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महंगाई का नया झटका! पेट्रोल-डीजल फिर हुआ महंगा, जानें पंजाब और चंडीगढ़ में आज का ताजा भाव

चंडीगढ़  पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। आज पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया। 10 दिन में तीसरी बार ईंधन की कीमतों में इजाफा किया गया है। बढ़ती कीमतों से लोगों में हाहाकार मच गया है।बढ़ोतरी के बाद अब लुधियाना में पेट्रोल का दाम 103.03 रुपये हो गया है। वहीं अमृतसर में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गया है।  लोग बोले-कैसे चलेगा घर वैश्विक ऊर्जा संकट और ईरान संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। इससे लोगों में खासी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि रोजमर्रा के खर्च पहले ही बढ़ चुके हैं और अब पेट्रोल-डीजल महंगा होने से सफर करना भी मुश्किल होता जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर नौकरीपेशा लोगों, ऑटो चालकों और छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है। शहरवासियों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से सब्जियों, दूध और अन्य जरूरी सामान के दाम भी बढ़ेंगे। 10 दिन में कितना बढ़ा दाम? ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी पिछले कुछ दिनों में बेहद तेज रफ्तार से हुई है:     ताजा बढ़ोतरी (23 मई): पेट्रोल +87 पैसे, डीजल +91 पैसे     इससे पहले (मंगलवार): पेट्रोल +87 पैसे, डीजल +91 पैसे     15 मई को: तेल कंपनियों ने एक बार में पेट्रोल और डीजल दोनों पर करीब 3 रुपये प्रति लीटर का झटका दिया था आखिर दाम क्यों बढ़ रहे हैं? इस लगातार बढ़ोतरी की मुख्य वजह पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहा भू-राजनीतिक संकट है। इस संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की सप्लाई पर मंडरा रहे खतरे ने वैश्विक कीमतों को आसमान छूने पर मजबूर कर दिया है। भारत अपनी जरूरत का करीब 85 से 90 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से मंगाता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई हलचल का असर तुरंत देश के अंदर दिखने लगता है। पिछले कुछ महीनों में भारतीय क्रूड बास्केट (कच्चे तेल की कीमतों का औसत) की कीमत में भारी उछाल आया है, जिससे तेल कंपनियों (IOC, HPCL, BPCL) का घाटा बढ़ता जा रहा था। अब इसी घाटे की भरपाई आम उपभोक्ताओं की जेब से करवाई जा रही है। सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही नहीं, महंगी होंगी ये सब चीजें विशेषज्ञों और आम लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि ईंधन महंगा होने का असर सिर्फ गाड़ियों में तेल भरवाने तक सीमित नहीं रहेगा। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से माल ढुलाई (ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट) सीधा महंगी हो जाती है। जब ट्रकों का किराया बढ़ेगा, तो मंडियों से लेकर दुकानों तक आने वाली हरी सब्जियां, फल, दूध, राशन (अनाज-दाल) और दूसरी रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम भी अपने आप बढ़ जाएंगे। इसका मतलब साफ है कि आने वाले दिनों में रसोई का बजट और भी बिगड़ सकता है। बाजार विशेषज्ञों की मानें तो अगर वैश्विक स्तर पर तनाव खत्म नहीं हुआ और कच्चे तेल के दाम ऊंचे बने रहे, तो तेल कंपनियां आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी कर सकती हैं। पंजाब में सूख सकते हैं पंप पंजाब के पेट्रोल पंपों पर तो पेट्रोल-डीजल खत्म होने का खतरा मंडरा रहा है। एक दिन पहले ही पंजाब पेट्रोल डीलर एसोसिएशन ने मुख्य सचिव को इस संबध में पत्र लिखा है और मांग की है कि सप्लाई सही करने के लिए तेल कंपनियों को निर्देश जारी किए जाने चाहिए। अगर सप्लाई न हुई तो आगे स्थिति बिगड़ सकती है।  एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अशोक कुमार थापर ने कहा कि तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल की उचित सप्लाई नहीं दे रही हैं। इस वजह से उनका स्टॉक खत्म हो रहा है। वह कंपनियों से बात कर रहे हैं लेकिन कोई राहत नहीं मिल रही है। सूबे में खरीफ सीजन शुरू होने वाला है और इस समय डीजल की मांग बढ़ती जा रही है लेकिन सप्लाई न होने से स्थिति चिंताजनक बनती जा रही है। सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों ने पेट्रोल पंपों को एक हजार लीटर पेट्रोल और 2 हजार डीजल का स्टॉक रखने के लिए बोला है लेकिन सप्लाई न होने के कारण उनके लिए इन आदेशों की पालना करना मुश्किल हो गया है।   पेट्रोल की कीमत (Petrol price today) दिल्ली – 99.51 रुपये नोए़़डा – 99.51 रुपये भोपाल – 96.85 रुपये चंडीगढ़- 98.95 रुपये गुवाहाटी – 103.01 रुपये जयपुर – 109.87 रुपये पटना – 110.37 रुपये लखनऊ – 99.28 रुपये पोर्टब्लेयर – 92.16 रुपये रांची – 102.60 रुपये कोलकाता – 110.64 रुपये चेन्नई – 105.31 रुपये डीजल की कीमत (Diesel price today) दिल्ली – 92.49 रुपये नोएडा – 92.84 रुपये भोपाल – 111.71 रुपये चंडीगढ़ – 86.49 रुपये गुवाहाटी – 94.39 रुपये जयपुर – 95.05 रुपये पटना – 96.53 रुपये लखनऊ – 92.64 रुपये पोर्टब्लेयर – 82.22 रुपये रांची – 97.66 रुपये कोलकाता – 97.02 रुपये चेन्नई – 96.98 रुपये 10 दिन में करीब 5 रुपये महंगा हुआ पेट्रोल और डीजल (petrol diesel price hike news) इस महीने सबसे पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पिछले हफ्ते शुक्रवार को 3-3 रुपये का इजाफा किया गया था। उसके बाद एक बार फिर से तेल की कीमतों में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 90 पैसे की बढ़ोतरी की थी। आज हुए इजाफे को अगर मिला लें तो 10 दिन में पेट्रोल और डीजल का रेट करीब 5 रुपये प्रति लीटह महंगा हो गया है। कच्चे तेल की कीमतों में जारी तेजी (Crude oil price today) ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का रेट बढ़कर 104.24 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, यूएस वेस्ट टेक्सस इंटरमीडियट (WTI) का रेट 1.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद 97.46 डॉलर प्रति बैरल आज बिक रहा है। बता दें, युद्ध से पहले इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल का रेट 70 डॉलर प्रति बैरल था। क्रूड ऑयल के बढ़े हुए रेट की वजह से ऑयल मार्केटिंग कंपनियां भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर हुई हैं। आगे अभी और बढ़ेगा पेट्रोल और डीजल का दाम? आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा या गिरावट इंटरनेशनल मार्केट की स्थिति पर निर्भर करेगा। मौजूदा परिस्थितियों को देखकर लगता है कि पेट्रोल और डीजल का … Read more

चुनावी रणनीति में जुटी BJP, पंजाब अध्यक्ष पद पर सिख नेता को मिल सकती है कमान

चंडीगढ़  पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संगठन में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। पार्टी जल्द ही पंजाब इकाई को नया अध्यक्ष दे सकती है और इस बार किसी सिख चेहरे को जिम्मेदारी सौंपे जाने की संभावना जताई जा रही है। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ का तीन साल का कार्यकाल जुलाई में समाप्त हो रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा मई के अंत या जून की शुरुआत में की जा सकती है। हालांकि, जाखड़ आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी के प्रचार अभियान में अहम भूमिका निभाते रहेंगे। सूत्रों के अनुसार नायब सिंह सैनी भी पंजाब में लगातार सक्रिय हैं और पार्टी कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। माना जा रहा है कि वह पंजाब भाजपा के लिए सिख चेहरे को आगे बढ़ाने के पक्ष में हैं। नए अध्यक्ष पद की दौड़ में कई बड़े नाम सामने आ रहे हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू प्रमुख माने जा रहे हैं। बिट्टू पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं और पार्टी उन्हें सिख समुदाय में मजबूत चेहरा मानती है। इसके अलावा पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल का नाम भी चर्चा में है। सूत्रों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह  अपने नजदीकी केवल ढिल्लों के नाम को आगे बढ़ा रहे हैं। वहीं फिरोजपुर के राय सिख नेता मंजीत राय का नाम भी चर्चाओं में है। संगठनात्मक स्तर पर लंबे समय से सक्रिय रहे मंजीत राय की मालवा क्षेत्र में मजबूत पकड़ बताई जा रही है। अमृतसर से जुड़े पूर्व नौकरशाह और भाजपा नेता जगमोहन राजू का नाम भी चर्चा में है। राजू 2022 में सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति में आए थे और वर्तमान में पंजाब भाजपा के महासचिव हैं। पार्टी नेतृत्व के साथ उनकी नजदीकियों की भी चर्चा है। इसके अलावा राज्यसभा सांसद सतनाम संधू, पूर्व विधायक राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी और फतेह जंग बाजवा के नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि हिंदू चेहरे भी पूरी तरह दौड़ से बाहर नहीं हैं। वरिष्ठ भाजपा नेता तरुण चुघ का नाम भी पार्टी में चर्चा में बना हुआ है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक पंजाब की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए भाजपा सिख नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। राज्य में सिख समुदाय निर्णायक भूमिका में है और भाजपा 2027 चुनाव से पहले अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के प्रयास में जुटी है।

116.84 करोड़ स्कैम में खुलेंगे बड़े राज, जेल में बंद पूर्व CFO ने तोड़ी चुप्पी

चंडीगढ़  चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड में हुए 116.84 करोड़ रुपए के घोटाले में गिरफ्तार पूर्व चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नलिनी मलिक अब सरकारी गवाह बनने की तैयारी में है। बुड़ैल जेल में बंद नलिनी ने वार्डर के जरिए सीबीआई कोर्ट को अर्जी भेजकर जांच में शामिल होने गुहार लगाई।  अर्जी में नलिनी ने कहा है कि यदि उसे सरकारी गवाह बनाया जाता है तो वह स्मार्ट सिटी घोटाले से जुड़े कई अहम खुलासे कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, वह नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़े कई बड़े अधिकारियों की भूमिका पर भी जानकारी देने को तैयार है। सीबीआई कोर्ट ने इस अर्जी पर जांच एजेंसी से जवाब मांगा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सीबीआई नलिनी मलिक को सरकारी गवाह बनाने पर सहमत होती है या नहीं। मेडिकल ग्राउंड पर लगाई जमानत अर्जी करीब दो महीने पहले सामने आए इस घोटाले में नलिनी मलिक की भूमिका जांच में सामने आने के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने उसे 2 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में बंद है। इस बीच नलिनी ने मेडिकल ग्राउंड पर जमानत अर्जी भी दायर की है, जिस पर 26 मई को सुनवाई होनी है। मामले में कई बैंक कर्मियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। हालांकि शुरुआती जांच में नगर निगम के कई बड़े अधिकारियों के नाम सामने आए थे, लेकिन चंडीगढ़ पुलिस उन तक नहीं पहुंच सकी। अब केस सीबीआई के पास पहुंचने के बाद कई अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। गृह मंत्रालय के आदेश पर CBI को सौंपा केस चंडीगढ़ पुलिस ने स्मार्ट सिटी लिमिटेड में 116.84 करोड़ रुपए और चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) में करीब 83 करोड़ रुपए की गड़बड़ी का खुलासा किया था। जांच में सामने आया कि स्मार्ट सिटी और क्रेस्ट की बड़ी रकम IDFC फर्स्ट बैंक में एफडी के रूप में जमा थी। आरोप है कि बैंक अधिकारियों और सरकारी अफसरों की मिलीभगत से इस रकम को शेल कंपनियों के जरिए रियल एस्टेट में निवेश किया गया। बदले में बैंक अधिकारियों ने मोटी रिश्वत दी। चंडीगढ़ पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग FIR दर्ज की थीं, लेकिन बाद में गृह मंत्रालय के आदेश पर केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया। अब पूरे मामले की जांच सीबीआई कर रही है। 11 फर्जी एफडी बनाकर घुमाने पैसे जांच के अनुसार, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट खत्म होने के बाद बैंक खाते में जमा रकम नगर निगम के खाते में ट्रांसफर होनी थी। लेकिन आरोप है कि बैंक अधिकारियों ने रकम निकालकर शेल कंपनियों के जरिए रियल एस्टेट में निवेश कर दिया। जहां नगर निगम के खाते में करोड़ों रुपए आने थे, वहां केवल 81.20 रुपए ही ट्रांसफर हुए। बाकी रकम कथित तौर पर आरोपियों ने आपस में बांट ली। सीबीआई जांच में यह भी सामने आया है कि नलिनी मलिक समेत अन्य अधिकारियों और बैंक कर्मियों ने मिलकर 11 फर्जी एफडी तैयार की थीं, ताकि किसी को गड़बड़ी का शक न हो। बाद में इन्हीं एफडी के जरिए रकम को अलग-अलग कंपनियों में निवेश किया गया।

फर्जी शादियों पर सख्ती, कनाडा ने बदले स्पाउस वीजा के नियम

चंडीगढ़  कनाडा सरकार ने स्पाउस ओपन वर्क परमिट नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया है। नए नियम लागू होने पर फर्जी और कॉन्ट्रैक्ट मैरिज के जरिए कनाडा पहुंचने वालों पर बड़ा असर पड़ सकता है।   प्रस्ताव के मुताबिक भारत से स्पाउस वीजा या वर्क परमिट के लिए आवेदन करने वाले पति या पत्नी को अंग्रेजी भाषा दक्षता साबित करने के लिए आईलेट्स या अन्य मान्यता प्राप्त लैंग्वेज टेस्ट पास करना अनिवार्य हो सकता है। अब तक यदि मुख्य आवेदक कनाडा में पढ़ाई या नौकरी कर रहा होता था तो भारत में बैठे उसके जीवनसाथी को भाषा परीक्षा नहीं देनी पड़ती थी। इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर बड़ी संख्या में लोग काॅन्ट्रैक्ट विवाह के जरिए कनाडा पहुंच रहे थे। कई मामलों में स्पाउस पढ़ा-लिखा भी नहीं होता था। प्रस्ताव के अनुसार अब केवल उन्हीं स्टूडेंट्स के जीवनसाथियों को स्पाउस ओपन वर्क परमिट मिलेगा जो मास्टर्स, पीएचडी, मेडिकल, इंजीनियरिंग या अन्य हाई-स्किल प्रोफेशनल कोर्स कर रहे होंगे। सामान्य डिप्लोमा, सर्टिफिकेट या साधारण बैचलर डिग्री करने वाले छात्र अपने पार्टनर को नहीं बुला सकेंगे। सात तक हो सकता है सीएलबी स्कोर कनाडा में नौकरी कर रहे लोग भी तभी अपने जीवनसाथी को बुला पाएंगे जब वे हेल्थकेयर, आईटी या अन्य हाई-स्किल श्रेणी की नौकरियों में कार्यरत हों और उनके वर्क परमिट में कम से कम 16 महीने की वैधता बची हो। प्रस्तावित नियमों के तहत सामान्य नौकरियों के लिए सीएलबी 5 और स्किल्ड जॉब्स के लिए सीएलबी 7 स्कोर जरूरी हो सकता है। कनाडा के इमिग्रेशन मंत्री मार्क मिलिर का कहना है कि भाषा कौशल की कमी के कारण कई प्रवासी अच्छे रोजगार नहीं पा पाते और उनके शोषण का खतरा बढ़ जाता है। सरकार का मानना है कि नए नियम कार्यस्थल की सुरक्षा बढ़ाने और फर्जी विवाहों पर रोक लगाने में मदद करेंगे। विज्ञापन देकर ढूंढते हैं पढ़ी-लिखी लड़की पंजाब में विदेश जाने की चाहत ने कॉन्ट्रैक्ट मैरिज का बड़ा कारोबार खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया और मैरिज ग्रुपों में अक्सर 6 बैंड वाली लड़की चाहिए जैसे विज्ञापन दिखाई देते हैं। इसमें ऐसे परिवार शामिल होते हैं जिनके पास पैसा तो होता है लेकिन बेटा आईलेट्स पास नहीं कर पाता। दूसरी ओर आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन अच्छे बैंड वाली लड़कियों को कनाडा भेजने के बदले लाखों रुपये का सौदा किया जाता है। बाद में कई मामले धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और विवाद तक पहुंच जाते हैं। वीजा विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियम लागू होने के बाद फर्जी शादियों के जरिए कनाडा पहुंचने का रास्ता काफी मुश्किल हो जाएगा।  

पंजाब चुनाव आयोग और ECI आमने-सामने, EVM प्रशिक्षण को लेकर बढ़ा विवाद

चंडीगढ़  पंजाब में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों से पांच दिन पहले ईवीएम बनाम बैलेट पेपर विवाद तेज हो गया है। भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) और पंजाब राज्य चुनाव आयोग अब इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गए हैं। वीरवार को सुनवाई के दौरान भारतीय निर्वाचन आयोग ने पंजाब सरकार के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि ईवीएम की ट्रेनिंग और तैयारी के लिए 15 दिन का समय चाहिए। ईसीआई ने अदालत में कहा कि इसके लिए 15 मिनट पर्याप्त हैं। सुनवाई के दौरान ईसीआई ने बताया कि चुनाव के लिए मांगी गई ईवीएम मशीनें राजस्थान से पंजाब के लिए रवाना कर दी गई हैं। मशीनों की कमी का मुद्दा अब नहीं रहा। आयोग ने कहा कि मशीनों की कमीशनिंग और अन्य तकनीकी प्रक्रिया एक दिन में पूरी की जा सकती है। राजस्थान से सीधे पंजाब भेजी जा रहीं ईवीएम ईसीआई ने अदालत को बताया कि 20 मई को पंजाब राज्य निर्वाचन आयोग को भेजे गए पत्र के बाद सभी तकनीकी आशंकाएं दूर हो चुकी हैं। पंजाब की ओर से मशीनें खुद उठाने में अनिच्छा जताने के बाद राजस्थान से मशीनें सीधे पंजाब भेजी जा रही हैं। आयोग ने कहा कि मशीनें फिलहाल ट्रांजिट में हैं और अब केवल यह तय करना बाकी है कि उन्हें किस स्थान पर पहुंचाना है तथा रिसीव करने के लिए कौन अधिकारी अधिकृत होगा। आयोग ने यह भी कहा कि मशीनों को मोहाली तक पहुंचाने और फर्स्ट लेवल चेकिंग तथा कमीशनिंग प्रक्रिया में पूरा सहयोग दिया जाएगा। इससे पहले पंजाब राज्य निर्वाचन आयोग अदालत में कह चुका है कि मशीनें उपलब्ध होने के बावजूद उनकी जांच, तैयारी और तैनाती में 15 से 18 दिन लगेंगे। इसी आधार पर 27 मई को होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराने का फैसला लिया गया था। याचिका में बैलेट पेपर से चुनाव कराने के फैसले को चुनौती दी गई है। पंजाब के महाधिवक्ता मनिंदरजीत सिंह बेदी ने अदालत में कहा कि चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद न्यायिक हस्तक्षेप सीमित होता है। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। 

शादी से लौटते वक्त गायब हुआ परिवार, 26 साल बाद नहर से मिला वैन का मलबा

रूपनगर  पंजाब के रूपनगर जिले में भाखड़ा नहर के पानी ने 26 साल पुराने एक गहरे जख्म को हरा कर दिया है. अक्टूबर 2000 में एक शादी समारोह से लौटते समय लापता हुई मारुति ओमनी वैन को स्थानीय गोताखोरों की मदद से बाहर निकाल लिया गया है. 32 फुट गहरे पानी में दफन यह गाड़ी अपने साथ उस परिवार की आखिरी निशानियां भी लेकर बाहर आई है, जो दो दशक पहले अचानक गायब हो गया था।  दरअसल, बीते दिनों गोताखोर कमलप्रीत सैनी नक्कियां गांव के पास एक अन्य शव की तलाश में नहर में उतरे थे. इसी दौरान उनकी नजर पानी के नीचे दबे लोहे के एक ढांचे पर पड़ी।  लंबे समय तक पानी में रहने के कारण वैन की छत और पिछला हिस्सा पूरी तरह गल चुका था. सिर्फ आगे का कुछ हिस्सा ही सुरक्षित बचा था। वैन के अगले हिस्से की तलाशी लेने पर सैनी को कुछ इंसानी कंकाल और एक बच्चे की छोटी सी शर्ट मिली. माना जा रहा है कि यह उस 8 साल के बच्चे की है जो इस हादसे का शिकार हुआ था।  परिजनों ने हार नहीं मानी। खेत बिके, पैसे खर्च हुए, प्राइवेट गोताखोर लगाए गए, नहरें खंगाली गईं, लेकिन हर कोशिश खाली हाथ लौटती रही। धीरे-धीरे वक्त बीतता गया और लोगों ने इसे एक ऐसी गुमशुदगी मान लिया, जिसका सच शायद कभी सामने नहीं आएगा। लेकिन किसे पता था कि 26 साल बाद पानी की गहराई ऐसा राज उगल देगी, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया। यह कहानी साल 2000 की है, जब कोटला गांव निवासी मुन्नी लाल, तेज राम, सुरजीत सिंह और सुरजीत का 8 साल का बेटा कालू एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे। वे तेज राम की उसी वैन में सवार थे, जिसे उन्होंने हादसे से करीब एक महीना पहले ही जमीन बेचकर खरीदा था। लेकिन उस रात चारों कभी घर नहीं पहुंचे। परिवार ने तलाश शुरू की, पुलिस से लेकर निजी स्तर तक हर कोशिश की गई, मगर गाड़ी और लोगों का कोई सुराग नहीं मिला। फिर कल एक दूसरे मामले में गोताखोर भाखड़ा नहर में उतरे। तलाशी के दौरान नहर की गहराई में उन्हें एक पुरानी वैन दिखाई दी। जैसे ही वैन को बाहर निकाला गया, सबकी सांसें थम गईं। अंदर से कंकाल, यूनिफॉर्म और कई पुराने सामान मिले। इसके बाद एक-एक कड़ी जुड़ती चली गई और सामने आया कि यह वही वैन थी, जो 26 साल पहले रहस्यमयी तरीके से गायब हुई थी। प्रारंभिक अनुमान है कि अंधेरे में लौटते समय वैन अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई होगी और अंदर बैठे चारों लोग बाहर नहीं निकल सके। पानी की तेज धारा और गहराई के कारण वाहन कभी नजर ही नहीं आया। जिस परिवार ने वर्षों तक अपने लोगों के लौटने की उम्मीद नहीं छोड़ी, उन्हें अब 26 साल बाद ऐसा सच मिला जिसने पूरे इलाके को भावुक कर दिया। गांव में इस खुलासे के बाद हर कोई स्तब्ध है और लोग इसे “26 साल बाद पानी से निकला दर्दनाक सच” कह रहे हैं। अक्टूबर 2000 की वो मनहूस रात  घटना कोटला गांव के एक परिवार से जुड़ी है. साल 2000 में तीन पुरुष और एक 8 साल का बच्चा शादी से लौट रहे थे, तभी उनकी वैन बेकाबू होकर भाखड़ा नहर में जा गिरी।  सर्च ऑपरेशन फेल हुआ  उस समय पेशेवर गोताखोरों ने महीनों तक नहर की खाक छानी थी, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि न तो गाड़ी मिली और न ही शव।  परिजनों का अनुरोध अब गोताखोर सैनी ने जब कोटला गांव के पीड़ित परिवार से संपर्क किया, तो उन्होंने नम आंखों से गाड़ी बाहर निकालने का अनुरोध किया. ट्रैक्टरों और स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद मलबे को बाहर खींचा गया।  अंतिम विदाई: प्रार्थना सभा के साथ दी गई शांति दशकों के इंतजार के बाद जब अपनों की निशानियां और अस्थियां मिलीं, तो गांव में शोक की लहर दौड़ गई।  गोताखोर कमलप्रीत सैनी ने बताया, "नहर की तलहटी में बहाव बहुत तेज था, वैन को बाहर निकालना नामुमकिन-सा काम था, लेकिन परिवार की भावनाओं के लिए हमने यह जोखिम उठाया।  मंगलवार को कीरतपुर साहिब में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई. 26 साल बाद परिवार को यह संतोष मिला कि अब उनके प्रियजनों का अंतिम संस्कार और अस्थि विसर्जन धार्मिक रीति-रिवाजों से हो सकेगा। 

काउंसिल चुनाव के दौरान हंगामे पर बंटी रोमाणा के खिलाफ केस दर्ज

फरीदकोट फरीदकोट थाना सिटी पुलिस ने शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व हलका इंचार्ज परमबंस सिंह बंटी रोमाणा समेत अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है। उन पर नगर काउंसिल चुनाव की प्रक्रिया के दौरान सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने का आरोप है।   कार्रवाई रिटर्निंग ऑफिसर कम एसडीएम की शिकायत पर की गई। शिकायत में कहा गया कि 18 मई को नगर काउंसिल चुनाव के नामांकन पत्रों की जांच के दौरान बंटी रोमाणा अपने समर्थकों के साथ एसडीएम दफ्तर पहुंचे और कर्मचारियों व ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों से बहस करते हुए कथित तौर पर धमकियां दीं। दस मामले के बाद फरीदकोट में राजनीतिक माहौल फिर गर्मा गया है।  फरीदकोट में पहले से ही अकाली दल के जिला अध्यक्ष शहरी सतीश ग्रोवर की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। इस मामले में एक दिन पहले थाने समक्ष धरने में सुखबीर बादल भी पहुंचे थे। 

लू के कहर पर बरसात का ब्रेक, लेकिन कल से फिर बढ़ेगा तापमान

चंडीगढ़  पंजाब में भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. बठिंडा में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले एक महीने तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है. लगातार बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग में भारी इजाफा हुआ है, जिससे कई इलाकों में बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है. वहीं किसान भी गर्म हवाओं और पानी की बढ़ती जरूरत के कारण परेशान हैं. तेज गर्मी का असर फसलों पर भी देखने को मिल रहा है, जिससे कृषि उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।  पंजाब में भीषण लू के कहर से हल्की राहत मिली है। शुक्रवार सुबह बरसात के बाद लुधियाना, मोगा के लोगों को हल्की ठंडक का एहसास हुआ। वहीं वीरवार को आसमान आग उगल रहा था।   लुधियाना, पटियाला, हलवारा और बठिंडा लू की चपेट में रहे। पटियाला का पारा सामान्य से 4.8 डिग्री ऊपर दर्ज किया गया। पंजाब में सबसे अधिक 45.9 डिग्री का पारा फरीदकोट का रहा। इसी बीच मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए पंजाब के छह जिलों में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ हल्की से मध्यम बारिश पड़ने की चेतावनी जारी कर दी है। इन जिलों में पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला और फिरोजपुर शामिल हैं। जबकि पंजाब के बाकी जिलों के लिए भीषण लू चलने का ओरेंज अलर्ट जारी हुआ है। मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के डायरेक्टर सुरिंदर पाल के मुताबिक एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इसके असर में जम्मू-कश्मीर में मौसम बदला है और हिमाचल प्रदेश में भी कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई है। पंजाब में बुधवार रात फरीदकोट, फाजिल्का आकाश में आंशिक तौर पर बादल रहे। इस वजह से वीरवार को पंजाब के तापमान में 0.9 डिग्री की मामूली गिरावट दर्ज की गई। अभी पारा सामान्य से 3.5 डिग्री ऊपर बना हुआ है। डायरेक्टर ने बताया कि शुक्रवार से पंजाब में मौसम फिर से शुष्क हो जाएगा और साथ में भीषण लू चलेगी। इससे तापमान में फिर से वृद्धि दर्ज की जाएगी। पंजाब के न्यूनतम तापमान में 1.6 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। यह सामान्य से 3.1 डिग्री ऊपर दर्ज किया गया। सबसे कम 22.4 डिग्री का न्यूनतम पारा रूपनगर का दर्ज किया गया। अमृतसर का अधिकतम पारा 41.5 डिग्री, लुधियाना का 43.0 डिग्री, पटियाला का 44.9 डिग्री, पठानकोट का 42.4 डिग्री, बठिंडा का 45.6 डिग्री, फाजिल्का का 42.1 डिग्री, फिरोजपुर का 41.6 डिग्री, एसबीएस नगर का 42.8 डिग्री और रूपनगर का 43.2 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 28.5 डिग्री, लुधियाना का 27.4 डिग्री, पटियाला का 28.5 डिग्री, पठानकोट का 25.0 डिग्री, फाजिल्का का 28.4 डिग्री, होशियारपुर का 24.3 डिग्री दर्ज किया गया।  जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के निचले तराई इलाकों और तलहटी भागों में बदलवाही के बीच गरज चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। हालांकि यहां बारिश का दायरा ज्यादा बड़ा नहीं रहेगा, लेकिन मौसम में हल्का बदलाव जरूर महसूस होगा। पंजाब के उत्तर व पूर्वी जिलों, हरियाणा के उत्तरी जिलों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उत्तरी जिलों में कल सुबह या फिर दोपहर बाद के घंटों में कहीं कहीं बूंदाबांदी की संभावना बन रही है।  इसके अलावा राजस्थान के उत्तरी जिलों और पश्चिमी हरियाणा में भी कहीं कहीं बूंदाबांदी की संभावना है। शाम के समय बादल बनने के कारण कुछ इलाकों में हल्की राहत महसूस हो सकती है। हालांकि यह सिस्टम इतना मजबूत नहीं है कि बड़े इलाकों में व्यापक तेज बारिश हो सके। गर्मी से राहत भी सिर्फ कुछ एक इलाकों तक सीमित रहेगी। दिन के समय तेज गर्मी बनी रहेगी, लेकिन शाम के घंटों में मौसम का मिजाज बदलता हुआ नजर आ सकता है। कुछ जगहों पर बादल बनने के कारण बूंदाबांदी की गतिविधियां मैदानी इलाकों में देखने को मिल सकती हैं। आगे का मौसम पूर्वानुमान: कल से इस सिस्टम का प्रभाव मैदानी इलाकों में शुरू होगा, जो कि 23 मई तक जारी रहेगा। इस दौरान कुछ जगहों पर तेज धूल भरी आंधी, गरज चमक के साथ हल्की बारिश और कहीं कहीं ओलावृष्टि भी देखने को मिल सकती है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, बुंदेलखंड, अवध और पूर्वांचल के इलाकों में फिलहाल बारिश की किसी भी तरह की गतिविधियां नहीं होंगी। इन इलाकों में मौसम साफ और बेहद गर्म बना रहेगा। दिन के समय तेज धूप और लू का असर लगातार बना रहेगा। पंजाब, हरियाणा, उत्तर पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी मौसम सिर्फ शाम बाद के घंटों में ही बदलेगा। दिन में प्रचंड गर्मी का दौर इन इलाकों में जारी रहेगा और तापमान में ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिलेगी। तो बारिश कब होगी? इस सिस्टम के गुजरने के बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी 25 मई को उत्तर भारत की तरफ बढ़ेगा, जिसके कारण पंजाब, हरियाणा, उत्तर राजस्थान, पश्चिम उत्तर प्रदेश और शायद पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी हल्की बारिश और बूंदाबांदी की गतिविधियां फिर से नए सिरे से शुरू हो सकती हैं। कुछ इलाकों में गरज चमक के साथ हल्की तेज बौछारें भी देखने को मिल सकती हैं। इसके बाद 28 मई से एक नया मजबूत चक्रवर्ती हवाओं का क्षेत्र बनने वाला है, जो बंगाल की खाड़ी से नमी को खींचेगा। साथ में नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के आने और दोनों हवाओं के मिलने से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र सहित बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां शुरू होंगी।  यह बारिश की गतिविधियां 28 मई से धीरे धीरे बढ़ेंगी और 30 व 31 मई को जोर पकड़ते हुए 3 जून तक जारी रह सकती हैं। उत्तर और मध्य भारत के कई इलाकों में मौसम पूरी तरह बदलता हुआ नजर आ सकता है। उत्तर भारत में गर्मी का यह दौर 28 मई तक ही रहने की संभावना है। इसके बाद बारिश और पूर्वी हवाओं के चलने से उमस वाली गर्मी जरूर परेशान करेगी, लेकिन लगातार बारिश की गतिविधियों के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत भी मिलने लगेगी।

पंजाब में अजनाला पंचायत चुनाव टले, कोर्ट ने परिसीमन प्रक्रिया पूरी करने को कहा

चंडीगढ़  राज्य चुनाव आयोग ने खरड़ के बाद अजनाला नगर पंचायत का चुनाव स्थगित कर दिया है। अब पहले नगर पंचायत की परिसीमन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद ही नए सिरे से चुनाव करवाए जाएंगे। यह फैसला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद लिया गया है। आयोग की ओर से जारी आदेश के अनुसार स्थानीय निकाय विभाग ने आयोग को सूचित किया था कि हाईकोर्ट ने अजनाला नगर पंचायत चुनाव पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके चलते 26 मई को प्रस्तावित चुनाव स्थगित कर दिया गया है। आयोग ने अब तक की पूरी चुनाव प्रक्रिया भी रद्द कर दी है। इसमें नामांकन प्रक्रिया भी शामिल है। जिन उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे उनकी फीस वापस की जाएगी।आदेश में कहा गया है कि स्थानीय निकाय विभाग से नया पत्र प्राप्त होने के बाद दोबारा चुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद परिसीमन प्रक्रिया पूरी कर चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जाएगा। इससे पहले खरड़ नगर परिषद चुनाव को लेकर भी इसी तरह का फैसला लिया जा चुका है। अब अजनाला में भी परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने तक चुनाव प्रक्रिया पर रोक रहेगी।

जानलेवा आवारा कुत्तों के खिलाफ पंजाब में बड़ा एक्शन, सुप्रीम कोर्ट आदेश पर अमल शुरू

चंडीगढ़  पंजाब में आज जानलेवा लावारिस कुत्तों के खात्मे के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर इस संबंध में जानकारी दी थी कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार एक बड़ा अभियान शुरू करेगी। इसका उद्देश्य उन जानलेवा लावारिस कुत्तों को खत्म करना है, जो बच्चों और राहगीरों के जीवन के लिए खतरा पैदा करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अपने आदेश में कहा था कि रेबीज से संक्रमित, लाइलाज बीमारी से ग्रस्त या अत्यधिक आक्रामक व खतरनाक कुत्तों को कानून के तहत मृत्यु दी जा सकती है। कोर्ट ने कहा था कि संविधान के तहत गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार में कुत्ते के हमलों के डर या खतरे के बिना स्वतंत्र रूप से घूमने का हक भी शामिल है। प्रदेश में पिछले कुछ समय से लावारिस कुत्तों के काटने के मामले में वृद्धि होती जा रही है। सरकार ने जनवरी में लुधियाना में राज्य की पहली डॉग सैंक्चुअरी का उद्घाटन भी किया था जिसका उद्देश्य डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण करना है। इसकी क्षमता लगभग 500 कुत्तों की है और इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है और प्रदेश के अन्य शहरों में भी इसी तर्ज पर डॉग सैंक्चुअरी स्थापित करने का फैसला लिया गया है। प्रदेश में लावारिस कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2025 में कुत्तों के काटने के ढाई लाख से अधिक मामले सामने आए जबकि वर्ष 2024 में डॉग बाइट के 2.13 लाख मामले रिपोर्ट किए गए थे।  सुप्रीम कोर्ट के फैसले से कई संगठनों में मायूसी पेटा (PETA) इंडिया के मुताबिक देश में आवारा कुत्तों की अनुमानित संख्या 6.2 करोड़ है। इनकी संख्या बढ़ने की मुख्य वजह एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) रूल्स का सही पालन न होना है। इन नियमों के तहत कुत्तों की नसबंदी और रेबीज टीकाकरण होना चाहिए। पेटा ने एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया की एसओपी पर ऐतराज जताया है। संगठन का कहना है कि इस एसओपी में हर कुत्ते के लिए सिर्फ 20 वर्गफुट जगह तय है। इतने छोटे स्थान में इन्हें नीचलन रखना क्रूरता है। इससे बीमारियां फैल सकती हैं। इतने बड़े स्तर पर कुत्तों को बंद रखने के लिए न पर्याप्त जगह है और न ही बजट और न ही प्रशासनिक व्यवस्था है। एक दैनिक अखबार में प्रकाशित कुत्तों के आंकड़ों पर आयोग ने कहा था कि 3.34 लाख डॉग बाइट के मामले चौंकाने वाले हैं। लावारिस कुत्ते सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ी चिंता बन गए हैं। बता दें कि पंजाब में 2025 में डॉग बाइट के 3.34 लाख मामले रिपोर्ट हुए थे जबकि 2026 में अब तक 50 हजार से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। जस्टिस संत प्रकाश और जस्टिस गुरबीर सिंह जता चुके चिंता पंजाब -चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग के चेयरपर्सन जस्टिस संत प्रकाश और सदस्य जस्टिस गुरबीर सिंह पर आधारित आयोग ने जालंधर, लुधियाना, पटियाला और संगरूर के नगर निगम कमिश्नरों सहित निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पंजाब को नोटिस जारी कर कुत्तों के काटने के मामलों की रिपोर्ट पेश करने को कहा था। आयोग ने कहा था कि 2025 के 3.34 लाख मामलों में ही अगर पीड़ितों को मुआवजा दिया जाता है तो सूबा सरकार पर 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक का वित्तीय बोझ पड़ेगा। अकेले संगरूर जिले में ही नगर कौंसिल को 10 करोड़ रुपए का खर्च उठाना पड़ सकता है। 5 साल में तीन गुना बढ़े कुत्तों के काटने के केस हेल्थ विभाग पंजाब के आंकड़ों के अनुसार पिछले 5 सालों में पंजाब में कुत्तों के काटने के मामले तीन गुना बढ़े हैं। साल 2020 में जहां 1 लाख 10 हजार 472 मामले दर्ज थे, वहीं यह बढ़कर 2021 में 1 लाख 26 हजार 842 हो गए। इसी तरह साल 2022 में 1 लाख 65 हजार 133 मामले रिकॉर्ड हुए और 2023 में भी यह आंकड़े 1 लाख 65 हजार 133 ही दर्ज किए गए। इसके बाद 2024 में यह मामले बढ़कर 2 लाख 13 हजार 521 हुए और 2025 में रिकॉर्ड तोड़ 3 लाख 34 हजार 736 तक पहुंच गए। 2026 की बात करें तो अब तक पंजाब में 5 महीने में 50 हजार से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। SOP में हर कुत्ते के लिए सिर्फ 20 वर्गफुट जगह तय है ह्यूमन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स इंडिया के एमडी आलोकवर्मा सेनगुप्ता ने कहा कि इंसानों और आवारा कुत्तों के बीच बढ़ते संघर्ष की असली वजह कुत्तों की मौजूदगी नहीं, बल्कि सालों से नसबंदी और रेबीज टीकाकरण कार्यक्रम का सही ढंग से लागू न होना है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है कि कानून और नियम पहले से मौजूद हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने उन्हें प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया। संगठन ने अदालत के उस निर्देश का स्वागत किया, जिसमें उसने कहा है कि देश के हर जिले में कम से कम एक पूरी तरह काम करने वाला एबीसी सेंटर बनाया जाए। जबरन कार्रवाई से बढ़ सकती है आवारा कुत्तों की समस्या: संगठन संगठन ने कहा कि राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश ऐसे कदम न उठाएं जो कानून और वैधानिक प्रक्रिया से बाहर हो। इनमें कुत्तों को जबरन हटाने, बड़ी संख्या में पकड़कर बंद करने, मारना या हटाने की नीति अपनाने जैसे कदम शामिल हैं। उनका कहना है कि इससे समस्या कम नहीं होगी, बल्कि दोबारा आबादी बढ़ेगी और संघर्ष बढ़ सकता है। संगठनों ने क्या दिए सुझाव कुत्तों के लिए तय समय में बड़े स्तर पर वैज्ञानिक तरीके से नसबंदी अभियान चले, रेबीज टीकाकरण हो, अवैध ब्रीडर और पालतू पशु दुकानों पर कार्रवाई हो, विदेशी नस्ल के डॉग्स के अवैध प्रजनन पर रोक लगे, कुत्तों को खाना खिलाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित हो, डॉग्स को गोद लेने को बढ़ावा दिया जाए और स्थानीय निकायो की जिम्मेदारी तय की जाए। कब-कब क्या हुआ? 28 जुलाई 2025 : SC ने टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार के में प्रकाशित समाचार 'आवारा कुत्तों से त्रस्त शहर, बच्चे भुगत रहे कीमत' (City hounded by strays and kids pay price) पर स्वतः संज्ञान (suo moto cognisance) लिया था। 11 अगस्त 2025 : कोर्ट ने दिल्ली और एमसीडी की अथॉरिटी को निर्देश जारी किया कि वे … Read more