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आधी रात का बवाल: JNU छात्रों की विरोध-यात्रा और उनके मुद्दों की पूरी कहानी

 नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली में स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) का माहौल एक बार फिर से तनावपूर्ण हो गया है. छात्रसंघ (JNUSU) ने कैंपस से मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन तक लॉन्ग मार्च निकालने का ऐलान किया था. इसका उद्देश्य रोहित एक्ट लागू करना और UGC के नियम के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करना था. लेकिन वहां पर देखते ही देखते माहौल बदल गया. मार्च को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस , RAF और CRPF की टीमें तैनात की गई थी. इस दौरान 50 से अधिक छात्रों को जबरन हिरासत में लिया गया. इससे जुड़े कई वीडियो सामने आए हैं.   JNUSU के हंगामे का वीडियो आया सामने आरोप है कि वीडियो में JNUSU से जुड़े छात्र पुलिस के खिलाफ इकट्ठा करते, पुलिस को थप्पड़ मरते और सुरक्षाकर्मियों के साथ गाली गलौच और डंडा फेंकते नजर आ रहे हैं. एक वीडियो में PHD का छात्र नीतीश JNU की दीवार पर चढ़ कर छात्रों को उकसाता नजर आ रहा है, साथ ही पुलिस को सबक सिखाने का बात कर रहा है. श्रेय नाम का लड़का पुलिस को थप्पड़ मरता दिख रहा है. तीसरे वीडियो में छात्र JNU कैंपस के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों के साथ गाली-गलौच करते और RAF के जवान पर डंडा फेंकता नजर आ रहा है. दिल्ली पुलिस इन वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है.   क्या है पूरा मामला? बता दें कि 26 फरवरी को JNUSU ने जेएनयू कुलपति की ओर से की गई जातिवाद टिप्पणियों, विश्वविद्यालय के कोष में कटौती, JNUSU पदाधिकारियों के निष्कासन और रोहित अधिनियम के साथ संशोधित यूजीसी नियमों को लागू करने की मांग को लेकर एक मार्च का आह्वान किया. इस दौरान सैकड़ों छात्रों के नियम का उल्लंघन करने पर दिल्ली पुलिस ने कुलपति के साथ मिलकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया, जिसमें दर्जनों छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए. उनके शरीर पर चोटें आईं और खून बहने लगा. जेएनयूएसयू अध्यक्ष अदिति, सचिव गोपिका और महासचिव दानिश के साथ-साथ एआईएसए की अखिल भारतीय अध्यक्ष नेहा और 50 अन्य छात्रों को 14 घंटे से अधिक समय तक पुलिस स्टेशन में हिरासत में रखा गया. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे 14 छात्रों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार किए गए छात्रों में कॉमरेड अदिति, दानिश, गोपिका और नेहा भी शामिल हैं.  छात्रों को बाहर आने की नहीं थी इजाजत  प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस, RAF और CRPF की टीमों की भारी तैनाती की गई थी. कैंपस के बाहर कई परतों में बैरिकेड्स लगा दिए और किसी भी छात्र को बाहर निकलने की इजाजत नहीं थी. हालात तब बिगड़ी जब छात्रों ने आगे बढ़ने की कोशिश की. इस दौरान पुलिस लगातार छात्रों को पीछे की ओर धक्का दे रही थी जिसके बाद से विवाद और भी ज्यादा बढ़ गया.  घायल हुए कई पुलिसकर्मी वहां पर मौजूद महिला छात्रों पर भी बल का प्रयोग किया गया. इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए. पुलिस के मुताबिक, JNU छात्रसंघ ने शिक्षा मंत्रालय तक लॉन्ग मार्च का आह्वान किया था.  प्रशासन ने छात्रों को साफ तौर पर बताया था कि कैंपस के बाहर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है लेकिन बावजूद इसके 400 से 500 छात्र इकट्ठा हुए मार्च निकाल दिया.  

सरकार का बड़ा ऐलान, फ्री इलाज योजना में नए वर्गों को मिली एंट्री

 नई दिल्‍ली दिल्‍ली सरकार ने आयुष्‍मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के तहत बड़ा बदलाव किया है. राज्‍य सरकार ने इस योजना का विस्‍तार करते हुए इसके तहत कुछ और लोगों को जोड़ा है, जिसमें विधवा और विकलांग सहायता योजनाओं से लाभ लेने वाले व्‍यक्ति शामिल हैं. इस कदम से दिल्‍ली में कैशलेस स्‍वास्‍थ्‍य सेवा के लिए पात्र परिवारों की संख्‍या में इजाफा होने की उम्‍मीद है.  इस योजना के तहत पात्र लोगों को हर साल 5 लाख रुपये तक के अस्पताल बीमा का लाभ दिया जाएगा. सरकार की ओर से दिया जाने वाला यह बड़ा सपोर्ट है, जिसके तहत कमजोर वर्ग के लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी खर्चों में कमी आती है.  अब  इस योजना में दिल्ली की लगभग 3.97 लाख विधवाओं और 1.31 लाख दिव्यांगजनों और उनके परिवारों को विशेष रूप से शामिल किया गया है.  अभी तक दिल्ली में करीब 5.5 लाख परिवार पहले से ही आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आते हैं और नए बदलाव के बाद यह संख्‍या और भी ज्‍यादा बढ़ जाएगी.  उनके परिवार वाले भी ले सकेंगे लाभ कैबिनेट बैठक के दौरान, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस निर्णय की पुष्टि की और कहा कि उनके साथ ही उनके परिवार भी इस योजना के तहत लाभ उठाने के पात्र होंगे. यह बयान इस बात को दर्शाता है कि विधवाओं और दिव्यांग व्यक्तियों के आश्रितों को भी PMJAY के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए समावेशी नजरिया अपनाया जा रहा है. क्‍या है आयुष्‍मान भारत योजना?  भारत सरकार ने 23 सितंबर 2018 को आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की थी. यह विश्व की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा योजना है. इस पहल का उद्देश्य करोड़ों भारतीय परिवारों, विशेष रूप से सीमित वित्तीय संसाधनों वाले परिवारों को, देशभर के लिस्‍टेड अस्पतालों तक कैशलेस और पेपरलेस सहायता देती है. इलाज के दौरान क्‍या-क्‍या कवर होता है?  पीएमजेएवाई योजना के तहत, हर पात्र परिवार को हर साल 5,00,000 रुपये तक का कैशलेस कवर मिलता है. इस योजना में शामिल सेवाओं में चिकित्सा जांच, परामर्श, अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद की देखभाल, दवाएं, ​​जांच, चिकित्सा प्रक्रियाएं, आवास, भोजन और यहां तक ​​कि उपचार के दौरान उत्पन्न होने वाली जटिलताएं भी शामिल हैं. इस व्यापक कवरेज का उद्देश्य उन लोगों को वित्तीय सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच प्रदान करना है जिन्हें लागत के कारण अन्यथा बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. 

नकली ED बनकर पहुंचे लुटेरे, घर की मेड निकली मास्टरमाइंड

साउथ दिल्ली पुलिस ने न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में एक बुज़ुर्ग कपल के घर पर नकली रेड करने वाले घरेलू नौकर और साली को गिरफ्तार कर लिया है। ED ऑफिसर बनकर रेड करने वाले तीन आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक, कपल ने 13 फरवरी को नकली ED रेड की खबर दी थी। ED के वकील ने किया नकली रेड का खुलासा एडिशनल DCP ऐश्वर्या शर्मा ने बताया कि घटना 11 फरवरी की है। रेड के दौरान, रिटायर्ड डॉक्टर उषा सभरवाल ने जल्दी से अपने पोते कुणाल सभरवाल को एक एक्स्ट्रा फोन से कॉल किया। कुणाल ED का वकील है। उसने नकली रेड का खुलासा किया। तब तक, आरोपियों ने सारा कैश, ज्वेलरी और महंगी घड़ियां एक टेबल पर जमा कर ली थीं। दक्षिणी पूर्वी जिला पुलिस की गिरफ्त में आरोपित रेखा व पूजा। जब अलार्म बजा, तो आरोपी लगभग 4 लाख रुपये कैश और 6-7 महंगी घड़ियां लेकर भाग गए। CCTV फुटेज में एक नीली बलेनो कार न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी से निकलती हुई दिखी। लगभग 350 CCTV फुटेज की जांच करने के बाद, टीम वैशाली के सेक्टर 4 में एक घर पहुंची। घरेलू नौकरानी रेखा देवी की भूमिका भी संदिग्ध लगी। रेखा और पूजा अरेस्ट उसे ट्रेस करने पर पता चला कि वैशाली में जिस घर में टीम पहुंची थी, वह रेखा की ननद पूजा राजपूत का था। टीम ने घर पर रेड की और रेखा और पूजा को अरेस्ट कर लिया। घर से कैश, 6-7 महंगी घड़ियां, एक पिस्टल, ITBP डिप्टी कमांडेंट की नकली यूनिफॉर्म और ID मिली। टीम पूजा के पति प्रकाश कुमार समेत तीन आरोपियों की तलाश कर रही है, जिसने नकली ऑफिसर बनकर लूटपाट की थी। प्रकाश कुमार ITBP में कांस्टेबल है।

सेहरी की हंसी बनी मातम: मामूली मजाक पर दोस्त की हत्या से सनसनी

यमन रमजान के दौरान  सेहरी  से पहले  दोस्तों के बीच हल्की-फुल्की छेड़छाड़ और मज़ाक अचानक गंभीर  हो गई और खून खराबे में बदल गई । स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार बातचीत के दौरान यमन में  एक व्यक्ति अपने दोस्त का मजाक सहन न कर पाया और उसकी गोली मारकर हत्या कर दी । बताया जा रहा है कि कमरे में बैठे  5-6 दोस्त सेहरी से पहले हंसी-मजाक कर रहे थे । इस दौरान एक दोस्त ने दूसरे से मजाक किया जिस पर वह भड़क गया और हाथ में पकड़ी गन से दोस्त पर गोली दाग दी। दोनों के बीच कोई पुरानी रंजिश नहीं थी। घटना अचानक हुए मजाक का नतीजा मानी जा रही है। स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि झगड़े की असली वजह क्या थी और क्या इसमें कोई अन्य कारण भी शामिल थे। बता दें कि रमजान का महीना शांति, संयम और भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। ऐसे पवित्र समय में हुई यह घटना पूरे समुदाय को स्तब्ध कर गई है और लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि क्षणिक गुस्सा किस तरह जिंदगी बदल सकता है। यह घटना एक कड़वा संदेश देती है  छोटी सी बहस और मज़ाक अगर नियंत्रण से बाहर हो जाए तो उसका परिणाम कितना भयावह हो सकता है।

राजधानी में नस्लवाद पर सख्त एक्शन, CM रेखा गुप्ता ने दोषियों को दी कड़ी सजा की चेतावनी

नई दिल्ली दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं के साथ हुई नस्लीय टिप्पणी और उत्पीड़न की घटना ने तूल पकड़ लिया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए स्पष्ट किया है कि उत्तर-पूर्व के लोगों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।   क्या है पूरा मामला? यह घटना 20 फरवरी की है, जब मालवीय नगर में किराए पर रहने वाली अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं का उनके पड़ोसियों, हर्ष सिंह और रूबी जैन के साथ घर की मरम्मत को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान पड़ोसियों ने महिलाओं पर नस्लीय फब्तियां कसीं और उन्हें "धंधेवाली" (सेक्स वर्कर) कहकर अपमानित किया। घटना के पांच दिन बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी दंपत्ति को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम यानी SC/ST एक्ट की धाराएं भी लगाई हैं। नॉर्थ ईस्ट की हमारी बहनों के साथ हुई इस घटना की मैं कड़ी निंदा करती हूं और उनके साथ मजबूती से खड़ी हूं। सीएम ने कड़े शब्दों में कहा- दिल्ली सबकी है सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि "मालवीय नगर में हमारी नॉर्थ-ईस्ट की बहनों के साथ जो बदसलूकी हुई, वह मेरे संज्ञान में आई है। दिल्ली देश की राजधानी है और यहाँ देश के हर कोने से आए लोगों का समान अधिकार है। नॉर्थ-ईस्ट के भाई-बहन अपनी मेहनत से दिल्ली की तरक्की में योगदान देते हैं, उनके साथ ऐसा व्यवहार कतई स्वीकार्य नहीं है।" मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि वह जल्द ही पीड़ित महिलाओं से मिलेंगी और दिल्ली में रह रहे उत्तर-पूर्व के अन्य लोगों की समस्याओं को सुनकर नीतिगत समाधान निकालेंगी।   पुलिसिया कार्रवाई और कानूनी धाराएं दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने और नस्ल या धर्म के आधार पर शत्रुता को बढ़ावा देने से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। मामले की जांच अब एक एसीपी (ACP) रैंक के अधिकारी द्वारा की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूरी प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।  

केरल के बाद अब दिल्ली का नाम बदलने की चर्चा, बीजेपी सांसद ने रखीं ये दलीलें

नई दिल्ली केरल का नाम बदलकर केरलम किए जाने के फैसले पर केंद्र सरकार की मुहर लगने के बाद अब दिल्ली की नई पहचान की मांग भी उठ गई है। भाजपा के सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने दिल्ली का नाम बदलकर 'इंद्रप्रस्थ' करने की मांग की है। उन्होंने इसके लिए गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को लेटर लिखकर अपनी दलीलें पेश की हैं। दिल्ली के चांदनी चौक से भाजपा सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ करने पर विचार करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि ऐसा कदम भारत की राजधानी की ऐतिहासिक और सभ्यतागत पहचान को पुनर्स्थापित करेगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि दिल्ली में किसी स्थान पर,संभवतः पुराना किला में पांडवों की प्रतिमाएं स्थापित की जाएं, जिससे दिल्ली की प्राचीन सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को पुनर्जीवित किया जा सके। विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने का सुझाव खंडेलवाल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भी लेटर लिखा है और उनसे अनुरोध किया है कि दिल्ली विधानसभा में दिल्ली का नाम 'इंद्रप्रस्थ' करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया जाए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे एक लेटर में खंडेलवाल ने कहा कि भारत विश्व की सबसे प्राचीन जीवित सभ्यताओं में से एक है और उसकी राष्ट्रीय राजधानी का नाम भी उसके गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रतिबिंबित करना चाहिए। और क्या दलीलें खंडेलवाल ने कहा कि ऐतिहासिक साहित्य, पुरातात्विक साक्ष्य और दीर्घकालिक सभ्यतागत परंपराएं यह स्थापित करती हैं कि वर्तमान दिल्ली ही प्राचीन इंद्रप्रस्थ का स्थल है, जो पांडवों द्वारा स्थापित भव्य राजधानी थी, जैसा कि महाकाव्य महाभारत में वर्णित है। महाभारत में इंद्रप्रस्थ को यमुना नदी के तट पर बसा एक समृद्ध और भव्य नगर बताया गया है, जो आज की दिल्ली के भौगोलिक स्वरूप से पूरी तरह मेल खाता है। उन्होंने आगे बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा पुराना किला में की गई खुदाई में लगभग 1000 ईसा पूर्व के प्राचीन बसावट के प्रमाण मिले हैं, जिनमें पेंटेड ग्रे वेयर (PGW) संस्कृति के अवशेष भी शामिल हैं, जिन्हें महाभारत काल से जोड़ा जाता है। उनके अनुसार ये खोजें इस ऐतिहासिक धारणा को मजबूत करती हैं कि प्राचीन इंद्रप्रस्थ इसी स्थान पर स्थित था जहां आज दिल्ली है। खंडेलवाल ने कहा कि 'दिल्ली' नाम अपेक्षाकृत बाद के मध्यकालीन दौर में प्रचलन में आया, जिसे इतिहासकार ढिल्लिका या देहली जैसे नामों से जोड़ते हैं। लेकिन यह इसकी मूल और प्राचीन सभ्यतागत पहचान का प्रतिनिधित्व नहीं करता। सांसद ने बताया क्या होगा फायदा खंडेलवाल ने कहा, 'इंद्रप्रस्थ राजधानी की मूल सभ्यतागत पहचान का प्रतीक है, जबकि दिल्ली इतिहास के एक बाद के चरण को दर्शाता है। राजधानी का नाम इंद्रप्रस्थ करना भारत की प्राचीन विरासत से उसके संबंध को पुनर्स्थापित करेगा और भारत की सांस्कृतिक निरंतरता को मजबूत करेगा।' खंडेलवाल ने यह भी कहा कि भारत में कई शहरों के ऐतिहासिक नाम पुनर्स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और प्रयागराज प्रमुख उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि इंद्रप्रस्थ नाम पहले से ही दिल्ली के कई प्रमुख संस्थानों और स्थानों में प्रचलित है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस ऐतिहासिक नाम को समाज में स्वाभाविक स्वीकृति प्राप्त है। खंडेलवाल ने कहा कि दिल्ली का नाम इंद्रप्रस्थ करना भारत की राजधानी की सभ्यतागत पहचान को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा, जिससे राष्ट्रीय गौरव मजबूत होगा और विश्व के सामने भारत की प्राचीन विरासत और भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत होगी। औपचारिक प्रक्रिया शुरू करने की मांग उन्होंने गृह मंत्री श्री अमित शाह से आग्रह किया कि इतिहासकारों, पुरातत्वविदों और अन्य विशेषज्ञों से परामर्श कर इस प्रस्ताव पर औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाए। खंडेलवाल ने कहा, 'यह कदम न केवल एक ऐतिहासिक विसंगति को दूर करेगा, बल्कि भारत की महान सभ्यता की विरासत को सम्मान देने और उसे संरक्षित रखने की हमारी प्रतिबद्धता को भी सशक्त करेगा।'  

गुड समैरिटन को सम्मान, सड़क हादसे में घायल की मदद पर मिलेगा इनाम

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार की ‘राहवीर’ योजना को दिल्ली में लागू करने का फैसला लिया है। जल्द ही योजना को लागू किया जा सकता है। योजना के तहत सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायलों की मदद करने वाले नागरिकों को 25 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। आप सरकार में यह योजना मात्र दो हजार रुपये की थी। साथ ही, कुछ समय से यह योजना बंद भी थी। मानवता का परिचय दे सकें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इस मानवीय पहल को प्रोत्साहन देने के लिए आर्थिक पुरस्कार की व्यवस्था की है ताकि आम नागरिक बिना किसी भय के दुर्घटना पीड़ितों की सहायता कर सकें और मानवता का परिचय दे सकें। लोगों को आगे आने के लिए प्रोत्साहित करेगी मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य आम जनता को सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को गोल्डन आवर के भीतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करना है। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का मानना है कि अगर ज्यादा लोग आगे आकर मदद करेंगे तो सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर लोग कानूनी झंझट या पुलिस कार्रवाई के भय से मदद करने से बचते हैं, लेकिन यह योजना उस भय को दूर कर लोगों को आगे आने के लिए प्रोत्साहित करेगी। तत्काल अस्पताल पहुंचाने का साहस करेंगे उन्होंने कहा कि दिल्ली जैसे महानगर में प्रतिदिन हजारों वाहन सड़कों पर चलते हैं, गोल्डन आवर के भीतर चिकित्सा सहायता उपलब्ध होना जीवन और मृत्यु के बीच निर्णायक साबित हो सकता है। यह योजना कई परिवारों को असमय शोक से बचाने में सहायक हो सकती है। मदद करने वाले को प्रोत्साहन राशि और कानूनी संरक्षण मिलने से ज्यादा लोग दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने का साहस करेंगे, जिससे अनमोल जीवन बचाए जा सकेंगे। संकटग्रस्त व्यक्ति की स्वेच्छा से सहायता मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि दिल्ली सरकार इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू कर सड़क सुरक्षा और मानवीय संवेदनशीलता दोनों को मजबूत करेगी। इन नियमों के तहत ऐसे नागरिकों को कानूनी संरक्षण प्रदान किया गया है जो किसी घायल, असहाय या संकटग्रस्त व्यक्ति की स्वेच्छा से सहायता करते हैं। गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाने पर पुरस्कार के पात्र होंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत कोई भी व्यक्ति, जिसने किसी गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल सहायता दी हो और उसे गोल्डन आवर के भीतर अस्पताल या ट्रामा सेंटर पहुंचाया हो, वह पुरस्कार के लिए पात्र होगा। ऐसे प्रत्येक मामले में राह-वीर को 25 हजार रुपये की नकद राशि प्रदान की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति एक ही दुर्घटना में एक से अधिक पीड़ितों की जान बचाता है, तो भी उसे अधिकतम 25 हजार रुपये ही प्रदान किए जाएंगे। इस योजना के तहत वर्ष भर में चयनित 10 सर्वश्रेष्ठ राह-वीरों को राष्ट्रीय स्तर पर एक-एक लाख रुपये का विशेष पुरस्कार भी दिया जाएगा। प्रत्येक पुरस्कार के साथ प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा। यहां बता दें इससे पहले दिल्ली में केजरीवाल सरकार के समय सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद के ही उद्देश्य से फरिश्ते योजना लागू की गई थी। इसमें केवल 2000 की सम्मान राशि दिए जाने का प्रविधान था। मगर यह योजना कुछ सालों बाद बंद हो गई थी। योजना के क्रियान्वयन को जिलास्तर पर मूल्यांकन समिति बनेगी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर मूल्यांकन समिति गठित की जाएगी। इस समिति में जिला मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी शामिल होंगे। चयनित राह-वीरों को पुरस्कार राशि सीधे उनके बैंक खाते में आनलाइन ट्रांसफर की जाएगी। इसके लिए अलग बैंक खाता रखा जाएगा और पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफाॅर्म पर दर्ज किया जाएगा। केंद्र राज्यों को प्रारंभिक अनुदान भी प्रदान करेगा।  

शर्टलेस प्रदर्शन पर कार्रवाई: उदय भानु चिब को 4 दिन की पुलिस रिमांड

नई दिल्ली दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान शर्टलेस प्रदर्शन केस में मंगलवार को गिरफ्तार किए गए यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब को 4 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट रवि ने एआई समिट प्रोटेस्ट में चिब की भूमिका के बारे में उनसे पूछताछ करने के लिए दिल्ली पुलिस को 4 दिन की कस्टडी दी है। क्या है मामला एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस सदस्यों ने बीते शुक्रवार को सम्मेलन स्थल भारत मंडपम के हॉल नंबर 5 के अंदर शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने सरकार तथा भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के खिलाफ नारे छपी हुई टी-शर्ट हाथ में लेकर नारे लगाए थे, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों द्वारा उन्हें वहां से हटा दिया गया। आरोपी पक्ष ने अभियोजन पक्ष की रिमांड याचिका का विरोध किया तथा इस बात से इनकार किया कि कोई "दंगे जैसी स्थिति" बनी थी। प्रदर्शन में शामिल लोगों को पीटने का आरोप उन्होंने हिरासत में लेकर टी-शर्ट बरामद करने की आवश्यकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शन में शामिल लोग निहत्थे थे और उन्हें पीटा गया था। आरोपी ने इसे "आलोचना का साधारण मामला" बताते हुए सवाल किया, "क्या हम आलोचना भी नहीं झेल सकते?" उन्होंने तर्क दिया कि पुलिस पर हमला करने या देश की संप्रभुता को खतरे में डालने का कोई इरादा नहीं था। यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष के वकील ने यह दलील दी कि उनके मुवक्किल घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे और उनसे पहले ही पूछताछ की जा चुकी है। उन्होंने रिमांड याचिका को "तुच्छ और अप्रासंगिक" बताया। साथ ही, उन्होंने अभियोजन पक्ष से प्रथम दृष्टया कोई साजिश का प्रमाण प्रस्तु करने के लिए कहा। सरकारी वकील अतुल कुमार श्रीवास्तव ने प्रतिवाद करते हुए कहा कि आरोपी घटनास्थल पर खुद मौजूद नहीं थे, लेकिन ‘हर चीज पर वह निगरानी कर रहे थे’ और वह ही इस घटना के 'मास्टरमाइंड' थे। उन्होंने कहा कि आरोपी की इसकी पर्याप्त जानकारी थी कि इस कृत्य से दंगे जैसी स्थिति पैदा हो सकती है और यूथ कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में चिब की ‘एक्सट्रा जिम्मेदारी’ है। दिल्ली पुलिस शुक्रवार को इस सिलसिले में बिहार से यूथ कांग्रेस के नेशनल सेक्रेटरी कृष्ण हरि; बिहार के स्टेट सेक्रेटरी कुंदन यादव; उत्तर प्रदेश के स्टेट प्रेसिडेंट अजय कुमार; और तेलंगाना से नरसिम्हा यादव को समिट में एक एग्जीबिशन हॉल के अंदर 'शर्टलेस प्रोटेस्ट' करने के लिए गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरों वाली टी-शर्ट पहनी हुई थीं, जिन पर सरकार और इंडिया-US ट्रेड डील के खिलाफ नारे लिखे थे। यह भी कहा जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने वेन्यू पर तैनात सिक्योरिटी वालों और पुलिस स्टाफ के साथ हाथापाई भी की थी।  

स्पाइसजेट फ्लाइट की इंजन फेल होने के बाद दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग, सभी यात्री सुरक्षित

नई दिल्ली   राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लेह जा रही स्पाइसजेट SG 121 की एक उड़ान मंगलवार सुबह टेकऑफ के कुछ ही समय बाद तकनीकी खराबी आने के कारण वापस दिल्ली लौट आई. विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई. इसके बाद उसमें सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. जानकारी के मुताबिक स्पाइसजेट फ्लाइट ने तय समय पर दिल्ली एयरपोर्ट से लेह के लिए उड़ान भरी थी. उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद पायलट को विमान के सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी का संकेत मिला. इसके बाद सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया. एहतियातन विमान को वापस दिल्ली लाने का निर्णय लिया. एयरपोर्ट पर तुरंत अलर्ट जारी कर आपातकालीन सेवाओं को तैयार रखा गया. विमान को सावधानीपूर्वक दिल्ली एयरपोर्ट पर उतारा गया. एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक पूरी प्रक्रिया मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत हुई. ऐसे में किसी तरह की अफरातफरी नहीं मची. स्पाइसजेट एयरलाइन के प्रवक्ता ने इस संबंध में कहा कि 24 फरवरी को दिल्ली से लेह जा रही स्पाइसजेट की उड़ान में तकनीकी समस्या आ गई. इसके बाद उसे वापस दिल्ली लाया गया. विमान ने दिल्ली में सुरक्षित लैंडिंग की और सभी यात्रियों को सामान्य तरीके से उतार दिया गया. कॉकपिट में आग लगने से संबंधित किसी प्रकार की चेतावनी नहीं मिली थी. विमान में 150 यात्री थे सवार विमान में करीब 150 यात्री सवार थे. घटना के बाद एयरलाइन ने यात्रियों की आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था शुरू कर दी है. कुछ यात्रियों को दूसरी उड़ानों में समायोजित किया गया, जबकि अन्य को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई. उड़ानों के दौरान तकनीकी चेतावनी मिलना असामान्य नहीं होता है. ऐसी स्थिति में विमान को एहतियातन वापस लाना यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मानक प्रक्रिया का हिस्सा है. देश में हवाई यात्रा की बढ़ती संख्या के बीच एयरलाइंस सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं. इसी क्रम में इस तकनीकी खराबी की भी विस्तृत जांच की जा रही है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव सुनिश्चित किया जा सके.

AI समिट में हंगामा: शर्टलेस प्रोटेस्ट के बाद यूथ कांग्रेस चीफ पर पुलिस की कार्रवाई

नई दिल्ली दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किए गए एआई इंपैक्ट समिट के दौरान शर्टलेस प्रदर्शन के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने आज इंडियन यूथ कांग्रेस चीफ उदय भानु चिब को भी गिरफ्तार कर लिया है। उदय भानु की गिरफ्तारी के मद्देनजर तिलक मार्ग थाने के बाहर भारी सुरक्षा तैनात किया गया है। कांग्रेस ने उदय भानु चिब की गिरफ्तारी का कड़ा विरोध किया है। घंटों चली पूछताछ के बाद गिरफ्तार तिलक मार्ग थाना पुलिस ने सोमवार को युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब को पूछताछ के लिए बुलाया था। करीब 20 घंटे चली पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि वह पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे थे। उन्हें आज पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। बता दें कि, शुक्रवार को यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता के एक ग्रुप ने AI इम्पैक्ट समिट के दौरान भारत मंडपम में घुसकर अपनी शर्ट उतारकर प्रोटेस्ट किया, जिन पर "PM कॉम्प्रोमाइज्ड" के नारे लिखे थे। अब तक कुल 8 लोग गिरफ्तार दिल्ली पुलिस ने पिछले सप्ताह आयोजित 'एआई इम्पैक्ट सम्मेलन' के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में सोमवार को ग्वालियर से तीन और व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। उदय भानु चिब की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में अब तक कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। दिल्ली पुलिस द्वारा इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196 और धारा 197 के तहत मामले दर्ज किए हैं।आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर में समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय अखंडता के लिए हानिकारक दावे करने सहित अन्य आरोप लगाए गए हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सरकार पर बोला हमला उदय भानु चिब की गिरफ्तारी पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, "यह शर्म की बात है कि उन्हें किसी के शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट करने से दिक्कत है। तानाशाह उन्हें जेल में डाल देगा जो उन्हें आईना दिखाएगा। क्या पुलवामा, पहलगाम अटैक, लाल किला ब्लास्ट के पीछे के सभी टेररिस्ट गिरफ्तार हो गए हैं…आप टेररिस्ट हमलों के पीछे वालों को गिरफ्तार नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन अगर कोई अपनी शर्ट उतार दे तो आप डर जाते हैं। यह सरकार की असलियत है…" कांग्रेस के सीनियर नेता भूपेश बघेल ने सरकार को तानाशाही बताया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''मैं दिल्ली पुलिस द्वारा IYC के राष्ट्रीय अध्यक्ष भाई उदय भानु चिब जी एवं अन्य युवा साथियों की गैरकानूनी गिरफ्तारी की मैं कड़ी निंदा करता हूं। तानाशाह" सरकार यह भूल रही है कि लोकतंत्र में युवाओं का आवाज उठाना, सवाल पूछना और विरोध करना अपराध नहीं, बल्कि लोकतंत्र का सबसे मजबूत हथियार है। हमारे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिना किसी हिंसा या उकसावे के, सिर्फ शांतिपूर्ण तरीके से प्रधानमंत्री के समझौतों और युवाओं की अनसुनी पीड़ा को सामने लाया। यह एक साहसी, जायज और लोकतांत्रिक कदम था, जिसे दबाने के लिए अब सरकार के द्वारा पुलिसिया दमन का सहारा लिया जा रहा है। यह कार्रवाई न केवल गैरकानूनी है, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतंत्र पर सीधा हमला भी है। हम मांग करते हैं कि उदय भानु चिब जी सहित सभी गिरफ्तार IYC कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए और उन पर लगाए गए सभी झूठे आरोप वापस लिए जाएं तथा इस तरह की दमनकारी कार्रवाईयों को तत्काल रोका जाए। लड़ेंगे-जीतेंगे।'' बता दें कि, AI समिट में इस मुद्दे पर बात करते हुए उदय भानु ने कहा था कि देश के युवा "अब चुप नहीं रहेंगे"। उन्होंने कहा, "इंडियन यूथ कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि देश के युवा अब चुप नहीं रहेंगे। 'प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं' सिर्फ एक नारा नहीं है, बल्कि लाखों बेरोजगार युवाओं का गुस्सा है। अमेरिका के साथ यह ट्रेड डील हमारे किसानों और जनता के हितों के साथ धोखा है, जिससे सिर्फ अमेरिका को फायदा होगा। डेमोक्रेसी में शांतिपूर्ण विरोध हमारा हक है और हम युवाओं की आवाज उठाते रहेंगे।" उदय भानु ने साफ किया कि पार्टी "AI समिट के खिलाफ नहीं है", लेकिन "भारत के हितों के साथ किसी भी तरह के कॉम्प्रोमाइज" का कड़ा विरोध करती है। उन्होंने आगे कहा, "हम भारत के हितों के साथ किसी भी तरह के कॉम्प्रोमाइज़ के ख़िलाफ़ हैं। जब देश के किसानों के साथ कॉम्प्रोमाइज किया जा रहा है, भारत विरोधी ट्रेड एग्रीमेंट साइन किए जा रहे हैं, और युवाओं को बेरोजगार रखते हुए नफरत की पॉलिटिक्स में धकेला जा रहा है, तो क्या हमें चुप रहना चाहिए? यह 140 करोड़ लोगों का देश है।" PM मोदी पर और तीखा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि "प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं" और “इसका मतलब यह नहीं है कि जनता चुप रहे।”