samacharsecretary.com

पंजाब में बिगड़ा मौसम का मिजाज, 7 मई तक बारिश-आंधी का येलो अलर्ट जारी

लुधियाना. जम्मू-कश्मीर व हिमाचल के ऊपरी हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पिछले तीन दिनों से मौसम बदल गया है। कई जिलों में सुबह तेज हवाओं के बीच हल्की वर्षा हो रही है। शुक्रवार को भी चार जिलों में हल्की वर्षा दर्ज की गई, जबकि दो जिलों में बूंदाबांदी हुई। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार मोहाली में 5.5 मिलीमीटर, रोपड़ में 1.5 मिलीमीटर, चंडीगढ़ में 2.6 मिलीमीटर व एसबीएस नगर में 0.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं पठानकोट व होशियारपुर में बूंदाबांदी हुई। मौसम में आए बदलाव के चलते पंजाब में लू नहीं चल रही और दिन का तापमान भी सामान्य से दो से तीन डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया जा रहा है। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार से सात मई तक पंजाब के अलग अलग जिलों में गरज के साथ छींटे पड़ने, बूंदाबांदी व कहीं कहीं हल्की वर्षा के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवा चल सकती है। कुछ जिलों में सुबह के समय सामान्य से मध्यम वर्षा की भी संभावना है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।

पंजाब में मौसम का मिजाज बदला, 7 मई तक बारिश और धूलभरी तेज हवाओं का यलो अलर्ट

लुधियाना  जम्मू-कश्मीर व हिमाचल के ऊपरी हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पिछले तीन दिनों से मौसम बदल गया है। कई जिलों में सुबह तेज हवाओं के बीच हल्की वर्षा हो रही है। शुक्रवार को भी चार जिलों में हल्की वर्षा दर्ज की गई, जबकि दो जिलों में बूंदाबांदी हुई। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार मोहाली में 5.5 मिलीमीटर, रोपड़ में 1.5 मिलीमीटर, चंडीगढ़ में 2.6 मिलीमीटर व एसबीएस नगर में 0.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं पठानकोट व होशियारपुर में बूंदाबांदी हुई। मौसम में आए बदलाव के चलते पंजाब में लू नहीं चल रही और दिन का तापमान भी सामान्य से दो से तीन डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया जा रहा है। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार से सात मई तक पंजाब के अलग अलग जिलों में गरज के साथ छींटे पड़ने, बूंदाबांदी व कहीं कहीं हल्की वर्षा के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवा चल सकती है। कुछ जिलों में सुबह के समय सामान्य से मध्यम वर्षा की भी संभावना है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।

पंजाब सरकार का बड़ा कदम: 6 IAS और 39 PCS अधिकारियों के ट्रांसफर, कई अहम विभागों में बदलाव

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने शुक्रवार को बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 6 आईएएस और 39 पीसीएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए। सरकार ने कई अहम विभागों और जिलों में नई तैनातियां करते हुए प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव किया है। इस फेरबदल को सरकार की प्रशासनिक कसावट और विभिन्न विभागों में कार्यकुशलता बढ़ाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। गृह, आवास एवं शहरी विकास, कृषि, परिवहन और राजस्व विभाग सहित कई महत्वपूर्ण महकमों में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आईएएस अधिकारियों में नीलिमा को सचिव गृह नियुक्त किया गया है। मनीष राणा एमडी पीआरटीसी पटियाला नियुक्त साक्षी साहनी को मुख्य प्रशासक, डिपार्टमेंट ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट के साथ अतिरिक्त तौर पर डायरेक्टर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की जिम्मेदारी दी गई है। संदीप कुमार को मुख्य प्रशासक गमाडा बनाया गया है। अभिजीत कपलिश को डायरेक्टर माइनिंग एंड जियोलॉजी के साथ अतिरिक्त तौर पर चीफ एग्जीक्यूटिव पेड़ा नियुक्त किया गया है। मनीष राणा को एमडी पीआरटीसी पटियाला और लतीफ अहमद को अतिरिक्त सचिव कृषि एवं किसान कल्याण के साथ पंजाब वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। राजेश कुमार शर्मा बने तलवंडी साबो के एसडीएम   पीसीएस अधिकारियों में भी बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है। संजीव शर्मा को एडीसी जनरल शहीद भगत सिंह नगर, रोहित गुप्ता को अतिरिक्त रेजिडेंट कमिश्नर एवं जनरल मैनेजर पंजाब भवन नई दिल्ली, अलका कालिया को एसडीएम अमृतसर-1 और एस्टेट ऑफिसर अमृतसर डेवलपमेंट अथॉरिटी नियुक्त किया गया है। दीपज्योति कौर को एसडीएम बस्सी पठाना, हरप्रीत सिंह अटवाल को आरटीओ मोहाली, राजेश कुमार शर्मा को एसडीएम तलवंडी साबो और अतिरिक्त तौर पर आरटीओ बठिंडा लगाया गया है। लक्ष्मण सिंह को एसडीएम जीरा नियुक्त किया इसके अलावा मनजीत कौर को एसडीएम भवानीगढ़, अर्शदीप सिंह लुभाने को एडीसी जनरल पठानकोट, शुभ अग्रवाल को एसडीएम जालंधर-1, अंकिता कांसल को एसी जनरल मोहाली, मनदीप सिंह मान को एसडीएम पठानकोट, सुखजिंदर सिंह टिवाना को एसडीएम राजपुरा, तरुण गुप्ता को एसडीएम फतेहगढ़ साहिब, मनवीर सिंह ढिल्लों को एसडीएम लोपोके और लक्ष्मण सिंह को एसडीएम जीरा नियुक्त किया गया है। सरकार ने कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे हैं। प्रशासनिक हलकों में इस बड़े फेरबदल को आगामी चुनौतियों और विकास कार्यों को गति देने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

पंजाब में होटल-रेस्टोरेंट्स में खाने की कीमतों में 20% तक बढ़ोतरी, कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹1380 बढ़ी

लुधियाना  अगर आप होटल-रेस्टोरेंट में खाने के शौकीन हैं तो अगले वीकेंड से आपको खाने के लिए जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी के बाद होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने खाने के रेट बढ़ाने का फैसला कर लिया। पंजाब होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरवीर सिंह की मानें तो गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से कुकिंग कॉस्ट में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो गई। होटल रेस्टोरेंट्स मालिकों के लिए पुरानी कीमत पर खाना बनाना अब मुश्किल है। एसोसिएशन ने फैसला किया कि अगर सरकार ने गैस की कीमतों की कई गई बढ़ोत्तरी वापस नहीं ली तो अगले वीकेंड से खाने की कीमत 15 से 20 प्रतिशत बढ़ाई जाएगी। उनका तर्क है कि गैस की कीमतें चार महीने में 1380 रुपए बढ़ गई। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन का एक शिष्टमंडल सोमवार को केंद्र सरकार के साथ बैठक कर रही है ताकि कमर्शियल गैस की कीमतों में हो रही बढ़ोत्तरी पर लगाम लगाया जा सके। अमरवीर ने बताया कि सोमवार को होने वाली बैठक के बाद खाने के रेट बढ़ाए जाएंगे। कुकिंग कॉस्ट में 20% का उछाल: होटल मालिकों ने खड़े किए हाथ पंजाब होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरवीर सिंह का कहना है कि गैस की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने होटल और रेस्टोरेंट के किचन का बजट पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सिर्फ गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई इस वृद्धि के कारण खाने की कुकिंग कॉस्ट 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गई है। अमरवीर सिंह ने कहा, "हम पिछले कई महीनों से बढ़ती लागत को खुद सह रहे थे, लेकिन ₹1000 की एकमुश्त बढ़ोतरी ने हमारी कमर तोड़ दी है। अब हमारे पास खाने के रेट बढ़ाने के अलावा और कोई चारा नहीं बचा है। यदि हम ऐसा नहीं करते, तो पंजाब का पूरा होटल उद्योग घाटे में डूब जाएगा।" जनवरी से मई तक तेजी से बढ़ी गैस की कीमतें इस साल की शुरुआत 1 जनवरी 2026 को हुई, जब नए साल के पहले ही दिन कीमतों में ₹111 की बढ़ोतरी की गई, जिससे सिलेंडर ₹1,691.50 का हो गया। इसके ठीक एक महीने बाद 1 फरवरी 2026 को फिर से ₹49 की मामूली वृद्धि हुई और कीमत ₹1,740.50 तक पहुंच गई। मार्च का महीना व्यापारियों के लिए दोहरी मार लेकर आया। पहले 1 मार्च को कीमतों में ₹30 का इजाफा हुआ और फिर ठीक 6 दिन बाद 7 मार्च 2026 को युद्ध और ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस का हवाला देते हुए कीमतों में ₹115 की बड़ी छलांग लगाई गई, जिससे सिलेंडर ₹1,883 के करीब पहुंच गया। महंगाई का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। 1 अप्रैल 2026 को कीमतों में फिर से ₹195.50 की बड़ी बढ़ोतरी हुई और सिलेंडर ₹2,078.50 के स्तर को पार कर गया। लेकिन सबसे बड़ा 'महा-झटका' 1 मई 2026 को लगा, जब अब तक की सबसे रिकॉर्ड वृद्धि करते हुए केंद्र सरकार ने एक ही झटके में ₹993 बढ़ा दिए। अब कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमत ₹3,071.50 हो गई है। यानी मात्र 120 दिनों के भीतर एक सिलेंडर पर करीब ₹1,380 का अतिरिक्त बोझ बढ़ चुका है। अगले वीकेंड से लागू होंगे नए रेट कार्ड एसोसिएशन ने अल्टीमेटम दिया है कि वे सोमवार को केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ इस मसले पर बैठक करेंगे। बैठक में सरकार के सामने कीमतों को घटाने या कमर्शियल गैस पर सब्सिडी देने की मांग रखी जाएगी। अमरवीर सिंह ने साफ कर दिया है कि यदि सरकार ने इस मामले में कोई राहत नहीं दी, तो अगले वीकेंड तक पूरे पंजाब के होटलों, रेस्टोरेंट्स, ढाबों और फास्ट फूड जॉइंट्स में खाने के दाम 15 से 20% तक बढ़ा दिए जाएंगे। पंजाब के 8000 से ज्यादा रेस्टोरेंट्स पर असर अमरवीर ने कहा कि पंजाब में छोटे ढाबों से लेकर फाइव स्टार होटलों तक करीब 8000 से ज्यादा इकाइयां काम कर रही हैं। रेट बढ़ने का असर न केवल आलीशान होटलों पर पड़ेगा, बल्कि उन आम लोगों पर भी पड़ेगा जो काम के सिलसिले में या छोटे फंक्शन्स के लिए ढाबों और मिड-रेंज रेस्टोरेंट्स पर निर्भर हैं। मिडिल क्लास परिवारों के लिए अब बाहर खाना एक लग्जरी बनता जा रहा है।

पंजाब में FIR, AAP छोड़कर BJP में गए संदीप पाठक के खिलाफ कार्रवाई

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक की मुश्किलें बढ़ सकती है। सूत्रों अनुसार उनके खिलाफ पंजाब के 2 अलग-अलग जिलों में एफआईआर दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। पंजाब के अलग-अलग जिलों से जुड़े हुए हैं दोनों केस सूत्रों के अनुसार, संदीप पाठक के खिलाफ दर्ज दोनों मामलों में गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं, जिससे पुलिस को किसी भी समय सख्त कार्रवाई करने का अधिकार मिल गया है। बताया जा रहा है कि ये दोनों केस पंजाब के अलग-अलग जिलों से जुड़े हुए हैं। सामने आया संदिप पाठक का बयान उधर, संदिप पाठक ने FIR की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा: “मुझे ऐसी किसी भी FIR की जानकारी नहीं है, और न ही किसी पुलिस अधिकारी ने मुझे इसके बारे में सूचित किया है। मैंने अपना पूरा जीवन ईमानदारी और निष्ठा के साथ देश की सेवा में लगाया है। देश किसी भी पार्टी से बड़ा है—मैं न कभी इसके साथ विश्वासघात करूंगा और न किसी और को ऐसा करने दूंगा। अगर मेरे जैसे व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है, तो यह केवल उनके डर को दर्शाता है। मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता।” हालांकि अभी तक पुलिस या संबंधित अधिकारियों की ओर से मामले की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। लेकिन कानूनी स्थिति को देखते हुए यह माना जा रहा है कि आने वाले समय में पुलिस कार्रवाई तेज हो सकती है। फिलहाल, पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं और आगे की अपडेट का इंतजार किया जा रहा है।

पंजाब में छात्रों के लिए नया विकल्प: PSEB ने लॉन्च किया ई-कॉमर्स पोर्टल, डायरेक्ट मिलेंगी किताबें

 चंडीगढ़  पंजाब में स्कूली शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 2026-27 शैक्षणिक सत्र से पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) निजी स्कूलों के पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों को सीधे किताबें उपलब्ध कराएगा। इस पूरी प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए बोर्ड ने एक समर्पित ई-कॉमर्स पोर्टल और मोबाइल एप तैयार किया है, जिसके जरिए किताबों की खरीद और वितरण पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत छात्र और अभिभावक घर बैठे ही मोबाइल एप या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जरूरत के अनुसार किताबों का आर्डर दे सकेंगे। इसके साथ ही स्कूलों को कक्षा और विषयवार अपनी मांग डिजिटल रूप से अपलोड करनी होगी। प्रत्येक छात्र को अलग लागइन क्रेडेंशियल दिए जाएंगे, जिससे अभिभावक सीधे पोर्टल पर जाकर आर्डर प्लेस कर सकें और पूरी प्रक्रिया पर नजर रख सकें। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किताबों की आपूर्ति में बिचौलियों की भूमिका खत्म करना, लागत को कम करना और समय पर किताबों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। नई व्यवस्था में स्कूल केवल वितरण की जिम्मेदारी निभाएंगे और किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं ले सकेंगे। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि छूट वाले प्रिंटेड बिल मूल्य से अधिक कोई राशि नहीं वसूली जाएगी, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम होगा। पीएसईबी के चेयरमैन अमरपाल सिंह ने बताया कि इस पोर्टल को सुरक्षित ऑनलाइन पेमेंट गेटवे से जोड़ा गया है, जिससे लेन-देन पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि सिस्टम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ओवरचार्जिंग की कोई गुंजाइश न रहे और हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

PSEB ने पंजाब के छात्रों को दिया सुनहरा मौका, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया हुई शुरू

चंडीगढ़ पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने राज्य के हजारों विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। जो छात्र पिछले 16 वर्षों में 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा पास नहीं कर सके, उनके लिए बोर्ड ने विशेष मौका (स्पेशल मर्सी चांस) देने हेतु ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। पात्र उम्मीदवार 25 मई 2026 तक बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार के लिए छात्रों को मौका  यह विशेष अवसर उन उम्मीदवारों के लिए है, जिन्होंने मार्च 2010 से मार्च 2025 के बीच 10वीं या 12वीं की परीक्षा दी थी और जिनके री-अपीयर या कंपार्टमेंट के सभी मौके समाप्त हो चुके हैं या जो अपने शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार करना चाहते हैं। इसके अलावा वे उम्मीदवार भी इसके लिए पात्र हैं, जिन्होंने मार्च 2010 से मार्च 2026 के बीच परीक्षा दी और फेल हो गए, बशर्ते उन्होंने कम से कम एक मुख्य विषय पास किया हो। बोर्ड की अधिकारिक वेबसाइट पर अधिक जानकारी  यह मौका 10वीं और 12वीं की ओपन स्कूल स्ट्रीम के विद्यार्थियों के लिए भी उपलब्ध है। ऑनलाइन आवेदन फॉर्म और विस्तृत दिशा-निर्देश बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.pseb.ac.in पर उपलब्ध हैं। बोर्ड द्वारा दिया गया यह स्पेशल मर्सी चांस उन विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर है, जो अपनी अधूरी पढ़ाई पूरी कर अपने भविष्य को नई दिशा देना चाहते हैं। 

मौसम विभाग का अलर्ट: पंजाब में 2 से 6 मई के बीच बारिश और तूफान की संभावना

चंडीगढ़  पहाड़ी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि के चलते पंजाब का मौसम सुहावना हो गया है और ठंडी हवाएं चल रही हैं। बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली है। 2 मई से मौसम खराब हो सकता है मौसम  हालांकि मौसम विभाग ने 2 से 6 मई के बीच बारिश, गरज-तूफान और बिजली चमकने की संभावना जताई है और इसको लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 1 मई के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया, लेकिन 2 मई से मौसम खराब हो सकता है। ऐसे में इन तारीखों के दौरान कहीं जाने से पहले मौसम की जानकारी जरूर ले लें। 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना इस दौरान पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। मौसम केंद्र के अनुसार 7 मई को बारिश की संभावना नहीं है। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है, जिसके बाद 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की उम्मीद है।  

पंजाब में मजदूरों की सैलरी में बढ़ोतरी, सीएम भगवंत मान ने झटके में किया ऐलान

चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मजदूरों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐतिहासिक ऐलान किया है. सीएम मान के अनुसार यह वृद्धि सरकारी और गैर-सरकारी दोनों क्षेत्रों के सभी मजदूरों पर समान रूप से लागू होगी. विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब में 13 साल के लंबे अंतराल के बाद न्यूनतम मजदूरी में संशोधन किया गया है. उन्होंने इसे राज्य के मेहनतकश वर्ग की आर्थिक मजबूती की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम करार दिया. इस फैसले से प्रदेश के लाखों अकुशल और कुशल श्रमिकों के वेतन में सीधा इजाफा होगा जिससे उन्हें महंगाई के दौर में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।  पंजाब न्यूनतम मजदूरी वृद्धि · 15% की वृद्धि: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के सभी श्रेणी के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है।  · व्यापक कवरेज: यह फैसला सरकारी और गैर-सरकारी दोनों क्षेत्रों के मजदूरों पर समान रूप से लागू होगा।  · 13 साल का अंतराल: राज्य में न्यूनतम मजदूरी में यह संशोधन पूरे 13 वर्षों के लंबे समय के बाद किया गया है।  · श्रमिकों को लाभ: इस क्रांतिकारी कदम से प्रदेश के लाखों अकुशल और कुशल श्रमिकों के वेतन में सीधा इजाफा होगा।  · आर्थिक राहत: मुख्यमंत्री ने इसे मेहनतकश वर्ग को महंगाई के दौर में आर्थिक मजबूती देने वाला कदम बताया है।  मजदूरों की लंबे समय से मांग हुई पूरी यह फैसला पंजाब की अर्थव्यवस्था और श्रम शक्ति के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है: 1. परचेजिंग पावर में वृद्धि: वेतन में 15% की बढ़ोतरी से निचले स्तर के श्रमिकों के हाथ में अधिक पैसा आएगा, जिससे बाजार में मांग बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।  2. महंगाई से लड़ने में सहायक: वर्तमान आर्थिक स्थिति में जहां जीवनयापन की लागत बढ़ रही है, यह वृद्धि श्रमिकों को बुनियादी जरूरतें पूरी करने में मदद करेगी।  3. श्रमिकों का पलायन रोकना: मजदूरी में सुधार होने से पंजाब पड़ोसी राज्यों के मुकाबले श्रमिकों के लिए अधिक आकर्षक बनेगा, जिससे लेबर शॉर्टेज की समस्या कम हो सकती है।  4. लंबे समय से लंबित सुधार: 13 साल तक मजदूरी न बढ़ाना एक बड़ा अंतराल था; यह निर्णय दर्शाता है कि सरकार अब श्रम कल्याण को प्राथमिकता दे रही है।  सवाल-जवाब पंजाब में न्यूनतम मजदूरी में कितने प्रतिशत की वृद्धि की गई है? मुख्यमंत्री भगवंत मान ने न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है. क्या यह वृद्धि केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए है? नहीं, मुख्यमंत्री के अनुसार यह वृद्धि सरकारी और गैर-सरकारी (प्राइवेट) दोनों क्षेत्रों के सभी मजदूरों पर समान रूप से लागू होगी. पंजाब में पिछली बार न्यूनतम मजदूरी कब संशोधित हुई थी? मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बताया कि पंजाब में यह संशोधन 13 साल के लंबे अंतराल के बाद किया गया है. पंजाब में मजदूरों की सैलरी बढ़ने से किन श्रेणियों के श्रमिकों को लाभ होगा? इस फैसले से प्रदेश के लाखों अकुशल और कुशल श्रमिकों के वेतन में सीधा इजाफा होगा. इस कदम के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य क्या है? इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के मेहनतकश वर्ग को आर्थिक रूप से मजबूत करना और उन्हें महंगाई के दौर में बड़ी राहत प्रदान करना है.

चंडीगढ़ में क्लर्क और स्टेनो की भर्ती पर रोक, नियमों की वैधता पर उठे सवाल

चंडीगढ़ यूटी प्रशासन में क्लर्क और स्टेनो टाइपिस्ट पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया पर सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) ने अंतरिम रोक लगा दी है। भर्ती को लेकर शैक्षणिक योग्यता और वेतनमान के लिए तय किए गए नियमों को कैट में चुनौती दी गई थी। कैट ने पहली नजर में केस को स्वीकार करते हुए भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने के निर्देश दिए। अब मामले की अगली सुनवाई 25 मई को होगी और तब तक भर्ती प्रक्रिया पर रोक रहेगी। मामले में याचिकाकर्ता ने 30 जनवरी 2026 की अधिसूचना को चुनौती देते हुए कहा कि इसमें तय की गई शैक्षणिक योग्यता और वेतनमान केंद्र सरकार के नियमों के अनुरूप नहीं हैं। याचिका में यह भी मांग की गई कि 31 मार्च और चार अप्रैल 2026 को जारी सार्वजनिक नोटिस को रद किया जाए, जिनके जरिए 234 क्लर्क और 23 स्टेनो टाइपिस्ट पदों के लिए आवेदन मांगे गए। याचिकाकर्ता का तर्क था कि 2022 में गृह मंत्रालय द्वारा जारी नियमों के अनुसार चंडीगढ़ प्रशासन के कर्मचारियों की सेवा शर्तें केंद्र सरकार के समान होनी चाहिए। इसके बावजूद नई भर्ती में क्लर्क और स्टेनो पदों के लिए अलग नियम अपनाए गए हैं। वहीं, चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से दलील दी गई कि संविधान के अनुच्छेद 309 और पूर्व अधिसूचनाओं के तहत प्रशासन को भर्ती नियम बनाने का अधिकार है और 2026 के नियम उसी के तहत बनाए गए हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ट्रिब्यूनल ने पाया कि प्रथम दृष्टा भर्ती नियम केंद्र सरकार के निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं और आवश्यक स्वीकृति भी नहीं ली गई है। ट्रिब्यूनल ने अंतरिम राहत देते हुए 31 मार्च और चार अप्रैल के नोटिस के तहत जारी भर्ती प्रक्रिया पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।