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नकली नोटों के बड़े रैकेट पर पुलिस का शिकंजा, पटियाला से 5.50 लाख की फेक करेंसी जब्त

पटियाला पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाई गई मुहिम के दौरान नकली भारतीय करेंसी नोटों (एफआईसीएन) के प्रचलन को करारा झटका देते हुए काउंटर इंटेलिजेंस पटियाला ने जाली करेंसी मॉड्यूल में शामिल चार व्यक्तियों को 5.50 लाख रुपये की नकली करेंसी सहित गिरफ्तार कर इस मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। यह जानकारी पुलिस महानिदेशक पंजाब गौरव यादव ने दी। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान नाजर खान निवासी गांव झुनीर मलेरकोटला, राज मोहम्मद निवासी धूरी संगरूर, मुख्तियार सिंह उर्फ गुरजीत सिंह निवासी गांव मलिकपुर जींद हरियाणा और आसिफ अली निवासी मलेरकोटला के रूप में हुई है। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि बरामद की गई नकली भारतीय करेंसी में सभी 500 रुपये के नोट हैं। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार किया गया राज मोहम्मद आपराधिक पृष्ठभूमि वाला आरोपी है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट से संबंधित एक एफआईआर दर्ज है। डीजीपी ने कहा कि इस नेटवर्क को लेकर जांच की जा रही है।  इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए एआईजी सीआई पटियाला डॉ. सिमरत कौर ने बताया कि सीआई यूनिट मलेरकोटला की टीम द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों नाजर खान और राज मोहम्मद को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से 4 लाख रुपये की नकली भारतीय करेंसी के नोट बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि आगे की जांच के दौरान दो अन्य आरोपियों मुख्तियार सिंह उर्फ गुरजीत सिंह और आसिफ अली  भी गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से 1.5 लाख रुपये के अन्य नकली भारतीय करेंसी नोट बरामद किए गए हैं। एआईजी ने कहा कि आगे की जांच के दौरान आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। 

भीषण गर्मी से बचें, गुरदासपुर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को किया सतर्क

गुरदासपुर. जिले में लगातार बढ़ रहे तापमान और हीट वेव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग गुरदासपुर ने एडवाइजरी जारी की है। सिविल सर्जन डॉ. महेश कुमार प्रभाकर ने लोगों से गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी बरतने और शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जब मैदानी इलाकों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो जाता है, तो उसे हीट वेव माना जाता है। अत्यधिक गर्मी शरीर के तापमान नियंत्रित करने वाले सिस्टम को प्रभावित करती है और कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। इन लोगों को हीट स्ट्रोक का ज्यादा खतरा स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नवजात शिशु, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग, मजदूर, मोटापे से ग्रस्त लोग, मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति तथा दिल, किडनी, लिवर या हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हीट स्ट्रोक के अधिक खतरे में रहते हैं। हीट स्ट्रोक से बचने के लिए क्या करें – सुबह और शाम के समय ही बाहर की गतिविधियां करें। हर आधे घंटे में पानी पीते रहें, चाहे प्यास न लगे। हल्के रंग और सूती कपड़े पहनें। धूप में निकलते समय सिर को टोपी, छाता, गमछा या स्कार्फ से ढकें। बाहर जाते समय हमेशा जूते या चप्पल पहनें। धूप में काम करने वाले लोग समय-समय पर छांव में आराम करें। अपने साथ हमेशा पानी रखें। तरबूज, खीरा, संतरा, अंगूर और टमाटर जैसे पानी से भरपूर फल व सब्जियां खाएं। नींबू पानी, लस्सी और नारियल पानी जैसे घरेलू पेय पदार्थों का सेवन करें। सनस्क्रीन और धूप का चश्मा इस्तेमाल करें। कम मात्रा में लेकिन बार-बार भोजन करें। ठंडे पानी से नहाएं और शरीर को ठंडा रखें। क्या न करें दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में बाहर निकलने से बचें। शराब, चाय, कॉफी और ज्यादा मीठे या कार्बोनेटेड पेय पदार्थों का सेवन न करें। तला-भुना और बासी भोजन खाने से बचें। बच्चों और पालतू जानवरों को बंद गाड़ी में अकेला न छोड़ें। तुरंत मेडिकल मदद की जरूरत कब पड़ती है स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यदि तेज सिरदर्द, चक्कर आना, बेहोशी, सांस लेने में दिक्कत, तेज धड़कन, उल्टी, शरीर का तापमान 40 डिग्री से अधिक होना, मांसपेशियों में ऐंठन या मानसिक संतुलन बिगड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. गुरप्रीत कौर ने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से संबंधित दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। वहीं डॉ. महेश कुमार प्रभाकर ने अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।

बीजेपी नेता तरुण चुघ बोले- पंजाब में बढ़ता ड्रग्स और गैंगस्टर नेटवर्क बेहद गंभीर मामला

अमृतसर  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ हाथी गेट स्थित शर्मा टी स्टाल पर चाय पर चर्चा की। पश्चिमी बंगाल में जीत के बाद पंजाब की बारी के पोस्टर लेकर भाजपाई वर्करों के साथ उन्होंने चाय की चुस्कियां ली और स्वयं चाय बनाकर लोगों दी और लड्डू भी बांटे। चुघ ने पंजाब की मौजूदा हालातों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पंजाब गंभीर चुनौतियों से गुजर रहा है, जहां नशा, गैंगस्टर गतिविधियां और भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं आम जनता के लिए बड़ी चिंता का कारण बन चुकी हैं। पंजाब की जनता अब बदलाव चाहती है और एक मजबूत, सुरक्षित तथा विकसित पंजाब की उम्मीद कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य पंजाब को विकास की नई दिशा देना है। पार्टी व्यापार, कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों को दौबारा से मजबूत करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करना चाहती है, ताकि युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर पैदा हो सकें और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके। चुग ने सीएम भगवंत मान और आम आदमी पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय किए गए कई वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों से जुड़े मुद्दों पर सरकार अपेक्षित प्रदर्शन करने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि यदि पंजाब की जनता भाजपा को अवसर देती है, तो पंजाब को नशा मुक्त और गैंगस्टर मुक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।  

अपहरण के 6 दिन बाद मिली पंजाबी गायिका इंदर कौर की लाश, इलाके में हड़कंप

लुधियाना. पंजाबी सिंगर इंदर कौर उर्फ यशइंदर कौर (29) की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोमवार सुबह करीब 11 बजे उनका शव नीलो नहर से बरामद हुआ। बताया जा रहा है कि इंदर कौर को करीब 6 दिन पहले गन प्वाइंट पर किडनैप किया गया था, जिसके बाद से परिवार लगातार उनकी तलाश कर रहा था। मृतका के परिवार ने आरोप लगाया है कि मोगा निवासी एक युवक इंदर पर जबरदस्ती शादी करने का दबाव बना रहा था। जब इंदर ने शादी से इनकार कर दिया तो आरोपित ने उसका अपहरण कर लिया। परिवार का कहना है कि आरोपित ने हत्या की साजिश पहले से रची हुई थी और वह इसी इरादे से कनाडा से नेपाल के रास्ते पंजाब पहुंचा था। वारदात को अंजाम देने के बाद वह दोबारा नेपाल के रास्ते कनाडा फरार हो गया। परिवार ने लगाया बड़ा आरोप परिवार के अनुसार, करीब तीन साल पहले इंदर कौर की आरोपित से इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई थी। बाद में इंदर को पता चला कि आरोपित पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। इसके बाद उसने शादी करने से साफ इनकार कर दिया था। इसी बात को लेकर आरोपित उससे रंजिश रखने लगा था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नहर से बाहर निकलवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए समराला के सिविल अस्पताल भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपित् की तलाश के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि इंदर कौर के माता-पिता और दो भाई कोरिया में रहते हैं, जबकि उसका एक भाई लुधियाना के जमालपुर इलाके में रह रहा है। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है।

स्क्रूटनी के बाद चुनावी तस्वीर साफ, पंजाब निकाय चुनाव में 10 हजार से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में

चंडीगढ़. पंजाब में 26 मई को होने वाले निकाय चुनाव को लेकर स्क्रुटनी के बाद योग्य उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी गई है। राज्य चुनाव आयोग से मिली जानकारी अनुसार नगर निगम नगर कौंसिल और नगर पंचायत की 105 सीटों के लिए कुल 10809 आवेदन जमा हुए थे। मंगलवार शाम तक आवेदन वापस लेने की अंतिम सीमा रखी गई है। सोमवार यानी 18 मई को चुनाव आयुक्त की ओर से स्क्रुटनी के बाद 10096 उम्मीदवार ही अब मैदान में रह गए हैं। स्क्रुटनी में 713 आवेदनों को विभिन्न कारणों से रद्द कर दिया गया है। जानकारी अनुसार आठ नगर निगम के चुनाव के लिए 2154 आवेदन आए जिसमें से 151 विभिन्न कारणों से कारण रद्द कर दिए गए । ऐसे में 2003 योग्य उम्मीदवार अब मैदान में रह गए हैं। उधर नगर कौंसिल की सीटों के लिए 7334 आवेदन जमा हुए जिसमें से 447 को रद्द कर दिया गया। अब चुनावी मैदान में 6887 उम्मीदवार ही बचे हैं। उधर नगर पंचायत के लिए कुल 1321 आवेदन आए जिसमें से 115 को रद्द कर दिया गया और अब मैदान में 1206 उम्मीदवार ही बचे हैं। मंगलवार को आवेदन लेने की अंतिम तिथि है। इसके बाद चुनाव में उम्मीदवारों की असली संख्या का पता चलेगा। आवेदन खारिज किए जाने को लेकर पंजाब के विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन भी जारी है। पंजाब में 26 मई को 105 सीटों के लिए निकाय चुनाव होने जा रहे हैं, जिसमें 29 मई को मतदान के बाद मतगणना और रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा। चुनाव आयोग की ओर से इन चुनाव में 35000 के करीब कर्मचारियों और साडे 35000 सुरक्षा कर्मियों को चुनावी ड्यूटी पर तैनात किया गया है। चुनाव आयोग की ओर से इस बार मतदान वैलेट पेपर से करने का फैसला लिया गया है। इसे लेकर भी विपक्षी पार्टियों लगातार विरोध कर रही है।

IAS अफसरों की मुश्किलें बढ़ीं, ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दोबारा भेजा समन

चंडीगढ़  एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) की और से पूर्व कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा मामले में तलब किए गए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के सीएमडी बसंत गर्ग और चेंज आफ लैंड यूज (सीएलयू) मामले में ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) के मुख्य प्रशासक संदीप कुमार निर्धारित तिथि पर एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हो सके। अब दोनों अधिकारियों को 20 मई बुधवार को दोबारा पेश होने के लिए समन जारी किए गए है। बीती 18 मई को ईडी ने बसंत गर्ग को दिल्ली स्थित कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया था। वहीं गमाडा के मुख्य प्रशासक संदीप कुमार को न्यू चंडीगढ़ में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स, जमीन उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) और मंजूरियों से जुड़े दस्तावेजों के संबंध में समन जारी किया गया था। दाेनों अधिकारी पूछताछ के लिए नहीं गए। हालांकि गमाडा मुख्य प्रशासक संदीप कुमार की ओर से चार गजटेड अफसरों को जालंधर स्थित ईडी कार्यालय भेजा गया जो सीएलयू से संबंधित सारा रिकार्ड जमा करवा कर आए। इस रिकार्ड में न्यू चंडीगढ़ में विभिन्न प्रोजेक्ट्स, सीएलयू मंजूरियों और संबंधित प्रशासनिक फाइलों से जुड़ा रिकार्ड एजेंसी को दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, ईडी ने इन दस्तावेजों के आधार पर कई परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया, फाइल मूवमेंट और विभागीय अनुमोदनों को लेकर जानकारी जुटाई है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी विशेष तौर पर उन फाइलों की पड़ताल कर रही है, जिनमें बड़े बिल्डरों को मंजूरी दी गई थी। अब तक क्या हुआ: मामले की टाइमलाइन संजीव अरोड़ा से जुड़ी कारोबारी गतिविधियों को लेकर सबसे पहले 2023 में संदेह पैदा हुआ था, जब उनकी कंपनी एचएसआरएल पर कागजों में 157.12 करोड़ रुपये के मोबाइल बिक्री लेनदेन और दुबई में 102 करोड़ रुपये के कथित फर्जी निर्यात का मामला सामने आया। इसके बाद ईडी ने विदेशी लेनदेन और फंड रूटिंग को लेकर प्राथमिक जांच शुरू की। अप्रैल 2026 में ईडी ने फेमा के तहत पहली बार संजीव अरोड़ा और एचएसआरएल से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान विदेशी लेनदेन और निर्यात दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी की बात सामने आई। इसके बाद 5 मई 2026 को दिल्ली की शेल कंपनियों के जरिए गलत जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेने के आरोपों के आधार पर ईडी ने प्रिवेंशन आफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत नया केस दर्ज किया। ईडी ने कई जगहों पर रेड की 8 और 9 मई को ईडी ने चंडीगढ़, दिल्ली और गुरुग्राम समेत कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इसी कार्रवाई के दौरान न्यू चंडीगढ़ से जुड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स और कुछ निजी कंपनियों के दस्तावेज जब्त किए गए। 9 मई को संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार किया गया था। 10 मई को विशेष अदालत ने उन्हें ईडी रिमांड पर भेजा। 18 मई को अरोड़ा को न्यायिक में हिरासत में भेज दिया गया। जांच के दौरान कई अधिकारियों व कारोबारियों को समन जारी किए गए। 16 और 17 मई को ईडी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए पीएसपीसीएल के सीएमडी बसंत गर्ग, पावरकाम की डायरेक्टर (कमर्शियल) हरशरण कौर, कारोबारी हेमंत सूद, चंद्रशेखर अग्रवाल और गमाडा से जुड़े अधिकारियों को तलब किया। एजेंसी का फोकस न्यू चंडीगढ़ के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स, सीएलयू मंजूरियों और पूर्व मंत्री से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन पर रहा।  

जनता की जेब पर फिर बोझ, पंजाब में दोबारा महंगे हुए पेट्रोल-डीजल

लुधियाना. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। बीते 15 मई को तेल कंपनियों द्वारा दाम बढ़ाए गए थे और अब कुछ ही दिनों बाद दोबारा कीमतों में इजाफा होने से आम जनता, ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और उद्योग जगत की चिंता बढ़ गई है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। नई कीमतों के अनुसार पेट्रोल का रेट पहले 101.30 रुपये प्रति लीटर था, जिसे बढ़ाकर अब 102.16 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं डीजल की कीमत 91.04 रुपये से बढ़कर 91.93 रुपये प्रति लीटर हो गई है। लगातार दूसरी बार हुई बढ़ोतरी से वाहन चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ना तय माना जा रहा है। कुबेर पेट्रो के राजू शर्मा ने बताया कि तेल कंपनियों की ओर से जारी नई दरों को तुरंत लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ रहा है। इसी कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बदलाव हो रहा है। दूसरी ओर, बढ़ते ईंधन दामों का असर रोजमर्रा की वस्तुओं और परिवहन खर्च पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि डीजल महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर बाजार में वस्तुओं की कीमतों पर दिखाई दे सकता है। उद्योगों और व्यापार से जुड़े लोगों का मानना है कि पहले से ही बढ़ती लागत और आर्थिक दबाव के बीच ईंधन की बढ़ती कीमतें कारोबार के लिए नई चुनौती बन रही हैं।

लू के थपेड़ों से पंजाब बेहाल, बठिंडा में पारा 47 डिग्री पार; मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

पटियाला  पंजाब में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। लू चलने से सोमवार को भीषण गर्मी रही। इससे राज्य के तापमान में 2.3 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। पारा अब सामान्य से 3.1 डिग्री ऊपर पहुंच गया है। 47 डिग्री के तापमान के साथ बठिंडा राज्य में सबसे गर्म रहा। मौसम विभाग ने मंगलवार को फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा और संगरूर में लू चलने का अलर्ट जारी किया है। बुधवार से लू पूरे पंजाब को अपनी चपेट में ले लेगी। विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की वृद्धि दर्ज की जा सकती है। सोमवार को पटियाला का पारा 44 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से 4.5 डिग्री ऊपर रहा। पटियाला में लू की स्थिति रही। अमृतसर का अधिकतम पारा 42.0 डिग्री, लुधियाना का 42.2 डिग्री, पटियाला का 44.0 डिग्री, पठानकोट का 40.9 डिग्री, फाजिल्का का 42.6 डिग्री, फिरोजपुर का 42.0 डिग्री, एसबीएस नगर का 39.9 डिग्री, गुरदासपुर का 42.0 डिग्री, होशियारपुर का 40.0 डिग्री और रूपनगर का 42.3 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं पंजाब के न्यूनतम तपमान में 0.3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। यह फिलहाल सामान्य के नजदीक बना है। सबसे कम 20.4 डिग्री का न्यूनतम पारा पठानकोट का दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 24.7 डिग्री, लुधियाना का 25.0 डिग्री, पटियाला का 26.0 डिग्री, बठिंडा का 20.3 डिग्री, फिरोजपुर का 22.7 डिग्री, होशियारपुर का 21.1 डिग्री और रूपनगर का 20.9 डिग्री दर्ज किया गया।  मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान में 19 मई से 22 मई तक लू चलने की चेतावनी दी गई है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ाएंगी, वहीं रात के तापमान में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम दिखाई दे रही है। मौसम विभाग के स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 19 मई को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन दोपहर और शाम के समय तेज सतही हवाओं के साथ हीट वेव की स्थिति बनी रहेगी। विभाग ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि दोपहर के समय बिना जरूरत घर से बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। 20 मई को भी गर्मी से राहत मिलने के कोई संकेत नहीं हैं। इस दिन अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने दोपहर और शाम के समय हीट वेव जारी रहने की चेतावनी दी है। लगातार गर्म हवाएं चलने से लोगों को लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ेगा। 21 मई को तापमान में मामूली गिरावट के बावजूद गर्मी का असर बरकरार रहेगा। अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। विभाग के मुताबिक इस दिन भी दोपहर और शाम के समय हीट वेव की स्थिति बनी रहेगी। आर्द्रता 50 प्रतिशत से 35 प्रतिशत तक रह सकती है, जिससे उमस भी लोगों की परेशानी बढ़ाएगी। 22 मई को भी हालात लगभग समान बने रहेंगे। मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जारी किया है। पूरे दिन गर्म हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि 23 मई से मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है और आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना जताई गई है। तेज हवाओं के कारण फिलहाल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है और स्थिति अभी गंभीर श्रेणी में नहीं पहुंची है। बावजूद इसके विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि लगातार पानी पीते रहें, धूप में निकलने से बचें और शरीर को हाइड्रेट रखें ताकि लू और डिहाइड्रेशन से बचाव किया जा सके।   

पंजाब में बिजली व्यवस्था होगी सुरक्षित, खेतों से हटेंगे खुले तार; CM मान की बड़ी घोषणा

संगरूर. पंजाब के खेतों में बिजली के खंभों व ऊपर से गुजरने वाली तारों से किसानों को होने वाली परेशानियों को खत्म करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने पैतृक गांव सतोज से खेतों में बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड करने की महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत की। इस परियोजना पर करीब आठ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार के अनुसार सतोज गांव में करीब सात किलोमीटर लंबी हाईटेंशन लाइन तथा 9.5 किलोमीटर लो टेंशन बिजली लाइनों को जमीन के नीचे डाला जाएगा। इसके तहत खेतों में लगे बिजली के खंभों व खुली तारों को हटाकर आधुनिक अंडरग्राउंड केबल प्रणाली विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने क्या कहा? मुख्यमंत्री ने कहा कि खेतों में बिजली की खुली तारों के कारण अक्सर शॉर्ट सर्किट या स्पार्किंग से फसलों में आग लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। नई योजना से ऐसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लग सकेगी। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि यह परियोजना केवल सतोज तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि चरणबद्ध तरीके से पूरे पंजाब में लागू की जाएगी। इससे किसानों को सुरक्षित और बाधारहित खेती का वातावरण मिलेगा। खेतों में खंभों और तारों के हटने से कृषि कार्यों में भी सुविधा बढ़ेगी तथा आधुनिक मशीनों के उपयोग में आने वाली दिक्कतें कम होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता दे रही है और खेती को अधिक सुरक्षित, आधुनिक तथा सुविधाजनक बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू की जा रही हैं। ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों की जमीन को तारों और खंभों से मुक्त करना इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य है। गांव सतोज में इस योजना की शुरुआत को किसानों ने भी सराहा है। किसानों का कहना है कि अंडरग्राउंड बिजली व्यवस्था लागू होने से फसलें सुरक्षित रहेंगी और खेतों में काम करना पहले से अधिक आसान होगा।

सत्ता का सेमीफाइनल बने निकाय चुनाव, 105 नगर निकायों में पार्टियां झोंकेंगी पूरी ताकत

चंडीगढ़  पंजाब में 26 मई को होने वाले निकाय चुनाव सूबे में सियासी दलों की नब्ज टटोलेंगे। 105 नगर निकायों (नगर निगम, नगर परिषद व नगर पंचायत) के यह चुनाव पंजाब के कुल 117 में से 90 विधानसभा क्षेत्रों को प्रभावित करेंगे। इन हलकों के शहरी इलाकों के मतदाताओं पर किस दल की कितनी पकड़ है, चुनाव परिणाम के बाद यह तय हो जाएगा।  दरअसल, सभी राजनीतिक दल इन निकाय चुनावों को विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता के सेमीफाइनल के तौर पर देखते हुए मैदान में उतरेंगे और जीत के लिए पूरी ताकत झोंकेंगे, क्योंकि आठ महीने बाद पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं। ये चुनाव सभी दलों के लिए इसलिए अहम हैं, क्योंकि ये चुनाव सीधे तौर पर एक करोड़ से अधिक शहरी मतदाताओं और 90 हलकों की सियासत पर केंद्रित हैं। नामांकन प्रक्रिया खत्म चुनावी प्रक्रिया के तहत नामांकन प्रक्रिया खत्म हो चुकी है और अब दलों के जो मतदाता मैदान में हैं, उन्हें जितवाने के लिए पार्टी के रणनीतिकारों ने अपना काम शुरू कर दिया है। इस दौरान पिछले चुनावों की समीक्षा की जा रही है, तो वहीं वार्डवार मुद्दों की जमीन भी तैयार की जा रही है, क्योंकि कुछ कॉमन मुद्दों के साथ-साथ हर वार्ड के अलग-अलग मुद्दों पर चुनाव लड़ा जाना है। हालांकि भाजपा और आप अपनी केंद्र व प्रदेश स्तरीय नीतियों व एजेंडे को भी आगे रखेंगी, वहीं कांग्रेस और शिअद के निशाने पर आप सरकार रहेगी। सूबे में शहरी मतदाता अहम क्यों पंजाब में राजनीतिक दलों के लिए शहरी वोटर बहुत अहम माने जाते हैं, खासकर उन सियासी दलों के लिए जिनकी सियासत पंथक एजेंडे से ऊपर सूबे के विकास के इर्द-गिर्द घूमती है। भाजपा इन चुनावों को इसलिए खासा गंभीरता से ले रही है, क्योंकि अधिकतर गैर-सिख आबादी शहरों में ही बसती है, जिसे पंजाब में भाजपा अपनी ताकत मानती है। हालांकि भाजपा ने पिछले दिनों कुछ सिख व पंथक नेताओं को पार्टी में शामिल कर अपना फोकस सिख वोटरों पर भी बढ़ाया है, लेकिन पार्टी का मुख्य सियासी केंद्र गैर-सिख वोटर ही हैं। इसी तरह पंथक पार्टी शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की स्थिति ग्रामीण सिख वोटरों के बीच ठीक है। आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस की बात करें तो ये दोनों दल शहरों और ग्रामीण इलाकों में अपनी अच्छी पैठ रखते हैं। आप इस वक्त सत्तारूढ़ है, जबकि कांग्रेस विभिन्न धड़ों में बंटी हुई है। मतदाताओं का आशीर्वाद बढ़ाएगा मनोबल निकाय चुनाव में यह बात तो जाहिर है कि जिस दल को मतदाता जीत का आशीर्वाद देंगे, आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उसका मनोबल बढ़ेगा। आप के लिए परिणाम यह भी तय करेंगे कि कहीं प्रदेश में सत्ता विरोधी लहर तो नहीं है, जबकि भाजपा को यह मालूम चल जाएगा कि पंजाब जीतने के लिए उनके प्रयासों और पार्टी की रणनीति को कितनी मजबूती मिली है। कांग्रेस यदि धड़ेबाजी में बंटी रही तो यह चुनाव पार्टी को एक और सबक देंगे, जबकि शिअद को इस बात का आभास हो जाएगा कि शहरी और गैर-सिख मतदाताओं में उनकी पहुंच कितनी है।