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पंजाब में हाई अलर्ट: मुख्यमंत्री और BJP प्रदेश अध्यक्ष को मिली बम धमकी, सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय

चंडीगढ़  पंजाब CM भगवंत मान और पंजाब बीजेपी प्रधान सुनील जाखड़ को जान से मारने की धमकी आई है। उन्हें बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी एक ईमेल से आई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों एक्टिव मोड़ पर आ गई हैं।ईमेल में भगवंत मान और सुनील जाखड़ को सिखों का दुश्मन बताया गया है। साथ ही कहा गया है कि CM ऑफिस को दोपहर 1 बजकर 11 मिनट पर बेअंत (पंजाब के पूर्व CM) की तरह उड़ाएंगे। और पंजाब व दिल्ली में भाजपा के ऑफिस में रात 9 बजकर 11 मिनट पर धमाके होंगे। ईमेल में ये बातें लिखी हैं… पंजाब सरकार और प्रशासन को भेजे गए ईमेल में लिखा है- पंजाब CM ऑफिस और बीजेपी ऑफिस में बम धमाके होंगे। पंजाब अब खालिस्तान बनेगा। सिखों के दुश्मन भगवंत मान और सुनील जाखड़ दोनों को ठोकेंगे। आगे लिखा है- पंजाब CM ऑफिस में दोपहर 1:11 बजे धमाका होगा। बेअंत की तरह हमला करेंगे। वहीं, बीजेपी ऑफिस पंजाब-दिल्ली में रात 9:11 बजे बम धमाके होंगे। ईमेल में लिखा है- सुनील जाखड़ को 6 जून तक ठोकना है। इसके पिता बलराम जाखड़ ने 1984 में कहा था, “हम एक मिलियन सिख मारेंगे इंडिया, भारत, हिंदोस्तान की हदबंदी बचाने के लिए।”

चुनावी माहौल में पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, कई सीनियर IAS अफसरों के विभाग बदले

चंडीगढ़ पंजाब सरकार निकाय चुनावों से पहले चार वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। जालंधर मंडल, सेहत, लोक संपर्क और रूपनगर प्रशासन में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की कोशिश मानी जा रही है। पंजाब सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए चार वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों और जिलों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इन बदलावों को प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। नई प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंपीं पंजाब सरकार ने शुक्रवार को सात आईएएस अधिकारियों के तबादलों और नई नियुक्तियों का आदेश दिया। यह आदेश प्रशासन में बड़े फेरबदल के तहत लिया गया है, जिसका उद्देश्य शासन व्यवस्था को मजबूत करना और सभी विभागों में कार्यकुशलता बढ़ाना है। मुख्य सचिव केएपी सिन्हा ने ये आदेश जारी किए और सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपनी नई जिम्मेदारियां संभालने का निर्देश दिया। आईएएस अधिकारी कमल किशोर यादव को सामान्य प्रशासन एवं समन्वय विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है, साथ ही उन्हें विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण विभाग और वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। अर्शदीप सिंह थिंद को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के साथ-साथ जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है। अमित तलवार को ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग में विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। उन्हें मादक पदार्थों से संबंधित मामलों और जाति जनगणना अभियानों के लिए नोडल अधिकारी भी नामित किया गया है। परमिंदर पाल सिंह को रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात किया गया है। गौतम जैन को पंजाब हेल्थ सिस्टम्स कॉर्पोरेशन का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है, जबकि जसबीर सिंह-II को पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इसी बीच, 2023 बैच की आईएएस अधिकारी पल्लवी मिश्रा को कलानौर का उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) नियुक्त किया गया है। इससे पहले दिन में, पंजाब सरकार ने एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत छह आईएएस और 39 पीसीएस अधिकारियों सहित 45 अधिकारियों का तबादला किया था। प्रशासनिक सुधार के तहत कई महत्वपूर्ण विभागों और जिलों में नई नियुक्तियां की गईं। इस फेरबदल को सरकार द्वारा गृह, आवास एवं शहरी विकास, कृषि, परिवहन और राजस्व जैसे विभागों में प्रशासनिक कामकाज को सुदृढ़ करने और कार्यकुशलता बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। प्रमुख नियुक्तियों में नीलिमा को गृह मामलों की सचिव के पद पर तैनात किया गया है।

पंजाब एवं हरियाणा सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी, चंडीगढ़ में बढ़ाई गई सुरक्षा

चंडीगढ़  चंडीगढ़ स्थित पंजाब एवं हरियाणा सिविल सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। धमकी मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। जानकारी के अनुसार सचिवालय को ईमेल/फोन के माध्यम से बम धमाके की धमकी मिलने की सूचना मिली थी। इसके बाद सचिवालय भवन में तलाशी अभियान चलाया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने परिसर के हर फ्लोर, पार्किंग एरिया, एंट्री गेट और संवेदनशील स्थानों की गहन जांच की। एहतियात के तौर पर सचिवालय में आने-जाने वाले लोगों की जांच बढ़ा दी गई है। कई जगहों पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा कड़ी कर दी गई। पुलिस अधिकारियों ने कर्मचारियों और आम लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। हाई अलर्ट पर पुलिस प्रशासन धमकी के बाद पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। साइबर टीम धमकी भरे संदेश की जांच में जुटी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी कहां से भेजी गई। पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां गौरतलब है कि इससे पहले भी चंडीगढ़ के कई सरकारी संस्थानों और महत्वपूर्ण इमारतों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। ज्यादातर मामलों में जांच के दौरान धमकियां फर्जी पाई गई थीं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी खतरे को हल्के में नहीं ले रही हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

पंजाब सरकार में बड़ा बदलाव: अमन अरोड़ा बने उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री

चंडीगढ़  पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने आज उद्योग भवन, चंडीगढ़ में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया। अरोड़ा पहले से ही रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, सुशासन और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता पंजाब को सबसे पसंदीदा निवेश स्थल बनाना है। इसके लिए लालफीताशाही खत्म कर टिकाऊ उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा और हर औद्योगिक विस्तार में स्थानीय लोगों को रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा। अरोड़ा ने कहा कि उद्योग एवं वाणिज्य अब कौशल विकास और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ चुके हैं, जिससे राज्य में सर्कुलर अर्थव्यवस्था का निर्माण होगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर प्रगति अधीन परियोजनाओं में तेजी लाने और अधिक निवेश आकर्षित करने के निर्देश दिए। पदभार ग्रहण करने के बाद, अरोरा ने मुख्यमंत्री एस. भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के प्रति उन पर विश्वास जताने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता लालफीताशाही को कम करके, टिकाऊ उद्योगों को बढ़ावा देकर और यह सुनिश्चित करके कि प्रत्येक औद्योगिक विस्तार से स्थानीय रोजगार सृजित हों, पंजाब को निवेश के लिए सबसे पसंदीदा गंतव्य बनाना होगा। इसके अलावा, औद्योगिक नीति, स्वच्छ ऊर्जा, कौशल विकास और शासन सुधार को जोड़ने वाला एक सुचारू तंत्र तैयार करना भी उनकी प्राथमिकता होगी। अमन अरोरा ने कहा, "मेरा लक्ष्य पंजाब को 'व्यवसाय करने में आसानी' के लिए एक आदर्श बनाना है, साथ ही हमारे युवाओं के लिए सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार सृजित करना है।" उन्होंने आगे कहा कि अब जब उद्योग और वाणिज्य को कौशल विकास और नवीकरणीय ऊर्जा के साथ जोड़ा गया है, तो राज्य एक चक्रीय अर्थव्यवस्था का निर्माण कर रहा है जहां विकास, हरित ऊर्जा और रोजगार साथ-साथ चलते हैं। इससे पहले, उद्योग भवन पहुंचने पर अरोरा का प्रशासनिक सचिव उद्योग एवं वाणिज्य गुरकीरत किरपाल सिंह, पंजाब विकास आयोग (पीडीसी) की उपाध्यक्ष सुसीमा बंसल, इन्वेस्ट पंजाब के सीईओ अमित ढाका, उद्योग सचिव मोहिंदर पाल, उद्योग निदेशक जसप्रीत सिंह, पंजाब इन्फोटेक के एमडी एचएस बराड़, पीएसआईडीसी के एमडी हरप्रीत सिंह सूडान और पंजाब वित्तीय निगम की एमडी सुसेनु दुग्गल ने हार्दिक स्वागत किया। अमन अरोरा ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक प्रारंभिक समीक्षा बैठक भी की। उन्होंने उन्हें चल रही औद्योगिक परियोजनाओं में तेजी लाने और राज्य में अधिक निवेश आकर्षित करने के प्रयासों को तेज करने का निर्देश दिया।

निकाय चुनाव को लेकर पंजाब में तैयारियां तेज, रिटर्निंग ऑफिसर दफ्तरों में CCTV से होगी मॉनिटरिंग

 चंडीगढ़ पंजाब में 105 नगर निकायों के लिए उम्मीदवार आज से नामांकन दाखिल कर सकेंगे और साथ ही नामांकन पत्रों का विवरण संबंधित जिलों की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 16 मई निर्धारित की गई है। प्रदेश के 8 नगर निगमों, 76 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों के आम चुनाव 26 मई को होंगे और 29 को मतगणना के बाद चुनाव नतीजे घोषित किए जाएंगे। आयोग के अनुसार उम्मीदवारों द्वारा दाखिल किए गए शपथ पत्रों सहित नामांकन पत्रों का विवरण संबंधित जिले की सरकारी वेबसाइट पर उपलब्ध होगा और साथ ही इसका लिंक आयोग की वेबसाइट sec.punjab.gov.in पर भी उपलब्ध रहेगा। साथ ही मतदाता अपने इलाके के उम्मीदवार के संबंध में भी वेबसाइट से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सभी दलों ने चुनाव के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।  वहीं, नामांकन करने वाला उम्मीदवार अपने साथ अधिकतम 4 लोगों को ही ले जा सकेगा। यह चुनाव काफी अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि इसके बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में कोई भी दल कसर छोड़ने के मूड में नहीं है। नामांकन प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं होगी। जानकारी वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी उम्मीदवार को चुनाव अधिकारी के कार्यालय में पहुंचकर आवेदन करना होगा। इसके बाद उनकी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। 18 मई को स्क्रूटनी होगी। सभी उम्मीदवारों को उस दिन चुनाव कार्यालय जाने की अनुमति होगी। इस दौरान वे रिटर्निंग अफसर के सामने अपने एतराज रख सकेंगे। यदि किसी उम्मीदवार का फार्म रिजेक्ट होता है तो उसकी जानकारी भी दी जाएगी। 19 मई नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख होगी। 105 जगह होंगे निकाय चुनाव आठ नगर निगमों में चुनाव होंगे। इनमें मोहाली, बठिंडा, अबोहर, बरनाला, कपूरथला, मोगा, बटाला और पठानकोट शामिल हैं। इसके अलावा 76 नगर काउंसिल और 21 नगर पंचायतों में भी चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव के लिए 3977 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। सभी चुनाव शहरी क्षेत्रों में होंगे। 36 लाख वोटर करेंगे मतदान प्रशासन ने शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव करवाने की तैयारी की है। कुल 36,72,932 मतदाता वोट करेंगे। इनमें 18,00,990 पुरुष, 17.73 लाख महिलाएं और 226 अन्य मतदाता शामिल हैं। आज से आचार संहिता भी लागू हो गई है। इस संबंध में सरकार को पत्र भेजा जा रहा है। इसके बाद तबादलों पर रोक लग जाएगी। पार्टी निशान पर लड़ सकेंगे चुनाव राजनीतिक दल पार्टी निशान पर भी चुनाव लड़ सकेंगे। इसके लिए राजनीतिक पार्टियों को सूचित कर दिया गया है। नामांकन फार्म के साथ एफिडेविट भी जमा करवाना होगा। सारी जानकारी ऑनलाइन अपडेट की जाएगी, ताकि लोग उम्मीदवारों की प्रोफाइल देख सकें। इसके लिए एक अलग लिंक जारी किया जाएगा। निगम चुनाव में 4 लाख तक खर्च की सीमा नगर निगम चुनाव में उम्मीदवार अधिकतम 4 लाख रुपए तक खर्च कर सकेंगे। नगर काउंसिलों के लिए खर्च सीमा 3.60 लाख, 2.30 लाख और 2 लाख रुपए तय की गई है। वहीं नगर पंचायत चुनाव के लिए 1.40 लाख रुपए खर्च सीमा निर्धारित की गई है। हर बूथ पर तैनात होंगे 5 कर्मचारी निकाय चुनाव के लिए करीब 4 हजार बूथ बनाए गए हैं। चुनावी प्रक्रिया में 36 हजार कर्मचारी शामिल होंगे। पुलिस के साथ पूरा तालमेल रखा गया है। करीब 35,500 पुलिसकर्मी और होमगार्ड जवान तैनात किए जाएंगे। हर बूथ पर पांच कर्मचारी मौजूद रहेंगे। जिलों में आईएएस और पीसीएस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। वीडियोग्राफी से रखी जाएगी नजर पूरी चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई जाएगी। रिटर्निंग अफसर के कमरे के अंदर और बाहर कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। नामांकन के दौरान उम्मीदवार के साथ केवल चार लोग ही अंदर जा सकेंगे। रिटर्निंग अफसर के तौर पर वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है। एडीसी और एसडीएम स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीसी को हथियार जमा करवाने के आदेश भी जारी किए गए हैं। 29 मई को आएंगे नतीजे निकाय चुनाव के परिणाम महीने के आखिर में 29 मई को घोषित किए जाएंगे. चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, बीजेपी और शिरोमणी अकाली दल ने चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है।  चुनाव में पार्टियों से टिकट लेने के लिए उम्मीदवारों में होड़ मची हुई है. पंजाब के होशियारपुर नगर निगम को लेकर भी राज्य चुनाव आयोग ने चुनाव न कराने का फैसला लिया है. वोटर लिस्ट को दोबारा से तैयार करने के निर्देश दिए हैं।  बता दें कि वोटर लिस्ट को लेकर लोगों ने आपत्ति जताई थी. इसको देखते हुए चुनाव आयोग ने समीक्षा की और सही वोटर लिस्ट जारी करने के लिए कहा है. चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद तैयारी कर रहे उम्मीदवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है। 

पंजाब की राजनीति में हलचल, भाजपा नेता अनिल कुमार सेठी ने थामा आम आदमी पार्टी का दामन

चंडीगढ़  फाजिल्का जिले में भारतीय जनता पार्टी को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब भाजपा के सीनियर नेता अनिल कुमार सेठी अपने साथियों सहित आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अनिल कुमार सेठी को औपचारिक रूप से पार्टी का सिरोपा पहनाकर 'आप' परिवार में शामिल करवाया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार की लोक-पक्षीय नीतियों और विकास कार्यों से प्रभावित होकर दूसरी पार्टियों के ईमानदार नेता लगातार आम आदमी पार्टी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने अनिल सेठी का स्वागत करते हुए कहा कि उनके आने से फाजिल्का इलाके में पार्टी के संगठन को नई ताकत मिलेगी।  

निकाय चुनाव को लेकर पंजाब में घमासान: भाजपा का आरोप- नियमों के खिलाफ हो रही प्रक्रिया

बरनाला  पंजाब में होने जा रहे नगर निगम चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पंजाब के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्य चुनाव आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर वर्तमान चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। भाजपा ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार और चुनाव आयोग मिलकर लोकतांत्रिक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। भाजपा का यह प्रतिनिधिमंडल पंजाब भाजपा की राज्य कोर कमेटी के सदस्यों और राज्य उपाध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में चुनाव आयुक्त से मिला। इस प्रतिनिधिमंडल में परमपाल कौर, रंजीत सिंह गिल, एन.के. वर्मा और मोहित गर्ग भी शामिल थे। भाजपा नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग ने स्वयं 30 अप्रैल 2026 को एक शेड्यूल जारी किया था, जिसके अनुसार आपत्तियों के निपटारे के लिए 11 मई 2026 और मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के लिए 12 मई 2026 की तारीख तय की गई थी। क्यों लगे कानून के उल्लंघन के आरोप? लेकिन हैरानी की बात यह है कि कई जिलों में इस अवधि के समाप्त होने से पहले ही अंतिम अधिसूचना जारी कर दी गई, जो सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है। भाजपा नेताओं ने कहा कि माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में सरकार ने आश्वासन दिया था कि वार्डबंदी और मतदाता सूची के संबंध में सभी आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा। लेकिन बिना किसी सुनवाई के अधिसूचना जारी करना अदालत की अवमानना है। भाजपा ने दावा किया है कि कई वार्डों में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या वहां की कुल जनसंख्या से भी अधिक दिखाई गई है, जो कि एक 'जनसांख्यिकीयअसंभव' बात है। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्डों के आरक्षण में रोटेशन के नियमों को ताक पर रख दिया गया है। जहां एससी जनसंख्या अधिक है, उन वार्डों की अनदेखी कर कम जनसंख्या वाले वार्डों को आरक्षित कर दिया गया है। पार्टी ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा दिखाई जा रही जल्दबाजी विपक्षी दलों को तैयारी का मौका न देने की एक साजिश है ताकि चुनावों की निष्पक्षता को खत्म किया जा सके। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने क्या कहा? भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि चुनाव आयोग ने तुरंत इन अवैध अधिसूचनाओं को वापस नहीं लिया और आपत्तियों का निपटारा नहीं किया, तो पार्टी उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी और पूरी चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग करेगी। उन्होंने मांग की है कि चुनावी प्रक्रिया को तुरंत स्थगित किया जाए। आपत्तियों के निपटारे के लिए ''स्पीकिंग ऑर्डर'' जारी किए जाएं। मतदाता सूची के संशोधन के बाद उम्मीदवारों के चयन के लिए नया और उचित समय दिया जाए।  

बिना गार्ड वाले ATM बनते थे निशाना: जालंधर पुलिस ने लुटेरे गिरोह का किया पर्दाफाश

जालंधर जालंधर देहात पुलिस ने एटीएम लूट की बड़ी वारदातों को अंजाम देने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने भोगपुर के यूके बैंक और किशनगढ़ के एसबीआई बैंक के एटीएम को निशाना बनाने वाले तीन आरोपियों कमलजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह और हरप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया। जालंधर के एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि बीती 1 और 2 मई की मध्यरात्रि को अपराधियों ने दो अलग-अलग जगहों पर एटीएम लूटने की कोशिश की थी। पहली वारदात भोगपुर स्थित यूके बैंक के एटीएम में हुई और दूसरी किशनगढ़ में एसबीआई बैंक के एटीएम में। इन घटनाओं की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत विशेष टीमों का गठन किया। तकनीकी जांच और खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की और गिरोह के तीन मुख्य सदस्यों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कमलजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह और हरप्रीत सिंह के रूप में हुई है। ड्राइवर बनकर करते थे रेकी पुलिस पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी पेशे से ड्राइवर हैं। अपनी इसी नौकरी की आड़ में वे अलग-अलग रूटों पर जाते थे और ऐसे एटीएम की पहचान करते थे जहां सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता नहीं होते थे। एसएसपी विर्क ने बताया कि यह गिरोह विशेष रूप से उन एटीएम को टारगेट करता था, जहां रात के समय कोई सिक्योरिटी गार्ड तैनात नहीं होता था। वारदात से पहले आरोपी कई दिनों तक उस इलाके की रेकी करते थे ताकि पुलिस की गश्त और स्थानीय हलचल का पता लगा सकें। हथियार और वाहन बरामद गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वह गाड़ी भी बरामद की है, जिसका इस्तेमाल वे वारदात के बाद भागने के लिए करते थे। इसके अलावा, एटीएम मशीन को काटने और तोड़ने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कटर और अन्य लोहे के औजार भी पुलिस ने जब्त किए हैं। पुलिस का मानना है कि इन आरोपियों की गिरफ्तारी से इलाके में एटीएम लूट की घटनाओं पर लगाम लगेगी। आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने पहले कितनी और वारदातों को अंजाम दिया है। रिमांड पर शुरू हुई पूछताछ पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उन्हें माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने उनका रिमांड हासिल किया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ करेगी। पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके द्वारा की गई पिछली वारदातों के बारे में भी अहम सुराग मिल सकते हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि चोरी किए गए कैश को वे कहां ठिकाने लगाते थे।  

‘आरोप साबित हुए तो सियासत छोड़ दूंगा’: AAP MLA का मजीठिया पर तीखा वार

लुधियाना लुधियाना हलका सेंट्रल से आम आदमी पार्टी के विधायक अशोक पराशर पप्पी ने अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार, ठगी और अवैध वसूली के गंभीर आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। एक दिन पहले अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और विधायक के कथित पूर्व पीए। घर को ही प्रेस क्लब बना लिया है प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विधायक अशोक पराशर पप्पी अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर जमकर बरसे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा मजीठिया ने अपने घर में ही एक प्रेस क्लब खोल रखा है। जो कोई भी झूठी कहानी लेकर उनके पास पहुंच जाता है, उसे वो अपने साथ बिठा लेते हैं और बिना किसी जांच-पड़ताल के प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देते हैं। विधायक ने बड़ी चुनौती देते हुए कहा कि अगर मजीठिया और निखिल सभरवाल अपनी बातों में जरा भी सच्चे हैं तो वे मेरे साथ गुरु घर (गुरुद्वारा साहिब) चलें। वहां पांच प्यारे बैठें और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करें। अगर मैं इस जांच में दोषी या गलत पाया गया तो मैं उसी वक्त हमेशा के लिए सियासत छोड़ दूंगा। निखिल एक हैकर है, जिन खातों की बात हो रही वो मेरे हैं ही नहीं कल निखिल द्वारा मीडिया के सामने जारी की गई बैंक स्टेटमेंट पर सफाई देते हुए विधायक ने इसे पूरी तरह फर्जी बताया। उन्होंने कहा कि जिन बैंक खातों के नंबर दिखाकर पैसे ट्रांसफर होने के दावे किए जा रहे हैं असल में उन बैंकों में उनका या उनके किसी परिवार वाले का कोई अकाउंट ही नहीं है। विधायक ने निखिल को एक शातिर इंसान और हैकर बताते हुए कहा कि इसने पहले भी एक अन्य व्यक्ति की आईडी हैक की थी। विधायक ने स्पष्ट किया कि वे इस पूरे झूठे प्रकरण को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। कल मजीठिया और निखिल ने लगाए थे ये आरोप यह सारा विवाद तब शुरू हुआ जब विधायक के दफ्तर इंचार्ज रहे निखिल सभरवाल जो की चाय का कम करता था बिक्रम सिंह मजीठिया से मुलाकात की। दोनों ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मजीठिया ने आम आदमी पार्टी को एक बिजनेस मॉडल बताते हुए विधायक और उनके बेटे पर करोड़ों रुपए ऐंठने का आरोप लगाया था। 30 लाख की ट्रांजेक्शन का दावा निखिल ने बैंक स्टेटमेंट सार्वजनिक करते हुए आरोप लगाया था कि 24 अप्रैल 2024 को नगर निगम के एक बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने उसके (निखिल के) खाते में 30 लाख रुपए डाले थे। उसका दावा था कि अगले ही दिन इसमें से 15 लाख रुपए विधायक पप्पी पराशर के खाते में और 99 हजार रुपए उनके बेटे के खाते में ट्रांसफर किए गए। बकाया 14 लाख रुपए कैश निकालकर उसने विधायक को सौंपे थे। मजीठिया ने सवाल उठाया था कि एक इंस्पेक्टर किस हैसियत से निखिल को 30 लाख रुपए दे रहा है? उन्होंने इस मामले में ED की जांच की मांग की थी। डीसी रेट पर भर्ती के लिए 1 लाख रुपए फीस निखिल ने खुद को विधायक के दफ्तर का इंचार्ज बताते हुए अपना आईडी कार्ड भी दिखाया था। उसने दावा किया कि विधायक की तरफ से डीसी रेट पर सरकारी विभागों (39 क्लर्क और 87 कर्मचारी) में भर्ती करवाने के लिए प्रति व्यक्ति एक लाख रुपए की फीस तय की गई थी। निखिल के मुताबिक, उसने 100 से ज्यादा लोगों से पैसे लेकर विधायक को पहुंचाए। नौकरी से निकाला और धमकियां दीं निखिल ने आरोप लगाया कि जब लोगों की भर्तियां नहीं हुईं और वे पैसे वापस मांगने विधायक के दफ्तर आने लगे (जिनमें निखिल के रिश्तेदार भी थे), तो खुद को फंसता देख विधायक ने 2 साल पहले उसे नौकरी से निकाल दिया। उलटा, एसीपी सेंट्रल से कहकर उसी पर ठगी का पर्चा (FIR) दर्ज करवा दिया और सारा दोष उसके सिर मढ़ दिया। निखिल ने वीडियो जारी कर यह भी कहा था कि विधायक ने उसे शहर छोड़ने की धमकी दी है और कहा है कि अगर उसने कहीं उनका नाम लिया तो उसके घर के 2-3 लोगों को मरवाने में उन्हें कोई हिचक नहीं होगी।  

ड्रग माफिया पर प्रशासन सख्त: गंभीर मामलों में आरोपी तस्कर के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

अमृतसर अमृतसर के मजीठा में नशा तस्करों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस और नगर काउंसिल ने संयुक्त रूप से एक नशा तस्कर के घर पर बुलडोजर चलाया। यह कार्रवाई मजीठा के खासा पत्ती इलाके में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में की गई। प्रशासन का कहना है कि यह मकान अवैध तरीके से बनाया गया था और पहले ही संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन तय समय के बावजूद निर्माण नहीं हटाया गया। इसके बाद प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा। SSP सुहेल मीर ने दी कार्रवाई की जानकारी SSP देहाती सुहेल मीर ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई वार्ड नंबर 4 में स्थित उस संपत्ति पर की गई, जहां सुनील और उसका भाई करण उर्फ कन्नू रहते थे। सुनील के खिलाफ हरियाणा में यूएपीए एक्ट के तहत मामला दर्ज है और वह फिलहाल जेल में बंद है। वहीं करण उर्फ कन्नू के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत पांच मामले दर्ज हैं, जिनमें कमर्शियल मात्रा में नशा बरामद होने के केस भी शामिल हैं। कानून के मुताबिक होगी सख्त कार्रवाई एसएसपी सुहेल मीर ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा चलाए जा रहे “युद्ध नशों के विरुद्ध” अभियान के तहत ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने साफ किया कि यह कार्रवाई केवल अवैध निर्माण के आधार पर की गई है। प्रशासन का कहना है कि जहां भी गैर-कानूनी कब्जे या अवैध निर्माण पाए जाएंगे, वहां कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।