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वाहन चालकों पर बढ़ा बोझ, मांडर टोल पर फिर बढ़े नए रेट

 मांडर एनएच में मांडर टोल प्लाजा में एक महीने में दूसरी बार टोल टैक्स के दर में भारी बढ़ोतरी वाहन मालिक पर बोझ बनते जा रहा है। बताया जा रहा है कि यहां एक अप्रैल को ही टोल टैक्स के दरों में प्रति वाहन 5 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। उसके बाद फिर एक माह पूरा होते ही दूसरी बार एक मई से प्रति वाहन 40 से 275 रुपये तक टोल टैक्स बढ़ा दिया गया है। मांडर टोल प्लाजा के मैनेजर अभिषेक साहू के अनुसार पूर्व में कार, जीप, वैन अन्य लाइट वाहन का सिंगल जर्नी में टोल टैक्स 80 रुपये और उसी दिन रिटर्न जर्नी पर 115 रुपये लगता था। जो अब बढ़कर 120 व 180 रुपये हो गया है। सेम डे के रिटर्न जर्नी बढ़कर 405 व 610 इसी तरह कमर्शियल व्हीकल व लाइट गुड्स व्हीकल में पूर्व में टोल टैक्स का दर सिंगल जर्नी में 125 व रिटर्न जर्नी पर 190 रुपये थे जो अब बढ़कर 195 व 290 रुपये हो गया है। बस व ट्रक में पहले सिंगल जर्नी में 265 व सेम डे के रिटर्न जर्नी में 395 रुपये लगता था जो अब बढ़कर 405 व 610 हो गया है। थ्री एक्सल कमर्शियल व्हीकल में पूर्व में सिंगल जर्नी में 285 व रिटर्न जर्नी में 430 रुपये लगता था जो अब बढ़कर 445 व 665 हो गया है। चार से छह एक्सल वाले व्हीकल में पूर्व में सिंगल जर्नी पर 410 व रिटर्न जर्नी पर 620 रुपये लगता था जो अब बढ़कर 635 व 955 हो गया है। फास्टटैग लेन देन ऑटोमेटिक मोड से होगा इसके अलावा ओवरसाइज व्हीकल में पूर्व में सिंगल जर्नी पर 500 व सेम डे रिटर्न जर्नी पर 755 रुपये लगते थे जो अब बढ़कर 775 के 1165 रुपया हो गया है। इसके अलावा सभी प्रकार के वाहनों के मासिक पास के दर में भी भारी बढ़ोतरी की गई है। साथ ही टोल प्लाजा में अब एक मई से सौ प्रतिशत फास्टटैग लेन देन ऑटोमेटिक मोड से होगा। वाहन का नंबर डालकर मैनुअल मोड की व्यवस्था बंद हो गई है. मैनेजर अभिषेक साहू ने बताया की टॉल टैक्स दर मे बढ़ोतरी मांडर के अलावा रांची गुमला मार्ग पतराचौली टॉल प्लाजा मे दरों की बढ़ोतरी हुई है।  

मुजफ्फरपुर में फार्मर रजिस्ट्री अभियान तेज,पीएम किसान और सब्सिडी योजनाओं से जोड़ने की पहल

 मुजफ्फरपुर  कम जमीन वाले किसान भी हैं तो अनिवार्य रूप से फार्मर रजिस्ट्री (Bihar Farmer Registry 2026) कराएं। यह जरूरी नहीं है कि जिनके पास बीघा और एकड़ में जमीन है वही किसान है। किसी ने एक या दो कट्ठा भूमि भी खेती के लिए खरीदी है। अगर उनके नाम पर जमाबंदी है तो अनिवार्य रूप से फार्मर रजिस्ट्री कराएं, ताकि उन्हें उर्वरक, धान अधिप्राप्ति, पीएम किसान सम्मान निधि योजना समेत सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उक्त बातें गुरुवार को डीएम सुब्रत कुमार सेन ने प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री अभियान, जनगणना और सहयोग शिविर के बारे में जानकारी दी और इसमें अधिक से अधिक लोगों को भागीदार बनने की अपील की। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक कुल दो लाख 74 हजार 321 किसानों का फार्मर रजिस्ट्री के तहत निबंधन किया जा चुका है। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े किसानों की संख्या एक लाख 41 हजार 185 है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभुक किसानों की कुल संख्या चार लाख 16 हजार 805 है। वहीं, अब तक चार लाख 55 हजार 975 किसानों का ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका है। पीएम किसान योजना से जुड़े दो लाख 93 हजार 899 किसानों का ई-केवाईसी कार्य भी पूर्ण हो चुका है। सहयोग सेल का किया गया गठन डीएम ने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी सात निश्चय-तीन योजना के अंतर्गत सबका सम्मान जीवन आसान के तहत सहयोग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। 19 मई से इसकी शुरुआत होगी। आम नागरिकों की सुविधा के लिए सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100 जारी किया गया है, जो निःशुल्क है। शिविरों की मानिटरिंग के लिए उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में सहयोग सेल का गठन किया गया है। करीब सात लाख परिवारों तक पहुंचे प्रगणक डीएम ने जनगणना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि एक लाख नौ हजार 797 परिवारों ने स्वगणना किया। मकानों की सूचीकरण प्रक्रिया एवं संबंधित सर्वेक्षण कार्य दो से 31 मई तक चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में कुल 9151 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक हैं। इनमें से 9015 एचएलबी में कार्य प्रगति पर है। अब तक जिले में कुल छह लाख 80 हजार 493 परिवारों को कवर किया गया है। वहीं, कुल 32 लाख 25 हजार 610 आबादी की गणना की जा चुकी है। जिला जनगणना कोषांग का गठन स्थानीय संयुक्त भवन में किया गया है। जिला सांख्यिकी पदाधिकारी को प्रभारी बनाया गया है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे सरकार द्वारा संचालित अभियान में सक्रिय सहभागी बनें, सहयोग करें तथा सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

ईंधन बचत की पहल: बिहार सीएम और मंत्रियों ने कम किए सरकारी वाहनों के इस्तेमाल

पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को नो व्हीकल डे मनाया। मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास लोकसेवक आवास से पैदल चलकर 4 कस्तुरबा गांधी मार्ग सचिवालय स्थित अपने दफ्तर पहुंचे। सम्राट चौधरी के साथ उनके सुरक्षाकर्मी और सीएम कार्यालय के अधिकारी, कर्मी भी पैदल ही पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यह कदम उठाकर बिहार की जनता को बड़ा संदेश दिया है कि यदि आवश्यक नहीं हो तो गाड़ियों के इस्तेमाल से बचें और डीजल, पेट्रोल की खपत पर नियंत्रण करें। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के असर के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री के बाद पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश भी पैदल चलकर अपने ऑफिस आए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने सही कहा है। वर्तमान हालातों में इंधन की खपत पर नियंत्रण करना बहुत जरूरी है। इससे पार्यावरण की शुद्धता बनी रहेगी और स्वास्थ्य के ख्याल से भी अच्छा रहेगा। उन्होंने बिहार के आम जनों से अपील की कि सप्ताह में एक दिन गाड़ियों के उपयोग से बचें। आवास से अपने दफ्तर पैदल जाते पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश इससे पहले गुरुवार और बुधवार को मुख्यमंत्री ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या में कटौती की। बुधवार को मुख्यमंत्री मात्र तीन गाड़ियों के काफिले के साथ अपने ऑफिस में पहुंचे। सीएम का अनुसरण करते हुए कई मंत्री भी एक या दो गाड़ी के साथ ही कार्यालय आए। नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा एक मात्र कार से आए। वे इलेक्ट्रिक कार से पहुंचे। गुरुवार को सीएम सम्राट चौधरी दरभंगा जाने के लिए पटना एयरपोर्ट पर पहुंचे तो उनके साथ एक अपनी और एक सुरक्षा कर्मियों की गाड़ी थी।     बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज अपने आवास से सचिवालय पैदल ही गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद सीएम ने अपना काफिला 3 वाहन तक समेट दिया है। बाकी मंत्री और नेता भी कम वाहनों के साथ चलने लगे हैं। कुछ ट्रेन से आते-जाते दिखे हैं।      गुरुवार को सम्राट कैबिनेट के खान एवं भूतत्व मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने ट्रेन की सवारी की। उन्हें गया जी जाना था तो ट्रेन का सहारा लिया। वंदे भारत ट्रेन से वे गया जी पहुंचे जहां से स्थानीय गाड़ी से आगे निकले। उन्होंने कहा कि ईंधन संरक्षण केवल एक आह्वान नहीं, बल्कि हमारी साझा जिम्मेदारी है। ट्रेन यात्रा से न केवल पेट्रोल-डीजल की बचत हुई, बल्कि हम आम यात्रियों के बीच घुलमिलकर उनके मुद्दों को समझने का अवसर भी मिला। उन्होंने कहा कि यह यात्रा ईंधन बचत के साथ सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहन देने का प्रयास है। बिहार सरकार विभिन्न योजनाओं में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है। यह उसी दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण है। सीएम की पहल का बड़ा असर वैशाली में दिखा। वैशाली डीएम वर्षा सिंह ने शनिवार को नो व्हीकल डे घोषित किया है। डीएम ने कहा कि मध्य पूर्व में तनाव के कारण ईंधन बचत जरूरी है। शनिवार को सरकारी कर्मी वाहन का प्रयोग नहीं करेंगे। जनता से भी अपील की गई है कि कम से कम वाहन का प्रयोग करें। बस, ऑटो का इस्तेमाल ज्यादा करें। अनावश्यक यात्रा से बचने और वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया है।

वायरल वीडियो मामल,जेडीयू विधायक अनंत सिंह की बढ़ीं मुश्किलें, पुलिस ने जांच तेज की

गोपालगंज बिहार की राजनीति में हमेशा चर्चा में रहने वाले मोकामा के जेडीयू विधायक और बाहुबली छवि वाले विधायक अनंत सिंह की परेशानियां एक बार फिर बढ़ गई हैं। उन्हें गोपालगंज वाले निजी कार्यक्रम में हथियारों की जांच कराने के लिए मीरगंज थाने आना होगा। अनंत सिंह को आना होगा मीरगंज थाने गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र में दर्ज वायरल वीडियो मामले में पुलिस ने MLA अनंत सिंह को आज यानी 15 मई को थाने में उपस्थित होकर हथियारों की फॉरेंसिक (FSL) और बैलेस्टिक जांच कराने का नोटिस जारी किया है। इस जांच से यह साफ हो जाएगा कि वीडियो में दिखाए गए हथियार लाइसेंसी थे या अवैध। कोर्ट से भी अनंत सिंह को राहत नहीं इस मामले में गोपालगंज की एडीजे-1 कोर्ट में 12-13 मई को सुनवाई हुई, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। कोर्ट ने मामले को MP-MLA स्पेशल कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया। जिसे बाद में जिला जज की अदालत में ट्रांसफर किया गया। अब इस याचिका पर आगे की सुनवाई भी आज ही यानि 15 मई को होने की संभावना है। कोर्ट का यह फैसला अनंत सिंह के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। इन लोगों पर भी मामला है दर्ज मीरगंज थाना में कांड संख्या 247/2026 दर्ज किया गया है। इसमें अनंत सिंह, भोजपुरी गायक गुंजन सिंह, कार्यक्रम के आयोजक गुड्डू राय समेत कुल 9 नामजद आरोपी हैं। पुलिस के अनुसार, आयोजन में सार्वजनिक स्थान पर हथियार प्रदर्शन, शांति भंग और अश्लीलता जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। गोपालगंज पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और जांच तेज कर दी है। इस मामले में अनंत सिंह ने गोपालगंज कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी। क्या है पूरा मामला, जानिए     2-3 मई 2026 को अनंत सिंह मीरगंज थाना के अंतर्गत आने वाले सेमराव (सेमरा) गांव आए थे।     जनेऊ संस्कार (उपनयन संस्कार) कार्यक्रम से जुड़ा है पूरा मामला।     दो दिन के इस कार्यक्रम में अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे।     वीडियो में उनके समर्थक हथियार लहराते नजर आ रहे हैं।     साथ ही डांस नृत्य और नोट उड़ाने के वीडियो भी वायरल हुए।     वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला, जिसके बाद पुलिस ने संज्ञान लिया। अनंत सिंह ने बताया बेबुनियाद और साजिश हालांकि अनंत सिंह ने पूरे मामले को बेबुनियाद और साजिश बताया है। उनका कहना है कि वे केवल कार्यक्रम में शामिल हुए थे और बिहार में ऐसे आयोजन आम हैं। उन्होंने हथियार प्रदर्शन या अश्लीलता से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है। बैलिस्टिक रिपोर्ट बन सकती है केस का टर्निंग पॉइंट पुलिस की FSL और बैलेस्टिक रिपोर्ट इस केस का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है। अगर हथियार अवैध पाए गए तो अनंत सिंह पर आर्म्स एक्ट के सख्त प्रावधान लागू हो सकते हैं। वहीं, अगर लाइसेंसी साबित हुए तो भी सार्वजनिक स्थान पर प्रदर्शन का मामला बाकी रहेगा।अनंत सिंह बिहार राजनीति के चर्चित चेहरे रहे हैं। कई आपराधिक मामलों का सामना करने के बावजूद वे लगातार चुनाव जीतते आए हैं। यह नया केस उनकी छवि पर फिर से सवालिया निशान लगा रहा है। कुल मिलाकर 15 मई को उन्हें थाने के साथ-साथ कोर्ट में भी हाजिरी बजानी होगी।  

झारखंड प्रशासन अलर्ट: ड्रग्स नेटवर्क खत्म करने के लिए तेज निगरानी और कार्रवाई का प्लान

 रांची  जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित डिस्ट्रीक्ट एनसीओआरडी कमिटी (नारकोटिक्स कंट्रोल को-ऑर्डिनेशन) की महत्वपूर्ण बैठक में जिले में बढ़ते नशीले पदार्थों के कारोबार, तस्करी और दुरुपयोग पर सख्त रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने संयुक्त कार्रवाई की रूपरेखा तय की। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के सभी थाना क्षेत्रों में ड्रग हाट स्पाट्स की तत्काल पहचान कर विशेष निगरानी बढ़ाई जाए। साथ ही एनडीपीएस एक्ट के लंबित मामलों की तेज जांच और अभियोजन सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया डी-एडिक्शन सेंटर से जोड़ने का लक्ष्य बैठक में स्कूलों, कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों में नियमित जागरूकता अभियान चलाने तथा नशे की गिरफ्त में आए युवाओं की पहचान कर उन्हें डी-एडिक्शन सेंटर से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया। मेडिकल दुकानों, फार्मेसी और रसायनिक दुकानों की सघन जांच कर प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री रोकने के निर्देश भी दिए गए। गैर कानूनी रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्रों पर कार्रवाई उपायुक्त ने सीमावर्ती इलाकों और परिवहन मार्गों पर चेकपोस्ट मजबूत करने तथा इंटर-स्टेट ड्रग तस्करी रोकने के लिए पड़ोसी जिलों के साथ समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया। ड्रग तस्करों की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया तेज करने और उनके नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में जिले में गैर कानूनी रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्रों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। वहीं अफीम की खेती रोकने के लिए पंचायत स्तर पर व्यापक अभियान चलाने की योजना बनाई गई, जिसमें मुखिया, प्रधान, समाजसेवी और जेएसएलपीएस को जोड़ा जाएगा। उपायुक्त ने अफीम की खेती से जुड़े लोगों की पहचान कर उनकी पुरानी गतिविधियों के आधार पर निगरानी रखने तथा दोबारा इस अवैध कार्य में शामिल होने से रोकने के निर्देश दिए। साथ ही ड्रग्स बेचने वालों पर कड़ी नजर रखते हुए कठोर कार्रवाई करने को कहा गया। बैठक में गौतम गोस्वामी, कुमार रजत, डॉ. प्रभात कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित थे। नशा मुक्त रांची के लक्ष्य को हासिल करना उद्देश्य उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा, रांची जिला युवा बहुल है। हमारी आने वाली पीढ़ी को नशीले पदार्थों के खतरे से बचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन और पुलिस पूर्ण समन्वय के साथ काम कर नशा मुक्त रांची के लक्ष्य को हासिल करेंगे। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि ड्रग तस्करी, अवैध ड्रग्स बिक्री, गांजा या अफीम की खेती अथवा किसी भी नशीले पदार्थ से जुड़ी गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस, स्थानीय थाना या मादक पदार्थ निषेध सूचना केंद्र के टोल फ्री नंबर 1933 पर सूचना दें। गुमनाम सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

रांची में नई योजन,बिना नक्शा बने मकानों को नियमित करने का मिलेगा मौका

रांची नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने आम लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के अंदर अपने अवैध बने भवनों को नियमित करने के लिए आवेदन कर दें ताकि समय पर काम पूरा हो सके। वह गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में झारखंड अनधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली, 2026 के तहत ऑनलाइन पोर्टल का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है जहां आम लोगों को मौका प्रदान किया जा रहा है कि वे भवनों का नियमितीकरण करा सकेंगे। सरकार ने आम लोगों को राहत प्रदान करने के लिए यह योजना लांच की है। अब लोग घर बैठे पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर अपना मकान नियमित करा सकेंगे। सुदिव्य कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर आम लोगों को राहत देते हुए अनियमित मकानों के नियमितीकरण के लिए यह अवसर प्रदान किया गया है। नगर विकास विभाग ने अथक प्रयासों के बाद इस योजना को मूर्तरूप दिया है। अब आनलाइन पोर्टल का शुभारंभ हो चुका है। लोग अब पोर्टल के माध्यम से अपने मकानों के नियमितीकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। और अपने मकानों को नियमित करा सकेंगे। योजना को सफल बनाने के लिए आम लोगों का सहयोग जरूरी है। सरकार की नीतियों के अनुपालन में जनता की भागीदारी महत्वपूर्ण है। भवन नियमितीकरण का उद्देश्य अनियमितीकरण को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि जो लोग बिना नक्शा और मास्टर प्लान के मकान बना लिए हैं, उन लोगों के लिए एक मौका दिया गया है। सरकार ने इसके लिए नियमावली को बहुत ही सरल बनाया है। नियमित करने में लगने वाली राशि को भी तीन किस्तों में भुगतान का प्रविधान कर लोगों को राहत देने का काम किया है। व्यवस्थित शहरीकरण ही उद्देश्य : सुनील कुमार प्रधान सचिव सुनील कुमार ने कहा कि सरकार नगरीय क्षेत्रों के विकास को गंभीरता से ले रही है । शहर की सूरत बदल रही है। रांची में तीन फ्लाइओवर बन कर तैयार है। सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाइओवर पर भी काम चल रहा है। अरगोड़ा, करमटोली और हरमू में तीन नए फ्लाइओवर की स्वीकृति मिल चुकी है। जमशेदपुर और धनबाद में भी फ्लाईओवर बन रहे हैं। मुख्यमंत्री का निर्देश है कि शहरीकरण अव्यवस्थित ढंग से ना हो। रोड, फुटपाथ, टाउनहाल, नाली आदि व्यवस्थित हों। शहरों में उन्नत बस स्टैंड की दिशा में काम जारी है। निकायों का राजस्व बढ़ाने पर फोकस है। टाउन प्लानर, इंजीनियर आदि की नियुक्ति सरकार ने की है। उन्होंने नियमितीकरण की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कहा कि दो माह के अंदर आनलाइन आवेदन करना है और छह माह के अंदर नियमितीकरण का निर्णय ले लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जी 2 और 300 वर्गमीटर से कम में बने मकानों का ही नियमितीकरण होगा। योजना से आम लोगों को राहत सूडा निदेशक सूरज कुमार ने कहा कि भवन नियमितीकरण नियमावली -2026 सरकार का ऐतिहासिक कदम है। किसी कारण से लोगों ने अपना मकान बिना नक्शा पास कराए बना लिया है। ऐसे अनधिकृत भवनों के नियमितीकरण का निर्णय सरकार ने लिया है, ताकि झारखंड के नागरिकों को राहत पहुंचाई जाय।इस योजना का लाभ अधिक से अधिक लोग उठाएं। इसके लिए पोर्टल पर जाकर आनलाइन आवेदन करें।उन्होंने पोर्टल आवेदन करने की विधि का लाइव डेमोस्ट्रेशन भी दिया। इस अवसर पर नगर विकास विभाग के विशेष सचिव ज्ञानेंद्र कुमार, अपर सचिव जुल्फिकार अली, धनबाद नगर आयुक्त आशीष सहित नगर विकास एवं राज्य शहरी विकास अभिकरण के पदाधिकारीगण और फिक्की के पदाधिकारी उपस्थित थे।  

अब पुल की लंबाई तय करेगी टोल टैक्स: बिहार सरकार ला रही नया फॉर्मूला

पटना  बिहार में अब राज्य के बड़े पुलों और चुनिंदा मुख्य सड़कों पर सफर करने के लिए आपकी जेब थोड़ी ज्यादा ढीली होने वाली है। राज्य सरकार पहली बार अपनी टोल टैक्स नीति लेकर आ रही है। पथ निर्माण विभाग इस नई नीति को अंतिम रूप देने में जोर-शोर से जुटा हुआ है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस नई नीति के तहत पुलों पर टोल टैक्स की राशि उनकी लंबाई के आधार पर तय की जाएगी। विभाग के विशेषज्ञ नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की गाइडलाइंस के आधार पर इसके निर्धारण में जुटे हैं, ताकि सड़कों और पुलों का बेहतर रखरखाव किया जा सके। 10 गुना बढ़ाकर लिया जाएगा टोल इस नई टोल नीति में टैक्स तय करने का जो फॉर्मूला तैयार किया जा रहा है, वह बेहद खास है। विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, पुल के मुख्य हिस्से की जो वास्तविक लंबाई होगी, उसे 10 से गुणा करके टैक्स की राशि तय की जाएगी। आसान भाषा में समझें तो, अगर किसी पुल का मुख्य हिस्सा 5 किलोमीटर लंबा है, तो उस पर 10 गुना बढ़ाकर यानी 50 किलोमीटर के हिसाब से टोल टैक्स वसूला जाएगा। वहीं, एप्रोच रोड की लंबाई पर प्रति किलोमीटर 60 से 65 पैसे का टैक्स लगेगा। अंत में पुल और एप्रोच रोड दोनों की राशि जोड़कर फाइनल टोल तय होगा। कॉमर्शियल वाहनों के लिए अलग दरें निजी चारपहिया वाहनों के लिए जहां प्रति किलोमीटर 60-65 पैसे का प्रस्ताव है, वहीं कॉमर्शियल और भारी वाहनों के लिए टोल टैक्स की दरें अलग-अलग निर्धारित की जाएंगी। हालांकि, पथ निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस फॉर्मूले पर अभी अंतिम निर्णय होना बाकी है। आपको बता दें कि राज्य में अब तक अपनी कोई टोल टैक्स नीति नहीं थी, इसलिए यातायात सुविधाओं को बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। इस नई नीति में आम जनता की सहूलियत का भी ध्यान रखा गया है। नए मानक लागू होने के बाद, टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों को टैक्स से छूट दी जाएगी। वहीं, जो लोग नौकरी या अपने व्यवसाय के सिलसिले में रोज उस मार्ग से सफर करते हैं, उनके लिए मंथली पास का विशेष प्रावधान किया जाएगा।

प्री-मानसून का असर तेज: बिहार के कई जिलों में 60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाओं की चेतावनी

 पटना बिहार में प्री मानसून के तहत अधिकांश जिलों में समय से पहले आंधी, बारिश और ठनका की गतिविधियों से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो चुकी है और किसानों को काफी नुकसान हो चुका है। आज शुक्रवार को उत्तर और पूर्वी बिहार के 19 जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने मुजफ्फरपुर, पूर्णिया समेत 19 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। पटना समेत दक्षिण बिहार के जिलों में आज लोगों को तेज धूप और गर्मी सताएगी। नमी का स्तर आज 44 % है, वहीं वायुमंडलीय दबाव 1003 के स्तर पर आंका गया है। मौसम विभाग की ओर से जारी की गई पूर्वानुमान रिपोर्ट में कई जिलों में मौसम खराब रह सकता है। इन जिलों में तेज हवा(50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा) की दर से आंधी के साथ बारिश और ठनका गिरने की सभावना व्यक्त की गई है। आज, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, मुंगेर, कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई, खगड़िया जैसे जिलों में मौसम का रौद्र रूप देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वेदर फोरकास्ट रिपोर्ट पर ध्यान रखते हुए खेती बारी के लिए सरेह में जाएं। लोगों को घर से बाहर रहने पर सचेत रहने की चेतावनी दी गई है। दक्षिण बिहार में तेज धूप के साथ उमस मौसम विभाग की ओर से बताया गया है कि दक्षिण बिहार और मध्य बिहार के जिलों में अभी गर्मी से राहत के आसार नहीं दिख रहे हैं। राजधानी पटना, गया, नालंदा, नवादा, बक्सर और भोजपुर समेत अन्य जिलों में तेज धूप और उमस का असर दिखेगा। हवा में नमी का स्तर अधिक होने के कारण वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी सताएगी। यहां अधिकतम तापमान 37 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। कल भी बारिश का अलर्ट पटना मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से 16 मई के लिए भी फोरकास्ट जारी किया गया है। बताया गया है कि राज्य के पूर्णिया,किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा अररिया, सुपौल और कटिहार में आंधी-बारिश और बिजली का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।बताया गया है कि इन जिलों के अनेक भागों में बारिश हो सकती है। इसके अलावे 20 मई को भी पूर्णिया,कटिहार, जमुई, मुंगेर, बांका, खगड़िया, अररिया, सुपौल, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, और भागलपुर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दिन इन जिलों के विभिन्न इलाकों में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

काफिला छोटा करने के बाद CM का नया संदेश, पैदल पहुंचे सचिवालय

पटना  देश में पेट्रोलियम संकट और ईंधन बचत की बढ़ती जरूरत के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को एक बड़ा संदेश दिया।मुख्यमंत्री एक अणे मार्ग स्थित सरकारी आवास से पैदल ही सचिवालय पहुंचे। उन्होंने शुक्रवार को ‘नो व्हीकल डे’ के रूप में मनाने का फैसला लेते हुए सरकारी वाहन का उपयोग नहीं किया। तेज धूप के बावजूद उनके साथ सचिव व अन्‍य अधिकारी भी पैदल ही निकले। रास्‍ते में मुख्‍यमंत्री ने लोगों का अभ‍िवादन भी स्‍वीकार किया। मुख्यमंत्री के इस कदम को ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में एक प्रतीकात्मक लेकिन महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।इससे पहले भी उन्होंने अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर दी थी और इलेक्ट्रिक कार का इस्तेमाल शुरू किया था। पहले ही कर चुके हैं अपील मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कुछ दिन पहले ही लोगों से सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि यदि लोग छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करें तो बड़े स्तर पर ईंधन की बचत की जा सकती है।अब मुख्यमंत्री खुद उसी अपील पर अमल करते नजर आए। उनके पैदल सचिवालय पहुंचने की चर्चा राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में होती रही। मंत्रियों पर भी दिख रहा असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और ऊर्जा संरक्षण संबंधी अपील का असर अब बिहार सरकार में भी दिखाई देने लगा है। कई मंत्रियों ने अपने काफिलों में वाहनों की संख्या घटा दी है।कुछ मंत्री ट्रेन और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर रहे हैं, जबकि कई जनप्रतिनिधि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठा रहे हैं। सरकार इसे जनभागीदारी के जरिए ऊर्जा संकट से निपटने की कोशिश के रूप में देख रही है।

बिहार में ‘नीरा’ को बढ़ावा, समस्तीपुर में 157 बिक्री केंद्रों से मिलेगी प्राकृतिक ड्रिंक

 समस्तीपुर  जिले में नीरा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए जिले में एक व्यापक योजना बनायी गई है। इसके तहत कुल 5300 ताड़ पेड़ों की पहचान की गई है।मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग और जीविका के संयुक्त प्रयास से इस सीजन में लगभग 17 लाख लीटर नीरा के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसे जिले में 157 विक्रय केंद्रों के माध्यम से बेचा जाना है। इस पहल का उद्देश्य न केवल नीरा उत्पादन को प्रोत्साहित करना है, बल्कि टैपर्स और ताड़ पेड़ मालिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है। फिलहाल जिले में 25 स्थानों पर इसे खोल दिया गया है। पिछले वर्ष 11 लाख 22 हजार 122 लीटर नीरा का उत्पादन किया गया था। जानकारी के अनुसार, अप्रैल से जुलाई तक के ताड़ी उत्पादन सत्र के दौरान जिले के 561 टैपर्स को प्रति लीटर आठ रुपये की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि सीधे लाभुकों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। टैपर्स का सत्यापन जीविका के माध्यम से किया जाएगा, जिसके बाद विभाग द्वारा उन्हें आवश्यक लाइसेंस प्रदान किया जाएगा। पिछले वर्ष 780 टैपर्स को जीविका द्वारा प्रशिक्षण दिया गया था। इसके माध्यम से 60 रुपये प्रति लीटर की दर पर नीरा को बेचा गया था। 157 नीरा बिक्री केंद्र किए जाएंगे स्थापित वहीं, चालू वित्तीय वर्ष में जिले में 157 नीरा बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिन्हें जीविका समूहों के माध्यम से संचालित किया जाएगा। इससे ग्रामीण स्तर पर रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। 60 रुपये लीटर या 10 रुपये ग्लास की दर से नीरा की बिक्री होगी। नीरा उत्पादन को और अधिक बढ़ावा देने के लिए ताड़ पेड़ मालिकों को भी प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है। विभागीय जानकारी के अनुसार, प्रति लीटर नीरा पर उन्हें तीन रुपये की दर से अधिकतम दस पेड़ों तक लाभ दिया जाएगा। इस आधार पर एक पेड़ के लिए 585 रुपये तथा दस पेड़ों के लिए अधिकतम 5850 रुपये तक की राशि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, यदि कोई टैपर एक साथ दस पेड़ों की टैपिंग करता है, तो उसे 15,600 रुपये की प्रोत्साहन राशि जीविका समूह द्वारा प्रदान की जाएगी। जिन टैपर्स के पास दस से कम पेड़ हैं, उन्हें भी उसी अनुपात में प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। साथ ही, चिह्नित पेड़ों की मार्किंग के लिए प्रति पेड़ 30 रुपये अलग से दिए जाएंगे।     यह योजना जिले में ताड़ी से जुड़े परंपरागत रोजगार को संरक्षित करने के साथ-साथ आर्थिक मजबूती देने की दिशा में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नीरा उत्पादन से न सिर्फ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, और लोगों को स्वास्थ्यवर्द्धक पेय होने के कारण आम लोगों के बीच भी लोकप्रिय है। आलोक कुमार, फार्म प्रबंधक, जीविका समस्तीपुर