samacharsecretary.com

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: ‘दावेदार की मौत से नहीं रुकता पीड़ित का मुआवजा दावा

चंडीगढ़  पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मोटर वाहन दुर्घटना से जुड़े मुआवजा मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि किसी दावेदार की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो केवल इसी आधार पर उसकी याचिका खारिज नहीं की जा सकती। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में मृतक के कानूनी वारिस दावा आगे बढ़ा सकते हैं। अदालत एक अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसे मूल दावेदार के कानूनी प्रतिनिधियों ने दाखिल किया था। अपील में मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल के 20 मार्च 1999 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें दावेदार की मृत्यु के बाद यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी गई थी कि मुकदमा जारी रखने का अधिकार समाप्त हो गया है। मूल दावेदार एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गई थी और लंबे समय तक अस्पताल में इलाजरत रही। उसकी मृत्यु हो गई। ट्रिब्यूनल ने यह मानते हुए कि मृत्यु के बाद दावा जीवित नहीं रहता, याचिका को खारिज कर दिया। परिजनों ने हाईकोर्ट में दलील दी कि मौत दुर्घटना में लगी चोटों के कारण हुई और उन्हें साबित करने का अवसर दिया जाना चाहिए था। ट्रिब्यूनल ने केवल दावेदार की मृत्यु के आधार पर याचिका खारिज कर दी, जबकि उसे परिजनों को सबूत पेश करने का अवसर देना चाहिए था। अदालत ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम एक सामाजिक कल्याण कानून है, जिसका उद्देश्य पीड़ितों को न्यायसंगत और उचित मुआवजा देना है।

फरीदकोट और जुलाना में आढ़तियों की हड़ताल जारी, कमीशन की मांग; CM भगवंत मान से 6 अप्रैल को बैठक

फरीदकोट / जुलाना  रीदकोट में आढ़ती एसोसिएशन पंजाब के आह्वान पर नई अनाज मंडी के समूह आढ़तियों की हड़ताल लगातार चौथे दिन भी जारी है। आढ़तियों की तरफ गेहूं व धान की फसल पर ढाई प्रतिशत कमीशन की मांग को लेकर संघर्ष किया जा रहा है।  इस मौके आढ़ती एसोसिएशन ने कहा कि जब तक उन्हें उनका बनता कमीशन नहीं दिया जाता, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। वह गेहूं की फसल की खरीद के कार्य में सहयोग नहीं करेंगे। हालांकि अभी तक मंडियों में गेहूं नहीं पहुंची है। बैठक में आढ़ती नेताओं ने कहा कि उनके द्वारा पंजाब सरकार और केंद्र सरकार से कोई अतिरिक्त मांग नहीं की जा रही है। अभी तक पूरा नहीं किया वादा उनकी सिर्फ यही मांग है कि लॉकडाउन के समय फ्रीज की गई कमीशन को बहाल कर ढाई प्रतिशत का भुगतान किया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले सीजन के समय पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने भरोसा दिलाया था कि अगर केंद्र सरकार कमीशन नहीं बढ़ाती तो राज्य सरकार अपने स्तर पर हरियाणा की तर्ज पर कमीशन के अंतर का भुगतान करेगी, लेकिन यह वादा अब तक पूरा नहीं हुआ। गेहूं पर 50 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन तय उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में आढ़तियों को गेहूं पर करीब 50 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन तय किया गया है जबकि एमएसपी पर ढाई प्रतिशत के हिसाब से उन्हें 65 रुपये प्रति क्विंटल मिलना चाहिए। हरियाणा में इस अंतर का भुगतान राज्य सरकार करती है। ऐसे में पंजाब सरकार को फैसला लेना चाहिए। जुलाना में आढ़तियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी कस्बे की नई अनाज मंडी में आढ़तियों और किसानों द्वारा सरकार के नए नियमों के विरोध में शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। मंडी में कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा और आढ़तियों के साथ-साथ किसानों ने भी धरने में भाग लेकर अपना रोष प्रकट किया। धरने की अध्यक्षता आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान पवन लाठर ने की। धरने को संबोधित करते हुए पवन लाठर ने कहा कि सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है, जो किसानों और आढ़तियों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना जमीनी हकीकत को समझे नए-नए नियम थोपे जा रहे हैं, जिससे मंडी व्यवस्था चरमरा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट अनिवार्य करना और बायोमेट्रिक प्रणाली लागू करना पूरी तरह अव्यवहारिक है। इससे किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि मंडी का समय सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक सीमित करना भी गलत फैसला है। अधिकांश किसान रात के समय कंबाइन से फसल कटवाते हैं और उसी अनुसार मंडी में फसल लेकर आते हैं। ऐसे में समय सीमा तय करने से उन्हें भारी दिक्कतें आएंगी। आढ़तियों ने इन फैसलों को तुगलकी फरमान बताते हुए तुरंत वापस लेने की मांग की। धरने के दौरान किसान नेता और ढांडा खाप के पूर्व प्रधान नरेश ढांडा ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि यदि दो दिनों के भीतर बायोमेट्रिक नियम वापस नहीं लिया गया तो वह अपना अंगूठा काटकर मुख्यमंत्री को भेजेंगे। मांग को केंद्र तक पहुंचाने को सीएम सैनी से मिले: एसोसिएशन आढ़ती नेता बंटी गुप्ता व गिरीश छाबड़ा ने बताया कि उनके पंजाब प्रधान ने आढ़तियों की मांग को केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मुलाकात की है। मंडियों में आढ़तियों के खर्चे बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार उनका बनता कमीशन नहीं दे रही। उन्होंने बताया कि 6 अप्रैल को आढ़तियों की मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ बैठक तय है, जिसके बाद ही आगे की रणनीति और निर्णय लिया जाएगा।

पंजाब में युवाओं की उम्मीदें डिपो से जुड़ी, मिलेगा रोजगार और लोगों को बेहतर सुविधा

लुधियाना. पंजाब सरकार द्वारा 3 साल पहले नए राशन डिपो अलॉट करने का वादा किया गया था। उसके आज पूरा होने की उम्मीद में लोग सरकार की तरफ आस लगाए बैठे हैं। असल में पूरा मामला सरकार द्वारा पंजाब भर में 9422 नए राशन डिपो अलॉट करने संबंधी चाहवान परिवारों से मांगे गए आवेदन पत्रों के साथ जुड़ा हुआ है। याद रहे कि गत दिनों पंजाब सरकार द्वारा पारित किए गए बजट सैशन 2026 के दौरान भी वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा पंजाब वासियों को नए राशन डिपुओं के लाइसैंस जल्द जारी करने का बड़ा ऐलान किया गया है। बावजूद फिलहाल किसी भी परिवार को राशन डिपो नहीं मिल पाया है। काबिले गौर कि सरकार द्वारा पंजाब भर के 23 जिलों में तीन विभिन्न पड़ाव में राशन डिपो अलॉट करने संबंधी चाहवान परिवारों से आवेदन पत्र मांगे गए थे। पहले चरण दौरान राशन डिपुओं की संख्या 1201 निर्धारित की गई थी। जबकि दूसरे चरण में 22 अप्रैल, 2023 में राशन डिपो की संख्या को बढ़ाकर 6061 कर दिया गया। तीसरी बार यानी कि अंतिम पड़ाव में 7 मई, 2025 को सरकार द्वारा एक बार फिर से राशन डिपो की संख्या को बढ़ाकर 9422 कर दिया गया था। जिसमें सरकार द्वारा विभिन्न कैटेगरी और वर्गों के साथ जुड़े हुए परिवारों को नए राशन डिपो अलॉट करने संबंधी नोटिफिकेशन जारी किया गया। बाकायदा उक्त सभी परिवारों द्वारा सारी प्रक्रिया संपन्न करने के उपरांत अपनी फाइलें कंप्लीट कर पहले ही खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कार्यालय में जमा करवाई गई हैं। आवेदनकर्त्ताओं की आंखें नए राशन डिपो मिलने की राह देख रही हैं। जिन्हें राशन डिपो मिलने के रूप में अपने परिवारों और बच्चों के लिए रोजगार के साधन पैदा होने की उम्मीद और सपने बंधे हुए हैं। किस कैटेगरी के लिए कितने राशन डिपो तय किए गए – कैटेगरी               संख्या जनरल              3848 एस.सी.              792 बी.सी.                231 स्वतंत्रता सेनानी  898 दिव्यांग वर्ग        402 पूर्व सैनिक         1174 महिलाएं             322 आतंकवाद/दंगा पीड़ित  1755 किस जिले के हिस्से में आने थे कितने डिपो – जिला             संख्या जालंधर          1026 पटियाला         996  लुधियाना         757  अमृतसर          692 होशियारपुर      645 कपूरथला         567  गुरदासपुर        563 रोपड़               480 मोहाली            464 फाजिल्का        403 फतेहगढ़ साहिब  338 मोगा                325 पठानकोट        308 फिरोजपुर         304  एस.बी.एस.नगर  291 तरनतारन         236 संगरूर            224 मानसा             220 श्री मुक्तसर साहिब 171 बरनाला          165 फरीदकोट      135 मालेरकोटला   112 बठिंडा            000 कुल संख्या      9422 जिला वाइज महिलाओं के लिए राशन डिपुओं का आंकड़ा जिला          आंकड़ा जालंधर             35 गुरदासपुर         34 पटियाला           30  होशियारपुर       23 फाजिल्का         18 फिरोजपुर         17  पठानकोट         17 श्री मुक्तसर साहिब 17 बरनाला              16 रोपड़                 16 कपूरथला           16 लुधियाना            15 तरनतारन          15 मोगा                 15 फतेहगढ़ साहिब 12 अमृतसर           10  मोहाली              08  एस.बी.एस.नगर  06 संगरूर             05 मानसा              02 मालेरकोटला     02  फरीदकोट        01 बठिंडा             00 कुल आंकड़ा   322

पंजाब के 22 जिलों में बारिश के आसार, ओले और तेज आंधी की चेतावनी; पठानकोट में मौसम हुआ ठंडा

पठानकोट   पंजाब और चंडीगढ़ में शनिवार को मौसम ने बड़ा बदलाव दिखाया, जहां पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के 22 जिलों में आज खराब मौसम रहने की संभावना है। विभाग ने आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पठानकोट में तेज बारिश दर्ज की गई, जिससे वहां मौसम ठंडा हो गया। राज्य में तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस गिरकर सामान्य से 2.2 डिग्री नीचे पहुंच गया है। 22 जिलों में मौसम का असर मौसम विभाग ने बताया कि पंजाब के 22 जिलों में आज मौसम खराब रह सकता है। इनमें से 8 जिलों में ओलावृष्टि, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर, गुरदासपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और मोहाली शामिल हैं। वहीं, बाकी 14 जिलों में तेज हवाओं और बिजली चमकने की आशंका है। अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा और संगरूर में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। पठानकोट में सबसे ज्यादा बारिश राज्य में सबसे अधिक बारिश पठानकोट जिले में दर्ज की गई है। यहां थेन बांध पर 9.5 मिमी और केवीके पठानकोट में 1.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। फाजिल्का के अबोहर में 4.0 मिमी बारिश दर्ज की गई। रूपनगर में भाखड़ा बांध पर 1.5 मिमी और श्री आनंदपुर साहिब में 1.0 मिमी बारिश हुई। अमृतसर में 1.2 मिमी और फिरोजपुर में 1.0 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। चंडीगढ़, लुधियाना और पटियाला में बारिश तो हुई, लेकिन मात्रा बहुत कम रही। मौसम बदलाव की मुख्य वजह मौसम में इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ को मुख्य कारण माना जा रहा है। यह सिस्टम दक्षिण अफगानिस्तान और पाकिस्तान के आसपास 3.1 से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर सक्रिय है। इसके साथ ही उत्तर-पूर्वी पाकिस्तान और हरियाणा के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इन सिस्टम्स के प्रभाव से एक ट्रफ उत्तर-पूर्वी पाकिस्तान से पंजाब और हरियाणा होते हुए उत्तर प्रदेश तक फैली हुई है, जिससे बादल, बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन रही है। 7 अप्रैल से और बढ़ेगी सक्रियता मौसम विभाग के अनुसार 7 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इससे मौसम की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। इसके चलते आने वाले दिनों में बारिश और आंधी की घटनाएं बढ़ने की संभावना है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। 9 अप्रैल तक बारिश का पूर्वानुमान मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के अनुसार 4, 7 और 8 अप्रैल को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं 5, 6 और 9 अप्रैल को अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इसके बाद तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन तेज हवाएं और गरज-चमक जारी रह सकती है।

डबल हॉलिडे का ऐलान: 8 व 14 अप्रैल को स्कूल-कॉलेज और दफ्तर रहेंगे बंद

चंडीगढ़. पंजाब में इस अप्रैल महीने में बच्चों और सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने 8 अप्रैल, बुधवार को सरकारी छुट्टी घोषित की है। इस दिन पूरे पंजाब के स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। जानकारी के अनुसार, 8 अप्रैल को श्री नाभा दास जी का जन्म दिवस मनाया जाएगा, जिसके चलते पूरे राज्य में सरकारी अवकाश रहेगा। इसे गज़टेड छुट्टियों की सूची में आधिकारिक रूप से शामिल किया गया है। इसके अलावा, 14 अप्रैल, मंगलवार को भी पंजाब में गज़टेड छुट्टी रहेगी। इस दिन राज्य में बैसाखी का त्यौहार और डा. बी. आर. अंबेडकर का जन्मदिन मनाया जाएगा। इस अवसर पर भी पूरे राज्य के स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। वहीं, सरकारी अधिकारियों का कहना है कि छुट्टियों से न सिर्फ विद्यार्थियों को आराम मिलेगा, बल्कि कर्मचारियों को भी पारिवारिक और धार्मिक कार्यक्रमों को मनाने का मौका मिलेगा। इस प्रकार पंजाब में अप्रैल महीने में दो महत्वपूर्ण छुट्टियां होने से राज्य में स्कूल-कॉलेज और सरकारी कार्यालयों की गतिविधियां प्रभावित रहेंगी, जबकि लोगों को त्योहार और विशेष अवसरों को मनाने का अवसर मिलेगा। त्योहार और महापुरुषों की जयंती – इस पूरे महीने में त्योहारों और महापुरुषों की जयंती के उपलक्ष्य में पंजाब के सभी स्कूल, कॉलेज और सरकारी संस्थान कई दिनों तक बंद रहेंगे। छुट्टियों की इस लंबी फेहरिस्त ने जहां बच्चों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है, वहीं कर्मचारियों को भी काम के बीच सुकून के पल मिलने वाले हैं। ​यहाँ देखें कब-कब है अवकाश ​महीने की शुरुआत में ही छुट्टियों का सिलसिला शुरू हो रहा है। आइए नजर डालते हैं इस महीने आने वाली प्रमुख छुट्टियों पर: ​3 अप्रैल (शुक्रवार): ‘गुड फ्राइडे’ के अवसर पर राज्य में पहली सरकारी छुट्टी रहेगी। शुक्रवार को छुट्टी होने के कारण लोगों को तीन दिनों का (शुक्रवार, शनिवार, रविवार) लंबा वीकेंड मिल सकता है। ​8 अप्रैल (बुधवार): श्री गुरु नाभा दास जी की जयंती के उपलक्ष्य में शिक्षण संस्थान और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। ​14 अप्रैल (मंगलवार): यह दिन पंजाब के लिए बेहद खास है। इस दिन ‘बैसाखी’ का पावन पर्व है और साथ ही संविधान निर्माता डॉ. बी. आर. अंबेडकर की जयंती भी मनाई जाएगी। ​19 अप्रैल (रविवार): भगवान परशुराम जी की जयंती है। हालांकि, यह रविवार को पड़ रही है, लेकिन धार्मिक उत्साह में कोई कमी नहीं दिखेगी। ​रविवार की अतिरिक्त छुट्टियां ​सरकारी गजटेड छुट्टियों के अलावा, इस महीने में 4 रविवार (5, 12, 19 और 26 अप्रैल) आ रहे हैं। इस तरह कुल मिलाकर अप्रैल का लगभग आधा महीना छुट्टियों और उत्सवों के नाम रहने वाला है।

एक्साइज नीति में राहत: ठेकेदारों की फीस 15% तक घटी, कारोबार को मिलेगा सहारा

जालंधर/चंडीगढ़. पंजाब में आबकारी विभाग द्वारा ग्रुपों की नीलामी प्रक्रिया के बावजूद अभी भी 10 एक्साइज (आबकारी) ग्रुप अलॉट होने से रह गए हैं। महंगे रेट और कम मुनाफे के कारण ठेकेदार इन ग्रुपों को खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए आबकारी विभाग ने ठेकेदारों को आकर्षित करने के लिए लाइसेंस फीस में कुल 15 प्रतिशत तक की कटौती कर दी है, ताकि लंबित ग्रुपों को जल्द से जल्द अलॉट किया जा सके। आवेदन करने की सीमा तय ठेकेदारों ने बताया कि विभाग ने अब 4 अप्रैल को दोपहर 4 बजे तक ई-टैंडर के माध्यम से आवेदन करने की अंतिम समय सीमा तय की है। इसके तहत न्यू चंडीगढ़, भारतगढ़ (रोपड़), अमृतसर सिटी सैंटर, टांडा (होशियारपुर-2), दसूया (होशियारपुर-2), बी.एम.सी. चौक (जालंधर ईस्ट), फगवाड़ा-2, बस स्टैंड (पठानकोट) और फिरोजपुर कैंट सहित कई प्रमुख क्षेत्र अभी भी लंबित ग्रुपों में शामिल हैं, जिन्हें विभाग जल्द अलॉट करना चाहता है। ठेकेदारों का कहना है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है, जिसके चलते वे नए ग्रुप लेने से हिचकिचा रहे हैं। उनका यह भी मानना है कि यदि अंग्रेजी शराब की बिक्री और वितरण पर सरकार का नियंत्रण बढ़ाया जाए, तो बाजार में चल रही अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा को खत्म किया जा सकता है और कारोबार में स्थिरता लाई जा सकती है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि नीतियों में और सुधार किए जाएं, ताकि ठेकेदारों का भरोसा बहाल हो सके और आबकारी विभाग को भी राजस्व का नुकसान न उठाना पड़े।  …तो  राज्य के राजस्व पर पड़ सकता है नकारात्मक प्रभाव  फिलहाल विभाग द्वारा दी गई रियायतों के बावजूद यह देखना बाकी है कि 4 अप्रैल तक इन लंबित ग्रुपों के लिए कितने आवेदन आते हैं और स्थिति कितनी सुधरती है। इसके अलावा आबकारी विभाग के अधिकारियों का मानना है कि लाइसैंस फीस में की गई 15 प्रतिशत की कटौती से ठेकेदारों को कुछ राहत मिलेगी और ई-टैंडर प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है। विभाग लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहा है और जरूरत पड़ने पर आगे और राहत देने पर भी विचार किया जा सकता है, ताकि सभी ग्रुप समय पर अलॉट हो सकें और सरकार के राजस्व लक्ष्य पूरे किए जा सकें। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो इससे राज्य के राजस्व पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में सरकार के लिए जरूरी हो जाता है कि वह बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संतुलित नीति बनाए।

अमृतसर में हेल्थ कार्ड से इलाज पर अस्पताल का विरोध, AAP विधायक ने की हस्तक्षेप, बच्चा रेफर

अमृतसर  पंजाब के अमृतसर से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां सरकार की स्वास्थ्य योजना होने के बावजूद एक गरीब परिवार को अपने बीमार बच्चे के इलाज के लिए परेशानी उठानी पड़ी। घटना मकबूलपुरा क्षेत्र के एक निजी अस्पताल की है, जहां स्वास्थ्य कार्ड के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे का उपचार करने से इन्कार कर दिया। पीड़ित परिवार की सदस्य मनीषा ने बताया कि उनका बच्चा लंबे समय से बीमार है और वे अलग-अलग अस्पतालों में उसका इलाज करवा रहे हैं। इस बार उन्हें उम्मीद थी कि स्वास्थ्य योजना के तहत उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन अस्पताल द्वारा इलाज से मना करने पर उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं। इस दौरान अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामा चलता रहा। अस्पताल में बिगढ़ा माहौल मामले की जानकारी मिलते ही आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेता कमल कुमार मौके पर पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन के साथ तीखी बहस की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ निजी अस्पताल सरकारी योजनाओं को सही ढंग से लागू नहीं कर रहे हैं और गरीब मरीजों से अनुचित तरीके से पैसे वसूलने की कोशिश की जाती है। विवाद बढ़ने पर क्षेत्र की विधायक जीवनजोत कौर भी अस्पताल पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने इसे गलतफहमी का मामला बताते हुए कहा कि अस्पतालों को मरीजों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हर प्रकार की बीमारी का इलाज हर अस्पताल में संभव नहीं होता, इसलिए कई बार मरीजों को बेहतर उपचार के लिए दूसरे बड़े केंद्रों पर भेजना पड़ता है। विधायक बोलीं-गलतफहमी हुई विवाद बढ़ने पर पूर्वी हलके की विधायक जीवनजोत कौर भी मौके पर आईं। उन्होंने इसे गलतफहमी का मामला बताया और कहा कि अस्पतालों को मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हर बीमारी का इलाज हर अस्पताल में संभव नहीं होता, इसलिए मरीजों को उच्च केंद्रों पर रेफर करना पड़ता है। अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. ऋषभ ने कहा कि मरीज की बीमारी योजना के तहत कवर नहीं थी, जिससे यह गलतफहमी पैदा हुई। उन्होंने बताया कि अब मरीज को बेहतर इलाज के लिए उच्च केंद्र पर रेफर कर दिया गया है और मामला आपसी सहमति से सुलझ गया है। बच्चे की बिमारी योजना से बाहर वहीं अस्पताल के निदेशक डॉ. ऋषभ ने अपनी सफाई में कहा कि बच्चे की बीमारी स्वास्थ्य योजना के दायरे में नहीं आती थी, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने बताया कि मरीज को अब बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र में भेज दिया गया है और मामला आपसी सहमति से सुलझा लिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन और निजी अस्पतालों की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सरकार इस तरह के मामलों की गंभीरता से जांच करे, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।  

अब सफर होगा आसान! प्रशासन ने प्रमुख बस रूट्स का टाइम टेबल जारी किया

चंडीगढ़. बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल, चंडीगढ़ प्रशासन ने अलग-अलग राज्यों की बस सेवाओं के बीच चल रहे विवाद और यात्रियों को हो रही परेशानियों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। प्रशासन द्वारा संयुक्त समय-सारिणी लागू कर दी गई है, जिससे अब बस सेवाएं अधिक व्यवस्थित और सुचारू तरीके से संचालित होंगी। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी, चंडीगढ़ द्वारा साल 2011 में 9 प्रमुख रूटों के लिए तैयार की गई समय-सारिणी को अब लागू किया गया है। यह समय-सारिणी दोनों ISBT से चलने वाली स्टेज कैरिज बसों पर लागू होगी। अधिकारियों के अनुसार, अन्य रूटों और गंतव्यों के लिए भी समय-सारिणी तैयार करने का काम जारी है और जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। यह योजना CTU, पंजाब रोडवेज, हरियाणा रोडवेज, पीप्सू ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन, राजस्थान समेत अन्य राज्यों की परिवहन एजेंसियों की सहमति से लागू की गई है। क्या होगा फायदा अब बसें तय समय के अनुसार नियमित रूप से चलेंगी, जिससे यात्रियों को बिना रुकावट सफर की सुविधा मिलेगी। साथ ही, अलग-अलग राज्यों के बस ऑपरेटरों के बीच होने वाले विवादों में भी कमी आएगी और व्यवस्था अधिक सुचारू बनेगी। नई समय-सारिणी के अनुसार ISBT-17 से यमुनानगर, हरिद्वार, ऋषिकेश और हल्द्वानी के लिए 120 ट्रिप, कैथल, जींद, हिसार और खाटू श्याम के लिए 134 ट्रिप तथा 152(D) एक्सप्रेसवे के लिए 24 ट्रिप निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा मुल्लांपुर, कुराली आदि के लिए 68 ट्रिप चलेंगी। ISBT-43 से चूनी, सरहिंद और खन्ना के लिए 43 ट्रिप, मोरिंडा और चमकौर साहिब के लिए नियमित सेवा, जबकि पिंजौर, कालका और बद्दी के लिए 92 ट्रिप तय किए गए हैं। इसी तरह अंबाला और कुरुक्षेत्र रूट पर 127 ट्रिप तथा करनाल से रोहतक, रेवाड़ी और सीकर तक 152 ट्रिप निर्धारित किए गए हैं। कुल मिलाकर यह फैसला सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

AAP सरकार का बड़ा कदम: पंजाब में महिलाओं को हर महीने मिलेगा ₹1,000, 2022 का वादा हुआ पूरा

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने 'मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना' के क्रियान्वयन के लिए एक अधिसूचना जारी की है जिसके तहत पात्र महिलाओं को 1,000 रुपये से 1,500 रुपये तक की मासिक वित्तीय सहायता मिलेगी।मपात्रता मानदंडों के अनुसार, योजना का लाभ लेने वाली किसी परिवार की पात्र महिलाओं की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। पहले से पेंशन पाने वाली महलाओं को भी लाभ दो अप्रैल की अधिसूचना के अनुसार, मौजूदा सामाजिक सुरक्षा पेंशनभोगी भी पहले से दी जा रही पेंशन के अलावा योजना के तहत पूर्ण वित्तीय लाभ पाने की हकदार होंगी। मंत्रिमंडल ने रविवार को इस योजना को मंजूरी दी थी, जिसके तहत महिलाओं को 1,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता मिलेगी और अनुसूचित जाति से संबंधित महिलाओं को 1,500 रुपये दिए जाएंगे। 2022 के चुनाव में किया था वादा पंजाब में 2022 के चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी (आप) का एक प्रमुख चुनावी वादा महिलाओं को 1,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करना था। पैसे सीधे बैंक अकाऊंट में भेजे जाएंगे। 2 अप्रैल से ही यह योजना लागू मानी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। किन महिलाओं को मिलेगा फायदा? मान सरकार का दावा है कि इस योजना का फायदा पंजाब की 97 फीसदी महिलाओं को मिलेगा. इस योजना के तहत 18 साल से ज्यादा उम्र की महिलाएं आवेदन कर सकती हैं. इस योजना का लाभ सभी महिलाओं को मिलेगा. हालांकि, मौजूदा या पूर्व सरकारी कर्मचारी, इनकम टैक्स देने वालीं महिलाओं और वर्तमान या पूर्व सांसद-विधायकों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।  और भी कई राज्यों में है ऐसी योजना महिलाओं को हर महीने की वित्तीय सहायता देने वाली योजनाएं कई राज्यों में चल रही है. मध्य प्रदेश में 'लाड़ली बहना योजना' है, जिसके तहत 21 से 60 साल की उम्र की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये मिलते हैं. कर्नाटक की कांग्रेस सरकार 'गृहलक्ष्मी योजना' चलाती है, जिसके तहत 2,000 रुपये दिए जाते हैं. महाराष्ट्र में 'माझी लाडकी बहिण योजना' है, जिसके तहत गरीब महिलाओं को 1,500 रुपये मिलते हैं।  झारखंड में महिलाओं को सबसे ज्यादा रुपये मिलते हैं. 2024 में सरकार ने 'मुख्यमंत्री मैयां सम्मान योजना' के तहत मिलने वाली रकम को बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया था. इसके अलावा, असम में 1,250 रुपये, तमिलनाडु में 1,000 रुपये, पश्चिम बंगाल में 1,000 रुपये और छत्तीसगढ़ में भी 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता मिलती है।  कैसे भरा जाएगा फॉर्म? इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिलाओं को फॉर्म भरना होगा और इसमें कुछ दस्तावेज लगाए जाएंगे। योनजा का लाभ उठाने के लिए महला के पास आधार कार्ड होना चाहिए जिसपर पंजाब का पता लिखा हो। इसके अलावा पंजाब का वोटर आई कार्ड. बैंक अकाउंट और पासबुक साथ ही अगर महिला अनुसूचित जाति या जनजाति से हैं तो जाति प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। इस योजना को ठीक से लागू करने का जिम्मा जिला स्टर पर डिप्टी कमिश्नरों को दिया गया है। इसके अलावा गांवों तक लोगों को सुविधा अच्छी तरह पहुंचाने के लिए स्पेशन फेसिलिटेटर और मोबिलाइजर्स तैनात किए जाएंगे। जिन महिलाओं का खाता नहीं खुला है उनके बैंक अकाउंट खुलवाए जाएंगे। नियम के मुताबिक लाभार्थी की मृत्यु होने के बाद तुरंत लाभ मिलना बंद हो जाएगा। इस योनजा की निगरानी और फर्जीवाड़े से बचने के लिए मोबाइल ऐप और डैशबोर्ड भी तैयार किया गया है।

लुधियाना कांग्रेस नेता की हत्या पर बड़ा खुलासा, बिहार से पकड़ा गया आरोपी—कुल्हाड़ी लेकर घूम रहा था हत्यारा

लुधियाना थाना कुमकलां के तखरां गांव में 29 मार्च को कांग्रेस नेता परमिंदर तिवारी की बेरहमी से की गई हत्या के मामले को लुधियाना पुलिस ने सुलझा लेने का दावा किया है। पुलिस की विशेष टीमों ने इस सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पुलिस लाइन में आज दोपहर डीसीपी जसकरण जीत सिंह तेजा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए बड़ा खुलासा करेंगे। इस हत्याकांड ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी क्योंकि हमलावरों ने बड़ी ही क्रूरता के साथ इस वारदात को अंजाम दिया था। जांच के दौरान एक चौंकाने वाला वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मुख्य आरोपी विजय कुमार उर्फ अजय हत्या से महज एक घंटा पहले नशे की हालत में अपने कंधे पर कुल्हाड़ी रखकर गांव की गलियों में पैदल घूमता दिखाई दे रहा है। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार शाम 5:47 बजे आरोपी गांव में बेखौफ घूम रहा था और ठीक 6:45 बजे उसने परमिंदर तिवारी के सिर पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर उनकी जान ले ली। परिजनों का आरोप है कि अजय पिछले 15 दिनों से गांव के चक्कर लगाकर तिवारी की रेकी कर रहा था। वारदात के समय आरोपी लक्की बाइक चला रहा था, जबकि अजय ने कुल्हाड़ी से हमला किया। हत्या के बाद दोनों आरोपी फरार होकर पटना (बिहार) जा छिपे थे, जिन्हें पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दबोच लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो खुलासे हुए हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। हमलावरों ने परमिंदर तिवारी के सिर पर कुल्हाड़ी से एक के बाद एक कुल 6 वार किए, जिससे उनकी खोपड़ी पूरी तरह डैमेज हो गई और दिमाग का हिस्सा बाहर बिखर गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वार इतना जोरदार था कि तिवारी को चीखने तक का मौका नहीं मिला और वे पहले ही वार में जमीन पर गिर पड़े थे। गिरने के बाद भी आरोपी उन पर वार करते रहे। शरीर के अन्य किसी हिस्से पर चोट के निशान न होना यह दर्शाता है कि आरोपियों का एकमात्र मकसद उनकी जान लेना ही था। पुलिस फिलहाल इस हत्याकांड के पीछे तीन मुख्य थ्योरियों पर काम कर रही है। पहली थ्योरी पंचायत की जमीन के विवाद से जुड़ी है। आरोपी अजय ने पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जा कर घर बनाया था और एक सरकारी कमरे को तोड़कर अपने घर में मिला लिया था। इसी बात को लेकर उसका परमिंदर तिवारी और सरपंच पति जगदीश के साथ विवाद चल रहा था, जिसका केस अदालत में लंबित है। दूसरी ओर, वारदात के कुछ समय बाद तिवारी के मोबाइल पर आए एक इंटरनेशनल कॉल ने पुलिस को उलझा दिया है। कॉल करने वाले ने सीधे तिवारी का हाल पूछा था, जिससे सुपारी किलिंग का शक भी गहरा रहा है। इसके साथ ही पुरानी राजनीतिक रंजिश के एंगल को भी नकारा नहीं जा रहा है, क्योंकि तिवारी गांव की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय थे और आरोपी उनके राजनीतिक विरोधियों का करीबी बताया जा रहा है। अब पुलिस की पूछताछ में ही साफ होगा कि इस खूनी खेल के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है।