों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों मसलन होटल और रेस्तरां को की जाती है। भारत में कितना होता है उत्पादन भारत में प्रतिदिन 9.2 करोड़ मानक घनमीटर प्राकृतिक गैस का उत्पादन होता है। शहर गैस (पीएनजी और सीएनजी मिलाकर) में इसके एक-तिहाई हिस्से की खपत की जाती है। आईजीएल के पास 28,000 किलोमीटर से अधिक लंबा पाइपलाइन नेटवर्क है। इसका शहर गैस वितरण नेटवर्क ढांचा दिल्ली के अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, रेवाड़ी, गुरुग्राम, करनाल, कैथल, फतेहपुर, अजमेर, पाली, शामली, बांदा, मुजफ्फरनगर, कानपुर और मेरठ तक फैसला हुआ है। साथ ही यह 950 से अधिक सीएनजी स्टेशन के जरिये 21 लाख से अधिक वाहनों को ईंधन उपलब्ध करा रही है।

होजरी कॉम्प्लेक्स में प्रदर्शन, पुलिस और श्रमिकों में झड़प

 नोएडा गुरुग्राम में मानेसर के बाद अब नोएडा के फेज-2 क्षेत्र के होजरी कॉम्प्लेक्स में शुक्रवार को 10 से अधिक फैक्टरियों के श्रमिकों ने वेतन वृद्धि समेत अन्य मांगों को लेकर छह घंटे तक हंगामा किया। डीएमसी मार्ग पर उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई। इस बीच कुछ श्रमिकों ने पथराव भी किया। पुलिस ने उनको शांत कराया और फूल मंडी में बैठक कराई। बैठक में उद्यमी संगठनों ने श्रमिकों को जल्द ही सभी मांगों का समाधान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद श्रमिक शांत हुए। हालांकि, कुछ श्रमिक शनिवार को भी प्रदर्शन करने की चेतावनी दे रहे हैं। होजरी कॉम्प्लेक्स में गारमेंट एक्सपोर्ट की काफी इकाइयां हैं। यहां काफी संख्या में श्रमिक काम करते हैं। अप्रैल के पहले सप्ताह में वेतन वृद्धि कम होने से श्रमिकों में रोष बढ़ गया। श्रमिकों का आरोप है कि महंगाई के समय में 350 रुपये के इंक्रीमेंट का कोई मतबल नहीं। श्रमिकों ने गारमेंट इकाइयों के प्रबंधन से वार्ता की। हरियाणा में बढ़ाए गए वेतन का जिक्र भी किया, परंतु कोई समाधान नहीं निकला। श्रमिकों ने गुरुवार को विरोध दर्ज कराया। इसके बाद कोई उचित निर्णय न होने पर शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे से श्रमिक एकत्रित होने शुरू हो गए। श्रमिकों ने दोपहर करीब 12 बजे होजरी कॉम्प्लेक्स की सड़कों पर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद डीएससी मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास यूटर्न पर श्रमिक विरोध दर्ज कराने बैठ गए। इस बीच कुछ श्रमिकों ने पथराव किया। पुलिस बल ने उनको रोक दिया। पुलिस धीरे-धीरे श्रमिकों को फूल मंडी ले गई। यहां उद्यमी संगठनों से उनकी वार्ता हुई और समाधान का आश्वासन मिला। इसके बाद श्रमिक शांत हो गए। पुलिस ने हालात को नियंत्रित रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। जिले के सात थानों के प्रभारी अपनी-अपनी टीमों के साथ मौके पर पहुंचे। अपर पुलिस आयुक्त (सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र ने कहा कि प्रशासन के अफसरों की कंपनियों के प्रबंधन से वार्ता चल रही है। जल्द ही समाधान होने की उम्मीद है। होजरी कॉम्प्लेक्स में पुलिस बल तैनात किया गया था। कर्मचारियों को समझा-बुझाकर भेज दिया गया। श्रमिकों की मुख्य मांगें ● आठ घंटे के लिए न्यूनतम 18 से 20 हजार रुपये वेतन मिले। सालाना वेतन वृद्धि 20 से 30 प्रतिशत तक की जाए। ● ओवर टाइम का डबल भुगतान किया जाए। कार्य करने के लिए लक्ष्य नहीं दिया जाए। ● इकाई के वरिष्ठ अधिकारियों का बर्ताव बेहतर हो। महिलाकर्मियों से रात को कार्य नहीं कराया जाए। मानेसर में बवाल के बाद 55 कर्मचारी गिरफ्तार आईएमटी मानेसर के औद्योगिक क्षेत्र में वेतन वृद्धि के लिए गुरुवार को हुए बवाल के बाद पुलिस ने 55 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 20 महिलाएं और 35 पुरुष शामिल हैं। अदालत ने शुक्रवार को सभी को जेल भेज दिया। आईएमटी मानेसर के सेक्टर-चार में सैकड़ों कर्मचारियों ने उत्पात मचाया था। इस दौरान पथराव भी किया था।

पुलिस ने स्टिंग ऑपरेशन में 900 किलो खराब खाद्य सामग्री जब्त की

नई दिल्ली दिल्ली के कपासहेड़ा इलाके में पुलिस ने एक्सपायर्ड खाद्य और कॉस्मेटिक उत्पादों के बड़े गोरखधंधे का खुलासा किया है. पुलिस ने इस मामले में एक शख्स को गिरफ्तार किया है और भारी मात्रा में खराब और एक्सपायर्ड सामान बरामद किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान 34 वर्षीय अब्दुल मन्नान खान उर्फ मोनू के रूप में हुई है, जो बिजवासन का रहने वाला है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ग्राहकों को सस्ते दामों पर एक्सपायर्ड या एक्सपायरी के करीब पहुंच चुके सामान बेचता था, जिससे लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता था. पुलिस को 8 अप्रैल को इस मामले की सूचना मिली थी, जिसके बाद एक टीम ने स्टिंग ऑपरेशन चलाया. पुलिस ने डिकॉय ग्राहक बनाकर दुकान से सामान खरीदा. जांच में यह सामान एक्सपायर्ड पाया गया, जिसके बाद दुकान पर छापा मारा गया. कपासहेड़ा में पुलिस का स्टिंग ऑपरेशन छापेमारी के दौरान पुलिस को करीब 900 किलो एक्सपायर्ड किराना सामान मिला, जिसमें आटा, सूजी, पोहा, रवा, मसाले, पीनट बटर और बेबी फूड सप्लीमेंट शामिल थे. इसके अलावा बड़ी मात्रा में कॉस्मेटिक और पर्सनल केयर प्रोडक्ट भी बरामद किए गए. पुलिस ने बताया कि मौके पर करीब 2000 किलो डेयरी उत्पाद जैसे दही और पनीर भी पाए गए, जिन्हें बेहद खराब और अस्वच्छ स्थिति में रखा गया था. फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में इन सभी डेयरी उत्पादों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया. एक्सपायर्ड सामान का खुलासा जांच में सामने आया है कि आरोपी अलग-अलग जगहों से एक्सपायर्ड, खराब या एक्सपायरी के करीब पहुंच चुके सामान बेहद सस्ते दामों पर खरीदता था और फिर उन्हें ग्राहकों को बेचकर ज्यादा मुनाफा कमाता था. पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है.

गैस एजेंसियों के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर, राजधानी के कई इलाकों में छोटे सिलिंडर के लिए लोग काट रहे चक्कर

नई दिल्ली राजधानी में एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण आम लोग परेशान हैं। दिल्ली सरकार के निर्देशों के बावजूद 5 किलो वाले छोटे गैस सिलिंडर आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। अब बड़े सिलिंडरों के साथ साथ छोटे सिलिंडरों की कमी भी लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गई है। कम खपत वाले परिवारों और छोटे कारोबारियों को खासतौर पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई एजेंसियों पर छोटे सिलिंडर या तो उपलब्ध नहीं हैं या बेहद सीमित संख्या में मिल रहे हैं, जो जल्दी खत्म हो जाते हैं। ठेला चालकों, छोटे दुकानदारों और किराए पर रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर है, क्योंकि वह बड़े सिलिंडर का खर्च नहीं उठा सकते। मजबूरी में उन्हें महंगे विकल्प अपनाने पड़ रहे हैं। छोटे सिलिंडर न मिलने से लोग परेशान : जंगपुरा, भाई वीर सिंह मार्ग, पंचकुइयां रोड, गोल मार्केट, और मुनिरका स्थित एजेंसियों और पंपों पर छोटे सिलिंडर उपलब्ध नहीं है। कई उपभोक्ताओं के अनुसार, वह पिछले कई दिनों से गैस एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें सिलिंडर नहीं मिल रहा है। गोल मार्केट निवासी हिमानी ने बताया कि एजेंसी कर्मचारी स्टॉक खत्म होने की बात कहकर उन्हें वापस भेज देते हैं, जबकि कुछ जगहों पर सीमित संख्या में सिलिंडर आते हैं, जो कुछ ही समय में खत्म हो जाते हैं। जंगपुरा निवासी अशोक ने बताया कि वह पिछले 4 से 5 दिनों से एजेंसी जा रहे हैं, लेकिन हर बार यही कहा जाता है कि स्टॉक नहीं आया। इससे घर में खाना बनाने में काफी दिक्कत हो रही है। एजेंसियों के दावों और हकीकत में अंतर : जंगपुरा, आरके पुरम और गोल मार्केट स्थित गैस एजेंसियों के अनुसार, सिलिंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, जो लोग सिलिंडर लेने आ रहे हैं उन्हें दिया जा रहा है। अधिकतर गैस एजेंसियों के संचालकों का कहना है कि राजधानी में सिलिंडर की किसी तरह की कोई कमी नहीं है। ज्यादातर उपभोक्ताओं को समय पर सिलिंडर दिया जा रहा है। कुछ मामलों में ट्रांसपोर्ट या तकनीकी कारणों से देरी हो सकती है, लेकिन इसे बड़ी समस्या नहीं माना जाना चाहिए। एजेंसी संचालकों ने कहा कि सप्लाई सामान्य है और अनावश्यक रूप से इसे बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है। वहीं, जमीनी हकीकत इससे काफी अलग है। राजधानी नागरिक कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रीतम धारीवाल ने बताया कि अभी तक गैस एजेंसियों पर छोटे सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। छोटी सिलिंडरों की कमी से आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कीमतों में बढ़ोतरी से बढ़ी मार गैस की कमी के साथ साथ बढ़ती कीमतों ने भी गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मजदूरों का कहना है कि पहले जितने पैसे में कई दिनों तक गैस चल जाती थी, अब उतने में मुश्किल से कुछ दिन ही काम चलता है। आर्थिक तंगी के कारण कई परिवारों ने गैस का उपयोग कम कर दिया है। कुछ घरों में दिन में केवल एक बार ही खाना बन रहा है, जबकि कई लोग अब लकड़ी और कोयले का सहारा लेने लगे हैं। ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित झुग्गियों में रहने वाले लोगों ने बताया कि उनकी समस्याएं अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती हैं। उनके लिए गैस की यह कमी सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि रोजमर्रा के जीवन का गंभीर संकट बन चुकी है, क्योंकि उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है।  

आधी रात बदले गए दिल्ली के अफसर, कई विभागों में नई पोस्टिंग, प्रशासनिक कामकाज की रफ्तार बढ़ाने पर जोर

नई दिल्ली दिल्ली में देर रात एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है. सरकार के आदेश पर एक साथ 20 से ज्यादा IAS और DANICS अधिकारियों के ट्रांसफर और नई पोस्टिंग की लिस्ट जारी की गई है. इस फेरबदल से साफ है कि प्रशासनिक स्तर पर कामकाज की रफ्तार बढ़ाने के लिए बड़ी तैयारी की गई है. इस फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा दो वरिष्ठ अधिकारियों की हो रही है. पोस्टिंग का इंतजार कर रहे 1989 बैच के IAS नरेंद्र कुमार को दिल्ली का नया फाइनेंशियल कमिश्नर बनाया गया है. वहीं, IAS प्रशांत गोयल को फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, साथ ही उनके पास पावर और प्रशासनिक सुधार जैसे कई अन्य अहम विभाग भी रहेंगे. इसके अलावा, IAS सौम्या सौरभ को डीएम के साथ स्पेशल सेक्रेटरी का अतिरिक्त चार्ज मिला है, जबकि सोनिका सिंह को डीडीए में स्पेशल सेक्रेटरी बनाया गया है. शिक्षा, जेल और इलेक्शन विभागों में भारी बदलाव इस पूरे फेरबदल का एक बड़ा हिस्सा दानिक्स (DANICS) अधिकारियों से जुड़ा है, जिन्हें शिक्षा, जेल, ट्रांसपोर्ट, रेवेन्यू और इलेक्शन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं. कई अधिकारियों को डिप्टी सेक्रेटरी और असिस्टेंट कमिश्नर के पदों पर तैनात किया गया है. खास बात यह है कि मंत्रियों के दफ्तरों में भी नए चेहरों की एंट्री हुई है. साथ ही, कुछ अधिकारियों को तो विशेष रूप से जनगणना 2027 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए तैनात किया गया है. सरकार ने यह भी साफ किया है कि कुछ पुराने आदेशों में बदलाव किया गया है. खास तौर पर दानिक्स अधिकारी अमित कुमार से जुड़ा एक पुराना ट्रांसफर ऑर्डर रद्द कर दिया गया है. इस पूरे बदलाव को सिर्फ रूटीन ट्रांसफर के तौर पर नहीं देखा जा रहा है. जानकारों का मानना है कि यह एक प्रशासनिक रणनीति है ताकि अलग-अलग विभागों में काम की रफ्तार तेज हो सके. आने वाले समय में जनगणना और अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को 'री-सेट' किया गया है. कुल मिलाकर, इस फेरबदल के पीछे एक बड़ी प्रशासनिक सोच काम कर रही है, जिसका असर आने वाले दिनों में दिल्ली के कामकाज पर दिखेगा.  

नोएडा अथॉरिटी का 10274 करोड़ का बजट पास, न्यू नोएडा के किसानों को मिलेगा यमुना अथॉरिटी के बराबर मुआवजा

नोएडा  गौतमबुद्ध नगर जिले में नोएडा अथॉरिटी की बोर्ड बैठक सोमवार को संपन्न हुई। इस बैठक में सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी एससी-2 प्लॉट (300 एकड़) के संशोधित लेआउट प्लान को नोएडा अथॉरिटी की बोर्ड बैठक में मंजूरी। इससे 40 हजार फ्लैट बायर्स के फंसे हुए फ्लैटों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।  अब निर्माण शुरू हो सकेगा। 2022 में नोएडा अथॉरिटी ने स्पोर्ट्स सिटी का लेआउट प्लान निरस्त कर दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नोएडा अथॉरिटी के बैठक में संशोधित लेआउट प्लान को मंजूरी दी गई है। 9000 करोड़ के घोटाले में स्पोर्ट्स सिटी में सीबीआई और ईडी की जांच चल रही है। इसके अलावा भी नोएडा में फंसी हुई दो अन्य स्पोर्ट्स सिटी के रुके हुए निर्माण से रोक हट गई है। सुप्रीम कोर्ट के इस रिजॉल्यूशन प्लान को बाकी दो स्पोर्ट्स सिटी को रिवाइव करने के लिए भी लागू किया जाएगा। नोएडा अथॉरिटी फैसले     न्यू नोएडा में किसानों को दिया जाने वाला मुआवजा दर तय, किसानों को जमीन अधिग्रहण के दौरान मुआवजा यमुना अथॉरिटी के बराबर 4300 की दर से दिया जाएगा।     आगामी वित्त वर्ष के लिए नोएडा अथॉरिटी के विकास कार्यों के लिए 10274 करोड़ का बजट मंजूर किया गया। पिछले साल की अपेक्षा और बजट बढ़ा है।     मिक्स लैंड यूज पॉलिसी को बोर्ड ने स्वीकार कर लिया है। 10 प्रतिशत का कंवर्जन चार्ज देकर लैंड यूज चेंज कराया जा सकेगा।     दलित प्रेरणा स्थल की मरम्मत कराने के लिए 92 करोड़ का बजट बोर्ड ने मंजूर किया।     अग्निशमन विभाग को मशीनें खरीदने के लिए 154 करोड़ का बजट नोएडा अथॉरिटी ने पास किया है। बोर्ड ने हरी झंडी दे दी है।  

केजरीवाल की दलीलों पर सॉलिसिटर जनरल का बयान, अदालत को नौटंकी का मंच नहीं बनने देना चाहिए

नई दिल्ली अरविंद केजरीवाल सोमवार को शराब नीति मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में हाजिर हुए और न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा से आग्रह किया कि वह मामले में उन्हें बरी किए जाने के खिलाफ CBI की याचिका पर होने वाली सुनवाई से वह खुद को अलग कर लें। दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यायमूर्ति शर्मा ने सुनवाई से खुद को अलग करने के अनुरोध वाली केजरीवाल की याचिका को रिकॉर्ड में लिया। अदालत ने इस मामले में सीबीआई से जवाब भी मांगा और सुनवाई 13 अप्रैल को सूचीबद्ध की। केजरीवाल की याचिका पर सोमवार को सुनवाई में जोरदार दलीलें रखी गईं। मामले में अरविंद केजरीवाल ने खुद दलीलें रखनी शुरू की। केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने रिक्यूजल याचिका दाखिल की है। इसे रिकॉर्ड में लिया जाए। याचिका में न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा से आग्रह किया गया है कि वह मामले में उन्हें बरी किए जाने के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लें। अदालत कोई नौटंकी का मंच नहीं- एसजी इस पर सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केजरीवाल की अपील का विरोध किया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल के आरोप बेबुनियाद और अपमानजनक हैं। केजरीवाल के आरोप बेबुनियाद और कोर्ट की अवमानना ​​करने वाले हैं। अदालत कोई नौटंकी का मंच नहीं है। यदि अरविंद केजरीवाल खुद पेश होकर बहस करना चाहते हैं तो उनको अपने वकील को हटा देना चाहिए। 7 अन्य आरोपियों ने भी जज को हटाने की लगाई गुहार सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को यह भी बताया कि बरी किए गए 7 अन्य आरोपियों ने भी जज को सुनवाई से हटाने की याचिका दी है। वहीं जस्टिस शर्मा ने कहा कि यदि कोई और भी ऐसी अर्जी देना चाहता है तो दे सकता है ताकि मैं सभी अर्जियों पर एक ही बार में कोई फैसला ले सकूं। क्या है पूरा मामला? बता दें कि 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य लोगों को बरी कर दिया था। अदालत ने CBI को फटकार लगाते हुए कहा था कि उसका केस न्यायिक जांच में बिल्कुल भी टिकने लायक नहीं है। केस पूरी तरह से खारिज हो चुका है। फैसले के खिलाफ मामला जब हाईकोर्ट पहुंचा तो 9 मार्च को जस्टिस शर्मा ने CBI की याचिका पर सभी 23 आरोपियों को नोटिस जारी किया। सीबीआई ने आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने भेजा था नोटिस न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने नोटिस जारी करने के साथ ही कहा था कि आरोप तय करने के चरण में ट्रायल कोर्ट की कुछ टिप्पणियां और निष्कर्ष पहली नजर में गलत मालूम पड़ रहे हैं। इसके साथ ही न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने मामले में CBI के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की ट्रायल कोर्ट की सिफारिश पर रोक लगा दी थी। इसके बाद केजरीवाल की ओर से एक याचिका में मामला किसी दूसरे जज के हवाले करने की मांग की गई। मुख्य न्यायाधीश भी ठुकरा चुके हैं गुजारिश बाद में दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय ने जस्टिस शर्मा से किसी दूसरे जज को सौंपने की केजरीवाल की गुजारिश को ठुकरा दिया था। उन्होंने साफ कहा था कि खुद को सुनवाई से हटाने का फैसला संबंधित जज को ही लेना होता है। फिर अरविंद केजरीवाल ने सीबीआई की ओर से दाखिल याचिका की सुनवाई से न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को खुद को अलग करने का अनुरोध करते हुए अदालत का रुख किया। मामले में केजरीवाल ने खुद पेश होकर अपनी ओर से दलीलें रखीं।

अज्ञात कार ने दिल्ली विधानसभा का गेट तोड़ा, स्पीकर के कमरे के बाहर गुलदस्ता छोड़कर भागे

 नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है, जब एक अज्ञात कार गेट तोड़कर अंदर घुस गई. घटना से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. कार कैसे अंदर पहुंची, इसकी जांच की जा रही है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और वाहन चालक की पहचान करने की कोशिश जारी है. दोपहर 2 बजकर 5 मिनट पर यूपी नंबर की सफेद Tata Sierra कार मॉल रोड स्थित बंद रहने वाले गेट को तोड़कर VIP एंट्री से अंदर घुसी.  कार सवार स्पीकर रूम के बाहर गुलदस्ता रखकर मौके से फरार हो गया. घटना के बाद हड़कंप मच गया. जांच के लिए विधानसभा परिसर में दिल्ली पुलिस के आला अधिकारी मौजूद हैं और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश जारी है।  मौके पर मौजूद एक चश्मदीद ने बताया कि गेट नंबर 2 के पास मेट्रो के पास खड़े दो लोगों ने पूरी घटना अपनी आंखों से देखी. पीली टी-शर्ट पहने एक युवक, जिसका नाम रवित बताया जा रहा है, उसने कहा कि कार तेज़ी से गेट तोड़कर अंदर आई, कुछ देर परिसर में घूमी और फिर बाहर निकल गई. चश्मदीदों के मुताबिक, घटना के दौरान वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों में शोर मच गया। 

दिल्ली जल बोर्ड का अलर्ट,जलाशयों की सफाई के चलते कल से बाधित रहेगी सप्लाई, पहले से स्टोर कर लें पानी

नई दिल्ली दिल्ली के कई इलाकों में रहने वाले लोगों को सोमवार और मंगलवार का पानी की कमी से जूझना होगा। इस बात की जानकारी दिल्ली जल बोर्ड की तरफ से दी गई है। बोर्ड ने बताया कि भूमिगत जलाशय (UGR) और बूस्टर पंपिंग स्टेशन (BPS) के हर साल होने वाले फ्लशिंग के काम (सफाई) की वजह से 6 और 7 अप्रैल को शहर के करीब 11 से ज्यादा इलाकों में पानी की आपूर्तिं प्रभावित रहेगी। जल बोर्ड के अनुसार इस काम की वजह से 6 अप्रैल (सोमवार) को शहर के 5 इलाकों सुल्तानपुरी एरिया, मंगोलपुरी, सेक्टर-2 पॉकेट-4 रोहिणी, फिलिंग प्वाइंट, कराला गांव और उसके आसपास के क्षेत्रों में पानी नहीं आएगा। वहीं 7 अप्रैल (मंगलवार) को सुल्तानपुरी क्षेत्र, सेक्टर-3 पॉकेट-F 23 रोहिणी, सेक्टर-3 पॉकेट-A-1 रोहिणी फिलिंग पॉइंट, कराला गांव और आसपास के क्षेत्रों, सेक्टर-3 पॉकेट-B 10 रोहिणी, सेक्टर-3 पॉकेट-C 12 रोहिणी में जल आपूर्ति बाधित रहेगी। पर्याप्त मात्रा में पानी स्टोर करके रखने की दी सलाह इस दौरान लोगों को होने वाली परेशानी को देखते हुए दिल्ली जल बोर्ड ने खेद जताते हुए क्षमा भी मांगी है, साथ ही लोगों को इस बात की सलाह भी दी है कि वे पर्याप्त मात्रा में अपनी जरूरत का पानी पहले से ही स्टोर करके रख लें। 6 अप्रैल (सोमवार) को जिन इलाकों में नहीं आएगा पानी (1) सुल्तानपुरी एरिया (2) मंगोलपुरी (3) सेक्टर-2 पॉकेट-4 रोहिणी (4) फिलिंग प्वाइंट (5) कराला गांव व उसके आसपास के क्षेत्र। 7 अप्रैल (मंगलवार) को जिन क्षेत्रों में नहीं आएगा पानी (1) सुल्तानपुरी क्षेत्र (2) सेक्टर-3 पॉकेट-F 23 रोहिणी (3) सेक्टर-3 पॉकेट-A-1 रोहिणी फिलिंग पॉइंट (4) कराला गांव और आसपास का क्षेत्र (5) सेक्टर-3 पॉकेट-B 10 रोहिणी (6) सेक्टर-3 पॉकेट-C 12 रोहिणी पानी के टैंकर मंगवाने हेतु जारी किए नंबर हालांकि नागरिकों की दिक्कतों को थोड़ा कम करने के लिए जल बोर्ड ने पानी के टैंकर मंगवाने के लिए कुछ नंबर्स भी जारी किए हैं। जल बोर्ड के अनुसार पानी के टैंकर्स नीचे दिए गए इन नंबरों पर उपलब्ध होंगे। सेंट्रल कंट्रोल रूम DJB: 1916, 23527679, 23538495 मंगोलपुरी ओवरहेड टैंक (OHT): 27294132, 27915531

ईरान-इजरायल युद्ध के बीच दिल्ली में ऊर्जा संकट से निपटने की तैयारी, बवाना और अलीपुर में 100 सिलेंडर जब्त

नई दिल्ली मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर अब धीरे-धीरे दुनिया के कई देशों में दिखने लगा है. ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ रही है और इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में भी रेखा गुप्ता की सरकार सतर्क हो गई है. दिल्ली में LPG गैस सिलेंडर की कालाबाजारी को रोकने के लिए रेखा गुप्ता सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट ने एक कंट्रोल रूम तैयार किया है, जहां लोग सीधे शिकायत कर सकते हैं. अगर किसी को गैस सिलेंडर की कालाबाजारी की जानकारी मिलती है, तो वह 8383824659 नंबर पर शिकायत कर सकता है. खास बात यह है कि शिकायत करने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी. सरकार ने हाल ही में बवाना और अलीपुर इलाके में ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया, जिसमें करीब 100 गैस सिलेंडर जब्त किए गए. इससे साफ है कि कालाबाजारी पर अब सख्ती बढ़ा दी गई है. केंद्र सरकार ने भी कमर्शियल कंज्यूमर्स के लिए 70 फीसदी सिलेंडर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. दिल्ली में रोजाना करीब 6300 कमर्शियल सिलेंडर दिए जा रहे हैं, ताकि सप्लाई बनी रहे और लोगों को दिक्कत न हो. अब सरकार का फोकस साफ है कि सप्लाई को स्थिर रखना और कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगाना. ऐसे समय में लोगों से भी अपील की गई है कि अगर कहीं गड़बड़ी दिखे तो तुरंत जानकारी दें. बता दें कि अमेरिका इजरायल ने साथ मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था. इस हमले के बाद दुनिया के कई मुल्कों पर ऊर्जा संकट का खतरा मंडराने लगा. इससे भारत भी अछूता नहीं रहा. देश के कई हिस्सों से ऐसी तस्वीरें सामने आईं जिसमें लोग गैस सिलेंडर के लिए लाइन में लगते हुए दिखे. वहीं, सरकार ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी.