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क्रिस्पी खेहरा के पति को 2 साल की सजा, चंडीगढ़ में ₹30 लाख का इमीग्रेशन फ्रॉड और पत्नी के नाम पर 2 चेक जारी

चंडीगढ़ चंडीगढ़ में वांटेड आरोपी क्रिस्पी खेहरा के पति दविंदर सिंह गिल को जिला कोर्ट ने इमीग्रेशन फ्रॉड और चेक बाउंस मामले में 2 साल की सजा सुनाई है। पीड़ित व्यक्ति को 25 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है। इस मामले में क्रिस्पी खेहरा का भी नाम सामने आया है दोनों ने मेडिकल स्टोर संचालक से उसके बेटे को कनाडा भेजने के नाम पर 30 लाख रुपए लिए थे। लेकिन इसके बाद भी उसको विदेश नहीं भेजा। मामला 6 सितंबर 2019 का है। करीब 6 साल 5 महीने चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। कोर्ट के आदेश के अनुसार, क्रिस्पी खेहरा के नाम से दो चेक जारी किए गए थे। वहीं क्रिस्पी खेहरा चंडीगढ़ पुलिस की वांटेड सूची में शामिल है और उस पर 50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया है। अब सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला सेक्टर-46 के मेडिकल स्टोर संचालक नरेश भाटिया ने पुलिस को बताया था कि उनकी पहचान आरोपी दविंदर सिंह गिल से साल 2015 से थी। दोनों एक किटी ग्रुप के सदस्य थे और आपस में अच्छे संबंध थे। नवंबर 2018 में सेक्टर-35 स्थित गोपाल स्वीट्स में मुलाकात के दौरान आरोपी ने अपनी पत्नी के इमिग्रेशन कारोबार के बारे में बताया। इस पर शिकायतकर्ता ने अपने बेटे को कनाडा PR पर भेजने की इच्छा जताई। नरेश भाटिया ने कहा कि आरोपी और उसकी पत्नी ने बेटे को विदेश भेजने के लिए 30 लाख रुपए की मांग की। इसके तहत 9 लाख रुपए नकद दिए, 14 लाख रुपए RTGS के जरिए ट्रांसफर किए और बाद में 7 लाख रुपए और नकद दे दिए। इस तरह कुल 30 लाख रुपए आरोपी को दे दिए गए। लेकिन पैसे लेने के बाद आरोपी ने न तो बेटे को विदेश भेजा और न ही कोई प्रक्रिया पूरी की। जब पैसे वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करता रहा और बाद में संपर्क करना भी बंद कर दिया। नरेश भाटिया ने कहा कि जब हमने सख्ती दिखाई तो आरोपी और उसकी पत्नी ने पैसे लौटाने के लिए 5 पोस्ट डेटेड चेक दिए। इनमें से 25 लाख रुपए का एक चेक जब बैंक में लगाया गया तो 23 अगस्त 2019 को वह “सिग्नेचर डिफर” के कारण बाउंस हो गया। इसके बाद 6 सितंबर 2019 को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन आरोपी ने तय समय में भुगतान नहीं किया, जिसके चलते मामला कोर्ट पहुंचा। कोर्ट में आरोपी ने खुद को बताया निर्दोष मामले की सुनवाई के दौरान दविंदर गिल ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह शिकायतकर्ता नरेश भाटिया को नहीं जानता, चेक उसके नहीं हैं और उस पर किए गए साइन फर्जी हैं। उसने यह भी कहा कि उसे साजिश के तहत फंसाया गया है। वहीं शिकायतकर्ता ने बैंक रिकॉर्ड, ट्रांजैक्शन और अन्य दस्तावेज पेश किए, जिससे यह साबित हुआ कि पैसे दिए गए थे और चेक भी गिल द्वारा ही जारी किए गए थे। कोर्ट ने सभी सबूतों और गवाहों को ध्यान में रखते हुए पाया कि गिल अपने बचाव में कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सका। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि “सिग्नेचर डिफर” के कारण चेक बाउंस होना भी कानून के तहत अपराध है और इससे आरोपी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी दिव्या शर्मा की कोर्ट ने दविंदर सिंह गिल को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराते हुए 2 साल की साधारण कैद की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी को 25 लाख रुपए शिकायतकर्ता को मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। यदि आरोपी मुआवजा नहीं देता है, तो उसे 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। कोर्ट ने अपने फैसले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यह एक गंभीर आर्थिक अपराध है, जिसमें आरोपी ने भरोसे का गलत फायदा उठाया और लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया से बचने की कोशिश की। ऐसे मामलों में नरमी नहीं बरती जा सकती, क्योंकि इससे बैंकिंग व्यवस्था और लेन-देन की विश्वसनीयता पर असर पड़ता है। जानिए वाटेंड क्रिस्पी खेहरा का रोल कोर्ट के आदेश के अनुसार, क्रिस्पी खेहरा का इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण और सीधा रोल सामने आया है। रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी दविंदर सिंह गिल ने शिकायतकर्ता को यह बताया था कि उसकी पत्नी क्रिस्पी खेहरा इमिग्रेशन का काम करती है और वही उसके बेटे को कनाडा भेजने की पूरी प्रक्रिया संभालेगी। इसी भरोसे पर शिकायतकर्ता ने पैसे देने के लिए सहमति दी। कोर्ट में यह भी साबित हुआ कि कुल 30 लाख रुपए में से 14 लाख रुपए सीधे क्रिस्पी खेहरा के बैंक खाते में RTGS के माध्यम से ट्रांसफर किए गए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह लेन-देन का हिस्सा थी। 2 चेक क्रिस्पी खेहरा के नाम से थे कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि शिकायतकर्ता ने जो रकम दी, वह दविंदर गिल और उसकी पत्नी दोनों को दी गई थी और दोनों ने मिलकर विदेश भेजने का भरोसा दिलाया था। जब काम पूरा नहीं हुआ और शिकायतकर्ता ने पैसे वापस मांगे, तब आरोपी और क्रिस्पी खेहरा ने मिलकर कुल 30 लाख रुपए के 5 पोस्ट डेटेड चेक जारी किए, जिनमें से दो चेक क्रिस्पी खेहरा के नाम से थे। इससे यह स्थापित होता है कि पैसे वापस करने की जिम्मेदारी में भी उसकी भागीदारी थी। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान केस विशेष रूप से उस 25 लाख रुपए के चेक से संबंधित था, जो दविंदर सिंह गिल के खाते से जारी हुआ था और बाउंस हो गया। इसलिए इस मामले में सजा उसी को दी गई। बावजूद इसके, कोर्ट के रिकॉर्ड और साक्ष्यों से यह साफ है कि किस्पी खेरा पूरे लेन-देन, पैसे लेने और चेक जारी करने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल रही।  

हाईकोर्ट से मजीठिया को बड़ा झटका: मानहानि केस में दोबारा क्रॉस एग्जामिनेशन की अनुमति, लुधियाना में चलेगा ट्रायल

लुधियाना आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह पर दर्ज मानहानि केस में बिक्रम मजीठिया को झटका लगा है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए संजय सिंह की याचिका को मंजूर कर लिया है। साथ ही एक बार फिर बिक्रम मजीठिया का क्रॉस करने के आदेश दिए हैं। मजीठिया की याचिका खारिज सरकारी वकील फैरी सोफ्त ने बताया कि बिक्रम सिंह मजीठिया ने संजय सिंह के खिलाफ मानहानि का केस फाइल किया था। 2016 में यह मामला दर्ज करवाया गया था। इस दौरान अदालत ने क्रॉस को निरस्त कर दिया था। इसके बाद संजय सिंह ने 2021 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। अब हाईकोर्ट ने फाइल की गई पिटीशन को मंजूर कर लिया है। साथ ही संजय सिंह को मजीठिया का एक बार फिर क्रॉस करने की अनुमति दी है। इसी तरह मजीठिया की तरफ से भी एक एप्लिकेशन लगाई गई थी, जिसमें मामले में तीन गवाहों को शामिल करने संबंधी मांग की गई थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। लुधियाना कोर्ट में ट्रायल दोबारा चलेगा। सरकारी वकील फैरी सोफ्त मामले के बारे में जानकारी देते हुए। सरकारी वकील फैरी सोफ्त मामले के बारे में जानकारी देते हुए। यह है सारा मामला 2015-2016 के दौरान पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले AAP नेताओं ने अकाली दल पर नशा (ड्रग्स) तस्करी का आरोप लगाया। संजय सिंह ने मोगा में एक रैली के दौरान बिक्रम सिंह मजीठिया को "ड्रग डीलर" (नशा तस्कर) और ड्रग्स व्यापार से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि AAP सत्ता में आई तो ऐसे भ्रष्ट नेताओं को जेल भेजा जाएगा। मजीठिया ने इन आरोपों को बिना सबूत के मानहानि करार देते हुए जनवरी 2016 में लुधियाना की अदालत में आपराधिक मानहानि का केस दायर किया (IPC की धारा 499/500 के तहत) दर्ज करवाया था।  

Fuel Panic: अफवाहों के बीच पंजाब में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें, कुछ जगह सप्लाई खत्म

अमृतसर. ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच पेट्रोल और डीजल खत्म होने की अफवाहों से हड़कंप मच गया है। पंजाब भर में पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगी हुई है। पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के चलते ईंधन आपूर्ति लगातार प्रभावित हो रही है। अमृतसर में कुछ तेल कंपनियों की ओर से रेट बढ़ाए जाने और आपूर्ति प्रभावित होने की खबरों के बीच अधिकतर पेट्रोल पंप आउट ऑफ स्टॉक हो गए है। जबकि बहुत से पंपों पर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सीमित हो गई है। जो पेट्रोल पंप अभी चालू हैं, वहां गुरुवार रात और शुक्रवार सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई जगहों पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस की तैनाती भी देखी गई। शहरवासियों के बीच इस स्थिति को लेकर चिंता और अनिश्चितता का माहौल है। लोगों को आशंका है कि यदि जल्द ही आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। परिवहन सेवाओं और दैनिक जरूरतों पर भी इसका असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर बनाए रखी जा रही है और आपूर्ति बहाल करने के लिए संबंधित कंपनियों के साथ संपर्क किया जा रहा है, ताकि शहर में सामान्य हालात जल्द से जल्द बहाल किए जा सकें। जालंधर में गुरु रविदास चौक, बीएसएफ चौक और वर्कशॉप चौक में देर रात पेट्रोल पंप पर लाइनें लगी हुई थी। वहीं फगवाड़ा में भी पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगी हुई है।

पंजाब सरकार ने लिया वापस फैसला, एफआईआर डाउनलोड पर 80 रुपये का शुल्क अब नहीं होगा

चंडीगढ़ पंजाब सांझ पोर्टल से एफआईआर डाउनलोड करने के लिए अब लोगों को कोई शुल्क नहीं देना होगा। पंजाब सरकार ने अपना फैसला वापिस ले लिया है। पहले एफआईआर डाउनलोड करने के लिए सरकार ने 80 रुपये शुल्क लगाने का फैसला लिया था। इसके बाद यह मामले हाईकोर्ट भी चला गया था।   काउंसिल ऑफ लॉयर्स के चेयरमैन एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य एवं नेशनल कोऑर्डिनेटर एडवोकेट अभिषेक मल्होत्रा ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करते हुए सांझ पोर्टल से एफआईआर डाउनलोड पर शुल्क लगाने को चुनौती दी थी। याचिका में नीति को रद्द करने, एफआईआर व डीडीआर की मुफ्त डिजिटल पहुंच बहाल करने और याचिकाकर्ता से अवैध रूप से वसूली गई राशि को ब्याज सहित वापस करने की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया है कि इस प्रकार शुल्क लगाना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 173(2) का स्पष्ट उल्लंघन है जिसमें एफआईआर की प्रति नि:शुल्क प्रदान करने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त यह पंजाब पुलिस नियम एफआईआर की कॉपी बिना किसी शुल्क के देने की व्यवस्था करता है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण निर्णय का भी हवाला दिया है, जिसमें एफआईआर की मुफ्त और आसान उपलब्धता पर जोर दिया गया था ताकि आपराधिक न्याय प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया है कि एफआईआर तक पहुंच के लिए शुल्क लेना आम जनता के लिए एक अनुचित बाधा है और यह संविधान के तहत प्राप्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। याचिका में नीति को रद्द करने, एफआईआर व डीडीआर की मुफ्त डिजिटल पहुंच बहाल करने और याचिकाकर्ता से अवैध रूप से वसूली गई राशि को ब्याज सहित वापस करने की मांग की गई थी।

सीमा पार से ड्रग्स तस्करी नाकाम: पंजाब पुलिस ने एंटी-ड्रोन सिस्टम से कसा शिकंजा

अमृतसर. पंजाब के बॉर्डर जिलों के गांव पाक तस्करों के निशाने पर हैं, जहां से भारी मात्रा में ड्रग्स के साथ हथियार  तस्करी की जा रही है। वर्ष 2025 में ही इंडो-पाक बॉर्डर से 1.16 लाख किलो ड्रग्स की तस्करी की गई है। पंजाब पुलिस एंटी ड्रोन सिस्टम से इस तस्करी को कम करने में जुटी हुई है, जिससे ड्रग्स तस्करी के अधिक मामले पकड़ में आ रहे हैं। इससे बरामदी की मात्रा भी बढ़ गई है जो नशे के कारोबार में बड़ी चोट है। रिपोर्ट के अनुसार, ड्रोन के जरिये सीमा पार से ड्रग्स गिराने के मामलों में तेजी आई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। पंजाब की 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट, फिरोजपुर और फाजिल्का जिले तस्करी के प्रमुख मार्ग बनते जा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में 47,475 किलो और 2024 में 46,227 किलो ड्रग्स बरामद की गई थी लेकिन 2025 में इसमें भारी उछाल आया और आंकड़ा 1.16 लाख किलो तक पहुंच गया। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की रिपोर्ट के मुताबिक सीमावर्ती जिलों में ड्रोन के जरिये तस्करी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। अन्य राज्यों में भी तस्करी के मामले गंभीर  जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2024 में 5,708 किलो और 2025 में 4,491 किलो ड्रग्स पकड़ी गई। गुजरात में 2024 में 20,971 किलो और 2025 में 22,758 किलो बरामद हुई। राजस्थान में कुल बरामदगी ज्यादा होने के बावजूद वहां मामलों में कमी दर्ज की गई है जबकि पंजाब में हालात तेजी से बिगड़े हैं। ड्रग्स के साथ हथियार और जाली नोट भी बरामद एनसीबी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पंजाब सीमा से ड्रग्स के साथ-साथ हथियार, गोला-बारूद और जाली नोटों की तस्करी भी बढ़ी है। सीमावर्ती इलाकों से एके-47, एके-56 राइफल, आरडीएक्स और विदेशी हथियार बरामद किए जा रहे हैं, जो सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। एंटी-ड्रोन सिस्टम सरकार ने बढ़ाई निगरानी पंजाब सरकार ने ड्रोन तस्करी पर रोक के लिए तरनतारन से एंटी-ड्रोन सिस्टम की शुरुआत की है। 51.41 करोड़ रुपये से नौ अत्याधुनिक सिस्टम लगाए गए हैं जो ड्रोन और उसके कंट्रोल स्टेशन की लोकेशन ट्रैक कर रियल-टाइम अलर्ट देते हैं। इससे तशा तस्करी के अधिक मामले पकड़ में आ रहे हैं जिससे तस्करी को कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा सरकार की तरफ से युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान भी चलाया जा रहा है जिससे भी तस्करी पर रोक लगाने में काफी हद तक मदद मिल रही है।

जनता को राहत: FIR डाउनलोड मुफ्त, पंजाब सरकार ने वापस लिया फीस का फैसला

चंडीगढ़. पंजाब सांझ पोर्टल से एफआईआर डाउनलोड करने के लिए अब लोगों को कोई शुल्क नहीं देना होगा। पंजाब सरकार ने अपना फैसला वापिस ले लिया है। पहले एफआईआर डाउनलोड करने के लिए सरकार ने 80 रुपये शुल्क लगाने का फैसला लिया था। इसके बाद यह मामले हाईकोर्ट भी चला गया था। काउंसिल ऑफ लॉयर्स के चेयरमैन एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य एवं नेशनल कोऑर्डिनेटर एडवोकेट अभिषेक मल्होत्रा ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करते हुए सांझ पोर्टल से एफआईआर डाउनलोड पर शुल्क लगाने को चुनौती दी थी। याचिका में नीति को रद्द करने, एफआईआर व डीडीआर की मुफ्त डिजिटल पहुंच बहाल करने और याचिकाकर्ता से अवैध रूप से वसूली गई राशि को ब्याज सहित वापस करने की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया है कि इस प्रकार शुल्क लगाना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 173(2) का स्पष्ट उल्लंघन है जिसमें एफआईआर की प्रति नि:शुल्क प्रदान करने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त यह पंजाब पुलिस नियम एफआईआर की कॉपी बिना किसी शुल्क के देने की व्यवस्था करता है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण निर्णय का भी हवाला दिया है, जिसमें एफआईआर की मुफ्त और आसान उपलब्धता पर जोर दिया गया था ताकि आपराधिक न्याय प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया है कि एफआईआर तक पहुंच के लिए शुल्क लेना आम जनता के लिए एक अनुचित बाधा है और यह संविधान के तहत प्राप्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। याचिका में नीति को रद्द करने, एफआईआर व डीडीआर की मुफ्त डिजिटल पहुंच बहाल करने और याचिकाकर्ता से अवैध रूप से वसूली गई राशि को ब्याज सहित वापस करने की मांग की गई थी।

LPG नियमों में बदलाव: पंजाब में 25 दिन बाद ही सिलेंडर बुकिंग, कंपनियों ने लिया नया फैसला

जालंधर. घरेलू गैस कनेक्शन उपभोक्ता को लेकर आयल कंपनियों द्वारा डिलीवरी के 35 दिनों के बाद दूसरे सिलिंडर की बुकिंग के फैसले को वापस ले लिया गया है। जिसके चलते अब घरेलू गैस कनेक्शन उपभोक्ता डिलीवरी के 25 दिनों के बाद दोबारा बुकिंग करवा सकेंगे। हालांकि उज्ज्वला योजना के तहत कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए 45 दिनों के बाद बुकिंग के प्रावधान में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दरअसल, ईरान इजरायल युद्ध के चलते पैदा हो रही गैस की किल्लत को सामान्य करने के लिए तीनों आयल कंपनियों इंडियन आयल, भारत पेट्रोलियम तथा हिंदुस्तान पैट्रोलियम ने घरेलू गैस कनेक्शन उपभोक्ताओं को सिलिंडर की डिलीवरी के 35 दिनों के बाद दूसरी बुकिंग का प्रावधान दो दिन पहले ही निर्धारित किया था। इसके लिए सभी गैस एजेंसियों को निर्देश जारी करने के साथ ही ऑनलाइन पोर्टल में भी बदलाव किया गया था। वहीं, गैस की सप्लाई में इजाफा होने के बाद आयल कंपनियों ने 35 दिनों के प्रावधान में राहत देकर फिर से 25 दिन कर दिए हैं। जबकि उज्ज्वला योजना के उपभोक्ता सिलिंडर की डिलीवरी के 45 दिनों के बाद ही दोबारा बुकिंग करवा सकेंगे। इंडियन आयल के डीजीएम राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए तेल कंपनियों ने बुकिंग के प्रावधान में बदलाव किया है। उन्होंने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं को जरूरत के मुताबिक ही सिलिंडर की बुकिंग करवानी चाहिए।

सांसद अमृतपाल सिंह की मांग ठुकराई, कोर्ट ने पैरोल देने से किया इनकार

चंडीगढ़. पंजाब की लोकसभा सीट खडूर साहिब से सांसद व खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। संसद सत्र में शामिल होने के लिए पैरोल दिए जाने की मांग को लेकर दायर उनकी याचिका को उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद अब अमृतपाल सिंह को मौजूदा संसद सत्र में भाग लेने की अनुमति नहीं मिल पाएगी। जानकारी के अनुसार, अमृतपाल सिंह इस समय राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में हैं। उन्होंने न्यायालय में याचिका दाखिल कर यह आग्रह किया था कि वह एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं, इसलिए उन्हें संसद की कार्यवाही में भाग लेने के लिए अस्थायी रूप से रिहा किया जाए। उनकी ओर से यह भी कहा गया कि जनता ने उन्हें चुनकर भेजा है, ऐसे में उनका संसद सत्र से दूर रहना मतदाताओं के अधिकारों का भी हनन है। वहीं, राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने इस मांग का कड़ा विरोध किया। सरकार की ओर से न्यायालय को बताया गया कि अमृतपाल सिंह की रिहाई से कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। साथ ही, सुरक्षा से जुड़े गंभीर खतरे भी उत्पन्न हो सकते हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में उन्हें बाहर आने की अनुमति देना उचित नहीं होगा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद लिया गया फैसला दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि सुरक्षा और कानून व्यवस्था सर्वोपरि हैं। राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के तर्कों पर विचार करते हुए याचिका खारिज कर दी गई। फिलहाल, उच्च न्यायालय के इस आदेश के चलते अमृतपाल सिंह को संसद सत्र में शामिल होने की अनुमति नहीं मिल सकी है और वह हिरासत में ही रहेंगे।

रहस्यमयी मामला: दुबई में गायब भारतीय वॉलीबॉल प्लेयर, पत्नी वापस आई, परिवार को भेजा गया डेथ सर्टिफिकेट

अमृतसर. पंजाब के अमृतसर से एक राष्ट्रीय स्तर के वॉलीबॉल खिलाड़ी के दुबई में रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला सामने आया है। लखबीर सिंह (28) वर्ष 2024 में अपनी पत्नी के साथ दुबई गया था, लेकिन कुछ ही समय बाद वह अचानक गायब हो गया। अब इस मामले में नया मोड़ तब आया है, जब उसकी पत्नी ने गांव के सरपंच के माध्यम से उसका मृत्यु प्रमाण पत्र भेज दिया, जिसे परिवार ने साजिश बताया है। लखबीर सिंह के पिता देशा सिंह ने बताया कि उनका बेटा एक राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी था और उसने कई प्रतियोगिताओं में मेडल व ट्रॉफियां जीती थीं। परिवार ने उसके बेहतर भविष्य के लिए उसे विदेश भेजा था। उनकी योजना दुबई से आगे इटली जाने की थी। इसके लिए उन्होंने अपनी जमीन बेचकर करीब 18 लाख रुपये एक एजेंट को दिए थे, लेकिन एजेंट पैसे लेकर फरार हो गया। पत्नी अकेले लौटी भारत पिता के अनुसार, जब उन्होंने बेटे और बहू को वापस बुलाया, तो लौटने से एक दिन पहले बहू लखबीर को अपने साथ कहीं ले गई। उसी रात वह अकेली वापस लौटी और बताया कि लखबीर कहीं खो गया है। इसके बाद से आज तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिवार का आरोप है कि बहू ने पहले यह कहा कि वह लखबीर को ढूंढ रही है, फिर बताया कि वह दुबई की जेल में है और जल्द बाहर आ जाएगा। कुछ समय बाद बहू भारत लौटी, लेकिन ससुराल आने की बजाय मायके चली गई और तलाक का मामला दर्ज कर दिया। बहू ने दूसरी शादी कर ली है देशा सिंह ने बताया कि हाल ही में बहू ने सरपंच के जरिए लखबीर का मृत्यु प्रमाण पत्र भेजा। उनका कहना है कि बहू ने दूसरी शादी कर ली है और यह पूरा मामला एक बड़ी साजिश का हिस्सा लग रहा है। परिवार ने सरकार से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक यह स्पष्ट नहीं है कि उनका बेटा जीवित है या नहीं।

Weather Update: पंजाब में तेज आंधी-धूल का कहर, तीन दिन तक यलो अलर्ट लागू

लुधियाना. पंजाब का मौसम शनिवार से एक बार फिर से बदलने की संभावना है। मौसम को लेकर तीन दिन का येलो अलर्ट जारी किया गया है जोकि शनिवार से सोमवार तक जारी रहेगा। इस बीच धूल भरी आंधी चलने की संभावना है। इससे पहले वीरवार भी मौसम का येलो अलर्ट रहा। पंजाब के कुछ हिस्सों में धूप निकली, धूप के साथ-साथ बादल में बने। जिला पटियाला में दिन का तापमान सबसे अधिक 34 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इसके बाद फरीदकोट का तापमान 33.9 डिग्री सेल्सियस, लुधियाना का तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस, मोहाली और रूपनगर का तापमान क्रमश 32.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। चौबीस घटे में राज्य का औसतन ताममान 0.5 डिग्री सेल्सियस बढ़ा है जोकि सामान्य से 3.2 डिग्री सेल्सियस अधिक चल रहा है। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के पूर्वानुमान अनुसार 28 मार्च से 30 मार्च तक दोबारा मौसम का येलो अलर्ट जारी किया गया है जिसमें गरज चमक के साथ छींटे पड़ने, 30-40 किमी गति के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। इन जिलों में बारिश की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और पटियाला में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यानी बारिश हर जगह नहीं होगी, लेकिन कुछ इलाकों में हल्की या थोड़ी तेज बारिश देखने को मिल सकती है। हालांकि कल भी अलर्ट था, लेकिन कहीं बारिश दर्ज नहीं हुई। आज सुबह से कई जगहों पर तेज हवाएं चल रही हैं, जिससे मौसम थोड़ा ठंडा महसूस हो रहा है। कल से पूरे राज्य में बारिश की संभावना पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ी इलाकों में सक्रिय हो गया है, जिसके चलते मौसम में बदलाव शुरू हो गया है। इसके साथ एक चक्रवाती सिस्टम भी बना हुआ है, जिसका असर पंजाब समेत पूरे उत्तर भारत में दिखेगा। आज उसका असर कम रहेगा, लेकिन इसके बाद अगले 3 दिनों में मौसम पूरी तरह बदल जाएगा। इस दौरान बारिश होगी। इस वजह से तापमान में गिरावट आएगी। तापमान में आएगी गिरावट मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक 27, 28 और 31 मार्च को राज्य में कहीं-कहीं बारिश होगी, जबकि 29 और 30 मार्च को ज्यादा इलाकों में बारिश के आसार हैं। इसके बाद मौसम साफ हो जाएगा। तापमान में फिलहाल ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद 2 दिनों में 3 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। अगले 3 दिन इस तरह रहेगा मौसम 28 मार्च – फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला, मानसा, संगरूर और पटियाला में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा और बठिंडा में कुछ जगहों पर बारिश होगी। वहीं, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। 29 मार्च – पूरे पंजाब में तेज हवाएं चलेंगी। पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में कई जगहों पर बारिश के आसार हैं। वहीं, होशियारपुर, नवांशहर, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, मानसा, रूपनगर और मोहाली में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। 30 मार्च – फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा में कई जगहों पर बारिश होगी। जबकि पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में कहीं-कहीं बारिश की संभावना है। इस दौरान पूरे राज्य में तेज हवाएं चलेंगी।