samacharsecretary.com

पंजाब बनेगा संकटमोचक, देशभर में भेजेगा अनाज, सीएम का दावा- पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं

चंडीगढ़  वैश्विक हालात और सप्लाई चेन पर पड़ रहे असर के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पबड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब एक बार फिर संकटमोचक बनकर सामने आएगा और राज्य के गोदामों में पड़ा गेहूं-चावल देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए तैयार है। इसके लिए केंद्र सरकार जरूरत पड़े तो स्पेशल ट्रेनें चलाए। सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल बैठक में, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे, पंजाब ने साफ तौर पर कहा कि राज्य के पास पर्याप्त अनाज भंडार है और इसे तुरंत उठाया जाए ताकि नई फसल की खरीद में कोई बाधा न आए। उन्होंने कहा कि पंजाब के पास करीब 171 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 139 लाख मीट्रिक टन चावल का स्टॉक मौजूद है, जिसे पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत देशभर में भेजा जा सकता है। सीएम ने जोर देकर कहा कि स्पेशल ट्रेनों के जरिए तेजी से उठान जरूरी है, क्योंकि आने वाले दिनों में नई फसल मंडियों में पहुंचेगी। पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों को खारिज किया सीएम मान ने पेट्रोल-डीजल को लेकर फैली अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य में किसी भी तरह की कमी नहीं है। फिलहाल पंजाब में 12 दिन का पेट्रोल, 14 दिन का डीजल और 6 दिन का एलपीजी स्टाक उपलब्ध है, जो सामान्य जरूरतों के लिए पर्याप्त है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घबराकर घरों में ईंधन स्टोर न करें, यह खतरनाक हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि गांवों में एलपीजी सिलेंडर की वेटिंग अवधि घटाने की मांग केंद्र से की गई है। साथ ही उद्योगों पर किसी तरह की पाबंदी न लगाने और सप्लाई चेन को सुचारू रखने की बात भी रखी गई। सीएम ने कहा कि पंजाब एक बार्डर स्टेट है, इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर संसाधन मिलना चाहिए। कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी तरह की पैनिक स्थिति नहीं है। उन्होंने मीडिया से भी जिम्मेदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि अपुष्ट खबरों से बचा जाए। साथ ही चेतावनी दी कि कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डिमांड (पंजाब की प्रमुख मांगें)     स्पेशल ट्रेनों से तुरंत अनाज उठान     पेट्रोलियम सप्लाई बाधित न हो, केंद्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहल करे     गांवों में एलपीजी सिलेंडर की वेटिंग अवधि कम हो     बार्डर स्टेट होने के कारण पंजाब को प्राथमिकता     उद्योगों पर किसी तरह की पाबंदी न लगे सप्लाई व स्टाक     पेट्रोल: 12 दिन का स्टॉक     डीजल: 14 दिन का स्टॉक     एलपीजी: 6 दिन का स्टॉक     गेहूं: 171 लाख मीट्रिक टन     चावल: 139 लाख मीट्रिक टन     कवरड स्टोरेज क्षमता: 155 लाख मीट्रिक टन     27 मार्च तक 1497 चेकिंग, 301 LPG सिलेंडर जब्त  

एसजीपीसी का 1487 करोड़ का बजट पास, शिक्षा, धर्म प्रचार और सेवा के क्षेत्र पर जोर

 अमृतसर   शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1487.41 करोड़ रुपये का बजट जयकारों की गूंज के बीच पास कर दिया। तेजा सिंह समुंदरी हाल में आयोजित जनरल इजलास के दौरान इस बजट पर विस्तार से चर्चा की गई और अंत में सर्वसम्मति से इसे मंजूरी दे दी गई। कमेटी के जनरल सेक्रेटरी शेर सिंह मंडवाला ने बजट पेश करते हुए बताया कि इस बार का बजट पिछले वर्ष की तुलना में 100.94 करोड़ रुपये अधिक है। उन्होंने कहा कि कुल बजट में 7.28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो कमेटी की गतिविधियों के विस्तार और बढ़ती जरूरतों को दर्शाता है। बजट में धर्म प्रचार, शिक्षा और सेवा कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर गुरुद्वारों के प्रबंधन को और बेहतर बनाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत विभिन्न गुरुद्वारों के आसपास सरायों के निर्माण और विस्तार, लंगर व्यवस्था को मजबूत करने तथा धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा शैक्षणिक संस्थानों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। कमेटी द्वारा संचालित स्कूलों और कॉलेजों में सुविधाओं के विस्तार, शिक्षण स्तर को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को अधिक अवसर प्रदान करने के लिए बजट में अलग से प्रावधान रखा गया है। बजट में बहस ना होने पर विरोध अमृतसर में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के बजट इजलास के दौरान बहस न करवाए जाने को लेकर विवाद सामने आया। इजलास के बीच सदस्य बलविंदर सिंह बैंस ने विरोध जताते हुए सभा छोड़ दी। बाहर आकर उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बजट जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर खुली चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन सदस्यों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए पारदर्शिता पर सवाल उठाए। बैंस ने कहा कि संगत के हित में हर प्रस्ताव पर विस्तृत विचार-विमर्श जरूरी है, ताकि फैसले संतुलित और जिम्मेदार तरीके से लिए जा सकें।

पश्चिम एशिया के तनाव से रसोई का बजट बिगड़ा, खाद्य तेलों की कीमतों में 20 रुपये तक बढ़ोतरी

चंडीगढ़  पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब आम आदमी की रसोई तक पहुंच गया है। खाद्य तेलों की कीमतों में पिछले एक महीने में 15 से 20 रुपये प्रति किलो तक का उछाल दर्ज किया गया है। कारोबारियों का कहना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो कीमतों में और तेजी बनी रह सकती है।  कारोबारियों के अनुसार युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 से 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। इससे बायोडीजल की मांग बढ़ी है, जिसके कारण वनस्पति तेलों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। भारत अपनी जरूरत का करीब 60 से 66 प्रतिशत खाद्य तेल आयात करता है। सामान्य तौर पर देश हर महीने 13 से 14 लाख टन आयात करता है, लेकिन मार्च में यह घटकर करीब 11 लाख टन रहने का अनुमान है। खासतौर पर सूरजमुखी तेल के आयात में भारी गिरावट आई है, जो फरवरी में लगभग 51 प्रतिशत तक कम हो गया। आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता और लगातार बढ़ती कीमतें इसकी मुख्य वजह हैं। युद्ध के कारण समुद्री मार्ग प्रभावित हुए हैं, जिससे जहाजों की आवाजाही और डिलीवरी पर असर पड़ा है। समुद्री किराया भी 60 डॉलर प्रति टन बढ़ा खाद्य तेल कारोबारी संजय विरमानी के मुताबिक समुद्री रास्तों में बाधा और बढ़ते जोखिम के कारण बीमा कंपनियां भी माल कवर करने से हिचक रही हैं। वहीं समुद्री किराया भी प्रति टन करीब 60 डॉलर तक बढ़ गया है। ब्राजील और अर्जेंटीना से आने वाले शिपमेंट भी प्रभावित हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बायोडीजल में बढ़ती खपत से भी बाजार पर दबाव बढ़ा है। राइस ब्रान की उपलब्धता घटने से राइस ब्रान ऑयल का उत्पादन प्रभावित हुआ है। इसकी कीमत पिछले साल 350 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर अब करीब 700 रुपये तक पहुंच गई है। 20 से 30 प्रतिशत तक हो सकती है वृद्धि इसका असर बाजार में साफ दिख रहा है। सरसों तेल 132.50 से बढ़कर 147 रुपये, सोया रिफाइंड 131.20 से 150.10 रुपये और सनफ्लावर रिफाइंड 160 से 175 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो खाद्य तेलों की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे आम उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ेगी। 

पंजाब के छात्रों पर रुपये की गिरावट का असर, विदेश में पढ़ाई अब और महंगी

जालंधर  भारतीय रुपये के लगातार कमजोर होने और डॉलर के मुकाबले ऐतिहासिक निचले स्तर (करीब 93 रुपये प्रति डॉलर) तक पहुंच गया है। इसका सीधा असर विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों, खासकर पंजाब के विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर पड़ रहा है।   पहले से ही महंगी विदेशी शिक्षा अब और अधिक बोझिल होती जा रही है, जिससे कई परिवार आर्थिक दबाव में आ गए हैं। रुपये की इस गिरावट ने न केवल कुल शिक्षा बजट को बढ़ाया है, बल्कि सालाना खर्च, लोन की अदायगी और अन्य छिपे हुए शुल्कों के रूप में भी अतिरिक्त बोझ डाल दिया है, जिससे विदेश में पढ़ाई का सपना पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा महंगा हो गया है। विदेशी मुद्रा का कारोबार करने वाले हेमंत का कहना है कि रुपये में गिरावट के कारण विदेश में पढ़ाई का कुल बजट औसतन 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ गया है। उदाहरण के तौर पर, जो कोर्स पहले लगभग 1.2 करोड़ रुपये में पूरा हो जाता था, अब उसी पर करीब 1.5 करोड़ रुपये तक खर्च आ रहा है। यह वृद्धि केवल मुद्रा विनिमय दर में बदलाव के कारण हुई है, जिससे अभिभावकों की पहले से बनाई गई वित्तीय योजनाएं प्रभावित हो रही हैं और उन्हें अतिरिक्त संसाधन जुटाने पड़ रहे हैं। डॉलर महंगा होने से छात्रों को हर साल अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ रही है। उदाहरण के लिए, 55,000 डॉलर सालाना फीस वाले कोर्स में छात्रों को सिर्फ एक्सचेंज रेट की वजह से करीब 4.11 रुपये लाख अधिक देने पड़ रहे हैं। यह अतिरिक्त खर्च पूरे कोर्स अवधि में लाखों रुपये तक पहुंच जाता है, जो मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ा आर्थिक झटका साबित हो रहा है। विदेशी एजुकेशन की माहिर परमजीत का कहना है कि मुद्रा विनिमय के दौरान लगने वाले छिपे हुए शुल्क (हिडन चार्जेज) भी छात्रों के लिए बड़ी समस्या बनकर उभरे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्ष 2024 में भारतीय छात्रों को पारदर्शिता की कमी और अतिरिक्त शुल्कों के कारण 1,700 रुपये करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ। इन शुल्कों में बैंक मार्जिन, ट्रांसफर फीस और एक्सचेंज रेट में अंतर जैसी चीजें शामिल हैं, जिनके बारे में अधिकतर छात्रों और अभिभावकों को पहले से स्पष्ट जानकारी नहीं होती। एजुकेशन लोन पर भी असर रुपये के कमजोर होने का असर एजुकेशन लोन पर भी पड़ रहा है। लोन की कुल लागत और उसकी अदायगी पर सालाना 3 से 5 प्रतिशत तक अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है, जिससे छात्रों के लिए पढ़ाई पूरी करने के बाद कर्ज चुकाना और मुश्किल हो सकता है। ब्याज के साथ-साथ मूलधन की राशि भी बढ़ने से कुल देनदारी पहले के मुकाबले काफी अधिक हो जाती है। पंजाब से विदेश जाने वाले छात्रों के रुझान में भी हाल के समय में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वर्ष 2023 में भारत से करीब 3.19 लाख छात्र कनाडा गए थे, जिनमें से लगभग 1.8 लाख यानी करीब 56 प्रतिशत अकेले पंजाब से थे। लेकिन 2024-25 में सख्त नियमों और बढ़ते खर्च के कारण पंजाब से कनाडा जाने वाले छात्रों के आवेदनों में करीब 50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट इस बात का संकेत है कि बढ़ती लागत और नीतिगत बदलावों ने छात्रों के फैसलों को सीधे प्रभावित किया है। अमेरिका के मामले में स्थिति कुछ अलग नजर आती है। 2024-25 शैक्षणिक वर्ष में अमेरिका में लगभग 3.63 लाख भारतीय छात्र नामांकित रहे, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। हालांकि, इसके बावजूद 2025 की पहली छमाही में भारतीय छात्रों को जारी किए जाने वाले एफ-1 वीजा में 44 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो भविष्य में वहां जाने वाले छात्रों की संख्या पर असर डाल सकती है। अमेरिका में पढ़ाई पर चार लाख का अतिरिक्त बोझ खर्च के स्तर पर देखा जाए तो अमेरिका में पढ़ाई की औसत वार्षिक लागत 25,000 डॉलर से 55,000 डॉलर के बीच है, जिसमें रुपये की गिरावट के कारण 4 लाख तक का सीधा अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। वहीं कनाडा में ग्रेजुएशन की औसत फीस 33,417 और पोस्ट ग्रेजुएशन की 16,321 डॉलर है, जबकि जीआईसी फंड बढ़कर 20,635 कनाडाई डॉलर यानी करीब 13 लाख रुपये हो गया है, जो छात्रों के लिए शुरुआती निवेश को और भारी बना देता है। विकल्प बदलने लगे छात्र एजुकेशन एक्सपर्ट पूजा सिंह का कहना है कि “रुपये की गिरावट ने विदेशी शिक्षा को मिडिल क्लास परिवारों की पहुंच से धीरे-धीरे दूर कर दिया है। कई छात्र अब अपने विकल्प बदल रहे हैं या अपनी पढ़ाई को टाल रहे हैं। आने वाले समय में छात्र सस्ते देशों की ओर रुख कर सकते हैं या भारत में ही बेहतर अवसर तलाशेंगे।” कुल मिलाकर, डॉलर की मजबूती और रुपये की कमजोरी ने पंजाब के छात्रों के विदेशी शिक्षा के सपनों पर गंभीर आर्थिक दबाव डाल दिया है। यदि यही स्थिति बनी रहती है, तो आने वाले समय में विदेश जाने वाले छात्रों की संख्या में और गिरावट देखने को मिल सकती है, और उच्च शिक्षा के लिए वैश्विक विकल्प चुनना पहले से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।   

नैंसी ग्रेवाल हत्याकांड में नया मोड़, कनाडाई जांच एजेंसियों ने खालिस्तान समर्थकों पर शक जताया

चण्डीगढ़ पंजाबी मूल की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नैंसी ग्रेवाल की हत्या में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। कनाडाई जांच एजेंसियों ने पहली बार यह संकेत दिया है कि इस हत्याकांड के पीछे खालिस्तानी समर्थक तत्वों का हाथ हो सकता है।  पुलिस का मानना है कि नैंसी का सोशल मीडिया पर खालिस्तान समर्थकों का लगातार और तीखा विरोध ही इस हत्या का मुख्य कारण बन सकता है। पंजाब के लुधियाना-जालंधर क्षेत्र की 45 वर्षीय नैंसी की 3 मार्च को ओंटारियो के लासाले में एक क्लाइंट के घर के बाहर चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस इस वारदात को सुनियोजित टारगेट किलिंग मान रही है।  40 से अधिक बार मिल चुकी थी धमकियां परिवार के अनुसार, नैंसी को खालिस्तान विरोधी वीडियो पोस्ट करने के कारण 40 से अधिक बार जान से मारने की धमकियां मिल चुकी थीं। इस बारे में विंडसर पुलिस को सूचित किया गया था लेकिन सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पाई। जांच में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। पुलिस ओंटारियो में नैंसी के घर पर हुए पिछले साल के पेट्रोल बम हमले की भी जांच कर रही है, और शक जताया जा रहा है कि यह दोनों घटनाएं एक ही समूह के कृत्य हो सकती हैं। जांच में निजी रंजिश का भी एंगल पुलिस अब इस मामले में खालिस्तानी कट्टरपंथी लिंक की जांच कर रही है। हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है लेकिन जांच में निजी रंजिश और अलगाववादी एंगल दोनों पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है। सिख कल्चरल सोसाइटी विंडसर के पूर्व प्रधान हरजिंदर सिंह कंदोला ने जांच को निष्पक्ष और ठोस सबूतों के आधार पर करने की अपील की है, ताकि पूरे सिख समुदाय को बिना वजह बदनाम न किया जाए। नैंसी की मां और बहन ने आरोप लगाया है कि उनकी निडर आवाज को दबाने के लिए यह हत्या की गई। 

CM का बयान: पंजाब में पेट्रोल का 12, डीजल का 14 और सिलेंडर का 6 दिन का स्टॉक, स्टोर न करें

अमृतसर  फगवाड़ा में आम जनता को लगभग सभी पैट्रोल पंपों पर सामान्य दिनों की भांति ही पैट्रोल और डीजल मिल रहा है।  आज जब शहर के प्रमुख पैट्रोल पंपों का दौरा किया गया तो सभी पंपों पर लोगों को सरलता के साथ पैट्रोल और डीजल वाहनों में भरवाते हुए पाया। लोगों ने भी पैट्रोल पंपों पर मिल रहे तेल पर संतोष जताया हैं। हालांकि कुछ लोगों ने कहा कि पैट्रोल पंपों पर जारी हालात के मध्य वाहनों की लंबी कतारें जरूर लग रही हैं लेकिन यह तो अनेक मौकों पर पहले भी लगती रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कल (27 मार्च) को हुई मीटिंग के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को चंडीगढ़ में मीडिया से बात की। उन्होंने मीटिंग के बारे में कहा कि देश में लॉकडाउन लगने की कोई संभावना नहीं है।  लोगों ने कहा कि सोशल मीडिया पर आए दिन पैट्रोल और डीजल को लेकर कई तरह की चर्चाओं का दौर सरगर्म रहने और भांति प्रकार की उठ रही अफवाहों के कारण हालात को कुछ का कुछ बनाया जा रहा है। ऐसे में जरूरत है कि हम सभी सजग और सर्तक रहे और सच्चाई पर पहरा देते हुए अफवाहों से बचें। जनता ने जिला कपूरथला पुलिस और प्रशासन से भी पुरजोर मांग की हैं कि वह सोशल मीडिया पर जनता के मुद्दों संबंधी बारीकी से फैक्ट चैक करें जिससे सही और सटीक सूचना आम लोगों तक पहुंच सके।  पंजाब के हालात के बारे में CM भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में पेट्रोल का 12 दिन और डीजल का 14 दिन का स्टॉक बचा हुआ है। LPG गैस का भी 6 दिन का स्टॉक है। सीएम ने स्पष्ट किया कि 2 महीने पहले भी यही स्थिति थी, इसलिए लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सीएम ने कहा कि अफवाहों की वजह से तेल की डिमांड ज्यादा बढ़ गई है। मैंने चीफ सेक्रेटरी को कहा है कि डीसी से संपर्क करो और जिस पेट्रोल पंप पर लाइनें लगी हैं, उसे चेक करो। ऐसे कोई हालात नहीं हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र ने 41 देशों के साथ समझौते किए हैं। देश में 60 दिन का तेल का स्टॉक है। अफवाहों से बचने की जरूरत है। हम पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। चीफ सेक्रेटरी और DC से बात कर रहे हैं। केंद्रीय गृह और पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ संपर्क में हैं। लॉकडाउन लगने की कोई संभावना नहीं है। कुछ भी स्टोर करनें की जरूरत नहीं हैं। हमने हर तरह की कंडीशन हटाने को कहा है ताकि फैक्ट्री को 2 दिन बंद करना पड़े, ऐसी नौबत न आए क्योंकि वहां कर्मचारियों का रोजगार चलता है। सीएम ने कहा कि कल प्रधानमंत्री के साथ मीटिंग हुई थी, जिसमें यह मांगें रखी गई हैं। मैंने कहा कि हमारी गेहूं की फसल आ रही है। ट्रैक्टर, कंबाइन और मंडियों में ट्रक भी चलेंगे। हमें डीजल-पेट्रोल की कमी नहीं होनी चाहिए। हमारी फसल मंडी में आए, तुलाई हो जाए और साथ के साथ गोदाम में जाए। हमें इसके लिए तेल की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। मैंने PM को यही विनती की कि आपके दूसरे देशों से अच्छे संबंध हैं। हमने विज्ञापन भी देखा कि आपने युद्ध रुकवा दिए। भारतीयों को सुरक्षित रखा। यह वक्त भारत के 140 करोड़ लोगों के लिए दोस्ती निभाने का वक्त है। लोगों के लिए पेट्रोलियम उत्पादों और दूसरी चीजों की दिक्कत न हो, इसका ध्यान रखिएगा। हमें व्हाइट हाउस से ऑर्डर आता है कि हम तुम्हें एक महीने के लिए रूस से कच्चा तेल खरीदने की इजाजत मिलती है। हम तो विश्वगुरू बनने चले थे, विश्वचेले कब से बन गए। वहीं ताजा हालात की बात करें तो अमेरिका-इजराइल और ईरान की जंग के बीच पंजाब में पेट्रोल-डीजल को लेकर मारामारी मची हुई है। कल जालंधर और लुधियाना के 2 पेट्रोल पंप ड्राई हो गए थे। आज, शनिवार को अमृतसर में भी रानी के बाग वाले पेट्रोल पंप पर पेट्रोल खत्म हो गया। जिसके बाद पंप मालिकों ने वहां नोटिस लगा दिया। वहीं जालंधर में कल बंद हुआ BMC चौक के पास वाले पंप में तेल आने के बाद इसो फिर खोल दिया गया है। लुधियाना में भारत नगर चौक वाला पंप अभी भी बंद है। इसी बीच मोगा में फूड एंड सिविल सप्लाई डिपार्टमेंट ने पेट्रोल पंप मालिकों को एडवाइजरी जारी कर ड्रमों और कैनियों में डीजल भरने पर रोक लगाने को कहा है। डिपार्टमेंट का कहना है कि इससे स्टोरेज और ब्लैकमार्केटिंग पर रोक लगेगी। वहीं पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने इसका विरोध किया। एसोसिएशन ने साफ किया कि यह गलत है। डीजल का उपयोग मोटर, पंपों, जनरेटरों, आदि में होता है। इन्हें पेट्रोल पंप पर लाना संभव नहीं है। इससे लोगों में पैनिक बढ़ेगा और परेशानी भी बढ़ेगी। लुधियाना में भारत नगर चौक के पास पेट्रोल पंप में कल बंद कर दिया गया। लुधियाना में अब सिर्फ गाड़ियों में तेल मिलेगा। कैनी वगैरह में पेट्रोल-डीजल देना बंद कर दिया गया है। चंडीगढ़ में ड्रम में डीजल बेचना बंद कर दिया गया है। पठानकोट में हालात फिलहाल नॉर्मल हैं। मोहाली में भी पेट्रोल-डीजल को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। वहीं लुधियाना के आजाद पंप के मैनेजर अजय ने बताया कि अभी लोगों को तेल की दिक्कत नहीं है लेकिन हमें पहले जो 2 गाड़ियां क्रेडिट पर यानी उधार मिलती थीं, वह सरकार की तरफ से बंद कर दी गई हैं। अब हमें एडवांस पेमेंट देनी पड़ती है, तभी गाड़ी वहां से चलती है। मंत्री बोले- पैनिक क्रिएट न करें मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि लोगों से अनुरोध है कि पैनिक क्रिएट ना करें। पेट्रोल-डीजल को लेकर कोई कमी नहीं है। एलपीजी का रुट जरूर डिस्टर्ब हुआ है। अभी तक के हालात के मुताबिक कॉमर्शियल एलपीजी की कमी जरूर है। इस समय 20 प्रतिशत अवेलेबल है। हमारी कोशिश है की होस्टल, अस्पताल व अन्य जरूरी स्थानों पर इसका इस्तेमाल हो। पाइप गैस की कोई कमी नहीं है।

पंजाब में ISI के इशारे पर ड्रोन से गिर रहे हथियार, एजीटीएफ ने किया बड़ा खुलासा, विदेशी नेटवर्क का कनेक्शन

चंडीगढ़ एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के डीआइजी गुरमीत सिंह चौहान ने कहा कि पंजाब में सीमापार से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर ड्रोन से भेजे जा रहे अत्याधुनिक हथियार चुनौती बनते रहे हैं। हाल ही में बरामद कई हथियारों की जांच में यह सामने आया है कि इनका संबंध पाकिस्तान आर्मी के स्रोतों से है। इससे साफ है कि गैंगस्टर नेटवर्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिल रहा है। पुलिस ने 61 विदेशी ठिकानों से आपरेट कर रहे गैंगस्टरों की पहचान की है। इन्हें भारत लाने के लिए ओएफटीइसी (ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल) काम कर रहा है। शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि युवा गैंगस्टरों के निशाने पर हैं। इसलिए पुलिस अब इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय युवाओं की पहचान कर उनकी काउंसलिंग और निगरानी की रणनीति पर भी काम कर रही है। पुलिस ऐसे युवाओं पर नजर रखेगी जो गैंगस्टर या आपराधिक पेज फालो करते हैं। उनके कमेंट, एक्टिविटी और आइपी यूआइडी ट्रैक की जाएगी। इसके बाद अभिभावकों को शामिल कर उन्हें समझाने की कोशिश होगी। यदि कोई युवा इसके बावजूद आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। एजीटीएफ ने इंटरनेट मीडिया पर भी बड़ी कार्रवाई की है। अब तक 643 पेज ब्लाक किए जा चुके हैं। अभिभावक बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें। उन्होंने बताया कि एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 भी पुलिस के लिए मजबूत हथियार बनकर उभरी है। बीते दिनों चंडीगढ़ में हुए मर्डर के आरोपितों का इनपुट भी इसी हेल्पलाइन से मिला। जनवरी 2026 से अब तक 590 इनपुट मिले हैं, जिनके आधार पर 63 एफआइआर दर्ज की गईं और 26 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। नाबालिगों को बना रहे टूल गुरमीत चौहान ने बताया कि गैंगस्टर अब नाबालिगों और युवाओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं। इंटरनेट मीडिया पर जो युवक गैंगस्टर पेज फालो करते हैं, उन्हें चिन्हित किया जाता है। युवाओं को पैसे, ड्रग्स और विदेश में बसाने का लालच देकर अपराध में इस्तेमाल किया जाता है।  

पंजाब में 100 नए मोहल्ला क्लिनिक, केजरीवाल और सीएम मान ने स्वास्थ्य क्षेत्र में की उपलब्धियों की घोषणा

फतेहगढ़ साहिब  फतेहगढ़ साहिब जिले के सरहिंद की नई अनाज मंडी में शनिवार को राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया, जिसमें पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने शिरकत की। इस दौरान राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर बड़ा ऐलान किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में आज से 100 नए मोहल्ला क्लिनिक शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे पवित्र दिन बताते हुए कहा कि इन क्लिनिकों के जरिए लोगों को उनके घर के पास ही मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री की बेटी नियामत कौर के जन्मदिन का जिक्र करते हुए जनता से आशीर्वाद देने की अपील भी की। चार सालों मूें 881 मोहल्ला क्लिनिक खोले गए केजरीवाल ने बताया कि पिछले चार वर्षों में पंजाब में 881 मोहल्ला क्लिनिक बनाए जा चुके हैं। अब 109 और क्लिनिक शुरू होने से इनकी संख्या 990 हो जाएगी। आने वाले समय में 400 और क्लिनिक खोलने की योजना है, जिससे यह संख्या करीब 1500 तक पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि इन क्लिनिकों में दवाइयों की कमी नहीं होने दी जाती और इनकी निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाती है। अपने संबोधन में उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश में उनके खिलाफ कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला और सच हमेशा जीतता है। आम लोगों के मुद्दे पर काम कर रही सरकार मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इस मौके पर कहा कि उनकी सरकार आम लोगों के मुद्दों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी सभाओं में स्वास्थ्य, शिक्षा और किसानों के हकों की बात होती है, जबकि विरोधी दल केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में लगे रहते हैं। मान ने विपक्षी नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि उनके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वे केवल व्यक्तिगत हितों की राजनीति करते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जनता की भलाई के लिए लगातार काम कर रही है और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। समारोह में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और सरकार की योजनाओं को लेकर उत्साह देखने को मिला।  

लुधियाना में ट्रक से 3100 किलो चूरा पोस्त बरामद, 3 लग्जरी गाड़ियां जब्त, आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार

लुधियाना  पंजाब के लुधियाना जिले में 27 मार्च को नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली। थाना जमालपुर की पुलिस टीम ने एक ट्रक से 3100 किलोग्राम चूरा पोस्त (भुक्की) बरामद किया। यह कार्रवाई जमालपुर चौक और थाना लाडोवाल क्षेत्र के एक सुनसान स्थान पर की गई। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने ट्रक के साथ तीन अन्य लग्जरी वाहनों को भी जब्त कर लिया है और अज्ञात तस्करों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। कैसे मिली पुलिस को सूचना पुलिस के अनुसार एसआई दलवीर सिंह अपनी टीम के साथ जमालपुर चौक पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान एक मुखबिर ने उन्हें ट्रक में भारी मात्रा में नशीला पदार्थ होने की सूचना दी। मुखबिर ने ट्रक का नंबर HR64A-5376 बताया और कहा कि उसमें चूरा पोस्त लोड है। उसने यह भी बताया कि तस्करों ने सप्लाई के बाद ट्रक को लाडोवाल क्षेत्र में खड़ा किया हुआ है। ऐसे बिछाया गया जाल जानकारी के अनुसार 27 मार्च को एसआई (SI) दलवीर सिंह पुलिस पार्टी गश्त और संदिग्धों की चेकिंग के संबंध में जमालपुर चौक पर मौजूद थी। इसी दौरान एक खास मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी कि एक ट्रक जिसका नंबर HR64A-5376 है और जिस पर गिल कैच लिखा हुआ है उसमें भारी मात्रा में चूरा पोस्त लोड किया गया है। मुखबिर ने बताया कि तस्करों ने जमालपुर इलाके में सप्लाई देने के बाद ट्रक को थाना लाडोवाल के अंतर्गत आने वाले एक सुनसान इलाके में खड़ा किया हुआ है। छापेमारी और बरामदगी: ट्रक के साथ लग्जरी गाड़ियां भी जब्त पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए बताए गए ठिकाने पर रेड की। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी भागने में सफल रहे। जब पुलिस ने वहां खड़े सफेद रंग के ट्रक की तलाशी ली ट्रक के अंदर बोरियों में भर-भरकर चूरा पोस्त रखा गया था। इतना ही नहीं पुलिस ने मौके से तीन और गाड़ियां भी बरामद की हैं जिनका इस्तेमाल नशे की छोटी खेप को अलग-अलग जगहों पर पहुंचाने के लिए किया जाना था। जब्त किए गए वाहनों में महिंद्रा बोलेरो: नंबर PB10CC-3767 इसुजु (ISUZU): नंबर PB11CF-1759 महिंद्रा स्कॉर्पियो: नंबर PB13BS-2020 है NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस ने ट्रक और तीनों लग्जरी गाड़ियों सहित कुल 31 किलो चूरा पोस्त को कब्जे में लेकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 15-61-85 NDPS Act के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इन वाहनों के मालिकों का रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि मुख्य तस्करों तक पहुंचा जा सके। बड़ा नेटवर्क होने की आशंका इतनी बड़ी मात्रा में नशे की बरामदगी इस बात की ओर इशारा करती है कि इसके पीछे कोई बहुत बड़ा अंतर्राज्यीय गिरोह काम कर रहा है। पुलिस यह जांच कर रही है कि यह नशा कहां से लाया गया था और लुधियाना के किन-किन इलाकों में इसकी सप्लाई होनी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान लगभग हो चुकी है और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। सुनसान इलाके में बिछाया गया जाल सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत बताए गए स्थान पर पहुंची। यह इलाका काफी सुनसान था, जहां ट्रक खड़ा मिला। पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद लोग अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। पुलिस को मौके पर कोई भी आरोपी नहीं मिला, लेकिन ट्रक वहीं खड़ा मिला। ट्रक से भारी मात्रा में नशा बरामद जब पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली तो उसमें बोरियों में भरा हुआ चूरा पोस्त मिला। जांच के दौरान कुल 3100 किलो नशीला पदार्थ बरामद हुआ। इतनी बड़ी मात्रा में बरामदगी ने पुलिस को भी चौंका दिया और इसे हाल के समय की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। तीन लग्जरी गाड़ियां भी जब्त पुलिस ने ट्रक के अलावा मौके से तीन अन्य वाहनों को भी कब्जे में लिया। इनमें महिंद्रा बोलेरो (PB10CC-3767), इसुजु (PB11CF-1759) और महिंद्रा स्कॉर्पियो (PB13BS-2020) शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि इन गाड़ियों का इस्तेमाल छोटी-छोटी खेप को अलग-अलग जगहों पर पहुंचाने के लिए किया जाना था। NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस ने बरामद नशीले पदार्थ और वाहनों को जब्त कर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 15, 61 और 85 के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही वाहन मालिकों की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि मुख्य तस्करों तक पहुंचा जा सके। बड़े नेटवर्क की जांच शुरू पुलिस अधिकारियों के अनुसार इतनी बड़ी मात्रा में नशे की बरामदगी किसी बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह की ओर इशारा करती है। जांच की जा रही है कि यह चूरा पोस्त कहां से आया और लुधियाना के किन इलाकों में इसकी सप्लाई होनी थी। अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों की पहचान लगभग हो चुकी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

भारतीय सेना ने खराब गुणवत्ता के कारण वेरका दूध पाउडर की खेप वापस की, 125 टन पाउडर रद

लुधियाना भारतीय सेना को भेजे वेरका ब्रांड के दूध पाउडर की गुणवत्ता खराब मिलने पर पंजाब मिल्कफेड ने कड़ी कार्रवाई की है। मिल्कफेड के लुधियाना वेरका प्लांट के जनरल मैनेजर (जीएम) दलजीत सिंह, मैनेजर क्वालिटी कंट्रोल गुरइकबाल सिंह और मैनेजर प्रोडक्शन परितोष मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मिल्कफेड के एमडी राहुल गुप्ता ने कहा कि यह गंभीर चूक है, जिससे संगठन की साख को नुकसान पहुंचा है। बता दें कि वेरका की लुधियाना यूनिट द्वारा सप्लाई किया गया करीब 125 टन दूध पाउडर का ऑर्डर सेना ने रद किया था। इसे दो बैच (एक 58.338 टन का और दूसरा 66.654 टन) में सप्लाई किया गया था। गुणवत्ता खराब मिलने के बाद सेना ने दूध पाउडर को वापस कर दिया था। मिल्कफेड के एम डी बताया कि मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सेना को दो अलग-अलग लॉट (58.338 MT और 66.654 MT) में दूध पाउडर की आपूर्ति की गई थी. जांच के बाद सेना के कमांडिंग अधिकारी ने लुधियाना जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ को पत्र भेजकर खेप को अस्वीकार करने की सूचना दी. इसकी प्रति रक्षा मंत्रालय के मुख्य खरीद निदेशक को भी भेजी गई है।  मिल्कफेड के प्रबंध निदेशक (MD) राहुल गुप्ता ने बचाव करते हुए कहा कि वेरका उत्पादों की क्वालिटी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि प्रोडक्ट्स को सेना के पास भेजने से पहले NABL-अप्रूव्ड लैब में जांचा गया था।  अब इन नमूनों को दोबारा जांच के लिए गुजरात स्थित NDDB की प्रतिष्ठित लैब 'CALF' भेजा जाएगा. यह पता लगाने के लिए एक 'फैक्ट फाइंडिंग कमेटी' बनाई गई है कि सेना ने इसे आखिर किस आधार पर रिजेक्ट किया।  विपक्ष का तीखा हमला इस बीच, विपक्षी दलों के नेताओं ने दूध पाउडर की खेप को अस्वीकार किए जाने के मुद्दे पर AAP सरकार पर जमकर निशाना साधा. शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस मुद्दे पर भगवंत मान सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सशस्त्र बलों की ओर से इतनी बड़ी मात्रा में खेप को अस्वीकार किया जाना, किसी राज्य-संचालित संस्था में क्वालिटी कंट्रोल की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।  उन्होंने एक बयान में दावा किया, "यह न सिर्फ करोड़ों रुपये का नुकसान है, बल्कि पंजाब की साख और विश्वसनीयता को भी एक गहरा आघात है।  मजीठिया ने आरोप लगाया, "इस घटनाक्रम ने सरकार की नाकामी को उजागर कर दिया है, खासकर तब जब वही दूध के उत्पाद पंजाब में उपभोक्ताओं को बेचे जा रहे हैं. जरा सोचिए, जो चीज हमारे सैनिकों के लिए अस्वीकार कर दी गई, वही पंजाब के लोग इस्तेमाल कर रहे हैं. यह पूरी तरह से जवाबदेही की कमी और जन-स्वास्थ्य के प्रति घोर लापरवाही को दर्शाता है।  कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी इसे मान सरकार के लिए बड़ी शर्मिंदगी बताया. रंधावा ने X पर एक पोस्ट में पूछा, ''यह कोई छोटी-मोटी चूक नहीं है; यह क्वालिटी कंट्रोल और जवाबदेही की पूरी तरह से विफलता को दर्शाता है. जब हमारे सशस्त्र बलों के लिए आपूर्ति की बात आती है, तो इसमें जरा भी समझौता नहीं किया जा सकता. पंजाब सरकार को जवाब देना होगा कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है और क्या कार्रवाई की जाएगी?"